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सड़क हादसा: अमरकंटक जा रहे पांच दोस्तों की कार पेड़ से टकराई, दो की मौत


बिलासपुर |
  TODAY छत्तीसगढ़  / अमरकंटक की ओर जा रहे पांच दोस्तों की एक तेज़ रफ्तार कार के पेड़ से टकरा जाने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और एक युवक का शव वाहन में फंस गया। पुलिस के मुताबिक, कार (क्रमांक CG 04 QJ 2152) रायपुर से आमागोहन होते हुए मरहीमाता रोड के रास्ते अमरकंटक जा रही थी। सुबह करीब 9:30 बजे जब वाहन ग्राम भस्को के पास पहुंचा, तभी वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई।

दो की मौत, तीन की हालत गंभीर

हादसे में पीछे की सीट पर बैठे रामकुमार धीवर (45), निवासी कचना, रायपुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं राजकुमार साहू ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कार चालक नीलेश्वर धीवर (38), निवासी दलदल सिवनी, रायपुर, सुखसागर मानिकपुरी (39) निवासी मजेठा, आरंग और अमित चंद्रवंशी (39) निवासी दलदल सिवनी, मोवा रायपुर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। तीनों को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही बेलगहना चौकी प्रभारी हेमंत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और चालक के दोनों पैर टूटकर वाहन में फंस गए थे। पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज़ रफ्तार और सड़क की स्थिति को माना जा रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। 

तमनार घटना: महिला कांग्रेस की निंदा, सरकार पर संवादहीनता और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल


रायपुर |
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के तमनार क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मियों के साथ हुई घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गई हैं। फूलोदेवी नेताम ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फूलोदेवी नेताम ने कहा कि तमनार में महिला टीआई और महिला आरक्षक के साथ जो घटना घटी, वह बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राज्य में इस तरह का माहौल पहले कभी देखने को नहीं मिला।

कोल माइंस परियोजना और स्थानीय विरोध

नेताम ने बताया कि रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र के गारे पेलमा सेक्टर-1 में जिंदल स्टील को ओपन कास्ट कोयला खदान आवंटित की गई है। इसके लिए 8 दिसंबर को जनसुनवाई आयोजित की गई थी, लेकिन क्षेत्र के ग्रामीण, आदिवासी और स्थानीय निवासी शुरुआत से ही इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं।

उनके अनुसार, प्रभावित 14 गांवों के लोग अपनी पुश्तैनी ज़मीन देने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला उत्खनन से खेती-बाड़ी, जंगल और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। नेताम ने कहा कि स्थानीय लोग लंबे समय से सरकार से संवाद और समाधान की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार या प्रशासन की ओर से किसी भी स्तर पर उनसे बातचीत का प्रयास नहीं किया गया।

संवाद की कमी और बढ़ता तनाव

फूलोदेवी नेताम का कहना है कि संवाद की कमी के कारण प्रदेश में तनावपूर्ण स्थिति बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कार्यकाल में राज्य में अराजकता का माहौल बनता जा रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है। उन्होंने कहा, “आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया जाना दुखद है और महिला पुलिस कर्मियों के साथ हुई घटना भी उतनी ही पीड़ादायक है। दोनों ही घटनाएँ चिंता का विषय हैं।”

सरकार पर लगाए आरोप

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि भारतीय जनता पार्टी की “डबल इंजन सरकार” में जनता क्यों लगातार आक्रोशित हो रही है और क्यों लोग कानून अपने हाथ में लेने को मजबूर हो रहे हैं। उनके अनुसार, राज्य की स्थिति अब चिंताजनक होती जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जल, जंगल और ज़मीन को केवल पूंजीपतियों के लिए मानकर चल रही है और जो लोग अपनी बात मुखरता से रखते हैं या आंदोलन करते हैं, उनके साथ बिना संवाद के बल प्रयोग किया जा रहा है। नेताम ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान हुई एक व्यक्ति की मृत्यु के लिए भी सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

महिला सुरक्षा पर सवाल

फूलोदेवी नेताम ने कहा कि यदि राज्य में महिला टीआई और महिला आरक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की कल्पना करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इस घटना को महिला सुरक्षा के लिहाज़ से भी बेहद गंभीर बताया। इस संबंध में जानकारी वंदना राजपूत की ओर से दी गई है।

समापन समारोह: राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में लोक, सूफी और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपरा और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव के मंच पर एक के बाद एक प्रस्तुत हुईं मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। संगीत, लोकधुनों और सूफियाना अंदाज़ से सजे इस आयोजन में युवाओं के साथ-साथ हर आयु वर्ग के दर्शकों में खासा उत्साह रहा। 

