बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आधुनिक ट्रैक मशीनों के माध्यम से रेल पथ अनुरक्षण कार्यों में तेजी लाने का दावा किया है। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रेलवे के लगभग 5,500 ट्रैक किलोमीटर के नेटवर्क पर प्रतिदिन 400 से अधिक यात्री और मालगाड़ियों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित अनुरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
रेलवे के अनुसार, ट्रैक अनुरक्षण में आधुनिक मशीनों के उपयोग से कार्य अधिक तेज, सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा रहे हैं। इससे ट्रैक कर्मियों की सुरक्षा बढ़ने के साथ ही ट्रेनों के परिचालन पर भी न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (1 अप्रैल से 30 जून 2026) के दौरान ट्रैक मशीनों की मदद से 2,042 किलोमीटर प्लेन ट्रैक टैंपिंग, 907 टर्नआउट टैंपिंग, 102 किलोमीटर डीप स्क्रीनिंग (गिट्टी छनाई), 50 किलोमीटर ट्रैक रिन्यूअल तथा 58 टर्नआउट रिन्यूअल का कार्य पूरा किया गया।
रेलवे के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 92 आधुनिक ट्रैक मशीनें कार्यरत हैं। इनमें सीएसएम, ड्योमैटिक, एमपीटी, यूनिमेट, बीसीएम, एफआरएम, पीक्यूआरएस, टी-28, बीआरएम, डीजीएस और यूटीवी जैसी मशीनें शामिल हैं। इनके संचालन एवं रखरखाव के लिए लगभग 900 प्रशिक्षित कर्मचारी कार्यरत हैं।
नागपुर–झारसुगुड़ा मुख्य रेलखंड पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से ट्रेनों के संचालन को ध्यान में रखते हुए उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैक अनुरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि आधुनिक ट्रैक मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, विश्वसनीय और समयबद्ध रेल परिचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।








