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स्मृति ईरानी अब संभालेंगी छत्तीसगढ़ BJP का संगठन, सिद्धार्थ शंभू होंगे साथ

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से जारी सूची के मुताबिक, स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी और सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ के साथ हरियाणा का भी प्रभार दिया गया है। नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।

प्रदेश संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की भूमिका

प्रदेश प्रभारी की भूमिका में आम तौर पर केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच समन्वय, संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संवाद जैसे कार्य शामिल होते हैं। सह-प्रभारी प्रदेश प्रभारी के साथ संगठन से जुड़े कार्यों में सहयोग करते हैं। स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू की नियुक्ति के बाद अब छत्तीसगढ़ में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े कार्यक्रमों और बैठकों में दोनों नेताओं की भूमिका रहेगी।

पहले खाली था प्रदेश प्रभारी का पद

रिपोर्टों के मुताबिक, नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी का पद रिक्त था। अब पार्टी ने इस पद पर स्मृति ईरानी की नियुक्ति कर दी है। स्मृति ईरानी को अगस्त 2026 में भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महासचिव और सिद्धार्थ शंभू को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।

छत्तीसगढ़ से जुड़े नेताओं को दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी

भाजपा की नई सूची में छत्तीसगढ़ से जुड़े नेताओं को भी दूसरे राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं। सूची के अनुसार सौरभ सिंह को झारखंड का सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं गोमती साय को गुजरात का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।

अब प्रदेश संगठन में बढ़ेगा समन्वय

नई नियुक्तियों के बाद स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू की प्रदेश भाजपा संगठन के साथ बैठकों और संवाद का दौर शुरू होगा। पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों, पदाधिकारियों के साथ समन्वय और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के क्रियान्वयन में दोनों नेताओं की भूमिका रहेगी। 

दिल्ली के संगठित गिरोह का पर्दाफाश, 17 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर/अनूपपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  रेलवे की कॉपर केबल और तांबे की दूसरी सामग्री चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का RPF ने पर्दाफाश किया है। बुढ़ार, सिंहपुर, छादा और शहडोल क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान RPF की विशेष टीम और RPF पोस्ट अनूपपुर ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10 चोरों और 7 रिसीवरों समेत कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक चोरी में इस्तेमाल 4 स्कूटर भी जब्त किए गए हैं। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की कॉपर केबल और अन्य रेलवे सामग्री बरामद की गई है।

दिल्ली से आए, अनूपपुर में बनाया ठिकाना

जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य दिल्ली से अनूपपुर क्षेत्र में आए थे और यहां किराए के मकानों में रह रहे थे। आरोपी स्कूटर से इलाके में घूमकर रेलवे ट्रैक और आसपास लगी कॉपर केबल व तांबे की सामग्री की रेकी करते थे। मौका देखकर रेलवे की संपत्ति चोरी करने के बाद उसे दिल्ली ले जाकर खपाया जाता था। पूछताछ में चोरी की सामग्री को दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कबाड़ मंडी में बेचने की बात सामने आई है।

पेट्रोलिंग और मुखबिर तंत्र से मिली कामयाबी

RPF ने प्रभावित रेलखंडों पर निगरानी बढ़ाने के साथ लगातार पेट्रोलिंग, एम्बुश और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया था। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर टीम ने कार्रवाई शुरू की।

RPF के मुताबिक कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को ट्रेन से भागते समय उमरिया में पकड़ा गया, जबकि एक आरोपी को गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों को भी जांच के दौरान दबोचा गया।

निशानदेही पर चोरी का तांबा बरामद

पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही के आधार पर चोरी की गई कॉपर केबल और अन्य तांबे की रेलवे सामग्री बरामद की गई है। चोरी में इस्तेमाल चार स्कूटर भी जब्त किए गए हैं।

RPF अब गिरोह के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही चोरी की रेलवे संपत्ति खरीदने वाले रिसीवरों और चोरी के माल को आगे खपाने वाले लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

रेलवे संपत्ति चोरी पर होगी सख्त कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। RPF के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

गोल्फ के नक्शे पर छत्तीसगढ़ की नई एंट्री, नवा रायपुर ओपन में 18 विदेशी खिलाड़ी भी लेंगे हिस्सा