कार्यक्रम की शुरुआत स्वप्निल बैंड की शानदार और ऊर्जावान प्रस्तुति से हुई। बैंड ने देशभक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति देकर पूरे माहौल को देशभक्ति भावना से भर दिया। बैंड द्वारा प्रस्तुत वंदेमातरम्, छाप तिलक और तेरी दीवानी  जैसे लोकप्रिय गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए। विशेष रूप से गीतकार राकेश शर्मा के गीतों ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया। 

सुप्रसिद्ध लोक गायिका आरू साहू ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की भावनात्मक प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने मैया… जसगीत, जय श्री राम, सुआ गीत और पंथी, पचरा गीत की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दियाउनकी गायकी में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, आस्था और परंपरा की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। पंथी गीत पर दर्शकों ने विशेष उत्साह दिखाया और तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया,युवा उनके गीतों पर झूमते नजर आए। 

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए काफिला बैंड ने अपने सूफियाना गीतों की प्रस्तुति से पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। सूफी संगीत की गहराई और भावनात्मकता ने श्रोताओं को आत्मिक शांति का अनुभव कराया। बैंड की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं, बस्तर बैंड ‘दायरा’ की जोशीली और दमदार प्रस्तुति ने  दर्शकों को उत्साह से भर दिया। पारंपरिक और आधुनिक संगीत के मिश्रण से सजी उनकी प्रस्तुति पर युवा दर्शक खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। बस्तर अंचल की सांस्कृतिक छाप लिए इस प्रस्तुति ने युवाओं को उत्साहित किया।

राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य है। राज्य युवा महोत्सव युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अनुज शर्मा,महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे मौजूद थे। 

छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 की लॉन्चिंग

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस महोत्सव में प्रदेश भर से 3 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें 8 दलीय एवं 6 एकल विधाएं शामिल हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला एवं कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएं नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में खेल की अपार संभावनाएं हैं और प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है।

  इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने रिमोट का बटन दबाकर ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026’ का शुभारंभ किया। साथ ही खेलों के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक श्री अमित कुमार द्वारा टॉर्च का अनावरण किया गया, जो खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विविध संस्कृतियों को जोड़ते हुए ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’’ की भावना को सशक्त करता है। मुख्यमंत्री ने खेल अलंकरण समारोह को पुनः प्रारंभ करने, खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने की मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

  केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है। केंद्र और राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। यह युवा महोत्सव प्रदेश भर के युवाओं की प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच है। उद्घाटन समारोह में सुदूर वनांचल अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने सराहा।

  उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर में राज्य युवा महोत्सव और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन ऐतिहासिक अवसर है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार प्रतिभा और क्षमता है, जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 3 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और युवा शक्ति का जीवंत उदाहरण है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वर्ष 2025 में ऐतिहासिक बस्तर ओलंपिक का आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं का आयोजन कर युवाओं और खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन एवं राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खेल और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए जिले में भी प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जाएगा और उन्हें राज्य स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा। 

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और जनजातीय अंचलों के युवा आज राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण युवा एवं कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने दिया। कार्यक्रम में संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

कल छत्तीसगढ़ बंद: छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने धर्मांतरण की घटनाओं की निंदा की


रायपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने कांकेर जिले में मिशनरियों द्वारा स्थानीय जनजातीय समाज के कथित धर्मांतरण की घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की है। एसोसिएशन ने इसे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की सभी 120 इकाइयाँ इस मुद्दे पर एकजुट हैं और धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा 24 दिसंबर 2025 को आहूत छत्तीसगढ़ बंद का पूर्ण समर्थन करती हैं।

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्य व्यापारियों से अपील की है कि वे कांकेर में सनातनी जनजातीय समाज के खिलाफ हो रही कथित गतिविधियों के विरोध में अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। साथ ही, अपने-अपने क्षेत्रों में शांतिपूर्ण ढंग से क्षेत्रीय प्रदर्शन कर प्रशासन तक अपनी बात पहुँचाएँ, ताकि न केवल कांकेर बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

एसोसिएशन का कहना है कि जनजातीय समाज की आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना समाज का सामूहिक दायित्व है। किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह जानकारी छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के सचिव प्रकाश गोलछा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।

Chhattisgarh Wildlife : कोरगांव जंगल में मृत मिला तेंदुआ, चारों पंजे गायब


कुरुद । 
 TODAY छत्तीसगढ़  / मगरलोड ब्लॉक के कोरगांव जंगल में एक तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया है। तेंदुए के चारों पैर के पंजे गायब होने से वन विभाग में खलबली मच गई है। इस घटना ने वन्य प्राणियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात शिकारियों ने तेंदुए का शिकार कर उसके पंजे काटकर ले गए।

जानकारी के अनुसार मगरलोड तहसील के उत्तर सिंगपुर वन कक्ष क्रमांक 23 में 22 दिसंबर को ग्रामीणों ने जंगल में तेंदुए का शव देखा, जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच शुरू की।

