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शहर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस अलर्ट, संदिग्ध ठिकानों पर दबिश

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के रायपुर में क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने सख़्त रुख़ अपनाया है. इसी कड़ी में तेलीबांधा थाना पुलिस ने एक विशेष चेकिंग अभियान के दौरान 13 लोगों के ख़िलाफ़ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, गुरुवार (18 जून) को थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई संदिग्ध स्थानों और इलाक़ों में यह औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया था.

इस चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने 13 संदिग्ध व्यक्तियों (अनावेदकों) को पकड़ा. पुलिस का कहना है कि इन सभी के ख़िलाफ़ नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (बीएनएसएस - BNSS) की धारा 170/126 और 135 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है. यह धाराएं मुख्य रूप से शांति भंग होने की आशंका और निवारक (प्रतिबंधात्मक) कार्रवाई से जुड़ी हैं.

पुलिस के अनुसार, काग़ज़ी कार्रवाई पूरी करने के बाद इन सभी 13 लोगों को आगे की क़ानूनी प्रक्रिया के लिए विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और सहायक पुलिस आयुक्त (सिविल लाइंस) की अदालत में पेश किया गया है.


स्कूली छात्रों के बीच हिंसक विवाद, चाकू लगने से एक छात्र की मौत

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िले में दो स्कूली छात्रों के बीच हुए आपसी विवाद में एक छात्र की मौत का मामला सामने आया है. यह घटना तिल्दा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सासाहोली गांव की है. पुलिस के अनुसार, दोनों छात्रों के बीच स्कूल में किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी, जो बाद में हिंसक झड़प में तब्दील हो गई.

कैसे हुई घटना?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, विवाद के दौरान एक छात्र ने कथित तौर पर अपनी जेब से चाकू निकालकर दूसरे छात्र पर हमला कर दिया. इस हमले में दूसरा छात्र घायल हो गया.

बताया जा रहा है कि इसके बाद घायल छात्र ने अपना बचाव करते हुए पहले छात्र के हाथ से चाकू छीन लिया और उसी चाकू से उस पर जवाबी हमला कर दिया. इस हमले में पहला छात्र गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गया.

गंभीर हालत में घायल छात्र को तुरंत नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

पुलिस की कार्रवाई

इस घटना में दूसरे छात्र (आरोपी) को भी चोटें आई हैं और फ़िलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. घटना की सूचना मिलने के बाद तिल्दा थाना पुलिस मौक़े पर पहुँची. पुलिस ने मर्ग क़ायम कर लिया है और इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है. 

महाराष्ट्र को भी भाया छत्तीसगढ़ का 'धान ख़रीदी मॉडल', कृषि योजनाओं पर चर्चा

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की तर्ज़ पर अब महाराष्ट्र में भी धान ख़रीदी की व्यवस्था और किसानों से जुड़ी नीतियों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

शुक्रवार को महाराष्ट्र के विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाक़ात की और राज्य के 'धान ख़रीदी मॉडल' के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी योजनाओं का अध्ययन किया.

मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक के दौरान महाराष्ट्र के विधायकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र के चार ज़िलों में धान की बड़े पैमाने पर खेती होती है. प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रशासनिक प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि वे इस मॉडल का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक इलाक़ों में भी ऐसे ही प्रयास आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं.

मुलाक़ात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के विधायकों को राज्य की धान ख़रीदी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की ख़रीदी की जा रही है. इस साल खरीफ़ सीज़न में राज्य सरकार ने लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान ख़रीदा है, जिसे देश के सबसे बड़े धान उपार्जन अभियानों में से एक बताया जा रहा है.

किसानों की सहूलियत के लिए पूरे प्रदेश में क़रीब 2700 धान ख़रीदी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक़, धान की तौल, परिवहन से लेकर किसानों के बैंक खातों में भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को तकनीक-आधारित और पारदर्शी बनाया गया है.

'कृषक उन्नति योजना' और आय बढ़ाने पर ज़ोर

बैठक में 'कृषक उन्नति योजना' सहित राज्य सरकार की अन्य कृषि योजनाओं पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि धान ख़रीदी के साथ-साथ राज्य में फसल विविधीकरण (क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन), पशुपालन और मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाई जा सके.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच इस तरह के सफल अनुभवों को साझा करने से पूरे देश के कृषि क्षेत्र को मज़बूती मिलती है. इस मौक़े पर उन्होंने महाराष्ट्र से आए विधायकों को स्मृति-चिह्न के रूप में 'बस्तर आर्ट' भेंट किया.

इस बैठक में महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे और संजय पुराम के अलावा छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मार्कफेड अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

योग आयोग के नए अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री साय से की शिष्टाचार भेंट

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शिष्टाचार मुलाक़ात की है. यह मुलाक़ात शुक्रवार (19 जून) को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई.

इस मौक़े पर मुख्यमंत्री साय ने संजय अग्रवाल को उनकी नई ज़िम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं. बैठक के दौरान राज्य में योग को बढ़ावा देने और इससे जुड़ी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने की रूपरेखा पर चर्चा की गई.

