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स्काउट-गाइड दीक्षा संस्कार के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / कृष्णा पब्लिक स्कूल, कोनी में स्काउट-गाइड विद्यार्थियों के लिए दीक्षा संस्कार कार्यक्रम एवं ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के तहत वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्काउट-गाइड की विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक राज्य आयुक्त (स्काउट) विजय कुमार यादव थे। विशिष्ट अतिथियों में सहायक जिला आयुक्त (गाइड) आरती राय, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) महेंद्र बाबू टंडन, मुरली मोहन दास तथा विकास लहरे शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्या रुनकी अम्बष्ट ने की, जबकि संचालन उप-प्रधानाचार्य रमन मिश्रा के निर्देशन में हुआ।

अपने संबोधन में विजय कुमार यादव ने कहा कि स्काउट-गाइड बच्चों में चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मरक्षा और सेवा भावना का विकास करता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए प्रत्येक व्यक्ति से वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रणव शर्मा, नितेश लोनीया, एस. हेमलता, पदमा गुप्ता सहित स्काउट-गाइड टीम एवं विद्यालय के शिक्षकों का योगदान रहा। अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा: 'छात्रों का भविष्य विवादों से ऊपर', पीएम मोदी को भेजा त्यागपत्र

धर्मेंद्र प्रधान का यह इस्तीफ़ा नीट परीक्षा की गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के भारी आक्रोश और सरकार पर बन रहे राजनीतिक दबाव का सीधा नतीजा है. अब देखना यह है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े, सीबीआई जाँच और दोबारा परीक्षा के फ़ैसले से क्या सड़क पर उतरे छात्रों का ग़ुस्सा शांत हो पाएगा.
नई दिल्ली:  TODAY छत्तीसगढ़  / मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में हुई कथित अनियमितताओं और देशभर में जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है.

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई हिस्सों में नीट परीक्षा को लेकर छात्रों का उग्र आंदोलन चल रहा है. इसी बढ़ते दबाव और विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ने का यह अहम फ़ैसला लिया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए इस्तीफ़े का सार्वजनिक ऐलान किया और इसके पीछे की वजहें भी स्पष्ट कीं.

'छात्रों का भविष्य विवादों से ऊपर'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी अपनी चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि एक छात्र और शिक्षा के लिए उनका समर्पण दशकों पुराना है.

सोशल मीडिया पर साझा किए गए पत्र के अंश में उन्होंने लिखा, "पिछले चार दशक से अधिक समय से मैं छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूँ. मेरा हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि एक मज़बूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है. छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से ऊपर है." 

गिनाए सरकार के कदम

अपने इस्तीफ़े की घोषणा के साथ ही धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी परीक्षा (NEET-UG) को लेकर उठे विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय द्वारा उठाए गए क़दमों का भी ज़िक्र किया.

उन्होंने पत्र में लिखा, "3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें जैसे ही सामने आईं, सरकार ने तुरंत और सख़्त कार्रवाई की. मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जाँच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई है. साथ ही, पुरानी परीक्षा रद्द कर इसे दोबारा आयोजित कराने का फ़ैसला लिया गया है."

अगले साल से पूरी तरह बदलेगी परीक्षा प्रणाली

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की योजना का ज़िक्र करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. उन्होंने घोषणा की कि अगले साल से NEET परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT - Computer Based Test) मोड में आयोजित किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके.

माना जा रहा है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की हो रही चौतरफ़ा आलोचना के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए यह क़दम उठाया है. 

एमबीबीएस फाइनल परीक्षा में जगदलपुर की छात्रा ने किया टॉप

जगदलपुर । TODAY छत्तीसगढ़  / आयुष स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एमबीबीएस फाइनल पार्ट-2 की वार्षिक परीक्षा 2026 में जगदलपुर (डिमरापाल) स्थित स्व. बलिराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की छात्रा डॉ. राखी पटेल ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा में राज्य के 10 शासकीय और 4 निजी मेडिकल कॉलेजों के लगभग 1,500 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। मूलतः बिलासपुर निवासी और वर्ष 2021 बैच की छात्रा डॉ. राखी पटेल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन और प्राध्यापकों के अध्यापन को दिया है।

