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ड्रोन तकनीक से अवैध अफीम खेती पर बड़ी कार्रवाई, SSP की चेतावनी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा


रायगढ़। 
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि ड्रोन तकनीक की मदद से पिछले 72 घंटों में तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अफीम की अवैध खेती के एक व्यापक नेटवर्क का खुलासा किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में ड्रोन सर्वेक्षण की अहम भूमिका रही, जिससे दुर्गम और वन क्षेत्रों में भी निगरानी संभव हो सकी। पारंपरिक तरीकों से जिन इलाकों तक पहुंचना मुश्किल था, वहां अब तकनीक के जरिए सटीक लोकेशन चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

19 मार्च को तमनार क्षेत्र के आमाघाट में हुई कार्रवाई में सब्जी की खेती की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। यहां से 60 हजार से अधिक पौधे बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को गिरफ्तार किया गया। मौके पर फसल को नष्ट करने के लिए जेसीबी और रोटावेटर का इस्तेमाल किया गया। 

इसके बाद 23 मार्च को लैलूंगा क्षेत्र के नवीन घटगांव में ड्रोन और भौतिक सर्वे के दौरान एक और मामला सामने आया। यहां साग-भाजी की खेती के बीच अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस ने आरोपी सादराम नाग को गिरफ्तार कर फसल जब्त की। इसी कार्रवाई के दौरान अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल भी बरामद की गई, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया। मुड़ागांव में भी ड्रोन से मिले इनपुट के आधार पर जांच की गई, जहां तानसिंह नागवंशी से पूछताछ के बाद संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले। उसके घर से पौधों के सूखे अवशेष बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। 

प्रशासन के अनुसार, इस अभियान के तहत खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ समेत कई क्षेत्रों के गांवों में ड्रोन के जरिए निगरानी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से न केवल अवैध गतिविधियों की पहचान तेजी से हो रही है, बल्कि कार्रवाई भी अधिक प्रभावी और समयबद्ध बन रही है। 

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत किया जा रहा है। वहीं, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने चेतावनी दी कि मादक पदार्थों की खेती में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी दें, ताकि तकनीक और जनसहयोग के माध्यम से जिले को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को और मजबूत किया जा सके। 

एक बार फिर अवैध अफीम: लैलूंगा में अफीम की खेती का खुलासा, एक ही गांव में तीन ठिकाने


रायगढ़।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही गांव में तीन अलग-अलग स्थानों पर अफीम की फसल लहलहाती हुई पाई गई है। इसके साथ ही राज्य में इस तरह के मामलों की संख्या अब पांच तक पहुंच चुकी है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, जिन खेतों में अफीम की खेती हो रही थी, उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में धान के रूप में सत्यापित किया गया था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब हर रकबे का भौतिक सत्यापन किया गया था, तो फिर अफीम की खेती की जानकारी अधिकारियों को कैसे नहीं मिली।

विपक्ष और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि संभावित मिलीभगत का मामला भी हो सकता है। वहीं, राज्य की भाजपा सरकार पर इस मुद्दे को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि बार-बार ऐसे मामलों का उजागर होना शासन की साख पर असर डाल रहा है। 

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया, तो अवैध खेती का यह नेटवर्क और फैल सकता है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। 

तरबूज-ककड़ी की आड़ में उगाई जा रही थी अफीम, आमाघाट में पुलिस ने मारा छापा


रायगढ़ ।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के तमनार ब्लॉक अंतर्गत आमाघाट क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही शुक्रवार को पुलिस एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ एकड़ में लहलहा रही अफीम की फसल को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड निवासी मार्शल सांगा पिछले 10-12 वर्षों से तमनार क्षेत्र में रहकर खेती कर रहा था। उसने आमाघाट के एक किसान से तरबूज एवं ककड़ी की खेती के नाम पर खेत लिया था, लेकिन वहां अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी झारखंड में अफीम की खेती से परिचित था और वहीं से प्रेरित होकर उसने यहां इस अवैध गतिविधि को शुरू किया। फिलहाल खेत के वास्तविक स्वामित्व एवं इस खेती को किसके संरक्षण में किया जा रहा था, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पिछले 15 दिनों के भीतर यह अफीम की खेती का चौथा मामला है। इससे पहले दुर्ग एवं बलरामपुर जिले में भी इसी प्रकार की अवैध खेती पकड़ी जा चुकी है।

इधर, इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर अफीम की खेती को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। पुलिस एवं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

रायगढ़: दशहरे के दिन दो की संदिग्ध मौत, हत्या की आशंका

 
 
TODAY छत्तीसगढ़  /  रायगढ़। जिले में दशहरे के दिन एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ग्राम रायकेरा (घरघोड़ा थाना क्षेत्र) में गुरुवार, 2 अक्टूबर को एक ही परिवार के दो सदस्यों की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुकमेत सिदार और उनके दामाद 60 वर्षीय लक्ष्मण सिदार शामिल हैं।

घरघोड़ा थाना क्षेत्र के रायकेरा गांव की घटना, बुजुर्ग महिला और दामाद की मिली लाश, बेटी गंभीर घायल

