बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / चौकी बेलगहना पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना के चलते नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। मामले में सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल सूर्यवंशी की सटीक और त्रुटिरहित विवेचना की सराहना की जा रही है।
जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल 2024 को आरोपी रामसागर मानिकपुरी (20 वर्ष), निवासी ग्राम सिलपहरी चौकी बेलगहना थाना कोटा, द्वारा एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले जाया गया था। परिजनों की रिपोर्ट पर चौकी बेलगहना में अपराध क्रमांक 636/2024 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
प्रकरण की विवेचना सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल सूर्यवंशी द्वारा की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने बालिका को तमिलनाडु के शिवपेट क्षेत्र से बरामद किया। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाया था और उसे डरा-धमकाकर लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा। इसके बाद मामले में धारा 87, 64(2)(ड), 351(3) बीएनएस तथा 4 और 6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
ASI मोतीलाल सूर्यवंशी द्वारा त्वरित और मजबूत साक्ष्यों के साथ अभियोग पत्र विशेष न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट बिलासपुर में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने 12 मई 2025 को आरोपी रामसागर मानिकपुरी को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। इस फैसले को पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। न्यायालय का फैसला आने के बाद जिले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने ASI मोतीलाल सूर्यवंशी को कैश रिवार्ड से पुरस्कृत करने का ऐलान किया है।



