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धोखाधड़ी: 20 एकड़ जमीन की बिक्री का झांसा, रजिस्ट्री नहीं हुई तो खुला शासकीय पट्टे का राज

बिलासपुर / TODAY छत्तीसगढ़  / जमीन बेचने के नाम पर 45.21 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने धमनी गांव में स्थित 20 एकड़ जमीन को अपना बताकर सौदा किया, जबकि वह शासकीय पट्टे की भूमि थी और उससे संबंधित प्रकरण राजस्व न्यायालय में लंबित था। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को 26 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

अलग-अलग माध्यमों से लिए 45.21 लाख रुपये

पुलिस के अनुसार, सरकंडा की विजयापुरम कॉलोनी निवासी दीपक सोनी ने 24 अक्टूबर को सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि महर्षि स्कूल रोड, मंगला स्थित नीता डेयरी और गीतांजलि पार्क के पहले धमनी गांव में करीब 20 एकड़ जमीन का सौदा कराया गया था।

यह सौदा सैय्यद शमशाद अली और उसकी पत्नी कमरूनिशा के नाम से बताई गई जमीन के संबंध में सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे के माध्यम से तय हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार, जमीन खरीदने के लिए अलग-अलग किस्तों में कुल 45 लाख 21 हजार रुपये ऑनलाइन, RTGS और नकद माध्यम से दिए गए।

रजिस्ट्री और सीमांकन के नाम पर टालमटोल

शिकायत के मुताबिक, रकम देने के बाद जब जमीन का सीमांकन कराकर रजिस्ट्री करने को कहा गया, तो आरोपियों ने दस्तावेज तैयार कराने की बात कही। काफी समय बीतने के बाद भी सीमांकन और रजिस्ट्री नहीं हुई। जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगने पर भी कथित तौर पर टालमटोल की जाती रही।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने स्वयं ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच कराई। इसमें जमीन शासकीय पट्टे की होने की जानकारी सामने आई। पुराने राजस्व रिकॉर्ड की जांच में यह भी पता चला कि भूमि से संबंधित मामला राजस्व न्यायालय में लंबित था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन की स्थिति की जानकारी होने के बावजूद आरोपियों ने बेईमानी की नीयत से सौदा किया और रकम लेकर धोखाधड़ी की। शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 1472/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर टीम गठित कर आरोपियों की तलाश की गई। पुलिस ने उनके ठिकानों पर दबिश देकर हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

  • सैय्यद शमशाद अली (71 वर्ष): निवासी शीतला मंदिर के पास, तालापारा, थाना सिविल लाइन।

  • सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे (42 वर्ष): निवासी कड़ार, थाना चकरभाठा।

DGP ने किया नए पुलिस भवनों का लोकार्पण, रतनपुर-पचपेड़ी में ई-मालखाने शुरू

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में पुलिस की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए नए भवनों और ई-मालखानों की शुरुआत की गई है। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने 26 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन स्थित नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) कार्यालय के नए भवन, पचपेड़ी के नए थाना भवन और वहां बने ई-मालखाने का लोकार्पण किया। रतनपुर में भी ई-मालखाने का उद्घाटन किया गया।

यह पहल पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस के अनुसार, नई सुविधाओं से अधिकारियों-कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा और नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में सहूलियत होगी।

तीन प्रमुख सुविधाओं का लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान इन सुविधाओं की शुरुआत की गई:

  • सिविल लाइन: नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का नया भवन।

  • पचपेड़ी: नया थाना भवन और ई-मालखाना।

  • रतनपुर: ई-मालखाना।

नए थाना भवन से पुलिस के दैनिक कामकाज और नागरिकों से जुड़ी सेवाओं के संचालन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

ई-मालखाने से जब्त संपत्ति का प्रबंधन होगा बेहतर

रतनपुर और पचपेड़ी में ई-मालखाने शुरू होने से पुलिस मामलों में जब्त संपत्ति और अन्य संबंधित सामग्री का सुरक्षित एवं व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी। डिजिटल प्रबंधन से अभिलेखों की निगरानी, संपत्ति के रखरखाव और जवाबदेही को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थानों में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाना और बुनियादी पुलिसिंग को मजबूत करना इस पहल का अहम हिस्सा है।

