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पुलिस ढूंढती रही... और फ़रार आरोपी ने थाने के ठीक पास स्कूल पर कर लिया 'कब्ज़ा' !

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल पर कथित तौर पर ज़बरन कब्ज़ा करने और आधी रात को हंगामा करने का मामला सामने आया है.

आरोप है कि धोखाधड़ी के मामले में फ़रार चल रहे एक शख़्स ने अपने साथियों के साथ मिलकर सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बर्जेस इंग्लिश स्कूल के प्रिंसिपल ऑफ़िस का ताला तोड़ दिया. इतना ही नहीं, नियमों को ताक पर रखकर एक हिंदी माध्यम के रिटायर्ड शिक्षक को स्कूल का प्रभार भी सौंप दिया गया.

क्या है पूरा मामला?

घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयदीप रॉबिन्सन नाम का एक व्यक्ति अपने साथियों के साथ बर्जेस इंग्लिश स्कूल पहुंचा. आरोप है कि उसने मेन गेट और फिर प्रिंसिपल के कमरे का ताला तोड़ा. इसके बाद वहां कथित तौर पर एक 'फ़ोटो सेशन' किया गया, जिसकी तस्वीरें मसीही समाज के व्हाट्सएप ग्रुप्स में वायरल हो गईं.

इस दौरान सीबीएसई (CBSE) से मान्यता प्राप्त इस इंग्लिश मीडियम स्कूल का प्रभार एक रिटायर्ड हिंदी शिक्षक संगम शुक्ला को सौंप दिया गया.

नियमानुसार, सीबीएसई स्कूल के प्रिंसिपल पद के लिए उम्मीदवार का इंग्लिश मीडियम से होना, बी.एड. (B.Ed.) और 8 साल का अनुभव होना अनिवार्य है. आरोप है कि इन नियमों की अनदेखी करते हुए जयदीप रॉबिन्सन और रायपुर डायसीस से जुड़े सुशील मसीह ने संगम शुक्ला को गुलदस्ता देकर कुर्सी पर बिठा दिया. बताया जाता है कि संगम शुक्ला बीते एक साल से बर्जेस हिंदी कन्या शाला के भी प्रभारी प्राचार्य बने हुए हैं.

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

यह पूरी घटना सिविल लाइन थाने से महज़ कुछ ही दूरी पर हुई. मौजूदा प्रिंसिपल निशिता हंसा दास को जब ताला टूटने की जानकारी मिली, तो उन्होंने देर रात थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत लेकर मामले की जांच का आश्वासन दिया है.

बताया जा रहा है कि इस घटना से पहले जयदीप के गुट ने थाने से पुलिस बल की भी मांग की थी, जिसे थाना प्रभारी ने ठुकरा दिया था. इसके बावजूद फ़रार आरोपी द्वारा थाने के इतने क़रीब घटना को अंजाम देने से पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं.

कौन है जयदीप रॉबिन्सन?

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक़, जयदीप रॉबिन्सन पर पहले से ही सात अलग-अलग मामले दर्ज हैं और वह ज़मानत पर बाहर है. महज़ दो दिन पहले ही बिलासपुर की एक अदालत के निर्देश पर उसके ख़िलाफ़ धोखाधड़ी और जालसाज़ी का एक नया मामला दर्ज किया गया है. उस पर आरोप है कि उसने 'यूसीएमएस' (UCMS) का फ़र्ज़ी पावर ऑफ़ अटॉर्नी दिखाकर नज़ूल की ज़मीन का सौदा किया और लाखों रुपये अपने खाते में ट्रांसफ़र करवा लिए. इस मामले में सिविल लाइन थाने में धारा 420 और 406 के तहत एफ़आईआर दर्ज होने के बाद से वह फ़रार चल रहा था. 


मानव तस्करी के ख़िलाफ़ उठी आवाज़: पुलिस, प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लिया बड़ा संकल्प

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं की रोकथाम और पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक अहम परिचर्चा का आयोजन किया गया।

मंगला चौक स्थित एक होटल में 'शिखर युवा मंच' द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन, पुलिस और नागरिक समाज (सिविल सोसाइटी) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि पीड़ितों को समय पर कानूनी मदद और न्याय मिल सके।

इस परिचर्चा में लॉ स्टूडेंट्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ बंधुआ मजदूरी से मुक्त हुए सर्वाइवर (पीड़ित) समेत 35 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