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ अब सिर्फ क्रिकेट, हॉकी या पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहता। प्रदेश को देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर भी स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नवा रायपुर में आयोजित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल गोल्फर हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतियोगिता की ट्रॉफी का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने खुद गोल्फ खेलकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में 1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव भी मौजूद रहे।

‘नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रोफेशनल गोल्फ के इतने बड़े आयोजन की मेजबानी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में नवा रायपुर ओपन छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।

उन्होंने कहा कि 132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों का यहां पहुंचना प्रदेश में विकसित हो रहे अनुकूल खेल वातावरण को दिखाता है। ऐसे आयोजन केवल मैदान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि राज्य की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत करने के साथ खेल पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं।

कभी फिल्मों में देखते थे गोल्फ

मुख्यमंत्री ने गोल्फ से जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि एक समय लोग गोल्फ को सिर्फ सुनते थे या फिल्मों में खिलाड़ियों को यह खेल खेलते देखते थे। आज छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल गोल्फ का इतना बड़ा टूर्नामेंट आयोजित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अब गोल्फ किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। प्रदेश में इस खेल की संभावनाएं बढ़ रही हैं और सरकार गोल्फ को बढ़ावा देने, सुविधाओं के विस्तार और बड़े टूर्नामेंट के आयोजन में हरसंभव सहयोग करेगी।

खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों पर सरकार का फोकस

CM साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आत्मविश्वास से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रतिभा के आगे बढ़ने में संसाधनों और अवसरों की कमी बाधा न बने।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल ट्राइबल गेम्स के साथ बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजन भी हुए हैं। इनसे दूरदराज के इलाकों के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला है।

बस्तर और सरगुजा आने का खिलाड़ियों को न्योता

मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें टूर्नामेंट के साथ प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति देखने का न्योता दिया।

उन्होंने खिलाड़ियों से बस्तर और सरगुजा की यात्रा करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने चित्रकोट जलप्रपात समेत बस्तर के प्राकृतिक स्थलों और सरगुजा की पहाड़ियों, जंगलों और संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि खिलाड़ी यहां से सिर्फ टूर्नामेंट की यादें नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के आत्मीय आतिथ्य की यादें भी लेकर जाएं।

कपिल देव बोले- हर साल हो नवा रायपुर ओपन

पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव ने प्रतियोगिता के आयोजन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े प्रोफेशनल आयोजन प्रदेश की खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ नई प्रतिभाओं को प्रेरित करते हैं।

कपिल देव ने इच्छा जताई कि नवा रायपुर ओपन का आयोजन हर साल छत्तीसगढ़ में हो और आने वाले वर्षों की तारीखें पहले से तय की जाएं। इससे देश-विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ी अपने टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुसार छत्तीसगढ़ आने की योजना बना सकेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण गोल्फ के लिए अनुकूल है और यहां मिलने वाला आत्मीय आतिथ्य भी खिलाड़ियों को आकर्षित करता है। उनके मुताबिक जिस तरह दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता गोल्फ के प्रमुख केंद्र हैं, उसी तरह आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी देश के बड़े गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना सकता है।

गोल्फ के साथ पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप चहल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों का हर बार आत्मीय स्वागत होता है। यहां का वातावरण, गोल्फ कोर्स और व्यवस्थाएं खिलाड़ियों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब पर्यटन और अन्य खेलों के साथ-साथ उभरते गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचान बना रहा है।

‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ को छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल गोल्फ के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। इससे नवा रायपुर को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय गोल्फ सर्किट में पहचान मिलने के साथ प्रदेश में खेल पर्यटन और नई खेल प्रतिभाओं के लिए भी अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

अब मदन महल तक जाएगी अम्बिकापुर-जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 11266/11265 अम्बिकापुर-जबलपुर-अम्बिकापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का विस्तार अब मदन महल स्टेशन तक कर दिया गया है। रेलवे के अनुसार यह व्यवस्था 17 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई है। इससे अम्बिकापुर और जबलपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।

अम्बिकापुर से मदन महल तक का समय

गाड़ी संख्या 11266 अम्बिकापुर-मदन महल इंटरसिटी एक्सप्रेस अम्बिकापुर स्टेशन से सुबह 6:15 बजे रवाना होगी। ट्रेन जबलपुर स्टेशन दोपहर 2:55 बजे पहुंचेगी, जहां से 3 बजे रवाना होकर मदन महल स्टेशन दोपहर 3:20 बजे पहुंचेगी।