जिले में पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर

बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में पुलिस अधोसंरचना और तकनीकी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जिले में विभिन्न पुलिस कार्यालयों, आवासीय भवनों और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रक्षित केंद्र, CSP कार्यालय, आईयूसीए कार्यालय, बालक विरुद्ध अपराध अनुसंधान इकाई, पचपेड़ी थाना, केंदा चौकी और अधिकारियों-कर्मचारियों के आवास सहित कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या प्रक्रियाधीन हैं।

आगे भी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा

पुलिस विभाग के अनुसार, DGP अरुण देव गौतम ने जिले में पुलिस के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे भी सहयोग का भरोसा दिया। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, DIG एवं SSP रजनेश सिंह, SDOP कोटा नुपुर उपाध्याय, थाना स्टाफ मौजूद रहे।

‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ का संदेश, रेलकर्मियों ने लिया भ्रष्टाचार-मुक्त कार्य संस्कृति का संकल्प

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में सोमवार से सतर्कता जागरूकता सप्ताह की शुरुआत हुई। यह अभियान आज 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान रेलकर्मियों को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

केंद्रीय सतर्कता आयोग के मार्गदर्शन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सतर्कता विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य रेलवे के कामकाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करना और संगठन के साथ-साथ समाज में भी भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण को बढ़ावा देना है।

महाप्रबंधक ने दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथ

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी कार्यालयों और स्टेशनों पर एक साथ सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई। बिलासपुर स्थित रेलवे मुख्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, निष्पक्षता तथा पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प दिलाया।

महाप्रबंधक ने कहा कि सत्यनिष्ठा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि प्रत्येक रेलकर्मी के आचरण और कार्य संस्कृति की पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कार्य के प्रत्येक क्षेत्र में नैतिक मूल्यों का पालन करने और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने पर जोर दिया।

‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ का दिया संदेश

इस वर्ष के अभियान में ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ के संदेश को प्रमुखता दी जा रही है। शपथ कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों और हितधारकों ने नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

अभियान के माध्यम से कर्मचारियों को अपने कार्यों में निष्पक्षता बनाए रखने, निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता अपनाने और संगठन के प्रति जवाबदेह रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

पारदर्शी और जिम्मेदार रेल सेवा पर जोर

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, सतर्कता जागरूकता सप्ताह शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण के महत्व को रेखांकित करता है। रेलवे का लक्ष्य इन मूल्यों को कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाकर यात्रियों और अन्य हितधारकों को ईमानदार, जिम्मेदार तथा पारदर्शी रेल सेवाएं उपलब्ध कराना है।

सप्ताह भर चलने वाली जागरूकता गतिविधियों के जरिए रेलकर्मियों और संबंधित हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि सत्यनिष्ठा की संस्कृति को संगठन के प्रत्येक स्तर पर मजबूत किया जा सके। 


बिलासपुर। रेल यात्रियों को अधिक कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली शालीमार–एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन में एक अतिरिक्त एसी-3 और एक अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा देने का निर्णय लिया है।

रेलवे के अनुसार, अतिरिक्त कोच निर्धारित अवधि में ही लगाए जाएंगे। इससे संबंधित तारीखों पर इस ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध हो सकेंगी।

एसी-3 कोच की सुविधा इन तारीखों में

  • गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार–एलटीटी एक्सप्रेस): 28 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक।

  • गाड़ी संख्या 18029 (एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस): 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक।

स्लीपर कोच की सुविधा कब मिलेगी?

  • गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार–एलटीटी एक्सप्रेस): 2 से 4 नवंबर 2026 तक।

  • गाड़ी संख्या 18029 (एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस): 4 से 6 नवंबर 2026 तक।

यात्रियों को मिलेगी राहत

रेलवे प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त कोच लगाने का उद्देश्य यात्रियों की यात्रा सुविधा बेहतर करना और अधिक लोगों को कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराना है। यात्रियों को सलाह है कि टिकट बुक करने से पहले संबंधित तारीख पर कोच की उपलब्धता और आरक्षण की स्थिति की पुष्टि कर लें।


जयपुर, जमशेदपुर और कोलकाता के बीच सफर होगा आसान, नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू

नई दिल्ली/जयपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में नई रेल सेवा की शुरुआत की गई है। जयपुर (खातीपुरा)-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन को सोमवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर ट्रेन को रवाना किया।

नई ट्रेन सेवा से जयपुर, जमशेदपुर और कोलकाता के बीच रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे प्रवासी श्रमिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और विभिन्न राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही रोजगार, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