कानूनी मदद और पुलिस की भूमिका पर ज़ोर

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (बिलासपुर) के सचिव अनिल कुमार चौहान ने बताया कि बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के शिकार लोगों के लिए प्राधिकरण द्वारा 'निःशुल्क कानूनी सहायता' उपलब्ध कराई जाती है।

उन्होंने रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने वाले मज़दूरों को सलाह दी कि वे जाने से पहले पूरी जानकारी जुटा लें, ताकि शोषण से बचा जा सके। वहीं डीएसपी डी. आर. टंडन ने स्पष्ट किया कि मानव तस्करी महज़ क़ानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह एक गहरी सामाजिक चिंता है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि बाल श्रम या ज़बरन मज़दूरी जैसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

पुनर्वास योजनाएं और समाज की ज़िम्मेदारी

इस दौरान श्रम विभाग के लेबर इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा ने 'बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम' और मज़दूरों के अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शोषण से मुक्त हुए मज़दूरों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने और सम्मानजनक जीवन देने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

शिखर युवा मंच के डायरेक्टर भूपेश वैष्णव और सचिव धनंजय अनुपान ने कहा कि इन कुप्रथाओं पर केवल सरकारी तंत्र के ज़रिए रोक लगाना मुमकिन नहीं है; इसके लिए पंचायतों, युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को मिलकर जागरूकता अभियान चलाना होगा।

परिचर्चा से निकले महत्वपूर्ण सुझाव:

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के बीच हुए मंथन से ज़मीनी स्तर पर काम करने के लिए कई अहम सुझाव सामने आए: -

  • पलायन पंजी (Migration Register): पंचायत स्तर पर पलायन करने वाले मज़दूरों का नियमित रिकॉर्ड रखा जाए।
  • विजिलेंस कमेटी: ग्राम स्तर पर निगरानी समितियों को और अधिक सक्रिय किया जाए।
  • शिक्षा और जागरूकता: बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए और गांवों में मानव तस्करी के ख़िलाफ़ निरंतर जागरूकता अभियान चलें।
  • सोशल मीडिया: सुरक्षित पलायन और अधिकारों की जानकारी देने के लिए सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल हो।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक 'मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी मुक्त समाज' बनाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का संकल्प लिया।

पीछे से थप्पड़ मारा, चाकू दिखाया और ले गए स्कूटी

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में चकरभाठा पुलिस और एंटी-क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए लूटपाट की एक घटना को चंद घंटों के भीतर सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों और एक किशोर (विधि से संघर्षरत बालक) को गिरफ़्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक़, आरोपी लूट की इस वारदात को अंजाम देने के बाद बिलासपुर से फ़रार होने की फ़िराक़ में थे, लेकिन त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया गया। 

क्या है पूरा मामला?

चकरभाठा थाने में दर्ज कराई गई एफ़आईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता सुनील यादव सिरगिट्टी स्थित 'नर्मदा कोल्ड्रिंक' में हाउसकीपिंग का काम करते हैं और सेंवार गाँव के निवासी हैं।

16 जून की रात क़रीब 10:30 बजे जब वह काम ख़त्म करके अपनी स्कूटी (CG 10 ED 9432) से वापस गाँव लौट रहे थे, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों ने उनका पीछा किया। आरोपियों ने सुनील यादव को पीछे से ज़ोरदार थप्पड़ मारा, जिससे वह स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए। इसके बाद तीनों आरोपियों ने उन्हें चाकू दिखाकर डराया-धमकाया और उनकी जेब में रखे 395 रुपये नक़द और स्कूटी लूटकर फ़रार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ़्तारी

घटना की सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।

जाँच के दौरान पुलिस ने सिरगिट्टी के नयापारा क्षेत्र से आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की और उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, सख़्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू, लूटे गए 395 रुपये और स्कूटी (प्लेज़र मोपेड) बरामद कर ली है।

आरोपियों की पहचान:

पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित आरोपियों को विधिवत गिरफ़्तार किया है: प्रकाश यादव उर्फ़ रवि यादव (20 वर्ष): निवासी- नयापारा सिरगिट्टी, रोहन दास (21 वर्ष): निवासी- नयापारा सिरगिट्टी और एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि गिरफ़्तार किए गए दोनों वयस्क आरोपियों और विधि से संघर्षरत बालक को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। 

राजनीति: 'ये विकसित भारत का दस्तावेज़ है...' प्रदर्शनी के उद्घाटन पर बोले विधायक अमर

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक विशेष छायाचित्र (फोटो) प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में हुए विकास कार्यों, ऐतिहासिक उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को तस्वीरों के ज़रिए पेश किया गया है।

