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शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो कर दी ऐसी हैवानियत! युवक का कान दांत से काटकर किया अलग

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर ज़िले में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है, जिस पर शराब के लिए पैसे न देने के विवाद में एक युवक का कान दांत से काटकर अलग कर देने का आरोप है.

मल्हार पुलिस चौकी (थाना मस्तूरी) के मुताबिक़, शिकायत मिलने के चंद घंटों के भीतर ही अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है. पकड़े गए अभियुक्त की पहचान 43 वर्षीय मोहित कुर्रे (निवासी- किसान परसदा) के रूप में हुई है.

शादी समारोह के दौरान हुआ विवाद

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 जून 2026 की है. मल्हार के धनगवां निवासी 26 वर्षीय मनिकेश पाटले ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि वह गांव में ही भरत पाटले के घर चल रहे एक शादी समारोह में शामिल होने गया था. वहां अभियुक्त मोहित कुर्रे भी मौजूद था.

आरोप है कि समारोह के दौरान मोहित कुर्रे ने मनिकेश से शराब पीने के लिए पैसों की मांग की. जब मनिकेश ने पैसे देने से साफ़ इनकार कर दिया, तो मोहित ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी.

शिकायत के मुताबिक़, विवाद इतना बढ़ा कि मोहित ने मनिकेश के साथ मारपीट की और गुस्से में आकर उसका कान दांत से बुरी तरह काट लिया, जिससे कान कटकर अलग हो गया.

चंद घंटों में पुलिस की गिरफ़्त में अभियुक्त

इस अमानवीय घटना के बाद घायल मनिकेश ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई और अगली सुबह मल्हार पुलिस चौकी पहुंचकर मामले की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज़ कराई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एफ़आईआर (FIR) दर्ज़ की और अभियुक्त की तलाश शुरू कर दी. पुलिस टीम ने दबिश देकर अभियुक्त मोहित कुर्रे को धनगवां गांव से ही गिरफ़्तार कर लिया.

काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभियुक्त को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

शादी का झांसा देकर कथित यौन शोषण का मामला, सूरज गिरफ़्तार

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर शहर की तोरवा पुलिस ने एक 34 वर्षीय युवक को गिरफ़्तार किया है. उस पर एक युवती को शादी का झूठा भरोसा देकर कथित तौर पर यौन संबंध बनाने और बाद में शादी से मुकरने का आरोप है.

पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त का नाम सूरज यादव है, जो सरकंडा थाना क्षेत्र के अशोक नगर (पानी टंकी के पास) का रहने वाला है. अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

तोरवा थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 19 जून 2026 को एक युवती ने थाने में आकर इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी.

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि पिछले साल जून (2025) में उसकी पहचान सूरज यादव से हुई थी. आरोप है कि मेलजोल और बातचीत बढ़ने के दौरान सूरज ने युवती को शादी करने का भरोसा दिलाया. शिकायत के मुताबिक़, शादी के इसी वादे के तहत अभियुक्त ने युवती के साथ लगातार कथित तौर पर शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में उसने विवाह करने से साफ़ इनकार कर दिया.

युवती की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तोरवा पुलिस ने नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 69 (शादी का झूठा वादा कर यौन संबंध बनाना) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने अभियुक्त की तलाश की और 20 जून को सूरज यादव को गिरफ़्तार कर लिया. काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस ने कहा है कि महिला संबंधी अपराधों को लेकर ज़िले में लगातार सख़्त कार्रवाई की जा रही है.

फ़र्ज़ी आईडी, झूठे स्क्रीनशॉट और एक 'फ़ेक' एफ़आईआर... साइबर पुलिस ने ऐसे सुलझाई इंस्टाग्राम की ये गुत्थी

 


TODAY छत्तीसगढ़  /   छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ़्तार किया है, जिस पर अपने पूर्व प्रेमी के नाम से फ़र्ज़ी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील मैसेज भेजने और उसी के आधार पर झूठी पुलिस शिकायत दर्ज कराने का आरोप है.

पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार की गई 26 वर्षीय अभियुक्त का नाम प्रीति सूर्यवंशी है, जो तोरवा थाना क्षेत्र की रहने वाली है. उसे अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

ऐसा है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 15 मई को हुई थी. तिफरा के रहने वाले संजय रात्रे ने तोरवा थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

संजय ने अपनी शिकायत में कहा था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनके नाम से एक फ़र्ज़ी इंस्टाग्राम अकाउंट चला रहा है. आरोप था कि इस फ़र्ज़ी अकाउंट से लोगों को अश्लील और धमकी भरे मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिससे समाज में उनकी छवि और प्रतिष्ठा ख़राब हो रही है. इस शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की.

साइबर जांच में हुआ ख़ुलासा

पुलिस टीम ने जब सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल्स और 'डिजिटल ट्रेल' (तकनीकी साक्ष्यों) का विश्लेषण किया, तो पता चला कि संजय रात्रे के नाम से बनी उस फ़र्ज़ी आईडी को कोई और नहीं, बल्कि अभियुक्त प्रीति सूर्यवंशी चला रही थी.

पुलिस का कहना है कि जांच में यह बात सामने आई है कि शिकायतकर्ता संजय रात्रे और अभियुक्त प्रीति पूर्व में एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच प्रेम संबंध रह चुका था. आरोप है कि इसी आपसी विवाद के चलते अभियुक्त ने संजय को बदनाम करने के लिए यह साज़िश रची.

ख़ुद को मैसेज भेजकर दर्ज कराई थी झूठी शिकायत

विवेचना के दौरान पुलिस के सामने एक और अहम तथ्य उजागर हुआ.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, अभियुक्त प्रीति सूर्यवंशी ने इस साल 1 जनवरी 2026 को ख़ुद तोरवा थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी. उस शिकायत में प्रीति ने आरोप लगाया था कि संजय रात्रे के नाम से बनी इंस्टाग्राम आईडी से उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है और उनकी अश्लील तस्वीरें भेजी जा रही हैं.

हालांकि, अब तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिस आईडी से प्रीति को धमकी मिल रही थी, वह ख़ुद उसी आईडी को चला रही थीं. आरोप है कि प्रीति उस फ़र्ज़ी आईडी से ख़ुद को मैसेज भेजती थीं और फिर उन्हीं मैसेजेस का स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी शिकायत दर्ज कराती थीं.

पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 21 जून 2026 को अभियुक्त प्रीति को गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है.

बिना नंबर की स्कूटी और महिलाओं के गले की चेन पर नज़र, पकड़े गए शातिर लुटेरे

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में पुलिस ने अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर उनके गले से सोने की चेन छीनने (चेन स्नैचिंग) और लूटपाट करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है.

पुलिस के मुताबिक़, इस मामले में ओडिशा के पांच निवासियों और उनके एक स्थानीय सहयोगी समेत कुल छह अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है. वहीं, गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश अब भी जारी है.

कैसे काम करता था यह गिरोह?

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य ओडिशा से बिलासपुर आते थे और अपने स्थानीय संपर्कों की मदद से शहर में डेरा जमाते थे. इसके बाद वे सुनियोजित तरीक़े से रेकी करते और सुनसान जगहों पर अकेली महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे.

पहली घटना: 15 मई को तोरवा थाना क्षेत्र की शिवधाम कॉलोनी में एक महिला अपने घर के बाहर साफ़-सफ़ाई कर रही थी. तभी बिना नंबर प्लेट वाली नीले रंग की स्कूटी पर सवार होकर आए तीन युवकों ने झपट्टा मारकर महिला के गले से सोने की चेन निकाल ली और फ़रार हो गए.

दूसरी घटना: कुछ ही समय बाद सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में भी एक महिला के साथ मारपीट कर चेन लूटने की घटना सामने आई.  

सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग़

घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया.

पुलिस टीम ने जब दोनों घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उनकी गतिविधियों का मिलान किया, तो नीले रंग की स्कूटी के ज़रिए एक ही गिरोह के शामिल होने की पुष्टि हुई. तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले सिरगिट्टी के गणेश नगर से स्थानीय अभियुक्त नवीन साहू को हिरासत में लिया.

