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साजिश का पर्दाफाश: एक्सीडेंट नहीं, रेत खनन में दबकर हुई मौत

रतनपुर (बिलासपुर) । TODAY छत्तीसगढ़  /  थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़वट में अवैध रेत खनन के दौरान लापरवाही से एक किशोर की मौत का मामला सामने आया है। आरोपी ने घटना को सड़क हादसा बताकर भटकाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई उजागर हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार 9 अप्रैल की तड़के करीब तीन बजे सूचना मिली कि खारंग नदी किनारे रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टर में सवार अमित कश्यप (17) निवासी गढ़वट की मौत हो गई है। सूचना पर थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन ने मौके की जानकारी लेकर मर्ग जांच शुरू कराई।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी तोषण कश्यप द्वारा अधिक रेत निकालने के लालच में नदी में बने 6 से 7 फीट गहरे गड्ढे में अमित कश्यप और एक अन्य युवक अमित यादव को उतारकर काम कराया जा रहा था। आरोपी को गड्ढा धंसने का खतरा होने की जानकारी थी, इसके बावजूद रात के अंधेरे में अवैध खनन कराया जा रहा था। इसी दौरान अचानक रेत व मिट्टी धंस गई, जिससे अमित कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमित यादव घायल हो गया।

घटना के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से ट्रैक्टर को मौके से हटाकर ट्रॉली पलट दी और इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने जांच में इस कहानी को झूठा पाया। मामले में थाना रतनपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई में उपनिरीक्षक विष्णु यादव, सहायक उपनिरीक्षक नरेश गर्ग व आरक्षक गोविंदा यादव की भूमिका रही। 


मुरूम खनन: सूचना लीक होने का संदेह, खनिज चोरी पर लगाम नहीं


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के ग्रामीण अंचलों में खनिज चोरी का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। इसका ताजा मामला ग्राम पंचायत लोफंदी में सामने आया है, जहां दिनदहाड़े पोकलेन मशीनों से मुरूम की अवैध खुदाई की जा रही है। प्रशासनिक दावों के बावजूद जमीनी हकीकत अलग नजर आ रही है, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। 

ग्रामीणों के अनुसार, बिलासपुर शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित लोफंदी गांव में खनिज माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। अब स्थिति यह है कि दिन के उजाले में ही अवैध उत्खनन किया जा रहा है और कार्रवाई का कोई भय नहीं दिखता। स्थानीय लोगों ने बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच अयोध्या देवांगन सहित ग्रामीणों ने कई बार कलेक्टर से शिकायत की है। खनिज विभाग को भी चार-पांच बार लिखित और मौखिक जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।  

कार्रवाई से पहले ही कैसे लीक हो जाती है सूचना?

ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी कार्रवाई के लिए टीम आने की सूचना मिलती है, उससे पहले ही खनिज माफिया मौके से फरार हो जाते हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि कार्रवाई की जानकारी पहले ही कैसे लीक हो जाती है। कुछ ग्रामीणों ने खनिज विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद केवल आश्वासन मिल रहा है, जबकि जमीन पर हालात जस के तस हैं। 

प्रशासन का पक्ष

इस मामले पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन संसाधनों और समय की सीमाओं के कारण हर स्थान पर एक साथ पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील की और कहा कि यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता के प्रमाण हों तो उन्हें प्रस्तुत किया जाए, ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके।

ACB का जाल: घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया RTO का बाबू


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी रायपुर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में पदस्थ एक बाबू को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी वाहन का नाम ट्रांसफर करने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था। 

एसीबी के अनुसार, संतोषी नगर निवासी वीर सिंह ठाकुर ने शिकायत की थी कि उसने चोला मण्डलम से वित्तपोषित चारपहिया वाहन अशोक लीलैंड खरीदा है। वाहन के नामांतरण के लिए वह आरटीओ कार्यालय पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात सहायक प्रोग्रामर शोभा राम देवांगन से हुई। आरोप है कि देवांगन ने नाम ट्रांसफर करने के लिए 18 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, जिसमें से 3 हजार रुपये पहले ही ले लिए थे। शेष राशि देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया। शिकायत के सत्यापन में मामला सही पाया गया। बातचीत के दौरान आरोपी ने 15 हजार की जगह 14 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई। एसीबी टीम ने 10 अप्रैल को ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को 14 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या का आरोपी चिरमिरी से 8 दिन बाद गिरफ्तार


अंबिकापुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर में महिला से दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने आठ दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोरिया जिले के चिरमिरी क्षेत्र से पकड़ा गया है। उसे पकड़ने के लिए सरगुजा पुलिस की टीम रवाना हो गई है।

पुलिस के अनुसार, 2-3 अप्रैल की रात आरोपी ने महामाया द्वार के समीप फुटपाथ पर महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद से आरोपी फरार था, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार की जा रही थी। जांच में आरोपी की पहचान पांडा उर्फ मिथुन के रूप में हुई थी। बताया गया कि आरोपी पहले से महिला के संपर्क में था और दोनों कबाड़ बीनने का काम करते थे।

ये था पूरा मामला - महामाया द्वार के पास मिला महिला का गला रेतकर हत्या, चेहरा कुचला—दरिंदगी की आशंका 

घटना के बाद सरगुजा पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस महानिरीक्षक स्तर से 30 हजार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी की तलाश में चार विशेष टीमें गठित की गई थीं, वहीं विभिन्न थानों में उसका फोटो और स्केच भी भेजा गया था। सूचना के आधार पर आरोपी को चिरमिरी क्षेत्र में पकड़ लिया गया। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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