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नोट गिनने की मशीन और आईफोन के साथ सटोरिये गिरफ्तार


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे पर शिकंजा कसते हुए रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पांच सक्रिय सट्टा खाईवालों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2.70 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, महंगे मोबाइल फोन समेत लगभग 4.70 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के डिजिटल लेनदेन और तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए हैं।  

ऑफिस में चल रहा था सट्टा

पहली कार्रवाई में पुलिस ने कोतरारोड़ बायपास स्थित आर.एस. ट्रेडिंग कंपनी के कार्यालय में दबिश दी। यहां साकेत सिंघानिया को मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पकड़ा गया। जांच में मोबाइल से बेटिंग आईडी, व्हाट्सएप चैट, यूपीआई लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विवो मोबाइल और आईफोन-13 प्रो जब्त किया।

राशन दुकान से संचालित था नेटवर्क

दूसरी कार्रवाई में पुराना पंजाब नेशनल बैंक के पास एक राशन दुकान में चल रहे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके से रितेश डालमिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने चांदमारी क्षेत्र में दबिश देकर रौनक मोदनवाल और उसकी पत्नी प्रियंका हलवाई को हिरासत में लिया। आरोपियों के पास से आईफोन, विवो और सैमसंग मोबाइल, 2.69 लाख रुपये नकद तथा नोट गिनने की मशीन बरामद की गई।

किराए के मकान से ऑनलाइन बेटिंग

तीसरी कार्रवाई में संजय मैदान रामभांठा क्षेत्र स्थित किराए के मकान में पुलिस ने प्रदीप कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल फोन में क्रिकेट गुरु एप, फोन-पे ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े रिकॉर्ड मिले। पुलिस को करीब 89 हजार रुपये के डिजिटल लेनदेन के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं।

पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपी पिंटू हलवाई की तलाश जारी है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

मितानिन के घर मिला बम बनाने का सामान, महापौर को बम से उड़ाने की धमकी


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र स्थित रावाभाठा इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने एक घर से देसी बम बनाने का सामान बरामद किया। पुलिस ने मौके से विस्फोटक सामग्री, पिस्टल और संदिग्ध सामान जब्त किया है। मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ जब पूछताछ में कांग्रेस नेता और बिरगांव महापौर नंदलाल देवांगन के साले का नाम सामने आया।

जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि रावाभाठा क्षेत्र के एक मकान में संदिग्ध सामग्री रखी गई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मितानिन पुष्पा साहू के घर से बम बनाने का सामान बरामद किया। पूछताछ में पुष्पा साहू ने बताया कि विनय देवांगन नामक व्यक्ति ने उसके घर में बैग रखवाया था। महिला ने पुलिस को बताया कि विनय देवांगन जमीन कारोबारी है और उसी से उन्होंने जमीन खरीदी थी। बैग खोलने पर उसमें पिस्टल और विस्फोटक सामग्री मिली। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी नॉर्थ मयंक गुर्जर ने बिरगांव महापौर नंदलाल देवांगन से भी पूछताछ की। महापौर ने पुलिस को बताया कि विनय देवांगन उसका साला है, लेकिन पिछले करीब 20 वर्षों से दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि विवाद के बाद विनय ने उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी थी।

पुलिस अब फरार आरोपी विनय देवांगन की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस जब्त विस्फोटक सामग्री की जांच कर रही है और पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल जारी है। 


ऑलिव रिडले बच्चों की पहली यात्रा ने मोह लिया सबका दिल


गंजम।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  ओडिशा के गंजम जिले में ऋषिकुल्या नदी के मुहाने पर इन दिनों प्रकृति का अद्भुत और भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिल रहा है। हजारों ऑलिव रिडले समुद्री कछुओं के नन्हे बच्चे अंडों से बाहर निकलकर समुद्र की ओर अपनी पहली यात्रा पर निकल पड़े हैं।

करीब 45 दिनों तक रेत में सुरक्षित रहने के बाद अब ये छोटे कछुए तेजी से बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं। समुद्र तट पर यह नजारा लोगों को रोमांचित कर रहा है। इस मौसम में लाखों अंडे तट पर दिए गए थे, जिससे यह इलाका ऑलिव रिडले कछुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण नर्सरी बन गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस सामूहिक अंडे देने की प्रक्रिया को ‘अरिबाडा’ कहा जाता है। यह एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना है, जिसमें हजारों मादा कछुए एक साथ समुद्र तट पर पहुंचकर अंडे देती हैं। ‘अरिबाडा’ शब्द स्पेनिश भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है “समुद्र के रास्ते आगमन।” 

