STATE

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, Politics, बिहार

GUEST COLUMN

Guest Column

EDITOR CHOICE

Editor Choice

TRAVELLING STORY

TRAVELLING STORY

TCG EXCLUSIVE

टीसीजी एक्सक्लूसिव, इतिहास

VIDEO

VIDEO
LATEST NEWS
Loading Latest News...

सूने मकान का ताला तोड़कर 2 लाख के जेवर-बर्तन चोरी, पुलिस ने 5 आरोपी और एक नाबालिग को पकड़ा

बिलासपुर: TODAY छत्तीसगढ़  / सरकंडा थाना क्षेत्र की मोपका चौकी अंतर्गत ग्राम बिजौर में सूने मकान से सोने-चांदी के जेवर, बर्तन और हाथ घड़ी चोरी होने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों और एक अपचारी बालक को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर करीब 2 लाख रुपये कीमत का चोरी गया सामान बरामद कर जब्त किया गया है। मामले में चोरी करने के साथ चोरी का सामान खरीदने वालों की भूमिका भी सामने आई है।

परिवार के बाहर जाने पर मकान में चोरी

पुलिस के मुताबिक, ग्राम बिजौर निवासी नीरज सूर्या ने 25 अक्टूबर 2026 को मोपका चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह 21 अक्टूबर को परिवार के साथ चकरभाठा गए थे। 25 अक्टूबर को वापस लौटे तो घर के कमरे का सामान बिखरा मिला।

जांच करने पर अलमारी और लॉकर टूटे हुए मिले। घर से सोने-चांदी के जेवर, बर्तन, हाथ घड़ी और अन्य सामान गायब था। शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 1553/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(1), 317 और 3(5) के तहत जांच शुरू की गई।

मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई, माल बरामद

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में मोपका चौकी और सरकंडा थाना पुलिस ने चोरी गए सामान की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली जानकारी और आरोपियों की निशानदेही पर पांच वयस्क आरोपियों तथा एक अपचारी बालक तक पहुंचा गया।

पुलिस ने उनके पास से चोरी गए सोने-चांदी के जेवर, बर्तन, हाथ घड़ी सहित करीब 2 लाख रुपये का सामान बरामद कर जब्त किया है।

ये आरोपी पकड़े गए

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पकड़े गए वयस्क आरोपियों के नाम हैं:

  1. अयान खान (21 वर्ष) — निवासी बुधवारी बाजार, शक्ति; हाल मुकाम ग्राम बिजौर।

  2. दिव्यांश लश्कर (19 वर्ष) — निवासी ग्राम बिजौर।

  3. नेतराम साहू (24 वर्ष) — निवासी बेहतराई, अटल चौक, सरकंडा।

  4. राजा सोनी (30 वर्ष) — निवासी शांतिनगर, तिफरा, थाना सिरगिट्टी।

  5. समीर बघेल (27 वर्ष) — निवासी बुधवारी बाजार, शक्ति; हाल मुकाम ग्राम बिजौर।

इसके अलावा एक अपचारी बालक को भी पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, सभी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

तूफान की आशंका से बिलासपुर में अलर्ट, कंट्रोल रूम 24 घंटे रहेंगे सक्रिय

बिलासपुर / TODAY छत्तीसगढ़  /  28 और 29 अक्टूबर को संभावित तूफान तथा 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए बिलासपुर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी विभागों को राहत और बचाव की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। जिला और तहसील स्तर के कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। अस्पतालों, बिजली-पेयजल व्यवस्था और आपदा मोचन दल को भी तैयार रहने को कहा गया है।

कंट्रोल रूम 24 घंटे रहेंगे सक्रिय

कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में संभावित मौसम की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने की व्यवस्था पहले से करने को कहा।

निर्देश दिए गए हैं कि जिला और तहसील स्तर के कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय रहें। मौसम या किसी आपात स्थिति से जुड़ी हर सूचना को रजिस्टर में दर्ज कर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाए। नगरीय निकायों को जेसीबी और अन्य जरूरी संसाधन तैयार रखने तथा जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

