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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को मातृशोक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताई संवेदना

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी काशी बाई के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश साझा करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि माताजी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मां का स्नेह और आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा संबल होता है। उनका जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके समस्त शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्होंने परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में धैर्य और संबल की कामना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों-पेंशनरों का महंगाई भत्ता 60% हुआ, 1 नवंबर से मिलेगा लाभ

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को दीपावली से पहले आर्थिक राहत दी है। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनरों की महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इससे दोनों की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी। नई दरें राज्य स्थापना दिवस यानी 1 नवंबर 2026 से लागू होंगी।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 3.85 लाख शासकीय कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनर लाभान्वित होंगे। यानी कुल लगभग 5.35 लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा। महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में वृद्धि से कर्मचारियों के वेतन और पेंशनरों की पेंशन में बढ़ोतरी होगी। वास्तविक लाभ संबंधित वेतन और पेंशन की राशि के आधार पर अलग-अलग होगा।

सरकार पर हर महीने 36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार

महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने से राज्य सरकार पर करीब 36 करोड़ रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इस हिसाब से सरकार को सालाना लगभग 432 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।

बढ़ती महंगाई के बीच इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनरों को अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिलेगा। त्योहार के दौरान घरेलू खर्च, खरीदारी और दूसरी जरूरतों के लिए भी बढ़ी हुई राशि उपयोगी हो सकती है।

2% बढ़ोतरी से कितना होगा फायदा?

महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि के आधार पर विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए अनुमानित लाभ इस प्रकार बताया गया है:

कर्मचारी श्रेणीअनुमानित मासिक लाभ
प्रथम श्रेणी₹2,250–₹3,250
द्वितीय श्रेणी₹1,475–₹2,350
तृतीय श्रेणी₹1,250–₹1,650
चतुर्थ श्रेणी₹650–₹1,150

नोट: ये अनुमानित लाभ हैं। वास्तविक बढ़ोतरी संबंधित कर्मचारी के महंगाई भत्ता गणना आधार और वेतन पर निर्भर करेगी।

कर्मचारियों-पेंशनरों के हित में फैसला: CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है। दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक संबल मिलेगा और उनके परिवारों में त्योहार की खुशियां बढ़ेंगी। नई दरें 1 नवंबर से लागू होने के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों को नवंबर से बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।

चक्रवात ‘अर्नब’ से फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराएं, किसानों को जल्द राहत देने के निर्देश

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित किसानों को राहत दिलाने में किसी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करे, ताकि किसानों को समय पर सहायता मिल सके।

आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलेगी सहायता

मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का जल्द आकलन किया जाए। सर्वेक्षण के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों और निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने अधिकारियों को सर्वेक्षण से लेकर राहत राशि के वितरण तक की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि प्रभावित किसानों को सहायता पाने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना और संकट की घड़ी में उन्हें हरसंभव संबल देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। चक्रवात से प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने होंगे।

सूरजपुर को 232 करोड़ की सौगात! प्रेमनगर में डोम, इंडोर स्टेडियम और सड़क बनेगी

रायपुर/सूरजपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले को 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है। बुधवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 24.29 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण 63 विकास कार्यों का लोकार्पण और 208.20 करोड़ रुपये की लागत वाले 54 कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही प्रेमनगर नगर पंचायत के लिए 2.70 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं को साकार करना सरकार का संकल्प है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है।

प्रेमनगर में डोम, इंडोर स्टेडियम और सड़क की घोषणा

मुख्यमंत्री साय ने प्रेमनगर नगर पंचायत में तीन प्रमुख विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये और वार्ड क्रमांक 10, 11 एवं 12 से विश्रामगृह तक करीब दो किलोमीटर बीटी सड़क बनाने के लिए 1.20 करोड़ रुपये शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। क्षेत्र की जरूरतों और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाने पर क्षेत्रवासियों से खेद जताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन की सराहना भी की।

जल संचय अभियान में सूरजपुर प्रदेश में प्रथम

मुख्यमंत्री ने जल संचय जनभागीदारी अभियान में सूरजपुर जिले की उपलब्धि की सराहना करते हुए नागरिकों, कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में सूरजपुर प्रदेश में पहले और देश में चौथे स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वर्षा चक्र और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण बेहद जरूरी है। वर्षा जल का संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।

जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े 2,212 कार्यों पर 130.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, भूजल स्तर सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने का लक्ष्य है।

किसानों के लिए धान खरीदी और सिंचाई सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि सुविधाओं के विस्तार के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए धान खरीदी केंद्रों को स्वीकृति दी गई है।

उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा पुरानी सिंचाई योजनाओं की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। महिलाओं के जीवन में बढ़ता आत्मविश्वास और उनके चेहरों पर खुशी योजनाओं की सार्थकता को दर्शाती है।

उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रदेश में करीब 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे समुदायों को पक्के आवास और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है, जिससे वनवासी परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