बताया जाता है कि मादा कछुए अक्सर उसी तट पर लौटती हैं जहां उनका जन्म हुआ था। वे रेत में घोंसले बनाकर लगभग 80 से 120 अंडे देती हैं। अंडों से बाहर निकलने के बाद नन्हे कछुओं को समुद्र तक पहुंचने के लिए लंबी और खतरनाक यात्रा तय करनी पड़ती है। इस दौरान उन्हें समुद्री लहरों, पक्षियों और अन्य शिकारियों के अलावा इंसानी दखल जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके, उनकी सहज प्रवृत्ति उन्हें समुद्र की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। 

वन विभाग और पर्यावरण प्रेमियों ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील समय में समुद्र तट पर अनावश्यक भीड़ और रोशनी से बचें, ताकि कछुओं की यह प्राकृतिक यात्रा सुरक्षित रह सके।

कोलकाता से दिल्ली जा रहे थे नोटों के बोरे, DRI ने पकड़ा


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / राजधानी रायपुर स्थित हंस ट्रैवल्स कार्यालय में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की टीम ने छापामार कार्रवाई कर नोटों से भरे तीन बोरे जब्त किए हैं। कार्रवाई के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार, डीआरआई को हंस ट्रैवल्स कार्यालय में संदिग्ध तरीके से बड़ी मात्रा में नकदी भेजे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने रिंग रोड स्थित कार्यालय में दबिश दी। छापेमारी के दौरान 10, 20 और 50 रुपये के नोटों से भरे तीन बोरे बरामद किए गए। टीम ने नोटों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह रकम पश्चिम बंगाल के कोलकाता से दिल्ली भेजी जा रही थी। 

सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता निवासी बिस्वाल नामक व्यक्ति द्वारा दिल्ली के कमल किशोर गुप्ता के पास यह रकम भेजी जा रही थी। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी भेजने के पीछे क्या उद्देश्य था और इसका उपयोग कहां होना था, इसकी जांच डीआरआई कर रही है। जांच के दौरान नोटों पर आरबीआई की सील और मुहर भी मिली है। डीआरआई की टीम हंस ट्रैवल्स के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और नोटों के स्रोत तथा ट्रांजेक्शन की कड़ियों को खंगाल रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और डीआरआई जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है। 

श्रीराम केयर अस्पताल फिर विवादों में, कांस्टेबल की मौत पर उठे लापरवाही के सवाल


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर के निजी श्रीराम केयर अस्पताल एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में है। सरकंडा थाने में पदस्थ कांस्टेबल सत्यकुमार पाटले की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल पाटले पथरी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद उनकी हालत सामान्य बताई जा रही थी और जल्द छुट्टी देने की बात कही गई थी। लेकिन अचानक मरीज की तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है, जबकि परिजन इलाज में देरी और लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। परिजनों का ये भी आरोप है कि श्री राम केयर अस्पताल के डॉक्टरों ने मौत के कारणों में अलग-अलग बीमारी की बात कहकर न सिर्फ परिजनों को गुमराह किया बल्कि अपनी घोर लापरवाही से पल्ला झाड़ते नज़र आये। 

परिजनों का आरोप है कि मरीज को करीब चार घंटे तक उचित उपचार नहीं मिला और उसे तड़पता छोड़ दिया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा भी हुआ। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है। 

पहले भी विवादों में रहा अस्पताल

आपको बता दें कि इस अस्पताल में लापरवाही और गैरजिम्मेदारी का यह कोई पहला मामला नहीं है जब अस्पताल पर सवाल उठे हैं। इससे पहले इसी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती एक छात्रा के साथ वार्ड बॉय द्वारा दुष्कर्म का मामला सामने आया था, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े किए थे। उस प्रकरण में जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज भी संदिग्ध पाए गए थे। इसके अलावा कोरोना काल के दौरान भी नियमों के उल्लंघन को लेकर अस्पताल को नोटिस जारी किया जा चुका है। अस्पताल प्रबंधन ने कोरोना काल में मरीजों से खुली लूट मचा रखी थी। 

