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भांचादान की भूमि पर कब्जे से परेशान आदिवासी किसान ने लगाई गुहार


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / साप्ताहिक जनदर्शन में सोमवार को जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों लोगों की समस्याओं की सुनवाई की गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनदर्शन में एक-एक आवेदन को गंभीरता से पढ़कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनदर्शन में सबसे अधिक आवेदन एग्रीस्टेक पंजीयन, रकबा छूटने और किसान संबंधी समस्याओं से जुड़े रहे। कोनी निवासी आदिवासी किसान पुरुषोत्तम गोंड़ ने ग्राम गतौरा में भांचादान में प्राप्त भूमि को बेजा कब्जे से मुक्त कराने की फरियाद की। उन्होंने बताया कि गतौरा निवासी नारायण राठौर और उसके दो पुत्र पिछले करीब डेढ़ दशक से उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। इस पर आवेदन को एसडीएम को भेजते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

तखतपुर के ग्राम गुटेना निवासी रामायण श्रीवास ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किश्त दिलाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि किश्त मिलने की उम्मीद में कर्ज लेकर मकान पूरा करा लिया, लेकिन दो साल बाद भी राशि नहीं मिली। जनपद पंचायत तखतपुर के सीईओ को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

गनियारी के किसान मोहनलाल साहू ने गिरदावरी में धान फसल का उल्लेख नहीं किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पटवारी द्वारा प्रविष्टि नहीं होने के कारण एग्रीस्टेक पंजीयन के बाद भी वे फसल बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। तहसीलदार सकरी को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

मस्तुरी के ग्राम भगवानपाली निवासी किसान लाल बहादुर राय ने बताया कि ट्रैक्टर पंजीयन के डेढ़ साल बाद भी आरसी बुक नहीं मिली है। इस पर आरटीओ को तत्काल आरसी बुक जारी करने के निर्देश दिए गए।

तालापारा मरार गली निवासी श्रीमती प्रीति गांगवने ने अटल आवास की मांग करते हुए बताया कि पति द्वारा छोड़ दिए जाने के बाद वह बच्चों के साथ किराये के मकान में रहकर जीवन यापन कर रही हैं।

वहीं, बिल्हा विकासखंड के ग्राम बरतोरी निवासी किसान मनोज कुमार कौशिक ने धान बिक्री के लिए तीसरे टोकन की मांग की। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ भूमि में से 8 एकड़ की फसल बेच चुके हैं, शेष 2 एकड़ की उपज बची है। निगम आयुक्त ने खाद्य नियंत्रक को आवेदन भेजकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। 

राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य है। राज्य युवा महोत्सव युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अनुज शर्मा,महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे मौजूद थे। 

छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 की लॉन्चिंग

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस महोत्सव में प्रदेश भर से 3 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें 8 दलीय एवं 6 एकल विधाएं शामिल हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला एवं कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएं नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में खेल की अपार संभावनाएं हैं और प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है।

  इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने रिमोट का बटन दबाकर ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026’ का शुभारंभ किया। साथ ही खेलों के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक श्री अमित कुमार द्वारा टॉर्च का अनावरण किया गया, जो खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विविध संस्कृतियों को जोड़ते हुए ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’’ की भावना को सशक्त करता है। मुख्यमंत्री ने खेल अलंकरण समारोह को पुनः प्रारंभ करने, खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने की मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

  केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है। केंद्र और राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। यह युवा महोत्सव प्रदेश भर के युवाओं की प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच है। उद्घाटन समारोह में सुदूर वनांचल अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने सराहा।

  उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर में राज्य युवा महोत्सव और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन ऐतिहासिक अवसर है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार प्रतिभा और क्षमता है, जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 3 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और युवा शक्ति का जीवंत उदाहरण है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वर्ष 2025 में ऐतिहासिक बस्तर ओलंपिक का आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं का आयोजन कर युवाओं और खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन एवं राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खेल और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए जिले में भी प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जाएगा और उन्हें राज्य स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा। 

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और जनजातीय अंचलों के युवा आज राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण युवा एवं कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने दिया। कार्यक्रम में संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

SECR: बिलासपुर मंडल को मिले नए DRM, राकेश रंजन ने संभाला कार्यभार


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के नए मंडल रेल प्रबंधक के रूप में राकेश रंजन ने 22 दिसंबर को पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने मंडल के सभी शाखाधिकारियों के साथ अनौपचारिक बैठक कर परिचय प्राप्त किया।

इस दौरान श्री रंजन ने मंडल में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं परियोजनाओं की जानकारी ली और उनके समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और परिचालन क्षमता में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। राकेश रंजन भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसएसई) के 1996 बैच के अधिकारी हैं। बिलासपुर मंडल में पदस्थापना से पूर्व वे पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर में चीफ सिग्नल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

