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तारा कोल ब्लॉक पर आमने-सामने होंगे बघेल-साय? पूर्व CM ने दी खुली बहस की चुनौती

CG NEWS: TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर/अंबिकापुर / छत्तीसगढ़ में कोल माइंस की मंजूरी और नीलामी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को खदान के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है। बघेल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के साथ मीडिया के सामने आमने-सामने बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार हैं।

भूपेश बघेल ने कहा कि जिस तरह हाल में रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर खुली बहस हुई, उसी तरह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ भी खदान और खनन से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक बहस होनी चाहिए। उनका कहना है कि दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर चर्चा होने से यह स्पष्ट हो जाएगा कि संबंधित खदान को लेकर किस स्तर पर और किस कार्यकाल में क्या निर्णय लिए गए।

तारा कोल ब्लॉक को लेकर सियासत

यह चुनौती ऐसे समय आई है, जब तारा कोल ब्लॉक की स्वीकृति और नीलामी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। इस मामले का संबंध हसदेव-अरण्य क्षेत्र में कोयला खनन को लेकर लंबे समय से जारी राजनीतिक और पर्यावरणीय बहस से भी है।

बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास खनन विभाग भी है। ऐसे में सरकार ने खदानों और खनन से जुड़े मामलों में क्या निर्णय लिए हैं, इस पर सार्वजनिक मंच पर चर्चा होनी चाहिए।

CM साय ने दिया यह जवाब

बघेल की चुनौती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सीएम साय ने कहा कि सरकार की ओर से इस विषय से जुड़े तथ्य जनता के सामने आ रहे हैं।

अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या प्रधानमंत्री आवास योजना के बाद खदान के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री आमने-सामने बहस करेंगे।

PM आवास पर हुई थी बघेल-शर्मा की बहस

इससे पहले 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर खुली बहस हुई थी। दोनों नेताओं ने योजना से जुड़े आंकड़ों और अपने-अपने कार्यकाल के दावों को सामने रखा था। बहस में दोनों पक्षों के बीच आंकड़ों और जिम्मेदारी को लेकर तीखी बहस हुई।

अब बघेल ने उसी बहस का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री साय को खदान के मुद्दे पर आमने-सामने चर्चा के लिए चुनौती दी है।

मुख्यमंत्री साय ने खेत में की बियासी, कहा- खेती मेरे लिए जीवन का संस्कार

रायपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार सुबह अपने गृहग्राम बगिया पहुंचे और खेत में बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाकर बियासी की। मुख्यमंत्री का खेत में पारंपरिक तरीके से खेती करते हुए वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जिसमें वे हल की मूठ थामे नजर आए।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान खेती-किसानी से अपने पुराने रिश्ते का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अपने गांव, खेत और मिट्टी से जुड़ने का अनुभव अलग ही होता है। उनके मुताबिक हल चलाते ही बचपन और खेती से जुड़ी पुरानी यादें ताजा हो गईं।

'खेती मेरे लिए सिर्फ आजीविका नहीं'

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और बचपन से खेती-किसानी को करीब से देखा है। उनके लिए खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है।

उन्होंने कहा कि गांव और खेतों ने उन्हें मेहनत का सम्मान करना, प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना सिखाया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी माटी, कृषि परंपरा और मेहनतकश किसानों से भी जुड़ी है। खेती प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां के अनेक तीज-त्योहार तथा ग्रामीण परंपराएं भी कृषि से जुड़ी हुई हैं। 

किसानों के श्रम को बताया प्रदेश की समृद्धि का आधार

साय ने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहना जरूरी है। खेती इंसान को परिश्रम, धैर्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि किसान सिर्फ फसल नहीं उगाता, बल्कि अपने श्रम से पूरे समाज और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए उनके जीवन में खुशहाली और खेतों में भरपूर फसल की कामना की।

सार्वजनिक जीवन के बावजूद गांव से जुड़ाव

मुख्यमंत्री का जीवन ग्रामीण परिवेश और खेती-किसानी से जुड़ा रहा है। सरकार के कामकाज के बीच समय मिलने पर वे अपने गृहग्राम और ग्रामीण परिवेश में समय बिताते रहे हैं। बगिया के खेत में बैलों के साथ हल चलाने का उनका यह अंदाज इसी ग्रामीण पृष्ठभूमि और खेती से उनके व्यक्तिगत जुड़ाव को सामने लाता है।

गेट पर ताला फिर भी नहीं माने, खूंटाघाट वेस्टवियर के खतरनाक हिस्से में पहुंचे लोग

बिलासपुर । TODAY छत्तीसगढ़  / बारिश के मौसम में खूंटाघाट वेस्टवियर के तेज बहाव के बीच सेल्फी और वीडियो बनाने पहुंचे लोगों के खिलाफ रतनपुर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, वेस्टवियर पर पानी के तेज बहाव और खतरे को देखते हुए आम लोगों की सुरक्षा के लिए गेट पर ताला लगाया गया था, लेकिन कुछ लोग गेट लांघकर प्रतिबंधित हिस्से में पहुंच गए।