मदन महल से अम्बिकापुर की वापसी

वापसी में गाड़ी संख्या 11265 मदन महल-अम्बिकापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस मदन महल स्टेशन से दोपहर 12:25 बजे रवाना होगी। ट्रेन जबलपुर स्टेशन 12:35 बजे पहुंचेगी और 12:45 बजे रवाना होगी, जबकि अम्बिकापुर स्टेशन रात 11 बजे पहुंचेगी।

भाजपा महिला मोर्चा की नई कमान रूपकुमारी के हाथ, साय ने दी बधाई

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजेपी महिला मोर्चा की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती रूपकुमारी चौधरी से आज रायपुर स्थित उनके आवास पर सौजन्य भेंट की। उन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए उन्हें हार्दिक बधाई और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि श्रीमती रूपकुमारी चौधरी के नेतृत्व में महिला मोर्चा संगठन को और मजबूत बनाने तथा महिला शक्ति की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

भाजपा के डिजिटल फ्रंट को नई ताकत! दीपक म्हस्के बने राष्ट्रीय सोशल मीडिया समन्वयक

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय सोशल मीडिया समन्वयक दीपक म्हस्के से रायपुर स्थित उनके निवास पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिष्टाचार भेंट की । इस दौरान सीएम ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।

भेंट के दौरान भाजपा के सोशल मीडिया संगठन की भूमिका और उसके विस्तार को लेकर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि दीपक म्हस्के के अनुभव और नेतृत्व में पार्टी का सोशल मीडिया तंत्र संगठन की विचारधारा, जनसेवा से जुड़े कार्यों और जनहित के मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

भाजपा के लिए सोशल मीडिया अब केवल प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया संगठन की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की पंडवानी का जलवा, महाभारत की कथा ने मोहा मन

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा पंडवानी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपनी अलग छाप छोड़ी। इंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टाइन ऑडिटोरियम में आयोजित आईएचसी लोक संगीत सम्मेलन 2026 का शुभारंभ पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति को समर्पित पंडवानी प्रस्तुति से हुआ। कलाकार प्रभा यादव ने पारंपरिक संगीतकारों के साथ महाभारत की कथाओं पर आधारित पंडवानी प्रस्तुत कर दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति से रूबरू कराया।

महाभारत की कथा ने बांधा समां

इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में पंडवानी कलाकार प्रभा यादव ने पारंपरिक वाद्य और संगीतकारों के साथ प्रस्तुति दी। महाभारत की कथाओं पर आधारित इस लोक शैली में कथा वाचन, गायन, संवाद, अभिनय और लय का अनूठा मेल देखने को मिला।

पंडवानी की प्रस्तुति के दौरान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक दिखाई दी। राष्ट्रीय राजधानी के दर्शकों ने इस विशिष्ट लोक विधा की खूब सराहना की।

तीजन बाई की कला यात्रा को किया याद

कार्यक्रम की प्रस्तुति महान पंडवानी कलाकार स्वर्गीय तीजन बाई को समर्पित रही। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा से निकलकर पंडवानी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में तीजन बाई का योगदान अहम रहा है। अपनी विशिष्ट प्रस्तुति शैली के माध्यम से उन्होंने पंडवानी को देश-दुनिया में पहचान दिलाई।

तीजन बाई की स्मृति में आयोजित इस प्रस्तुति के माध्यम से उनकी कला यात्रा और छत्तीसगढ़ की उस परंपरा को याद किया गया, जिसमें कथावाचन पीढ़ियों से सांस्कृतिक स्मृतियों और जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम रहा है।

लोक कलाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत

इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) केजी सुरेश ने कहा कि भारत की लोक कलाएं देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें पीढ़ियों से चली आ रही कहानियां, परंपराएं और जीवन मूल्य सुरक्षित हैं। लोक कलाकारों और पारंपरिक विधाओं को राष्ट्रीय राजधानी में मंच मिलने से इनका विस्तार व्यापक दर्शकों तक होता है।