प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि हर बार नोटिस और जांच के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। अब देखना यह होगा कि कांस्टेबल की मौत के इस मामले में प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी जांच तक ही सीमित रह जाएगा।

अंबिकापुर में दरिंदगी! शादी से लौटती बालिकाओं को उठा ले गए बदमाश


अंबिकापुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में दो नाबालिग बालिकाओं से सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन वयस्क आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल को दोनों पीड़िताएं अपनी सहेलियों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। वापस लौटते समय करीब एक दर्जन युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गए। वहां चार आरोपियों ने बालिकाओं के साथ दुष्कर्म किया।

घटना के बाद दोनों पीड़िताएं रात में किसी तरह अपने घर पहुंचीं और अगले दिन परिजनों को पूरी जानकारी दी। शिकायत के आधार पर थाना सीतापुर में 26 अप्रैल को अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने पीड़िताओं के बयान दर्ज कराए और मेडिकल परीक्षण कराया। परिजनों की आपत्ति के बाद दोबारा जिला अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज की।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार वयस्क आरोपियों में आनंद बेक (27), विकास उर्फ राहुल (24) और मनीष खलखो उर्फ आभीस शामिल हैं। वहीं तीन नाबालिग आरोपियों को बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) तथा पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की जांच जारी है और अन्य संलिप्त आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। 

गौ तस्करी की कोशिश नाकाम, पुलिस ने बचाए मवेशी


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। एक ओर जहां पुलिस के दबाव में कुख्यात तस्कर सरेंडर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ताबड़तोड़ कार्रवाई में तस्करी की कोशिशें भी लगातार नाकाम की जा रही हैं।

इसी क्रम में भूपदेवपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मवेशी तस्करी की एक कोशिश को विफल कर दिया। 28-29 अप्रैल की दरम्यानी रात गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम कछार इलाके में एक लाल रंग की स्कॉर्पियो में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा है। 

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की। पुलिस और डायल 112 की गाड़ी को देखकर तस्कर वाहन लेकर भागने लगे, लेकिन खेत की मेड़ में वाहन फंस गया। इसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने मौके पर स्कॉर्पियो (क्रमांक OR-02 BL-2698) की तलाशी ली, जिसमें दो गौवंश अमानवीय हालत में बिना चारा-पानी और पैर बांधकर पाए गए। पुलिस ने दोनों मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराया। साथ ही एक रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

मामले में थाना भूपदेवपुर में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 4, 6 और 11 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्करों ने वाहन में फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। पुलिस अब इंजन-चेसिस नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मुक्त कराए गए गौवंशों का पशु चिकित्सकों द्वारा परीक्षण कराया गया है और उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्करों के नेटवर्क पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

महिला सुरक्षा पर सख्त संदेश: “अंधश्रद्धा से बचें, जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत” — विजया रहाटकर


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर के बिलासपुर दौरे ने महिला सुरक्षा, अंधश्रद्धा और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है। कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक और जनसुनवाई के बाद वे पत्रकारों से रु-ब-रु हुई। उन्होंने सियासी सवालों से किनारा करते हुये देश और राज्य में महिलाओं से संबंधित सवालों का बड़ी ही मुखरता से जवाब दिया।  

एक सवाल के जवाब में विजया किशोर रहाटकर ने स्पष्ट कहा कि महिला सुरक्षा सिर्फ कानून या व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज की सोच और जागरूकता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।

देश के किन राज्यों से महिला संबंधी अपराधों की शिकायतें ज्यादा हैं ? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर देश के बड़े राज्यों में संख्या अधिक दिखना स्वाभाविक है, लेकिन महिलाओं की पीड़ा हर जगह समान है। उन्होंने कहा कि हर राज्य की अपनी चुनौतियां हैं, इसलिए सीधी तुलना करना उचित नहीं होगा । 

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने बताया कि आयोग को देशभर से हर साल एक लाख से अधिक शिकायतें मिलती हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला दिल्ली तक नहीं पहुंच सकती, इसलिए आयोग अब “जनसुनवाई मॉडल” को विस्तार दे रहा है, जिससे दूरदराज की महिलाएं भी सीधे अपनी बात रख सकें और उन्हें त्वरित राहत मिल सके। शिकायत और एफआईआर के अंतर पर उन्होंने कहा कि आयोग का दायरा अलग होता है। कई मामले पहले आयोग तक आते हैं, फिर संबंधित एजेंसियों को भेजे जाते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि हर शिकायत को सही मंच तक पहुंचाया जाए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। 

