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लाल आतंक के सूर्यास्त के साथ सुकमा में उदय हुआ स्वास्थ्य सेवाओं का सूरज


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मेगा हेल्थ कैंप एक प्रमुख निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर है, जहाँ नामी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर कैंसर, हृदय रोग, स्त्री रोग, और नेत्र रोग जैसी बीमारियों का मुफ्त इलाज, जांच और दवाइयां प्रदान करते हैं। इसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा, दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग वितरण और आधुनिक जांचकी सुविधाएं भी मिलती हैं। लाल आतंक की समाप्ति के इस दौर में जब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है, तब प्रशासन की पहुँच अंतिम छोर के व्यक्ति तक आसान हुई है। 

जिला प्रशासन सुकमा और बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का गत दिवस आयोजन किया गया। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के द्वारा शुभारंभ पश्चात इस मेगा स्वास्थ्य शिविर में उन संवेदनशील और अंदरूनी क्षेत्रों के 3,700 से अधिक ग्रामीण बेखौफ होकर पहुँचे, जो कभी मुख्यधारा से कटे हुए थे। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त मेगा स्वास्थ्य शिविर में कुल 6,500 से अधिक लाभार्थियों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि अब ग्रामीण बंदूकों के साये से निकलकर आधुनिक चिकित्सा और विशेषज्ञ परामर्श पर भरोसा जता रहे हैं। शिविर के दौरान 21 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 40 स्वास्थ्य योद्धाओं की टीम ने इन वनवासियों के लिए देवदूत बनकर काम किया। 

छत्तीसगढ़ में ई-चालान प्रणाली लागू, वित्तीय सेवाओं में डिजिटल विस्तार


रायपुर।
  छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नई डिजिटल सेवाएं शुरू की हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन पहलों का उद्देश्य नागरिकों और सरकारी विभागों के लिए भुगतान और लेखांकन प्रक्रियाओं को आसान बनाना है।

इसी क्रम में आज 01 अप्रैल से ई-चालान (E-Challan) के तहत ओटीसी प्रणाली लागू कर दी गई है। इसके जरिए अब नागरिक और संस्थाएं विभिन्न शासकीय भुगतान ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे। संचालनालय कोष, लेख एवं पेंशन की संचालक पद्मिनी भोई साहू ने रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में राज्य के केंद्रीय कोषालय (सेंट्रल ट्रेजरी) का उद्घाटन किया। अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था से भारत सरकार से प्राप्त राशि के संचालन के लिए इस्तेमाल होने वाली एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) प्रणाली के तहत भुगतान अधिक केंद्रीकृत और सुव्यवस्थित तरीके से किए जा सकेंगे। इसके अलावा, विभाग ने अपनी नई वेबसाइट भी लॉन्च की है, जहां उपयोगकर्ताओं को विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं और अद्यतन जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि कोषालयों में ऑनलाइन बीटीआर (BTR) सुविधा शुरू होने से लेखांकन प्रक्रिया को भी सरल और तेज बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन डिजिटल पहलों से राज्य में वित्तीय प्रशासन को आधुनिक स्वरूप मिलेगा और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा मिलेगा।

आईपीएस रतन लाल डांगी निलंबित, यौन उत्पीड़न के आरोप


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आईपीएस रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है। यह निर्णय उनके आचरण से जुड़े एक मामले के प्रारंभिक परीक्षण के बाद लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय उनके कथित रूप से आपत्तिजनक फोटो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लिया गया है। इसके साथ ही कुछ दिन पहले एक SI की पत्नी ने आईपीएस रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उनके खिलाफ विभागीय जांच लंबित होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

गृह (पुलिस) विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि संबंधित अधिकारी का व्यवहार सेवा की अपेक्षित गरिमा और मानकों के अनुरूप नहीं था। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके आचरण से पुलिस विभाग की छवि प्रभावित हुई है।

सरकार ने मामले में अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के तहत प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई प्रारंभ की है। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान अधिकारी पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से संबद्ध रहेंगे और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विभागीय जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी। 

