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Chaattisgarh: शराब पीने के पैसे मांगने पर चाकू से जानलेवा हमला


जांजगीर-चांपा।
  TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के चांपा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बहेराडीह में शराब पीने के लिए पैसे की मांग को लेकर हुए विवाद में एक युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि प्रार्थी मंगलूराम यादव, निवासी बहेराडीह, ने 29 दिसंबर को चांपा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह शाम करीब 4.30 बजे तेली तालाब की ओर दिशा मैदान के लिए गया था। लौटते समय उसकी मुलाकात पड़ोसी ओमप्रकाश यादव से हुई।

आरोप है कि ओमप्रकाश यादव ने मंगलूराम से शराब पीने के लिए कहा। मना करने पर उसने शराब के लिए पैसे की मांग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपने पास रखे चाकू से मंगलूराम यादव के गले पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे अत्यधिक खून बहने लगा। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था । पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 

पुलिस की गिरफ़्त में आरोपी 

वर्दी पर वार: न्यायालय से लौट रहे SDOP पर हमला, दो आरोपी हिरासत में

पुलिस की गिरफ़्त में हमलावर 

ACB: बोदरी नगर पंचायत की CMO और क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार

बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले की नगर पालिका बोदरी एक बार फिर चर्चा में है। इस बार कारण विकास कार्य नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है। बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नगर पालिका बोदरी में छापा मारकर नक्शा पास कराने के नाम पर रिश्वत लेते एक बाबू और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने उप अभियंता के.एन. उपाध्याय के बाबू सुरेश सिहोरे को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। इस मामले में सीएमओ भारती साहू को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई।


जानकारी के अनुसार, सरकंडा क्षेत्र के नूतन चौक निवासी वेदराम निर्मलकर ने 12 दिसंबर को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि नगर पंचायत बोदरी में मकान के नक्शे की स्वीकृति के लिए सीएमओ और बाबू द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और रिश्वत की रकम लेते ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने नगर पालिका कार्यालय से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।


नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उप अभियंता के.एन. उपाध्याय के खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायतें मिलती रही हैं। बताया गया कि वे पिछले छह वर्षों से बोदरी नगर पालिका में पदस्थ हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। जनप्रतिनिधियों का यह भी कहना है कि इंजीनियर और सीएमओ ने एक कर्मचारी को एजेंट के रूप में नियुक्त कर रखा था, जिसके माध्यम से आम नागरिकों से अवैध वसूली की जाती थी। हालांकि उनका आरोप है कि इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार अब भी जांच से बाहर है।


मामले में उप अभियंता के.एन. उपाध्याय ने अपनी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि उनका इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। नगर पालिका बोदरी में हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब देखना होगा कि एसीबी की यह कार्रवाई केवल यहीं तक सीमित रहती है या फिर भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंच पाती है।

CHHATTISGARH: 3,200 करोड़ के शराब घोटाले में सौम्या पर ईडी का शिकंजा, 3 दिन की रिमांड मिली


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच ने एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार की रात को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की करीबी और तत्कालीन उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया को करीब 3,200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही जांच का दायरा और गहराता नजर आ रहा है। आज (बुधवार) उन्हें सुबह करीब 11 बजे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष अदालत से रिमांड मांगी जिस पर विचार करते हुए न्यायालय ने तीन दिन की रिमांड मंजूर की है। 

करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी

ईडी ने सौम्या चौरसिया को रायपुर स्थित कार्यालय में करीब सात घंटे तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य की आबकारी नीति और शराब खरीदी व्यवस्था में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिनमें चौरसिया की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। बताया जा रहा है कि सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में उनकी बेहद करीबी मानी जाती थीं। ईडी का दावा है कि उन्होंने कथित रूप से शराब कारोबार से जुड़े अवैध लेनदेन को सुचारु करने में अहम भूमिका निभाई।