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने साफ कहा कि कोई एक क्षेत्र ऐसा नहीं है जिसे पूरी तरह “हाई रिस्क जोन” कहा जा सके। जहां सामाजिक विकृति है, वहीं अपराध है। इसलिए पूरे समाज में जागरूकता जरूरी है। देश में हाल ही में हुए महिला उत्पीड़न संबंधी कुछ मामलों के प्रकाश में आने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि विश्वास जरूरी है, लेकिन अंधानुकरण नहीं। महिलाओं को हर स्थिति में समझदारी और सतर्कता से निर्णय लेना चाहिए। समाज को भी इस विषय पर लगातार जागरूक रहना होगा। अशोक खरात से लेकर नासिक के चर्चित मामले पर उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे समाज के लिए शर्मनाक है। पढ़े-लिखे लोग भी ऐसे जाल में फंस रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने तथाकथित बाबाओं से सावधान रहने की चेतावनी दी।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण पर उन्होंने कहा कि महिलाएं हमेशा से नेतृत्व करती रही हैं। पंचायत स्तर पर 50 प्रतिशत आरक्षण के बाद महिलाओं ने उत्कृष्ट कार्य किया है, अब राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें पूरा अवसर मिलना चाहिए। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर र ने अंत में कहा कि कानून और संस्थाएं जरूरी हैं, लेकिन वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब समाज की सोच बदलेगी और जागरूकता बढ़ेगी।

पुलिस दबाव में झुका गौ तस्कर, लैलूंगा पुलिस ने भेजा जेल


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात गौवंश तस्कर रब्बुल खान (39 वर्ष) ने पुलिस दबाव के चलते आखिरकार सरेंडर कर दिया। लैलूंगा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। 

पुलिस के अनुसार, रब्बुल खान के खिलाफ वर्ष 2023 और 2026 में गौ तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदलकर छिप रहा था।  फरवरी माह में पुलिस ने झगरपुर मार्ग पर घेराबंदी कर आरोपी के साथी देवानंद यादव को 16 गौवंश के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में रब्बुल खान की मुख्य भूमिका सामने आई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। लगातार दबिश, तकनीकी निगरानी और पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते आरोपी के सभी ठिकाने खत्म हो गए और अंततः उसने सरेंडर कर दिया। लैलूंगा पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया है। 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि— “गौ तस्करी में शामिल लोगों के लिए अब केवल दो ही रास्ते हैं—सरेंडर करें या कानून की गिरफ्त में आएं।”

अपराध छोड़ने की जताई इच्छा

पूछताछ के दौरान आरोपी ने गौ तस्करी छोड़कर सामान्य जीवन जीने की इच्छा जताई है। पुलिस इसे “ऑपरेशन शंखनाद” की बड़ी सफलता मान रही है, जहां कार्रवाई के साथ-साथ अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी प्रभावी साबित हुआ है। 



‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 36.97 लाख की ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़


रायगढ़ ।
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा से महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया है। आरोपियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर जिले के एक सेवानिवृत्त विद्युत विभाग के पर्यवेक्षक से करीब 36 लाख 97 हजार रुपये की ठगी की थी।

प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को कानून और जांच एजेंसियों का भय दिखाकर ठगी करता था। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। 

 ऐसे रचा गया पूरा षड्यंत्र

पुलिस के अनुसार, पीड़ित नरेन्द्र ठाकुर, जो विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त हैं, को जनवरी 2026 में एक अज्ञात महिला का फोन आया। कॉल करने वाली ने खुद को दूरसंचार नियामक संस्था (TRAI) से जुड़ा बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का उपयोग कर अवैध गतिविधियां की जा रही हैं।

इसके बाद कॉल को तथाकथित पुलिस अधिकारी और फिर एक व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर स्वयं को आईपीएस अधिकारी बताते हुए पीड़ित को “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाया। आरोपियों ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी देकर उसके बैंक खातों, संपत्ति और निजी जानकारी हासिल की। इसके बाद जांच के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई। डर के कारण पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच कुल 36,97,117 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में परिजनों को जानकारी होने पर ठगी का खुलासा हुआ और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। 

