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ऑनलाइन लोन के कर्ज ने बनाया चोर, सूने मकानों को बनाता था निशाना

दुर्ग।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की आठ वारदातों का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 32 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल, दो चारपहिया वाहन, एक दोपहिया वाहन तथा चोरी में प्रयुक्त औजार बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए विशेष अभियान चलाया गया। कई दिनों तक रात्रिकालीन गश्त, सघन नाकेबंदी, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

10 जुलाई की रात नाकेबंदी के दौरान एक संदिग्ध सफेद इंडिगो कार को रोकने का प्रयास किया गया। चालक वाहन लेकर भागने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी में कार से दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, सब्बल, पेचकस और स्क्रूड्राइवर बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में हुई आठ चोरी की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया।

ऑनलाइन लोन के कर्ज ने बनाया चोर

मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा (41) निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जामुल, वर्ष 2011 से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में कार्य कर रहा था और हर माह 60 से 70 हजार रुपये कमाता था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि विभिन्न ऑनलाइन लोन ऐप से कर्ज लेने के बाद बढ़ते ब्याज और आर्थिक संकट के कारण उसने चोरी करना शुरू कर दिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले सूने मकानों की रेकी करता था। रात में सब्बल और अन्य औजारों की मदद से घरों में घुसकर सोने-चांदी के जेवर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य कीमती वस्तुएं चोरी करता था। चोरी के सोने के आभूषणों को मुथूट फाइनेंस, आईआईएफएल फाइनेंस और बजाज गोल्ड फाइनेंस जैसी कंपनियों में गिरवी रखकर ऋण लेता था। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया अपनाकर गिरवी रखे गए जेवर भी बरामद कर लिए हैं।

इस मामले में पुलिस ने तुषार मिश्रा (40) निवासी कैलाश नगर, भिलाई को भी गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि चोरी से प्राप्त कुछ रकम उसके बैंक खाते में भी ट्रांसफर की गई थी।

बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों से करीब 168 ग्राम सोने के आभूषण (अनुमानित कीमत ₹25 लाख), 150 ग्राम चांदी के आभूषण, दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, चोरी में प्रयुक्त औजार, एक इंडिगो कार, एक फोर्ड इकोस्पोर्ट और एक एक्सेस स्कूटी सहित कुल लगभग 32 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है।

प्रारंभिक जांच में आरोपियों ने साकेत कॉलोनी, मधुबन नगर, विराट नगर, सुंदर नगर, जगदीश विहार और धनोरा सहित कुल आठ मामलों में चोरी करना स्वीकार किया है। 


प्यार में सनक: बात नहीं की तो ले ली जान, हत्या के बाद कपड़े नदी में फेंके

भिलाई।  TODAY छत्तीसगढ़  /  दुर्ग जिले के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में एकतरफा प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।

पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे मृतका खुशी साहू की रूममेट ने उसके परिजनों को सूचना दी कि वह किराये के कमरे में गंभीर रूप से घायल अवस्था में खून से लथपथ पड़ी है। युवती को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर वैशाली नगर थाना में अपराध क्रमांक 285/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसीसीयू (ACCU) टीम ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए लाकेश्वर साहू उर्फ पिंटू (24) निवासी सकरी वार्ड क्रमांक-12, बजरंग चौक, जिला बलौदाबाजार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे 11 जुलाई को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। 

पहले से बनाई थी हत्या की योजना

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवती से एकतरफा प्रेम करता था। युवती द्वारा बातचीत से लगातार इंकार किए जाने पर उसने पहले से हत्या की योजना बनाई। वह रायपुर से धारदार हथियार लेकर भिलाई पहुंचा। पहचान छिपाने के लिए उसने दो शर्ट और पैंट के अंदर बरमूडा पहन रखा था।

कमरे में विवाद के दौरान आरोपी ने पहले युवती का गला दबाया, फिर धारदार हथियार से शरीर के विभिन्न हिस्सों पर कई प्राणघातक वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद उसने अपने पहने हुए कपड़े और जूते नदी में फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास भी किया।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। आरोपी के विरुद्ध धारा 103(1) बीएनएस के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत भी कार्रवाई कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। कानून अपने हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 