बस्तर और सरगुजा में विकास की नई संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है। जिन क्षेत्रों में पहले विकास कार्यों में बाधाएं थीं, वहां सड़क, बिजली, पानी, आवास और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई पहचान देने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

घर बैठे शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और सेवा सेतु के जरिए शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से शासकीय सेवाओं के साथ बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अंजोर विजन 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य है कि प्रदेश के हर नागरिक को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास के समान अवसर मिलें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा संभाग में विकास कार्यों को नई गति मिली है। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायतों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल दे रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय, भरत सिंह सिसोदिया, विधायक भूलन सिंह मरावी, विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदमणि पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

उरांव समाज को बड़ी सौगात, गनोद में 50 लाख रुपये से बनेगा सामुदायिक भवन

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि करम परब हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी का नैतिक दायित्व है। प्रकृति के प्रति आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक यह पर्व नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम परिसर में उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ की ओर से आयोजित करम पूजा परब 2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने भारत माता के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया।

गनोद में बनेगा सामुदायिक भवन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने रायपुर जिले के गनोद गांव में उरांव समाज के लिए 50 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भवन बनने से समाज को सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे समाज के लोगों को एक मंच पर आकर अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। 

प्रकृति से सामंजस्य का संदेश देता है करम परब

मुख्यमंत्री ने कहा कि करम परब प्रकृति के प्रति प्रेम, आस्था और सम्मान की भावना को दर्शाता है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की जो परंपरा विकसित की, उसमें आज भी समाज के लिए महत्वपूर्ण संदेश निहित हैं। यह पर्व प्रकृति संरक्षण, सामूहिकता और सामाजिक एकता के मूल्यों से जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपर्वों और प्रकृति से गहरे जुड़ाव से है। प्रदेश के विभिन्न जनजातीय समाजों ने अपनी विशिष्ट परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखा है। करम परब भी इसी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना के साथ आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की प्रेरणा देता है।

सांस्कृतिक पहचान बनाए रखना जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनमें पूर्वजों का ज्ञान, जीवन मूल्य और समाज को एकजुट रखने की भावना समाहित है। आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अपनी भाषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक पर्वों से जुड़ी रहेगी, तभी सांस्कृतिक विरासत आगे बढ़ेगी। करम परब जैसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाते हैं और वरिष्ठजनों से परंपराओं तथा रीति-रिवाजों को जानने-समझने का अवसर देते हैं।

उरांव समाज के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ने उरांव समाज की ओर से सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विविध जनजातीय परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार हैं। इनमें प्रकृति के प्रति सम्मान, परस्पर सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश मिलता है। अपनी संस्कृति पर गर्व करने के साथ उसका संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने करम पूजा परब की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाए तथा समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे की भावना और मजबूत हो।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी, समाज प्रमुख बिन्देश्वर भगत, उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, सदस्य और बड़ी संख्या में परिवारजन उपस्थित रहे।

राज्योत्सव में देशभक्ति और रोमांच का संगम, स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टर दिखाएंगे दम

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में इस बार आसमान में भारतीय वायु सेना के शौर्य और उड़ान कौशल का रोमांचक नजारा देखने को मिलेगा। 2 नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र में वायु सेना की प्रतिष्ठित सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भव्य एयर शो प्रस्तुत करेगी। सुबह 11 बजे से होने वाले प्रदर्शन में पांच स्वदेशी ‘ध्रुव’ हेलीकॉप्टर हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे। टीम में दो महिला पायलट भी शामिल हैं।

इस आयोजन से पहले बुधवार को सारंग टीम के सदस्यों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। टीम ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया। मुख्यमंत्री ने सदस्यों का स्वागत करते हुए राज्योत्सव में उनकी भागीदारी को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।

युवाओं को मिलेगी राष्ट्रसेवा की प्रेरणा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय वायु सेना की सारंग टीम अपने साहस, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता के लिए जानी जाती है। टीम का हवाई प्रदर्शन इन विशेषताओं को करीब से देखने का अवसर देगा। राज्योत्सव में होने वाला यह एयर शो युवाओं और विद्यार्थियों के लिए यादगार अनुभव होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पायलटों का सटीक उड़ान कौशल, कठिन करतब और आपसी समन्वय उनके कठोर प्रशिक्षण और टीम भावना को दर्शाता है। यह प्रदर्शन युवाओं को बड़े सपने देखने, चुनौतियों का सामना करने और दृढ़ संकल्प के साथ लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि एयर शो से युवाओं में भारतीय वायु सेना और अन्य सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा करने की भावना मजबूत होगी।

पांच हेलीकॉप्टर दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब

सारंग टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार करेंगे। टीम के पांच हेलीकॉप्टर हवा में विभिन्न आकर्षक संरचनाएं बनाएंगे और समन्वित उड़ानों के जरिए अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। टीम की खासियत बेहद सटीक तालमेल के साथ सामूहिक उड़ान और रोमांचक हवाई करतब प्रस्तुत करना है।

