STATE लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
STATE लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुभेंदु अधिकारी ने ली बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ


कोलकाता। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / बंगाल की राजनीति में आज सुबह बड़ा बदलाव हो गया है. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. उन्हें बंगाल के राज्यपाल ने शपथ दिलाई. शुभेंदु ने भवानीपुर में पूर्व सीएम ममता बनर्जी को हराया था. प्रोटोकॉल के हिसाब से ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह का न्योता भेजा गया था. 

शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कोलकाता स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किया गया. इस समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई दिग्गत नेता भी इस शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बने. 

शुभेंदु अधिकारी के साथ-साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक, खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली. 8 मई को अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे जहां शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया था. शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया. इसके बाद शुभेंदु ने कोलकाता में राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की और विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था. 

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 207 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की थी. वहीं, टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमटकर रह गई और उसके 15 सालों के शासन का खात्मा हो गया.


शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने किया ऐलान


कोलकाता।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुनते हुए राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम की घोषणा की।

बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने नई सरकार का एजेंडा स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ और गोतस्करी के मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिया मुक्त बंगाल” नई सरकार का प्रमुख संकल्प होगा। शाह ने कहा कि केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश से घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर निकालने का काम किया जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जीत केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, “राष्ट्रीय सुरक्षा में जो सबसे बड़ा छिद्र था, उसे इस जीत ने बंद करने का काम किया है।” शाह ने दावा किया कि अब पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार होने से घुसपैठ और गोतस्करी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

अमित शाह ने कहा कि बंगाल सरकार और केंद्र सरकार मिलकर अंतरराष्ट्रीय सीमा को “अभेद्य दुर्ग” में बदलने का काम करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा ध्रुवीकरण का नहीं बल्कि देश की सुरक्षा का है। गृह मंत्री ने राज्य में राजनीतिक हिंसा और कटमनी प्रथा समाप्त करने का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बंगाल में भय और हिंसा का माहौल बनाया गया था, लेकिन जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर भरोसा जताकर पार्टी को प्रचंड जनादेश दिया है। बीजेपी की इस जीत को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है और शुभेंदु अधिकारी राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री होंगे।

साय कैबिनेट के बड़े फैसले: गैस नीति से लेकर खेल और राहत तक अहम निर्णय


रायपुर । 
TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में डिप्टी सीएम (गृह) विजय शर्मा अनुपस्थित रहे, जबकि डिप्टी सीएम अरुण साव ने मीडिया को निर्णयों की जानकारी दी।

सबसे अहम निर्णय के तहत मंत्रिपरिषद ने “छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026” को मंजूरी दी है। इस नीति के लागू होने से प्रदेश में स्वच्छ और किफायती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ेगी। पाइपलाइन के जरिए गैस आपूर्ति का विस्तार होने से शहरी क्षेत्रों में ईंधन की सुविधा और आसान होगी। इससे न केवल एलपीजी का सस्ता विकल्प मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा, खेल अधोसंरचना को बढ़ावा देने के लिए राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को आधुनिक क्रिकेट अकादमी और खेल मैदान निर्माण हेतु 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया है।

मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 6,809 व्यक्तियों और संस्थाओं को लगभग 11.98 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की स्वीकृति भी प्रदान की। यह सहायता जरूरतमंदों को त्वरित राहत और सामाजिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से दी जाएगी।

बैठक में एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए वर्ष 1988 बैच के आईपीएस अधिकारियों संजय पिल्ले, आर.के. विज और मुकेश गुप्ता के संबंध में वर्ष 2019 में जारी पदावनति आदेश को निरस्त कर दिया गया। साथ ही उस समय लिए गए संबंधित निर्णय को भी अपास्त करते हुए पूर्व स्थिति बहाल करने का फैसला लिया गया।

सरकार का कहना है कि ये फैसले राज्य में सुविधा, विकास, पारदर्शिता और प्रशासनिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट के फैसले पर लगी रोक, अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगा दी है. एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की तरफ से दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. जिसके खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. जहां 23 अप्रैल को हुई सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने  अमित जोगी को दोषी ठहराए जाने के फैसले पर रोक लगाई है. जो उनके लिए बड़ी राहत मानी जा रही है.  