झारखंड में रेलवे परियोजनाओं पर 75 हजार करोड़ रुपये खर्च

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने झारखंड में रेलवे के विकास से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में रेलवे बजट का आवंटन पहले के 450 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,500 करोड़ रुपये हो गया है। यह पूर्व आवंटन की तुलना में लगभग 16 गुना है। उन्होंने कहा कि झारखंड में करीब 75,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

रेल मंत्री के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें गोड्डा, गोविंदपुर रोड, लोहरदगा, मधुपुर और मुरी सहित कई स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है।

देशभर में 1,300 से अधिक स्टेशनों का पुनर्विकास

रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर में 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चुना गया है। पश्चिम बंगाल के सांतरागाछी, जलपाईगुड़ी रोड, जयचंडी पहाड़, हल्दिया और कामाख्यागुड़ी सहित कई स्टेशनों पर भी विकास कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि रेलवे आम लोगों, विशेषकर मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किफायती परिवहन का प्रमुख साधन है। ऐसे में स्टेशनों का आधुनिकीकरण और रेल कनेक्टिविटी में सुधार यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगा।

हावड़ा-टाटानगर रेलखंड पर चार लाइनें बिछाने का काम जारी

रेल मंत्री ने बताया कि हावड़ा, खड़गपुर, चाकुलिया और टाटानगर को जोड़ने वाले रेलखंड पर चार लाइनें बिछाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा कोलकाता मेट्रो के बेलघाटा-आईटी सेंटर से संबंधित 4.5 किलोमीटर लंबे सेक्शन का निर्माण पूरा हो चुका है और इस पर ट्रायल रन शुरू हो गए हैं। इस सेक्शन से ग्रीन लाइन की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पश्चिम बंगाल के रेल बजट में भी बढ़ोतरी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से 2014 के दौरान पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे बजट का औसत वार्षिक आवंटन 4,380 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026-27 में बढ़कर 14,205 करोड़ रुपये हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे बजट में बढ़ोतरी से राज्य में रेल अवसंरचना के विकास और कनेक्टिविटी में सुधार को गति मिलेगी। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष, महापौर सुनील कोठारी, सांसद विद्युत बरन महतो, सांसद मंजू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत को पांच राज्यों के बीच यात्री आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सिर्फ 45 पैसे में 10 लाख का बीमा! रेलवे यात्रियों के लिए 27 अक्टूबर से नई सुविधा

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए 27 अक्टूबर 2026 से नई सुविधा शुरू होने जा रही है। अब रेलवे के यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) काउंटर से आरक्षित टिकट लेने वाले यात्री भी वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना (OTIS) का लाभ ले सकेंगे। अब तक यह सुविधा ई-टिकट बुकिंग के दौरान उपलब्ध थी। रेलवे के अनुसार, निर्धारित शर्तों के तहत मात्र ₹0.45 प्रति यात्री के प्रीमियम पर ₹10 लाख तक का बीमा कवर मिल सकता है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुताबिक, यह सुविधा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 6 अक्टूबर 2026 के निर्देशों के अनुपालन में शुरू की जा रही है। सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS), IRCTC के समन्वय से इसके लिए जरूरी तकनीकी व्यवस्था और सिस्टम एकीकरण कर रहा है।

बीमा लेना अनिवार्य नहीं, यात्री की सहमति जरूरी

यात्रा बीमा पूरी तरह वैकल्पिक होगा। आरक्षण काउंटर पर कर्मचारी यात्रियों को इसकी जानकारी देंगे और उनकी सहमति दर्ज करेंगे। बीमा लेने के लिए यात्री को विकल्प चुनना होगा, मोबाइल नंबर देना होगा और निर्धारित प्रीमियम का डिजिटल माध्यम से भुगतान करना होगा।

मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। यात्री का विवरण सही दर्ज किया जाएगा, ताकि बीमा कंपनी को आवश्यक जानकारी भेजी जा सके। पॉलिसी से संबंधित जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी।

किन परिस्थितियों में कितना मिलेगा बीमा कवर?

