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प्रख्यात कवि माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन देता है राष्ट्रप्रेम और समर्पण की प्रेरणा : उप मुख्यमंत्री

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बिलासपुर केंद्रीय जेल के सामने प्रख्यात कवि एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण किया। नगर निगम बिलासपुर द्वारा स्वतंत्रता संग्राम और साहित्य में उनके योगदान तथा बिलासपुर से जुड़े ऐतिहासिक संबंध को संजोए रखने के लिए यह प्रतिमा स्थापित की गई है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, नगर निगम सभापति विनोद सोनी, जिला अध्यक्ष श्री दीपक सिंह ठाकुर उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस अवसर पर कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन राष्ट्रप्रेम, त्याग और समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपनी लेखनी से देशवासियों में स्वतंत्रता की चेतना जगाई। बिलासपुर के लिए यह गौरव की बात है कि यहां की केंद्रीय जेल में ‘पुष्प की अभिलाषा’ जैसी कालजयी कविता की रचना हुई। श्री साव ने कहा कि उनकी प्रतिमा नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से परिचित कराते हुए देश और समाज के प्रति अपने दायित्व निभाने के लिए प्रेरित करेगी। महापुरुषों की स्मृतियों को सहेजना उनके विचारों और मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम है।

‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से विख्यात पंडित माखनलाल चतुर्वेदी का बिलासपुर केंद्रीय जेल से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। असहयोग आंदोलन के दौरान वे 5 जुलाई 1921 से 1 मार्च 1922 तक बिलासपुर केंद्रीय जेल की बैरक क्रमांक 9 में कैदी संख्या 1527 के रूप में निरुद्ध रहे। कारावास के इसी दौर में उन्होंने 18 फरवरी 1922 को अपनी अमर कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ की रचना की। मातृभूमि के लिए सर्वस्व समर्पित करने की भावना से ओतप्रोत इस कविता की पंक्तियां आज भी देशवासियों में राष्ट्रप्रेम का संचार करती हैं।

      बिलासपुर केंद्रीय जेल की बैरक क्रमांक 9 को उनकी स्मृति में स्मारक के रूप में सहेजा गया है। अब जेल के सामने उनकी प्रतिमा की स्थापना से शहर की गौरवशाली साहित्यिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी स्मृतियों को नई पहचान मिली है।

‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर सजा राज्योत्सव, 40 स्टॉलों में दिखीं सरकारी योजनाएं

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव 2026 में प्रदेश की विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक देखने को मिली। ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर आयोजित प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों ने 40 स्टॉलों के माध्यम से सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और तकनीकी नवाचारों की जानकारी दी। लोगों ने स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में जाना।

फोटो प्रदर्शनी में दिखी विकास यात्रा

जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को छायाचित्रों के जरिए प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में प्रदेश के बदलते स्वरूप और विकास से जुड़ी पहल को दर्शाया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोठ लइका योजना और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सहित महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनजातीय समुदायों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों को प्रदर्शित किया।

शिक्षा, परिवहन और स्वरोजगार की योजनाओं पर फोकस

नगर निगम के स्टॉल में नालंदा परिसर, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा और पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी दी गई। इन योजनाओं के जरिए शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन और छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहायता देने से जुड़े प्रयासों को सामने रखा गया।

जिला पंचायत ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और वीबी जी राम जी योजना सहित ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं का प्रदर्शन किया। ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार की गतिविधियां भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहीं।

शिक्षा विभाग ने डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, पोषण सहायता, बुनियादी सुविधाओं और समग्र शिक्षा के तहत संचालित योजनाओं को पांच प्रमुख श्रेणियों में प्रस्तुत किया। आयुष विभाग के स्टॉल में निःशुल्क औषधि वितरण, स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा दी गई। साथ ही, सीड बॉल निर्माण, आरोग्य किट और औषधीय पौधों के जरिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।

जिले में 3,542 उद्योग स्थापित होने की जानकारी

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत उद्योगों को मिलने वाले अनुदान, छूट और प्रोत्साहन सुविधाओं की जानकारी दी।

प्रदर्शनी में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, जिले में पिछले 26 वर्षों के दौरान 3,542 उद्योग स्थापित हुए। इनमें 1,62,252.95 लाख रुपये का पूंजी निवेश हुआ और 20,037 लोगों को रोजगार मिला। पिछले तीन वर्षों में 21 महिला उद्यमियों द्वारा उद्योग स्थापित किए जाने की उपलब्धि भी प्रदर्शित की गई।

राख से बने उत्पादों ने दिखाई तकनीकी नवाचार की झलक

एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को दर्शाया गया। यहां फ्लाई ऐश से बनी ईंटें, गिट्टी, इंटरलॉकिंग ब्लॉक और पार्क बेंच जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए।

प्रदर्शनी में पूरी तरह राख से निर्मित ‘विकल्प ईंट’ और राख से रेत बनाने की तकनीक भी दिखाई गई। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को भी जगह मिली।

एनटीपीसी सीपत ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि ‘संकल्प’ कोचिंग के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को जेईई और नीट की निःशुल्क तैयारी कराई गई। बालिका सशक्तिकरण अभियान के तहत 641 बालिकाओं को प्रशिक्षण देने और 153 मेधावी छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की उपलब्धियां भी प्रदर्शित की गईं।

वन, पुलिस और बिजली विभाग ने भी बताईं उपलब्धियां

राज्योत्सव में वन विभाग, पुलिस विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड सहित अन्य विभागों ने भी अपने स्टॉल लगाए। इनके माध्यम से विभागीय योजनाओं, गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी गई।

कुल मिलाकर, राज्योत्सव की विकास प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण, युवाओं के अवसर, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए। 40 स्टॉलों के जरिए लोगों को सरकारी योजनाओं और प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों से रूबरू कराया गया।

जीजा के घर की रेकी कर साले ने उड़ाए 37 लाख के गहने, CCTV ने खोला राज!

