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सुलह करने गए, मौत मिल गई ! युवक की चाकू मारकर हत्या


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  सरकंडा थाना क्षेत्र में पुराने विवाद को सुलझाने गई बातचीत खूनी झड़प में बदल गई, जहां युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों सहित दो विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, गुड़ीपारा संतोषी चौक निवासी अभय यादव (19) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके बड़े पिताजी के बेटे ओमप्रकाश यादव का मोपका क्षेत्र में रहने वाली एक युवती से परिचय था। इसी बात को लेकर 1 मई को युवती के घर के पास ओमप्रकाश का अजीत सूर्यवंशी और उसके साथियों से विवाद हुआ था।

इसके बाद 2 मई की रात करीब 10:30 बजे ओमप्रकाश यादव अपने साथी अभिषेक यादव, पंकज साहू और अजय साहू के साथ मोपका चौक के पास कलकत्ता स्वीट्स के सामने विवाद सुलझाने पहुंचा। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

आरोप है कि इसी दौरान आशीष सूर्यवंशी (22), महावीर सूर्यवंशी (23) और रघुवीर सूर्यवंशी (26) ने अपने साथियों के साथ मिलकर गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। मारपीट के बीच आशीष ने कमर में छिपाकर रखा चाकू निकालकर अभिषेक यादव के गले पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया। घायल अभिषेक और ओमप्रकाश को उनके साथियों ने तत्काल अपोलो अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अभिषेक यादव को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर घेराबंदी करते हुए सभी आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है

बीच-बचाव करने पहुंचे भाई की बेरहमी से हत्या, चापड़ से गला काटा


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र में शनिवार रात मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। छोटे भाई को बचाने पहुंचे युवक की चापड़ से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।

मिली जानकारी के अनुसार, मोपका गुड़ी मोहल्ले निवासी अभिषेक यादव (22), बीए सेकंड ईयर का छात्र था। शनिवार रात करीब 10:30 बजे उसके चचेरे भाई ओमप्रकाश यादव (16) का कुछ युवकों से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर पांच युवकों ने ओमप्रकाश के साथ मारपीट शुरू कर दी। भाई को पिटता देख अभिषेक मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव करने लगा। इसी दौरान एक आरोपी ने चापड़ से उसके गले पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल अभिषेक जमीन पर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

हमले के बाद ओमप्रकाश किसी तरह जान बचाकर पुलिस चौकी पहुंचा, जबकि आरोपी उसका पीछा करते रहे। परिजन घायल अभिषेक को अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। करीब 50-60 लोग थाने पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया।

पुलिस ने इस मामले में पांच युवकों को हिरासत में लिया है, जो सीपत क्षेत्र के सेलर गांव के बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी प्रदीप आर्या के अनुसार, हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

सड़क किनारे मिला युवक का क्षत-विक्षत शव, हत्या का शक


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के तखतपुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास अज्ञात युवक की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही तखतपुर पुलिस मौके पर पहुंची । जानकारी के अनुसार, युवक का शव क्षत-विक्षत हालत में सड़क किनारे पड़ा मिला। 

प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि युवक को किसी वाहन से कुचलकर बेरहमी से मार दिया गया है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। खबर लिखे जाने तक पुलिस मृतक की शिनाख्त यहीं कर सकीय थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।तखतपुर पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

तालपुरी ट्रिपल मर्डर केस: 6 साल बाद इंसाफ, आरोपी को मृत्युदंड


भिलाई नगर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  दुर्ग जिले के बहुचर्चित तालपुरी ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी रवि शर्मा को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। करीब 6 साल पुराने इस सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपी ने अपनी पत्नी, डेढ़ माह की मासूम बच्ची और एक अज्ञात मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की निर्ममता से हत्या कर दी थी।

 कैसे हुआ था खुलासा?

