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दुकान में घुसकर बहनों से गाली-गलौज और मारपीट, दो युवक गए जेल

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बसंतपुर पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों आरोपियों पर समोसा दुकान संचालित करने वाली दो बहनों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश में अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

प्रार्थिया ने थाना बसंतपुर में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गुरुवार की शाम करीब 4.30 बजे वह अपनी छोटी बहन के साथ शिव मंदिर के सामने स्थित समोसा दुकान में कार्य कर रही थी। इसी दौरान आरोपी मोनू यादव उर्फ भांगड़ा और राज वर्मा वहां शराब पीते हुए पहुंचे और दोनों बहनों को देखकर अश्लील गालियां देने लगे।

विरोध करने पर आरोपियों ने दुकान के पास आकर सामान फेंक दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए महिला के साथ हाथ-मुक्के और लात से मारपीट की। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 279/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपी लगातार विवाद कर रहे थे और पीड़िता को शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद दोनों को जिला जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में इंदिरा नगर निवासी 19 वर्षीय मोनू यादव उर्फ भांगड़ा तथा 21 वर्षीय राज वर्मा शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

शाला प्रवेश उत्सव को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी, गांव-गांव होगी मुनादी

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / प्रदेश में आगामी 16 जून को प्रत्येक स्तर पर शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा. इस अहम आयोजन की तैयारी को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से तमाम कलेक्टर से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य को पत्र जारी किया है.  

पत्र में बताया गया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 16 जून से शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन प्रत्येक स्तर पर किया जाएगा. इसके लिए जरूरी है कि शाला – प्रवेश उत्सव की प्रारंभिक तैयारी के साथ-साथ पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी किया जाए. इसके लिए बैनर-पोस्टर लगाने के साथ रैली निकाली जाए. गांवों में तथा शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाए. इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं शाला विकास समिति एवं पालकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए.

शाला प्रारंभ होने के पूर्व शाला भवन की साफ-सफाई एवं मरम्मत कर ली जावे शाला को आकर्षक एवं परिसर में प्रिन्ट – रिच वातावरण बनाया जाए. इसके साथ मरम्मत योग्य भवनों की मरम्मत 15 जून तक पूर्ण कर ली जाए. इसके अलावा विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी पहले से ही संधारित कर ली जाए.

कक्षा पहली के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र से बच्चों की सूची प्राप्त करें तथा इसी प्रकार कक्षा 5वीं उत्तीर्ण होने वाले बच्चों की सूची एवं टीसी प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला से प्राप्त कर कक्षा छठवीं में प्रवेश की कार्रवाई की जाएगा. इसके अलावा शाला त्यागी बच्चों को प्रेरित कर पुनः शाला की मुख्य धारा में जोड़े.

इसके साथ शाला प्रारंभ होने से पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी / विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों की लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे. इसके लिए जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर शिविर लगाया जा सकता है. यही नहीं शिक्षक अध्यापन संबंधी आगामी तीन महीने का रोडमैप तैयार करेंगे. विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शत्-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे.

शाला प्रवेश उत्सव हेतु स्थानीय समुदाय, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्व- सहायता समूह, सेवानिवृत्त कर्मचारीगण एवं जनप्रतिनिधियों से सहयोग प्राप्त किया जाए. इच्छुक व्यक्ति के द्वारा बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी, कंपास बॉक्स, स्कूल बैग आदि प्रदान किया जा सकता है. यही नहीं उत्सव के दौरान छात्रों निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, निःशुल्क गणवेश, सायकल का वितरण किया जाएगा. 

शाला प्रवेश उत्सव में क्या होगा खास?

  • निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण
  • गणवेश और साइकिल वितरण
  • नए विद्यार्थियों का स्वागत समारोह
  • जनप्रतिनिधियों और पालकों की भागीदारी
  • स्कूल छोड़ चुके बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान
  • स्कूल परिसरों में स्वच्छता और आकर्षक वातावरण की व्यवस्था