 तकनीकी जांच से खुला राज

साइबर पुलिस ने बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की जांच करते हुए पाया कि रकम राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित खातों में जमा की गई है। इसके बाद विशेष टीम गठित कर वहां दबिश दी गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी राहुल व्यास, जो बंधन बैंक में कर्मचारी है, अपने साथियों के साथ मिलकर गिरोह संचालित कर रहा था। आरोपी महिला आरती राजपूत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और तकनीकी कार्य संभालती थी, जबकि अन्य आरोपी रकम के लेनदेन और नेटवर्क विस्तार में सहयोग करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर ठगी के तरीके सीखे और फिर खुद इस अवैध कारोबार में शामिल हो गए।

देशभर में फैला था नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह देशभर में सक्रिय था और अब तक करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। एक आरोपी के खाते में ही करीब 60 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन पाया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं और आगे की जांच जारी है।

रायगढ़ पुलिस ने इस मामले में जिन आरोपियों की गिरफ्तारी बताई है उनमें राहुल व्यास (भीलवाड़ा), रविराज सिंह, संजय मीणा, आरती राजपूत और गौरव व्यास का नाम है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(6), 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई की जा रही है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि -

डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर नहीं कराती। ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।





50 करोड़ की पैंगोलिन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, बड़ा वन्यजीव तस्करी मामला ?


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ वन विभाग की टीम ने राजधानी रायपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त पैंगोलिन का वजन करीब 20 किलोग्राम बताया जा रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये आंकी गई है।

वन विभाग को सूचना मिली थी कि भाठागांव क्षेत्र के पास रावांभाठा, वालफोर्ट सिटी के पीछे स्थित एक झुग्गी में दो संदिग्ध व्यक्ति ठहरे हुए हैं और उनके पास जिंदा पैंगोलिन है। सूचना के आधार पर टीम ने एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा। 

कर्मचारी ने तस्करों से संपर्क कर पैंगोलिन दिखाने को कहा। आरोपियों ने जिंदा पैंगोलिन दिखाया और उसकी कीमत करोड़ों में बताई। सौदा तय होने के बाद कर्मचारी ने संकेत देकर बाहर इंतजार कर रही टीम को बुलाया। जैसे ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से 20 किलो वजनी पैंगोलिन जब्त की गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्यारेलाल गोपचे (जिला बलाघाट, मध्यप्रदेश) और गोखन हलदार (भानुप्रतापपुर, कांकेर) के रूप में हुई है। वन विभाग के अनुसार, दोनों आरोपियों की पिछले एक सप्ताह से तलाश की जा रही थी। फिलहाल दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। 

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वायरल VIDEO: हाउसिंग बोर्ड में म्यूटेशन फाइल दबाने पर कार्रवाई, दो अधिकारी मुख्यालय अटैच


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड, बिलासपुर में संपत्ति नामांतरण (म्यूटेशन) से जुड़ा मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तूल पकड़ गया। जांच में लापरवाही सामने आने पर दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवा रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, आवेदक तोरण साहू ने 17 मार्च 2025 को म्यूटेशन के लिए आवेदन किया था। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 नवंबर 2025 को दस्तावेज तैयार कर हस्ताक्षरित भी कर दिए गए थे, लेकिन उसे आवेदक तक भेजा नहीं गया और फाइल को लंबित रखा गया।

इस गंभीर लापरवाही के लिए कार्यपालन अभियंता एवं प्रभारी संपदा अधिकारी एल.पी. बंजारे तथा वरिष्ठ सहायक व प्रभारी सहायक संपदा प्रबंधक पूनम बंजारे को मुख्यालय अटैच किया गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों के कार्यों में इस प्रकार की देरी और उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उधर, मामले के सामने आने के बाद अवकाश के दिन ही संबंधित फाइल निकालकर आवेदक को म्यूटेशन दस्तावेज की प्रति सौंप दी गई।

