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चोरी का ये बड़ा खेल... सड़क की रेलिंग से लेकर रेलवे ट्रैक तक नहीं छोड़ा

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर (अटल नगर) क्षेत्र में पिछले तीन-चार सालों से केबल और लोहे के सामान की चोरी कर रहे दो लोगों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. 

राखी थाना पुलिस ने अभियुक्तों के क़ब्ज़े से लोहे की छड़ें, रेलिंग, केबल और रेलवे ट्रैक (पटरी) के टुकड़े बरामद किए हैं. पुलिस के अनुसार, इस गिरफ़्तारी से नवा रायपुर इलाक़े में हुई चोरी की कई अन्य घटनाओं के भी सुलझने की उम्मीद है.

NRDA की पेट्रोलिंग टीम ने की थी पहचान

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) की अधिकारी नविता सिन्हा ने इस संबंध में शिकायत दर्ज़ कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि सेक्टर-24 (सतनाम चौक) और आसपास के इलाक़ों में चल रहे निर्माण कार्यों से लोहे की छड़ें, जालियां, रेलिंग और केबल तार लगातार चोरी हो रहे हैं.

  • देर रात हुई घटना: 29 जून 2026 की रात क़रीब 2:45 बजे एनआरडीए (NRDA) की पेट्रोलिंग टीम ने दो लोगों को केबल चुराते हुए देखा. टीम ने उनका पीछा किया, लेकिन वे अंधेरे का फ़ायदा उठाकर मौक़े से भागने में सफल रहे.

  • इस घटना के बाद राखी थाने में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 3(5) के तहत मुक़दमा दर्ज़ किया गया.

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से हुई गिरफ़्तारी

रायपुर ग्रामीण की पुलिस अधीक्षक (SP) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर राखी थाने के उप निरीक्षक (SI) जितेंद्र डहरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया.

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला. कई दिनों की निगरानी के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया.

पूछताछ में उगला सच, बरामद हुआ भारी सामान

पुलिस के अनुसार, शुरुआत में दोनों अभियुक्त गुमराह करते रहे, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर की गई सख़्त पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध क़बूल कर लिया.

  • लंबे समय से कर रहे थे चोरियां: अभियुक्तों ने बताया कि वे पिछले तीन से चार सालों से नवा रायपुर के सुनसान और निर्माणाधीन इलाक़ों की रेकी कर रात के अंधेरे में चोरियों को अंजाम देते थे.

  • क्या-क्या हुआ ज़ब्त: पुलिस ने इनकी निशानदेही पर चोरी की गई लोहे की छड़ें, एंगल, सड़क किनारे लगने वाली रैलिंग और रेलवे लाइन के पास से चुराई गई छोटी लोहे की पटरी तथा केबल तार बरामद किए हैं.

गिरफ़्तार अभियुक्तों की पहचान:

  1. विजय कुमार ठाकुर (30 वर्ष), निवासी- ग्राम पलोद, थाना मंदिर हसौद, ज़िला रायपुर.

  2. विक्की सवरा (30 वर्ष), मूल निवासी- ग्राम पटेवा (अभनपुर), वर्तमान पता- ग्राम पलोद, थाना मंदिर हसौद, ज़िला रायपुर.

पुलिस अब इन अभियुक्तों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने चोरी का सामान किन कबाड़ियों या लोगों को बेचा था.

बस्तर के नये आईजी बीएन मीणा ने पदभार संभाला, कहा- शांति, सुरक्षा और विकास रहेगी प्राथमिकता

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज के पुलिस नेतृत्व में आज (बुधवार, 1 जुलाई) को अहम बदलाव हुआ है. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बद्रीनारायण मीणा ने बस्तर रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) का औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया है.

उन्होंने निवर्तमान आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम की जगह ली है. सुंदरराज पी. अब केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर जा रहे हैं, जहां वे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) में आईजी के रूप में अपनी नई ज़िम्मेदारी संभालेंगे.

जगदलपुर में हुआ पदभार ग्रहण समारोह

जगदलपुर स्थित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में यह प्रभार सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान बस्तर ज़िले के पुलिस अधीक्षक (SP) शलभ सिन्हा सहित रेंज के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. निवर्तमान आईजी सुंदरराज पी. ने नए आईजी का स्वागत करते हुए उन्हें सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं.