सारंग टीम स्वदेशी उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ‘ध्रुव’ के जरिए प्रदर्शन करती है। इन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से भारत की विमानन तकनीक, नवाचार और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की क्षमता भी प्रदर्शित होगी।

टीम के हेलीकॉप्टरों का रंग संयोजन राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है। आसमान में एक साथ उड़ते इन हेलीकॉप्टरों की संरचनाएं दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेंगी।

दो महिला पायलट भी होंगी शामिल

सारंग टीम में स्क्वाड्रन लीडर अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर अक्षया भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने दोनों महिला पायलटों की भागीदारी पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि रक्षा और विमानन जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नए भारत की तस्वीर प्रस्तुत करती है।

उन्होंने कहा कि महिला पायलटों का साहस और आत्मविश्वास छत्तीसगढ़ की बेटियों को विमानन और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उनकी उपलब्धियां बताती हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और अवसरों के जरिए बेटियां हर ऊंचाई हासिल कर सकती हैं।

युवाओं को दिया मेहनत और अनुशासन का संदेश

ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में शामिल होने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का उद्देश्य रोमांचक हवाई प्रदर्शन के साथ युवाओं को साहस, आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना भी है।

उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम जरूरी है। टीम के प्रदर्शन में पायलटों का आपसी विश्वास, एकाग्रता और उच्चस्तरीय तकनीकी दक्षता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का अवसर है। सारंग टीम का प्रदर्शन समारोह को विशेष राष्ट्रीय गौरव से जोड़ेगा और प्रदेशवासियों में भारतीय वायु सेना के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करेगा।

CM साय ने स्वर्गीय शांताराम को दी श्रद्धांजलि, स्मृति में बने उद्यान का किया लोकार्पण

मुंगेली: TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचे। यहां उन्होंने मदकूद्वीप की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री उनके वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में निर्मित स्मृति उद्यान का लोकार्पण किया।

विरासत संरक्षण में योगदान को किया याद

मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय शांताराम के योगदान को याद करते हुए कहा कि मदकूद्वीप छत्तीसगढ़ की पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके संरक्षण और ऐतिहासिक महत्व को सामने लाने के लिए शांताराम ने लंबे समय तक काम किया।

उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं होती, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपरा, इतिहास और उन लोगों से भी होती है, जो इन धरोहरों को सहेजने के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं।

सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी योगदान

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वर्गीय शांताराम की सामाजिक सेवा केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं थी। उन्होंने बैतलपुर में शिव मंदिर निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और विभिन्न सामाजिक कार्यों में योगदान दिया। नवागढ़ स्थित शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उनकी भूमिका रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए किए गए निःस्वार्थ कार्य ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी विरासत होते हैं। शांताराम के कार्य आने वाली पीढ़ियों को सेवा, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा देते रहेंगे।

स्मृति उद्यान में संजोई जाएंगी यादें

सीएम साय ने कहा कि शांताराम की स्मृति में बनाया गया उद्यान उनके जीवन और सेवाभाव के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है। यह स्थान लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ उनके सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों की स्मृतियों को भी जीवंत रखेगा।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया कल्पवृक्ष

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कल्पवृक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि वृक्ष प्रकृति और जीवन का आधार हैं और पौधरोपण के साथ उनकी देखभाल भी जरूरी है।

उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी भी है।

प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व वाले स्थलों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रकृति और संस्कृति संरक्षण के प्रयास साथ-साथ आगे बढ़ाने से इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

मदकूद्वीप में CM साय ने किया कन्या पूजन, कन्या भोज में शामिल होकर लिया प्रसाद

मुंगेली: TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचे। यहां उन्होंने प्राचीन रामाश्रय और गणेश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम की जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि के लिए उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में भी यही कार्यक्रम विवरण सामने आया है।

कन्या पूजन के बाद कन्या भोज में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित कन्या पूजन में हिस्सा लिया। उन्होंने कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया और इसके बाद कन्या भोज में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।

इस दौरान सीएम साय ने कहा कि सनातन परंपरा में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप माना गया है। उनके मुताबिक कन्या पूजन मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है।

मंदिर संग्रहालय में देखी पुरातात्विक विरासत

मुख्यमंत्री ने पुरातत्व विभाग द्वारा स्थापित मंदिर संग्रहालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने वहां संरक्षित पुरातात्विक धरोहरों और ऐतिहासिक अवशेषों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मदकूद्वीप जैसे स्थल छत्तीसगढ़ की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसी धरोहरों के संरक्षण से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने में मदद मिलेगी।

विरासत संरक्षण पर जोर

सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण एवं संवर्धन जरूरी है। उन्होंने ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों को संस्कृति से जोड़ने वाली अमूल्य निधि बताया।

ये जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला और पुन्नू लाल मोहले, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी समेत अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

बीरगांव में विकास की झमाझम बारिश! CM साय ने खोला खजाना, 110 करोड़ के नए कामों का ऐलान

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके साथ ही क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए करीब 110 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीरगांव तेजी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है। औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती आबादी को देखते हुए सड़क, पेयजल, सीवरेज, स्वच्छता, खेल और अन्य नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।

STP के लिए 82 करोड़, पानी और ..