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है. जिसमें हाईकोर्ट ने अमित जोगी को जग्गी हत्याकांड में आरोपी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करने के लिए भी कहा गया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया है. सर्वोच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगा दी है. जग्गी हत्याकांड 2003 में हुआ था. यह छत्तीसगढ़ बनने के बाद कोई पहला हाईप्रोफाइल मामला था. जिसमें अमित जोगी का नाम सामने आया था. ऐसे में यह मामला पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा में था. 

अमित जोगी ने लगाई थी दो याचिका 

अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिका लगाई थी. जिसमें पहली याचिका में सीबीआई से संबंधित अपील दायर करने के मामले में थी. दूसरी याचिका में हाई कोर्ट के मुख्य फैसले को चुनौती दी गई थी. जिसमें उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी. अमित जोगी के वकीलों ने तर्कों के आधार पर सजा पर रोक लगाने या निरस्त करने की मांग की थी. ऐसे में अमित जोगी के लिए फिलहाल राहत मिली है. 

जग्गी हत्याकांड से जुड़ा है मामला 

मामला रायपुर के कारोबारी और एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है. 4 जून 2003 को रायपुर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी. जिसमें अजित जोगी का नाम सामने आया था. 2007 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया था. लेकिन जग्गी के बेटे ने इस फैसले के खिलाफ याचिका लगाई थी. जिसमें हाई कोर्ट ने 2026 में अमित जोगी को दोषी पाया था. इसके बाद उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई थी. 23 साल पुराने इस मामले में अब एक बार फिर बड़ा फैसला आ गया है. 


जग्गी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट से अमित जोगी को राहत नहीं, 23 अप्रैल को अगली सुनवाई


नई दिल्ली/रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सोमवार को दो जजों की बेंच ने उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए सरेंडर पर रोक देने से इनकार कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।

अमित जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं। एक याचिका हाईकोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर पर स्थगन के लिए एक जज के चैंबर में प्रस्तुत की गई, जबकि दूसरी याचिका दो जजों की बेंच के समक्ष लगाई गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि सरेंडर पर राहत का निर्णय संबंधित जज के चैंबर में ही लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान मृतक नेता रामअवतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी के वकील भी अदालत में उपस्थित रहे। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए मामले को 23 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया है।

गौरतलब है कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने वर्ष 2003 के इस चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को दोषी ठहराया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के 31 मई 2007 के फैसले को पलट दिया था। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि समान साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों को दोषी ठहराना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को त्रुटिपूर्ण और साक्ष्यों के विपरीत बताया था।

मामले के अनुसार, 4 जून 2003 की रात रायपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीबीआई जांच में इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए अमित जोगी को मुख्य आरोपी बनाया गया था। जांच के दौरान गवाहों के बयान, कॉल डिटेल और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर साजिश की पुष्टि हुई थी। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था और समय सीमा में पालन न होने पर गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए गए थे।

"24 घंटे में हटाओ SDM…” विधायक का कलेक्टर को अल्टीमेटम, मचा हड़कंप


बलरामपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच टकराव का मामला सामने आया है। सामरी विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा ने राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार पर नाराजगी जताते हुए दोनों अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया है।

जानकारी के अनुसार, विधायक सीसी रोड और नाली निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे विधायक नाराज हो गईं। उन्होंने मौके से ही कलेक्टर राजेंद्र कटारा को फोन कर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठेंगी। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इधर, मौके पर मौजूद समर्थकों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एसडीएम देवेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। समर्थकों का आरोप था कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे जनता की समस्याएं प्रभावित हो रही हैं। 

