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तुंगल इको-टूरिज्म सेंटर बना बदलाव की मिसाल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं महिलाएं


रायपुर/सुकमा।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में वन विभाग की एक पहल ने विकास और पुनर्वास की नई मिसाल पेश की है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विकसित तुंगल इको-पर्यटन केंद्र आज आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव का प्रतीक बनकर उभरा है।

सुकमा नगर से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित यह स्थान कभी उपेक्षित और जर्जर था, लेकिन अब यह एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना चुका है। प्राकृतिक सौंदर्य, टापुओं का निर्माण और शांत वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है। पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।

इस केंद्र की सबसे खास पहल “तुंगल नेचर कैफे” है, जिसे ‘आत्मसमर्पण पुनर्वास महिला स्वयं सहायता समूह’ संचालित कर रहा है। समूह की 10 महिलाओं में 5 ने नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है, जबकि अन्य महिलाएं नक्सल हिंसा से प्रभावित रही हैं। इन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। आज ये महिलाएं आत्मविश्वास के साथ पर्यटकों का स्वागत कर रही हैं और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। जो कभी भय और संघर्ष के माहौल में थीं, वे अब स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं।

पर्यटन केंद्र की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 31 दिसंबर 2025 से 30 मार्च 2026 तक यहां 8,889 पर्यटक पहुंचे और लगभग 2.92 लाख रुपये की आय हुई। यहां आने वाले पर्यटक स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने के साथ-साथ कयाकिंग, पैडल बोटिंग और बांस राफ्टिंग जैसी गतिविधियों का भी आनंद ले रहे हैं। यह पहल दर्शाती है कि सही दिशा और अवसर मिलने पर जीवन की दिशा बदली जा सकती है। तुंगल इको-पर्यटन केंद्र न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव भी रख रहा है।

वेदांता हादसा: मौत का आंकड़ा 21, लापरवाही पर FIR


सक्ति/रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे में एक और घायल मजदूर की मौत हो गई है। मध्यप्रदेश निवासी किस्मत अली, जो रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है, जबकि 15 घायलों का अब भी विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।

बताया जा रहा है कि हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे थे। घटना के बाद प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू की, जिसमें प्रारंभिक स्तर पर प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में संकेत मिले हैं कि उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। बॉयलर से संबंधित तकनीकी चेतावनियों के बावजूद काम जारी रखा गया। साथ ही मशीनों के रखरखाव और संचालन में भी लापरवाही बरती गई, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।

इस मामले में डभरा थाने में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट प्रबंधन समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जिम्मेदारों की भूमिका तय की जा रही है। वहीं, इस घटना ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एफआईआर की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई जा रही और ‘ऊपर से मना’ करने की बात कही जा रही है, जिससे पूरे मामले पर संदेह उत्पन्न हो रहा है। प्रशासन का कहना है कि जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

जमीन विवाद में दखल देना पड़ा भारी, कुख्यात बदमाश गिरफ्तार

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में गुंडा तत्वों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती तेज कर दी है। जमीन विवाद में हस्तक्षेप कर धमकाने पहुंचे एक कुख्यात बदमाश को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार, 17 अप्रैल को कोतरारोड निवासी आकाश वर्मा ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि बड़े रामपुर स्थित उसकी जमीन पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा ट्रक खड़ा कर दिया गया है। जमीन को लेकर उसका अपने रिश्तेदारों से विवाद चल रहा है। ट्रक हटाने के लिए क्रेन बुलाने पर दुर्गेश महंत नामक व्यक्ति मौके पर पहुंच गया और क्रेन चालक को धमकाते हुए वहां से भगाने का प्रयास किया।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के निर्देशन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और देर रात आरोपी दुर्गेश महंत को हिरासत में लेकर थाने लाई। पुलिस के अनुसार, दुर्गेश महंत के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट और विवाद के कई मामले दर्ज हैं और वह गुंडा बदमाश सूची में शामिल है। आरोपी द्वारा शांति व्यवस्था भंग करने के कृत्य पर उसके खिलाफ धारा 170, 126/135(3) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई है।


एनसीसी प्रतियोगिताओं में कैडेट्स ने दिखाया दम, ड्रिल और शूटिंग में शानदार प्रदर्शन


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / 7 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में शहर के जैन इंटरनेशनल स्कूल में जनरल रावत इंटर-इंस्टिट्यूशनल ड्रिल एवं परमवीर मेजर होशियार सिंह स्मृति मार्क्समैन शूटिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के 8 महाविद्यालयों एवं 13 विद्यालयों के लगभग 600 एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईजी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग (आईपीएस) रहे। इस अवसर पर कमांडिंग ऑफिसर कर्नल लोकेश देव तथा विद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एस. राजपूत की विशेष भूमिका रही। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य एवं उपप्राचार्य द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं कैडेट्स में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया।

🔹 प्रतियोगिता के प्रमुख परिणाम

ड्रिल प्रतियोगिता (व्यक्तिगत)

जेडी/डब्ल्यू वर्ग: प्राची यादव (प्रथम), निकिता कटारिया (द्वितीय)

एसडी/एसडब्ल्यू वर्ग: हर्ष सिंह (प्रथम), मोहित तिवारी (द्वितीय)

ड्रिल प्रतियोगिता (टीम)

जेडी/डब्ल्यू: एमएलबी बिलासपुर व डीएवी पब्लिक स्कूल (प्रथम)

एसडी/एसडब्ल्यू: सीएमडी कॉलेज (प्रथम), बिलासा गर्ल्स कॉलेज (द्वितीय)

फायरिंग प्रतियोगिता (व्यक्तिगत)

जेडी/डब्ल्यू: आदर्श सिंह देव (प्रथम)

एसडी/एसडब्ल्यू: अलवीरा नाज (प्रथम)

फायरिंग प्रतियोगिता (टीम)

प्रथम: जैन इंटरनेशनल स्कूल

द्वितीय: रेलवे क्रमांक 2 विद्यालय

विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. एस.एस. राजपूत ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल का विकास होता है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कैप्टन आशीष शर्मा, कैप्टन नवीन सिरसवार, एएनओ, पीआई स्टाफ एवं विद्यालय के कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन एनसीसी गीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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