21 जनवरी 2020 की सुबह तालपुरी के पारिजात कॉलोनी में एक घर से धुआं उठता देख हड़कंप मच गया। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचने पर महिला और मासूम बच्ची के शव मिले, जबकि एक अज्ञात व्यक्ति की अधजली लाश भी बरामद हुई। शुरुआत में कमरे में लिखे भ्रामक संदेश से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पूरा सच सामने आ गया।

साजिश और क्रूरता की हद

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को घर बुलाकर हत्या की, शव को जलाकर अपनी मौत का झूठा नाटक रचने की कोशिश की, पत्नी को नशीला पदार्थ देकर बांधकर मार डाला, मासूम बच्ची की भी हत्या कर दी और घटना को हादसा दिखाने के लिए गैस ब्लास्ट की योजना बनाई

पुलिस की सतर्कता से हुआ पर्दाफाश

सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की। वह रायपुर होते हुए भागने की कोशिश में था, लेकिन रेलवे स्टेशन पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

कोर्ट का सख्त रुख

दुर्ग न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” मानते हुए आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी और पुलिस की सटीक विवेचना के चलते यह फैसला संभव हो सका।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह मामला अपनी क्रूरता और साजिश के कारण प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा, और अदालत का यह फैसला न्याय व्यवस्था की सख्ती और संवेदनशीलता का प्रतीक माना जा रहा है।
 

चरित्र संदेह को लेकर पत्नी की कुल्हाड़ी मारकर हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम रिसदा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को सूचना मिली कि जीवन नोरगे (65 वर्ष) ने अपनी पत्नी सरस्वती नोरगे की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही थाना मस्तूरी में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम और एफएसएल यूनिट ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कई वर्षों से अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उसने घर में रखी लोहे की कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। घटना में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार बदमाशों ने नजदीक से मारी गोली

मिर्जापुर (उप्र)। कटरा कोतवाली थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े वरिष्ठ अधिवक्ता व ग्राम प्रधान राजीव सिंह उर्फ रिंकू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना से शहर में सनसनी फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, आज शनिवार सुबह राजीव सिंह टहलने निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश मौके पर पहुंचे और उनमें से एक ने नजदीक से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 

CCTV में कैद वारदात

पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फुटेज में हमलावर वारदात के बाद भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ देर तक बाइक स्टार्ट नहीं होने पर आसपास के लोग उन्हें पकड़ने आगे बढ़े, लेकिन बदमाशों ने हथियार दिखाकर उन्हें डराया और फरार हो गए।

 शहर में आक्रोश, सड़क जाम 

घटना के बाद अधिवक्ताओं और परिजनों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पुलिस लाइन मार्ग पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। 

दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या का आरोपी चिरमिरी से 8 दिन बाद गिरफ्तार


अंबिकापुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर में महिला से दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने आठ दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोरिया जिले के चिरमिरी क्षेत्र से पकड़ा गया है। उसे पकड़ने के लिए सरगुजा पुलिस की टीम रवाना हो गई है।

पुलिस के अनुसार, 2-3 अप्रैल की रात आरोपी ने महामाया द्वार के समीप फुटपाथ पर महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद से आरोपी फरार था, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार की जा रही थी। जांच में आरोपी की पहचान पांडा उर्फ मिथुन के रूप में हुई थी। बताया गया कि आरोपी पहले से महिला के संपर्क में था और दोनों कबाड़ बीनने का काम करते थे।

ये था पूरा मामला - महामाया द्वार के पास मिला महिला का गला रेतकर हत्या, चेहरा कुचला—दरिंदगी की आशंका 

घटना के बाद सरगुजा पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस महानिरीक्षक स्तर से 30 हजार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी की तलाश में चार विशेष टीमें गठित की गई थीं, वहीं विभिन्न थानों में उसका फोटो और स्केच भी भेजा गया था। सूचना के आधार पर आरोपी को चिरमिरी क्षेत्र में पकड़ लिया गया। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। 


जग्गी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के दो फैसलों को जोड़कर संयुक्त सुनवाई 20 अप्रैल को