राघवेंद्र सभा भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का ज़िम्मा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बिलासपुर शहर और ग्रामीण ज़िला इकाई ने संयुक्त रूप से उठाया है। गुरुवार को इस भव्य प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ पर्यावरण संरक्षक महेंद्र कुमार जैन और 'महाराजा अग्रसेन स्मृति पत्रकार पुरस्कार' से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र अग्रवाल 'राजू' के हाथों हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर के विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल मौजूद रहे। वहीं, अध्यक्षता क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, बीजेपी शहर ज़िलाध्यक्ष दीपक सिंह और ग्रामीण ज़िलाध्यक्ष मोहित जायसवाल समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे।

इस प्रदर्शनी में मुख्य रूप से अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकास, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, किसानों के हित और जनजातीय उत्थान से जुड़ी उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।

आयोजकों के मुताबिक़, यहां प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, किसान सम्मान निधि, पीएम जनमन योजना, पीएम श्री स्कूल और 'धरती आबा अभियान' जैसी प्रमुख योजनाओं की जानकारी तस्वीरों और विस्तृत विवरण के साथ दी गई है। इसके अलावा, उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष वीडियो का भी प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुँच रहे हैं।

प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल ने केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा है और वंचित वर्गों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आया है।"

अमर अग्रवाल ने इस प्रदर्शनी को महज़ तस्वीरों का संकलन मानने से इनकार करते हुए इसे 'विकसित भारत के निर्माण की यात्रा का सशक्त दस्तावेज़' क़रार दिया और कहा कि यह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

हिस्ट्रीशीटर 'सत्या' भेजा गया जेल, ट्रक चालकों से मारपीट और वसूली

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में ट्रकों से अवैध उगाही करने, चालकों से मारपीट करने और इलाक़े में दहशत फैलाने के आरोप में पुलिस ने एक आदतन अपराधी (हिस्ट्रीशीटर) को गिरफ़्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर सड़क पर टेंट लगाकर अवैध रूप से वाहनों की रॉयल्टी चेक कर रहा था।

बिल्हा थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ़्तार किए गए मुख्य आरोपी का नाम सत्यप्रकाश उर्फ़ सत्या उर्फ़ प्रदीप घृतलहरे (44 वर्ष) है, जो चकरभाठा थाना क्षेत्र के कनेरी गाँव का निवासी है। पुलिस ने मौक़े से टेंट और कुर्सियाँ भी ज़ब्त की हैं, वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता महेश शर्मा (निवासी- बिल्हा) ने 17 जून को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 जून की दोपहर ग्राम पंचायत दुर्गडीह के पास आरोपी सत्यप्रकाश ने अपने भाई दिलेश घृतलहरे और अन्य साथियों (सोना कोसले, नारायण रात्रे, सुनील अनंत) के साथ मिलकर क्रेशर प्लांट में चलने वाले ट्रकों को रोक लिया।

आरोप है कि इन लोगों ने पंचायत भवन के सामने बकायदा टेंट लगा लिया था और वहाँ से गुज़रने वाले वाहनों को रोककर अवैध रूप से रॉयल्टी की पर्ची चेक कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने शराब के लिए पैसे की माँग करते हुए ट्रक ड्राइवर पुन्नू यादव और मोनू राजपाल के साथ मारपीट की।

शिकायत के मुताबिक़, आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे थे और कह रहे थे कि "जब तक पैसे नहीं दोगे, गाड़ियाँ नहीं जाने देंगे... शासन-प्रशासन हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।"

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ़्तारी

मामले की गंभीरता और क़ानून-व्यवस्था को दी गई इस खुली चुनौती को देखते हुए बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और चकरभाठा सीएसपी नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में बिल्हा थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर सिरगिट्टी क्षेत्र में घेराबंदी की। यहाँ से मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध उगाही और मारपीट का जुर्म क़बूल कर लिया। आज 18 जून को पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ़्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ़्तारी से आसपास के गाँवों में शांति है और फ़रार अन्य आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। 


कोल वाशरी के खिलाफ गांव एकजुट, 19 जून की जनसुनवाई रोकने की मांग

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत अमाली में प्रस्तावित कोल वाशरी परियोजना का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र के नागरिकों ने कल शुक्रवार 19 जून को प्रस्तावित जनसुनवाई को स्थगित करने की मांग करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।

ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से पर्यावरण, कृषि, वन्यजीव, शिक्षा और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका आरोप है कि परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं पर स्थानीय लोगों की आपत्तियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अमाली में कोल वाशरी स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि जिस भूमि पर परियोजना प्रस्तावित है, उसे मूल रूप से कृषि कार्य के लिए खरीदा गया था, लेकिन अब उसका उपयोग औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसे नियमों के विपरीत बताया है।

विरोध कर रहे लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि अमाली संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र है, जहां पेसा अधिनियम लागू है। उनका कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में ग्राम सभा और ग्राम पंचायत को विशेष अधिकार प्राप्त हैं और उनकी सहमति के बिना इस तरह की प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित कोल वाशरी स्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर एक शासकीय महाविद्यालय संचालित होता है। उनका दावा है कि परियोजना शुरू होने पर धूल और प्रदूषित पानी का असर आसपास की कृषि भूमि और शैक्षणिक वातावरण पर पड़ सकता है। इसके अलावा वायु प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी आपत्तियों का परीक्षण होने तक 19 जून को प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित की जाए। इस संबंध में परियोजना कंपनी या जिला प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 


कानून के छात्र की गर्दन पर ब्लेड से हमला, आरोपी फरार

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में कानून की पढ़ाई कर रहे एक छात्र पर ब्लेड से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में घायल छात्र का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, साहिल बर्मन सोमवार को कोसलेन्द्र राव लॉ कॉलेज में सेमेस्टर परीक्षा देने गया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद लौटते समय जवाली पुल के पास उसकी मुलाकात समीर नाम के युवक से हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान समीर ने साहिल को जान से मारने की धमकी दी और उसकी गर्दन पर ब्लेड से हमला कर दिया।

हमले में घायल साहिल ने अपने साथियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसे तत्काल सिम्स अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल छात्र का बयान दर्ज किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस हमले के कारणों की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

बीच सड़क तलवार लहरा रहा था 'चिढ़्ढा'... पुलिस पहुंची और खेल खत्म

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर तलवार लहराकर लोगों में दहशत फैलाने के आरोप में पुलिस ने एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक धारदार लोहे की तलवार भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान जाहीद शेख उर्फ चिढ़्ढा के रूप में हुई है, जो चांटीडीह पठान मोहल्ला का रहने वाला है।

पुलिस ने बताया कि 16 जून को गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक तलवार लेकर राहगीरों को डरा-धमका रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक धारदार लोहे की तलवार बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों और गुंडा-बदमाशों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

'नशा छोड़ो, जिंदगी जोड़ो', शुरू हुआ 10 दिन का अभियान

बिलासपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /  भारत सरकार और जिला प्रशासन बिलासपुर के समाज कल्याण विभाग की ओर से बुधवार से जिले में 10 दिवसीय विशेष नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। यह अभियान 17 जून से 26 जून तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा, जिसके तहत नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, संवाद और जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

अभियान का शुभारंभ लोखंडी स्थित शुद्धि नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में हुआ, जहां उपचाररत लगभग 90 लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने हितग्राहियों से संवाद किया। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने लोगों से परिवार के साथ अधिक समय बिताने, वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन का पालन करने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने की अपील की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। उन्होंने समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनसहभागिता को आवश्यक बताया। कार्यक्रम के दौरान शुद्धि नशा मुक्ति केंद्र के निदेशक राजीव कुमार तिवारी ने देश में नशे की समस्या, उससे जुड़े आंकड़ों तथा संस्था द्वारा किए जा रहे पुनर्वास और परामर्श कार्यों की जानकारी दी।

इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग, रेडक्रॉस सोसायटी और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की है।


सिविल लाइन में बवाल: युवक ने पुलिस पर उठाया डंडा, आरक्षक घायल

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक पारिवारिक विवाद के दौरान युवक द्वारा अपने पिता को चाकू लेकर धमकाने और बाद में पुलिसकर्मी पर हमला करने का मामला सामने आया है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कुदुदंड इलाके की है।

पुलिस के अनुसार आज शाम डायल-112 को सूचना मिली कि सागर सूर्यवंशी नामक युवक अपने पिता मुन्ना सूर्यवंशी के साथ विवाद कर रहा है। शिकायत के मुताबिक वह गाली-गलौज और मारपीट करते हुए चाकू लेकर अपने पिता को दौड़ा रहा था।

सूचना मिलने पर सिविल लाइन ईगल-02 डायल-112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए आरोपी के हाथ से चाकू छीन लिया। हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान आरोपी अचानक उग्र हो गया और पास में रखा डंडा उठाकर आरक्षक मोरज सिंह के सिर पर हमला कर दिया। हमले में आरक्षक के सिर पर गंभीर चोट आई। घायल आरक्षक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिविल लाइन की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़कर थाने ले गई।

पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि आरोपी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है और उसका उपचार चल रहा है। हालांकि मामले में वैधानिक प्रक्रिया के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है तथा चिकित्सकीय दस्तावेजों सहित सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। 

घायल आरक्षक मोरज सिंह

यातायात पुलिस की सख्ती, ऑटो चालकों के लिए यूनिफॉर्म और नियम पालन अनिवार्य

बिलासपुर। (नवीन वाहिनीपति) TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में शहर में यातायात व्यवस्था को सरल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यातायात पुलिस ने ऑटो चालकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड और यातायात नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।

यातायात पुलिस द्वारा ऑटो चालक संघों और संगठनों के साथ लगातार बैठकें आयोजित कर उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों, यात्री सुरक्षा और जिम्मेदार वाहन संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। यातायात विभाग के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। पिछले एक दिन में 100 से अधिक ऑटो चालकों पर कार्रवाई की गई, जबकि बीते माह कुल 1177 ऑटो चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है। 

पुलिस ने ऑटो चालकों से अपील की है कि वे महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखें तथा यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखें।

यातायात पुलिस ने सभी ऑटो चालकों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित यूनिफॉर्म पहनकर ही ऑटो का संचालन करें। अधिकारियों का कहना है कि यूनिफॉर्म से ऑटो चालकों की पहचान सुनिश्चित होगी और किसी भी विवाद, दुर्घटना या आपराधिक घटना की स्थिति में संबंधित चालक तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। पुलिस ने सात दिनों के भीतर सभी ऑटो चालकों को ड्रेस कोड का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर ऑटो चलाने वाले चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कर न्यायालय भेजा जाएगा। 


हाईवा के टायर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर। (नवीन वाहिनीपति) TODAY छत्तीसगढ़  /  हिरी थाना पुलिस ने ट्रक से टायर चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ग्राम झलफा स्थित विश्वकर्मा गैरेज में खड़ी ट्रक के चार टायर चोरी किए थे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस बताती है कि दीपक सिंह मरकाम ने थाना हिरी में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम झलफा स्थित विश्वकर्मा गैरेज में खड़ी ट्रक क्रमांक CG 04 PII 0757 से 9.20 साइज के चार टायर डिस्क सहित चोरी कर लिए गए हैं। चोरी गए टायरों की कीमत लगभग 80 हजार रुपये है। शिकायत के आधार पर थाना हिरी में धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

एफआईआर के बाद पुलिस जांच के दौरान 16 जून को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भोजपुरी टोल प्लाजा के पास तीन युवक ट्रकों के टायर बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा और पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ऋषि धीवर ने अपने साथियों संदीप कश्यप, शेखर चंद्राकर और मालटन उर्फ मीनू बैसवाड़े के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं देने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं - अरुण साव

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज बिलासपुर में स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई का औचक निरीक्षण कर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति पर अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यों को जल्दी पूरा करने, सुविधाएं बढ़ाने तथा प्रशिक्षण केंद्र की अधोसरंचना को मजबूत करने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निरीक्षण के दौरान मैपलवुड फ्लोरिंग, तीरंदाजी मैदान, हॉकी गैलरी एवं फ्लड लाइट, कबड्डी इण्डोर व आउटडोर मैदान, एच.व्ही.ए.सी. कार्य तथा आउटडोर स्टेडियम के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हॉस्टल के रखरखाव की जानकारी लेते हुए नाराजगी व्यक्त की कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक मेंटेनेंस कार्य समय पर नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसाधनों की उपलब्धता के बाद भी काम में देरी स्वीकार्य नहीं है।

उप मुख्यमंत्री ने कार्यों की धीमी गति पर नाखुशी जाहिर करते हुए अधिकारियों से कहा कि बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है। यहां खिलाड़ियों की सुविधा बढ़ाने किए जा रहे कार्यों की गति बहुत धीमी है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता एवं अन्य अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ सभी कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें योजनाबद्ध तरीके से शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने संयुक्त बैठक कर लंबित कार्यों को जल्दी पूरा करने की कार्ययोजना बनाने तथा 15 दिनों के भीतर सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की वस्तुस्थिति के बारे में उप मुख्यमंत्री कार्यालय आकर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता श्री बी.बी.एस. गौतम को दिए।

