रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / रायगढ़ पुलिस ने विशेष अभियान 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत सहारा इंडिया निवेश घोटाले के मामले में लगभग तीन वर्षों से फरार चल रहे सहारा इंडिया कबीर चौक, रायगढ़ के शाखा प्रबंधक विजय कुमार शराफ (54) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को 20 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2022 में शिकायतकर्ता विकास निगानिया ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता तथा आरबीआई से अधिकृत होने का भरोसा दिलाकर उनसे, उनकी माता और पत्नी से विभिन्न योजनाओं में निवेश कराया, लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई।
पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि निवेशकों से राशि सहारा इंडिया के नाम पर लेकर विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए। मामले की विवेचना के दौरान जिला प्रशासन, बैंकों, विभिन्न विभागों और निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर कंपनी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, सेक्टर मैनेजरों और क्षेत्रीय अधिकारियों की कथित संलिप्तता सामने आई।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में पूर्व में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है। जांच के दौरान आरोपियों से कंपनी से संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े अभिलेख, संपत्ति संबंधी दस्तावेज तथा कथित तौर पर धोखाधड़ी की रकम से खरीदे गए वाहन भी जब्त किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, रायगढ़ सहित अन्य जिलों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों से लगभग ₹40.78 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी विजय कुमार शराफ के कोतरारोड़ स्थित ससुराल आने की सूचना मिलने पर उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य बताए। उसके कब्जे से कंपनी के फ्रेंचाइजी कार्यालय से संबंधित कुछ दस्तावेज और एमओयू की प्रतियां भी जब्त की गईं।
रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।










