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नीट पेपर लीक और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर शहर और ग्रामीण इकाई ने बुधवार को नीट पेपर लीक मामले तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, सांसदों और अन्य कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में रैली निकालकर प्रदर्शन किया।

कांग्रेस के अनुसार, कांग्रेस भवन से नेहरू चौक तक निकाली गई रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई और उनका प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन भी किया गया।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और युवाओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

बाल संरक्षण पर जिला स्तरीय बैठक, बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर बनी कार्ययोजना

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर पुलिस ने बुधवार को पुलिस ग्राउंड स्थित बिलासगुड़ी हॉल में जिला स्तरीय बाल संरक्षण हितधारकों की तृतीय अभिसरण बैठक आयोजित की। यह बैठक यूनिसेफ, काउंसेल टू सिक्योर जस्टिस (सीएसआई) और बिलासपुर पुलिस के संयुक्त सहयोग से हुई। इसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, पुनर्वास और संबंधित विभागों के बीच समन्वय को अधिक प्रभावी बनाना था।

बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने की। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव अनिल कुमार चौहान तथा काउंसेल टू सिक्योर जस्टिस की वरिष्ठ निदेशक उर्वशी तिलक भी उपस्थित रहीं।

बैठक में कानून से संघर्ष की स्थिति में आए बच्चों के लिए संचालित 'दिशांत–नव नभ की ओर' कार्यक्रम की प्रगति और उपलब्धियों की समीक्षा की गई। साथ ही बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं परामर्श सेवाओं को मजबूत करने, नशामुक्ति सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा विद्यालय से बाहर बच्चों के लिए रात्रिकालीन विद्यालय जैसी पहल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। इन विषयों पर सभी संबंधित विभागों ने समन्वित प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए सभी विभागों और संस्थाओं के बीच निरंतर सहयोग, समन्वय और साझेदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी हितधारकों से संवेदनशील और बाल-अनुकूल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी), बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, सेंदरी मानसिक चिकित्सालय, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों, एनटीपीसी एवं एसईसीएल के सीएसआर प्रतिनिधियों तथा हस्तक्षेप पुलिस थानों के चाइल्ड वेलफेयर पुलिस अधिकारियों (सीडब्ल्यूपीओ) ने भाग लिया।

17 करोड़ के सर्पदंश मुआवजा मामले में भाजपा का कांग्रेस पर हमला, 'गरीबों के हक पर डाका'

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर में सामने आए कथित 17 करोड़ रुपये के सर्पदंश मुआवजा घोटाले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और बिलासपुर के पूर्व विधायक पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गरीबों के लिए संचालित सरकारी योजना का दुरुपयोग हुआ और अब जांच आगे बढ़ने के बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप है।

भाजपा के मंडल अध्यक्ष बबलू कश्यप, शैलेन्द्र यादव, राकेश लालवानी, मनोज सोनी, श्रीनिवास राव और देवेंद्र पाठक ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि गरीब और पीड़ित परिवारों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर प्रकरण है। भाजपा का आरोप है कि जिस अवधि में यह कथित घोटाला हुआ, उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और बिलासपुर का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के विधायक कर रहे थे।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि जांच एजेंसियां 431 संदिग्ध सर्पदंश मुआवजा प्रकरणों की जांच कर रही हैं, जिनमें 17 करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय राशि के कथित गबन की आशंका है। पार्टी के अनुसार, मामले में अब तक डॉक्टर, पुलिसकर्मी, राजस्व विभाग के कर्मचारी और बैंककर्मी सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि गरीब, आदिवासी और वास्तविक पीड़ित परिवारों के लिए बनाई गई राहत योजना का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। पार्टी का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी राशि निकाली गई, जिससे जरूरतमंदों के अधिकारों का हनन हुआ।

प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा ने पूर्व विधायक से सार्वजनिक रूप से पांच सवाल भी पूछे। इनमें कथित फर्जीवाड़े के दौरान प्रशासन से जवाब मांगने, विधानसभा में मामला उठाने, कथित घोटाले की जानकारी होने या न होने तथा कथित नेटवर्क को संरक्षण मिलने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

भाजपा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार मामले की निष्पक्ष जांच करा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति—चाहे वह अधिकारी, कर्मचारी या किसी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति हो—के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

नोट: इस खबर में शामिल सभी आरोप भाजपा की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। इन आरोपों पर कांग्रेस या संबंधित पूर्व विधायक का पक्ष इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।

रैली के दौरान घायल 16 पुलिस जवानों से मिले पुलिस कमिश्नर

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  रायपुर में बुधवार को एक रैली के दौरान कानून-व्यवस्था ड्यूटी में तैनात 16 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, बैरिकेडिंग के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर पत्थर और बोतलें फेंके जाने से यह स्थिति बनी। घायलों में एक महिला आरक्षक भी शामिल है, जबकि दो पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला अस्पताल पहुंचे और भर्ती पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की स्थिति और उपचार के संबंध में जानकारी ली तथा सभी को समुचित इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

पुलिस के अनुसार, घायल जवान कलेश्वर वर्मा ने बताया कि बैरिकेडिंग के दौरान भीड़ के बीच फंस जाने से उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया। वहीं, प्रशिक्षु उप निरीक्षक (पीएसआई) देवराज सिंह के सिर पर बोतल लगने से गंभीर चोट आई है और उनका उपचार चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।

