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कर्ज में डूबे युवकों ने शराब दुकान लूटने रची साजिश, तीन गिरफ्तार

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मस्तूरी के गतौरा स्थित शासकीय कंपोजिट मदिरा दुकान में सुरक्षाकर्मियों को चाकू दिखाकर लूट की वारदात करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मस्तूरी पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित कर्ज में डूबे थे और शराब दुकान के लॉकर में रखी नकदी लूटकर कर्ज चुकाने की योजना बनाई थी। आरोपित पहले मोपका शराब दुकान पहुंचे थे, लेकिन वहां चहल-पहल देखकर योजना बदलकर गतौरा पहुंचे थे।

पुलिस के अनुसार तीन अगस्त की रात करीब 3:30 बजे गतौरा शराब दुकान में तैनात सुरक्षाकर्मी साहिल राय और हरकुंवर पंकज के पास चार नकाबपोश पहुंचे। काले कपड़े पहने आरोपितों ने दोनों को चाकू दिखाकर दुकान की चाबी मांगी। चाबी नहीं होने पर आरोपितों ने हरकुंवर पंकज के सिर, माथे और हाथ पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसके बाद दोनों सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पैर बांध दिए गए। आरोपितों ने दुकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और ग्राइंडर कटर मशीन व छेनी से लॉकर काटने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके।

लॉकर नहीं टूटने और नकदी नहीं मिलने पर आरोपित दुकान के काउंटर में रखी शराब की कुछ बोतलें, सुरक्षाकर्मियों के दो मोबाइल फोन, सीसीटीवी कैमरा और डीवीआर लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए आरोपितों ने सीसीटीवी का डीवीआर नदी में फेंक दिया था।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे कर्ज में डूबे हुए थे। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने शराब दुकान में रखी नकदी लूटने की योजना बनाई। इसके लिए गैस कटर, ग्राइंडर कटर मशीन, छेनी, रस्सी और चाकू समेत अन्य सामान जुटाया गया था।

चारों आरोपित दोपहिया वाहनों से पहले मोपका शराब दुकान पहुंचे। वहां ज्यादा चहल-पहल होने के कारण उन्होंने वारदात टाल दी और चिल्हाटी-फरहदा होते हुए गतौरा पहुंचे। यहां पूर्व नियोजित तरीके से सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाकर लूट का प्रयास किया।

घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मस्तूरी पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने लगातार पतासाजी की। इसके बाद अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना, पिंटू निषाद और सुशील निर्मलकर को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और स्कूटी, दो लूटे गए मोबाइल फोन, गैस कटर, ग्राइंडर कटर मशीन, छेनी, धारदार चाकू और अन्य औजार जब्त किए हैं।

मामले में एक अन्य आरोपित अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार फरार आरोपित पूर्व में सीएमएस इंफो सिस्टम कंपनी में काम करता था और शासकीय मदिरा दुकानों से नकद राशि कलेक्शन करता था। मामले में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपित

अनिल ध्रुव उर्फ अन्ना, 24 वर्ष, निवासी देखरीखुर्द, थाना तोरवा, बिलासपुर।

पिंटू निषाद, 25 वर्ष, निवासी धान मंडी के पीछे, तोरवा, बिलासपुर।

सुशील निर्मलकर, 24 वर्ष, निवासी हेमूनगर अटल आवास, बिलासपुर।

युवाओं से बोले कलेक्टर- देश को अपना समझें, ईमानदारी से निभाएं अपनी जिम्मेदारी

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / वंदे मातरम् और हर घर तिरंगा अभियान के तहत सोमवार को साइंस कॉलेज के राघवेंद्र राव सभाभवन में युवाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने छात्र-छात्राओं और एनएसएस स्वयंसेवकों से संवाद किया। इस दौरान युवाओं को तिरंगा शपथ दिलाते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।

देश को अपना समझकर निभाएं जिम्मेदारी 

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि भारत तेजी से प्रगति कर रहा है। जरूरत इस बात की है कि प्रत्येक नागरिक यह महसूस करे कि देश उसका अपना है और इसे बेहतर बनाने में उसकी भी भूमिका है। युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनकी ऊर्जा, विचार और रचनात्मकता राष्ट्र निर्माण को नई दिशा दे सकती है।

उन्होंने कहा कि एनएसएस युवाओं को समाज सेवा और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर देता है। देश को आजादी स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से मिली है। स्वतंत्रता का अर्थ मनमानी करना नहीं, बल्कि अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों को समझना भी है।

