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सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य... विकास का बड़ा रोडमैप तैयार

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / शहर में नागरिक सुविधाओं और अधोसंरचना के विस्तार को लेकर विकास कार्यों को गति दी जा रही है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने शुक्रवार को विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपये के सामुदायिक भवन व स्कूल बाउंड्रीवाल का भूमिपूजन और नवागढ़ी में आठ लाख रुपये के शेड का लोकार्पण किया गया। इस दौरान उन्होंने पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की घोषणा भी की।

हरित क्षेत्र से लेकर शिक्षा-स्वास्थ्य तक विस्तार

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के विकास को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। नागरिकों को बेहतर वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने शहर में आने वाले वर्षों में 10 ऑक्सीजोन विकसित करने की दिशा में काम किए जाने की बात कही।

पंजरी प्लांट में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उपभोक्ता फोरम के पास ऑक्सीजोन और ओपन जिम विकसित करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के लोगों को हरित वातावरण के साथ स्वास्थ्य और व्यायाम की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया और नागरिकों से पौधों की देखभाल का आह्वान किया।

600 करोड़ की रिंग रोड से कम होगा यातायात का दबाव

रायगढ़ शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि रिंग रोड बनने से शहर की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और भविष्य के अधोसंरचना विकास को भी गति मिलेगी।

नालंदा परिसर और नए कालेजों पर जोर

शिक्षा के क्षेत्र में भी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। रायगढ़ में नालंदा परिसर का निर्माण कराया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। इसके अलावा नर्सिंग और फिजियोथेरेपी महाविद्यालय शुरू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रायगढ़ में प्रयास विद्यालय पहले से संचालित है। आने वाले समय में शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में संस्थागत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि जिले के लोगों को बेहतर सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।

दो वार्डों में विकास कार्यों की सौगात

वार्ड क्रमांक 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन और शासकीय स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण का भूमिपूजन किया गया। वहीं वार्ड क्रमांक नौ नवागढ़ी में आठ लाख रुपये की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण हुआ। इन कार्यों से स्थानीय लोगों को सामुदायिक गतिविधियों और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए बेहतर अधोसंरचना मिलेगी।

कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, सुरेश गोयल, पावन अग्रवाल, आशीष ताम्रकार सहित पार्षद, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

संदिग्ध मौत की जांच में हत्या की आशंका सही निकली, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए मृतक की पत्नी और दो विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के बाद हत्या का मामला सामने आया।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई को ग्राम तराईमाल के धनवारपारा स्थित एक किराये के मकान में गनपती लाल भगत (50) का शव मिला था। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। घटनास्थल की परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत से पूछताछ की गई। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का आरोप है कि पैतृक जमीन के अधिग्रहण के बदले मिली मुआवजा राशि, मृतक की कथित शराबखोरी तथा घरेलू विवाद को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव था। पुलिस का दावा है कि 23 जुलाई 2026 को हुए विवाद के बाद पत्नी और दो विधि से संघर्षरत बालकों ने कथित रूप से साड़ी और गमछे से गला घोंटकर गनपती लाल भगत की हत्या कर दी।

पुलिस का यह भी आरोप है कि घटना को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से मृतक की कलाई पर ब्लेड से कट का निशान बनाया गया, ताकि जांच को गुमराह किया जा सके।

पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238 एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी गंगाबाई भगत और दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने न्यायिक व्यवस्था और जेल सुविधाओं का लिया जायजा

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं रायगढ़ जिले के पोर्टफोलियो जज जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने 25 एवं 26 जुलाई 2026 को रायगढ़ जिले के विभिन्न न्यायालयों और जिला जेल का वार्षिक निरीक्षण किया।

आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 25 जुलाई को उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायालय, रायगढ़, बाह्य न्यायालय घरघोड़ा तथा बाह्य न्यायालय खरसिया का निरीक्षण किया। इस दौरान न्यायालयों की कार्यप्रणाली, आधारभूत संरचना, अभिलेखों के संधारण, न्यायिक प्रशासन और अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के दौरान जस्टिस राजपूत ने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों और न्यायालय में उपस्थित पक्षकारों से चर्चा कर उनकी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने न्यायिक कार्यों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन, न्यायालयीन प्रशासन में दक्षता तथा न्यायिक सेवाओं को अधिक सुगम और जनोन्मुखी बनाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

26 जुलाई को जस्टिस राजपूत ने जिला जेल, रायगढ़ का निरीक्षण किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने जेल परिसर में बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता, आवास, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की तथा उनके त्वरित एवं समुचित निराकरण के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, निरीक्षण के दौरान जस्टिस राजपूत ने जेल में बंदियों के लिए तैयार भोजन का स्वयं स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता का भी परीक्षण किया।

आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह निरीक्षण न्यायिक प्रशासन की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने, न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने तथा बंदियों के संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एमएसपी प्लांट से 30 टन लोहे की कथित हेराफेरी का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत एमएसपी प्लांट से करीब ₹14.22 लाख मूल्य के 30 टन एमएस चैनल एवं एमएस बीम की कथित हेराफेरी का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस ने बताया कि 25 नवंबर 2025 को ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ईश्वरी सिंह ने थाना चक्रधरनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, एमएसपी प्लांट, जामगांव से जमशेदपुर भेजे जाने वाले लोहे का माल एक व्यक्ति ने स्वयं को विनोद साहू बताकर वाहन में लोड कराया, लेकिन निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचाया। जांच में कथित रूप से सामने आया कि ड्राइवर की पहचान और प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी थे।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान एमएसपी प्लांट के रिकॉर्ड, लोडिंग दस्तावेज, ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक से पूछताछ की गई। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर भगतपुरी गोस्वामी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने कथित रूप से अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ट्रांसपोर्टर के वाहन का नंबर प्लेट इस्तेमाल कर माल लोड कराने और उसे गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय बेचने की साजिश का खुलासा किया।

पुलिस का दावा है कि घटना में प्रयुक्त ट्रक सहित लगभग 30 टन लोहे का सौदा कथित रूप से करीब ₹7 लाख में किया गया था। मामले में पुलिस राजीव मल्लिक और कथित फर्जी ड्राइवर पुष पुरी गोस्वामी (फर्जी नाम विनोद साहू) की तलाश कर रही है।

प्रकरण में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के अलावा धारा 338 तथा धारा 3(5) भी जोड़ी है। गिरफ्तार आरोपियों में भगतपुरी गोस्वामी (जशपुर), तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख (लोहरदगा, झारखंड), अभय कुमार रवानी और प्रेम कुमार रवानी (धनबाद, झारखंड) शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

वाहन खरीदी-बिक्री और जमीन सौदे के नाम पर धोखाधड़ी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ जिले के तमनार थाना पुलिस ने वाहन खरीदी-बिक्री और जमीन दलाली के नाम पर कथित तौर पर 1.10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 44.40 लाख रुपये की शिकायत से हुई थी, जिसके बाद जांच में कई अन्य कथित पीड़ितों के सामने आने का दावा किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता सद्दाम हुसैन और सुरेश मानिकपुरी ने आरोप लगाया कि कृष्ण कुमार साहू (38), निवासी पड़िगांव, थाना तमनार ने वाहन खरीदी-बिक्री और बाद में जमीन बेचने का भरोसा देकर उनसे रकम ली। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बाद में संबंधित जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पंजीकृत कर दी गई और उनकी राशि वापस नहीं की गई।

पुलिस के अनुसार, सद्दाम हुसैन से 22 लाख रुपये और सुरेश मानिकपुरी से 22.40 लाख रुपये, कुल 44.40 लाख रुपये नकद और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से लिए गए। जांच के दौरान पुरुषोत्तम सिदार, दिनेश शर्मा, संतोष साहू, मनोज सारथी सहित अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिलने का दावा किया गया है।

