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Chhattisgarh: घाघरा पुलिस कैंप में जवान ने साथी को मारी गोली, मौत


राजनांदगांव। 
TODAY छत्तीसगढ़  / खैरागढ़ जिले के घाघरा पुलिस कैंप में रविवार देर रात छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (सीएएफ) के एक आरक्षक ने अपने ही साथी जवान को गोली मार दी। घटना में जवान की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक और आरोपी दोनों उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, गातापार थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघरा पुलिस कैंप में पदस्थ सीएएफ के जवान सोनबीर जाट को उसी कैंप में तैनात आरक्षक अरविंद गौतम ने इंसास राइफल से गोली मार दी। गोली लगते ही सोनबीर जाट की मौके पर मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि दोनों जवान कवर्धा स्थित 17वीं बटालियन की कंपनी में पदस्थ थे और आपस में अच्छे संबंध भी थे। कुछ दिन पहले छुट्टी में साथ घर जाने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान हुए झगड़े में मृतक ने आरोपी को थप्पड़ मार दिया था, जिससे वह नाराज चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने देर रात मौका पाकर वारदात को अंजाम दे दिया।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। खैरागढ़ एएसपी नितेश गौतम ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। वहीं राजनांदगांव रेंज आईजी अभिषेक शांडिल्य ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा कैंपों में जवानों के बीच बढ़ते तनाव और अनुशासन से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

धीरज हत्याकांड: पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर तालाब में फेंका शव, आरोपी कानून की गिरफ्त में


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के कोटा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम घोड़ामार में युवक की नृशंस हत्या कर शव तालाब में फेंके जाने के सनसनीखेज मामले का बिलासपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुरानी रंजिश के चलते की गई इस वारदात में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

थाना कोटा क्षेत्र निवासी धीरज साहू (26 वर्ष) 30 नवंबर की रात भोजन के बाद अपने पोल्ट्री फार्म में सोने गया था, लेकिन अगले दिन लापता मिला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर तलाश शुरू की। 1 दिसंबर को युवक का कोई सुराग नहीं मिला, जबकि 7 दिसंबर को घोड़ामार स्थित बांधा तालाब में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। पहचान धीरज साहू के रूप में हुई।

पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने पर थाना कोटा में धारा 103(1), 238 BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर त्वरित विवेचना शुरू की गई। जांच टीम ने मुख्य मार्गों और आसपास के सैकड़ों CCTV फुटेज का सूक्ष्म अवलोकन किया। कई मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण के अलावा मृतक के परिजनों, मित्रों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जाती रही। पुलिस जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो संदेही अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू को पूछताछ के लिए तलब किया। पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व के विवाद के कारण धीरज से रंजिश थी। 

आरोपियों ने जो कहानी पुलिस को बताई उस लिहाज से 30 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे, दोनों आरोपी मोटरसाइकिल (CG 10 BG 1727) से पहुंचे। दोनों ने मोटर पंप निकालने का बहाना बनाकर धीरज को बुलाया। इसके बाद चाकू से हमला कर उसकी हत्या की और शव पर पत्थर बाँधकर तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने वारदात में प्रयुक्त चाकू, मृतक के कपड़े और मोबाइल को कोरी डेम में फेंक दिया। 

पुलिस ने दोनों आरोपी (अनिल कुमार साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू) गिरफ्तार कर हथियार और घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त जब्त कर लिया है। आज दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। 

जमीन को लेकर खूनखराबा, पुलिस ने पूर्व सरपंच के हत्यारों को पकड़ा


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम चोरभट्ठीखुर्द में जमीन विवाद के चलते हुई हत्या की गुत्थी को पुलिस ने मात्र 24 घंटे में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। बीती रात ग्राम निवासी मनबोध यादव (48 वर्ष) का खून से लथपथ शव भैराबांधा तालाब के पास बरामद हुआ था, जिसके सामने आते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। 

मृतक के पुत्र मयंक यादव की रिपोर्ट पर सकरी थाना पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए अपराध क्रमांक 956/2025, धारा 103 (1), 61 (2) BNS के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए घटनास्थल के आसपास त्वरित सुराग जुटाए। पुलिस जांच आगे बढ़ी और कुछ ही घंटों में संदेह के आधार पर पुलिस ने गौतमचंद साहू (33 वर्ष), गुलाबचंद साहू (30 वर्ष) और अजय ध्रुव (22 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस की माने तो पूछताछ में आरोपियों ने जमीन विवाद को लेकर मनबोध यादव पर टांगिया से हमला कर हत्या करना स्वीकार कर लिया।  


सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चोरभट्ठी खुर्द में बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। गांव के पूर्व सरपंच मनबोध यादव की हत्या कर दी गई। गुरुवार सुबह उनका रक्तरंजित शव चोरभट्ठी कला के पास स्थित तालाब की मेढ़ पर पड़ा मिला, जिसे देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। तत्पश्चात सूचना पुलिस को दी गई। 

परिजनों के अनुसार मनबोध यादव बुधवार रात लगभग 8 बजे स्कूटी से घर से निकले थे। देर रात तक उनके न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह ग्रामीणों ने तालाब की मेढ़ पर उनका खून से सना शव देखा। शव के सिर और चेहरे पर धारदार हथियार के कई वार पाए गए हैं, जिससे हत्या की पुष्टि हुई।

जांच के दौरान पुलिस को मौके से शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल ग्लास और कुछ संदिग्ध वस्तुएं मिली हैं। इनसे यह आशंका गहराई है कि मृतक घटना से पहले कुछ लोगों के साथ बैठे हुए थे और किसी विवाद के बाद उनकी हत्या की गई। मृतक मनबोध यादव की स्कूटी तालाब में पाई गई है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने हत्या के सबूत मिटाने के उद्देश्य से स्कूटी को पानी में फेंक दिया। 

फॉरेंसिक टीम और सकरी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से मौके की बारीकी से जांच की है। टीम ने खून के नमूने, मिट्टी, पैरों के निशान, और संभावित हथियार के संकेत जैसे अहम सबूत एकत्र किए हैं। साथ ही मृतक की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, तथा आसपास के CCTV फुटेज की जांच की गई। 

निर्ममता की हद: सब्बल से पत्नी की हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार


बिलासपुर (कोनी)।
 TODAY छत्तीसगढ़  / लोफदी फोकटपारा इलाके में पत्नी की हत्या कर फरार हुए आरोपी पति को कोनी पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अपनी पत्नी पर चरित्र संदेह करता था, जिसके चलते उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दिगर राज्य भागने से पहले ही दबोच लिया।

चरित्र शंका बनी हत्या की वजह

मामला 11 दिसंबर 2025 का है। पुलिस को सूचना मिली कि लोफदी फोकटपारा में पुसऊ राम केवट के दामाद जितेंद्र केवट (35) ने अपनी पत्नी संतोषी केवट पर लोहे के सब्बल से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया। सूचना मिलते ही मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को दी गई। एसएसपी ने तत्काल आरोपी की खोजबीन कर उसे गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।

पुलिस की तेज कार्रवाई, कुछ घंटों में दबोचा आरोपी

प्रार्थीया कुंती केवट की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग और अपराध दर्ज करते हुए जांच शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेन्द्र जायसवाल के मार्गदर्शन और निरीक्षक भावेश शेंडे के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया।

इस बीच पता चला कि आरोपी जितेंद्र केवट दिगर राज्य में भागने की फिराक में है। पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और पुलिस अभिरक्षा में ले लिया।

पूछताछ जारी, आगे की कार्रवाई प्रगति पर

आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिसमें हत्या के पीछे चरित्र संदेह की बात सामने आई है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की कार्रवाई तेज़ी से की जा रही है और सभी आवश्यक सबूत जुटाए जा रहे हैं।

BILASPUR POLICE: तिफरा में मिली अधजली लाश, मोबाइल टावर ने खोला हत्या का राज


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /तिफरा क्षेत्र में एक माह पहले मिली अधजली लाश का रहस्य आखिरकार उजागर हो गया है। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई गहन जांच के आधार पर सिरगिट्टी पुलिस ने मृतक की पहचान कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एडिशनल एसपी सिटी राजेंद्र जायसवाल ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 7 नवंबर 2025 को होटल ग्रैंड लोटस के पीछे झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का अधजला शव मिला था। शव की पहचान में कठिनाई होने पर राज्यभर में इश्तहार जारी किए गए और गुम इंसान रिपोर्ट से मिलान कराया गया।

टावर डंप ने सुलझाई पहेली

मामले में तकनीकी जांच बड़ी कुंजी साबित हुई। टावर डंप और मोबाइल विश्लेषण के जरिए मिले नंबर से परिजनों का पता चला। इसके बाद मृतक की पहचान गोपाल (26), पिता मुन्ना कोल, निवासी सेमिया नेवारी, थाना जुगैल जिला सोनभद्र (उत्तरप्रदेश) के रूप में की गई।

