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पेट्रोल पंप पर हुई थी पहचान, शादी से इनकार करने पर युवती की शिकायत पर जेल

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर ज़िले में पुलिस ने शादी का झूठा वादा कर एक युवती का यौन शोषण करने के आरोप में 19 वर्षीय एक युवक को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर संबंध बनाए थे और बाद में शादी करने से इनकार कर दिया. अभियुक्त को गुरुवार (2 जुलाई ) को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत (रिमांड) पर जेल भेज दिया गया है.

पेट्रोल पंप पर हुई थी पहचान

बिलासपुर पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, पीड़िता पहले बिलासपुर स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करती थी. वहीं उसकी पहचान अभियुक्त सागर राठौर से हुई थी.

  • शादी का झूठा वादा: शिकायत में कहा गया है कि अभियुक्त ने पीड़िता को अपने विश्वास में लिया और उससे शादी करने का वादा किया. आरोप है कि इसी वादे के आधार पर उसने पीड़िता के साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए.

  • बाद में जब पीड़िता ने शादी की बात आगे बढ़ाई, तो अभियुक्त ने साफ़ तौर पर इनकार कर दिया.

गौरेला में दर्ज़ हुई थी 'ज़ीरो एफ़आईआर'

शादी से इनकार किए जाने के बाद पीड़िता ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) ज़िले के गौरेला थाने में अपनी शिकायत दर्ज़ कराई थी. चूंकि घटना बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए गौरेला पुलिस ने 'ज़ीरो एफ़आईआर' (Zero FIR) दर्ज़ कर मामला तोरवा थाने को स्थानांतरित (ट्रांसफ़र) कर दिया.

बुधवार (1 जुलाई 2026) को तोरवा थाने में 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 69 (शादी का झूठा वादा कर यौन संबंध बनाना) के तहत विधिवत मुक़दमा दर्ज़ किया गया.

गौरेला पहुंचकर पुलिस ने किया गिरफ़्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गौरेला-पेंड्रा-मरवाही भेजी गई.

पुलिस टीम ने वहां अभियुक्त सागर राठौर (19 वर्ष, निवासी- नवापारा स्कूल के पास, थाना गौरेला) को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस का कहना है कि पूछताछ में अभियुक्त ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उसे गिरफ़्तार कर बिलासपुर लाया गया.

ज़िंदगी के 15 साल जेल में काटे और बाकी समय 5-स्टार होटलों में

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने देश भर के 300 से ज़्यादा होटलों में ठगी और चोरी करने के आरोप में एक अंतरराज्यीय अभियुक्त को गिरफ़्तार किया है.

पकड़े गए अभियुक्त पर रायपुर के एक फ़ाइव-स्टार होटल में ठहरने, बिल का भुगतान न करने और होटल का लैपटॉप चुराने का आरोप है. पुलिस ने अभियुक्त को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ़्तार किया है.

पुलिस के मुताबिक़, यह व्यक्ति चार्ल्स शोभराज जैसे कुख्यात अपराधियों से प्रभावित है और पिछले तीन दशकों में क़रीब 15 साल देश की अलग-अलग जेलों में काट चुका है.

क्या है रायपुर का मामला?

रायपुर कमिश्नरेट से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तेलीबांधा स्थित होटल हयात (Hotel Hyatt) के सिक्योरिटी इंचार्ज सूरज सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराई थी.

  • बिना बिल चुकाए फ़रार: शिकायत के मुताबिक़, 25 जून 2026 को 'भीमसेंट जॉन' (Bingsen John) नाम का एक व्यक्ति होटल में आकर ठहरा था. 27 जून की सुबह वह बिना चेक-आउट किए और बिना बिल (63,755 रुपये) चुकाए होटल से फ़रार हो गया.

  • लैपटॉप की चोरी: आरोप है कि वह अपने साथ वह लैपटॉप भी ले गया, जो उसने होटल प्रबंधन से विशेष अनुरोध पर किराए पर लिया था. इस लैपटॉप की अनुमानित क़ीमत 1.48 लाख रुपये बताई गई है.