पुलिस ने बताया कि तमनार थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। आरोपी के कथित मेमोरेंडम के आधार पर धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई एक स्कॉर्पियो और एक बोलेरो वाहन, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है, जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, अब तक 10 से 15 कथित पीड़ितों से 1.10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई है। मामले में अन्य शिकायतों की भी जांच की जा रही है और आरोपी के आर्थिक लेन-देन तथा संपत्तियों की पड़ताल जारी है।

रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि आर्थिक अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

यूपी ले जाई जा रही 26.48 किलो गांजा की खेप जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस ने लैलूंगा थाना क्षेत्र में ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे कथित 26.484 किलोग्राम गांजा के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से गांजा और तस्करी में प्रयुक्त एक आई10 कार सहित कुल 16.24 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है।

पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा नंबर की आई10 कार (OD-15-P-1800) में अवैध गांजा लेकर एक व्यक्ति लैलूंगा-पत्थलगांव मार्ग से उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर कटकलिया-फोकटपारा तिराहा के पास नाकाबंदी की गई।

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास करने पर चालक ने वाहन मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अर्जुन उपाध्याय (24), निवासी कैथापुर, थाना राजा तालाब, जिला वाराणसी (उत्तर प्रदेश) बताया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने ओडिशा से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश ले जाने की बात स्वीकार की।

पुलिस के मुताबिक, एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाशी लेने पर कार से 13 पैकेट में रखा 26.484 किलोग्राम कथित गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत 13.24 लाख रुपये बताई है। साथ ही लगभग 3 लाख रुपये कीमत की आई10 कार भी जब्त की गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना लैलूंगा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले की सीमाओं का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी के लिए नहीं होने दिया जाएगा और ऐसे मामलों में अभियान आगे भी जारी रहेगा।

इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर युवती को ब्लैकमेल करने वाला आरोपी बिहार से गिरफ्तार

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ साइबर थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर एक युवती को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और उससे 13 हजार रुपये वसूलने के मामले में बिहार के मुजफ्फरपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि लैलूंगा थाना क्षेत्र की 23 वर्षीय युवती ने 12 जून 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, करीब छह वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान एक युवक से हुई, जिसने अपना नाम अविनाश उर्फ राजा बताया। बातचीत के दौरान आरोपी ने विश्वास में लेकर युवती से निजी फोटो और वीडियो मंगवाए।

पुलिस का दावा है कि बाद में आरोपी ने युवती को एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर एक्सेस कोड साझा करने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने कथित रूप से मोबाइल का एक्सेस हासिल कर निजी फोटो, वीडियो और संपर्क सूची प्राप्त कर ली। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने इन्हें सोशल मीडिया और परिजनों को भेजने की धमकी देकर युवती से तीन किश्तों में कुल 13 हजार रुपये अपने पेटीएम खाते में ट्रांसफर करा लिए।

मामले में साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर के बेला थाना क्षेत्र से अविनाश चौधरी (20) को गिरफ्तार किया।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने युवती से 13 हजार रुपये लेने की बात स्वीकार की और यह भी बताया कि उसने यूट्यूब के माध्यम से हैकिंग के तरीके सीखे थे। हालांकि, इस कथित स्वीकारोक्ति की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है।

रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने, निजी फोटो-वीडियो साझा करने और किसी के कहने पर APK फाइल डाउनलोड करने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पैसे भेजने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या संबंधित साइबर थाने में शिकायत करें।

₹40.78 करोड़ की कथित धोखाधड़ी मामले में सहारा इंडिया का पूर्व शाखा प्रबंधक गिरफ्तार

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ पुलिस ने विशेष अभियान 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत सहारा इंडिया निवेश घोटाले के मामले में लगभग तीन वर्षों से फरार चल रहे सहारा इंडिया कबीर चौक, रायगढ़ के शाखा प्रबंधक विजय कुमार शराफ (54) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को 20 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि वर्ष 2022 में शिकायतकर्ता विकास निगानिया ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता तथा आरबीआई से अधिकृत होने का भरोसा दिलाकर उनसे, उनकी माता और पत्नी से विभिन्न योजनाओं में निवेश कराया, लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई।

पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि निवेशकों से राशि सहारा इंडिया के नाम पर लेकर विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए। मामले की विवेचना के दौरान जिला प्रशासन, बैंकों, विभिन्न विभागों और निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर कंपनी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, सेक्टर मैनेजरों और क्षेत्रीय अधिकारियों की कथित संलिप्तता सामने आई।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में पूर्व में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है। जांच के दौरान आरोपियों से कंपनी से संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े अभिलेख, संपत्ति संबंधी दस्तावेज तथा कथित तौर पर धोखाधड़ी की रकम से खरीदे गए वाहन भी जब्त किए गए थे।

पुलिस के अनुसार, रायगढ़ सहित अन्य जिलों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों से लगभग ₹40.78 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।

पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी विजय कुमार शराफ के कोतरारोड़ स्थित ससुराल आने की सूचना मिलने पर उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य बताए। उसके कब्जे से कंपनी के फ्रेंचाइजी कार्यालय से संबंधित कुछ दस्तावेज और एमओयू की प्रतियां भी जब्त की गईं।

रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जुआ फड़ पर पुलिस का छापा, बाइक और नगदी समेत सामान जब्त

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में जुआ-सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन अंकुश' के तहत रायगढ़ पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नगदी, दो मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन और जुआ खेलने में प्रयुक्त सामग्री जब्त कर छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार, थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम कठली में बड़े तालाब की मेड़ पर खुड़खुड़िया (झंडी-मुंडी) जुआ खेले जाने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कुछ लोग मौके से भाग निकले, जबकि दिनेश कुमार चौधरी (35), उमाकांत निषाद (25) और कमलेश निषाद (19) को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1,000 रुपये नकद, दो मोटरसाइकिल, एक वीवो मोबाइल फोन, छह खुड़खुड़िया गोटियां, छह झंडी-मुंडी पट्टियां तथा एक बांस की टोकरी जब्त की। तीनों के खिलाफ थाना पुसौर में छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इसी अभियान के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने सुनील इस्पात, चिराईपानी के पास स्टाइगर जुआ खेले जाने की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पंकज शर्मा (27) और रिषभ बाजपेई (23) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 500 रुपये नकद और तीन स्टाइगर गोटियां बरामद कीं। दोनों के खिलाफ भी छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑपरेशन अंकुश के तहत जुआ-सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से ऐसी गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील करते हुए कहा कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

भूमि विवाद में दंपति की हत्या, शव जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  /  धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में दंपति की हत्या कर शव जलाने के सनसनीखेज ब्लाइंड डबल मर्डर का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को मंगल राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55) के जले हुए शव उनके घर के भीतर मिले थे। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की।

जांच के दौरान घटनास्थल पर मिली कथित हत्या में प्रयुक्त टांगी की गंध के आधार पर पुलिस डॉग रूबी ने एक संदिग्ध तक पहुंचने का संकेत दिया। वहीं पूछताछ में मृतक और संदिग्ध परिवार के बीच वर्षों पुराने भूमि विवाद की जानकारी मिली। इसके बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों, एफएसएल रिपोर्ट, ह्यूमन इंटेलिजेंस और पूछताछ के आधार पर श्याम लाल राठिया (32) और उसके भाई जीवन लाल राठिया (48) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2013 में खरीदी गई भूमि को लेकर उनके मन में मृतक के प्रति रंजिश थी। आरोप है कि 14 जुलाई की रात दोनों टांगी लेकर मृतक के घर पहुंचे और पहले मंगल राठिया तथा शोर सुनकर बाहर आई उनकी पत्नी पुनाई बाई पर टांगी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शवों पर कपड़े और अन्य सामान डालकर आग लगा दी तथा घर के दो कमरों में भी आग लगा दी।

पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त टांगी और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद करने का दावा किया है।

इस मामले में धरमजयगढ़ थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि एफएसएल टीम, पुलिस डॉग रूबी और धरमजयगढ़ पुलिस के समन्वित प्रयास से इस ब्लाइंड डबल मर्डर का खुलासा संभव हो सका।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि भूमि विवाद या आपसी रंजिश का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक विवेचना और सशक्त पुलिसिंग के सामने सुनियोजित अपराध भी अधिक समय तक छिप नहीं सकते। 


जिला बदर आदेश तोड़कर रायगढ़ पहुंचा चाहत, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर रायगढ़ पहुंचे चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया। आरोपी ने पुलिस कार्यालय परिसर में हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई की शाम चाहत शुक्ला पुलिस कार्यालय पहुंचा और अपने विरुद्ध बार-बार जिला बदर की कार्रवाई किए जाने को लेकर शोर-शराबा करने लगा। उसके हाथ में कथित तौर पर पेट्रोल से भरी एक प्लास्टिक की बोतल भी थी। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बोतल को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस का कहना है कि समझाइश के बावजूद आरोपी का व्यवहार उग्र बना रहा। शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने उसे बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। 17 जुलाई को उसे एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जारी जेल वारंट के आधार पर जिला जेल रायगढ़ भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य के विरुद्ध वर्ष 2023 से मारपीट सहित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए वर्ष 2024 में उसे पहली बार जिला बदर किया गया था। इसके बाद भी कथित आपराधिक गतिविधियां जारी रहने पर जिला दंडाधिकारी ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत उसे एक वर्ष के लिए रायगढ़ सहित आसपास के कई जिलों की सीमाओं से निष्कासित (जिला बदर) कर दिया था।

पुलिस का आरोप है कि इसके बावजूद आरोपी ने निष्कासन आदेश का उल्लंघन कर रायगढ़ जिले में प्रवेश किया। इस पर उसके विरुद्ध वैधानिक और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।

रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने, लोक शांति भंग करने का प्रयास करने अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। 


72 घंटे में सुलझा अंधा कत्ल, दोस्त ही निकला हत्यारा

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम भकुर्रा में युवक की हत्या के मामले का रायगढ़ पुलिस ने महज 72 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने मृतक के दोस्त भुवनेश्वर यादव (26) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी ने आपसी विवाद के बाद घरेलू शील पत्थर से सिर और गर्दन पर वार कर हत्या की थी।

पुलिस के अनुसार, 12 जुलाई की रात ग्राम भकुर्रा निवासी रामनाथ उर्फ सोनू चौहान (23) का शव उसके घर की परछी में मिला था। शव के पास खून से सना भारी शील पत्थर पड़ा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य, जिनमें एक गमछा भी शामिल था, जब्त किया।

जांच के दौरान डॉग स्क्वाड की मदद ली गई। पुलिस डॉग 'रूबी' ने घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर मृतक के दोस्त भुवनेश्वर यादव की ओर संकेत किया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।

आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन दोनों साथ बैठकर खाना खा रहे थे और शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उसने घर में रखे शील पत्थर से कई वार कर रामनाथ की हत्या कर दी। आरोपी के कब्जे से घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले के त्वरित खुलासे पर लैलूंगा थाना पुलिस, डॉग स्क्वाड और विशेष रूप से डॉग मास्टर आरक्षक वीरेन्द्र अनंत के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

मोबाइल विवाद में पत्नी की पीट-पीटकर हत्या, मोहब्बत गिरफ्तार

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  /  धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के मस्जिदपारा में झाड़ियों के बीच बोरी से ढका महिला का शव मिलने के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतका के पति मोहब्बत चौहान (47) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार 13 जुलाई को मस्जिदपारा स्थित एक बाड़ी परिसर की झाड़ियों में प्लास्टिक की बोरी से ढका 48 वर्षीय राजकुमारी चौहान का शव मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि मृतका और उसका पति पिछले करीब एक वर्ष से वहीं रहकर देखरेख का कार्य कर रहे थे। दोनों शराब के आदी थे और पति अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था।

