STATE

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, Politics, बिहार

GUEST COLUMN

Guest Column

EDITOR CHOICE

Editor Choice

TRAVELLING STORY

TRAVELLING STORY

TCG EXCLUSIVE

टीसीजी एक्सक्लूसिव, इतिहास

VIDEO

VIDEO

अघोषित बिजली कटौती पर कांग्रेस का हल्लाबोल, तिफरा कार्यालय के बाहर धरना


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के विरोध में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिफरा स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब कुछ कार्यकर्ता कार्यालय परिसर में घुसने के लिए बाउंड्री वॉल पर चढ़ गए। स्थिति बिगड़ती देख विभाग को मुख्य गेट खोलना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार तक पहुंच गए।

गेट खुलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता नौतपा की भीषण गर्मी के बीच कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से आम लोग परेशान हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बार-बार बिजली बंद होने से पेयजल संकट गहराने लगा है। वहीं भीषण गर्मी में घरों, दुकानों और छोटे कारोबारों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। उनका कहना था कि नौतपा शुरू होते ही तापमान लगातार बढ़ रहा है और ऐसे समय में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। नेताओं ने सवाल उठाया कि हर साल गर्मी और बारिश से पहले बिजली व्यवस्था के रखरखाव और सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। ठेकेदारों को भुगतान भी किया जाता है, इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं दिखाई देता।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद करने, जर्जर विद्युत ढांचे में सुधार करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।  


‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी, महाराष्ट्र से दो आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर पुलिस ने कथित “डिजिटल अरेस्ट” साइबर ठगी मामले में महाराष्ट्र से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे, जिनका इस्तेमाल करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी में किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद नेमतउल्लाह मंसूरी और उसके पिताअब्दुल कयूम अंसारी के रूप में हुई है। दोनों महाराष्ट्र के भंडारा जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक इस मामले में एक वरिष्ठ नागरिक महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया गया था। आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताते हुए महिला को यह कहकर डराया कि उनका नाम किसी आतंकवादी संगठन से जुड़ा है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

पुलिस का कहना है कि महिला को लगातार मानसिक दबाव और भय में रखकर तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” किया गया। इसके बाद गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹1 करोड़ 4 लाख 80 हजार जमा करा लिए गए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ICICI Bank के एक खाते में साइबर ठगी से जुड़ी ₹54.40 लाख की राशि ट्रांसफर हुई थी। तकनीकी विश्लेषण के बाद साइबर पुलिस की टीम महाराष्ट्र पहुंची और आरोपी नेमतउल्लाह मंसूरी को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने दो प्रतिशत कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता अन्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार इन खातों का इस्तेमाल शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नेपाल के काठमांडू जाकर अपना बैंक खाता अन्य आरोपियों को उपलब्ध कराता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी का पिता भी इस नेटवर्क में शामिल था और मुख्य आरोपियों के संपर्क में रहता था। 

साइबर अपराधियों को सप्लाई होते थे म्यूल अकाउंट, पकड़ा गया मास्टरमाइंड

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने साइबर और आर्थिक अपराधों में इस्तेमाल होने वाले कथित “म्यूल अकाउंट” नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का संचालन करने वाले कथित मास्टरमाइंड समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दुर्ग पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्ष 2022 से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों और आर्थिक अपराध में शामिल लोगों को बेच रहे थे। गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान मनोज कुमार भुतड़ा के रूप में हुई है। उसके साथ केवल सेठिया, सत्यनारायण सेठिया को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इंडसइंड बैंक, आईडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक समेत कई बैंकों में 200 से अधिक खाते खुलवाए थे। इन खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। 

कैसे चलता था नेटवर्क

पुलिस के अनुसार साधारण बैंक खाते 15 से 20 हजार रुपये और करंट अकाउंट 40 से 50 हजार रुपये में कथित तौर पर बेचे जाते थे। आरोप है कि आरोपी खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम बैलेंस की रकम खुद जमा कराते थे और बाद में उसे वापस निकाल लेते थे। जांच में यह भी सामने आया कि बड़े ट्रांजेक्शन वाले खातों को पहले बैंक में होल्ड कराया जाता था और बाद में बैंक से संपर्क कर होल्ड हटवाकर रकम निकाल ली जाती थी। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के तार बालोद, गुण्डरदेही, दुर्ग, जगदलपुर, रायपुर, गाजियाबाद और सूरत जैसे शहरों से जुड़े हो सकते हैं।

ऐसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस को सूचना मिली थी कि जगदलपुर का रहने वाला मनोज कुमार भुतड़ा अपने साथियों के साथ भिलाई आया हुआ है। इसके बाद सुपेला थाना और एसीसीयू टीम ने सुपेला ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने 11 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 3 फिनो पेमेंट किट, 3 आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया।

मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 718/2026 के तहत धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं। 


300 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा गया अंतर्राज्यीय नकबजन


दुर्ग। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह के कथित मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी दिल्ली से बिहार भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे यमुना एक्सप्रेस-वे पर लगभग 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पकड़ा गया।

पुलिस ने आरोपी की पहचान मोह० नासीर हुसैन उर्फ आनस खान पिता मोह० आरीफ के रूप में की है। वह दिल्ली के शाहीन बाग और मदनपुर खादर इलाके का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में मध्यप्रदेश, चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ के कई शहरों — जिनमें बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और भिलाई शामिल हैं — में करोड़ों रुपये की चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है।

कैसे पहुंची पुलिस आरोपी तक

पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और शाहीन बाग, मदनपुर खादर तथा नोएडा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में छिपा हुआ था। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने इलाके में गुप्त रूप से काम किया। अधिकारियों के मुताबिक कुछ पुलिसकर्मियों ने स्थानीय बकरा विक्रेताओं के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम ने “जनगणना अधिकारी” के रूप में घर-घर जाकर आरोपी के ठिकानों और आवाजाही से जुड़ी सूचनाएं इकट्ठा कीं।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चोरी के जेवर बेचकर खरीदी गई कार से बिहार के दरभंगा भागने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर उसका पीछा किया और आगरा रोड क्षेत्र में घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।

क्या-क्या बरामद हुआ

पुलिस के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद की गई है। इसमें नकदी, डायमंड ज्वेलरी, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के, नए कपड़े और एक किआ सेल्टोस कार शामिल है। बरामद सामान में करीब ₹1.22 लाख नकद, डायमंड ब्रेसलेट, 7.5 ग्राम सोने के आभूषण और कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदी गई कार शामिल है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले भी हाशिम खान, ज्वेलरी कारोबारी सलीम खान और बिलासपुर निवासी साहिल को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।  


© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com