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / ऑनलाइन जुआ खेलने की लत और कर्ज चुकाने के लिए एक युवक ने अपने ही जीजा के घर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के लक्ष्मी नगर में हुई लाखों की चोरी के मामले में पुलिस ने जीजा के साले को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से चोरी के करीब 25 तोला सोने के जेवर बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 37 लाख रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय (31) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से महासमुंद जिले का निवासी है और फिलहाल रायपुर के प्रिंस कॉलोनी, लक्ष्मी नगर क्षेत्र में रहता था। पुलिस ने उसके खिलाफ टिकरापारा थाने में अपराध क्रमांक 1004/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 में मामला दर्ज किया है।

सूने मकान का ताला काटकर की चोरी

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अनिल शर्मा कृषि विभाग में तकनीकी विशेषज्ञ हैं और उनकी पोस्टिंग कोंडागांव में है। वह अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं। रायपुर के लक्ष्मी नगर स्थित उनके मकान में माता-पिता और बड़े भाई का परिवार भी रहता है।

शिकायत के मुताबिक, 28 अक्टूबर को मकान की साफ-सफाई के बाद घर में ताला लगाया गया था। 30 अक्टूबर की सुबह अनिल शर्मा की मां ने फोन कर बताया कि मकान के मुख्य दरवाजे का ताला कटा हुआ है और अंदर चोरी हुई है।

रायपुर पहुंचकर जांच करने पर आलमारी और लॉकर टूटे मिले। वहां रखे सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी भी गायब थी। इसके बाद टिकरापारा थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

CCTV फुटेज से खुला राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) रॉबिन्सन गुरिया के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दीवार फांदकर मकान में प्रवेश करता और सीढ़ियों से ऊपर जाता दिखाई दिया। जांच के दौरान उसकी पहचान शिकायतकर्ता के साले प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय के रूप में हुई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने शुरुआत में बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लगातार पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर चोरी करना स्वीकार कर लिया।

दो दिन जीजा के घर रुका था आरोपी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे ऑनलाइन जुआ खेलने की आदत है और उस पर काफी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने चोरी की योजना बनाई।

पुलिस का कहना है कि आरोपी कुछ दिन पहले अपनी बहन के साथ जीजा के घर दो दिन रुका था। इस दौरान उसे घर में रखे सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों तथा नकदी की जानकारी हो गई थी। उसे यह भी पता था कि उसकी बहन कोंडागांव चली गई है और मकान खाली रहेगा।

आरोप है कि वारदात के दिन वह दीवार फांदकर मकान में दाखिल हुआ। इसके बाद छोटे ग्राइंडर की मदद से दरवाजे की कुंडी और ताला तोड़ा और आलमारी का लॉकर खोलकर गहने व नकदी चुरा ली। पुलिस के मुताबिक, संदेह से बचने के लिए उसने कुछ आभूषण वहीं छोड़ दिए और कपड़ों को व्यवस्थित करके रख दिया।

37 लाख के सोने के जेवर बरामद

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के करीब 25 तोला सोने के जेवर बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 37 लाख रुपये बताई गई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई है।

निर्माण कार्यों की सुस्ती पर डिप्टी सीएम साव सख्त, बोले- तय समय में पूरे हों सभी काम

रायपुर/मुंगेली। TODAY छत्तीसगढ़  / मुंगेली में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता पर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार, 2 नवंबर को उन्होंने नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन प्रवेश द्वार, स्विमिंग पूल, नालंदा परिसर और नगर पालिका भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए।

अरुण साव ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। काम में अनावश्यक देरी या किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करने को कहा। निरीक्षण के दौरान विधायक धरमलाल कौशिक भी मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री ने सबसे पहले साइंस कॉलेज के पास नवागढ़ रोड पर बन रहे प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण की स्थिति पूछी और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने निर्माणाधीन स्विमिंग पूल और नालंदा परिसर का जायजा लिया। दोनों परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता के मानकों का पालन करने और निर्धारित समय में काम पूरा कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

अरुण साव ने नगर पालिका भवन के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। अधिकारियों को निर्माण की प्रगति पर लगातार नजर रखने और काम में होने वाली देरी को दूर करने के निर्देश दिए गए। 

निर्माण कार्यों के निरीक्षण के बाद उप मुख्यमंत्री कर्मा माता मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रदेश की निरंतर उन्नति और प्रगति के लिए भी प्रार्थना की।

मछली पालन से बोटिंग तक, चित्रकोट की सहकारी समिति ने खड़ी की सफलता की मिसाल

रायपुर / TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय और प्रेरणादायक कार्य करने वाले विभूतियों को सम्मानित किए जाने की परंपरा के तहत इस वर्ष बस्तर अंचल से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राज्य शासन ने जगदलपुर के चित्रकोट स्थित प्राथमिक कुडुक मछुआ एवं नौका विहार सहकारी समिति मर्यादित के अध्यक्ष श्री धनसिंह बघेल को राज्य के प्रतिष्ठित ‘ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने की घोषणा की है।

*शून्य से शिखर तक का सफर

        इंद्रावती नदी के तट पर बसे इस वनांचल अंचल में कभी ग्रामीण पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने, वनोपज संग्रहण और सीमित कृषि पर ही आश्रित हुआ करते थे। मत्स्य पालन विभाग के मार्गदर्शन में वर्ष 2009 में मात्र 42 सदस्यों को संगठित कर श्री धनसिंह बघेल ने इस समिति की नींव रखी थी। शुरुआती संघर्षों के बाद इस समिति ने वर्ष 2014 से चित्रकोट सिंचाई जलाशय और ग्राम पंचायत के रावन मुंडा को पट्टे पर लेकर मत्स्य पालन की दिशा में एक नया अध्याय शुरू किया। प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के पर्यटन महत्व को पहचानते हुए समिति ने सहकारिता विभाग के सहयोग से इसमें श्नौका विहारश् (बोटिंग) को भी जोड़ा, जो आज इनकी सफलता का सबसे बड़ा आधार बन गया है।