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए 82 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई।

सड़क और नाली निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये तथा सरोरा में खेल मैदान के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की बात कही गई। बीरगांव में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नालंदा परिसर बनाने के लिए भी 5 करोड़ रुपये की घोषणा की गई।

स्ट्रीट लाइट से ई-लाइब्रेरी तक ये भी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने व्यास तालाब तिराहा से बीरगांव नाला तक स्ट्रीट लाइट के लिए 1 करोड़ रुपये और बुधवारी बाजार से नगर निगम कार्यालय तक स्ट्रीट लाइट के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रावांभाठा में विद्युतीकरण एवं मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये, सर्व मांगलिक भवन के लिए 1 करोड़ रुपये और शासकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी के लिए 89 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

इसके साथ ही बीरगांव में छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल का जोन कार्यालय शुरू करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की।

बीरगांव का बनेगा रोडमैप

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। बीरगांव भी इसमें शामिल है।

उन्होंने कहा कि इसके जरिए क्षेत्र के सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इससे बीरगांव में शहरी अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विकास को गति मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय और नालंदा परिसर

बीरगांव में मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय बनाने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाओं से जमीन से जुड़ी सेवाओं को आसान बनाया जा रहा है।

इसके अलावा नालंदा परिसर के जरिए विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

सात इलाकों में सर्वे, पात्र लोगों को ..

मुख्यमंत्री ने बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के रावांभाठा, बंजारी नगर, शक्तिपारा, मठपारा, शीतलापारा, उरकुरा और मजदूर नगर सरोरा में सर्वे कराने की घोषणा की।

सरकार के अनुसार सर्वे के बाद पात्र लोगों को नियमानुसार आवासीय पट्टे दिए जाएंगे।

हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ..

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री गृह निर्माण सम्मान योजना और नोनी सुरक्षा योजना समेत विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि के डेमो चेक भी दिए।

कार्यक्रम की शुरुआत में सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने उनके पैर धोकर, तिलक लगाकर और आरती उतारकर उनके योगदान के प्रति सम्मान जताया।

बीरगांव नगर निगम को दो नए अग्निशमन वाहन भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने शासकीय महाविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाया।

साव बोले- विकास कार्यों का सिलसिला जारी रहेगा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बीरगांव में 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। उनके मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य मिले हैं और आने वाले समय में अधोसंरचना व नागरिक सुविधाओं के विस्तार का काम जारी रहेगा।

कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक भावना बोहरा, महापौर नंदलाल देवांगन, सभापति कृपाराम निषाद सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

साइबर अपराध के खिलाफ CM साय का संदेश, बोले- सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर: सेवा संकल्प अभियान के तहत साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘साइबर जागृति सेल्फी’ ली। इस दौरान उन्होंने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध से सुरक्षित समाज बनाने के लिए आम लोगों की जागरूकता और सहभागिता जरूरी है। उन्होंने लोगों से छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागरूकता अभियान से जुड़ने का संदेश दिया।

OTP और PIN किसी से शेयर न करें

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए कई सावधानियां बरतने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक:

  • किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP शेयर न करें।
  • अनजान APK लिंक पर क्लिक न करें।
  • अनजान लोगों की WhatsApp वीडियो कॉल न उठाएं।
  • ATM PIN और आधार नंबर किसी के साथ साझा न करें।
  • सोशल मीडिया पर निजी और संवेदनशील जानकारी पोस्ट करने से बचें।
  • अपने बैंक अकाउंट और सोशल मीडिया के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें।
  • किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करें।
  • मोबाइल ऐप केवल Play Store या App Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें।

साइबर फ्रॉड हो तो तुरंत 1930 पर करें कॉल

पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड होता है तो बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

पुलिस का संदेश है कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी सावधानी बड़ी ठगी से बचा सकती है। अनजान लिंक, कॉल, मैसेज और ऐप को लेकर सतर्क रहें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

CM साय ने ट्रैफिक हैकथॉन की तारीफ की, बोले- सड़क सुरक्षा में जनभागीदारी जरूरी

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  / सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सड़क सुरक्षा संकल्प पोस्टर पर हस्ताक्षर कर सुरक्षित यातायात के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को शहर में चलाए जा रहे यातायात जागरूकता अभियानों और ट्रैफिक व्यवस्था में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने तकनीकी नवाचार और नागरिकों की भागीदारी के जरिए सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की पहल की जानकारी ली। उन्होंने ट्रैफिक हैकथॉन 2026 के जरिए यातायात समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव जुटाने की पहल की सराहना की।