गौरतलब है कि राज्य में अफसरशाही को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर द्वारा कोरबा कलेक्टर के खिलाफ नाराजगी जताई जा चुकी है। वहीं हाल ही में बिलासपुर में भी जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद सामने आया था। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

प्रेम जाल में 180 नाबालिग लड़कियां बनीं शिकार, 350 अश्लील वीडियो के साथ युवक गिरफ्तार


अमरावती।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  महाराष्ट्र के अमरावती जिले में 180 लड़कियों को 'प्रेमजाल' में फंसाने और फिर उनका यौन उत्पीड़न कर ब्लैकमेलिंग करने के मामले में प्रशासन ने बड़ा ऐक्शन लिया है। इस कांड के आरोपी 19 साल के अयान तनवीर के घर पर बुलडोजर चला है। अयान तनवीर ने 180 लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाया और उनका यौन उत्पीड़न किया। फिर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता रहा। इस मामले की लगातार परतें खुल रही हैं, जिससे जनता में गुस्सा देखा जा रहा है। शुरुआती तौर पर यह मामला कुछ लड़कियों से ही जुड़ा माना जा रहा था, लेकिन जब इतना बड़ा आंकड़ा सामने आया तो हर कोई हैरान है। 

हालात यह हैं कि अमरावती के पतरवाड़ा और अचलपुर का बाजार आज बंद है। इक्का-दुक्का वाहन ही सड़कों पर चलते दिखे। अयान तनवीर के घर पर आज स्थानीय प्रशासन ने बुलडोजर ऐक्शन किया और मकान के अवैध हिस्से को जमींदोज कर दिया। इस ऐक्शन से पहले परिवार को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस भी जारी किया गया था। आरोपी को मंगलवार को ही अरेस्ट किया गया था और उसे 21 अप्रैल तक के लिए रिमांड पर भेजा गया है। अयान तनवीर पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़कियों को फंसाता था। इसके बाद आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें लेता था। फिर उन्हें ब्लैकमेल करता था और धमकियां भी दिया करता था।

जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी ने तब हदें पार कर दीं, जब कई लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियोज को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इसे देखने के बाद जनता में गुस्सा भड़क गया। नागपुर से करीब 180 किलोमीटर दूर इस इलाके में जनता ने बुधवार को बंद का ही आह्वान कर दिया। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुए हैं। फिलहाल महाराष्ट्र पुलिस की साइबर यूनिट ने जांच तेज कर दी है। वीडियोज खंगाले जा रहे हैं। अब तक 8 पीड़ित लड़‌कियों की पहचान पुलिस कर चुकी है।

उनके बारे में जानकारी सार्वजनिक किए बिना ही पुलिस उनके परिवारों से संपर्क साध रही है। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में इस तरह की घटना हुई। वहीं अमरावती ग्रामीण के एसपी विशाल आनंद सिंगूरी का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो ऐक्ट और आईटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में सख्त ऐक्शन होगा। अयान तनवीर का मोबाइल सीज कर लिया गया है। इस जांच के बाद एक और आरोपी सामने आया है। उससे भी पुलिस की ओर से पूछताछ की जा रही है। 



राज्य में जल्द लागू होगा यूनिफाइड सिविल कोड, साय केबिनेट का अहम् फैसला


रायपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में केबिनेट की बैठक हुई। यह नए वित्त वर्ष की पहली बैठक थी। इसमें डिप्टी सीएम गृह विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी डिप्टी सीएम अरूण साव ने मीडिया को दी। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में केबिनेट की बैठक हुई। यह नए वित्त वर्ष की पहली बैठक थी। इसमें डिप्टी सीएम गृह विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी डिप्टी सीएम अरूण साव ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में यूनिफाइड सिविल कोड लागू किया जाएगा। इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी।  


 1. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के संबंध में Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया तथा समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करेगी। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके।

2. मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया है।

3. मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रूपए तक की संपत्ति (भूमि/भवन) क्रय करने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाएगा। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा।

