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सड़क के बीच बिजली के खंभे देख भड़के अरुण साव, जांच के दिए निर्देश

बिलासपुर / TODAY छत्तीसगढ़  / उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने कहा है कि समय की मांग बदल रही है, इसलिए अधिकारी वर्तमान के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर दूरदर्शी कार्ययोजना बनाएं। विकास कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में विलंब को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करने की बात कही। श्री साव आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित अधिकारियों की बैठक में शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला एवं दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित सभी जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

      प्रभारी मंत्री श्री साव ने बिल्हा के बरतोरी से मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच  बिजली के खंभे खड़े किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला पंचायत सीईओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक से अनुपस्थित रहने वाले चार अधिकारियों के प्रति भी प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के सीईओ तथा रतनपुर नगरपालिका के सीएमओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा करते रहने और मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान 

श्री साव ने कहा कि बिलासपुर शहर में पहली ही बारिश में जलभराव की स्थिति सामने आई है। इससे निपटने के लिए अभी से ऐसी बेहतर और स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे आने वाले वर्षों में शहरवासियों को इस समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सड़कों पर गड्ढे और क्षति की स्थिति बनती है। विभागीय अधिकारी इसकी तैयारी अभी से रखें, ताकि बारिश समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने निर्माण विभागों की अलग से बैठक लेकर कार्यों की विस्तृत समीक्षा करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं।

मौसमी बीमारियों की रोकथाम के

प्रभारी मंत्री ने मलेरिया सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने गांव स्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा मितानिन स्तर तक आवश्यक एवं मूलभूत दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि कोटा विकासखंड में अब तक मलेरिया के 48 मरीज मिले हैं। इनमें 6 मरीज उपचाररत हैं, जबकि अन्य मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। रोटरी क्लब के सहयोग से प्रभावित क्षेत्र में 1500 मच्छरदानियों का वितरण किया जा रहा है।

पर्याप्त बारिश से फसलों की स्थिति 

  कृषि विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में पर्याप्त बारिश होने से फसलों की स्थिति अच्छी है। बांधों में भी पर्याप्त जलभराव है। जिले में खाद-बीज की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में समितियों में लगभग 300 क्विंटल बीज तथा 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी, यूरिया सहित अन्य उर्वरक उपलब्ध हैं। श्री साव ने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन जरूरी है। उन्होंने किसानों को इसकी जानकारी देने और गांव-गांव शिविर लगाकर पंजीयन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीयन के अभाव में एक भी किसान धान बेचने से वंचित नहीं होना चाहिए।

वीबी-जी रामजी योजना में काम स्वीकृत करें

जिला पंचायत की योजनाओं की समीक्षा के दौरान श्री साव ने वीबी-जी रामजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत फील्ड की वास्तविक जरूरतों के आधार पर कार्य स्वीकृत किए जाएं। मुक्तिधाम, शौचालय, स्कूलों की मरम्मत, जल संरक्षण, छोटे बांध सहित स्थानीय आवश्यकता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने गांवों में जल संरक्षण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने और पानी बचाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें से 219 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। प्रभारी मंत्री ने योजनाओं के निरंतर संचालन एवं रखरखाव के लिए जनभागीदारी से जल अर्पण अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने वाटर रिचार्जिंग के लिए जिले में जनभागीदारी के साथ किए गए प्रयासों की सराहना की।

मल्हार और रतनपुर के समन्वित विकास 

श्री साव ने ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के समन्वित एवं सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों ऐतिहासिक स्थलों की विरासत, पर्यटन संभावनाओं और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार की जाए। नगर विकास की समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना विकास और साफ-सफाई के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिलासपुर में आईएसडीपी योजना के तहत निर्मित आवासों की आवश्यक मरम्मत कराकर पात्र गरीब परिवारों को शीघ्र आवंटित करने को कहा। जीवनदीप और आयुष समिति की बैठक में कई प्रस्ताव स्वीकृत किए । समीक्षा बैठक के बाद जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति तथा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की आयुष समिति की बैठक आयोजित की गई। इन बैठकों में अस्पताल एवं महाविद्यालय की आवश्यक सुविधाओं और विकास कार्यों से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री साव द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।

छत्तीसगढ़ में 24 IFS अधिकारियों की नई पदस्थापना, कई DFO बदले

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। राज्य शासन ने भारतीय वन सेवा (IFS) के 24 अधिकारियों की नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। तबादला सूची में कई जिलों के वन मंडलाधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। कुछ अधिकारियों को मुख्यालय, टाइगर रिजर्व, वन विकास निगम और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश 8 अगस्त 2026 को जारी किया गया।

कई जिलों के वन मंडलों में बदले अधिकारी

राज्य शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार गणवीर धम्मशील को वन विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर में विशेष सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं उत्तम कुमार गुप्ता को प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र निदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर बनाया गया है।