प्रभारी डीएफओ ससिगानन्धन ने बताया कि मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तेंदुए की मौत शिकार के कारण हुई है या किसी अन्य वजह से। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है। अज्ञात शिकारियों की तलाश के लिए जंगल सफारी रायपुर की डॉग स्क्वायड टीम को धमतरी बुलाया गया है। जंगल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 14 दिसंबर को राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ स्थित कोपेनवागांव क्षेत्र में भी एक तेंदुआ मृत मिला था, जिसका जबड़ा और पंजे अज्ञात शिकारियों द्वारा काटकर ले जाए गए थे। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में भीषण आग, फर्नीचर फैक्ट्री धू-धू कर जली


बिलासपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र स्थित मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में मंगलवार दोपहर ज्वलनशील तारपीन तेल के टैंकर में आग लगने से भीषण हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से फैक्ट्री का एक श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे उपचार के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, एक अन्य श्रमिक अभिजीत सूर्यवंशी के फैक्ट्री परिसर में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय फैक्ट्री परिसर में बने तारपीन तेल के भंडारण टैंकर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही पलों में टैंकर में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। 

घटना की सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों ने फोम और पानी का लगातार छिड़काव किया। एहतियात के तौर पर फैक्ट्री परिसर को पूरी तरह खाली करा लिया गया है। साथ ही आसपास की औद्योगिक इकाइयों को भी अलर्ट कर दिया गया है, ताकि आग फैलने की कोई आशंका न रहे।

प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि शॉर्ट सर्किट अथवा किसी ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आने से आग लगने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस व प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है।

साहित्य जगत में शोक, नहीं रहे प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने कहा है कि हिन्दी के शीर्ष कवि-कथाकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया है. वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और इसी अस्पताल में भर्ती थे. पिछले ही महीने उन्हें हिन्दी साहित्य के सर्वोच्च सम्मान, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 1 जनवरी 1937 को जन्मे विनोद कुमार शुक्ल, लगभग नौ दशक के जीवन-सफर के साथ, हिन्दी साहित्य में ऐसे लेखक के रूप में प्रतिष्ठित थे, जो बहुत धीमे बोलते थे लेकिन जिनकी साहित्यिक आवाज़ दूर-दूर तक सुनाई देती थी.

मध्यमवर्गीय, साधारण और लगभग अनदेखे रह जाने वाले जीवन को उन्होंने अपनी कविताओं, कहानियों और उपन्यासों में अद्भुत कोमलता और सूक्ष्मता के साथ जगह दी. उनके यहाँ एक साधारण कमरा, एक खिड़की, घास का छोटा-सा टुकड़ा, एक पेड़ भी, पूरे ब्रह्मांड की तरह खुल जाता है.

उनका पहला कविता-संग्रह 'लगभग जय हिन्द' 1971 में प्रकाशित हुआ, जिसके साथ ही उनकी विशिष्ट भाषिक बनावट, चुप्पी और भीतर तक उतरती संवेदनाएँ हिन्दी कविता के परिदृश्य में दर्ज होने लगीं.

इसके बाद 'वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह', 'सब कुछ होना बचा रहेगा', 'अतिरिक्त नहीं', 'कविता से लंबी कविता', 'आकाश धरती को खटखटाता है', 'पचास कविताएँ', 'कभी के बाद अभी', 'कवि ने कहा', 'चुनी हुई कविताएँ' और 'प्रतिनिधि कविताएँ' जैसे संग्रहों ने उन्हें समकालीन हिन्दी कविता के सबसे मौलिक स्वरों में शामिल कर दिया.

कथा-साहित्य में उनके उपन्यास 'नौकर की कमीज़' ने 1979 में हिन्दी कहानी और उपन्यास की धारा को एक अलग मोड़ दिया. इस उपन्यास पर बाद में मणि कौल ने फ़िल्म भी बनाई. आगे चलकर 'खिलेगा तो देखेंगे', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी', 'हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़', 'यासि रासा त' और 'एक चुप्पी जगह' के माध्यम से उन्होंने लोकआख्यान, स्वप्न, स्मृति, मध्यवर्गीय जीवन और मनुष्य की जटिल आकांक्षाओं को एक विशिष्ट कथा-शिल्प में रूपांतरित किया.

उनके कहानी संग्रह 'पेड़ पर कमरा', 'महाविद्यालय', 'एक कहानी' और 'घोड़ा और अन्य कहानियाँ' जैसे संग्रहों में दर्ज हैं, जहाँ घरेलू, सूक्ष्म और अक्सर उपेक्षित जीवन-कण अद्भुत कथा-समृद्धि के साथ सामने आते हैं. उनकी अनेक रचनाएँ भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनूदित हुई हैं.