कलेक्टर ने कहा कि संविधान, कानून और नियमों का पालन करने के साथ हमें दूसरे लोगों के अधिकारों और सम्मान का भी ध्यान रखना चाहिए। प्रत्येक नागरिक यदि अपने स्तर पर ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करे तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

लक्ष्य तय करें और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें : एसएसपी

एसएसपी रजनेश सिंह ने युवाओं से कहा कि वे अपने जीवन का लक्ष्य तय कर दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक कार्यों में करें।

एसएसपी ने साइबर अपराधों को लेकर भी युवाओं को सावधान किया। उन्होंने बताया कि जिले में 11 से 15 अगस्त तक साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे और बड़े पदों पर बैठे लोग भी साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए अनजान लिंक, कॉल, मैसेज और ऑनलाइन लेन-देन में विशेष सावधानी जरूरी है।

हेलमेट पहनें, यातायात नियमों का करें पालन

एसएसपी ने सड़क सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने युवाओं से हेलमेट पहनने और यातायात के सभी नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है। थोड़ी सी सावधानी और नियमों का पालन कई अनमोल जिंदगियां बचा सकता है।

उन्होंने कहा कि अनुशासन केवल नियमों का पालन नहीं है, बल्कि यह स्वयं और दूसरों के जीवन के प्रति जिम्मेदारी भी है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एनएसएस विश्वविद्यालय समन्वयक मनोज सिन्हा, कॉलेज प्राचार्य अवनीश साव सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक, छात्र-छात्राएं और युवा मौजूद रहे।

शादी डॉट कॉम पर 'कुंवारा' बनकर फंसाया, फिर जेवर-नकदी लेकर फरार

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / सोशल मीडिया की मैट्रिमोनियल साइट पर खुद को अविवाहित बताकर महिला को शादी का झांसा देने और नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये के जेवर व नकदी हड़पने के आरोपित को तोरवा पुलिस ने उसकी पत्नी के साथ बल्लभगढ़, हरियाणा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पीड़िता से करीब 12 से 13 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी ली थी। प्रकरण दर्ज होने के बाद से दोनों लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहे थे।

मैट्रिमोनियल साइट पर हुई थी पहचान

कोरबा निवासी पीड़िता ने 9 मार्च 2026 को थाना तोरवा में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, उसकी पहचान सोशल मीडिया की मैट्रिमोनियल साइट 'शादी डॉट कॉम' के माध्यम से पामगढ़ निवासी पवन कुमार यादव से हुई थी।

आरोप है कि पवन ने खुद को अविवाहित बताकर पीड़िता को विश्वास में लिया और शादी का भरोसा देकर उसका दैहिक शोषण किया। इसके बाद नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे नकदी और सोने-चांदी के जेवर लिए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 से 13 लाख रुपये बताई गई है।

मोबाइल बंद कर हो गया था फरार

मामला दर्ज होने के बाद आरोपी पवन अपने ठिकाने से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश में पामगढ़ और सरकंडा स्थित ससुराल में कई बार दबिश दी, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। आरोपी लगातार अपनी पत्नी के साथ ठिकाने बदल रहा था।

फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। इसके बाद भी उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था।

पत्नी के बैंक खाते से मिला अहम सुराग

तोरवा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच शुरू की। जांच में पवन के अधिकांश बैंक खाते बंद मिले, लेकिन उसकी पत्नी नवीता यादव के एक बैंक खाते में लेन-देन जारी था।

पुलिस ने खाते के ट्रांजेक्शन की जांच की तो बल्लभगढ़, हरियाणा में राशि निकाले जाने की जानकारी मिली। इसी सुराग के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र पहुंची और आरोपी की तलाश शुरू की।

च्वाइस सेंटर के सुराग से पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस को उस च्वाइस सेंटर की जानकारी मिली, जहां से आरोपी ने राशि निकाली थी। उपलब्ध तकनीकी और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।

पुलिस ने पवन कुमार यादव (34) और उसकी पत्नी नवीता यादव (30) को बल्लभगढ़, हरियाणा से गिरफ्तार किया। दोनों को बिलासपुर लाकर 9 अगस्त को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

तिरंगे के नीचे एक हुआ रायपुर, सीएम साय के साथ हजारों लोगों ने लिया 'राष्ट्र सर्वोपरि' का संकल्प

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी रायपुर सोमवार को देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाथ में तिरंगा थामकर हजारों लोगों के साथ कदम मिलाया। युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और पूर्व सैनिकों की मौजूदगी में भारत माता के जयघोष और देशभक्ति के गीतों से पूरा शहर गूंज उठा। स्कूली विद्यार्थियों ने करीब एक किलोमीटर लंबा तिरंगा थामकर यात्रा में विशेष आकर्षण पैदा किया।