दुलैश्वर प्रसाद साहू को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मनेंद्रगढ़ और पंकज राजपूत को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), रायपुर की जिम्मेदारी दी गई है। प्रभाकर खलखो को प्रभारी वन संरक्षक, कार्य आयोजन वनमंडल, सरगुजा अंबिकापुर पदस्थ किया गया है।

इसके अलावा संदीप बलगा को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), पूर्व भानुप्रतापपुर, मयंक पाण्डेय को गरियाबंद और सत्यदेव शर्मा को धर्मजयगढ़ पदस्थ किया गया है।

सरगुजा, महासमुंद और कठघोरा में भी नई पोस्टिंग

श्रीनिवास तन्खे को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), महासमुंद की जिम्मेदारी दी गई है। जितेन्द्र कुमार उपाध्याय को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), कटघोरा पदस्थ किया गया है।

संजय यादव को खैरागढ़ और कुमार निशात को मरवाही भेजा गया है। वहीं प्रतिनियुक्ति से वापस लौटे पंकज कुमार कमल को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), बलौदाबाजार पदस्थ किया गया है।

बस्तर और कांकेर में भी बदले अधिकारी

तबादला सूची में वन्यजीव और बस्तर क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण पद भी शामिल हैं। पुष्पलता टंडन को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), सारंगढ़-बिलाईगढ़ और लोकनाथ पटेल को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), सरगुजा अंबिकापुर बनाया गया है।

शाशिनंदन के. को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), कांकेर की जिम्मेदारी मिली है। वहीं दिपेश कपिल को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), बस्तर जगदलपुर और चंद्र कुमार अग्रवाल को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), दुर्ग पदस्थ किया गया है।

वन विकास निगम और मुख्यालय में भी जिम्मेदारियां

अभिषेक जोगावत को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, नवा रायपुर में उप महाप्रबंधक के पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। रौनक गोयल को कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है।

रोम्या चांद को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। वहीं ऋषभ जैन को भी छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ किया गया है। चंद्रशेखर शकरसिंह फरदेसी को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), कोरिया और विपुल अग्रवाल को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), सूरजपुर की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रतिनियुक्ति से लौटे अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी

आदेश में प्रतिनियुक्ति से वापस लौटे अधिकारियों को भी नई पदस्थापना दी गई है। सभी अधिकारियों को आदेश के अनुसार नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। 


नांदघाट-मुंगेली सड़क अब होगी फोरलेन, 137.81 करोड़ रुपये की मंजूरी

बेमेतरा के नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक जाने वाली सड़क अब टू-लेन नहीं, बल्कि फोरलेन बनेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए अतिरिक्त 21.81 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। पहले इस मार्ग के निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपये स्वीकृत थे। अब कुल 137.81 करोड़ रुपये की लागत से 36.40 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन किया जाएगा।
TODAY छत्तीसगढ़  / राज्य शासन ने नांदघाट-मुंगेली मार्ग को फोरलेन करने के लिए अतिरिक्त राशि की स्वीकृति दे दी है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद गुरुवार को राशि स्वीकृति का पत्र जारी किया गया।

वर्ष 2024 में सीआरआईएफ योजना के तहत नांदघाट-मुंगेली मार्ग के टू-लेन निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए अधिकारियों को सड़क को टू-लेन से फोरलेन में उन्नयन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद शासन ने अब इसके लिए 21 करोड़ 81 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है।

36.40 किलोमीटर सड़क का होगा निर्माण

पूर्व में स्वीकृत 116 करोड़ रुपये और नई स्वीकृति के 21.81 करोड़ रुपये को मिलाकर परियोजना की कुल लागत 137.81 करोड़ रुपये हो गई है। इस राशि से नांदघाट और मुंगेली के बीच 36.40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। 

रायपुर से मुंगेली-मध्यप्रदेश का सफर होगा आसान

नांदघाट-मुंगेली मार्ग को फोरलेन करने की मांग क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे थे। सड़क के फोरलेन बनने से मुंगेली, लोरमी, पंडरिया और इसके आगे मध्यप्रदेश के क्षेत्रों से राजधानी रायपुर आने-जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इससे आवागमन तेज होने के साथ ही यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री तथा नवागढ़ विधायक दयालदास बघेल ने सड़क को फोरलेन के रूप में स्वीकृति मिलने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार जताया है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को भी इस स्वीकृति के लिए बधाई दी।

सर्पदंश राहत प्रकरणों में राजस्व अधिकारियों के संरक्षण की मांग

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की जिला इकाई, बिलासपुर ने संभागायुक्त सुनील जैन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सर्पदंश जनित मृत्यु के राहत प्रकरणों में राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को आपराधिक जांच में शामिल किए जाने पर चिंता व्यक्त की है।

