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कमीशन के लालच में जुटा रहे थे बैंक खाते, म्यूल अकाउंट नेटवर्क का खुलासा


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / साइबर अपराध और म्यूल अकाउंट नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तोरवा क्षेत्र में बैंक खातों और पासबुक के बदले कमीशन का लालच देकर लोगों को फंसाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में दोनों के तार साइबर ठगी से जुड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं।

पुलिस को 29 मई को सूचना मिली थी कि तितली चौक स्थित एसबीआई बैंक, तोरवा के आसपास एक युवक लोगों से बैंक खाते, पासबुक और खाता संबंधी जानकारी मांग रहा है तथा इसके बदले कमीशन देने का प्रलोभन दे रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

पुलिस को देखकर भागने लगा आरोपी

पुलिस वाहन को देखते ही संदिग्ध युवक भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान प्रियांशु वस्त्रकार के रूप में हुई। उसके मोबाइल फोन की जांच करने पर कई व्यक्तियों के बैंक खातों, पासबुकों और बैंकिंग दस्तावेजों की तस्वीरें एवं जानकारी मिली। गहन पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अनिल गजभिये के साथ मिलकर लोगों से बैंक खाते और पासबुक एकत्रित करता था।

साइबर ठगों को उपलब्ध कराए जा रहे थे खाते

जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी में करने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि दोनों आरोपी म्यूल अकाउंट नेटवर्क के जरिए साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम कर रहे थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन और ट्रांसफर के लिए किया जाता था।

मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 30 मई को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित साइबर ठगी गिरोह की भी तलाश जारी है।

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 17 लाख की ठगी, साइबर गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके बैंक खातों से देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के तार जुड़े पाए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नर्मदा नगर निवासी एक महिला को शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में 17 लाख 21 हजार 100 रुपये की ठगी की गई थी। शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और एनसीआरपी पोर्टल की मदद से जांच शुरू की, जिसमें एक संगठित साइबर नेटवर्क का खुलासा हुआ।

चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में बिहार और छत्तीसगढ़ के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुकेश कुमार दास (29), मूल निवासी समस्तीपुर (बिहार), वर्तमान रायपुर, केशव साव निवासी रायगढ़, संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की निवासी सक्ती और शिशिर राठौर (35) निवासी सक्ती, वर्तमान रायपुर शामिल हैं।

देशभर में फैला था नेटवर्क

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी संदीप कुमार चंद्रा के बैंक खाते के खिलाफ गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में पांच साइबर शिकायतें दर्ज हैं। वहीं मुख्य आरोपी मुकेश कुमार दास के तीन अलग-अलग बैंक खातों में कुल 13 साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज मिलीं। इनमें इंडसइंड बैंक खाते में तीन, एक्सिस बैंक खाते में छह और इंडियन ओवरसीज बैंक खाते में चार शिकायतें शामिल हैं। इन खातों से जुड़े मामलों में कुल संदिग्ध लेनदेन लगभग 8 करोड़ रुपये का पाया गया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुकेश के खातों में साइबर ठगी से जुड़े करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे।

एक करोड़ रुपये से अधिक राशि होल्ड

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी केशव साव के एक्सिस बैंक खाते में लगभग 99 लाख रुपये और आरोपी शिशिर राठौर के खाते में करीब 1 लाख रुपये होल्ड कराया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों द्वारा साइबर अपराध से अर्जित रकम को विभिन्न बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर और छिपाने का प्रयास किया जा रहा था।

एनसीआरपी पोर्टल से मिले अहम सुराग

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त जानकारी में आरोपियों के खातों के विरुद्ध कई राज्यों में शिकायतें दर्ज मिलीं। इससे यह संकेत मिला कि गिरोह ऑनलाइन निवेश, शेयर ट्रेडिंग और हाई-रिटर्न स्कीम के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर रहा था।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नोडल अधिकारी गगन कुमार तथा थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

सुशासन तिहार में सियासी घमासान, कांग्रेस नेता और विधायक में तीखी नोकझोंक

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत गोढ़ी गांव में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी माहौल को शांत कराने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समाधान शिविर के दौरान राजेंद्र शुक्ला ने माइक संभालते हुए ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और आवेदनों के निराकरण की जानकारी लेना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने पेयजल, बिजली, सड़क, खाद-बीज और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर अधिकारियों से सवाल पूछे। बताया जाता है कि जैसे-जैसे सवाल बढ़ते गए, ग्रामीण भी खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखने लगे, जिससे कार्यक्रम का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

‘सुशासन तिहार के नाम पर ढकोसला बंद करो’ के लगे नारे

वायरल वीडियो में राजेंद्र शुक्ला अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ “सुशासन तिहार के नाम पर ढकोसला बंद करो” के नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम का बहिष्कार कर शिविर स्थल छोड़ दिया।

माइक बंद करने का आरोप

कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने आरोप लगाया कि जब वे जनता की समस्याओं को लेकर सवाल उठा रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि समाधान शिविर का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का निराकरण करना है, लेकिन जब उन्होंने जवाब मांगने शुरू किए तो उन्हें बोलने से रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को प्रशासन से जवाब मांगने का पूरा अधिकार है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के सवालों को दबाया नहीं जा सकता।

प्रशासन ने संभाली स्थिति

घटना के दौरान मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हालांकि, विवाद के बाद शिविर का माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग गया। फिलहाल इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। 


ग्रामीण बनकर पहुंची पुलिस, महुआ शराब की भट्ठी पर मारा छापा

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ‘चेतना विरुद्ध नशा’ अभियान के तहत सीपत पुलिस ने ग्राम धौराकोना में बड़ी कार्रवाई करते हुए 210 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शराब बनाने के उपकरण और बर्तन भी जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 67 हजार रुपये आंकी गई है।

बताया जा रहा है कि सूचना मिलने के बाद पुलिसकर्मी ग्रामीणों की वेशभूषा में गांव पहुंचे, ताकि अवैध कारोबारियों को भनक न लग सके। योजना सफल रही और पुलिस ने शराब तैयार करते समय दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 210 लीटर कच्ची महुआ शराब और शराब निर्माण में उपयोग होने वाले अन्य उपकरण जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंचराम धनुहार और बहोरन सिंह धनुहार के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सीपत क्षेत्र के ग्राम धौराकोना के रहने वाले हैं। 

आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(1)(क)(च) एवं 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। सीपत पुलिस का कहना है कि अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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