अपने लंबे रचनात्मक सफ़र में उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, गजानन माधव मुक्तिबोध फ़ेलोशिप, रजा पुरस्कार, शिखर सम्मान, राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान, हिन्दी गौरव सम्मान, मातृभूमि पुरस्कार, साहित्य अकादमी का महत्तर सदस्य सम्मान और 2023 का पैन-नाबोकोव पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. (साभार /  -आलोक पुतुल / bbc.com/hindi)

निगम के नए कमिश्नर पीके सर्वे ने किया पदभार ग्रहण, कहा शासन की योजनाओं को पूरा करना प्राथमिकता


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / नवपदस्थ कमिश्नर आईएएस प्रकाश कुमार सर्वे ने आज नगर पालिक निगम कमिश्नर तथा एमडी स्मार्ट सिटी के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करते ही कमिश्नर श्री सर्वे ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निगम तथा स्मार्ट सिटी के अंतर्गत चल रही योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा की शासन की जो योजनाएं है उन्हें बेहतर तरीके से समय पर पूरा करना तथा उसका लाभ शहरवासियों को मिलें यें उनकी प्राथमिकता है। आगे चर्चा करते हुए कमिश्नर श्री सर्वे ने कहा निगम के जितने भी कार्य है उन सभी को शहर वासियों के सहयोग से पूरा करने का प्रयास होगा।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बिलासपुर का पूरे देश में दूसरा स्थान है,जो गौरवान्वित करने वाला है,इसे प्रथम स्थान पर लाने के लिए कार्य करेंगे। स्वच्छता एक सतत रूप से चलने वाली और अनिवार्य प्रक्रिया है,जिसका क्रियान्वयन प्राथमिकता और गुणवत्ता के साथ होनी चाहिए, शहर वासियों के साथ मिलकर सभी के सहयोग से इस पर कार्य करेंगे ताकि आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में बिलासपुर को पहला रैंक मिल सकें।  निगम के अंतर्गत आने वाली सभी मूलभूत सुविधाओं और सेवा का निर्बाध रूप से लाभ सभी शहरवासियों को मिलता रहें इस इस दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही निगम तथा स्मार्ट सिटी के अंतर्गत जितने भी विकास कार्य चल रहें हैं उसे समय सीमा के भीतर पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। अरपा नदी बिलासपुर की जीवनदायिनी है, उसे प्रदूषण से बचाने तथा एक नई पहचान देने के लिए अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन योजना और अन्य योजनाओं पर काम जारी है,जिसका क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर किया जाएगा। इसके साथ ही निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा की बिलासपुर को और भी बेहतर और विकसित बनाने के लिए सभी से सुझाव लेकर कार्य किया जाएगा। इससे पहले निगम के प्रभारी कमिश्नर श्री खजांची कुम्हार ने नवनियुक्त कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे को पदभार सौंपा।

SECR: बिलासपुर मंडल को मिले नए DRM, राकेश रंजन ने संभाला कार्यभार


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के नए मंडल रेल प्रबंधक के रूप में राकेश रंजन ने 22 दिसंबर को पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने मंडल के सभी शाखाधिकारियों के साथ अनौपचारिक बैठक कर परिचय प्राप्त किया।

इस दौरान श्री रंजन ने मंडल में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं परियोजनाओं की जानकारी ली और उनके समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और परिचालन क्षमता में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। राकेश रंजन भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसएसई) के 1996 बैच के अधिकारी हैं। बिलासपुर मंडल में पदस्थापना से पूर्व वे पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर में चीफ सिग्नल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

अपने दीर्घ सेवाकाल के दौरान उन्होंने बरौनी एवं गोरखपुर में एएसटीई, इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्युनिकेशन (आईआरआईएसईटी), हैदराबाद में प्रोफेसर, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर में मुख्य संचार इंजीनियर, रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में निदेशक तथा रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में कार्यकारी निदेशक (टेलीकॉम डेवलपमेंट) सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

रेलटेल कॉर्पोरेशन में निदेशक रहते हुए नई पीढ़ी के एक्सल काउंटर एवं आईपी आधारित एक्सचेंज प्रणालियों के विकास और सफल कार्यान्वयन में उनका अहम योगदान रहा है। तकनीकी दक्षता और व्यापक प्रशासनिक अनुभव से परिपूर्ण श्री राकेश रंजन के नेतृत्व में बिलासपुर मंडल में विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आपराधिक प्रवृत्ति के चार बदमाशों पर कोनी पुलिस का शिकंजा, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोनी पुलिस अपने क्षेत्राधिकार में लगातार आपराधिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अपराधों पर अंकुश लगाने के क्रम में कोनी पुलिस ने चार आपराधिक प्रवृत्ति के बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में शांति भंग होने की आशंका और अपराध घटित होने की संभावना को देखते हुए प्राप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चार गुंडा बदमाशों लक्की भारत (27 वर्ष) निवासी आवासपारा सेंदरी, भोलू यादव उर्फ राकेश यादव (26 वर्ष) निवासी गोदामपारा, भीमशंकर वर्मा (20 वर्ष) निवासी घुटकु तथा सुनील यादव (20 वर्ष) निवासी यादवपारा, थाना कोनी, जिला बिलासपुर शामिल हैं के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई है। यह कदम आमजन की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