4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से सेवा क्षेत्र को आबंटन हेतु स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा का तार्किक सामंजस्य स्थापित होगा। लैंड बैंक भूखण्डों हेतु एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को सम्मिलित करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। कंपनियों में शेयर धारिता परिवर्तन से संबंधित प्रावधानों में व्यावहारिक स्पष्टता आएगी और Ease of Doing Business सुनिश्चित होगा। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

5. छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। अब केन्द्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेगी। इससे पट्टेदार के एकाधिकार के फलस्वरूप उत्पन्न रेत की आपूर्ति-संकट में कमी आएगी तथा दुर्गम क्षेत्रों में रेत खदानों के सुगम संचालन सहित रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। 

6. मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना है, अवैध खनन को रोकना तथा प्रक्रिया का सरलीकरण करना है।

गौण खनिज की ऐसी खदाने जो अकारण बंद रहती है अथवा शिथिल रहती है, में कठोर प्रावधान लाया गया है। अब इन खदानों के अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षाें के बाद वृद्धि की गई है। इन खदानों को व्यपगत (लैप्स) घोषित किए जाने संबंधी कठोर प्रावधानों को नियमों में शामिल किया गया है, जिसके फलस्वरूप ऐसी खदानों का संचालन अनिवार्य रूप से किये जाने की बाध्यता सुनिश्चित हो सकेगी। खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रूपए निर्धारित किया गया है, जो कि 5 लाख रूपए तक भी हो सकता है। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने हेतु जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र संबंधी प्रावधान को पूरे प्रदेश में एकसमान लागू किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त उत्खनन पट्टों के समामेलन, अनुबंध पश्चात भू-प्रवेश एवं पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालन जैसे प्रावधानों को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहन और राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को बल मिलेगा।

7. मंत्रिपरिषद द्वारा दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना में समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने संबंधी संशोधन तथा एनडीडीबी के साथ निष्पादित एमओयू की संबंधित कंडिका में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सहयोग प्राप्त हो सकेगा।

8. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी कंपनी Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर दर उपलब्ध न होने के कारण टीकों की समय पर आपूर्ति में बाधा आ रही थी, जिससे पशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित हो रहा था। निर्णय के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनवरी 2027 तक आवश्यक टीकाद्रव्यों का क्रय उक्त एजेंसी से किया जाएगा, जिससे पशुओं में रोगों की रोकथाम, मृत्यु दर में कमी, पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा तथा दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

9. मंत्रिपरिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के प्रावधानों के अनुरूप छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के बीच पेंशन दायित्वों के प्रभाजन के संदर्भ में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूर्व वर्षों में किए गए 10,536 करोड़ रूपए के आधिक्य पेंशन भुगतान की राशि की वापसी पर सहमति दी गई। बैंकों द्वारा पूर्व में हुए त्रुटिपूर्ण लेखांकन के कारण यह अतिरिक्त भुगतान हुआ था, जिसका पुनर्मिलान एवं सत्यापन संयुक्त दल द्वारा किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन द्वारा 2,000 करोड़ रूपए की राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदान की जा चुकी है तथा शेष 8,536 करोड़ रूपए की राशि आगामी 6 वार्षिक किश्तों में दी जाएगी। मंत्रिपरिषद ने इस व्यवस्था को स्वीकार करते हुए वित्त विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अधिकृत किया है। इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद की बैठक में आगामी खरीफ सीजन हेतु उर्वरक की व्यवस्था तथा राज्य में LPG गैस की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की गई।


अंबेडकर जयंती: संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि, समानता और शिक्षा का संदेश दिया


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / भारत के संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को शहर में श्रद्धा और सम्मान के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर कन्या महाविद्यालय तिराहा के सामने स्थित बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव , महापौर पूजा विधानी ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बाबा साहेब अम्बेडकर के जीवन, संघर्ष और विचारों को याद करते हुए समाज के प्रति उनके योगदान को रेखांकित किया। सांसद तोखन साहू ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, जिसने सभी नागरिकों को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान किया। उन्होंने लोगों से बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर समानता और भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की।

इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, पूर्व महापौर किशोर राय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। 

किताब निकालने में देरी: छात्र को पीटने वाली शिक्षिका गिरफ्तार, दूसरी फरार


राजनांदगांव।
  TODAY छत्तीसगढ़  /   जिले में छात्र से मारपीट के गंभीर मामले में पुलिस ने एक शिक्षिका को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दूसरी शिक्षिका फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, डोंगरगढ़ के एक पब्लिक स्कूल में कक्षा 7वीं के छात्र के साथ मारपीट की गई थी, जिससे उसके दोनों कानों को गंभीर क्षति पहुंची। मामले में आरोपी इंचार्ज शिक्षिका प्रियंका सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जबकि शिक्षिका नम्रता साहू फरार है।

शिकायत के अनुसार, घटना 2 अगस्त 2025 की है। छात्र सार्थक सहारे को किताब निकालने में थोड़ी देरी होने पर पहले क्लास टीचर ने डांटा और फिर इंचार्ज शिक्षिका को बुलाया। इसके बाद छात्र के दोनों कानों पर थप्पड़ मारे गए। मारपीट के बाद छात्र के कानों को गंभीर चोट पहुंची और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उपचार के बाद भी सुनने में समस्या बनी हुई है। परिजनों की शिकायत पर दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। लम्बे समय तक हुई जांच के दौरान साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरी आरोपी की तलाश जारी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में की गई। 


1 करोड़ किलो वाला ‘ओशिएन ग्रोथ’ गांजा जब्त, आरोपी गिरफ्तार


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /   राजधानी में पुलिस ने महंगे नशीले पदार्थ ‘ओशिएन ग्रोथ’ गांजे की सप्लाई करने वाले एक अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस गांजे की कीमत करीब एक करोड़ रुपये प्रति किलो बताई जा रही है और यह हाईप्रोफाइल ग्राहकों की डिमांड पर सप्लाई किया जाता था।

सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी रितिक पसरिचा (26) को कटोरा तालाब इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपी दिल्ली का निवासी है और रायपुर के शंकर नगर में किराए के मकान में रहकर ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी एक ग्राहक को गांजा देने पहुंचा था, तभी टीम ने रेड कार्रवाई कर उसे मौके से पकड़ लिया। उसके कब्जे से 114 ग्राम ‘ओशिएन ग्रोथ’ गांजा बरामद किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दिल्ली से कुरियर के माध्यम से इस महंगे गांजे को रायपुर मंगवाता था और फिर चुनिंदा ग्राहकों को सप्लाई करता था। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से शहर के हाईप्रोफाइल ग्राहक जुड़े हो सकते हैं। आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। 


कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही- गुरु खुशवंत साहेब

 


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / गौरा में आपका स्वागत है। यह  प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया गया । यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत किया । इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रही ।

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल को मुख्य अतिथि श्री गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर ,लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज,दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी  दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।

श्री गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है। 

यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है

डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG),रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है।

यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है

घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर,शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं।  वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है।

यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी

डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी। डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।

(CGPAG) के बारे में

छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन, 92 साल की उम्र में ली आखिरी सांस


मुम्बई।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  संगीत की दुनिया की मशहूर हस्ती आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया. 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई स्थिच ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांसें लीं. महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने यह दुखद खबर साझा करते हुए बताया कि उनका पार्थिव शरीर सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके घर पर रखा जाएगा, और अंतिम संस्कार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में होगा.

वहीं ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण आशा भोसले का निधन हो गया. डॉ. समदानी ने बताया कि आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट आने के बाद तुरंत अस्पताल लाया गया. अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन कई अंगों के काम करना बंद करने की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका.