शराब पीते-पीते हो गया झगड़ा, बन गई हत्या की वजह

जांच में सामने आया कि घटना के दिन गोपाल तिफरा सब्जी मंडी रोड के पास बैठकर शराब पी रहा था। इसी दौरान वहीं पहुंचे धनेश लोधी उर्फ राजू और अरुण दास मानिकपुरी के साथ उसका शराब पीने के दौरान विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी कि दोनों ने मिलकर पास में रखे पत्थर से गोपाल पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सबूत मिटाने के इरादे से आरोपियों ने शव और कपड़ों को जला दिया, ताकि उसकी पहचान न हो सके।

CCTV और मुखबिर की मदद से गिरफ्तारी

हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए एसपी बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देश पर सिरगिट्टी, सिविल लाइन, सरकंडा, तारबाहर, ACCU और साइबर सेल की विशेष टीम गठित की गई। CCTV फुटेज, स्थानीय जानकारी और मुखबिरों की मदद से दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहाँ उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया।

इस मामले में पुलिस ने अरुण दास मानिकपुरी (30 वर्ष) निवासी अभिलाषा परिसर तिफरा (स्थायी पता–बड़े भटली, थाना जरहागांव, मुंगेली) और धनेश लोधी उर्फ राजू (34 वर्ष) निवासी यातायात नगर वार्ड नं. 08, तिफरा को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने की सराहना 
बिलासपुर पुलिस के जांबाज जवानों ने अपने थाना प्रभारी किशोर केवट और सी एस पी सिविल लाइन निमितेश परिहार के नेतृत्व में शानदार काम किया है जिसमे सर्वप्रथम जली डेड बॉडी की पहचान करना और फिर human intelligence ( मुखबिर सूचना तंत्र ) से कई संदिग्धों में से आरोपियों की पहचान कर उन पर कई दिनों तक नजर रखा गया । जब उन्हें गिरफ्त में लेकर सिलसिलेवार पूछताछ करने पर पूरे आपराधिक मामले का खुलासा हुआ । बिलासपुर पुलिस के जवानों की इस व्यावसायिक दक्षता से प्राप्त सफलता की सराहना और प्रशंसा की जानी चाहिए , इसके लिए इन्हें मैं बधाई देता हूँ और नगद इनाम से उन्हें पुरस्कृत करता हूँ और इसका अनुकरण करते हुए अन्य अपराधों की जांच भी इसी सक्रियता से सभी को करना चाहिए जिससे बिलासपुर की जनता को न्याय मिल सके ।

शराब दूकान के पास निजी स्कूल कर्मचारी की लाश मिली, धारदार हथियार से वार की आशंका

 


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / शहर के सकरी थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां एलसीआईटी पब्लिक स्कूल, बोदरी में कार्यरत एक कर्मचारी का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिला। मृतक की पहचान प्रहलाद कुमार के रूप में हुई है, जो सोन लोहरसी गांव का निवासी बताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने आज सुबह सड़क किनारे एक युवक का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। मौके से करीब 50 मीटर की दूरी पर शराब दुकान स्थित है, जिसके आसपास यह शव पाया गया। मृतक की गर्दन में लटका स्कूल का आई-कार्ड ही उसकी पहचान का आधार बना। वहीं, शव के पास उसकी मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली, जिससे मामले ने और रहस्य पैदा कर दिया।

धारदार हथियार से वार की आशंका

पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई वार के निशान हैं, जिनके आधार पर हत्या की आशंका और मजबूत हो गई है। प्रारंभिक अनुमान है कि घटना रविवार देर रात की है। हत्या स्थल के आसपास खून के निशान और संघर्ष के संकेत भी मिले हैं, जिससे यह लगता है कि हमलावरों ने काफी नजदीक से हमला किया होगा।

जांच में जुटी पुलिस

घटना की जानकारी मिलने के बाद सकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अब आसपास के CCTV कैमरे खंगालने, कॉल डिटेल्स जांचने और रात में मौजूद संभावित लोगों से पूछताछ करने की तैयारी में है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच प्राथमिक स्तर पर है और जल्द ही आरोपियों का पता लगा लिया जाएगा।

इलाके में दहशत, कई सवाल अनुत्तरित

घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि शहर में शराब दुकान के पास ऐसी वारदात आखिर कैसे हुई और देर रात वहां सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी ? नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ी है, जिसके चलते पुलिस गश्त भी बढ़ाई जानी चाहिए।

Chhattisgarh: रोज़ के झगड़े ने ली जान, छोटे भाई ने बड़े भाई को मौत के घाट उतारा


दुर्ग  / भिलाई।
  TODAY छत्तीसगढ़  / पुराने भिलाई थाना क्षेत्र के पुरैना में पिछले दिनों आपसी रंजिश में छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी छोटे भाई और उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतक के शव को सुपेला के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को परिजनों को सौंप दिया गया। 

