नई दिल्ली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
नई दिल्ली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

जग्गी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट में दोबारा शुरू हुई प्रक्रिया, 1 अप्रैल को अंतिम बहस तय


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब इस मामले की सुनवाई दोबारा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में शुरू हो चुकी है। अदालत ने अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की है।

मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस अपील को स्वीकार किया, जिसमें मामले की दोबारा समीक्षा की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि केस के तथ्यों और सबूतों पर फिर से विस्तार से विचार किया जाना आवश्यक है। इससे पहले, अप्रैल 2024 में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए 28 आरोपियों को दी गई उम्रकैद की सजा को सही ठहराया था। उस फैसले को इस लंबे समय से चल रहे मामले में एक अहम पड़ाव माना गया था।

रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को दिनदहाड़े गोली मारकर की गई थी। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक प्रमुख नेता थे। इस घटना ने उस समय राज्य की राजनीति में व्यापक प्रतिक्रिया पैदा की थी और इसे छत्तीसगढ़ के चर्चित आपराधिक मामलों में गिना जाता है। मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू अमित जोगी से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील पर भी सुनवाई की अनुमति दी है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट में होने वाली अंतिम सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस लंबे समय से चले आ रहे मामले में आगे की दिशा तय होने की संभावना है।

VIDEO: 13 साल की खामोशी के बाद हरीश राणा को अंतिम विदाई


नई दिल्ली।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  दिल्ली के ग्रीन पार्क में बुधवार सुबह एक ऐसे जीवन को अंतिम विदाई दी गई, जो 13 वर्षों से अस्पताल के बिस्तर और मशीनों के बीच ठहरा हुआ था। हरीश राणा—एक नाम, जो कभी सपनों, पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं से जुड़ा था, अब स्मृतियों में बदल गया है।

हरीश 2013 में एक हादसे के बाद कोमा में चले गए थे। पंजाब विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे इस छात्र के जीवन की दिशा एक पल में बदल गई, जब वह हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए। सिर में आई गंभीर चोट ने उन्हें ऐसी खामोशी में धकेल दिया, जहां से वे फिर कभी लौट नहीं सके।

“सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार… ॐ शांति ॐ…” —तो यह केवल सूचना नहीं थी, बल्कि 13 साल लंबे एक संघर्ष के अंत की घोषणा थी। 

इन 13 वर्षों में बहुत कुछ बदला—मौसम, शहर, लोग—लेकिन हरीश की स्थिति वैसी ही बनी रही। उनके लिए समय जैसे थम गया था, जबकि उनके परिवार के लिए हर दिन एक लंबा इंतज़ार बनता चला गया। उम्मीद और असहायता के बीच झूलता यह इंतज़ार आखिरकार एक कठिन निर्णय पर आकर ठहरा।

11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी। इसके बाद दिल्ली के एम्स में डॉक्टरों की देखरेख में उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से हटाया गया। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि उन्हें किसी प्रकार की पीड़ा न हो—दवाओं के सहारे उन्हें शांति दी गई। 

उनके पिता अशोक राणा ने जब व्हाट्सऐप समूह में एक संक्षिप्त संदेश लिखा— “सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार… ॐ शांति ॐ…” —तो यह केवल सूचना नहीं थी, बल्कि 13 साल लंबे एक संघर्ष के अंत की घोषणा थी। यह संदेश पढ़ते ही कई लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल शब्दों से परे था। परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग—सभी एक ऐसे जीवन को विदा कर रहे थे, जो जीते हुए भी जैसे कहीं ठहर गया था। 

13 साल तक उनका परिवार उम्मीद में जीता रहा—हर दिन एक चमत्कार का इंतजार। लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो यह इंतजार धीरे-धीरे असहनीय पीड़ा में बदल गया।

भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु को सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ मान्यता दी है। लेकिन हर ऐसा मामला केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं होता—यह एक परिवार की पीड़ा, उम्मीद और अंततः स्वीकृति की कहानी भी होता है। हरीश राणा की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन अनगिनत अनकहे सवालों की है, जो जीवन और मृत्यु के बीच की उस पतली रेखा पर खड़े होकर पूछे जाते हैं— क्या कभी-कभी विदाई ही सबसे शांतिपूर्ण उत्तर होती है? 

