TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर ज़िले में हिर्री थाना पुलिस ने उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की चोरी और उसमें मिलावट करने के मामले में एक महीने से फ़रार चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक़, पकड़े गए अभियुक्त का नाम रिज़वान खान (25 वर्ष) है, जो रतनपुर का रहने वाला है. मंगलवार (30 जून) को गिरफ़्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत पर जेल भेज दिया गया है. इस मामले में पुलिस डिपो संचालक और ट्रक ड्राइवरों सहित 5 लोगों को पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है.
कैसे होती थी कोयले की हेराफेरी?
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पेंड्रा निवासी आशीष केशरी ने इस मामले में शिकायत दर्ज़ कराई थी. आशीष एसईसीएल की खदानों से कोयला लिफ्टिंग और ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं.
खदान से निकला उच्च गुणवत्ता का कोयला: शिकायत के मुताबिक़, एसईसीएल के अमेरा विश्रामपुर क्षेत्र की खदान से तीन ट्रेलरों (CG 15 EC 9200, CG 15 EC 7400, CG 30 H 2900) में उच्च गुणवत्ता (G-6 ग्रेड) का कोयला लोड कर सिलतरा स्थित 'गोपाल स्पंज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड' के लिए भेजा गया था.
रास्ते में खेल: रास्ते में पेंड्रीडीह के पास अभियुक्त गंगा साहू और रिज़वान खान ने इन ट्रेलरों को रोक लिया. वे ट्रेलरों को नरेश अग्रवाल के कोल डिपो में ले गए.
मिलावट (Modus Operandi): डिपो में तीनों ट्रेलरों से 5-5 टन उच्च गुणवत्ता वाला कोयला उतार लिया गया और वज़न बराबर करने के लिए उसमें निम्न गुणवत्ता (4700 GCV) का ख़राब कोयला मिला दिया गया, जिसे बाद में प्लांट में अनलोड किया गया.
एक महीने से फ़रार था अभियुक्त रिज़वान
शिकायत मिलने के बाद हिर्री पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(3), 317(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज़ किया था.
इस मामले में पुलिस ने बीते 25 मई को बड़ी कार्रवाई करते हुए डिपो संचालक नरेश कुमार अग्रवाल, वाहन मालिक गंगा प्रसाद साहू और तीनों ट्रेलरों के ड्राइवरों (फ़िरोज़ अंसारी, निसार अंसारी और इमरान अंसारी) को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था.
घटना के दिन से ही मुख्य अभियुक्तों में से एक रिज़वान खान फ़रार चल रहा था. पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी और आख़िरकार 30 जून को उसे गिरफ़्तार करने में सफलता मिली.