श्री साव ने इण्डोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग के लिए वर्ष 2017 में कार्यादेश जारी होने के बावजूद इसके अब तक अधूरे रहने पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी तथा उप अभियंता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक कार्यों का लंबित रहना गंभीर विषय है। सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इण्डोर स्टेडियम में एच.व्ही.ए.सी. कार्य के लिए अतिरिक्त राशि की जरूरत पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन तैयार करने के पहले स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एच.व्ही.ए.सी. कार्य तेजी से पूर्ण करने तथा डक्टिंग की पूर्ण रूप से सफाई करने को कहा। उन्होंने एस.ई.सी.एल. द्वारा दो करोड़ की लागत से बनाए जा रहे तीरंदाजी मैदान के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के दौरान इसका निर्माण आगामी जुलाई तक पूर्ण कराने के निर्देश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री ए. एक्का को दिए। उन्होंने आउटडोर स्टेडियम में स्थापित हाई मास्ट लाइट के तत्काल मरम्मत के भी निर्देश दिए। 

श्री साव ने निर्माणाधीन कबड्डी इण्डोर एवं आउटडोर मैदान की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रमुख अभियंता कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर जानकारी प्रस्तुत करने तथा मंत्रालय से समन्वय कर पुनरीक्षित स्वीकृति प्राप्त करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्टेडियम परिसर का निरीक्षण कर अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने हॉकी मैदान में बन रहे पैवेलियन में अधिकारियों के लिए टॉयलेट बनाने के साथ ही दर्शकों के लिए टॉयलेट की संख्या में बढ़ोतरी के भी निर्देश दिए।

रील के चक्कर में जान न गंवाएं, पुलिस ने युवाओं को दिखाई हकीकत


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को गुरु घासीदास विद्यालय, बिलासपुर के रजत जयंती सभा कक्ष में एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान विशेष यातायात प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में 1000 से अधिक स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और सुरक्षित वाहन संचालन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। यातायात पुलिस ने युवाओं को सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया।

युवा वर्ग पर विशेष फोकस

यातायात पुलिस के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित वर्ग युवा वर्ग है। इसी कारण जनजागरूकता अभियान में विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि उनमें यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो सके।

 रील, स्टंट और लापरवाही पर चेतावनी

प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने के लिए खतरनाक स्टंट करने, तेज रफ्तार वाहन चलाने, मोबाइल का उपयोग करते हुए ड्राइविंग करने, एयरबड लगाकर वाहन चलाने, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने, मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने, तेज आवाज वाले वाहन चलाने तथा अमानक हेडलाइट का उपयोग करने जैसी खतरनाक प्रवृत्तियों के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। इसके अलावा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने जैसी लापरवाहियों पर भी विस्तार से समझाइश दी गई।

 सुरक्षित यातायात की शपथ

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक नागरिक बनने, यातायात नियमों का पालन करने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिक सेंस और सिविक सेंस का विकास ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, कर्नल लोकेश देवा, कैप्टन आशीष शर्मा, सूबेदार मेजर देवेश, फर्स्ट ऑफिसर अशोक नागपुरे, रंजू शर्मा, नवीन सिरस्वर, सेकंड ऑफिसर रवि आडीले, पुखराज माझी, नारायण साहू, मृणाल सहित विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी, एनसीसी स्टाफ, आर्मी स्टाफ तथा 1000 से अधिक स्काउट-गाइड कैडेट्स उपस्थित रहे।


कबाड़ी दुकान में गुंडागर्दी, युवक को बंधक बनाकर मांगे पैसे

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में कबाड़ी दुकान में एक युवक को बंधक बनाकर मारपीट, धमकी और लूटपाट करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया टाटा कंपनी का पिकअप वाहन भी बरामद कर लिया है। मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी ने थाना सिरगिट्टी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मोहम्मद फिरोज, रोहित, राहुल, रितिक, तौसिफ एवं अन्य साथियों ने उसके साले को एक कबाड़ी दुकान में बंधक बनाकर रखा। आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौच करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर रुपये की मांग की। इसके साथ ही प्रार्थी का टाटा कंपनी का पिकअप वाहन भी जबरन अपने कब्जे में ले लिया।

शिकायत मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पतासाजी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। इस मामले में पुलिस ने मोहम्मद फिरोज (42 वर्ष) निवासी मसानगंज और अब्दुल सफीर (32 वर्ष) निवासी बलराम सिंह प्लॉट यदुनंदन नगर तिफरा को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी मोहम्मद फिरोज के कब्जे से घटना में लूटा गया टाटा कंपनी का पिकअप वाहन बरामद कर जब्त किया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। सिरगिट्टी पुलिस का कहना है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