नई दिल्ली / बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई करते हुए फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया, हालांकि मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2026 को तय की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और संजीव मेहता की पीठ ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 25 मार्च और 2 अप्रैल 2026 के फैसलों को एक साथ जोड़ते हुए 20 अप्रैल को संयुक्त सुनवाई का निर्णय लिया है।अमित जोगी ने हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को चुनौती देते हुए एसएलपी दायर की थी।

हाईकोर्ट ने उन्हें हत्या और साजिश के मामले में दोषी करार दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सजा पर रोक लगाने से इनकार किया है। सुनवाई के दौरान अमित जोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा और सिद्धार्थ दवे ने पक्ष रखा।

वकीलों ने दलील दी कि—
हाईकोर्ट के फैसलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं हुआ
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों की अवहेलना की गई
एक निर्णय बिना सुनवाई का अवसर दिए पारित किया गया

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अमित जोगी अंतिम निर्णय के विरुद्ध 20 अप्रैल से पहले याचिका दायर करें, ताकि सभी संबंधित मामलों की एक साथ अंतिम सुनवाई की जा सके।

अंबिकापुर कांड: बाबा बोले दोषियों को फांसी हो, PM का सच बेहद डरावना

अंबिकापुर / रायपुर।   TODAY छत्तीसगढ़  /  अंबिकापुर में एक युवती के साथ दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में सिंहदेव ने कहा कि “अंबिकापुर आज रो रहा है और हर संवेदनशील व्यक्ति शर्मसार है।” उन्होंने इस घटना को दिल्ली के निर्भया कांड जैसी दिल दहला देने वाली बताया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब बेटियां सड़कों पर भी सुरक्षित नहीं हैं। सिंहदेव ने आरोप लगाया कि यह घटना सरकार की नाकामी को उजागर करती है। जब शहर का व्यस्त इलाका सुरक्षित नहीं है, तो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है और वे खुलेआम ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले को न तो भुलाया जाएगा और न ही दबाया जाएगा। सिंहदेव ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत राय में ऐसे जघन्य अपराधों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान लागू करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी और यह हर बेटी की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। 

पूरी खबर पढ़ें - महामाया द्वार के पास मिला महिला का गला रेतकर हत्या, चेहरा कुचला—दरिंदगी की आशंका 

आपको बता दें कि अंबिकापुर में महिला की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने वारदात की भयावहता उजागर कर दी है। मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के डॉक्टरों ने जांच में बताया कि आरोपी ने दुष्कर्म के बाद महिला की बेहद निर्ममता से हत्या की। फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. संटू बाग के अनुसार, आरोपी ने महिला के सिर पर पत्थर से इतना जोरदार वार किया कि सिर की तीन हड्डियां टूट गईं। हमले की बर्बरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महिला के सीने की सभी 12 पसलियां भी टूट चुकी थीं।

डॉक्टरों ने बताया कि गंभीर चोटों के कारण महिला के फेफड़े और हृदय को भी भारी नुकसान पहुंचा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि हत्या बेहद क्रूर और योजनाबद्ध तरीके से की गई। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जल्द से जल्द सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की गिरफ्तारी व मामले के जल्द खुलासे की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है। 



प्रेमिका के इशारे पर: लव ट्रायंगल बना मौत का जाल, युवक को जिंदा दफनाया


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  अभनपुर क्षेत्र में युवक नितेश बत्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि लव ट्रायंगल के चलते युवक की बेरहमी से हत्या कर उसे जिंदा ही मुरूम खदान में दफना दिया गया। इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य की तलाश जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार, 21 मार्च को ग्राम भरेंगाभाठा से नवागांव जाने वाली सड़क किनारे मुरूम के गड्ढे में एक अज्ञात शव दफन हालत में मिला था। शव के पैर और हाथ बाहर दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया।

जांच के दौरान कपड़ों और शरीर पर बने टैटू के आधार पर मृतक की पहचान नितेश बत्रा (29 वर्ष), निवासी शदाणी दरबार, के रूप में की गई। पुलिस को पता चला कि मृतक के परिजनों ने माना थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक संदिग्ध की पहचान श्याम सुंदर सोनी के रूप में हुई, जो आलू-प्याज का व्यवसाय करता है। 

घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की, जो उत्तर प्रदेश में मिली। इस पर अमरेश मिश्रा के निर्देश पर टीम गठित कर आरोपियों की घेराबंदी की गई और उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी श्याम सुंदर सोनी ने खुलासा किया कि मृतक नितेश बत्रा का उसकी प्रेमिका सावित्री साहू के साथ पहले से संबंध था। आरोपी भी युवती को पसंद करता था, जिससे दोनों के बीच तनाव बना हुआ था। 16 मार्च की रात आरोपी जब युवती के घर पहुंचा, तो वहां नितेश को देखकर भड़क गया। इसी दौरान युवती ने कथित तौर पर नितेश को मारने के लिए उकसाया।

आरोपियों ने पहले नितेश की जमकर पिटाई की और उसे जबरन ऑटो में बैठाकर मुजगहन के आगे खट्टी-ढोढ़री के पास तालाब किनारे ले गए। वहां फिर मारपीट की गई और गमछे से उसका गला दबाया गया। जब इसके बाद भी नितेश की मौत नहीं हुई, तो आरोपियों ने उसे परसुलीडीह और भरेंगाभाठा के बीच स्थित मुरूम खदान में जिंदा ही दफना दिया। पुलिस ने इस मामले में श्याम सुंदर सोनी, सुमित कोसले, सावित्री साहू और दो नाबालिग को गिरफ्तार किया है। घटना में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।  



दबंगों का हमला: खूनी संघर्ष में बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या, सात लोग गंभीर


बिलासपुर । 
TODAY छत्तीसगढ़  / पेंडरवा गांव में बुधवार को पुरानी रंजिश ने ऐसा खूनी खेल खेला कि पूरा इलाका दहल उठा। कथित अवैध संबंध को लेकर लंबे समय से सुलग रहा विवाद अचानक हिंसक विस्फोट में बदल गया। दबंगों ने घर में घुसकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस खौफनाक हमले में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुराद बी की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने न सिर्फ मुराद बी को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया, बल्कि उनके साथ अमानवीय बर्ताव भी किया। इस घटना ने गांव के लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि गांव के एक युवक और महिला के बीच कथित संबंध को लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से तनाव चल रहा था। पहले भी कई बार विवाद और झगड़े हो चुके थे, लेकिन बुधवार को मामला बेकाबू हो गया। 

पीड़ित शेख शब्बीर के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से रंजिश पालकर बैठा था। उसकी पत्नी, जिससे कुछ महीने पहले ही तलाक हो चुका है, के साथ शेख सलीम के कथित संबंध को लेकर वह पहले भी कई बार विवाद कर चुका था। बुधवार को भी इसी बात को लेकर वह घर में घुसा और सीधे हमला बोल दिया।

जानकारी के अनुसार, सुरेश श्रीवास और उनके दो पुत्रों के द्वारा दूसरे पक्ष के घर में घुसा और अचानक हमला बोल दिया। घर में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और हमलावरों ने अंधाधुंध मारपीट शुरू कर दी। हमले में पुरुष, महिलाएं जो भी सामने आया, उसे निशाना बनाया गया। इस खूनी हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस खुनी वारदात में घायल सोना परवीन, साक्षित परवीन, रेहान परवीन, शहनाज बेगम, अलीशा, अयान शेख,  नाजिस समेत अन्य घायलों का उपचार जारी है। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। एक साथ इतने घायलों के पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।  

हमलावरों ने किसी को नहीं छोड़ा, घर में मौजूद महिलाओं और अन्य पर भी धारदार हथियार से वार किए गए। बुजुर्ग मुराद बेगम इस हिंसा की सबसे बड़ी शिकार बनीं, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में भय के साथ-साथ भारी आक्रोश भी देखा जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

एसएसपी सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आरोपी को कानून के तहत सख्त सजा मिले,” 

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  बिलासपुर पुलिस द्वारा जनहित में जारी। 