संघ की ओर से अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि यदि किसी प्रकरण में मिथ्या शपथपत्र, जाली हस्ताक्षर, फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कूटरचित दस्तावेज अथवा अन्य असत्य अभिलेखों के आधार पर न्यायालय से आदेश प्राप्त किए गए हैं, तो कार्रवाई उन व्यक्तियों के विरुद्ध होनी चाहिए जिन्होंने ऐसे दस्तावेज तैयार किए, प्रमाणित किए या न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए, न कि उन राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध जिन्होंने उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वैधानिक आदेश पारित किए।

ज्ञापन में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदा राहत संबंधी मामलों में राजस्व न्यायालय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेते हैं। ऐसे में यदि बाद में दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो उनकी जवाबदेही संबंधित दस्तावेज तैयार करने या प्रस्तुत करने वाले व्यक्तियों की होनी चाहिए।

संघ ने मांग की है कि सर्पदंश राहत प्रकरणों में न्यायालय को कथित रूप से गुमराह करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रभावी जांच और अभियोजन सुनिश्चित किया जाए तथा ऐसे मामलों को केवल सामान्य धोखाधड़ी नहीं, बल्कि "Fraud upon the Court" (न्यायालय से छल) के रूप में देखा जाए।

ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया है कि न्यायाधीश (संरक्षण) अधिनियम, 1985 तथा राज्य शासन के 14 अक्टूबर 2024 के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए, जिनके तहत राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को विधिक संरक्षण प्राप्त है। संघ का कहना है कि केवल न्यायिक आदेश पारित करने के आधार पर, बिना प्रत्यक्ष और ठोस साक्ष्य के, अधिकारियों पर आपराधिक उत्तरदायित्व निर्धारित नहीं किया जाना चाहिए।

संघ ने राज्य शासन से यह भी मांग की है कि प्राकृतिक आपदा राहत प्रकरणों की जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के बीच समन्वित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर लागू किया जाए, ताकि राहत योजनाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अपर कलेक्टर डॉ. ज्योति पटेल, एसडीएम मनीष साहू, प्रवेश पैकरा, शिवकुमार कंवर, नितिन तिवारी, डिप्टी कलेक्टर गबेल सहित प्रशासनिक सेवा संघ के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

'अन्नपूर्णा' ग्रेन एटीएम से हितग्राहियों को मिलेगा त्वरित राशन

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और हितग्राही-केंद्रित बनाने की दिशा में बिलासपुर के सरकंडा में निर्माणाधीन 'अन्नपूर्णा' ग्रेन एटीएम का शनिवार को खाद्य संचालक, छत्तीसगढ़ शासन फरिहा आलम सिद्दीकी ने आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, खाद्य संचालक ने कहा कि ग्रेन एटीएम शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से पात्र हितग्राहियों को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने और सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि ग्रेन एटीएम के संचालन के बाद पात्र हितग्राही मशीन के माध्यम से निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। शासन के अनुसार, जिस प्रकार एटीएम से किसी भी समय नकदी निकाली जा सकती है, उसी प्रकार ग्रेन एटीएम से भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशन प्राप्त किया जा सकेगा। इससे खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी, मानव हस्तक्षेप कम होगा तथा वितरण में सटीकता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

निरीक्षण के दौरान सहायक खाद्य अधिकारी राजीव लोचन तिवारी, जिला प्रबंधक नान नितिन दीवान, नगर निगम के अभियंता रमणदीप छाबड़ा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

खाद्य संचालक ने अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रेन एटीएम का निर्माण निर्धारित समय में पूरा कर आम नागरिकों को इसका लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डिजिटल सुशासन को नई दिशा देने का सरकार का दावा, सेवा सेतु पर 564 सेवाएं उपलब्ध

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य में डिजिटल सुशासन और तकनीक आधारित सेवाओं के विस्तार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। विभाग के अनुसार, सेवा सेतु, भारतनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल कनेक्टिविटी के माध्यम से नागरिकों को अधिक सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स (CHiPS) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मयंक अग्रवाल ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल पर वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। उनके अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, एसएमएस एवं व्हाट्सएप सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

विभाग का दावा है कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत जनवरी 2024 से अब तक 1,273 मोबाइल टावर शुरू किए जा चुके हैं। वहीं भारतनेट फेज-3 के तहत ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, जिसके लिए केंद्र सरकार से 3,928 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि राज्य सरकार ने सीएम आईटी फेलोशिप शुरू की है, जिसके तहत 50 चयनित युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और शासकीय विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है।

विभाग के अनुसार, विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को भी मजबूत किया जा रहा है। इनमें खनिज ऑनलाइन 2.0, एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS), वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पारस पोर्टल, बस्तर मुन्ने पोर्टल और डिजिटल द्वार जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

विभाग ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के तहत एआई आधारित कौशल विकास, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई डेटा लैब स्थापित की जा रही हैं। साथ ही, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के सहयोग से 105.3 करोड़ रुपये की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित करने के लिए समझौता किया गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सचिव अंकित आनंद ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से नागरिकों तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाना तथा छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करना है।

