बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / शहर में स्थित नारायण टेक्नोक्रेट स्कूल एक बार फिर विवादों में है, जहां छात्र संगठन एनएसयूआई ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इस विरोध में संगठन ने प्रतीकात्मक रूप से नोटों से भरा बैग स्कूल के बाहर रखकर फीस और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
प्रदर्शन नेहरू नगर स्थित स्कूल परिसर के बाहर किया गया। एनएसयूआई नेताओं का आरोप है कि स्कूल ने पूरे सत्र के दौरान अभिभावकों को सीबीएसई पैटर्न के नाम पर फीस लेने के बावजूद वास्तविकता में उसे लागू नहीं किया। उनका कहना है कि सत्र के अंत में छात्रों को छत्तीसगढ़ बोर्ड की परीक्षा में शामिल किया गया, जिससे अभिभावकों और छात्रों को भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ा।
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने कहा कि मामला केवल फीस का नहीं, बल्कि भरोसे का है। उनके अनुसार, जिस आधार पर अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला कराया, वही शर्तें सत्र के अंत तक बदल दी गईं। संगठन ने मांग की है कि सीबीएसई के नाम पर ली गई अतिरिक्त फीस वापस की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई ने 12 बिंदुओं पर आधारित एक प्रश्नावली भी जारी की, जिसमें स्कूल की मान्यता और संबद्धता की समय-रेखा पर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का कहना है कि यदि प्रवेश प्रक्रिया मान्यता और संबद्धता से पहले शुरू हुई थी, तो उस दौरान सीबीएसई पैटर्न के नाम पर फीस लेने का आधार क्या था। हालांकि, इन आरोपों पर स्कूल प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