Civil Lines police: मोबाइल फोन से क्रिकेट सट्टा खिलाते पोपटानी गिरफ्तार


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / मोबाइल फोन के जरिए क्रिकेट सट्टा खिलाने वाले आरोपी को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, कार और नगद राशि जब्त कर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार 21 दिसंबर को सूचना मिली थी कि हेमूनगर सिंधी कॉलोनी निवासी मनोज पोपटानी महाराणा प्रताप चौक के आसपास अपनी बलेनो कार क्रमांक CG 10 AP 8886 में घूम-घूमकर मोबाइल फोन के माध्यम से क्रिकेट सट्टा खिला रहा है। सूचना पर सिविल लाइन पुलिस ने घेराबंदी की।

पुलिस को देखकर आरोपी कार लेकर आगे बढ़ने लगा, जिसे पीछा कर महाराणा प्रताप चौक के पास रोका गया। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच करने पर उसमें क्रिकेट सट्टा खिलाने से संबंधित गतिविधि पाई गई। पुलिस ने आरोपी के पास से एक सैमसंग अल्ट्रा 23 मोबाइल फोन, बलेनो कार और 6700 रुपये नकद जब्त किए हैं। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 3 लाख 61 हजार 700 रुपये आंकी गई है। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सट्टा और जुआ गतिविधियों पर सख्ती लगातार जारी रहेगी। 

शराब पार्टी: हंगामा है क्यूँ बरपा ... पत्रकार कालोनी से लड़के लड़किया गिरफ्तार


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / थाना सरकंडा क्षेत्र में देर रात शराब के नशे में पार्टी कर हंगामा मचा रहे युवकों पर बिलासपुर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने मौके से पांच युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए शराब पीकर वाहन चलाने पर तीन वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 21 दिसंबर की रात सूचना मिली थी कि पत्रकार कॉलोनी, सरकंडा में कुछ युवक-युवतियां पार्टी कर तेज आवाज में हल्ला-गुल्ला कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अशांति का माहौल बन रहा है। सूचना से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया गया, जिनके निर्देश पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए। पुलिस ने एक मकान में पांच युवक और दो युवतियों को शराब पार्टी करते हुए पाया। 

पूछताछ में युवकों ने अपने नाम आदित्य वस्त्रकार, लक्की देवांगन, आशीष साहू, वंश देवांगन और विपुल दुबे बताए। ब्रीथ एनालाइजर से जांच करने पर सभी के शराब सेवन की पुष्टि हुई। मौके पर मिले तीन वाहनों क्रमांक CG 10 CA 5111, CG 10 BW 6685 और CG 10 BH 8007 पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई।

पुलिस ने पांचों युवकों के विरुद्ध पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए युवक-युवतियों को समझाइश दी और उनके परिजनों के सुपुर्द किया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति भंग करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नड्डा के बयान पर कांग्रेस का तीखा ऐतराज, झीरम शहीदों का अपमान बताया


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के झीरम घाटी कांड को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नड्डा का बयान झीरम शहीदों का अपमान है और उनके परिजनों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए शुक्ला ने कहा कि नड्डा का बयान बेहद आपत्तिजनक और स्तरहीन है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि एनआईए नड्डा से पूछताछ करे कि उन्होंने यह बयान किस आधार पर दिया है और उनके पास इसके क्या सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नड्डा ने केवल राजनीतिक उद्देश्य से बयानबाजी की है और इसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही कांग्रेस ने भाजपा से नड्डा पर कार्रवाई की मांग की है।

शुक्ला ने कहा कि झीरम घाटी कांड में कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेताओं की पूरी एक पीढ़ी को खोया है। उस समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और केंद्र में भी पिछले बारह वर्षों से भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद एनआईए अब तक झीरम हमले के दोषियों तक क्यों नहीं पहुंच पाई, यह गंभीर सवाल है।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह से एनआईए ने पूछताछ क्यों नहीं की। कांग्रेस ने मांग की कि रमन सिंह का नार्को टेस्ट कराया जाए, जिससे झीरम घाटी कांड का पूरा सच सामने आ सके। शुक्ला ने कहा कि झीरम घाटी कांड स्वतंत्र भारत की सबसे हृदयविदारक घटनाओं में से एक है, जो भाजपा शासनकाल में घटित हुई। कांग्रेस का आरोप है कि दोषियों को सजा से बचाने के लिए भाजपा लगातार षड्यंत्र करती रही है।