जब होटल प्रबंधन ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो उसके दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले. इसके बाद तेलीबांधा थाने में 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज़ किया गया.

तकनीकी जांच और ओडिशा से गिरफ़्तारी

डीसीपी (क्राइम एंड साइबर) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी (सेंट्रल ज़ोन) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और तेलीबांधा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.

  • पुलिस ने अभियुक्त द्वारा होटल में जमा किए गए दस्तावेज़ों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया.

  • जांच में अभियुक्त की लोकेशन ओडिशा के भुवनेश्वर में मिली. इसके बाद पुलिस की एक टीम भुवनेश्वर गई और घटना के 72 घंटे के भीतर अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया. पुलिस ने उसके पास से होटल का लैपटॉप भी बरामद कर लिया है.

पूछताछ में हुए चौंकाने वाले ख़ुलासे

गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त की पहचान बिंगसन जॉन (69 वर्ष) के रूप में हुई है. वह मूल रूप से तमिलनाडु के तूतीकोरिन ज़िले का रहने वाला है.

पुलिस की पूछताछ और रिकॉर्ड्स के मुताबिक़:

  • 300 होटलों में ठगी: अभियुक्त ने क़बूला है कि साल 1990 से अब तक उसने देश भर के 300 से ज़्यादा महंगे होटलों (मुख्यतः 5-स्टार) को अपना निशाना बनाया है.

  • ठगी का तरीक़ा: वह ख़ुद को विदेशी पर्यटकों का गाइड (Foreigner Guide), इंग्लिश टीचर या योगा टीचर बताकर महंगे होटलों में रुकता था. वहां की सुविधाओं का इस्तेमाल करने के बाद वह होटल के उपकरण (जैसे लैपटॉप) चुराकर और बिना बिल चुकाए भाग जाता था.

  • जेल का लंबा रिकॉर्ड: पुलिस के अनुसार, अभियुक्त मेट्रोपॉलिटन शहरों सहित 10 से ज़्यादा राज्यों में वांछित रहा है. वह पहली बार 1996 में तिहाड़ जेल गया था और अपने जीवन के क़रीब 15 साल अलग-अलग जेलों में बिता चुका है.

तेलीबांधा पुलिस ने अभियुक्त को विधिवत गिरफ़्तार कर लिया है और उससे अन्य राज्यों में किए गए अपराधों के संबंध में पूछताछ की जा रही है.

बकरी चोर निकले लाखों के ठग... पुलिस ने 9 लाख रुपये ठगने वाले 6 लोगों को किया गिरफ़्तार

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर ज़िले में पुलिस ने खेत समतलीकरण (ज़मीन को बराबर करने) के नाम पर किसानों से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह को गिरफ़्तार किया है.

कोटा थाना पुलिस ने इस मामले में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रहने वाले 6 अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत (रिमांड) पर जेल भेज दिया है. पुलिस ने अभियुक्तों के पास से धोखाधड़ी के 9 लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं.

क्या है पूरा मामला?

बिलासपुर पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, श्रीपारा (कोटा) के रहने वाले रामनारायण पोर्ते ने 23 जून 2026 को थाने में शिकायत दर्ज़ कराई थी.

  • धोखाधड़ी और ज़बरन वसूली: शिकायत में पीड़ित ने बताया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनसे खेत का समतलीकरण करने के नाम पर संपर्क किया था. इसके बाद उन लोगों ने झांसा देकर और ज़बरन 9 लाख रुपये की वसूली की और फ़रार हो गए.

  • इस शिकायत के आधार पर कोटा पुलिस ने 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 318(4), 61(2), 112, 308, 313 और 3(5) के तहत आपराधिक मामला दर्ज़ कर जांच शुरू की थी.

बकरी चोरी के मामले से मिला सुराग़

मामले की विवेचना के दौरान कोटा पुलिस को सूचना मिली कि पास के रतनपुर थाने में 'बकरी चोरी' (अपराध क्रमांक 423/2026) के एक अन्य मामले में कुछ अंतरराज्यीय अभियुक्त गिरफ़्तार किए गए हैं.