TMC मैनिफेस्टो लॉन्च, ममता का BJP पर तीखा वार


कोलकाता। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का घोषणापत्र जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों ने पार्टी को अपार समर्थन और आशीर्वाद दिया है और सरकार ने भी उनकी सेवा करने का हरसंभव प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ता में आने के बाद से भाजपा हर चुनाव में साजिश रचती रही है। उन्होंने कहा कि इस बार साजिश की सारी सीमाएं पार कर दी गई हैं और भाजपा किसी भी तरह पश्चिम बंगाल की सत्ता पर कब्जा करना चाहती है।

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि देश की स्थिति चिंताजनक है और कई राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है, क्योंकि भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में हार का अंदेशा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल की जनता से डर रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।

हाईकोर्ट में यूएनआई की याचिका खारिज, दफ्तर सील


नई दिल्ली।
  TODAY छत्तीसगढ़  / दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के हाई कोर्ट के आदेश पर न्यूज एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) का दफ्तर सील कर दिया। परिसर के बाहर चस्पा नोटिस में कहा गया कि 9, रफी मार्ग की संपत्ति केंद्र सरकार ने कब्जे में ली है। बिना अनुमति प्रवेश या उपयोग पर कार्रवाई होगी। 

दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने बदसलूकी के आरोपों को खारिज किया और कहा, कार्रवाई कानून के तहत हुई। इसकी वीडियोग्राफी है।

हाई कोर्ट ने यूएनआई की याचिका खारिज करते हुए कहा, जमीन आवंटन 1979 में हुआ, लेकिन एजेंसी 4 दशक बाद भी निर्माण शुरू नहीं कर सकी। इससे आवंटन का उद्देश्य विफल हो गया, इसलिए जमीन वापस लेना वैध है। दूसरी ओर, यूएनआई और इसके मौजूदा प्रबंधन स्टेट्समैन ने कार्रवाई को 'मीडिया की आजादी पर हमला' बताया। स्टेट्समैन ने कहा, 'देश की सबसे पुरानी न्यूज एजेंसियों में से एक के दफ्तर से कर्मचारियों को जबरन निकाला गया, कई को उनका सामान लेने का मौका नहीं मिला।' यूएनआई ने कहा, 'करीब 300 पुलिसकर्मी पहुंचे और बिना पर्याप्त समय दिए परिसर खाली कराया। महिला पत्रकारों से बदसलूकी की गई। इस कार्रवाई से हमारी अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू न्यूज सेवाएं ठप हो गईं।  

हाथियों के परिवार का भावुक दृश्य वायरल, IAS सुप्रिया साहू ने साझा किया वीडियो


दिल्ली।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  आईएएस सुप्रिया साहू ने अपने X हैंडल पर इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है कि तमिलनाडु के अनामलाई टाइगर रिज़र्व के गहरे जंगलों में हाथियों का एक प्यारा परिवार सो रहा है—एक ऐसा अद्भुत पल जो कैमरे में कैद हो गया। हाथी का बच्चा बड़े हाथी के ऊपर अपना पैर धीरे से रखता है, मानो वह उससे आराम, सुरक्षा और प्यार चाहता हो। हाथियों की दुनिया में, परिवार ही सब कुछ होता है। और उनके चारों ओर जंगल खामोश, सुरक्षा देने वाला और शाश्वत रूप से खड़ा है—ठीक उस पालने की तरह जो जीवन को अपनी गोद में थामे रहता है। 'अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस' के इस अवसर पर, यह कोमल दृश्य हमें एक सीधी-सादी सच्चाई की याद दिलाता है: अगर जंगल नहीं होंगे, तो कुछ भी नहीं बचेगा। बिल्कुल कुछ भी नहीं। जंगलों के बिना, यह दुनिया और भी गरीब, कठोर और सूनी हो जाएगी। हाथियों के लिए, वन्यजीवों के लिए, नदियों के लिए और इंसानों के लिए—जंगल ही जीवन हैं। अद्भुत तस्वीर  
अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर साझा किए गए इस वीडियो के जरिए उन्होंने जंगलों के संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि जंगल नहीं रहेंगे तो न केवल वन्यजीव बल्कि इंसानों का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा। जंगल ही जीवन का आधार हैं।

पीएम मोदी से तीनों उपराज्यपालों की अलग-अलग मुलाकात


नयी दिल्ली।
 TODAY छत्तीसगढ़  / दिल्ली, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपालों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अलग-अलग मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े प्रशासनिक और विकासात्मक विषयों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ‘एक्स’ पर दी जानकारी में बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इसी क्रम में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त) ने भी प्रधानमंत्री से अलग-अलग मुलाकात की।