पुलिस जांच और गवाहों के बयान में सामने आया कि 12 जुलाई की रात पति-पत्नी के बीच मोबाइल फोन को लेकर विवाद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर और सिर पर किसी भारी वस्तु से गंभीर चोट लगने तथा अत्यधिक रक्तस्राव से मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की गई।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसकी पत्नी ने उसका की-पैड मोबाइल किसी के पास गिरवी रख दिया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में उसने लकड़ी के चौड़े पट्टे से पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का पट्टा भी बरामद कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी है और वह पूर्व में अपने ससुर की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में धरमजयगढ़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

एसएसपी ने कहा कि घरेलू हिंसा या पारिवारिक विवाद की आड़ में होने वाले हिंसक अपराधों के प्रति रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, पैसे और गहने भी हड़पे; आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ पुलिस ने 'अभियान संवेदना' के तहत कार्रवाई करते हुए शादी का झूठा झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने, उसके पैसे और गहने हड़पने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार 35 वर्षीय पीड़िता ने 14 जुलाई को महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2025 में शहर की एक दुकान पर सेल्स गर्ल के रूप में काम करने के दौरान उसकी पहचान आरोपी मो. सुल्तान अंसारी उर्फ सुल्तान खान से हुई। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताते हुए शादी का वादा किया और इसी भरोसे पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपी ने महिला के गहने मणप्पुरम फाइनेंस में गिरवी रखवाकर उससे मिले 10 हजार रुपये अपने पास रख लिए। बाद में महिला को पता चला कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं। जब पीड़िता ने विवाह की बात की तो आरोपी ने इनकार कर दिया और कथित तौर पर गुंडों से उठवा देने की धमकी भी दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ट्रेलर चालक है और फरार चल रहा है। इसके बाद महिला थाना और खरसिया पुलिस की संयुक्त टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम बिर्रा में दबिश देकर ट्रेलर चलाते समय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. सुल्तान अंसारी उर्फ सुल्तान खान (34 वर्ष) निवासी पलामू (झारखंड), हाल मुकाम रायगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसका चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय से जुड़े मामलों में रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

शराब के पैसे नहीं दिए तो युवक पर टूट पड़े तीन बदमाश, पुलिस ने दबोचा

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  /  बड़पारा शराब भट्ठी के पास शराब पीने के लिए पैसे मांगकर युवक से मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को रायगढ़ की कोतवाली पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अजमानतीय धाराओं के तहत न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, भरत सिंह ध्रुव (24 वर्ष) निवासी ईतवारी बाजार के पास, बड़पारा ने 13 जुलाई को थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि दोपहर करीब एक बजे वह बड़पारा स्थित शराब भट्ठी में शराब खरीदने गया था। इसी दौरान वहां मौजूद बिट्टू सारथी, अज्जू बनसदा और आकाश चौहान ने उसे रोककर शराब पीने के लिए पैसे मांगे।

जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो तीनों आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और हाथ पकड़कर मुक्कों से मारपीट कर घायल कर दिया।

घंटों में गिरफ्तार हुए आरोपी

पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—

  • आकाश चौहान (19 वर्ष), निवासी चांदनी चौक, गांडा पारा, रायगढ़।
  • अज्जू बनसदा (35 वर्ष), निवासी चमड़ा गोदाम, वार्ड क्रमांक-38, रायगढ़।
  • बिट्टू सारथी (25 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक-11, चांदनी चौक, फारूकी गली, रायगढ़।

पहले भी विवादों में रहे हैं शामिल

पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों की प्रवृत्ति पहले से ही झगड़ा-विवाद करने की रही है। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

रायगढ़ पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी, जबरन वसूली और आम लोगों के साथ मारपीट करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