रविवार को सामने आई तस्वीरों में कुछ लोग पानी के तेज बहाव के बेहद करीब खड़े होकर सेल्फी और वीडियो बनाते दिखाई दिए। पुलिस के मुताबिक, कुछ लोग अपने परिवार, बच्चों और महिलाओं के साथ भी इस खतरनाक स्थान तक पहुंच गए थे।

जानकारी मिलने के बाद रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और गेट पार कर अंदर गए लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने उन्हें फटकार लगाते हुए समझाया कि गहरे पानी और तेज बहाव वाले स्थानों के करीब जाना जानलेवा हो सकता है।

पुलिस ने लोगों से कहा कि सोशल मीडिया के लिए रील या सेल्फी बनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। लापरवाही करने वाले कुछ लोगों को मौके पर उठक-बैठक कराकर चेतावनी भी दी गई।

पुलिस के मुताबिक, बारिश के दौरान नदी, नाले, डैम और वेस्टवियर में अचानक पानी का बहाव बढ़ सकता है। ऐसे स्थानों पर पानी की गहराई और बहाव का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। इसलिए सुरक्षा के लिए लगाए गए गेट और बैरिकेड को पार करना जोखिम भरा हो सकता है। रतनपुर पुलिस ने कहा कि खूंटाघाट समेत क्षेत्र के नदी-नालों, डैम और वेस्टवियर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान तेज बहाव और गहरे पानी वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें। खासकर बच्चों और परिवार के साथ ऐसे स्थानों पर जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।

पुलिस का संदेश है कि सेल्फी और रील जिंदगी से बड़ी नहीं हैं। कुछ सेकंड का वीडियो बनाने के लिए जान जोखिम में डालना भारी पड़ सकता है। 


हाथियों की पूजा से संरक्षण की शपथ तक, ATR में विश्व हाथी दिवस का आयोजन

बिलासपुर / अचानकमार। TODAY छत्तीसगढ़  /  विश्व हाथी दिवस के अवसर पर अचानकमार टाइगर रिजर्व के सिहावल सागर स्थित हाथी कैंप में बुधवार को वन वासियों की मौजूदगी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का केंद्र हाथियों के संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम में वन वासियों ने हाथियों के संरक्षण की शपथ ली। इस दौरान हाथियों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महावत और हाथी मित्र दल के सदस्यों का सम्मान भी किया गया।

कार्यक्रम में अचानकमार टाइगर रिजर्व की सीसीएफ एवं फील्ड डायरेक्टर श्रीमती प्रियंका पांडेय, डिप्टी डायरेक्टर यूआर गणेश, बफर क्षेत्र के असिस्टेंट डायरेक्टर  समीर जोनाथन, WWF के उपेंद्र दुबे, वरिष्ठ वन्यजीव फोटोग्राफर एवं पत्रकार सत्यप्रकाश पांडेय, एटीआर के सभी रेंज अधिकारी, संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच और सरसाडोल गांव के ग्रामीण मौजूद रहे।

चारों हाथियों की पूजा, खिलाए गए फल 

कार्यक्रम की शुरुआत हाथी कैंप में मौजूद चारों हाथियों की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद उन्हें गुड़, केला, लड्डू और अन्य खाद्य सामग्री खिलाई गई। इसके बाद हाथियों के संरक्षण की शपथ दिलाई गई। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने ग्रामीणों के साथ हाथियों के व्यवहार, उनके संरक्षण और जंगल के साथ उनके संबंध को लेकर चर्चा की।

विश्व हाथी दिवस क्यों मनाया जाता है?

विश्व हाथी दिवस हर साल 12 अगस्त को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 12 अगस्त 2012 को एशियाई और अफ्रीकी हाथियों के सामने मौजूद गंभीर खतरों के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हुई थी। इस दिवस का उद्देश्य केवल हाथियों के प्रति लोगों की भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण के लिए व्यावहारिक कदमों पर ध्यान केंद्रित करना भी है।

हाथियों के सामने आज कई तरह की चुनौतियां हैं। इनमें आवास का नुकसान, जंगलों का विखंडन, अवैध शिकार और हाथियों तथा इंसानों के बीच बढ़ता संघर्ष प्रमुख हैं। विश्व हाथी दिवस इन समस्याओं पर चर्चा करने और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने का अवसर देता है।

हाथी बचेंगे तो जंगल भी सुरक्षित रहेंगे

हाथी जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वे पेड़ों के बीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने, वनस्पतियों के प्रसार और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए हाथियों का संरक्षण केवल एक प्रजाति को बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा से जुड़ा विषय है।

यही कारण है कि हाथियों के संरक्षण में केवल वन विभाग की भूमिका पर्याप्त नहीं है। उन गांवों और समुदायों की भागीदारी भी जरूरी है, जिनका जीवन हाथियों के आवास वाले जंगलों के आसपास है।

संरक्षण में ग्रामीणों की भूमिका अहम

अचानकमार जैसे वन क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी वन विभाग और स्थानीय समुदायों के सामने एक साथ अवसर और चुनौती दोनों रखती है।

एक तरफ हाथियों की मौजूदगी जंगल की जैव विविधता और पारिस्थितिक स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है। दूसरी ओर, भोजन और पानी की तलाश में हाथियों के जंगल से बाहर निकलने पर फसलों को नुकसान और मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति बन सकती है।

ऐसे में ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार की जानकारी देना, समय पर सूचना तंत्र विकसित करना, हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों की पहचान करना और संघर्ष की स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।

विश्व हाथी दिवस का उद्देश्य भी इसी तरह के संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देना है—हाथियों के प्राकृतिक आवासों का बेहतर प्रबंधन, संरक्षण कानूनों को प्रभावी बनाना, अवैध शिकार और वन्यजीवों के अवैध व्यापार पर रोक, तथा जंगल और हाथियों के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करना।

हाथी कैंप बना संवाद का माध्यम

सिहावल सागर के हाथी कैंप में आयोजित कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें संरक्षण को केवल विभागीय गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीणों के साथ संवाद के रूप में सामने रखा गया। महावतों और हाथी मित्र दल का सम्मान भी इसी कड़ी का हिस्सा रहा। हाथियों के साथ लगातार काम करने वाले इन लोगों का अनुभव संरक्षण और मानव-हाथी संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण होता है।

कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों और वन विभाग के बीच हाथियों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान यह संदेश दिया गया कि हाथियों को सुरक्षित रखने के लिए जंगलों की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय समुदायों का सहयोग भी जरूरी है।

विश्व हाथी दिवस पर अचानकमार का यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाथियों का संरक्षण केवल जंगल की सीमा के भीतर नहीं होता। उनके लिए सुरक्षित जंगल, सुरक्षित गलियारे और उनके आसपास रहने वाले लोगों का सहयोग—इन तीनों का साथ होना जरूरी है। 


तिरंगे के नीचे एक हुआ रायपुर, सीएम साय के साथ हजारों लोगों ने लिया 'राष्ट्र सर्वोपरि' का संकल्प

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी रायपुर सोमवार को देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाथ में तिरंगा थामकर हजारों लोगों के साथ कदम मिलाया। युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और पूर्व सैनिकों की मौजूदगी में भारत माता के जयघोष और देशभक्ति के गीतों से पूरा शहर गूंज उठा। स्कूली विद्यार्थियों ने करीब एक किलोमीटर लंबा तिरंगा थामकर यात्रा में विशेष आकर्षण पैदा किया।

तिरंगा 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है : सीएम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान है। यह केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है। तिरंगे में देश के 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की शक्ति है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषा, संस्कृति, परंपरा और क्षेत्र होने के बावजूद तिरंगा सभी को भारतीय होने के साझा गौरव से जोड़ता है। तिरंगा स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग का साक्षी है। यह नागरिकों को अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।

हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चल रहे 'हर घर तिरंगा' अभियान को व्यापक जनअभियान बताते हुए प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और तिरंगा यात्राओं में शामिल होने की अपील की।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह बताना जरूरी है कि देश को आजादी आसानी से नहीं मिली। इसके पीछे लाखों लोगों का संघर्ष, त्याग और बलिदान है। स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथा युवाओं में राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, सेवा और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को मजबूत करेगी।

वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर को किया नमन

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों को याद करते हुए शहीद वीर नारायण सिंह और बस्तर के जननायक गुण्डाधुर को नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती वीरों और बलिदानियों की धरती रही है।

वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, जबकि गुण्डाधुर ने बस्तर में जनजातीय समाज को संगठित कर विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महानायकों की शौर्यगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।  

बदलते बस्तर में अब शांति और विकास की राह

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर हिंसा और भय के लंबे दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा बलों के साहस और क्षेत्रवासियों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंची है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय का वातावरण था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इस वर्ष बस्तर में भी स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह से मनाया जाएगा और गांवों व दूरस्थ अंचलों में तिरंगा गौरव के साथ लहराएगा। 

एक किलोमीटर लंबा तिरंगा बना आकर्षण

तिरंगा यात्रा में स्कूली विद्यार्थियों ने करीब एक किलोमीटर लंबे तिरंगे को थामकर अनुशासित ढंग से मार्च किया। सड़क पर दूर तक फैला विशाल तिरंगा लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और पूर्व सैनिकों ने भी उत्साह से हिस्सा लिया।

