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PM की श्रद्धांजलि से भावुक हुए CM, असम के इतिहास के कठिन दौर को याद करते हुए कांग्रेस शासन पर लगाए गंभीर आरोप


 गुवाहाटी। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की असम यात्रा को राज्य के लिए भावुक और ऐतिहासिक क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक क्षेत्र में प्रधानमंत्री द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने और शहीद खरगेश्वर तालुकदार की प्रतिमा पर माल्यार्पण से असम के इतिहास के वे कठिन दौर याद आ गए, जब कांग्रेस शासन के दौरान राज्य को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 860 लोगों की स्मृति में बनाए गए नए शहीद स्मारक क्षेत्र का दौरा किया और पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय अवैध घुसपैठ को बढ़ावा मिला, ‘धरती के बेटों’ का नरसंहार हुआ और असम को आर्थिक संकट की ओर धकेला गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति इससे भिन्न है, जब राज्य में विकास को लेकर उत्सव का माहौल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री न केवल असम की संस्कृति की रक्षा में हुए बलिदानों को सम्मान दे रहे हैं, बल्कि राज्य के विकास के लिए पूर्ववर्ती प्रधानमंत्रियों की तुलना में कहीं अधिक निवेश भी कर रहे हैं। सरमा ने कहा कि यह बदलाव असम के लिए नई दिशा और नई उम्मीद का प्रतीक है, जिससे राज्य तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है।

वन्यजीव कॉरिडोर में हादसा: हाथियों के झुंड से टकराई राजधानी एक्सप्रेस, कोई हताहत नहीं


गुवाहाटी |
  TODAY छत्तीसगढ़  /  राज्य के नागांव जिले के कामपुर इलाके में चंगजुराई के पास बीती रात बड़ी दुखद घटना हुई. सैरांग से दिल्ली जाने वाली 20507 राजधानी एक्सप्रेस के एक झुंड से टकरा जाने से सात जंगली हाथियों की मौत हो गई. इससे पशु प्रेमियों को गहरा सदमा पहुंचा है. यह घटनास्थल गुवाहाटी से लगभग 126 किमी दूर हुई.

टक्कर की वजह से राजधानी एक्सप्रेस के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री को चोट नहीं आई. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घायल यात्रियों को कुछ समय के लिए दूसरे डिब्बों की खाली बर्थ में बिठाया गया.  

रेलवे का आधिकारिक बयान

उत्तर–पूर्व सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है, वहीं प्रभावित रेल मार्ग पर यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं।  

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने डिविजनल हेडक्वार्टर के सीनियर अधिकारियों के साथ एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेनें मौके पर भेजी. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के जनरल मैनेजर और लुमडिंग के डिविजनल रेलवे मैनेजर समेत सीनियर रेलवे अधिकारी रेस्टोरेशन के काम की देखरेख के लिए मौके पर पहुंचे. यात्रियों की मदद के लिए गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर हेल्पलाइन नंबर 0361-2731621 / 2731622 / 2731623 जारी किए गए.

इस हादसे की खबर लगते ही वन विभाग के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे (हाथी) के लिए इमरजेंसी में इलाज का इंतजाम किया. जानवरों के डॉक्टरों की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई और मरे हुए हाथियों का पोस्टमॉर्टम किया. इस बीच जंगल के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बछड़े के लिए इमरजेंसी इलाज का इंतजाम किया.

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा रात करीब 2.17 पर घने कोहरे के बीच हुआ, जब जंगली हाथियों का एक झुंड पास की पहाड़ियों से नीचे आया और रेलवे ट्रैक पर चला गया. सात हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक हाथी का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया.

 

वीबी-जी राम जी बिल को लेकर राहुल गांधी का हमला, कहा—ग्रामीण गरीबों का सहारा छीना


नई दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र की मोदी सरकार पर 20 वर्ष पुरानी मनरेगा योजना को समाप्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने संसद से पारित नए ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक को गांव और गरीब विरोधी करार दिया।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ‘वीबी-जी राम जी’ बिल मनरेगा का पुनर्गठन नहीं, बल्कि इसे खत्म करने की साजिश है। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार ने एक ही दिन में 20 साल पुरानी मनरेगा योजना को ढहा दिया। राहुल गांधी के अनुसार, मनरेगा ने ग्रामीण मजदूरों को सौदेबाजी की ताकत दी, जिससे शोषण और मजबूरी में होने वाला पलायन कम हुआ, मजदूरी बढ़ी और कामकाजी हालात बेहतर हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस योजना की ताकत कमजोर करना चाहती है। काम की सीमा तय कर और काम से इनकार के नए रास्ते बनाकर यह विधेयक ग्रामीण गरीबों के इकलौते सहारे को कमजोर करता है। 

राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब देश की अर्थव्यवस्था ठप पड़ गई थी, तब मनरेगा ने करोड़ों लोगों को भूख और कर्ज में डूबने से बचाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से महिलाओं को सबसे अधिक लाभ मिला और हर वर्ष आधे से अधिक कार्य-दिवस महिलाओं के नाम रहे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस विधेयक को बिना पर्याप्त चर्चा और जांच के संसद में जल्दबाजी में पारित किया गया। विपक्ष की मांग के बावजूद इसे संसदीय स्थायी समिति के पास नहीं भेजा गया।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीण गरीबों की आखिरी सुरक्षा को खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी मजदूरों, पंचायतों और राज्यों के साथ मिलकर इस कानून को वापस लेने के लिए देशव्यापी आंदोलन करेगी।

उल्लेखनीय है कि संसद ने गुरुवार देर रात ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक पारित किया, जो 20 वर्ष पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लागू किया जाएगा।

MP के टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में मोबाइल बैन


भोपाल।  TODAY छत्तीसगढ़  / मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पर्यटकों के मोबाइल फोन पर अब पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। कोर क्षेत्र में सफारी के दौरान पर्यटक मोबाइल से फोटो और वीडियो नहीं बना सकेंगे। यह व्यवस्था 16 दिसंबर से कान्हा, सतपुड़ा, पेंच, बांधवगढ़ समेत प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में लागू होगी।

सुप्रीम कोर्ट के 17 नवंबर के आदेश के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) शुभरंजन सेन ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। आदेश में कहा गया है कि कोर एरिया में मोबाइल फोन के उपयोग से वन्यजीवों के स्वाभाविक विचरण और व्यवहार में बाधा आती है, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

बफर जोन में नाइट सफारी पर भी रोक

इसके साथ ही टाइगर रिजर्व के बफर जोन में नाइट सफारी भी बंद कर दी गई है। 1 दिसंबर 2025 से प्रदेशभर में रात्रिकालीन सफारी पर रोक लागू है। अब पर्यटकों को केवल दिन और शाम की सफारी की अनुमति दी जाएगी। वन विभाग का कहना है कि इन निर्णयों से टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को शांत और सुरक्षित वातावरण मिलेगा और संरक्षण कार्यों को मजबूती मिलेगी। 

छत्तीसगढ़ के गेड़ी नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन, यूनेस्को ने सराहा


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ राज्य के बिलासपुर जिले की सांस्कृतिक संस्था ‘लोक श्रृंगार भारती’ के गेड़ी लोक नृत्य दल द्वारा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के आमंत्रण पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।  7 से 13 दिसम्बर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समारोह में 180 देशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहीं। समारोह में बिलासपुर के गेड़ी नर्तक दल ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को काफी सराहा गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गेडी नर्तक दल को बधाई और शुभकामनाएं दीं है l 

समारोह का ऐतिहासिक क्षण तब आया जब भारत के महापर्व दीपावली को यूनेस्को द्वारा विश्व सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्रदान की गई। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल की प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली गेड़ी नृत्य की भावपूर्ण और साहसिक प्रस्तुति से केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” कहकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। 

मुख्य गायक एवं नृत्य निर्देशक अनिल गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में गेड़ी नृत्य दल ने अपने सशक्त, ऊर्जावान एवं रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, विभिन्न राज्यों के कलाकारों सहित 180 देशों के डेलिगेट्स उपस्थित रहे। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित 180 देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिए 

मुख्य गायक अनिल गढ़ेवाल द्वारा प्रस्तुत “काट ले हरियर बांसे” गीत ने विदेशी प्रतिनिधियों के मन में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति गहरी जिज्ञासा उत्पन्न की। वहीं मुख्य मांदल वादक मोहन डोंगरे द्वारा एक ही स्थान पर घूमते हुए मांदल वादन किया। हारमोनियम वादक सौखी लाल कोसले एवं बांसुरी वादक महेश नवरंग की स्वर लहरियों पर विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि झूम उठे। गेड़ी नर्तकों प्रभात बंजारे, सूरज खांडे, शुभम भार्गव, लक्ष्मी नारायण माण्डले, फूलचंद ओगरे एवं मनोज माण्डले ने साहसिक करतबों से दर्शकों को रोमांचित किया। विशेष रूप से तब, जब एक गेड़ी पर संतुलन बनाते हुए कलाकारों ने मानवीय संरचनाएं बनाईं, पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा।

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा, कौड़ियों व चीनी मिट्टी की मालाएं, पटसन वस्त्र, सिकबंध एवं मयूर पंख धारण कर प्रस्तुत भाव नृत्य ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिया व छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाने के लिए शुभकामनाएं दी।

संगीता बरुआ बनीं प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की पहली महिला अध्यक्ष


नई दिल्ली। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) के हालिया चुनाव में संगीता बरुआ ने अध्यक्ष पद पर शानदार जीत दर्ज की है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की पहली महिला अध्यक्ष बन गई हैं। उनके पूरे पैनल ने भी चुनाव में सफलता हासिल की।

