STATE

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, Politics, बिहार

GUEST COLUMN

Guest Column

EDITOR CHOICE

Editor Choice

TRAVELLING STORY

TRAVELLING STORY

TCG EXCLUSIVE

टीसीजी एक्सक्लूसिव, इतिहास

VIDEO

VIDEO
LATEST NEWS
Loading Latest News...

शराब के लिए रुपये मांगकर धमकाने वाला युवक गिरफ्तार, आरोपी न्यायिक रिमांड पर

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / मल्हार थाना पुलिस ने शराब पीने के लिए रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, ग्राम बैटरी निवासी हनुमान प्रसाद वर्मा ने 13 जुलाई को थाना मल्हार में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव के ही निवासी लेख राम कौशिक ने शराब पीने के लिए रुपये मांगे। रुपये देने से इनकार करने पर आरोपी ने उनके घर के सामने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी लेख राम कौशिक (24 वर्ष), निवासी ग्राम बैटरी, चौकी मल्हार, थाना मस्तूरी को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तारी की वैधानिक प्रक्रिया से अवगत कराने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।

50 बाल अपचारी, सिर्फ दो चौकीदार... आखिर जिम्मेदार कौन ? बेनकाब हुई सुरक्षा व्यवस्था

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  बाल संप्रेक्षण गृह में संविदा चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या के बाद मामला केवल आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब प्रशासनिक जवाबदेही और संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। मृतक के परिजन और सामाजिक संगठन 'परिवर्तन' नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह के बाहर धरने पर बैठकर न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक और विभागीय लापरवाही का परिणाम है।

धरने पर मौजूद लोगों का आरोप है कि बाल संप्रेक्षण गृह में सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से अपर्याप्त थी। मृतक की पत्नी सीमा खांडे ने बताया कि संस्थान में करीब 50 बाल अपचारी रह रहे हैं, जबकि उनकी निगरानी के लिए केवल दो चौकीदार तैनात थे। दिन और रात की ड्यूटी के बीच सीमित सुरक्षा व्यवस्था के कारण किसी भी आपात स्थिति से निपटना लगभग असंभव था। उनका कहना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।

2019 की घटना का भी जिक्र

सामाजिक संगठन परिवर्तन ने दावा किया कि वर्ष 2019 में भी इसी बाल संप्रेक्षण गृह में एक नाबालिग की मौत हुई थी। संगठन का आरोप है कि उस समय भी संस्थान की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे, लेकिन सुधारात्मक कदम प्रभावी ढंग से नहीं उठाए गए। हालांकि, इस आरोप पर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ट्रांसफर के बावजूद ड्यूटी पर रखने का आरोप

धरना दे रहे लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतक नरेंद्र खांडे का मार्च महीने में दूसरे स्थान पर स्थानांतरण हो चुका था, लेकिन उन्हें कथित तौर पर तत्कालीन व्यवस्था के तहत वहीं कार्य करने के लिए रोका गया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रदर्शनकारी इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

विभागीय जवाबदेही की मांग

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना की जांच केवल हत्या तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ की संख्या, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक स्तर पर क्या-क्या कमियां थीं। उनका आरोप है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इतनी गंभीर घटना नहीं होती।

संगठन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है। साथ ही राज्य सरकार से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने की भी अपील की गई है।

परिजनों की प्रमुख मांगें

धरना दे रहे परिजनों और सामाजिक संगठन ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं—

  • घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।
  • सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  • परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए।
  • एफआईआर की प्रति परिजनों को उपलब्ध कराई जाए।
  • मृतक के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करे।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इन मांगों पर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। वहीं पुलिस हत्या और फरार बाल अपचारियों से जुड़े मामले की जांच अलग से कर रही है। 


हर थाना बनेगा ज्यादा सक्रिय, एसपी ने पुलिसिंग को लेकर तय किया नया रोडमैप

राजनांदगांव।  TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक ने बेसिक पुलिसिंग और विजिबल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बीट प्रणाली को मजबूत करने, थाना क्षेत्रों में नियमित पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक थाना प्रभारी को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप माइक्रो स्तर की कार्ययोजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

उन्होंने थानों के अभिलेखों को अद्यतन रखने, निगरानीशुदा एवं गुंडा बदमाशों की नियमित जांच करने तथा लंबित मर्ग, गुम इंसान, शिकायतों और पुराने आपराधिक प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। साथ ही पुराने मामलों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के समय पर संकलन पर जोर दिया। उन्होंने अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों को विवेचकों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने, केस डायरी का परीक्षण करने और आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए थाना और चौकी स्तर पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से सुनने और उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। डायल-112 की प्रतिक्रिया समय की समीक्षा, मालखाना प्रबंधन, जब्त सामग्री के सत्यापन, साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई और होटल, ढाबों तथा लॉज की नियमित जांच के निर्देश भी दिए गए।

यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक शाखा, नगर पुलिस अधीक्षकों और थाना प्रभारियों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया। विशेष रूप से मुकरता चौक में व्यस्त समय के दौरान कम से कम एक पुलिसकर्मी की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन, एलेक्जेंडर किरो, एसडीओपी मंजुलता बाज, केसरीनंदन नायक, डीएसपी के.पी. मरकाम, डीएसपी एम्ब्रोज़ कुजूर सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

एक माह से अंधेरे में स्कूल, बिजली-पानी संकट से जूझ रहे मासूम बच्चे

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के प्राथमिक शाला नदियापार चनाडोंगरी में पिछले एक महीने से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण छात्र-छात्राओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली नहीं होने से भीषण गर्मी के बीच कक्षाओं में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं पेयजल व्यवस्था भी बाधित हो गई है।

विद्यालय प्रबंधन और ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि आवेदन एक कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी तक पहुंचता रहा, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय परिसर के पास लगा बिजली का खंभा भी लंबे समय से गिरा हुआ है। उनका कहना है कि इससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है, लेकिन विभाग ने अब तक इसे हटाने या सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।

अभिभावकों का कहना है कि बिना बिजली और पेयजल सुविधा के छोटे बच्चों का स्कूल में पूरे समय रहना मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि विभागीय उदासीनता का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय की बिजली व्यवस्था जल्द बहाल कराई जाए और गिरे हुए बिजली खंभे को हटाकर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। 


राजिम बना नगर पालिका, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ सरकार ने राजिमवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए राजिम नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान नगर पंचायत की सीमाएं ही नई नगर पालिका की सीमाएं होंगी।

सरकार के इस फैसले के बाद राजिम में उत्साह का माहौल है। नगर पालिका बनने से शहर को शहरी विकास योजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि नगर पालिका का दर्जा मिलने से राजिम के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों में तेजी आएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि नगर पालिका बनने से राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न शहरी विकास योजनाओं का लाभ स्थानीय नागरिकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।

फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से महिला की तस्वीरें वायरल करने के आरोप में युवक गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। बलौदा पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला की तस्वीरों से कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील रूप में प्रसारित करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर तस्वीरों को संपादित (एडिट) किया और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया।

पुलिस के मुताबिक, महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शिकायत में कहा गया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर उनकी तस्वीरों का दुरुपयोग किया है।

जांच के दौरान पुलिस ने सुखसागर कुर्रे (24), निवासी हरदीविशाल, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी श्रवण-बधिर है। उससे पूछताछ के लिए श्रवण-बधिर विशेषज्ञ की सहायता ली गई।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से बताया कि उसने यूट्यूब देखकर इंस्टाग्राम चलाना सीखा था। इसके बाद उसने फर्जी अकाउंट बनाया और महिला की तस्वीरों को एडिट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।

पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है।

सात वर्षीय हरमन बनीं 'किड्स छत्तीसगढ़', प्रतिभा और आत्मविश्वास से जीता खिताब

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  सात वर्षीय हरमन सलूजा ने प्रदेश स्तरीय 'मिस, मिसेज एवं किड्स टैलेंट प्रतियोगिता' में शानदार प्रदर्शन करते हुए 'किड्स छत्तीसगढ़' का खिताब अपने नाम किया है। प्रतियोगिता का आयोजन एवरग्रीन लेडी पत्रिका द्वारा किया गया था, जिसमें प्रदेशभर से लगभग 80 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

हरमन ने अपनी प्रस्तुति, आत्मविश्वास और मंच संचालन की क्षमता से निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में उनके प्रदर्शन को सराहा गया और अंततः उन्हें विजेता घोषित किया गया।

हरमन बिलासपुर के राजेंद्र नगर निवासी आशीष सलूजा और चेतना सलूजा की पुत्री हैं। वह ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में कक्षा दूसरी की छात्रा हैं। कम उम्र में ही उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक और प्रतिभा आधारित प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई है।

इससे पहले कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उनकी सांस्कृतिक प्रस्तुति को भी सराहना मिली थी। हाल ही में राजनांदगांव में आयोजित एक अन्य प्रतियोगिता में भी उन्होंने विजेता का खिताब हासिल किया था।

हरमन के माता-पिता ने उनकी सफलता का श्रेय नियमित अभ्यास, परिवार के सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी हरमन को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. शीला शर्मा, डॉ. सुनील दत्त मिश्रा, अखंड प्रताप सिंह, अखिलेश पटेल, कौशल महानंद, शानवी शर्मा, डॉ. ज्योति सक्सेना, मंजूषा सिंह, मधु शर्मा और प्रणिता पटेल सहित आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com
TODAY छत्तीसगढ़
लाइव मार्केट & सराफा