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युवाओं के सपनों को मिलेगा पता, बिलासपुर में आकार ले रहा नालंदा परिसर

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर पहुंचें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहर के मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में आकार ले रहे नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन कर इसकी प्रगति की जानकारी ली। जिले को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।

गौरतलब है कि बिलासपुर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, व्यापम, बैंकिंग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मधुबन-जूना क्षेत्र में लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है। इस आधुनिक परिसर में नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, शैक्षणिक ब्लॉक तथा अन्य आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास एवं शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करेगी। परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे नगर निगम के लिए भविष्य में स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। अनुमानित रूप से इस परियोजना से नगर निगम को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जा रहे इस परिसर के संचालन का अतिरिक्त वित्तीय भार भी नगर निगम पर नहीं आएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर, संसाधन और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। एजुकेशन हब के विकसित होने से बिलासपुर की पहचान एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होगी। यह परिसर हजारों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने के साथ उन्हें सफलता की राह पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गौरतलब है कि बिलासपुर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, व्यापम, बैंकिंग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मधुबन-जूना क्षेत्र में लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है। इस आधुनिक परिसर में नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, शैक्षणिक ब्लॉक तथा अन्य आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास एवं शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करेगी। परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे नगर निगम के लिए भविष्य में स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। अनुमानित रूप से इस परियोजना से नगर निगम को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जा रहे इस परिसर के संचालन का अतिरिक्त वित्तीय भार भी नगर निगम पर नहीं आएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर, संसाधन और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। एजुकेशन हब के विकसित होने से बिलासपुर की पहचान एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होगी। यह परिसर हजारों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने के साथ उन्हें सफलता की राह पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गवासी सखाराम के नाम पर

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत हेमूनगर  में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की तथा आमजनों के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की। ट्राईसाइकिल पाकर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। मुख्यमंत्री ने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक आवास की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के सीएसआर मद से 22.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 200 सीटर बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन का शिलान्यास किया। इस भवन में वरिष्ठ नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा, योग, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी एवं समग्र पुनर्वास जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित और बेहतर जीवनयापन के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। इसी प्रकार उन्होंने 18.76 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 500 सीटर दिव्यांगजन शिक्षण-प्रशिक्षण एवं बहुउद्देशीय पुनर्वास केंद्र का भी शिलान्यास किया। इस केंद्र में शिक्षण-प्रशिक्षण, कौशल विकास, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑडिटरी ट्रेनिंग तथा समग्र पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह केंद्र दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का भी लोकार्पण किया। इस मशीन के माध्यम से मस्तिष्क, हृदय एवं अन्य जटिल बीमारियों की जांच स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगी। इससे मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी बनेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 68 लाख 54 हजार 3 महिलाओं के खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। योजना के तहत अब तक 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत अब तक 27 जिलों का दौरा किया जा चुका है। सरकार सीधे जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रही है और लोगों से फीडबैक ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों के पराक्रम और बस्तर की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। आज बस्तर में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है। वहीं ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत 400 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। आमजनों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सुविधा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।  

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। जनता की भलाई के लिए किए गए कार्य ही वास्तविक सुशासन हैं। उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार, रेलवे अधोसंरचना विकास तथा अरपा परियोजना के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का सशक्त माध्यम है। समाधान शिविरों में उमड़ रही भीड़ सरकार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने 134 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री की घोषणा- मुख्यमंत्री ने बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला की मांग पर बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर किए जाने की घोषणा की। साथ ही बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के निगम क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार विशेष कार्ययोजना पर कार्य कर रही है और जिले के विकास से जुड़े सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के साथ पूरे किए जाएंगे।

पुलिस का बड़ा एक्शन, चाकूबाज, शराब तस्कर और अड्डेबाज एक साथ दबोचे गए

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  डीडी नगर थाना पुलिस ने अवैध शराब बिक्री, सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराकर दहशत फैलाने तथा अड्डेबाजी करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि 10 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। 

शराब बेचते पकड़ा गया आरोपी

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुरा स्थित कुरी तालाब के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में छापेमारी की। मौके से अमर गुप्ता, निवासी महादेव घाट को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 5.400 लीटर देशी शराब बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

चाकू लहराकर फैला रहा था दहशत

रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि महादेव घाट स्थित विसर्जन कुंड के पास एक युवक हाथ में चाकू लेकर लोगों को डरा-धमका रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शंकर साहू, निवासी कुकुरबेड़ा, सरस्वती नगर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक धारदार चाकू बरामद किया गया। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर जेल भेजा गया।

10 अड्डेबाजों पर भी कार्रवाई

थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर अड्डेबाजी कर शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की। पूर्व में समझाइश दिए जाने के बावजूद गतिविधियां जारी रहने पर पुलिस ने घेराबंदी कर 10 लोगों को पकड़ा। सभी के खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई कर एसीपी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुशासन तिहार: जनचौपाल में मुख्यमंत्री ने सुनी जनता की बात, विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गौशाला परिसर में आयोजित जनचौपाल में मुख्यमंत्री पारंपरिक खाट पर बैठकर ग्रामीणों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से रूबरू हुए और उनकी समस्याओं, सुझावों तथा अपेक्षाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन तभी संभव है जब सरकार स्वयं लोगों के बीच जाकर उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करे। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जनचौपालों और समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने जनचौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे।

जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत मांगों पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सपेरा समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण, बस्ती क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण, गांव की आंतरिक गलियों में सीसी रोड निर्माण तथा चंडी मंदिर के समीप स्थित डबरी तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम की प्राथमिक शाला का नामकरण पंडित हृदयानंद पाणिग्राही के नाम पर किए जाने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क तथा आजीविका के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने और विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। 

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री का सीधे गांव पहुंचकर लोगों से संवाद करना उनकी संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिचायक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिली है तथा शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।


हनोदा माइनर नहर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  जल संसाधनों के संरक्षण तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दुर्ग जिले में हनोदा माइनर नहर क्षेत्र में विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जल संसाधन विभाग एवं नगर पालिक निगम रिसाली की संयुक्त टीम ने नहर क्षेत्र एवं विभागीय स्वामित्वाधीन शासकीय भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।

        हनोदा माइनर नहर डी.पी.एस. स्कूल से वी.आई.पी. नगर तक नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र से होकर गुजरती है। यह नहर क्षेत्र जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नहरों एवं उनसे संबद्ध शासकीय भूमि का संरक्षण जनहित से जुड़ा विषय है। इन क्षेत्रों में किए गए अतिक्रमण न केवल शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्जे की श्रेणी में आते हैं, बल्कि नहरों के अनुरक्षण, निरीक्षण एवं मरम्मत कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करते हैं।

          प्रशासन द्वारा कार्रवाई से पूर्व संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बाद विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अभियान के दौरान नगर पालिक निगम रिसाली एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्रवाई को सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया, जिससे नहर क्षेत्र को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जा सका।

        कार्यपालन अभियंता श्री आशुतोष सारश्वत ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधीन नहरों, जल संरचनाओं, अनुरक्षण मार्गों तथा शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र की सभी नहरों एवं शासकीय परिसंपत्तियों की सतत निगरानी की जा रही है और जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां बिना किसी भेदभाव के वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि एवं जल संरचनाएं सार्वजनिक संपत्ति हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। इन परिसंपत्तियों का सुरक्षित एवं उद्देश्यपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

            जल संसाधन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नहरों, शासकीय भूमि तथा अन्य सार्वजनिक उपयोगिता की संरचनाओं पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें और इनके संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें। सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण से ही जनहित एवं विकास कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित की जा सकती है।

महतारी वंदन की नई किस्त जारी, लाखों महिलाओं के खाते में पहुंचे पैसे

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राज्य का समग्र विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त नहीं बनाया जाता। महतारी वंदन योजना इस दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल साबित हुई है।

मार्च 2024 से मिल रही है सहायता

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस राशि का उपयोग महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा स्वरोजगार गतिविधियों में कर रही हैं।

अब तक 18 हजार करोड़ से अधिक राशि वितरित

जून 2026 में जारी 28वीं किस्त के साथ ही योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को कुल 18 हजार 165 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। इससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और महिलाओं की सामाजिक भागीदारी में भी वृद्धि हुई है।

दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को भी मिला लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित नियद नेल्लानार अभियान के तहत सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिलों की 7,770 नई महिलाओं को भी महतारी वंदन योजना से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है। राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश की प्रत्येक महिला सम्मानजनक और स्वावलंबी जीवन जी सके।

महतारी वंदन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है और लाखों परिवारों के जीवन में आर्थिक स्थिरता तथा खुशहाली का नया अध्याय जुड़ा है। 


पिता के बाद बेटे ने भी दी भाजपा को मात, वार्ड 29 में कायम रहा कांग्रेस का जलवा

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  नगर निगम के वार्ड क्रमांक-29 के उपचुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत साबित की है। भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने भाजपा उम्मीदवार वी. मधुसूदन राव को 1062 मतों के अंतर से पराजित कर जीत दर्ज की।

बर्जेस हिंदी मीडियम स्कूल में गुरुवार सुबह नौ बजे मतगणना शुरू हुई। दो टेबलों पर चार चरणों में हुई मतगणना के बाद करीब एक घंटे में परिणाम घोषित कर दिया गया। मुख्य मुकाबला कांग्रेस के शेख आजम और भाजपा के वी. मधुसूदन राव के बीच था।

इस जीत के साथ कांग्रेस ने वार्ड में पिछले चार दशक से चले आ रहे अपने विजय अभियान को बरकरार रखा है। खास बात यह रही कि भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन राव को पहले शेख आजम के पिता एवं पूर्व पार्षद शेख असलम ने हराया था, जबकि इस बार उनके पुत्र शेख आजम ने भी उन्हें चुनावी मुकाबले में शिकस्त दी।

वार्ड 29 में यह दूसरा उपचुनाव था। इससे पहले पार्षद शेख गफ्फार के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनके भाई शेख असलम विजयी हुए थे। बाद में सामान्य चुनाव में भी शेख असलम ने जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद सीट रिक्त होने से एक बार फिर उपचुनाव कराया गया।

69.74 प्रतिशत हुआ मतदान

एक जून को हुए मतदान में वार्ड के कुल 5255 मतदाताओं में से 3665 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इनमें 1826 पुरुष और 1838 महिला मतदाता शामिल रहे। उपचुनाव में कुल 69.74 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसे काफी उत्साहजनक माना जा रहा है। परिणाम आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया, जबकि भाजपा खेमे में निराशा छा गई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वार्ड 29 में कांग्रेस की मजबूत संगठनात्मक पकड़ और वर्षों से बना जनाधार इस जीत की बड़ी वजह रहा।

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