अध्यक्ष पद के लिए संगीता बरुआ को कुल 1019 मत प्राप्त हुए। उपाध्यक्ष पद पर जतिन गांधी ने 1029 मतों के साथ विजय हासिल की, जबकि महासचिव पद पर अफजल इमाम 948 मतों के साथ निर्वाचित हुए। इससे पहले सुनील कुमार (संयुक्त सचिव) और अदिति राजपूत (कोषाध्यक्ष) अपने-अपने पदों पर निर्विरोध चुने जा चुके थे।

भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव: नितिन नवीन बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष


नई दिल्ली।
  TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री नितिन नवीन को अपना राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। यह राज्य से जुड़े एक वरिष्ठ नेता के लिए एक बड़ा संगठनात्मक पदोन्नयन माना जा रहा है। वह भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में से एक हैं। यह निर्णय भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया और इसकी घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से की गई। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

नितिन नवीन वर्तमान में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं और उन्हें भाजपा में एक अनुभवी संगठनात्मक नेता माना जाता है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके करीबी समन्वय के लिए पहचाने जाने वाले नितिन नवीन ने बिहार में पार्टी के जमीनी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के साथ भी व्यापक रूप से काम किया है और युवा कार्यकर्ताओं के बीच संगठनात्मक मजबूती खड़ी करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है।

बिहार में अपने कार्य के अलावा, नितिन नवीन ने राज्य प्रभारी के रूप में भी सेवाएँ दी हैं, जिससे उन्हें अपने गृह राज्य से बाहर संगठनात्मक प्रबंधन का अनुभव मिला है। वर्षों के दौरान उन्होंने कई संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ निभाई हैं और एक अनुशासित नेता के रूप में पहचान बनाई है, जिनके पार्टी कार्यकर्ताओं और राज्य नेतृत्व से मजबूत संबंध हैं।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में, नितिन नवीन की जिम्मेदारी होगी कि वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करें, संगठनात्मक मामलों की देखरेख करें और देशभर में भाजपा की राजनीतिक एवं चुनावी रणनीतियों को लागू करने में सहयोग करें।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। जनवरी 2020 में पदभार संभालने वाले नड्डा को 2024 के लोकसभा चुनाव सहित कई अहम राजनीतिक चरणों के दौरान पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कई बार कार्यकाल विस्तार दिया गया था। हालिया संगठनात्मक फेरबदल भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में संक्रमण काल का संकेत देता है।

नितिन नवीन कौन हैं?

नितिन नवीन बिहार से भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। उनका जन्म पटना में हुआ था। वह दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक थे। पिता के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति में प्रवेश किया।

नितिन नवीन पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2006 में पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने बांकीपुर विधानसभा सीट से 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार चार बार जीत दर्ज की।

2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा को निर्णायक अंतर से हराया था। हाल के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बांकीपुर सीट से 51,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। 

#KOPRACALLING: बिलासपुर जिले का कोपरा जलाशय राज्य का पहला रामसर साइट घोषित, भारत ने बढ़ाई पर्यावरणीय ताकत


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / भारत ने छत्तीसगढ़ के कोपरा जलाशय (बिलासपुर) और राजस्थान की सिलिसेर झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले आर्द्र स्थलों की रामसर सूची में शामिल कर लिया है। इन दो नए स्थलों के जुड़ने से देश में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 96 हो गई है। 

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने ऑफिशियली सोशल हेंडल X पर ट्वीट करके ख़ुशी वक्त करते हुए पक्षी संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताई है साथ ही यह उपलब्धि प्रदेश में इको-टूरिज्म व स्थानीय रोजगार के नए अवसर खोलेगी और वेटलैंड संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को भी मजबूत करेगी। 

कोपरा जलाशय : छत्तीसगढ़ का नया रामसर स्थल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में स्थित कोपरा जलाशय (स्थल संख्या 2583) महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बना एक महत्वपूर्ण जलाशय है। मूल रूप से सिंचाई के लिए निर्मित यह क्षेत्र आज आसपास की कृषि भूमि और गांवों का आधार है।

जलाशय के विस्तृत खुले जल क्षेत्र में उथले और पोषक तत्वों से समृद्ध बैकवाटर मौजूद हैं, जो इसे पारिस्थितिकी की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाते हैं। यहां 60 से अधिक प्रवासी पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जो घोंसले बनाने, भोजन और प्रवास के दौरान ठहरने के लिए इस पर निर्भर रहती हैं।

इनमें संकटग्रस्त greater spotted eagle (Aquila clanga) and the endangered Egyptian vulture (Neophron percnopterus) खासतौर पर उल्लेखनीय हैं। प्राकृतिक सौंदर्य और पक्षी अवलोकन के कारण यह स्थल स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। हालांकि, गाद जमाव, आक्रामक प्रजातियों और कृषि विस्तार के कारण यह क्षेत्र खतरे का सामना कर रहा है। संरक्षण उपाय प्रस्तावित हैं, पर प्रबंधन योजना अभी तैयार की जानी है। 



