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बदली जिंदगी की राह, छात्रा को शिक्षा और किसान को खेती के लिए मदद


बिलासपुर । 
TODAY छत्तीसगढ़  / आर्थिक चुनौतियों के बीच जीवन को बेहतर बनाने की राह तलाश रहे दो परिवारों के लिए सुशासन शिविर नई उम्मीद लेकर आया। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से छात्रा कुमारी शशि साहू को शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहयोग मिला, वहीं किसान बहोरन लाल कौशिक को खेती-किसानी के लिए ऋण सहायता प्राप्त हुई। शासन की योजनाओं से मिली इस मदद ने न केवल उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा किया, बल्कि उन्हें अपने भविष्य को लेकर नया आत्मविश्वास भी दिया।   

  तखतपुर विकासखण्ड के गनियारी में आयोजित सुशासन शिविर में रानीपारा निवासी कुमारी शशि को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। कुमारी शशि ने बताया कि उनके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। योजना के तहत मिली सहायता राशि से उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से बेटियों को आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने में मदद मिल रही है। गनियारी के श्री बहोरन लाल कौशिक को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से 36 हजार रुपये की राशि का चेक प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि वे इस ऋण राशि का उपयोग खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में करेंगे, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि समय पर ऋण उपलब्ध होने से किसानों को आर्थिक संबल मिलता है और खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करना आसान हो जाता है। बहोरन लाल ने शासन की किसान हितैषी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम में लाभान्वित हितग्राहियों ने शासन द्वारा संचालित योजनाओं के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

मेहनत रंग लाई: मजदूरों के बच्चों ने मेरिट में बनाया स्थान, सरकार ने किया सम्मानित

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि श्रमिक अपने परिश्रम और समर्पण से समाज तथा देश के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। वे स्वयं कठिन परिस्थितियों में रहकर दूसरों के जीवन को सुविधाजनक बनाते हैं, इसलिए श्रमिक वास्तव में देश के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 22 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें कक्षा 10वीं के 9 और कक्षा 12वीं के 13 विद्यार्थी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के संघर्ष, परिश्रम और संकल्प की प्रेरक कहानी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि श्रमिकों के बच्चे केवल श्रमिक बनकर न रह जाएं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासक, वैज्ञानिक और अन्य उच्च पदों पर पहुंचकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 28 हजार 754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के बैंक खातों में 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। यह राशि विभिन्न योजनाओं जैसे निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनीलाल छात्रवृत्ति योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, साइकिल सहायता योजना और पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत प्रदान की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ एक लाख रुपये दोपहिया वाहन क्रय करने के लिए भी दिए जा रहे हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा और स्वरोजगार के लिए विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण भी किया और प्रदेशवासियों से अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है। 

कार्यक्रम में श्रम विभाग के सचिव एवं श्रम आयुक्त हिमशिखर गुप्ता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, श्रमिक संगठन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रमिक और उनके परिवारजन उपस्थित थे।


अब हर गली-चौराहे पर होगी नजर, ‘त्रिनेत्र सिटी’ में लगेंगे 1000 हाईटेक कैमरे

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर की सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्थित विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से त्रिनेत्र सेवा समिति ने जनसहयोग से बिलासपुर में लगभग एक हजार हाईटेक सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। समिति का दावा है कि इस पहल से अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की निगरानी, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

समिति के अनुसार शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, मुख्य मार्गों, व्यावसायिक क्षेत्रों, कॉलोनियों तथा आंतरिक एवं बाहरी मार्गों पर आधुनिक तकनीक से लैस कैमरे लगाए जाएंगे। इन सभी कैमरों को एक केंद्रीकृत कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा, जहां से निगरानी और समन्वय का कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बिलासपुर प्रवास के दौरान त्रिनेत्र सेवा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे सौजन्य भेंट कर परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह अभियान जनसहयोग, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की भागीदारी से संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शहर की सुरक्षा और विकास की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।