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कोटा पुलिस ने न्यायालय से 'प्रोडक्शन वारंट' (Production Warrant) हासिल किया और जेल में बंद इन अभियुक्तों से पूछताछ की. सख़्ती से पूछताछ करने पर इन अभियुक्तों ने रामनारायण पोर्ते से 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का जुर्म भी क़बूल कर लिया.

गिरफ़्तार अभियुक्तों की पहचान

इस मामले में गिरफ़्तार किए गए 6 में से 5 अभियुक्त मध्य प्रदेश के जबलपुर ज़िले के रहने वाले हैं, जबकि एक अभियुक्त उत्तर प्रदेश का है. इनकी पहचान इस प्रकार है: बबलू खान (57 वर्ष) अमूर खान (66 वर्ष) अमीन खान (41 वर्ष) हबीब खान (35 वर्ष) शाहरुख खान (22 वर्ष) और मोहम्मद अच्छन (33 वर्ष) के नाम शामिल हैं। 

पुलिस ने क़ानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी 6 अभियुक्तों को विधिवत गिरफ़्तार कर लिया है.

20 साल की सज़ा मिली, ज़मानत पर छूटा और फिर से शुरू कर दिया नशीले पदार्थों का कारोबार

TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी रायपुर में पुलिस ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ़्तार किया है. इनके पास से गांजा, प्रतिबंधित टैबलेट्स, कफ़ सिरप और नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित क़ीमत क़रीब 10.70 लाख रुपये बताई गई है.

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 30 जून को पकड़े गए उत्तर प्रदेश के एक तस्कर से पूछताछ (बैकवर्ड लिंक जांच) के आधार पर की गई है. गिरफ़्तार किए गए चार अभियुक्तों में से एक को पहले ही एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 20 साल की सज़ा हो चुकी है और वह फ़िलहाल ज़मानत पर बाहर था.

पिछली गिरफ़्तारी से मिले थे सुराग़

रायपुर कमिश्नरेट से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, गंज थाना क्षेत्र में 30 जून को उत्तर प्रदेश (मेरठ) के रहने वाले 19 वर्षीय अभिषेक कुमार को 10.710 किलो गांजे के साथ पकड़ा गया था.

पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह यह गांजा ओडिशा से लेकर आया था. उसने पुलिस को अपने उन सप्लायर्स की जानकारी दी, जिनसे उसने यह खेप ली थी. इसी सूचना के आधार पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU), एंटी नारकोटिक्स टास्क फ़ोर्स (ANTF) और गंज थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की.

जाल बिछाकर की गई गिरफ़्तारी

पुलिस टीम को ख़ुफ़िया जानकारी मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य नशीले पदार्थों की एक और खेप लेकर ख़ुद रायपुर आने वाले हैं.

सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीक़े से घेराबंदी की और चार संदिग्धों को गिरफ़्तार कर लिया. जब उनके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली सामग्री मिली.

क्या-क्या हुआ ज़ब्त:

  • 3 किलोग्राम गांजा

  • 2,000 नाइट्रोटेन (Nitroten) टैबलेट

  • 30 कोडीन (Codeine) सिरप की बोतलें

  • 290 पेंटाजोसीन (Pentazocine) इंजेक्शन

  • 300 सिरिंज और 3,100 रुपये नक़द

ज़मानत पर रिहा अभियुक्त फिर चला रहा था नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ़्तार किया गया मुख्य अभियुक्त किशोर साहू (37 वर्ष, निवासी- खरियार रोड, ओडिशा) एक आदतन अपराधी है.

महासमुंद ज़िले के खल्लारी थाने में उसके ख़िलाफ़ पहले से एनडीपीएस एक्ट का मुक़दमा दर्ज़ है, जिसमें उसे अदालत द्वारा 20 साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई जा चुकी है. वर्तमान में वह उच्च न्यायालय (High Court) से ज़मानत पर रिहा था और बाहर आकर दोबारा इसी अवैध कारोबार में शामिल हो गया था.