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में दोनों की गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी। घटना में सुकमेत सिदार की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई है। उसे प्राथमिक इलाज के बाद टिंगनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

सूचना मिलते ही घरघोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक संदेह के आधार पर मृतक लक्ष्मण सिदार के बेटे और एक पड़ोसी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। दशहरे के दिन हुई इस वारदात ने क्षेत्र के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

Chhattisgarh : परिवार के साथ 29 हाथी का झुण्ड मस्ती के मूड में, ड्रोन में कैद हुआ VIDEO

 रायगढ़  / TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ राज्य के धरमजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा वन परिक्षेत्र के अमलीडीही के जंगल का यह वीडियो इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहा है। छत्तीसगढ़ में एक तरफ जहाँ हाल ही में चार हाथी करंट से अकाल मौत का शिकार हुये वही दूसरी ओर रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल का यह वीडियो काफी सुकून देने वाला है। यह वीडियो वन विभाग ने ड्रोन के माध्यम से बनवाया है जिसमें साफ़ दिखाई दे रहा है कि हाथियों का एक बड़ा झुण्ड जंगल के बीच आराम करने के बाद पास के जलाशय में मस्ती कर रहा है। इस झुण्ड में 29 हाथी होने की जानकारी दी गयी है जिसमें नर - मादा के अलावा बच्चे शामिल हैं।   

Raigarh : करंट से तीन हाथी मरे, क्या लापरवाह बिजली विभाग और बेपरवाह वन अमला मौत की जिम्मेदारी लेगा - सिंघवी


रायपुर  / 
TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ जिले के धरघोड़ा वन परिक्षेत्र में चुहकीमार नर्सरी के पास 11kv लाइन के झूलते तार से टकराने के कारण आज तीन हाथियों की मौत हो गई। इस मामले की ख़बर मिलते ही वाइल्डलाइफ और पर्यावरण प्रेमी नितिन सिंघवी ने बिजली कंपनी की लापरवाही और गलती बताते हुए छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से स्पष्ट शब्दों में पूछा है कि वह वन्यजीवों की बिजली करंट से मौत रोकना चाहते हैं या नहीं चाहते ?

हाथियों को बिजली करंट से बचाने लगाई गई थी दूसरी बार जनहित याचिका -

पिछले एक दशक से वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण के लिये प्रयासरत नितिन सिंघवी द्वारा दूसरी बार लगाई गई जनहित याचिका का निराकरण हाल (03 अक्टूबर 2024) ही में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय ने किया। तब बिजली कंपनी ने स्वीकार किया कि वह बिजली लाइन की ऊंचाई बढ़ाकर बिजली लाइनों को कवर्ड कंडक्टर में और एरियल बंच केबल में चरणबद्ध तरीके से करेंगे। श्री सिंघवी ने बिजली कंपनी से पूछा कि चरणबद्ध तरीके से यह कार्य कैसे होगा और कब तक होगा ? बिजली कंपनी को खुलासा करना चाहिए।

बिजली कंपनी बताए कि उसने 1674 करोड़ क्यों मांगे -

नितिन सिंघवी ने खुलासा किया कि 2018 में जब पहली बार उन्होंने हाथियों को बिजली करंट से बचाने के लिए जनहित याचिका दायर की थी तब बिजली कंपनी ने वन विभाग से 33 केवी  की 810 किलोमीटर लाइन, 11 केवी की 3781 किलोमीटर  लाइन में बेयर कंडक्टर  के स्थान पर कवर्ड कंडक्टर लगाने के लिए और निम्न दाब की 3976 किलोमीटर लाइन के तारों को एरियल बंच केबल में करने और सभी लाइन की ऊंचाई बढ़ाने के लिए रुपए 1674 करोड़ वन विभाग से मांगे थे। जबकि 2024 में बिजली कंपनी ने लागत की जो जानकारी दी है उसके हिसाब से यह काम 6 साल बाद भी 975 करोड रुपए में हो सकता है। अगर यह काम 6 साल पहले ही कर दिया जाता तो यह काम अधिकतम 300 करोड रुपए में हो जाता और उन इलाको में वन्यजीवों की मौते, शिकार और बिजली चोरी रुक जाती। 

इस गति से करेंगे तो 150 साल लगेंगे -    

बिजली कंपनी ने पिछले छ: सालो में बिजली तारों के लूज पॉइंट सुधारने, कुछ पोल लगाने और और प्रस्तावित 3976 किलोमीटर निम्नदाब लाइन में से सिर्फ 239 किलोमीटर को बदला, 33 केवी और 11 केवी की एक किलोमीटर लाइन भी कवर्ड कंडेक्टर में नहीं बदली। अभी तक सिर्फ 34 करोड रुपए खर्च किया है यानी प्रतिवर्ष 6 करोड़। इसी गति से अगर बिजली कंपनी काम करेगी तो बिजली लाइन की ऊंचाई बढाकर कवर्ड कंडक्टर करने में 150 साल से ज्यादा लगेंगे। बिजली कंपनी को खुलासा करना चाहिए कि 6 साल पहले उसने 1674 करोड रुपए वन विभाग से मांग कर विवाद की स्थिति क्यों उत्पन्न की और छ: साल बाद अब काम करने को क्यों तैयार हो गई? जब कि भारत सरकार की पहले से जारी गाइडलाइंस के अनुसार बिजली कंपनी को मालूम था कि ये कार्य उसे ही करना है। 