क्या है पूरा मामला - 

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, लगभग पांच महीने पहले उन्हें आईजी पद से भी हटा दिया गया था। यह मामला अक्टूबर 2025 में दर्ज एक शिकायत से संबंधित है। शिकायत में एक महिला ने अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस मुख्यालय में दर्ज शिकायत के अनुसार, महिला का कहना है कि उनकी मुलाकात वर्ष 2017 में कोरबा में हुई थी, जब संबंधित अधिकारी वहां पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे।

शिकायत में कहा गया है कि शुरुआती संपर्क सोशल मीडिया के माध्यम से हुआ, जो बाद में नियमित बातचीत में बदल गया। महिला का आरोप है कि समय के साथ अधिकारी द्वारा संपर्क बनाए रखने के लिए दबाव डाला गया।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे मिलने के लिए बुलाया गया और मना करने पर उसके पति के तबादले की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसके पास अपने दावों के समर्थन में कुछ डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपों की जांच जारी है। मामले में अभी तक आरोपों पर अधिकारी की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार ने कहा है कि आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।  

छत्तीसगढ़: 12वीं हिंदी पेपर लीक के दावे के बाद परीक्षा निरस्त, अब 10 अप्रैल को दोबारा होगी परीक्षा


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ में कक्षा 12वीं के हिंदी प्रश्नपत्र के कथित लीक होने के दावों के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने अहम निर्णय लेते हुए परीक्षा को निरस्त कर दिया है। मंडल ने आदेश जारी कर बताया है कि अब हिंदी विषय की पुनर्परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, 12वीं कक्षा का हिंदी पेपर 14 मार्च 2026 को आयोजित हुआ था। परीक्षा के बाद सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप समूहों में प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते सवालों के वायरल होने की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे मामले को लेकर संदेह और विवाद की स्थिति बन गई। इस बीच छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने दावा किया कि परीक्षा से पहले ही कुछ प्रश्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे थे। संगठन ने इसे परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर चूक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस की साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ था या नहीं, और यदि हुआ तो इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। इस मुद्दे को लेकर एनएसयूआई ने विरोध प्रदर्शन भी किया और मंडल कार्यालय का घेराव कर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कहा है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हिंदी विषय की परीक्षा को निरस्त कर दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया गया है, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। फिलहाल, छात्र-छात्राओं को अब 10 अप्रैल को होने वाली पुनर्परीक्षा की तैयारी करनी होगी, जबकि जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हैं।

‘छोटू’ की शुद्धता पर विवाद, डीएनए रिपोर्ट से नहीं मिला समर्थन


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में रखे गए वन भैंसे ‘छोटू’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वन विभाग जहां उसे अंतिम शुद्ध नस्ल का जंगली भैंसा बता रहा है, वहीं उपलब्ध डीएनए रिपोर्ट इस दावे की पुष्टि नहीं करती है।

डिप्टी डायरेक्टर स्तर पर प्रस्तुत की गई डीएनए रिपोर्ट का अध्ययन करने पर यह सामने आया है कि इसमें केवल उदंती क्षेत्र के भैंसों के आनुवंशिक आंकड़े और विविधता का उल्लेख है। रिपोर्ट में किसी एक भैंसे को शुद्ध नस्ल का घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में छोटू को शुद्ध नस्ल का बताना वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा रहा है।

प्रजनन योजना पर उठे सवाल

वन विभाग असम से लाई गई मादा वन भैंसों के साथ छोटू का प्रजनन कराने की तैयारी कर रहा है। इस पर रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने आपत्ति जताते हुए शासन को पत्र लिखकर छोटू की शुद्धता की जांच की मांग की थी। शासन ने इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) को दावों के परीक्षण के निर्देश दिए हैं। हालांकि आरोप है कि बिना किसी स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच के ही छोटू को शुद्ध नस्ल का मान लिया गया और आगे इस विषय पर संज्ञान न लेने की अनुशंसा भी की गई।

