रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” का असर अब दिखाई देने लगा है। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई गुरुवार को खुद पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने स्वीकार किया कि लगातार पुलिस कार्रवाई, तकनीकी जांच और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद वह डरकर उत्तराखंड भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन भी नष्ट कर दिया था, लेकिन बढ़ते दबाव के चलते आखिरकार उसने आत्मसमर्पण करना उचित समझा।
आरोपी ने एसएसपी शशि मोहन सिंह के सामने अपराध से तौबा करते हुए सामान्य जीवन जीने की इच्छा जताई। इस दौरान एसएसपी ने उसे चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा सट्टा या किसी अवैध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ जिला बदर जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके बाद आरोपी को थाना कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 237/2026 और 238/2026 के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी, भतीजे और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क संचालित कर रहा था। व्हाट्सऐप कॉलिंग के जरिए ग्राहकों से संपर्क किया जाता था और यूपीआई के माध्यम से रकम का लेन-देन होता था। आरोपी के कब्जे से 2 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर दबिश देकर आरोपी के नेटवर्क से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, 2.69 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और महंगे मोबाइल बरामद किए गए थे। मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।