45 प्रतिशत हाथी पिछले छ: साल में मरे -

पिछले 6 सालों में ही बिजली करंट से 35 हाथी मरे हैं जो कि अभी तक बिजली करंट से मरे 78 हाथियों का 45 प्रतिशत होता है। 2001 से लेकर 2024 तक कुल 224  हाथियों की मौत हुई उनमे से 78 हाथी बिजली करंट से मरे हैं। 

वन विभाग भी सो रहा था क्या ? 

भारत सरकार की गाइडलाइंस कहती है कि बिजली कंपनी और वन विभाग संयुक्त रूप से वनों से गुजर रही बिजली लाइनों का निरीक्षण समय-समय पर करेंगे और वन विभाग भी बिजली कंपनी को झूलती लाइनों के बारे में बताएगा। जानकारी के अनुसार जिस लाइन से टकराकर के हाथियों की मौत हुई वह कई दिनों से झूल रही थी और वन विभाग की नर्सरी के पास ही थी। ऐसा लगता है कि वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी सो रहे थे जब कि सभी को मालूम था कि वहां हाथी विचरण होता है। 

जहां सबसे ज्यादा खतरा वहां सबसे पहले लाइनों को ठीक कराया जाए - 

2018 की याचिका का निराकार करते वक्त उच्च न्यायालय ने कहा है कि धरमजयगढ़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा हाथियों की मृत्यु करंट से हो रही है।  सिंघवी ने मांग की कि बिजली कंपनी और वन विभाग को चाहिए कि वह उन इलाकों में जहां पर लाइन नीचे हैं सबसे पहले लाइनों को भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार 20 फीट ऊंचा करें और बजट के अनुसार ऐसे क्षेत्रों में सबसे पहले कवर्ड कंडक्टर और एरियल बंच केवल लगाने का कार्य करें।

लापरवाही : वन विभाग की नर्सरी में झूलते बिजली तार की चपेट में आये तीन हाथी मृत



रायगढ़ / TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में शुक्रवार की रात चुहकीमार स्थायी रोपणी के पास करंट की चपेट में आने से 3 हाथियों की मौत हो गई, जिसमें दो वयस्क और एक शावक शामिल है। 

 चुहकीमार स्थायी रोपणी के पास शनिवार सुबह तीन हाथियों का शव देखकर विभाग के कर्मियों का हाथ पाँव फूल गया, सूचना पर विभाग के अफसर मौके पर पहुंचें और तमाम औपचारिकता के बीच हाथियों का शव पंचनामा कार्रवाही के बाद उठाया गया ।  हाथियों की मौत नर्सरी में झूल रहे 11 KV विधुत तार की चपेट में आने से हुई है। बताया जा रहा है कि ये रास्ता हाथियों के विचरण का है, बावजूद इसके झूलते बिजली के तारों को विभाग ने नज़रअंदाज किया।  मौके पर करंट की वजह से आस-पास की घास भी जली हुई मिली हैं। 

इधर छत्तीसगढ़ पर्यावरण सरंक्षण समिति के ब्लॉक अध्यक्ष सोमदेव मिश्रा की माने तो  यह बिजली विभाग की लापरवाही है। करंट प्रवाहित तार काफी नीचे झूल रहा था, जबकि घरघोड़ा रेंज में हाथियों का दल अभी काफी संख्या में घूम रहा है, जिससे हाथी करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गयी है। 

मुख्यमंत्री का रायगढ़ में रोड शो, स्वागत में जनसैलाब सड़क पर उतरा


 रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार रायगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्वागत में जन सैलाब सड़क पर उमड़ पड़ा। जगह जगह पुष्पवर्षा गई, आम जनमानस के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं का हुजूम देखने लायक रहा। रायगढ़ से विधायक ओपी चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का रोड शो भी हुआ। 

महाराज चक्रधर की नगरी रायगढ़ में अग्रोहाधाम का लोकार्पण ओम बिड़ला ने किया


 रायगढ़।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिड़ला के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महाराज चक्रधर की नगरी रायगढ़ में अग्रोहाधाम का लोकार्पण किया गया। अग्रवाल समाज द्वारा 6.40 एकड़ क्षेत्र में निर्मित  यह भवन  सभी समाजों  के सामाजिक  कार्यों के लिए उपलब्ध रहेगा।  मध्य भारत के सबसे विशाल और सर्व सुविधा युक्त सामाजिक भवन  का संचालन अग्रोहाधाम चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जायेगा।

 इस अवसर पर मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल,  ओ पी चौधरी,  विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक  अमर अग्रवाल, पूर्व सांसद  नवीन जिंदल,  विधायक राजेश अग्रवाल,  विधायक संपत अग्रवाल, पूर्व मंत्री  कृष्ण कुमार गुप्ता ,ट्रस्टी  सुशील मित्तल एवं अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