*स्वावलंबन और आर्थिक तरक्की की कहानी

      वर्तमान में 62 सदस्यों (जिसमें 41 पुरुष और 21 महिलाएं शामिल हैं) की सहभागिता वाली यह समिति आज बस्तर में स्वावलंबन का एक सशक्त केंद्र बन चुकी है। जलाशय और नदी से प्रतिवर्ष क्रमशः 1,980 और 3,600 किलोग्राम मछली का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे लगभग साढ़े 9 लाख रुपये की आय हो रही है। पर्यटकों को नौका विहार की सुविधा उपलब्ध कराकर सालाना लगभग 8 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो रही है। समिति का औसत वार्षिक शुद्ध लाभ अब 10 लाख रुपये तक पहुँच चुका है, जिसमें अकेले वित्त वर्ष 2024-25 में ही 8,32,985 रुपये का शानदार शुद्ध लाभ दर्ज किया गया।

*आत्मनिर्भरता की नई मिसाल और जीवनस्तर में सुधार

       वर्तमान में इस समिति के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के रूप में 250 लाइफ जैकेट, 7 नावें और आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। शासन की शुरुआती योजनाओं और अनुदानों से संबल मिलने के बाद अब यह समिति पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुकी है। अपनी मेहनत और वित्तीय मजबूती के दम पर समिति ने खुद के खर्चे से मछली अवतरण के लिए लैंडिंग सेंटर का निर्माण कराया है और परिवहन के लिए पिकअप वाहन भी खरीदा है।

        इस सहकारिता मॉडल ने बस्तर के 62 परिवारों के जीवनस्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। आज इन परिवारों के सदस्य अपनी मेहनत के बल पर मोटरसाइकिल जैसी सुविधाएं जुटाने के साथ-साथ अपने बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने में पूरी तरह सक्षम हो रहे हैं। श्री धनसिंह बघेल के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय संसाधनों, सहकारिता की शक्ति और पर्यटन के सुनियोजित मेल से वनांचल के लोगों की तकदीर और तस्वीर दोनों बदली जा सकती हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे बस्तर अंचल में हर्ष का माहौल है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को मातृशोक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताई संवेदना

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी काशी बाई के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश साझा करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि माताजी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मां का स्नेह और आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा संबल होता है। उनका जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके समस्त शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्होंने परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में धैर्य और संबल की कामना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों-पेंशनरों का महंगाई भत्ता 60% हुआ, 1 नवंबर से मिलेगा लाभ

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को दीपावली से पहले आर्थिक राहत दी है। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनरों की महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इससे दोनों की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी। नई दरें राज्य स्थापना दिवस यानी 1 नवंबर 2026 से लागू होंगी।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 3.85 लाख शासकीय कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनर लाभान्वित होंगे। यानी कुल लगभग 5.35 लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा। महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में वृद्धि से कर्मचारियों के वेतन और पेंशनरों की पेंशन में बढ़ोतरी होगी। वास्तविक लाभ संबंधित वेतन और पेंशन की राशि के आधार पर अलग-अलग होगा।

सरकार पर हर महीने 36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार

महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने से राज्य सरकार पर करीब 36 करोड़ रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इस हिसाब से सरकार को सालाना लगभग 432 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।

बढ़ती महंगाई के बीच इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनरों को अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिलेगा। त्योहार के दौरान घरेलू खर्च, खरीदारी और दूसरी जरूरतों के लिए भी बढ़ी हुई राशि उपयोगी हो सकती है।

2% बढ़ोतरी से कितना होगा फायदा?

महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि के आधार पर विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए अनुमानित लाभ इस प्रकार बताया गया है:

कर्मचारी श्रेणीअनुमानित मासिक लाभ
प्रथम श्रेणी₹2,250–₹3,250
द्वितीय श्रेणी₹1,475–₹2,350
तृतीय श्रेणी₹1,250–₹1,650
चतुर्थ श्रेणी₹650–₹1,150

नोट: ये अनुमानित लाभ हैं। वास्तविक बढ़ोतरी संबंधित कर्मचारी के महंगाई भत्ता गणना आधार और वेतन पर निर्भर करेगी।

कर्मचारियों-पेंशनरों के हित में फैसला: CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है। दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक संबल मिलेगा और उनके परिवारों में त्योहार की खुशियां बढ़ेंगी। नई दरें 1 नवंबर से लागू होने के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों को नवंबर से बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।

अवैध रेत परिवहन मामले में आरोपी को कठोर कारावास, विशेष न्यायालय ने सुनाई सजा

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में रेत के अवैध परिवहन के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और कुल 26 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला अरपा नदी के नगोई घाट से ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत के अवैध परिवहन से जुड़ा है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान प्रकरण दर्ज किया गया था।

खनिज शाखा से मिली जानकारी के अनुसार, 17 जून 2025 को ग्राम नगोई घाट स्थित अरपा नदी से ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक CG 10 BE 7869 में रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर कुंवर सिंह कंवर, पिता सम्मार सिंह, निवासी सल्का, थाना कोटा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। कार्रवाई के बाद वाहन को पुलिस चौकी बेलगहना की अभिरक्षा में रखा गया था।

दो अलग-अलग प्रावधानों में सजा और जुर्माना

मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, जिला बिलासपुर ने 28 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), सहपठित धारा 3(5) के तहत आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत 25 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया। इस तरह कुल जुर्माना 26 हजार रुपये हुआ।

विशेष अभियान में 66 मामलों में FIR

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 15 जून 2025 को खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की।

अभियान के तहत कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा और हिर्री थानों में कुल 66 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इनमें से एक मामले में अब न्यायालय का फैसला आया है।

प्रशासन के अनुसार, अवैध खनिज गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई और न्यायालय से मिल रही सजा का उद्देश्य ऐसे मामलों पर रोक लगाना और नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ा संदेश देना है।