विवाद के बाद उतारा मौत के घाट

मृतक के साले सुखदेव सिंह के अनुसार, मृतक राजू निर्मलकर ठेका मजदूर था, जबकि छोटा भाई कोई कार्य नहीं करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच सुबह से ही बहस चल रही थी। दोपहर को दोनों ने एक-दूसरे पर चाकू से हमला करने की कोशिश भी की, लेकिन पड़ोसियों की दखल पर मामला शांत हो गया।

शाम होते-होते विवाद फिर भड़क उठा। आरोप है कि इसी दौरान छोटे भाई ने अपनी पत्नी से हंसिया मंगाई और ताव में आकर बड़े भाई पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में राजू के पैरों में गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।

पुलिस जांच जारी

सूचना मिलते ही पुरानी भिलाई पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी छोटे भाई व उसकी पत्नी को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की योजना पहले से थी या वारदात अचानक गुस्से में की गई।

पूर्व उपसरपंच का शव भैंसाझार के जंगल में मिला, हत्या की आशंका से क्षेत्र में सनसनी


रतनपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / तीन दिसंबर से लापता चल रहे भैंसाझार ग्राम पंचायत के पूर्व उपसरपंच सूर्या प्रकाश बघेल (37) का शव गुरुवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में जंगल में मिला। जंगल के भीतर नाली के पास खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने से हत्या की आशंका गहरा गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी या आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

तीन दिसंबर से थे लापता

जानकारी के अनुसार, सूर्या प्रकाश बघेल मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे घर से निकले थे। शाम तक वापस न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, परंतु देर रात तक कोई सुराग नहीं मिल सका। इसी बीच शाम करीब छह बजे उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गया। परेशान परिजनों ने रात में ही रतनपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

जंगल में बाइक मिली तो बढ़ा संदेह

गुरुवार सुबह परिजन व ग्रामीण भैंसाझार के आसपास के घने जंगल में तलाश के लिए निकले। इसी दौरान झाड़ियों के पास खड़ी एक पैशन बाइक (क्रमांक CG 11 BL 6975) दिखाई दी। बाइक देखकर शक गहरा गया। खोजबीन आगे बढ़ाने पर करीब 200 मीटर भीतर नाली के पास उनका खून से सना शव मिला। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। 

फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने की जांच

सूचना मिलते ही रतनपुर थाना प्रभारी एसआई कमलेश बंजारे पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर सहित कई स्थानों पर गंभीर चोटें पाई गईं। पुलिस का मानना है कि वारदात जंगल में ही की गई होगी या फिर शव यहां लाकर फेंका गया होगा। आसपास से खून और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।

कॉल डिटेल और अंतिम लोकेशन की पड़ताल

पुलिस ने घटना को हत्या का मामला मानते हुए मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल, अंतिम लोकेशन और हाल के संपर्कों की जांच शुरू कर दी है। आसपास के संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।

गांव में शोक और आक्रोश

पूर्व उपसरपंच की संदिग्ध मौत से भैंसाझार सहित आसपास के गांवों में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के हत्थे चढ़ी साइको किलर पूनम, चार मासूमों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा


पानीपत। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  हरियाणा में बच्चों की रहस्यमयी मौतों का सिलसिला एक सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया है। पानीपत पुलिस ने ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसे पुलिस साइको किलर बता रही है। आरोप है कि वह अब तक चार मासूम बच्चों की हत्या कर चुकी है, जिनमें तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल हैं।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पूनम को सुंदर बच्चियों से नफरत थी। इसी नफरत के चलते वह उन्हें पानी में डुबोकर मौत के घाट उतार देती थी। चौंकाने वाली बात यह है कि उसका निशाना उसके सगे-संबंधियों के बच्चे ही होते थे। 2023 में सोनीपत में अपनी ही भांजी की हत्या कर दी। शक न जाए, इसलिए अपने बेटे को भी उसी के साथ पानी में डुबोकर मार डाला। ताज़ा मामला तीन महीने पहले का है, जब उसने मायके में भतीजी की हत्या उसी तरीके से कर दी।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पूनम ने अपने अपराधों को स्वीकार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उसकी आपराधिक मानसिकता और पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है।

Chhattisgarh: हत्या के फरार आरोपी आकाश शर्मा को पुलिस ने बिहार के मुंगेर से दबोचा


बिलासपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  सब्जी मंडी के पास हुए हत्या प्रकरण में महीनों से फरार चल रहे आरोपी आकाश शर्मा को सिरगिट्टी पुलिस ने बिहार के मुंगेर जिले से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लगातार ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता लगाकर उसे दबोच लिया।

घटना 12 अक्टूबर 2025 की है, जब सब्जी मंडी क्षेत्र में शराब पिलाने की बात को लेकर हुए विवाद में आरोपी साहिल साहू, आकाश शर्मा और एक विधि से संघर्षरत बालक ने मिलकर किशन उर्फ खोख्सा और साहिल सोनकर पर लकड़ी के डंडे से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में साहिल सोनकर की मौत हो गई थी।

मुख्य आरोपी साहिल साहू पहले ही गिरफ्तार हो चुका था, जबकि आकाश शर्मा घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। उसकी तलाश में लगी सिरगिट्टी पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मुंगेर में छापेमारी की और 27 नवंबर 2025 को उसे गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया है। आरोपी को शीघ्र ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने लकड़ी का डंडा, एक्टिवा CG10 BW 3206 और खून से सने कपड़े भी बरामद किए हैं। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

Bilaspur Police: नाबालिक को भगाने वाला युवक दबोचा, अपहृता सुरक्षित बरामद


कोटा । 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  थाना कोटा क्षेत्र में नाबालिक लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लड़की को सुरक्षित बरामद कर विधि अनुसार परिजनों को सुपुर्द किया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

प्रार्थी ने 27 नवंबर 2025 को थाना कोटा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिक बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कोटा पुलिस ने तेजी से पतासाजी की। इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी और अपहृता को मटसगरा नहर के आगे देखा गया है।

सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने अपहृता को सुरक्षित बरामद कर लिया और आवश्यक प्रक्रिया के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया। गिरफ्तार आरोपी का नाम रमन चतुर्वेदी, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोहनभाठा, थाना कोटा है। पुलिस ने उसे धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश दिए गए।

कौन है राजेश विश्वास : चरित्र संदेह में पत्नी की हत्या, फिर पति ने फांसी लगाकर दी जान


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  सरकंडा थाना क्षेत्र के अटल आवास में सोमवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक दंपती अपने ही घर में मृत पाया गया। कमरे में पत्नी नेहा उर्फ शिवानी तांबे की लाश बिस्तर पर पड़ी थी, वहीं पति राज तांबे का शव पंखे से लटका मिला। घटना स्थल की दीवार पर लिपस्टिक से किए गए कथित लिखावट और मिला सुसाइड नोट पुलिस जांच का केंद्र बना हुआ है। पुलिस के अनुसार, दीवार पर ‘राजेश विश्वास’ नाम के साथ मोबाइल नंबर और कुछ वाक्य लिखे हुए मिले। इनमें दावा किया गया है कि पत्नी की किसी अन्य युवक से बातचीत और मुलाकात को लेकर विवाद चल रहा था। 

दीवार पर लिपस्टिक से लिखावट में कहा गया— “राजेश विश्वास के कारण हम मर रहे हैं। अपनी मां के मोबाइल में बात करते पकड़ी गई। पति के न रहने पर बात करती थी। ऊर्जा पार्क में भी पकड़ी गई। बच्चे, आई लव यू।”

दंपती की शादी को करीब दस वर्ष हो चुके थे और दोनों लायंस कंपनी में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करते थे। उनके तीन बच्चे हैं। चरित्र संदेह को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद की बात सामने आई है। 

घटना का पता तब चला जब मृतका की मां रीना चिन्ना, जो पास ही रहती हैं, सोमवार दोपहर उन्हें देखने घर पहुंचीं। दरवाजा भीतर से बंद था। जैसे ही उन्होंने अंदर प्रवेश किया, बेटी को बिस्तर पर मृत और दामाद को फांसी पर लटका देख वे सन्न रह गईं। सूचना पर सरकंडा पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। 


फोरेंसिक टीम की प्रारंभिक जांच में नेहा के गले पर खरोंच एवं दबाव के निशान मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि राज तांबे ने पहले पत्नी की गला दबाकर हत्या की और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे से बरामद एक पन्ने के सुसाइड नोट में भी पति ने अपनी मौत के लिए राजेश विश्वास नामक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

CSP निमितेश सिंह ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। दंपती की मौत किन परिस्थितियों में हुई, दीवार पर लिखी बातें कितनी तथ्यात्मक हैं और सुसाइड नोट की लिखावट किसकी है— इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है।


