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दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी ससुराल से गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / सिरगिट्टी थाना पुलिस ने दुष्कर्म के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।

आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमन यादव उर्फ राजा (26 वर्ष) निवासी सरगांव, जिला मुंगेली के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने उसे विवाह का झांसा देकर 21 अगस्त 2025 से लगातार दैहिक संबंध बनाए और बाद में दूसरी शादी कर उससे विवाह करने से इनकार कर दिया। शिकायत के आधार पर 2 मई 2026 को सिरगिट्टी थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने चोरभट्ठी कला स्थित आरोपी के ससुराल में दबिश दी। पुलिस के अनुसार, पुलिस टीम के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी घर के छज्जे में छिप गया, लेकिन तलाशी के दौरान उसे पकड़ लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

बाबाधाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, श्रावणी स्पेशल ट्रेन में कन्फर्म सीटें उपलब्ध

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / सावन माह में बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे गाड़ी संख्या 08895/08896 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–मधुपुर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी श्रावणी मेला साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन कर रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह ट्रेन 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक कुल 5-5 फेरों में चलेगी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में इस विशेष ट्रेन में एसी-III और स्लीपर श्रेणी में बड़ी संख्या में कन्फर्म बर्थ उपलब्ध हैं। श्रद्धालुओं से समय रहते अग्रिम आरक्षण कर अपनी यात्रा सुनिश्चित करने की अपील की गई है, ताकि अंतिम समय की भीड़ और असुविधा से बचा जा सके।

यह स्पेशल ट्रेन नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी, गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़ और ब्रजराजनगर स्टेशनों पर ठहरेगी। इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध होगी।

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 की स्थिति में गाड़ी संख्या 08895 (इतवारी–मधुपुर) में 1 अगस्त को एसी-III में 94 और स्लीपर में 176 सीटें उपलब्ध हैं। वहीं 8, 15, 22 और 29 अगस्त की यात्राओं में भी एसी-III तथा स्लीपर दोनों श्रेणियों में पर्याप्त कन्फर्म सीटें उपलब्ध हैं।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08896 (मधुपुर–इतवारी) में 2, 9, 16, 23 और 30 अगस्त की यात्राओं के लिए भी एसी-III और स्लीपर श्रेणी में बड़ी संख्या में कन्फर्म बर्थ उपलब्ध होने की जानकारी रेलवे ने दी है।

रेलवे प्रशासन ने कहा है कि सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना उसका उद्देश्य है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे समय रहते आरक्षण कराकर अपनी यात्रा सुनिश्चित करें।

संदिग्ध मौत की जांच में हत्या की आशंका सही निकली, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए मृतक की पत्नी और दो विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के बाद हत्या का मामला सामने आया।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई को ग्राम तराईमाल के धनवारपारा स्थित एक किराये के मकान में गनपती लाल भगत (50) का शव मिला था। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। घटनास्थल की परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत से पूछताछ की गई। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का आरोप है कि पैतृक जमीन के अधिग्रहण के बदले मिली मुआवजा राशि, मृतक की कथित शराबखोरी तथा घरेलू विवाद को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव था। पुलिस का दावा है कि 23 जुलाई 2026 को हुए विवाद के बाद पत्नी और दो विधि से संघर्षरत बालकों ने कथित रूप से साड़ी और गमछे से गला घोंटकर गनपती लाल भगत की हत्या कर दी।

पुलिस का यह भी आरोप है कि घटना को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से मृतक की कलाई पर ब्लेड से कट का निशान बनाया गया, ताकि जांच को गुमराह किया जा सके।

पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 238 एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी गंगाबाई भगत और दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में मामा-मामी को जेल

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / मस्तूरी थाना पुलिस ने एक युवक की आत्महत्या के मामले में उसके मामा और मामी को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मर्ग जांच के दौरान मिले तथ्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया।

मृतक राहुल साहू (22 वर्ष) निवासी हिरी, थाना मस्तूरी ने 9 मार्च 2026 को आत्महत्या कर ली थी। मामले में मर्ग जांच के दौरान मृतक की माता और बहन के बयान दर्ज किए गए।

पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बयान में आरोप लगाया कि मृतक के मामा इन्द्र कुमार वैष्णव उर्फ भवानी और मामी अम्बिका वैष्णव ने सरकारी रेलवे कैंटीन में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे रुपये लिए थे। जब नौकरी नहीं लगी तो राहुल कई बार अपने पैसे वापस मांगने गया।

शिकायत के अनुसार, 9 मार्च को भी पैसे मांगने पर मामी ने कथित रूप से धमकी दी कि यदि वह बार-बार रुपये मांगने आएगा तो उसे झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसा दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस कथित मानसिक प्रताड़ना और भय के कारण राहुल तनाव में था और उसी दिन उसने आत्महत्या कर ली।

मर्ग जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को उनके निवास से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया और 27 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

भगत की कोठी एक्सप्रेस में गहने चोरी मामले का खुलासा, दो गिरफ्तार

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन ‘यात्री सुरक्षा’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ₹4.50 लाख मूल्य के स्वर्ण आभूषण चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रेलवे के अनुसार, दोनों आरोपियों को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए जीआरपी रायपुर के सुपुर्द कर दिया गया है।

आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 19 जुलाई को गाड़ी संख्या 20844 भगत की कोठी एक्सप्रेस के ए-2 कोच में यात्रा के दौरान यात्री के स्वर्ण आभूषण चोरी होने की घटना सामने आई थी। इस संबंध में जीआरपी रायपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मामले की जांच के दौरान मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेल सुरक्षा बल, नागपुर के मार्गदर्शन में पोस्ट प्रभारी गोंदिया के नेतृत्व में नागपुर मंडल की टास्क टीम और रायपुर मंडल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। रेलवे के अनुसार, जांच के दौरान संबंधित कोच के साथ-साथ गोंदिया, राजनांदगांव और डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और निगरानी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 26 जुलाई को डोंगरगढ़ में संदिग्ध नवीन पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर दूसरे संदिग्ध नितिन पटेल की पहचान की गई, जिसका हुलिया सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले व्यक्ति से मेल खाने का दावा किया गया है। रेलवे के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित रूप से चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद दोनों को जीआरपी रायपुर के सुपुर्द कर दिया गया, जहां मामले की आगे की जांच जारी है।

रेल सुरक्षा बल ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी, तकनीकी संसाधनों और खुफिया तंत्र का उपयोग करते हुए अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही यात्रियों और आम नागरिकों से अपराध संबंधी कोई भी जानकारी, फोटो या वीडियो उपलब्ध होने पर जांच एजेंसियों के साथ साझा करने की अपील की गई है।

जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने न्यायिक व्यवस्था और जेल सुविधाओं का लिया जायजा

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं रायगढ़ जिले के पोर्टफोलियो जज जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने 25 एवं 26 जुलाई 2026 को रायगढ़ जिले के विभिन्न न्यायालयों और जिला जेल का वार्षिक निरीक्षण किया।

आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 25 जुलाई को उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायालय, रायगढ़, बाह्य न्यायालय घरघोड़ा तथा बाह्य न्यायालय खरसिया का निरीक्षण किया। इस दौरान न्यायालयों की कार्यप्रणाली, आधारभूत संरचना, अभिलेखों के संधारण, न्यायिक प्रशासन और अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के दौरान जस्टिस राजपूत ने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों और न्यायालय में उपस्थित पक्षकारों से चर्चा कर उनकी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने न्यायिक कार्यों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन, न्यायालयीन प्रशासन में दक्षता तथा न्यायिक सेवाओं को अधिक सुगम और जनोन्मुखी बनाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

26 जुलाई को जस्टिस राजपूत ने जिला जेल, रायगढ़ का निरीक्षण किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने जेल परिसर में बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता, आवास, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की तथा उनके त्वरित एवं समुचित निराकरण के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, निरीक्षण के दौरान जस्टिस राजपूत ने जेल में बंदियों के लिए तैयार भोजन का स्वयं स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता का भी परीक्षण किया।

आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह निरीक्षण न्यायिक प्रशासन की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने, न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने तथा बंदियों के संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

वन्यजीव प्रेमियों ने दर्ज की अत्यंत दुर्लभ एल्बिनो बुलबुल की मौजूदगी

वर्धा। TODAY छत्तीसगढ़  /  महाराष्ट्र के वर्धा जिले के प्रादेशिक वन क्षेत्र में पहली बार अत्यंत दुर्लभ एल्बिनो बुलबुल (Albino Bulbul) देखे जाने का दावा किया गया है। यह जानकारी महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के मानवविज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं वन्यजीव प्रेमी डॉ. वीरेन्द्र प्रताप यादव ने साझा की है।

जारी जानकारी के अनुसार, डॉ. यादव अपने सहयोगियों डॉ. पीयूष पतंजलि और समीर अवस्थी के साथ वन क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कुछ बुलबुल पक्षी दिखाई दिए, जिनमें एक पक्षी असामान्य रूप से सफेद रंग का था। डॉ. यादव ने उसके लाल रंग के अंडर-टेल कवरट्स (वेंट) को देखकर उसे एल्बिनो बुलबुल होने की संभावना जताई। इसके बाद उन्होंने मोबाइल से ली गई तस्वीरें वर्धा वन अनुसंधान केंद्र के वनरक्षक एवं पक्षी विशेषज्ञ मनेशकुमार लिंगुराम सज्जन को भेजीं। सूचना मिलने पर वनरक्षक मौके पर पहुंचे और पक्षी का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण किया। 

डॉ. यादव के अनुसार, एल्बिनिज्म एक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति है, जिसमें मेलेनिन नामक प्राकृतिक रंगद्रव्य का निर्माण नहीं हो पाता। इसके कारण पक्षी के पंख सफेद हो जाते हैं तथा आंखें, चोंच और पैर गुलाबी या लाल रंग के दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि अनुमानतः करीब 30 हजार पक्षियों में एक में एल्बिनिज्म की स्थिति देखने को मिलती है और बुलबुल में यह और भी दुर्लभ मानी जाती है।

उन्होंने बताया कि मेलेनिन की कमी के कारण ऐसे पक्षियों की दृष्टि अपेक्षाकृत कमजोर होती है, जिससे भोजन खोजने और शिकारियों से बचने में कठिनाई होती है। सफेद रंग होने के कारण वे दूर से आसानी से दिखाई देते हैं और कई बार अपने समूह से भी अलग हो जाते हैं।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत में एल्बिनो बुलबुल के दस्तावेजीकरण के बहुत कम मामले सामने आए हैं। पहले भी विभिन्न राज्यों में आंशिक या पूर्ण एल्बिनो बुलबुल के कुछ रिकॉर्ड प्रकाशित हो चुके हैं। वर्धा में 26 जुलाई 2026 को दर्ज यह अवलोकन जिले का पहला प्रलेखित मामला बताया गया है। 

तस्वीर में दाएं से बाएं -  डॉ पीयूष पतंजलि, डॉ वीरेन्द्र प्रताप यादव, श्री समीर अवस्थी, श्री मनेशकुमार लिंगुराम सज्जन

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