Chhattisgarh: घाघरा पुलिस कैंप में जवान ने साथी को मारी गोली, मौत


राजनांदगांव। 
TODAY छत्तीसगढ़  / खैरागढ़ जिले के घाघरा पुलिस कैंप में रविवार देर रात छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (सीएएफ) के एक आरक्षक ने अपने ही साथी जवान को गोली मार दी। घटना में जवान की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक और आरोपी दोनों उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, गातापार थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघरा पुलिस कैंप में पदस्थ सीएएफ के जवान सोनबीर जाट को उसी कैंप में तैनात आरक्षक अरविंद गौतम ने इंसास राइफल से गोली मार दी। गोली लगते ही सोनबीर जाट की मौके पर मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि दोनों जवान कवर्धा स्थित 17वीं बटालियन की कंपनी में पदस्थ थे और आपस में अच्छे संबंध भी थे। कुछ दिन पहले छुट्टी में साथ घर जाने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान हुए झगड़े में मृतक ने आरोपी को थप्पड़ मार दिया था, जिससे वह नाराज चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने देर रात मौका पाकर वारदात को अंजाम दे दिया।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। खैरागढ़ एएसपी नितेश गौतम ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। वहीं राजनांदगांव रेंज आईजी अभिषेक शांडिल्य ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा कैंपों में जवानों के बीच बढ़ते तनाव और अनुशासन से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

खेल महोत्सव का समापन, सांसद कला महोत्सव शुरू करने तोखन ने किया ऐलान


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज स्थानीय बहतराई खेल स्टेडियम में आयोजित समारोह में सांसद खेल महोत्सव का रंगारंग समापन किया। उन्होंने पहली बार आयोजित सांसद खेल महोत्सव की सफलता से उत्साहित होकर इसी तर्ज पर सांसद कला महोत्सव जल्द शुरू करने की घोषणा की। लगभग डेढ़ महीने तक चले इस महोत्सव में बिलासपुर एवं मुंगेली जिले की ग्राम पंचायत से जनपद एवं जिला स्तर पर 12 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। फाइनल प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और नगद राशि देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक बेलतरा श्री सुशांत शुक्ला ने की। 

     इस मौके पर तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यह तभी संभव होगा जब हर आदमी स्वस्थ एवं फिट रहे। इसके लिए हर आदमी को अपनी रूचि के अनुरूप कोई न कोई खेल में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव में स्थानीय स्तर पर प्रचलित खेलों को शामिल किया गया ताकि अधिकाधिक लोग इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा को निखार सकें। कबड्डी,खो-खो, रस्साकसी, नीबू दौड़, बोरा दौड़ जैसे एक दर्जन खेल प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया। इन खेलों को हमें भूलना नहीं है। उन्होंने कहा भविष्य में सांसद खेल महोत्सव का दायरा और बढ़ाकर व्यापक रूप में आयोजित किया जायेगा। श्री साहू ने बताया कि आगामी 25 दिसम्बर को माननीय प्रधानमंत्री सांसद खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को वचुअल सम्बोधित करेंगे।  

      कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  की मंशा के अनुरूप सांसद खेल महोत्सव आयोजित किये गए। मैं स्वयं ग्रामीण स्तर के कई आयोजन में शामिल हुआ। खेल के प्रति लोगों में अपार उत्साह देखा गया। एक प्रकार से हमारी प्राचीन और परम्परागत खेलों को एक बार फिर मंच मिल पाया है। खेलों से हमारी एकाग्रता और सामूहिकता की भावना बढ़ती है। 

फाइनल प्रतियोगिता के परिणाम -

कबड्डी बालक वर्ग में प्रथम स्थान मुंगेली, द्वितीय पथरिया, तृतीय बिल्हा, कबड्डी बालिका वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय पथरिया, तृतीय स्थान बिल्हा, रस्साकसी पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय तखतपुर, तृतीय बिल्हा, रस्साकसी महिला वर्ग में प्रथम स्थान तखतपुर, द्वितीय बिल्हा, तृतीय पथरिया, फुटबॉल के पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान कोटा, द्वितीय कोटा नगर पंचायत, तृतीय बिल्हा, फुटबॉल महिला वर्ग में प्रथम स्थान बिल्हा, द्वितीय कोटा, वॉलीबॉल पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान तखतपुर, द्वितीय मस्तुरी, तृतीय लोरमी, वॉलीबॉल महिला वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय कोटा, तृतीय लोरमी, 100×4 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान नगर पालिक निगम बिलासपुर, द्वितीय कोटा एवं तृतीय स्थान लोरमी को मिला। चैम्पियन ट्रॉफी में प्रथम एवं द्वितीय स्थान जनपद पंचायत कोटा को दिया गया। बिलासपुर जिले की मस्तुरी, बिल्हा, तखतपुर, कोटा एवं मुंगेली जिले की लोरमी, पथरिया एवं मुंगेली जिले के 12 हजार से ज्यादा खिलाड़ी प्रतियोगिता में शािमल हुए। कबड़डी, 4 सौ मीटर दौड़, बोरा दौड़, पैदल दौड़, रस्साकशी, 100 मीटर रिले दौड़, फूटबाल, नीबू दौड़, लगोरी, बालीबाल और तीरंदाजी प्रतियोगिता महोत्सव में शामिल थे। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में खेल अधिकारी ए एक्का,बिल्हा सीईओ कुमार लहरे, मस्तुरी सीईओ जेआर भगत, कोटा सीईओ युवराज सिन्हा, तखतपुर सीईओ श्री तिवारी एवं पूरी टीम का सक्रिय योगदान रहा है।