रेलवे ट्रेक किनारे मिली किशोरी की लाश की पहचान, प्रेमी पर हत्या का आरोप


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  ज़िले के मस्तूरी इलाके में बीते दिन रेलवे अंडरब्रिज के पास मिली एक किशोरी की लाश के मामले में पुलिस ने दावा किया है कि उसने इस घटना की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस के अनुसार, 29 मार्च को किसान परसदा गांव के पास एक अज्ञात शव मिला था, जिसका एक हाथ कटा हुआ था। शुरुआती जांच में मृतका की पहचान नहीं हो पाई थी, जिसके बाद मस्तूरी पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर साझा की।

पुलिस का कहना है कि तस्वीर सामने आने के बाद खैरागढ़ पुलिस ने संपर्क किया, जिसके आधार पर मृतका की पहचान 15 वर्षीय देविका वर्मा के रूप में हुई, जो खैरागढ़ के चिचोला गांव की रहने वाली थी। जांच में सामने आया है कि देविका अपने परिचित मोहन वर्मा और उसके दो साथियों के साथ घर से निकली थी। पुलिस के मुताबिक, ये सभी डोंगरगढ़ से वेनगंगा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर कोरबा की ओर जा रहे थे।

पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह बिलासपुर के पास ट्रेन में देविका और मोहन के बीच कथित तौर पर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान मोहन वर्मा ने गुस्से में आकर उसे चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया, जिससे वह ट्रेन की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। देविका के लापता होने की रिपोर्ट पहले ही खैरागढ़ के ठेलकाडीह थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस के अनुसार, इंटरनेट पर तस्वीर देखने के बाद परिजनों को बुलाया गया, जिन्होंने शव की पहचान की। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहन वर्मा, उसके एक साथी हरीश वर्मा और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।

बिलासपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़ा होने के कारण आगे की जांच खैरागढ़ पुलिस को सौंपी जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

रिश्तों का खून: 10 लाख की सुपारी और जमीन के लिए बुजुर्ग की हत्या


मुंगेली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में एक सेवानिवृत्त लेखापाल की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे संपत्ति विवाद और पारिवारिक रंजिश मुख्य वजह रही। पुलिस ने बताया कि 62 वर्षीय दामोदर राजपूत 21 मार्च को अपने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनके भाई ने थाना लालपुर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को उस रास्ते पर उनकी मोटरसाइकिल मिली, जहां से वे गुजरे थे। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और एक संदिग्ध कार को चिन्हित किया, जो मृतक के पीछे-पीछे चलती दिखाई दी।

पुलिस के मुताबिक, कार के मालिक तक पहुंचने के बाद पूछताछ में पता चला कि वाहन किराए पर लिया गया था। इस आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में हत्या की साजिश का खुलासा किया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर इस घटना को अंजाम दिया। मृतक को एक धार्मिक कार्यक्रम के बहाने बुलाया गया और सुनसान रास्ते में उनकी गाड़ी रोककर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को दूसरे जिले में ले जाकर जंगल क्षेत्र में दफना दिया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे करोड़ों रुपये की जमीन और अन्य संपत्तियों को लेकर विवाद था। जांच में सामने आया है कि मृतक के कुछ रिश्तेदारों ने कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या करवाई। मामले की जांच के दौरान यह भी पता चला कि परिवार के भीतर पहले से विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने साजिश रची।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में संलिप्त 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार नाबालिगों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। 

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद किए हैं। इनमें मुख्य आरोपी संजय यादव से एक टाटा स्पेशियो गोल्ड वाहन और कथित सुपारी की रकम 84,000 रुपये शामिल है। इसके अलावा, एक नाबालिग के पास से 12,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने देवराज साहू के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई ईऑन कार, एक नाबालिग से मोटरसाइकिल और एक अन्य आरोपी प्रिंस के पास से स्कूटी भी जब्त की है।

गिरफ्तार आरोपी -

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम इस प्रकार हैं:

रणजीत सिंह राजपूत (55 वर्ष), निवासी झाफल, थाना लोरमी — मृतक के भाई

पालेश्वर राजपूत (50 वर्ष), निवासी झाफल, थाना लोरमी — मृतक के भाई रणजीत का साला

रामपाल सिंह राजपूत (53 वर्ष), निवासी लोरमी — मृतक का चचेरा भाई

पराग सिंह राजपूत (49 वर्ष), निवासी झाफल — मृतक के भाई का पुत्र

हेमंत राजपूत (26 वर्ष), निवासी झाफल — मृतक के भाई का पुत्र

अजय राजपूत (26 वर्ष), निवासी सारधा — मृतक का भांजा

संजय यादव (37 वर्ष), निवासी झाफल, थाना लोरमी

श्रवण उर्फ प्रिंस गोई (18 वर्ष), निवासी जवाहर वार्ड, मुंगेली

योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर (लगभग 18 वर्ष), निवासी कालीमाई वार्ड, मुंगेली

देवराज साहू उर्फ दद्दु उर्फ देवकुमार (23 वर्ष), निवासी झझपुरीकला, लोरमी

आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु (20 वर्ष), निवासी बस स्टैंड, लोरमी

इसके अलावा, पुलिस ने इस मामले में चार नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है, जिन्हें विधि के अनुसार बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। 

प्रेमिका बनी ‘राज’, पिता और दोस्त संग मिलकर उतारा मौत के घाट


कबीरधाम।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के वन क्षेत्र में स्थित रानीदहरा जलप्रपात के पास पिछले दिनों एक अज्ञात महिला का शव मिलने से शुरू हुई जांच ने पांच दिनों के भीतर एक सुनियोजित हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे शहर से गिरफ्तार किया गया है  जबकि उसके पिता और एक सहयोगी को भी हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि 19 मार्च को स्थानीय लोगों की सूचना पर जलप्रपात के समीप एक महिला का शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में मृतका की पहचान अज्ञात होने के कारण मामला जटिल था। इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय पूछताछ और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर पुलिस ने दो दिनों के भीतर मृतका की पहचान कर ली। वह छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले की निवासी सुखमती बैगा थी। 

इसके बाद जांच का दायरा सीमित किया गया और संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया तेज की गई। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और लोकेशन विश्लेषण ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल राज्य से बाहर छिपा हुआ है। इसके बाद एक विशेष टीम को पुणे भेजा गया, जहां से उसे गिरफ्तार कर कबीरधाम लाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, उसने अपने पिता केषव प्रसाद जायसवाल और एक अन्य व्यक्ति मनोज पटेल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया कि मृतका और आरोपी के बीच प्रेम संबंध था। आरोपी ने कथित रूप से समाज में बदनामी के भय का हवाला देते हुए हत्या की योजना बनाई। जांच में यह भी सामने आया कि 16 मार्च की शाम महिला को रानीदहरा जलप्रपात क्षेत्र में ले जाया गया, जहां उस पर पत्थर से हमला किया गया और बाद में शव को झरने में फेंक दिया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल पर डमी पुतले के माध्यम से घटना का पुनर्निर्माण (सीन रिक्रिएशन) किया गया। इससे कथित तौर पर यह स्पष्ट हुआ कि अपराध को किस प्रकार अंजाम दिया गया। इसके अलावा, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद करने की बात कही है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपी देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल, उसके पिता केशव प्रसाद जायसवाल और मनोज पटेल को गिरफ्तार किया है। 

छोटी बात पर जानलेवा हमला, करगी खुर्द में व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के करगी खुर्द के गनियारी इलाके में मामूली विवाद ने उस वक्त खूनी रूप ले लिया, जब कुछ युवकों ने मिलकर एक 52 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस सनसनीखेज वारदात में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आए एक युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतक की पहचान मोहन पांडे (52) पिता जगदीश प्रसाद पांडे, निवासी करगी खुर्द के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी राजाराम साहू (21) ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोहन पांडे पर लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना बर्बर था कि मोहन पांडे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे शरद कौशिक को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा। उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजाराम साहू को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, इस हमले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी बुलाया गया है, जो मामले की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद मामूली बात को लेकर शुरू हुआ था, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने और सभी आरोपियों को पकड़ने में जुटी हुई है।

