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नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा के लिए प्रशासन तैयार, 19 केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतज़ाम

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित की जा रही नीट-यूजी (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा के लिए ज़िला प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. यह परीक्षा रविवार, 21 जून को आयोजित की जाएगी.

प्रशासन के मुताबिक़, ज़िले भर में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 7,896 परीक्षार्थी इस री-एग्ज़ाम (पुनः परीक्षा) में शामिल होंगे.

परीक्षा के सुचारू और पारदर्शी संचालन के लिए बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और सुरक्षा, बैठक व्यवस्था, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का जायज़ा लिया.

परीक्षार्थियों के लिए क्या हैं नियम?

परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षार्थियों के लिए सख़्त नियम जारी किए हैं:

  • समय का ध्यान रखें: परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी. परीक्षार्थियों को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी परिस्थिति में एंट्री नहीं मिलेगी.

  • ये दस्तावेज़ हैं ज़रूरी: अभ्यर्थियों को अपने साथ प्रवेश पत्र (Admit Card), एक फ़ोटोयुक्त पहचान पत्र, निर्धारित पासपोर्ट और पोस्टकार्ड आकार की फ़ोटो, और एक पारदर्शी पानी की बोतल लाना अनिवार्य है.

  • इन चीज़ों पर है सख़्त पाबंदी: परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फ़ोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, पेन-पेंसिल, नोट्स, किताबें, बैग, वॉलेट, किसी भी प्रकार के आभूषण और खाने-पीने की चीज़ें ले जाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी.

कोचिंग सेंटर्स के प्रचार पर रोक और सुरक्षा व्यवस्था

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा.

प्रशासन ने एक अहम निर्देश जारी करते हुए परीक्षा केंद्रों के आस-पास किसी भी कोचिंग संस्थान या संगठन द्वारा बैनर-पोस्टर लगाने, प्रचार-प्रसार करने या परीक्षार्थियों को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है. आस-पास के इलाक़ों में पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी.

पति फ़ैक्ट्री में कर रहा था काम, पीछे से घर पहुंचा पड़ोसी... दुष्कर्म और ब्लैकमेल

TODAY छत्तीसगढ़  /   छत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िले में पुलिस ने एक 23 वर्षीय युवक को अपनी पड़ोसन के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने, ब्लैकमेल करने और चाकू से हमला करने के आरोप में गिरफ़्तार किया है.

यह मामला अभनपुर थाना क्षेत्र के कोलर गांव का है. पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार किए गए शख़्स की पहचान भास्कर जना (23) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ओडिशा के सोनापुर ज़िले का रहने वाला है.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, आरोपी और पीड़िता का परिवार कोलर गांव में एक ही मकान के अगल-बगल के कमरों में किराये पर रहते हैं. आरोपी, उसकी पत्नी और पीड़िता का पति—तीनों एक ही बिस्किट फ़ैक्ट्री में काम करते हैं.

शिकायत के मुताबिक़, 18 जून 2026 को सभी लोग हमेशा की तरह काम पर गए थे. आरोप है कि दोपहर के वक़्त भास्कर जना फ़ैक्ट्री से काम छोड़कर घर लौट आया. पुलिस का कहना है कि महिला को घर में अकेला पाकर आरोपी ज़बरदस्ती कमरे में घुस गया और चाकू की नोक पर डरा-धमकाकर उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया.

आरोप है कि इस दौरान उसने महिला की तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए. आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसे और उसके पति को जान से मार देगा.

हमला और गिरफ़्तारी

घटना के बाद किसी तरह महिला ने अपने पति को फ़ोन कर पूरी जानकारी दी. इसके बाद महिला का पति, आरोपी की पत्नी और मकान मालकिन फ़ैक्ट्री से सीधे घर पहुंचे.

पुलिस के मुताबिक़, जब इन लोगों ने आरोपी से घटना के बारे में पूछा, तो वह ग़ुस्से में आकर चाकू लेकर महिला के पति और मकान मालकिन को मारने दौड़ा. अपने बचाव में मकान मालकिन ने पास पड़े एक डंडे से आरोपी के सिर पर वार किया. इसके बाद आस-पड़ोस के लोगों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया और अभनपुर पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौक़े पर पहुंची और सबसे पहले घायल आरोपी का प्राथमिक उपचार कराया.