तकनीक और जनभागीदारी पर जोर

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की ओर से आयोजित ट्रैफिक हैकथॉन 2026 में शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नागरिकों और युवाओं से सुझाव आमंत्रित किए गए थे। पुलिस के अनुसार, इस अभियान में 457 प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें करीब 350 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रस्तावों की विशेषज्ञों की ओर से स्क्रीनिंग की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, चयनित प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण 27 सितंबर को NIT रायपुर में किया जाना प्रस्तावित है। इसके बाद विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रस्तावों का चयन किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री के साथ मौजूद पुलिस अधिकारियों ने यातायात जागरूकता के लिए चलाए जा रहे अभियानों और सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रयासों की जानकारी साझा की।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी मानते हुए यातायात नियमों का पालन करें। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और सड़क पर खुद के साथ दूसरे लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य में पहले भी जागरूकता अभियानों के जरिए हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल फोन के इस्तेमाल और यातायात नियमों के पालन को लेकर लोगों को जागरूक किया जाता रहा है।

निवेशकों के लिए ‘सरकार नहीं, एक्सीलरेटर’ बनेगा छत्तीसगढ़, CM साय का बड़ा ऐलान

CG NEWS: TODAY छत्तीसगढ़  /  रायपुर। छत्तीसगढ़ को भविष्य के उद्योगों और नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपना फोकस बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। लघु उद्योग भारती की ओर से आयोजित यह तीन दिवसीय औद्योगिक मेला 18 से 20 सितंबर तक चलेगा।

मेले में देशभर से 300 से अधिक MSME उद्यमी शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से पहुंचे उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाने और राज्य की औद्योगिक विकास यात्रा में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

‘भविष्य के उद्योगों पर सरकार का फोकस’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ अब नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, मानव संसाधन और देश के मध्य में स्थित होने को उन्होंने राज्य की प्रमुख ताकत बताया।

उन्होंने कहा कि इन संसाधनों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर छत्तीसगढ़ को प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

‘सरकार उद्योगों की राह आसान करने वाली एक्सीलरेटर’

CM साय ने कहा कि सरकार की भूमिका केवल नियामक तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले ‘एक्सीलरेटर’ के रूप में काम करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग की स्थापना तक प्रत्येक चरण में निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

नई औद्योगिक नीति से निवेश को गति

मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग जगत और विभिन्न हितधारकों से चर्चा के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है। इसके जरिए निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेश प्रोत्साहन, नए सेक्टरों और स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक नीति लागू होने के बाद राज्य को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं और कई परियोजनाओं पर जमीन पर काम भी शुरू हो चुका है।

सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक 

CM साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान अब केवल कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार IT, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी समेत नए और उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने प्रदेश में करीब 1100 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना पर काम शुरू होने को बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने पर भी सरकार का फोकस है।

MSME को बताया अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बड़े उद्योगों के साथ MSME का विस्तार होने से स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने बताया कि लघु उद्योग भारती देश के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में भी 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संगठन से जुड़े हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, इंडस्ट्रियल फेयर केवल उत्पाद और तकनीक प्रदर्शित करने का मंच नहीं है, बल्कि उद्यमियों के बीच संवाद, नवाचार और व्यावसायिक संबंध विकसित करने का अवसर भी है।

स्थानीय संसाधनों का होगा वैल्यू एडिशन

CM साय ने छत्तीसगढ़ के खनिज और वन संसाधनों के स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे खनिजों के साथ लघु वनोपज और औषधीय संसाधनों के वैज्ञानिक प्रसंस्करण से नए उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का बड़ा वन क्षेत्र और इमली, महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसी वनोपज वनांचल में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की संभावनाएं रखती हैं।

युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ तभी सार्थक होगा, जब स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न रहें, बल्कि कौशल, नवाचार और उद्यमिता के जरिए रोजगार देने वाले भी बनें। MSME और स्टार्टअप इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

बस्तर में पर्यटन निवेश की संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं भी बताईं। उन्होंने कहा कि बस्तर के जलप्रपात, जंगल, प्राकृतिक स्थल और सांस्कृतिक विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने की क्षमता रखते हैं।

होम-स्टे जैसी पहलों के जरिए पर्यटन को स्थानीय परिवारों की आजीविका से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। CM साय ने देशभर से आए उद्यमियों से औद्योगिक मेले के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण करने का आग्रह किया।

डिप्टी CM साव और उद्योग मंत्री ने भी रखी बात

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का 14वां संस्करण प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि मेले से उद्यमियों को उत्पाद, तकनीक और नवाचार साझा करने के साथ नए व्यावसायिक अवसर तलाशने का मंच मिलेगा।

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के प्रावधानों से निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया आसान बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों के साथ कई परियोजनाएं धरातल पर भी आकार ले रही हैं।

स्टॉलों का अवलोकन कर उद्यमियों से किया संवाद

मुख्यमंत्री साय ने मेले में लगाए गए विभिन्न औद्योगिक स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शित उत्पादों, मशीनरी, तकनीक और नवाचारों की जानकारी उद्यमियों से ली।