'जन-जन तक पहुंचे योग'

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का अहम हिस्सा है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने का एक प्रभावी माध्यम है.

उन्होंने योग आयोग के नए अध्यक्ष से आह्वान किया कि प्रदेश में योग को आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए. मुख्यमंत्री ने ख़ास तौर पर युवाओं, महिलाओं और बुज़ुर्गों को योग से जोड़ने पर ज़ोर दिया.

अधिकारियों के मुताबिक़, मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि संजय अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, लोगों में जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों में तेज़ी आएगी.

छत्तीसगढ़ सरकार की स्टैंडिंग काउंसिल सुगंधा जैन ने की राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की स्टैंडिंग काउंसिल (अधिवक्ता) सुगंधा जैन ने मुलाक़ात की. यह एक शिष्टाचार भेंट थी जो रायपुर स्थित लोकभवन में हुई. 

सुगंधा जैन एक युवा वकील हैं और नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार के मुक़दमों का प्रतिनिधित्व करती हैं. इस मुलाक़ात के दौरान राज्यपाल डेका ने क़ानून के क्षेत्र में उनके काम की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.

ऑक्सफ़ोर्ड में जज बनने वाली पहली भारतीय

सुगंधा जैन ने क़ानून के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है. वे साल 2025 में ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित 'इंटरनेशनल मूट कोर्ट कॉम्पिटिशन' (अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता) में जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थीं.

क़ानूनी वकालत के अलावा, सुश्री जैन एनसीईआरटी (NCERT) के तहत आने वाले 'राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान' (NIEPA) में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पॉश - POSH) से जुड़ी एक बाहरी प्रशिक्षक (एक्सटर्नल ट्रेनर) के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे रही हैं.

अधिकारियों के मुताबिक़, राज्यपाल के साथ हुई इस शिष्टाचार मुलाक़ात के दौरान सुगंधा जैन की मां इंदिरा जैन भी उनके साथ मौजूद थीं.

'शेयर बाज़ार में डूब गए पैसे...' पौने दो करोड़ की ठगी के आरोपी ने पुलिस को बताई ये कहानी

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के रायगढ़ ज़िले में पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत निवेश के नाम पर क़रीब 1.77 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस के मुताबिक़, पकड़े गए व्यक्ति का नाम विश्वजीत देवनाथ (43) है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के नदिया ज़िले का रहने वाला है. धोखाधड़ी के इस मामले में फ़रार चल रहे आरोपी को जांजगीर-चांपा ज़िले से हिरासत में लिया गया और अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत (रिमांड) में भेज दिया गया है.

कैसे बिछाया गया ठगी का जाल?

रायगढ़ के दरोगापारा इलाक़े के रहने वाले संजय मिश्रा ने 30 मई 2026 को कोतवाली थाने में एफ़आईआर दर्ज कराई थी. उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि साल 2022 में उनकी मुलाक़ात विश्वजीत देवनाथ से हुई थी.

आरोप है कि विश्वजीत ने ख़ुद को एलईडी (LED) बल्ब मैन्युफ़ैक्चरिंग और शेयर बाज़ार का कारोबारी बताया था. उसने लोगों को निवेश करने पर हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज़ और 10 प्रतिशत मूलधन लौटाने का झांसा दिया. इस वादे पर भरोसा करके संजय मिश्रा ने एक बैंक से 12 लाख रुपये का लोन लेकर उसे दे दिए.

शुरुआत के कुछ महीनों तक तय रक़म नियमित रूप से मिलती रही, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ गया. इसके बाद संजय ने अपने परिचितों को भी निवेश के लिए राज़ी कर लिया.

13 से ज़्यादा लोगों से ठगे गए पैसे

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने संजय मिश्रा समेत विकास साहू, राकेश मनहर, रितेश साव और कई अन्य लोगों से कुल मिलाकर 1 करोड़ 77 लाख 10 हज़ार रुपये जमा करवा लिए.

निवेशकों को धोखाधड़ी का शक तब हुआ जब उन्हें पता चला कि शेयर ट्रेडिंग के लिए डीमैट (Demat) अकाउंट का होना ज़रूरी है, लेकिन आरोपी की तरफ़ से उन्हें ऐसा कोई दस्तावेज़ नहीं दिया गया था. इसके बाद कोतवाली थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया.

'शेयर बाज़ार में हुआ नुक़सान'

पुलिस पूछताछ में आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने लोगों से पैसे लेकर अलग-अलग ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए शेयर बाज़ार में लगाने की बात स्वीकार की है. उसका दावा है कि शुरुआत में उसने निवेशकों को पैसे लौटाए, लेकिन मई 2025 के बाद शेयर बाज़ार में भारी नुक़सान उठाना पड़ा, जिसकी वजह से वह लोगों के पैसे वापस नहीं कर सका.