अपने दीर्घ सेवाकाल के दौरान उन्होंने बरौनी एवं गोरखपुर में एएसटीई, इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्युनिकेशन (आईआरआईएसईटी), हैदराबाद में प्रोफेसर, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर में मुख्य संचार इंजीनियर, रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में निदेशक तथा रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में कार्यकारी निदेशक (टेलीकॉम डेवलपमेंट) सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

रेलटेल कॉर्पोरेशन में निदेशक रहते हुए नई पीढ़ी के एक्सल काउंटर एवं आईपी आधारित एक्सचेंज प्रणालियों के विकास और सफल कार्यान्वयन में उनका अहम योगदान रहा है। तकनीकी दक्षता और व्यापक प्रशासनिक अनुभव से परिपूर्ण श्री राकेश रंजन के नेतृत्व में बिलासपुर मंडल में विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

पल्स पोलियो अभियान: जिले में 2 लाख 62 हजार से अधिक बच्चों को पिलाई गई दवा


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में  जिले के 2 लाख 62 हजार 816 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। जिले ने निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 94.49 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला और  महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, राजकिशोर नगर में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। जिला स्तरीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ मातृ एवं शिशु अस्पताल, जिला चिकित्सालय बिलासपुर  महापौर श्रीमती पूजा विधानी एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल द्वारा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर किया गया। 

        जिला अस्पताल में इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल,डॉ. अनिल गुप्ता सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी, डॉ. रक्षित जोगी जिला सर्विलेंस अधिकारी/शहरी खण्ड चिकित्सा अधिकारी,सुश्री प्यूली मजूमदार (डीपीएम) एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। अभियान  के पहले दिन 21 दिसंबर 2025 को जिले में 1520 बूथों तथा ट्रांजिट दल/मोबाइल टीमों के माध्यम से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। शेष बच्चों को कवर करने के लिए अभियान के दूसरे एवं तीसरे दिन 22 व 23 दिसंबर 2025 को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मितानिनों द्वारा घर-घर भ्रमण कर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।

   कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले के समस्त पालकों एवं अभिभावकों से अपील की है कि 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कोई भी बच्चे पोलियो खुराक से वंचित न रहें। घर-घर भ्रमण के दौरान आने वाली स्वास्थ्य टीमों को सहयोग प्रदान कर अपने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में सहभागी बनें।

High Court: पुलिस अफसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, अग्रिम जमानत नामंजूर


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में फंसे एक पुलिस अधिकारी को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी पुलिस अफसर है और उसे अग्रिम जमानत देने पर गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपों की प्रकृति अत्यंत गंभीर है, ऐसे में राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।

मामला दुर्ग जिले के पुराना भिलाई थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली एक महिला की शिकायत पर पुलिस अधिकारी अरविंद कुमार मेढ़े के खिलाफ यौन उत्पीड़न का अपराध दर्ज किया गया है। पीड़िता ने एफआईआर में बताया कि उसका बेटा पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी अधिकारी ने बेटे की जमानत कराने का झांसा दिया और उससे संपर्क बढ़ाया।

पीड़िता के अनुसार, 18 नवंबर 2025 की शाम उसे थाने बुलाया गया, जहां महिला पुलिसकर्मियों द्वारा कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद आरोपी ने फोन कर उसे चरौदा बस स्टैंड बुलाया और अपनी गाड़ी में बैठाकर एक सुनसान जंगल वाले इलाके में ले गया। वहां आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला, गले लगाया और अश्लील हरकतें कीं। मासिक धर्म की जानकारी देने पर आरोपी ने उसे छोड़ दिया और दो दिन बाद फिर मिलने की बात कही।

घटना के लगभग 24 घंटे बाद, 19 नवंबर 2025 की शाम करीब छह बजे पीड़िता ने थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी की ओर से हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई, जिसमें आरोपों को निराधार बताते हुए एफआईआर में देरी और आपराधिक रिकॉर्ड न होने की दलील दी गई। हालांकि, कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।

इस आदेश के जरिए हाई कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वर्दी या पद की आड़ में किए गए अपराधों पर न्यायालय सख्त रुख अपनाएगा। साथ ही, यह फैसला यौन अपराधों में पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और जांच को स्वतंत्र व निष्पक्ष बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने दिया इस्तीफा, विधि सचिव को भेजा त्यागपत्र


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ शासन के अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्य सरकार के विधि सचिव को त्यागपत्र भेजते हुए इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि इससे पहले 17 नवंबर को तत्कालीन महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत ने अपने पद से त्यागपत्र दिया था। इसके बाद अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक शर्मा को नया महाधिवक्ता नियुक्त किया गया। विधि सचिव को प्रेषित अपने इस्तीफे में मरहास ने कहा है कि पिछले दो वर्षों तक इस महत्वपूर्ण पद पर सेवा देना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही। इस दौरान उन्हें राज्य से जुड़े कानूनी मामलों में योगदान देने, विभिन्न न्यायालयों में शासन का प्रतिनिधित्व करने और अनुभवी व समर्पित सहकर्मियों के साथ कार्य करने का अवसर मिला। 