त्रिनेत्र सेवा समिति ने "हरिहर बिलासपुर – ग्रीन सिटी, क्लीन सिटी" को भी अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

समिति का कहना है कि यह परियोजना केवल सीसीटीवी कैमरे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को शहर की सुरक्षा और विकास प्रक्रिया से सीधे जोड़ने का प्रयास भी है। पदाधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव में जनसहयोग से संचालित इसी प्रकार की व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके आधार पर बिलासपुर में इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू करने की योजना बनाई गई है।

परियोजना में महिलाओं, युवतियों और बच्चों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों की स्थापना से असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी तथा किसी भी घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी। इसके अलावा व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने में सहायक होगा। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख मार्गों और चौराहों पर निगरानी रखी जाएगी, जिससे जाम और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। त्रिनेत्र सेवा समिति ने "हरिहर बिलासपुर – ग्रीन सिटी, क्लीन सिटी" को भी अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। कैमरों के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर निगरानी रखी जाएगी और कचरा फैलाने या सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी।

महिलाओं, युवतियों और बच्चों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों की स्थापना से असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी

परियोजना के सफल संचालन के लिए तकनीकी, वित्तीय, जनसंपर्क, प्रचार-प्रसार, संचालन और कंट्रोल एंड कमांड सेंटर प्रबंधन जैसी विभिन्न उपसमितियों का गठन किया गया है। समिति ने बिलासपुरवासियों से इस अभियान से जुड़कर शहर को सुरक्षित, स्वच्छ, हरित और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की है। समिति का मानना है कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से बिलासपुर को आधुनिक, सुरक्षित और जनभागीदारी आधारित स्मार्ट शहर के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

 

झाड़ू के नीचे छिपा था करोड़ों का गांजा! बस रोकते ही पुलिस भी रह गई दंग

सूरजपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सूरजपुर पुलिस ने एक यात्री बस से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए गांजे को झाड़ू और अन्य सामान के बीच छिपाकर रखा था, लेकिन जांच के दौरान उनकी चालाकी पकड़ी गई। पुलिस ने मामले में छह महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार जयनगर थाना क्षेत्र के सिलफिली इलाके में पुलिस को संदिग्ध परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और अंबिकापुर से मध्यप्रदेश के कटनी जा रही नीलम ट्रांसपोर्ट की एक यात्री बस को रोककर तलाशी ली। 

शुरुआती जांच में बस सामान्य यात्री वाहन की तरह नजर आई, लेकिन सामानों की बारीकी से जांच करने पर झाड़ू और अन्य घरेलू सामग्री के बीच टोकरी में छिपाकर रखा गया साढ़े 8 क्विंटल गांजा बरामद हुआ। अधिकारियों के अनुसार बरामद गांजे की कीमत साढ़े 4 करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इस दौरान बस में सवार कई लोग मौक़ा पाकर भाग निकले लेकिन पुलिस ने दौड़ाकर 6 महिलाओं को पकड़ा। 

पुलिस का कहना है कि तस्कर अब मादक पदार्थों की तस्करी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी ट्रकों में सामान के नीचे तो कभी निजी वाहनों में गुप्त खानों के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है। अब यात्री बसों को भी इस अवैध कारोबार का माध्यम बनाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यदि यह खेप अपने गंतव्य तक पहुंच जाती तो मध्यप्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की आपूर्ति हो सकती थी। समय रहते की गई कार्रवाई से न केवल तस्करी की बड़ी खेप पकड़ी गई है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचने के सुराग भी मिले हैं।

फिलहाल पुलिस हिरासत में ली गई महिलाओं से पूछताछ कर रही है और पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

