LATEST NEWS
Loading Latest News...
नई दिल्ली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
नई दिल्ली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

खाद की जमाखोरी करने वालों पर छत्तीसगढ़ में सख़्ती, जानिए दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से क्या बोले सीएम साय

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

लोकभवन में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धासुमन अर्पित

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन में वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। लोक भवन में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना एवं लोक भवन  के अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने भी रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी।

ओम बिरला का गर्मजोशी से स्वागत, लोकभवन बना खास मुलाकात का साक्षी

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के रायपुर आगमन पर गुरुवार को राजभवन स्थित लोकभवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने लोकसभा अध्यक्ष का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद रहे। सभी ने लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत कर उनका अभिनंदन किया।

लोकसभा अध्यक्ष के रायपुर दौरे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर विशेष तैयारियां की गई थीं। स्वागत समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों ने उनसे सौजन्य भेंट भी की।

गिरिराज सिंह से मुलाकात में विकास और जनकल्याण पर चर्चा

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय और निरंतर संवाद की भावना ने विकास कार्यों को नई गति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सहयोगात्मक दृष्टिकोण के चलते जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार, कौशल विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी।

सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित रहे।


राज्यसभा चुनाव में बीजेपी का क्लीन स्वीप, मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत

नई दिल्ली / भोपाल। TODAY छत्तीसगढ़  / मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार किए जाने के बाद भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं।

भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध विजयी घोषित करते हुए निर्वाचन प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन पर शपथ पत्र में कथित रूप से आपराधिक मामले और न्यायालय से संबंधित जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था। आपत्तियों की सुनवाई के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया था।

नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव परिणाम पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने चुनावी प्रक्रिया के बीच हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया।

गुजरात में भी भाजपा का दबदबा

मध्य प्रदेश के साथ-साथ गुजरात में भी भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में पूरी बाजी मार ली। राज्य की चारों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार राजू शुक्ल, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं।

इन परिणामों के बाद गुजरात से राज्यसभा में सभी 11 सदस्य भाजपा के हो गए हैं। साथ ही, वर्ष 2029 तक गुजरात से कांग्रेस का कोई भी राज्यसभा सांसद नहीं रहेगा।

राजनीतिक महत्व

मध्य प्रदेश और गुजरात में राज्यसभा चुनाव के नतीजों को भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम संगठनात्मक और रणनीतिक दृष्टि से बड़ा झटका माना जा रहा है, विशेषकर मध्य प्रदेश में उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने के बाद।

‘भारत भाग्य विधाता’ की स्क्रीनिंग में पहुंचे CM साय, डॉक्टरों और नर्सों के साहस को किया नमन


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी  पत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने परिवार के सदस्यों के साथ राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग में हिस्सा लिया। इस मौके पर आपातकालीन स्थितियों में बेहतरीन सेवा देने वाले ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित किया गया।

छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व की बात है कि इस ख़ास मौके पर मशहूर अभिनेत्री और सांसद सुश्री कंगना रनौत और छत्तीसगढ़ के सपूत मनोज तापड़िया मौजूद रहे।  मनोज तापड़िया के निर्देशन में बनी इस प्रेरणादायक फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग राज्य में हुई जिसे लेकर सरकार और अन्य जनप्रतिनिधित हर्षित नज़र आये । 

मुख्यमंत्री ने फिल्म की स्क्रीनिंग देखने के बाद अपनी प्रतिक्रया में कहा कि 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान, सैकड़ों लोगों की जान बचाने और घायलों की सेवा करने में डॉक्टरों, नर्सों और हेल्थकेयर वर्कर्स ने अपनी जान की परवाह किए बिना जो बेमिसाल साहस, संवेदनशीलता और समर्पण दिखाया—यह फिल्म उसी प्रेरणादायक गाथा को प्रभावशाली ढंग से पेश करती है। सेवा, साहस और मानवता के मूल्यों को हर व्यक्ति तक पहुंचाकर, यह फिल्म समाज को सकारात्मक प्रेरणा देगी। उन्होंने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को हार्दिक शुभकामनाएं भी दी हैं । 


अब अखबार में समोसा दिया तो सीधा जेल! FSSAI का बड़ा एक्शन

नई दिल्ली।  TODAY छत्तीसगढ़  /  समोसा, कचौरी और अन्य खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर बेचने वाले दुकानदारों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की पैकिंग, भंडारण या परोसने के लिए अखबार का उपयोग प्रतिबंधित है और नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

एफएसएसएआई ने कहा है कि अखबारों की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में सीसा (लेड), भारी धातुएं और अन्य हानिकारक रसायन मौजूद होते हैं। जब गर्म या तैलीय खाद्य पदार्थ अखबार के संपर्क में आते हैं, तो ये रसायन भोजन में मिल सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।

प्राधिकरण ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम-2018 का हवाला देते हुए कहा कि भोजन को रखने, लपेटने या परोसने के लिए अखबार अथवा किसी भी अप्रमाणित सामग्री का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

एफएसएसएआई के अनुसार यदि कोई दुकानदार चेतावनी के बावजूद खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर बेचता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की जेल अथवा पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

स्वास्थ्य के लिए क्यों खतरनाक है अखबार?