मरहास ने अपने पत्र में राज्य सरकार द्वारा मिले विश्वास और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के समर्थन से ही वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी क्षमता के साथ कर सके। उन्होंने उल्लेख किया कि उन्होंने अपना कार्यकाल संतोषजनक रूप से पूरा किया है और अब पद छोड़ने का यह उचित समय है।

उल्लेखनीय है कि रणवीर सिंह मरहास भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों से जुड़े रहे हैं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की स्थापना के बाद वे जबलपुर से बिलासपुर आए और न्यायिक क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहे। वे लंबे समय तक शासकीय अधिवक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।


सुशासन शिविर में कलेक्टर, लोगों की समस्याओं का किया समाधान


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  कलेक्टर संजय अग्रवाल और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने सुशासन सप्ताह के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे समाधान शिविरों का जायज़ा लिया। उन्होंने बिल्हा ब्लॉक के दो ग्राम रहंगी और मुढ़ीपार का दौरा कर शिविर में मिल रहे समस्याओं और इनके निराकरण की फील्ड स्तर पर समीक्षा की। शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी और इनके निराकरण के निर्देश दिए। रहंगी के पंचायत भवन में शिविर आयोजित थी। बड़ी संख्या में लोग विभिन्न कामों को लेकर पहुंचे थे।

 ग्राम में करीब साढ़े 9 सौ लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं। इसके लिए विशेष शिविर लगाकर सबका कार्ड बनाने को कहा। बताया गया कि ग्राम में दो बच्चियां कुपोषित हैं। उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराकर स्वस्थ करने के निर्देश कार्यकर्ता को दिए। पंचायत भवन के सामने अवैध कब्जे  को हटाने को भी कलेक्टर ने कहा है। कलेक्टर ने शिविर में मौजूद किसानों से पूछा कि धान बेचने में कोई दिक्कत तो नहीं है। किसानों ने कहा कि सुगमता से बिक्री हो रही है। उन्होंने सरपंच से चर्चा कर गांव के विकास कार्य और सामान्य हालचाल की जानकारी ली।

 कलेक्टर इसके बाद आगे ग्राम मुढ़ीपार पहुंचे। उन्होंने यहां प्रमुख रूप से पीएम आवास का मुआयना किया। मणिशंकर श्रीवास नाम के हितग्राही ने स्वीकृत राशि में अपनी बचत और लोन मिलकर बड़े आकार के और सुंदर आवास बना रहे हैं। उन्होंने हितग्राही की प्रशंसा करते हुए उनसे काफी देर तक चर्चा की। गांव में 8 हितग्राही किश्त मिलने के बाद भी मकान निर्माण कार्य शुरू नहीं किए हैं। कलेक्टर ने उनमें से एक जितेंद्र रात्रे के घर पहुंचकर इसका कारण जानना चाहा। उन्होंने ऐसे सभी हितग्राहियों से पंद्रह दिनों में कार्य शुरू करने की चेतावनी दी, अन्यथा सरकारी राशि की वसूली की जाएगी।ग्रामीण इलाकों में इस तरह के सुशासन शिविर 25 दिसम्बर तक संचालित किए जाएंगे। दौरे में सहायक कलेक्टर अरविन्थ कुमारन और जनपद सीईओ कुमार लहरें भी साथ थे।

लंबित प्रकरणों के निराकरण पर पुलिसकर्मियों को सम्मान, SSP ने किया थाना सिविल लाइन का निरीक्षण


बिलासपुर । 
TODAY छत्तीसगढ़  / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) ने गुरुवार को थाना सिविल लाइन का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर में मौजूद फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित व प्रभावी निराकरण के लिए रात्रि अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एसएसपी ने सीसीटीएनएस कक्ष का निरीक्षण कर ऑपरेटर से प्रणाली के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रिकॉर्ड संधारण एवं अद्यतन की जांच करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। रीडर शाखा में पासपोर्ट सत्यापन और चरित्र सत्यापन से जुड़े लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए गए।

विवेचक कक्ष में निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्वयं पुराने लंबित अपराधों की केस डायरी का अवलोकन किया और विवेचकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उप निरीक्षक अमृत साहू द्वारा वर्ष 2024 से पूर्व के 13 लंबित प्रकरणों का निराकरण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत करने पर उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।

इसी क्रम में एएसआई मस्तराम कश्यप, एएसआई विष्णु साहू एवं वरिष्ठ आरक्षक वीरेंद्र राजपूत को भी पुराने प्रकरणों के प्रभावी निराकरण में सराहनीय कार्य के लिए कैश रिवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया। वहीं मालखाना प्रभारी द्वारा जप्त माल का सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं नियमसम्मत संधारण संतोषजनक पाए जाने पर उन्हें भी नगद पुरस्कार दिया गया।

थाना प्रभारी सिविल लाइन ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हालिया अवधि में आर्म्स एक्ट के तहत एक प्रकरण, धारा 170 बीएनएस के तहत आठ प्रकरण, धारा 126 एवं 135(3) बीएनएस के तहत 105 प्रकरण, धारा 128 बीएनएस के तहत दो प्रकरण तथा धारा 129 बीएनएस के तहत दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कुल 32 मामलों में चालान न्यायालय में पेश किए गए हैं और 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।