निवर्तमान आईजी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

अपना प्रभार सौंपने के बाद सुंदरराज पी. ने अपने कार्यकाल के दौरान बस्तर की जनता, पुलिस मुख्यालय, सुरक्षा बलों, प्रशासन, मीडिया और जनप्रतिनिधियों से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.

वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) के ख़िलाफ़ जारी संघर्ष का ज़िक्र करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस व सुरक्षा बलों के जवानों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को याद किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

'मिशन 2026' (बस्तर में स्थायी शांति और विकास स्थापित करने का साझा लक्ष्य) का ज़िक्र करते हुए सुंदरराज पी. ने विश्वास जताया कि नए आईजी बद्रीनारायण मीणा के नेतृत्व में यह अभियान और अधिक गति प्राप्त करेगा. 

शांति और विकास पर रहेगा नए आईजी का ज़ोर

बस्तर रेंज की कमान संभालने के बाद नए आईजी बद्रीनारायण मीणा ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं. उन्होंने कहा कि वे पिछले वर्षों की उपलब्धियों को आधार बनाकर सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय में काम करेंगे.

उन्होंने बस्तर में स्थायी शांति, सुरक्षा, समावेशी विकास और स्थानीय लोगों के बीच जनविश्वास को और अधिक मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.  


'सरकारी ज़मीन, जनता का पैसा, फिर 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' मॉडल क्यों ?'

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (कोनी) में नवनिर्मित 240 बिस्तरों वाले स्व. दिलीप सिंह जूदेव मरोरियल सुपर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल और 100 बिस्तरों वाले कैंसर केयर अस्पताल के संचालन को लेकर विवाद शुरू हो गया है. कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार द्वारा इस अस्पताल को 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' मॉडल पर चलाने की प्रक्रिया शुरू करने पर कड़े सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस के पूर्व ज़िला अध्यक्ष और बेलतरा से विधानसभा प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार से पूछा कि जब अस्पताल सरकारी ज़मीन पर, जनता के पैसे और सरकारी संसाधनों से बना है, तो इसे निजी हाथों में सौंपने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है.

'सरकारी ज़मीन और पैसे, फिर निजी भागीदारी क्यों?'

प्रेस वार्ता के दौरान विजय केशरवानी ने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण में क़रीब 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जो जनता के टैक्स का पैसा है.

उन्होंने सवाल उठाया, "जब अस्पताल बनाने से लेकर मशीनें उपलब्ध कराने तक सब कुछ सरकार ने किया है, तो अब संचालन के लिए 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप'  मॉडल क्यों लाया जा रहा है? सरकार यह बताए कि इस मॉडल से आम मरीज़ों को ऐसा कौन-सा अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जो सरकारी व्यवस्था में नहीं मिल सकता था?"

उन्होंने यह भी पूछा कि निजी भागीदारी आने के बाद ग़रीब, मज़दूर और मध्यम वर्ग के मरीज़ों के लिए मुफ़्त और सुलभ इलाज की गारंटी क्या होगी. 

सरकारी दस्तावेज़ों और KPMG का दिया हवाला

कांग्रेस नेता ने अपने दावों के समर्थन में छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग के दो हालिया पत्रों (10 जून 2026 और 26 जून 2026) का ज़िक्र किया.

  • दस्तावेज़ों में क्या है: इन पत्रों में पीपीपी मॉडल के तहत 'रिवाइज़्ड आरएफ़पी' (Revised RFP), 'रिवाइज़्ड लाइसेंस एग्रीमेंट' और टेंडर प्रक्रिया (TPC) का उल्लेख है.

  • कंसल्टेंट की नियुक्ति: केशरवानी ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए 'केपीएमजी' (KPMG) को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है. उन्होंने मांग की है कि पीपीपी समझौते की सभी अहम शर्तों को जनता के सामने सार्वजनिक किया जाए.

उद्घाटन के डेढ़ साल बाद भी सुविधाएं अधूरी

कांग्रेस ने याद दिलाया कि इस अस्पताल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अक्टूबर 2024 को किया था और बाद में मुख्यमंत्री ने भी इसका निरीक्षण किया था.