पीड़िता की शिकायत के आधार पर अभनपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (बलात्कार), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 333 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने आरोपी भास्कर जना को गिरफ़्तार कर लिया है और मामले में आगे की क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है.

नशे में गाड़ी चलाना पड़ेगा भारी, 1000 से ज़्यादा लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त अभियान चलाया है.

पुलिस के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, बीते महज़ पांच महीनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 2,021 चालकों पर क़ानूनी कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही, गंभीर रूप से ट्रैफ़िक नियमों को तोड़ने वाले 1,000 से अधिक लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड (निलंबित) किए गए हैं.

शाम 6 से रात 12 बजे के बीच सबसे ज़्यादा हादसे

बिलासपुर यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा भी की है. इस समीक्षा में यह बात सामने आई है कि शहर में सबसे ज़्यादा सड़क हादसे शाम 6:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे के बीच होते हैं.

पुलिस के मुताबिक़, इन हादसों की मुख्य वजहें तेज़ रफ़्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना और नशे की हालत में ड्राइविंग करना है. वहीं, दोपहिया वाहनों पर हेलमेट न पहनना और कारों में सीट बेल्ट न लगाना हादसों में जान जाने का सबसे बड़ा कारण बन रहा है. हादसों के इस 'पीक टाइम' को देखते हुए पुलिस रात के वक़्त विशेष चेकिंग अभियान चला रही है.

नशे में ड्राइविंग पर न्यायालय में पेशी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देशों के तहत शहर में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों (मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185) के चालान सीधे न्यायालय में पेश किए जा रहे हैं, जहाँ उन पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है.

इसके अलावा आईटीएमएस (ITMS) कैमरों के ज़रिए सिग्नल तोड़ने, बिना हेलमेट घूमने, ग़लत दिशा (रॉन्ग साइड) में चलने और मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाने वालों के ऑनलाइन ई-चालान भी काटे जा रहे हैं. पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत आदतन नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी तेज़ कर दी गई है.

हुड़दंग और स्टंट करने वालों पर पैनी नज़र

शहर के प्रमुख चौराहों पर स्टॉपर लगाकर पुलिस मुस्तैदी से चेकिंग कर रही है. ख़ास तौर पर ट्रिपल सवारी, स्टंट करने, मॉडिफ़ाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने वाले चालकों पर सख़्त निगरानी रखी जा रही है. यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर हमेशा धैर्य और सतर्कता के साथ गाड़ी चलाएं और सुरक्षा मानकों का पालन करें.

दावों की खुलती पोल: 60 साल पुराने जर्जर भवन में भविष्य गढ़ रहे छत्तीसगढ़ के नौनिहाल

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में एक सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति ने ग्रामीण इलाक़ों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

बिल्हा विकासखंड के हरदीकला गांव में स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के बच्चे एक ऐसे जर्जर और खपरैल वाले भवन में पढ़ने को मजबूर हैं, जिसका निर्माण क़रीब छह दशक पहले (साल 1966 में) हुआ था. बरसात के मौसम में इस भवन की जर्जरता बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा ख़तरा बन जाती है. 

"कहते हैं कि बच्चे देश का भविष्य हैं, लेकिन लगता है यह भविष्य आज भी 1966 की दीवारों के सहारे खड़ा है। हरदीकला गांव का सरकारी स्कूल मानो शिक्षा नहीं, सरकारी उदासीनता का जीवित स्मारक बन गया है।"

क्या है स्कूल की ज़मीनी हक़ीक़त?

हाल ही में 'स्वयं सिद्धा फाउंडेशन' नाम की एक संस्था ने इस स्कूल का दौरा किया और वहां की बदहाली पर चिंता ज़ाहिर की. जानकारी के मुताबिक़, इस स्कूल में छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा के कुल 286 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं. स्कूल में कमरों की इतनी कमी है कि सातवीं कक्षा की छात्राओं को एक कच्चे भवन में दो पालियों (शिफ़्ट) में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है. 