महिला और उसके बच्चे की हत्या कर लाश जलाने वाले प्रेमी को बिलासपुर लेकर आई रायगढ़ पुलिस


 बिलासपुर।   
TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर के शांति नगर में ब्वायफ्रैंड ने महिला व उसके बेटे की हत्या कर दी। इसके बाद शहर से 165 किमी दूर नेतनागर में ले जाकर पेट्रोल डालकर दोनों शवों को जला दिया। एक सप्ताह पूर्व हुई इस वारदात में रायगढ़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बुधवार को लेकर शांति नगर स्थित घटना स्थल पहुँचीं।
                                         

 मामले का खुलासा करते हुए कल मंगलवार को रायगढ़ एसएसपी सदानंद कुमार ने बताया कि बिलासपुर-झारसुगुड़ा नेशनल हाईवे 49 पर 27 नवंबर की सुबह ग्राम नेतनागर में पैरावट में अधजली महिला व एक बच्चे का शव मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। चेकपोस्ट से पार हुए संदिग्ध एक्सयूवी कार की जानकारी निकाली गई। महिला की पहचान निधि औसरिया (28 साल) और उसके पहले पति के बच्चे पार्थ (5 साल) के रूप में हुई। इस मामले में आरोपी ब्वायफ्रेंड सूरज पिता सुरेश गुप्ता (41 साल) निवासी हिमालया हाइट्स, देवपुरी रायपुर (हाल मुकाम शांति नगर बिलासपुर) को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी से मृतिका के 8 लाख रुपए कीमती सोने-चांदी के जेवरात, ढाई लाख नगद और एक्सयूवी 700 कार जब्त किया है। घटना 25 नवंबर की है। यहां शांतिनगर में किराए के मकान में रहने के दौरान 24 नवंबर को महिला व ब्यायफ्रैंड सुरेश में विवाद हुआ तो अगले दिन 25 नवंबर को दोपहर में सुरेश ने महिला और बच्चे की हत्या कर दी। 

इसके बाद शव को ठिकाना लगाने के लिए प्लानिंग की। रस्सी, पेट्रोल, और ओडिनील जैसे सामान खरीदी कर वह बिलासपुर से कार में शव को रखकर निकला। अगले दिन 26 नवंबर की दोपहर तक उसने सूनसान जगह की तलाश की। इसके बाद आधी रात 1 बजे मौके पर पहुंचा महिला व उसके बच्चे के शव को नेतनागर गांव के पास पैरावट में रखकर आग लगा दी। पत्नी को छोड़ गर्लफ्रेंड के साथ रहता था सूरज - आरोपी सूरज गुप्ता ने पुलिस को बताया कि पूर्व में वह रियल एस्टेट कंपनी में काम करता था। क्लाइंट के रुपए की धोखाधड़ी कर उसने रायपुर में काम बंद कर दिया। इसके बाद कंपनी में साथ काम करने वाली विवाहिता महिला निधि औसरिया और उसके बेटे पार्थ के साथ बिलासपुर के शांति नगर में रहने लगा। यहां कुछ दिन बाद से महिला व उसके बीच विवाद होता था।

लाश को ठिकाने लगाने ऐसे बनाया प्लान- आरोपी सूरज ने पहले पेट्रोल, प्लास्टिक व अन्य सामान की व्यवस्था की। इसके बाद शव को एक्सयूवी कार की डिक्की में डालकर रायगढ़ की ओर निकला। 26 नवंबर को दोपहर में सूरज गुप्ता नेतानगर पहुंच गया था। यहां पैरावट रखे स्थान को देखकर रात होने का इंतजार करने लगा। देर रात 1 बजे शव को जलाने के बाद पुलिस को चकमा देने के लिए बार-बार मार्ग बदल-बदलकर अकलतरा होते हुए शांतिनगर पहुंचा। यहां कार को पोर्च पर खड़ी करके रफू चक्कर हो गया। 

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एक्सिस बैंक में शॉट सर्किट से लगी आग, बैंक कर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टला

 TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ /  रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में आज सुबह आगजनी से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की टीम ने बैंक के भीतर लगी आग पर तत्काल काबू पा लिया, जिससे बड़ी घटना टल गई। यह आग शार्ट सर्किट से होना बताया जाता है, लेकिन जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।

सोमवार को जैसे ही एक्सिस बैंक खुला और कैशियर सर्वर रूम पहुंचा तो धमाके के साथ सर्वर रूम में आग की लपटें उठने लगी। बैंक कर्मी घबरा कर बैंक से बाहर आ गए। तुरंत दमकल को इसकी सूचना दी और साथ ही सिटी कोतवाली पुलिस को भी जानकारी देते हुए सहायता की गुहार लगाई।    

