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रेप का झूठा केस और 3 लाख की डिमांड: महिला ने रची थी ऐसी खौफ़नाक साज़िश

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और अवैध उगाही करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है. इस गिरोह ने एक स्थानीय सरपंच और जनपद सदस्य को सामूहिक दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाकर उनसे तीन लाख रुपये वसूलने की साज़िश रची थी.

पुलिस ने त्वरित जांच के बाद इस मामले में एक महिला सहित कुल पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है. अदालत के निर्देश पर सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

नौकरी का झांसा और झूठी एफ़आईआर

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक़, 24 जून को एक महिला ने कसडोल थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज़ कराई थी. महिला ने आरोप लगाया था कि ग्राम सरपंच और बीडीसी सदस्य ने नौकरी लगाने का झांसा देकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की. लेकिन जब पुलिस ने कथित पीड़िता से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गई और पूरी साज़िश का ख़ुलासा हो गया.

पूछताछ में सामने आई ब्लैकमेलिंग की साज़िश

महिला ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी. वास्तव में यह एक सोची-समझी साज़िश थी, जिसे उसकी सहेली पूनम, भागवत थवाईत और अन्य लोगों ने मिलकर रचा था.

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मक़सद निर्दोष जनप्रतिनिधियों को बलात्कार जैसे गंभीर और ग़ैर-ज़मानती अपराध में जेल भेजने का डर दिखाना था. इसके एवज़ में गिरोह ने सरपंच और बीडीसी से तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी थी.

अभियुक्तों की गिरफ़्तारी और ज़ब्ती

जांच में ब्लैकमेलिंग की बात स्पष्ट होने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के सभी पांच सदस्यों को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

पुलिस ने इन अभियुक्तों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 308(6), 217, 248(ख), 61(2)(a) और 45 के तहत आपराधिक मामला दर्ज़ किया है.

गिरफ़्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान:

  1. भागवत थवाईत (27 वर्ष), निवासी- ग्राम कटगी, थाना कसडोल.

  2. दीपक थवाईत (18 वर्ष), निवासी- ग्राम कटगी, थाना कसडोल.

  3. शिवा चेलक (19 वर्ष), निवासी- ग्राम कटगी, थाना कसडोल.

  4. विजय शंकर (40 वर्ष), निवासी- वार्ड क्र. 12, थाना लवन.

  5. पूनम (18 वर्ष), निवासी- ग्राम सुकली, थाना गिधौरी.

ज़ब्त की गई सामग्री: पुलिस ने अभियुक्तों के पास से घटना (ब्लैकमेलिंग) में प्रयुक्त एक महिंद्रा थार गाड़ी (CG 04 PV 9211) और तीन मोबाइल फ़ोन ज़ब्त किए हैं.

लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री

TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।

           कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।

                 मुख्य वक्ता श्री कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा। 

            मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।                         


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था। श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया। 

        विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।

         कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ श्री कैलाश सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वर श्री अजय रामदास, श्री अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे।  

 कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर "आपातकाल कभी विस्मृत न हो" विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा के श्री सूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग के श्री अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर "25 जून : संविधान हत्या दिवस" विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

"उप मुख्यमंत्री जी देर आए, दुरुस्त आए..." स्कूटी दौरे के बाद कांग्रेस ने कसा तंज़, पूछ लिए ये 4 बड़े सवाल

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और बिलासपुर के प्रभारी मंत्री अरुण साव के आज 'स्कूटी दौरे' के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने विकास कार्यों के निरीक्षण का स्वागत तो किया है, लेकिन साथ ही प्रभारी मंत्री से जनता और पार्षदों से सीधे संवाद करने की मांग उठाई है.

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता अभय नारायण राय ने इस दौरे पर तंज़ कसते हुए कहा, “उप मुख्यमंत्री जी देर आए, दुरुस्त आए. आख़िरकार उन्हें बिलासपुर का ख़्याल आया और शहर के विकास कार्यों की याद आई.”

'निरीक्षण के साथ जन-संवाद भी ज़रूरी'

कांग्रेस प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें और विकास कार्यों का निरीक्षण करना एक अच्छी बात है, लेकिन शहर की वास्तविक समस्याओं से जूझ रही आम जनता और नगर निगम के निर्वाचित पार्षदों से बात करना भी उतना ही आवश्यक है.

पार्टी ने कहा कि अगर उप मुख्यमंत्री सिर्फ़ अधिकारियों की बजाय आम लोगों के बीच जाकर संवाद करते, तो उन्हें ज़मीनी हालात की वास्तविक और सटीक जानकारी मिल पाती.

