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दहेज प्रताड़ना का आरोप, कब्र से निकाला गया विवाहिता का शव

कोरबा। TODAY छत्तीसगढ़  / उरगा थाना क्षेत्र के भतपहरी गांव में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मायके पक्ष द्वारा दहेज प्रताड़ना और हत्या की आशंका जताने के बाद शुक्रवार को प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया।

जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले विनीता की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद ससुराल पक्ष ने शव का अंतिम संस्कार कर दफना दिया। चार दिन बाद मृतका के मायके वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए मौत को संदिग्ध बताया। शिकायत के बाद प्रशासन ने शव को कब्र से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक टीम मौके पर मौजूद रही। शुरुआत में मृतका के ससुर ने विरोध किया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद प्रक्रिया पूरी कराई गई।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही विनीता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पति मुकेश पाटले पर मारपीट करने और कई बार घर से निकाल देने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों के मुताबिक विनीता अक्सर रोते हुए मायके पहुंचती थी, लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए समझौता कर उसे वापस भेज दिया जाता था।

मृतका की मां ने दावा किया कि कुछ समय पहले भी पति ने उसे फांसी लगाकर मारने की कोशिश की थी। हाल ही में गांव के लोगों और सरपंच की मौजूदगी में समझौता होने के बाद उसे दोबारा ससुराल भेजा गया था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शव पर चोट के निशान थे और नाक-मुंह से खून निकल रहा था। इसके बावजूद बिना पोस्टमार्टम कराए जल्दबाजी में शव दफना दिया गया। मृतका की बहन ने सवाल उठाया कि कुछ दिन पहले शादी समारोह में शामिल होने वाली विनीता अचानक आत्महत्या कैसे कर सकती है।

उधर पति मुकेश पाटले ने आरोपों को निराधार बताया है, हालांकि वह यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि पत्नी बार-बार मायके क्यों लौट जाती थी। उरगा पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 


राजस्व वसूली से स्वच्छता तक, सचिव आर. संगीता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नवनियुक्त सचिव आर. संगीता अपने पहले बिलासपुर दौरे पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में नगर निगम के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और बाद में विभिन्न विकास परियोजनाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी निरीक्षण किया।

तारबाहर स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव ने राजस्व वसूली, स्वच्छता, पीएम आवास, ई-बस सेवा और अधूरे निर्माण कार्यों की स्थिति पर अधिकारियों से बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजस्व किसी भी निकाय की आधारशिला है, इसलिए इसे प्राथमिकता में रखते हुए शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए। पिछले वित्तीय वर्ष के 15 करोड़ रुपये बकाया राजस्व की वसूली के लिए दिसंबर 2026 तक की समयसीमा तय की गई है।

सचिव ने निर्देश दिए कि नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों का वेतन हर हाल में महीने के पहले सप्ताह में जारी हो जाना चाहिए। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से कहा कि प्रक्रिया को तेज किया जाए और समय पर अनुबंध कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। पीएम ई-बस सेवा के तहत मिलने वाली बसों के लिए कोनी में बन रहे चार्जिंग स्टेशन और डिपो को एक माह में पूरा करने को कहा। मधुबन में बन रहे नालंदा परिसर और एकेडमिक ब्लॉक के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

पीएम आवास योजना के बीएलसी घटक के तहत अधूरे आवासों को लेकर सचिव ने अधिकारियों से हितग्राहियों को प्रेरित कर निर्माण जल्द शुरू कराने को कहा। वार्ड नोडल अधिकारियों से उन्होंने अपने-अपने वार्ड को आदर्श वार्ड बनाने की दिशा में काम करने को कहा। सचिव ने स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हर घर से कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए और सार्वजनिक स्थलों व शौचालयों की नियमित सफाई हो। उन्होंने पीएम स्वनिधि, पीएम आवास और पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक निर्बाध पहुंचाने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार, सूडा सीईओ शशांक पाण्डेय सहित निगम और जिले के नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।

विभिन्न परियोजनाओं का किया निरीक्षण

समीक्षा बैठक के बाद सचिव ने शहर के विभिन्न प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचकर खेल गतिविधियों का जायजा लिया और कोनी स्थित निर्माणाधीन सिटी बस चार्जिंग स्टेशन का निरीक्षण कर कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा कछार स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और बिरकोना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर कचरा प्रबंधन और जलापूर्ति व्यवस्था की जानकारी ली। खमतराई स्थित पीएम आवास परिसर का दौरा कर साफ-सफाई और रखरखाव बेहतर करने के निर्देश दिए।

स्वच्छता दीदियों से संवाद

दौरे के अंतिम चरण में सचिव मोपका गौठान स्थित एसआरएलएम सेंटर पहुंचीं, जहां उन्होंने स्वच्छता दीदियों से संवाद किया। उन्होंने महिलाओं से गीला और सूखा कचरा अलग करने, घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की। सचिव ने कहा कि महिलाओं में अद्भुत क्षमता होती है और वे स्वच्छता अभियान में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। इस दौरान महिलाओं ने अपने समूह द्वारा तैयार उत्पाद उन्हें भेंट किए।

ठेला संचालक और उसके बेटे पर हमला, पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा


राजनांदगांव। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  डोंगरगढ़ पुलिस ने गुपचुप ठेला संचालक और उसके पुत्र के साथ मारपीट कर धारदार वस्तु से हमला करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 21 मई को नाकापार पेट्रोल पंप स्थित आरा मिल के पास गुपचुप ठेला लगाने वाले प्रार्थी के पास आरोपी श्याम राज साहू पिता राजेश साहू और उसका साथी साजन कुमार कंसकारा पिता गंगाराम कंसकारा पहुंचे। दोनों ने 10 रुपये में पेट भर गुपचुप खिलाने की बात कही।

प्रार्थी द्वारा इतनी कम कीमत में गुपचुप नहीं मिलने की बात कहने पर दोनों आरोपी भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने अश्लील गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी और अपने पास रखी नुकीली धारदार वस्तु से हमला कर दिया। हमले में ठेला संचालक के कान के पीछे और पीठ-कमर में चोट आई। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके पुत्र पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया, जिससे उसके कान, कंधे और हाथ में चोटें आईं।

घटना की सूचना मिलते ही डोंगरगढ़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी साजन कंसकारा के खिलाफ पूर्व में भी थाना डोंगरगढ़ में एनडीपीएस एक्ट और मारपीट से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 296, 118(1), 351(2) और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस परिवारों के लिए बनेगा सामुदायिक भवन, SSP सिंह ने किया भूमि पूजन


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस परिवारों के सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए बिलासपुर पुलिस कॉलोनी निलयम तिफरा में सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा। शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई।

जानकारी के अनुसार एसएसपी रजनेश सिंह समय-समय पर निलयम कॉलोनी में निवासरत पुलिस परिवारों से रूबरू होने पहुंचते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि पुलिस परिवारों के सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए कोई उचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसके बाद उनके प्रयासों से जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ और सीएसआर मद से सामुदायिक भवन की स्वीकृति प्रदान की गई। सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद गुरुवार को भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा से पुलिस परिवारों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने इस पहल के लिए एसएसपी रजनेश सिंह का आभार व्यक्त किया।

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