नशे में ड्राइविंग पर FIR, अवैध पार्किंग और ढाबों पर चलेगा बुलडोजर

बिलासपुर । TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के साथ ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन तथा विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध रूप से खड़े ट्रक और भारी वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों और ले-बाय में ही खड़े किए जाएं। प्रारंभिक स्तर पर वाहन मालिकों और चालकों को चेतावनी दी जाए, इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में सड़क किनारे संचालित ढाबों और होटलों के कारण उत्पन्न होने वाली अवैध पार्किंग की समस्या पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रतिष्ठानों को स्वयं पार्किंग की समुचित व्यवस्था करनी होगी। आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि मालिकों की सहमति से पार्किंग विकसित की जा सकती है। उन्होंने सड़क किनारे उपलब्ध शासकीय भूमि का सर्वे कर पार्किंग के लिए चिन्हांकन करने तथा पार्किंग स्थलों पर मार्गदर्शन हेतु कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के प्रभावी प्रबंधन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसके लिए गोधन आश्रय स्थलों, गौठानों और गोधामों में आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही पेट्रोलिंग दलों एवं फ्लाइंग स्क्वॉड को नियमित निगरानी और अवैध ढाबों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के सभी निर्देशों का जिले में कड़ाई से पालन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है, लेकिन अभी भी सुधार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। पिछले छह माह में जिले में सड़क दुर्घटनाओं के कारण 151 लोगों की मृत्यु हुई है। रतनपुर, तखतपुर और मस्तूरी थाना क्षेत्रों में सर्वाधिक दुर्घटनाएं और मौतें दर्ज की गई हैं।

एसएसपी ने बताया कि नशे की हालत में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनकर उभरा है। ऐसे मामलों में केवल चालानी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने पर बल दिया।

बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि कुछ भारी वाहन टोल टैक्स बचाने के लिए ग्रामीण सड़कों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त होने के साथ दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ रही है। इस पर एसएसपी ने ऐसे वाहनों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, जिले के सभी एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी, एनएचएआई, परिवहन, पशु चिकित्सा एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा दुर्घटनामुक्त बिलासपुर के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।


अश्लील वीडियो की धमकी, 35 लाख की उगाही और दुष्कर्म

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / महिला थाना रायगढ़ पुलिस ने दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी पर महिला का अश्लील वीडियो बनाकर वर्षों तक शारीरिक और आर्थिक शोषण करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार कोतरारोड़ थाना क्षेत्र की 33 वर्षीय महिला ने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ निवासी अनिल ईजारदार को स्कूल के समय से जानती थी। वर्ष 2013 में महिला की शादी हो गई थी, लेकिन वर्ष 2019 में फेसबुक के माध्यम से दोनों का दोबारा संपर्क हुआ और बातचीत शुरू हुई।

महिला का आरोप है कि 25 दिसंबर 2020 को आरोपी उसे चंद्रपुर बस स्टैंड से अपने वाहन में बैठाकर गांव के समीप खेत की ओर ले गया, जहां उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और चोरी-छिपे वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद आरोपी कथित रूप से वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करता रहा।

शिकायत के अनुसार आरोपी ने महिला के पति और परिवारजनों को आपत्तिजनक सामग्री भेजने की धमकी देकर लगातार दबाव बनाया। इसी भय का फायदा उठाकर आरोपी ने 25 दिसंबर 2020 से 24 मई 2026 तक महिला का शारीरिक शोषण किया। महिला ने आरोप लगाया है कि इस दौरान आरोपी ने उससे नगद राशि और जेवरात मिलाकर लगभग 35 लाख रुपये की अवैध वसूली भी की। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि लगातार प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी तथा आत्महत्या तक का विचार करने लगी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर महिला थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस टीम ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम बंजारी से आरोपी अनिल ईजारदार (32 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। 

पूछताछ के दौरान आरोपी को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार क्रमांक CG-13-Y-8772 तथा एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम), 351(3) और 308(2) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

"सोशल मीडिया पर हुई पहचान या दोस्ती का कोई व्यक्ति गलत फायदा उठाकर ब्लैकमेल करे तो महिलाएं तुरंत पुलिस से संपर्क करें। रायगढ़ पुलिस हर पीड़िता को संवेदनशीलता के साथ न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।"

पॉक्सो केस में शिक्षक की याचिका खारिज, कोर्ट बोला- अभी जांच जरूरी

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक स्कूली छात्रा की शिकायत पर शिक्षक के खिलाफ दर्ज पॉक्सो अधिनियम के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामला नाबालिग छात्रा से जुड़ा है और उपलब्ध तथ्यों से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का संकेत मिलता है। ऐसे में जांच के शुरुआती चरण में एफआईआर को निरस्त नहीं किया जा सकता।

मामला सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। यहां पदस्थ जीव विज्ञान व्याख्याता हरकेश कुमार जायसवाल ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

भटगांव पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(1)(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत अपराध दर्ज किया था। याचिका में शिक्षक की ओर से दावा किया गया कि शिकायत दुर्भावनावश दर्ज कराई गई है और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि शिक्षक वर्ष 2008 से सेवा में हैं और उनके खिलाफ पूर्व में कभी कोई शिकायत नहीं हुई। साथ ही यह भी कहा गया कि कथित घटना की तिथि पर वह राजस्थान के कोटा शहर में अपने बच्चों की नीट परीक्षा की तैयारी के सिलसिले में मौजूद थे।

याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि कथित घटना 16 फरवरी 2026 की है, जबकि शिकायत लगभग 50 दिन बाद 6 अप्रैल को दर्ज कराई गई। ऐसे में आरोपों की विश्वसनीयता संदिग्ध प्रतीत होती है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाली कक्षा में इस प्रकार की घटना होना भी असंभव बताया गया।

वहीं राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत पक्ष में कहा गया कि मामला नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न से जुड़ा है। ऐसे गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी को आधार बनाकर जांच प्रक्रिया समाप्त नहीं की जा सकती। मामले की वास्तविकता निष्पक्ष पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामला प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का प्रतीत होता है। अदालत ने यह भी माना कि लगाए गए आरोप इस स्तर पर पूरी तरह अविश्वसनीय या असंभव नहीं कहे जा सकते।

इन्हीं आधारों पर अदालत ने एफआईआर निरस्त करने की मांग खारिज कर दी। हालांकि कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी की आशंका है, तो वह कानून के तहत उपलब्ध अन्य वैधानिक उपायों का सहारा ले सकता है।

कुथरेल में बन रहा था नकली गुटखा, 10 लोग रंगे हाथ गिरफ्तार

दुर्ग।  TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अंडा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध गुटखा निर्माण एवं पैकेजिंग के कारोबार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कुथरेल और अंडा क्षेत्र में संचालित अवैध इकाइयों पर छापा मारकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी 10 आरोपी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों—बांदा, हरदोई, उन्नाव, कानपुर और फतेहपुर—के निवासी बताए गए हैं, जो दुर्ग जिले में रहकर अवैध गुटखा निर्माण कार्य में लगे हुए थे। 

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना अंडा क्षेत्र के कुथरेल एवं आसपास के इलाकों में अवैध रूप से गुटखा निर्माण और पैकेजिंग का कार्य किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना अंडा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने गुटखा निर्माण में प्रयुक्त विभिन्न प्रकार का कच्चा माल, रसायन, मशीनें, पैकेजिंग सामग्री तथा तैयार एवं अर्द्धनिर्मित उत्पाद बरामद किए। प्रारंभिक जांच में बिना किसी वैधानिक अनुमति के गुटखा निर्माण और पैकेजिंग किए जाने की पुष्टि हुई।

पुलिस ने मौके से बरामद समस्त सामग्री को जब्त कर लिया तथा मामले में संलिप्त 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के विरुद्ध थाना अंडा में अपराध क्रमांक 63/2026 एवं 64/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) तथा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से यह कारोबार संचालित कर रहे थे। मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध कारोबार के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



दो साल तक पुलिस से बचता रहा ‘सन्नी सरदार’, आखिर ऐसे आया गिरफ्त में

 
रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक चर्चित मामले में करीब दो वर्ष से फरार चल रहे आरोपी संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार, मूल रूप से अमृतसर (पंजाब) का निवासी है और रायगढ़ में रह रहा था। वह वर्ष 2024 में हुए एक जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिसके कारण उसके विरुद्ध फरारी में चालान भी पेश किया गया था।

 यह था मामला

पुलिस के मुताबिक 7 दिसंबर 2024 की रात साहिल ठाकुर अपने मित्रों के साथ पोस्ट ऑफिस के पीछे स्थित जिम के पास आग ताप रहा था। इसी दौरान कार में सवार कई युवक वहां पहुंचे और साहिल ठाकुर पर लोहे की रॉड एवं डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में साहिल के सिर, चेहरे, जबड़े, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। उसका दांत टूट गया था और जबड़ा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। बीच-बचाव करने पहुंचे अमन सिंह ठाकुर पर भी आरोपियों ने हमला किया था। गंभीर रूप से घायल साहिल को रायगढ़ से रायपुर रेफर किया गया, जहां उसका उपचार हुआ।

 पहले मिल चुकी है सजा

मामले की जांच के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया था। इस मामले में आरोपी राज बरेठ को हत्या के प्रयास के अपराध में दोषी पाते हुए न्यायालय ने 30 अक्टूबर 2025 को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं एक अन्य आरोपी को बलवा के मामले में चार वर्ष की सजा मिली थी।

मुखबिर की सूचना पर दबोचा 

कोतवाली पुलिस लगातार फरार आरोपी संदीप सिंह की तलाश कर रही थी। "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत सक्रिय किए गए मुखबिर तंत्र से मिली सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसके मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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