कोयला लेवी मामले से भी जुड़ा है नाम

गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया हाल ही में कोयला लेवी घोटाले के एक अन्य मामले में जमानत पर रिहा हुई थीं, जिसमें वह पहले न्यायिक हिरासत में रह चुकी हैं। इससे साफ है कि छत्तीसगढ़ में सामने आ रहे विभिन्न घोटालों की कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ती जा रही हैं।

ईडी का दावा: सुनियोजित और संगठित घोटाला

ईडी के अनुसार, इस कथित शराब घोटाले में अवैध कमीशन, नकद लेनदेन और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के जरिए चुनिंदा ठेकेदारों और सप्लायरों को फायदा पहुंचाया गया। एजेंसी का अनुमान है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 3,200 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई। जांच एजेंसी का मानना है कि यह घोटाला किसी एक घटना तक सीमित नहीं था, बल्कि लंबे समय तक योजनाबद्ध तरीके से प्रशासनिक प्रक्रियाओं के भीतर रहकर अंजाम दिया गया।

आज विशेष अदालत में पेशी

ईडी ने बताया कि सौम्या चौरसिया को बुधवार सुबह करीब 11 बजे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जहां एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की अनुमति मांगी, विशेष अदालत से ईडी ने सौम्या को तीन दिन की रिमांड पर लिया है।

सियासी घमासान तेज

इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। जहां विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है, वहीं ईडी का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

धीरज हत्याकांड: पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर तालाब में फेंका शव, आरोपी कानून की गिरफ्त में


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के कोटा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम घोड़ामार में युवक की नृशंस हत्या कर शव तालाब में फेंके जाने के सनसनीखेज मामले का बिलासपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुरानी रंजिश के चलते की गई इस वारदात में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

थाना कोटा क्षेत्र निवासी धीरज साहू (26 वर्ष) 30 नवंबर की रात भोजन के बाद अपने पोल्ट्री फार्म में सोने गया था, लेकिन अगले दिन लापता मिला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर तलाश शुरू की। 1 दिसंबर को युवक का कोई सुराग नहीं मिला, जबकि 7 दिसंबर को घोड़ामार स्थित बांधा तालाब में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। पहचान धीरज साहू के रूप में हुई।

पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने पर थाना कोटा में धारा 103(1), 238 BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर त्वरित विवेचना शुरू की गई। जांच टीम ने मुख्य मार्गों और आसपास के सैकड़ों CCTV फुटेज का सूक्ष्म अवलोकन किया। कई मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण के अलावा मृतक के परिजनों, मित्रों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जाती रही। पुलिस जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो संदेही अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू को पूछताछ के लिए तलब किया। पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व के विवाद के कारण धीरज से रंजिश थी। 

आरोपियों ने जो कहानी पुलिस को बताई उस लिहाज से 30 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे, दोनों आरोपी मोटरसाइकिल (CG 10 BG 1727) से पहुंचे। दोनों ने मोटर पंप निकालने का बहाना बनाकर धीरज को बुलाया। इसके बाद चाकू से हमला कर उसकी हत्या की और शव पर पत्थर बाँधकर तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने वारदात में प्रयुक्त चाकू, मृतक के कपड़े और मोबाइल को कोरी डेम में फेंक दिया। 

पुलिस ने दोनों आरोपी (अनिल कुमार साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू) गिरफ्तार कर हथियार और घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त जब्त कर लिया है। आज दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। 

वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी के नाम को लेकर विवाद, दिल्ली कोर्ट ने जारी किया नोटिस


नई दिल्ली।
 TODAY छत्तीसगढ़  / दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उस याचिका पर आधारित है जिसमें आरोप लगाया गया कि 1980-81 की वोटर लिस्ट में उनका नाम गलत तरीके से शामिल किया गया था। अदालत ने इस मामले में दिल्ली सरकार को भी नोटिस भेजा है और पूरे केस का रिकॉर्ड (TCR) मंगाया है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय है, जिसमें सोनिया गांधी और राज्य सरकार को अपना जवाब देना होगा।