धरसींवा विधायक एवं छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार अनुज शर्मा ने कहा कि पंडवानी छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण लोक कला है। तीजन बाई ने इसे गांवों से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। दिल्ली में इस परंपरा का सम्मान होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है।

नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास

अन्वेषा कला केंद्र की सचिव अन्वेषा ब्रह्मा ने कहा कि भारत की लोक परंपराओं में सदियों का इतिहास, सामूहिक स्मृति और जीवन-दर्शन सुरक्षित है। ऐसे आयोजन पारंपरिक कलाओं को नए दर्शकों और नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करते हैं।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्ण दास, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव सहित कला एवं संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।

देश की लोक कलाओं का साझा मंच

आईएचसी लोक संगीत सम्मेलन देश के अलग-अलग हिस्सों की लोक संगीत, कथावाचन और प्रदर्शन परंपराओं को एक मंच प्रदान करता है। इस वर्ष सम्मेलन की शुरुआत छत्तीसगढ़ की पंडवानी और तीजन बाई की स्मृति में प्रस्तुति से होना विशेष महत्व रखता है।

दिल्ली के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच पर पंडवानी की प्रस्तुति ने यह संदेश भी दिया कि लोक कलाएं केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान में भी भारत की सांस्कृतिक पहचान और रचनात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

आधुनिक ट्रैक मशीनों से रेल पथ अनुरक्षण को नई गति: SECR

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आधुनिक ट्रैक मशीनों के माध्यम से रेल पथ अनुरक्षण कार्यों में तेजी लाने का दावा किया है। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रेलवे के लगभग 5,500 ट्रैक किलोमीटर के नेटवर्क पर प्रतिदिन 400 से अधिक यात्री और मालगाड़ियों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित अनुरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

रेलवे के अनुसार, ट्रैक अनुरक्षण में आधुनिक मशीनों के उपयोग से कार्य अधिक तेज, सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा रहे हैं। इससे ट्रैक कर्मियों की सुरक्षा बढ़ने के साथ ही ट्रेनों के परिचालन पर भी न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।

प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (1 अप्रैल से 30 जून 2026) के दौरान ट्रैक मशीनों की मदद से 2,042 किलोमीटर प्लेन ट्रैक टैंपिंग, 907 टर्नआउट टैंपिंग, 102 किलोमीटर डीप स्क्रीनिंग (गिट्टी छनाई), 50 किलोमीटर ट्रैक रिन्यूअल तथा 58 टर्नआउट रिन्यूअल का कार्य पूरा किया गया।

रेलवे के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 92 आधुनिक ट्रैक मशीनें कार्यरत हैं। इनमें सीएसएम, ड्योमैटिक, एमपीटी, यूनिमेट, बीसीएम, एफआरएम, पीक्यूआरएस, टी-28, बीआरएम, डीजीएस और यूटीवी जैसी मशीनें शामिल हैं। इनके संचालन एवं रखरखाव के लिए लगभग 900 प्रशिक्षित कर्मचारी कार्यरत हैं।

नागपुर–झारसुगुड़ा मुख्य रेलखंड पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से ट्रेनों के संचालन को ध्यान में रखते हुए उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैक अनुरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि आधुनिक ट्रैक मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, विश्वसनीय और समयबद्ध रेल परिचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

रिंग रोड परियोजना को लेकर केंद्रीय मंत्री से मिले तोखन साहू

नई दिल्ली/बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बिलासपुर की प्रस्तावित 4-लेन रिंग रोड परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने और निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लगभग ₹827.20 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना NH-130, NH-130A और NH-49 को आपस में जोड़ेगी। इसके निर्माण से भारी मालवाहक वाहनों का शहर के भीतर प्रवेश कम होने, ट्रैफिक जाम में राहत मिलने तथा यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होने की उम्मीद जताई गई है।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि रिंग रोड बनने से औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा समय में कमी आएगी और बिलासपुर के समग्र शहरी विकास को गति मिलेगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR), ट्रैफिक सर्वे और ड्राफ्ट एलाइनमेंट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। तोखन साहू ने इन प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कर परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया।

 केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने का आश्वासन दिया।

बाबाधाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, श्रावणी स्पेशल ट्रेन में कन्फर्म सीटें उपलब्ध