यात्रा के मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्' और 'झंडा ऊंचा रहे हमारा' के जयघोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से भर गया।

उप मुख्यमंत्री बोले- तिरंगा बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तिरंगा यात्रा स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि रायपुर के कोने-कोने से युवाओं का तिरंगा यात्रा में शामिल होना बताता है कि नई पीढ़ी के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है। 'हर घर तिरंगा' अभियान ने देशभर में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में सम्मान के साथ तिरंगा फहराने की अपील की।

तिरंगा यात्रा में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी और नागरिक शामिल हुए। 


स्पा सेंटर या देह व्यापार का अड्डा? पुलिस की रेड में खुला पूरा राज, 9 गिरफ्तार

भिलाई। TODAY छत्तीसगढ़  / जुनवानी स्थित एक वेलनेस स्पा सेंटर में देह व्यापार संचालित किए जाने का पुलिस ने खुलासा किया है। स्मृतिनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रेड कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटर के मैनेजर और महिला दलाल समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से करीब चार लाख रुपये कीमत के 19 मोबाइल फोन, 1,900 रुपये नकद, ग्राहकों से संबंधित जानकारी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।

स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था कारोबार

पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि जुनवानी स्थित ली वेलनेस स्पा सेंटर में स्पा सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्मृतिनगर पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर दबिश दी।

रेड के दौरान पुलिस को स्पा सेंटर के मैनेजर तनय सोनी द्वारा पैसे लेकर महिलाओं को ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराने और महिला दलाल हेमा सिंह उर्फ प्रीत के माध्यम से लड़कियां बुलाए जाने की जानकारी मिली। मौके पर ग्राहक और अन्य संबंधित लोग भी मिले।

19 मोबाइल और नकदी जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 19 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब चार लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा ग्राहकों से प्राप्त 1,900 रुपये नकद, देह व्यापार के लिए आने वाले लोगों से संबंधित जानकारी, आपत्तिजनक सामग्री और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4, 5 एवं 7 के तहत कार्रवाई की है।

महिला दलाल के जरिए ग्राहकों से संपर्क

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, स्पा सेंटर की आड़ में ग्राहकों से पैसे लेकर महिलाओं को उपलब्ध कराया जाता था। महिला दलाल के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों को बुलाया जाता था तथा ग्राहकों से संपर्क कराया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

ये नौ आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में तनय सोनी, हेमा सिंह उर्फ प्रीत, रूपेन्द्र जंघेल, रितिक सोनी, दिनेन्द्र कुमार सोनी, हेमंत सिन्हा, अविनाश शर्मा उर्फ अभी, आनंद कुमार और अरुण पाण्डेय को गिरफ्तार किया है।

स्मृतिनगर पुलिस की टीम ने मुखबिर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी स्पा सेंटर, होटल या अन्य संस्थान में अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।  


तेलघानी नाका में ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार, 106 ग्राम एमडीएमए जब्त

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रायपुर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तेलघानी नाका ओवरब्रिज के नीचे से राजस्थान के एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 106.19 ग्राम एमडीएमए और एक आईफोन बरामद हुआ है। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस आरोपी से ड्रग्स के सप्लायर और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है।

मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी

पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र के तेलघानी नाका ओवरब्रिज के नीचे बिजली ऑफिस के पास एक व्यक्ति एमडीएमए लेकर बिक्री के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना के आधार पर डीसीपी क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और डीसीपी मध्य क्षेत्र तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई।

पुलिस टीम ने बताए गए हुलिए के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान रामनिवास माचरा (22), निवासी फलोदी, राजस्थान के रूप में हुई।

बैग की तलाशी में मिली एमडीएमए की खेप

पुलिस ने आरोपी के पास मौजूद बैग की तलाशी ली तो उसमें एमडीएमए बरामद हुआ। आरोपी से मादक पदार्थ रखने और परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

इसके बाद पुलिस ने 106.19 ग्राम एमडीएमए और एक आईफोन, कुल करीब 20 लाख रुपये कीमत का सामान जब्त किया। आरोपी के खिलाफ गंज थाने में अपराध क्रमांक 243/26 के तहत नारकोटिक एक्ट की धारा 22(ग) में मामला दर्ज किया गया है।

साथियों के कहने पर रायपुर पहुंचा था

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एमडीएमए की बिक्री करता है। वह साथियों के कहने पर मादक पदार्थ की खेप लेकर रायपुर में सप्लाई करने पहुंचा था।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि एमडीएमए की खेप कहां से लाई गई थी, इसका सप्लायर कौन है और रायपुर में इसकी सप्लाई किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी। आरोपी के अन्य साथियों और पूरे सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

