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शादी का नाटक, रिटायर्ड टेक्नीशियन से 9.5 लाख की ठगी करने वाले 3 गिरफ़्तार

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक सेवानिवृत्त टेक्नीशियन से साढ़े नौ लाख रुपये ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है. रायपुर पुलिस ने इस मामले में ओडिशा से तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य फ़रार सदस्यों की तलाश जारी है.

पुलिस ने गिरफ़्तार अभियुक्तों के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फ़ोन भी ज़ब्त किए हैं.

मैरिज ब्यूरो के ज़रिए बिछाया गया जाल

रायपुर कमिश्नरेट पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित मनहरण टिकरिहा ने आज़ाद चौक थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज़ कराई थी.

  • फर्ज़ी प्रोफ़ाइल: शिकायत के मुताबिक़, पीड़ित की पहचान दिल्ली के एक मैरिज ब्यूरो के माध्यम से 'रजनी शर्मा' नाम की महिला से हुई थी. इस महिला ने ख़ुद को कोरबा का निवासी और रेलवे की रिटायर्ड इंजीनियर बताया था.

  • ठगी का तरीक़ा: बातचीत शुरू होने के बाद महिला ने शादी, पारिवारिक कार्यक्रम, दुर्घटना और इलाज जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से अपने बैंक खातों में पैसे जमा करवाए.

  • पुलिस के अनुसार, 15 जून 2025 से 9 जनवरी 2026 के बीच पीड़ित से कुल 9,50,000 रुपये ऐंठ लिए गए. पैसे मिलने के बाद महिला ने अपना मोबाइल फ़ोन बंद कर दिया.

तकनीकी साक्ष्यों की मदद से ओडिशा पहुंची पुलिस

लाखों रुपये की धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस का दरवाज़ा खटखटाया. डीसीपी (वेस्ट) संदीप पटेल और डीसीपी (क्राइम एंड साइबर) स्मृतिक राजनाला के निर्देश पर एंटी-क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और आज़ाद चौक पुलिस की एक संयुक्त टीम बनाई गई.

  • लोकेशन ट्रैसिंग: पुलिस ने पीड़ित से जुड़े मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के लेन-देन (Transactions) का तकनीकी विश्लेषण किया. जांच में पता चला कि यह पूरा नेटवर्क ओडिशा से संचालित हो रहा है.

  • छापेमारी और गिरफ़्तारी: रायपुर पुलिस की एक टीम ओडिशा के बलांगीर और संबलपुर पहुंची. वहां से पुलिस ने सबसे पहले जसवंत डूण्डी नाम के संदिग्ध को हिरासत में लिया. पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम देना क़बूल कर लिया.

उसकी निशानदेही पर दो अन्य अभियुक्तों को भी पकड़ा गया. गिरफ़्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार है:

  1. जसवंत डूण्डी (27 वर्ष), निवासी- जामतरा, ज़िला बलांगीर (ओडिशा).

  2. मनोज राणा (33 वर्ष), निवासी- सूलेकला, ज़िला बलांगीर (ओडिशा).

  3. यश नायक (20 वर्ष), निवासी- संबलपुर टाउन, ज़िला संबलपुर (ओडिशा).

आज़ाद चौक थाना पुलिस ने इस मामले में 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 318(4), 111(1), 3(5) और आईटी एक्ट (IT Act) की धारा 66-D के तहत आपराधिक मामला दर्ज़ कर लिया है. पुलिस अब गिरफ़्तार अभियुक्तों से पूछताछ कर फ़रार साथियों की तलाश कर रही है.

क्राइम अलर्ट: अवैध शराब और हथियारों के ख़िलाफ़ पुलिस का बड़ा एक्शन

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने 'ऑपरेशन कालचक्र' चलाया है. नॉर्थ ज़ोन के पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर के निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक ही दिन में 190 वारंट तामील किए हैं.

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फ़रार अभियुक्तों की गिरफ़्तारी, वारंटों की तामीली और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है.

कई थानों की संयुक्त कार्रवाई

रायपुर कमिश्नरेट से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, बुधवार (1 जुलाई ) को नॉर्थ ज़ोन के उरला, खमतराई, पंडरी और खम्हारडीह सहित कई थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कॉम्बिंग गश्त की.