तूफान ‘अर्नब’ का असर: सरकारी और निजी स्कूलों में कल अवकाश

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए बिलासपुर जिले में कल 29 अक्टूबर, गुरुवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह छुट्टी जिले के सभी शासकीय और अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों पर लागू होगी।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के आधार पर यह फैसला छात्र-छात्राओं को स्कूल पहुंचने में होने वाली संभावित परेशानी और उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बिलासपुर की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 29 अक्टूबर गुरुवार को जिले के सभी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश रहेगा। आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

सुकमा में कलेक्टर-एसपी का ताबड़तोड़ दौरा, चार बिजली फीडर जल्द चालू करने के निर्देश

सुकमा। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और नागरिक सुविधाओं की स्थिति जांचने के लिए कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने संयुक्त मैदानी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन की तैयारियों, छात्रावास, बिजली आपूर्ति, पोषण पुनर्वास केंद्र और धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और जनहित के कार्यों में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। 

तूफान की आशंका के बीच राहत शिविरों का निरीक्षण

संभावित ‘अर्नब’ तूफान को देखते हुए कलेक्टर और एसपी ने कोंटा के आईटीआई और रेस्ट हाउस में बनाए गए बाढ़ एवं आपदा राहत शिविरों का जायजा लिया। उन्होंने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को सतर्क रहने और राहत-बचाव कार्यों के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए।

इसके बाद अधिकारियों ने सीआरपीएफ कैंप रामाराम में निर्माणाधीन ‘सेवा डेरा’ का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए काम तय समय-सीमा में पूरा करने को कहा। कोंटा एसडीएम कार्यालय के सिंगल विंडो कक्ष में नागरिकों से संवाद कर सरकारी सेवाएं सरल, पारदर्शी और समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

छात्रावास में विद्यार्थियों से पढ़ाई का हाल जाना

कलेक्टर अमित कुमार और एसपी मयंक गुर्जर पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास, कोंटा भी पहुंचे। यहां उन्होंने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, तिमाही परीक्षा के परिणाम और दैनिक अध्ययन की दिनचर्या के बारे में जानकारी ली।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा, आवास और भोजन के लिए शासन की ओर से उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला प्रशासन की ‘क्षितिज कोचिंग’ का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी।

एसपी ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, अनुशासन और एकाग्रता के साथ मेहनत करने तथा पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी बेहतर प्रदर्शन करने को कहा। अधिकारियों ने छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मीनू और दैनिक सुविधाओं की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए।

चार बिजली फीडर जल्द चालू करने के निर्देश

विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत बंडा में नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र का निरीक्षण किया। तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद संबंधित अधिकारियों को चारों फीडर जल्द चालू करने के निर्देश दिए गए। इससे वनांचल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बेहतर और निर्बाध बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा कोंटा स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने धान खरीदी केंद्र, कोंटा का भी औचक निरीक्षण किया। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त रखने और किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान देने को कहा गया।

दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

दौरे के दौरान प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, विद्युत अधोसंरचना और कृषि उपज खरीदी से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा, विकास कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता प्राथमिकता है।

इस दौरान कोंटा एसडीएम निधि प्रधान, सीएसईबी के कार्यपालन अभियंता सौरभ विश्वकर्मा, जिला खाद्य अधिकारी रवि कोमरा और एसी ट्राइबल हेमंत सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। 


रायपुर से दिल्ली जाना है? जानिए पूजा स्पेशल ट्रेन की तारीख और टाइमिंग

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  दीपावली और छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने दुर्ग और हजरत निजामुद्दीन के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे लगाएगी। इससे छत्तीसगढ़ से दिल्ली और रास्ते के प्रमुख स्टेशनों तक जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी।

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 08751 दुर्ग-निजामुद्दीन पूजा स्पेशल दुर्ग से 1, 8 और 15 नवंबर 2026 को प्रत्येक रविवार रवाना होगी। वापसी में गाड़ी संख्या 08752 निजामुद्दीन-दुर्ग पूजा स्पेशल निजामुद्दीन से 2, 9 और 16 नवंबर को प्रत्येक सोमवार चलेगी।

छत्तीसगढ़ के इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

इस ट्रेन का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रायपुर, उसलापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया स्टेशनों पर रहेगा। इसके अलावा ट्रेन कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, आगरा कैंट और मथुरा होते हुए निजामुद्दीन पहुंचेगी।

दुर्ग से निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेन का टाइम टेबल

गाड़ी संख्या 08751 दुर्ग से सुबह 10:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:10 बजे निजामुद्दीन पहुंचेगी।

स्टेशनआगमनप्रस्थान
दुर्ग—10:45
रायपुर11:2011:25
उसलापुर13:2013:30
पेंड्रारोड14:5514:57
अनूपपुर15:4015:45
शहडोल16:2016:22
उमरिया17:1417:16
कटनी मुड़वारा19:4019:50
दमोह20:5020:52
सागर22:0022:05
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसीअगले दिन 03:2503:35
आगरा कैंट07:1007:15
मथुरा08:5509:00
हजरत निजामुद्दीन—11:10 आगमन

समय 24 घंटे के बजाय सामान्य घड़ी के प्रारूप में दिया गया है।

निजामुद्दीन से दुर्ग लौटने वाली ट्रेन की टाइमिंग

गाड़ी संख्या 08752 निजामुद्दीन से दोपहर 12:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1:45 बजे दुर्ग पहुंचेगी।

स्टेशनआगमनप्रस्थान
हजरत निजामुद्दीन—12:30
मथुरा14:1514:20
आगरा कैंट15:1015:15
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी19:5019:55
सागर23:5023:55
दमोहअगले दिन 01:0001:02
कटनी मुड़वारा02:4502:55
उमरिया04:1804:20
शहडोल05:3805:40
अनूपपुर06:3006:35
पेंड्रारोड07:1507:17
उसलापुर09:4509:55
रायपुर12:1012:15
दुर्ग—13:45 आगमन