याचिकाकर्ता का दावा

 विकास त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की 1980 की वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम मौजूद था, जबकि भारतीय नागरिकता उन्हें अप्रैल 1983 में मिली। याचिकाकर्ता ने मजिस्ट्रेट द्वारा शिकायत खारिज किए जाने के आदेश को भी चुनौती दी है।

भाजपा ने भी सवाल उठाए ।13 अगस्त को भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी यह दावा किया था कि सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट में दो बार शामिल था, जबकि वे उस समय भारतीय नागरिक नहीं थीं। उन्होंने इसे चुनावी कानून के उल्लंघन का उदाहरण बताते हुए सोशल मीडिया पर विस्तार से आरोप साझा किए थे। 

पहली बार नाम शामिल (1980) 

1 जनवरी 1980 को वोटर लिस्ट में संशोधन के दौरान सोनिया गांधी का नाम पोलिंग स्टेशन 145 में क्रम संख्या 388 पर जोड़ा गया, जबकि वे इटली की नागरिक थीं। नाम हटाया और फिर जोड़ा (1983): विरोध के बाद 1982 में नाम हटाया गया, लेकिन 1983 की सूची में फिर से शामिल किया गया। उस समय भी वे भारतीय नागरिक नहीं थीं, क्योंकि नागरिकता उन्हें 30 अप्रैल 1983 को मिली। मालवीय ने सवाल उठाया कि भारतीय नागरिकता लेने में 15 साल का समय क्यों लगा और कैसे एक ही व्यक्ति का नाम बिना नागरिकता के दो बार मतदाता सूची में शामिल हो सकता है।

Bilaspur: अनियंत्रित कार सड़क किनारे जा पलटी; चार युवक बाल-बाल बचे


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम कुकदा के पास सोमवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। देर रात लगभग तीन बजे तेज रफ्तार बलेनो कार (CG 04 LN 4555) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार की छत और आगे का हिस्सा बुरी तरह दब गया, वहीं शीशे चकनाचूर हो गए। हादसे को देख स्थानीय लोग आश्चर्यचकित रह गए कि इतनी क्षतिग्रस्त कार से सभी सवार सुरक्षित कैसे निकल आए।

मिली जानकारी के अनुसार कार कोरबा जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बोईदा, ओढ़ालीडीह निवासी प्रशांत विश्वकर्मा की बताई जा रही है। वह अपने तीन साथियों के साथ बिलासपुर से गृहग्राम लौट रहे थे। रास्ते में ड्राइवर को अचानक झपकी आने से वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया और कार पलटते हुए सड़क किनारे जा गिरी।

दुर्घटना में चालक को हल्की चोटें आईं, जबकि बाकी तीन सवारों को किसी प्रकार की चोट नहीं आई। कार की हालत भयावह होने के बावजूद किसी बड़ी जनहानि न होने को स्थानीय लोगों ने गनीमत माना है।  

Chhattisgarh: रजिस्ट्री दरों में बढ़ोतरी पर विवाद, मुख्यमंत्री ने पुनर्विचार के दिए संकेत


रायपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में जमीन की नई रजिस्ट्री (गाइडलाइन) दरों में बढ़ोतरी के विरोध के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सरकार जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी। साय का कहना है कि गाइडलाइन दर को लेकर विभागीय स्तर पर अभी भी चर्चा जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से राज्य में जमीन की गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया था, जबकि नियमों के अनुसार हर वर्ष इन दरों को अपडेट किया जाना चाहिए। साय ने कहा कि गाइडलाइन में बढ़ोतरी के कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, लेकिन वे अभी जनता को स्पष्ट रूप से समझ नहीं आ रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि नई दरों से आम लोगों को असुविधा होती है, तो सरकार स्थिति की समीक्षा कर राहत विकल्पों पर विचार करेगी।