लूट के इरादे से युवक की हत्या, अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी; दो आरोपित गिरफ्तार


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / सिटी कोतवाली पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए युवक की हत्या के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने लूट के इरादे से युवक की पिटाई कर उसे पुल से नीचे नदी में फेंक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल भी बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार ग्राम नरगोड़ा निवासी राजेंद्र सूर्यवंशी (25) का शव 15 जुलाई 2025 को अरपा नदी स्थित चेक डैम के नीचे मिला था। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम, डायटम और विसरा रिपोर्ट के साथ तकनीकी विश्लेषण में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना तेज कर दी। जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने विकास उर्फ भोले केवट (20) और शनि उर्फ छोटू गंधर्व (20) को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि घटना के दिन वे पचरी घाट डैम के पास शराब पीकर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने राजेंद्र को अकेले बैठे देखा। मोबाइल और नगदी लूटने की नीयत से दोनों ने उसके साथ मारपीट की। विरोध करने पर गंभीर रूप से घायल कर दिया और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से पुल की रेलिंग से नीचे नदी में फेंक दिया।

घटना के बाद आरोपित मृतक का मोबाइल और नगदी लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लूटा गया मोबाइल बरामद कर लिया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की विवेचना पूरी कर चालान पेश करने की तैयारी में है। 

अवैध खनन जांच के दौरान मारपीट, मौत: कुसमी एसडीएम करूण डहरिया निलंबित


रायपुर/बलरामपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / अवैध बॉक्साइट खनन की जांच के दौरान ग्रामीणों से मारपीट और एक आदिवासी की मौत के मामले में राज्य सरकार ने कुसमी एसडीएम करूण डहरिया को निलंबित कर दिया है। घटना के बाद जिले में हालात तनावपूर्ण हो गए थे। ग्रामीणों के बढ़ते दबाव के बीच एसडीएम समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लॉक अंतर्गत हंसपुर गांव में 15 फ़रवरी की रात खनन क्षेत्र में विवाद की स्थिति बनी। आरोप है कि एसडीएम करूण डहरिया निजी थार वाहन से कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान तीन ग्रामीणों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि एसडीएम और उनके साथ मौजूद लोगों ने रॉड और लाठी-डंडों से ग्रामीणों की पिटाई कर दी। मारपीट में 62 वर्षीय रामनरेश की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए।

घायलों ने बताया कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर घर लौट रहे थे, तभी टीम से उनका सामना हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रकरण को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। चर्चा है कि एसडीएम सरकारी वाहन के बजाय निजी थार गाड़ी से गए थे। साथ में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के बजाय निजी लोग मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार घटना के बाद नायब तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया। 

ग्रामीणों के आंदोलन के बाद पुलिस ने एसडीएम समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हंसपुर घटना में एसडीएम सहित चार पर हत्या का केस दर्ज, अवैध खनन जांच के दौरान मारपीट

बलरामपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /  कोरंधा थाना क्षेत्र के हंसपुर घंघरुपाट गांव में अवैध बाक्साइट खनन की जांच के दौरान हुई मारपीट अब हत्या के मामले में बदल गई है। 60 वर्षीय राम उरांव की मौत के बाद पुलिस ने कुसमी के एसडीएम करुण डहरिया समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर अंदरूनी चोटों की पुष्टि होने के बाद हत्या की धारा जोड़ी गई।

जानकारी के मुताबिक 15 फरवरी की देर शाम राजस्व टीम हंसपुर में अवैध बाक्साइट उत्खनन की जांच के लिए पहुंची थी। टीम में एसडीएम करुण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा भी शामिल थे। इसी दौरान गांव के तीन ग्रामीण राम उरांव, अजीत उरांव और आकाश अगरिया सरना के पास मिले। आरोप है कि पूछताछ के दौरान विवाद बढ़ा और टीम के साथ मौजूद लोगों ने तीनों ग्रामीणों की डंडों व लात-घूंसों से पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपितों के साथ छह से सात अन्य लोग भी थे।