ट्रेन में होंगे 20 कोच

रेलवे के मुताबिक, पूजा स्पेशल ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें दो एसएलआरडी, चार जनरल, 11 स्लीपर, दो एसी थ्री-टियर और एक एसी सेकंड क्लास कोच शामिल हैं।

त्योहारों के दौरान अतिरिक्त यात्रियों को सुविधा देने के उद्देश्य से यह ट्रेन चलाई जा रही है। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले संचालन की तारीख, समय-सारिणी और ठहराव की जानकारी रेलवे की अधिकृत वेबसाइट, NTES या RailOne ऐप से जांचने की सलाह दी गई है।

कांग्रेस भवन में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत BLA की बैठक

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत बिलासपुर के कांग्रेस भवन में बूथ लेवल एजेंट (BLA) की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में AICC प्रभारी विजय जांगिड़, AICC ऑब्जर्वर नवज्योति पटनायक, बिलासपुर विधानसभा प्रभारी शैलेश नितिन त्रिवेदी और जिला ग्रामीण प्रभारी सीमा वर्मा शामिल हुए।

बैठक में अभियान से जुड़े विषयों और BLA की भूमिका पर चर्चा की गई। इस दौरान कांग्रेस नेता विजय पांडेय ने भी बैठक में भाग लिया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला ग्रामीण और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व महापौर, पूर्व जिला शहर अध्यक्ष, पूर्व जिला अध्यक्ष और विभिन्न ब्लॉक अध्यक्षों सहित वरिष्ठ कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

कांग्रेस की इस बैठक को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत संगठनात्मक गतिविधियों और BLA की भूमिका पर चर्चा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जयपुर, जमशेदपुर और कोलकाता के बीच सफर होगा आसान, नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू

नई दिल्ली/जयपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में नई रेल सेवा की शुरुआत की गई है। जयपुर (खातीपुरा)-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन को सोमवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर ट्रेन को रवाना किया।

नई ट्रेन सेवा से जयपुर, जमशेदपुर और कोलकाता के बीच रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे प्रवासी श्रमिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और विभिन्न राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही रोजगार, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

झारखंड में रेलवे परियोजनाओं पर 75 हजार करोड़ रुपये खर्च

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने झारखंड में रेलवे के विकास से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में रेलवे बजट का आवंटन पहले के 450 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,500 करोड़ रुपये हो गया है। यह पूर्व आवंटन की तुलना में लगभग 16 गुना है। उन्होंने कहा कि झारखंड में करीब 75,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

रेल मंत्री के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें गोड्डा, गोविंदपुर रोड, लोहरदगा, मधुपुर और मुरी सहित कई स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है।

देशभर में 1,300 से अधिक स्टेशनों का पुनर्विकास

रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर में 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चुना गया है। पश्चिम बंगाल के सांतरागाछी, जलपाईगुड़ी रोड, जयचंडी पहाड़, हल्दिया और कामाख्यागुड़ी सहित कई स्टेशनों पर भी विकास कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि रेलवे आम लोगों, विशेषकर मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किफायती परिवहन का प्रमुख साधन है। ऐसे में स्टेशनों का आधुनिकीकरण और रेल कनेक्टिविटी में सुधार यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगा।

हावड़ा-टाटानगर रेलखंड पर चार लाइनें बिछाने का काम जारी

रेल मंत्री ने बताया कि हावड़ा, खड़गपुर, चाकुलिया और टाटानगर को जोड़ने वाले रेलखंड पर चार लाइनें बिछाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा कोलकाता मेट्रो के बेलघाटा-आईटी सेंटर से संबंधित 4.5 किलोमीटर लंबे सेक्शन का निर्माण पूरा हो चुका है और इस पर ट्रायल रन शुरू हो गए हैं। इस सेक्शन से ग्रीन लाइन की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पश्चिम बंगाल के रेल बजट में भी बढ़ोतरी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से 2014 के दौरान पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे बजट का औसत वार्षिक आवंटन 4,380 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026-27 में बढ़कर 14,205 करोड़ रुपये हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे बजट में बढ़ोतरी से राज्य में रेल अवसंरचना के विकास और कनेक्टिविटी में सुधार को गति मिलेगी। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष, महापौर सुनील कोठारी, सांसद विद्युत बरन महतो, सांसद मंजू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत को पांच राज्यों के बीच यात्री आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब सीधी जिले तक पहुंचेगी रेल! 65 किमी का रीवा-चुरहट रेलखंड शुरू

रीवा / TODAY छत्तीसगढ़  /  विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। सतना–देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर और रीवा–चुरहट के 65 किलोमीटर लंबे रेलखंडों का 24 अक्टूबर 2026 को शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में देवेंद्रनगर–चुरहट नई यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेल मंत्री कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

दोनों रेलखंडों के शुरू होने से खास तौर पर सीधी जिले के लोगों को रेल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों के लिए आवागमन आसान होने के साथ ही उद्योगों, किसानों और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

₹1,943 करोड़ से तैयार हुए दोनों रेलखंड

ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना के तहत सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड का निर्माण करीब ₹873 करोड़ की लागत से किया गया है। इसकी लंबाई लगभग 53 किलोमीटर है। फुलवारी से देवेंद्रनगर के बीच अंतिम 8 किलोमीटर का काम पूरा होने के बाद यह रेलखंड परिचालन के लिए तैयार हुआ।

वहीं, रीवा–चुरहट के बीच करीब 65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन लगभग ₹1,070 करोड़ की लागत से बनाई गई है। रामपुर नैकिन से चुरहट तक लगभग 22.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ परियोजना का यह हिस्सा भी पूरा हो गया। चुरहट तक रेल संपर्क बनने से सीधी जिले के लोगों को देश के रेल नेटवर्क से जुड़ने का नया विकल्प मिला है।