'डिजिटल अरेस्ट' का झांसा देकर ₹1.04 करोड़ की ठगी, 2 और आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 82 वर्षीय महिला से ₹1.04 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक निवासी 82 वर्षीय महिला के मोबाइल पर अज्ञात साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप संदेश और वीडियो कॉल किया। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को यह कहकर डराया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा है और उन पर मनी ट्रांसफर में सहयोग करने का आरोप है। साथ ही उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई।

आरोपियों ने महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर मानसिक दबाव बनाया और अलग-अलग बैंक खातों में ₹1,04,80,000 ट्रांसफर करा लिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज साइबर थाना ने तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच में मिले नए साक्ष्यों के आधार पर शनिवार को राहुल प्रकाश कामडी (38), निवासी ताजेश्वर नगर, नागपुर और गौरव रमाकांत मिश्रा (27), निवासी वसंत नगर, नागपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति गिरफ्तारी या जांच का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाए, तो यह साइबर ठगी है। ऐसे मामलों में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें।


बाघ की मौत या कुछ और? बांधवगढ़ में कंकाल मिलने से मचा हड़कंप

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला परिक्षेत्र में मानसूनी गश्ती के दौरान एक संदिग्ध बाघ का कंकाल मिला है। वन विभाग ने एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच कर सैंपल एकत्र किए हैं, जिनसे वन्यप्राणी की प्रजाति और लिंग की पुष्टि की जाएगी।
उमरिया।  TODAY छत्तीसगढ़  / मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला परिक्षेत्र अंतर्गत मझखेता बीट में मानसूनी गश्ती के दौरान एक मांसाहारी वन्यप्राणी का कंकाल मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही क्षेत्र संचालक, उप संचालक, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे।

घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड की सहायता से सर्च अभियान चलाया गया तथा मेटल डिटेक्टर से भी क्षेत्र की जांच की गई, ताकि किसी अन्य साक्ष्य का पता लगाया जा सके।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने TODAY छत्तीसगढ़ से मोबाईल पर हुई बातचीत में बताया कि वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी के प्रारंभिक निरीक्षण में कंकाल बाघ का होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के निर्धारित दिशा-निर्देशों और मानक प्रोटोकॉल के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कंकाल का परीक्षण कराया गया।

जांच के दौरान वन्यप्राणी की प्रजाति और लिंग की पुष्टि के लिए आवश्यक जैविक सैंपल एकत्र किए गए। दस्तावेजीकरण और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंकाल का विधिवत दाह संस्कार कर दिया गया।

गौरतलब है कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून के कारण बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर जोन में पर्यटन पूरी तरह बंद रहता है। इस अवधि में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष मानसूनी गश्ती अभियान संचालित किया जाता है।

वन विभाग के अनुसार इस वर्ष रिजर्व के 9 रेंज (6 कोर और 3 बफर) में लगभग 900 से अधिक सुरक्षाकर्मी, 175 कैंपों में रुककर 300 संवेदनशील स्थलों पर निगरानी कर रहे हैं। गश्ती के लिए 600 निर्धारित रूट बनाए गए हैं। दुर्गम क्षेत्रों में निगरानी के लिए हाथियों और ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है।

वन विभाग ने बताया कि कंकाल की अंतिम पहचान और मौत के कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। 


नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और पुनर्वास पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान

रायपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  / उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन नक्सल आरोपियों के विरुद्ध गंभीर जनहानि के मामले नहीं हैं, उनके प्रकरणों की विधिसम्मत समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके लिए विधि विभाग की सहायता से अभियोजन अधिकारियों और शासकीय वकीलों की टीम गठित की जाएगी तथा प्रकरण वापसी की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की जाएगी।