बुनियादी सुविधाओं और जलभराव का मुद्दा

कांग्रेस ने बारिश के मौसम का हवाला देते हुए शहर की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि:

  • मानसून शुरू हो चुका है, लेकिन शहर में नालियों की सफ़ाई न होने से लोग परेशान हैं.

  • कई इलाक़ों में जलभराव का ख़तरा बना हुआ है.

  • शुद्ध पेयजल और नगर निगम की रोज़मर्रा की सेवाओं को लेकर नागरिक लगातार शिकायतें कर रहे हैं.

भाजपा की कथित अंदरूनी कलह पर भी निशाना

कांग्रेस ने इस मौक़े पर नगर निगम में सत्तारूढ़ दल (भाजपा) के भीतर चल रहे कथित विवादों को भी उठाया. अभय नारायण राय ने कहा कि नगर निगम में महापौर, एमआईसी (MIC) सदस्यों और भाजपा पार्षदों के बीच सार्वजनिक रूप से जो आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, वे किसी से छिपे नहीं हैं.

कांग्रेस का कहना है कि यदि प्रभारी मंत्री शहर के दौरे पर आए ही थे, तो उन्हें इन राजनीतिक और प्रशासनिक हालात का भी संज्ञान लेना चाहिए था.

कांग्रेस ने प्रभारी मंत्री से पूछे ये प्रमुख सवाल:

अपने बयान के अंत में कांग्रेस ने उप मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के समक्ष कुछ सीधे सवाल रखे हैं:

  1. उप मुख्यमंत्री आम जनता और नगर निगम के पार्षदों के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद कब करेंगे?

  2. बारिश से पहले शहर में नालियों की सफ़ाई और जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था पर ज़मीनी स्तर पर क्या कार्रवाई हुई है?

  3. शुद्ध पेयजल आपूर्ति और निगम की रोज़मर्रा की सेवाओं में आ रही शिकायतों का समाधान कब तक होगा?

  4. नगर निगम में महापौर, एमआईसी सदस्यों और भाजपा पार्षदों के बीच चल रहे आपसी विवादों पर प्रभारी मंत्री का क्या रुख़ है?

अगर आप भी बिना काग़ज़ के ख़रीदते हैं सस्ती 'सेकंड हैंड' गाड़ी तो हो जाएं सावधान

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर ज़िले में सरकंडा थाना पुलिस ने वाहन चोरों के एक शातिर गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर उनके पास से चोरी की पांच दोपहिया गाड़ियां बरामद की हैं.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे अभियान में बिलासपुर पुलिस द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए 'सशक्त' मोबाइल ऐप ने अहम भूमिका निभाई है, जिससे चोरी के वाहनों की तुरंत पहचान करना संभव हो सका.

कैसे पकड़े गए अभियुक्त?

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, 14 जून 2026 को मोपका (विवेकानंद नगर) निवासी कमलेश चंद्राकर ने सरकंडा थाने में अपनी स्कूटी (CG 10 BN 1325) चोरी होने की एफ़आईआर दर्ज़ कराई थी. यह घटना 13 जून की रात की थी.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देश पर सरकंडा पुलिस चोरी की जांच कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सुजल दर्वे उर्फ़ रिंकू नामक युवक के पास एक संदिग्ध मोटरसाइकिल है.

पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर सुजल को हिरासत में लिया. उसके पास मौजूद एक्टिवा स्कूटी का नंबर जब पुलिस ने अपने 'सशक्त' मोबाइल ऐप में डालकर चेक किया, तो तुरंत पुष्टि हो गई कि यह वही स्कूटी है जो 13 जून को चुराई गई थी.

पूछताछ में खुले दो साल पुराने राज़

हिरासत में लिए जाने के बाद अभियुक्तों से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर पिछले दो सालों में की गई कई अन्य चोरियों का जुर्म भी कबूल कर लिया.

गिरफ़्तार किए गए अभियुक्तों में सुरेंद्र भुनेश्वर, सुजल दर्वे उर्फ़ रिंकू शामिल हैं जिन्होंने पुलिस को बताया कि वे चोरी की गाड़ियों को अपने शौक पूरे करने के लिए औने-पौने दामों (महज़ 2 हज़ार से 10 हज़ार रुपये) में बेच देते थे.पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर कमलेश चंद्राकर की स्कूटी सहित कुल 5 गाड़ियां बरामद की हैं:

मोपका से ब्राउन एक्टिवा (CG 10 AF 5290) चुराकर सावन सूर्यवंशी को 10,000 रुपये में बेची.

अक्टूबर 2025: विवेकानंद कॉलोनी से स्प्लेंडर (CG 10 P 0129) चोरी की.