सुरक्षित आश्रय स्थल तैयार करने के निर्देश

संभावित रूप से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठहराने के लिए आश्रय स्थलों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। इन जगहों पर साफ-सफाई और जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। तेज हवाओं से नुकसान रोकने के लिए जोखिमपूर्ण पेड़ों और झुकी हुई डालियों की छंटाई कराने के साथ कमजोर आधार वाले होर्डिंग हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। विद्युत विभाग को कमजोर बिजली खंभों और संवेदनशील बिजली लाइनों की जांच करने तथा अस्पतालों और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने को कहा गया है।

रस्सा पार्टी, बोट और बचाव उपकरण तैयार रखने के निर्देश

कलेक्टर ने होमगार्ड और आपदा मोचन दल को राहत-बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने को कहा है। रस्सा पार्टी, बोट, इमरजेंसी लाइट सहित सभी उपकरणों की जांच कर उन्हें चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मदद के लिए स्थानीय कुशल तैराकों को भी चिन्हित कर तैयार रखने को कहा गया है।

जिले के सभी थानों को अलर्ट रहने और एसडीएम को विकासखंड स्तर पर संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिम्मेदारियां तय करने तथा आपसी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

गर्भवती महिलाओं को पहले अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। आपात स्थिति में चिकित्सा कर्मियों की अनुपलब्धता नहीं होनी चाहिए। जिन गर्भवती महिलाओं की प्रसव की संभावित तारीख 28 या 29 अक्टूबर है, उन्हें एक दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य खराब मौसम के दौरान अस्पताल पहुंचने में होने वाली संभावित परेशानी से बचाना है।

मुनादी से लोगों को किया जाएगा सतर्क

प्रशासन गांवों और शहरों में मुनादी तथा माइक के माध्यम से लोगों को संभावित खराब मौसम और जरूरी सावधानियों की जानकारी देगा। कलेक्टर ने इन दिनों जलाशयों में घूमने आने वाले लोगों का प्रवेश बंद रखने के निर्देश भी दिए हैं।

बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर वीरेंद्र बहादुर पंचभाई सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

गणेश विसर्जन और जमीन विवाद में मारपीट के 3 मामले, पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया

जांजगीर-चांपा: TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के बलौदा थाना क्षेत्र में मारपीट के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें ग्राम पहरिया में गणेश विसर्जन के दौरान हुए विवाद और ग्राम कोरबी में जमीन संबंधी विवाद का मामला शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर जातिगत गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। सभी सात आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

गणेश विसर्जन के दौरान मारपीट का आरोप

पुलिस के मुताबिक, ग्राम पहरिया में गणेश विसर्जन के दौरान विवाद हुआ था। इस मामले में नितेश बरेठ, प्रभाकर यादव, अनुपम यादव, भुवनेश्वर उर्फ लाल बरेठ, उकेश साहू और रामेश्वर साहू पर जातिगत गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और हाथ-मुक्कों से मारपीट कर चोट पहुंचाने का आरोप है।

इस मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की और छह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।

जमीन विवाद में भी मारपीट का मामला

दूसरा मामला ग्राम कोरबी का है। यहां जमीन संबंधी विवाद को लेकर सुपेत दास मानिकपुरी पर जातिगत गाली-गलौज करने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। इस मामले में भी पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की।

बलौदा थाने में अपराध क्रमांक 464/2026, 473/2026 और 474/2026 के तहत तीनों मामलों में अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

सातों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन और थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

  1. उकेश साहू (35 वर्ष)

  2. रामेश्वर साहू (36 वर्ष)

  3. नितेश बरेठ (30 वर्ष)

  4. प्रभाकर यादव (24 वर्ष)

  5. अनुपम यादव (24 वर्ष)

  6. भुवनेश्वर लाल बरेठ (27 वर्ष)

पहले छह आरोपी ग्राम पहरिया, थाना बलौदा के निवासी हैं। सातवें आरोपी सुपेत दास मानिकपुरी (42 वर्ष) ग्राम कोरबी का निवासी है।