  • वारंट तामीली: पुलिस ने इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान कुल 190 वारंटों की तामीली की है. इनमें 24 स्थायी वारंट, 68 गिरफ़्तारी वारंट और 98 ज़मानती वारंट शामिल हैं.

  • अभियान के दौरान कई पुराने और फ़रार अभियुक्तों को भी गिरफ़्तार किया गया है.

29 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

रात्रि गश्त के दौरान पुलिस ने आदतन अपराधियों, निगरानीशुदा बदमाशों और चाकूबाज़ों की सघन चेकिंग की.

  • शांति व्यवस्था भंग करने वाले और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने 29 लोगों के ख़िलाफ़ 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 170, 126 और 135 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है.

  • इसके अलावा, अवैध हथियारों और शराब की बिक्री के ख़िलाफ़ भी सख़्ती बरती गई है. पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत 8 और आर्म्स एक्ट के तहत 3 मामले दर्ज़ कर अभियुक्तों पर वैधानिक कार्रवाई की है.

रायपुर कमिश्नरेट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शहर में शांति और क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और अपराधियों के ख़िलाफ़ इस तरह के विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे.

घर बुलाकर नशीली शराब पिलाई, फिर बना लिया अश्लील वीडियो

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं पर एक व्यक्ति को नशीला पदार्थ पिलाकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलने का आरोप है.

क्या है पूरा मामला?

रायपुर कमिश्नरेट (North Zone) से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, पीड़ित व्यक्ति ने गुढ़ियारी थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज़ कराई थी.

  • नशीला पदार्थ पिलाने का आरोप: शिकायत के अनुसार, पीड़ित को उसकी एक परिचित महिला ने अपने घर बुलाया था. वहां एक अन्य महिला भी मौजूद थी. आरोप है कि दोनों ने मिलकर पीड़ित को शराब में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया.

  • आपत्तिजनक वीडियो: जब पीड़ित अचेत हो गया, तो महिलाओं ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें (Photos) और वीडियो बना लिए.

  • धमकी और वसूली: इसके बाद महिलाओं ने पीड़ित को धमकी दी कि यदि उसने पैसे नहीं दिए, तो वे यह वीडियो उसके परिवार वालों को भेज देंगी और सोशल मीडिया पर भी वायरल कर देंगी. पुलिस के मुताबिक़, ब्लैकमेल करते हुए महिलाओं ने अलग-अलग तारीख़ों पर 'फ़ोन-पे' (UPI) के ज़रिए पीड़ित से क़रीब 2 लाख 17 हज़ार (2,17,000) रुपये वसूल लिए.

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर गिरफ़्तारी

लगातार हो रही ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली. डीसीपी (नॉर्थ ज़ोन) मयंक गुर्जर के निर्देश पर गुढ़ियारी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की.

पुलिस ने सबसे पहले पीड़ित के मोबाइल की चैट, बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन और यूपीआई (UPI) डिटेल्स को खंगाला. इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से वसूली की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दोनों महिला अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया.

  • पुलिस की कार्रवाई: गुढ़ियारी पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) और 3(5) के तहत मुक़दमा (अपराध क्रमांक 265/2026) दर्ज़ किया है.

  • पुलिस ने अभियुक्त महिलाओं के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फ़ोन ज़ब्त कर लिए हैं और दोनों को न्यायिक हिरासत (रिमांड) पर जेल भेज दिया गया है.

चोरी का ये बड़ा खेल... सड़क की रेलिंग से लेकर रेलवे ट्रैक तक नहीं छोड़ा

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर (अटल नगर) क्षेत्र में पिछले तीन-चार सालों से केबल और लोहे के सामान की चोरी कर रहे दो लोगों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. 

राखी थाना पुलिस ने अभियुक्तों के क़ब्ज़े से लोहे की छड़ें, रेलिंग, केबल और रेलवे ट्रैक (पटरी) के टुकड़े बरामद किए हैं. पुलिस के अनुसार, इस गिरफ़्तारी से नवा रायपुर इलाक़े में हुई चोरी की कई अन्य घटनाओं के भी सुलझने की उम्मीद है.

