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वेदांता प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट: 12 मजदूरों की मौत, 17 से अधिक झुलसे


सक्ति ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस दर्दनाक हादसे में 12 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर हादसे के बाद जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से हालात अब नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया, जिससे घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका। इस बीच घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।  

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर करीब 2 बजे प्लांट परिसर में अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट इतना भीषण था कि पास में काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मजदूर इधर-उधर भागते नजर आए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। अस्पतालों में भी आपात स्थिति घोषित कर अतिरिक्त डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है। परिजन अस्पतालों और प्लांट परिसर के बाहर अपने परिजनों की जानकारी के लिए भटकते नजर आए।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी करते हुए संबंधित विभागों को जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही प्लांट प्रबंधन से भी सुरक्षा मानकों की जानकारी मांगी गई है।

प्राथमिक जांच में बॉयलर में तकनीकी खराबी या अत्यधिक दबाव को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाकर तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। 

सीएम ने दिए सख्त जांच के आदेश 

वेदांता लिमिटेड पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिलासपुर संभाग के आयुक्त को पूरे मामले की विस्तृत जांच सौंप दी गई है। शासन स्तर पर इस घटना को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया गया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार ने यह भी कहा है कि घटना की हर पहलू से जांच की जाएगी, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। मुख्यमंत्री ने हादसे में प्रभावित मजदूरों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। सरकार द्वारा घायलों के समुचित उपचार और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन को राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रखने के लिए कहा गया है। 

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी हादसे पर गहरी संवेदना जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों को हर संभव मदद की बात कही है। 

कांग्रेस नेता टी.एस. सिंह देव ने कहा, "रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इस वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। यह संख्या बढ़ भी सकती है। यह बेहद दुखद है। हमें उम्मीद है कि सरकार और प्रशासन प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुँचाने और उन्हें उचित आर्थिक सहायता देने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हमें इस दुर्घटना के कारणों की भी जाँच करनी चाहिए। ऐसी फैक्ट्रियों की सभी यूनिट्स का निरीक्षण किया जाना चाहिए ताकि यह पता चल सके कि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं..." 

अंबेडकर जयंती: संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि, समानता और शिक्षा का संदेश दिया


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / भारत के संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को शहर में श्रद्धा और सम्मान के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर कन्या महाविद्यालय तिराहा के सामने स्थित बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव , महापौर पूजा विधानी ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बाबा साहेब अम्बेडकर के जीवन, संघर्ष और विचारों को याद करते हुए समाज के प्रति उनके योगदान को रेखांकित किया। सांसद तोखन साहू ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, जिसने सभी नागरिकों को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान किया। उन्होंने लोगों से बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर समानता और भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की।

इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, पूर्व महापौर किशोर राय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। 

1 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप जब्त


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर संचालित बड़े साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य संचालकों समेत कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई, जिसमें साइबर थाना और महिला थाना की संयुक्त टीम ने दरोगापारा स्थित दो केंद्रों पर छापेमारी की। 

पुलिस जांच में सामने आया कि निधि परिवहन केंद्र और श्रीमती शांति देवी शिक्षा सोसायटी केंद्र में बाहर से लाइसेंस और दस्तावेज बनाने का काम दिखाया जाता था, जबकि अंदर फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के लोगों से ठगी की जा रही थी। आरोपी यूट्यूब चैनल, फेक प्रोफाइल और कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को शादी के नाम पर फंसाते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए रकम वसूली जाती थी। जांच में यह खुलासा हुआ कि गिरोह वर्ष 2022 से सक्रिय था और अब तक 7,693 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। आरोपियों द्वारा करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की ठगी किए जाने की पुष्टि हुई है। 

पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 55 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर, 3 बैंक खाते जब्त किए हैं। इसके साथ ही लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ और फर्जी सील-मुहर के उपयोग के साक्ष्य भी मिले हैं। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है, जिसमें धोखाधड़ी, कूट रचना, संगठित अपराध और आईटी एक्ट की धाराएं शामिल हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य लिंक की भी जांच कर रही है। 

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कपिल गर्ग, जिसकी लोक सेवा केंद्र आईडी निरस्त हो चुकी थी, ने इस फर्जी नेटवर्क की शुरुआत की। उसके साथ हिमांशु मेहर और अन्य सहयोगी लंबे समय से इस गिरोह को संचालित कर रहे थे। 


“हुक्का बार फिर सक्रिय”, कांग्रेस का आरोप—राज्य में बढ़ी नशाखोरी


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में नशाखोरी और हुक्का बारों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था और नशा नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो एक फार्महाउस का बताया जा रहा है। वीडियो में युवक-युवतियां बॉलीवुड के गाने पर हुक्का पार्टी करते हुए रील बनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो को इंडियन नेशनल कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। 

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राज्य में नशाखोरी खुलेआम बढ़ रही है और इसके बावजूद सरकार ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल दिखावटी कदम उठा रही है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर नशे के खिलाफ प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा।

“भाजपा शासन में फिर बढ़े हुक्का बार”

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में राज्य से हुक्का बारों को खत्म कर दिया गया था, लेकिन वर्तमान में भाजपा सरकार के दौरान ये फिर से सक्रिय हो गए हैं। उनका कहना है कि हुक्का और नशे के अड्डे तेजी से बढ़ रहे हैं और इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।

“युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा”

कांग्रेस का आरोप है कि राज्य की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है और सरकार इस गंभीर समस्या पर नियंत्रण करने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसके दूरगामी सामाजिक परिणाम सामने आ सकते हैं।

 सरकार की ओर से संभावित रुख

हालांकि इस मामले में भाजपा सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है, लेकिन पूर्व में सरकार द्वारा नशे के खिलाफ अभियान चलाने और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने के दावे किए जाते रहे हैं। नशाखोरी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर शुरू हुई यह बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है। यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बनता नजर आ रहा है, जिसमें दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। 


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