तिरंगा 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है : सीएम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान है। यह केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है। तिरंगे में देश के 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की शक्ति है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषा, संस्कृति, परंपरा और क्षेत्र होने के बावजूद तिरंगा सभी को भारतीय होने के साझा गौरव से जोड़ता है। तिरंगा स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग का साक्षी है। यह नागरिकों को अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।

हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चल रहे 'हर घर तिरंगा' अभियान को व्यापक जनअभियान बताते हुए प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और तिरंगा यात्राओं में शामिल होने की अपील की।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह बताना जरूरी है कि देश को आजादी आसानी से नहीं मिली। इसके पीछे लाखों लोगों का संघर्ष, त्याग और बलिदान है। स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथा युवाओं में राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, सेवा और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को मजबूत करेगी।

वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर को किया नमन

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों को याद करते हुए शहीद वीर नारायण सिंह और बस्तर के जननायक गुण्डाधुर को नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती वीरों और बलिदानियों की धरती रही है।

वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, जबकि गुण्डाधुर ने बस्तर में जनजातीय समाज को संगठित कर विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महानायकों की शौर्यगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।  

बदलते बस्तर में अब शांति और विकास की राह

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर हिंसा और भय के लंबे दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा बलों के साहस और क्षेत्रवासियों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंची है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय का वातावरण था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इस वर्ष बस्तर में भी स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह से मनाया जाएगा और गांवों व दूरस्थ अंचलों में तिरंगा गौरव के साथ लहराएगा। 

एक किलोमीटर लंबा तिरंगा बना आकर्षण

तिरंगा यात्रा में स्कूली विद्यार्थियों ने करीब एक किलोमीटर लंबे तिरंगे को थामकर अनुशासित ढंग से मार्च किया। सड़क पर दूर तक फैला विशाल तिरंगा लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और पूर्व सैनिकों ने भी उत्साह से हिस्सा लिया।

यात्रा के मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्' और 'झंडा ऊंचा रहे हमारा' के जयघोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से भर गया।

उप मुख्यमंत्री बोले- तिरंगा बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तिरंगा यात्रा स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि रायपुर के कोने-कोने से युवाओं का तिरंगा यात्रा में शामिल होना बताता है कि नई पीढ़ी के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है। 'हर घर तिरंगा' अभियान ने देशभर में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में सम्मान के साथ तिरंगा फहराने की अपील की।

तिरंगा यात्रा में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी और नागरिक शामिल हुए। 


स्पा सेंटर या देह व्यापार का अड्डा? पुलिस की रेड में खुला पूरा राज, 9 गिरफ्तार

भिलाई। TODAY छत्तीसगढ़  / जुनवानी स्थित एक वेलनेस स्पा सेंटर में देह व्यापार संचालित किए जाने का पुलिस ने खुलासा किया है। स्मृतिनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रेड कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटर के मैनेजर और महिला दलाल समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से करीब चार लाख रुपये कीमत के 19 मोबाइल फोन, 1,900 रुपये नकद, ग्राहकों से संबंधित जानकारी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।

स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था कारोबार

पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि जुनवानी स्थित ली वेलनेस स्पा सेंटर में स्पा सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्मृतिनगर पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर दबिश दी।

रेड के दौरान पुलिस को स्पा सेंटर के मैनेजर तनय सोनी द्वारा पैसे लेकर महिलाओं को ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराने और महिला दलाल हेमा सिंह उर्फ प्रीत के माध्यम से लड़कियां बुलाए जाने की जानकारी मिली। मौके पर ग्राहक और अन्य संबंधित लोग भी मिले।

19 मोबाइल और नकदी जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 19 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब चार लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा ग्राहकों से प्राप्त 1,900 रुपये नकद, देह व्यापार के लिए आने वाले लोगों से संबंधित जानकारी, आपत्तिजनक सामग्री और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4, 5 एवं 7 के तहत कार्रवाई की है।

महिला दलाल के जरिए ग्राहकों से संपर्क

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, स्पा सेंटर की आड़ में ग्राहकों से पैसे लेकर महिलाओं को उपलब्ध कराया जाता था। महिला दलाल के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों को बुलाया जाता था तथा ग्राहकों से संपर्क कराया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

ये नौ आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में तनय सोनी, हेमा सिंह उर्फ प्रीत, रूपेन्द्र जंघेल, रितिक सोनी, दिनेन्द्र कुमार सोनी, हेमंत सिन्हा, अविनाश शर्मा उर्फ अभी, आनंद कुमार और अरुण पाण्डेय को गिरफ्तार किया है।