मारपीट के बाद तीनों को वाहन में बैठाकर कुसमी लाया जा रहा था। रास्ते में राम उरांव की हालत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) का उपचार जारी है। घायलों का कहना है कि वे गेहूं की फसल में सिंचाई कर लौट रहे थे, तभी उन्हें रोका गया और मारपीट की गई।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें पाई गई हैं। अत्यधिक चोट लगने से इंटरनल हेमरेज हुआ, जो मौत का कारण बना। विस्तृत रिपोर्ट अभी आना बाकी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। एसडीएम करुण डहरिया, सुदीप यादव, मंजीत यादव और विक्की सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल भेजा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Chhattisgarh: घाघरा पुलिस कैंप में जवान ने साथी को मारी गोली, मौत


राजनांदगांव। 
TODAY छत्तीसगढ़  / खैरागढ़ जिले के घाघरा पुलिस कैंप में रविवार देर रात छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (सीएएफ) के एक आरक्षक ने अपने ही साथी जवान को गोली मार दी। घटना में जवान की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक और आरोपी दोनों उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, गातापार थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघरा पुलिस कैंप में पदस्थ सीएएफ के जवान सोनबीर जाट को उसी कैंप में तैनात आरक्षक अरविंद गौतम ने इंसास राइफल से गोली मार दी। गोली लगते ही सोनबीर जाट की मौके पर मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि दोनों जवान कवर्धा स्थित 17वीं बटालियन की कंपनी में पदस्थ थे और आपस में अच्छे संबंध भी थे। कुछ दिन पहले छुट्टी में साथ घर जाने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान हुए झगड़े में मृतक ने आरोपी को थप्पड़ मार दिया था, जिससे वह नाराज चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने देर रात मौका पाकर वारदात को अंजाम दे दिया।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। खैरागढ़ एएसपी नितेश गौतम ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। वहीं राजनांदगांव रेंज आईजी अभिषेक शांडिल्य ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा कैंपों में जवानों के बीच बढ़ते तनाव और अनुशासन से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

धीरज हत्याकांड: पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर तालाब में फेंका शव, आरोपी कानून की गिरफ्त में


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के कोटा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम घोड़ामार में युवक की नृशंस हत्या कर शव तालाब में फेंके जाने के सनसनीखेज मामले का बिलासपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुरानी रंजिश के चलते की गई इस वारदात में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

थाना कोटा क्षेत्र निवासी धीरज साहू (26 वर्ष) 30 नवंबर की रात भोजन के बाद अपने पोल्ट्री फार्म में सोने गया था, लेकिन अगले दिन लापता मिला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर तलाश शुरू की। 1 दिसंबर को युवक का कोई सुराग नहीं मिला, जबकि 7 दिसंबर को घोड़ामार स्थित बांधा तालाब में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। पहचान धीरज साहू के रूप में हुई।

पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने पर थाना कोटा में धारा 103(1), 238 BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर त्वरित विवेचना शुरू की गई। जांच टीम ने मुख्य मार्गों और आसपास के सैकड़ों CCTV फुटेज का सूक्ष्म अवलोकन किया। कई मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण के अलावा मृतक के परिजनों, मित्रों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जाती रही। पुलिस जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो संदेही अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू को पूछताछ के लिए तलब किया। पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व के विवाद के कारण धीरज से रंजिश थी। 

आरोपियों ने जो कहानी पुलिस को बताई उस लिहाज से 30 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे, दोनों आरोपी मोटरसाइकिल (CG 10 BG 1727) से पहुंचे। दोनों ने मोटर पंप निकालने का बहाना बनाकर धीरज को बुलाया। इसके बाद चाकू से हमला कर उसकी हत्या की और शव पर पत्थर बाँधकर तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने वारदात में प्रयुक्त चाकू, मृतक के कपड़े और मोबाइल को कोरी डेम में फेंक दिया। 

पुलिस ने दोनों आरोपी (अनिल कुमार साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू) गिरफ्तार कर हथियार और घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त जब्त कर लिया है। आज दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। 

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