विशेषज्ञों के मुताबिक अखबारों में उपयोग होने वाली स्याही में मौजूद रसायन और भारी धातुएं गर्म भोजन के संपर्क में आने पर भोजन में घुल सकती हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन शरीर में विषैले तत्वों की मात्रा बढ़ा सकता है और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

एफएसएसएआई ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे अखबार में परोसे या पैक किए गए खाद्य पदार्थों से बचें और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदें।

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री साय की भाजपा नेतृत्व से अहम बैठक

नई दिल्ली।  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान भाजपा अध्यक्ष नीतिन नबीन से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की।

इस दौरान दोनों नेताओं के बीच संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति देने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

सूत्रों के अनुसार मुलाकात के दौरान राज्य में चल रही विकास योजनाओं, संगठन की गतिविधियों और आगामी रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि राज्य में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी बातचीत हुई।

अब बस्तर में बंदूक नहीं, विकास बोलेगा : अमित शाह

जगदलपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ जगदलपुर स्थित बादल अकादमी में आयोजित ‘उजर बस्तर’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPFs) के जवानों और नक्सल पीड़ितों से आत्मीय संवाद किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वीर जवानों के बलिदान, सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियानों और बस्तर के लोगों के साहस ने दशकों पुराने नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता दिलाई है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बंदूक नहीं, बल्कि विकास बोलेगा।

अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार बस्तर को शांति, विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर अब बदलाव के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार नया बस्तर गढ़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बस्तर बनाना है जो सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर हो। कार्यक्रम में शहीद परिवारों के सम्मान, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं को लेकर भी चर्चा की गई।

शहीद गुंडाधुर की जन्मस्थली से शुरू हुई नई जनसुविधा पहल


बस्तर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ बस्तर जिले के नेतानार गांव में शहीद वीर गुंडाधुर की पवित्र जन्मस्थली से ‘जन सुविधा केंद्र - सेवा डेरा’ का शुभारंभ किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय उत्पाद ‘बस्तरिहा इमली’ का स्वाद भी चखा।

सरकार की इस अभिनव पहल के तहत अब सुरक्षा शिविरों को जन सुविधा और कल्याण के आधुनिक केंद्रों ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में ग्रामीणों को एक ही स्थान पर डिजिटल सेवाएं, बैंकिंग सुविधा, स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास प्रशिक्षण, वनोपज प्रसंस्करण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ विकास और जनकल्याण को भी मजबूत करना है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भी उत्साह देखने को मिला। सरकार की इस पहल को बस्तर क्षेत्र में विकास और विश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

DMF घोटाला: पूर्व IAS अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

नई दिल्ली / रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) घोटाला मामले में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आरोप गंभीर जरूर हैं, लेकिन इनकी अंतिम पुष्टि ट्रायल के दौरान ही होगी।

बताया गया कि अनिल टुटेजा को इस मामले में 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि वे 21 अप्रैल 2024 से ही न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद हैं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से 2019 के कुछ व्हाट्सएप मैसेज का हवाला देते हुए आरोपों की गंभीरता बताई गई। वहीं, टुटेजा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मामले में सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। साथ ही केस में 85 गवाहों की जांच होना बाकी है, जिससे ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले की सुनवाई और अंतिम निर्णय आने में काफी समय लगने की संभावना है। ऐसे में मेरिट पर कोई टिप्पणी किए बिना अनिल टुटेजा को जमानत दिया जाना उचित होगा। DMF घोटाला छत्तीसगढ़ के चर्चित आर्थिक मामलों में शामिल रहा है, जिसमें खनिज निधि के दुरुपयोग और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस को मिली हाईटेक ताकत, अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को रायपुर पहुंचकर छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन CG Dial-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। माना पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और गृह मंत्री विजय शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम में अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों और 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सहायता को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित मदद उपलब्ध कराएगी।

नई डायल-112 सेवा में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इसके जरिए घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और तेज संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