केशरवानी ने कहा, "डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी अस्पताल पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है. विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ़ और तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण गंभीर मरीज़ों को आज भी दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफ़र किया जा रहा है. क्या सरकार ने सिर्फ़ भवन का उद्घाटन किया था?"

बीजेपी विधायक पर पलटवार और कांग्रेस की मांगें

बेलतरा के बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला के बयानों पर पलटवार करते हुए केशरवानी ने कहा कि जनता पुराने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि वर्तमान व्यवस्था पर जवाब चाहती है.

कांग्रेस ने राज्य सरकार के सामने प्रमुख रूप से 5 मांगें रखी हैं:

  1. 200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अस्पताल को तत्काल पूरी क्षमता से संचालित किया जाए.

  2. डॉक्टरों, नर्सिंग और तकनीकी स्टाफ़ के पदों को स्वीकृति देकर तुरंत भर्ती शुरू हो.

  3. आईसीयू, कैथलैब और एंबुलेंस जैसी जीवन रक्षक सुविधाएं बिना देरी के शुरू की जाएं.

  4. पीपीपी मॉडल लागू करने से पहले ग़रीबों के मुफ़्त इलाज के अधिकार की लिखित गारंटी दी जाए.

  5. पीपीपी मॉडल से जुड़े सभी दस्तावेज़ और शर्तें सार्वजनिक की जाएं, ताकि पता चले कि इलाज की दरें कौन तय करेगा.

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर बने इस अस्पताल के हवाले से कांग्रेस ने कहा कि केवल नाम रखना काफ़ी नहीं है, बल्कि उस नाम के अनुरूप ग़रीबों की सेवा भी सुनिश्चित होनी चाहिए.  


मोबाइल चैट का विवाद और फिर पत्नी की मौत: पति बता रहा है आत्महत्या

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर ज़िले (सिटी कोतवाली क्षेत्र) में एक 28 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है, लेकिन गर्दन के पीछे फंदे के निशान न मिलने से मामले ने रहस्यमयी मोड़ ले लिया है.

मृतका के मायके वालों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.

पति का बयान और पुलिस की शंकाएं

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, घटना दयालबंद मधुबन रोड की है. मृतका अदिति मौर्य की शादी 10 फ़रवरी 2019 को रविकांत मौर्य से हुई थी. उनकी 13 महीने की एक बेटी भी है. रविकांत तिफरा सब्ज़ी मंडी में व्यापार करते हैं.

  • पति का दावा: रविकांत ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना के समय वह अपनी बेटी के साथ घर के ऊपरी मंज़िल वाले कमरे में सो रहा था, जबकि अदिति नीचे वाले कमरे में अकेली थी. जब वह नीचे आया, तो अदिति बेड पर अचेत हालत में पड़ी थी. पति का दावा है कि अदिति ने सिल्क की साड़ी से फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन फंदा खुल जाने से वह नीचे गिर गई.

  • पुलिस का संदेह: सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी (TI) देवेश राठौर के अनुसार, घटना के समय अदिति को फंदे पर लटके हुए किसी ने नहीं देखा. घटना की सूचना भी पुलिस को तुरंत नहीं दी गई. परिजनों ने पहले अदिति को अस्पताल में भर्ती कराया, जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली.

मायके वालों के आरोप और 'मोबाइल चैट' का विवाद

मृतका के मायके वालों ने पति के दावों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है और पुलिस को लिखित शिकायत देकर हत्या की आशंका जताई है.

  • शरीर पर चोट के निशान: परिजनों का आरोप है कि अदिति के हाथ, गर्दन, पैर और कान पर चोट के निशान थे. उनका सवाल है कि अगर यह आत्महत्या है, तो शरीर पर चोट के निशान कैसे आए?

  • अन्य महिला से संबंध का आरोप: मृतका के भाई अभिषेक वर्मा ने रविकांत पर किसी अन्य महिला के साथ संबंध होने का शक जताया है. भाई के मुताबिक़, क़रीब एक सप्ताह पहले ही अदिति ने अपने पति के 'मोबाइल चैट' का एक वीडियो बनाकर अपनी बड़ी बहन पिंकी को भेजा था. अदिति ने बताया था कि इसी चैट को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा है.