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कल स्वतंत्रता दिवस और रविवार होने के कारण बैंक बंद था। आज सोमवार को सभी बैंककर्मी रोज की तरह बैंक पहुंच रहे थे। इसी क्रम में कैशियर ने भी बैंक पहुंचकर सर्वर रूम खोला तो अचानक धमाके के साथ वहां आग की लपटें उठाने लगी।  बैंककर्मियों ने बताया कि दमकल को इसकी सूचना तत्काल दी गई। फिलहाल अभी तक कोई जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन बैंक का सर्वर रूम बुरी तरह प्रभावित हुआ है।  

पीएनबी में 50 हजार की चोरी, आरोपी अमन अग्रवाल गिरफ्तार


TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ /  रायगढ़ जिले के खरसिया चौकी क्षेत्र अंतर्गत छपरीगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक में 50 हजार रुपये की चोरी के मामले में खरसिया पुलिस ने बैंककर्मियों की तत्परता से चोर को गिरफ्तार कर लिया है। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें   

बताया जाता है कि बैक में लगे सीसीटीवी फुटेज से चोर की हुई पहचान हुई थी। पकड़े गए युवक का नाम अमन अग्रवाल बताया जाता है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद अमन के घर के बाथरूम से पुलिस ने बैंक से गायब किये गए 50 हजार रूपए बरामद कर लिया है। पुलिस इस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी है।

इस संबंध में खरसिया चौकी प्रभारी नंद किशोर गौतम ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक में 50 हजार रूपए चोरी का मामला सामने आया था। पुलिस द्वारा बैंकों में हेल्प डेस्क का स्टीकर लगाया गया है, जिसके माध्यम से बैंक द्वारा उन्हे सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वे अपनी टीम को तत्काल बैंक के लिए रवाना किये और बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिससे चोर की पहचान की गई।

चौकी प्रभारी ने आगे बताया कि चोर की पहचान अमन अग्रवाल पुत्री शाला रोड खरसिया के रूप में हुई है। जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, पहले तो वह आनाकानी करने लगा फिर कड़ाई से पूछताछ करने पर चोरी करना कबूल किया। चोरी की रकम को वह अपने घर के बाथरूम में छिपाकर रखा था। जहां से पुलिस ने 50 हजार रूपए बरामद कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। 

ट्रक और पिकअप की टक्कर, मौके पर 6 महिलाओं की मौत, कई घायल।

 TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़। सोमवार की दोपहर रायगढ़ जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में 6 महिलाओं की मौके पर मौत हो गई वहीं दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये हैं। बताया जा रहा है कि सामान से लदे ट्रक और पिकअप में आमने-सामने से भिड़ंत होने की वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ है।  घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। 

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घटना रायगढ़ के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र की है, जहां सिसरिंगा के पास बंगाली ढाबा के पास एक सामान से लदे ट्रक और पिकअप में जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इस सड़क हादसे में 6 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई और करीब 20 से अधिक लोग घायल हो गये हैं । जानकारी के मुताबिक सभी पिकअप सवार एक शादी समारोह से लौट रहे थे। शादी समारोह से लौटने वाले लोग छाल, रायगढ़ के रहने वाले हैं। शादी से लौटते समय हादसे के शिकार हो गये। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों को धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।  


सांप के काटते ही सनी देओल को गुस्सा आया, उसने सांप की गर्दन काटी और निगल गया

 TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ / जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के ओंगना गांव में आज एक युवक को पहले जहरीले सांप करैत ने डंसा फिर युवक करैत का सर काटकर निगल गया। इसके बाद युवक की तबीयत बिगड़ने लगी और हालत गंभीर हो गई। परिजन आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचें जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही हैं । TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें   

इस मामले में धरमजयगढ़ चिकित्सालय से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम ओंगना में रहने वाला सनी देओल राठिया के घर में कल सुबह सफाई का काम जारी था। इस दौरान एक सांप दिखाई पड़ा जिसे घर वालों ने पीट-पीट कर मारने का प्रयास किया और पास ही एक गढ्ढा खोदकर दफना दिया। इस बात की भनक जब घर वालों के माध्यम से सनी को लगी तो उसने दफनाए गए सांप को बाहर निकाला और करतब दिखाने लगा। आस-पड़ोस के लोगों की भीड़ में स्टंट दिखा रहे सनी देओल की नज़र चूकते ही जहरीली करैत ने डंस लिया, चूँकि सांप मरा नहीं था । सांप के काटने से युवक गुस्से से तमतमाया और अपने दांत से सांप का सर काटकर निगल गया। 

सांप का सर निगलने के कुछ समय बाद सनी की तबियत बिगड़ने लगी, उसे धरमजयगढ़ ले जाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल के डॉ. एसएस भगत ने बताया कि युवक को बुधवार दोपहर में सांप ने काटा था। स्नैक बाइट दाएं हाथी की तर्जनी अंगुली के पास था। राहत की बात यह है कि कई बार उल्टी करने के कारण युवक की स्थिति खतरे से बाहर हुई और उल्टी के दौरान ही सांप का कटा हुआ मुंह बाहर आ गया। 

19 गायों की मौत का जिम्मेदार कौन ? जान बचाकर भागता ट्रक ड्राइवर या फिर पीछा करती पुलिस