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / सावन माह में बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे गाड़ी संख्या 08895/08896 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–मधुपुर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी श्रावणी मेला साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन कर रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह ट्रेन 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक कुल 5-5 फेरों में चलेगी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में इस विशेष ट्रेन में एसी-III और स्लीपर श्रेणी में बड़ी संख्या में कन्फर्म बर्थ उपलब्ध हैं। श्रद्धालुओं से समय रहते अग्रिम आरक्षण कर अपनी यात्रा सुनिश्चित करने की अपील की गई है, ताकि अंतिम समय की भीड़ और असुविधा से बचा जा सके।

यह स्पेशल ट्रेन नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी, गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़ और ब्रजराजनगर स्टेशनों पर ठहरेगी। इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध होगी।

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 की स्थिति में गाड़ी संख्या 08895 (इतवारी–मधुपुर) में 1 अगस्त को एसी-III में 94 और स्लीपर में 176 सीटें उपलब्ध हैं। वहीं 8, 15, 22 और 29 अगस्त की यात्राओं में भी एसी-III तथा स्लीपर दोनों श्रेणियों में पर्याप्त कन्फर्म सीटें उपलब्ध हैं।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08896 (मधुपुर–इतवारी) में 2, 9, 16, 23 और 30 अगस्त की यात्राओं के लिए भी एसी-III और स्लीपर श्रेणी में बड़ी संख्या में कन्फर्म बर्थ उपलब्ध होने की जानकारी रेलवे ने दी है।

रेलवे प्रशासन ने कहा है कि सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना उसका उद्देश्य है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे समय रहते आरक्षण कराकर अपनी यात्रा सुनिश्चित करें।

‘मन की बात’ में फिर गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम, मुख्यमंत्री ने जताया गर्व

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और जन-अभियानों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी मंच बन गया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री ने मल्हार की पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और अब कोरबा में जल संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। शासन के अनुसार, कोरबा में भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों के संरक्षण और वृक्षारोपण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों का शौर्य और बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने की भी अपील की।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही आगामी गणेशोत्सव के दौरान मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं के उपयोग और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सहभागिता का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार भी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, युवा और नागरिक उपस्थित रहे।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: 3000 लीटर डीज़ल की बचत, धुएँ की जगह छोड़ती है सिर्फ़ पानी

नई दिल्ली / जींद:  TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक ऐतिहासिक क़दम उठाया है. भारत की पहली पूर्णतः स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन ने पटरियों पर दौड़ना शुरू कर दिया है और अपनी शुरुआती यात्राओं में ही इसने कामयाबी की एक नई मिसाल पेश की है.

बीते 17 जुलाई, 2026 को दिल्ली क्षेत्र के जींद–सोनीपत रेलखंड पर इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था. ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, यह ट्रेन अब तक 1,200 किलोमीटर से अधिक की सफल यात्रा पूरी कर चुकी है. इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इतने सफ़र में इसने 3,200 लीटर से अधिक डीज़ल की बचत की है.

धुएँ की जगह निकलती है सिर्फ़ भाप

इस हाइड्रोजन ट्रेन की सबसे बड़ी ख़ासियत इसकी कार्यप्रणाली है. यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) से ट्रेन के भीतर ही बिजली पैदा करती है. इस प्रक्रिया से ट्रेन को चलने के लिए ज़रूरी ऊर्जा मिलती है.

हैरानी की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के बाद उप-उत्पाद (By-product) के रूप में केवल जलवाष्प (Water Vapour) या भाप निकलती है. यानी इस ट्रेन से न तो काला धुआँ निकलता है और न ही टेलपाइप से कार्बन का उत्सर्जन होता है. यह तकनीक इसे वर्तमान में रेल परिवहन की सबसे स्वच्छ तकनीक बनाती है.

पूर्णतः स्वदेशी और ताक़तवर

यह पूरी परियोजना भारतीय रेल के नेतृत्व में विकसित एक स्वदेशी पहल है. 10 कोच वाली इस विशाल ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार लगाई गई हैं, जो मिलकर 2,400 किलोवाट की शक्ति पैदा करती हैं. इसके साथ ही ट्रेन में ऊर्जा बैकअप के लिए आधुनिक लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरियाँ और हाइड्रोजन सिलेंडर भी लगाए गए हैं.

जींद में बना ख़ास 'हाइड्रोजन स्टेशन'

इस ख़ास ट्रेन को चलाने के लिए बुनियादी ढांचा भी ख़ास तैयार किया गया है. हरियाणा के जींद में भारतीय रेल की पहली समर्पित 'हाइड्रोजन भंडारण सुविधा' स्थापित की गई है. यहाँ 500 बार (Bar) के अत्यधिक दबाव पर ग्रीन हाइड्रोजन को स्टोर किया जाता है और 350 बार के दबाव पर इसे ट्रेन में भरा जाता है. इस स्टेशन की कुल क्षमता लगभग 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन स्टोर करने की है.

सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम

चूंकि हाइड्रोजन एक अति-ज्वलनशील गैस है, इसलिए ट्रेन में अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से सुरक्षा के बेहद कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. ट्रेन में ऐसे कई स्वतंत्र सेंसर्स और प्रणालियाँ लगी हैं, जो किसी भी तरह के हाइड्रोजन रिसाव, तापमान बढ़ने, आग या धुएँ का अपने-आप पता लगा लेती हैं. ख़तरे की स्थिति में 'ऑटोमैटिक शट-ऑफ़ सिस्टम' तुरंत काम करना शुरू कर देता है और निरंतर वेंटिलेशन की व्यवस्था बनी रहती है.

जींद–सोनीपत रेलखंड पर इसके सफल परिचालन के बाद अब रेलवे जल्द ही इसका परीक्षण दिल्ली मार्ग पर भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है.

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा: 'छात्रों का भविष्य विवादों से ऊपर', पीएम मोदी को भेजा त्यागपत्र

धर्मेंद्र प्रधान का यह इस्तीफ़ा नीट परीक्षा की गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के भारी आक्रोश और सरकार पर बन रहे राजनीतिक दबाव का सीधा नतीजा है. अब देखना यह है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े, सीबीआई जाँच और दोबारा परीक्षा के फ़ैसले से क्या सड़क पर उतरे छात्रों का ग़ुस्सा शांत हो पाएगा.
नई दिल्ली:  TODAY छत्तीसगढ़  / मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में हुई कथित अनियमितताओं और देशभर में जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है.

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई हिस्सों में नीट परीक्षा को लेकर छात्रों का उग्र आंदोलन चल रहा है. इसी बढ़ते दबाव और विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ने का यह अहम फ़ैसला लिया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए इस्तीफ़े का सार्वजनिक ऐलान किया और इसके पीछे की वजहें भी स्पष्ट कीं.

'छात्रों का भविष्य विवादों से ऊपर'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी अपनी चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि एक छात्र और शिक्षा के लिए उनका समर्पण दशकों पुराना है.

सोशल मीडिया पर साझा किए गए पत्र के अंश में उन्होंने लिखा, "पिछले चार दशक से अधिक समय से मैं छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूँ. मेरा हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि एक मज़बूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है. छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से ऊपर है." 

गिनाए सरकार के कदम

अपने इस्तीफ़े की घोषणा के साथ ही धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी परीक्षा (NEET-UG) को लेकर उठे विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय द्वारा उठाए गए क़दमों का भी ज़िक्र किया.

उन्होंने पत्र में लिखा, "3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें जैसे ही सामने आईं, सरकार ने तुरंत और सख़्त कार्रवाई की. मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जाँच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई है. साथ ही, पुरानी परीक्षा रद्द कर इसे दोबारा आयोजित कराने का फ़ैसला लिया गया है."

अगले साल से पूरी तरह बदलेगी परीक्षा प्रणाली

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की योजना का ज़िक्र करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. उन्होंने घोषणा की कि अगले साल से NEET परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT - Computer Based Test) मोड में आयोजित किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके.

माना जा रहा है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की हो रही चौतरफ़ा आलोचना के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए यह क़दम उठाया है. 