पुलिस का कहना है कि आरोपी के ख़िलाफ़ जांजगीर-चांपा में भी धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है और वहां की पुलिस पहले ही उसकी गाड़ी (फॉर्च्यूनर) और बैंक के दस्तावेज़ ज़ब्त कर चुकी है. फ़िलहाल, रायगढ़ पुलिस आरोपी के बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है.

पुलिस ढूंढती रही... और फ़रार आरोपी ने थाने के ठीक पास स्कूल पर कर लिया 'कब्ज़ा' !

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल पर कथित तौर पर ज़बरन कब्ज़ा करने और आधी रात को हंगामा करने का मामला सामने आया है.

आरोप है कि धोखाधड़ी के मामले में फ़रार चल रहे एक शख़्स ने अपने साथियों के साथ मिलकर सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बर्जेस इंग्लिश स्कूल के प्रिंसिपल ऑफ़िस का ताला तोड़ दिया. इतना ही नहीं, नियमों को ताक पर रखकर एक हिंदी माध्यम के रिटायर्ड शिक्षक को स्कूल का प्रभार भी सौंप दिया गया.

क्या है पूरा मामला?

घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयदीप रॉबिन्सन नाम का एक व्यक्ति अपने साथियों के साथ बर्जेस इंग्लिश स्कूल पहुंचा. आरोप है कि उसने मेन गेट और फिर प्रिंसिपल के कमरे का ताला तोड़ा. इसके बाद वहां कथित तौर पर एक 'फ़ोटो सेशन' किया गया, जिसकी तस्वीरें मसीही समाज के व्हाट्सएप ग्रुप्स में वायरल हो गईं.

इस दौरान सीबीएसई (CBSE) से मान्यता प्राप्त इस इंग्लिश मीडियम स्कूल का प्रभार एक रिटायर्ड हिंदी शिक्षक संगम शुक्ला को सौंप दिया गया.

नियमानुसार, सीबीएसई स्कूल के प्रिंसिपल पद के लिए उम्मीदवार का इंग्लिश मीडियम से होना, बी.एड. (B.Ed.) और 8 साल का अनुभव होना अनिवार्य है. आरोप है कि इन नियमों की अनदेखी करते हुए जयदीप रॉबिन्सन और रायपुर डायसीस से जुड़े सुशील मसीह ने संगम शुक्ला को गुलदस्ता देकर कुर्सी पर बिठा दिया. बताया जाता है कि संगम शुक्ला बीते एक साल से बर्जेस हिंदी कन्या शाला के भी प्रभारी प्राचार्य बने हुए हैं.

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

यह पूरी घटना सिविल लाइन थाने से महज़ कुछ ही दूरी पर हुई. मौजूदा प्रिंसिपल निशिता हंसा दास को जब ताला टूटने की जानकारी मिली, तो उन्होंने देर रात थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत लेकर मामले की जांच का आश्वासन दिया है.

बताया जा रहा है कि इस घटना से पहले जयदीप के गुट ने थाने से पुलिस बल की भी मांग की थी, जिसे थाना प्रभारी ने ठुकरा दिया था. इसके बावजूद फ़रार आरोपी द्वारा थाने के इतने क़रीब घटना को अंजाम देने से पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं.

कौन है जयदीप रॉबिन्सन?

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक़, जयदीप रॉबिन्सन पर पहले से ही सात अलग-अलग मामले दर्ज हैं और वह ज़मानत पर बाहर है. महज़ दो दिन पहले ही बिलासपुर की एक अदालत के निर्देश पर उसके ख़िलाफ़ धोखाधड़ी और जालसाज़ी का एक नया मामला दर्ज किया गया है. उस पर आरोप है कि उसने 'यूसीएमएस' (UCMS) का फ़र्ज़ी पावर ऑफ़ अटॉर्नी दिखाकर नज़ूल की ज़मीन का सौदा किया और लाखों रुपये अपने खाते में ट्रांसफ़र करवा लिए. इस मामले में सिविल लाइन थाने में धारा 420 और 406 के तहत एफ़आईआर दर्ज होने के बाद से वह फ़रार चल रहा था. 


रात के अंधेरे में कौन कर रहा था गाड़ियां पार? पुलिस के खुलासे ने चौंकाया

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने दोपहिया वाहनों की चोरी के दो अलग-अलग मामलों को सुलझाने का दावा किया है. पुलिस ने इन घटनाओं में शामिल होने के आरोप में एक नाबालिग (क़ानून से संघर्षरत बालक) को पकड़ा है और उसके पास से चोरी की गई दो गाड़ियां भी बरामद की हैं. पुलिस के मुताबिक़, वाहन चोरी की ये घटनाएं 8 और 9 जून को रायपुर के टिकरापारा और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में हुई थीं.

पहली घटना में संतोषी नगर चौक के रहने वाले मोहम्मद वसीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 जून की रात उनकी स्कूटी (मेस्ट्रो) मिश्रा होटल के पास से चोरी हो गई. वहीं, दूसरी घटना में आनंद नगर इलाक़े में रहने वाले शिवा पाण्डेय की एक्टिवा 8 जून की रात उनके घर के सामने से ग़ायब हो गई थी.