 TODAY छत्तीसगढ़  /  रायगढ़ / जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुधवार को मवेशियों से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गया जिसके कारण 19 गायों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 9 गाय गंभीर रूप से घायल बताई जा रहीं हैं। हादसे में घायल गायों को उपचार के लिए पशु चिकित्सालय भिजवा दिया गया है। 

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कोतवाली पुलिस को आज सूचना मिली कि एक ट्रक में मवेशियों को भरकर दूसरे प्रान्त ले जाया जा रहा है। सुचना के बाद अलर्ट पुलिस को मवेशियों से भरा एक ट्रक बाईपास से जाता दिखाई पड़ा। पुलिस ने जब ट्रक का पीछा करना शुरू किया तो चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी। थाना क्षेत्र के चिरई पुलिया के पास तेज रफ्तार ट्रक के सामने अचानक एक मवेशी आ गया जिससे ट्रक चालक वाहन को नियंत्रण में नहीं रख सका और ट्रक अनियंत्रित होकर पुलिया में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद चालाक मौके से भाग निकला लेकिन इस हादसे का दुखद पहलु 19 गायों की मौत और 9 गाय के घायल हो जाने के रूप में सामने आया।  हालांकि हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक का पीछा करने जैसी बात से साफ़ इंकार कर दिया। ट्रक में कुल कितने मवेशी थे उसकी संख्या भी स्पष्ट नहीं बताई जा सकी है। पुलिस का कहना है कि हादसे के बाद कुछ मवेशी इधर-उधर भी भागे हैं। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके की तस्वीर दिल दहला देने वाली थी, पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से पहले घायल मवेशियों को पुलिया से निकलवाकर पशु चिकित्सालय भिजवाया जहां कुछ मवेशियों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। इधर क्षेत्रीय सांसद गोमती साय ने हादसे की सुचना मिलते ही मौक़ा मुआयना किया और हादसे की विस्तार से जानकारी ली।   

                                             

एक और हाथी की मौत, कारण खोज रहा है वन अमला

TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ / जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में आज सुबह एक नर हाथी का शव ग्राम बनहर में मिला । सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मौके के हालात देखकर फिलहाल वन अफसर शिकार होने या फिर स्वाभाविक मौत होने जैसे किसी भी सवाल के जवाब देने से बच रहें हैं। 

विश्वस्त सूत्रों के हवाले से आई जानकारी बताती है कि राज्य के रायगढ़ जिले का धरमजयगढ़ वन क्षेत्र के छाल रेंज में साल  2005 से लेकर अब तक 23 हाथियों की मौत हो चुकी है। इन सभी मौत के पीछे के कारण अलग-अलग हैं। वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयों की माने तो मृत पाए गए हाथी की उम्र करीब 10 से 15 साल के बीच है। हाथी के मौत की वाजिब वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। 

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मोनेट इस्पात में हादसा : डस्ट सेटलिंग चेंबर का जाम खोलते वक्त 5 लोग झुलसे​​​​​​​, 2 गंभीर

TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ जिले के एक प्लांट में बड़ा हादसा हो गया है। जिसमें 5 लोग झुलस गए हैं, वहीं 2 की हालत गंभीर है। बताया गया है कि भूपदेवपुर थाना के नहरपाली गांव स्थित JSW मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लिमिटेड में ये हादसा हुआ है। जहां दोपहर को प्लांट के डस्ट सेटलिंग चेंबर में जाम खोलने के दौरान 5 लोग झुलस गए हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद एसपी संतोष सिंह ने भी घायलों से अस्पताल जाकर मुलाकात की है। 

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जानकारी के मुताबिक सभी कर्मचारी दोपहर डेढ़ बजे प्लांट के किलन नंबर 4 में डस्ट सेटलिंग चेंबर के जाम होने पर पानी का प्रेशर मार रहे थे। तभी अचानक गरम डस्ट और पानी का प्रेशर चेंबर से निकला और पानी के साथ गर्म डस्ट का प्रेशर कर्मचारियों पर पड़ा और वे झुलस गए। जिसमें एक की हालत गंभीर बताई है। पता चला है कि गंभीर घायल शंकर कटकवार और शिव साहू को एयर एबुंलेंस से रायपुर रेफर किया गया है। हादसे में जीवनंदन देशमुख डीजीएम, शंकर कटकवार सीनियर इंजीनियर, शिव साहू असिस्टेंट इंजीनियर, मधुकर रावटे डिप्टी मैनेजर और मनीष गुप्ता सीनियर मैनेजर घायल हुए हैं। इनमें से शंकर और शिव साहू को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजा गया है।  

                                                

छत्तीसगढ़ का मजदूर कर्नाटक में बंधक, मंत्री की पहल पर रिहाई के बाद जल्द होगी घर वापसी