इसके अलावा बीते तीन दिनों में 20 गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिनमें चाकूबाजी जैसे गंभीर अपराधों में पूर्व में शामिल और जेल से रिहा होने के बाद पुनः आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय अपराधी भी शामिल हैं। इस प्रभावी और सतत कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी सिविल लाइन को भी नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

ACB: बोदरी नगर पंचायत की CMO और क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार

बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले की नगर पालिका बोदरी एक बार फिर चर्चा में है। इस बार कारण विकास कार्य नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है। बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नगर पालिका बोदरी में छापा मारकर नक्शा पास कराने के नाम पर रिश्वत लेते एक बाबू और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने उप अभियंता के.एन. उपाध्याय के बाबू सुरेश सिहोरे को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। इस मामले में सीएमओ भारती साहू को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई।


जानकारी के अनुसार, सरकंडा क्षेत्र के नूतन चौक निवासी वेदराम निर्मलकर ने 12 दिसंबर को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि नगर पंचायत बोदरी में मकान के नक्शे की स्वीकृति के लिए सीएमओ और बाबू द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और रिश्वत की रकम लेते ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने नगर पालिका कार्यालय से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।


नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उप अभियंता के.एन. उपाध्याय के खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायतें मिलती रही हैं। बताया गया कि वे पिछले छह वर्षों से बोदरी नगर पालिका में पदस्थ हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। जनप्रतिनिधियों का यह भी कहना है कि इंजीनियर और सीएमओ ने एक कर्मचारी को एजेंट के रूप में नियुक्त कर रखा था, जिसके माध्यम से आम नागरिकों से अवैध वसूली की जाती थी। हालांकि उनका आरोप है कि इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार अब भी जांच से बाहर है।


मामले में उप अभियंता के.एन. उपाध्याय ने अपनी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि उनका इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। नगर पालिका बोदरी में हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब देखना होगा कि एसीबी की यह कार्रवाई केवल यहीं तक सीमित रहती है या फिर भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंच पाती है।

CIMS: सर्वाइकल कैंसर पर कार्यशाला आयोजित, आधुनिक चिकित्सकीय जानकारियां दी गई


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  सिम्स अस्पताल में महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान एवं उपचार को लेकर एक दिवसीय निरंतर चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को सर्वाइकल कैंसर से संबंधित आधुनिक चिकित्सकीय जानकारियों से अवगत कराया गया। कार्यशाला में देशभर से 200 प्रतिभागी शामिल हुए। 

कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सर्वाइकल कैंसर के कारणों, जोखिम कारकों, प्रारंभिक लक्षणों, जांच की आधुनिक तकनीकों जैसे पैप स्मीयर एवं एचपीवी टेस्ट, साथ ही उपचार की उपलब्ध विधियों पर विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, जिसकी समय पर पहचान एवं नियमित जांच के माध्यम से प्रभावी रोकथाम संभव है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि एचपीवी टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता एवं नियमित चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाई जा सकती है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों के साथ प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. मधूमिता मूर्ति, अधिष्ठाता सिस्स, आर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. मानू प्रताप सिंह, संचालक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी सिम्स बिलासपुर व चिकित्सा अधीक्षक सह-स्रयुक्त संचालक, के.एस.एस.डी. एस. जे. जे. शाराकीय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कोनी आर्गनाईजिंग को-वेयरमैन डॉ. साधना बागड़े एसोसियेट प्रोफेसर व आर्गनाईजिंग रोक्रेटरी डॉ. चित्रांगी पी. बरपाण्डेय एसोसियेट प्रोफेसर पैथोलॉजी विभाग सिम्स बिलासपुर रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ विशिष्ट वक्ता डॉ. सुप्रिता नायक जी.एम.सी. नागपूर द्वारा सर्वाइकल कैंसर के ग्लेन्डुलर लीसन्स  विषय पर जानकारी के साथ किया गया।

कार्यशाला में देशभर से लगभग 200 प्रतिभागी ऑनलाईन शामिल हुये। छत्तीसगढ़ व आसपास राज्यों के प्रतिभागी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. ज्योति पोते. डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय सिंह, डॉ. आकृति शर्मा, डॉ. रश्मि नायक, डॉ. मनोज क्षत्री, डॉ. ईशान साहू डॉ. रश्मि साहू, डॉ. नागेन्द्र साहू, डॉ. प्रभाकर प्रधान, डॉ. सौम्य रंजन, डॉ. प्रशांत ठाकूर, डॉ. असीम आनंद मसीह, डॉ. मुकुन्द शर्मा तथा समस्त पी.जी. स्टूडेंट का योगदान रहा।