गिरफ़्तार अन्य अभियुक्त:

  1. अजय विश्वकर्मा (19 वर्ष), निवासी- नयापारा, ज़िला महासमुंद.

  2. शुभम साहू उर्फ़ बऊ (25 वर्ष), निवासी- नयापारा, ज़िला महासमुंद.

  3. प्रिंस प्रजापति (21 वर्ष), निवासी- सरदना, ज़िला मेरठ (उत्तर प्रदेश).

गंज थाना पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह प्रतिबंधित दवाइयां किन राज्यों से लाई जा रही थीं और इन्हें कहां खपाया जाना था.

'कलेक्टर, एसपी और डॉक्टर बनना चाहते हैं छत्तीसगढ़ के होनहार...'

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार (2 जुलाई ) को सक्ती ज़िले में आयोजित एक समारोह में राज्य और ज़िला स्तर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया.

सक्ती ज़िला कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न भेंट किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

छात्रों ने साझा किए अपने लक्ष्य

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी रुचियों और भविष्य (करियर) की योजनाओं के बारे में जानकारी ली. विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे भविष्य में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और डॉक्टर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहते हैं.

छात्रों के लक्ष्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर कठिन परिश्रम से ही सफलता हासिल की जा सकती है. उन्होंने छात्रों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरी निष्ठा से हासिल करने के लिए प्रेरित किया.

शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है.

उन्होंने छात्रों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा की भावना को भी अपने जीवन में अपनाने की अपील की. मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मानित हुए ये विद्यार्थी पूरे प्रदेश का गौरव हैं और इनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.

इस सम्मान समारोह में ज़िले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहब, सांसद कमलेश जांगड़े, सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे.

क्राइम अलर्ट: गाड़ी चुराते थे दो, और ख़रीदने वाले भी पकड़े गए दो

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर ज़िले में पुलिस ने दोपहिया वाहनों की चोरी और उनकी ख़रीद-फ़रोख़्त करने वाले एक गिरोह को पकड़ा है. एंटी-क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो वाहन चोरों और चोरी की गाड़ियाँ ख़रीदने वाले दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस ने इनके पास से चोरी की तीन दोपहिया गाड़ियाँ (दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी) बरामद की हैं. सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत (रिमांड) पर भेज दिया गया है.

रेलवे स्टेशन के पास से हुई गिरफ़्तारी

बिलासपुर पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक चोरी की गाड़ियाँ बेचने की फ़िराक़ में बिलासपुर रेलवे स्टेशन रोड की तरफ़ घूम रहे हैं.

इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसीसीयू (ACCU) और सिविल लाइन पुलिस की टीम ने मौक़े पर घेराबंदी कर दो संदिग्धों (दुर्गेश निषाद और ईश्वर निषाद) को हिरासत में ले लिया.

तीन अलग-अलग इलाक़ों से की गई थीं चोरियां

पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बिल्हा, सिरगिट्टी और सिविल लाइन थाना क्षेत्रों से वाहनों की चोरी की थी.

  • 2023 का मामला सुलझा: पुलिस के अनुसार, अभियुक्तों ने अगस्त 2023 में सिविल लाइन क्षेत्र के बिलासा छात्रावास (शीतला माता मंदिर) के पास से एक सफ़ेद रंग की एक्टिवा स्कूटी (CG-10-JD-3517) चुराई थी. यह स्कूटी उन्होंने आशुतोष कुमार मिरी को बेच दी थी.

  • हालिया चोरियां: इसके अलावा, 21 जून 2026 को अभियुक्तों ने बिल्हा के दगौरी से एक लाल-काले रंग की डीलक्स मोटरसाइकिल (CG-10-EE-2063) चुराई, जिसे कुछ दिन चलाने के बाद लक्ष्मण विश्वकर्मा को बेच दिया.