डॉ. राखी की इस उपलब्धि पर स्व. बलिराम कश्यप चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. प्रदीप बेक, अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू तथा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

डॉ. अनुरूप साहू अधीक्षक, मेकाज जगदलपुर ने बताया कि यह संस्थान के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। डॉ. राखी ने अपने अकादमिक प्रदर्शन से संस्थान का नाम रोशन किया है। प्रबंधन उनके उज्ज्वल भविष्य और चिकित्सकीय करियर की कामना करता है। 

प्री-बीएड और प्री-डीएलएड प्रवेश परीक्षा, 35 केंद्रों पर होगी परीक्षा, भारी वाहनों की नो-एंट्री

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा 19 जुलाई (रविवार) को प्री-बीएड एवं प्री-डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2026 का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा शहर के 35 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में संपन्न होगी। परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और यातायात विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं।

पहली पाली में प्री-बीएड प्रवेश परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक तथा दूसरी पाली में प्री-डीएलएड प्रवेश परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा में बिलासपुर सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।

इसे देखते हुए शहर में भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की गई है। प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों, पुल-पुलिया, संकीर्ण सड़कों, शॉपिंग मॉल, शहर के प्रवेश एवं निकास मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस और यातायात कर्मियों की तैनाती की गई है। यातायात दबाव बढ़ने की स्थिति में आवश्यकतानुसार मार्गों का डायवर्जन भी किया जाएगा।

पुलिस ने नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि परीक्षा के दौरान, विशेषकर सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले और शाम परीक्षा समाप्त होने के बाद, शहर में ट्रैफिक दबाव अधिक रहेगा। ऐसे में लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए शहर के बाहरी और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें तथा यातायात पुलिस द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

एचएनएलयू रायपुर की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि, 20 विश्वविद्यालयों से साझेदारी

एचएनएलयू रायपुर ने बैंकॉक में वैश्विक उपलब्धि हासिल करते हुए 20 अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ नवाचार, अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग के लिए ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
रायपुर /   TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर ने वैश्विक शैक्षणिक पटल पर राज्य का गौरव बढ़ाते हुए एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि हासिल की है। थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान, एचएनएलयू ने वैश्विक विश्वविद्यालय नवाचार एवं सहयोग के लिए एक ऐतिहासिक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

     ​इस ऐतिहासिक समझौते पर दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के 20 अग्रणी और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों ने हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और सतत विकास के क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

​बैंकॉक के आईकॉनसियाम में हुआ वैश्विक समागम

        ​यह समझौता 9-10 जुलाई 2026 को बैंकॉक स्थित प्रसिद्ध आईकॉनसियाम कन्वेंशन सेंटर में आयोजित  "AUAP - WURI  इम्पैक्ट समिट 2026" के दौरान हुआ। इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय सरकार के साथ साझेदारी में विश्वविद्यालय नवाचार-नीति, तंत्र और प्रभाव था, जिसमें दुनिया भर के विश्वविद्यालयों के प्रमुखों, नीति-निर्माताओं, नवाचार विशेषज्ञों और जाने-माने शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया।

​कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने  प्रस्तुत किया 'R-HaS' मॉडल

​         कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने प्रस्तुत किया 'R-HaS' मॉडल ​शिखर सम्मेलन में एचएनएलयू का प्रतिनिधित्व करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानन्दन ने विश्वविद्यालय के अभिनव रिसर्च हब एंड ​​स्पोक (R-HaS) मॉडल पर आधारित एक केस स्टडी प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने एचएनएलयू के अंतर्विषयी अनुसंधान तंत्र, बाह्य वित्तपोषित (एक्सटर्नली फंडेड) शोध परियोजनाओं तथा समाज के प्रति जवाबदेह एवं प्रभावकारी अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को वैश्विक मंच पर रेखांकित किया, जिसकी उपस्थित विशेषज्ञों ने काफी सराहना की।