नई गाइडलाइन दरों को वापस लेने की मांग तेज होती जा रही है। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि दरों में वृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। वहीं, विपक्षी दल इसके विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और दरों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

जिला पशु चिकित्सालय में नहीं ऑपरेशन सुविधा ? गौ माता को गाड़ी में लेकर कलेक्टोरेट पहुंची महिला


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / न्यायधानी में जिला पशु चिकित्सालय की सुविधा पर सवाल उठे हैं। गोलबाजार निवासी वंदना गुप्ता ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में पशु ऑपरेशन की सुविधा नहीं है, जिसके चलते उनकी गाय का प्रसव नहीं हो पा रहा है। वंदना गाय को गाड़ी में बैठाकर कलेक्टोरेट तक मदद की गुहार लेकर पहुंच गईं

उनका आरोप है कि चर्चित पशु चिकित्सक डॉ. राम ओत्तलवार ने गाय का ऑपरेशन करने से साफ मना कर दिया और उन्हें निजी पशु औषधालय जाने को कहा। वंदना का कहना है कि “जब सरकार अस्पताल है, तो यहां ऑपरेशन क्यों नहीं किया जा रहा  ? हमें निजी अस्पताल भेजा जा रहा है।”

कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के निर्देश

कलेक्टर संजय अग्रवाल मीटिंग में होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने पशु पालन विभाग के संयुक्त संचालक को फटकार लगाई। कलेक्टर ने डॉक्टर को नोटिस जारी कर जांच और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

गाय की जान पर बन आई, कहा — सरकारी अस्पताल में ही मिले इलाज

वंदना ने बताया कि शुक्रवार सुबह 9 बजे वह गाय को जिला पशु चिकित्सालय उपचार हेतु लेकर गई थीं। गाय कमजोर होने के कारण प्रसव में सक्षम नहीं है और बछड़ा पेट में फंसा हुआ है। वंदना का कहना है—

“हम गौ माता को सरकारी अस्पताल लेकर गए थे। लेकिन डॉक्टर ने कहा कि यहां ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। हमें निजी क्लिनिक भेज दिया गया। इसलिए हम कलेक्टर से मांग करने आए हैं कि सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन सुविधा शुरू की जाए, ताकि गौ माता की जान बच सके।”

26 दिन से फरार: अमित बघेल 3 दिन की पुलिस रिमांड पर, पहले जाएंगे मां के अंतिम संस्कार में

Chhattisgarh: विवादित बयानों के मामले में करीब 26 दिनों से फरार चल रहे छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को देवेंद्र नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बघेल खुद थाने पहुंचे थे, लेकिन अंदर जाने से पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।


रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /विवादित बयानों के मामले में फरार चल रहे छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को देवेंद्र नगर पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। बघेल पुलिस थाने के बाहर खुद को सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन थाने से करीब 20 मीटर पहले ही पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें पकड़ लिया। पुलिस इसे कानूनी गिरफ्तारी बता रही है, जबकि समर्थक इसे स्वैच्छिक सरेंडर बता रहे हैं।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमित बघेल को कोर्ट में पेश किया, जहां न्यायालय ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। इससे पहले उन्हें पुलिस कस्टडी में ही मां के अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा। गौरतलब है कि बघेल की मां का निधन शुक्रवार को हुआ है। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को गांव पथरी में होना है।

समर्थकों ने जी-रोड जाम किया, आम जनता परेशान

गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही बघेल के समर्थकों ने आमापारा जी-रोड पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी। करीब दो घंटे तक दोनों ओर से यातायात बाधित रहा, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस और समर्थकों की आपसी समझ से एंबुलेंस को रास्ता दिया गया और एक ओर का रास्ता खोलकर जाम आंशिक रूप से हटाया गया।