महंगी बिजली के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, सरकार पर साधा निशाना

बिलासपुर। (नवीन वाहिनीपति) TODAY छत्तीसगढ़  / प्रदेश में बढ़ती बिजली दरों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) मुख्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिजली दरों में की गई वृद्धि को आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में CSPDCL कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर बिजली बिल में बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ रहा है।

 "जनता पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव"

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों और छोटे कारोबारियों की आर्थिक स्थिति पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

 आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

 महेंद्र गंगोत्री ने साधा सरकार पर निशाना

जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में चार बार बिजली दरों में वृद्धि की जा चुकी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान 400 यूनिट तक बिजली बिल माफ किया गया था और पूरे पांच वर्षों में बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण आम जनता लगातार आर्थिक दबाव झेल रही है और बिजली दरों में बढ़ोतरी इसका ताजा उदाहरण है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और बिजली दरों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग की। 


जंगल में मिला 'बिग कैट' का शव, मौत के कारणों पर सस्पेंस बरकरार

लोरमी। (नवीन वाहिनीपति) TODAY छत्तीसगढ़  / मुंगेली जिले के लोरमी वन परिक्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए का शव मिलने से वन विभाग और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। ग्राम कंचनपुर के समीप जंगल क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने जंगल किनारे एक तेंदुए को बेसुध अवस्था में पड़ा देखा। तेंदुए को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

मौत की वजह अब भी रहस्य

वन विभाग ने फिलहाल तेंदुए की मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। प्रारंभिक तौर पर अधिकारियों द्वारा तेंदुओं के बीच आपसी संघर्ष की संभावना जताई जा रही है। हालांकि विभाग ने शिकारियों की संलिप्तता की आशंका से भी इनकार नहीं किया है।

बढ़ती घटनाओं से उठ रहे सवाल

लोरमी और आसपास के वन क्षेत्रों में लगातार वन्यजीवों की मौत और शिकार की घटनाएं सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल वन विभाग हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रहा है।


“नसों में एकता” का संदेश देकर डीआईजी रजनेश सिंह ने किया रक्तदान

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / (नवीन वाहिनीपति) / लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती एवं विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर बिलासपुर पुलिस द्वारा पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) श्री रजनेश सिंह ने किया। शिविर में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग ने भी रक्तदान कर समाज को मानव सेवा और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाए जा रहे इस विशेष अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण, अखंडता और एकता में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में रेडक्रॉस सोसायटी जिला अस्पताल बिलासपुर के सहयोग से रक्तदान शिविर लगाया गया।

शिविर में रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन बी.एल. गोयल, राजीव अवस्थी, सौरभ सक्सेना सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान आईजी श्री रामगोपाल गर्ग एवं डीआईजी श्री रजनेश सिंह ने स्वयं रक्तदान कर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रेरित किया। 

इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि रक्तदान महादान है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को जरूरतमंदों की जान बचाने के लिए समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने “नशों में एकता” का संदेश देते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

रक्तदान शिविर में पुलिस विभाग एवं नगर सेना के अधिकारी-कर्मचारियों, प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों तथा एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 35 यूनिट रक्तदान किया गया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल, डीएसपी लाइन श्रीमती मंजुलता केरकेट्टा, रक्षित निरीक्षक भूपेन्द्र कुमार गुप्ता, निरीक्षक उमेश साहू, निरीक्षक भावेश शेंडे सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने खारिज की प्रारंभिक आपत्तियां

बिलासपुर। (नवीन वाहिनीपति) TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बड़ा झटका देते हुए उनके खिलाफ दायर चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने दुर्ग सांसद विजय बघेल द्वारा दायर चुनाव याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए मामले की नियमित सुनवाई 23 जून से शुरू करने का आदेश दिया है।

विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान से ठीक पहले लागू प्रचार प्रतिबंध अवधि में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन विधानसभा क्षेत्र में समर्थकों के साथ रोड शो और रैली की थी। आरोप है कि इस दौरान चुनावी नारे लगाकर वोट मांगे गए, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन है। याचिका में इस कथित आचार संहिता उल्लंघन के आधार पर भूपेश बघेल के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की गई है।