पूछताछ में नवीन ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने ही ओडिशा से अपने साथियों को बुलाकर अपने घर में ठहराया था और वे सब मिलकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे. नवीन की निशानदेही पर पुलिस ने लगातार दबिश देकर गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को भी गिरफ़्तार कर लिया.

अभियुक्तों पर संगठित अपराध की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।  पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सार्वजनिक की है जिनमें शिव सिंह (राउरकेला, ओडिशा), शक्ति प्रसाद (सुंदरगढ़, ओडिशा), नवीन साहू (सिरगिट्टी, बिलासपुर), प्रमोद सिंह (सुंदरगढ़, ओडिशा), अतुल मुंडा (ओडिशा) और बसंता खड़िया (संबलपुर, ओडिशा) शामिल हैं। 

पुलिस का कहना है कि अभियुक्तों ने पूछताछ में तीन चेन स्नैचिंग और लूट की घटनाओं को क़बूल किया है. चूंकि यह एक संगठित गिरोह के तौर पर काम कर रहे थे, इसलिए पुलिस ने इन पर 'संगठित अपराध' और 'आपराधिक साज़िश' से जुड़ी धाराएं भी लगाई हैं. सभी अभियुक्तों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है.

नागरिकों से अपील: बिलासपुर पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि उनके मोहल्ले या आस-पास बाहर से आकर किराए पर रहने वाले अज्ञात लोगों की जानकारी नज़दीकी थाने में ज़रूर दें, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते लगाम कसी जा सके.

सिर्फ़ योग नहीं, नशे के ख़िलाफ़ भी गूंजी आवाज़: देखिए कैसे मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

बिलासपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  / केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू के मुख्य आतिथ्य में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बहतराई स्टेडियम में जिला स्तरीय भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम योग फॉर हेल्दी एजिंग रही। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया।  

क्या रही इस बार की थीम?

प्रशासन के अनुसार, इस साल योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Aging) रखी गई थी.

ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रतिनिधि मंजू दीदी के निर्देशन में प्रतिभागियों ने ताड़ासन, पवनमुक्तासन, वृक्षासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम समेत विभिन्न योग और प्राणायाम किए. कार्यक्रम में स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला, ज़िला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह समेत कई अधिकारी और नेता मौजूद रहे.

योग को दिनचर्या बनाने की अपील

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने योग को भारत की प्राचीन धरोहर बताया. उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ज़रूरी है. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वे रोज़ाना एक घंटा योग करें, तो बिना किसी ख़र्च के कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं.

वहीं, विधायक सुशांत शुक्ला और ज़िला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी कार्यक्रम में अपनी बात रखी. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि योग को महज़ एक दिन का आयोजन न मानकर, इसे अपनी जीवनशैली और दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाएं.

अंत में दिलाया गया 'नशा मुक्ति' का संकल्प

इस कार्यक्रम के समापन पर 'नशामुक्त भारत अभियान' के तहत एक विशेष शपथ भी दिलाई गई.

केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने स्टेडियम में मौजूद सभी लोगों को ख़ुद नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया. अधिकारियों के मुताबिक़, आर्ट ऑफ़ लिविंग, गायत्री परिवार और पतंजलि योगपीठ जैसी संस्थाओं के सहयोग से ज़िले की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में भी योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं.

कार्यक्रम में विधायक श्री सुशांत शुक्ला, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, , कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, श्री दीपक सिंह, पूर्व महापौर श्री किशोर राय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी संस्था की मंजू दीदी ने योगाभ्यास का संचालन किया। प्रतिभागियों ने वृक्षासन, ताड़ासन, पवनमुक्तासन, कपालभाति, त्रिकोणासन भुजंगासन, वज्रासन अनुलोम-विलोम तथा भ्रामरी, ध्यान सहित विभिन्न योग एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। 

क्या 'नक्सलवाद' के डर से ही बचे थे अबूझमाड़ के जंगल? शांति आते ही रोज़ कट रहे हज़ारों पेड़


TODAY
छत्तीसगढ़  /  
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग को 31 मार्च 2026 को 'वामपंथी उग्रवाद मुक्त' घोषित किए जाने के बाद से नारायणपुर ज़िले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई की जा रही है.