TODAY
 छत्तीसगढ़  / 
 रायगढ़ । उच्च शिक्षा मंत्री उमेश की पहल पर कर्नाटक में बंधक मजदूर परिवारों की जल्द वापसी होगी। ठेकेदार के पास श्रीनिवासपुर पुलिस पहुंची। श्रीनिवासपुर की पुलिस तथा श्रम विभाग की टीम ठेकेदार को पकड़कर उनके बयान दर्ज करते हुए सभी बंधक बनाए गए मजदूरों को रिहा कर करवा दिया है और उन्हें उनके काम के बदले पूरी राशि भी दिलवाई जा रही है। स्थानीय मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार सभी मजदूर कागजी कार्रवाई करने के बाद देर शाम तक श्रीनिवासपुर से रायगढ़ के लिए रवाना हो जाएंगे। ज्ञात हो कि 'छत्तीसगढ़O ने दो दिन पहले कर्नाटक के श्रीनिवासपुर में बंधक बनाए गए मजदूरों को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। प्रमुखता से प्रकाशित समाचार के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। साथ ही साथ प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने भी जिले के कलेक्टर भीम सिंह व पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह से चर्चा करके जल्द ही बंधक बनाए गए मजदरों को वापस उनके गांव बुनगा भेजने के भी दिशा निर्देश दिए हैं। बीते दिनों पुसौर ब्लॉक के बुनगा गांव के एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के कर्नाटक के कोलार जिले के श्रीनिवासपुर गांव में एक ठेकेदार द्वारा बंधक बना लिए जाने की सूचना मिली थी। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर भीम सिंह को ग्रामीणों के सकुशल वापसी के लिए निर्देशित किया।
कलेक्टर ने मामले के संज्ञान में आते ही तत्काल कलेक्टर कोलार से बात कर जिले के ग्रामीणों के वहां बंधक बना लिए जाने के बारे में उन्हें अवगत कराया तथा शीघ्र सभी लोगों को रिहा करवाते हुए रायगढ़ भेजने की व्यवस्था का अनुरोध किया। जिसके पश्चात कलेक्टर कोलार ने वहां के श्रम अधिकारी को श्रीनिवासपुर जाकर ग्रामीणों की जल्द रिहाई के लिए कहा। अगले 1 से 2 दिनों जिले के ग्रामीणों की वहां से वापसी हो जाएगी। कलेक्टर ने वहां फंसे ग्रामीणों से भी बात की और उन्हें बताया। स्थानीय प्रशासन को सारी सूचना दे दी गई है उनकी सहायता से सभी ग्रामीणों की जल्द वापसी हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि पुसौर ब्लाक के बुनगा गांव से 6 पुरुष, 6 महिलाएं व 7 बच्चे कर्नाटक के श्रीनिवासपुर गांव एक ठेकेदार के माध्यम से काम की तलाश में कर्नाटक पहुंचे थे। जिन्हें वहां उक्त ठेकेदार द्वारा बंधक बना लिया गया था। पुसौर ब्लाक के पुनीराम, सोनीनाथ सहित अन्य लोगों ने यह जानकारी जिला प्रशासन से साझा की। जिसमें उन्होंने बताया कि गांव के मधुसुदन रजक, पद्मा रजक, दिपेश कुमार, लक्ष्मीकांत रजक, मातेश्वरी, खुशहाल, छीतीज, थकीर रजक, जमुना रजक, मयक, दुर्बल निषाद, पार्वती, प्रियका, संजय कुमार, कुंद्रा बरेल, सोमेस कुमार, जत्तु बाई एवं ओम प्रकाश को कर्नाटक में ठेकेदार द्वारा बंधक बना लिया गया है।

खूंखार भालू बताकर JCB मशीन से किया रेस्क्यू, देखिये वायरल वीडियो में सच

TODAY छत्तीसगढ़ /  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक आदमखोर भालू को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पकड़ा गया है. तस्वीर में दिखाई देता ये वही खूंखार भालू है, जिसने शनिवार को खरसिया के देवगांव में दो लोगों की जान ले ली थी. इसके अलावा इस भालू पर कई लोगों को घायल करने का भी आरोप है . बताया जा रहा है की भालू के हमले की वजह से इलाके के लोग दहशत में जी रहे थे. 
दरअसल वन विभाग की टीम शनिवार (21 दिसंबर) से भालू को पकड़ने के लिए रेस्क्यू चला रही थी. आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद उस भालू को दूसरे दिन यानी 22 दिसंबर को पकड़ने में वन विभाग के जाबांज कर्मियों को सफलता मिल गई। भालू को पकड़ने के लिए खरसिया प्रभारी रेंजर छोटे लाल डनसेना, एसडीओ एचसी पहारे और उनकी टीम लगी हुई थी.
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भालू के रेस्क्यू की ख़बरें दूसरे दिन विभागीय तस्वीरों के साथ प्रकाशित हुईं, रेस्क्यू आपरेशन की सफलता और उसके पीछे काम कर रही विभागीय टीम की कार्यकुशलता को देखने या फिर समाचार पत्रों में पढ़ने वालों को यकीनन उस बड़ी हकीकत से बे खबर रखा गया जो रात के अँधेरे में विभागीय टीम के निर्देश पर हुआ। 
                                             