26 दिनों से थे फरार, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार

अमित बघेल विवादित और आपत्तिजनक बयानों से जुड़े मामलों में करीब 26 दिनों से फरार थे। 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी की थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा था— “अपनी जुबान पर लगाम रखें। जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करें। कोई राहत नहीं दी जाएगी, कानून अपना काम करेगा।”

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी बयान देते हुए कहा कि अलग-अलग धर्म और संप्रदायों के खिलाफ टिप्पणी करने पर कई जिलों में FIR दर्ज हुई थीं। आज कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी हुई है।

पुतिन का भारत दौरा: राष्ट्रपति भवन में मिला गार्ड ऑफ ऑनर


नई दिल्ली ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। दौरे का आज दूसरा दिन है, जहां राष्ट्रपति पुतिन ने औपचारिक कार्यक्रमों की शुरुआत राष्ट्रपति भवन पहुंचकर की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पुतिन ने राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी से हाथ मिलाया, जिसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। पहले रूस का और उसके बाद भारत का राष्ट्रगान बजा।

सम्मान ग्रहण करने के बाद पुतिन ने गार्ड का निरीक्षण किया और फिर दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ औपचारिक मुलाकात की। इसके बाद रूसी राष्ट्रपति, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी के साथ राष्ट्रपति भवन से प्रस्थान कर राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहां से वे हैदराबाद हाउस जाएंगे, जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठकें होंगी।

गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचे थे पुतिन। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं पहुंचकर रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें रूसी भाषा में अनुवादित ‘गीता’ की प्रति भेंट की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने लिखा— “गीता की शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं।” एयरपोर्ट पर पुतिन के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसकी पुतिन ने सराहना की। इसके बाद दोनों नेता एक ही वाहन से एयरपोर्ट से रवाना हुए। (IANS)

Chhattisgarh: आदिवासी क्षेत्रों में खनन का विरोध तेज, सरकार पर पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के आरोप


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ में खनन परियोजनाओं को लेकर उबाल तेज होता जा रहा है। विभिन्न संगठनों का आरोप है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलनों को दरकिनार कर सरकार पुलिस बल के सहारे परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है, जिससे लोगों में गहरी नाराज़गी व्याप्त है। 
जल, जंगल-जमीन के लिए सालों से आदिवासियों के हक़ की आवाज़ बने आलोक शुक्ला ने राजनैतिक लोगों पर खुलकर आरोप लगाया है कि वे केवल बयानबाजी तक सिमित हैं।   
आरोप है कि पिछले दो वर्षों में सरकार का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों की जंगल-जमीन छीनकर निजी कंपनियों के हवाले करना बन गया है। हसदेव अरण्य में कथित तौर पर फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी परसा और PEKB कोल ब्लॉक के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर पेड़ों की कटाई कराई गई। अब दोबारा पेड़ों की कटाई की तैयारी की जा रही है।

इधर रायगढ़ में भी विरोध के बावजूद गारे–पेलमा कोल ब्लॉक के लिए पेड़ काटकर खदान संचालन शुरू कर दिया गया। स्थानीय लोगों के व्यापक विरोध के बावजूद गारे–पेलमा-1 की जनसुनवाई फिर करवाई जा रही है। हाल ही में अंबुजा-अदाणी परियोजना की जनसुनवाई के दौरान प्रशासन की सख्ती के चलते लोगों को सड़क काटकर धरना पर बैठना पड़ा।

मेनपाट में भी बक्साइट खनन के लिए भारी विरोध के बीच जनसुनवाई जबरन आयोजित कराई गई। बस्तर में नंदराज पहाड़ की कथित फर्जी ग्रामसभा निरस्त होने के बावजूद खनन की तैयारी जारी है। आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के हनन पर मुख्यमंत्री की चुप्पी चिंता का विषय है।  
आरोप ये भी है कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ की ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। वहीं कांग्रेस के कुछ नेताओं पर भी आरोप लगे कि वे केवल बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।

 (सोर्स/ आलोक शुक्ल जी के फेसबुक वाल से)