प्रदर्शनी में पारंपरिक आयुर्वेदिक उत्पादों और उपचार पद्धतियों से लेकर आधुनिक मशीनरी, IT और तकनीक आधारित औद्योगिक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से संवाद करते हुए छत्तीसगढ़ में उपलब्ध निवेश अवसरों और औद्योगिक अधोसंरचना पर चर्चा की। आयोजन में देशभर से आए उद्यमियों और औद्योगिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।

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महिला आयोग की सुनवाई 21 को

बिलासपुर/छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू 21 सितम्बर 2026 को सवेरे 11 बजे से जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में जिले से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई करेंगी। सुनवाई में छ.ग. महिला आयोग अधिनियम की धारा 10(3) प्रदत्त शक्ति के अनुपालन करते हुए प्राप्त आवेदन एवं शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। 

CG: मुख्यमंत्री ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’, 25 साल की जनसेवा यात्रा को बताया प्रेरणादायक

 CG NEWS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। CM साय ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को राष्ट्रसेवा और जनकल्याण से जुड़ी यात्रा बताते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। 
CG NEWS: TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास पर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

‘25 साल की यात्रा हम सभी के लिए प्रेरणा’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। उनके मुताबिक गरीब कल्याण से सुशासन, अंत्योदय से आत्मनिर्भर भारत और विरासत के सम्मान से आधुनिक भारत के निर्माण तक की यात्रा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ समेत देशभर में सेवा और जनभागीदारी की भावना दिखाई दे रही है।

‘आशीर्वाद का दीया’ स्नेह और शुभकामनाओं का प्रतीक

CM साय ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति प्रदेशवासियों के स्नेह, विश्वास और शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने इसे सेवा और जनभागीदारी की भावना से जुड़ा प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहा है।

‘अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास की रोशनी’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज की आकांक्षाओं को विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की शक्ति बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अपनी भूमिका पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहा है।

तेलीबांधा में दीये बेच रही मीरा के पास अचानक पहुंचे CM साय

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी के तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर मंगलवार को उस वक्त लोगों का ध्यान खिंच गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का काफिला सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही एक महिला के छोटे से पसरे के पास अचानक रुक गया। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद मीरा से बातचीत की, उसके कामकाज और परिवार का हालचाल जाना और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए वहीं से मिट्टी का एक दीया खरीदा।

मुख्यमंत्री ने मीरा को एक हजार रुपये दिए। उनके इस सहज अंदाज को स्थानीय स्तर पर मेहनत कर आजीविका कमाने वाली महिला के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान के संदेश के तौर पर देखा गया।

CM ने पूछा- सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है?

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। मीरा ने बताया कि उसका प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बैंक खाता खुला हुआ है। उसने यह भी बताया कि उसे महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये की राशि मिल रही है।

मीरा से योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी पाकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं की सार्थकता तभी है, जब उनका लाभ जरूरतमंदों तक सीधे पहुंचे और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करे।

गोल्फ के नक्शे पर छत्तीसगढ़ की नई एंट्री, नवा रायपुर ओपन में 18 विदेशी खिलाड़ी भी लेंगे हिस्सा

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ अब सिर्फ क्रिकेट, हॉकी या पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहता। प्रदेश को देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर भी स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नवा रायपुर में आयोजित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल गोल्फर हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतियोगिता की ट्रॉफी का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने खुद गोल्फ खेलकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में 1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव भी मौजूद रहे।

‘नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रोफेशनल गोल्फ के इतने बड़े आयोजन की मेजबानी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में नवा रायपुर ओपन छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।

उन्होंने कहा कि 132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों का यहां पहुंचना प्रदेश में विकसित हो रहे अनुकूल खेल वातावरण को दिखाता है। ऐसे आयोजन केवल मैदान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि राज्य की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत करने के साथ खेल पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं।

कभी फिल्मों में देखते थे गोल्फ

मुख्यमंत्री ने गोल्फ से जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि एक समय लोग गोल्फ को सिर्फ सुनते थे या फिल्मों में खिलाड़ियों को यह खेल खेलते देखते थे। आज छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल गोल्फ का इतना बड़ा टूर्नामेंट आयोजित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अब गोल्फ किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। प्रदेश में इस खेल की संभावनाएं बढ़ रही हैं और सरकार गोल्फ को बढ़ावा देने, सुविधाओं के विस्तार और बड़े टूर्नामेंट के आयोजन में हरसंभव सहयोग करेगी।

खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों पर सरकार का फोकस

CM साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आत्मविश्वास से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रतिभा के आगे बढ़ने में संसाधनों और अवसरों की कमी बाधा न बने।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल ट्राइबल गेम्स के साथ बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजन भी हुए हैं। इनसे दूरदराज के इलाकों के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला है।

बस्तर और सरगुजा आने का खिलाड़ियों को न्योता

मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें टूर्नामेंट के साथ प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति देखने का न्योता दिया।

