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शादी में गए परिवार के घर लाखों की चोरी, दो गिरफ्तार

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम हिंडाडीह में शादी समारोह के दौरान सूने घर को निशाना बनाकर लाखों की चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पूरी संपत्ति बरामद कर ली गई है।

प्रार्थिया श्यामकली मरावी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 अप्रैल की शाम वह घर में ताला लगाकर शादी कार्यक्रम में गई थी। वापस लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और आलमारी से सोने-चांदी के जेवर सहित नगदी गायब थे। चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 5 लाख 60 हजार रुपये बताई गई। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदेही रामेश्वर यादव (19 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरू में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी रोहित दास मानिकपुरी उर्फ राहुल (27 वर्ष) के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने का मंगलसूत्र, हार, लॉकेट, झुमका, चांदी का पायल, करधन, चूड़ा, बिछिया, नगदी ₹14,000 जब्त किया जिसकी कुल कुल कीमत करीब ₹5.60 लाख बताई जा रही है। 

आरोपियों ने बताया कि उन्होंने घर के सूने होने का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया और चोरी का सामान गांव के बाहर जमीन में छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छिपाए गए स्थान से सोने-चांदी के जेवर और नगदी बरामद कर ली।


सुरक्षा पर सवाल: महिला वनरक्षक ने लगाई न्याय की गुहार, मानसिक-आर्थिक प्रताड़ना के आरोप

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  वन विभाग की महिला वनरक्षक द्वारा लिखा गया दो पन्नों का पत्र केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की संवेदनशीलता, जवाबदेही और महिला सुरक्षा के दावों की वास्तविकता को परखने वाला दस्तावेज बनकर सामने आया है।

बिलासपुर वनमण्डल के अनुसन्धान एवं विस्तार विभाग की महिला वनरक्षक ओसिन रानी सिंह ने पत्र में महिला ने स्पष्ट रूप से अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर मानसिक, आर्थिक और सामाजिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आरोप किसी निजी संस्था पर नहीं, बल्कि एक शासकीय विभाग पर हैं—जहां नियम, संरचना और शिकायत निवारण तंत्र पहले से स्थापित होना चाहिए। 

पीड़िता ने अपने पत्र में वनमंडलाधिकारी नीरज कुमार यादव, वनरक्षक बंसल महिलागे और भूपेंद्र उहरिया पर मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि लगातार प्रताड़ना के चलते उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।

महिला वनरक्षक का कहना है कि उन्होंने इस मामले में उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की अपील की है। पीड़िता ने अपने आरोपों के समर्थन में एक आडियो/वीडियो भी साझा किया है, जिसमें कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया गया है। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।  

पत्र क्या कहता है — आरोपों की परतें

पत्र के अनुसार— महिला को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, आर्थिक दबाव और कार्यस्थल पर उत्पीड़न का आरोप, गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार का उल्लेख है। महिला कर्मी का कहना है कि शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना वन कार्यालय में जंगल कानून जैसा लगता है। इस पुरे मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि पीड़िता ने विभागीय स्तर पर शिकायत करने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की बात कही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि या तो शिकायत प्रणाली निष्क्रिय है या जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। 

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, हीट स्ट्रोक से बचने के लिए जरूरी गाइडलाइन


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में लू के लक्षण, बचाव के उपाय, प्रारंभिक उपचार तथा अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

          राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रदेश में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे लू (हीट स्ट्रोक) की संभावना बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए समय रहते सतर्कता और बचाव अत्यंत आवश्यक है। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लू के प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, शरीर में दर्द, अत्यधिक गर्मी के बावजूद पसीना न आना, अत्यधिक प्यास लगना, पेशाब कम आना तथा बेहोशी शामिल हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करते हुए तुरंत आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

         लू से बचाव के लिए नागरिकों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, धूप में निकलते समय सिर और कान ढंकने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के, सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। अधिक पसीना आने पर ओआरएस घोल का सेवन करने तथा चक्कर या घबराहट होने पर छायादार स्थान पर आराम करने और ठंडे पेय पदार्थ लेने की भी सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर 104 आरोग्य सेवा केंद्र से नि:शुल्क परामर्श लेने को कहा गया है।लू से प्रभावित व्यक्ति के लिए प्राथमिक उपचार के रूप में सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखना, शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करना, पर्याप्त तरल पदार्थ देना तथा मरीज को हवादार स्थान पर लिटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गंभीर स्थिति में तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाने पर जोर दिया गया है।

       स्वास्थ्य विभाग ने सभी शासकीय अस्पतालों को भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बाह्य रोगी विभाग में आने वाले मरीजों की लू के लक्षणों की जांच, कम से कम दो बेड आरक्षित रखना, वार्डों में कूलर या अन्य शीतलन व्यवस्था करना तथा ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा प्राथमिक उपचार कक्ष में ओआरएस कॉर्नर स्थापित करने, पर्याप्त मात्रा में जीवनरक्षक दवाएं, इंट्रावेनस फ्लूइड और ओआरएस पैकेट उपलब्ध रखने तथा गंभीर मरीजों के लिए विशेष प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।प्रत्येक जिला और ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल चिकित्सा दल तैनात करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में सतर्क रहें, पर्याप्त पानी पिएं और लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

7 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /   जिले में लंबित मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन तलाश” के तहत लैलूंगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2019 के आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में 7 वर्षों से फरार आरोपी जदुमणी पैकरा (42 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

पुलिस के अनुसार, 12 मार्च 2019 को थाना लैलूंगा में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक युवक प्रकाश पैंकरा (22 वर्ष) ने गांव की एक युवती को पत्नी के रूप में साथ रखा था। इस बात को लेकर गांव में बैठक बुलाई गई, जहां युवक के साथ मारपीट, बंधक बनाकर प्रताड़ना और जुर्माना लगाए जाने की घटना सामने आई।

इस घटना से आहत होकर युवक ने अगले दिन फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की जांच में संबंधित आरोपियों के खिलाफ धारा 306 भादवि के तहत अपराध दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। हाल ही में ऑपरेशन तलाश के तहत पुलिस को आरोपी जदुमणी पैकरा के संबंध में सूचना मिली, जिसके आधार पर उसे पकड़कर पूछताछ की गई और उसकी संलिप्तता पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया।

 अब भी फरार आरोपी

➡️ गोपाल यादव

➡️ करमचंद पैकरा

➡️ सजन पैकरा

➡️ पहलवान पैकरा

➡️ उसत पैकरा

➡️ जमुनाडिहा

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