आनंद अग्रवाल हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजा आदेश किया निरस्त

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / सुप्रीम कोर्ट ने रायगढ़ के चर्चित आनंद अग्रवाल हत्याकांड में मृतक के परिजनों को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा दिए गए मुआवजे के आदेश को निरस्त कर दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजा नहीं दिया जा सकता कि मृतक आखिरी बार आरोपी की कार में देखा गया था और बाद में उसका शव बरामद हुआ।

न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजा तभी दिया जा सकता है, जब यह स्थापित हो कि वाहन का उपयोग ही मृत्यु का प्रत्यक्ष और कानूनी रूप से स्वीकार्य कारण बना। यदि वाहन के उपयोग और मृत्यु के बीच ऐसा संबंध साबित नहीं होता, तो अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होंगे।

मामले के अनुसार, 29 नवंबर 2009 को आनंद अग्रवाल अपने परिचित दिलीप अग्रवाल की कार में गए थे। तीन दिन बाद रायगढ़ जिले के बिंजकोट गांव के पास उनका शव मिला था। इस मामले में निचली अदालत ने दो आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराया था, लेकिन वर्ष 2015 में साक्ष्यों के अभाव में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया था।

मृतक की पत्नी और बच्चों ने दावा किया था कि हत्या कार के भीतर हुई थी, इसलिए यह मामला मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे का पात्र है। इस पर एमएसीटी ने ₹5.64 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया था, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने बढ़ाकर ₹8.60 लाख कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले की तुलना रीता देवी प्रकरण से नहीं की जा सकती। उस मामले में वाहन की चोरी ही अपराध का मुख्य उद्देश्य थी और वाहन का उपयोग अपराध से सीधे जुड़ा हुआ था, जबकि आनंद अग्रवाल मामले में ऐसा प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं हुआ।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मृतक के परिजनों को पहले ही मुआवजे की राशि का भुगतान किया जा चुका है, तो मानवीय आधार पर उनसे उस राशि की वसूली नहीं की जाएगी।

मुंगेली और लोरमी में एनएफएल रिटेल आउटलेट खोलने की मांग

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  /  केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल से नई दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने शिष्टाचार मुलाकात के दौरान मुंगेली और लोरमी में नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल) के रिटेल आउटलेट एवं अधिकृत डीलर नेटवर्क स्थापित करने का अनुरोध किया ।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस संबंध में केंद्रीय मंत्री को एक पत्र सौंपते हुए  केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने किसानों के हित से जुड़े इस विषय पर सकारात्मक सहयोग और आवश्यक पहल करने का आग्रह किया गया। प्रस्ताव का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना और कृषि गतिविधियों को सुविधा प्रदान करना बताया गया। 

मुलाकात के दौरान यह भी उम्मीद जताई गई कि यदि मुंगेली और लोरमी में एनएफएल के रिटेल आउटलेट एवं अधिकृत डीलर नेटवर्क स्थापित होते हैं, तो किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता आसान होगी, कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

पेपर लीक पर और सख्ती, कैबिनेट ने कानून में संशोधन को दी मंजूरी

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधनों को मंजूरी दे दी गई। सरकार का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों में पेपर लीक मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट, संगठित गिरोहों के खिलाफ अधिक कठोर दंड और भारी आर्थिक जुर्माने जैसे प्रावधान शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, संगठित अपराध से जुड़े मामलों में 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। संशोधन विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।

बैठक में मंत्रिमंडल ने 'भव्य रसायन (BHAVYA Rasayan)' योजना को भी मंजूरी दी। 3,030 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत देश में तीन समर्पित केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य रसायन क्षेत्र के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना तथा निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। केंद्र सरकार प्रत्येक केमिकल पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक की सहायता देगी।

सरकार का कहना है कि इन दोनों फैसलों का उद्देश्य एक ओर सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को मजबूत करना है, वहीं दूसरी ओर रसायन उद्योग के लिए बेहतर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर विनिर्माण और निवेश को गति देना है।

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन

नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 26 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया।
नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  / नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों की मांगों के समर्थन में 26 दिनों से अनशन कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया।

जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद वांगचुक ने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

वांगचुक ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मुद्दे और छात्रों की मांगों को लेकर अनशन शुरू किया था। उनके अनशन को लेकर विभिन्न संगठनों और लोगों ने भी समर्थन जताया था। 

फिलहाल, मुलाकात में हुई चर्चा और आगे की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