चौकीदार के हाथ बांधे, दीवार तोड़ी और कॉपर क्वाइल समेत लाखों का सामान ले उड़े

रायपुर / TODAY छत्तीसगढ़  /  कबीर नगर थाना क्षेत्र के हीरापुर स्थित बंद अमरनाथ इस्पात फैक्ट्री में चौकीदार को रस्सी से बांधकर डकैती करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक फैक्ट्री की रेकी की थी। उनके कब्जे से करीब 17 लाख रुपये कीमत का सामान, डकैती में इस्तेमाल टाटा एस वाहन, स्कूटी और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले में शामिल कुछ अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।

रात डेढ़ बजे फैक्ट्री में घुसे थे बदमाश

पुलिस के अनुसार, अमरनाथ इस्पात की फैक्ट्री वर्ष 2020 से बंद है। वहां चौकीदारी करने वाले दिलीप कुमार वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 22 अक्टूबर 2026 की रात करीब 1:30 बजे वह ऑफिस के पोर्च में बैठा था। इसी दौरान फैक्ट्री की बाउंड्री के अंधेरे हिस्से से एक व्यक्ति आता दिखाई दिया। चौकीदार ने उसे आवाज देकर भगाने की कोशिश की तो वह पत्थर फेंकने लगा।

इसी बीच चेहरे पर कपड़ा बांधे करीब 7-8 अन्य लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि बदमाशों ने चौकीदार को पकड़कर उसके दोनों हाथ पीछे की ओर रस्सी से बांध दिए। इसके बाद वे ऑफिस और फैक्ट्री के अंदर घुसे और कीमती सामान समेटने लगे।

दीवार तोड़कर खेत के रास्ते भागे आरोपी

पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपी फैक्ट्री से एल्युमिनियम वायर के बंडल, एल्युमिनियम और कॉपर के सामान, एल्युमिनियम प्लेट, हैलोजन लाइट, नकदी, पैनल कार्ड और कॉपर क्वाइल ले गए। सामान को टाटा एस वाहन में लादने के बाद आरोपी फैक्ट्री की साइड की दीवार तोड़कर खेत के रास्ते रिंग रोड की ओर फरार हो गए।

शिकायत पर कबीर नगर थाने में अपराध क्रमांक 217/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(2) और 310(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

हजारों CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) रॉबिन्सन गुरिया की निगरानी में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा कबीर नगर पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। आरोपियों के संभावित आने-जाने के रास्तों पर लगे हजारों कैमरों के फुटेज की जांच की गई। इसके साथ ही पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।

जांच के दौरान पुलिस को सरोना, डी.डी. नगर निवासी संदीप नेताम के बारे में जानकारी मिली। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि संदीप ने साथियों के साथ वारदात करना स्वीकार किया। इसके बाद अजीत भारती और उमेन्द्र ठाकुर उर्फ उमेन को भी पकड़ा गया।

एक सप्ताह तक की थी फैक्ट्री की रेकी

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बंद फैक्ट्री में डकैती की योजना बनाई थी और वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक वहां की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी थी। घटना की रात वे टाटा एस वाहन और स्कूटी से पहुंचे थे। चौकीदार को बंधक बनाने के बाद सामान लादकर फरार हो गए।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एल्युमिनियम वायर, एल्युमिनियम और कॉपर के सामान, प्लेट, हैलोजन लाइट, पैनल कार्ड, कॉपर क्वाइल, कटर मशीन, ड्रिल मशीन, टाटा एस वाहन और स्कूटी जब्त की है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 17 लाख रुपये बताई गई है।

तीनों आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  • संदीप नेताम (35 वर्ष): निवासी बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना, थाना डी.डी. नगर, रायपुर।

  • अजीत भारती (30 वर्ष): निवासी बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना, थाना डी.डी. नगर, रायपुर।

  • उमेन्द्र ठाकुर उर्फ उमेन (27 वर्ष): निवासी देवारपारा, सुभाषनगर, थाना तेलीबांधा, रायपुर।

पुलिस के अनुसार, संदीप नेताम पहले गुढ़ियारी थाने के चोरी और मारपीट के मामले में, उमेन्द्र ठाकुर टिकरापारा थाने के नकबजनी के मामले में और अजीत भारती डी.डी. नगर थाने के प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से जुड़े मामले में जेल जा चुका है।

पुलिस ने तीनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

धोखाधड़ी: 20 एकड़ जमीन की बिक्री का झांसा, रजिस्ट्री नहीं हुई तो खुला शासकीय पट्टे का राज

