STATE

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, Politics, बिहार

GUEST COLUMN

Guest Column

EDITOR CHOICE

Editor Choice

TRAVELLING STORY

TRAVELLING STORY

TCG EXCLUSIVE

टीसीजी एक्सक्लूसिव, इतिहास

VIDEO

VIDEO

ऑनलाइन तस्वीरों से बनाए गए फर्जी प्रोफाइल, मैरिज ब्यूरो पर कार्रवाई


राजनांदगांव। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में पुलिस ने एक कथित फर्जी मैरिज ब्यूरो का खुलासा किया है, जो युवकों को शादी का झांसा देकर उनसे पैसे वसूल रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इंटरनेट और सोशल मीडिया से युवतियों की तस्वीरें डाउनलोड कर उनके नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते थे।

पुलिस ने इस मामले में एक युवती और एक युवक को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नेहा पाठक (23) और धर्मेन्द्र मानिकपुरी (32) के रूप में हुई है। दोनों पर ‘लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो’ नाम से यह काम करने का आरोप है। यह मामला उस समय सामने आया जब ज़िले की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को एक गुमनाम शिकायत मिली। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक मैरिज ब्यूरो के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई और बसंतपुर थाना क्षेत्र में छापा मारा गया। इस दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में बड़ी संख्या में युवतियों की तस्वीरें मिलीं। जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास 2286 से अधिक तस्वीरें थीं, जिन्हें कथित तौर पर सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से डाउनलोड किया गया था। इन तस्वीरों का इस्तेमाल फर्जी प्रोफाइल बनाने के लिए किया जाता था।

पुलिस का कहना है कि इन प्रोफाइल के जरिए युवकों से संपर्क किया जाता था और उन्हें मुलाकात तय कराने या शादी कराने का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बदले उनसे पैसे लिए जाते थे। फिलहाल, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

रैपिडो राइडर और कोरियर के जरिए एमडीएमए नेटवर्क, 6 आरोपी गिरफ्तार


रायपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  / राजधानी में सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के अंतर्राज्यीय नेटवर्क के खिलाफ रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस सिंडिकेट का संचालन दिल्ली में बैठकर महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा कर रहे थे, जो एमडीएमए ड्रग्स और पार्टी पिल्स की सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे।

जांच में पुलिस ने ड्रग्स सप्लाई के एक नए और खतरनाक तरीके “डेड ड्रॉप सिस्टम” का खुलासा किया है। इस सिस्टम में ड्रग्स को सुनसान स्थानों पर रखकर उसकी लोकेशन और वीडियो ग्राहकों को भेजी जाती थी, जिससे सीधा संपर्क कम से कम रखा जा सके। पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला और उमेश गुप्ता ने बताया कि मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा वर्ष 2024 में भी थाना खम्हारडीह में दर्ज ड्रग्स प्रकरण में जेल जा चुके हैं।

आरोपियों के कब्जे से 48.03 ग्राम एमडीएमए (कीमत लगभग 7 लाख रुपये), 8 पार्टी पिल्स, 9 मोबाइल फोन, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और ड्रग्स सप्लाई में उपयोग किए गए कोरियर बॉक्स जब्त किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ऐसे काम करता था नेटवर्क:

एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि Rapido राइडर्स के माध्यम से शहर में ड्रग्स सप्लाई की जा रही है। जांच में सामने आया कि दिल्ली से कोरियर के जरिए ड्रग्स रायपुर भेजा जाता था। यहां कुणाल मंगतानी इसे रिसीव कर रैपिडो राइडर्स के जरिए सुनसान जगहों पर “डेड ड्रॉप” करता था। इसके बाद लोकेशन और वीडियो मास्टरमाइंड को भेजे जाते, जो व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाए जाते थे। भुगतान के लिए अलग-अलग बैंक खातों का उपयोग किया जाता था।

पुलिस टीम ने 29 मार्च को तेलीबांधा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीन रैपिडो राइडर्स—सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव को एमडीएमए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में नेटवर्क की परतें खुलती गईं और कुणाल मंगतानी समेत मास्टरमाइंड तक पुलिस पहुंच गई। दिल्ली के पंचशील विहार में लोकेशन ट्रेस कर महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा को हिरासत में लेकर रायपुर लाया गया, जहां उनकी भूमिका सिद्ध होने पर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने नाइजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदने की बात भी स्वीकार की है।

अब तक गिरफ्तार आरोपी:

