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खनिज परिवहन पर सख्ती, ऑनलाइन सिस्टम से अवैध खनन पर लगाम


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में खनिज परिवहन और भंडारण व्यवस्था को पारदर्शी, नियंत्रित और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खनिज विभाग द्वारा ऑनलाइन सिस्टम 2.0 को सख्ती से लागू किए जाने के बाद अब अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होने का दावा किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस आधुनिक डिजिटल निगरानी प्रणाली के लागू होने से खनिज कारोबार में पारदर्शिता आई है और अनियमितताओं की गुंजाइश लगभग समाप्त हो गई है।

🔶 रियल टाइम ट्रैकिंग से हर वाहन पर नजर

नई व्यवस्था के तहत खनिज परिवहन से जुड़े प्रत्येक वाहन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। अब यह प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी वाहन कब, कहां से और कितनी मात्रा में खनिज लेकर निकला, इसकी पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज हो। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिस्टम जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और डिजिटल ट्रांजिट पास के माध्यम से काम करता है। जैसे ही कोई वाहन खनिज लेकर खदान से निकलता है, उसकी पूरी गतिविधि सिस्टम में रिकॉर्ड हो जाती है। इससे न केवल वाहन की लोकेशन ट्रैक होती है, बल्कि परिवहन की वैधता भी सुनिश्चित होती है। पहले जहां खनिज परिवहन में कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता अधिक थी, वहीं अब डिजिटल डेटा के माध्यम से हर गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित किया जा रहा है। इससे फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और हेराफेरी की संभावना काफी हद तक खत्म हो गई है।

⚠️ मार्ग से भटका वाहन, तुरंत अलर्ट

ऑनलाइन सिस्टम 2.0 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अलर्ट प्रणाली है। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से हटकर चलता है या तय समय सीमा का उल्लंघन करता है, तो सिस्टम तुरंत संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज देता है। इससे मौके पर ही जांच और कार्रवाई संभव हो जाती है। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक के चलते अब अवैध परिवहन को पकड़ना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और प्रभावी हो गया है। पहले अक्सर यह शिकायत मिलती थी कि खनिज से भरे वाहन निर्धारित रूट से हटकर अन्य रास्तों से निकल जाते थे, जिससे चोरी और अवैध परिवहन को बढ़ावा मिलता था। लेकिन अब यह सिस्टम ऐसी किसी भी गतिविधि को तुरंत चिन्हित कर देता है।

📦 भंडारण स्थलों पर भी डिजिटल निगरानी

केवल परिवहन ही नहीं, बल्कि खनिज भंडारण की व्यवस्था को भी इस सिस्टम के तहत डिजिटल किया गया है। सभी वैध स्टॉक यार्ड और भंडारण स्थलों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। अब हर भंडारण स्थल पर मौजूद खनिज की मात्रा, उसका स्रोत और उसका उपयोग—सभी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है। इससे अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगी है। अधिकारियों का कहना है कि पहले कई मामलों में भंडारण स्थलों पर स्टॉक की वास्तविक स्थिति और रिकॉर्ड में अंतर पाया जाता था, लेकिन अब इस तरह की गड़बड़ियों की संभावना काफी कम हो गई है।

📑 ट्रांजिट पास भी हुआ पूरी तरह डिजिटल

खनिज परिवहन में सबसे अहम दस्तावेज ट्रांजिट पास होता है। पहले यह प्रक्रिया कागजी रूप में होती थी, जिससे फर्जी पास बनाकर अवैध परिवहन के मामले सामने आते थे। अब ऑनलाइन सिस्टम 2.0 के तहत ट्रांजिट पास पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। प्रत्येक पास एक यूनिक आईडी से जुड़ा होता है, जिसे आसानी से सत्यापित किया जा सकता है। जांच के दौरान अधिकारी किसी भी वाहन के ट्रांजिट पास को तुरंत ऑनलाइन चेक कर सकते हैं, जिससे फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की संभावना लगभग खत्म हो गई है।

📊 अवैध गतिविधियों में आई कमी

खनिज विभाग के अनुसार, इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद अवैध खनन और परिवहन के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। हालांकि विभाग ने अभी तक आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से खनिज माफियाओं की गतिविधियों पर लगाम लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सिस्टम प्रभावी ढंग से लागू रहता है, तो आने वाले समय में खनिज क्षेत्र में बड़े स्तर पर सुधार देखने को मिल सकता है।

🧠 तकनीक बनाम पारंपरिक व्यवस्था

ऑनलाइन सिस्टम 2.0 के लागू होने से खनिज क्षेत्र में पारंपरिक व्यवस्था से तकनीकी व्यवस्था की ओर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले निरीक्षण और नियंत्रण के लिए मानव संसाधनों पर अधिक निर्भरता थी, वहीं अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वचालित निगरानी संभव हो गई है। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ी है, बल्कि भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम हुई हैं।

🚨 क्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी चोरी?

