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राज्य में पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव, 24 IPS अफसरों के तबादले

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। जारी आदेश के मुताबिक 11 जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बदले गए हैं। इसके अलावा रायपुर कमिश्नरेट में भी बड़ा बदलाव किया गया है।

तबादला सूची के अनुसार राजनांदगांव रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय कुमार यादव को बनाया गया है। वहीं, मौजूदा आईजी बालाजी राव सोमावार को पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में पदस्थ किया गया है।

इसी तरह प्रशांत कुमार अग्रवाल को आईजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (बस्तर क्षेत्र) से पुलिस मुख्यालय भेजा गया है, जबकि प्रशांत कुमार ठाकुर को सूरजपुर के एसपी पद से हटाकर उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं रामकृष्ण साहू को बेमेतरा एसपी पद से हटाकर 8वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, राजनांदगांव का सेनानी नियुक्त किया गया है।

रायपुर कमिश्नरेट में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यहां तीनों डीसीपी का तबादला कर उन्हें अलग-अलग जिलों की कमान सौंपी गई है। फिलहाल कमिश्नरेट के तीन जोनों में से केवल एक जोन में ही डीसीपी की नियुक्ति की गई है, जबकि शेष दो जोनों में नई पदस्थापना तक डीसीपी का पद रिक्त रहेगा।

सरकार द्वारा जारी विस्तृत तबादला सूची में अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह फेरबदल कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। 






 

जनता की फरियाद सुनी, मौके पर मिला इंसाफ... शिकायत निवारण शिविर सफल

बिलासपुर पुलिस द्वारा आयोजित शिकायत निवारण शिविर में 43 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 41 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं 8 मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर संबंधित थाना प्रभारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / आम लोगों को त्वरित न्याय और पुलिस सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने शुक्रवार को बिलासगुड़ी चेतना भवन में वृहद शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में जिलेभर के राजपत्रित अधिकारी, एसडीओपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

शिविर में कुल 43 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 41 शिकायतों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। वहीं 8 मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर संबंधित थाना प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शिविर में सबसे अधिक महिला थाना से 8, कोतवाली से 7, सिरगिट्टी से 4, जबकि कोनी, रतनपुर और तोरवा से 3-3 शिकायतें आईं। इसके अलावा सिविल लाइन, सरकंडा, तखतपुर, चकरभाठा, सीपत और मस्तूरी थाना क्षेत्रों से 2-2 शिकायतें दर्ज हुईं। 

शिकायतें मुख्य रूप से जमीन विवाद, पारिवारिक विवाद, साइबर फ्रॉड, लेन-देन में धोखाधड़ी और महिला संबंधी मामलों से जुड़ी थीं। एसएसपी रजनेश सिंह ने स्वयं प्रत्येक फरियादी से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

इस अवसर पर एसएसपी ने कहा कि शिकायत निवारण शिविर का उद्देश्य लोगों को बिना थानों के बार-बार चक्कर लगाए त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।

शिविर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, रामगोपाल करियारे, रश्मित कौर चावला सहित जिले के सभी पुलिस अनुविभागीय अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे। 


गाली-गलौज के बाद चाकू से जान लेने की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  सीपत थाना क्षेत्र में शराब दुकान से लौट रहे एक युवक के साथ गाली-गलौज, मारपीट और चाकूनुमा धारदार हथियार से जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से हथियार भी बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी रामकुमार बिजौरे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 8 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे वह ग्राम भिलमी स्थित शराब दुकान से वापस लौट रहा था। इसी दौरान शेख जानू ने उसे रोककर मां-बहन की अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।

आरोप है कि शेख जानू ने हाथ में मौजूद चाकूनुमा धारदार हथियार लहराते हुए प्रार्थी के साथ मारपीट की और उसके गले पर हथियार अड़ा दिया। इस हमले में युवक के गले और हथेली पर चोटें आईं।

शिकायत के आधार पर सीपत थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शेख जानू (25) निवासी ग्राम मचखंडा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चाकूनुमा धारदार हथियार जब्त कर आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

रात में घेरकर छीना iPhone-15, पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचा

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / राजधानी के चंगोराभाठा क्षेत्र में युवक से iPhone-15 लूटने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटा गया Apple iPhone-15 बरामद किया है। मामले में एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, जबकि एक अन्य की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, डी.डी. नगर निवासी आदित्य शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 जुलाई की रात करीब 10:50 बजे चंगोराभाठा इलाके में तीन युवकों और दो युवतियों ने उसे रोककर जबरन उसका Apple iPhone-15 छीन लिया और फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुरानी बस्ती थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान थाना डी.डी. नगर के एक अन्य मामले में गिरफ्तार आरोपी रजत सेन उर्फ हर्ष से पूछताछ में इस वारदात का खुलासा हुआ। उसके मेमोरेंडम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने लक्की विश्वकर्मा (20) और अर्पणी तिवारी उर्फ सोनू (24) को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया Apple iPhone-15 बरामद कर जब्त किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में रजत सेन उर्फ हर्ष को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपी शानू की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले की आगे की विवेचना कर रही है।

