बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक 68 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक से करीब 35 लाख रुपये की ठगी की कोशिश को बिलासपुर पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। पुलिस की तत्परता से वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते में जमा पूरी राशि सुरक्षित बच गई।
पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त को वरिष्ठ नागरिक के एक मित्र ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को फोन कर सूचना दी कि सीपत रोड, सरकंडा निवासी उनके 68 वर्षीय मित्र को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल कर खुद को “सुनील कुमार गौतम, IPS, बाराबंकी/मुंबई” बताया गया है। आरोपियों ने वरिष्ठ नागरिक को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में फंसने का भय दिखाकर कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट कर लिया था।
पुलिस के मुताबिक ठगों ने वरिष्ठ नागरिक को लगातार भयभीत और भ्रमित करते हुए उनके अलग-अलग बैंक खातों में जमा रकम को एक ही खाते में ट्रांसफर करा लिया। इस तरह करीब 35 लाख रुपये एक खाते में जमा हो गए थे। इसके बाद आरोपी वीडियो मीटिंग के जरिए खाते में जमा पूरी रकम को निकालने या दूसरे खाते में ट्रांसफर करने की तैयारी में थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल सरकंडा थाना प्रभारी को मौके पर भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच की, जिसमें नंबर का संबंध फ्रॉड गतिविधियों से पाए जाने की जानकारी सामने आई। समय रहते पुलिस के हस्तक्षेप से वरिष्ठ नागरिक ठगी का शिकार होने से बच गए और बैंक खाते में जमा करीब 35 लाख रुपये सुरक्षित रह गए। घटना की रिपोर्ट NCCRP पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।






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