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बुधवारी बाजार अग्निकांड: क्या समय रहते खुल जाता गोदाम तो बच जातीं दुकानें?

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र बुधवारी बाजार में पिछले दिनों हुई भीषण आगजनी की घटना ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग की चपेट में आकर जय हिंद साइकिल, जय हिंद इलेक्ट्रॉनिक्स तथा डॉली ड्रेसेस का गोदाम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग तेजी से फैली, जिससे पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटों ने कुछ ही देर में आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने आग बुझाने के प्रयास किए, लेकिन आग की तीव्रता के कारण काफी नुकसान हो चुका था।

घटना के बाद व्यापारियों ने आपदा प्रबंधन और अग्निशमन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते डॉली ड्रेसेस का गोदाम खोला गया होता तो आग पर जल्दी नियंत्रण पाया जा सकता था और अन्य दुकानों को भी बड़े नुकसान से बचाया जा सकता था।

व्यापारियों ने बताया कि घनी आबादी और संकरी गलियों वाले इस बाजार में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधनों और योजनाओं का अभाव है। उनका कहना है कि बुधवारी बाजार में पूर्व में भी आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।

व्यापारियों ने बाजार में स्थायी अग्निशमन संसाधन, आपातकालीन पहुंच मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और नियमित सुरक्षा ऑडिट की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं से व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

विधायक अमर अग्रवाल पहुंचे मौके पर

घटना की जानकारी मिलने के बाद बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने आग से प्रभावित दुकानों का जायजा लिया और व्यापारियों से चर्चा कर नुकसान एवं समस्याओं की जानकारी ली।

विधायक ने कहा कि बुधवारी बाजार जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों और प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की दिशा में पहल की जाएगी।

 रेलवे प्रशासन से होगी चर्चा

अमर अग्रवाल ने बताया कि बाजार रेलवे स्टेशन के समीप स्थित होने के कारण रेलवे प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी ताकि व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।


अवैध खनन से लेकर धुएं तक... शहर की पर्यावरणीय तस्वीर पर बड़ा सवाल

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / पर्यावरण मंच (भारतीय मजदूर संघ) छत्तीसगढ़ ने जिले में लगातार बढ़ती पर्यावरणीय समस्याओं को लेकर जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि प्रदूषण, अवैध खनन, जलस्रोतों पर अतिक्रमण, वृक्षों की कटाई और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं, जिनका सीधा प्रभाव आम नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहा है।

ज्ञापन में संगठन ने विशेष रूप से अरपा नदी सहित अन्य जलस्रोतों में बढ़ते प्रदूषण और अतिक्रमण को गंभीर चिंता का विषय बताया है। पर्यावरण मंच का कहना है कि नदियों और तालाबों के उद्गम क्षेत्रों पर बढ़ते अतिक्रमण से जल संरक्षण और जैव विविधता दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

संगठन ने औद्योगिक इकाइयों और वाहनों से निकलने वाले धुएं को बढ़ते वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताते हुए नियंत्रणात्मक कदम उठाने की मांग की है। साथ ही अवैध रेत उत्खनन और खनन गतिविधियों को पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बताते हुए इन पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता जताई गई है।

ज्ञापन में प्लास्टिक कचरे और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या, भूजल स्तर में लगातार गिरावट, जल स्रोतों के संरक्षण की कमी, वृक्षों की अंधाधुंध कटाई तथा हरित क्षेत्रों में हो रही कमी का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा ई-कचरा और मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गई है।

पर्यावरण मंच ने खुले में कचरा जलाने से बढ़ते प्रदूषण, शहरी क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण और सड़कों पर उड़ने वाली धूल को भी गंभीर पर्यावरणीय चुनौती बताया है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित कार्ययोजना बनाकर प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जिले की प्राकृतिक संपदा, जल संसाधन और नागरिकों का स्वास्थ्य गंभीर संकट में पड़ सकता है।


रेलवे स्टेशन के बाहर 1120 गोगो रैपर के साथ युवक गिरफ्तार

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / नशे के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन के बाहर एक व्यक्ति को 1120 नग गोगो रैपर के साथ पकड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपी इन रैपरों की शहर के विभिन्न पान ठेलों में चोरी-छिपे बिक्री करता था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने 9 जून की रात रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति नशे में उपयोग किए जाने वाले गोगो रैपर बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहा है।

पुलिस ने संदिग्ध की पहचान सिंधी कॉलोनी, चक्रधरनगर निवासी 38 वर्षीय सुरेन्द्र कुमार छाबड़ा के रूप में की। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से दो कार्टूनों में रखे 20 डिब्बों से कुल 1120 नग गोगो रैपर बरामद किए गए।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह उक्त सामग्री तिल्दा (जिला रायपुर) से लगभग 14,500 रुपये में खरीदकर रायगढ़ लाया था। इसके बाद वह इन्हें शहर के विभिन्न पान ठेलों में सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार इन रैपरों का उपयोग तंबाकूयुक्त फ्लेवर अथवा गांजा भरकर नशे के रूप में किया जाता है।

कोतवाली पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध कोटपा एक्ट सहित प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार, नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री तथा युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशे को बढ़ावा देने वाले हर माध्यम और उससे जुड़े कारोबारियों पर पुलिस की कड़ी नजर है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पोती के साथ दुष्कर्म और फिर पैसों का खेल! दादा समेत 3 गिरफ्तार