संभागायुक्त की अध्यक्षता में स्वशासी समिति की बैठक संपन्न


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  संभागायुक्त श्री सुनील जैन की अध्यक्षता में स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा के स्वशासी समिति के प्रबंध कार्य कारिणी समिति की बैठक संभागायुक्त कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय कोरबा के विभिन्न प्रस्तावों के संबंध में चर्चा हुई। चर्चा में चिकित्सा महाविद्यालय के बाह्य परीक्षकों के ठहरने की व्यवस्था, काउंसलिंग हॉल की साज-सज्जा के साथ-साथ चिकित्सालय में मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराये जाने की दृष्टिकोण से ब्लड सेंटर में स्थापित कम्पोनेट युनिट के संचालन हेतु विभिन्न उपकरण, रेडियोलॉजी विभाग के लिये 1 नग सीआर सिस्टम, ई-ऑफिस के सुचारू संचालन हेतु इंटरप्राइज फायरवॉल एवं अन्य आवश्यक उपकरण क्रय किये जाने के संबंध में प्रस्ताव परित किया गया है। बैठक में सचिव स्वशासी समिति एवं अधिष्ठाता डॉ. के. के. सहारे, संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. गोपाल सिंह कंवर, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा डॉ. सी. के. सिंह, उप अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुर्गा शंकर पटेल, श्री अशोक कुमार महिपाल, प्रशासकीय अधिकारी, सीजीएमएससी के अधिकारी एवं अन्य विभागों के सदस्यगण उपस्थित रहे।

CHHATTISGARH: 3,200 करोड़ के शराब घोटाले में सौम्या पर ईडी का शिकंजा, 3 दिन की रिमांड मिली


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच ने एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार की रात को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की करीबी और तत्कालीन उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया को करीब 3,200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही जांच का दायरा और गहराता नजर आ रहा है। आज (बुधवार) उन्हें सुबह करीब 11 बजे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष अदालत से रिमांड मांगी जिस पर विचार करते हुए न्यायालय ने तीन दिन की रिमांड मंजूर की है। 

करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी

ईडी ने सौम्या चौरसिया को रायपुर स्थित कार्यालय में करीब सात घंटे तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य की आबकारी नीति और शराब खरीदी व्यवस्था में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिनमें चौरसिया की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। बताया जा रहा है कि सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में उनकी बेहद करीबी मानी जाती थीं। ईडी का दावा है कि उन्होंने कथित रूप से शराब कारोबार से जुड़े अवैध लेनदेन को सुचारु करने में अहम भूमिका निभाई।

कोयला लेवी मामले से भी जुड़ा है नाम

गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया हाल ही में कोयला लेवी घोटाले के एक अन्य मामले में जमानत पर रिहा हुई थीं, जिसमें वह पहले न्यायिक हिरासत में रह चुकी हैं। इससे साफ है कि छत्तीसगढ़ में सामने आ रहे विभिन्न घोटालों की कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ती जा रही हैं।

ईडी का दावा: सुनियोजित और संगठित घोटाला

ईडी के अनुसार, इस कथित शराब घोटाले में अवैध कमीशन, नकद लेनदेन और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के जरिए चुनिंदा ठेकेदारों और सप्लायरों को फायदा पहुंचाया गया। एजेंसी का अनुमान है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 3,200 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई। जांच एजेंसी का मानना है कि यह घोटाला किसी एक घटना तक सीमित नहीं था, बल्कि लंबे समय तक योजनाबद्ध तरीके से प्रशासनिक प्रक्रियाओं के भीतर रहकर अंजाम दिया गया।

आज विशेष अदालत में पेशी

ईडी ने बताया कि सौम्या चौरसिया को बुधवार सुबह करीब 11 बजे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जहां एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की अनुमति मांगी, विशेष अदालत से ईडी ने सौम्या को तीन दिन की रिमांड पर लिया है।

सियासी घमासान तेज

इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। जहां विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है, वहीं ईडी का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

रायपुर-बिलासपुर हाइवे : ब्लैक स्पॉट्स में अंडरपास और सर्विस लेन निर्माण, हाइवे को मवेशीरहित बनाने की कोशिश


बिलासपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी रायपुर को न्यायधानी बिलासपुर से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त राजमार्गों में से एक है। यह राजमार्ग राज्य की वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों की प्रमुख धुरी है। यात्रियों की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इसके रखरखाव के लिए नियमित और योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं। 

एनएचएआई द्वारा बीते वर्षों में रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर लगातार रखरखाव एवं सुधार के कार्य किए गए हैं। भारी यातायात के बावजूद सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने नियमित रूप से पैचवर्क, ड्रेनेज की सफाई तथा रोड मार्किंग का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों से सड़क की सतह बेहतर बनी रहती है और यात्री सुरक्षित व सुगम यात्रा का अनुभव करते हैं। एनएचएआई द्वारा समय-समय पर स्वयं की कंसल्टेंट जांच टीम के माध्यम से सड़कों का तकनीकी सर्वे भी कराया जाता है। जांच टीम के सुझावों के आधार पर आवश्यक रखरखाव के कार्य किए जाते हैं। वर्ष 2024-25 में कंसल्टेंट टीम द्वारा 2136 जगहों पर पैनल रिप्लेसमेंट का सुझाव दिया गया था, जिसे समय पर पूरा कर लिया गया। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी 3616 जगहों पर लगभग 1520 पैनल का रिप्लेसमेंट किया गया है। अन्य पैनल के रिप्लेसमेंट का कार्य भी प्रगति पर है। सड़क के बेहतर रखरखाव के लिए ‘रिस्क एंड कॉस्ट’ शर्तों पर नया टेंडर भी जारी किया गया है। 