बिलासपुर / TODAY छत्तीसगढ़  / जमीन बेचने के नाम पर 45.21 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने धमनी गांव में स्थित 20 एकड़ जमीन को अपना बताकर सौदा किया, जबकि वह शासकीय पट्टे की भूमि थी और उससे संबंधित प्रकरण राजस्व न्यायालय में लंबित था। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को 26 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

अलग-अलग माध्यमों से लिए 45.21 लाख रुपये

पुलिस के अनुसार, सरकंडा की विजयापुरम कॉलोनी निवासी दीपक सोनी ने 24 अक्टूबर को सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि महर्षि स्कूल रोड, मंगला स्थित नीता डेयरी और गीतांजलि पार्क के पहले धमनी गांव में करीब 20 एकड़ जमीन का सौदा कराया गया था।

यह सौदा सैय्यद शमशाद अली और उसकी पत्नी कमरूनिशा के नाम से बताई गई जमीन के संबंध में सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे के माध्यम से तय हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार, जमीन खरीदने के लिए अलग-अलग किस्तों में कुल 45 लाख 21 हजार रुपये ऑनलाइन, RTGS और नकद माध्यम से दिए गए।

रजिस्ट्री और सीमांकन के नाम पर टालमटोल

शिकायत के मुताबिक, रकम देने के बाद जब जमीन का सीमांकन कराकर रजिस्ट्री करने को कहा गया, तो आरोपियों ने दस्तावेज तैयार कराने की बात कही। काफी समय बीतने के बाद भी सीमांकन और रजिस्ट्री नहीं हुई। जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगने पर भी कथित तौर पर टालमटोल की जाती रही।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने स्वयं ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच कराई। इसमें जमीन शासकीय पट्टे की होने की जानकारी सामने आई। पुराने राजस्व रिकॉर्ड की जांच में यह भी पता चला कि भूमि से संबंधित मामला राजस्व न्यायालय में लंबित था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन की स्थिति की जानकारी होने के बावजूद आरोपियों ने बेईमानी की नीयत से सौदा किया और रकम लेकर धोखाधड़ी की। शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 1472/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर टीम गठित कर आरोपियों की तलाश की गई। पुलिस ने उनके ठिकानों पर दबिश देकर हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

  • सैय्यद शमशाद अली (71 वर्ष): निवासी शीतला मंदिर के पास, तालापारा, थाना सिविल लाइन।

  • सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे (42 वर्ष): निवासी कड़ार, थाना चकरभाठा।

DGP ने किया नए पुलिस भवनों का लोकार्पण, रतनपुर-पचपेड़ी में ई-मालखाने शुरू

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में पुलिस की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए नए भवनों और ई-मालखानों की शुरुआत की गई है। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने 26 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन स्थित नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) कार्यालय के नए भवन, पचपेड़ी के नए थाना भवन और वहां बने ई-मालखाने का लोकार्पण किया। रतनपुर में भी ई-मालखाने का उद्घाटन किया गया।

यह पहल पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस के अनुसार, नई सुविधाओं से अधिकारियों-कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा और नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में सहूलियत होगी।

तीन प्रमुख सुविधाओं का लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान इन सुविधाओं की शुरुआत की गई:

  • सिविल लाइन: नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का नया भवन।

  • पचपेड़ी: नया थाना भवन और ई-मालखाना।

  • रतनपुर: ई-मालखाना।

नए थाना भवन से पुलिस के दैनिक कामकाज और नागरिकों से जुड़ी सेवाओं के संचालन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

ई-मालखाने से जब्त संपत्ति का प्रबंधन होगा बेहतर

रतनपुर और पचपेड़ी में ई-मालखाने शुरू होने से पुलिस मामलों में जब्त संपत्ति और अन्य संबंधित सामग्री का सुरक्षित एवं व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी। डिजिटल प्रबंधन से अभिलेखों की निगरानी, संपत्ति के रखरखाव और जवाबदेही को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थानों में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाना और बुनियादी पुलिसिंग को मजबूत करना इस पहल का अहम हिस्सा है।