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / चौकी सिलयारी क्षेत्र में दर्ज नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की पुनर्विवेचना में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पीड़िता के दादा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 18 अप्रैल 2026 को दर्ज दुष्कर्म प्रकरण की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़िता के दादा ने कथित रूप से मामले को दबाने के लिए आरोपी पक्ष से 1 लाख 30 हजार रुपये नगद लिए थे। जांच में इस लेन-देन से जुड़ा वीडियो भी पुलिस को मिला है।

विवेचना में यह भी पाया गया कि दादा ने आरोपी ईश्वर घृतलहरे के परिजनों से समझौते के एवज में राशि प्राप्त की थी। साथ ही दूसरे आरोपी को फोन कर धमकी देने के भी साक्ष्य मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक चरण में पीड़िता के दादा ने अपनी नातिन के साथ किसी प्रकार की घटना होने से इनकार किया था। बाद में उन्होंने पुनः जांच के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शासन से मिलने वाली सहायता राशि की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मामले को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

पुलिस ने गंभीर अपराध के मामले को धन लेकर दबाने और जांच को प्रभावित करने के आरोप में पीड़िता के दादा के साथ सीताराम मेडिकल स्टोर संचालक चंद्रशेखर यदु तथा टुकेन्द्र वर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को 9 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में प्राप्त सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।


'मैं पुलिस में हूं' कहकर महिला को जाल में फंसाया, सच सामने आते ही पहुंचा जेल

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  /  महिला संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक महिला को प्रेम जाल में फंसाया, शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में उसके अंतरंग फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।

पुलिस के अनुसार, चक्रधरनगर क्षेत्र की 40 वर्षीय महिला ने 28 मई 2026 को थाना चक्रधरनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि मार्च 2026 में कोरबा रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात बिलासपुर निवासी अक्षय कुमार कुम्हरानी से हुई थी। आरोपी ने खुद को पुलिस विभाग में कार्यरत बताते हुए वर्दी वाली तस्वीरें भेजीं और विवाह का प्रस्ताव रखकर विश्वास जीत लिया।

महिला का आरोप है कि आरोपी को उसके अकेले रहने की जानकारी मिलने के बाद वह गांव पहुंचा और शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान आरोपी ने उसकी जानकारी के बिना अंतरंग फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए।

पीड़िता ने बताया कि बाद में रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में मां के इलाज के दौरान भी आरोपी उससे मिला और निजी फोटो-वीडियो दिखाकर संबंध बनाए रखने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी।

शिकायत के मुताबिक 27 मई को आरोपी ने महिला के अश्लील फोटो और वीडियो इंस्टाग्राम तथा फेसबुक पर अपलोड कर दिए। इसके बाद वह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार ब्लैकमेल करता रहा और जान से मारने की धमकी भी देता रहा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना चक्रधरनगर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 296, 351(3) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-ई, 67 और 67-ए के तहत अपराध दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की।

तकनीकी जांच और सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी अक्षय कुमार कुम्हरानी (31) निवासी डोडकी, थाना मस्तुरी, जिला बिलासपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ साइबर ब्लैकमेलिंग, निजी तस्वीरों के दुरुपयोग और सोशल मीडिया के माध्यम से उत्पीड़न के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


'हम सुरक्षित नहीं हैं'— छात्रावास की छात्राओं ने कलेक्टर को सुनाई आपबीती

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर के बृहस्पति बाजार स्थित शासकीय आदर्श पीजी अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की छात्राओं ने अधीक्षिका के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा है। छात्राओं ने छात्रावास में वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास में प्रवेश दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 100 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि भोजन सहायता राशि में कटौती करने के उद्देश्य से छात्राओं से ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं तथा अनुपस्थित छात्राओं के नाम पर भी राशि आहरित किए जाने की शिकायत है।

छात्राओं ने बताया कि छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कई कमरों में बेड, गद्दे, तकिए, टेबल और कुर्सियों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। लाइब्रेरी जैसी शैक्षणिक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। आवश्यक सामग्रियों के दुरुपयोग और बिक्री के आरोप भी शिकायत पत्र में लगाए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

शिकायत में छात्राओं ने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका आरोप है कि अधीक्षिका के परिजनों का छात्रावास परिसर में बिना अनुमति आना-जाना लगा रहता है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। इसके अलावा अधीक्षिका पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने, कर्मचारियों से निजी कार्य कराने और सीट आवंटन में अनियमितता बरतने के आरोप भी लगाए गए हैं।

कार्रवाई की मांग

छात्राओं ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, अधीक्षिका का तत्काल स्थानांतरण करने तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

"तू कलेक्टर है, एसपी है या मुख्यमंत्री?" ग्रामीण पर भड़का पुलिसकर्मी, वीडियो चर्चा में

बलौदाबाजार। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के गिधौरी क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी और ग्रामीण के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी ग्रामीण से आक्रामक लहजे में बात करते हुए दिखाई दे रहा है। घटना अवैध रेत उत्खनन और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायत से जुड़ी बताई जा रही है।

वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी ग्रामीण से कहता सुनाई दे रहा है, "तू कौन है, कलेक्टर है, एसपी है, मुख्यमंत्री है... कौन है तू? उंगली नीचे कर।" इस दौरान दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती दिखाई देती है।

बताया जा रहा है कि गिधौरी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और पाइपलाइन टूटने को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई थी। इसी दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और एक ग्रामीण के बीच विवाद की स्थिति बन गई। किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। वहीं सोशल मीडिया पर कई लोग पुलिसकर्मी के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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