रेल मंत्री बोले- शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच होगी आसान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास के नए अवसर खुलेंगे। इससे शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

रेल मंत्री के मुताबिक, मध्य प्रदेश में करीब ₹1 लाख करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी लाइन तथा आमान परिवर्तन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इनके पूरा होने से भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ मेमू और इंटरसिटी जैसी छोटी दूरी की रेल सेवाएं बढ़ाने की संभावनाएं बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया क्षेत्र के लिए दिवाली का उपहार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल कनेक्टिविटी को विंध्य और बुंदेलखंड के लोगों के लिए दिवाली का उपहार बताया। उन्होंने कहा कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत करेगी। इससे ललितपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, रेल संपर्क बेहतर होने से किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने, उद्योगों को माल परिवहन और युवाओं को शिक्षा व रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। इससे पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

सीधी जिले को रेल संपर्क से मिलेंगे नए अवसर

रीवा–चुरहट रेलखंड से सीधी जिले के नागरिकों को सतना और रीवा के रास्ते रेल सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और नौकरीपेशा लोगों को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने के लिए नया परिवहन विकल्प मिलेगा।

क्षेत्र में चूना पत्थर और अन्य खनिजों की उपलब्धता तथा सीमेंट उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए रेल संपर्क माल ढुलाई को भी आसान बना सकता है। इससे औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

उद्योगों और किसानों को फायदा

सतना और आसपास के क्षेत्रों में सीमेंट तथा अन्य खनिज आधारित उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई रेल लाइन से सीमेंट, क्लिंकर और दूसरे माल के परिवहन को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने और उद्योगों की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बेहतर करने की संभावनाएं हैं।

देवेंद्रनगर, नागौद और पन्ना क्षेत्र के किसानों तथा ग्रामीण व्यापारियों को भी बड़े बाजारों तक पहुंचने के नए विकल्प मिलेंगे। कृषि उपज, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प के परिवहन से व्यापार, वेयरहाउसिंग और अन्य सहायक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को 

विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के कई पर्यटन स्थल हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पन्ना, खजुराहो और रीवा सहित आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

सफेद बाघ सफारी मुकुंदपुर, चचाई और बहुती जलप्रपात, रीवा किला तथा गोविंदगढ़ जैसे स्थलों की यात्रा में सुविधा बढ़ने से पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर स्थानीय परिवहन, होटल, गाइड, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारों को भी लाभ मिल सकता है।

पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

रेल मंत्री ने परियोजना से जुड़े पौधरोपण कार्यों की निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित रेलवे अधिकारियों और जिला प्रशासन को लगाए गए पौधों का निरीक्षण करने तथा उनके जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर नए पौधे लगाने की बात भी कही।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

चुरहट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और सीधी सांसद राजेश मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नागौद रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह और खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

स्मृति ईरानी के दौरे पर कांग्रेस का हमला, दीपक बैज बोले- भाजपा कार्यकर्ताओं से क्यों बना रही दूरी?

भाजपा प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के रायपुर दौरे के बीच कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पार्टी कार्यालय में बिना बुलावे आने से बचने संबंधी निर्देश पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे भाजपा के भीतर असंतोष से जोड़ते हुए महंगाई, 500 रुपये के गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महतारी वंदन योजना और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर जवाब मांगा। साय सरकार पर लगाए गए अपराध और भ्रष्टाचार संबंधी आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं।

रायपुर । TODAY छत्तीसगढ़  /  भाजपा की नवनियुक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि स्मृति ईरानी के दौरे के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय से दूर रहने के निर्देश देना इस बात का संकेत है कि पार्टी अपने ही कार्यकर्ताओं के असंतोष का सामना नहीं करना चाहती।

बैज ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को देवतुल्य बताती रही है, लेकिन अब उन्हें पार्टी कार्यालय आने से रोकने की स्थिति बन रही है। उन्होंने इसे पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी से जोड़ते हुए भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ता राज्य सरकार के कामकाज से नाराज हैं और स्मृति ईरानी को उनके सवालों का सामना करना चाहिए। हालांकि, पार्टी कार्यालय में प्रवेश को लेकर दिए गए कथित निर्देशों और भाजपा कार्यकर्ताओं के असंतोष के दावों पर भाजपा का पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं है।

महंगाई और मोदी की गारंटी पर मांगा जवाब

दीपक बैज ने स्मृति ईरानी के पुराने महंगाई विरोधी अभियानों का जिक्र करते हुए गैस सिलेंडर, खाद्य तेल, शक्कर, राशन सामग्री, कपड़े और दवाइयों की बढ़ती कीमतों को लेकर भाजपा से सवाल किए। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी ने पहले महंगाई के खिलाफ आंदोलन किए थे और शक्कर की कीमत 13 रुपये प्रति किलो करने का वादा भी किया था। बैज ने तंज कसते हुए कहा कि अब उनके पास अपने पुराने वादों पर जवाब देने का अवसर है।

कांग्रेस नेता ने भाजपा के चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने, पेट्रोल-डीजल की कीमत 35 रुपये करने और महतारी वंदन योजना का लाभ बिना भेदभाव देने की बात कही थी। बैज ने सवाल किया कि भाजपा सरकार इन वादों को कब पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी को प्रदेश की जनता के सामने इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों पर भी आरोप लगाए। बैज ने दावा किया कि राज्य में अपराध, अवैध नशे का कारोबार और भ्रष्टाचार बढ़े हैं। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों, दुष्कर्म, एसिड अटैक, अपहरण और हत्याओं की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उन्होंने महिलाओं के खिलाफ प्रतिदिन औसतन आठ से नौ दुष्कर्म की घटनाएं होने का दावा भी किया। इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक पुलिस या अपराध संबंधी आंकड़ों की जरूरत होगी। बैज ने कहा कि स्मृति ईरानी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की प्रतिनिधि के रूप में प्रदेश में आई हैं और उन्हें राज्य सरकार को चुनाव के दौरान किए गए वादों की याद दिलानी चाहिए।