गार्ड को चाकू मारकर लूटा, फिर फोन-पे से उड़ाए ₹30 हजार... लेकिन बच नहीं पाए

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  /  सूर्योदय प्लांट के एक सुरक्षा गार्ड से लूटपाट कर चाकू से हमला करने वाले तीन आरोपियों को रायगढ़ पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त चाकू, सिम कार्ड और बैंक खाते से जुड़े डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, जशपुर जिले के तपकरा निवासी कुबेर कुमार यादव (25) वर्तमान में सूर्योदय प्लांट कॉलोनी में रहकर सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 14 जुलाई को थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 जुलाई की शाम करीब 4:30 बजे वह कंपनी से तुमीडीह बाजार की ओर पैदल जा रहे थे। कंपनी के मुख्य गेट से कुछ दूरी पर मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया और मोबाइल, पर्स तथा नकदी देने की मांग की।

पीड़ित द्वारा विरोध करने पर एक आरोपी ने चाकू से उनके पेट के पास वार कर घायल कर दिया। इसके बाद आरोपी उनका वीवो T3 मोबाइल, पर्स और अन्य सामान लूटकर फरार हो गए।

फोन-पे से 30 हजार रुपये भी ट्रांसफर

लूट के बाद आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल का इस्तेमाल कर उसके फोन-पे खाते से 30 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। यह डिजिटल ट्रांजेक्शन जांच के दौरान पुलिस के लिए अहम साक्ष्य साबित हुआ।

मुखबिर की सूचना पर तीनों दबोचे गए

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की। मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात में शामिल तीन युवक वेजौन कंपनी, चिराईपानी के पास घूम रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में लिया। पूछताछ और पीड़ित से पहचान कराने पर आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी कुलदीप सिंह के कब्जे से लूटा गया मोबाइल बरामद किया। वहीं जगन्नाथ सोनी उर्फ सोनू की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू, सिम कार्ड और फोन-पे ट्रांजेक्शन से जुड़े बैंक रिकॉर्ड जब्त किए गए।

तीनों आरोपी जेल भेजे गए

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई— कुलदीप सिंह (33 वर्ष), निवासी बेला झरिया, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, वर्तमान में पूंजीपथरा। जगन्नाथ सोनी उर्फ सोनू (21 वर्ष), निवासी ग्राम कचकोबा, थाना तमनार और अनिकेत धनवार (19 वर्ष), निवासी ग्राम कसडोल, थाना तमनार शामिल हैं।  पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पूर्व में भी दर्ज है आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह पहले भी ट्रेलर वाहन चोरी के मामले में आरोपी रह चुका है। पुलिस अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में भी उसकी जानकारी जुटा रही है।

सरकारी नौकरी का झांसा, फर्जी मार्कशीट का खेल और फिर गिरफ्तारी

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस ने ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) भर्ती में कथित तौर पर फर्जी अंकसूची के जरिए नौकरी दिलाने और लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार चल रहे आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया, जहां पूछताछ के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, मामला वर्ष 2023 में भारतीय डाक विभाग की ग्रामीण डाक सेवक भर्ती से जुड़ा है। जांच के दौरान यह सामने आया कि सक्ती निवासी एक अभ्यर्थी और जांजगीर-चांपा निवासी एक अन्य अभ्यर्थी ने आवेदन के साथ 10वीं की अंकसूचियां प्रस्तुत की थीं। इन अंकों के आधार पर दोनों का चयन भी हो गया था।