यह सेवा 24 घंटे संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक तकनीक और ऑटोमैटिक कॉलर लोकेशन सिस्टम का उपयोग किया गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

वहीं ‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। लगभग 65 लाख रुपये लागत वाली प्रत्येक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स टेस्टिंग किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, बैलिस्टिक जांच उपकरण और गनशॉट रेजिड्यू परीक्षण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इन मोबाइल फॉरेंसिक वैन के जरिए घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संरक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा तथा साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूती मिलेगी। 

राज्य सरकार का कहना है कि नई तकनीक आधारित इन सेवाओं से अपराध नियंत्रण, आपातकालीन सहायता और न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता तथा आम जनता का विश्वास और मजबूत होगा।

रोमांचक यात्रा: 6000 किमी की नॉनस्टॉप उड़ान, भारत लौट रहे अमूर फाल्कन


नई दिल्ली।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  पिछले एक दशक से नॉर्थईस्ट इंडिया में अमूर फाल्कन के कंजर्वेशन के लिए लगातार कोशिशों में, नवंबर 2025 में मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में उनके स्टॉपओवर साइट (चिउलुआन) में तीन अमूर फाल्कन को सैटेलाइट-टैग किया गया।

दक्षिणी अफ्रीका में अपने नॉन-ब्रीडिंग ग्राउंड में चार महीने से ज़्यादा समय बिताने के बाद, इनमें से दो अमूर फाल्कन अपने स्प्रिंग माइग्रेशन पर हैं, और इंडिया के रास्ते फ़ार-ईस्ट एशिया में अपने ब्रीडिंग रीजन में लौट रहे हैं। सोमालिया से नॉर्थईस्ट इंडिया आते समय वे छह दिनों में लगभग 6000 km की नॉनस्टॉप उड़ान भरते हैं। 

‘अलंग’ नाम की एक टैग की हुई युवा मादा अमूर अभी इंडिया के वेस्ट कोस्ट की ओर जा रही है, और अरब सागर पार कर रही है, जिसकी शुरुआत कल सुबह सोमालिया से हुई थी। अभी, अच्छी हवा चलने पर, समुद्र पार करना तीन दिन का नॉनस्टॉप होगा। @MoEFCC से फंडिंग सपोर्ट के साथ, यह प्रोजेक्ट इंडिया में कम्युनिटी के नेतृत्व वाले कंजर्वेशन के सफल प्रयासों में से एक रहा है।

इसके साथ ही, इस शानदार छोटे रैप्टर के बारे में दिलचस्प जानकारी मिली है, जो एक लंबी दूरी का ट्रांस-हेमिस्फेरिक माइग्रेंट है, जो मैनेजमेंट और कंज़र्वेशन की कोशिशों को गाइड कर रहा है। 


शुभेंदु अधिकारी ने ली बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ


कोलकाता। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / बंगाल की राजनीति में आज सुबह बड़ा बदलाव हो गया है. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. उन्हें बंगाल के राज्यपाल ने शपथ दिलाई. शुभेंदु ने भवानीपुर में पूर्व सीएम ममता बनर्जी को हराया था. प्रोटोकॉल के हिसाब से ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह का न्योता भेजा गया था. 

शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कोलकाता स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किया गया. इस समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई दिग्गत नेता भी इस शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बने. 

शुभेंदु अधिकारी के साथ-साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक, खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली. 8 मई को अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे जहां शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया था. शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया. इसके बाद शुभेंदु ने कोलकाता में राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की और विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था. 

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 207 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की थी. वहीं, टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमटकर रह गई और उसके 15 सालों के शासन का खात्मा हो गया.


शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने किया ऐलान


कोलकाता।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुनते हुए राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम की घोषणा की।

बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने नई सरकार का एजेंडा स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ और गोतस्करी के मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिया मुक्त बंगाल” नई सरकार का प्रमुख संकल्प होगा। शाह ने कहा कि केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश से घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर निकालने का काम किया जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जीत केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, “राष्ट्रीय सुरक्षा में जो सबसे बड़ा छिद्र था, उसे इस जीत ने बंद करने का काम किया है।” शाह ने दावा किया कि अब पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार होने से घुसपैठ और गोतस्करी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

अमित शाह ने कहा कि बंगाल सरकार और केंद्र सरकार मिलकर अंतरराष्ट्रीय सीमा को “अभेद्य दुर्ग” में बदलने का काम करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा ध्रुवीकरण का नहीं बल्कि देश की सुरक्षा का है। गृह मंत्री ने राज्य में राजनीतिक हिंसा और कटमनी प्रथा समाप्त करने का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बंगाल में भय और हिंसा का माहौल बनाया गया था, लेकिन जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर भरोसा जताकर पार्टी को प्रचंड जनादेश दिया है। बीजेपी की इस जीत को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है और शुभेंदु अधिकारी राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री होंगे।

जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट के फैसले पर लगी रोक, अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगा दी है. एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की तरफ से दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. जिसके खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. जहां 23 अप्रैल को हुई सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने  अमित जोगी को दोषी ठहराए जाने के फैसले पर रोक लगाई है. जो उनके लिए बड़ी राहत मानी जा रही है.  

