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दो सूटकेस और बैग से निकले 17.90 लाख नकद, पुलिस ने पकड़ा


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  बेलगहना क्षेत्र में पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक को पकड़कर उसके पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। कार्रवाई के दौरान दो सूटकेस और एक पिट्ठू बैग से कुल 17 लाख 90 हजार रुपये जब्त किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार को चौकी बेलगहना पुलिस व एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि टेगनमाड़ा रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में दो सूटकेस व एक बैग लेकर घूम रहा है। सूचना पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया।

पूछताछ में युवक ने अपना नाम पवन बजाज (35 वर्ष), निवासी कश्यप कॉलोनी, पुराना बस स्टैंड, थाना सिटी कोतवाली, बिलासपुर बताया। तलाशी लेने पर उसके पास रखे दो सूटकेस एवं एक बैग से 10, 20 एवं 50 रुपये के नए नोटों के कुल 81 बंडलों में 17 लाख 90 हजार रुपये बरामद हुए। पुलिस ने उक्त राशि को संदिग्ध मानते हुए धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त कर लिया है। आरोपी से बरामद रकम के स्रोत के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

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माहुल: एक वृक्ष का संकट; आजीविका, पर्यावरण और परंपरा—तीनों पर खतरा


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के जंगलों में जीवन और आजीविका का आधार रहे ‘माहुल’ वृक्ष पर अब अस्तित्व का संकट गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय संस्था IUCN ने इसे अपनी रेड डेटा बुक में सर्वाधिक संकटग्रस्त (Critically Endangered) प्रजाति के रूप में दर्ज किया है। यह खुलासा न केवल पर्यावरणविदों, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है, जिनकी रोजी-रोटी इस वृक्ष पर निर्भर है। 

वन अनुसंधानों में सामने आया है कि पौधरोपण के प्रति अनिच्छा, जंगलों की अंधाधुंध कटाई, संरक्षण की अनदेखी और इसके बीजों का समुचित उपयोग न होना जैसे कारणों से माहुल तेजी से विलुप्ति की कगार पर पहुंच गया है। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ‘माहुल परिवार’ का प्रमुख वृक्ष पलाश पहले ही इसी तरह के संकट से गुजर रहा है। 

माहुल की पत्तियां ग्रामीण और आदिवासी अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। दोना-पत्तल निर्माण, छप्पर और घरेलू उपयोग, बीजों से औषधि निर्माण और जड़ों से पारंपरिक दवाइयां बनाई जाती रही हैं। ग्रामीण जनजीवन और कुछ शहरी क्षेत्र के हजारों परिवारों का जीवनयापन 'माहुल' से जुड़ा हुआ है।

सबसे आश्चर्य और हैरत की बात यह है कि यह हर जमीन पर उगने वाला ‘जीवन वृक्ष’ है। माहुल की खासियत यह है कि यह लगभग हर प्रकार की भूमि में उग सकता है जिसकी ऊंचाई 10–30 मीटर तक हो सकती है । यह वृक्ष मिट्टी के कटाव को रोकता है साथ ही पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखता है। इसके अलावा बेल और वृक्ष की छाल से रस्सी, तने से टोकरी व चटाई और पत्तियों से पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तैयार किए जाते हैं। ऐसे में यह सिर्फ एक पेड़ का संकट नहीं है बल्कि यह उस पूरी जीवन-श्रृंखला का संकट है, जो इससे जुड़ी हुई है। 


बिलासपुर में पुलिसिंग का नया मॉडल लागू, 33 कर्मियों का बड़ा फेरबदल


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिसिंग का नया मॉडल लागू किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 33 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए हैं।

इस बदलाव की सबसे खास बात यह है कि जिले में पहली बार CSP और SDOP कार्यालयों में निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) की पदस्थापना की गई है, जिसे पुलिस व्यवस्था में बड़ा प्रयोग माना जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार CSP कोतवाली, सिविल लाइन और SDOP कोटा कार्यालय में इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं। इनकी जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था पर निगरानी और थाना प्रभारियों के साथ समन्वय की होगी। माना जा रहा है कि इससे फाइलों का तेजी से निपटारा होगा, आदेशों का पालन तेज होगा और थाना स्तर का कार्यभार कम होगा। 

इस फेरबदल के बीच ख़बरें ये भी हैं कि विवादित टीआई को हटाकर उन्हें लूप लाइन पोस्टिंग दी गयी है। जारी नई पदस्थापना आदेश में चकरभाठा टीआई उमेश साहू को अजाक थाना और तोरवा टीआई अभय बैस को CSP कार्यालय सरकंडा में पदस्थ किया गया है। इसे प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों के प्रभार में भी बड़े बदलाव किये हैं। नई व्यवस्था के तहत दामोदर मिश्रा को हिर्री थाना प्रभारी, रविशंकर तिवारी एयरपोर्ट सुरक्षा, रजनीश सिंह तोरवा थाना प्रभारी, कृष्णचंद्र सिदार मस्तूरी थाना प्रभारी, भावेश शेंडे चकरभाठा थाना, तोपसिंह नवरंग बिल्हा थाना प्रभारी और राजश्री कोशले को कोनी थाना प्रभारी का जिम्मा सौंपा गया है। 

नई व्यवस्था के तहत पुलिस पेट्रोल पंप का संचालन अब सब-इंस्पेक्टर को सौंपा गया है।ओंकारधर दीवान को इसका प्रभारी बनाया गया है। उनकी जगह ओमप्रकाश कुर्रे को मोपका चौकी का प्रभारी दिया गया। इसी तरह आदेश में अन्य तबादले भी शामिल हैं।  

अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन से लेकर जेसीबी-पोकलेन तक कार्रवाई


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 22 वाहनों और मशीनों को जब्त किया है। इसमें 14 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 5 हाइवा, 1 पोकलेन मशीन और 2 जेसीबी शामिल हैं।

यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश में लगातार तीन दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में की गई।रतखंडी क्षेत्र में अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करते हुए 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए। यह क्षेत्र लंबे समय से अवैध खनन की गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। मौके पर पोकलेन और हाइवा के जरिए मिट्टी का अवैध दोहन किया जाना पाया गया। ग्राम धुमा-मानिकपुर क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान खनिज अधिकारियों ने 1 पोकलेन मशीन और 4 हाइवा वाहन जब्त किया है। 

इसी तरह लावर और राजपुर क्षेत्र में भी विभाग की कार्रवाई जारी रही, लावर क्षेत्र से रेत परिवहन करते 1 हाइवा जब्त किया गया। कार्रवाही के दौरान ग्राम राजपुर-केकती क्षेत्र में 1 जेसीबी और 4 ट्रैक्टर जब्त, बुतेना क्षेत्र में मुरुम उत्खनन करते 1 जेसीबी पकड़ी गई। सभी जब्त 22 वाहनों और मशीनों को पुलिस चौकी बेलगहना और खनिज जांच चौकी लावर में सुरक्षित रखा गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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