बताया गया कि हाल ही में नियुक्ति के बाद यह मुलाकात औपचारिक परिचय और समन्वय के लिहाज से अहम मानी जा रही है। संधू और सक्सेना को पांच मार्च को संबंधित पदों पर नियुक्त किया गया था।

तरनजीत सिंह संधू इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं। वहीं, विनय कुमार सक्सेना लद्दाख में नियुक्ति से पूर्व दिल्ली के उपराज्यपाल के पद पर कार्यरत थे।

दिल्ली आबकारी नीति मामला: अदालत ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को क्लीन चिट


नई दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए शुक्रवार को बरी कर दिया। अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से भी इनकार कर दिया।इस मामले में 21 अन्य आरोपियों को भी अदालत ने बरी कर दिया है।

सीबीआई ने आम आदमी पार्टी (आम आदमी पार्टी) की पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार द्वारा लागू की गई और बाद में रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच की थी। 

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। अदालत ने यह भी कहा कि सिसोदिया के विरुद्ध प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता नहीं है।  

न्यायाधीश ने आरोपपत्र में “आंतरिक विरोधाभासों” और “भ्रामक कथनों” का उल्लेख करते हुए कहा कि कई आरोप ऐसे हैं जिनकी पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों या गवाहों से नहीं होती। अदालत के अनुसार, आरोपपत्र में मौजूद कमियां कथित साजिश की थ्योरी को कमजोर करती हैं।

अदालत ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में केजरीवाल के खिलाफ लगाए गए आरोप टिक नहीं सकते और किसी भी व्यक्ति को बिना ठोस आधार के अभियोजन का सामना कराना कानून के शासन के सिद्धांतों के प्रतिकूल है। सिसोदिया के संबंध में अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जो उनकी संलिप्तता को दर्शाता हो, और न ही उनके खिलाफ कोई बरामदगी दिखाई गई है।  

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर पहली बार नाइट लैंडिंग ट्रायल सफल

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर शुक्रवार को पहली बार रात्रिकालीन उड़ान (नाइट लैंडिंग) का सफल ट्रायल किया गया। स्टेट प्लेन से किए गए इस परीक्षण के सफल रहने के साथ ही बिलासपुर हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक नए दौर में प्रवेश कर गया है।

ट्रायल के दौरान रनवे लाइटिंग सिस्टम, एप्रोच लाइट्स, एयर ट्रैफिक समन्वय सहित सभी तकनीकी मानकों की जांच की गई, जो पूरी तरह संतोषजनक पाए गए। अधिकारियों ने इसे बिलासपुर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने से यात्रियों को अधिक उड़ान विकल्प मिल सकेंगे।

इस अवसर पर एयरपोर्ट डायरेक्टर एन. बिरेन सिंह, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो रायपुर के क्षेत्रीय निदेशक सहित एयरपोर्ट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने से क्षेत्र के औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। 

एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताओं और अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद नियमित रूप से रात्रिकालीन उड़ानों का संचालन शुरू किया जाएगा। यह सफल ट्रायल बिलासपुर के बुनियादी ढांचे और विकास के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, भाजपा ने घेरा


नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट 2026 के दौरान शुक्रवार को इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ लिखी टी-शर्ट लहराई।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान 15 से 20 की संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और हाथों में सफेद रंग की टी-शर्ट लेकर विरोध जताया। टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर लगी थी और उस पर ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ लिखा हुआ था।

इंडियन यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि एआई समिट के मंच के पीछे सच को दबाया नहीं जा सकता। संगठन ने आरोप लगाया कि जब देशहित से ऊपर कॉरपोरेट हित नजर आने लगें और विदेश नीति में नरमी दिखे, तब विरोध करना आवश्यक हो जाता है।

वहीं, भाजपा ने इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय समिट के दौरान इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि धूमिल करने की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि यह संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित प्रयोग था और इसकी योजना राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

---------------------------

आप अपने क्षेत्र का समाचार, जानकारी और सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों के बारे में हमें इस (9111607770) वाट्सअप नंबर पर सीधे भेज सकते हैं । 

आप इस लिंक https://chat.whatsapp.com/LR2h81C1Qhg3vliVzuyI2G पर क्लिक करें और सीधे वाट्सअप ग्रुप में जुड़े। आपका साथ, सहयोग मुझे न सिर्फ हिम्मत देगा बल्कि आप सभी के मार्गगदर्शन से मैं अधिक बेहतर कर सकूंगा। 

नायब तहसीलदार से IAS तक: वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की पदोन्नति क्यों है अहम