विडंबना देखिए, भाषणों में "विश्वस्तरीय शिक्षा" और "नए भारत" के सपने गढ़े जाते हैं, जबकि हक़ीक़त में कई स्कूल खुद अपनी आख़िरी सांसें गिन रहे हैं। 

जो कक्षाएं पक्के भवन में लग रही हैं, उनकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई गई है. कमरों की खिड़कियां टूटी हुई हैं और फ़र्श उखड़ा हुआ है. फाउंडेशन के अनुसार, स्कूल में साफ़-सफ़ाई और शौचालय जैसी सबसे बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को रोज़ाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

किसने क्या कहा?

एनजीओ की मांग: स्वयं सिद्धा फाउंडेशन की अध्यक्ष चंचल सलूजा ने कहा कि शिक्षा हासिल करने के लिए बच्चों को बेहद कठिन परिस्थितियों से गुज़रना पड़ रहा है. उन्होंने ज़िला प्रशासन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए नए भवन के निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए.

स्कूल प्रशासन का पक्ष: स्कूल के प्रधान पाठक ज्ञानेंद्र राय ने बताया कि उन्होंने भवन की इस ख़राब स्थिति की जानकारी उच्च अधिकारियों को पहले ही दे दी है. फ़िलहाल, स्कूल प्रबंधन नए भवन के निर्माण के लिए विभागीय मंज़ूरी और फंड आने का इंतज़ार कर रहा है.

अब समय केवल घोषणाओं और शिलान्यास का नहीं, बल्कि उन स्कूलों को सम्मानजनक और सुरक्षित बनाने का है, जहाँ से देश का भविष्य आकार लेता है। 

शिक्षा विभाग का आश्वासन: इस पूरे मामले पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) भूपेंद्र कौशिक का कहना है कि उन्हें स्थिति की जानकारी मिली है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही एक आधिकारिक टीम भेजकर स्कूल का मुआयना कराया जाएगा. निरीक्षण की रिपोर्ट ज़िला कार्यालय को भेजी जाएगी और फंड मिलते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा.

ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 40 लाख की धोखाधड़ी, पति-पत्नी गिरफ़्तार

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में पुलिस ने शेयर बाज़ार (ट्रेडिंग कंपनी) में भारी मुनाफ़ा कमाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक दंपती को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के मुताबिक़, आरोपियों ने ख़ुद को 'फ़ाइनेंशियल कंसल्टेंट' बताकर न सिर्फ़ नक़दी ऐंठी, बल्कि शिकायतकर्ता की एक परिचित के सोने के गहने भी बैंक में गिरवी रखकर पैसे निकाल लिए.

क्या है पूरा मामला?

जामुल थाना पुलिस के अनुसार, फातिमा अहमद (उर्फ़ स्वाती) नाम की महिला ने इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कराई थी. अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि सुपेला इलाक़े के रहने वाले पवन हरिहर सिंह (49) और उनकी पत्नी पिंकी सिंह (42) ने उन्हें ट्रेडिंग में निवेश कर बड़ा मुनाफ़ा कमाने का प्रलोभन दिया था.

आरोप है कि इस दंपती ने फातिमा को भरोसे में लेकर निवेश के नाम पर उनसे क़रीब 25 लाख रुपये ले लिए. बात यहीं नहीं रुकी; बताया जा रहा है कि आरोपियों ने फातिमा की सहेली रजनी बारसकर के सोने के ज़ेवर भी अपने क़ब्ज़े में ले लिए.

बाद में आरोपियों ने उन गहनों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित 'आईआईएफएल (IIFL) गोल्ड फाइनेंस' में अपने नाम से गिरवी रख दिया और वहां से लगभग 15 लाख रुपये का लोन ले लिया. इस तरह कुल मिलाकर क़रीब 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया.

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ़्तारी

धोखाधड़ी का एहसास होने पर जब मामले की शिकायत की गई, तो दोनों आरोपी फ़रार हो गए. जामुल पुलिस ने नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय न्याय संहिता' (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने मुखबिरों की सूचना और तकनीकी सुरागों के आधार पर घेराबंदी कर 19 जून 2026 को आरोपी पवन और पिंकी सिंह को गिरफ़्तार कर लिया.

पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया है. पुलिस ने इनके पास से ठगी और सोने को गिरवी रखने से जुड़े कई अहम दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं. दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है.