यह मामला तब चर्चा में आया जब 17 अप्रैल को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में आवेदक अधिकारी के कक्ष में जाकर अपनी लंबित फाइल को लेकर नाराजगी जताते दिखाई दिया। उसने आरोप लगाया कि उसकी फाइल एक साल से लंबित है और जानबूझकर रोकी गई है। दूसरी ओर, महिला अधिकारी पूनम बंजारे ने आवेदक के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए मानसिक प्रताड़ना, धमकी और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया है।  




मां ने ढाई साल के बेटे की ली जान, कापू क्षेत्र की घटना


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  / थाना कापू क्षेत्र के ग्राम पारेमेर फिटिंगपारा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक महिला ने अपने ही ढाई वर्षीय बेटे की हत्या कर दी। मामले का खुलासा पुलिस की जांच और पूछताछ के बाद हुआ, जिसमें आरोपी मां ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल को मृतक बालक अनुज मंझवार के पिता बोधसाय मंझवार ने थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल की सुबह वह जंगल गया था, उस समय घर पर उसकी पत्नी सोनमती और दोनों बच्चे थे। दोपहर में लौटने पर घर खाली मिला। शाम को बड़ी बेटी अकेले घर लौटी और बताया कि मां छोटे भाई को लेकर जंगल की ओर चली गई है।

इस जानकारी के बाद पिता और ग्रामीणों ने जंगल में तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन महिला अकेले घर लौटी और बच्चे के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। संदेह गहराने पर लगातार खोजबीन जारी रही। 18 अप्रैल की रात रानीगौवा पहाड़ के पास एक पगडंडी किनारे खून के निशान मिले। पास की खाई में तलाश करने पर मासूम अनुज का शव मिला, जिसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर महिला को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में वह लगातार गुमराह करती रही, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, महिला ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ मायके जा रही थी। रास्ते में उसने बेटी को वापस भेज दिया और बेटे के साथ आगे बढ़ी। रास्ते में गुस्से में आकर उसने बच्चे को जमीन पर पटक दिया और पत्थर से वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त पत्थर और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

सकरी बाईपास पर भीषण टक्कर के बाद ट्रेलर में लगी आग, चालक जिंदा जला


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के सकरी बाईपास रोड स्थित संबलपुरी ओवरब्रिज पर रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां दो ट्रेलरों के बीच जोरदार टक्कर के बाद लगी आग में एक चालक की दर्दनाक मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ओवरब्रिज पर आगे चल रही ट्रेलर को पीछे से आ रही कोयले से लदी तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे वाले ट्रेलर का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और चालक केबिन में ही फंस गया। वह बाहर निकलने का मौका नहीं पा सका और जिंदा जल गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तुरंत पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। 

सूचना मिलते ही सकरी थाना पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक चालक की मौत हो चुकी थी। उसका शव केबिन के अंदर बुरी तरह झुलस गया था। फिलहाल पुलिस द्वारा शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है और मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। हादसे के कारण कुछ समय तक मार्ग पर यातायात बाधित रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। 


CEIR पोर्टल: 128 गुम मोबाइल लौटाकर रायगढ़ पुलिस ने जीता भरोसा


रायगढ़।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना रायगढ़ की टीम ने गुम एवं चोरी हुए 128 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे हैं।

पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी, साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक सहित साइबर टीम की मौजूदगी में मोबाइल वितरण किया गया। 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, जरूरी दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर जानकारी दर्ज करें।

जिले में गुम मोबाइल की शिकायतों के निराकरण के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित सिम को ब्लॉक कर दिया जाता है और मोबाइल को ट्रैकिंग पर रखा जाता है।

साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक और उनकी टीम लगातार मॉनिटरिंग कर कार्रवाई करती है। टेलीकॉम कंपनियों की सहायता से मोबाइल में नई गतिविधि मिलने पर तत्काल कार्रवाई कर उसे बरामद किया जाता है। 

साइबर टीम ने 128 मोबाइल फोन को सफलतापूर्वक ट्रेस किया। ये मोबाइल बिहार, कोलकाता सहित कोरबा, जांजगीर और रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया क्षेत्रों में उपयोग में पाए गए। पुलिस ने संबंधित उपयोगकर्ताओं से संपर्क कर मोबाइल वापस प्राप्त किए। बरामद मोबाइल में वीवो, ओप्पो, रेडमी, पोको, रियलमी, वनप्लस, सैमसंग और मोटोरोला जैसे ब्रांड शामिल हैं। इनकी कुल कीमत लगभग 25 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है। 