रायपुर। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नत किया है। इनमें 2008 और 2010 बैच के दो-दो तथा 2013 बैच के चार अधिकारी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ के राज्य प्रशासनिक सेवा के जिन सात अधिकारियों को आईएएस अवार्ड हुआ है, उनमें तीर्थराज अग्रवाल, लीना कोसम, सौमिल चैबे, संदीप अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, बीरेंद्र पंचभाई और आशीष टिकरिहा शामिल हैं।

इनमें वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का नाम खास तौर पर चर्चा में है। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत नायब तहसीलदार के रूप में की थी और अब पदोन्नति के जरिए आईएएस कैडर में शामिल हुए हैं। राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ में यह पहला मामला बताया जा रहा है, जब किसी नायब तहसीलदार ने प्रमोशन के माध्यम से आईएएस का पद हासिल किया है। 

क्या है पृष्ठभूमि?

वीरेंद्र बहादुर पंचभाई मूल रूप से छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के रहने वाले हैं। उनका चयन मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से नायब तहसीलदार पद पर हुआ था। उन्होंने अभनपुर में नायब तहसीलदार के रूप में कार्यभार संभाला और बाद में तहसीलदार बने। वर्ष 2010 में वे राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नत हुए। इसके बाद संयुक्त कलेक्टर और फिर अपर कलेक्टर के पद पर पहुंचे। वर्तमान में वे बस्तर संभाग के नारायणपुर ज़िले में अपर कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं।

आईएएस पदोन्नति की प्रक्रिया

राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) के आधार पर आईएएस कैडर में पदोन्नति दी जाती है। केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद संबंधित अधिकारियों को औपचारिक रूप से आईएएस कैडर आवंटित किया जाता है। आमतौर पर नायब तहसीलदार के रूप में सेवा शुरू करने वाले अधिकारी डिप्टी कलेक्टर या अपर कलेक्टर पद तक पहुंचते हैं। आईएएस कैडर तक पहुंचना अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है।

पहले क्या हुआ है?

ठाकुर रामसिंह भी अपने करियर के शुरुआती दौर में नायब तहसीलदार रहे थे। हालांकि उन्होंने बाद में लोक सेवा आयोग की परीक्षा देकर डिप्टी कलेक्टर पद हासिल किया और फिर पदोन्नति के जरिए आईएएस बने। वे रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जैसे ज़िलों में कलेक्टर रह चुके हैं और सेवानिवृत्ति से पहले संभागीय आयुक्त के पद पर भी रहे। छत्तीसगढ़ में पंचभाई की पदोन्नति को प्रशासनिक सेवा में लंबी पारी और पदोन्नति आधारित प्रगति के एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

PM की श्रद्धांजलि से भावुक हुए CM, असम के इतिहास के कठिन दौर को याद करते हुए कांग्रेस शासन पर लगाए गंभीर आरोप


 गुवाहाटी। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की असम यात्रा को राज्य के लिए भावुक और ऐतिहासिक क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक क्षेत्र में प्रधानमंत्री द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने और शहीद खरगेश्वर तालुकदार की प्रतिमा पर माल्यार्पण से असम के इतिहास के वे कठिन दौर याद आ गए, जब कांग्रेस शासन के दौरान राज्य को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 860 लोगों की स्मृति में बनाए गए नए शहीद स्मारक क्षेत्र का दौरा किया और पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय अवैध घुसपैठ को बढ़ावा मिला, ‘धरती के बेटों’ का नरसंहार हुआ और असम को आर्थिक संकट की ओर धकेला गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति इससे भिन्न है, जब राज्य में विकास को लेकर उत्सव का माहौल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री न केवल असम की संस्कृति की रक्षा में हुए बलिदानों को सम्मान दे रहे हैं, बल्कि राज्य के विकास के लिए पूर्ववर्ती प्रधानमंत्रियों की तुलना में कहीं अधिक निवेश भी कर रहे हैं। सरमा ने कहा कि यह बदलाव असम के लिए नई दिशा और नई उम्मीद का प्रतीक है, जिससे राज्य तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है।

वन्यजीव कॉरिडोर में हादसा: हाथियों के झुंड से टकराई राजधानी एक्सप्रेस, कोई हताहत नहीं


गुवाहाटी |
  TODAY छत्तीसगढ़  /  राज्य के नागांव जिले के कामपुर इलाके में चंगजुराई के पास बीती रात बड़ी दुखद घटना हुई. सैरांग से दिल्ली जाने वाली 20507 राजधानी एक्सप्रेस के एक झुंड से टकरा जाने से सात जंगली हाथियों की मौत हो गई. इससे पशु प्रेमियों को गहरा सदमा पहुंचा है. यह घटनास्थल गुवाहाटी से लगभग 126 किमी दूर हुई.

