रायगढ़ / जशपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत शशि मोहन सिंह द्वारा लिखित, निर्देशित और अभिनीत शॉर्ट फिल्म ‘ख़ौफ़ - द डिजिटल वॉर’ का 4 अप्रैल को जशपुर के विशिष्ट कम्युनिटी हॉल में भव्य विमोचन किया जाएगा। कार्यक्रम रात्रि 8 बजे आयोजित होगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कौशल्या देवी साय (धर्मपत्नी विष्णु देव साय) उपस्थित रहेंगी।
🎬 फिल्म के जरिए साइबर अपराधों पर वार
यह फिल्म तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के जरिए हो रहे अपराधों को केंद्र में रखकर बनाई गई है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह अपराधी खुद को बैंक, पुलिस, आरबीआई या अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और ठगी को अंजाम देते हैं।
🎭 एसएसपी खुद निभा रहे पीड़ित शिक्षक की भूमिका
फिल्म की खास बात यह है कि शशि मोहन सिंह इसमें एक स्कूल शिक्षक की भूमिका निभा रहे हैं, जो साइबर ठगी का शिकार बनता है। यह किरदार आम लोगों को जागरूक करने का मुख्य माध्यम है। यह फिल्म डिजिटल युग के खतरों को उजागर करती है। फिल्म में जिन विषयों को विस्तार से दिखाया गया है उनमें प्रमुख रूप से फर्जी कॉल और ईमेल के जरिए ठगी, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और ऑनलाइन गेम्स के जरिए धोखाधड़ी, केवाईसी अपडेट और संदिग्ध लिंक का खतरा और स्क्रीन शेयरिंग ऐप और ओटीपी शेयर करने के जोखिम को बड़ी ही बारीकी से बताया गया है। फिल्म का संदेश स्पष्ट है— “डिजिटल दुनिया में जागरूकता ही सुरक्षा है।”
🎥 स्थानीय कलाकारों को मिला मंच
इस फिल्म में रायपुर, दुर्ग, कोरबा और जशपुर के कई स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है। प्रमुख कलाकारों में आरवी सिन्हा, दीपा महंत, राम प्रकाश पाण्डेय, ऋभु समर्थ सिंह, कुंदन सिंह, प्रवीण अग्रवाल, विजय सिंह राजपूत सहित अन्य शामिल हैं। फिल्म का निर्माण Take 3 Studios द्वारा किया गया है। छायांकन (DOP) अनुज कुमार ने किया है, जबकि पटकथा और संवाद लेखन में भी स्थानीय प्रतिभाओं की भागीदारी रही है।
👮 जागरूकता के साथ भरोसे का संदेश
फिल्म में छत्तीसगढ़ पुलिस और साइबर सेल की कार्यप्रणाली को भी दर्शाया गया है, ताकि आम लोगों को यह भरोसा मिल सके कि किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर वे पुलिस की मदद ले सकते हैं।
शशि मोहन सिंह ने कहा—
“डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। यह फिल्म लोगों को सतर्क करने और जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है।”