73 मामलों में 163 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 73 प्रकरणों में 163 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन मामलों में बड़ी मात्रा में गांजा, एमडीएमए, प्रतिबंधित नशीली गोलियां, कोकीन, हेरोइन, ब्राउन शुगर सहित अन्य मादक पदार्थ और वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। 


#VIDEO: पेपर लीक पर केंद्र सरकार ला सकती है सख्त कानून, प्रधानमंत्री का दावा

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के नाम जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाई की गई है और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अब इस तरह के मामलों में और कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था तथा कठोर सजा के प्रावधान वाले विधेयक का मसौदा तैयार हो चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी और मंजूरी मिलने के बाद इसे जल्द संसद में पेश करने का प्रयास किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे तथा परीक्षाओं पर उनका भरोसा मजबूत हो।


#VIDEO: डॉक्टर से दो करोड़ की कथित उगाही, नर्स गिरफ्तार

बाड़मेर। TODAY छत्तीसगढ़  / राजस्थान के बाड़मेर में एक निजी अस्पताल के 65 वर्षीय डॉक्टर ने अस्पताल की एक नर्स पर ब्लैकमेल कर करीब दो करोड़ रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर आरोपी नर्स कमला उर्फ कमलेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

डॉक्टर की शिकायत के अनुसार, नर्स उन्हें अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने, झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी देकर लगातार रुपये मांगती थी। डॉक्टर का आरोप है कि सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के डर से वह लंबे समय तक आरोपी को पैसे देता रहा।

शिकायत में डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया है कि नर्स उन्हें अपने प्रभाव में रखने के लिए सेक्स वर्धक दवाएं देती थी। साथ ही, अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखती थी। डॉक्टर का यह भी आरोप है कि आरोपी ने उन्हें एक अलग मोबाइल फोन और सिम कार्ड दिया था तथा धमकी देकर उसे 24 घंटे चालू रखने के लिए मजबूर करती थी। डॉक्टर ने इसे अपने ऊपर 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी स्थिति बनाए रखने की कोशिश बताया है।

पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी नर्स को गिरफ्तार किया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। 

वहीं, गिरफ्तारी के बाद आरोपी नर्स कमला उर्फ कमलेश ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उसका कहना है कि डॉक्टर अपने बचाव के लिए उस पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।

नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के बयान और पुलिस की प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं। आरोपी ने आरोपों से इनकार किया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

घर की छत पर युवक की हत्या, दो आरोपी हिरासत में

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अकलतरी में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। दोनों आरोपी कथित तौर पर नशे की हालत में हैं, इसलिए पुलिस उनके होश में आने के बाद विस्तृत पूछताछ करेगी।

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान इंद्रप्रकाश उर्फ गोलू भार्गव (35), पिता स्वर्गीय सारधा भार्गव, निवासी नीम चौक, अकलतरी के रूप में हुई है। उसका शव घर की छत पर मिला। मृतक के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।

घटनास्थल से पुलिस ने एक ईंट और धारदार हंसिया बरामद किया है, जिन्हें वारदात में इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। पुलिस ने मामले में अमित कुमार सोनवानी (19) और सुधीर सोनवानी (26), दोनों निवासी अकलतरी, को हिरासत में लिया है।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक उनके घर के सामने कथित रूप से गाली-गलौज कर रहा था, जिससे नाराज होकर उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, दोनों आरोपी नशे की हालत में हैं, इसलिए घटना के वास्तविक कारण और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए होश में आने के बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

पुलिस ने मामला दर्ज कर हत्या के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। 


हाईवे पर मौत बनकर पलटा ट्रेलर, महिला मजदूर की दर्दनाक मौत

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर रतनपुर थाना क्षेत्र के छोटू ढाबा के पास शनिवार दोपहर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सड़क की सफाई कर रही एक महिला मजदूर की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, गिट्टी से लदा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसकी चपेट में आने से महिला की मौके पर ही जान चली गई।

रतनपुर थाने में पदस्थ एसआई विष्णु यादव ने बताया कि भरवीडीह निवासी महिमा कोसले (32) नेशनल हाईवे पर सड़क की सफाई और रखरखाव का कार्य कर रही थीं। इसी दौरान बिलासपुर की ओर से आ रहा गिट्टी से लदा ट्रेलर अचानक चालक का नियंत्रण खोने से पलट गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि महिला को संभलने का मौका नहीं मिला और वह ट्रेलर के नीचे दब गई। 

घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस टीम ने क्रेन की मदद से पलटे ट्रेलर को हटवाकर महिला के शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जिस स्थान पर सड़क की सफाई और रखरखाव का कार्य चल रहा था, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। लोगों के अनुसार, मौके पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे, न बैरिकेडिंग की गई थी और न ही ऐसे संकेतक लगाए गए थे, जिनसे वाहन चालकों को आगे सड़क पर कार्य चलने की जानकारी मिल सके। इससे हाईवे पर काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। 