टक्कर की वजह से राजधानी एक्सप्रेस के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री को चोट नहीं आई. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घायल यात्रियों को कुछ समय के लिए दूसरे डिब्बों की खाली बर्थ में बिठाया गया.  

रेलवे का आधिकारिक बयान

उत्तर–पूर्व सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है, वहीं प्रभावित रेल मार्ग पर यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं।  

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने डिविजनल हेडक्वार्टर के सीनियर अधिकारियों के साथ एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेनें मौके पर भेजी. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के जनरल मैनेजर और लुमडिंग के डिविजनल रेलवे मैनेजर समेत सीनियर रेलवे अधिकारी रेस्टोरेशन के काम की देखरेख के लिए मौके पर पहुंचे. यात्रियों की मदद के लिए गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर हेल्पलाइन नंबर 0361-2731621 / 2731622 / 2731623 जारी किए गए.

इस हादसे की खबर लगते ही वन विभाग के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे (हाथी) के लिए इमरजेंसी में इलाज का इंतजाम किया. जानवरों के डॉक्टरों की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई और मरे हुए हाथियों का पोस्टमॉर्टम किया. इस बीच जंगल के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बछड़े के लिए इमरजेंसी इलाज का इंतजाम किया.

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा रात करीब 2.17 पर घने कोहरे के बीच हुआ, जब जंगली हाथियों का एक झुंड पास की पहाड़ियों से नीचे आया और रेलवे ट्रैक पर चला गया. सात हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक हाथी का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया.

 

वीबी-जी राम जी बिल को लेकर राहुल गांधी का हमला, कहा—ग्रामीण गरीबों का सहारा छीना


नई दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र की मोदी सरकार पर 20 वर्ष पुरानी मनरेगा योजना को समाप्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने संसद से पारित नए ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक को गांव और गरीब विरोधी करार दिया।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ‘वीबी-जी राम जी’ बिल मनरेगा का पुनर्गठन नहीं, बल्कि इसे खत्म करने की साजिश है। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार ने एक ही दिन में 20 साल पुरानी मनरेगा योजना को ढहा दिया। राहुल गांधी के अनुसार, मनरेगा ने ग्रामीण मजदूरों को सौदेबाजी की ताकत दी, जिससे शोषण और मजबूरी में होने वाला पलायन कम हुआ, मजदूरी बढ़ी और कामकाजी हालात बेहतर हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस योजना की ताकत कमजोर करना चाहती है। काम की सीमा तय कर और काम से इनकार के नए रास्ते बनाकर यह विधेयक ग्रामीण गरीबों के इकलौते सहारे को कमजोर करता है। 

राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब देश की अर्थव्यवस्था ठप पड़ गई थी, तब मनरेगा ने करोड़ों लोगों को भूख और कर्ज में डूबने से बचाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से महिलाओं को सबसे अधिक लाभ मिला और हर वर्ष आधे से अधिक कार्य-दिवस महिलाओं के नाम रहे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस विधेयक को बिना पर्याप्त चर्चा और जांच के संसद में जल्दबाजी में पारित किया गया। विपक्ष की मांग के बावजूद इसे संसदीय स्थायी समिति के पास नहीं भेजा गया।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीण गरीबों की आखिरी सुरक्षा को खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी मजदूरों, पंचायतों और राज्यों के साथ मिलकर इस कानून को वापस लेने के लिए देशव्यापी आंदोलन करेगी।

उल्लेखनीय है कि संसद ने गुरुवार देर रात ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक पारित किया, जो 20 वर्ष पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लागू किया जाएगा।

MP के टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में मोबाइल बैन


भोपाल।  TODAY छत्तीसगढ़  / मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पर्यटकों के मोबाइल फोन पर अब पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। कोर क्षेत्र में सफारी के दौरान पर्यटक मोबाइल से फोटो और वीडियो नहीं बना सकेंगे। यह व्यवस्था 16 दिसंबर से कान्हा, सतपुड़ा, पेंच, बांधवगढ़ समेत प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में लागू होगी।

सुप्रीम कोर्ट के 17 नवंबर के आदेश के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) शुभरंजन सेन ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। आदेश में कहा गया है कि कोर एरिया में मोबाइल फोन के उपयोग से वन्यजीवों के स्वाभाविक विचरण और व्यवहार में बाधा आती है, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