14 भाषाओं में गाए 12000 गाने

लता मंगेशकर की बहन आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज से कई पीढ़ियों को मोहित किया है. आशा भोसले का नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है. उन्होंने 14 भाषाओं में 12000 से अधिक गाने गाए, जिनमें फिल्मी गीतों के अलावा, पॉप, गजल, भजन से लेकर शास्त्रीय संगीत तक शामिल है. आशा भोसले ग्रैमी अवार्ड जीतने वाली पहली भारतीय गायिका थी. इसके अलावा उन्हें दादा साहेब फाल्के अवार्ड, पद्म विभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है.

इन गानों के लिए हमेशा याद की जाएंगी आशा भोसले 

8 सितंबर, 1933 को जन्मी आशा ने बहुत कम उम्र में अपना करियर शुरू किया था और अपने पूरे करियर में हिंदी, मराठी, बंगाली और गुजराती समेत कई भाषाओं में हज़ारों गानों को अपनी आवाज़ दी. आशा भोसले के टाइमलेस हिट्स की लिस्ट में पिया तू अब तो आजा, दम मारो दम, चुरा लिया है तुमने जो दिल को, झुमका गिरा रे, यह मेरा दिल, दिल चीज़ क्या है, ओ मेरे सोना रे, और इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं, जैसे क्लासिक गाने शामिल हैं.

संगीत प्रेमियों के लिए शोक का क्षण

आशा भोसले को पिछले कुछ सालों में उम्र के कारण स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि वे अभी भी काफी सक्रिय थीं और संगीत कार्यक्रमों में शामिल होती रहती थीं. उनके निधन की खबर सुनकर फिल्म और संगीत जगत में चिंता की लहर दौड़ गई है.

आशा भोसले के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘यह पूरे भारत और दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के लिए शोक का क्षण है. उन्हें सबसे बहुमुखी कलाकार के रूप में जाना जाता था. संगीत के प्रति उनकी सेवा, मंगेशकर परिवार द्वारा संगीत के प्रति की गई सेवा… हमने लता दीदी का निधन देखा, और आज हम यह देख रहे हैं. हम सभी दुखी हैं… यह हम सभी के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है; हम शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं.’ (साभार सोर्स / news 18)


राह रोककर लूटपाट, दो आरोपी व तीन बालक पकड़े गए


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मुजगहन थाना क्षेत्र में सेजबहार के पास देर रात हुई लूट और मारपीट की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों समेत तीन विधि के साथ संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के कब्जे से लूट का सामान, दोपहिया वाहन और हथियार बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 8 अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे प्रार्थी भूषण साहू अपने परिजनों के साथ मोटरसाइकिल से भाठागांव से मुजगहन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सेजबहार स्थित शुभम ऑटो पार्ट्स के पास दो बाइक पर सवार पांच आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने मारपीट कर चाकू से धमकाया और प्रार्थी व उसके साथियों से मोबाइल, चेन, ताबीज और मोटरसाइकिल लूटकर फरार हो गए। इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता भी की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) संदीप पटेल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा एवं सहायक पुलिस आयुक्त नवनीत पाटिल के मार्गदर्शन में संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच के दौरान चेतन नामदेव को पकड़ा गया, जिसने अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।

इसके बाद नितिन ध्रुव सहित तीन विधि के साथ संघर्षरत बालकों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल, 2 मोबाइल फोन, चाकू और डंडा के अलावा लूट का सामान जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी चेतन नामदेव पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। मामले में थाना मुजगहन में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अब बचना मुश्किल ! शराब पीकर गाड़ी चलाई तो तुरंत पकड़े जाएंगे

