बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में पुलिस ने कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने के एक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे देने के लिए मजबूर किया गया।
अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1.5 लाख रुपये की ठगी का आरोप, युवक गिरफ्तार
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में पुलिस ने कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने के एक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे देने के लिए मजबूर किया गया।
हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौटे पापाराव, 17 कैडरों के साथ आत्मसमर्पण
रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चल रही ‘पूना मारगेम’ पुनर्वास पहल के तहत बुधवार को 18 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की दिशा में एक और संकेत है। यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम जगदलपुर के लालबाग स्थित शौर्य भवन में आयोजित किया गया, जहां पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और स्थानीय टीम के सदस्य मौजूद थे।
पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े पापा राव के अलावा डिविजनल स्तर के नेता प्रकाश मड़वी और अनिल ताती भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी लंबे समय से सक्रिय कैडर रहे हैं। आत्मसमर्पण के दौरान कैडरों ने एके-47, एसएलआर, इंसास राइफल, .303 राइफल और बीजीएल लॉन्चर सहित कई हथियार सुरक्षा बलों के हवाले किए।
अधिकारियों ने बताया कि ‘पूना मारगेम’ पहल का उद्देश्य उन लोगों को हिंसा के रास्ते से हटाना है, जो माओवादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं, और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाकर बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वालों के फैसले का स्वागत किया और कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें आर्थिक और सामाजिक सहायता दी जाएगी।
हाल के महीनों में बस्तर क्षेत्र में आत्मसमर्पण की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। सुरक्षा बल इसे अपनी रणनीति की सफलता के रूप में देखते हैं, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक शांति के लिए पुनर्वास के साथ-साथ विकास और स्थानीय विश्वास बहाली भी जरूरी होगी।
बीजापुर और बस्तर संभाग में पिछले कुछ समय से आत्मसमर्पण की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2024 से अब तक 2,700 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। राज्य सरकार इसे अपनी पुनर्वास नीति और सुरक्षा अभियानों की सफलता के रूप में देखती है, जबकि कुछ विश्लेषकों का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए विकास, विश्वास और स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
पापा राव समेत 18 माओवादी कैडर सरेंडर, ज़मीन पर क्या होगा असर ?
रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। पुलिस के अनुसार, साउथ सब जोनल ब्यूरो के इंचार्ज पापा राव सहित कुल 18 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) स्तर के नेता प्रकाश मड़वी और अनिल ताती भी शामिल हैं। इस समूह में सात महिला कैडर भी हैं।
पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण के दौरान कैडरों ने AK-47 राइफल सहित अन्य हथियार भी जमा किए हैं। यह आत्मसमर्पण राज्य की पुनर्वास नीति के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को मुख्यधारा में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अधिकारियों ने दावा किया है कि इस घटनाक्रम के बाद दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन नेतृत्व के स्तर पर काफ़ी कमजोर हुआ है। हालांकि, स्वतंत्र रूप से इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस को उम्मीद है कि इस कदम के बाद अन्य सक्रिय कैडर भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कुछ माओवादी छोटे-छोटे समूहों में अब भी सक्रिय हैं।
दंडकारण्य क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का प्रमुख गढ़ माना जाता रहा है। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में फैला यह क्षेत्र सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नेतृत्व स्तर पर इस तरह के आत्मसमर्पण से संगठन की रणनीतिक क्षमता पर असर पड़ सकता है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसका वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
ड्रोन तकनीक से अवैध अफीम खेती पर बड़ी कार्रवाई, SSP की चेतावनी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा
रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि ड्रोन तकनीक की मदद से पिछले 72 घंटों में तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अफीम की अवैध खेती के एक व्यापक नेटवर्क का खुलासा किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में ड्रोन सर्वेक्षण की अहम भूमिका रही, जिससे दुर्गम और वन क्षेत्रों में भी निगरानी संभव हो सकी। पारंपरिक तरीकों से जिन इलाकों तक पहुंचना मुश्किल था, वहां अब तकनीक के जरिए सटीक लोकेशन चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