सिलिसेर झील : राजस्थान का महत्वपूर्ण मानव-निर्मित आर्द्र क्षेत्र

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सिलिसेर झील (स्थल संख्या 2581) सरिस्का टाइगर रिज़र्व के बफर ज़ोन में बनी एक ऐतिहासिक मानव-निर्मित झील है। अर्ध-शुष्क क्षेत्र में स्थित यह झील आसपास की जैव विविधता के लिए एक प्रमुख जल स्रोत का कार्य करती है।

यहां 149 पक्षी और 17 स्तनधारी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इनमें संकटग्रस्त रिवर टर्न तथा लुप्तप्राय बाघ प्रमुख हैं। यह झील काली सारस की विश्व आबादी के 1% से अधिक को भी सहारा देती है, जो इसे वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बनाता है।

उन्नीसवीं सदी के मध्य में निर्मित यह झील समय के साथ एक सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान बन चुकी है। सिलिसेर लेक पैलेस से घिरी यह झील स्थानीय समुदाय को लंबे समय से पेयजल उपलब्ध कराती रही है और पर्यटन का प्रमुख आकर्षण भी रही है। मगर बढ़ती कृषि गतिविधियाँ और मानव बस्तियों का विस्तार इसके लिए चुनौती बने हुए हैं। फिलहाल इसके संरक्षण और पुनर्स्थापन की योजना पर काम जारी है।

IndiGo पर केंद्र सरकार की सख्ती, उड़ानों में 5% कटौती; 10 एयरपोर्ट पर भेजे गए वरिष्ठ अधिकारी


नई दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / लगातार उड़ानें रद्द होने, यात्रियों को हो रही परेशानी और व्यवस्था में अव्यवस्था की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने इंडिगो एयरलाइंस पर कड़ा कदम उठाया है। कार्रवाई के 8वें दिन सरकार ने इंडिगो की उड़ानों में 5 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया है। इसके तहत रोजाना लगभग 115 उड़ानें अब कम होंगी, जिन्हें सरकार अन्य एयरलाइन कंपनियों को आवंटित करेगी।

यात्रियों की लगातार बढ़ती शिकायतों और अनियमित शेड्यूल को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। उड़ानें घटाए जाने के साथ ही 10 वरिष्ठ अधिकारियों को देश के 10 बड़े एयरपोर्ट्स पर तैनात किया गया है, ताकि वे यात्रियों की समस्याओं को सीधे समझ सकें और तत्काल समाधान सुनिश्चित कर सकें।

सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एयरपोर्ट पर सुविधाओं, देरी से उड़ान की जानकारी, सीट व्यवस्था, रिफंड प्रक्रिया और कस्टमर सपोर्ट सिस्टम की निगरानी करें, ताकि यात्रियों को परेशानियों से राहत मिल सके।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। एयरलाइन कंपनियों को चेतावनी दी गई है कि यात्रियों की असुविधा को हल्के में लेने पर कार्रवाई अपरिहार्य होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के विवादित फैसले पर लगाई रोक, यौन हिंसा मामलों में टिप्पणी पर बनेगी गाइडलाइन


दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस निर्णय पर रोक लगा दी है, जिसमें कहा गया था कि नाबालिग लड़की के ब्रेस्ट दबाना, पायजामे का नाड़ा तोड़ना और उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना ‘दुष्कर्म के प्रयास’ की श्रेणी में नहीं आता। सर्वोच्च न्यायालय ने इस फैसले पर सख्त रुख अपनाते हुए टिप्पणी की कि यौन अपराध से जुड़े संवेदनशील मामलों पर अदालतों की टिप्पणी पीड़िता और समाज पर गंभीर असर डालती है, इसलिए जरूरत है कि न्यायिक मर्यादा के अनुरूप दिशानिर्देश तय किए जाएं।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में ट्रायल IPC की धारा 376 (दुष्कर्म) और POCSO एक्ट की धारा 18 (रेप की कोशिश) के तहत ही चलेगा। अदालत ने इस पर रोक लगाते हुए कहा कि संवेदनशील मामलों में अदालतों के शब्द समाज में गलत संदेश न दें।


यह मामला NGO ‘वी द वीमेन ऑफ इंडिया’ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सामने आया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि देश के विभिन्न हाई कोर्ट ऐसे मामलों में आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं, जिससे सामाजिक मानसिकता और न्यायिक दृष्टिकोण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अधिवक्ता ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक अन्य फैसले का हवाला देते हुए कहा कि एक पीड़िता के नशे में होने पर कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि “आप खुद मुसीबत को बुला रहे हैं।” इसी तरह के बयान कलकत्ता और राजस्थान हाई कोर्ट के मामलों में भी दर्ज हैं।


सुनवाई के दौरान CJI ने कहा,

“न्यायपालिका को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। कभी-कभी ऐसे बयान दिए जाते हैं जो पीड़ित पर उल्टा असर डालते हैं और समाज में गलत संदेश पहुंचाते हैं।”

सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि यौन हिंसा से जुड़े मामलों में अदालतों के लिए जल्द ही मार्गदर्शक सिद्धांत तैयार किए जाएंगे, ताकि न्यायिक टिप्पणियां न्यायिक गरिमा और सामाजिक संवेदनशीलता के अनुरूप हों। 


वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी के नाम को लेकर विवाद, दिल्ली कोर्ट ने जारी किया नोटिस


नई दिल्ली।
 TODAY छत्तीसगढ़  / दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उस याचिका पर आधारित है जिसमें आरोप लगाया गया कि 1980-81 की वोटर लिस्ट में उनका नाम गलत तरीके से शामिल किया गया था। अदालत ने इस मामले में दिल्ली सरकार को भी नोटिस भेजा है और पूरे केस का रिकॉर्ड (TCR) मंगाया है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय है, जिसमें सोनिया गांधी और राज्य सरकार को अपना जवाब देना होगा।

याचिकाकर्ता का दावा

 विकास त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की 1980 की वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम मौजूद था, जबकि भारतीय नागरिकता उन्हें अप्रैल 1983 में मिली। याचिकाकर्ता ने मजिस्ट्रेट द्वारा शिकायत खारिज किए जाने के आदेश को भी चुनौती दी है।

भाजपा ने भी सवाल उठाए ।13 अगस्त को भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी यह दावा किया था कि सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट में दो बार शामिल था, जबकि वे उस समय भारतीय नागरिक नहीं थीं। उन्होंने इसे चुनावी कानून के उल्लंघन का उदाहरण बताते हुए सोशल मीडिया पर विस्तार से आरोप साझा किए थे। 

पहली बार नाम शामिल (1980) 

1 जनवरी 1980 को वोटर लिस्ट में संशोधन के दौरान सोनिया गांधी का नाम पोलिंग स्टेशन 145 में क्रम संख्या 388 पर जोड़ा गया, जबकि वे इटली की नागरिक थीं। नाम हटाया और फिर जोड़ा (1983): विरोध के बाद 1982 में नाम हटाया गया, लेकिन 1983 की सूची में फिर से शामिल किया गया। उस समय भी वे भारतीय नागरिक नहीं थीं, क्योंकि नागरिकता उन्हें 30 अप्रैल 1983 को मिली। मालवीय ने सवाल उठाया कि भारतीय नागरिकता लेने में 15 साल का समय क्यों लगा और कैसे एक ही व्यक्ति का नाम बिना नागरिकता के दो बार मतदाता सूची में शामिल हो सकता है।

रायपुर में करणी सेना की महापंचायत, राजगीत का अपमान; पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन में जुटे मुठ्ठी भर लोग


रायपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / राजधानी में सूदखोरी के आरोपी हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह और रोहित तोमर के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में रविवार को राजपूत करणी सेना ने महापंचायत आयोजित की। संगठन से जुड़े कार्यकर्ता अलग-अलग जिलों से रायपुर पहुंचे और तोमर परिवार के घर के सामने मैदान में इकट्ठा हुए।

महापंचायत के बाद करणी सेना के प्रतिनिधि शाम चार बजे गृहमंत्री विजय शर्मा के शासकीय निवास के सामने पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। सेना की ओर से यह कार्रवाई आठ सूत्रीय मांग पत्र के आधार पर की जा रही है।


कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ी राजगीत ‘अरपा पैरी के धार’ को बजाकर की गई। लेकिन आयोजन के दौरान कई कार्यकर्ता गीत बजने के समय बैठे रहे, जिससे विवाद की स्थिति बनी। राजगीत के दौरान खड़े होकर सम्मान देने का नियम अधिसूचित है और पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में प्रकरण दर्ज करने पर विचार किया जा रहा है। 
सेना क्या मांग कर रही है ?

करणी सेना का कहना है कि तोमर परिवार और संगठन से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक और आधारहीन हैं। संगठन ने सरकार से निम्न मांगें की हैं — प्रमुख मांगों में संबंधित टीआई और सीएसपी पर कार्रवाई, सूदखोरी प्रकरणों में दर्ज एफआईआर को निरस्त किया जाये, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली की जाँच समेत अन्य मुद्दे हैं।  


गृहमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय ने फिलहाल इस मामले पर टिप्पणी नहीं की है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों और मांगों को विधि अनुसार जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

पुतिन का भारत दौरा: राष्ट्रपति भवन में मिला गार्ड ऑफ ऑनर


नई दिल्ली ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। दौरे का आज दूसरा दिन है, जहां राष्ट्रपति पुतिन ने औपचारिक कार्यक्रमों की शुरुआत राष्ट्रपति भवन पहुंचकर की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पुतिन ने राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी से हाथ मिलाया, जिसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। पहले रूस का और उसके बाद भारत का राष्ट्रगान बजा।