चोरी के गहने ख़रीदने के आरोप में महिला गिरफ़्तार, तीन अन्य भी पकड़े गए

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में पुलिस ने घर में घुसकर चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है. पाटन थाना पुलिस और एसीसीयू (ACCU) दुर्ग की संयुक्त टीम ने इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है. इसके अलावा, चोरी का सामान ख़रीदने के आरोप में रायपुर की एक महिला को भी पकड़ा गया है.

पुलिस के मुताबिक़, आरोपियों के पास से सोने के गहने और नक़दी बरामद की गई है, जिनकी कुल क़ीमत तक़रीबन 1 लाख 43 हज़ार रुपये आंकी गई है.

कैसे पकड़े गए आरोपी?

पाटन थाना क्षेत्र में एक महिला (प्रार्थिया) के घर हुई चोरी के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. इलाक़े में चोरी की घटनाओं को रोकने और आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की एक विशेष टीम संदिग्धों पर लगातार नज़र रख रही थी.

मुखबिरों से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों (टेक्निकल सर्विलांस) के आधार पर शुक्रवार, 19 जून 2026 को पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान तीनों ने पैसों के लालच में चोरी की इस घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली.

रायपुर में बेचे गए थे चोरी के गहने

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चोरी किए गए गहने रायपुर की रहने वाली एक महिला को बेचे हैं. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 33 वर्षीय सिल्की देवांगन (निवासी चंगोराभाठा, रायपुर) को भी गिरफ़्तार कर लिया.

इस मामले में गिरफ़्तार किए गए अन्य तीन आरोपियों की पहचान मानषु टण्डन (20), अजित बंधेल (21) और खिलेश्वर पटेल (23) के रूप में हुई है. ये तीनों पाटन इलाक़े के ही अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं.

पुलिस ने आरोपियों और ख़रीदार महिला के पास से एक सोने का गुलबंद, एक जोड़ी सोने की बालियां (इयररिंग) और 10,000 रुपये नक़द ज़ब्त किए हैं. काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत (रिमांड) में भेज दिया गया है.

#VIDEO: बम की तरह फटा जेसीबी का टायर, हवा में उछला 18 साल का युवक

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक निर्माण स्थल पर हुए गंभीर हादसे में एक 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं.

पुलिस के अनुसार, यह घटना आज (शुक्रवार) दोपहर चकरभाठा थाना क्षेत्र के बोदरी स्थित एक निर्माणाधीन कॉलोनी (फॉर्च्यून एलिमेंट) में हुई. हादसा उस वक़्त हुआ जब मरम्मत के बाद एक जेसीबी मशीन के टायर में हवा भरी जा रही थी और टायर अचानक तेज़ धमाके के साथ फट गया.

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों और घटना के सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक़, परिसर में जेसीबी के पंक्चर टायर को सुधारने का काम चल रहा था. मरम्मत के बाद जब उसमें हवा भरी जा रही थी, तभी एक ज़ोरदार धमाका हुआ.

धमाके का दबाव इतना ज़्यादा था कि वहां पास खड़ा हेल्पर हवा में काफ़ी ऊपर उछल कर ज़मीन पर आ गिरा. पुलिस के मुताबिक़, गंभीर चोटें आने की वजह से मौक़े पर ही उसकी मौत हो गई.

मृतक की पहचान 18 वर्षीय उमाकांत कौशिक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सीपत क्षेत्र का रहने वाला था और वहां हेल्पर के तौर पर काम करता था.

अस्पताल में घायलों का इलाज जारी

इस ज़ोरदार धमाके की चपेट में आकर मौक़े पर मौजूद तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें जेसीबी का ऑपरेटर और एक मैकेनिक शामिल हैं.

हादसे के तुरंत बाद निर्माण स्थल पर अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया. वहां काम कर रहे अन्य मज़दूरों और कर्मचारियों की मदद से घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है.

पुलिस कर रही है मामले की जांच

घटना की सूचना मिलते ही चकरभाठा थाने की पुलिस मौक़े पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही घटना का सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्ज़े में ले लिया है.

प्रशासनिक स्तर पर इस बात की जांच की जा रही है कि भारी मशीनों और बड़े टायरों की मरम्मत के दौरान कार्यस्थल पर ज़रूरी सुरक्षा मानकों (सेफ़्टी स्टैंडर्ड) का पालन किया जा रहा था या नहीं.


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