रायगढ़ वन मंडल के वन अफसरों की करतूतों को देखने और स्याह रात में उनकी जिम्मेदारियों को समझने के लिए यह वीडियो काफी होगा। शेड्यूल वन के प्राणी भालू के आतंक से चिंतित अफसरों ने रेस्क्यू आपरेशन के दौरान जो हरकत की है वो भी कम जंगली नहीं है। रेस्क्यू आपरेशन का यह वीडियो मौके पर मौजूद एक शख्स ने बनाया और वन विभाग की घोर लापरवाहियों का सच सामने आ गया। एक भालू को पकड़ने के लिए ना सिर्फ जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया बल्कि उसे बड़ी ही बेरहमी से उठाने की कोशिश की जाती रही। इस वीडियो को देखकर वन्य प्राणी से वास्ता रखने वाले जानकार समझ सकते हैं की रायगढ़ वन मंडल के अफसरों की सोच वन्य प्राणियों को लेकर कितनी गंभीर और संवेदनशील है। इस वीडियो को विभागीय मंत्री संज्ञान में लें और उन तमाम अफसरान और कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कारवाही हो जिनके मार्गदर्शन में यह रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया। आपको याद दिला दें की करीब डेढ़ बरस पहले अम्बिकापुर क्षेत्र में आपरेश पद्मावती चलाकर एक घायल हथनी को मशीन के माध्यम से गढ्ढे से बाहर निकाला गया था जिसकी वजह से उसकी रीढ़ की हड्डी टूटने की बात सामने आई थी। विभागीय लापरवाही और जानकारी के अभाव में हुए उस रेस्क्यू आपरेशन में आखिरकार हथनी की मौत हो गई थी। अब विभाग एक नई कहानी लिखने की कूट रचना तैयार करता दिखाई दे रहा है, पकडे गए भालू को खूंखार बताकर उसे पकड़ने का दावा करने वाले अफसर इस संभावना को पहले ही व्यक्त कर चुके हैं की भालू खुद को नुक्सान पहुंचा सकता है। मतलब भालू इस रेस्क्यू आपरेशन के दौरान घोर लापरवाही से घायल हुआ और बाद में उसकी मौत होती है तो कोई दोषी न ठहराया जाए। प्रदेश के वन मंत्री वन्यप्राणियों को लेकर बेहद संजीदा हैं, उन्हें इस मामले में तत्काल कोई ठोस कदम उठाना होगा ताकि वन अफसरों की वन्य प्राणियों के साथ बरती जा रही क्रूरता पर लगाम लग सके।   
विभागीय दावे के अनुसार आदमखोर भालू को ट्रेंकुलाइज करने के लिए रायपुर से डॉक्टर को बुलाया गया था. डॉक्टर के पहुंचने के बाद भालू पर लगातार नजर रखा गया था. विभागीय कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने भालू को चारों ओर घेर रखा था. ताकि मौका मिलने पर भालू को सुरक्षित रूप से बेहोश किया जा सके. इसके बाद सुबह करीब सात बजे जब भालू को देखा गया, तो उसे एक्सपर्ट डॉक्टर ने ट्रेंकुलाइज किया गया. इस दौरान भालू ने कई बार विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर हमला करने की कोशिश की भी.
भालू को पकड़ने के बाद एक पिंजरे में कैद किया गया, फिर खरसिया लाया गया. वहां उपचार के बाद बिलासपुर के कानन पेंडारी भेजा गया. अब इस इलाके के लोग सुकून से इधर-उधर घूम फिर पा रहे है, वरना पहले घर से निकलना भी दुश्वार हो गया था.

बेलगाम रफ्तार, दो व्यवसायियों की दर्दनाक मौत

TODAY छत्तीसगढ़  / महासमुंद के कोसरंगी मोड़ के पास बेलगाम रफ़्तार मौत की वजह बन गई। एक तेज रफ्तार होंडा सिटी कार पेड़ से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई वहीँ कार में सवार राजनांदगांव के दो कारोबारी भाईयों की मौके पर ही मौत हो गई। ये दर्दनाक हादसा आज रविवार सुबह का है जहां एक परिवार की खुशियां मातम में बदलते सिर्फ चंद सेकेण्ड लगे और उसकी वजह बनी सड़क पर बेलगाम रफ्तार । इस भयानक हादसे में कार ड्राइवर को काफी गंभीर चोटें आईं हैं। 
इस दर्दनाक सड़क हादसे के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार घायल कार चालाक को उपचार के लिए महासमुंद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। सड़क हादसे में जान गवाने वाले गौतम भंसाली राजनांदगांव के युगांतर पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर हैं। वहीं उनका छोटा भाई सुशील भंसाली राजनांदगांव शहर के प्रतिष्ठत इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी में से हैं। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इधर घटना की सूचना राजनांदगांव स्थित मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों को दे दी गई। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें
मृतकों के करीबी दोस्त राजनांदगांव निवासी अतुल ने बताया कि भंसाली बंधु किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने आज सुबह खरियार रोड जा रहे थे। वे आज सुबह 5 गाडिय़ों में सवार होकर राजनांदगांव से निकले थे। महासमुंद के पास उनकी कार सड़क हादसे का शिकार हो गई। एक गाड़ी में भंसाली बंधु और दूसरी गाड़ी में परिवार की महिलाएं सवार थीं। 

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