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इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती एक युवती के लिए मुसीबत बन गई। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में तोरवा पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता ने 22 मई को थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसकी पहचान आरोपी नीलेश कुमार जायसवाल से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी और इसी दौरान आरोपी ने युवती का विश्वास जीत लिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अपना जन्मदिन मनाने का बहाना बनाकर उसे तोरवा क्षेत्र स्थित एक होटल में बुलाया। वहां शादी करने का झांसा देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया।

शिकायत दर्ज होने के बाद तोरवा पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। महिला संबंधी अपराधों के त्वरित निराकरण के लिए थाना प्रभारी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने आरोपी निलेश कुमार जायसवाल (19) निवासी ग्राम जरेली, थाना तखतपुर को उसके घर से गिरफ्तार किया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 23 मई  को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, शुरू हुई मोबाइल FSL यूनिट


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले की कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप देने की दिशा में रायगढ़ को बड़ी सौगात मिली है। शुक्रवार को क्षेत्रीय एफएसएल कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया।

महापौर जीववर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को रवाना किया। शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई यह हाईटेक यूनिट अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण करने में सक्षम होगी।

कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पुलिस और न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल लैब की स्थापना के बाद अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट शुरू होने से अपराध जांच और अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इसे पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में जिले को साइबर थाना, क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला और डायल-112 के लिए आधुनिक ईआरवी वाहन मिले हैं। अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट जुड़ने से घटनास्थल पर तत्काल वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी।

उप संचालक एफएसएल एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी पीएस भगत ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत गंभीर अपराधों और बड़ी दुर्घटनाओं में फॉरेंसिक टीम की तत्काल मौजूदगी जरूरी हो गई है। ऐसे में यह मोबाइल यूनिट मौके पर पहुंचकर त्वरित वैज्ञानिक परीक्षण करेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन “लैब ऑन व्हील्स” सुविधा से लैस है। इसमें हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट किट, डीएनए सैंपल संग्रह उपकरण, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, जीएसआर जांच किट, दस्तावेजीकरण उपकरण और जीपीएस आधारित बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल पर ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे और अभियोजन प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। 

घर की बाड़ी में उगा रहा था गांजा, पुलिस ने किया गिरफ्तार


राजनांदगांव। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लालबाग पुलिस ने गांजा की अवैध खेती करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के घर की बाड़ी से गांजा के छह पौधे जड़ सहित बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में 22 मई को थाना लालबाग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम मोहभटटा (चमारराय टोलागांव) निवासी तुलेश्वर साहू अपने घर की बाड़ी में अवैध रूप से गांजा के पौधों की खेती कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से घर की बाड़ी में लगे छह गांजा पौधे जड़ सहित बरामद किए गए। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत करीब 12 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना लालबाग में अपराध क्रमांक 218/2026 के तहत धारा 20(क)(i) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे और अवैध गतिविधियों से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

प्रसव के बाद महिला की मौत, नवजात को लेकर सौदेबाजी के आरोप


कोरबा।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिंदगी की पहली सांस लेते ही एक मासूम ने शायद यह नहीं सोचा होगा कि कुछ ही घंटों में उसकी दुनिया उजड़ जाएगी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जन्मे उस नवजात की आंखें अभी ठीक से खुली भी नहीं थीं कि मां की ममता हमेशा के लिए उससे दूर हो गई।

करतला थाना क्षेत्र के ग्राम तुर्रीकटरा निवासी सरजू प्रसाद राठिया अपनी पत्नी रमशीला राठिया को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लेकर पहुंचा था। परिवार खुश था कि घर में नई किलकारी गूंजने वाली है। कुछ ही देर बाद रमशीला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। प्रसव के तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद वह जिंदगी की जंग हार गई।

अस्पताल के उस वार्ड में जहां कुछ देर पहले खुशियों की उम्मीद थी, वहां अचानक सन्नाटा पसर गया। एक तरफ मां की निर्जीव देह थी, तो दूसरी तरफ गोद में सिमटा वह मासूम, जिसे शायद अभी यह भी नहीं पता कि उसकी मां अब कभी उसे सीने से नहीं लगाएगी। सबसे दर्दनाक मोड़ तब आया, जब आरोप लगा कि पिता ने भी नवजात को अपने साथ रखने से इंकार कर दिया। वह बार-बार यह कहता रहा कि पहली पत्नी से उसके पहले ही दो बच्चे हैं और अब वह इस बच्चे की जिम्मेदारी नहीं उठा सकता। हालांकि नवजात के दादा ने बच्चे को साथ ले जाने और उसकी परवरिश की बात कही है। 

इसके बाद अस्पताल परिसर में जो हुआ, उसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। नवजात को एक संजीवनी एक्सप्रेस चालक के हवाले कर दिया गया। बताया जा रहा है कि चालक नि:संतान है और उसने बच्चे को अपनाने की इच्छा जताई थी। लेकिन इसी बीच तीन लाख रुपये के कथित लेनदेन और एक इकरारनामे की चर्चा ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया। लोग सवाल पूछ रहे हैं—क्या एक नवजात की जिंदगी का फैसला इस तरह हो सकता है? क्या मां की मौत के बाद उस मासूम को सिर्फ एक जिम्मेदारी समझ लिया गया?

संजीवनी चालक का कहना है कि उसने इंसानियत के नाते बच्चे को अपनाने की इच्छा जताई थी, ताकि उसे बेहतर जिंदगी मिल सके। लेकिन अब इस पूरे मामले ने समाज, संवेदनाओं और इंसानियत पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 

फिलहाल यह  मासूम शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है—जिस बच्चे ने दुनिया में कदम रखते ही मां को खो दिया, क्या उसे अब सच में एक सुरक्षित और प्यार भरा भविष्य मिल पाएगा? 


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