कलेक्टोरेट घेराव मामले में FIR के विरोध में कांग्रेस का हल्ला-बोल, सिविल लाइन थाना बना छावनी


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / कलेक्टोरेट घेराव के दौरान मुख्यमंत्री के पोस्टर के साथ कथित रूप से की गई बदसलूकी के मामले में शहर कांग्रेस व जिला कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्षों पर दर्ज एफआईआर के विरोध में कांग्रेसियों ने मंगलवार को सिविल लाइन थाना पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन से शुरू हुई यह रैली देखते ही देखते हजारों की भीड़ में बदल गई और पुलिस थाने के बाहर घंटों तक नारेबाजी होती रही। स्थिति को देखते हुए थाना परिसर को पुलिस प्रशासन ने छावनी में तब्दील कर दिया। 

“शांतिपूर्ण आंदोलन पर एफआईआर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई”—कांग्रेस

एफआईआर का विरोध, सड़कों पर उतरी कांग्रेस

गौरतलब है कि किसानों, जर्जर सड़कों, बिजली बिल वृद्धि, रजिस्ट्री फीस के बढ़ते भार और गरीबों के मकानों पर की गई कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने 27 नवंबर को कलेक्टोरेट घेराव किया था। इसी दौरान सीएम के पोस्टर से कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा ने तत्कालीन जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष विजय पांडेय के खिलाफ एफआईआर की मांग की थी। दबाव में सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज किया, जिसके विरोध में आज कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। 

जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने स्पष्ट किया कि  “अगर आंदोलनों पर एफआईआर होने लगी तो जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज कैसे उठाएगी ?”

थाने के बाहर घंटों धरना, मार्ग बाधित

कांग्रेसजन जब रैली की शक्ल में सिविल लाइन थाना पहुंचे, तो थाने का गेट बंद कर दिया गया और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों के बैठ जाने से सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इसी दौरान दो एंबुलेंस आईं, जिन्हें कार्यकर्ताओं ने तुरंत रास्ता देकर मानवीय व्यवहार का संदेश दिया। 

जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा— “27 नवंबर का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, फिर भी एफआईआर करवाई गई। यह विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है।”

दोनों पूर्व अध्यक्षों ने दी गिरफ्तारी

स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की पहल पर पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी और पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय थाना परिसर में पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी दी। उनके अंदर जाते ही प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी तेज कर दी।

विजय केशरवानी, निवर्तमान जिला अध्यक्ष ने कहा— “जनहित के मुद्दों के लिए हजार बार जेल जाना मंजूर है। भाजपा सरकार आंदोलन की ताकत से घबरा गई है।”

विजय पांडेय, पूर्व शहर अध्यक्ष ने टिप्पणी की— “भाजपा की सरकार ऊंची दुकान फीका पकवान साबित हो रही है। अपनी असफलताओं पर पर्दा डालने के लिए विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है।”

धान खरीदी में अव्यवस्था पर विधायक ने साधा निशाना

मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने राज्य सरकार पर धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को न तो समय पर टोकन मिल रहा और न पंजीयन की समस्याओं का समाधान हो रहा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष का धान उठाव न होने से करोड़ों का धान सड़ गया, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में ऐसी स्थिति कभी नहीं बनी। 