सम्मान ग्रहण करने के बाद पुतिन ने गार्ड का निरीक्षण किया और फिर दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ औपचारिक मुलाकात की। इसके बाद रूसी राष्ट्रपति, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी के साथ राष्ट्रपति भवन से प्रस्थान कर राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहां से वे हैदराबाद हाउस जाएंगे, जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठकें होंगी।

गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचे थे पुतिन। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं पहुंचकर रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें रूसी भाषा में अनुवादित ‘गीता’ की प्रति भेंट की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने लिखा— “गीता की शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं।” एयरपोर्ट पर पुतिन के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसकी पुतिन ने सराहना की। इसके बाद दोनों नेता एक ही वाहन से एयरपोर्ट से रवाना हुए। (IANS)

RAIPUR: ट्रैफिक समस्या को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, रिंग रोड-1 की सर्विस रोड होगी 11 मीटर चौड़ी


नई दिल्ली/रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर शहर की ट्रैफिक समस्या को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों पर केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएच-53 रिंग रोड नंबर-1 की सर्विस रोड चौड़ीकरण परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

संसद भवन में हुई विशेष मुलाकात के दौरान सांसद अग्रवाल ने रायपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, स्थानीय नागरिकों को हो रही समस्या और सर्विस रोड की अपर्याप्त चौड़ाई का मुद्दा मजबूती से उठाया। उनके तथ्यात्मक और जनहितकारी तर्कों से प्रभावित होकर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने तुरंत परियोजना को मंजूरी देते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।

5 मीटर से बढ़कर 11 मीटर होगी सर्विस रोड

सांसद अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के मुताबिक मौजूदा 5 मीटर सर्विस रोड को बढ़ाकर 11 मीटर किया जाएगा। यह चौड़ीकरण टाटीबंध से तेलीबांधा के बीच किया जाना है, जो शहर का सबसे व्यस्त मार्ग है और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन आता है।

तेजी से बढ़ते शहरीकरण से बढ़ा ट्रैफिक

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि रिंग रोड-1 को कभी शहर की सीमा के बाहर बनाया गया था, लेकिन तेज शहरीकरण के कारण इसके आसपास अब बड़ी आवासीय कालोनियां और व्यावसायिक परिसरों का विकास हो चुका है। ऐसे में भारी और स्थानीय वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे 5 मीटर चौड़ाई पर्याप्त नहीं रह गई।

जाम से राहत, आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुगम

सर्विस रोड के चौड़ीकरण से स्थानीय यातायात को मेन हाईवे से अलग किया जा सकेगा। 11 मीटर चौड़ी लेन पर वाहनों का दबाव विभाजित होगा, जिससे एनएच-53 पर जाम की समस्या में कमी आएगी। साथ ही आम नागरिकों, व्यापारी वर्ग, कार्यालय आने-जाने वालों एवं एंबुलेंस/आपात वाहनों की आवाजाही में उल्लेखनीय सुधार होगा।

“जनहित मेरा पहला लक्ष्य” — सांसद अग्रवाल

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुरवासियों की सुविधा और सुरक्षित यातायात व्यवस्था उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति रायपुर की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण जीत है।

पुलिस के हत्थे चढ़ी साइको किलर पूनम, चार मासूमों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा


पानीपत। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  हरियाणा में बच्चों की रहस्यमयी मौतों का सिलसिला एक सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया है। पानीपत पुलिस ने ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसे पुलिस साइको किलर बता रही है। आरोप है कि वह अब तक चार मासूम बच्चों की हत्या कर चुकी है, जिनमें तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल हैं।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पूनम को सुंदर बच्चियों से नफरत थी। इसी नफरत के चलते वह उन्हें पानी में डुबोकर मौत के घाट उतार देती थी। चौंकाने वाली बात यह है कि उसका निशाना उसके सगे-संबंधियों के बच्चे ही होते थे। 2023 में सोनीपत में अपनी ही भांजी की हत्या कर दी। शक न जाए, इसलिए अपने बेटे को भी उसी के साथ पानी में डुबोकर मार डाला। ताज़ा मामला तीन महीने पहले का है, जब उसने मायके में भतीजी की हत्या उसी तरीके से कर दी।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पूनम ने अपने अपराधों को स्वीकार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उसकी आपराधिक मानसिकता और पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है।

वाटरशेड महोत्सव 2025: रील बनाओ इनाम पाओ, सर्वश्रेष्ठ रील के लिए 50 हजार इनाम


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / जल संरक्षण एवं वाटरशेड विकास कार्यो में जनभागीदारी बढ़ाने तथा जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से केन्द्र एवं राज्य शासित प्रदेश सरकारों के सहयोग से जलग्रहण विकास कार्यो में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भूमि संसाधन विभाग द्वारा ‘‘वाटरशेड महोत्सव‘‘ का आयोजन किया जा रहा हैं। ‘‘वाटरशेड महोत्सव‘‘ अंतर्गत बिलासपुर जिले में विभिन्न गतिविधियों के साथ ‘‘सोशल मीडिया प्रतियोगिता‘‘ का आयोजन किया जायेगा। यह प्रतियोगिता 31 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जायेगी। इच्छुक व्यक्ति जल संचय संरचनायें, बागवानी, कृषि, वानिकी एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना डब्ल्यूडीसी 2.0 एवं 1.0 सहित जलग्रहण योजनाओं के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं और उनसे लाभान्वित समुदाय को दर्शाते हुये 30 से 60 सेकण्ड का लघु विडियों, रील या फोटो तैयार कर सकता हैं। 

