STATE

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, Politics, बिहार

GUEST COLUMN

Guest Column

EDITOR CHOICE

Editor Choice

TRAVELLING STORY

TRAVELLING STORY

TCG EXCLUSIVE

टीसीजी एक्सक्लूसिव, इतिहास

VIDEO

VIDEO

ऑपरेशन ‘आघात’ में बड़ी कार्रवाई: 52 किलो गांजा जब्त, 3 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार


रायगढ़।
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस को लगातार तीसरी बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने खरसिया क्षेत्र से 52 किलोग्राम गांजा के साथ तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से तीन युवक बड़े बैग में गांजा लेकर आ रहे हैं। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सड़क और रेल मार्ग पर सतर्कता बढ़ाते हुए सभी थानों और साइबर टीम को अलर्ट किया।

इसी दौरान खरसिया रेलवे कॉलोनी के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पुलिस टीम ने योजनाबद्ध घेराबंदी कर तीन युवकों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम दिनेश कुमार बेहरा (22), शिवा बेहरा (21) और देवी प्रसाद कंहर (19), निवासी जिला कंधमाल (ओडिशा) बताया।

तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 52 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹25.62 लाख बताई गई है। आरोपियों ने बताया कि वे ट्रेन से गांजा लेकर आए थे, लेकिन रेलवे पुलिस की जांच के चलते खरसिया में उतरकर भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार


रायगढ़।
 TODAY छत्तीसगढ़  / महिला थाना पुलिस ने दुष्कर्म के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी पर शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक शोषण करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, 21 अप्रैल को पीड़िता ने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी बादल सारथी (20 वर्ष) ने उससे शादी का वादा कर करीब तीन माह तक अपने साथ पत्नी की तरह रखा और लगातार शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता का आरोप है कि जब भी उसने शादी की बात की, आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। इसके बावजूद आरोपी संपर्क में रहा और बाद में भी झूठा भरोसा देकर उसके साथ रहा। मार्च 2026 में आरोपी बिना बताए रायगढ़ लौट आया और जब पीड़िता उससे मिलने पहुंची, तो उसने घर में घुसने नहीं दिया और शादी से साफ इंकार कर दिया।

मामले में महिला थाना में धारा 69 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट के फैसले पर लगी रोक, अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगा दी है. एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की तरफ से दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. जिसके खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. जहां 23 अप्रैल को हुई सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने  अमित जोगी को दोषी ठहराए जाने के फैसले पर रोक लगाई है. जो उनके लिए बड़ी राहत मानी जा रही है.  

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है. जिसमें हाईकोर्ट ने अमित जोगी को जग्गी हत्याकांड में आरोपी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करने के लिए भी कहा गया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया है. सर्वोच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगा दी है. जग्गी हत्याकांड 2003 में हुआ था. यह छत्तीसगढ़ बनने के बाद कोई पहला हाईप्रोफाइल मामला था. जिसमें अमित जोगी का नाम सामने आया था. ऐसे में यह मामला पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा में था. 

अमित जोगी ने लगाई थी दो याचिका 

अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिका लगाई थी. जिसमें पहली याचिका में सीबीआई से संबंधित अपील दायर करने के मामले में थी. दूसरी याचिका में हाई कोर्ट के मुख्य फैसले को चुनौती दी गई थी. जिसमें उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी. अमित जोगी के वकीलों ने तर्कों के आधार पर सजा पर रोक लगाने या निरस्त करने की मांग की थी. ऐसे में अमित जोगी के लिए फिलहाल राहत मिली है. 

जग्गी हत्याकांड से जुड़ा है मामला 

मामला रायपुर के कारोबारी और एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है. 4 जून 2003 को रायपुर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी. जिसमें अजित जोगी का नाम सामने आया था. 2007 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया था. लेकिन जग्गी के बेटे ने इस फैसले के खिलाफ याचिका लगाई थी. जिसमें हाई कोर्ट ने 2026 में अमित जोगी को दोषी पाया था. इसके बाद उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई थी. 23 साल पुराने इस मामले में अब एक बार फिर बड़ा फैसला आ गया है. 


एंडोस्कोपिक तकनीक से बची 5 साल के मासूम की जान, सिम्स में डॉक्टरों ने किया कमाल


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में एक बार फिर आधुनिक चिकित्सा तकनीक और डॉक्टरों की तत्परता ने एक मासूम को नया जीवन दिया। 5 वर्षीय नितिन सिंह, जिसने खेलते-खेलते ₹5 का सिक्का निगल लिया था, उसकी हालत गंभीर हो गई थी, लेकिन समय पर इलाज से उसकी जान बचा ली गई।

घटना सोमवार शाम करीब 7 बजे की है, जब सिक्का बच्चे के गले में फंसकर श्वसन मार्ग के पास अटक गया। इससे उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी और स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन तुरंत बच्चे को सिम्स लेकर पहुंचे, जहां बिना देर किए इलाज शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी तत्काल संज्ञान लिया और सिम्स प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति के निर्देशन में विशेषज्ञ टीम गठित की गई।

ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पांडे के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक का उपयोग करते हुए ऑपरेशन किया। बिना किसी बड़े चीरे के, विशेष उपकरणों की मदद से गले में फंसे सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया टीम ने बच्चे की सांस और अन्य जीवन संकेतों पर लगातार नजर बनाए रखी। डॉक्टरों की सटीकता और टीमवर्क के चलते ऑपरेशन सफल रहा और बच्चे की जान बच गई। फिलहाल बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से स्वस्थ हो रहा है।

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com