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / सड़क सुरक्षा को लेकर बिलासपुर पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई के साथ अब डिजिटल तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में चेतना भवन पुलिस लाइन में ब्रीथ एनालाइजर (एल्कोमीटर) के उपयोग को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में आयोजित हुआ। इसमें जिले के सभी थाना, चौकी एवं पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी सहित अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण में अधिकारियों को बताया गया कि किस प्रकार एल्कोमीटर के माध्यम से वाहन चालकों के स्वांस में अल्कोहल की मात्रा मापकर डिजिटल डाटा तैयार किया जाता है और उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। विशेषज्ञों ने यह भी जानकारी दी कि आधुनिक उपकरणों के माध्यम से अब बिना फूंक के केवल गंध के आधार पर भी शराब की पहचान संभव होगी।  


पुलिस ने स्पष्ट किया कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के साथ-साथ अन्य आपराधिक धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना की स्थिति में एल्कोमीटर के जरिए जांच को साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जाएगा।

आईटीएमएस, एम-पोर्टल, पीओएस मशीन और सिटीजन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन चालानी कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर भी प्रशिक्षण दिया गया। शहर में नो पार्किंग में वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ भी सख्ती बढ़ाई जाएगी। इसके लिए यातायात पुलिस ने बड़ी संख्या में व्हील लॉक की व्यवस्था की है।

कार्यक्रम में औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर उन्हें अपने संस्थानों में ब्रीथ एनालाइजर मशीन लगाने की सलाह दी गई, ताकि नशे में वाहन चलाने की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह सहित अन्य अधिकारी, एनटीपीसी, एसईसीएल एवं ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे।

अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार बदमाशों ने नजदीक से मारी गोली

मिर्जापुर (उप्र)। कटरा कोतवाली थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े वरिष्ठ अधिवक्ता व ग्राम प्रधान राजीव सिंह उर्फ रिंकू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना से शहर में सनसनी फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, आज शनिवार सुबह राजीव सिंह टहलने निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश मौके पर पहुंचे और उनमें से एक ने नजदीक से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 

CCTV में कैद वारदात

पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फुटेज में हमलावर वारदात के बाद भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ देर तक बाइक स्टार्ट नहीं होने पर आसपास के लोग उन्हें पकड़ने आगे बढ़े, लेकिन बदमाशों ने हथियार दिखाकर उन्हें डराया और फरार हो गए।

 शहर में आक्रोश, सड़क जाम 

घटना के बाद अधिवक्ताओं और परिजनों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पुलिस लाइन मार्ग पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। 

कोनी कुक्कुट क्षेत्र में बर्ड फ्लू नियंत्रण में, 3 माह तक सख्ती बरकरार


बिलासपुर।  
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में बर्ड फ्लू (H5N1) संक्रमण की पुष्टि के बाद की गई व्यापक कार्रवाई और सैनिटाइजेशन प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के लिए सैनिटाइजेशन प्रमाण-पत्र जारी कर दिया है। हालांकि, संक्रमण की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आगामी तीन माह तक सख्त निगरानी और प्रतिबंध जारी रहेंगे।

संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉक्टर जीएसएस तंवर द्वारा ने बताया कि कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में निशाद भोपाल द्वारा पक्षियों की जांच के बाद बर्ड  फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके पश्चात संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, रायपुर के निर्देशानुसार प्रभावित क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए पोल्ट्री फार्म को पूर्णतः खाली कराया गया।संक्रमित क्षेत्र में मौजूद पक्षियों, अंडों, दाना एवं अन्य सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में 4 प्रतिशत फॉर्मेलिन एवं सोडियम हाइपोक्लोराइट से व्यापक सैनिटाइजेशन और डिसइन्फेक्शन कार्य किया गया, जिससे संक्रमण के प्रसार को प्रभावी रूप से रोका जा सके।