मोबाइल वापस मिलने पर कई लोग भावुक हो उठे। कुछ ने तो अपने फोन मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। मोबाइल पाकर लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया और खुशी जाहिर की। 

“बादाम खाओ, फाइल ढूंढो!” युवक की अनोखी गांधीगिरी वायरल


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में शासकीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला एक अनोखा मामला सामने आया है। हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में नामांतरण की फाइल एक साल से लंबित रहने से परेशान युवक ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, युवक पिछले एक साल से अपनी नामांतरण फाइल के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहा था। हर बार उसे फाइल के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी और बार-बार फाइल “गुम” होने की बात कही जा रही थी।

आखिरकार परेशान होकर युवक ने सहायक सम्पदा अधिकारी के सामने अपनी नाराजगी अनोखे तरीके से जाहिर की। उसने अधिकारी के टेबल पर बादाम से भरा पैकेट उलटते हुए कहा कि “बादाम खाकर याददाश्त तेज कीजिए, शायद फाइल याद आ जाए।”

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इसे सरकारी दफ्तरों में फाइलों के लंबित रहने और कार्यप्रणाली की वास्तविकता से जोड़कर देखा है। फिलहाल इस मामले में विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होगी, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन वायरल वीडियो ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।  


रतनपुर में 245 किलो गांजा जब्त, 1.30 करोड़ की खेप के साथ दो तस्कर गिरफ्तार


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रतनपुर पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने 245 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 17 अप्रैल को सूचना मिली थी कि कटघोरा की ओर से एक मारुति अर्टिगा कार में भारी मात्रा में गांजा बिलासपुर लाया जा रहा है। सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में टीम ने नेशनल हाईवे स्थित नवापारा चौक भेड़ीमुड़ा के पास घेराबंदी की।

जांच के दौरान संदिग्ध अर्टिगा कार (CG 04 QD 7255) को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 245 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजा की कीमत लगभग 1 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है। साथ ही गांजा परिवहन में प्रयुक्त कार (कीमत लगभग 8 लाख रुपये), एक मोबाइल फोन और दो नंबर प्लेट भी जब्त किए गए। कुल जब्ती की कीमत करीब 1 करोड़ 30 लाख 56 हजार रुपये बताई गई है।

मामले में आरोपी अमित कुमार केवट (33 वर्ष) निवासी शहडोल (मध्यप्रदेश) को मौके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर दूसरे आरोपी नीरज शुक्ला (30 वर्ष) निवासी अनुपपुर (मध्यप्रदेश) को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है और अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है। 


‘थ्री स्टम्प्स’ सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी मुंबई से गिरफ्तार

रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  ऑनलाइन सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर पुलिस ने ‘थ्री स्टम्प्स’ सट्टा सिंडिकेट के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी को फ्लाइट के जरिए रायपुर लाया गया, जहां पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया।

पुलिस के अनुसार, बाबू खेमानी छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट सट्टा और अन्य प्रकार के सट्टे का संचालन कर रहा था। उसके खिलाफ 13 अप्रैल को थाना गंज में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। 

🔹 ऐसे खुला नेटवर्क

13 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के पास एक चारपहिया वाहन में बैठकर आईपीएल पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। मौके से एक आरोपी को पकड़ने के बाद पूछताछ में बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद ओडिशा और महाराष्ट्र में छापेमारी कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

🔹 मुंबई-गोवा में रेड, कई गिरफ्तार

मुख्य आरोपी बाबू खेमानी और उसका भाई करण खेमानी फरार थे। दोनों के मुंबई-गोवा में छिपे होने की जानकारी पर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। मुंबई में रेड के दौरान बाबू खेमानी, रोहित सिंह और विशाल कश्यप को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से लैपटॉप, बीएमडब्ल्यू कार और मोबाइल फोन जब्त किए गए। वहीं गोवा में संचालित ऑनलाइन पैनल पर कार्रवाई करते हुए 4 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यहां से लैपटॉप, मोबाइल, राउटर, एटीएम कार्ड और सट्टा हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।