फ़रवरी 2026: गोड़पारा साईं मंदिर के पास से ग्रे एक्टिवा (CG 10 AJ 6340) चुराकर भूपेंद्र वर्मा को 5,000 रुपये में बेची.

जून 2026: ठाकुर देव मंदिर मोपका के पास से यामाहा (CG 10 JL 0783) चोरी कर अर्जुन वर्मा को महज़ 2,000 रुपये में बेची.

पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. साथ ही, चोरी का माल ख़रीदने वालों के ख़िलाफ़ भी जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ने आम जनता को सख़्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अपराध करने वाले के साथ-साथ चोरी का माल ख़रीदने और उन्हें पनाह देने वाला भी क़ानून की नज़र में बराबर का मुजरिम है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सस्ते दाम के लालच में बिना काग़ज़ात के चोरी की गाड़ियां ख़रीदने वालों पर भी 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति के तहत सीधी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा.

दिन में मांगते थे खेत का काम, रात में स्कार्पियो में भरकर चुरा ले जाते थे बकरे-बकरियां

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर ज़िले में रतनपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने पशु चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है. पुलिस ने दीवार तोड़कर 19 बकरे-बकरियां चुराने के आरोप में छह लोगों को गिरफ़्तार किया है.

अधिकारियों के मुताबिक़, अभियुक्तों के पास से जानवरों की बिक्री से मिले 1,50,000 रुपये नक़द और वारदात में इस्तेमाल की गई एक महिंद्रा स्कार्पियो गाड़ी ज़ब्त की गई है. पकड़े गए सभी अभियुक्त मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं.

क्या था चोरी का तरीक़ा ?

पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे अपनी स्कार्पियो गाड़ी में सवार होकर आस-पास के गांवों में घूमते थे. वे ग्रामीणों और किसानों से 'खेत समतलीकरण' (ज़मीन बराबर करने) का काम मांगते थे.

इसी काम के बहाने वे गांव में घूमकर बकरे-बकरियों की 'रेकी' करते थे और यह पता लगाते थे कि जानवर कहाँ रखे जाते हैं. इसके बाद रात के अंधेरे में वे चोरी की वारदात को अंजाम देकर स्कार्पियो से फ़रार हो जाते थे.

दीवार तोड़कर चुराए 19 जानवर

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम चकरभांठा (थाना रतनपुर) के रहने वाले समन सिंह पैकरा ने 21 जून 2026 को थाने में शिकायत दर्ज़ कराई थी. उन्होंने पुलिस को बताया कि 19 जून की रात वे अपने 4 बकरे और 15 बकरियों को जंगल से चराकर लाए और घर के पास स्थित कोठे (पशु आश्रय) में बंद कर सो गए थे.

अगली सुबह (20 जून) जब वे उठे, तो देखा कि कोठे की ईंट की दीवार टूटी हुई थी और सभी 19 जानवर ग़ायब थे. शिकायत के बाद रतनपुर पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की.

बेच दिए थे जानवर, नक़दी बरामद

पुलिस ने संदेह के आधार पर जब इन अभियुक्तों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने चकरभांठा से 19 जानवर चुराने की बात स्वीकार कर ली. अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने चुराए गए जानवरों को 1,75,000 रुपये में बेच दिया था, जिसमें से 25,000 रुपये उन्होंने ख़र्च कर दिए. पुलिस ने शेष 1,50,000 रुपये बरामद कर लिए हैं. विधिक कार्रवाई के बाद सभी अभियुक्तों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

गिरफ़्तार अभियुक्तों की पहचान: यह गिरोह फ़िलहाल रतनपुर के कर्रा इलाके में रह रहा था. गिरफ़्तार किए गए लोगों में शामिल हैं:

  1. बबलू (57 वर्ष)

  2. अमूर खान (66 वर्ष)

  3. अमीन खान (41 वर्ष)

  4. हबीम खान (35 वर्ष)

  5. शाहरुख़ खान (22 वर्ष)

  6. मोहम्मद अच्छन (33 वर्ष)

संडे के दिन जब शहर की सड़कों पर स्कूटी से निकले डिप्टी सीएम अरुण साव

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव रविवार को एक अलग ही अंदाज़ में नज़र आए। शहर के विकास और निर्माण कार्यों का ज़मीनी हक़ीक़त जानने के लिए वे अधिकारियों के साथ स्कूटी पर निकले और क़रीब तीन घंटे तक बिलासपुर शहर का सघन भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर की जीवनदायिनी 'अरपा नदी' को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 250.93 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। डिप्टी सीएम ने दोटूक कहा कि जनहित के कार्यों में अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एसटीपी निर्माण में देरी पर भड़के