जल जीवन मिशन पर मुख्य सचिव की समीक्षा, हर घर तक पेयजल पहुंचाने पर जोर

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल जीवन मिशन (हर घर नल) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ मिशन के क्रियान्वयन और लंबित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन से महिलाओं का समय बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में कार्ययोजना तैयार की जाए और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों से हर माह मिशन की प्रगति की समीक्षा करने को भी कहा।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि पूर्ण और हस्तांतरित योजनाओं का 31 अगस्त तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वहीं, अधूरी योजनाओं को 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने को भी कहा।

मुख्य सचिव ने जल स्रोतों के संरक्षण और रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने के लिए जिला स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने, नए जल स्रोतों की पहचान करने तथा आवश्यकता होने पर वैकल्पिक स्रोत विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल से वंचित नहीं रखा जा सकता।

बैठक में सोलर आधारित नल-जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने योजना-वार वित्तीय विश्लेषण, रनिंग बिलों का समय पर भुगतान तथा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर और अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर योजनाओं को पूरा करने पर जोर दिया।

बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बिना लाइसेंस उर्वरक-कीटनाशक कारोबार पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई

रायपुर/दुर्ग। TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर नकली, अमानक और अवैध उर्वरक-कीटनाशकों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग जिले के ग्राम चिंगरी (अंडा) में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कृषि विभाग के अनुसार, बिना वैध अनुज्ञप्ति के उर्वरक एवं कीटनाशकों के निर्माण, भंडारण और विक्रय के आरोप में दो गोदामों को सील कर बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की गई है।

कृषि विभाग ने बताया कि जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल को चंद्राकर किराना स्टोर्स परिसर में अवैध रूप से जैव उत्प्रेरक और कीटनाशकों के निर्माण एवं भंडारण की सूचना मिली थी। निरीक्षण के दौरान गोदाम बंद मिला। विभाग के अनुसार, किरायेदार वरुण त्रिपाठी को मौके पर बुलाया गया, लेकिन सहयोग नहीं मिलने पर मकान मालिक, पंचों और ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर गोदाम का ताला खुलवाया गया।

विभाग का दावा है कि निरीक्षण में बिना लाइसेंस जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण के लिए कच्चा माल, तैयार उत्पाद, पैकिंग मशीनें और बड़ी मात्रा में रॉ मटेरियल मिला। जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं।

कार्रवाई के दौरान जैव उत्प्रेरक, कीटनाशक, उर्वरक, रसायनों से भरे ड्रम, पैकिंग एवं सीलिंग मशीनों सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए। विभाग ने बताया कि सभी सामग्री को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जब्त कर गोदामों को सील कर दिया गया है।

कृषि विभाग के अनुसार, संबंधित संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

उप संचालक कृषि संदीप भाई ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने, नकली या अमानक कृषि आदानों के निर्माण, कालाबाजारी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि यदि कहीं नकली या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक अथवा कीटनाशकों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी शिकायत कृषि विभाग को करें।

रैली के दौरान घायल 16 पुलिस जवानों से मिले पुलिस कमिश्नर

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  रायपुर में बुधवार को एक रैली के दौरान कानून-व्यवस्था ड्यूटी में तैनात 16 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, बैरिकेडिंग के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर पत्थर और बोतलें फेंके जाने से यह स्थिति बनी। घायलों में एक महिला आरक्षक भी शामिल है, जबकि दो पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला अस्पताल पहुंचे और भर्ती पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की स्थिति और उपचार के संबंध में जानकारी ली तथा सभी को समुचित इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

पुलिस के अनुसार, घायल जवान कलेश्वर वर्मा ने बताया कि बैरिकेडिंग के दौरान भीड़ के बीच फंस जाने से उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया। वहीं, प्रशिक्षु उप निरीक्षक (पीएसआई) देवराज सिंह के सिर पर बोतल लगने से गंभीर चोट आई है और उनका उपचार चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।

पुलिस ने बताया कि अन्य घायल आरक्षकों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस दौरान पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, एसीपी नीलेश द्विवेदी, टीआई राजेश मरई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल में मौजूद रहे।

नोट: पथराव और बोतलबाजी संबंधी जानकारी पुलिस के आधिकारिक बयान पर आधारित है। घटना के संबंध में अन्य पक्ष का संस्करण इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जारी किए इमरजेंसी नंबर

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मौसमी बीमारियों की रोकथाम और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला और विकासखंड स्तर पर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार, उल्टी-दस्त अथवा अन्य मौसमी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें।

जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी से 8770664365 पर संपर्क किया जा सकता है। बिलासपुर शहर के लिए खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी का मोबाइल नंबर 9009727934 जारी किया गया है।