NRDA की पेट्रोलिंग टीम ने की थी पहचान

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) की अधिकारी नविता सिन्हा ने इस संबंध में शिकायत दर्ज़ कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि सेक्टर-24 (सतनाम चौक) और आसपास के इलाक़ों में चल रहे निर्माण कार्यों से लोहे की छड़ें, जालियां, रेलिंग और केबल तार लगातार चोरी हो रहे हैं.

  • देर रात हुई घटना: 29 जून 2026 की रात क़रीब 2:45 बजे एनआरडीए (NRDA) की पेट्रोलिंग टीम ने दो लोगों को केबल चुराते हुए देखा. टीम ने उनका पीछा किया, लेकिन वे अंधेरे का फ़ायदा उठाकर मौक़े से भागने में सफल रहे.

  • इस घटना के बाद राखी थाने में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 3(5) के तहत मुक़दमा दर्ज़ किया गया.

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से हुई गिरफ़्तारी

रायपुर ग्रामीण की पुलिस अधीक्षक (SP) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर राखी थाने के उप निरीक्षक (SI) जितेंद्र डहरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया.

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला. कई दिनों की निगरानी के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया.

पूछताछ में उगला सच, बरामद हुआ भारी सामान

पुलिस के अनुसार, शुरुआत में दोनों अभियुक्त गुमराह करते रहे, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर की गई सख़्त पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध क़बूल कर लिया.

  • लंबे समय से कर रहे थे चोरियां: अभियुक्तों ने बताया कि वे पिछले तीन से चार सालों से नवा रायपुर के सुनसान और निर्माणाधीन इलाक़ों की रेकी कर रात के अंधेरे में चोरियों को अंजाम देते थे.

  • क्या-क्या हुआ ज़ब्त: पुलिस ने इनकी निशानदेही पर चोरी की गई लोहे की छड़ें, एंगल, सड़क किनारे लगने वाली रैलिंग और रेलवे लाइन के पास से चुराई गई छोटी लोहे की पटरी तथा केबल तार बरामद किए हैं.

गिरफ़्तार अभियुक्तों की पहचान:

  1. विजय कुमार ठाकुर (30 वर्ष), निवासी- ग्राम पलोद, थाना मंदिर हसौद, ज़िला रायपुर.

  2. विक्की सवरा (30 वर्ष), मूल निवासी- ग्राम पटेवा (अभनपुर), वर्तमान पता- ग्राम पलोद, थाना मंदिर हसौद, ज़िला रायपुर.

पुलिस अब इन अभियुक्तों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने चोरी का सामान किन कबाड़ियों या लोगों को बेचा था.

बस्तर के नये आईजी बीएन मीणा ने पदभार संभाला, कहा- शांति, सुरक्षा और विकास रहेगी प्राथमिकता

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज के पुलिस नेतृत्व में आज (बुधवार, 1 जुलाई) को अहम बदलाव हुआ है. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बद्रीनारायण मीणा ने बस्तर रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) का औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया है.

उन्होंने निवर्तमान आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम की जगह ली है. सुंदरराज पी. अब केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर जा रहे हैं, जहां वे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) में आईजी के रूप में अपनी नई ज़िम्मेदारी संभालेंगे.

जगदलपुर में हुआ पदभार ग्रहण समारोह

जगदलपुर स्थित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में यह प्रभार सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान बस्तर ज़िले के पुलिस अधीक्षक (SP) शलभ सिन्हा सहित रेंज के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. निवर्तमान आईजी सुंदरराज पी. ने नए आईजी का स्वागत करते हुए उन्हें सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं.

निवर्तमान आईजी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

अपना प्रभार सौंपने के बाद सुंदरराज पी. ने अपने कार्यकाल के दौरान बस्तर की जनता, पुलिस मुख्यालय, सुरक्षा बलों, प्रशासन, मीडिया और जनप्रतिनिधियों से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.

वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) के ख़िलाफ़ जारी संघर्ष का ज़िक्र करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस व सुरक्षा बलों के जवानों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को याद किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

'मिशन 2026' (बस्तर में स्थायी शांति और विकास स्थापित करने का साझा लक्ष्य) का ज़िक्र करते हुए सुंदरराज पी. ने विश्वास जताया कि नए आईजी बद्रीनारायण मीणा के नेतृत्व में यह अभियान और अधिक गति प्राप्त करेगा. 