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है. जिसमें हाईकोर्ट ने अमित जोगी को जग्गी हत्याकांड में आरोपी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करने के लिए भी कहा गया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया है. सर्वोच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगा दी है. जग्गी हत्याकांड 2003 में हुआ था. यह छत्तीसगढ़ बनने के बाद कोई पहला हाईप्रोफाइल मामला था. जिसमें अमित जोगी का नाम सामने आया था. ऐसे में यह मामला पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा में था. 

अमित जोगी ने लगाई थी दो याचिका 

अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिका लगाई थी. जिसमें पहली याचिका में सीबीआई से संबंधित अपील दायर करने के मामले में थी. दूसरी याचिका में हाई कोर्ट के मुख्य फैसले को चुनौती दी गई थी. जिसमें उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी. अमित जोगी के वकीलों ने तर्कों के आधार पर सजा पर रोक लगाने या निरस्त करने की मांग की थी. ऐसे में अमित जोगी के लिए फिलहाल राहत मिली है. 

जग्गी हत्याकांड से जुड़ा है मामला 

मामला रायपुर के कारोबारी और एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है. 4 जून 2003 को रायपुर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी. जिसमें अजित जोगी का नाम सामने आया था. 2007 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया था. लेकिन जग्गी के बेटे ने इस फैसले के खिलाफ याचिका लगाई थी. जिसमें हाई कोर्ट ने 2026 में अमित जोगी को दोषी पाया था. इसके बाद उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई थी. 23 साल पुराने इस मामले में अब एक बार फिर बड़ा फैसला आ गया है. 


जग्गी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट से अमित जोगी को राहत नहीं, 23 अप्रैल को अगली सुनवाई


नई दिल्ली/रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सोमवार को दो जजों की बेंच ने उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए सरेंडर पर रोक देने से इनकार कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।

अमित जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं। एक याचिका हाईकोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर पर स्थगन के लिए एक जज के चैंबर में प्रस्तुत की गई, जबकि दूसरी याचिका दो जजों की बेंच के समक्ष लगाई गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि सरेंडर पर राहत का निर्णय संबंधित जज के चैंबर में ही लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान मृतक नेता रामअवतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी के वकील भी अदालत में उपस्थित रहे। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए मामले को 23 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया है।

गौरतलब है कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने वर्ष 2003 के इस चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को दोषी ठहराया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के 31 मई 2007 के फैसले को पलट दिया था। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि समान साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों को दोषी ठहराना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को त्रुटिपूर्ण और साक्ष्यों के विपरीत बताया था।

मामले के अनुसार, 4 जून 2003 की रात रायपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीबीआई जांच में इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए अमित जोगी को मुख्य आरोपी बनाया गया था। जांच के दौरान गवाहों के बयान, कॉल डिटेल और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर साजिश की पुष्टि हुई थी। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था और समय सीमा में पालन न होने पर गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए गए थे।

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से की मुलाकात, बस्तर विकास का रोडमैप सौंपा


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास के बाद गुरुवार सुबह रायपुर लौट आए। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि प्रवास के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तथा सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश से मुलाकात हुई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से नक्सलवाद की समस्या से मुक्ति दिलाने के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही बस्तर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि देश की जनता का विश्वास एनडीए और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बना हुआ है। असम सहित विभिन्न राज्यों में पार्टी की स्थिति मजबूत है और आगामी चुनावों में बेहतर परिणाम की उम्मीद है। साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इस अधिनियम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिसका वे स्वागत करते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