पारिवारिक तनाव ने ली दो जानें, पति-पत्नी के विवाद का अंत गोलीबारी से


राजकोट।
   TODAY छत्तीसगढ़  /  राजकोट में पति-पत्नी के विवाद ने शुक्रवार सुबह एक भयावह मोड़ ले लिया, जब 42 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी पत्नी को गोली मारने के बाद खुदकुशी कर ली। घटना नागेश्वर सोसाइटी की एक आवासीय इमारत की पार्किंग में हुई और पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।

पुलिस के अनुसार, मृतक लालजी पढ़ियार शुक्रवार सुबह अपनी पत्नी तृषा पढ़ियार से मिलने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद बढ़ा और लालजी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से तृषा पर गोली चला दी। इसके तुरंत बाद उन्होंने खुद को भी गोली मार ली। लालजी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तृषा ने इलाज के दौरान दो दिन बाद दम तोड़ दिया।

लंबे समय से चल रहा था तनाव

एसीपी राधिका भाराई ने बताया कि पति-पत्नी के बीच पिछले डेढ़ महीने से तनाव चल रहा था। एक झगड़े के बाद तृषा अपने घर से निकलकर अपनी मित्र के पास रहने चली गई थीं। पुलिस का कहना है कि लालजी लगातार उन्हें घर लौटने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तृषा राज़ी नहीं थीं।

अवैध संबंध के शक की जांच

परिवार और परिचितों से पूछताछ में सामने आया कि लालजी को अपनी पत्नी पर अवैध संबंधों का शक था। उनका मानना था कि तृषा का उनके ही एक पारिवारिक भतीजे विशाल से करीबी संबंध है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। हालाँकि, विशाल ने इस आरोप से इनकार किया है और कहा है कि उनका तृषा से कोई अनैतिक संबंध नहीं था और वे केवल पारिवारिक रूप से मिलते-जुलते थे।

वारदात का सीसीटीवी वीडियो सामने

सीसीटीवी फुटेज में दिखता है कि तृषा योग क्लास से लौटकर सुबह करीब 9:45 बजे अपार्टमेंट की पार्किंग में पहुंचती हैं। कुछ ही देर बाद लालजी भी वहाँ आते हैं। दोनों के बीच कहासुनी होती है और फिर लालजी हथियार निकालते हैं। इसके बाद पार्किंग क्षेत्र में अफरा-तफरी मच जाती है। पुलिस का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज, फोन रिकॉर्ड और दंपति के रिश्तों में आए तनाव सहित सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।

Chhattisgarh: शराब पार्टी के दौरान विवाद, युवक की पीट-पीटकर हत्या; छह आरोपी गिरफ्तार


जांजगीर-चांपा।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में घोघरा नाला क्षेत्र में शुक्रवार देर रात शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली। पुलिस के अनुसार मृतक रोहित महंत की उसके ही परिचित छह युवकों ने मिलकर हत्या कर दी। घटनास्थल पर मिले हालात और चश्मदीदों के बयान बताते हैं कि विवाद अचानक भड़का और कुछ ही मिनटों में हिंसक रूप ले लिया।

प्रार्थी प्रमोद कुर्रे की शिकायत के मुताबिक, रात करीब 8 बजे सागर कर्ष और उसका साथी रवि चतुर्वेदानी अपनी दुकान के पास शराब पी रहे थे। तभी रोहित पहुंचा और सागर से उलझ गया। विवाद बढ़ा तो सागर ने रोहित को थप्पड़ मारे, जिसके बाद रोहित वहां से चला गया। लेकिन मामला यहीं थमा नहीं। करीब 9:30 बजे सागर कर्ष अपने पांच दोस्तों—नागेश्वर नायडू, अश्वनी सतनामी, विजय श्रीवास, विनय कुर्रे और आकाश उर्फ अज्जू साहू—के साथ मुक्तिधाम के पास बैठा था। तभी रोहित दोबारा वहां पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इसी दौरान रोहित पर हमला कर दिया। सागर ने रोहित के सिर पर डंडे से वार किया, जिससे वह गिर पड़ा। इसके बाद समूह ने मिलकर उसका गला दबाया। पुलिस का कहना है कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

हत्या की सूचना मिलते ही एसपी विजय कुमार पांडेय, एएसपी उमेश कश्यप और एसडीओपी यदुमणी सिदार के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने रात में ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कुछ घंटों के भीतर सभी छह आरोपी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिए गए। पूछताछ में उन्होंने अपराध कबूल लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल डंडा भी बरामद कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से यह साफ है कि हत्या अचानक भड़के विवाद का नतीजा थी, हालांकि मामले की विस्तृत जांच जारी है। आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेज दिए गए हैं।  