स्मृतिनगर पुलिस की टीम ने मुखबिर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी स्पा सेंटर, होटल या अन्य संस्थान में अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।  


बच्चों की थाली में पोषण बढ़ाने की तैयारी, गांवों में अनाज बैंक पर भी मंथन

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के लिए अब विभिन्न विभाग मिलकर काम करेंगे। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ और राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और स्वच्छता सेवाओं की समीक्षा की। बैठक में कुपोषण, एनीमिया, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, विकास में देरी और बाल विवाह जैसी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए जिलों में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी विस्तार करने के निर्देश दिए गए।

कुपोषण और एनीमिया पर विशेष फोकस

बैठक में बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही बच्चों के लिए आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, फोलेट, विटामिन बी-12 और जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि मैदानी स्तर पर बच्चों और उनके परिवारों तक जरूरी स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचनी चाहिए।

सभी जिलों तक बढ़ेगा कम्युनिटी मैनेजमेंट

बैठक में बच्चों के कम्युनिटी मैनेजमेंट कार्यक्रम को सभी जिलों तक विस्तार देने पर चर्चा हुई। दिव्यांग बच्चों के माता-पिता को खानपान संबंधी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई गई।

टेक होम राशन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ घर पर पौष्टिक भोजन तैयार करने और बच्चों को बेहतर तरीके से भोजन कराने की पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।

गांवों में अनाज बैंक की अवधारणा पर चर्चा

बच्चों को पर्याप्त और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर अनाज बैंक की अवधारणा पर भी विचार किया गया। इसमें अनाज, दाल और फलियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही किसानों तक विविध और पोषक तत्वों से भरपूर फसलों एवं दालों के अच्छे बीज पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई गई, ताकि पोषण सुरक्षा को गांव स्तर से ही मजबूत किया जा सके।

बस्तर में एनीमिया पर विशेष अभियान

बैठक में बताया गया कि राज्य में चलाए जा रहे एंटी-मलेरिया अभियान से मलेरिया के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। वहीं बच्चों में एनीमिया की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

बस्तर में बच्चों में एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अधिकारियों को इन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और जरूरतमंद बच्चों तक सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े विषय किसी एक विभाग तक सीमित नहीं हैं। इसके लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने जिलों में योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, आयुक्त समग्र शिक्षा सुश्री किरण कौशल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बाढ़ आई तो क्या होगा? छत्तीसगढ़ में 20 अगस्त को होगा रियलिटी टेस्ट

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / प्रदेश में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई। तय किया गया कि 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल-टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त को व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। अभ्यास के जरिए यह परखा जाएगा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राहत और बचाव एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से काम कर सकती हैं।

शून्य देरी से राहत-बचाव पर जोर

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के अधिकारियों को टेबल-टॉप एक्सरसाइज की प्रक्रिया और एसओपी को अच्छी तरह समझने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से पूर्वाभ्यास को गंभीरता से लेने और संभावित कमियों को समय रहते दूर करने पर जोर दिया, ताकि आपदा के दौरान उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।

सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल की होगी परीक्षा

कॉन्फ्रेंस में बाढ़ के दौरान अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियों और उनके बीच समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्रभावित लोगों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं, लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अधोसंरचना, जल संसाधन विभाग को जलस्तर एवं बांधों की निगरानी तथा पीएचई को पेयजल व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। पशुपालन विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।

पुलिस से लेकर रेलवे और एयरपोर्ट तक जुड़ेंगे

राज्य स्तरीय अभ्यास में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों और एजेंसियों को शामिल किया गया है। नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, रायपुर रेल मंडल, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, दूरसंचार, विज्ञान केंद्र और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

इसके अलावा पंचायत, ऊर्जा, परिवहन और खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। प्रदेश के सभी जिलों के नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।

18 अगस्त को तैयारी, 20 को जमीन पर होगा अभ्यास

प्रशासन द्वारा 18 अगस्त को टेबल-टॉप एक्सरसाइज के जरिए बाढ़ की काल्पनिक स्थिति बनाकर विभागों की कार्ययोजना और निर्णय लेने की क्षमता को परखा जाएगा। इसके बाद 20 अगस्त को मॉक ड्रिल आयोजित कर वास्तविक परिस्थितियों में राहत एवं बचाव की तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा के दौरान संभावित कमियों की पहचान करना और राहत-बचाव व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।

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