बफर जोन में नाइट सफारी पर भी रोक

इसके साथ ही टाइगर रिजर्व के बफर जोन में नाइट सफारी भी बंद कर दी गई है। 1 दिसंबर 2025 से प्रदेशभर में रात्रिकालीन सफारी पर रोक लागू है। अब पर्यटकों को केवल दिन और शाम की सफारी की अनुमति दी जाएगी। वन विभाग का कहना है कि इन निर्णयों से टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को शांत और सुरक्षित वातावरण मिलेगा और संरक्षण कार्यों को मजबूती मिलेगी। 

छत्तीसगढ़ के गेड़ी नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन, यूनेस्को ने सराहा


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ राज्य के बिलासपुर जिले की सांस्कृतिक संस्था ‘लोक श्रृंगार भारती’ के गेड़ी लोक नृत्य दल द्वारा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के आमंत्रण पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।  7 से 13 दिसम्बर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समारोह में 180 देशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहीं। समारोह में बिलासपुर के गेड़ी नर्तक दल ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को काफी सराहा गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गेडी नर्तक दल को बधाई और शुभकामनाएं दीं है l 

समारोह का ऐतिहासिक क्षण तब आया जब भारत के महापर्व दीपावली को यूनेस्को द्वारा विश्व सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्रदान की गई। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल की प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली गेड़ी नृत्य की भावपूर्ण और साहसिक प्रस्तुति से केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” कहकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। 

मुख्य गायक एवं नृत्य निर्देशक अनिल गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में गेड़ी नृत्य दल ने अपने सशक्त, ऊर्जावान एवं रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, विभिन्न राज्यों के कलाकारों सहित 180 देशों के डेलिगेट्स उपस्थित रहे। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित 180 देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिए 

मुख्य गायक अनिल गढ़ेवाल द्वारा प्रस्तुत “काट ले हरियर बांसे” गीत ने विदेशी प्रतिनिधियों के मन में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति गहरी जिज्ञासा उत्पन्न की। वहीं मुख्य मांदल वादक मोहन डोंगरे द्वारा एक ही स्थान पर घूमते हुए मांदल वादन किया। हारमोनियम वादक सौखी लाल कोसले एवं बांसुरी वादक महेश नवरंग की स्वर लहरियों पर विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि झूम उठे। गेड़ी नर्तकों प्रभात बंजारे, सूरज खांडे, शुभम भार्गव, लक्ष्मी नारायण माण्डले, फूलचंद ओगरे एवं मनोज माण्डले ने साहसिक करतबों से दर्शकों को रोमांचित किया। विशेष रूप से तब, जब एक गेड़ी पर संतुलन बनाते हुए कलाकारों ने मानवीय संरचनाएं बनाईं, पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा।

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा, कौड़ियों व चीनी मिट्टी की मालाएं, पटसन वस्त्र, सिकबंध एवं मयूर पंख धारण कर प्रस्तुत भाव नृत्य ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिया व छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाने के लिए शुभकामनाएं दी।

संगीता बरुआ बनीं प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की पहली महिला अध्यक्ष


नई दिल्ली। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) के हालिया चुनाव में संगीता बरुआ ने अध्यक्ष पद पर शानदार जीत दर्ज की है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की पहली महिला अध्यक्ष बन गई हैं। उनके पूरे पैनल ने भी चुनाव में सफलता हासिल की।

अध्यक्ष पद के लिए संगीता बरुआ को कुल 1019 मत प्राप्त हुए। उपाध्यक्ष पद पर जतिन गांधी ने 1029 मतों के साथ विजय हासिल की, जबकि महासचिव पद पर अफजल इमाम 948 मतों के साथ निर्वाचित हुए। इससे पहले सुनील कुमार (संयुक्त सचिव) और अदिति राजपूत (कोषाध्यक्ष) अपने-अपने पदों पर निर्विरोध चुने जा चुके थे।

भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव: नितिन नवीन बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष


नई दिल्ली।
  TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री नितिन नवीन को अपना राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। यह राज्य से जुड़े एक वरिष्ठ नेता के लिए एक बड़ा संगठनात्मक पदोन्नयन माना जा रहा है। वह भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में से एक हैं। यह निर्णय भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया और इसकी घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से की गई। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

नितिन नवीन वर्तमान में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं और उन्हें भाजपा में एक अनुभवी संगठनात्मक नेता माना जाता है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके करीबी समन्वय के लिए पहचाने जाने वाले नितिन नवीन ने बिहार में पार्टी के जमीनी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के साथ भी व्यापक रूप से काम किया है और युवा कार्यकर्ताओं के बीच संगठनात्मक मजबूती खड़ी करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है।