मस्तूरी गोलीकांड: अकबर खान गिरफ्तार, आरोपी लंबे समय से आपराधिक नेटवर्क चला रहा था


 बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में हुए मस्तूरी गोलीकांड मामले की जांच में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में मोपका निवासी पूर्व कांग्रेस नेता अकबर ख़ान का नाम सबसे अधिक सुर्खियों में है। पुलिस का कहना है कि अकबर ख़ान लंबे समय से अपराध से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा है, लेकिन राजनीतिक संरक्षण के कारण अब तक किसी बड़े कानूनी शिकंजे में नहीं आया था।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने अब तक इस मामले में कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

हमला राजनीतिक रंजिश का परिणाम - 

बिलासपुर पुलिस का कहना है कि मस्तूरी गोलीकांड कोई आकस्मिक वारदात नहीं थी, बल्कि यह राजनीतिक वर्चस्व और निजी रंजिश का नतीजा था। पुलिस के अनुसार, हमले की योजना पहले से बनाई गई थी और कई लोगों ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत और नितेश सिंह के बीच भूमि विवाद और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर पुराना तनाव था। इसी रंजिश के चलते 28 अक्टूबर को मस्तूरी मेन रोड पर फायरिंग की गई, जिसमें राजू सिंह और चंद्रभान सिंह घायल हुए थे।

अकबर ख़ान की भूमिका पर सवाल - 

पुलिस की जांच में सामने आया है कि अकबर ख़ान शहर में एक आपराधिक नेटवर्क चलाता था और कई पुराने मामलों में उसका नाम सामने आया था। पुलिस ने बताया कि इस बार वह हमले की साज़िश में सीधे तौर पर शामिल पाया गया। अकबर ख़ान कांग्रेस से जुड़े कुछ स्थानीय नेताओं के संपर्क में रहा है, हालांकि पार्टी ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

अब तक की कार्रवाई - 

अब तक पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं — विश्वजीत अनंत, अरमान उर्फ बलमजीत, चाहत उर्फ विक्रमजीत, मोहम्मद मुस्तकीम, मोहम्मद मतीन, ब्रायनजीत उर्फ आरजू, एक किशोर, और हाल में गिरफ्तार किए गए देवेश सुमन उर्फ निक्कू सुमन और अकबर ख़ान। पुलिस ने आरोपियों से तीन देशी पिस्तौल, दो कट्टे, छह मैगज़ीन, पाँच जिंदा कारतूस, तेरह खाली खोखे और पाँच मोबाइल फ़ोन जब्त किए हैं।

संगठित अपराध की धारा जोड़ी गई - 

बिलासपुर पुलिस ने इस मामले में धारा 111 BNS (संगठित अपराध) जोड़ी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी पहले भी गंभीर अपराधों में लिप्त रहे हैं, और अब इस नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने की कार्रवाई जारी है।

राजनीतिक संरक्षण पर उठे सवाल - 

अकबर ख़ान का नाम कई मामलों में सामने आने के बावजूद उस पर कार्रवाई न होने को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर अपराधियों को राजनीतिक सुरक्षा मिलती रही, तो “कानून का डर खत्म हो जाएगा।” बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है, लेकिन अब जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राजनीतिक छत्रछाया में पल रहे अपराधियों पर भी कार्रवाई उतनी ही सख़्ती से जारी रहेगी।

टिकरापारा हत्याकांड: नर्स प्रियंका दास की हत्या उसके दोस्त ने ही की, प्रेम-प्रसंग में विवाद

  


TODAY छत्तीसगढ़  /  रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र में नर्स प्रियंका दास की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में मृतका के ही दोस्त दुर्गेश वर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने युवती के सीने में चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी थी और मौके से फरार हो गया था।

पुलिस के अनुसार, मृतका प्रियंका दास और आरोपी दुर्गेश वर्मा कुछ समय पहले एक ही स्थान पर कार्यरत थे। इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी थी। बाद में युवती की बातचीत एक अन्य युवक सन्नी से होने लगी, जिसे लेकर दुर्गेश नाराज रहने लगा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होते थे।

इसी विवाद को सुलझाने के बहाने आरोपी दुर्गेश युवती से मिलने उसके किराए के कमरे में पहुंचा। वहां दोनों के बीच फिर से झगड़ा हुआ और गुस्से में आकर आरोपी ने प्रियंका के सीने में चाकू से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रियंका की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी घटनास्थल से चाकू लेकर फरार हो गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दुर्गेश ने अपराध करना स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। थाना टिकरापारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है।