उन्होंने खिलाड़ियों से बस्तर और सरगुजा की यात्रा करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने चित्रकोट जलप्रपात समेत बस्तर के प्राकृतिक स्थलों और सरगुजा की पहाड़ियों, जंगलों और संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि खिलाड़ी यहां से सिर्फ टूर्नामेंट की यादें नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के आत्मीय आतिथ्य की यादें भी लेकर जाएं।

कपिल देव बोले- हर साल हो नवा रायपुर ओपन

पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव ने प्रतियोगिता के आयोजन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े प्रोफेशनल आयोजन प्रदेश की खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ नई प्रतिभाओं को प्रेरित करते हैं।

कपिल देव ने इच्छा जताई कि नवा रायपुर ओपन का आयोजन हर साल छत्तीसगढ़ में हो और आने वाले वर्षों की तारीखें पहले से तय की जाएं। इससे देश-विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ी अपने टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुसार छत्तीसगढ़ आने की योजना बना सकेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण गोल्फ के लिए अनुकूल है और यहां मिलने वाला आत्मीय आतिथ्य भी खिलाड़ियों को आकर्षित करता है। उनके मुताबिक जिस तरह दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता गोल्फ के प्रमुख केंद्र हैं, उसी तरह आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी देश के बड़े गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना सकता है।

गोल्फ के साथ पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप चहल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों का हर बार आत्मीय स्वागत होता है। यहां का वातावरण, गोल्फ कोर्स और व्यवस्थाएं खिलाड़ियों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब पर्यटन और अन्य खेलों के साथ-साथ उभरते गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचान बना रहा है।

‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ को छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल गोल्फ के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। इससे नवा रायपुर को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय गोल्फ सर्किट में पहचान मिलने के साथ प्रदेश में खेल पर्यटन और नई खेल प्रतिभाओं के लिए भी अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

गोल बाजार में गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे, 117 साल पुरानी परंपरा में की पूजा

रायपुर / TODAY छत्तीसगढ़  /  गणेश चतुर्थी के मौके पर राजधानी रायपुर का ऐतिहासिक गोल बाजार गणपति भक्ति में डूबा नजर आया। सोमवार रात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय यहां पहुंचे और 117 वर्षों से चली आ रही गणेशोत्सव की परंपरा में शामिल हुए। उन्होंने श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति की ओर से स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार के लिए सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

बप्पा को पहनाया मुकुट, उतारी आरती

मुख्यमंत्री साय ने गोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के समीप गणेशोत्सव पंडाल में विराजे भगवान गणेश को मुकुट पहनाया और तिलक लगाकर पूजा की। मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने भगवान गणेश की आरती उतारी और प्रदेश की प्रगति व समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।

'गणेशोत्सव समाज को जोड़ने वाली परंपरा'

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। गणेशोत्सव केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में जोड़ने वाली सांस्कृतिक परंपरा भी है।

उन्होंने कहा कि गणपति बप्पा की कृपा से छत्तीसगढ़ विकास और समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़े और प्रदेश के हर घर-परिवार में सुख-खुशहाली बनी रहे, यही उनकी कामना है।

117 साल से जारी है गणेशोत्सव

मुख्यमंत्री ने गोल बाजार में 117 वर्षों से लगातार चली आ रही गणेशोत्सव की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी आस्था और सामाजिक सहभागिता के साथ किसी परंपरा को जीवंत रखना अपने आप में खास है।

उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराएं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का काम करती हैं।

गोल बाजार की गणेश प्रतिमा आकर्षण का केंद्र

उल्लेखनीय है कि गोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के पास श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति की ओर से पिछले 117 वर्षों से गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा स्थापित की जा रही है।

यहां स्थापित होने वाली गणेश प्रतिमा अपनी भव्यता और आकर्षक स्वरूप के कारण रायपुर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोग दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।

व्यापारियों और नागरिकों ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री के गोल बाजार पहुंचने पर गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और गणपति बप्पा के जयकारों के बीच फूल-मालाओं और गजमाला से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया।

150 साल पुराने हनुमान मंदिर में भी पूजा

भगवान गणेश के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री साय गोल बाजार स्थित 150 वर्ष से अधिक पुराने हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान हनुमान के दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने राजधानी की इस प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति श्रद्धा भी व्यक्त की।

इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, श्रीचंद सुंदरानी, केदार गुप्ता, छगन मूंदड़ा, अमरजीत छाबड़ा सहित गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

बाबा कर्मेश्वर के दरबार में पहुंचे CM साय, रुद्राभिषेक कर बोले- छत्तीसगढ़ पर बनी रहे शिव कृपा

बलरामपुर-रामानुजगंज / TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कर्रा पहुंचे। यहां आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ और शिव पुराण कथा में शामिल होकर उन्होंने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण कराने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से क्षेत्र लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़े, इसके लिए सरकार जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करेगी।

‘भगवान शिव की कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे’

