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सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी को राहत देने से किया इनकार, उम्रकैद बरकरार

नई दिल्ली।  TODAY छत्तीसगढ़  /  बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के फैसले पर रोक देने से इनकार कर दिया। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2003 के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने उन्हें हत्या की साजिश और हत्या के अपराध में मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए सजा दी थी।

हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी, लेकिन शीर्ष अदालत से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद अब उन्हें सजा का पालन करना होगा।

बिलासपुर हाईकोर्ट: अमित जोगी दोषी, उम्रकैद की सजा


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2003 के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के 31 मई 2007 के फैसले को पलटते हुए यह निर्णय दिया है । मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने सीबीआई की अपील और शिकायतकर्ता की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।

हाईकोर्ट ने अमित जोगी को हत्या की साजिश (धारा 120-बी), हत्या (धारा 302/34) और संपत्ति क्षति (धारा 427/34) के तहत दोषी माना है। अदालत ने कहा कि यह घटना एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा थी, जिसमें अमित जोगी मुख्य साजिशकर्ता थे।

एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की 4 जून 2003 की रात रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मामला लूट से जुड़ा बताया गया था, लेकिन बाद में सीबीआई जांच में राजनीतिक साजिश का एंगल सामने आया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि— होटल ग्रीन पार्क में हुई बैठक में साजिश रची गई।  आरोपी की मौजूदगी और भूमिका के पर्याप्त साक्ष्य हैं। चिमन सिंह को हत्या की जिम्मेदारी दी गई। घटना के बाद साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास हुआ। कोर्ट ने माना कि साजिश जैसे मामलों में परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी पर्याप्त होते हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया और महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया। इसी आधार पर अमित जोगी को बरी किया गया था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश में साफ़ लिखा गया है कि अमित जोगी तीन सप्ताह के भीतर न्यायालय में सरेंडर करें। 

सीबीआई और मृतक के पुत्र सतीश जग्गी की ओर से दायर याचिकाओं में कहा गया था कि सभी आरोपियों के खिलाफ समान साक्ष्य होने के बावजूद अमित जोगी को गलत तरीके से बरी किया गया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अमित जोगी ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मामले में आगे की सुनवाई वहां होगी। 

‘खौफ का खेल’ खत्म, हथियार लहराकर दहशत फैलाने वाले दो बदमाश गिरफ्तार


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  रतनपुर की सड़कों पर खुलेआम ‘खौफ का खेल’ खेल रहे दो बदमाशों का आखिरकार पुलिस ने अंत कर दिया। मेन रोड पर चाकू और कट्टा लहराकर राहगीरों को डराने-धमकाने वाले इन आरोपियों की हरकतों से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

पुलिस को सूचना मिली कि रानीगांव मेन रोड पर दो युवक हथियारों के साथ उत्पात मचा रहे हैं, तुरंत एक्शन मोड में आई पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। चारों ओर से घेराबंदी कर दोनों बदमाशों को धर दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नबीदाद खान (42) और दीशू कोरी (23) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान इनके पास से एक धारदार चाकू, कट्टा नुमा हथियार और घटना में इस्तेमाल की जा रही कार बरामद की गई। 


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी राह चलते लोगों को रोककर हथियार दिखाते और धमकाते थे, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया था। लोग सहमे हुए थे और कोई भी उनके सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे बदमाशों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

आईपीएल बना सट्टेबाजों का जाल, पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  आईपीएल क्रिकेट की आड़ में चल रहे ऑनलाइन सट्टे के कारोबार पर बिलासपुर पुलिस ने करारा प्रहार करते हुए दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नगदी, मोबाइल फोन और एक दोपहिया वाहन जब्त किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में जुआ और सट्टा गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 4 अप्रैल 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक मोबाइल के माध्यम से आईपीएल मैच—राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच चल रहे मुकाबले पर ऑनलाइन सट्टा लगा रहे हैं।

सूचना मिलते ही एसीसीयू और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल दबिश दी और मौके से सौरभ पवार (32) निवासी सिंधी कॉलोनी जरहाभाठा तथा कमल पंजवानी (30) निवासी चकरभाठा कैम्प को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, एक एक्टिवा (क्रमांक CG-10 AJ-8770) और 1 लाख 48 हजार 500 रुपये नगद बरामद किए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम एवं बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।


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