शांति और विकास पर रहेगा नए आईजी का ज़ोर

बस्तर रेंज की कमान संभालने के बाद नए आईजी बद्रीनारायण मीणा ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं. उन्होंने कहा कि वे पिछले वर्षों की उपलब्धियों को आधार बनाकर सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय में काम करेंगे.

उन्होंने बस्तर में स्थायी शांति, सुरक्षा, समावेशी विकास और स्थानीय लोगों के बीच जनविश्वास को और अधिक मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.  


'सरकारी ज़मीन, जनता का पैसा, फिर 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' मॉडल क्यों ?'

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (कोनी) में नवनिर्मित 240 बिस्तरों वाले स्व. दिलीप सिंह जूदेव मरोरियल सुपर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल और 100 बिस्तरों वाले कैंसर केयर अस्पताल के संचालन को लेकर विवाद शुरू हो गया है. कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार द्वारा इस अस्पताल को 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' मॉडल पर चलाने की प्रक्रिया शुरू करने पर कड़े सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस के पूर्व ज़िला अध्यक्ष और बेलतरा से विधानसभा प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार से पूछा कि जब अस्पताल सरकारी ज़मीन पर, जनता के पैसे और सरकारी संसाधनों से बना है, तो इसे निजी हाथों में सौंपने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है.

'सरकारी ज़मीन और पैसे, फिर निजी भागीदारी क्यों?'

प्रेस वार्ता के दौरान विजय केशरवानी ने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण में क़रीब 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जो जनता के टैक्स का पैसा है.

उन्होंने सवाल उठाया, "जब अस्पताल बनाने से लेकर मशीनें उपलब्ध कराने तक सब कुछ सरकार ने किया है, तो अब संचालन के लिए 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप'  मॉडल क्यों लाया जा रहा है? सरकार यह बताए कि इस मॉडल से आम मरीज़ों को ऐसा कौन-सा अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जो सरकारी व्यवस्था में नहीं मिल सकता था?"

उन्होंने यह भी पूछा कि निजी भागीदारी आने के बाद ग़रीब, मज़दूर और मध्यम वर्ग के मरीज़ों के लिए मुफ़्त और सुलभ इलाज की गारंटी क्या होगी. 

सरकारी दस्तावेज़ों और KPMG का दिया हवाला

कांग्रेस नेता ने अपने दावों के समर्थन में छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग के दो हालिया पत्रों (10 जून 2026 और 26 जून 2026) का ज़िक्र किया.

  • दस्तावेज़ों में क्या है: इन पत्रों में पीपीपी मॉडल के तहत 'रिवाइज़्ड आरएफ़पी' (Revised RFP), 'रिवाइज़्ड लाइसेंस एग्रीमेंट' और टेंडर प्रक्रिया (TPC) का उल्लेख है.

  • कंसल्टेंट की नियुक्ति: केशरवानी ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए 'केपीएमजी' (KPMG) को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है. उन्होंने मांग की है कि पीपीपी समझौते की सभी अहम शर्तों को जनता के सामने सार्वजनिक किया जाए.

उद्घाटन के डेढ़ साल बाद भी सुविधाएं अधूरी

कांग्रेस ने याद दिलाया कि इस अस्पताल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अक्टूबर 2024 को किया था और बाद में मुख्यमंत्री ने भी इसका निरीक्षण किया था.

केशरवानी ने कहा, "डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी अस्पताल पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है. विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ़ और तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण गंभीर मरीज़ों को आज भी दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफ़र किया जा रहा है. क्या सरकार ने सिर्फ़ भवन का उद्घाटन किया था?"

बीजेपी विधायक पर पलटवार और कांग्रेस की मांगें

बेलतरा के बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला के बयानों पर पलटवार करते हुए केशरवानी ने कहा कि जनता पुराने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि वर्तमान व्यवस्था पर जवाब चाहती है.

कांग्रेस ने राज्य सरकार के सामने प्रमुख रूप से 5 मांगें रखी हैं:

  1. 200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अस्पताल को तत्काल पूरी क्षमता से संचालित किया जाए.