बिहार में अपने कार्य के अलावा, नितिन नवीन ने राज्य प्रभारी के रूप में भी सेवाएँ दी हैं, जिससे उन्हें अपने गृह राज्य से बाहर संगठनात्मक प्रबंधन का अनुभव मिला है। वर्षों के दौरान उन्होंने कई संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ निभाई हैं और एक अनुशासित नेता के रूप में पहचान बनाई है, जिनके पार्टी कार्यकर्ताओं और राज्य नेतृत्व से मजबूत संबंध हैं।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में, नितिन नवीन की जिम्मेदारी होगी कि वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करें, संगठनात्मक मामलों की देखरेख करें और देशभर में भाजपा की राजनीतिक एवं चुनावी रणनीतियों को लागू करने में सहयोग करें।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। जनवरी 2020 में पदभार संभालने वाले नड्डा को 2024 के लोकसभा चुनाव सहित कई अहम राजनीतिक चरणों के दौरान पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कई बार कार्यकाल विस्तार दिया गया था। हालिया संगठनात्मक फेरबदल भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में संक्रमण काल का संकेत देता है।

नितिन नवीन कौन हैं?

नितिन नवीन बिहार से भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। उनका जन्म पटना में हुआ था। वह दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक थे। पिता के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति में प्रवेश किया।

नितिन नवीन पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2006 में पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने बांकीपुर विधानसभा सीट से 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार चार बार जीत दर्ज की।

2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा को निर्णायक अंतर से हराया था। हाल के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बांकीपुर सीट से 51,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। 

#KOPRACALLING: बिलासपुर जिले का कोपरा जलाशय राज्य का पहला रामसर साइट घोषित, भारत ने बढ़ाई पर्यावरणीय ताकत


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / भारत ने छत्तीसगढ़ के कोपरा जलाशय (बिलासपुर) और राजस्थान की सिलिसेर झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले आर्द्र स्थलों की रामसर सूची में शामिल कर लिया है। इन दो नए स्थलों के जुड़ने से देश में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 96 हो गई है। 

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने ऑफिशियली सोशल हेंडल X पर ट्वीट करके ख़ुशी वक्त करते हुए पक्षी संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताई है साथ ही यह उपलब्धि प्रदेश में इको-टूरिज्म व स्थानीय रोजगार के नए अवसर खोलेगी और वेटलैंड संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को भी मजबूत करेगी। 

कोपरा जलाशय : छत्तीसगढ़ का नया रामसर स्थल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में स्थित कोपरा जलाशय (स्थल संख्या 2583) महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बना एक महत्वपूर्ण जलाशय है। मूल रूप से सिंचाई के लिए निर्मित यह क्षेत्र आज आसपास की कृषि भूमि और गांवों का आधार है।

जलाशय के विस्तृत खुले जल क्षेत्र में उथले और पोषक तत्वों से समृद्ध बैकवाटर मौजूद हैं, जो इसे पारिस्थितिकी की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाते हैं। यहां 60 से अधिक प्रवासी पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जो घोंसले बनाने, भोजन और प्रवास के दौरान ठहरने के लिए इस पर निर्भर रहती हैं।

इनमें संकटग्रस्त greater spotted eagle (Aquila clanga) and the endangered Egyptian vulture (Neophron percnopterus) खासतौर पर उल्लेखनीय हैं। प्राकृतिक सौंदर्य और पक्षी अवलोकन के कारण यह स्थल स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। हालांकि, गाद जमाव, आक्रामक प्रजातियों और कृषि विस्तार के कारण यह क्षेत्र खतरे का सामना कर रहा है। संरक्षण उपाय प्रस्तावित हैं, पर प्रबंधन योजना अभी तैयार की जानी है। 



सिलिसेर झील : राजस्थान का महत्वपूर्ण मानव-निर्मित आर्द्र क्षेत्र

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सिलिसेर झील (स्थल संख्या 2581) सरिस्का टाइगर रिज़र्व के बफर ज़ोन में बनी एक ऐतिहासिक मानव-निर्मित झील है। अर्ध-शुष्क क्षेत्र में स्थित यह झील आसपास की जैव विविधता के लिए एक प्रमुख जल स्रोत का कार्य करती है।

यहां 149 पक्षी और 17 स्तनधारी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इनमें संकटग्रस्त रिवर टर्न तथा लुप्तप्राय बाघ प्रमुख हैं। यह झील काली सारस की विश्व आबादी के 1% से अधिक को भी सहारा देती है, जो इसे वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बनाता है।