भूमि विवाद में दंपति की हत्या, शव जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  /  धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में दंपति की हत्या कर शव जलाने के सनसनीखेज ब्लाइंड डबल मर्डर का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को मंगल राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55) के जले हुए शव उनके घर के भीतर मिले थे। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की।

जांच के दौरान घटनास्थल पर मिली कथित हत्या में प्रयुक्त टांगी की गंध के आधार पर पुलिस डॉग रूबी ने एक संदिग्ध तक पहुंचने का संकेत दिया। वहीं पूछताछ में मृतक और संदिग्ध परिवार के बीच वर्षों पुराने भूमि विवाद की जानकारी मिली। इसके बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों, एफएसएल रिपोर्ट, ह्यूमन इंटेलिजेंस और पूछताछ के आधार पर श्याम लाल राठिया (32) और उसके भाई जीवन लाल राठिया (48) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2013 में खरीदी गई भूमि को लेकर उनके मन में मृतक के प्रति रंजिश थी। आरोप है कि 14 जुलाई की रात दोनों टांगी लेकर मृतक के घर पहुंचे और पहले मंगल राठिया तथा शोर सुनकर बाहर आई उनकी पत्नी पुनाई बाई पर टांगी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शवों पर कपड़े और अन्य सामान डालकर आग लगा दी तथा घर के दो कमरों में भी आग लगा दी।

पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त टांगी और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद करने का दावा किया है।

इस मामले में धरमजयगढ़ थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि एफएसएल टीम, पुलिस डॉग रूबी और धरमजयगढ़ पुलिस के समन्वित प्रयास से इस ब्लाइंड डबल मर्डर का खुलासा संभव हो सका।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि भूमि विवाद या आपसी रंजिश का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक विवेचना और सशक्त पुलिसिंग के सामने सुनियोजित अपराध भी अधिक समय तक छिप नहीं सकते। 


मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को मिली रफ्तार, 2027 में शुरू होगा पहला चरण

नई दिल्ली।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना को लेकर भारत और जापान के बीच सहयोग को नई गति मिली है। दोनों देश इस महत्वाकांक्षी परियोजना का परिचालन जल्द शुरू करने के साझा लक्ष्य के साथ निर्माण और तकनीकी तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं।

परियोजना के तहत मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। सरकार ने इसके पहले खंड का परिचालन वर्ष 2027 में शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

परियोजना के प्रारंभिक चरण में यात्रियों को जल्द हाई-स्पीड रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन के माध्यम से संचालन शुरू किया जाएगा। इसके बाद 2030 के शुरुआती वर्षों में जापान द्वारा विकसित अगली पीढ़ी की ई10 (E10) सीरीज़ हाई-स्पीड ट्रेनें इस कॉरिडोर पर शामिल की जाएंगी। 

जापान वर्तमान में ई10 सीरीज़ ट्रेनों के विकास पर कार्य कर रहा है। इन ट्रेनों को अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर सुरक्षा मानकों के साथ विकसित किया जा रहा है, जिन्हें उपलब्ध होने के बाद मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना में शामिल किया जाएगा।

भारत और जापान ने दोहराया है कि दोनों देश इस परियोजना को जल्द से जल्द परिचालन में लाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि परियोजना पूरी होने के बाद न केवल यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि पश्चिम भारत में व्यापार, निवेश, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। 


नरेंद्र खांडे हत्याकांड: मुआवजा, नौकरी और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / बाल संप्रेक्षण गृह में संविदा चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग तेज कर दी है। पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने बुधवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2019 में भी बाल संप्रेक्षण गृह में एक अपचारी बालक की मौत का मामला सामने आया था, लेकिन इसके बावजूद संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था में कोई प्रभावी सुधार नहीं किया गया। हालिया घटना में चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और बाल संप्रेक्षण गृह प्रबंधन की लापरवाही के कारण ऐसी गंभीर घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

AAP की प्रमुख मांगें

  • पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  • परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए।
  • घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रियंका शुक्ला ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो आम आदमी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मिलकर आंदोलन करेगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी। 


50 बाल अपचारी, सिर्फ दो चौकीदार... आखिर जिम्मेदार कौन ? बेनकाब हुई सुरक्षा व्यवस्था

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  बाल संप्रेक्षण गृह में संविदा चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या के बाद मामला केवल आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब प्रशासनिक जवाबदेही और संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। मृतक के परिजन और सामाजिक संगठन 'परिवर्तन' नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह के बाहर धरने पर बैठकर न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक और विभागीय लापरवाही का परिणाम है।