स्मृति ईरानी के दौरे को लेकर कांग्रेस ने जहां भाजपा के आंतरिक असंतोष और चुनावी वादों को मुद्दा बनाया है, वहीं इन आरोपों पर भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद के दूसरे पक्ष की भी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

CM साय ने स्वर्गीय शांताराम को दी श्रद्धांजलि, स्मृति में बने उद्यान का किया लोकार्पण

मुंगेली: TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचे। यहां उन्होंने मदकूद्वीप की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री उनके वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में निर्मित स्मृति उद्यान का लोकार्पण किया।

विरासत संरक्षण में योगदान को किया याद

मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय शांताराम के योगदान को याद करते हुए कहा कि मदकूद्वीप छत्तीसगढ़ की पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके संरक्षण और ऐतिहासिक महत्व को सामने लाने के लिए शांताराम ने लंबे समय तक काम किया।

उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं होती, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपरा, इतिहास और उन लोगों से भी होती है, जो इन धरोहरों को सहेजने के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं।

सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी योगदान

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वर्गीय शांताराम की सामाजिक सेवा केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं थी। उन्होंने बैतलपुर में शिव मंदिर निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और विभिन्न सामाजिक कार्यों में योगदान दिया। नवागढ़ स्थित शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उनकी भूमिका रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए किए गए निःस्वार्थ कार्य ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी विरासत होते हैं। शांताराम के कार्य आने वाली पीढ़ियों को सेवा, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा देते रहेंगे।

स्मृति उद्यान में संजोई जाएंगी यादें

सीएम साय ने कहा कि शांताराम की स्मृति में बनाया गया उद्यान उनके जीवन और सेवाभाव के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है। यह स्थान लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ उनके सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों की स्मृतियों को भी जीवंत रखेगा।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया कल्पवृक्ष

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कल्पवृक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि वृक्ष प्रकृति और जीवन का आधार हैं और पौधरोपण के साथ उनकी देखभाल भी जरूरी है।

उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी भी है।

प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व वाले स्थलों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रकृति और संस्कृति संरक्षण के प्रयास साथ-साथ आगे बढ़ाने से इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

मदकूद्वीप में CM साय ने किया कन्या पूजन, कन्या भोज में शामिल होकर लिया प्रसाद

मुंगेली: TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचे। यहां उन्होंने प्राचीन रामाश्रय और गणेश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम की जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि के लिए उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में भी यही कार्यक्रम विवरण सामने आया है।

कन्या पूजन के बाद कन्या भोज में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित कन्या पूजन में हिस्सा लिया। उन्होंने कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया और इसके बाद कन्या भोज में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।

इस दौरान सीएम साय ने कहा कि सनातन परंपरा में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप माना गया है। उनके मुताबिक कन्या पूजन मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है।

मंदिर संग्रहालय में देखी पुरातात्विक विरासत

मुख्यमंत्री ने पुरातत्व विभाग द्वारा स्थापित मंदिर संग्रहालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने वहां संरक्षित पुरातात्विक धरोहरों और ऐतिहासिक अवशेषों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मदकूद्वीप जैसे स्थल छत्तीसगढ़ की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसी धरोहरों के संरक्षण से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने में मदद मिलेगी।

विरासत संरक्षण पर जोर

सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण एवं संवर्धन जरूरी है। उन्होंने ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों को संस्कृति से जोड़ने वाली अमूल्य निधि बताया।

ये जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला और पुन्नू लाल मोहले, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी समेत अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

रंगों से लिखा विकसित भारत का संदेश, आठ स्कूलों की बेटियों ने दिखाई कला

बिलासपुर: TODAY छत्तीसगढ़  / सेवा संकल्प अभियान के तहत लोरमी के मानस मंच में विकासखंड स्तरीय ‘सेवा का रंग’ रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में पहुंचकर कलाकारों और छात्राओं की ओर से बनाई गई रंगोलियों का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता की सराहना की।

जल संरक्षण से डिजिटल इंडिया..

उप मुख्यमंत्री ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी रंगोलियों के विषय और उद्देश्य की जानकारी ली। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने जल संरक्षण, विकसित भारत, नारी सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे विषयों को रंगोली के जरिए प्रस्तुत किया है। अरुण साव ने छात्राओं के उत्साह और रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रंगोली के माध्यम से सेवा भावना और विकसित भारत की कल्पना को सुंदर तरीके से सामने रखा गया है।

पौने दो क्विंटल सामग्री से बनी भव्य रंगोली

कार्यक्रम में कोटा के रंगोली कलाकार रवि पैकरा की ओर से करीब पौने दो क्विंटल सामग्री का इस्तेमाल कर ‘विकसित भारत’ की भव्य रंगोली तैयार की गई। यह रंगोली कार्यक्रम में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। इसके अलावा आठ विद्यालयों की छात्राओं ने अलग-अलग विषयों पर रंगोलियां बनाईं। इनमें जल संरक्षण, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया और नारी सशक्तिकरण जैसे संदेशों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया।

जन-जन तक पहुंचाने का संदेश

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य विकसित भारत की कल्पना को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह समझना जरूरी है कि विकसित भारत की दिशा में उसकी क्या भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि सेवा भावना और जनकल्याण से जुड़े संदेशों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

कवर्धा में 54 करोड़ की सड़क! शहर में एंट्री लेते ही दिखेगी धर्मनगरी की नई पहचान

कवर्धा: TODAY छत्तीसगढ़  / कवर्धा शहर के सड़क नेटवर्क और प्रवेश मार्गों का स्वरूप बदलने की दिशा में बड़ा काम शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 54 करोड़ रुपये की लागत से 7.8 किलोमीटर सड़क को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। सड़क के साथ डिवाइडर का निर्माण होगा और रायपुर व बिलासपुर की ओर शहर के दोनों प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव और उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने गुरुवार को नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में इस परियोजना का भूमिपूजन किया।

चंद्रयान हॉस्पिटल से जोराताल ..