19 मार्च को तमनार क्षेत्र के आमाघाट में हुई कार्रवाई में सब्जी की खेती की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। यहां से 60 हजार से अधिक पौधे बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को गिरफ्तार किया गया। मौके पर फसल को नष्ट करने के लिए जेसीबी और रोटावेटर का इस्तेमाल किया गया।
इसके बाद 23 मार्च को लैलूंगा क्षेत्र के नवीन घटगांव में ड्रोन और भौतिक सर्वे के दौरान एक और मामला सामने आया। यहां साग-भाजी की खेती के बीच अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस ने आरोपी सादराम नाग को गिरफ्तार कर फसल जब्त की। इसी कार्रवाई के दौरान अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल भी बरामद की गई, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया। मुड़ागांव में भी ड्रोन से मिले इनपुट के आधार पर जांच की गई, जहां तानसिंह नागवंशी से पूछताछ के बाद संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले। उसके घर से पौधों के सूखे अवशेष बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, इस अभियान के तहत खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ समेत कई क्षेत्रों के गांवों में ड्रोन के जरिए निगरानी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से न केवल अवैध गतिविधियों की पहचान तेजी से हो रही है, बल्कि कार्रवाई भी अधिक प्रभावी और समयबद्ध बन रही है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत किया जा रहा है। वहीं, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने चेतावनी दी कि मादक पदार्थों की खेती में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी दें, ताकि तकनीक और जनसहयोग के माध्यम से जिले को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को और मजबूत किया जा सके।
VIDEO: संडे मार्केट में मारपीट का वीडियो वायरल, पर्स चोरी के शक से शुरू हुआ विवाद
बिलासपुर। शहर में रिवर व्यू स्थित संडे मार्केट में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत पर्स चोरी के संदेह को लेकर हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झगड़े में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले मामूली कहासुनी हुई, लेकिन जल्द ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान युवक और युवतियां दोनों ही एक-दूसरे पर हमला करते नजर आए। वीडियो में कुछ युवतियां एक-दूसरे के बाल खींचती दिखाई देती हैं, जबकि युवक लात-घूंसे चलाते नजर आते हैं।
मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। वायरल वीडियो में घटना का पूरा दृश्य साफ तौर पर देखा जा सकता है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे से भिड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, यदि इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वीडियो के वायरल होने के बाद इस घटना को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
सड़क हादसे में महिला की मौत, पति गंभीर; ईद मनाकर घर लौट रहा था परिवार
कोरबा। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले के पाली थाना क्षेत्र में रविवार शाम हुए एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब परिवार ईद मनाकर बिलासपुर से वापस लौट रहा था।
पुलिस के अनुसार, मानिकपुर बस्ती निवासी 39 वर्षीय शबीना तरन्नुम अपने पति शेख सद्दाम (40) और दो बेटियों के साथ बाइक से कोरबा लौट रही थीं। पाली मुख्य मार्ग पर चलते समय बाइक से कुछ सामान सड़क पर गिर गया। इसे उठाने के लिए जैसे ही शबीना सड़क पर उतरीं, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार भारी वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना गंभीर था कि शबीना तरन्नुम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, वाहन की चपेट में आने से उनके पति शेख सद्दाम भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के समय दंपति की दोनों बेटियां भी साथ थीं, हालांकि वे सुरक्षित बच गईं। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बच्चियों की सोमवार को परीक्षा थी, जिसके चलते परिवार रविवार को ही वापस लौट रहा था।
हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शबीना तरन्नुम का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पाली थाना प्रभारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और फरार वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास जारी है। यह हादसा एक ऐसे समय हुआ जब परिवार त्योहार की खुशियों के साथ घर लौट रहा था। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, और ईद की खुशी पल भर में मातम में बदल गई।
छत्तीसगढ़: 12वीं हिंदी पेपर लीक के दावे के बाद परीक्षा निरस्त, अब 10 अप्रैल को दोबारा होगी परीक्षा
रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ में कक्षा 12वीं के हिंदी प्रश्नपत्र के कथित लीक होने के दावों के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने अहम निर्णय लेते हुए परीक्षा को निरस्त कर दिया है। मंडल ने आदेश जारी कर बताया है कि अब हिंदी विषय की पुनर्परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, 12वीं कक्षा का हिंदी पेपर 14 मार्च 2026 को आयोजित हुआ था। परीक्षा के बाद सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप समूहों में प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते सवालों के वायरल होने की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे मामले को लेकर संदेह और विवाद की स्थिति बन गई। इस बीच छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने दावा किया कि परीक्षा से पहले ही कुछ प्रश्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे थे। संगठन ने इसे परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर चूक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस की साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ था या नहीं, और यदि हुआ तो इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। इस मुद्दे को लेकर एनएसयूआई ने विरोध प्रदर्शन भी किया और मंडल कार्यालय का घेराव कर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कहा है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हिंदी विषय की परीक्षा को निरस्त कर दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया गया है, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। फिलहाल, छात्र-छात्राओं को अब 10 अप्रैल को होने वाली पुनर्परीक्षा की तैयारी करनी होगी, जबकि जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हैं।
बर्थडे के नाम पर हुड़दंग, शराब के नशे में सड़क पर केक काटते पकड़े गए युवक-युवती
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / शहर में सार्वजनिक सड़क पर जन्मदिन मनाने का एक और मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए तीन युवकों और एक युवती को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार यह घटना सकरी थाना क्षेत्र के समबलपुरी ओवरब्रिज की है, जहाँ सड़क के बीचों-बीच कार खड़ी कर जश्न मनाया जा रहा था, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था।
पुलिस ने बताया कि 22 मार्च की रात नियमित पेट्रोलिंग के दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ युवक-युवती ओवरब्रिज पर वाहन रोककर जन्मदिन मना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। मौके पर पहुँचने पर पुलिस ने पाया कि एक काले रंग की हुंडई वरना कार (CG 07 BH 9996) सड़क के बीच खड़ी थी और उसके पास केक काटा जा रहा था। इस दौरान आसपास जश्न का माहौल था और यातायात बाधित हो रहा था।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि मौके पर मौजूद सभी लोग शराब के नशे में थे। कार के भीतर कटा हुआ केक मिला और सड़क पर भी जश्न के संकेत दिखाई दिए। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम निहाल सांडिल्य, अतुल वर्मा, प्रियांशु चौरसिया और अदिति भंडारी बताया है ।सभी की उम्र 19 से 22 वर्ष के बीच बताई गई है और वे बिलासपुर व कोरबा के निवासी हैं।
पुलिस ने चारों के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर अव्यवस्था फैलाने और यातायात बाधित करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की है। साथ ही मौके से वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के आयोजनों से न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है। ऐसे मामलों में आगे भी सख्ती बरती जाएगी।
एक बार फिर अवैध अफीम: लैलूंगा में अफीम की खेती का खुलासा, एक ही गांव में तीन ठिकाने
रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही गांव में तीन अलग-अलग स्थानों पर अफीम की फसल लहलहाती हुई पाई गई है। इसके साथ ही राज्य में इस तरह के मामलों की संख्या अब पांच तक पहुंच चुकी है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, जिन खेतों में अफीम की खेती हो रही थी, उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में धान के रूप में सत्यापित किया गया था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब हर रकबे का भौतिक सत्यापन किया गया था, तो फिर अफीम की खेती की जानकारी अधिकारियों को कैसे नहीं मिली।
विपक्ष और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि संभावित मिलीभगत का मामला भी हो सकता है। वहीं, राज्य की भाजपा सरकार पर इस मुद्दे को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि बार-बार ऐसे मामलों का उजागर होना शासन की साख पर असर डाल रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया, तो अवैध खेती का यह नेटवर्क और फैल सकता है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
जब गांव में भीड़ बनी अदालत, चोरी के शक में युवक को दी सजा
रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आई घटना सिर्फ एक मारपीट का मामला नहीं, बल्कि उस खतरनाक प्रवृत्ति की तस्वीर है, जहां भीड़ खुद ही न्यायाधीश, जज और जल्लाद बन बैठती है। ग्राम धारानगर में चोरी के शक में एक युवक को पकड़कर जिस तरह सरेआम अपमानित और बेरहमी से पीटा गया, उसने कानून व्यवस्था और सामाजिक सोच—दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि युवक पर घर में चोरी की कोशिश का आरोप था। लेकिन क्या इस आरोप ने ग्रामीणों को यह अधिकार दे दिया कि वे उसे बीच सड़क पर अर्धनग्न करें, उसके बाल काटें और पाइप से पीटें? देश के कई हिस्सों की तरह अब छोटे कस्बों और गांवों में भी “भीड़ का न्याय” एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। किसी पर शक हुआ नहीं कि भीड़ उसे घेर लेती है, सजा देती है और कई बार उसकी जान तक ले लेती है। शंकरगढ़ की घटना में भी यही हुआ पहले शक, फिर पूछताछ, और उसके बाद बेकाबू हिंसा। यह उस मानसिकता को दिखाता है, जहां कानून पर भरोसा कम और भीड़ की ताकत पर ज्यादा भरोसा बढ़ता जा रहा है।
अगर युवक ने चोरी की कोशिश की भी थी, तो यह अपराध है और इसके लिए कानून में स्पष्ट प्रावधान हैं। लेकिन सजा देने का अधिकार सिर्फ न्याय व्यवस्था के पास है, न कि किसी भीड़ के पास। भीड़ द्वारा की गई इस तरह की पिटाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह एक अलग अपराध भी है—जिसे अक्सर लोग ‘गुस्से’ या ‘तुरंत न्याय’ के नाम पर सही ठहराने लगते हैं।
सोशल मीडिया और हिंसा का प्रदर्शन
इस घटना का वीडियो बनाना और उसका वायरल होना एक और चिंताजनक पहलू है। हिंसा अब सिर्फ की नहीं जा रही, बल्कि उसे रिकॉर्ड कर साझा भी किया जा रहा है जैसे यह कोई उपलब्धि हो। यह प्रवृत्ति समाज में संवेदनशीलता की कमी और हिंसा के सामान्यीकरण को दिखाती है।
पुलिस की भूमिका और चुनौती
घटना के बाद पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ एफआईआर इस मानसिकता को बदल पाएगी? पुलिस के सामने चुनौती दोहरी है, एक तरफ अपराध को रोकना और दूसरी तरफ लोगों को कानून हाथ में लेने से रोकना।
समाज को तय करना होगा रास्ता
शंकरगढ़ की यह घटना एक चेतावनी है। अगर आज भीड़ चोरी के शक में किसी को पीटती है, तो कल किसी और आरोप में किसी और को निशाना बनाया जा सकता है। जरूरत है यह समझने की कि कानून का विकल्प भीड़ नहीं हो सकती। अगर समाज ने समय रहते इस प्रवृत्ति पर लगाम नहीं लगाई, तो ‘न्याय’ के नाम पर अराजकता ही सामान्य बन जाएगी। यह सिर्फ एक गांव की घटना नहीं, बल्कि उस दिशा का संकेत है, जहां कानून से ज्यादा भीड़ का डर काम करने लगे और यह किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए सबसे खतरनाक स्थिति होती है।
छोटी बात पर जानलेवा हमला, करगी खुर्द में व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले के करगी खुर्द के गनियारी इलाके में मामूली विवाद ने उस वक्त खूनी रूप ले लिया, जब कुछ युवकों ने मिलकर एक 52 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस सनसनीखेज वारदात में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आए एक युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतक की पहचान मोहन पांडे (52) पिता जगदीश प्रसाद पांडे, निवासी करगी खुर्द के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी राजाराम साहू (21) ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोहन पांडे पर लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना बर्बर था कि मोहन पांडे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे शरद कौशिक को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा। उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजाराम साहू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, इस हमले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी बुलाया गया है, जो मामले की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद मामूली बात को लेकर शुरू हुआ था, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने और सभी आरोपियों को पकड़ने में जुटी हुई है।
शादी के चार महीने बाद ही टूटा साथ, रोपवे हादसे में आयुषी की मौत
रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में हुए खल्लारी रोपवे हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में 28 वर्षीय आयुषी धावरे की मौत हो गई, जो रायपुर के राजातालाब इलाके की रहने वाली थीं। आपको बता दें कि आज सुबह खल्लारी मात्रा मंदिर परिसर में लगे रोपवे के टूटकर नीचे गिरने से 18 श्रद्धालु घायल हो गये जिसमें कई की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों का रायपुर मेकाहारा में इलाज चल रहा है।
परिजनों के मुताबिक आयुषी की शादी बीते नवंबर में ऋषभ धावरे से हुई थी। शादी के बाद यह उनकी पहली नवरात्रि थी जिसे मनाने के लिए वे परिवार के साथ खल्लारी माता मंदिर दर्शन के लिए गए थे। लेकिन यह यात्रा एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। इस दुर्घटना में उनके पति ऋषभ धावरे भी घायल हुए हैं। साथ ही परिवार के अन्य सदस्य 18 वर्षीय शुभ धावरे और 13 वर्षीय मनस्वी भी इस हादसे में जख्मी हुए हैं। सभी घायलों का इलाज रायपुर के जिला अस्पताल और एक निजी अस्पताल में जारी है।
बताया जा रहा है कि ऋषभ धावरे एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर हैं, जबकि आयुषी धावरे पाटन स्थित आत्मानंद स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। घटना की सूचना मिलते ही राजातालाब के गांधी चौक स्थित उनके घर पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। मोहल्ले में शोक का माहौल है और लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, आयुषी का स्वभाव बेहद सरल और मिलनसार था, जिससे घर और मोहल्ले में सभी उनसे स्नेह रखते थे।