हालांकि, नियुक्ति से पहले दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान संबंधित अंकसूचियों की पुष्टि तमिलनाडु बोर्ड से कराई गई। पुलिस के अनुसार, बोर्ड ने बताया कि प्रस्तुत अंकसूचियां उसके रिकॉर्ड में जारी नहीं की गई थीं। इसके बाद डाक विभाग की शिकायत पर रायगढ़ सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान गिरफ्तार दोनों अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर बताया कि उनकी मुलाकात कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई थी, जिसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये की मांग की। पुलिस का दावा है कि एक अभ्यर्थी ने आरोपी को 3.5 लाख रुपये दिए थे, जबकि दूसरी अभ्यर्थी ने नियुक्ति के बाद भुगतान करने की सहमति जताई थी।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने दोनों को कथित तौर पर फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराईं, जिनका इस्तेमाल भर्ती प्रक्रिया में किया गया। दस्तावेज सत्यापन में अनियमितता सामने आने के बाद दोनों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं। इस मामले में दोनों अभ्यर्थियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी घटना के बाद से फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने कोरबा में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है, ऐसा पुलिस का दावा है।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित फर्जीवाड़े में अन्य लोग या कोई संगठित नेटवर्क शामिल था या नहीं। 


पुलिस ने 21 चोरी की बाइक बरामद कर वाहन चोर गिरोह का किया भंडाफोड़

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच कथित सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब नौ लाख रुपये मूल्य की 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत 11 जुलाई को कमला नेहरू गार्डन के सामने से चोरी हुई एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल की जांच से हुई। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मेडिकल कॉलेज रोड पर दो युवक चोरी की बाइक बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं।

सूचना के आधार पर थाना चक्रधरनगर पुलिस ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अनिल मिश्रा और अमृत बहादुर के रूप में हुई। पुलिस का कहना है कि दोनों ने पूछताछ में अपने अन्य साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय के साथ मिलकर वाहन चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ में रायगढ़, कोरबा, सक्ती जिले के डभरा और मालखरौदा क्षेत्र, तथा ओडिशा के बरगढ़ सहित अन्य इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी करने की जानकारी मिली। आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी संगठित तरीके से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इसी आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल मिश्रा (38), बोलो निषाद (38), अमृत बहादुर (37), चंद्रकुमार तिवारी (37) और चंदन राय (24) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दो अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह भीड़भाड़ वाले स्थानों की पहले रेकी करता था और मुख्य रूप से हीरो स्प्लेंडर तथा एचएफ डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाता था। चोरी के बाद वाहनों के लॉक तोड़कर उन्हें अन्य जिलों और राज्यों में बेच दिया जाता था।

रायगढ़ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दो आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस ने नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, सिटी कोतवाली क्षेत्र के दरोगा पारा स्थित एक निर्माणाधीन मकान में नाबालिग बालिका के साथ कथित आपत्तिजनक कृत्य की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। संदिग्ध व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने लाया गया।

इसके बाद 11 जुलाई को पीड़िता की मां ने महिला थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने लफ्फू उर्फ विजय सारथी (38), निवासी दरोगा पारा, रायगढ़ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना संवेदनशीलता के साथ सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।

रायगढ़ पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 'अभियान संवेदना' के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। 

रायगढ़ पुलिस के अनुसार महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जुआ फड़ पर छापा, पांच गिरफ्तार; नकदी और आठ दोपहिया वाहन जब्त

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन अंकुश' के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने ग्राम उदउदा में कथित जुआ फड़ पर छापा मारकर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मौके से नकद राशि, ताश के पत्ते और आठ दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि रविवार शाम सूचना मिली थी कि ग्राम उदउदा के पास आम रास्ते पर कुछ लोग हार-जीत की बाजी लगाकर 'काट-पत्ती' नामक जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर एसडीओपी धरमजयगढ़ के निर्देशन में थाना प्रभारी राजेश जांगड़े के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर कार्रवाई की।

पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान उमेश देवनाथ, कालीचरण साह, मधुसूदन मंडल, सुशांत दास और ओमप्रकाश यादव को कथित रूप से जुआ खेलते हुए पकड़ा गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने ₹17,650 नकद, 52 पत्ती ताश, जुआ फड़ में इस्तेमाल किया जा रहा बोरी का टुकड़ा तथा मौके पर खड़े आठ दोपहिया वाहन जब्त किए।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा उन पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

रायगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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