धरने पर मौजूद लोगों का आरोप है कि बाल संप्रेक्षण गृह में सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से अपर्याप्त थी। मृतक की पत्नी सीमा खांडे ने बताया कि संस्थान में करीब 50 बाल अपचारी रह रहे हैं, जबकि उनकी निगरानी के लिए केवल दो चौकीदार तैनात थे। दिन और रात की ड्यूटी के बीच सीमित सुरक्षा व्यवस्था के कारण किसी भी आपात स्थिति से निपटना लगभग असंभव था। उनका कहना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।

2019 की घटना का भी जिक्र

सामाजिक संगठन परिवर्तन ने दावा किया कि वर्ष 2019 में भी इसी बाल संप्रेक्षण गृह में एक नाबालिग की मौत हुई थी। संगठन का आरोप है कि उस समय भी संस्थान की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे, लेकिन सुधारात्मक कदम प्रभावी ढंग से नहीं उठाए गए। हालांकि, इस आरोप पर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ट्रांसफर के बावजूद ड्यूटी पर रखने का आरोप

धरना दे रहे लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतक नरेंद्र खांडे का मार्च महीने में दूसरे स्थान पर स्थानांतरण हो चुका था, लेकिन उन्हें कथित तौर पर तत्कालीन व्यवस्था के तहत वहीं कार्य करने के लिए रोका गया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रदर्शनकारी इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

विभागीय जवाबदेही की मांग

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना की जांच केवल हत्या तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ की संख्या, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक स्तर पर क्या-क्या कमियां थीं। उनका आरोप है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इतनी गंभीर घटना नहीं होती।

संगठन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है। साथ ही राज्य सरकार से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने की भी अपील की गई है।

परिजनों की प्रमुख मांगें

धरना दे रहे परिजनों और सामाजिक संगठन ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं—

  • घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।
  • सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  • परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए।
  • एफआईआर की प्रति परिजनों को उपलब्ध कराई जाए।
  • मृतक के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करे।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इन मांगों पर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। वहीं पुलिस हत्या और फरार बाल अपचारियों से जुड़े मामले की जांच अलग से कर रही है। 


सरकारी नौकरी का झांसा, फर्जी मार्कशीट का खेल और फिर गिरफ्तारी

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस ने ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) भर्ती में कथित तौर पर फर्जी अंकसूची के जरिए नौकरी दिलाने और लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार चल रहे आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया, जहां पूछताछ के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, मामला वर्ष 2023 में भारतीय डाक विभाग की ग्रामीण डाक सेवक भर्ती से जुड़ा है। जांच के दौरान यह सामने आया कि सक्ती निवासी एक अभ्यर्थी और जांजगीर-चांपा निवासी एक अन्य अभ्यर्थी ने आवेदन के साथ 10वीं की अंकसूचियां प्रस्तुत की थीं। इन अंकों के आधार पर दोनों का चयन भी हो गया था।

हालांकि, नियुक्ति से पहले दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान संबंधित अंकसूचियों की पुष्टि तमिलनाडु बोर्ड से कराई गई। पुलिस के अनुसार, बोर्ड ने बताया कि प्रस्तुत अंकसूचियां उसके रिकॉर्ड में जारी नहीं की गई थीं। इसके बाद डाक विभाग की शिकायत पर रायगढ़ सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान गिरफ्तार दोनों अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर बताया कि उनकी मुलाकात कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई थी, जिसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये की मांग की। पुलिस का दावा है कि एक अभ्यर्थी ने आरोपी को 3.5 लाख रुपये दिए थे, जबकि दूसरी अभ्यर्थी ने नियुक्ति के बाद भुगतान करने की सहमति जताई थी।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने दोनों को कथित तौर पर फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराईं, जिनका इस्तेमाल भर्ती प्रक्रिया में किया गया। दस्तावेज सत्यापन में अनियमितता सामने आने के बाद दोनों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं। इस मामले में दोनों अभ्यर्थियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी घटना के बाद से फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने कोरबा में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है, ऐसा पुलिस का दावा है।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित फर्जीवाड़े में अन्य लोग या कोई संगठित नेटवर्क शामिल था या नहीं। 


पुलिस ने 21 चोरी की बाइक बरामद कर वाहन चोर गिरोह का किया भंडाफोड़

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच कथित सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब नौ लाख रुपये मूल्य की 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत 11 जुलाई को कमला नेहरू गार्डन के सामने से चोरी हुई एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल की जांच से हुई। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मेडिकल कॉलेज रोड पर दो युवक चोरी की बाइक बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं।