  • परिजनों को इस बात की भी शिकायत है कि ससुराल वालों ने उन्हें घटना की सूचना नहीं दी. उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से यह जानकारी मिली.

विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पांच अनुभवी डॉक्टरों की टीम से शव का पोस्टमार्टम कराया है. प्रारंभिक रिपोर्ट में हालांकि फांसी की बात सामने आई है, लेकिन गर्दन पर पूरे फंदे के निशान न होने के कारण पुलिस विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है.

जानकारी के मुताबिक़, डॉक्टरों की टीम ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है, लेकिन सरकारी छुट्टियों के कारण अंतिम हस्ताक्षर होने बाक़ी हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ़ हो सकेगी और आगे की क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.   



पुलिस के हत्थे चढ़ा 7.5 टन अवैध लोहे का स्क्रैप, 20 लाख के ट्रक और कबाड़ के साथ चालक गिरफ़्तार

TODAY छत्तीसगढ़  /  रायगढ़ ज़िले में पुलिस ने संदिग्ध चोरी के कबाड़ (स्क्रैप) के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में लोहे का स्क्रैप और एक ट्रक ज़ब्त किया है.

पुलिस के अनुसार, ट्रक में 7.5 टन लोहे का कबाड़ ले जाया जा रहा था. ज़ब्त किए गए कबाड़ और 12 चक्का ट्रक की कुल अनुमानित क़ीमत 20.25 लाख रुपये आंकी गई है. पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत (रिमांड) पर जेल भेज दिया है.

मुखबिर की सूचना पर तमनार चौक पर घेराबंदी

रायगढ़ पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, ज़िले में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए 'ऑपरेशन प्रहार' चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत मंगलवार (30 जून 2026) को पूंजीपथरा थाना पुलिस को मुखबिर से एक अहम सूचना मिली थी.

  • क्या थी सूचना: पुलिस को बताया गया था कि कुनकुरी की ओर से एक 12 चक्का टाटा ट्रक (CG-14-D-0528) में भारी मात्रा में लोहे का स्क्रैप लादकर पूंजीपथरा की तरफ़ लाया जा रहा है.

  • पुलिस का एक्शन: सूचना के आधार पर पूंजीपथरा थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तमनार चौक पर घेराबंदी की और संदिग्ध ट्रक को जांच के लिए रोक लिया.

दस्तावेज़ नहीं दिखा सका चालक

ट्रक की तलाशी लेने पर पुलिस को उसमें 7.500 टन लोहे का कबाड़ लोड मिला. पुलिस ने जब ट्रक चालक से इस स्क्रैप के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज़ मांगे, तो वह कोई कागज़ात पेश नहीं कर सका.

चोरी की संपत्ति होने के संदेह में पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में कबाड़ और ट्रक को ज़ब्त कर लिया. पुलिस के मुताबिक़, कबाड़ की क़ीमत 5.25 लाख रुपये और ट्रक की क़ीमत 15 लाख रुपये है.

गिरफ़्तार अभियुक्त और क़ानूनी कार्रवाई

पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान कुनकुरी (आज़ाद मोहल्ला) निवासी सुल्तान खान (58 वर्ष) के रूप में बताई है.

पूंजीपथरा पुलिस ने अभियुक्त चालक के ख़िलाफ़ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(क)(ड) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज़ कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है.

इस कार्रवाई को लेकर रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि ज़िले में अवैध कबाड़ और चोरी की संपत्ति के संगठित नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे कारोबार में शामिल लोगों पर सख़्त क़ानूनी कार्रवाई जारी रहेगी. 



ज्वेलरी शॉप में दिनदहाड़े लूट, मिर्च पाउडर डालकर और चाकू मारकर फ़रार हुए तीन लुटेरे

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के कटघोरा थाना क्षेत्र (ज़िला कोरबा) के अंतर्गत छुरीकला मुख्य मार्ग पर स्थित एक आभूषण की दुकान ('राज ज्वेलर्स') में दिनदहाड़े लूट की वारदात सामने आई है.

दुकानदार और स्थानीय लोगों ने लुटेरों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन लुटेरे मिर्च पाउडर डालकर और चाकू से हमला कर मौक़े से भागने में सफल रहे. पुलिस ने घटनास्थल से लुटेरों की एक मोटरसाइकिल और एक देसी कट्टा बरामद किया है.