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा की पावन धरती पर श्री महारुद्र यज्ञ और शिव पुराण कथा का आयोजन सौभाग्य की बात है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज, आयोजन समिति और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। उन्होंने बाबा कर्मेश्वर से प्रार्थना की कि पूरे छत्तीसगढ़ पर भगवान शिव की कृपा बनी रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आए।

शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपरा वाला प्रदेश है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्राचीन शिवालय, देवी मंदिर और लोक आस्था के केंद्र मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे।

50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के जरिए प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के तहत अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ यात्रा की इच्छा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हित किया गया है और अब तक करीब 10 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं।

बाबा कर्मेश्वर धाम की सदियों पुरानी मान्यता

ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम स्थानीय लोगों की आस्था का प्राचीन केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था। जनश्रुति के मुताबिक करीब नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के पेड़ के खोल में शिवलिंग के प्रकट होने की बात कही जाती है। तभी से यहां भगवान शिव की पूजा की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति की ओर से मंदिर के जीर्णोद्धार का काम कराया जा रहा है।

स्थानीय लोक मान्यताओं के अनुसार पुराने समय में बारिश नहीं होने पर ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा करते थे। शिवलिंग पर गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। ग्रामीणों का विश्वास रहा है कि इस अनुष्ठान के बाद बारिश होती थी। पीढ़ियों से चली आ रही इन मान्यताओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।

मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी अभियान के तहत पौधरोपण किया।

बस्तर के विकास और नक्सलवाद पर भी बोले CM

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। लंबे समय तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शांति और विकास का वातावरण बन रहा है।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे परिवार तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कर्रा सहित पूरे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में विकास कार्यों को लगातार गति देने की बात कही। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए क्षेत्र में जरूरी सुविधाओं का विस्तार करने का भी भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

भाजपा महिला मोर्चा की नई कमान रूपकुमारी के हाथ, साय ने दी बधाई

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजेपी महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती रूपकुमारी चौधरी से आज रायपुर स्थित उनके आवास पर सौजन्य भेंट की। उन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए उन्हें हार्दिक बधाई और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि श्रीमती रूपकुमारी चौधरी के नेतृत्व में महिला मोर्चा संगठन को और मजबूत बनाने तथा महिला शक्ति की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

भाजपा के डिजिटल फ्रंट को नई ताकत! दीपक म्हस्के बने राष्ट्रीय सोशल मीडिया समन्वयक

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय सोशल मीडिया समन्वयक दीपक म्हस्के से रायपुर स्थित उनके निवास पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिष्टाचार भेंट की । इस दौरान सीएम ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।

भेंट के दौरान भाजपा के सोशल मीडिया संगठन की भूमिका और उसके विस्तार को लेकर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि दीपक म्हस्के के अनुभव और नेतृत्व में पार्टी का सोशल मीडिया तंत्र संगठन की विचारधारा, जनसेवा से जुड़े कार्यों और जनहित के मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

भाजपा के लिए सोशल मीडिया अब केवल प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया संगठन की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने खेत में की बियासी, कहा- खेती मेरे लिए जीवन का संस्कार

रायपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार सुबह अपने गृहग्राम बगिया पहुंचे और खेत में बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाकर बियासी की। मुख्यमंत्री का खेत में पारंपरिक तरीके से खेती करते हुए वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जिसमें वे हल की मूठ थामे नजर आए।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान खेती-किसानी से अपने पुराने रिश्ते का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अपने गांव, खेत और मिट्टी से जुड़ने का अनुभव अलग ही होता है। उनके मुताबिक हल चलाते ही बचपन और खेती से जुड़ी पुरानी यादें ताजा हो गईं।

'खेती मेरे लिए सिर्फ आजीविका नहीं'

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और बचपन से खेती-किसानी को करीब से देखा है। उनके लिए खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है।

उन्होंने कहा कि गांव और खेतों ने उन्हें मेहनत का सम्मान करना, प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना सिखाया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी माटी, कृषि परंपरा और मेहनतकश किसानों से भी जुड़ी है। खेती प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां के अनेक तीज-त्योहार तथा ग्रामीण परंपराएं भी कृषि से जुड़ी हुई हैं। 

किसानों के श्रम को बताया प्रदेश की समृद्धि का आधार

साय ने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहना जरूरी है। खेती इंसान को परिश्रम, धैर्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि किसान सिर्फ फसल नहीं उगाता, बल्कि अपने श्रम से पूरे समाज और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए उनके जीवन में खुशहाली और खेतों में भरपूर फसल की कामना की।

सार्वजनिक जीवन के बावजूद गांव से जुड़ाव

मुख्यमंत्री का जीवन ग्रामीण परिवेश और खेती-किसानी से जुड़ा रहा है। सरकार के कामकाज के बीच समय मिलने पर वे अपने गृहग्राम और ग्रामीण परिवेश में समय बिताते रहे हैं। बगिया के खेत में बैलों के साथ हल चलाने का उनका यह अंदाज इसी ग्रामीण पृष्ठभूमि और खेती से उनके व्यक्तिगत जुड़ाव को सामने लाता है।

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