जांजगीर-चांपा / TODAY छत्तीसगढ़ / रक्षाबंधन के मौके पर जांजगीर-चांपा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता की अनोखी पहल शुरू की है। ‘एक राखी साइबर जागृति की’ अभियान के तहत जिले के 432 गांवों, शहरी वार्डों, सरकारी कॉलेजों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में एक साथ साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया।
अभियान के दौरान जिले में 1 लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों को ‘साइबर जागृति की राखी’ बांधी गई और उन्हें साइबर अपराध से बचने की शपथ दिलाई गई। पुलिस के इस व्यापक अभियान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
राखी के साथ साइबर सुरक्षा का संकल्प
जिला स्तरीय कार्यक्रम जांजगीर के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित किया गया। इसमें कलेक्टर जनमेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ की राज्य प्रभारी सोनल राजेश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार, डीएसपी मुख्यालय विजय पैकरा, डीएसपी अजाक सतरूपा तारम, सीएसपी जांजगीर योगिताबाली खापर्डे, रक्षित निरीक्षक प्रदीप कुमार जोशी और साइबर प्रभारी भास्कर शर्मा समेत अन्य अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि राखी भाई-बहन के बीच सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक है। इसी भावना को साइबर सुरक्षा से जोड़ते हुए लोगों को एक-दूसरे को साइबर अपराध से सुरक्षित रखने का संकल्प लेना चाहिए।
432 गांवों में एक साथ पहुंचा संदेश
अभियान की खास बात यह रही कि जिले के 432 गांवों में एक साथ साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जांजगीर-चांपा पुलिस के साथ ग्राम कोटवार और महिला कमांडो ने ग्रामीणों को ‘साइबर जागृति की राखी’ बांधी।
शहरी क्षेत्रों के वार्डों के साथ सरकारी कॉलेजों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी लोगों को राखी बांधकर साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की शपथ दिलाई गई। पुलिस ने लोगों को समझाया कि साइबर ठगों से बचने के लिए छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
OTP और बैंक डिटेल साझा नहीं करने की अपील
अभियान के दौरान लोगों को फर्जी लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान कॉल पर OTP या बैंक की जानकारी साझा नहीं करने और सोशल मीडिया का सावधानी से इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई। साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील भी की गई।
गोल्डन बुक में दर्ज
जिलेभर में एक साथ बड़े स्तर पर आयोजित इस अभियान के सत्यापन के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ की राज्य प्रभारी सोनल राजेश शर्मा को आमंत्रित किया गया था।
उन्होंने जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों का सत्यापन किया। पुलिस के अनुसार, 432 गांवों में एक साथ साइबर जागरूकता अभियान चलाने की यह पहल गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से अभियान से संबंधित प्रमाण पत्र भी पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय को प्रदान किया गया।
राखी तैयार करने में महिलाओं और जेल बंदियों का योगदान
‘साइबर जागृति की राखी’ तैयार करने में जिला पुलिस के साथ महिला कमांडो, महिला स्व सहायता समूह और जिला जेल के कैदियों ने भी योगदान दिया। इस पहल के जरिए साइबर सुरक्षा के संदेश को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
जांजगीर-चांपा पुलिस का कहना है कि गांव से शहर तक एक साथ चलाया गया यह अभियान साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
रिकॉर्ड की खास बातें
- एक घंटे के भीतर 1 लाख से ज्यादा लोगों को साइबर जागृति की राखी
- 432 ग्रामों और वार्डों में एक साथ अभियान
- 336 ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम
- शासकीय प्रतिष्ठानों और उद्योगों में भी जागरूकता
- गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज








