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रामलला के दरबार में चोरी से आहत श्रद्धालु करेंगे पदयात्रा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

TODAY छत्तीसगढ़  /  अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुई चोरी की घटना के विरोध में बिलासपुर में 11 जुलाई को 'श्रीराम श्रद्धा पदयात्रा' निकाली जाएगी। आयोजकों का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं के प्रति एकजुटता प्रकट करना और घटना के दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग करना है।

आयोजकों के अनुसार, पदयात्रा 11 जुलाई को दोपहर 3 बजे तिलक नगर हनुमान मंदिर से शुरू होकर माँ महामाया मंदिर तक जाएगी।

श्रद्धा और आस्था को समर्पित होगी यात्रा

जारी प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी द्वारा कहा गया है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। मंदिर में हुई चोरी की घटना से देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

आयोजकों का दावा है कि बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के अनेक लोगों ने भी मंदिर निर्माण में सहयोग दिया था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

आयोजकों ने शासन और संबंधित जांच एजेंसियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल की सुरक्षा और गरिमा से समझौता न हो।

श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील

पदयात्रा के आयोजकों ने जिले के संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु यात्रा के निर्धारित मार्ग में अपने-अपने क्षेत्र से भी इसमें शामिल हो सकते हैं और माँ महामाया मंदिर तक यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।

छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान! केंद्र के पर्यटन महानिदेशक ने बनाई बड़ी रणनीति

TODAY छत्तीसगढ़  /  भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन सुमन बिल्ला के रायपुर आगमन पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने उनका स्वागत किया। वे भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर में आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में पर्यटन विषय के प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ पर्यटन के रोडमैप पर हुई चर्चा

बैठक में राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।

इस दौरान पारिस्थितिकी (इको) पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, पुरातात्विक पर्यटन, वन्यजीव पर्यटन, जनजातीय पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को विकसित कर स्थानीय रोजगार, उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

होम-स्टे और स्थानीय उत्पादों पर भी फोकस

बैठक में पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल प्रचार-प्रसार, होम-स्टे को बढ़ावा देने, स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन से जोड़ने तथा जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। साथ ही देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रभावी ब्रांडिंग और प्रचार रणनीति पर भी चर्चा की गई।

केंद्र-राज्य समन्वय से मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा

बैठक में केंद्र सरकार की पर्यटन योजनाओं का अधिकतम लाभ छत्तीसगढ़ को दिलाने, पर्यटन स्थलों के समग्र विकास और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने पर भी सहमति बनी।

सतत पर्यटन पर दिया विशेष व्याख्यान

दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में सुमन बिल्ला ने "सतत समृद्धि के आधार के रूप में पर्यटन : छत्तीसगढ़ में आजीविका सृजन, संस्कृति का संरक्षण और प्रकृति की सुरक्षा" विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। इसके बाद उन्होंने "आगे की राह – विचार मंथन" विषय पर संवादात्मक सत्र का भी संचालन किया।

इस दौरान पर्यटन को सुशासन, सतत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय आजीविका से जोड़ने के व्यावहारिक मॉडल पर विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों का मानना है कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। इससे राज्य की जैव विविधता, ऐतिहासिक धरोहर, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को व्यापक पहचान मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर भी बढ़ेंगे।

टेलर के पास जाने निकली थी किशोरी, 9 महीने बाद मिली... शादी का झांसा देने वाला गिरफ्तार

TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ पुलिस ने 'अभियान संवेदना' के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 9 महीने से लापता 17 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद किया है। पुलिस ने बालिका को कथित रूप से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

सिलाई के लिए घर से निकली थी किशोरी

पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर 2025 को बालिका के पिता ने पूंजीपथरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 21 सितंबर 2025 को कपड़े सिलवाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस ने BNS की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मुखबिर की सूचना से मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी राजेश कुमार बंजारे (30), निवासी ग्राम मनपसार, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, बालिका को सारंगढ़ बस स्टैंड से अपने साथ ले गया था।

सूचना के आधार पर 4 जुलाई 2026 को उपनिरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के घर पर दबिश दी। वहां से बालिका को सकुशल बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।

शादी का झांसा देकर ले जाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, महिला अधिकारी के समक्ष दर्ज बयान में बालिका ने बताया कि वर्ष 2025 में निर्माणाधीन मकान में मजदूरी के दौरान उसकी आरोपी से पहचान हुई थी। बाद में आरोपी ने प्रेम और शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ ले गया और उसके साथ शारीरिक शोषण किया।

बालिका के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले में BNS की धारा 87, 65(1) तथा POCSO Act की धारा 4 और 6 जोड़ दी।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं, नियमानुसार बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

'अभियान संवेदना' जारी रहेगा

रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि 'अभियान संवेदना' के तहत बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

नोट: यह समाचार रायगढ़ पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। आरोपों का अंतिम परीक्षण न्यायालय में विचारण के बाद होगा।

चरित्र शंका में हैवान बना पति! पत्नी को बुलेट से कई बार कुचलने का आरोप

TODAY छत्तीसगढ़  /  रायगढ़ जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या का प्रयास करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि घरेलू विवाद और चरित्र पर संदेह के चलते आरोपी ने अपनी पत्नी को पहले पीटा और फिर बुलेट मोटरसाइकिल से कई बार कुचलने की कोशिश की। घायल महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

प्रेम विवाह के बाद शुरू हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, पीड़िता गणेशी साहू (32) ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2014 में उसने अमित साहू (36) से प्रेम विवाह किया था। दोनों के दो बच्चे हैं। महिला का आरोप है कि विवाह के बाद से आरोपी शराब के नशे में अक्सर मारपीट और विवाद करता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर वह बच्चों को सास के पास छोड़कर अलग किराये के मकान में रहने लगी थी।

जन्मदिन पर साथ ले गया, फिर हुआ विवाद

शिकायत के मुताबिक, 30 जून को पीड़िता के जन्मदिन पर आरोपी ने भविष्य में शराब नहीं पीने और अच्छा व्यवहार करने का भरोसा देकर उसे अपने साथ ले गया। बाद में 3 जुलाई की रात वह उसे बुलेट मोटरसाइकिल से अपने घर कोड़ातराई ले गया, जहां चरित्र पर संदेह को लेकर विवाद शुरू हो गया।

महिला का आरोप है कि जब वह जान बचाने के लिए घर से बाहर भागी तो आरोपी ने अपनी बुलेट मोटरसाइकिल (CG-16-CQ-2698) से उसे टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद हत्या की नीयत से कई बार मोटरसाइकिल उसके ऊपर चढ़ाने की कोशिश की, जिससे उसके हाथ, गर्दन, सिर, जांघ, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। 

हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

पीड़िता की शिकायत पर जूटमिल थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी अमित साहू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्त कार्रवाई

रायगढ़ पुलिस ने बताया कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि घरेलू विवाद की आड़ में अपराध करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा या जानलेवा हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नोट: यह समाचार रायगढ़ पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। आरोपों का अंतिम परीक्षण न्यायालय में विचारण के बाद होगा।

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर बड़ा मंथन, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

TODAY छत्तीसगढ़  /  अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित कृषि मंडपम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, लाभांडी में सहकारिता क्षेत्र की चुनौतियों, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में सहकारिता की भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता, मार्कफेड के प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर के अध्यक्ष रामकिशुन सिंह ने किया।

मनाया जा रहा है सहकारी सप्ताह

कार्यक्रम में बताया गया कि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेशभर में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर यह विशेष आयोजन किया गया।

इन विषयों पर हुई चर्चा

पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में सहकारिता की भूमिका पर अपने विचार रखे। चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल रहे—

  • वनांचल क्षेत्रों में लघु वनोपज सहकारी समितियों की भूमिका
  • दुग्ध सहकारिता का विस्तार
  • महिला सशक्तिकरण में दुग्ध सहकारी संस्थाओं का योगदान
  • ग्रामीण रोजगार सृजन में मत्स्य सहकारी समितियों की भूमिका
  • नाबार्ड, अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों की जिम्मेदारियां

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

वक्ताओं ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी सहकारी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

बड़ी संख्या में प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर, राज्य सहकारी संघ, अपेक्स बैंक, मत्स्य विभाग, सहकारिता विभाग, लघु वनोपज संघ, दुग्ध महासंघ, सहकारी शक्कर कारखानों, एनसीडीसी तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा बड़ी संख्या में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के प्रतिनिधि और किसान भी उपस्थित रहे।

जीपीएम के 'विष्णु भोग' चावल की खुशबू पहुंची पुलिस मुख्यालय तक

TODAY छत्तीसगढ़  / गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रवास पर पहुंचे पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम का स्वागत जिले की विशिष्ट पहचान 'विष्णु भोग' चावल से किया गया। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने उन्हें महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे 'विष्णु भोग' चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया।

बिहान योजना से महिलाओं को मिल रही नई पहचान

कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बताया कि 'विष्णु भोग' चावल का उत्पादन बिहान योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय कृषि उत्पादों को नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को चावल की गुणवत्ता, उसकी विशेषताओं और उत्पादन से लेकर विपणन तक महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी की जानकारी भी दी।

DGP बोले- यह सिर्फ चावल नहीं, महिलाओं की मेहनत का प्रतीक

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि 'विष्णु भोग' चावल केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से जिले की विशिष्ट पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

देशभर में पहचान बनाने की उम्मीद

डीजीपी ने विश्वास जताया कि गुणवत्ता और परंपरा के साथ तैयार किए जा रहे ऐसे उत्पाद भविष्य में प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को बेहतर बाजार मिलेगा, जिससे ग्रामीण विकास को भी नई गति मिलेगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

पंडवानी की अमर आवाज को मुख्यमंत्री का नमन, एम्स पहुंचकर दी अंतिम श्रद्धांजलि

TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर पहुंचकर पद्म विभूषण और विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।

'छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को अपूरणीय क्षति'

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना और विलक्षण प्रतिभा के बल पर पंडवानी को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को देश-दुनिया में गौरव दिलाया और उनका निधन राज्य की सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है।

लोककला की महान साधिका को अंतिम नमन

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन लोककला के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उनकी कला और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

ये जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे और दिवंगत लोक कलाकार को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

करोड़ों दिलों पर गूंजती रहेगी तंबूरे की तान और बुलंद आवाज :  अरुण साव

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस दुखद खबर से हम सभी को गहरा आघात लगा है। उन्होंने प्रदेश की समृद्ध कला और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि पंडवानी की पहचान डॉ. तीजन बाई से थी। 

श्री साव ने कहा कि उनका जाना देश के लिए और छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी कभी भरपाई नहीं हो सकेगी। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। करोड़ों दिलों पर तंबूरे की तान एवं बुलंद आवाज गूंजती रहेगी। 



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