इन दोनों ही मामलों में टिकरापारा और तेलीबांधा थानों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज कर अज्ञात चोर की तलाश शुरू कर दी गई थी.

कैसे पकड़ा गया आरोपी?

मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 'एंटी-क्राइम एंड साइबर यूनिट' और स्थानीय थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की.

पुलिस टीमों ने घटनास्थल का मुआयना किया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर उन्हें इस मामले में एक नाबालिग के शामिल होने का सुराग़ मिला.

जब टिकरापारा पुलिस और साइबर यूनिट की टीम ने इस नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने दोनों वाहन चोरी करने की बात स्वीकार कर ली.

पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी की गई दोनों स्कूटी बरामद कर ली हैं. पुलिस के अनुसार, ज़ब्त किए गए इन दोनों वाहनों की क़ीमत लगभग 80 हज़ार रुपये है. इस मामले में पुलिस द्वारा आगे की क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है.

मानव तस्करी के ख़िलाफ़ उठी आवाज़: पुलिस, प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लिया बड़ा संकल्प

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं की रोकथाम और पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक अहम परिचर्चा का आयोजन किया गया।

मंगला चौक स्थित एक होटल में 'शिखर युवा मंच' द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन, पुलिस और नागरिक समाज (सिविल सोसाइटी) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि पीड़ितों को समय पर कानूनी मदद और न्याय मिल सके।

इस परिचर्चा में लॉ स्टूडेंट्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ बंधुआ मजदूरी से मुक्त हुए सर्वाइवर (पीड़ित) समेत 35 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

कानूनी मदद और पुलिस की भूमिका पर ज़ोर

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (बिलासपुर) के सचिव अनिल कुमार चौहान ने बताया कि बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के शिकार लोगों के लिए प्राधिकरण द्वारा 'निःशुल्क कानूनी सहायता' उपलब्ध कराई जाती है।

उन्होंने रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने वाले मज़दूरों को सलाह दी कि वे जाने से पहले पूरी जानकारी जुटा लें, ताकि शोषण से बचा जा सके। वहीं डीएसपी डी. आर. टंडन ने स्पष्ट किया कि मानव तस्करी महज़ क़ानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह एक गहरी सामाजिक चिंता है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि बाल श्रम या ज़बरन मज़दूरी जैसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

पुनर्वास योजनाएं और समाज की ज़िम्मेदारी

इस दौरान श्रम विभाग के लेबर इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा ने 'बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम' और मज़दूरों के अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शोषण से मुक्त हुए मज़दूरों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने और सम्मानजनक जीवन देने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

शिखर युवा मंच के डायरेक्टर भूपेश वैष्णव और सचिव धनंजय अनुपान ने कहा कि इन कुप्रथाओं पर केवल सरकारी तंत्र के ज़रिए रोक लगाना मुमकिन नहीं है; इसके लिए पंचायतों, युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को मिलकर जागरूकता अभियान चलाना होगा।

परिचर्चा से निकले महत्वपूर्ण सुझाव:

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के बीच हुए मंथन से ज़मीनी स्तर पर काम करने के लिए कई अहम सुझाव सामने आए: -

  • पलायन पंजी (Migration Register): पंचायत स्तर पर पलायन करने वाले मज़दूरों का नियमित रिकॉर्ड रखा जाए।
  • विजिलेंस कमेटी: ग्राम स्तर पर निगरानी समितियों को और अधिक सक्रिय किया जाए।
  • शिक्षा और जागरूकता: बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए और गांवों में मानव तस्करी के ख़िलाफ़ निरंतर जागरूकता अभियान चलें।
  • सोशल मीडिया: सुरक्षित पलायन और अधिकारों की जानकारी देने के लिए सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल हो।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक 'मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी मुक्त समाज' बनाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का संकल्प लिया।

अब शहरी क्षेत्रों में 'सेंट्रल किचन' से आएगा स्वादिष्ट और साफ़-सुथरा भोजन

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से नियमित गरम भोजन उपलब्ध कराने के सख़्त निर्देश दिए हैं।

आज मंत्रालय (महानदी भवन) में 'प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना' की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग और संचालन समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में योजना के सुचारू संचालन, भोजन की गुणवत्ता और ज़मीनी स्तर पर निगरानी को लेकर कई महत्त्वपूर्ण फ़ैसले लिए गए।

शहरी क्षेत्रों में 'सेंट्रल किचन' पर ज़ोर

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में भोजन पकाने के लिए नियमित रूप से रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए बैठक में तय किया गया कि राज्य के शहरी और उनके आस-पास के इलाक़ों में स्थित स्कूलों में 'सेंट्रल किचन' (केंद्रीयकृत रसोई) के ज़रिए भोजन सप्लाई किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को उच्च स्तर का बनाए रखना है।