वन्यजीव प्रेमियों की आवाज दबाने का आरोप

नितिन सिंघवी ने वन विभाग पर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने में बाधा उत्पन्न करने और वन्यजीव प्रेमियों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है।

उम्र और प्रजनन क्षमता पर संशय

छोटू की उम्र को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दस्तावेजों में अब भी उसकी उम्र 21 वर्ष दर्ज है, जबकि पूर्व अभिलेखों के आधार पर उसकी वास्तविक उम्र 24 वर्ष से अधिक मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस उम्र में जंगली भैंसों की प्रजनन क्षमता काफी कम हो जाती है। वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में भी पूर्व में प्रजनन के प्रयासों के असफल रहने का उल्लेख किया गया है। ऐसे में वर्तमान प्रजनन योजना की व्यवहारिकता पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।

अन्य मुद्दों पर भी जवाब बाकी

मामले में असम से लाई गई मादा भैंसों को वर्षों तक बाड़े में रखने, पूर्व में खरीदी गई भैंसों की डीएनए जांच न कराने और हाइब्रिड भैंसों पर हुए खर्च को लेकर भी कई सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल, छोटू को लेकर उठे इस विवाद ने वन विभाग के दावों की वैज्ञानिकता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव से की सौजन्य मुलाकात, खेल विकास पर हुई चर्चा

रायपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /   मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और देश के महान क्रिकेटर कपिल देव से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बेल मेटल से निर्मित आकर्षक प्रतिमा और ‘पुण्यभूमि छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक भेंट कर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीकात्मक सम्मान किया।

मुख्यमंत्री ने माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में उनका स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुलाकात के दौरान प्रदेश में खेल अधोसंरचना के आधुनिकीकरण, खेल सुविधाओं के विस्तार और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान खेलों के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। वहीं कपिल देव ने भी प्रदेश में खेल विकास की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार व्यक्त किए। 

CM का दौरा: रहंगी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियां तेज, कलेक्टर और एसएसपी ने किया स्थल निरीक्षण


बिलासपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  बिल्हा विकासखंड के ग्राम रहंगी में 28 फरवरी को प्रस्तावित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यक्रम की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम स्थल का कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री रहंगी के खेल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को धान खरीदी के अंतर की प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के करोड़ों रुपये के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मुख्य सभामंच, सांस्कृतिक मंच, विभागीय स्टॉल, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, पार्किंग और सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल के समीप ही हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों ने प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का भी निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की रूपरेखा तैयार की। एसएसपी रजनेश सिंह ने संभावित जनसमूह को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण तथा प्रवेश और निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।

जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद पैसे मांगने का वीडियो वायरल, स्वास्थ्य विभाग की नजर


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / बिलासपुर के जिला अस्पताल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर प्रसव के बाद मरीज के परिजनों से रूपये की मांग की जा रही है। वायरल वीडियो के मुताबिक़ नर्स को 1000 रूपये और आया के लिये 500 रूपये की मांग की गई है। वीडियो में नर्स यह भी कह रही है कि सरकारी अस्पतालों का हाल बड़ा बुरा है, हाथ में पहनने के लिए दस्ताने भी नहीं है। इस वायरल वीडियो के संबंध में  TODAY छत्तीसगढ़  कोई भी दावा या प्रामाणिक पुष्टि नहीं करता है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों से पूछने पर उन्होंने वीडियो के सत्यता की जाँच के बाद आवश्यक कारवाही का भरोसा दिलाया है।  