          ​इस रणनीतिक कामयाबी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने कहा कि एचएनएलयू क्षेत्रीय और वैश्विक विश्वविद्यालय संगठनों के साथ सार्थक सहभागिता के माध्यम से अपनी अनुसंधान पहलों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित और प्रसारित करने की दिशा में प्रभावशाली प्रगति कर रहा है। यह बहुपक्षीय समझौता हमारे अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक मील का पत्थर है। सम्मेलन के दौरान AUAP के महासचिव प्रो. डॉ. अनूप स्वरूप तथा कार्यकारी सचिव डॉ. सुपापोर्न चुआंगचिद के साथ संयुक्त सम्मेलन, अनुसंधान परियोजनाओं, संकाय (फैकल्टी) व छात्र विनिमय (एक्सचेंज) कार्यक्रमों पर भी बेहद सार्थक चर्चा हुई है।

  समझौते के तहत इन क्षेत्रों में होगा साझा काम

          ​बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-3 के तहत सभी 20 सहभागी संस्थान भविष्य में मिलकर काम करेंगे। इसके तहत आपसी सहयोग से वैश्विक महत्व की नवाचार व शोध परियोजनाओं का संचालन, संकाय (फैकल्टी), शोधार्थियों और छात्रों के लिए विनिमय कार्यक्रम,नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलनों, कार्यशालाओं और केस स्टडीज का विकास करना शामिल है।

इन संगठनों के सहयोग से हुआ शिखर सम्मेलन

             ​AUAP (एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक): यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र का एक बेहद प्रतिष्ठित और पुराना विश्वविद्यालय संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों को एक मंच पर लाकर शैक्षणिक सहयोग, नेतृत्व विकास और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देना है।

               ​WURI (वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स फॉर इनोवेशन) यह एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्रणाली है जो विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन सिर्फ पारंपरिक किताबी या शोध मानकों पर नहीं, बल्कि वास्तविक सामाजिक प्रभाव, उद्योग सहयोग, उद्यमिता और नैतिक नेतृत्व जैसे नवाचारों के आधार पर करती है। एचएनएलयू अपने दूरदर्शी नेतृत्व के कारण इस रैंकिंग में लगातार अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है।

​                हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर देश के अग्रणी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में गिना जाता है। अपने विशिष्ट 'R-HaS' मॉडल, अनुभवात्मक अधिगम (एक्सपेरिमेंटल लर्निंग) और लोकनीति-उन्मुख अनुसंधान के दम पर यह संस्थान विधि शिक्षा के भविष्य को वैश्विक स्तर पर आकार देने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

एक माह से अंधेरे में स्कूल, बिजली-पानी संकट से जूझ रहे मासूम बच्चे

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के प्राथमिक शाला नदियापार चनाडोंगरी में पिछले एक महीने से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण छात्र-छात्राओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली नहीं होने से भीषण गर्मी के बीच कक्षाओं में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं पेयजल व्यवस्था भी बाधित हो गई है।

विद्यालय प्रबंधन और ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि आवेदन एक कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी तक पहुंचता रहा, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय परिसर के पास लगा बिजली का खंभा भी लंबे समय से गिरा हुआ है। उनका कहना है कि इससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है, लेकिन विभाग ने अब तक इसे हटाने या सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।

अभिभावकों का कहना है कि बिना बिजली और पेयजल सुविधा के छोटे बच्चों का स्कूल में पूरे समय रहना मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि विभागीय उदासीनता का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय की बिजली व्यवस्था जल्द बहाल कराई जाए और गिरे हुए बिजली खंभे को हटाकर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। 


स्कूल से चौक तक जागरूकता, कोटा पुलिस ने छात्रों और नागरिकों को किया सचेत

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर पुलिस के 'चेतना विरुद्ध नशा' और 'प्रहार' अभियान के तहत कोटा पुलिस ने सोमवार को साइबर अपराधों और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा और सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

पुलिस के अनुसार, यह कार्यक्रम पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर आयोजित किया गया। इसके तहत ग्राम नवागांव के हाई स्कूल में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।

कार्यक्रम में ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर अपराध की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।

इसी क्रम में कोटा के नाका चौक पर आम नागरिकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में सहायक उप निरीक्षक शिव कुमार साहू, प्रधान उप निरीक्षक मोहित कुमार सोनकर तथा कोटा पुलिस के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

नए शिक्षा सत्र में बच्चों की सुरक्षा पर फोकस, यातायात पुलिस ने जारी की 18 सूत्रीय एडवाइजरी