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पॉलिसी की शर्तों, प्रावधानों और अपवर्जनों के अधीन बीमा कवर इस प्रकार निर्धारित है:

स्थितिनिर्धारित बीमा कवर
मृत्यु₹10 लाख
स्थायी पूर्ण दिव्यांगता₹10 लाख
स्थायी आंशिक दिव्यांगता₹7.50 लाख
चोट लगने पर अस्पताल में भर्ती का खर्च₹2 लाख तक
पार्थिव शरीर के परिवहन का खर्च₹10,000 तक

बीमा कवर पात्र रेल दुर्घटनाओं और पॉलिसी में निर्धारित अन्य अप्रिय घटनाओं की स्थिति में लागू होगा। दावा पॉलिसी की शर्तों और संबंधित प्रावधानों के अनुसार ही स्वीकार किया जाएगा।

प्रीमियम 45 पैसे, डिजिटल भुगतान जरूरी

रेलवे के अनुसार, 17 फरवरी 2024 से लागू प्रीमियम ₹0.45 प्रति यात्री, सभी करों सहित, निर्धारित है। काउंटर से टिकट बुक कराते समय यात्री लागू प्रीमियम की पुष्टि कर लें। बीमा तभी जारी होगा, जब यात्री इसे चुनकर निर्धारित भुगतान प्रक्रिया पूरी करेगा।

किन यात्रियों को मिल सकता है लाभ?

योजना के तहत पात्र भारतीय रेल यात्रियों को बीमा सुविधा उपलब्ध है, जिनकी आरक्षण स्थिति कन्फर्म, RAC या आंशिक रूप से कन्फर्म है। बिना बर्थ या सीट के यात्रा करने वाले पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे इस बीमा कवर में शामिल नहीं हैं।

पॉलिसी में निर्धारित शर्तों के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में डायवर्ट की गई पात्र ट्रेनों, VIKALP योजना के तहत आवंटित ट्रेनों और रेलवे की ओर से उपलब्ध कराए गए वैकल्पिक परिवहन पर भी बीमा सुरक्षा के प्रावधान लागू हो सकते हैं। यात्रियों को पात्रता और अपवर्जनों की पूरी जानकारी के लिए पॉलिसी दस्तावेज देखना चाहिए।

कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, आरक्षण पर्यवेक्षकों और काउंटर कर्मचारियों को नई व्यवस्था के बारे में जरूरी जानकारी दी जाएगी। मंडल रेल प्रबंधक और वाणिज्य विभाग के अधिकारी इसके क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। तकनीकी या परिचालन संबंधी समस्या होने पर CRIS और IRCTC को सूचित किया जाएगा।

बीमा दावे रेलवे नहीं, कंपनी निपटाएगी

बीमा पॉलिसी जारी करने और पात्र दावों का निपटारा करने की जिम्मेदारी संबंधित बीमा कंपनी की होगी। बीमा से जुड़ी पूछताछ या दावा करने के लिए यात्रियों को पॉलिसी में दिए गए विवरण के अनुसार सीधे बीमा कंपनी से संपर्क करना होगा। रेलवे और IRCTC बीमा दावों का निपटारा नहीं करते।

अब सीधी जिले तक पहुंचेगी रेल! 65 किमी का रीवा-चुरहट रेलखंड शुरू

रीवा / TODAY छत्तीसगढ़  /  विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। सतना–देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर और रीवा–चुरहट के 65 किलोमीटर लंबे रेलखंडों का 24 अक्टूबर 2026 को शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में देवेंद्रनगर–चुरहट नई यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेल मंत्री कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

दोनों रेलखंडों के शुरू होने से खास तौर पर सीधी जिले के लोगों को रेल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों के लिए आवागमन आसान होने के साथ ही उद्योगों, किसानों और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

₹1,943 करोड़ से तैयार हुए दोनों रेलखंड

ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना के तहत सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड का निर्माण करीब ₹873 करोड़ की लागत से किया गया है। इसकी लंबाई लगभग 53 किलोमीटर है। फुलवारी से देवेंद्रनगर के बीच अंतिम 8 किलोमीटर का काम पूरा होने के बाद यह रेलखंड परिचालन के लिए तैयार हुआ।

वहीं, रीवा–चुरहट के बीच करीब 65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन लगभग ₹1,070 करोड़ की लागत से बनाई गई है। रामपुर नैकिन से चुरहट तक लगभग 22.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ परियोजना का यह हिस्सा भी पूरा हो गया। चुरहट तक रेल संपर्क बनने से सीधी जिले के लोगों को देश के रेल नेटवर्क से जुड़ने का नया विकल्प मिला है।

रेल मंत्री बोले- शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच होगी आसान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास के नए अवसर खुलेंगे। इससे शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