उन्नीसवीं सदी के मध्य में निर्मित यह झील समय के साथ एक सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान बन चुकी है। सिलिसेर लेक पैलेस से घिरी यह झील स्थानीय समुदाय को लंबे समय से पेयजल उपलब्ध कराती रही है और पर्यटन का प्रमुख आकर्षण भी रही है। मगर बढ़ती कृषि गतिविधियाँ और मानव बस्तियों का विस्तार इसके लिए चुनौती बने हुए हैं। फिलहाल इसके संरक्षण और पुनर्स्थापन की योजना पर काम जारी है।

IndiGo पर केंद्र सरकार की सख्ती, उड़ानों में 5% कटौती; 10 एयरपोर्ट पर भेजे गए वरिष्ठ अधिकारी


नई दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / लगातार उड़ानें रद्द होने, यात्रियों को हो रही परेशानी और व्यवस्था में अव्यवस्था की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने इंडिगो एयरलाइंस पर कड़ा कदम उठाया है। कार्रवाई के 8वें दिन सरकार ने इंडिगो की उड़ानों में 5 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया है। इसके तहत रोजाना लगभग 115 उड़ानें अब कम होंगी, जिन्हें सरकार अन्य एयरलाइन कंपनियों को आवंटित करेगी।

यात्रियों की लगातार बढ़ती शिकायतों और अनियमित शेड्यूल को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। उड़ानें घटाए जाने के साथ ही 10 वरिष्ठ अधिकारियों को देश के 10 बड़े एयरपोर्ट्स पर तैनात किया गया है, ताकि वे यात्रियों की समस्याओं को सीधे समझ सकें और तत्काल समाधान सुनिश्चित कर सकें।

सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एयरपोर्ट पर सुविधाओं, देरी से उड़ान की जानकारी, सीट व्यवस्था, रिफंड प्रक्रिया और कस्टमर सपोर्ट सिस्टम की निगरानी करें, ताकि यात्रियों को परेशानियों से राहत मिल सके।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। एयरलाइन कंपनियों को चेतावनी दी गई है कि यात्रियों की असुविधा को हल्के में लेने पर कार्रवाई अपरिहार्य होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के विवादित फैसले पर लगाई रोक, यौन हिंसा मामलों में टिप्पणी पर बनेगी गाइडलाइन


दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस निर्णय पर रोक लगा दी है, जिसमें कहा गया था कि नाबालिग लड़की के ब्रेस्ट दबाना, पायजामे का नाड़ा तोड़ना और उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना ‘दुष्कर्म के प्रयास’ की श्रेणी में नहीं आता। सर्वोच्च न्यायालय ने इस फैसले पर सख्त रुख अपनाते हुए टिप्पणी की कि यौन अपराध से जुड़े संवेदनशील मामलों पर अदालतों की टिप्पणी पीड़िता और समाज पर गंभीर असर डालती है, इसलिए जरूरत है कि न्यायिक मर्यादा के अनुरूप दिशानिर्देश तय किए जाएं।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में ट्रायल IPC की धारा 376 (दुष्कर्म) और POCSO एक्ट की धारा 18 (रेप की कोशिश) के तहत ही चलेगा। अदालत ने इस पर रोक लगाते हुए कहा कि संवेदनशील मामलों में अदालतों के शब्द समाज में गलत संदेश न दें।


यह मामला NGO ‘वी द वीमेन ऑफ इंडिया’ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सामने आया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि देश के विभिन्न हाई कोर्ट ऐसे मामलों में आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं, जिससे सामाजिक मानसिकता और न्यायिक दृष्टिकोण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अधिवक्ता ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक अन्य फैसले का हवाला देते हुए कहा कि एक पीड़िता के नशे में होने पर कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि “आप खुद मुसीबत को बुला रहे हैं।” इसी तरह के बयान कलकत्ता और राजस्थान हाई कोर्ट के मामलों में भी दर्ज हैं।


सुनवाई के दौरान CJI ने कहा,

“न्यायपालिका को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। कभी-कभी ऐसे बयान दिए जाते हैं जो पीड़ित पर उल्टा असर डालते हैं और समाज में गलत संदेश पहुंचाते हैं।”

सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि यौन हिंसा से जुड़े मामलों में अदालतों के लिए जल्द ही मार्गदर्शक सिद्धांत तैयार किए जाएंगे, ताकि न्यायिक टिप्पणियां न्यायिक गरिमा और सामाजिक संवेदनशीलता के अनुरूप हों। 


© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com