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  नए शिक्षा सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस बिलासपुर ने जिले के सभी विद्यालयों के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। स्कूल प्रबंधन, बस संचालकों, वाहन चालकों और अभिभावकों से सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में जारी इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करना है। यातायात पुलिस ने बताया कि जिले में लगभग 400 से अधिक स्कूल वाहन संचालित हैं, जिनमें प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी आवागमन करते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन अत्यंत आवश्यक है।

यातायात पुलिस ने सभी विद्यालयों को अवगत कराया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिए निर्धारित 18 सूत्रीय दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए।

निर्देशों के अनुसार प्रत्येक स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए तथा बस के आगे, पीछे और दोनों ओर विद्यालय का नाम एवं संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। अनुबंधित वाहनों पर "ऑन स्कूल ड्यूटी" लिखा होना अनिवार्य है। बसों में मजबूत लॉकिंग सिस्टम, खिड़कियों पर सुरक्षा ग्रिल, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, स्कूल बैग रखने की सुरक्षित व्यवस्था तथा स्पीड गवर्नर लगाया जाना आवश्यक है।

यातायात पुलिस ने तकनीकी सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए सभी स्कूल बसों में जीपीएस आधारित व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, कार्यशील सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन तथा आपातकालीन निकास की व्यवस्था अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बस चालकों के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। चालक के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। उसके विरुद्ध कोई गंभीर यातायात उल्लंघन अथवा आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं होना चाहिए। प्रत्येक स्कूल बस में बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित परिचालक अथवा महिला परिचारिका की उपस्थिति भी अनिवार्य होगी।

विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि किसी भी बस में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए। सभी चालकों एवं परिचालकों का पुलिस सत्यापन कराया जाए तथा उनके स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से कराए जाएं। साथ ही स्कूल स्तर पर एक निगरानी समिति का गठन कर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के पालन की नियमित समीक्षा की जाए।

यातायात पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज समय-समय पर अद्यतन रखे जाएं। किसी भी परिस्थिति में खुले अथवा असुरक्षित वाहनों से बच्चों का परिवहन नहीं किया जाए। स्कूल आने-जाने के लिए नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा वाहन चलाने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें तथा यदि कोई स्कूल वाहन चालक लापरवाही, तेज गति अथवा यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन चलाता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल विद्यालय प्रबंधन अथवा संबंधित अधिकारियों को दें। इसके लिए प्रत्येक स्कूल वाहन पर शिकायत हेतु मोबाइल नंबर प्रमुखता से अंकित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

यातायात पुलिस ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा केवल पुलिस या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि विद्यालय प्रबंधन, बस संचालक, अभिभावक और आम नागरिक निर्धारित सुरक्षा मानकों का गंभीरता से पालन करेंगे, तभी विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं निर्बाध परिवहन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

'कलेक्टर, एसपी और डॉक्टर बनना चाहते हैं छत्तीसगढ़ के होनहार...'

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार (2 जुलाई ) को सक्ती ज़िले में आयोजित एक समारोह में राज्य और ज़िला स्तर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया.

सक्ती ज़िला कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न भेंट किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

छात्रों ने साझा किए अपने लक्ष्य

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी रुचियों और भविष्य (करियर) की योजनाओं के बारे में जानकारी ली. विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे भविष्य में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और डॉक्टर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहते हैं.

छात्रों के लक्ष्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर कठिन परिश्रम से ही सफलता हासिल की जा सकती है. उन्होंने छात्रों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरी निष्ठा से हासिल करने के लिए प्रेरित किया.

शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है.

उन्होंने छात्रों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा की भावना को भी अपने जीवन में अपनाने की अपील की. मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मानित हुए ये विद्यार्थी पूरे प्रदेश का गौरव हैं और इनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.

इस सम्मान समारोह में ज़िले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहब, सांसद कमलेश जांगड़े, सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे.

सरकारी स्कूल में शिक्षक की कथित 'शराब पार्टी' का VIDEO वायरल

TODAY छत्तीसगढ़  / कबीरधाम (कवर्धा) ज़िले में एक सरकारी स्कूल के भीतर शिक्षक के कथित तौर पर शराब पीने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद ज़िला शिक्षा विभाग ने संज्ञान लेते हुए मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है.