कुणाल मंगतानी (23), काशीराम नगर, तेलीबांधा
सौरभ डोंगरे (29), टिकरापारा
शुभम राठौर (31), टिकरापारा
सौरभ यादव (21), खमतराई
महेश सिंह खड़का (28), पंचशील विहार, दिल्ली
कुसुम हिन्दुजा (25), अवंति विहार, रायपुर

गिरोह में काम का बंटवारा:

महेश खड़का, कुसुम हिन्दुजा – मास्टरमाइंड व नेटवर्क संचालन
कुणाल मंगतानी – कोरियर से ड्रग्स रिसीव
रैपिडो राइडर्स – ग्राहकों तक “डेड ड्रॉप” के जरिए सप्लाई  

नशे में रफ्तार ने छीनी जिंदगी, डिवाइडर से टकराकर युवक की मौत


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर की मिनोचा कॉलोनी पेट्रोल पंप के सामने हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बहतराई निवासी उमेश राव ठाकरे (32 वर्ष), पिता धर्मेंद्र राव ठाकरे की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार युवक मोटरसाइकिल चला रहा था, तभी तेज रफ्तार और कथित रूप से शराब के नशे में होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और बाइक सीधे डिवाइडर से जा टकराई।

हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को मौके पर मौजूद लोगों की मदद से तत्काल छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सिविल लाइन थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवक के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई है। यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है। छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, हर साल सड़क हादसों में बड़ी संख्या ऐसे मामलों की होती है, जिनमें चालक शराब के नशे में होता है। शहरी क्षेत्रों में विशेषकर रात के समय ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है।

कानूनी पहलू:

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शराब पीकर वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। यदि किसी व्यक्ति के रक्त में अल्कोहल की मात्रा 30 mg/100 ml से अधिक पाई जाती है, तो उस पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और यहां तक कि जेल की सजा का भी प्रावधान है।

हादसों के प्रमुख कारण:

नशे की स्थिति में प्रतिक्रिया समय का धीमा होना

तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण में कमी

हेलमेट व अन्य सुरक्षा उपायों की अनदेखी

रात के समय कम विजिबिलिटी

पुलिस की अपील:

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि “ड्रिंक एंड ड्राइव की घटनाएं लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। वाहन चलाते समय जिम्मेदारी और सावधानी बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को प्रभावित कर सकती है।”

स्थानीय स्तर पर कार्रवाई:

शहर में लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। नाइट पेट्रोलिंग के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, साथ ही संवेदनशील चौक-चौराहों पर निगरानी भी बढ़ाई गई है।

रेलवे ट्रेक किनारे मिली किशोरी की लाश की पहचान, प्रेमी पर हत्या का आरोप


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  ज़िले के मस्तूरी इलाके में बीते दिन रेलवे अंडरब्रिज के पास मिली एक किशोरी की लाश के मामले में पुलिस ने दावा किया है कि उसने इस घटना की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस के अनुसार, 29 मार्च को किसान परसदा गांव के पास एक अज्ञात शव मिला था, जिसका एक हाथ कटा हुआ था। शुरुआती जांच में मृतका की पहचान नहीं हो पाई थी, जिसके बाद मस्तूरी पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर साझा की।

पुलिस का कहना है कि तस्वीर सामने आने के बाद खैरागढ़ पुलिस ने संपर्क किया, जिसके आधार पर मृतका की पहचान 15 वर्षीय देविका वर्मा के रूप में हुई, जो खैरागढ़ के चिचोला गांव की रहने वाली थी। जांच में सामने आया है कि देविका अपने परिचित मोहन वर्मा और उसके दो साथियों के साथ घर से निकली थी। पुलिस के मुताबिक, ये सभी डोंगरगढ़ से वेनगंगा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर कोरबा की ओर जा रहे थे।

पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह बिलासपुर के पास ट्रेन में देविका और मोहन के बीच कथित तौर पर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान मोहन वर्मा ने गुस्से में आकर उसे चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया, जिससे वह ट्रेन की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। देविका के लापता होने की रिपोर्ट पहले ही खैरागढ़ के ठेलकाडीह थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस के अनुसार, इंटरनेट पर तस्वीर देखने के बाद परिजनों को बुलाया गया, जिन्होंने शव की पहचान की। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहन वर्मा, उसके एक साथी हरीश वर्मा और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।

बिलासपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़ा होने के कारण आगे की जांच खैरागढ़ पुलिस को सौंपी जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com