इसी तरह बिल्हा के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकेश गुप्ता (9009731426), कोटा के डॉ. निखिलेश गुप्ता (9770146540), मस्तूरी के डॉ. अनिल कुमार (9827505957) तथा तखतपुर के डॉ. उमेश साहू (9407728300) से आवश्यकता पड़ने पर संपर्क किया जा सकता है।

शहरी क्षेत्र के लिए शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. टार्ज़न आदिले (7241133198) तथा जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट पंकज सिंह (7587038622) का संपर्क नंबर भी जारी किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि भारी बारिश के दौरान जलजनित और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नागरिक बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तत्काल स्वास्थ्य विभाग या कॉम्बेट टीम से संपर्क कर समय पर उपचार लें।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और पुनर्वास पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान

रायपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  / उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन नक्सल आरोपियों के विरुद्ध गंभीर जनहानि के मामले नहीं हैं, उनके प्रकरणों की विधिसम्मत समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके लिए विधि विभाग की सहायता से अभियोजन अधिकारियों और शासकीय वकीलों की टीम गठित की जाएगी तथा प्रकरण वापसी की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की जाएगी।

नक्सल मुक्त गांवों को मिलेगा ₹1 करोड़

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे गांवों के तीव्र विकास के लिए नक्सल मुक्त घोषित प्रत्येक ग्राम में एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। प्रथम चरण में 50 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं।

15 अगस्त को हर नक्सल मुक्त गांव में फहरेगा तिरंगा

उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त गांवों में तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे।

पीड़ित परिवारों को मिलेगा आवास और सहायता

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां शहीद जवानों और पीड़ित नागरिकों की स्मृति में सामुदायिक स्मारक भी बनाए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री ने जिलावार नक्सली घटनाओं में शहीद हुए जवानों और मृत नागरिकों के परिजनों को दी गई सहायता तथा लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पात्र परिवारों को शासन की सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

एक माह में मिलेगा प्रोत्साहन राशि का भुगतान

श्री शर्मा ने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर पुनर्वासित हुए युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि एक माह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही नक्सल पीड़ितों एवं पुनर्वासितों से संबंधित सभी जानकारी डिजिटल डैशबोर्ड में दर्ज करने को कहा।

उन्होंने माओवादियों द्वारा लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए अंतर्राज्यीय समन्वय समिति गठित करने तथा अभियान के दौरान जंगलों में कोई हथियार न छूटे, यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में गृह विभाग, पुलिस विभाग और संबंधित नक्सल प्रभावित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नक्सल मुक्त गांवों से दुनिया तक पहुंचेगा बस्तर का ऑर्गेनिक उत्पाद

छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर संभाग के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी में जुट गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ऐसे गांवों की पहचान कर जैविक प्रमाणन कराने और उत्पादों को यूरोप सहित वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / बस्तर संभाग के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में निर्देश दिए कि जिन गांवों में आज तक रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है, उनकी पहचान कर जैविक प्रमाणन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे गांव छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर हैं और उनकी जैविक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जाना चाहिए।

बस्तर दौरे से मिली पहल को नई दिशा

श्री शर्मा ने बताया कि हाल ही में नारायणपुर और कांकेर के नक्सल मुक्त गांवों के दौरे के दौरान किसानों ने उन्हें बताया कि उन्होंने अपने खेतों में कभी रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे गांवों को राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) से जोड़कर उनका प्रमाणन कराया जाए, ताकि वहां के उत्पाद यूरोप सहित अन्य देशों के बाजारों तक पहुंच सकें।

प्रमाणन से किसानों की आय होगी कई गुना

बैठक में बताया गया कि जैविक प्रमाणन मिलने के बाद किसानों को उनके उत्पादों का वर्तमान कीमत की तुलना में तीन से चार गुना अधिक मूल्य मिल सकता है। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और बस्तर के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

यूरोपीय बाजारों के लिए बनेगी रणनीति

बैठक में एनपीओपी और सहभागी गारंटी प्रणाली (पीजीएस) के तहत आवश्यक प्रमाणन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता, प्रमाणन और विपणन की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्तर पर सहकारी समितियों के गठन की बात भी कही, ताकि अधिक से अधिक किसान इस पहल से जुड़ सकें।

संयुक्त दल करेंगे सर्वे और परीक्षण

सरकार ने दो संयुक्त दल गठित करने का निर्णय लिया है, जो नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और बीजापुर जिलों का दौरा करेंगे। एपीडा और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर ये दल जैविक क्षेत्रों का सर्वेक्षण, परीक्षण और प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद ग्राम पंचायतों को जैविक प्रमाणन दिलाकर बिहान के ‘छत्तीसकला’ ब्रांड के माध्यम से उत्पादों का निर्यात किया जाएगा।