रेल मंत्री के मुताबिक, मध्य प्रदेश में करीब ₹1 लाख करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी लाइन तथा आमान परिवर्तन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इनके पूरा होने से भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ मेमू और इंटरसिटी जैसी छोटी दूरी की रेल सेवाएं बढ़ाने की संभावनाएं बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया क्षेत्र के लिए दिवाली का उपहार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल कनेक्टिविटी को विंध्य और बुंदेलखंड के लोगों के लिए दिवाली का उपहार बताया। उन्होंने कहा कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत करेगी। इससे ललितपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, रेल संपर्क बेहतर होने से किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने, उद्योगों को माल परिवहन और युवाओं को शिक्षा व रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। इससे पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

सीधी जिले को रेल संपर्क से मिलेंगे नए अवसर

रीवा–चुरहट रेलखंड से सीधी जिले के नागरिकों को सतना और रीवा के रास्ते रेल सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और नौकरीपेशा लोगों को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने के लिए नया परिवहन विकल्प मिलेगा।

क्षेत्र में चूना पत्थर और अन्य खनिजों की उपलब्धता तथा सीमेंट उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए रेल संपर्क माल ढुलाई को भी आसान बना सकता है। इससे औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

उद्योगों और किसानों को फायदा

सतना और आसपास के क्षेत्रों में सीमेंट तथा अन्य खनिज आधारित उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई रेल लाइन से सीमेंट, क्लिंकर और दूसरे माल के परिवहन को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने और उद्योगों की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बेहतर करने की संभावनाएं हैं।

देवेंद्रनगर, नागौद और पन्ना क्षेत्र के किसानों तथा ग्रामीण व्यापारियों को भी बड़े बाजारों तक पहुंचने के नए विकल्प मिलेंगे। कृषि उपज, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प के परिवहन से व्यापार, वेयरहाउसिंग और अन्य सहायक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को 

विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के कई पर्यटन स्थल हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पन्ना, खजुराहो और रीवा सहित आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

सफेद बाघ सफारी मुकुंदपुर, चचाई और बहुती जलप्रपात, रीवा किला तथा गोविंदगढ़ जैसे स्थलों की यात्रा में सुविधा बढ़ने से पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर स्थानीय परिवहन, होटल, गाइड, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारों को भी लाभ मिल सकता है।

पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

रेल मंत्री ने परियोजना से जुड़े पौधरोपण कार्यों की निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित रेलवे अधिकारियों और जिला प्रशासन को लगाए गए पौधों का निरीक्षण करने तथा उनके जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर नए पौधे लगाने की बात भी कही।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

चुरहट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और सीधी सांसद राजेश मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नागौद रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह और खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

कार की सीट के नीचे छिपाई थी अफीम, पुलिस ने युवक को पकड़ा

 
रायगढ़ । TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पुलिस ने कथित तौर पर अफीम बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ढिमरापुर चौक के पास एक ब्रेजा कार की तलाशी के दौरान 47 ग्राम अफीम बरामद हुई। जब्त अफीम की कीमत करीब 10 हजार रुपये और कार की कीमत लगभग आठ लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने कुल 8.10 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

यह कार्रवाई मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत की गई। मामले में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

रायगढ़ पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 25 अक्टूबर को सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी को सूचना मिली थी कि ढिमरापुर चौक के पास एक युवक सिल्वर रंग की ब्रेजा कार में अफीम रखकर उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है।

सूचना के आधार पर उपनिरीक्षक विजय कुमार एक्का के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने संदिग्ध कार के पास मौजूद युवक को पकड़ा। उसकी पहचान अमरजीत सिंह (20), निवासी रामभांठा, जगतपुर, रायगढ़ के रूप में हुई।

ड्राइवर सीट के नीचे मिली अफीम

पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान कार की ड्राइवर सीट के नीचे काले रंग की प्लास्टिक पन्नी में रखी 47 ग्राम अफीम मिली। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अफीम एक ट्रक चालक से खरीदने की बात बताई।

पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में अफीम और सिल्वर रंग की ब्रेजा कार जब्त की। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 10 हजार रुपये बताई गई है, जबकि कार की कीमत करीब आठ लाख रुपये आंकी गई है।पुलिस ने अमरजीत सिंह के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 18(ग) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी: एसएसपी

रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से नशे के अवैध कारोबार से संबंधित जानकारी पुलिस को देने की अपील की।

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