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VIDEO: संडे मार्केट में मारपीट का वीडियो वायरल, पर्स चोरी के शक से शुरू हुआ विवाद


बिलासपुर।
शहर में रिवर व्यू स्थित संडे मार्केट में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत पर्स चोरी के संदेह को लेकर हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झगड़े में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले मामूली कहासुनी हुई, लेकिन जल्द ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान युवक और युवतियां दोनों ही एक-दूसरे पर हमला करते नजर आए। वीडियो में कुछ युवतियां एक-दूसरे के बाल खींचती दिखाई देती हैं, जबकि युवक लात-घूंसे चलाते नजर आते हैं। 

मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। वायरल वीडियो में घटना का पूरा दृश्य साफ तौर पर देखा जा सकता है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे से भिड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, यदि इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वीडियो के वायरल होने के बाद इस घटना को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। 

सड़क हादसे में महिला की मौत, पति गंभीर; ईद मनाकर घर लौट रहा था परिवार


कोरबा।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के पाली थाना क्षेत्र में रविवार शाम हुए एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब परिवार ईद मनाकर बिलासपुर से वापस लौट रहा था।

पुलिस के अनुसार, मानिकपुर बस्ती निवासी 39 वर्षीय शबीना तरन्नुम अपने पति शेख सद्दाम (40) और दो बेटियों के साथ बाइक से कोरबा लौट रही थीं। पाली मुख्य मार्ग पर चलते समय बाइक से कुछ सामान सड़क पर गिर गया। इसे उठाने के लिए जैसे ही शबीना सड़क पर उतरीं, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार भारी वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना गंभीर था कि शबीना तरन्नुम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, वाहन की चपेट में आने से उनके पति शेख सद्दाम भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के समय दंपति की दोनों बेटियां भी साथ थीं, हालांकि वे सुरक्षित बच गईं। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बच्चियों की सोमवार को परीक्षा थी, जिसके चलते परिवार रविवार को ही वापस लौट रहा था। 

हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शबीना तरन्नुम का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पाली थाना प्रभारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और फरार वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास जारी है। यह हादसा एक ऐसे समय हुआ जब परिवार त्योहार की खुशियों के साथ घर लौट रहा था। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, और ईद की खुशी पल भर में मातम में बदल गई।

जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल का कारनामा: धरसींवा के गिरौद में अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग का खुलासा


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के धरसींवा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गिरौद गांव में सरकारी जमीन पर अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण का मामला सामने आया है। तहसीलदार द्वारा की गई जांच में जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर प्लॉटिंग किए जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले में सख्ती के संकेत दिए हैं।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नंदकुमार चौबे ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से शिकायत मिली थी कि गांव में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर तहसीलदार से जांच कराई गई, जिसमें अतिक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

एसडीएम के अनुसार, अतिक्रमण हटाने के लिए तहसीलदार को तीन बार पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि कार्रवाई में देरी होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि गिरौद गांव में शासकीय चारागान, निस्तार और जल क्षेत्र की भूमि पर अवैध रूप से सड़क निर्माण कर प्लॉटिंग की जा रही थी। हल्का पटवारी द्वारा मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें कई खसरा नंबरों की जमीन पर कब्जे की पुष्टि हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, खसरा नंबर 511/5, 630, 634, 636, 638 और 644 सहित अन्य जमीनों पर अतिक्रमण किया गया है। दस्तावेजों में दर्ज है कि निस्तारी-धरसा के नाम पर लगभग 6.39 हेक्टेयर सरकारी भूमि है, जिसमें से करीब 4.51 हेक्टेयर हिस्से में मुरम सड़क बनाकर प्लॉटिंग की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ स्थानों पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कर कब्जा किया गया, जबकि चारागाह की जमीन पर सड़क बनाकर उसे निजी व्यक्तियों को बेचने के आरोप हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कुछ हिस्सों में जमीन को समतल कर 60 फीट चौड़ी सड़क बनाई गई और उसके किनारे प्लॉट विकसित किए गए। 

तहसीलदार की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा कार्य बिना वैधानिक अनुमति के किया गया, जो राजस्व नियमों का उल्लंघन है। जांच प्रतिवेदन के साथ पंचनामा और नक्शा भी संलग्न कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। प्रशासन अब इस मामले में अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि जमीन पर कब्जा हटाने की कार्रवाई कब तक और किस स्तर तक की जाती है।

छत्तीसगढ़: 12वीं हिंदी पेपर लीक के दावे के बाद परीक्षा निरस्त, अब 10 अप्रैल को दोबारा होगी परीक्षा


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ में कक्षा 12वीं के हिंदी प्रश्नपत्र के कथित लीक होने के दावों के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने अहम निर्णय लेते हुए परीक्षा को निरस्त कर दिया है। मंडल ने आदेश जारी कर बताया है कि अब हिंदी विषय की पुनर्परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, 12वीं कक्षा का हिंदी पेपर 14 मार्च 2026 को आयोजित हुआ था। परीक्षा के बाद सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप समूहों में प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते सवालों के वायरल होने की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे मामले को लेकर संदेह और विवाद की स्थिति बन गई। इस बीच छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने दावा किया कि परीक्षा से पहले ही कुछ प्रश्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे थे। संगठन ने इसे परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर चूक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस की साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ था या नहीं, और यदि हुआ तो इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। इस मुद्दे को लेकर एनएसयूआई ने विरोध प्रदर्शन भी किया और मंडल कार्यालय का घेराव कर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कहा है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हिंदी विषय की परीक्षा को निरस्त कर दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया गया है, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। फिलहाल, छात्र-छात्राओं को अब 10 अप्रैल को होने वाली पुनर्परीक्षा की तैयारी करनी होगी, जबकि जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हैं।

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