स्कूटी से निरीक्षण करते हुए डिप्टी सीएम मंगला स्थित 10 एमएलडी और 6 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), कोनी कन्वेंशन सेंटर, शिवघाट बैराज और रामसेतु के बाईं ओर बन रहे अटल पथ पहुंचे। अशोकनगर-बिरकोना गौरव पथ का जायज़ा लेते हुए उन्होंने एसटीपी निर्माण में हो रही लेटलतीफी पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तय समय पर काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों और कार्यदायी एजेंसियों के ख़िलाफ़ नियमानुसार सख़्त कार्रवाई की जाए।

251 करोड़ से संवरेगी अरपा 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अरपा नदी बिलासपुर के लोगों की भावनाओं से जुड़ी है। वर्तमान में शहर के लगभग 70 नालों का दूषित पानी सीधे नदी में गिर रहा है। इसे रोकने के लिए नगर निगम ने विस्तृत डीपीआर (DPR) तैयार की है। इसके तहत 17 किलोमीटर के दायरे में 57 स्थानों पर इंटरसेप्शन, लगभग 10 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन, तीन पंपिंग स्टेशन और दो नए एसटीपी बनाए जाएंगे। उन्होंने निगम आयुक्त को निर्देश दिया कि इस प्रोजेक्ट की सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर राज्य शासन से स्वीकृति दिलाई जाए, ताकि काम ज़मीन पर उतर सके।

बिजली के खंभों और पार्किंग व्यवस्था 

शहर में अव्यवस्थित ढंग से लगे बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को लेकर भी डिप्टी सीएम ने सख़्ती दिखाई। उन्होंने इन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और भविष्य में नए खंभे लगाने से पहले नगर निगम की अनुमति अनिवार्य करने के निर्देश दिए। वहीं, कोनी कन्वेंशन सेंटर में पार्किंग की समस्या को देखते हुए पीछे स्थित सरकारी ज़मीन को पार्किंग के रूप में विकसित करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मक़सद ठेकेदारों को दंडित करना नहीं, बल्कि समय पर प्रोजेक्ट पूरे कर जनता को लाभ पहुंचाना है। इस औचक निरीक्षण के दौरान उनके साथ बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे समेत स्मार्ट सिटी, लोक निर्माण और जल संसाधन विभाग का पूरा अमला मौजूद रहा। 


'मन की बात' विकसित भारत के संकल्प को देती है नई ऊर्जा

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रविवार (28 जून) को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 135वीं कड़ी सुनी. इस अवसर पर राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों सहित कई जनप्रतिनिधि और आम नागरिक भी मौजूद रहे.

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने 'मन की बात' को जनभागीदारी और प्रेरणा का एक सशक्त माध्यम बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का ज़िक्र होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय रहा है.

'मन की बात' की 135वीं कड़ी के प्रमुख बिंदु

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा देश भर से साझा किए गए नवाचारों और ज़मीनी प्रयासों का उल्लेख किया, जिनमें प्रमुख हैं:

  • पर्यावरण व जल संरक्षण: आगामी गणेशोत्सव पर ईको-फ्रेंडली (मिट्टी की) प्रतिमाएं स्थापित करने का आह्वान और वर्षा जल संचयन को एक जन-आंदोलन बनाने की अपील.

  • सामाजिक सुरक्षा: 'प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना' और 'प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना' के महत्व पर प्रकाश.

  • वन्यजीव संरक्षण और अंधविश्वास: विज्ञान और तर्क के ज़रिए समाज से अंधविश्वास मिटाने पर ज़ोर. साथ ही, असम की महिलाओं ('हरगिला आर्मी') द्वारा दुर्लभ पक्षी 'हरगिला' के संरक्षण प्रयासों की सराहना.

  • प्रकृति से समन्वय: प्रकृति और मानव के अद्भुत तालमेल के रूप में मेघालय के 'लिविंग रूट ब्रिज' (Living Root Bridges) का विशेष उल्लेख.

  • नवाचार व स्वच्छता: मध्य प्रदेश के राजगढ़ (ब्यावरा) की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक कचरे का उपयोग कर सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल.

  • खेल और संस्कृति: नगालैंड में 'नगालैंड बेबी लीग' और 'वुमन फुटसाल लीग' जैसी खेल पहलों का ज़िक्र. इसके अलावा, डोमिनिकन रिपब्लिक में वैदिक साहित्य के अध्ययन और नालंदा यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना की गई.

कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और विधायक गोमती साय विशेष रूप से उपस्थित थीं.

इनके अलावा, कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने और अखिलेश सोनी सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

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