प्रस्तावित फोरलेन सड़क चंद्रयान हॉस्पिटल से शुरू होकर कवर्धा शहर से होते हुए जोराताल के आगे तक जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के करीब किलोमीटर 50 से 57 के बीच 7.8 किलोमीटर हिस्से का फोरलेन उन्नयन और डिवाइडर निर्माण किया जाएगा। इससे शहर के भीतर और प्रमुख मार्गों पर यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान के ...

परियोजना की खास बात यह है कि रायपुर और बिलासपुर की ओर बनाए जाने वाले दोनों प्रवेश द्वारों को धर्मनगरी कवर्धा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। इससे शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों को नया स्वरूप देने के साथ कवर्धा की पहचान को भी उभारने की योजना है।

कवर्धा के अलावा आसपास के...

कार्यक्रम के दौरान अरुण साव ने कवर्धा नगर पालिका में सामुदायिक भवन और मटन मार्केट के लिए 3.50 करोड़ रुपये, नगर पंचायत बोड़ला में बाजार विस्थापन के लिए 1.50 करोड़ रुपये, सहसपुर लोहारा के बाधांटोला में गौरव पथ के लिए 1.50 करोड़ रुपये और नगर पंचायत पिपरिया के खेल मैदान के लिए 1.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इसके अलावा विभिन्न सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की भी घोषणा की गई।

शिक्षा और पर्यटन पर भी फोकस

विजय शर्मा ने कार्यक्रम में बताया कि कवर्धा में करीब 140 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सड़क, शिक्षा, शहर विकास और धार्मिक-पर्यटन स्थलों से जुड़े काम शामिल हैं।

कवर्धा में करीब 4.5 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर विकसित किया जा रहा है। यहां 24 घंटे पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा प्रस्तावित है। नए बस स्टैंड तक पहुंच के लिए घोटिया रोड का निर्माण भी कराया गया है। भोरमदेव परिसर, तालाब परिसर, उद्यान, मेला स्थल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोधा क्षेत्र में भी विकास कार्यों का उल्लेख किया गया।

अरुण साव बोले- बुनियादी सुविधाओं के ..

कार्यक्रम में अरुण साव ने कहा कि सरकार सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। उनके मुताबिक पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग में 12,666 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल जनता के विकास में किया जा रहा है और गांव से शहर तक अधोसंरचना के काम आगे बढ़ रहे हैं।

विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा में सड़क, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना है।

सांसद संतोष पांडेय ने भी गिनाए ..

सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि फोरलेन सड़क और दोनों प्रवेश द्वार कवर्धा की पहचान को नया स्वरूप देंगे। उन्होंने क्षेत्र में सड़क और रेल कनेक्टिविटी से जुड़े प्रस्तावित कार्यों का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

बीरगांव में विकास की झमाझम बारिश! CM साय ने खोला खजाना, 110 करोड़ के नए कामों का ऐलान

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके साथ ही क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए करीब 110 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीरगांव तेजी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है। औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती आबादी को देखते हुए सड़क, पेयजल, सीवरेज, स्वच्छता, खेल और अन्य नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।

STP के लिए 82 करोड़, पानी और ..

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए 82 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई।

सड़क और नाली निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये तथा सरोरा में खेल मैदान के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की बात कही गई। बीरगांव में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नालंदा परिसर बनाने के लिए भी 5 करोड़ रुपये की घोषणा की गई।

स्ट्रीट लाइट से ई-लाइब्रेरी तक ये भी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने व्यास तालाब तिराहा से बीरगांव नाला तक स्ट्रीट लाइट के लिए 1 करोड़ रुपये और बुधवारी बाजार से नगर निगम कार्यालय तक स्ट्रीट लाइट के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रावांभाठा में विद्युतीकरण एवं मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये, सर्व मांगलिक भवन के लिए 1 करोड़ रुपये और शासकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी के लिए 89 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

इसके साथ ही बीरगांव में छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल का जोन कार्यालय शुरू करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की।

बीरगांव का बनेगा रोडमैप

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। बीरगांव भी इसमें शामिल है।

उन्होंने कहा कि इसके जरिए क्षेत्र के सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इससे बीरगांव में शहरी अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विकास को गति मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय और नालंदा परिसर

बीरगांव में मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय बनाने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाओं से जमीन से जुड़ी सेवाओं को आसान बनाया जा रहा है।

इसके अलावा नालंदा परिसर के जरिए विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

सात इलाकों में सर्वे, पात्र लोगों को ..

मुख्यमंत्री ने बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के रावांभाठा, बंजारी नगर, शक्तिपारा, मठपारा, शीतलापारा, उरकुरा और मजदूर नगर सरोरा में सर्वे कराने की घोषणा की।

सरकार के अनुसार सर्वे के बाद पात्र लोगों को नियमानुसार आवासीय पट्टे दिए जाएंगे।

हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ..

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री गृह निर्माण सम्मान योजना और नोनी सुरक्षा योजना समेत विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि के डेमो चेक भी दिए।

कार्यक्रम की शुरुआत में सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने उनके पैर धोकर, तिलक लगाकर और आरती उतारकर उनके योगदान के प्रति सम्मान जताया।

बीरगांव नगर निगम को दो नए अग्निशमन वाहन भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने शासकीय महाविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाया।

साव बोले- विकास कार्यों का सिलसिला जारी रहेगा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बीरगांव में 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। उनके मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य मिले हैं और आने वाले समय में अधोसंरचना व नागरिक सुविधाओं के विस्तार का काम जारी रहेगा।

कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक भावना बोहरा, महापौर नंदलाल देवांगन, सभापति कृपाराम निषाद सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

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