राजधानी रायपुर के पर्यावरण कार्यकर्ता नितिन सिंघवी ने इसे एक गंभीर पर्यावरणीय संकट बताते हुए राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. सिंघवी का दावा है कि भारी मशीनों (जेसीबी और डोज़र) के इस्तेमाल से हर दिन क़रीब 50 से 70 हेक्टेयर (0.50 से 0.70 वर्ग किलोमीटर) जंगल साफ़ किया जा रहा है.

क्यों काटे जा रहे हैं पेड़?

अपने पत्र में सिंघवी ने आरोप लगाया है कि शांति स्थापित होने के बाद इस इलाक़े में सड़क निर्माण, खेती (विशेषकर पेंदा या झूम खेती) के नाम पर उन लोगों द्वारा जंगल काटे जा रहे हैं, जो इसके वास्तविक पात्र नहीं हैं. इसके अलावा, इमारती लकड़ी की तस्करी के लिए भी बेतहाशा पेड़ काटे जा रहे हैं.

उनका यह भी दावा है कि स्थानीय लोगों के बीच एक अफ़वाह फैलाई गई है कि अगर 31 मार्च 2026 से एक साल के भीतर जंगल काटकर वहां खेती शुरू कर दी जाए, तो उन्हें 'वन अधिकार अधिनियम, 2006' के तहत उस ज़मीन का पट्टा (मालिकाना हक़) मिल जाएगा.

  • क़ानूनी हक़ीक़त: सिंघवी ने स्पष्ट किया है कि क़ानून के अनुसार, पट्टा केवल तभी मिलता है जब अनुसूचित जनजातियों के लिए 13 दिसंबर 2005 या उससे पहले का कब्ज़ा साबित हो, और अन्य वन निवासियों के लिए पिछले 75 सालों (तीन पीढ़ियों) का निवास साबित हो. आधुनिक सैटेलाइट तकनीक से यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि ज़मीन पर कब से कब्ज़ा है. इसलिए, आज जंगल काटकर पट्टा लेने की बात पूरी तरह ग़लत है.

'डीम्ड फ़ॉरेस्ट' है पूरा अबूझमाड़

ग़ौरतलब है कि 5000-6000 वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ मध्य भारत के सबसे बड़े प्राकृतिक वनों में से एक है, जिसे 'भारत का फेफड़ा' भी कहा जाता है. यह जंगली भैंसा, बाघ, तेंदुआ और भालू जैसे वन्यजीवों का अहम प्राकृतिक आवास है.

सिंघवी का कहना है कि आज तक अबूझमाड़ का विधिवत ज़मीन सर्वेक्षण नहीं हुआ है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-सी ज़मीन राजस्व विभाग की है और कौन-सी वन विभाग की. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, यह पूरा इलाका प्रथम दृष्टया 'डीम्ड फ़ॉरेस्ट' (Deemed Forest) की श्रेणी में आता है. इसके बावजूद, ज़मीन की स्थिति साफ़ होने से पहले ही सड़क और बुनियादी ढांचे के नाम पर पुराने और परिपक्व पेड़ों की कटाई जारी है. 

ओरछा के पास ग्राम कुतुल की फोटो
अधिकारियों का क्या है तर्क?

सिंघवी ने पत्र में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि यदि एक मामले में कार्रवाई की गई, तो ऐसे सैकड़ों मामलों में कार्रवाई करनी पड़ेगी, जिससे इलाक़े में भारी असंतोष पैदा हो सकता है और चल रहा ज़मीन सर्वेक्षण भी रुक सकता है. वहीं, एक वन अधिकारी ने स्वीकार किया है कि इस इलाक़े में वनरक्षक, डिप्टी रेंजर और रेंजर जैसे कर्मचारी तैनात ही नहीं हैं, जिसका तस्कर और अतिक्रमणकारी फ़ायदा उठा रहे हैं.