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये प्रतिभागियों को https://wdcpmksy.dolr.gov.in/registerMahotsav वेबसाईट पर पंजीकरण करना होगा और सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर हैशटैग WDC-PMKSY-WatershedMahotsav2025 के साथ ऑनलाईन अपना कंटेंट पोस्ट करना अनिवार्य होगा। प्रतियोगिता अवधि समाप्त होने के पश्चात् 31 जनवरी 2026 शाम 6 बजे तक प्रतिभागियों को पोस्ट के रीच, व्यूज, इंगेजमेंट, लाईक, शेयर और कमेंट का स्क्रीन शॉट पोर्टल पर जमा करना होगा। विजेताओं का चयन रीच 45 प्रतिशत, इंगेजमेंट 25 प्रतिशत, विषय की प्रासंगिकता 10 प्रतिशत, रचनात्मकता व मौलिकता 10 प्रतिशत एवं दृश्य तथा तकनीकी गुणवत्ता 10 प्रतिशत के आधार पर किया जावेगा जिसमें सर्वश्रेष्ठ रील के लिये 50 हजार रूपये एवं फोटोग्राफ के लिये 1 हजार रूपये की राशि के पुरस्कार दिये जायेंगे। कंटेंट जमा करने के बाद पूर्ण रूप से डीओएलआर के कॉपीराईट के अधीन होगी, जिसका उपयोग विभिन्न प्रचार एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिये सरकार द्वारा किया जा सकता हैं। प्रतियोगिता के नियमों के तहत् अश्लील एवं कृत्रिम रूप से बढ़ाये गये व्यूज आदि अस्वीकार्य होेंगे और सभी प्रतिभागी कानूनी नियमों के तहत् जिम्मेदार होंगे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद: मध्यप्रदेश के टाइगर रिज़र्व में नाइट सफारी पर आज से पूर्ण प्रतिबंध


भोपाल।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिज़र्व में रात्रिकालीन सफारी अब पूरी तरह बंद हो गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 17 नवम्बर 2025 को T.N. Godavarman बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में दिए गए आदेश के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने शुक्रवार को यह निर्देश जारी किए। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि देशभर में नाइट टूरिज़्म पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा और सभी राज्यों को NTCA (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) की पर्यटन संबंधी गाइडलाइन्स का सख्ती से पालन करना होगा। यह आदेश आज 1 दिसंबर 2025 से प्रभावशील होगा। 

जारी पत्र में उल्लेख है कि सर्वोच्च न्यायालय ने नाइट टूरिज़्म को बाघ संरक्षण के हित में प्रतिबंधित करते हुए सामुदायिक आधारित पर्यटन व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे पर्यटन गतिविधियों को नियंत्रित कर ऐसी प्रणाली विकसित करें जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में बाधा न हो। 

आदेश के तहत मध्यप्रदेश के सभी क्षेत्र संचालकों को त्वरित प्रभाव से रात्रिकालीन सफारी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही बताया गया है कि सभी टाइगर रिज़र्व प्रबंधन इस आदेश की सूचना स्थानीय स्तर पर तुरंत प्रसारित करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी नाइट सफारी वाहिकाएँ जंगल में प्रवेश न करें।

वन विभाग द्वारा जारी इस आदेश की प्रति राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), नई दिल्ली के सदस्य सचिव तथा राज्य सरकार के संबंधित विभागों को भी भेजी गई है।

वन विभाग का मानना है कि नाइट सफारी बंद होने से जंगल के वन्यजीवों को रात के समय होने वाली मानव गतिविधियों से मुक्ति मिलेगी और बाघ संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

बिलासपुर कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सिद्धांशु मिश्रा शहर अध्यक्ष और महेंद्र गंगोत्री ग्रामीण अध्यक्ष बने


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  कांग्रेस हाईकमान ने बिलासपुर जिले के संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए सिद्धांशु मिश्रा को शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष और महेंद्र गंगोत्री को ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों नेताओं के कांग्रेस भवन पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। निवर्तमान ग्रामीण जिला अध्यक्ष विजय केसरवानी ने भी पुष्पगुच्छ भेंटकर नए अध्यक्षों का अभिनंदन किया।

नियुक्ति के बाद ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। वे संगठन को और मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि धान खरीदी की अव्यवस्था, बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती और रजिस्ट्री दरों में भारी बढ़ोतरी ने जनता की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं।