आज गिरफ्तारी देने शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, जिला कांग्रेस (ग्रामीण) अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, तत्कालीन जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ,पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांण्डेय, विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक श्रीमती रश्मि आशीष सिंह, सियाराम कौशिक,पूर्व महापौर रामशरण यादव,राजेन्द्र साहू,पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन, प्रदेश महामंत्री देवेंन्द्र सिंह,स्वप्निल शुक्ला,नेता प्रतिपक्ष भरत देवांगन,रमाशंकर बघेल,जितेंद पांण्डेय,नरेंद्र बोलर, राकेश शर्मा, ऋषि पांण्डेय, समीर अहमद धर्मेश शर्मा,राजेन्द्र धीवर,लक्ष्मीनाथ साहू, बिहारी देवांगन,जावेद मेमन,विनोद साहू,गीतांजलि कौशिक,शेरू असलम,राजू यादव,मोह अयूब, मोती ठारवानी,सीमा घृतेश,शिल्पी तिवारी, गायत्री लक्ष्मीनाथ साहू,स्वर्णा शुक्ला,सतकली बावरे,अन्नपूर्णा ध्रुव,अब्दुल इब्राहिम,पुष्पेंद्र साहू,अमित भारते,सुनील सोनकर,मोहन श्रीवास,ओम कश्यप,शंकर कश्यप,सीताराम जायसवाल, अमित यादव,मनीष गढेवाल,परदेशी राज,पवन साहू,विकास सिंह, आदिल खैरानी, सैय्यद इमरान,कमलेश दुबे,राजा व्यास,मकसूद अली, करम गोरख,आदेश पांण्डेय,कमल गुप्ता,चन्द्रकांत सोनी,चंद्रहास केशरवानी,आकाश यादव,दीपक रजक,रवि रावत,नीरज जायसवाल,बजरंग बंजारे,रामप्रसाद साहू,सुरेंद्र तिवारी,अंकित प्रजापति,हितेश देवांगन,लक्की मिश्रा,लक्की यादव,शैलेन्द्र मिश्रा,मनोज सिंह, बबलू मगर, देवदत्त शर्मा,दिनेश सूर्यवँशी,बंटी साहू,सुजीत यादव, अमित तिवारी, जीतू यादव,बंटी सिंह,बालचन्द साहू, मनीष सेंगर, साखन दरवे, डिकेश डहरिया, अनस खोखर, अनिल पांण्डेय,हरमेन्द्र शुक्ला,शाहनवाज़ खान,मनोज सिंह,वेद यादव,वीरेंद्र सारथी,अयाज़ खान,रमजान गौरी,सोहराब खान,प्रशांत पांण्डेय,राहुल दुबे,हेरि डेनिएल,शेख आज़म ,शुभलक्ष्मी सिंह,सन्दीप बाजपाई,संजय यादव,राकेश हंस,देवेंन्द्र मिश्रा,चित्रकान्त श्रीवास,आशीष शर्मा,अमित पांण्डेय आदि उपस्थित थे।

न्यू रिवर व्यू रोड पर स्टंटबाजी का वीडियो वायरल, बिना नंबर की कार और ड्रोन जब्त


बिलासपुर । 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  न्यू रिवर व्यू रोड पर खतरनाक स्टंटबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सिविल लाइन पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट कार पर युवक का स्टंट और ड्रोन से बनाई गई वीडियो ने पुलिस को कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस ने कार और ड्रोन कैमरा जप्त कर स्टंट करने वाले तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

वायरल वीडियो में सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार पर प्रसून यादव (21 वर्ष) बोनट पर बैठकर खतरनाक स्टंट करता दिखा, जबकि कार को आदित्य राणा (18 वर्ष) जोखिमपूर्ण तरीके से चला रहा था। पूरे घटनाक्रम का वीडियो ड्रोन कैमरे से ओंकार पटेल (25 वर्ष) द्वारा शूट किया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर छापामारी की और बिना नंबर की स्विफ्ट कार एवं प्रयुक्त ड्रोन कैमरा जप्त कर लिया। तीनों आरोपियों— प्रसून यादव पिता अनिल यादव (21 वर्ष), आदित्य राणा पिता स्व. दशरथ राणा (18 वर्ष) और ओंकार पटेल पिता गोविंद राम पटेल (25 वर्ष) निवासी ग्राम निरतु, थाना सीपत को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने धारा 281, 3(5) BNS तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 189 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तीनों की गिरफ्तारी की है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर अलग से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है और उनके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सड़क पर स्टंटबाजी कर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें।
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