महिला समूहों को सब्ज़ी उगाने के लिए प्रोत्साहन

इस योजना को महज़ पोषण से न जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने का भी ज़रिया बनाया जा रहा है।मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे भोजन तैयार करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को सब्ज़ियों और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें। इस क़दम से जहाँ एक तरफ़ स्कूली बच्चों की थाली में ताज़ी और हरी सब्ज़ियाँ पहुँच सकेंगी, वहीं दूसरी तरफ़ इन महिला समूहों की आमदनी में भी इज़ाफ़ा होगा।

छत्तीसगढ़ में योजना का दायरा (एक नज़र में)

अधिकारियों ने बैठक में पीएम पोषण शक्ति योजना से जुड़े जो आँकड़े साझा किए, वे इस प्रकार हैं:

शामिल स्कूल: राज्य के 56 हज़ार से अधिक सरकारी स्कूल इस योजना के तहत कवर किए गए हैं। लाभान्वित छात्र: कक्षा पहली से आठवीं तक के 29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को दैनिक रूप से गरम भोजन व पूरक पोषण दिया जा रहा है।

सोइयों की संख्या: योजना के तहत भोजन तैयार करने के काम में 86 हज़ार से ज़्यादा रसोइया जुड़े हुए हैं।

बैठक में इनकी रही मौजूदगी

इस महत्त्वपूर्ण समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, राजस्व विशेष सचिव इफ़्फ़त आरा सहित पंचायत, वित्त, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग और मानव अधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पीछे से थप्पड़ मारा, चाकू दिखाया और ले गए स्कूटी

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में चकरभाठा पुलिस और एंटी-क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए लूटपाट की एक घटना को चंद घंटों के भीतर सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों और एक किशोर (विधि से संघर्षरत बालक) को गिरफ़्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक़, आरोपी लूट की इस वारदात को अंजाम देने के बाद बिलासपुर से फ़रार होने की फ़िराक़ में थे, लेकिन त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया गया। 

क्या है पूरा मामला?

चकरभाठा थाने में दर्ज कराई गई एफ़आईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता सुनील यादव सिरगिट्टी स्थित 'नर्मदा कोल्ड्रिंक' में हाउसकीपिंग का काम करते हैं और सेंवार गाँव के निवासी हैं।

16 जून की रात क़रीब 10:30 बजे जब वह काम ख़त्म करके अपनी स्कूटी (CG 10 ED 9432) से वापस गाँव लौट रहे थे, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों ने उनका पीछा किया। आरोपियों ने सुनील यादव को पीछे से ज़ोरदार थप्पड़ मारा, जिससे वह स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए। इसके बाद तीनों आरोपियों ने उन्हें चाकू दिखाकर डराया-धमकाया और उनकी जेब में रखे 395 रुपये नक़द और स्कूटी लूटकर फ़रार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ़्तारी

घटना की सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।

जाँच के दौरान पुलिस ने सिरगिट्टी के नयापारा क्षेत्र से आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की और उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, सख़्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू, लूटे गए 395 रुपये और स्कूटी (प्लेज़र मोपेड) बरामद कर ली है।

आरोपियों की पहचान:

पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित आरोपियों को विधिवत गिरफ़्तार किया है: प्रकाश यादव उर्फ़ रवि यादव (20 वर्ष): निवासी- नयापारा सिरगिट्टी, रोहन दास (21 वर्ष): निवासी- नयापारा सिरगिट्टी और एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि गिरफ़्तार किए गए दोनों वयस्क आरोपियों और विधि से संघर्षरत बालक को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। 

राजनीति: 'ये विकसित भारत का दस्तावेज़ है...' प्रदर्शनी के उद्घाटन पर बोले विधायक अमर

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक विशेष छायाचित्र (फोटो) प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में हुए विकास कार्यों, ऐतिहासिक उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को तस्वीरों के ज़रिए पेश किया गया है।

राघवेंद्र सभा भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का ज़िम्मा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बिलासपुर शहर और ग्रामीण ज़िला इकाई ने संयुक्त रूप से उठाया है। गुरुवार को इस भव्य प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ पर्यावरण संरक्षक महेंद्र कुमार जैन और 'महाराजा अग्रसेन स्मृति पत्रकार पुरस्कार' से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र अग्रवाल 'राजू' के हाथों हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर के विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल मौजूद रहे। वहीं, अध्यक्षता क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, बीजेपी शहर ज़िलाध्यक्ष दीपक सिंह और ग्रामीण ज़िलाध्यक्ष मोहित जायसवाल समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे।

इस प्रदर्शनी में मुख्य रूप से अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकास, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, किसानों के हित और जनजातीय उत्थान से जुड़ी उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।

आयोजकों के मुताबिक़, यहां प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, किसान सम्मान निधि, पीएम जनमन योजना, पीएम श्री स्कूल और 'धरती आबा अभियान' जैसी प्रमुख योजनाओं की जानकारी तस्वीरों और विस्तृत विवरण के साथ दी गई है। इसके अलावा, उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष वीडियो का भी प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुँच रहे हैं।