हाइवे को मवेशीरहित बनाने की कोशिश

रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्य किए जा रहे हैं। मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने 20 स्थानों को चिन्हित कर सुधार के कार्य किए जा रहे हैं। सड़क पर मवेशियों के प्रवेश को रोकने चिन्हांकित स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। इनके साथ ही हाइवे पर सोलर लाइटिंग, सोलर ब्लिंकर, ट्रांसफर बार मार्किंग और चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एनएचएआई निरंतर कार्यरत है।

ब्लैक स्पॉट्स में अंडरपास और सर्विस लेन निर्माण

रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे में 11 ब्लैक स्पॉट्स (अत्यधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र) चिन्हित किए गए हैं। इन जगहों पर सुरक्षित यातायात और निर्बाध सफर के लिए अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

रिकॉर्ड वृक्षारोपण से मनमोहक हुआ सफर

रायपुर-बिलासपुर हाइवे को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस सड़क पर इस साल अब तक 19 हजार 286 पौधे रोपित किए जा चुके हैं। मीडियन प्लांटेशन के अंतर्गत तिकोमा, बोगनवेलिया और गुलमोहर जैसे पौधे लगाए गए हैं, जो राजमार्ग की सुंदरता को बढ़ाते हैं। वहीं सड़क किनारे नीम, कचनार, अमलताश, पीपल और बरगद जैसे छायादार वृक्ष लगाए गए हैं। 

 टोल प्लाजा पर हेल्थ कैंप

सड़क उपयोगकर्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई द्वारा समय-समय पर जन-केंद्रित गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है। टोल प्लाजा पर ड्राइवरों और यात्रियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते हैं, जहां निःशुल्क नेत्र जांच और रक्तचाप जांच के साथ ही सामान्य स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।

Bilaspur: हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की, अनुपूरक बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को  की मुलाक़ात मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से औपचारिक मुलाक़ात की । यह मुलाक़ात काफ़ी समय से लंबित थी और बिलासपुर से जुड़े हवाई संपर्क के मुद्दे पर केंद्रित रही। 

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अनुपूरक बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने पर धन्यवाद दिया। यह राशि सेना के कब्ज़े वाली 1012 एकड़ ज़मीन को हासिल करने के लिए रखी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि इस विषय पर वे व्यक्तिगत रूप से केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत कर चुके हैं और भूमि हस्तांतरण से जुड़ा मामला अब सुलझने की दिशा में है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा रनवे की लंबाई 1500 मीटर से बढ़ाकर कम से कम 2200 मीटर करने, लगभग 500 यात्रियों की क्षमता वाला नया टर्मिनल भवन बनाने और एक नया एटीसी टावर स्थापित करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री के सामने तीन वर्ष का लक्ष्य रखते हुए वर्ष 2028 तक बिलासपुर एयरपोर्ट को ‘फोर-सी’ श्रेणी में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के मामले में राज्य सरकार की ओर से कोई कमी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय से मुलाक़ात में समिति के रवि बनर्जी, रामशरण यादव, सुदीप श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह ठाकुर, महेश दुबे टाटा, बद्री यादव, समीर अहमद, मनोज श्रीवास, परशराम कैवर्त, अनिल गुलहरे शामिल थे।

Chhattisgarh: बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 11 IAS अफसरों के तबादले, कई जिलों के कलेक्टर बदले


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल में कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। विधानसभा सत्र के बीच जारी हुए इन आदेशों को अहम माना जा रहा है।

जारी आदेश के अनुसार दंतेवाड़ा के कलेक्टर कुणाल दुदावत को कोरबा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं कोरबा के कलेक्टर अजीत वसंत को सरगुजा का नया कलेक्टर बनाया गया है। वर्तमान सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर को अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के पद पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है।

इसी तरह सुकमा के कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव को दंतेवाड़ा जिले का कलेक्टर बनाया गया है। नारायणपुर की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई को बेमेतरा जिले की कमान सौंपी गई है, जबकि बेमेतरा के कलेक्टर रणबीर शर्मा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है।

राज्य शासन ने 2019 बैच के दो आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी है। बिलासपुर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को सुकमा का कलेक्टर बनाया गया है, जबकि अपर कलेक्टर रायपुर नम्रता जैन को नारायणपुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