सूचना के आधार पर थाना चक्रधरनगर पुलिस ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अनिल मिश्रा और अमृत बहादुर के रूप में हुई। पुलिस का कहना है कि दोनों ने पूछताछ में अपने अन्य साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय के साथ मिलकर वाहन चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ में रायगढ़, कोरबा, सक्ती जिले के डभरा और मालखरौदा क्षेत्र, तथा ओडिशा के बरगढ़ सहित अन्य इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी करने की जानकारी मिली। आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी संगठित तरीके से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इसी आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल मिश्रा (38), बोलो निषाद (38), अमृत बहादुर (37), चंद्रकुमार तिवारी (37) और चंदन राय (24) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दो अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह भीड़भाड़ वाले स्थानों की पहले रेकी करता था और मुख्य रूप से हीरो स्प्लेंडर तथा एचएफ डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाता था। चोरी के बाद वाहनों के लॉक तोड़कर उन्हें अन्य जिलों और राज्यों में बेच दिया जाता था।

रायगढ़ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दो आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


#VIDEO: होटल में पत्नी ने रंगे हाथ पकड़ा पति! होटल में हाई-वोल्टेज ड्रामा

रीवा। TODAY छत्तीसगढ़  /  मध्य प्रदेश के रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र स्थित एक निजी होटल में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब एक महिला ने अपने पति को दूसरी युवती के साथ होने का आरोप लगाते हुए होटल में पकड़ लिया। विवाद बढ़ते-बढ़ते होटल परिसर से सड़क तक पहुंच गया और बाद में मामला पुलिस थाने पहुंचा।

पत्नी का आरोप है कि उसने युवक से कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन इसके बावजूद उसका दूसरी युवती से संबंध बना रहा। महिला का कहना है कि इसी जानकारी के आधार पर वह होटल पहुंची, जहां उसने दोनों को साथ देखा।

वहीं, होटल में मौजूद युवती ने अलग दावा किया है। उसके अनुसार, युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए उससे संपर्क किया था और खुद को अविवाहित बताया था। युवती का कहना है कि युवक ने उससे मंदिर में शादी करने का भरोसा भी दिलाया था।

दोनों पक्षों के आरोपों के बीच होटल में काफी देर तक विवाद चलता रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाने ले गई।

समान थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले की जांच के बाद उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  


सरगांव में इमरान प्रतापगढ़ी का स्वागत, बोले— युवाओं की आवाज को संसद तक पहुंचाएगी कांग्रेस

बिलासपुर / सरगांव। TODAY छत्तीसगढ़  /  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का बिलासपुर प्रवास के दौरान नगर पंचायत सरगांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। वे बिलासपुर में आयोजित 'छात्रों की गूंज: छात्र संवाद कार्यक्रम' में शामिल होने रायपुर से बिलासपुर जा रहे थे।

इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव भी मौजूद रहे। सरगांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेताओं का पुष्पमालाओं और बुके भेंट कर स्वागत किया।

स्वागत के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश का भविष्य उसके छात्र और युवा हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को सुनना और उनके मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाना है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी युवाओं, छात्रों, किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। उनके अनुसार, आज युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और समान अवसरों की आवश्यकता है तथा कांग्रेस इन मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम वर्मा, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, पूर्व मंडी अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला सहित कांग्रेस पदाधिकारी, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 


खूंटाघाट बांध के चौकीदार की हत्या, मछली चोरी के विवाद में वारदात का आरोप

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  रतनपुर थाना क्षेत्र के खूंटाघाट बांध में मछली चोरी का विरोध करने को लेकर चल रहे पुराने विवाद ने कथित तौर पर हिंसक रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार शनिवार को चौकीदार तीरथ राम यादव की कथित तौर पर स्कॉर्पियो से टक्कर मारने और उसके बाद डंडों से हमला करने के बाद मौत हो गई। मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, मेलनाडीह निवासी श्याम सिंह पोर्ते ने रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि वह और तीरथ राम यादव खूंटाघाट बांध में चौकीदार के रूप में कार्यरत थे। शिकायत के अनुसार, बांध में कथित मछली चोरी को लेकर पहले भी गोलू धीवर और अनीश धीवर से विवाद हुआ था। आरोप है कि तीरथ राम यादव ने कथित मछली चोरी का वीडियो बनाया था, जिसके बाद आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया था। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था और पुलिस ने पहले प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की थी।

शिकायत के अनुसार, 11 जुलाई की रात श्याम सिंह पोर्ते और तीरथ राम यादव मोटरसाइकिल से खूंटाघाट बांध के नवागांव कैंप जा रहे थे। इसी दौरान नवागांव स्थित मौहा डबरी तालाब के पास कथित तौर पर स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।

पुलिस के अनुसार, दोनों के सड़क पर गिरने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर डंडों से हमला किया। शिकायत में कहा गया है कि इस हमले में तीरथ राम यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्याम सिंह पोर्ते किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। 

रतनपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की जांच की जा रही है।

नोट: खबर में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता और पुलिस की प्राथमिकी पर आधारित हैं। आरोपियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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