प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल ने केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा है और वंचित वर्गों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आया है।"

अमर अग्रवाल ने इस प्रदर्शनी को महज़ तस्वीरों का संकलन मानने से इनकार करते हुए इसे 'विकसित भारत के निर्माण की यात्रा का सशक्त दस्तावेज़' क़रार दिया और कहा कि यह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल? CM के 'बुलावे' से बढ़ीं सियासी धड़कनें

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल की तेज़ होती अटकलों के बीच, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज (गुरुवार) रात 8:30 बजे यानी कुछ देर बाद सभी मंत्रियों की एक अहम बैठक बुलाई है।

आधिकारिक तौर पर इस बैठक को विभागीय कार्यों की 'समीक्षा बैठक' बताया जा रहा है। हालाँकि, मुख्यमंत्री आवास पर अचानक बुलाई गई इस बैठक ने राज्य के राजनीतिक हलकों में कई नई चर्चाओं और कयासों को जन्म दे दिया है।

समीक्षा बैठक या कुछ और?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह महज़ एक सामान्य विभागीय समीक्षा होती, तो मुख्यमंत्री संबंधित विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर सकते थे। ऐसे में बिना किसी स्पष्ट एजेंडे के पूरे मंत्रिमंडल को एक साथ तलब करना इस बैठक को विशेष बनाता है।

सूत्रों के मुताबिक़, मंत्रियों को बैठक में शामिल होने की आधिकारिक सूचना तो दे दी गई है, लेकिन चर्चा के मुख्य बिंदुओं (एजेंडा) को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इसके चलते सत्ता और संगठन से जुड़े नेताओं के बीच उत्सुकता के साथ-साथ हल्की बेचैनी भी देखी जा रही है।

कामकाज का मूल्यांकन और आगामी रणनीति

माना जा रहा है कि इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार गठन के बाद से अब तक हुए विभागीय कार्यों, लंबित परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा कर सकते हैं।

आने वाले महीनों में विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के मक़सद से मंत्रियों को नए लक्ष्य और समयबद्ध कार्ययोजना भी सौंपी जा सकती है।

संगठनात्मक बदलावों की सुगबुगाहट

इस बैठक को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर संभावित संगठनात्मक बदलावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है कि केंद्रीय संगठन में होने वाले संभावित फेरबदल का सीधा असर राज्यों की राजनीति और सरकारों पर भी पड़ सकता है। इसी परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में बदलाव या विस्तार की अटकलें तेज़ हो गई हैं।

फ़िलहाल, राज्य सरकार या प्रदेश भाजपा की ओर से मंत्रिमंडल में किसी भी तरह के फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आज रात होने वाली इस बैठक के नतीजों और उससे निकलने वाले राजनीतिक संदेशों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

हिस्ट्रीशीटर 'सत्या' भेजा गया जेल, ट्रक चालकों से मारपीट और वसूली

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में ट्रकों से अवैध उगाही करने, चालकों से मारपीट करने और इलाक़े में दहशत फैलाने के आरोप में पुलिस ने एक आदतन अपराधी (हिस्ट्रीशीटर) को गिरफ़्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर सड़क पर टेंट लगाकर अवैध रूप से वाहनों की रॉयल्टी चेक कर रहा था।

बिल्हा थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ़्तार किए गए मुख्य आरोपी का नाम सत्यप्रकाश उर्फ़ सत्या उर्फ़ प्रदीप घृतलहरे (44 वर्ष) है, जो चकरभाठा थाना क्षेत्र के कनेरी गाँव का निवासी है। पुलिस ने मौक़े से टेंट और कुर्सियाँ भी ज़ब्त की हैं, वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता महेश शर्मा (निवासी- बिल्हा) ने 17 जून को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 जून की दोपहर ग्राम पंचायत दुर्गडीह के पास आरोपी सत्यप्रकाश ने अपने भाई दिलेश घृतलहरे और अन्य साथियों (सोना कोसले, नारायण रात्रे, सुनील अनंत) के साथ मिलकर क्रेशर प्लांट में चलने वाले ट्रकों को रोक लिया।

आरोप है कि इन लोगों ने पंचायत भवन के सामने बकायदा टेंट लगा लिया था और वहाँ से गुज़रने वाले वाहनों को रोककर अवैध रूप से रॉयल्टी की पर्ची चेक कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने शराब के लिए पैसे की माँग करते हुए ट्रक ड्राइवर पुन्नू यादव और मोनू राजपाल के साथ मारपीट की।

शिकायत के मुताबिक़, आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे थे और कह रहे थे कि "जब तक पैसे नहीं दोगे, गाड़ियाँ नहीं जाने देंगे... शासन-प्रशासन हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।"