हालांकि विभाग का दावा है कि इस सिस्टम से अवैध गतिविधियों पर लगभग पूरी तरह रोक लग गई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यवस्था में मानवीय हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। यदि सिस्टम के संचालन में लापरवाही या मिलीभगत होती है, तो तकनीकी व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि इस सिस्टम की नियमित मॉनिटरिंग और ऑडिट भी किया जाए।

🏗️ खनिज संसाधनों के संरक्षण की दिशा में कदम

छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर समेत कई महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं। इन संसाधनों के संरक्षण और सही उपयोग के लिए पारदर्शी व्यवस्था आवश्यक है। ऑनलाइन सिस्टम 2.0 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

📢 विभाग की अपील

खनिज विभाग ने सभी परिवहनकर्ताओं और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस नई प्रणाली का पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें। साथ ही आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि यदि उन्हें कहीं अवैध खनन या परिवहन की जानकारी मिलती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

व्हील लॉक अभियान, बेतरतीब पार्किंग पर यातायात पुलिस का शिकंजा


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस ने नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। बेतरतीब पार्किंग करने वाले वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई के साथ-साथ अब व्हील लॉक और वाहन लिफ्टर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में की जा रही है।

यातायात पुलिस द्वारा शहर के व्यस्त क्षेत्रों में नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर व्हील लॉक, कार एवं बाइक लिफ्टर से वाहन उठाना और मौके पर चालान जैसी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने “आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम)” के जरिए चौक-चौराहों पर कैमरों से निगरानी बढ़ा दी है। इसके अलावा पीक अवर में ड्रोन के माध्यम से भी बेतरतीब पार्किंग पर नजर रखी जा रही है। 

यातायात पुलिस ने बैंकों, मॉल, पेट्रोल पंप, होटल एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया है कि अपने परिसर में पार्किंग की व्यवस्था करें, ग्राहकों के वाहनों को व्यवस्थित पार्क कराएं ताकि सड़क पर जाम की स्थिति न बने। 

अपील - पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही वाहन खड़ा करें, जिससे शहर में सुगम आवागमन बना रहे।

हाईकोर्ट ने राजस्व उप निरीक्षक की नियुक्ति रद्द की, 13 साल बाद बड़ा फैसला


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भाटापारा नगर पालिका परिषद में राजस्व उप निरीक्षक की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए 13 वर्ष पुरानी नियुक्ति को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के अभाव को गंभीर मानते हुए नई प्रक्रिया के तहत नियुक्ति करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई।

नगर पालिका परिषद भाटापारा द्वारा वर्ष 2012 में राजस्व उप निरीक्षक पद के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। याचिकाकर्ता देवेंद्र कुमार साहू ने सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन किया, लेकिन उनका नाम पात्र और अपात्र दोनों सूचियों से गायब रहा। इसके बावजूद वर्ष 2013 में सतीश सिंह चौहान को नियुक्त कर दिया गया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि चयनित उम्मीदवार के पिता उस समय नगर पालिका में सीएमओ पद पर पदस्थ थे और अनुभव प्रमाण पत्र भी उन्हीं द्वारा जारी किया गया था। अदालत ने इसे चयन प्रक्रिया को संदिग्ध बनाने वाला महत्वपूर्ण पहलू माना।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी एवं ईशान सलूजा ने तर्क रखा कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि आवेदन विधिवत प्राप्त हुआ था, फिर भी उसे नजरअंदाज किया गया।

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को सूची से बाहर रखना गंभीर त्रुटि है। चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं रही और अनुभव प्रमाण पत्र से पक्षपात की आशंका प्रबल है। इन आधारों पर न्यायालय ने 23 मार्च 2013 की नियुक्ति निरस्त कर दी।

ढाबे और गांवों में छापा, बड़ी मात्रा में शराब के साथ आरोपी पकड़े गए


रायगढ़। 
TODAY छत्तीसगढ़  /   जिले में अवैध शराब कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में तमनार और पूंजीपथरा थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। 

पुलिस ने थाना तमनार पुलिस ने ग्राम गारे स्थित ढाबे में रेड कार्रवाई कर संचालक प्रकाश टोप्पो को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 22 पाव देशी शराब और 14 पाव अंग्रेजी शराब कुल 6.48 लीटर शराब जप्त किया है।

इसी क्षेत्र के ग्राम कोलम में पुलिस ने जयकुमारी खलखो के कब्जे से 40 लीटर कच्ची महुआ शराब और नगदी बरामद कर गिरफ्तार किया। थाना पूंजीपथरा पुलिस ने ग्राम बिलासखार में तीन अलग-अलग स्थानों पर रेड कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार राठिया (30 लीटर), कन्हैया लाल राठिया (30 लीटर) और रथलाल राठिया (6 लीटर) के कब्जे से कुल 66 लीटर महुआ शराब जब्त कर कार्रवाई की। सभी आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। 

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