अन्य आदेशों के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अपर कलेक्टर प्रकाश कुमार सर्वे को नगर निगम बिलासपुर का आयुक्त बनाया गया है। सुकमा के अपर कलेक्टर गजेंद्र सिंह ठाकुर को जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं धमतरी जिला पंचायत की सीईओ रोमा श्रीवास्तव को मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया गया है। सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को प्रदेश में प्रशासनिक कार्यों को गति देने और व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के गेड़ी नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन, यूनेस्को ने सराहा


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ राज्य के बिलासपुर जिले की सांस्कृतिक संस्था ‘लोक श्रृंगार भारती’ के गेड़ी लोक नृत्य दल द्वारा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के आमंत्रण पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।  7 से 13 दिसम्बर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समारोह में 180 देशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहीं। समारोह में बिलासपुर के गेड़ी नर्तक दल ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को काफी सराहा गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गेडी नर्तक दल को बधाई और शुभकामनाएं दीं है l 

समारोह का ऐतिहासिक क्षण तब आया जब भारत के महापर्व दीपावली को यूनेस्को द्वारा विश्व सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्रदान की गई। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल की प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली गेड़ी नृत्य की भावपूर्ण और साहसिक प्रस्तुति से केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” कहकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। 

मुख्य गायक एवं नृत्य निर्देशक अनिल गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में गेड़ी नृत्य दल ने अपने सशक्त, ऊर्जावान एवं रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, विभिन्न राज्यों के कलाकारों सहित 180 देशों के डेलिगेट्स उपस्थित रहे। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित 180 देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिए 

मुख्य गायक अनिल गढ़ेवाल द्वारा प्रस्तुत “काट ले हरियर बांसे” गीत ने विदेशी प्रतिनिधियों के मन में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति गहरी जिज्ञासा उत्पन्न की। वहीं मुख्य मांदल वादक मोहन डोंगरे द्वारा एक ही स्थान पर घूमते हुए मांदल वादन किया। हारमोनियम वादक सौखी लाल कोसले एवं बांसुरी वादक महेश नवरंग की स्वर लहरियों पर विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि झूम उठे। गेड़ी नर्तकों प्रभात बंजारे, सूरज खांडे, शुभम भार्गव, लक्ष्मी नारायण माण्डले, फूलचंद ओगरे एवं मनोज माण्डले ने साहसिक करतबों से दर्शकों को रोमांचित किया। विशेष रूप से तब, जब एक गेड़ी पर संतुलन बनाते हुए कलाकारों ने मानवीय संरचनाएं बनाईं, पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा।

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा, कौड़ियों व चीनी मिट्टी की मालाएं, पटसन वस्त्र, सिकबंध एवं मयूर पंख धारण कर प्रस्तुत भाव नृत्य ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिया व छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाने के लिए शुभकामनाएं दी।

पालिघाट के SBI कियोस्क पर शुरू हुआ आईरिस स्कैनर, बुजुर्गों और ग्रामीणों को बड़ी राहत


पालिघाट, करमागढ़ |
 TODAY छत्तीसगढ़  /ग्रामीण अंचल में बैंकिंग सेवाओं को और सुगम बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए पालिघाट, करमागढ़ स्थित SBI ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) पर अब आईरिस स्कैनर सुविधा शुरू कर दी गई है। इस सुविधा से खाताधारकों की पहचान आंखों की पुतलियों के जरिए की जा रही है, जिससे खासकर बुजुर्गों और श्रमिक वर्ग को बड़ी राहत मिली है।

अब तक फिंगरप्रिंट न मिल पाने के कारण कई बुजुर्ग और मेहनतकश लोग बैंकिंग सेवाओं से वंचित रह जाते थे। नकद निकासी या अन्य कामों के लिए उन्हें दूर बैंक शाखाओं तक जाना पड़ता था। नई आईरिस स्कैनर सुविधा शुरू होने से अब यह परेशानी खत्म हो गई है और लोग अपने गांव में ही आसानी से बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा पा रहे हैं।

इस सुविधा की शुरुआत SBI बैंक मित्र ओम प्रकाश शर्मा की पहल से की गई है। उन्होंने बताया कि आईरिस स्कैनर के जरिए अब नकद निकासी, खाते से जुड़ी जानकारी और अन्य बैंकिंग सेवाएं सरलता से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीण उपभोक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

ओम प्रकाश शर्मा ने इस पहल में सहयोग के लिए RBO रायगढ़ के बी. एल. पुर्ति, दिलीप सेठी और प्रिया श्रीवास्तव तथा SBI तमनार (JPL) के रविंद्र कुमार और शिखा कुमारी का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उन्हें सम्मान के साथ, बिना किसी झंझट के बैंकिंग सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल बैंकिंग को गांव तक पहुंचाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं अपने ही क्षेत्र में मिल सकेंगी।

उप मुख्यमंत्री से मिलीं अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम, राज्य में खेल सुविधाओं के विकास पर हुई चर्चा