तेंदुलकर के परिवार का ‘लो-प्रोफाइल’ बिलासपुर दौरा, गांवों और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में मंगलवार तड़के एक ऐसा दौरा हुआ, जिसकी जानकारी 24 घंटे तक सार्वजनिक नहीं हुई। भारत रत्न और देश के के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के परिवार के सदस्य अंजलि तेंदुलकर, सारा तेंदुलकर और सानिया चांडक शहर पहुंचे और सीमित दायरे में विभिन्न स्थानों का दौरा किया। इस पूरे कार्यक्रम को बेहद कम प्रोफाइल रखा गया और इसकी जानकारी केवल चुनिंदा अधिकारियों तक ही सीमित रही।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, तीनों सदस्य सुबह करीब 5:30 बजे बिलासपुर पहुंचे और मंगला चौक स्थित कोर्टयार्ड मेरिओट होटल में ठहरे। होटल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय रही, हालांकि आम लोगों की आवाजाही या भीड़ से बचने के लिए कार्यक्रम को सार्वजनिक नहीं किया गया। 

ATR के गांवों का दौरा और स्थानीय लोगों से संवाद

दोपहर के समय यह दल अचानकमार क्षेत्र के छपरवा-बम्हनी गांव पहुंचा। यहां उन्होंने पैदल भ्रमण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने ग्रामीणों से उनकी जीवनशैली, जरूरतों और दैनिक चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान बच्चों के साथ बातचीत और एक नवजात शिशु को गोद में लेने जैसे दृश्य भी सामने आए। यह दौरा औपचारिक कार्यक्रम की बजाय जमीनी स्तर पर स्थितियों को समझने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस

बुधवार यानी आज सुबह यह दल गनियारी स्थित एक जन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, जहां उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। यहां फुलवारी केंद्र का निरीक्षण किया गया और डॉक्टरों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। सूत्रों का कहना है कि यह दौरा किसी सामाजिक संस्था के आमंत्रण पर हुआ और स्वास्थ्य क्षेत्र में संभावित सहयोग पर भी बातचीत हुई।

गोपनीयता और प्रशासनिक तैयारी

इस दौरे की एक प्रमुख विशेषता इसकी गोपनीयता रही। जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की, लेकिन कार्यक्रम को सार्वजनिक नहीं होने दिया गया।सम्भवतः इस तरह के दौरे में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जानकारी सीमित रखी है।”

क्या संकेत देता है यह दौरा?

कुछ जानकारों का मानना है कि इस तरह के दौरे यह संकेत देते हैं कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग अब सीधे जमीनी स्तर पर जाकर सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस दौरे से जुड़े किसी औपचारिक बयान या भविष्य की योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


बाप-बेटे को पुलिस कस्टडी में बर्बरता और मौत पर चला कानून का डंडा, 9 पुलिसवालों को मौत की सजा


नई दिल्ली।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  तमिलनाडु की मदुरै डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बाप-बेटे की पुलिस कस्टडी में मौत मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. मदुरै कोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल 2026) को बिजनेसमैन पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स की हिरासत में हुई मौत के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई है. दोषियों में शामिल पुलिस इंस्पेक्टर श्रीधर पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

केस बारे में पढ़कर दिल कांप उठता है: कोर्ट

कोर्ट ने जिन पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई है उसमें इंस्पेक्टर श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर बालाकृष्णन और रघु गणेश और पुलिसकर्मी मुरुगन, समदुरई, मुथुराजा, चेल्लादुरई, थॉमस फ्रांसिस और वेइलुमुथु शामिल हैं. कोर्ट ने कहा, 'पिता और बेटे को बदले की भावना से निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया था. इसके बारे में पढ़कर दिल कांप उठता है. अगर बेंच की निगरानी नहीं होती तो सच दबकर रह जाता.' 

सीबीआई ने की थी फांसी की मांग

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज पेश किए गए, जबकि आम तौर पर ऐसे मामलों में ऐसा नहीं होता. मदुरै डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में कई ईमानदार पुलिस अधिकारी हैं और यह फैसला पुलिस के बीच डर पैदा नहीं करेगा. पुलिस हिरासत में टॉर्चर और उसके बाद हुई मौत मामले में सीबीआई ने अधिकतम सजा के रूप में फांसी या बिना पैरोल की संभावना के आजीवन कारावास की मांग की थी.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 19 जून, 2020 को शुरू हुआ, जब मोबाइल की दुकान चलाने वाले जयराज और बेनिक्स को लॉकडाउन के दौरान तय समय से अधिक दुकान खुली रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. कुछ ही दिनों में दोनों की मौत हो गई. घरवालों ने आरोप लगाया था कि पुलिस कस्टडी में उनके साथ मारपीट की गई थी.

इसके बाद मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य की सीबी-सीआईडी ​​से जांच का जिम्मा संभालने वाली सीबीआई ने इस मामले में 10 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए लोगों में एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और कई कांस्टेबल शामिल थे. बाद में एजेंसी ने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया. (साभार / abp न्यूज़)

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com