जिले में पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर

बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में पुलिस अधोसंरचना और तकनीकी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जिले में विभिन्न पुलिस कार्यालयों, आवासीय भवनों और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रक्षित केंद्र, CSP कार्यालय, आईयूसीए कार्यालय, बालक विरुद्ध अपराध अनुसंधान इकाई, पचपेड़ी थाना, केंदा चौकी और अधिकारियों-कर्मचारियों के आवास सहित कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या प्रक्रियाधीन हैं।

आगे भी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा

पुलिस विभाग के अनुसार, DGP अरुण देव गौतम ने जिले में पुलिस के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे भी सहयोग का भरोसा दिया। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, DIG एवं SSP रजनेश सिंह, SDOP कोटा नुपुर उपाध्याय, थाना स्टाफ मौजूद रहे।

‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ का संदेश, रेलकर्मियों ने लिया भ्रष्टाचार-मुक्त कार्य संस्कृति का संकल्प

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में सोमवार से सतर्कता जागरूकता सप्ताह की शुरुआत हुई। यह अभियान आज 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान रेलकर्मियों को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

केंद्रीय सतर्कता आयोग के मार्गदर्शन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सतर्कता विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य रेलवे के कामकाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करना और संगठन के साथ-साथ समाज में भी भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण को बढ़ावा देना है।

महाप्रबंधक ने दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथ

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी कार्यालयों और स्टेशनों पर एक साथ सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई। बिलासपुर स्थित रेलवे मुख्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, निष्पक्षता तथा पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प दिलाया।

महाप्रबंधक ने कहा कि सत्यनिष्ठा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि प्रत्येक रेलकर्मी के आचरण और कार्य संस्कृति की पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कार्य के प्रत्येक क्षेत्र में नैतिक मूल्यों का पालन करने और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने पर जोर दिया।

‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ का दिया संदेश

इस वर्ष के अभियान में ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ के संदेश को प्रमुखता दी जा रही है। शपथ कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों और हितधारकों ने नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

अभियान के माध्यम से कर्मचारियों को अपने कार्यों में निष्पक्षता बनाए रखने, निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता अपनाने और संगठन के प्रति जवाबदेह रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

पारदर्शी और जिम्मेदार रेल सेवा पर जोर

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, सतर्कता जागरूकता सप्ताह शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण के महत्व को रेखांकित करता है। रेलवे का लक्ष्य इन मूल्यों को कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाकर यात्रियों और अन्य हितधारकों को ईमानदार, जिम्मेदार तथा पारदर्शी रेल सेवाएं उपलब्ध कराना है।

सप्ताह भर चलने वाली जागरूकता गतिविधियों के जरिए रेलकर्मियों और संबंधित हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि सत्यनिष्ठा की संस्कृति को संगठन के प्रत्येक स्तर पर मजबूत किया जा सके। 


बिलासपुर। रेल यात्रियों को अधिक कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली शालीमार–एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन में एक अतिरिक्त एसी-3 और एक अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा देने का निर्णय लिया है।

रेलवे के अनुसार, अतिरिक्त कोच निर्धारित अवधि में ही लगाए जाएंगे। इससे संबंधित तारीखों पर इस ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध हो सकेंगी।

एसी-3 कोच की सुविधा इन तारीखों में

  • गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार–एलटीटी एक्सप्रेस): 28 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक।

  • गाड़ी संख्या 18029 (एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस): 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक।

स्लीपर कोच की सुविधा कब मिलेगी?

  • गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार–एलटीटी एक्सप्रेस): 2 से 4 नवंबर 2026 तक।

  • गाड़ी संख्या 18029 (एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस): 4 से 6 नवंबर 2026 तक।

यात्रियों को मिलेगी राहत

रेलवे प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त कोच लगाने का उद्देश्य यात्रियों की यात्रा सुविधा बेहतर करना और अधिक लोगों को कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराना है। यात्रियों को सलाह है कि टिकट बुक करने से पहले संबंधित तारीख पर कोच की उपलब्धता और आरक्षण की स्थिति की पुष्टि कर लें।


© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com
TODAY छत्तीसगढ़
लाइव मार्केट & सराफा