नक्सल मुक्त गांवों को मिलेगा ₹1 करोड़

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे गांवों के तीव्र विकास के लिए नक्सल मुक्त घोषित प्रत्येक ग्राम में एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। प्रथम चरण में 50 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं।

15 अगस्त को हर नक्सल मुक्त गांव में फहरेगा तिरंगा

उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त गांवों में तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे।

पीड़ित परिवारों को मिलेगा आवास और सहायता

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां शहीद जवानों और पीड़ित नागरिकों की स्मृति में सामुदायिक स्मारक भी बनाए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री ने जिलावार नक्सली घटनाओं में शहीद हुए जवानों और मृत नागरिकों के परिजनों को दी गई सहायता तथा लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पात्र परिवारों को शासन की सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

एक माह में मिलेगा प्रोत्साहन राशि का भुगतान

श्री शर्मा ने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर पुनर्वासित हुए युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि एक माह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही नक्सल पीड़ितों एवं पुनर्वासितों से संबंधित सभी जानकारी डिजिटल डैशबोर्ड में दर्ज करने को कहा।

उन्होंने माओवादियों द्वारा लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए अंतर्राज्यीय समन्वय समिति गठित करने तथा अभियान के दौरान जंगलों में कोई हथियार न छूटे, यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में गृह विभाग, पुलिस विभाग और संबंधित नक्सल प्रभावित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नई आपराधिक कानूनों के लिए पुलिस को मिला डिजिटल हथियार

राजनांदगांव पुलिस ने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के 150 विवेचकों को स्मार्ट मोबाइल वितरित किए हैं। इन मोबाइलों की मदद से डिजिटल साक्ष्य संकलन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और तकनीक आधारित वैज्ञानिक विवेचना को बढ़ावा मिलेगा।
राजनांदगांव ।  TODAY छत्तीसगढ़  / नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी और तकनीक आधारित क्रियान्वयन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा उपलब्ध कराए गए स्मार्ट मोबाइल शनिवार को राजनांदगांव पुलिस कार्यालय में जिले के 150 विवेचकों को वितरित किए गए।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) ने विवेचकों को स्मार्ट मोबाइल सौंपते हुए कहा कि नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद विवेचना प्रक्रिया में तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल से डिजिटल साक्ष्य संकलन, फोटो एवं वीडियो दस्तावेजीकरण, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, विभिन्न पुलिस एप्लिकेशन के उपयोग तथा त्वरित सूचना आदान-प्रदान के माध्यम से जांच को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाया जा सकता है।

पुलिस अधीक्षक ने विवेचकों को निर्देश दिए कि स्मार्ट मोबाइल का उपयोग केवल शासकीय कार्यों के लिए करें तथा नवीन कानूनों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक विवेचना सुनिश्चित करें। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों के समुचित संकलन और तकनीक के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन, उप पुलिस अधीक्षक श्री के.पी. मरकाम सहित जिले के सभी विवेचक उपस्थित रहे। विवेचकों ने पुलिस मुख्यालय और पुलिस अधीक्षक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्मार्ट मोबाइल से विवेचना कार्य अधिक सरल, तेज और प्रभावी होगा तथा शासकीय कार्यों के निष्पादन में सुविधा मिलेगी। 

राजनांदगांव पुलिस ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीक आधारित विवेचना और नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने के लिए विभाग लगातार प्रतिबद्ध है। 


चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई, पुलिस ने आरोपी को दबोचा, बाइक भी बरामद

पटना (कोरिया)।  TODAY छत्तीसगढ़  /  थाना पटना पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की।

पुलिस अधीक्षक कोरिया के निर्देशन तथा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रमोद पांडे के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। मामला थाना पटना के अपराध क्रमांक 191/2026 के तहत धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में दर्ज किया गया था।

प्रार्थी मनोज कुमार देवांगन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 07 LZ 7582) अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ली गई है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की।

मुखबिर से प्राप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने सोमा सिंह (35 वर्ष), निवासी ग्राम महोरा, थाना पटना, जिला कोरिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर विधिवत जब्त की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।


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