पर्यावरणविद के अहम सुझाव

नितिन सिंघवी ने अबूझमाड़ को बचाने के लिए मुख्य सचिव को ये तीन अहम सुझाव दिए हैं:

  1. कटाई पर रोक: जब तक अबूझमाड़ का ज़मीन सर्वेक्षण पूरा नहीं हो जाता, तब तक पेड़ों की कटाई वाले सड़क और अन्य निर्माण कार्यों पर तुरंत रोक लगाई जाए.

  2. जागरूकता अभियान: वन अधिकार अधिनियम को लेकर फैली अफ़वाहों को दूर करने के लिए स्थानीय भाषाओं में जागरूकता अभियान चलाया जाए.

  3. DRG की मदद: अवैध कटाई, तस्करी और नए कब्ज़ों को रोकने के लिए 'डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड' (DRG) जवानों की मदद ली जाए.

सिंघवी ने चेतावनी देते हुए कहा, "राज्य सरकार को ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देनी चाहिए कि जनता यह सोचने लगे कि जब अबूझमाड़ अशांत था, तब उसके जंगल ज़्यादा सुरक्षित थे, और शांति आते ही वे तेज़ी से ख़त्म होने लगे हैं."

योग दिवस पर CM का बड़ा फ़ैसला: अब इस विभाग के पास होगी 'योग' की ज़िम्मेदारी

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 21 जून 2026 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौक़े पर अंबिकापुर (सरगुजा) के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

इस दौरान मुख्यमंत्री ने हज़ारों नागरिकों, छात्रों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया और प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं. अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में योग के विस्तार और जनजातीय युवाओं की शिक्षा को लेकर कई अहम जानकारियां साझा कीं.

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन होगा 'योग'

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक अहम नीतिगत फ़ैसले की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने 'योग' विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर अब 'चिकित्सा शिक्षा विभाग' के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है.

मुख्यमंत्री के मुताबिक़, योग आयुष चिकित्सा पद्धति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. सरकार के इस फ़ैसले से राज्य में योग शिक्षा, इसके प्रशिक्षण और अनुसंधान (रिसर्च) को नई दिशा मिलेगी. सरकार का लक्ष्य इसे स्कूलों और कॉलेजों के ज़रिए गांव-गांव तक पहुंचाकर एक जनआंदोलन का रूप देना है.

'स्वस्थ आयु के लिए योग' और पीएम मोदी का ज़िक्र

इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Aging) का ज़िक्र करते हुए सीएम साय ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों— जैसे तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापे को रोकने में योग बेहद कारगर है.

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को मिली पहचान का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया. सीएम ने कहा कि साल 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के प्रस्ताव को मिले व्यापक समर्थन से यह साबित हो गया है कि पूरी दुनिया ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की अहमियत को स्वीकार कर लिया है.

आदिवासी छात्रों की UPSC में सफलता का ज़िक्र

योग दिवस के मंच से मुख्यमंत्री ने जनजातीय (आदिवासी) युवाओं की शिक्षा को लेकर राज्य सरकार के प्रयासों पर भी बात की.

  • सीटों में इज़ाफ़ा: उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित 'ट्राइबल यूथ हॉस्टल' में जनजातीय छात्रों के लिए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है.

  • UPSC प्रीलिम्स में सफलता: मुख्यमंत्री ने ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए बताया कि राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक नतीजे आने लगे हैं और हाल ही में राज्य के जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं ने यूपीएससी (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा पास की है, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है.

इस मौक़े पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भी श्रद्धांजलि दी और योग के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को याद किया. 

योग को जीवनशैली में शामिल करें - राज्यपाल 

राज्यपाल रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।  

अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की। 

श्री डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे  भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

कोटमहर गार्डन में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 

नारायणपुर जिले के कोटमहर गार्डन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया तथा जिलेवासियों को स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के अनेक देशों में लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। योग तनाव को कम करने, कार्यक्षमता बढ़ाने और सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 
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