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पुलिस भाइयों की कलाई पर सजी राखी, बहनों की सुरक्षा का लिया संकल्प

रायगढ़: TODAY छत्तीसगढ़  / रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रायगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम में भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘एक शाम राखी के नाम’ कार्यक्रम में लायंस क्लब प्राइड की बहनों ने पुलिस अधिकारियों और जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। पुलिस अधिकारियों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनकी सुरक्षा और सम्मान के प्रति हमेशा तत्पर रहने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी ट्रैफिक पुष्पेंद्र बघेल, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसएन सिंह समेत पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। लायंस क्लब प्राइड की बहनों ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधी तो माहौल भावुक और आत्मीय हो गया।

‘महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता’

कार्यक्रम के दौरान एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व सुरक्षा और विश्वास के उस रिश्ते की याद दिलाता है, जिसे पुलिस हर परिस्थिति में निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

एसएसपी ने बताया कि महिलाओं और बच्चों की समस्याओं, शिकायतों और मार्गदर्शन के लिए रायगढ़ पुलिस ने ‘हैलो सिस्टर’ हेल्पलाइन नंबर 94792705 जारी किया है। किसी भी समस्या या शिकायत की स्थिति में महिलाएं और बच्चे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की जांच महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाती है, ताकि जरूरतमंदों को संवेदनशील तरीके से सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

‘जनता के सहयोग से पुलिस को मिलती है ऊर्जा’

एसएसपी ने रायगढ़ की संस्कृति और लोगों के अपनत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले की जनता का पुलिस और प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल है। जनहित के कार्यों में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

उन्होंने कहा कि जब जनता विश्वास और सहयोग की भावना के साथ पुलिस के साथ खड़ी होती है तो पुलिसकर्मियों को और बेहतर काम करने की ऊर्जा मिलती है। उन्होंने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस आगे भी ‘सेवा, सुरक्षा और समर्पण’ की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करती रहेगी।

लायंस क्लब की बहनों ने बांधी राखी

कार्यक्रम में लायंस क्लब प्राइड की प्रेसिडेंट डॉ. सविता साव, कोषाध्यक्ष मनीषा वर्मा, आशा बेरीवाल, चंपा अग्रवाल, शिखा खजांची, डॉ. प्रियंका सक्सेना, रानू पटेल, भावना पुलस्तिया, रितु तायल, मंजू डालमिया, निर्मला बेरीवाल, तान्या साव, दीपिका साव और चरंजीत घई ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को राखी बांधी।

‘एक शाम राखी के नाम’ कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पर्व को भावनात्मक रूप से खास बना दिया। राखी के धागे में जहां बहनों का स्नेह और विश्वास नजर आया, वहीं पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा, सम्मान और सेवा का संकल्प लिया।

यह आयोजन पुलिस और आम लोगों के बीच विश्वास और आत्मीय संबंधों को मजबूत करने की एक खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आया।

बाबा कर्मेश्वर के दरबार में पहुंचे CM साय, रुद्राभिषेक कर बोले- छत्तीसगढ़ पर बनी रहे शिव कृपा

बलरामपुर-रामानुजगंज / TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कर्रा पहुंचे। यहां आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ और शिव पुराण कथा में शामिल होकर उन्होंने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण कराने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से क्षेत्र लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़े, इसके लिए सरकार जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करेगी।

‘भगवान शिव की कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे’

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा की पावन धरती पर श्री महारुद्र यज्ञ और शिव पुराण कथा का आयोजन सौभाग्य की बात है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज, आयोजन समिति और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। उन्होंने बाबा कर्मेश्वर से प्रार्थना की कि पूरे छत्तीसगढ़ पर भगवान शिव की कृपा बनी रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आए।

शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपरा वाला प्रदेश है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्राचीन शिवालय, देवी मंदिर और लोक आस्था के केंद्र मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे।

50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के जरिए प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के तहत अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ यात्रा की इच्छा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हित किया गया है और अब तक करीब 10 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं।

बाबा कर्मेश्वर धाम की सदियों पुरानी मान्यता

ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम स्थानीय लोगों की आस्था का प्राचीन केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था। जनश्रुति के मुताबिक करीब नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के पेड़ के खोल में शिवलिंग के प्रकट होने की बात कही जाती है। तभी से यहां भगवान शिव की पूजा की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति की ओर से मंदिर के जीर्णोद्धार का काम कराया जा रहा है।

स्थानीय लोक मान्यताओं के अनुसार पुराने समय में बारिश नहीं होने पर ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा करते थे। शिवलिंग पर गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। ग्रामीणों का विश्वास रहा है कि इस अनुष्ठान के बाद बारिश होती थी। पीढ़ियों से चली आ रही इन मान्यताओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।

मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी अभियान के तहत पौधरोपण किया।

बस्तर के विकास और नक्सलवाद पर भी बोले CM

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। लंबे समय तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शांति और विकास का वातावरण बन रहा है।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे परिवार तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कर्रा सहित पूरे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में विकास कार्यों को लगातार गति देने की बात कही। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए क्षेत्र में जरूरी सुविधाओं का विस्तार करने का भी भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

ई-बसों से बदलेगी शहरों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था, 240 बसों के संचालन की तैयारी

बिलासपुर TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। PM-eBus Sewa योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। इसे लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के अधिकारियों की बैठक में रूट प्लान, डिपो, चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था को लेकर रणनीति तैयार की गई।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और MoHUA के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया मौजूद रहे। सीईओ सूडा सुमीत अग्रवाल ने योजना की प्रगति और चारों शहरों में प्रस्तावित ई-बसों की जानकारी दी।

शहर की जरूरत के हिसाब से तय होंगे रूट

बैठक में अधिकारियों ने साफ किया कि ई-बसों के रूट केवल उपलब्ध सड़कों के आधार पर नहीं, बल्कि शहर की वास्तविक परिवहन जरूरत और यात्रियों की मांग को ध्यान में रखकर तय किए जाएंगे।

स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख बाजार और महत्वपूर्ण संस्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म रूट प्लान तैयार करने तथा चरणबद्ध तरीके से रूट की व्यवहारिकता जांचने के निर्देश दिए गए।

यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी जैसे बिंदुओं का अध्ययन करने के बाद रूट को अंतिम रूप दिया जाएगा। अधिक यात्री दबाव वाले क्षेत्रों में मांग के अनुरूप बस रूट विकसित किए जाएंगे।

यात्रियों को आसानी से मिलेगी बस की जानकारी

अधिकारियों ने ई-बस सेवा की जानकारी आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने पर भी जोर दिया। यात्रियों को यह स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि कितनी बसें चल रही हैं, किस रूट पर चल रही हैं और प्रत्येक रूट का समय एवं विवरण क्या है।

इसके लिए रूट चार्ट और संबंधित जानकारी व्यवस्थित तरीके से तैयार कर नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

30 अक्टूबर तक काम पूरा करने पर जोर

बैठक में ई-बस योजना के विभिन्न कामों को तय समय-सीमा में पूरा करने की समीक्षा की गई। अधिकारियों को 30 अक्टूबर तक निर्धारित कार्यों और रूट से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी बनाए रखने को कहा गया।

इसके साथ ही 1 नवंबर के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संबंधित कार्यों की समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए गए। रूट और संचालन से जुड़े कुछ कामों में आउटसोर्सिंग की संभावनाएं तलाशने पर भी चर्चा हुई।

डिपो और चार्जिंग स्टेशन की तैयारी साथ-साथ

ई-बसों के संचालन के लिए जरूरी डिपो, चार्जिंग स्टेशन और बस स्टॉप तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने निर्देश दिया कि डिपो की क्षमता भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखकर तय की जाए।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत और उपलब्धता का आकलन कर समय पर जरूरी व्यवस्था करने को कहा गया। डिपो और चार्जिंग स्टेशन के लिए जमीन से जुड़े मामलों को भी समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

NHAI, रेलवे और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जरूरी स्वीकृतियां और तकनीकी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने को कहा गया, ताकि ई-बसों का संचालन शुरू होने से पहले आधारभूत ढांचा तैयार रहे।

यात्री सुविधा के हिसाब से बनेंगे बस स्टॉप

बैठक में बस स्टॉप के स्थान चयन और विकास पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि बस स्टॉप का चयन यात्री मांग, सुविधा और रूट कनेक्टिविटी के आधार पर किया जाए।

बस स्टॉप पर यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने और इसके लिए PPP मॉडल की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

रियल टाइम मॉनिटरिंग पर रहेगा जोर

ई-बस संचालन में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने और बसों की निगरानी के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।

इसके जरिए बसों की लोकेशन, रूट, यात्री संख्या और संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। संचालन के लिए जरूरी मानव संसाधन और अलग-अलग ऑपरेशन मॉडल पर भी अधिकारियों ने चर्चा की।

महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा की तैयारी

बैठक में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा हुई। महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसके लिए संभावित रूट और संचालन व्यवस्था तैयार करने पर विचार किया गया।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि PM-eBus Sewa के सभी घटकों को अलग-अलग नहीं, बल्कि एकीकृत रूप से विकसित करने की जरूरत है। रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम में बेहतर तालमेल जरूरी है।