रंगों की होली: राज्य की सभी देशी और विदेशी मदिरा दुकानें रहेंगी बंद


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /   होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि उमंग, उल्लास और सामाजिक मेल-मिलाप का प्रतीक है। लेकिन इस बार छत्तीसगढ़ में होली का रंग कुछ अलग तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। कुछ दिन पहले जब राज्य सरकार द्वारा तीन ‘ड्राई डे’ समाप्त करने की खबर सामने आई थी, तब यह खबर जितनी अखबारों और सोशल मीडिया की सुर्खियों में रही, उससे कहीं अधिक उत्साह शराब के शौकीनों के बीच देखा गया। खासतौर पर जब यह स्पष्ट हुआ कि इस सूची में होली जैसे बड़े त्योहार का नाम भी शामिल है, तब कई लोगों ने यह मान लिया था कि इस बार की होली पहले से अधिक ‘रंगीन’ और ‘नशीली’ होगी।

गांवों की चौपालों से लेकर शहरों के क्लबों और होटलों तक, यह चर्चा आम हो गई थी कि इस बार त्योहार के दिन भी शराब की दुकानें खुली रहेंगी। कई लोगों ने तो अपनी योजनाएं भी इसी हिसाब से बनानी शुरू कर दी थीं। लेकिन जैसे-जैसे इस फैसले पर सामाजिक और नैतिक स्तर पर सवाल उठने लगे, सरकार ने भी इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझा। त्योहार केवल व्यक्तिगत आनंद का अवसर नहीं होता, बल्कि वह समाज की सामूहिक चेतना और परंपराओं का भी प्रतीक होता है। यही कारण है कि अंततः राज्य सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया और एक नया आदेश जारी कर दिया। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने X हेंडल पर ट्वीट किया है। 

छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, 4 मार्च 2026 को होली के दिन पूरे प्रदेश में ‘शुष्क दिवस’ (Dry Day) घोषित किया गया है। इस दिन राज्य की सभी देशी और विदेशी मदिरा दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट-बार और क्लब पूरी तरह बंद रहेंगे। महानदी भवन से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल शराब दुकानें ही नहीं, बल्कि भांग और भांगघोटा की फुटकर दुकानें भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यह फैसला केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि त्योहार की मूल भावना को संरक्षित रखने का प्रयास भी माना जा रहा है। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी निजी क्लब, स्टार होटल या गैर-मालिकाना प्रतिष्ठानों में मदिरा परोसने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही व्यक्तिगत भंडारण और गैर-लाइसेंस प्राप्त परिसरों में शराब रखने पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रशासन ने इस आदेश को प्रभावी बनाने के लिए उड़नदस्तों को सक्रिय कर दिया है। इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि अवैध परिवहन, बिक्री या भंडारण की सघन जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार इस आदेश को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जमीनी स्तर पर पूरी गंभीरता से लागू करना चाहती है।

रमजान में रोजेदार कर्मचारियों को राहत, एक घंटे पहले घर जा सकेंगे


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / पवित्र रमजान माह की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने मुस्लिम अधिकारी और कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने रोजा रखने वाले कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालय समय से एक घंटे पहले घर जाने की अनुमति देने का फैसला किया है, ताकि वे इफ्तार और नमाज की तैयारी समय पर कर सकें।

सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य रमजान के दौरान रोजेदारों को उनकी धार्मिक जिम्मेदारियां निभाने में सहूलियत देना है। रमजान इस्लाम धर्म में इबादत, संयम और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण महीना माना जाता है। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोग दिनभर रोजा रखते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार कर रोजा खोलते हैं। ऐसे में कार्यालय से एक घंटे पहले छुट्टी मिलने से कर्मचारी अपने परिवार के साथ इफ्तार में शामिल हो सकेंगे और नमाज अदा कर सकेंगे।

राज्य सरकार के इस फैसले का छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने स्वागत किया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि सरकार सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दौरान अपनी धार्मिक जिम्मेदारियां निभाने में सुविधा मिलेगी। सरकार के इस फैसले को मुस्लिम समाज के बीच सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।  

Chhattisgarh: मुख्यमंत्री साय ने 30 खनि निरीक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) द्वारा चयनित 30 नव-नियुक्त खनिज निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने सभी चयनित अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए राज्य के खनिज क्षेत्र में ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और इसके बेहतर प्रबंधन में खनि निरीक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नव-नियुक्त अधिकारी पारदर्शिता, दक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे और खनिज क्षेत्र में सुशासन के नए मानक स्थापित करेंगे। 

उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिबद्धता राज्य के विकास और उद्योगों के सशक्तिकरण में अहम योगदान देगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने और राज्य के संसाधनों के संरक्षण तथा सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नव-नियुक्त खनिज निरीक्षकों में उत्साह का माहौल रहा और उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करने का संकल्प लिया।

अवैध खनन जांच के दौरान मारपीट, मौत: कुसमी एसडीएम करूण डहरिया निलंबित


रायपुर/बलरामपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / अवैध बॉक्साइट खनन की जांच के दौरान ग्रामीणों से मारपीट और एक आदिवासी की मौत के मामले में राज्य सरकार ने कुसमी एसडीएम करूण डहरिया को निलंबित कर दिया है। घटना के बाद जिले में हालात तनावपूर्ण हो गए थे। ग्रामीणों के बढ़ते दबाव के बीच एसडीएम समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लॉक अंतर्गत हंसपुर गांव में 15 फ़रवरी की रात खनन क्षेत्र में विवाद की स्थिति बनी। आरोप है कि एसडीएम करूण डहरिया निजी थार वाहन से कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान तीन ग्रामीणों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि एसडीएम और उनके साथ मौजूद लोगों ने रॉड और लाठी-डंडों से ग्रामीणों की पिटाई कर दी। मारपीट में 62 वर्षीय रामनरेश की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए।

घायलों ने बताया कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर घर लौट रहे थे, तभी टीम से उनका सामना हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रकरण को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। चर्चा है कि एसडीएम सरकारी वाहन के बजाय निजी थार गाड़ी से गए थे। साथ में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के बजाय निजी लोग मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार घटना के बाद नायब तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया। 

ग्रामीणों के आंदोलन के बाद पुलिस ने एसडीएम समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा - साय

कोरिया। TODAY छत्तीसगढ़  / विष्णु देव साय ने आज तीन दिवसीय कोरिया महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जिले के विकास को नई गति देते हुए 156 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई, जिसमें स्थानीय लोक कला और परंपराओं की झलक देखने को मिली।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और संस्कृति साथ-साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जनसेवा और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान के माध्यम से छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। तीन दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और विकास योजनाओं से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। 

कोरिया जिला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैकुंठपुर के झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने झुमका जलाशय में बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन की अपार संभावनाओं से समृद्ध छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार लगातार आधुनिक सुविधाओं का विकास कर रही है, ताकि प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।

नायब तहसीलदार से IAS तक: वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की पदोन्नति क्यों है अहम

रायपुर। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नत किया है। इनमें 2008 और 2010 बैच के दो-दो तथा 2013 बैच के चार अधिकारी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ के राज्य प्रशासनिक सेवा के जिन सात अधिकारियों को आईएएस अवार्ड हुआ है, उनमें तीर्थराज अग्रवाल, लीना कोसम, सौमिल चैबे, संदीप अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, बीरेंद्र पंचभाई और आशीष टिकरिहा शामिल हैं।

इनमें वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का नाम खास तौर पर चर्चा में है। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत नायब तहसीलदार के रूप में की थी और अब पदोन्नति के जरिए आईएएस कैडर में शामिल हुए हैं। राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ में यह पहला मामला बताया जा रहा है, जब किसी नायब तहसीलदार ने प्रमोशन के माध्यम से आईएएस का पद हासिल किया है। 

क्या है पृष्ठभूमि?