पल्स पोलियो अभियान: जिले में 2 लाख 62 हजार से अधिक बच्चों को पिलाई गई दवा


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में  जिले के 2 लाख 62 हजार 816 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। जिले ने निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 94.49 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला और  महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, राजकिशोर नगर में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। जिला स्तरीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ मातृ एवं शिशु अस्पताल, जिला चिकित्सालय बिलासपुर  महापौर श्रीमती पूजा विधानी एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल द्वारा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर किया गया। 

        जिला अस्पताल में इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल,डॉ. अनिल गुप्ता सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी, डॉ. रक्षित जोगी जिला सर्विलेंस अधिकारी/शहरी खण्ड चिकित्सा अधिकारी,सुश्री प्यूली मजूमदार (डीपीएम) एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। अभियान  के पहले दिन 21 दिसंबर 2025 को जिले में 1520 बूथों तथा ट्रांजिट दल/मोबाइल टीमों के माध्यम से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। शेष बच्चों को कवर करने के लिए अभियान के दूसरे एवं तीसरे दिन 22 व 23 दिसंबर 2025 को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मितानिनों द्वारा घर-घर भ्रमण कर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।

   कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले के समस्त पालकों एवं अभिभावकों से अपील की है कि 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कोई भी बच्चे पोलियो खुराक से वंचित न रहें। घर-घर भ्रमण के दौरान आने वाली स्वास्थ्य टीमों को सहयोग प्रदान कर अपने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में सहभागी बनें।

High Court: पुलिस अफसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, अग्रिम जमानत नामंजूर


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में फंसे एक पुलिस अधिकारी को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी पुलिस अफसर है और उसे अग्रिम जमानत देने पर गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपों की प्रकृति अत्यंत गंभीर है, ऐसे में राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।

मामला दुर्ग जिले के पुराना भिलाई थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली एक महिला की शिकायत पर पुलिस अधिकारी अरविंद कुमार मेढ़े के खिलाफ यौन उत्पीड़न का अपराध दर्ज किया गया है। पीड़िता ने एफआईआर में बताया कि उसका बेटा पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी अधिकारी ने बेटे की जमानत कराने का झांसा दिया और उससे संपर्क बढ़ाया।

पीड़िता के अनुसार, 18 नवंबर 2025 की शाम उसे थाने बुलाया गया, जहां महिला पुलिसकर्मियों द्वारा कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद आरोपी ने फोन कर उसे चरौदा बस स्टैंड बुलाया और अपनी गाड़ी में बैठाकर एक सुनसान जंगल वाले इलाके में ले गया। वहां आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला, गले लगाया और अश्लील हरकतें कीं। मासिक धर्म की जानकारी देने पर आरोपी ने उसे छोड़ दिया और दो दिन बाद फिर मिलने की बात कही।

घटना के लगभग 24 घंटे बाद, 19 नवंबर 2025 की शाम करीब छह बजे पीड़िता ने थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी की ओर से हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई, जिसमें आरोपों को निराधार बताते हुए एफआईआर में देरी और आपराधिक रिकॉर्ड न होने की दलील दी गई। हालांकि, कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।

इस आदेश के जरिए हाई कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वर्दी या पद की आड़ में किए गए अपराधों पर न्यायालय सख्त रुख अपनाएगा। साथ ही, यह फैसला यौन अपराधों में पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और जांच को स्वतंत्र व निष्पक्ष बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जिस डॉक्टर पर एक्सपायर्ड दवा देने से मौत का आरोप, उसे ‘स्पेशलिस्ट’ बताकर फिर से सेवा ले रहा वन विभाग