उन्होंने शहरवार जरूरत और उपलब्ध संसाधनों का आकलन कर प्राथमिकताएं तय करने तथा योजना की नियमित मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुगम और सुरक्षित परिवहन विकल्प बनाने का लक्ष्य

बैठक के समापन पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर ने कहा कि PM-eBus Sewa को नागरिकों की सुविधा और शहरों की परिवहन जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि रूट, डिपो, चार्जिंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं की समग्र तैयारी के साथ ई-बस सेवा को सुगम, सुरक्षित और प्रभावी सार्वजनिक परिवहन विकल्प के रूप में विकसित किया जाएगा।

चार शहरों को मिलेंगी ई-बसें

  • रायपुर: ई-बस सेवा प्रस्तावित
  • बिलासपुर: ई-बस सेवा प्रस्तावित
  • दुर्ग: ई-बस सेवा प्रस्तावित
  • कोरबा: ई-बस सेवा प्रस्तावित
  • कुल स्वीकृत बसें: 240

‘अपनी लकीर लंबी खींचें, दूसरों से तुलना न करें’,- गर्ग

बिलासपुर / TODAY छत्तीसगढ़  / एलसीआईटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंस में नवागत विद्यार्थियों के स्वागत के लिए मंगलवार को ‘वेनिस कार्निवल- द वेलकम गाला’ का भव्य आयोजन किया गया। कॉलेज के कला एवं मानविकी विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता और बेहतर जीवन निर्माण के कई व्यावहारिक मंत्र दिए।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद राष्ट्रगीत और राज्यगीत प्रस्तुत किया गया। कॉलेज परिवार की ओर से मुख्य अतिथि IG रामगोपाल गर्ग का श्रीफल, पौधा, शॉल और स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में एलसीआईटी के चेयरमैन प्रमोद जैन, ट्रस्टी, कॉलेज के पदाधिकारी, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, NCC अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

‘अपनी लकीर लंबी खींचें, दूसरों से तुलना न करें’

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए IG रामगोपाल गर्ग ने कहा कि सफलता के लिए दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय खुद को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से ईर्ष्या छोड़कर आत्म-विकास की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है। इसलिए विद्यार्थियों को एक-दूसरे की मदद और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी विद्यार्थी की पहचान केवल उसके अंकों से नहीं होती। चरित्र, अनुशासन और सही सवाल पूछने की क्षमता उसकी वास्तविक पहचान बनाती है।

IG ने विद्यार्थियों को मेहनत के साथ स्मार्ट वर्क, एकाग्रता और सही रणनीति अपनाने की सलाह दी। उन्होंने समय को सबसे महत्वपूर्ण बताया और कहा कि बीता हुआ समय दोबारा वापस नहीं आता, इसलिए उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए।

UPSC- CGPSC में मानविकी विषयों की अहम भूमिका

IG गर्ग ने कला एवं मानविकी विषयों की उपयोगिता पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि इतिहास, भूगोल, समाजशास्त्र, हिंदी-अंग्रेजी समेत भाषाएं और अर्थशास्त्र जैसे विषय प्रशासनिक सेवाओं, पुलिस सेवाओं और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को यह समझने के लिए प्रेरित किया कि मानविकी विषय केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और प्रशासन को समझने में भी इनकी बड़ी भूमिका है।

‘हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी के लिए पहनें’

कार्यक्रम में IG ने विद्यार्थियों को यातायात सुरक्षा का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पुलिस के चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और परिवार की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए पहनना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के साथ नागरिक कर्तव्यों को भी समझने और उनका पालन करने की अपील की।

समाज की समस्याओं पर रिसर्च की जरूरत

IG गर्ग ने कहा कि रिसर्च सिर्फ विज्ञान के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है। समाजशास्त्र जैसे विषयों के विद्यार्थी नशे और ड्रग्स जैसी सामाजिक समस्याओं के प्रभावों पर शोध कर सरकार की नीति बनाने में उपयोगी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरणादायक फिल्में देखने का सुझाव भी दिया।

NCC कैडेट्स हुए सम्मानित

समारोह के दौरान IG रामगोपाल गर्ग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले NCC छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के अंत में एलसीआईटी के चेयरमैन प्रमोद जैन ने मुख्य अतिथि का आभार जताया। उन्होंने नवागत विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में विद्यार्थियों ने विभिन्न मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।