क्या है वायरल वीडियो में?

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला पंडरिया विकासखंड के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम तेलियापानी (लेदरा) के एक शासकीय स्कूल का है. वायरल हो रहे वीडियो में एक शिक्षक स्कूल परिसर के एक कमरे के भीतर कथित तौर पर शराब का सेवन करते हुए नज़र आ रहे हैं.

वीडियो के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि कमरे में शराब की बोतलें और खाने के कुछ पैकेट भी रखे हुए थे. आरोप यह भी है कि यह घटना स्कूल के निर्धारित समय के दौरान हुई है. हालांकि, घटना किस दिन और किस समय की है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

ज़िला शिक्षा अधिकारी का बयान और कार्रवाई

वीडियो सामने आने के बाद कबीरधाम ज़िले के ज़िला शिक्षा अधिकारी एफ. आर. वर्मा ने इस पर तत्काल कार्रवाई की है.

शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूल के प्रधान पाठक (हेडमास्टर) से इस पूरी घटना को लेकर विस्तृत प्रतिवेदन (लिखित रिपोर्ट) तलब किया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा वायरल वीडियो की प्रामाणिकता, घटना की तारीख़ और इसके पीछे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है.

अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत सख़्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. फ़िलहाल प्रशासन की जांच जारी है. 


120 बच्चे, एक शिक्षक और 3 साल का इंतज़ार... इस सरकारी स्कूल में कैसे पढ़ेंगे बच्चे?

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षा के दावों पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है. तखतपुर विकासखंड के चितावर गांव की एक पूर्व माध्यमिक शाला (मिडिल स्कूल) पिछले तीन सालों से महज़ एक शिक्षक के भरोसे चल रही है.

आश्चर्य की बात यह है कि इस स्कूल में क़रीब 120 बच्चे नामांकित हैं, जिनकी पढ़ाई और मूल्यांकन की पूरी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ इसी एक शिक्षक के कंधों पर है.

क्या है पूरा मामला?

चितावर गांव के ग्रामीणों और पंचायत के मुताबिक़, पिछले तीन सालों से स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है. एक ही शिक्षक होने के कारण सभी कक्षाओं को एक साथ संभालना पड़ता है, जिससे न तो बच्चों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो पाता है और न ही उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पा रही है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति तब है, जब सरकार की ओर से नई शिक्षा नीति, डिजिटल क्लासरूम और स्मार्ट एजुकेशन को लेकर लगातार ज़ोर दिया जा रहा है. 

कलेक्टर को लिखा गया पत्र, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप

मामले के समाधान के लिए ग्राम पंचायत चितावर की सरपंच इंद्राणी देवी सिंगरौल ने अब ज़िले के कलेक्टर को एक आधिकारिक पत्र लिखा है, जिसमें तत्काल नए शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है.

पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को पहले भी कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं.

ग्रामीणों ने दी 'चक्का जाम' की चेतावनी

नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इस प्रशासनिक लेटलतीफ़ी से अभिभावकों और गांव वालों में काफ़ी नाराज़गी है.

पंचायत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ग्रामीण अंचल के बच्चों का भविष्य इस तरह दांव पर नहीं लगाया जा सकता. यदि प्रशासन ने जल्द ही स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की, तो गांव वाले सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और 'चक्का जाम' करने को मजबूर होंगे.

फ़िलहाल प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.

कल सड़कों पर निकलने वाले हैं तो पढ़ लें ये ख़बर... ट्रैफ़िक पुलिस ने जारी किया है अलर्ट!

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रविवार, कल 21 जून को होने वाली नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा के मद्देनज़र ज़िला पुलिस और यातायात विभाग ने शहर के लिए एक विशेष ट्रैफ़िक एडवाइज़री (यातायात निर्देश) जारी की है.

प्रशासन के मुताबिक़, शहर के 19 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा में बिलासपुर समेत अन्य ज़िलों से भी हज़ारों परीक्षार्थी और उनके अभिभावक पहुंचेंगे. इसे देखते हुए शहर में क़ानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

परीक्षा का समय और 'पीक ट्रैफ़िक'

पुलिस के अनुसार, परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी. परीक्षार्थियों को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच परीक्षा केंद्रों पर रिपोर्ट करना होगा.

