नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़ / तमिलनाडु की मदुरै डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बाप-बेटे की पुलिस कस्टडी में मौत मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. मदुरै कोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल 2026) को बिजनेसमैन पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स की हिरासत में हुई मौत के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई है. दोषियों में शामिल पुलिस इंस्पेक्टर श्रीधर पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
केस बारे में पढ़कर दिल कांप उठता है: कोर्ट
कोर्ट ने जिन पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई है उसमें इंस्पेक्टर श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर बालाकृष्णन और रघु गणेश और पुलिसकर्मी मुरुगन, समदुरई, मुथुराजा, चेल्लादुरई, थॉमस फ्रांसिस और वेइलुमुथु शामिल हैं. कोर्ट ने कहा, 'पिता और बेटे को बदले की भावना से निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया था. इसके बारे में पढ़कर दिल कांप उठता है. अगर बेंच की निगरानी नहीं होती तो सच दबकर रह जाता.'
सीबीआई ने की थी फांसी की मांग
कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज पेश किए गए, जबकि आम तौर पर ऐसे मामलों में ऐसा नहीं होता. मदुरै डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में कई ईमानदार पुलिस अधिकारी हैं और यह फैसला पुलिस के बीच डर पैदा नहीं करेगा. पुलिस हिरासत में टॉर्चर और उसके बाद हुई मौत मामले में सीबीआई ने अधिकतम सजा के रूप में फांसी या बिना पैरोल की संभावना के आजीवन कारावास की मांग की थी.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 19 जून, 2020 को शुरू हुआ, जब मोबाइल की दुकान चलाने वाले जयराज और बेनिक्स को लॉकडाउन के दौरान तय समय से अधिक दुकान खुली रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. कुछ ही दिनों में दोनों की मौत हो गई. घरवालों ने आरोप लगाया था कि पुलिस कस्टडी में उनके साथ मारपीट की गई थी.
इसके बाद मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य की सीबी-सीआईडी से जांच का जिम्मा संभालने वाली सीबीआई ने इस मामले में 10 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए लोगों में एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और कई कांस्टेबल शामिल थे. बाद में एजेंसी ने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया. (साभार / abp न्यूज़)