देर रात आग: कपड़े की दुकान जलकर खाक, लाखों का नुकसान
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / शहर के व्यस्ततम प्रताप चौक क्षेत्र में शनिवार देर रात लगी आग में एक कपड़े की दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग की लपटे इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर रखा सारा सामान नष्ट हो गया।
जानकारी के मुताबिक, ‘साक्षी फैशन’ नाम की दुकान से देर रात धुआं उठता देखा गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत आसपास के दुकानदारों को सतर्क किया, लेकिन आग तेजी से फैल चुकी थी और उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। दुकान में बड़ी मात्रा में रेडीमेड कपड़े और अन्य सामान रखा हुआ था, जिसे बाहर निकालने का मौका नहीं मिल सका। सुबह तक दुकान के अंदर रखा पूरा स्टॉक जलकर खत्म हो गया। शुरुआती अनुमान के अनुसार, इस घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
घटना के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। दुकान संचालक ने किसी साजिश या रंजिश की संभावना से इनकार किया है। रात के समय लगी इस आग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग देर रात तक मौके पर जुटे रहे।
खल्लारी मंदिर रोपवे दुर्घटना: केबल टूटने से ट्रॉलियां गिरीं, एक की मौत, 18 से अधिक घायल
महासमुंद। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नवरात्रि के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। खल्लारी माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु उस समय दुर्घटना का शिकार हो गए, जब रोपवे का केबल टूटने से दो ट्रॉलियां नीचे गिर गईं।
अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में 18 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आधा दर्जन की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस हादसे में एक महिला की मौत की भी पुष्टि हुई है। यह घटना आज रविवार को हुई, जब नवरात्रि और छुट्टी के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद थी। रायपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में दर्शन के लिए रोपवे की सुविधा उपलब्ध है, जिसका बड़ी संख्या में लोग इस्तेमाल करते हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय दो ट्रॉलियों में 18 से अधिक श्रद्धालु सवार थे। रोपवे करीब 200 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा ही था कि अचानक केबल टूट गया, जिससे ट्रॉलियां नीचे गिर गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह तकनीकी खराबी थी या किसी प्रकार की लापरवाही का नतीजा।
वंदे भारत से गांजा तस्करी करते दो युवती गिरफ्तार, बिलासपुर के तिफरा की रहने वाली निकलीं
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / रायपुर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त कार्रवाई में दो युवतियों को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों के पास से करीब 24 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख रुपये बताई जा रही है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि उन्हें पहले से सूचना मिली थी कि दो महिलाएं विशाखापट्टनम से वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए रायपुर पहुंचने वाली हैं और उनके पास अवैध मादक पदार्थ हो सकता है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही दोनों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान दोनों युवतियों के ट्रॉली बैग से अलग-अलग पैकेट में गांजा बरामद किया गया। इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने अपनी पहचान नीलम राठौर और रीना वर्मा के रूप में बताई है। उन्होंने खुद को बिलासपुर के तिफरा इलाके का निवासी बताया है। फिलहाल एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इससे जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
बीट व्यवस्था मजबूत करने बिलासपुर पुलिस का अभियान, सरकंडा में हुई अहम बैठक
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा बीट व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सभी थानों में इस अभियान को लागू किया गया है।
इसी क्रम में थाना सरकंडा क्षेत्र के अंबा कॉलोनी में आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था, असामाजिक गतिविधियों, यातायात समस्याओं और अन्य स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए, जिनके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जनसहभागिता के माध्यम से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बीट प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण करें, आम जनता से संवाद बढ़ाएं और सूचना तंत्र को मजबूत करें। साथ ही, स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
सरकंडा में दो कार में भीषण आग, पलक झपकते ही जलकर खाक