छठी कार्यक्रम में मामूली विवाद बना खूनी खेल, युवक की पीट-पीटकर हत्या

बेलगहना क्षेत्र में छठी कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद में एक युवक की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई कर सड़क पर घसीटने के बाद मौत हो गई। पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / कोटा थाना क्षेत्र की बेलगहना चौकी अंतर्गत ग्राम कसईबहरा में छठी कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। कथित तौर पर तीन युवकों ने एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई की, उसे सड़क पर घसीटकर घर के पास छोड़ दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई की शाम अमर सिंह पेन्द्रो अपने पड़ोसी के घर आयोजित छठी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। इसी दौरान आरोपी रोहित पोर्ते, दीपक पोर्ते और प्रदीप वाकरे ने कथित तौर पर उससे कहा कि वह शराब पीकर माहौल खराब कर रहा है और घर चला जाए। विवाद बढ़ने पर तीनों ने मिलकर अमर सिंह की लात-घूंसों और मुक्कों से जमकर पिटाई कर दी।

आरोप है कि देर रात आरोपियों ने दोबारा अमर सिंह के साथ मारपीट की और उसे कार्यक्रम स्थल से करीब 60-65 मीटर तक सीसी रोड पर घसीटते हुए उसके घर के पास छोड़ दिया। मारपीट के दौरान उसकी पत्नी ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी नहीं माने।

पुलिस के मुताबिक, अमर सिंह ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी और सो गया। रात में जब परिवार के लोग उसे खाने के लिए जगाने पहुंचे तो वह मृत मिला। सूचना पर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पुलिस ने रोहित पोर्ते (30), दीपक पोर्ते (23) और प्रदीप वाकरे (21) के खिलाफ धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। तीनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में बेलगहना चौकी पुलिस और एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जूनियर को बनाया DEO, सीनियर पहुंचे हाईकोर्ट... नियुक्ति पर लगी रोक

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा दी है। वरिष्ठ प्राचार्यों ने जूनियर अधिकारी की नियुक्ति को राज्य सरकार के नियमों के विरुद्ध बताते हुए याचिका दायर की थी।
TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर ज़िले के प्रभारी ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) की नियुक्ति के आदेश पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगा दी है. अदालत ने यह आदेश वरिष्ठ प्राचार्यों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है.

क्या है पूरा मामला?

राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में प्राचार्य (एलबी) रामेश्वर जायसवाल को बिलासपुर का प्रभारी डीईओ नियुक्त किया था. सरकार के इस फ़ैसले को चुनौती देते हुए वरिष्ठ प्राचार्य राघवेंद्र गौराहा और कामेश्वर बैरागी ने अधिवक्ता जितेंद्र पाली के ज़रिए हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.

अदालत में क्या दी गई दलील?

याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि राज्य सरकार ने इस नियुक्ति में वरिष्ठता (Seniority) के नियमों की अनदेखी की है.

  • अनुभव की अनदेखी: दलील दी गई कि बिलासपुर ज़िले में 18 साल या उससे अधिक अनुभव वाले 100 से ज़्यादा वरिष्ठ प्राचार्य मौजूद हैं. इसके बावजूद, महज़ छह महीने पहले शिक्षक (एलबी) से प्राचार्य के पद पर पदोन्नत हुए एक 'कनिष्ठ' (जूनियर) अधिकारी को डीईओ का अहम प्रभार सौंप दिया गया.

  • CR लिखने का अधिकार: सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के एक सर्कुलर का भी हवाला दिया गया. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि नियमों के मुताबिक़, कोई जूनियर अधिकारी अपने से वरिष्ठ अधिकारियों की 'गोपनीय चरित्रावली' (CR) नहीं लिख सकता. ऐसे में एक जूनियर को डीईओ बनाना ख़ुद शासन के दिशा-निर्देशों के ख़िलाफ़ है.

सरकार से मांगा गया जवाब

ग़ौरतलब है कि रामेश्वर जायसवाल की नियुक्ति के बाद से ही 'प्राचार्य कल्याण संघ' इसका विरोध कर रहा था. प्रशासन की ओर से नियुक्ति आदेश वापस न लिए जाने पर प्राचार्यों ने हाई कोर्ट की शरण ली थी.

हाई कोर्ट ने दलीलों को सुनने के बाद नियुक्ति आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है. अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. मामले की अगली सुनवाई में सरकार को अपना पक्ष रखना होगा.

कोविड में पैरोल पर छूटा हत्यारा, 5 साल तक पुलिस को देता रहा चकमा, अब गिरफ्तार

हत्या के एक मामले में कोविड-19 के दौरान पैरोल पर रिहा होकर पांच साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था, जिसे मुखबिर की सूचना पर बसना से दबोचा गया।
रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /   हत्या के मामले में सजा काट रहा एक आरोपी कोविड-19 के दौरान पैरोल पर जेल से बाहर आया और फिर पांच साल तक फरार रहा। रायपुर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, थाना सरस्वती नगर में वर्ष 2012 में दर्ज हत्या के मामले (धारा 302, 307, 506, 34, 147 और 148 भादवि.) का आरोपी सोहेल उर्फ जिमी (38) अंबिकापुर केंद्रीय जेल में न्यायिक अभिरक्षा में बंद था।

वर्ष 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान शासन के निर्देश पर उसे अस्थायी पैरोल पर रिहा किया गया था। हालांकि, पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद वह वापस जेल नहीं लौटा और लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सरस्वती नगर थाना पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान 9 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी बसना क्षेत्र में मौजूद है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बसना पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अजीत सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक संजय सिंह, आरक्षक सुरजीत सिंह सेंगर और रामकुमार वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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