#VIDEO: पेपर लीक पर केंद्र सरकार ला सकती है सख्त कानून, प्रधानमंत्री का दावा

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के नाम जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाई की गई है और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अब इस तरह के मामलों में और कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था तथा कठोर सजा के प्रावधान वाले विधेयक का मसौदा तैयार हो चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी और मंजूरी मिलने के बाद इसे जल्द संसद में पेश करने का प्रयास किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे तथा परीक्षाओं पर उनका भरोसा मजबूत हो।


मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर आधुनिक ट्रैक्शन सिस्टम की तैयारी

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  /  मुंबई–अहमदाबाद 508 किलोमीटर लंबी हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना में सिविल निर्माण और ट्रैक बिछाने के साथ-साथ विद्युतीकरण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कॉरिडोर पर पहली बार 2×25 केवी ओवरहेड ट्रैक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है, जिसे 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए तैयार किया गया है।

परियोजना के तहत राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड से बिजली विशेष ग्रिड सबस्टेशनों के माध्यम से 14 ट्रैक्शन सबस्टेशनों तक पहुंचाई जाएगी। इनमें पांच महाराष्ट्र और नौ गुजरात में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 31 स्विचिंग पोस्ट और स्टेशनों, सिग्नलिंग तथा अन्य परिचालन सुविधाओं के लिए 16 डिस्ट्रीब्यूशन सबस्टेशन भी बनाए जा रहे हैं।

परियोजना में करीब 22 हजार स्टील मास्ट और 25,700 से अधिक कैंटिलीवर असेंबली के सहारे लगभग 1,125 ट्रैक किलोमीटर में ओवरहेड विद्युत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह एडवांस्ड कंपाउंड कैटेनरी सिस्टम भारत में पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे हाई-स्पीड ट्रेनों को लगातार और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

परियोजना में 'मेक इन इंडिया' पर भी विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर, ओएचई मास्ट के क्रॉस आर्म, ग्राउंड वायर, प्रोटेक्शन वायर, फीडर वायर सहित ट्रैक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन पावर सिस्टम के कई प्रमुख उपकरण अब देश में ही निर्मित किए जा रहे हैं। इससे आयात पर निर्भरता कम होने के साथ घरेलू उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा के लिहाज से परियोजना में भूकंप की प्रारंभिक पहचान प्रणाली भी विकसित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, 28 सिस्मोमीटर लगाए जाएंगे, जिनमें 22 कॉरिडोर पर ट्रैक्शन सबस्टेशन और स्विचिंग पोस्ट पर तथा छह भूकंप संभावित क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। भूकंपीय गतिविधि का पता चलते ही प्रणाली कुछ सेकंड के भीतर ट्रेनों को रोकने की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पूरे विद्युत नेटवर्क की निगरानी एक केंद्रीकृत कंट्रोल सेंटर से रियल टाइम में की जाएगी, जिससे हाई-स्पीड ट्रेनों का सुरक्षित और विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

ट्रेनी आईपीएस उदय कृष्ण रेड्डी पर यौन उत्पीड़न का केस दर्ज, महिला अधिकारी की शिकायत पर जांच शुरू

हैदराबाद। TODAY छत्तीसगढ़  / सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षणरत 2024 बैच के ट्रेनी आईपीएस अधिकारी उदय कृष्ण रेड्डी के खिलाफ उनकी सह-प्रशिक्षु महिला आईपीएस अधिकारी की शिकायत पर यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी, मारपीट और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, शिकायत 18 जुलाई को दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता महिला अधिकारी ने आरोप लगाया है कि जून से जुलाई के बीच आरोपी ने उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, अश्लील संदेश भेजे, ब्लैकमेल किया और उनकी निजी जानकारी का दुरुपयोग किया।

शिकायत में लगाए गए आरोपों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर महिला अधिकारी का निजी वीडियो बनाया, उनके निजी चैट देखे और वीडियो उनके पति को भेज दिया। महिला अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि 8 और 9 जुलाई को आरोपी ने उनके साथ जबरदस्ती की, मारपीट की, गला दबाने की कोशिश की, चाकू दिखाकर धमकाया तथा उनके साथ यौन उत्पीड़न किया।

पुलिस ने महिला अधिकारी की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66E और 67A के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

उदय कृष्ण रेड्डी आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बीच पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2012 में आंध्र प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के रूप में सेवा शुरू की थी। बाद में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। वर्तमान में वे राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

नोट: मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के आरोप हैं। इनकी सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

 

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