केंद्र से मांगी जाएगी विशेष छूट

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्तर की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए एनपीओपी प्रमाणन के लिए आवश्यक तीन वर्ष की अवधि में छूट देने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया जाए। साथ ही वनोपज के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक तैयारियां भी शीघ्र पूरी करने को कहा, ताकि वन उत्पादों का बेहतर मूल्य स्थानीय लोगों को मिल सके।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, एपीडा तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य में पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव, 24 IPS अफसरों के तबादले

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। जारी आदेश के मुताबिक 11 जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बदले गए हैं। इसके अलावा रायपुर कमिश्नरेट में भी बड़ा बदलाव किया गया है।

तबादला सूची के अनुसार राजनांदगांव रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय कुमार यादव को बनाया गया है। वहीं, मौजूदा आईजी बालाजी राव सोमावार को पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में पदस्थ किया गया है।

इसी तरह प्रशांत कुमार अग्रवाल को आईजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (बस्तर क्षेत्र) से पुलिस मुख्यालय भेजा गया है, जबकि प्रशांत कुमार ठाकुर को सूरजपुर के एसपी पद से हटाकर उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं रामकृष्ण साहू को बेमेतरा एसपी पद से हटाकर 8वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, राजनांदगांव का सेनानी नियुक्त किया गया है।

रायपुर कमिश्नरेट में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यहां तीनों डीसीपी का तबादला कर उन्हें अलग-अलग जिलों की कमान सौंपी गई है। फिलहाल कमिश्नरेट के तीन जोनों में से केवल एक जोन में ही डीसीपी की नियुक्ति की गई है, जबकि शेष दो जोनों में नई पदस्थापना तक डीसीपी का पद रिक्त रहेगा।

सरकार द्वारा जारी विस्तृत तबादला सूची में अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह फेरबदल कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। 






 

PWD अफसरों को डिप्टी CM की दो टूक, सितंबर-अक्टूबर तक जारी करें नए कार्यादेश

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विभागीय समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग तेज करने और सितंबर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने तय समय पर काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और अनुबंध समाप्त करने की चेतावनी भी दी।
रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को राज्य का 'ग्रोथ इंजन' बताते हुए अधिकारियों से निर्माण कार्यों में तेजी लाने और फील्ड स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तय समयसीमा में काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग और अनुबंध समाप्त करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाए।

नवा रायपुर स्थित 'निर्माण भवन' में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अरुण साव ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में जाकर निरीक्षण करने, ठेकेदारों के साथ बेहतर समन्वय बनाने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग के अभियंताओं की दक्षता का असर जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने कार्य संस्कृति में बदलाव लाने पर जोर देते हुए सितंबर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के बाद निर्माण कार्य पूरी गति से शुरू किए जा सकें।

अरुण साव ने कहा कि सड़क, पुल-पुलिया, शासकीय भवन, स्कूल, कॉलेज, ऑडिटोरियम और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ठेकेदारों के बिल समय पर तैयार कर हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में पहुंचविहीन गांवों तक बारहमासी सड़क संपर्क, भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी और लंबित परियोजनाओं की बाधाएं दूर करने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने मुख्य अभियंताओं को राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ कार्यशालाएं आयोजित कर भू-अर्जन संबंधी कानूनों और प्रक्रियाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की अनुशंसित परियोजनाओं सहित प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन 31 अगस्त तक शासन को भेजने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेशभर के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालन अभियंता मौजूद रहे।

पुलिस में 61 सब इंस्पेक्टर बने इंस्पेक्टर, डीजीपी ने जारी किया पदोन्नति आदेश

'पदोन्नति सूची में शामिल किसी भी अधिकारी के विरुद्ध यदि विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण या ऐसी कोई कार्रवाई लंबित है, जो उसकी पदोन्नति को प्रभावित कर सकती है, तो संबंधित प्रकरण की पूरी जानकारी तत्काल पुलिस मुख्यालय को भेजी जाए।'
TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने 2013 बैच के 61 सब इंस्पेक्टरों को इंस्पेक्टर (निरीक्षक) पद पर पदोन्नत किया है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि, पदोन्नत अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नति सूची में शामिल किसी भी अधिकारी के विरुद्ध यदि विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण या ऐसी कोई कार्रवाई लंबित है, जो उसकी पदोन्नति को प्रभावित कर सकती है, तो संबंधित प्रकरण की पूरी जानकारी तत्काल पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर को भेजी जाए।

आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि पदोन्नति के बाद किसी अधिकारी के संबंध में प्रतिकूल टिप्पणी, बड़ी सजा अथवा कोई ऐसी जानकारी सामने आती है, जिससे उसकी पात्रता प्रभावित होती हो, तो उसकी पदोन्नति निरस्त की जा सकती है।

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह योग्यता सूची 18 माह तक अथवा नई योग्यता सूची जारी होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी।

पुलिस विभाग में एक साथ 61 अधिकारियों की पदोन्नति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नई पदस्थापना सूची जारी होने का इंतजार है। 