🔹 सोशल मीडिया से बनाया हाई प्रोफाइल नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया कि बाबू खेमानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर था और अपने फॉलोअर्स का इस्तेमाल कर हाई प्रोफाइल ग्राहकों को जोड़ता था। पहले मेट्रो, कलर 777 और क्लासिक एक्स-99 जैसे एप संचालित किए गए, जिन्हें बाद में बंद कर दिया गया। इसके बाद ‘3Stumps’ और ‘55 Exchange’ नाम से नए पैनल बनाकर पुराने ग्राहकों को जोड़ा गया और सट्टा संचालन जारी रखा गया।

🔹 देशभर में फैला नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के अलग-अलग सदस्य अलग जिम्मेदारी संभालते थे कलेक्शन एजेंट के रूप में कमलेश देवांगन, आईडी वितरण का काम रोहित सिंह, बैंक खातों के जरिए लेन-देन का जिम्मा विशाल कश्यप के पास था। गिरोह देशभर से एजेंटों के माध्यम से बैंक खाते किराए पर लेकर लेन-देन करता था।

🔹 विदेश कनेक्शन की जांच

पुलिस के अनुसार, बाबू खेमानी दुबई और थाईलैंड की कई यात्राएं कर चुका है। उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। साथ ही सट्टे की रकम की वसूली से जुड़े पहलुओं पर भी पूछताछ जारी है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।  

इस पुरे मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों को एक नज़र में देखिये -


"24 घंटे में हटाओ SDM…” विधायक का कलेक्टर को अल्टीमेटम, मचा हड़कंप


बलरामपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच टकराव का मामला सामने आया है। सामरी विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा ने राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार पर नाराजगी जताते हुए दोनों अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया है।

जानकारी के अनुसार, विधायक सीसी रोड और नाली निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे विधायक नाराज हो गईं। उन्होंने मौके से ही कलेक्टर राजेंद्र कटारा को फोन कर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठेंगी। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इधर, मौके पर मौजूद समर्थकों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एसडीएम देवेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। समर्थकों का आरोप था कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे जनता की समस्याएं प्रभावित हो रही हैं। 

गौरतलब है कि राज्य में अफसरशाही को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर द्वारा कोरबा कलेक्टर के खिलाफ नाराजगी जताई जा चुकी है। वहीं हाल ही में बिलासपुर में भी जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद सामने आया था। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

मानव तस्करी का जाल: नाबालिग को बेचकर जबरन शादी, 5 आरोपी गिरफ्तार


रायगढ़। 
TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में मानव तस्करी और नाबालिग बालिका को देह व्यापार में धकेलने के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस ने 17 वर्षीय पीड़िता को सुरक्षित रेस्क्यू कर चार दलालों सहित एक खरीदार को मध्यप्रदेश के छतरपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 11 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई कि 26 नवंबर 2025 को गांव के खेल मैदान से उसकी परिचित लड़की (परिवर्तित नाम) उसे काम दिलाने का झांसा देकर रायगढ़ ले आई।

यहां महादेव मंदिर के पास सक्रिय गिरोह के सदस्य—बिन्दिया रात्रे, अभय यादव, चिकू खान और पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची से उसकी मुलाकात कराई गई। अगले ही दिन उसे बहला-फुसलाकर मध्यप्रदेश के सागर जिले ले जाया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नाबालिग बालिका को सुनील दीक्षित नामक व्यक्ति को करीब डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया। मंदिर में जबरन शादी कराई गई और आरोपी रकम लेकर वापस लौट आए। पीड़िता के मुताबिक, सुनील द्वारा उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए गए। मौका पाकर वह वहां से भाग निकली और ट्रेन से वापस रायगढ़ पहुंची।

रायगढ़ लौटने के बाद पीड़िता घर नहीं गई और पुनः आरोपी बिन्दिया के संपर्क में आ गई। यहां उसे बहला-फुसलाकर देह व्यापार में धकेला गया और ग्राहकों के पास भेजा जाने लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी कोतरारोड़ अजय नागवंशी के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गई। 

जांच के दौरान गिरोह की एक नाबालिग सदस्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस टीम मध्यप्रदेश रवाना हुई और 13 अप्रैल को छतरपुर से मुख्य आरोपी सुनील दीक्षित को गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों—बिन्दिया रात्रे, चिकू खान, पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि अभय यादव अभी फरार है। 

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7,000 रुपये नगद और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। पूरी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में की गई। टीम में महिला थाना प्रभारी कुसुम कैवर्त सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 


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