जानकारी के अनुसार संतोष कुमार देवांगन निवासी विनोबा नगर ने 9 मई को थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 मई को वह परिवार के साथ रिश्तेदारी में गया था। इसी दौरान अज्ञात आरोपी मकान का ताला तोड़कर अंदर घुस गए और अलमारी व खिड़की तोड़कर सोने-चांदी के जेवर चोरी कर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 70 हजार रुपये बताई गई थी।
मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान मुखबिर सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने रोशन सिंह, शिवा सोनी और धरमदास महंत उर्फ प्रेम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सोना जैसी धातु, चांदी के गलाए हुए टुकड़े, नगदी रकम, टूटा ताला, वारदात में प्रयुक्त टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी और एक्टिवा वाहन समेत चोरी का सामान गलाने में इस्तेमाल सामग्री बरामद की।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए चोरी किए गए जेवरों को गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया था। कुछ सामान केलो नदी में फेंककर साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध और साक्ष्य विलोपित करने से संबंधित अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ दी हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क केवल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए ब्लैक मनी, हवाला कारोबार और अवैध आर्थिक लेनदेन का बड़ा तंत्र संचालित किया जा रहा था।
26 अप्रैल की कार्रवाई से खुला नेटवर्क
मामले की शुरुआत 26 अप्रैल को हुई, जब साइबर सेल, थाना कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने रायगढ़ और घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर एक साथ दबिश दी थी। उस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर मोबाइल फोन और नगदी जब्त की गई थी।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने रायगढ़ के बड़े खाईवाल करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के नाम का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने डिजिटल ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और फाइनेंशियल ट्रेल के आधार पर जांच तेज की।
हवाला और ब्लैक मनी का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी करन चौधरी रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। सट्टे से आने वाली रकम को सीधे रखने के बजाय पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से कैश डंप किया जाता था, जिसे बाद में हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेजा जाता था। पुलिस जांच में पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील कुमार अग्रवाल की भूमिका भी सामने आई। दोनों पर सट्टे की ब्लैक मनी को हवाला के जरिए व्हाइट करने का आरोप है।
फ्लैट से मिला करोड़ों का कैश
पुलिस ने कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट में छापा मारकर सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किया। वहीं पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की है।
संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी गई
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपने निजी बैंक खातों का इस्तेमाल करने के बजाय कर्मचारियों और परिचितों के खातों तथा मोबाइल नंबरों का उपयोग करते थे, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके। शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रही जांच में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ी गई है। फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र सिंह रंधावा और जगदीप सिंह निवासी अमृतसर पंजाब शामिल हैं। वहीं खरीदार के रूप में शेख अल्ताफ उर्फ लल्ला, अमित कुमार डाहिरे और अवि पाठक को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध नशे के कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि बाहरी राज्यों से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में हेरोइन सप्लाई की जा रही है।
इसी दौरान 12 मई को सूचना मिली कि तोरवा रेलवे स्टेशन के पास एक अल्टो कार में हेरोइन तस्कर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर तोरवा पुलिस और निरीक्षक नीलेश पांडेय की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर कार की जांच की।
कार में सवार पांचों व्यक्ति पुलिस को देखकर घबरा गए और पूछताछ में गोलमोल जवाब देने लगे। तलाशी के दौरान बैग में रखी एक बोतल से प्रतिबंधित नशीला पदार्थ हेरोइन बरामद हुआ। आरोपियों के पास इसके संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। पूछताछ में पंजाब निवासी आरोपियों ने बताया कि वे बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में बिक्री के लिए हेरोइन लेकर आए थे। वहीं मुंगेली निवासी आरोपी खरीदार के रूप में मौके पर पहुंचे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 97.63 ग्राम हेरोइन, घटना में प्रयुक्त अल्टो कार, स्कूटी, पांच एंड्रॉयड मोबाइल और 57 हजार 800 रुपये नगद जब्त किए हैं। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 5 लाख 38 हजार रुपये आंकी गई है। मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21बी, 22बी और 29 के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।