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अवैध शराब बेचते युवक गिरफ्तार, 56 पौवा जब्त


राजनांदगांव ।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सोमनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बेचते एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में देशी शराब बरामद कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम ककरेल रोड तिराहा के पास एक युवक अवैध रूप से शराब रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई। घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान मिथलेश साहू (22 वर्ष), निवासी खुटेरी डबरापारा, थाना सोमनी के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपी के पास रखी सफेद बोरी से 56 पौवा देशी रोमियों प्लेन शराब कुल मात्रा: 10.8 लीटर, अनुमानित कीमत: ₹5,600 बरामद की गई। आरोपी आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

गांजा तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, 3 गिरफ्तार, 1 फरार


रायगढ़ ।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। थाना पूंजीपथरा और थाना पुसौर पुलिस की संयुक्त सक्रियता से अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में 23 अप्रैल को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम तुमीडीह स्थित महुआ चौक के पास कुछ व्यक्ति कार में गांजा लेकर ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की।

मौके पर पहुंची पुलिस ने I20 कार सवार दो आरोपियों खिरोधर यादव (जिला जशपुर)और पुरुषोत्तम यादव (ग्राम तुमीडीह) को पकड़ लिया, जबकि तीसरा आरोपी कार क्रमांक CG13BH5917 लेकर फरार हो गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से दो बैग में रखे कुल 2.728 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 24,500 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा गांजा बिक्री से प्राप्त 5,000 रुपये नकद भी जब्त किए गए।कुल मिलाकर 29,500 रुपये की जप्ती करते हुए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। 

ग्राहक तलाशते आरोपी को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

दूसरी कार्रवाई में थाना पुसौर पुलिस ने 25 अप्रैल को ग्राम औरदा डीपापारा चौक में दबिश देकर एक आरोपी को गांजा बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार करते हुए गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में आरोपी साधराम सिदार (71 वर्ष) को मौके से पकड़ा गया। उसके कब्जे से 745 ग्राम गांजा, जिसकी कीमत करीब 7,450 रुपये है, बरामद किया गया। आरोपी के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन आघात” लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 36.97 लाख की ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़


रायगढ़ ।
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा से महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया है। आरोपियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर जिले के एक सेवानिवृत्त विद्युत विभाग के पर्यवेक्षक से करीब 36 लाख 97 हजार रुपये की ठगी की थी।

प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को कानून और जांच एजेंसियों का भय दिखाकर ठगी करता था। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। 

 ऐसे रचा गया पूरा षड्यंत्र

पुलिस के अनुसार, पीड़ित नरेन्द्र ठाकुर, जो विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त हैं, को जनवरी 2026 में एक अज्ञात महिला का फोन आया। कॉल करने वाली ने खुद को दूरसंचार नियामक संस्था (TRAI) से जुड़ा बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का उपयोग कर अवैध गतिविधियां की जा रही हैं।

इसके बाद कॉल को तथाकथित पुलिस अधिकारी और फिर एक व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर स्वयं को आईपीएस अधिकारी बताते हुए पीड़ित को “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाया। आरोपियों ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी देकर उसके बैंक खातों, संपत्ति और निजी जानकारी हासिल की। इसके बाद जांच के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई। डर के कारण पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच कुल 36,97,117 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में परिजनों को जानकारी होने पर ठगी का खुलासा हुआ और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। 

 तकनीकी जांच से खुला राज

साइबर पुलिस ने बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की जांच करते हुए पाया कि रकम राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित खातों में जमा की गई है। इसके बाद विशेष टीम गठित कर वहां दबिश दी गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी राहुल व्यास, जो बंधन बैंक में कर्मचारी है, अपने साथियों के साथ मिलकर गिरोह संचालित कर रहा था। आरोपी महिला आरती राजपूत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और तकनीकी कार्य संभालती थी, जबकि अन्य आरोपी रकम के लेनदेन और नेटवर्क विस्तार में सहयोग करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर ठगी के तरीके सीखे और फिर खुद इस अवैध कारोबार में शामिल हो गए।

देशभर में फैला था नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह देशभर में सक्रिय था और अब तक करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। एक आरोपी के खाते में ही करीब 60 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन पाया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं और आगे की जांच जारी है।

रायगढ़ पुलिस ने इस मामले में जिन आरोपियों की गिरफ्तारी बताई है उनमें राहुल व्यास (भीलवाड़ा), रविराज सिंह, संजय मीणा, आरती राजपूत और गौरव व्यास का नाम है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(6), 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई की जा रही है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि -

डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर नहीं कराती। ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।





अवैध गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 13 मजदूर मौके से मिले


भिलाई नगर । 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  दुर्ग पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नंदिनी थाना क्षेत्र में संचालित एक अवैध गुटखा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर भारी मात्रा में तैयार गुटखा, कच्चा माल, पैकिंग मटेरियल और अत्याधुनिक मशीनरी जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री में “मुसाफिर” ब्रांड का जर्दा युक्त गुटखा और “एम-4” ब्रांड का सुगंधित जर्दा तैयार कर बाजार में खपाया जा रहा था। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में पैक किए गए गुटखा के पैकेट और निर्माण सामग्री बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में 13 मजदूर काम करते पाए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये मजदूर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के निवासी हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर नेटवर्क और संचालकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह अवैध यूनिट अप्रैल 2026 की शुरुआत से संचालित हो रही थी और कम समय में बड़े पैमाने पर गुटखा खपाने की तैयारी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया। विभाग द्वारा सैंपल लिए गए। गुणवत्ता और नियमों की जांच जारी है जिसके उल्लंघन पर अलग से वैधानिक कार्रवाई होगी। 

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