रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आईपीएस रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है। यह निर्णय उनके आचरण से जुड़े एक मामले के प्रारंभिक परीक्षण के बाद लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय उनके कथित रूप से आपत्तिजनक फोटो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लिया गया है। इसके साथ ही कुछ दिन पहले एक SI की पत्नी ने आईपीएस रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उनके खिलाफ विभागीय जांच लंबित होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
गृह (पुलिस) विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि संबंधित अधिकारी का व्यवहार सेवा की अपेक्षित गरिमा और मानकों के अनुरूप नहीं था। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके आचरण से पुलिस विभाग की छवि प्रभावित हुई है।
सरकार ने मामले में अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के तहत प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई प्रारंभ की है। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान अधिकारी पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से संबद्ध रहेंगे और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विभागीय जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।
क्या है पूरा मामला -
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, लगभग पांच महीने पहले उन्हें आईजी पद से भी हटा दिया गया था। यह मामला अक्टूबर 2025 में दर्ज एक शिकायत से संबंधित है। शिकायत में एक महिला ने अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस मुख्यालय में दर्ज शिकायत के अनुसार, महिला का कहना है कि उनकी मुलाकात वर्ष 2017 में कोरबा में हुई थी, जब संबंधित अधिकारी वहां पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे।
शिकायत में कहा गया है कि शुरुआती संपर्क सोशल मीडिया के माध्यम से हुआ, जो बाद में नियमित बातचीत में बदल गया। महिला का आरोप है कि समय के साथ अधिकारी द्वारा संपर्क बनाए रखने के लिए दबाव डाला गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे मिलने के लिए बुलाया गया और मना करने पर उसके पति के तबादले की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसके पास अपने दावों के समर्थन में कुछ डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपों की जांच जारी है। मामले में अभी तक आरोपों पर अधिकारी की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार ने कहा है कि आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।