घर में ताला लगाकर खेत गई महिला, लौटकर देखा तो उड़ गए गहने

बिलासपुर /  TODAY छत्तीसगढ़  /  सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम दर्राभाठा में घर का ताला तोड़कर हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मामले में एक युवक और महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के शत-प्रतिशत जेवर बरामद कर लिए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, दर्राभाठा निवासी सनत कुमार रात्रे 24 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे रोज की तरह काम के लिए एनटीपीसी सीपत चले गए थे। उनकी पत्नी सविता देवी रात्रे करीब 8:30 बजे घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर खेत में निदाई करने चली गईं।

करीब 11:45 बजे जब वह खेत से वापस घर पहुंचीं तो दरवाजे पर लगा ताला टूटा हुआ था। अंदर जाकर देखा तो आलमारी का दरवाजा खुला था और लॉकर में रखे सोने-चांदी के जेवर और 10 हजार रुपये नकद गायब थे। इसके बाद मामले की सूचना सीपत पुलिस को दी गई।

मुखबिर की सूचना से मिला सुराग

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीपत थाना प्रभारी ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर चोरों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान बीट आरक्षकों को मुखबिर से सूचना मिली कि दिनेश सोनवानी (31) को चोरी के समय प्रार्थी के घर के आसपास देखा गया था।

पुलिस ने दिनेश की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की तो उसके पूर्व में भी चोरी के मामले में चालान होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआती पूछताछ में उसने चोरी से इनकार किया, लेकिन पुलिस की सख्ती से पूछताछ में उसने वारदात कबूल कर ली।

घर खाली देखकर तोड़ा ताला

पुलिस के अनुसार, दिनेश ने बताया कि प्रार्थी का मकान उसके घर के आसपास ही है। 24 अगस्त को जब सनत कुमार और उनकी पत्नी घर से बाहर चले गए तो उसने मौका देखकर घर के दरवाजे का ताला तोड़ा और अंदर घुस गया।

इसके बाद उसने आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी कर ली। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि पकड़े जाने के डर से उसने चोरी के जेवर अपनी सहयोगी सनिता कौसले (37) के पास छिपा दिए थे।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने सनिता कौसले के कब्जे से चोरी के 7.66 ग्राम सोने के जेवर और 361 ग्राम चांदी के जेवर बरामद कर लिए। पुलिस ने चोरी गए जेवरों का शत-प्रतिशत माल बरामद करने का दावा किया है।

दोनों आरोपियों को भेजा जेल

पुलिस ने मामले में दिनेश सोनवानी पिता पंचराम सोनवानी (31), निवासी दर्राभाठा और सनिता कौसले पति स्व. बसंत कौसले (37), निवासी रामा केयर अस्पताल, बिलासपुर को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा चोरी गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी के निर्देश दिए थे। इसी के तहत सीपत पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए वारदात का खुलासा किया।

बरामद सामान

  • 7.66 ग्राम सोने के जेवर
  • 361 ग्राम चांदी के जेवर
  • चोरी गए जेवरों का शत-प्रतिशत माल बरामद

ATR: बाघिन के हमले में युवक की मौत, परिवार को मिलेगा 6 लाख मुआवजा; जंगल में बढ़ी निगरानी

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / अचानकमार टाइगर रिजर्व के लोरमी बफर क्षेत्र में बाघिन के हमले में 25 वर्षीय युवक की मौत के बाद वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। वहीं मृतक के परिवार को नियमानुसार कुल 6 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग की ओर से तत्काल 25 हजार रुपये की अग्रिम सहायता दी जा चुकी है। शेष 5.75 लाख रुपये पुलिस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार दिए जाएंगे।

मृतक की पहचान ग्राम बांधा निवासी धरमजीत पिता राजेंद्र धृतलहरे (25) के रूप में हुई है। बताया गया कि वह पुटू और कारील जैसे वन उपज के संग्रहण के लिए जंगल गया था। इसी दौरान आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 98 के पहाड़ी क्षेत्र में शावकों के साथ घूम रही बाघिन से उसका सामना हो गया।

खतरा समझकर बाघिन ने किया हमला

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 7 बजे चार ग्रामीण युवक अचानकमार टाइगर रिजर्व के लोरमी बफर क्षेत्र के जंगल में पहुंचे थे। इसी दौरान धरमजीत का सामना शावकों के साथ मौजूद बाघिन से हो गया। वन विभाग के अनुसार, बाघिन ने युवक को अपने शावकों के लिए खतरा समझकर उस पर हमला कर दिया। हमले में धरमजीत की गर्दन में गंभीर चोट आई। साथी ग्रामीण उसे जंगल से बाहर गांव की ओर लेकर आ रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

