पुलिस ने इस मामले में एक युवती और एक युवक को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नेहा पाठक (23) और धर्मेन्द्र मानिकपुरी (32) के रूप में हुई है। दोनों पर ‘लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो’ नाम से यह काम करने का आरोप है। यह मामला उस समय सामने आया जब ज़िले की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को एक गुमनाम शिकायत मिली। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक मैरिज ब्यूरो के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई और बसंतपुर थाना क्षेत्र में छापा मारा गया। इस दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में बड़ी संख्या में युवतियों की तस्वीरें मिलीं। जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास 2286 से अधिक तस्वीरें थीं, जिन्हें कथित तौर पर सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से डाउनलोड किया गया था। इन तस्वीरों का इस्तेमाल फर्जी प्रोफाइल बनाने के लिए किया जाता था।
पुलिस का कहना है कि इन प्रोफाइल के जरिए युवकों से संपर्क किया जाता था और उन्हें मुलाकात तय कराने या शादी कराने का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बदले उनसे पैसे लिए जाते थे। फिलहाल, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को मौके पर मौजूद लोगों की मदद से तत्काल छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सिविल लाइन थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवक के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई है। यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है। छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, हर साल सड़क हादसों में बड़ी संख्या ऐसे मामलों की होती है, जिनमें चालक शराब के नशे में होता है। शहरी क्षेत्रों में विशेषकर रात के समय ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है।
कानूनी पहलू:
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शराब पीकर वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। यदि किसी व्यक्ति के रक्त में अल्कोहल की मात्रा 30 mg/100 ml से अधिक पाई जाती है, तो उस पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और यहां तक कि जेल की सजा का भी प्रावधान है।
हादसों के प्रमुख कारण:
नशे की स्थिति में प्रतिक्रिया समय का धीमा होना
तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण में कमी
हेलमेट व अन्य सुरक्षा उपायों की अनदेखी
रात के समय कम विजिबिलिटी
पुलिस की अपील:
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि “ड्रिंक एंड ड्राइव की घटनाएं लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। वाहन चलाते समय जिम्मेदारी और सावधानी बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को प्रभावित कर सकती है।”
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई:
शहर में लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। नाइट पेट्रोलिंग के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, साथ ही संवेदनशील चौक-चौराहों पर निगरानी भी बढ़ाई गई है।
पुलिस का कहना है कि तस्वीर सामने आने के बाद खैरागढ़ पुलिस ने संपर्क किया, जिसके आधार पर मृतका की पहचान 15 वर्षीय देविका वर्मा के रूप में हुई, जो खैरागढ़ के चिचोला गांव की रहने वाली थी। जांच में सामने आया है कि देविका अपने परिचित मोहन वर्मा और उसके दो साथियों के साथ घर से निकली थी। पुलिस के मुताबिक, ये सभी डोंगरगढ़ से वेनगंगा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर कोरबा की ओर जा रहे थे।
पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह बिलासपुर के पास ट्रेन में देविका और मोहन के बीच कथित तौर पर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान मोहन वर्मा ने गुस्से में आकर उसे चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया, जिससे वह ट्रेन की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। देविका के लापता होने की रिपोर्ट पहले ही खैरागढ़ के ठेलकाडीह थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस के अनुसार, इंटरनेट पर तस्वीर देखने के बाद परिजनों को बुलाया गया, जिन्होंने शव की पहचान की। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहन वर्मा, उसके एक साथी हरीश वर्मा और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।
बिलासपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़ा होने के कारण आगे की जांच खैरागढ़ पुलिस को सौंपी जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।