उड़ीसा से एमपी जा रहा था 300 किलो 'हरा सोना', पुलिस ने खोला करोड़ों का राज

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन आघात" के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लैलूंगा पुलिस ने उड़ीसा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही करीब 300 किलोग्राम गांजा की खेप जब्त करते हुए तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गांजा के साथ दो लग्जरी वाहन और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 86 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि उड़ीसा के सोनपुर क्षेत्र से गांजा की बड़ी खेप दो कारों के माध्यम से मध्यप्रदेश के अनूपपुर भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर लैलूंगा पुलिस ने विभिन्न मार्गों पर सघन नाकेबंदी शुरू कर दी।

कटकलिया मार्ग पर घेराबंदी के दौरान पुलिस ने एक इनोवा क्रिस्टा और मारुति सुजुकी एक्सएल-6 को रोककर जांच की। जांच के दौरान इनोवा में दोहरी नंबर प्लेट लगी मिली। वाहन पर ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों के नंबर अंकित पाए गए, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया। तलाशी लेने पर दोनों वाहनों से लगभग 300 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये है। इसके अलावा 20 लाख रुपये कीमत की इनोवा क्रिस्टा, 14 लाख रुपये कीमत की एक्सएल-6 तथा दो आईफोन सहित पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल कश्यप निवासी रामानुजगंज, रिंकु कश्यप निवासी सरगुजा और धर्मेन्द्र कुमार मौर्य निवासी अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपियों ने गांजे की खेप मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने सहयोगियों तक पहुंचाने की जानकारी दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) एवं 29 के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम सरगुजा और मध्यप्रदेश रवाना की गई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए अंतरराज्यीय तस्करों और उनके पूरे नेटवर्क पर लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। 


मिर्च, पत्थर और मौत... पथर्रा गांव में बाउंसर की हत्या

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के कोटा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पथर्रा में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। बार बाउंसर और जिम संचालक निखिल गोस्वामी (27) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पत्नी से कथित संबंधों के शक में आरोपी भोला मानिकपुरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार गुरुवार रात आरोपी ने पहले निखिल गोस्वामी की आंखों में मिर्ची पाउडर झोंक दिया। इसके बाद उसके सिर पर भारी पत्थर से ताबड़तोड़ हमला किया गया। हमले में निखिल गंभीर रूप से घायल हो गया और खून से लथपथ हालत में मौके पर गिर पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर परिजन और स्थानीय लोग उसे तत्काल उपचार के लिए सिम्स अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक निखिल गोस्वामी बिलासपुर के एक चर्चित बार में बाउंसरों के संचालन से जुड़ा हुआ था और साथ ही जिम का संचालन भी करता था। उसकी हत्या की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे महिला से कथित अवैध संबंध और चरित्र शंका का मामला सामने आ रहा है। हालांकि पुलिस प्रेम प्रसंग, पुरानी रंजिश और अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

सुशासन तिहार: जनता की समस्याओं का हो त्वरित समाधान - साय

रायगढ़ । TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव और आमजन तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है और प्रशासन की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध एवं संवेदनशील निराकरण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन का मूल दायित्व है।

      सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर संभाग के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों, राजस्व मामलों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप डहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित मुख्यमंत्री के सचिव श्री दयानंद पी, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग सहित पांचों जिलों के कलेक्टर एसपी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

       मुख्यमंत्री ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा से बाहर एवं एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व प्रकरण सीधे आम जनता के जीवन एवं आजीविका से जुड़े होते हैं, इसलिए इनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी रखी जाए। साथ ही वर्षा ऋतु के आगमन के साथ संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को अग्रिम तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं के संबंध में किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

कृषि तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की समस्या न आए तथा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों जैसे एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत भी कम की जा सकती है।

    महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक संख्या में "ड्रोन दीदी" तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इससे कृषि क्षेत्र में तकनीक का विस्तार होगा और महिलाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे स्वयं 27 जिलों में आयोजित शिविरों में शामिल होकर जनता से सीधे संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता यह दर्शाती है कि जनता का शासन और प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है। यह सुशासन तिहार की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है।

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