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के जंगलों में इन दिनों जो हो रहा है, वह किसी प्राकृतिक आपदा का नतीजा नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता का खुला प्रदर्शन है। बाघ, तेंदुआ, बाइसन और हाथी जैसा संवेदनशील, विशालकाय वन्यप्राणी एक-एक कर मारे जा रहे हैं, लेकिन जंगलों के तथाकथित रक्षक 'छत्तीसगढ़ वन विभाग' अब भी फाइलों और फार्मेलिटी की आड़ में बेशर्मी से छिपे हुए हैं। इसी बीच वन विभाग की कार्यप्रणाली पर एक और गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें जिस वन्यप्राणी चिकित्सक पर बाइसन की मौत का आरोप लगा उसी से शासन के स्पष्ट आदेशों के विपरीत दोबारा सेवाएं ली जा रही हैं। 

राज्य के अलग-अलग इलाकों से शिकार की लगातार सामने आ रही घटनायें इस बात का सबूत हैं कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। यह कहना अब गलत नहीं होगा कि छत्तीसगढ़ “शिकार का हॉटस्पॉट” नहीं, बल्कि “शिकारगढ़” बनता जा रहा है। अफसोस यह है कि इस बदलाव का श्रेय बंदूकधारी शिकारियों से ज्यादा दफ्तरों में बैठे अफसरों को जाता है। 

बीते दिनों सूरजपुर जिला में बाघ के शिकार, भोरमदेव अभ्यारण में चार बाइसन (गौर) की मौत, खैरागढ़, भोरमदेव और कांकेर में तेंदुओं के शिकार, तथा उदंती-सीता नदी टाइगर रिजर्व में दो सांभरों के शिकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने वन विभाग की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे विपरीत हालातों में राज्य वन विभाग की कार्यप्रणाली पर एक और गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें जिस वन्यप्राणी चिकित्सक पर बाइसन की मौत का आरोप लगा उसी से शासन के स्पष्ट आदेशों के विपरीत दोबारा सेवाएं ली जा रही हैं। आखिर इसमें किसका कैसा स्वार्थ निहित है ? 


जनवरी 2025 में बरनावापारा अभ्यारण से गुरु घासीदास नेशनल पार्क भेजी गई एक मादा बाइसन की मौत के मामले में गंभीर आरोप लगे थे। विवेचना में मुख्य वन्यजीव संरक्षक (वन्यप्राणी) सह फील्ड डायरेक्टर उदंती-सीता नदी टाइगर रिजर्व सतोविषा समाजदार ने स्पष्ट उल्लेख किया कि एक्टिवान दवा के कालातीत (एक्सपायर्ड) होने और उसी दवा के उपयोग के कारण ट्रांसलोकेट की गई मादा गौर की मृत्यु संभावित प्रतीत होती है।


इस रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सुधीर अग्रवाल ने 2 मार्च 2025 को वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. राकेश वर्मा को आगामी आदेश तक वन्यप्राणी से जुड़े सभी कार्यों से तत्काल पृथक करने के आदेश जारी किए थे। साथ ही अलग आदेश में उन्हें वन्यप्राणी उपचार, निदान और संबंधित सभी कार्यों से हटाया गया था।

उल्लेखनीय है कि डॉ. राकेश वर्मा इससे पहले रायपुर जंगल सफारी में 17 चौसिंघा की मौत के मामले में भी विवादों में रह चुके हैं, जहां विधानसभा अध्यक्ष तक ने उन्हें हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब उन्हें ‘स्पेशलिस्ट’ बताकर दोबारा सेवाओं में लिए जाने से वन विभाग की मंशा और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

वन्यजीव संरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की कथित मेहरबानी से न केवल विभाग की साख पर असर पड़ रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर आमजन की चिंताएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।

अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने दिया इस्तीफा, विधि सचिव को भेजा त्यागपत्र


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ शासन के अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्य सरकार के विधि सचिव को त्यागपत्र भेजते हुए इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि इससे पहले 17 नवंबर को तत्कालीन महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत ने अपने पद से त्यागपत्र दिया था। इसके बाद अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक शर्मा को नया महाधिवक्ता नियुक्त किया गया। विधि सचिव को प्रेषित अपने इस्तीफे में मरहास ने कहा है कि पिछले दो वर्षों तक इस महत्वपूर्ण पद पर सेवा देना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही। इस दौरान उन्हें राज्य से जुड़े कानूनी मामलों में योगदान देने, विभिन्न न्यायालयों में शासन का प्रतिनिधित्व करने और अनुभवी व समर्पित सहकर्मियों के साथ कार्य करने का अवसर मिला। 

मरहास ने अपने पत्र में राज्य सरकार द्वारा मिले विश्वास और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के समर्थन से ही वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी क्षमता के साथ कर सके। उन्होंने उल्लेख किया कि उन्होंने अपना कार्यकाल संतोषजनक रूप से पूरा किया है और अब पद छोड़ने का यह उचित समय है।

उल्लेखनीय है कि रणवीर सिंह मरहास भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों से जुड़े रहे हैं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की स्थापना के बाद वे जबलपुर से बिलासपुर आए और न्यायिक क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहे। वे लंबे समय तक शासकीय अधिवक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।


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