किसानों से बिजली तक विकास एजेंडे पर मंथन, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करें। उन्होंने किसानों, शिक्षा, बिजली, स्वच्छता, जल संरक्षण और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

खाद-बीज की कमी नहीं होनी चाहिए

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जैविक खेती को बढ़ावा देने, कृषि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और नियमित रूप से गांवों का दौरा कर किसानों से संवाद करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले के करमा, धौरामुड़ा, बरपाली, मंजूरपहरी, बम्हनीखुर्द, बिटकुली, बांका और कोरबी में जैविक खेती का प्रदर्शन किया जा रहा है।

शिक्षा सुधार के लिए बने कार्ययोजना

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान श्री साहू ने जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राचार्यों और पालकों की नियमित बैठक आयोजित कर बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

बिजली व्यवस्था में सुधार की तैयारी अभी से करें

बिजली आपूर्ति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष लोगों को बिजली संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए अभी से व्यापक कार्ययोजना बनाकर अमल किया जाए। उन्होंने स्वीकृत विद्युत परियोजनाओं को शीघ्र शुरू कर समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।

मनरेगा में प्रदेश में दूसरे स्थान पर बिलासपुर

ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि मनरेगा के तहत वर्ष 2025-26 और 2026-27 में मानव दिवस सृजन के मामले में बिलासपुर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि निर्धारित अवधि तक कराए गए कार्यों का मजदूरी और सामग्री भुगतान भी कर दिया गया है।

जल संरक्षण और जर्जर स्कूलों पर विशेष फोकस

बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी रामजी), जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, सड़क, कौशल विकास सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री ने जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने, जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन नहीं हैं, वहां कार्ययोजना बनाकर निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के आम लोगों तक पहुंच सके।

जिले में एक भी स्कूल नहीं रहेगा एकल शिक्षक वाला, 18 जुलाई को 10 लाख पौधारोपण का लक्ष्य

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में एक भी स्कूल ऐसा नहीं होना चाहिए, जहां केवल एक शिक्षक पदस्थ हो। उन्होंने शिक्षा, जनकल्याण, शिकायत निवारण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर ने राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, खेती-किसानी और अन्य प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

11 एकल शिक्षक विद्यालयों में होगी अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना

कलेक्टर ने बताया कि जिले में वर्तमान में 11 एकल शिक्षक विद्यालय हैं। उन्होंने इन विद्यालयों में शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी स्कूलों में स्मार्ट टीवी एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का करें सार्थक निराकरण

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए। आवेदकों से चर्चा कर उनकी समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हेल्पलाइन पोर्टल का प्रतिदिन सुबह-शाम निरीक्षण करने और लंबित शिकायतों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए।

18 जुलाई को होगा जिला स्तरीय महावृक्षारोपण

बैठक में वर्षा ऋतु के दौरान पौधारोपण अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि जिले में इस वर्ष 10 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 18 जुलाई को जिला स्तरीय महावृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि वन विभाग ने 8.17 लाख और उद्यानिकी विभाग ने 2.31 लाख पौधे तैयार कर लिए हैं। कलेक्टर ने बड़े पौधे लगाने, शहर से लगे क्षेत्रों और विरल वन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के साथ पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने से अधिक महत्वपूर्ण उनका संरक्षण है।

धान खरीदी और छात्रवृत्ति की तैयारियों पर जोर

कलेक्टर ने आगामी धान खरीदी सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि पिछले वर्ष आई समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं नए शिक्षा सत्र के मद्देनजर विद्यार्थियों का छात्रवृत्ति पोर्टल पर शीघ्र पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए।

पीएम जनमन योजना का लाभ घर-घर पहुंचाएं

पीएम जनमन योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों, विशेषकर बैगा और बिरहोर समुदाय के हितग्राहियों के घर पहुंचकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जाएं, ताकि उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

बारिश में सुरक्षा और मवेशियों की समस्या पर भी निर्देश

कलेक्टर ने बारिश के मौसम को देखते हुए पुल-पुलियों और नदी-नालों की लगातार निगरानी करने तथा उफनते जलस्त्रोतों से लोगों और विद्यार्थियों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें गौठानों और आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने को कहा।

बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनदर्शन, लोक सेवा गारंटी, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने सहित विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा में लंबित मामलों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

रिक्त पदों पर भर्ती में तेजी लाएं, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें : मुख्य सचिव

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्य सचिव विकासशील ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की उच्च स्तरीय बैठक लेकर विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागों में लंबित रिक्त पदों, विशेषकर बैकलॉग पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय सचिव स्वयं नियमित मॉनिटरिंग करें और क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने सभी विभागों से योजनाओं की प्रगति की लगातार समीक्षा करने और तय समयसीमा में लक्ष्यों को पूरा करने को कहा।

समीक्षा बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डैशबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी-रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं तथा पीएम सूर्य घर बिजली योजना सहित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बस्तर के नये आईजी बीएन मीणा ने पदभार संभाला, कहा- शांति, सुरक्षा और विकास रहेगी प्राथमिकता

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज के पुलिस नेतृत्व में आज (बुधवार, 1 जुलाई) को अहम बदलाव हुआ है. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बद्रीनारायण मीणा ने बस्तर रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) का औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया है.