भूपेश बघेल की ओर से उठाई गई थीं 16 आपत्तियां

मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से याचिका की वैधता को चुनौती देते हुए 16 बिंदुओं पर आपत्तियां प्रस्तुत की गईं। उनके अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि याचिका में लगाए गए आरोप अस्पष्ट और आधारहीन हैं तथा आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। भूपेश बघेल की ओर से यह भी कहा गया कि याचिका के साथ प्रस्तुत वीडियो और ई-मेल साक्ष्यों के लिए आवश्यक धारा 65-बी का इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र संलग्न नहीं है। साथ ही रोड शो में शामिल लोगों की पहचान और कथित घटनाओं में उनकी सहमति या भूमिका साबित करने वाला कोई पुख्ता दस्तावेज भी नहीं दिया गया है।

हाईकोर्ट ने कहा— ट्रायल में तय होंगे सबूतों के सवाल

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव याचिका में प्रस्तुत तथ्य प्रथम दृष्टया मामले को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त हैं। कोर्ट ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की वैधता, गवाहों की विश्वसनीयता और अन्य तकनीकी आपत्तियों पर अंतिम निर्णय ट्रायल के दौरान साक्ष्य और जिरह के आधार पर किया जाएगा। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि शुरुआती चरण में केवल इस आधार पर याचिका को खारिज नहीं किया जा सकता कि साक्ष्यों की वैधता पर विवाद है।

सुप्रीम कोर्ट से मिली थी दोबारा सुनवाई की छूट

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका की मेंटेनेबिलिटी को लेकर हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया गया था, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट में नए सिरे से आवेदन पेश करने की अनुमति दी थी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हाईकोर्ट में दोबारा आवेदन लगाया गया, लेकिन अब हाईकोर्ट ने उसे भी खारिज कर दिया है। हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि ट्रायल के दौरान भूपेश बघेल इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की प्रमाणिकता और अन्य साक्ष्यों को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। अब इस बहुचर्चित चुनाव याचिका की अगली सुनवाई 23 जून 2026 को होगी, जहां मामले की मेरिट पर नियमित सुनवाई शुरू की जाएगी।

अचानकमार में दिखा ‘गिद्धों का राजा’, पहली बार नजर आया दुर्लभ किंग वल्चर

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। रिजर्व क्षेत्र में पहली बार बेहद दुर्लभ रेड-हेडेड वल्चर (King Vulture) की मौजूदगी दर्ज की गई है। वन विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए इसे अचानकमार की समृद्ध जैव विविधता और गिद्धों के लिए अनुकूल वातावरण का महत्वपूर्ण संकेत बताया है।

अचानकमार टाइगर रिजर्व की मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड डायरेक्टर श्रीमती प्रियंका पांडेय ने बताया कि रेड-हेडेड वल्चर का देखा जाना वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि है। यह प्रजाति देश में तेजी से घटती गिद्ध आबादी के बीच बेहद दुर्लभ मानी जाती है और संकटग्रस्त श्रेणी में शामिल है। 

गिद्धों का राजा माना जाता है किंग वल्चर

देश में पाई जाने वाली नौ गिद्ध प्रजातियों में रेड-हेडेड वल्चर को विशेष स्थान प्राप्त है। इसकी लाल रंग की गर्दन और प्रभावशाली आकार के कारण इसे "गिद्धों का राजा" कहा जाता है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मृत पशुओं के शव पर सबसे पहले यही गिद्ध पहुंचता है और इसके बाद अन्य गिद्ध प्रजातियां भोजन के लिए वहां आती हैं।

औरापानी क्षेत्र पहले से गिद्ध संरक्षण का केंद्र

अचानकमार टाइगर रिजर्व का बफर क्षेत्र औरापानी पहले से ही Indian Long-billed Vulture के लिए प्रदेश में विशेष पहचान रखता है। ऐसे में उसी क्षेत्र में रेड-हेडेड वल्चर की उपस्थिति दर्ज होना वन विभाग और संरक्षण विशेषज्ञों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका

गिद्धों को प्रकृति का सफाईकर्मी माना जाता है। ये मृत पशुओं के अवशेषों को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखते हैं और कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों तथा महामारी के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन दवाओं के दुष्प्रभाव, आवासीय संकट और अन्य कारणों से पिछले कुछ दशकों में गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट आई है।

संरक्षण प्रयासों को मिलेगी नई दिशा

वन विभाग का मानना है कि रेड-हेडेड वल्चर की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि अचानकमार के जंगल आज भी दुर्लभ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और अनुकूल आवास बने हुए हैं। यह खोज प्रदेश में गिद्ध संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। 


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