पुलिस ने बताया कि अन्य घायल आरक्षकों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस दौरान पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, एसीपी नीलेश द्विवेदी, टीआई राजेश मरई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल में मौजूद रहे।

नोट: पथराव और बोतलबाजी संबंधी जानकारी पुलिस के आधिकारिक बयान पर आधारित है। घटना के संबंध में अन्य पक्ष का संस्करण इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर निशाना

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई सरकार के डर को दर्शाती है और छात्रों की आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। दीपक बैज ने कहा कि राहुल गांधी देश के युवाओं की आवाज बनकर संसद से लेकर सड़क तक उनके अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

बैज ने दावा किया कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद देश में 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली है। कांग्रेस का कहना है कि लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक कठिन तैयारी करते हैं और सीमित सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, ऐसे में पेपर लीक उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने नीट परीक्षा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के कथित पेपर लीक मामले में भी सरकार ने जिम्मेदारी तय नहीं की। उन्होंने कहा कि इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

नोट: इस खबर में शामिल सभी आरोप छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों पर केंद्र सरकार या भाजपा का पक्ष इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।

'शहर की आवाज़ विधानसभा में क्यों खामोश?' कांग्रेस का विधायक अमर से सवाल

बिलासपुर में कांग्रेस ने विधायक अमर अग्रवाल और राज्य सरकार पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि वे जनता की आवाज़ प्रभावी ढंग से नहीं उठा पा रहे हैं तो उन्हें इस्तीफा देकर नया जनादेश लेना चाहिए।
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर में बुधवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय विधायक अमर अग्रवाल और भाजपा सरकार पर शहर से जुड़े जनहित के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि विधायक विधानसभा में बिलासपुर की जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से नहीं उठा पा रहे हैं तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए विधायक पद से इस्तीफा देकर नया जनादेश लेना चाहिए।

प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी, नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप और उपनेता प्रतिपक्ष रामा बघेल मौजूद रहे।

कांग्रेस का आरोप है कि छत्तीसगढ़ गठन के बाद लंबे समय तक बिलासपुर का नेतृत्व अमर अग्रवाल के हाथों में रहने और उनके लगभग 15 वर्ष मंत्री रहने के बावजूद शहर आज भी जलभराव, बदहाल सड़कें, पेयजल संकट, बिजली कटौती, अपराध, नशाखोरी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।

पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने दावा किया कि विधानसभा के पिछले ढाई वर्षों के रिकॉर्ड में विधायक अमर अग्रवाल द्वारा पूछे गए प्रश्नों की संख्या शून्य है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने 392 प्रश्न उठाकर बिलासपुर के मुद्दों को सदन में रखा था। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब अन्य विधायक अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठा रहे हैं तो बिलासपुर की समस्याएं विधानसभा में क्यों नहीं उठ रहीं।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि करीब 1,100 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद स्मार्ट सिटी परियोजना शहर को जलभराव से नहीं बचा सकी। उनका कहना है कि पहली ही बारिश में कई इलाकों में पानी भर गया और लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों के वास्तविक नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने तथा स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हुए कार्यों, जिसमें जतिया तालाब परियोजना भी शामिल है, की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।

पत्रकार वार्ता में विजय केशरवानी ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की व्यवस्थाओं, ट्रेनों के निरस्तीकरण, बिलासपुर से हवाई सेवाओं की कमी, बिजली दरों में वृद्धि, निजी स्कूलों की फीस, स्वामी आत्मानंद स्कूलों की व्यवस्था और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी उठाया। कांग्रेस ने केंद्रीय विश्वविद्यालय की एलएलबी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

कांग्रेस ने कहा कि उसका विरोध किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि बिलासपुर के विकास और जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज करेगी।

नोट: इस खबर में शामिल आरोप कांग्रेस नेताओं द्वारा पत्रकार वार्ता में लगाए गए हैं। इन आरोपों पर विधायक अमर अग्रवाल या भाजपा की प्रतिक्रिया इस प्रेसवार्ता में शामिल नहीं है।

भाजपा के प्रदर्शन पर कांग्रेस का आरोप, पुलिस ने की एकतरफा कार्रवाई

यह तस्वीर आज दोपहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा कार्यालय का घेराव किये जाने के दौरान ली गयी है। 
रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा के प्रदर्शन को लेकर राज्य सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आज बुधवार को राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में दावा किया कि भाजपा के प्रदर्शन की आड़ में कांग्रेस मुख्यालय पर सुनियोजित हमला किया गया।

कांग्रेस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पत्थर, पानी की बोतलें और लाठियां फेंकीं। पार्टी का यह भी दावा है कि पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस के अनुसार, इस घटना में उसकी एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता, जिनमें महिला कार्यकर्ता भी शामिल हैं, घायल हुए हैं।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन में राज्य सरकार के कई मंत्री शामिल थे। उन्होंने कहा कि जिन मंत्रियों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वही विपक्षी दल के कार्यालय तक पहुंचे। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए राज्यपाल से संबंधित मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम राहुल गांधी के नेतृत्व में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया। पार्टी ने कहा कि वह इस घटना की कड़ी निंदा करती है।

पत्रकार वार्ता में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, अजय साहू, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह, मीडिया कोऑर्डिनेटर सौरभ साहू और ऋषभ चंद्राकर भी मौजूद रहे।

नोट: यह कांग्रेस द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोप हैं। इन आरोपों पर भाजपा और पुलिस का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

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