गंगोत्री ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण धरना दे रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वॉटर कैनन चलाना और नेताओं पर FIR दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा वोटर सूची में कटौती की रणनीति अपना रही है, लेकिन कांग्रेस इसे सफल नहीं होने देगी। 
मस्तूरी से चुनाव लड़ने के सवाल पर महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि “कांग्रेस के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा चुनाव है। लक्ष्य सभी छः विधानसभा सीटें जीतना है।”
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने अपनी नियुक्ति के लिए कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश में “डबल इंजन नहीं, डबल ढोंग की सरकार चल रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्य ठप हैं, जनता परेशान है और भाजपा सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने में जुटी है। 
मिश्रा ने बिजली बिल हाफ योजना बंद करने, रजिस्ट्री दरों में भारी बढ़ोतरी और धान खरीदी की अव्यवस्था पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। हाल ही में मुख्यमंत्री के पोस्टर पर चप्पल फेंकने की घटना पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस मर्यादा में विश्वास करती है, परंतु वर्षों से भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस नेतृत्व का अपमान किया गया है। “हम ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करते, लेकिन जैसा आचरण मिलेगा, वैसा जवाब भी दिया जाएगा,”  

उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस जल्द ही एसआईआर, बिजली दरों और धान खरीदी जैसे मुद्दों पर बड़ा आंदोलन शुरू करने जा रही है। मिश्रा ने दावा किया कि बिलासपुर कांग्रेस अपने सबसे सक्रिय दौर में है और आगामी चुनाव में शहर व ग्रामीण दोनों मोर्चों पर भाजपा को कड़ी चुनौती दी जाएगी।

कुल मिलाकर, बिलासपुर कांग्रेस में हुए इस संगठनात्मक बदलाव ने जिले की राजनीति में नई हलचल ला दी है। शहर और ग्रामीण दोनों मोर्चों पर नए अध्यक्षों ने भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक रणनीति का संकेत देकर आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान बढ़ने का संकेत दे दिया है।

रायपुर में DGP/IGP कॉन्फ्रेंस का पहला दिन, सुरक्षा तंत्र पर हुई गहन चर्चा


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /   राजधानी रायपुर में आयोजित DGP/IGP कॉन्फ्रेंस के पहले दिन देश की सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत मंथन किया गया। देशभर से पहुंचे शीर्ष पुलिस अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक चुनौतियों और आधुनिक policing से जुड़े मुद्दों पर अपने अनुभव और विचार साझा करते नजर आए। इस आशय का ट्वीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर किया है। 

सम्मेलन के दौरान अधिकारियों ने बतौर मंच इसका महत्व रेखांकित करते हुए कहा कि यह कॉन्फ्रेंस देशभर के पुलिस बलों के लिए सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों और नवीन नवाचारों को साझा करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। बदलती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए आपसी समन्वय और तकनीकी उन्नयन पर भी विशेष जोर दिया गया।

पहले दिन की बैठकों में राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर साइबर क्राइम, कानून-व्यवस्था और खुफिया व्यवस्था को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर व्यापक विमर्श हुआ। सम्मेलन के आगामी सत्रों में भी कई अहम विषयों पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।

DGP/IGP Conference: विकसित भारत के लिए पुलिसिंग का रोडमैप तैयार, श्रेष्ठ पुलिस स्टेशनों को सम्मानित किया गया


रायपुर / नई दिल्ली ।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  देश की आंतरिक सुरक्षा और आधुनिक दौर के उभरते खतरों से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित डीजी कॉन्फ्रेंस में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन में यह स्पष्ट किया गया कि देश को नई चुनौतियों से सुरक्षित रखने के लिए इंटेलिजेंस की सटीकता, मकसद की स्पष्टता और एक्शन में बेहतर तालमेल सबसे अहम है।

विकसित भारत के लक्ष्य के लिए पुलिसिंग का खाका तैयार

इस उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस में हुई विचार-विमर्श से ‘विकसित भारत’ के संकल्प को ध्यान में रखते हुए भविष्य की पुलिसिंग का रोडमैप तैयार करने में महत्वपूर्ण दिशा मिली है। रणनीतिक दृष्टिकोण, आधुनिक तकनीक का बढ़ता उपयोग, साइबर खतरे, सीमा सुरक्षा और आंतरिक खुफिया तंत्र को और मजबूत बनाने जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे।

श्रेष्ठ पुलिस स्टेशनों को मिला सम्मान

सम्मेलन के दौरान देश के तीन सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशनों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और उल्लेखनीय कार्यशैली के लिए पुलिस मेडल व ट्रॉफी प्रदान की गई। इन स्टेशनों को जनसेवा, अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और नवाचार के आधार पर चुना गया है। सम्मान वितरण के समय अधिकारियों ने कहा कि यह प्रेरणादायी पहल पुलिस बल को और अधिक प्रोफेशनल और जिम्मेदार बनने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

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