उन्होंने निवर्तमान आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम की जगह ली है. सुंदरराज पी. अब केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर जा रहे हैं, जहां वे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) में आईजी के रूप में अपनी नई ज़िम्मेदारी संभालेंगे.

जगदलपुर में हुआ पदभार ग्रहण समारोह

जगदलपुर स्थित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में यह प्रभार सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान बस्तर ज़िले के पुलिस अधीक्षक (SP) शलभ सिन्हा सहित रेंज के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. निवर्तमान आईजी सुंदरराज पी. ने नए आईजी का स्वागत करते हुए उन्हें सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं.

निवर्तमान आईजी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

अपना प्रभार सौंपने के बाद सुंदरराज पी. ने अपने कार्यकाल के दौरान बस्तर की जनता, पुलिस मुख्यालय, सुरक्षा बलों, प्रशासन, मीडिया और जनप्रतिनिधियों से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.

वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) के ख़िलाफ़ जारी संघर्ष का ज़िक्र करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस व सुरक्षा बलों के जवानों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को याद किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

'मिशन 2026' (बस्तर में स्थायी शांति और विकास स्थापित करने का साझा लक्ष्य) का ज़िक्र करते हुए सुंदरराज पी. ने विश्वास जताया कि नए आईजी बद्रीनारायण मीणा के नेतृत्व में यह अभियान और अधिक गति प्राप्त करेगा. 

शांति और विकास पर रहेगा नए आईजी का ज़ोर

बस्तर रेंज की कमान संभालने के बाद नए आईजी बद्रीनारायण मीणा ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं. उन्होंने कहा कि वे पिछले वर्षों की उपलब्धियों को आधार बनाकर सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय में काम करेंगे.

उन्होंने बस्तर में स्थायी शांति, सुरक्षा, समावेशी विकास और स्थानीय लोगों के बीच जनविश्वास को और अधिक मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.  


अब शहरी क्षेत्रों में 'सेंट्रल किचन' से आएगा स्वादिष्ट और साफ़-सुथरा भोजन

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से नियमित गरम भोजन उपलब्ध कराने के सख़्त निर्देश दिए हैं।

आज मंत्रालय (महानदी भवन) में 'प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना' की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग और संचालन समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में योजना के सुचारू संचालन, भोजन की गुणवत्ता और ज़मीनी स्तर पर निगरानी को लेकर कई महत्त्वपूर्ण फ़ैसले लिए गए।

शहरी क्षेत्रों में 'सेंट्रल किचन' पर ज़ोर

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में भोजन पकाने के लिए नियमित रूप से रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए बैठक में तय किया गया कि राज्य के शहरी और उनके आस-पास के इलाक़ों में स्थित स्कूलों में 'सेंट्रल किचन' (केंद्रीयकृत रसोई) के ज़रिए भोजन सप्लाई किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को उच्च स्तर का बनाए रखना है।

महिला समूहों को सब्ज़ी उगाने के लिए प्रोत्साहन

इस योजना को महज़ पोषण से न जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने का भी ज़रिया बनाया जा रहा है।मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे भोजन तैयार करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को सब्ज़ियों और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें। इस क़दम से जहाँ एक तरफ़ स्कूली बच्चों की थाली में ताज़ी और हरी सब्ज़ियाँ पहुँच सकेंगी, वहीं दूसरी तरफ़ इन महिला समूहों की आमदनी में भी इज़ाफ़ा होगा।

छत्तीसगढ़ में योजना का दायरा (एक नज़र में)

अधिकारियों ने बैठक में पीएम पोषण शक्ति योजना से जुड़े जो आँकड़े साझा किए, वे इस प्रकार हैं:

शामिल स्कूल: राज्य के 56 हज़ार से अधिक सरकारी स्कूल इस योजना के तहत कवर किए गए हैं। लाभान्वित छात्र: कक्षा पहली से आठवीं तक के 29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को दैनिक रूप से गरम भोजन व पूरक पोषण दिया जा रहा है।

सोइयों की संख्या: योजना के तहत भोजन तैयार करने के काम में 86 हज़ार से ज़्यादा रसोइया जुड़े हुए हैं।

बैठक में इनकी रही मौजूदगी

इस महत्त्वपूर्ण समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, राजस्व विशेष सचिव इफ़्फ़त आरा सहित पंचायत, वित्त, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग और मानव अधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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