ग्राहक बनकर आए थे तीन अज्ञात लोग

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घटना दोपहर क़रीब 1:30 बजे की है.

  • लूट का तरीक़ा: एक प्लैटिना मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन लोग 'राज ज्वेलर्स' पहुंचे. वे ग्राहक बनकर दुकान के अंदर गए और चांदी के गहने दिखाने को कहा. इसी बीच उन्होंने काउंटर पर रखे सोने और चांदी के जेवरात अपने क़ब्ज़े में लिए और भागने की कोशिश की.

  • दुकानदार का संघर्ष: लुटेरों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए दुकान के संचालक और कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ लिया. शोर सुनकर पड़ोस की दुकान का एक व्यक्ति भी मदद के लिए वहां पहुंच गया.

मिर्च पाउडर, चाकू और दांत से किया हमला

ख़ुद को घिरता देख लुटेरों ने दुकान संचालक और कर्मचारियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया. इसके बाद पकड़ ढीली करने के लिए एक लुटेरे ने चाकू से वार किया, जबकि दूसरे ने दांत से काटकर उन्हें घायल कर दिया.

जान का ख़तरा देखते हुए लोग पीछे हटे और तीनों लुटेरे हाथ में आए सोने-चांदी के कुछ असली और कुछ आर्टिफिशियल (नक़ली) गहने लेकर पैदल ही अलग-अलग दिशाओं में फ़रार हो गए.

देसी कट्टा और बाइक छोड़कर भागे

हड़बड़ाहट में लुटेरे अपनी बिना नंबर वाली प्लैटिना मोटरसाइकिल दुकान के बाहर ही छोड़ गए. इसके अलावा, दुकान के काउंटर से एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ है, जो लुटेरों का बताया जा रहा है.

दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद मौक़े पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा थाना प्रभारी (TI) एम.बी. पटेल अपनी पुलिस टीम के साथ मौक़े पर पहुंचे. पुलिस ने पूरे इलाक़े में नाकाबंदी कर दी है और ज़ब्त की गई बिना नंबर की मोटरसाइकिल के चेसिस नंबर के आधार पर लुटेरों की तलाश की जा रही है. 


लोफंदी गांव में कच्ची शराब बेचने के आरोप में महिला गिरफ़्तार, 13 लीटर महुआ शराब ज़ब्त

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में अवैध शराब और नशे के कारोबार के ख़िलाफ़ पुलिस का अभियान जारी है. कोनी थाना पुलिस ने ग्राम लोफंदी में छापेमारी कर एक महिला को गिरफ़्तार किया है, जिसके पास से 13 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई है.

अधिकारियों के अनुसार, गिरफ़्तार की गई महिला को न्यायिक हिरासत (रिमांड) पर न्यायालय में पेश किया गया है.

सड़क किनारे बेच रही थी शराब

कोनी थाना पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, ज़िले में नशे पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 'ऑपरेशन प्रहार' चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत मंगलवार (30 जून 2026) को पुलिस को मुखबिर से एक अहम सूचना मिली थी.

  • क्या थी सूचना: पुलिस को बताया गया था कि लोफंदी गांव के धनुहार पारा इलाक़े में एक महिला सड़क के किनारे अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब रखकर बेच रही है.

  • पुलिस की दबिश: सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने मौक़े पर दबिश दी और संदिग्ध महिला को हिरासत में ले लिया.

आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई

पुलिस की तलाशी में महिला के क़ब्ज़े से कुल 13 लीटर कच्ची महुआ शराब ज़ब्त की गई. पुलिस के अनुसार, बरामद की गई इस अवैध शराब की बाज़ार क़ीमत क़रीब 2600 रुपये है.

पूछताछ में महिला की पहचान चंद्रिका धनुहार (40 वर्ष, पति- स्व. विष्णु धनुहार), निवासी- ग्राम लोफंदी (धनुहार पारा), थाना कोनी के रूप में हुई है.

अवैध रूप से शराब रखने और बेचने के आरोप में कोनी पुलिस ने अभियुक्त महिला के ख़िलाफ़ 'छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम' (Excise Act) की धारा 34(2) के तहत आपराधिक मामला (अपराध क्रमांक 339/2026) दर्ज़ कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है.

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