  2. डॉक्टरों, नर्सिंग और तकनीकी स्टाफ़ के पदों को स्वीकृति देकर तुरंत भर्ती शुरू हो.

  3. आईसीयू, कैथलैब और एंबुलेंस जैसी जीवन रक्षक सुविधाएं बिना देरी के शुरू की जाएं.

  4. पीपीपी मॉडल लागू करने से पहले ग़रीबों के मुफ़्त इलाज के अधिकार की लिखित गारंटी दी जाए.

  5. पीपीपी मॉडल से जुड़े सभी दस्तावेज़ और शर्तें सार्वजनिक की जाएं, ताकि पता चले कि इलाज की दरें कौन तय करेगा.

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर बने इस अस्पताल के हवाले से कांग्रेस ने कहा कि केवल नाम रखना काफ़ी नहीं है, बल्कि उस नाम के अनुरूप ग़रीबों की सेवा भी सुनिश्चित होनी चाहिए.  


मोबाइल चैट का विवाद और फिर पत्नी की मौत: पति बता रहा है आत्महत्या

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर ज़िले (सिटी कोतवाली क्षेत्र) में एक 28 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है, लेकिन गर्दन के पीछे फंदे के निशान न मिलने से मामले ने रहस्यमयी मोड़ ले लिया है.

मृतका के मायके वालों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.

पति का बयान और पुलिस की शंकाएं

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, घटना दयालबंद मधुबन रोड की है. मृतका अदिति मौर्य की शादी 10 फ़रवरी 2019 को रविकांत मौर्य से हुई थी. उनकी 13 महीने की एक बेटी भी है. रविकांत तिफरा सब्ज़ी मंडी में व्यापार करते हैं.

  • पति का दावा: रविकांत ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना के समय वह अपनी बेटी के साथ घर के ऊपरी मंज़िल वाले कमरे में सो रहा था, जबकि अदिति नीचे वाले कमरे में अकेली थी. जब वह नीचे आया, तो अदिति बेड पर अचेत हालत में पड़ी थी. पति का दावा है कि अदिति ने सिल्क की साड़ी से फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन फंदा खुल जाने से वह नीचे गिर गई.

  • पुलिस का संदेह: सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी (TI) देवेश राठौर के अनुसार, घटना के समय अदिति को फंदे पर लटके हुए किसी ने नहीं देखा. घटना की सूचना भी पुलिस को तुरंत नहीं दी गई. परिजनों ने पहले अदिति को अस्पताल में भर्ती कराया, जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली.

मायके वालों के आरोप और 'मोबाइल चैट' का विवाद

मृतका के मायके वालों ने पति के दावों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है और पुलिस को लिखित शिकायत देकर हत्या की आशंका जताई है.

  • शरीर पर चोट के निशान: परिजनों का आरोप है कि अदिति के हाथ, गर्दन, पैर और कान पर चोट के निशान थे. उनका सवाल है कि अगर यह आत्महत्या है, तो शरीर पर चोट के निशान कैसे आए?

  • अन्य महिला से संबंध का आरोप: मृतका के भाई अभिषेक वर्मा ने रविकांत पर किसी अन्य महिला के साथ संबंध होने का शक जताया है. भाई के मुताबिक़, क़रीब एक सप्ताह पहले ही अदिति ने अपने पति के 'मोबाइल चैट' का एक वीडियो बनाकर अपनी बड़ी बहन पिंकी को भेजा था. अदिति ने बताया था कि इसी चैट को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा है.

  • परिजनों को इस बात की भी शिकायत है कि ससुराल वालों ने उन्हें घटना की सूचना नहीं दी. उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से यह जानकारी मिली.

विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पांच अनुभवी डॉक्टरों की टीम से शव का पोस्टमार्टम कराया है. प्रारंभिक रिपोर्ट में हालांकि फांसी की बात सामने आई है, लेकिन गर्दन पर पूरे फंदे के निशान न होने के कारण पुलिस विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है.

जानकारी के मुताबिक़, डॉक्टरों की टीम ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है, लेकिन सरकारी छुट्टियों के कारण अंतिम हस्ताक्षर होने बाक़ी हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ़ हो सकेगी और आगे की क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.   



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