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / शहर के सरकंडा क्षेत्र स्थित मेघदूत कॉलोनी के दैहानपारा इलाके में शनिवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खाली स्थान पर खड़ी दो कारों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में दोनों वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची जब तब आग बुझाने की कोशिशें होती तब तक दोनों कार पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुकी थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कॉलोनी में रहने वाले दो व्यक्तियों ने अपनी-अपनी कारें पास के खाली प्लॉट में खड़ी की थीं। दोपहर के समय अचानक वहां से धुआं उठता दिखाई दिया। जब लोग मौके पर पहुंचे तो एक कार में आग लगी हुई थी, जो तेजी से फैलते हुए दूसरी कार को भी अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग की लपटों को देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, साथ ही तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर कारें खड़ी थीं वहां सूखे कचरे का ढेर लगा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि पहले कचरे में आग लगी और फिर उसने पास खड़ी दोनों कारों को अपनी चपेट में ले लिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते हादसों पर सख्ती, फैक्ट्री संचालकों को सुरक्षा मानकों के कड़े निर्देश
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त हो गया है। उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सिरगिट्टी, बिल्हा, तिफरा, सिलपहरी और कोनी क्षेत्र के फैक्ट्री मालिकों व संचालकों की बैठक लेकर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए सभी उद्योगों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, ग्लव्स, सुरक्षा जूते और रेडियम जैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने कहा कि कार्यस्थल पर किसी भी कर्मचारी के शराब पीकर आने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए फैक्ट्री परिसर में ब्रीथ एनालाइजर मशीन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा गया।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी उद्योगों के अंदर, बाहर और मुख्य मार्गों को कवर करते हुए CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। हाल के दिनों में बढ़ी आगजनी की घटनाओं को देखते हुए प्रत्येक इकाई में फायर एक्सटिंग्विशर लगाने और नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने पर भी जोर दिया गया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया, जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार शाह, उपाध्यक्ष जितेन्द्र गांधी सहित अन्य पदाधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
गांजा तस्करी पर प्रहार, स्कूटी सवार आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिविल लाइन थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4.35 किलोग्राम गांजा और 42,500 रुपये नकद जब्त किए हैं।
पकड़े गए आरोपी की पहचान कार्तिक गुप्ता (29) निवासी बजरंग चौक, तालापारा, थाना सिविल लाइन, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार 20 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति स्कूटी में गांजा लेकर व्यापार विहार स्थित तारा मंडल के पीछे रेलवे लाइन के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान स्कूटी (क्रमांक सीजी-10 सीडी-1592) की डिग्गी से 4.35 किलोग्राम गांजा और 42,500 रुपये नगद बरामद किए गए। पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ और वाहन को जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए एंड-टू-एंड जांच कर रही है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
नाबालिग को भगाकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर / तखतपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को तखतपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने पीड़िता को रायपुर जिले के मोतीनगर से सकुशल बरामद किया है।
मामले में आरोपी की पहचान राकेश मरावी (21) निवासी ग्राम कमोदा, थाना तखतपुर, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 56/2026 के तहत धारा 137(2), 87, 64 बीएनएस एवं 4 पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने 29 जनवरी 2026 को थाना तखतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी को कोई व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अपराध कायम कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान साइबर सेल बिलासपुर की मदद से तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और टावर लोकेशन का विश्लेषण किया गया। जांच में आरोपी की लोकेशन रायपुर जिले के मोतीनगर में मिली। तत्काल पुलिस टीम रायपुर रवाना हुई और 19 मार्च 2026 को पीड़िता को आरोपी के कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद उसे शादी का झांसा देकर भगाया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
पुलिस ने आरोपी को 20 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक दिलाराम मनहर, आरक्षक नरेश निराला, आशीष वस्त्रकार, ओकार राजपूत, सत्यार्थ शर्मा एवं किशोर धीवर का विशेष योगदान रहा।





