ट्रैप कैमरे लगेंगे, गश्त भी बढ़ाई

घटना को गंभीरता से लेते हुए अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने क्षेत्र में वन्यप्राणियों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी है। अचानकमार टाईगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर और सीसीएफ श्रीमती प्रियंका पांडेय ने एसटीपीएफ के सभी रेंज अधिकारियों और एसडीओ की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

श्रीमती प्रियंका पांडेय ने संबंधित क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे वन्यप्राणियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि इलाके में कौन-कौन से वन्यप्राणी सक्रिय हैं। संभावित बाघ गतिविधि को देखते हुए बाघ की मॉनिटरिंग के लिए गश्त बढ़ाने को भी कहा गया है। वन अमले को संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों की आवाजाही पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

31 अक्टूबर तक जंगल में प्रवेश पर रोक

अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन के मुताबिक, मानसून अवधि में 15 जून से 31 अक्टूबर तक टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। इस दौरान वन्यप्राणियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। पहाड़ी और घने जंगल में बिना अनुमति प्रवेश करना बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है। 

इसके बावजूद आसपास के कुछ ग्रामीण पुटू, कारील और अन्य वन उपज के संग्रहण के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में चले जाते हैं। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को लगातार जंगल में नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है।

गांवों में मुनादी, पैदल गार्ड भी कर रहे गश्त

घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया है। उन्हें स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है कि मानसून अवधि में पुटू, कारील या अन्य वन उपज लेने के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें।

एसटीपीएफ और पैदल गार्ड की टीमें गांवों और जंगल से लगे इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं। ग्रामीणों को वन्यप्राणियों की मौजूदगी को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने और विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

वन विभाग का कहना है कि अचानकमार टाइगर रिजर्व वन्यप्राणियों का सुरक्षित आवास होने के साथ ही संवेदनशील वन क्षेत्र भी है। प्रतिबंधित अवधि में बिना अनुमति जंगल में जाना जानलेवा साबित हो सकता है।

Special Train: रक्षाबंधन पर दुर्ग-रायगढ़ के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानें टाइमिंग और स्टॉपेज

बिलासपुर / TODAY छत्तीसगढ़  / रक्षाबंधन के मौके पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत दी है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए दुर्ग-रायगढ़-दुर्ग के बीच रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। यह ट्रेन 27, 28 और 29 अगस्त 2026 को दोनों दिशाओं में चलेगी। इससे भाई-बहनों के इस खास पर्व पर परिवार और प्रियजनों से मिलने जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिल सकेगी।

रेलवे के मुताबिक, ट्रेन नंबर 08834 दुर्ग-रायगढ़ रक्षाबंधन स्पेशल 27, 28 और 29 अगस्त को दुर्ग से सुबह 10:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रास्ते के सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकते हुए बिलासपुर 14:45 बजे, अकलतरा 15:27 बजे, जांजगीर-नैला 15:44 बजे, चांपा 15:55 बजे, बाराद्वार 16:13 बजे, सक्ती 16:59 बजे और खरसिया 17:16 बजे पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन रायगढ़ शाम 7 बजे पहुंचेगी।

इसी तरह ट्रेन नंबर 08833 रायगढ़-दुर्ग रक्षाबंधन स्पेशल भी 27, 28 और 29 अगस्त को चलेगी। यह ट्रेन रायगढ़ से शाम 7:40 बजे रवाना होगी। रास्ते में खरसिया 20:13 बजे, सक्ती 20:30 बजे, बाराद्वार 20:43 बजे, चांपा 21:00 बजे, जांजगीर-नैला 21:12 बजे, अकलतरा 21:25 बजे और बिलासपुर 22:20 बजे पहुंचेगी। इसके बाद अगले दिन रात 2 बजे दुर्ग पहुंचेगी।

सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर ठहराव

रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेन को दुर्ग और रायगढ़ के बीच आने वाले सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। इससे छोटे-बड़े सभी स्टेशनों के यात्रियों को इस अतिरिक्त ट्रेन का लाभ मिल सकेगा।

रेलवे ने बताया कि इस स्पेशल ट्रेन में 8 सामान्य श्रेणी के कोच और 2 एसएलआरडी कोच, यानी कुल 10 कोच होंगे।

रक्षाबंधन के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच रेलवे की यह अतिरिक्त सेवा यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। खासकर उन लोगों को राहत मिलेगी, जो त्योहार पर अपने भाई-बहनों और परिवार से मिलने के लिए दुर्ग, रायगढ़ और रास्ते में पड़ने वाले शहरों के बीच यात्रा करने वाले हैं।

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