यातायात पुलिस ने चेतावनी दी है कि सुबह 10:00 बजे से परीक्षा शुरू होने तक और शाम 5:00 बजे (परीक्षा ख़त्म होने के बाद) शहर की सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव रहेगा. ख़ासकर शहर के एंट्री-एग्ज़िट पॉइंट्स, पुल-पुलियों, संकरे रास्तों, प्रमुख चौराहों और शॉपिंग मॉल्स के आस-पास ट्रैफ़िक जाम की स्थिति बन सकती है.

आम नागरिकों के लिए पुलिस की अपील

यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिस ने कई अहम क़दम उठाए हैं और नागरिकों से कुछ ख़ास अपीलें की हैं:

  • भारी वाहनों पर रोक: शहर में सभी दिशाओं से प्रवेश करने वाले भारी वाहनों के लिए पूर्ण रूप से 'नो-एंट्री' लगा दी गई है.

  • रूट डायवर्ज़न: प्रमुख मार्गों पर ट्रैफ़िक के दबाव को देखते हुए ज़रूरत पड़ने पर रास्तों में बदलाव (डायवर्ज़न) भी किया जा सकता है.

  • बाहरी रास्तों का करें इस्तेमाल: पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ट्रैफ़िक जाम से बचने के लिए वे परीक्षा के समय (सुबह और शाम) शहर के भीतरी रास्तों के बजाय सीमावर्ती (आउटर या बायपास) मार्गों का इस्तेमाल करें.

  • यातायात ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सख़्ती से पालन करें.

दावों की खुलती पोल: 60 साल पुराने जर्जर भवन में भविष्य गढ़ रहे छत्तीसगढ़ के नौनिहाल

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में एक सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति ने ग्रामीण इलाक़ों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

बिल्हा विकासखंड के हरदीकला गांव में स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के बच्चे एक ऐसे जर्जर और खपरैल वाले भवन में पढ़ने को मजबूर हैं, जिसका निर्माण क़रीब छह दशक पहले (साल 1966 में) हुआ था. बरसात के मौसम में इस भवन की जर्जरता बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा ख़तरा बन जाती है. 

"कहते हैं कि बच्चे देश का भविष्य हैं, लेकिन लगता है यह भविष्य आज भी 1966 की दीवारों के सहारे खड़ा है। हरदीकला गांव का सरकारी स्कूल मानो शिक्षा नहीं, सरकारी उदासीनता का जीवित स्मारक बन गया है।"

क्या है स्कूल की ज़मीनी हक़ीक़त?

हाल ही में 'स्वयं सिद्धा फाउंडेशन' नाम की एक संस्था ने इस स्कूल का दौरा किया और वहां की बदहाली पर चिंता ज़ाहिर की. जानकारी के मुताबिक़, इस स्कूल में छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा के कुल 286 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं. स्कूल में कमरों की इतनी कमी है कि सातवीं कक्षा की छात्राओं को एक कच्चे भवन में दो पालियों (शिफ़्ट) में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है. 

विडंबना देखिए, भाषणों में "विश्वस्तरीय शिक्षा" और "नए भारत" के सपने गढ़े जाते हैं, जबकि हक़ीक़त में कई स्कूल खुद अपनी आख़िरी सांसें गिन रहे हैं। 

जो कक्षाएं पक्के भवन में लग रही हैं, उनकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई गई है. कमरों की खिड़कियां टूटी हुई हैं और फ़र्श उखड़ा हुआ है. फाउंडेशन के अनुसार, स्कूल में साफ़-सफ़ाई और शौचालय जैसी सबसे बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को रोज़ाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

किसने क्या कहा?

एनजीओ की मांग: स्वयं सिद्धा फाउंडेशन की अध्यक्ष चंचल सलूजा ने कहा कि शिक्षा हासिल करने के लिए बच्चों को बेहद कठिन परिस्थितियों से गुज़रना पड़ रहा है. उन्होंने ज़िला प्रशासन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए नए भवन के निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए.