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन एवं ओलंपिक पदक विजेता, प्रसिद्ध मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम ने सौजन्य मुलाकात की। श्री साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में मुलाकात के दौरान उन्हें राज्य में खेलों के विकास और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक-2025 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के शुभारंभ समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ आई थीं। उन्होंने 11 दिसम्बर को इसमें शामिल होकर खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अभावों और मुश्किलों के बीच अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में भारत का नाम रोशन करने वाली मैरी कॉम की लंबी खेल यात्रा की प्रशंसा की। श्री साव ने कहा कि मैरी कॉम देश का गौरव और प्रेरणा हैं। उनकी उपस्थिति से बस्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और मेहनत करने की प्रेरणा जरूर मिली होगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने छत्तीसगढ़ आने के लिए मैरी कॉम को धन्यवाद दिया। 

मैरी कॉम ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अपने अनुभव साझा करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव से छत्तीसगढ़ के युवाओं के खेल में सुधार के लिए हरसंभव मदद की बात कही। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों से पहुंचे युवाओं को देख उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं। बस्तर ओलंपिक वहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मंच है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए अच्छा काम कर रही है। आने वाले समय में यहां के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मेडल जरूर जीतेंगे। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए जाने पर राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 

Bilaspur: ईंट भट्ठे पर बंधक बनाए गए 16 श्रमिकों की सकुशल घर वापसी


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / साप्ताहिक जनदर्शन में मंगलवार (9 दिसंबर 2025) को ग्राम सरगवां, मस्तूरी निवासी अमित कुमार मधुकर द्वारा एक गंभीर शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायत में बताया गया कि गांव के 16 श्रमिक (महिला, पुरुष) और दो बच्चे झारखंड के सेमडेगा जिले में स्थित एक ईंट भट्ठे पर बंधक बनाकर अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जा रहा है। श्रमिकों के साथ मारपीट, छेड़छाड़ और जबरन श्रम कराने की जानकारी भी दी गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तत्काल श्रम विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।


ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस, कानूनी कार्रवाई की तैयारी

श्रम विभाग ने शिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए संबंधित लेबर ठेकेदार नीलकंठ अंबेडकर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
विभाग ने बताया कि आगामी दिनों में मामले को माननीय श्रम न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।


झारखंड प्रशासन से समन्वय, श्रमिकों को मुक्त कराने की पहल

बिलासपुर जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेमडेगा जिला प्रशासन (झारखंड) से तुरंत संपर्क कर समन्वय स्थापित किया और श्रमिकों को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की।
प्रशासनिक स्तर पर तेज़ कार्रवाई के बाद श्रमिकों को बंधन से छुड़ाया जा सका।


10 दिसंबर की सुबह सभी श्रमिक सकुशल घर लौटे

प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप 10 दिसंबर की सुबह, सभी श्रमिक—महिला, पुरुष एवं दो बच्चे—सुरक्षित अपने गांव सरगवां, तहसील मस्तूरी वापस पहुंचे।
घर लौटने पर श्रमिकों और उनके परिजनों ने कलेक्टर, श्रम विभाग और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

बस्तर ओलम्पिक 2025: मुख्यमंत्री ने किया संभागीय प्रतियोगिता का शुभारंभ, खिलाड़ियों में दिखा उत्साह


जगदलपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /बस्तर ओलम्पिक 2025 के अंतर्गत संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ गुरुवार को स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में बड़े उत्साह के साथ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परंपरागत तरीके से कार्यक्रम का उद्घाटन किया और बस्तर संभाग के सातों जिलों से पहुंचे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस दौरान खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्च-पास्ट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

“बस्तर ओलम्पिक को युवाओं ने ऐतिहासिक बना दिया”—मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को महत्वपूर्ण बना दिया है। विशेष रूप से नुआ बाट के प्रतिभागियों की उपस्थिति को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि “बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों का हिस्सा लेना महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है। सरकार युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और विकास में उनकी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़ और दो करोड़ रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।

“बस्तर प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, खेल अवसंरचना को मिलेगा विस्तार”— अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक रूप से समृद्ध है और यहां के युवाओं के विकास हेतु सरकार निरंतर प्रयासरत है। बस्तर ओलम्पिक न केवल खेल प्रतिभाओं को आगे लाने का माध्यम है, बल्कि युवाओं को विकास की धारा से जोड़ने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि खेल में हार भी सीख देती है और बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करती है।

“बस्तर ओलम्पिक सकारात्मक पहल”— विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार बस्तर के आंतरिक इलाकों के युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देकर प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है।

मैरी कॉम व अन्य गणमान्य उपस्थित

ओलम्पिक ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट एवं पद्मश्री एम.सी. मैरी कॉम ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक विनायक गोयल, विधायक चैतराम अटामी समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

3,500 खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा

संचालक खेल एवं युवा कल्याण तनुजा सलाम ने बताया कि संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर एवं बस्तर जिले सहित नुआ बाट के करीब 3,500 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस वर्ष पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 3,92,000 से अधिक प्रतिभागी, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल हैं। यह आंकड़ा बस्तर में बदलती सोच और बढ़ती खेल भावना का परिचायक है। कार्यक्रम में माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। 

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