बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की बिल्हा शाखा में कथित रूप से ₹2 करोड़ से अधिक के गबन के मामले में शाखा की तत्कालीन कैशियर को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बैंक रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और धन के अनियमित हस्तांतरण से जुड़ा है। एसीबी के अनुसार गिरफ्तार की गई कर्मचारी का नाम श्रीमती तेजवथ थीरापतम्मा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच बैंक के खातों और रिकॉर्ड में बदलाव कर कुल ₹2,06,37,600 की राशि का गबन किया।
कैसे सामने आया मामला
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब शाखा प्रबंधक पीयूष बारा ने बैंक में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसीबी ने प्राथमिक जांच शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच में भी रिकॉर्ड में गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के संकेत मिले, जिसके बाद औपचारिक मामला दर्ज किया गया।
खर्च के नाम पर छिपाने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया और बाद में उसे बैंक के नियमित खर्च, जैसे भोजन, पेय पदार्थ, किराया और रखरखाव, के रूप में दिखाने की कोशिश की।
हालांकि, एसीबी का कहना है कि इस मामले में अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी और आगे की जांच
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को मिली सूचना के आधार पर टीम ने बिल्हा शाखा में कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को विशेष अदालत में पेश किया गया है और आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की जा रही है।
पहले से निलंबित थीं कर्मचारी
एसीबी के मुताबिक, आरोपी कर्मचारी को जून 2025 में निलंबित किया गया था और उन्हें रिजनल बिजनेस ऑफिस, जगदलपुर से संबद्ध किया गया था। बताया जा रहा है कि वह इस दौरान ड्यूटी पर नियमित रूप से उपस्थित नहीं थीं।
बैंकिंग प्रणाली पर उठे सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में वित्तीय पारदर्शिता और आंतरिक निगरानी को लेकर पहले से चर्चा चल रही है।
एसीबी का कहना है कि जांच अभी जारी है और मामले में आगे और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।