       निर्धारित मानकों के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद संबंधित क्षेत्र को सैनिटाइज घोषित करते हुए प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। अब क्षेत्र में पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस प्लान (POSP) के तहत लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक 15 दिनों में नमूना परीक्षण किया जाएगा और चार चरणों तक निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही क्षेत्र को पूर्णतः सुरक्षित माना जाएगा।डॉक्टर तंवर ने स्पष्ट किया है कि सर्विलांस जोन के भीतर और 10 किलोमीटर की परिधि में पक्षियों एवं उनके उत्पादों के परिवहन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। वहीं, संक्रमित केंद्र (0-1 किमी क्षेत्र) में कम से कम तीन माह तक पोल्ट्री पालन और विक्रय पर पूर्ण रोक लागू रहेगी। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी कुक्कुट पालकों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार द्वारा जारी एसओपी का कड़ाई से पालन करें तथा पक्षियों की असामान्य मृत्यु की सूचना तत्काल विभाग को दें। प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों से जहां एक ओर संक्रमण पर नियंत्रण पाया गया है, वहीं दूसरी ओर भविष्य में किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त सतर्कता बरती जा रही है।

“रिसॉर्ट बनेगा” कहकर सपना दिखाया… करोड़ों ले उड़े, 7 साल तक चलता रहा धोखा


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मध्यप्रदेश के कान्हा किसली में रिसॉर्ट व आइसलैंड बनाने के नाम पर शहर के एक कारोबारी से 3.15 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को एक ही रात में गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, मिनोचा कॉलोनी निवासी कारोबारी विकास चंदेल की वर्ष 2017 में दीपेंद्र पाणी और कुसमाकर भोंसले से पहचान हुई थी। दोनों ने मध्यप्रदेश के कान्हा किसली अभयारण्य में रिसॉर्ट और आइसलैंड विकसित करने का प्रोजेक्ट दिखाकर उन्हें निवेश के लिए तैयार किया।

आरोप है कि जमीन और प्रोजेक्ट के नाम पर एग्रीमेंट कर अलग-अलग किस्तों में उनसे कुल 3 करोड़ 15 लाख रुपये ले लिए गए। सात वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ और न ही परियोजना आगे बढ़ी। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद विकास चंदेल ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन मामला आपसी लेनदेन बताकर पुलिस ने कोर्ट जाने की सलाह दे दी।

पीड़ित ने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दायर किया, जिस पर कोर्ट ने सिविल लाइन थाना प्रभारी को तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश मिलते ही पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दीपेंद्र पाणी को रायपुर के राजेंद्र नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया,  दीपेंद्र पाणी रायपुर में “पाणी कंसलटेंट” नाम से एजेंसी संचालित करता था जबकि कुसमाकर भोंसले को सरोरा गांव से पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने ठगी करना स्वीकार कर लिया। बीते मंगलवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। 

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से की मुलाकात, बस्तर विकास का रोडमैप सौंपा


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास के बाद गुरुवार सुबह रायपुर लौट आए। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि प्रवास के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तथा सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश से मुलाकात हुई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से नक्सलवाद की समस्या से मुक्ति दिलाने के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही बस्तर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि देश की जनता का विश्वास एनडीए और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बना हुआ है। असम सहित विभिन्न राज्यों में पार्टी की स्थिति मजबूत है और आगामी चुनावों में बेहतर परिणाम की उम्मीद है। साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इस अधिनियम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिसका वे स्वागत करते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सौम्या चौरसिया और के.के. श्रीवास्तव को जमानत, कोर्ट ने लगाई सख्त शर्तें


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ी राहत देते हुए अदालत ने पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया और के.के. श्रीवास्तव को सशर्त जमानत दे दी है। दोनों को आज शाम जेल से रिहा कर दिया गया है। अदालत ने जमानत देते हुए दोनों आरोपियों को पासपोर्ट जमा करने और प्रत्येक पेशी में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

इसी बीच राज्य के EOW और ACB की टीम ने विशेष न्यायालय में इस मामले का 9वां पूरक चालान प्रस्तुत किया है। मामले में अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं और भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराएं (धोखाधड़ी, जालसाजी, षड़यंत्र) लागू हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे मामले में संगठित तरीके से अवैध उगाही और धन के लेन-देन का नेटवर्क काम कर रहा था। 

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com