वीरेंद्र बहादुर पंचभाई मूल रूप से छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के रहने वाले हैं। उनका चयन मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से नायब तहसीलदार पद पर हुआ था। उन्होंने अभनपुर में नायब तहसीलदार के रूप में कार्यभार संभाला और बाद में तहसीलदार बने। वर्ष 2010 में वे राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नत हुए। इसके बाद संयुक्त कलेक्टर और फिर अपर कलेक्टर के पद पर पहुंचे। वर्तमान में वे बस्तर संभाग के नारायणपुर ज़िले में अपर कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं।

आईएएस पदोन्नति की प्रक्रिया

राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) के आधार पर आईएएस कैडर में पदोन्नति दी जाती है। केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद संबंधित अधिकारियों को औपचारिक रूप से आईएएस कैडर आवंटित किया जाता है। आमतौर पर नायब तहसीलदार के रूप में सेवा शुरू करने वाले अधिकारी डिप्टी कलेक्टर या अपर कलेक्टर पद तक पहुंचते हैं। आईएएस कैडर तक पहुंचना अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है।

पहले क्या हुआ है?

ठाकुर रामसिंह भी अपने करियर के शुरुआती दौर में नायब तहसीलदार रहे थे। हालांकि उन्होंने बाद में लोक सेवा आयोग की परीक्षा देकर डिप्टी कलेक्टर पद हासिल किया और फिर पदोन्नति के जरिए आईएएस बने। वे रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जैसे ज़िलों में कलेक्टर रह चुके हैं और सेवानिवृत्ति से पहले संभागीय आयुक्त के पद पर भी रहे। छत्तीसगढ़ में पंचभाई की पदोन्नति को प्रशासनिक सेवा में लंबी पारी और पदोन्नति आधारित प्रगति के एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

भांचादान की भूमि पर कब्जे से परेशान आदिवासी किसान ने लगाई गुहार


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / साप्ताहिक जनदर्शन में सोमवार को जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों लोगों की समस्याओं की सुनवाई की गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनदर्शन में एक-एक आवेदन को गंभीरता से पढ़कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनदर्शन में सबसे अधिक आवेदन एग्रीस्टेक पंजीयन, रकबा छूटने और किसान संबंधी समस्याओं से जुड़े रहे। कोनी निवासी आदिवासी किसान पुरुषोत्तम गोंड़ ने ग्राम गतौरा में भांचादान में प्राप्त भूमि को बेजा कब्जे से मुक्त कराने की फरियाद की। उन्होंने बताया कि गतौरा निवासी नारायण राठौर और उसके दो पुत्र पिछले करीब डेढ़ दशक से उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। इस पर आवेदन को एसडीएम को भेजते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

तखतपुर के ग्राम गुटेना निवासी रामायण श्रीवास ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किश्त दिलाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि किश्त मिलने की उम्मीद में कर्ज लेकर मकान पूरा करा लिया, लेकिन दो साल बाद भी राशि नहीं मिली। जनपद पंचायत तखतपुर के सीईओ को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

गनियारी के किसान मोहनलाल साहू ने गिरदावरी में धान फसल का उल्लेख नहीं किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पटवारी द्वारा प्रविष्टि नहीं होने के कारण एग्रीस्टेक पंजीयन के बाद भी वे फसल बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। तहसीलदार सकरी को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

मस्तुरी के ग्राम भगवानपाली निवासी किसान लाल बहादुर राय ने बताया कि ट्रैक्टर पंजीयन के डेढ़ साल बाद भी आरसी बुक नहीं मिली है। इस पर आरटीओ को तत्काल आरसी बुक जारी करने के निर्देश दिए गए।

तालापारा मरार गली निवासी श्रीमती प्रीति गांगवने ने अटल आवास की मांग करते हुए बताया कि पति द्वारा छोड़ दिए जाने के बाद वह बच्चों के साथ किराये के मकान में रहकर जीवन यापन कर रही हैं।

वहीं, बिल्हा विकासखंड के ग्राम बरतोरी निवासी किसान मनोज कुमार कौशिक ने धान बिक्री के लिए तीसरे टोकन की मांग की। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ भूमि में से 8 एकड़ की फसल बेच चुके हैं, शेष 2 एकड़ की उपज बची है। निगम आयुक्त ने खाद्य नियंत्रक को आवेदन भेजकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। 

राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य है। राज्य युवा महोत्सव युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अनुज शर्मा,महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे मौजूद थे। 

छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 की लॉन्चिंग

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस महोत्सव में प्रदेश भर से 3 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें 8 दलीय एवं 6 एकल विधाएं शामिल हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला एवं कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएं नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में खेल की अपार संभावनाएं हैं और प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है।

  इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने रिमोट का बटन दबाकर ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026’ का शुभारंभ किया। साथ ही खेलों के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक श्री अमित कुमार द्वारा टॉर्च का अनावरण किया गया, जो खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विविध संस्कृतियों को जोड़ते हुए ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’’ की भावना को सशक्त करता है। मुख्यमंत्री ने खेल अलंकरण समारोह को पुनः प्रारंभ करने, खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने की मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

  केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है। केंद्र और राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। यह युवा महोत्सव प्रदेश भर के युवाओं की प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच है। उद्घाटन समारोह में सुदूर वनांचल अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने सराहा।

  उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर में राज्य युवा महोत्सव और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन ऐतिहासिक अवसर है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार प्रतिभा और क्षमता है, जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 3 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और युवा शक्ति का जीवंत उदाहरण है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वर्ष 2025 में ऐतिहासिक बस्तर ओलंपिक का आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं का आयोजन कर युवाओं और खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन एवं राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खेल और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए जिले में भी प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जाएगा और उन्हें राज्य स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा। 

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और जनजातीय अंचलों के युवा आज राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण युवा एवं कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने दिया। कार्यक्रम में संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

SECR: बिलासपुर मंडल को मिले नए DRM, राकेश रंजन ने संभाला कार्यभार


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के नए मंडल रेल प्रबंधक के रूप में राकेश रंजन ने 22 दिसंबर को पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने मंडल के सभी शाखाधिकारियों के साथ अनौपचारिक बैठक कर परिचय प्राप्त किया।

इस दौरान श्री रंजन ने मंडल में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं परियोजनाओं की जानकारी ली और उनके समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और परिचालन क्षमता में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। राकेश रंजन भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसएसई) के 1996 बैच के अधिकारी हैं। बिलासपुर मंडल में पदस्थापना से पूर्व वे पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर में चीफ सिग्नल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

अपने दीर्घ सेवाकाल के दौरान उन्होंने बरौनी एवं गोरखपुर में एएसटीई, इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्युनिकेशन (आईआरआईएसईटी), हैदराबाद में प्रोफेसर, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर में मुख्य संचार इंजीनियर, रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में निदेशक तथा रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में कार्यकारी निदेशक (टेलीकॉम डेवलपमेंट) सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

रेलटेल कॉर्पोरेशन में निदेशक रहते हुए नई पीढ़ी के एक्सल काउंटर एवं आईपी आधारित एक्सचेंज प्रणालियों के विकास और सफल कार्यान्वयन में उनका अहम योगदान रहा है। तकनीकी दक्षता और व्यापक प्रशासनिक अनुभव से परिपूर्ण श्री राकेश रंजन के नेतृत्व में बिलासपुर मंडल में विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

पल्स पोलियो अभियान: जिले में 2 लाख 62 हजार से अधिक बच्चों को पिलाई गई दवा


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में  जिले के 2 लाख 62 हजार 816 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। जिले ने निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 94.49 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला और  महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, राजकिशोर नगर में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। जिला स्तरीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ मातृ एवं शिशु अस्पताल, जिला चिकित्सालय बिलासपुर  महापौर श्रीमती पूजा विधानी एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल द्वारा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर किया गया। 

        जिला अस्पताल में इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल,डॉ. अनिल गुप्ता सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी, डॉ. रक्षित जोगी जिला सर्विलेंस अधिकारी/शहरी खण्ड चिकित्सा अधिकारी,सुश्री प्यूली मजूमदार (डीपीएम) एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। अभियान  के पहले दिन 21 दिसंबर 2025 को जिले में 1520 बूथों तथा ट्रांजिट दल/मोबाइल टीमों के माध्यम से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। शेष बच्चों को कवर करने के लिए अभियान के दूसरे एवं तीसरे दिन 22 व 23 दिसंबर 2025 को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मितानिनों द्वारा घर-घर भ्रमण कर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।

   कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले के समस्त पालकों एवं अभिभावकों से अपील की है कि 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कोई भी बच्चे पोलियो खुराक से वंचित न रहें। घर-घर भ्रमण के दौरान आने वाली स्वास्थ्य टीमों को सहयोग प्रदान कर अपने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में सहभागी बनें।

High Court: पुलिस अफसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, अग्रिम जमानत नामंजूर


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में फंसे एक पुलिस अधिकारी को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी पुलिस अफसर है और उसे अग्रिम जमानत देने पर गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपों की प्रकृति अत्यंत गंभीर है, ऐसे में राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।

मामला दुर्ग जिले के पुराना भिलाई थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली एक महिला की शिकायत पर पुलिस अधिकारी अरविंद कुमार मेढ़े के खिलाफ यौन उत्पीड़न का अपराध दर्ज किया गया है। पीड़िता ने एफआईआर में बताया कि उसका बेटा पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी अधिकारी ने बेटे की जमानत कराने का झांसा दिया और उससे संपर्क बढ़ाया।

पीड़िता के अनुसार, 18 नवंबर 2025 की शाम उसे थाने बुलाया गया, जहां महिला पुलिसकर्मियों द्वारा कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद आरोपी ने फोन कर उसे चरौदा बस स्टैंड बुलाया और अपनी गाड़ी में बैठाकर एक सुनसान जंगल वाले इलाके में ले गया। वहां आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला, गले लगाया और अश्लील हरकतें कीं। मासिक धर्म की जानकारी देने पर आरोपी ने उसे छोड़ दिया और दो दिन बाद फिर मिलने की बात कही।

घटना के लगभग 24 घंटे बाद, 19 नवंबर 2025 की शाम करीब छह बजे पीड़िता ने थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी की ओर से हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई, जिसमें आरोपों को निराधार बताते हुए एफआईआर में देरी और आपराधिक रिकॉर्ड न होने की दलील दी गई। हालांकि, कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।

इस आदेश के जरिए हाई कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वर्दी या पद की आड़ में किए गए अपराधों पर न्यायालय सख्त रुख अपनाएगा। साथ ही, यह फैसला यौन अपराधों में पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और जांच को स्वतंत्र व निष्पक्ष बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने दिया इस्तीफा, विधि सचिव को भेजा त्यागपत्र


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ शासन के अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्य सरकार के विधि सचिव को त्यागपत्र भेजते हुए इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि इससे पहले 17 नवंबर को तत्कालीन महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत ने अपने पद से त्यागपत्र दिया था। इसके बाद अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक शर्मा को नया महाधिवक्ता नियुक्त किया गया। विधि सचिव को प्रेषित अपने इस्तीफे में मरहास ने कहा है कि पिछले दो वर्षों तक इस महत्वपूर्ण पद पर सेवा देना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही। इस दौरान उन्हें राज्य से जुड़े कानूनी मामलों में योगदान देने, विभिन्न न्यायालयों में शासन का प्रतिनिधित्व करने और अनुभवी व समर्पित सहकर्मियों के साथ कार्य करने का अवसर मिला। 

मरहास ने अपने पत्र में राज्य सरकार द्वारा मिले विश्वास और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के समर्थन से ही वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी क्षमता के साथ कर सके। उन्होंने उल्लेख किया कि उन्होंने अपना कार्यकाल संतोषजनक रूप से पूरा किया है और अब पद छोड़ने का यह उचित समय है।

उल्लेखनीय है कि रणवीर सिंह मरहास भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों से जुड़े रहे हैं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की स्थापना के बाद वे जबलपुर से बिलासपुर आए और न्यायिक क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहे। वे लंबे समय तक शासकीय अधिवक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।


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