Chhattisgarh: जांजगीर में हसदेव नदी में डूबे पांच लोग, तीन लापता


 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर, 4 अक्टूबर।  छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा ज़िले में शनिवार को हसदेव नदी में पिकनिक मनाने पहुंचे पांच लोग डूब गए। इनमें से दो को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं।

यह घटना पंतोरा चौकी क्षेत्र के देवरी पिकनिक स्पॉट पर हुई। पुलिस के मुताबिक ये सभी बिलासपुर से पिकनिक मनाने के लिए जांजगीर आए थे। लापता लोगों की पहचान स्वर्णरेखा ठाकुर (निवासी सरकंडा जोरापुरा), अंकुर ठाकुर (निवासी दयालबंद) और आशीष भोई (निवासी अशोकनगर सरकंडा) के रूप में हुई है। वहीं लक्ष्मी शंकर सतनामी (निवासी अकलतरा) और मोनिका सिंह (निवासी पुलिस कॉलोनी, तिफरा) को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) उमेश कश्यप ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और नगर सेना की गोताखोर टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने कहा, “अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक़्क़त आ रही है, लेकिन हमारी टीम लगातार कोशिश कर रही है। नदी के नीचे इलाक़ों को भी सतर्क कर दिया गया है।”

दुर्ग में गुपचुप विक्रेता के द्वारा पापड़ी नहीं देने पर चाकू से हमला, दो आरोपी फरार


 TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर, 4 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में शनिवार देर रात गुपचुप बेचने वाले एक युवक पर चाकू से हमला हुआ है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक घायल युवक का नाम अनिल वर्मा (25 वर्ष) है, जो गौलीपारा कांग्रेस भवन के पीछे दुर्ग में रहता है और गंजपारा चौक गेट नंबर-2 के पास गुपचुप का ठेला लगाता है। अनिल ने पुलिस को बताया कि रात करीब साढ़े दस बजे दो युवक उसके ठेले पर आए और पापड़ी मांगने लगे। उस समय वह अन्य ग्राहकों को गुपचुप खिला रहा था। उसने युवकों से कहा कि पांच मिनट बाद पापड़ी देगा। इस पर उनमें से एक नाराज़ हो गया और उसने चाकू से हमला कर दिया।

हमले के बाद अनिल वहीं गिर पड़ा। मौके पर मौजूद उसके दामाद दीपक वर्मा ने उसे संभालने की कोशिश की तो दूसरे युवक ने उस पर भी हमला किया। इसके बाद दोनों आरोपी फ़रार हो गए। रिश्तेदारों की मदद से अनिल और दीपक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

रायगढ़: दशहरे के दिन दो की संदिग्ध मौत, हत्या की आशंका

 
 
TODAY छत्तीसगढ़  /  रायगढ़। जिले में दशहरे के दिन एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ग्राम रायकेरा (घरघोड़ा थाना क्षेत्र) में गुरुवार, 2 अक्टूबर को एक ही परिवार के दो सदस्यों की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुकमेत सिदार और उनके दामाद 60 वर्षीय लक्ष्मण सिदार शामिल हैं।

घरघोड़ा थाना क्षेत्र के रायकेरा गांव की घटना, बुजुर्ग महिला और दामाद की मिली लाश, बेटी गंभीर घायल

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में दोनों की गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी। घटना में सुकमेत सिदार की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई है। उसे प्राथमिक इलाज के बाद टिंगनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

सूचना मिलते ही घरघोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक संदेह के आधार पर मृतक लक्ष्मण सिदार के बेटे और एक पड़ोसी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। दशहरे के दिन हुई इस वारदात ने क्षेत्र के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

जांजगीर-चांपा: सामूहिक दुष्कर्म के सात आरोपी गिरफ्तार, 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दबोच लिया

  


TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर, 1 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा ज़िले में एक महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई घटना के 24 घंटे के भीतर की गई।

यह मामला थाना चांपा क्षेत्र का है। आरोप है कि 28 और 29 सितंबर की दरमियानी रात महिला को मोटरसाइकिल पर ले जाकर सुनसान जगह पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया और आरोपी वहां से फरार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई - 

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) यदुमणि सिदार की निगरानी में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं: प्रदीप मनहर, शिवम बंजारे, कृष्णा खुटे, अनिल महिलांगे, सूरज टंडन, दीपेश कुमार कुर्रे, शानू मीरझा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध कबूल किया है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया - 

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में अपराधियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस जांच में थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता, साइबर सेल प्रभारी सागर पाठक और अन्य अधिकारियों की भी भूमिका रही।

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