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ़्तारी

मामले की गंभीरता और क़ानून-व्यवस्था को दी गई इस खुली चुनौती को देखते हुए बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और चकरभाठा सीएसपी नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में बिल्हा थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर सिरगिट्टी क्षेत्र में घेराबंदी की। यहाँ से मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध उगाही और मारपीट का जुर्म क़बूल कर लिया। आज 18 जून को पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ़्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ़्तारी से आसपास के गाँवों में शांति है और फ़रार अन्य आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। 


लाल हुआ मैदान: ईदगाह की पुताई को लेकर खूनी संघर्ष, जानलेवा हमला

भिलाई। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में ईदगाह की दीवार की पुताई के विवाद में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फ़रार आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत (रिमांड) में भेज दिया गया है।

भिलाई नगर थाना पुलिस के मुताबिक़, यह घटना सेक्टर-06 स्थित लाल मैदान की है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, 14 जून को लाल मैदान (सेक्टर-06, भिलाई) में मोहर्रम पर्व की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में ईदगाह परिसर की दीवारों के रंग-रोगन और पुताई के काम पर चर्चा हो रही थी।

इसी दौरान बैठक में आपसी विवाद पैदा हो गया। पुलिस का कहना है कि विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता पर हत्या के इरादे से जानलेवा हमला कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौक़े से फ़रार हो गया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ़्तारी

घटना की सूचना मिलते ही भिलाई नगर पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 323/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1), 296 और 351(3) में एफ़आईआर दर्ज की। मामले की जाँच के दौरान पुलिस को मुखबिर से फ़रार आरोपी के बारे में पुख़्ता जानकारी मिली। इस आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया।

पुलिस ने गिरफ़्तार आरोपी की पहचान वसीम परवेज़ उर्फ़ राजा (उम्र 41 वर्ष) के रूप में की है, जो भिलाई नगर के सेक्टर-06 का ही निवासी है। आरोपी वसीम परवेज़ को गिरफ़्तारी के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। भिलाई नगर थाना पुलिस की टीम की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।

फ़ेक FB आईडी, निजी तस्वीरें और खौफ़नाक साज़िश

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में एक युवती के नाम से फ़र्ज़ी (फ़ेक) फ़ेसबुक अकाउंट बनाकर उसकी निजी व अश्लील तस्वीरें और वीडियो वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ़्तार किया है। गिरफ़्तार किया गया आरोपी मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला है।

घुमका थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से उस वक़्त धर दबोचा जब उसका लोकेशन वहाँ ट्रेस किया गया।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने घुमका थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके नाम से फ़ेसबुक पर एक फ़ेक आईडी बनाई गई है। इस आईडी के ज़रिए वह व्यक्ति उनकी निजी तस्वीरें, वीडियो और मोबाइल नंबर लगातार सार्वजनिक कर रहा है, जिससे उनकी निजता (प्राइवेसी) भंग हो रही है और उनका मानसिक व यौन उत्पीड़न किया जा रहा है।

शिकायत मिलते ही घुमका पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर मामले को जाँच में लिया। महिला संबंधी गंभीर अपराध होने के कारण इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

पुलिस ने कैसे बिछाया जाल?

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर और डोंगरगांव की एसडीओपी श्रीमती मंजूलता बाज ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। घुमका थाना प्रभारी निरीक्षक विजय मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

जाँच के दौरान पुलिस लगातार आरोपी के मोबाइल नंबर का साइबर लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी बीच पुलिस को आरोपी का ताज़ा लोकेशन राजनांदगांव रेलवे स्टेशन का मिला। लोकेशन मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया।

आरोपी की पहचान और क़बूलनामा

सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने सोशल मीडिया पर फ़ेक आईडी बनाकर घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की पहचान मारपल्ली राकेश (उम्र 27 वर्ष) के रूप में की है। आरोपी के पिता का नाम मारपल्ली श्रीनिवास है और वह तेलंगाना राज्य के संगारेड्डी ज़िले के ज़हीराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत अलीपुर का निवासी है।


रिज़ॉर्ट का बाथरूम और एक अनसुलझी मौत: मुस्कान की कहानी में क्या है सस्पेंस?

राजनांदगांव।  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में एक रिज़ॉर्ट के भीतर 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। 

पुलिस के मुताबिक़, भिलाई की रहने वाली मुस्कान तिवारी अपने कुछ दोस्तों के साथ मनगटा वन चेतना केंद्र स्थित एक रिज़ॉर्ट में रुकी हुई थीं। गुरुवार सुबह वो रिज़ॉर्ट के बाथरूम में अचेत अवस्था में पाई गईं। युवती को उनके एक परिचित द्वारा तुरंत राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मुस्कान तिवारी भिलाई-3 नगर निगम क्षेत्र की निवासी थीं। वो बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए मनगटा के इस रिज़ॉर्ट में पहुँची थीं। मुस्कान के दोस्तों में साथ पुरुष मित्र भी थे। 

गुरुवार सुबह क़रीब 6 बजे जब मुस्कान बाथरूम गईं, तो वहाँ अचानक गिर पड़ीं और मूर्छित हो गईं। इसके बाद आशुतोष साहू नाम के एक युवक उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचे।