  • वहीं, तोरवा (चुचुहियापारा) ओवरब्रिज के नीचे से चुराई गई एक अन्य मोटरसाइकिल (CG-10-BN-1522) का इस्तेमाल अभियुक्त ईश्वर निषाद ख़ुद कर रहा था.

गिरफ़्तार अभियुक्तों की पहचान

पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर चोरी के वाहन ख़रीदने वाले दोनों लोगों को भी गिरफ़्तार कर लिया है.

चोरी के आरोप में:

  1. दुर्गेश निषाद (23 वर्ष), निवासी- लाल खदान केवटपारा, थाना तोरवा.

  2. ईश्वर निषाद (19 वर्ष), निवासी- लाल खदान केवटपारा, थाना तोरवा.

चोरी का वाहन ख़रीदने के आरोप में: 3. आशुतोष कुमार मिरी (29 वर्ष), निवासी- चुचुहियापारा, थाना सिरगिट्टी. 4. लक्ष्मण विश्वकर्मा उर्फ़ गोविन्दा (29 वर्ष), निवासी- लाल खदान के पास, थाना तोरवा.

सिविल लाइन थाना पुलिस ने सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 379 (चोरी), 411 (चोरी की संपत्ति बेईमानी से प्राप्त करना) और 34 (समान आशय) के तहत मामला दर्ज़ कर आगे की क़ानूनी कार्रवाई की है.

नाबालिग को बेचने की साज़िश, मानव तस्करी मामले में 4 साल से फ़रार अभियुक्त गिरफ़्तार

TODAY छत्तीसगढ़  /  रायगढ़ ज़िले में पुलिस ने मानव तस्करी के एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए चार साल से फ़रार चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस के अनुसार, यह गिरफ़्तारी पुराने अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत जशपुर ज़िले से की गई है. अभियुक्त को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत (रिमांड) पर जेल भेज दिया गया है.

20 हज़ार रुपये में बेचने की थी साज़िश

रायगढ़ पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, यह मामला जून 2022 का है. धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र से एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की लापता हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ अपहरण का मामला दर्ज़ कराया था.

  • RPF ने ट्रेन से कराया था मुक्त: जांच के दौरान, मध्य प्रदेश के अनूपपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक ट्रेन से इस नाबालिग को दो संदिग्धों (हीरालाल चौहान और देवलाल तिग्गा) के चंगुल से सुरक्षित छुड़ाया था.

  • पूछताछ में हुआ था ख़ुलासा: पुलिस की गिरफ़्त में आए अभियुक्तों ने बताया था कि उन्होंने अपने दो अन्य साथियों (रामपाल यादव और रामा चौहान) के साथ मिलकर साज़िश रची थी. उनका मक़सद नाबालिग को शादी का झांसा देकर राजस्थान ले जाना और वहां 20,000 रुपये में बेचना था.

इस मामले में पुलिस ने साल 2022 में ही तीन अभियुक्तों (हीरालाल, देवलाल और रामपाल) को गिरफ़्तार कर लिया था, लेकिन चौथा अभियुक्त रामा चौहान घटना के बाद से ही फ़रार था. पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 343, 365, 370, 370(A) और 120(B) के तहत आरोप पत्र (Challan) न्यायालय में पेश कर दिया था. 

मुखबिर की सूचना पर जशपुर में दबिश

धरमजयगढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फ़रार अभियुक्त रामा चौहान अपने मूल गांव (जोराडोल, ज़िला जशपुर) आया हुआ है.

इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने गांव में दबिश दी और अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया. गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त की पहचान रामा चौहान (35 वर्ष, पिता- शिवनंदन चौहान), निवासी- ग्राम जोराडोल, थाना पत्थलगांव (जशपुर) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अभियुक्त ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.

इस गिरफ़्तारी के बाद रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख़्शा नहीं जाएगा और 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के ज़रिए पुराने से पुराने फ़रार अपराधियों को क़ानून के दायरे में लाया जाएगा.

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