अस्पताल में डॉ. विवेक ने युवती की जाँच की और उन्हें 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुँचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। शुरुआती जाँच में डॉक्टरों का कहना है कि युवती के शरीर पर कहीं भी चोट के बाहरी निशान नहीं मिले हैं।

पुलिस की जाँच जारी

इस मामले में सोमनी थाना पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। पुलिस रिज़ॉर्ट के संचालक और वहाँ मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

सीएसपी अलेक्जेंडर किरो ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फ़िलहाल, पुलिस युवती के साथ रिज़ॉर्ट में मौजूद दोस्तों के बयान दर्ज कर रही है और मामले के हर पहलू की बारीकी से जाँच की जा रही है।

कोल वाशरी के खिलाफ गांव एकजुट, 19 जून की जनसुनवाई रोकने की मांग

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत अमाली में प्रस्तावित कोल वाशरी परियोजना का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र के नागरिकों ने कल शुक्रवार 19 जून को प्रस्तावित जनसुनवाई को स्थगित करने की मांग करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।

ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से पर्यावरण, कृषि, वन्यजीव, शिक्षा और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका आरोप है कि परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं पर स्थानीय लोगों की आपत्तियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अमाली में कोल वाशरी स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि जिस भूमि पर परियोजना प्रस्तावित है, उसे मूल रूप से कृषि कार्य के लिए खरीदा गया था, लेकिन अब उसका उपयोग औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसे नियमों के विपरीत बताया है।

विरोध कर रहे लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि अमाली संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र है, जहां पेसा अधिनियम लागू है। उनका कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में ग्राम सभा और ग्राम पंचायत को विशेष अधिकार प्राप्त हैं और उनकी सहमति के बिना इस तरह की प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित कोल वाशरी स्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर एक शासकीय महाविद्यालय संचालित होता है। उनका दावा है कि परियोजना शुरू होने पर धूल और प्रदूषित पानी का असर आसपास की कृषि भूमि और शैक्षणिक वातावरण पर पड़ सकता है। इसके अलावा वायु प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी आपत्तियों का परीक्षण होने तक 19 जून को प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित की जाए। इस संबंध में परियोजना कंपनी या जिला प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 


थार को लेकर सड़क पर बवाल! कारोबारी के बेटे से बीच सड़क मारपीट

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तेज रफ्तार से वाहन चलाने को लेकर सड़क पर विवाद का मामला सामने आया है। इस घटना में होटल कारोबारी और कथित शराब घोटाले के आरोपी नितेश पुरोहित के बेटे आर्यन पुरोहित के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के मोतीबाग इलाके की है। बताया जा रहा है कि आर्यन पुरोहित अपनी थार गाड़ी चला रहे थे। आरोप है कि उन्होंने तेज रफ्तार में कई दोपहिया वाहनों को ओवरटेक किया और इसी दौरान एक बाइक से वाहन की टक्कर हो गई।

टक्कर के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने गाड़ी रुकवाई। इसके बाद आर्यन पुरोहित और बाइक सवारों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। घटना के दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवाद के दौरान आर्यन पुरोहित ने अपने प्रभावशाली परिचितों का हवाला देते हुए दबाव बनाने की कोशिश की और पुलिस बुलाने की बात कही। वहीं, आर्यन पुरोहित का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और गाली-गलौज की।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि किसी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है या नहीं।

राजधानी रायपुर में तेज रफ्तार से वाहन चलाने को लेकर सड़क पर विवाद का मामला सामने आया है। इस घटना में होटल कारोबारी और कथित शराब घोटाले के आरोपी के बेटे आर्यन पुरोहित के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।  



'फैमिली ट्रिप' नहीं, निकली गांजा तस्करी! पुलिस ने 8 लाख का माल पकड़ा

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने 15.431 किलोग्राम गांजा जब्त करने और एक कथित अंतर्राज्यीय तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। इस मामले में एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके साथ मौजूद एक नाबालिग बालिका को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 17 जून को टिकरापारा थाना क्षेत्र के भाठागांव बस स्टैंड स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर के पास कुछ लोगों के बड़ी मात्रा में गांजा लेकर मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर एक पुरुष, एक महिला और एक नाबालिग को हिरासत में लिया।

तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद बैग से 15.431 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब आठ लाख रुपये बताई है।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में गिरफ्तार दंपति ने बताया कि उनके साथ मौजूद नाबालिग उनकी रिश्तेदार नहीं है। आरोप है कि पुलिस जांच के दौरान संदेह से बचने के लिए उसे परिवार का सदस्य बताकर साथ रखा गया था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हंसराज (38) और उनकी पत्नी सोनिया गुज्जर उर्फ सोनू (27) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश के जबलपुर में रह रहे थे। नाबालिग की पहचान किशोर न्याय अधिनियम के तहत सार्वजनिक नहीं की गई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। उन्हें अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी। मामले में संभावित अंतर्राज्यीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।


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