स्कूल प्रशासन का पक्ष: स्कूल के प्रधान पाठक ज्ञानेंद्र राय ने बताया कि उन्होंने भवन की इस ख़राब स्थिति की जानकारी उच्च अधिकारियों को पहले ही दे दी है. फ़िलहाल, स्कूल प्रबंधन नए भवन के निर्माण के लिए विभागीय मंज़ूरी और फंड आने का इंतज़ार कर रहा है.

अब समय केवल घोषणाओं और शिलान्यास का नहीं, बल्कि उन स्कूलों को सम्मानजनक और सुरक्षित बनाने का है, जहाँ से देश का भविष्य आकार लेता है। 

शिक्षा विभाग का आश्वासन: इस पूरे मामले पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) भूपेंद्र कौशिक का कहना है कि उन्हें स्थिति की जानकारी मिली है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही एक आधिकारिक टीम भेजकर स्कूल का मुआयना कराया जाएगा. निरीक्षण की रिपोर्ट ज़िला कार्यालय को भेजी जाएगी और फंड मिलते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा.

शाला प्रवेश उत्सव को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी, गांव-गांव होगी मुनादी

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / प्रदेश में आगामी 16 जून को प्रत्येक स्तर पर शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा. इस अहम आयोजन की तैयारी को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से तमाम कलेक्टर से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य को पत्र जारी किया है.  

पत्र में बताया गया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 16 जून से शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन प्रत्येक स्तर पर किया जाएगा. इसके लिए जरूरी है कि शाला – प्रवेश उत्सव की प्रारंभिक तैयारी के साथ-साथ पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी किया जाए. इसके लिए बैनर-पोस्टर लगाने के साथ रैली निकाली जाए. गांवों में तथा शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाए. इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं शाला विकास समिति एवं पालकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए.

शाला प्रारंभ होने के पूर्व शाला भवन की साफ-सफाई एवं मरम्मत कर ली जावे शाला को आकर्षक एवं परिसर में प्रिन्ट – रिच वातावरण बनाया जाए. इसके साथ मरम्मत योग्य भवनों की मरम्मत 15 जून तक पूर्ण कर ली जाए. इसके अलावा विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी पहले से ही संधारित कर ली जाए.

कक्षा पहली के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र से बच्चों की सूची प्राप्त करें तथा इसी प्रकार कक्षा 5वीं उत्तीर्ण होने वाले बच्चों की सूची एवं टीसी प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला से प्राप्त कर कक्षा छठवीं में प्रवेश की कार्रवाई की जाएगा. इसके अलावा शाला त्यागी बच्चों को प्रेरित कर पुनः शाला की मुख्य धारा में जोड़े.

इसके साथ शाला प्रारंभ होने से पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी / विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों की लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे. इसके लिए जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर शिविर लगाया जा सकता है. यही नहीं शिक्षक अध्यापन संबंधी आगामी तीन महीने का रोडमैप तैयार करेंगे. विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शत्-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे.

शाला प्रवेश उत्सव हेतु स्थानीय समुदाय, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्व- सहायता समूह, सेवानिवृत्त कर्मचारीगण एवं जनप्रतिनिधियों से सहयोग प्राप्त किया जाए. इच्छुक व्यक्ति के द्वारा बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी, कंपास बॉक्स, स्कूल बैग आदि प्रदान किया जा सकता है. यही नहीं उत्सव के दौरान छात्रों निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, निःशुल्क गणवेश, सायकल का वितरण किया जाएगा. 

शाला प्रवेश उत्सव में क्या होगा खास?

  • निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण
  • गणवेश और साइकिल वितरण
  • नए विद्यार्थियों का स्वागत समारोह
  • जनप्रतिनिधियों और पालकों की भागीदारी
  • स्कूल छोड़ चुके बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान
  • स्कूल परिसरों में स्वच्छता और आकर्षक वातावरण की व्यवस्था

कोचिंग विवाद में राहत की सांस, गिरफ्तारी से बचे खान सर

पटना। TODAY छत्तीसगढ़  / चर्चित शिक्षाविद और खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी पर 20 जून तक रोक लगा दी। साथ ही पुलिस से मामले की केस डायरी भी तलब की गई है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई या नए आदेश तक खान सर के खिलाफ किसी प्रकार की कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी।

खान सर की ओर से उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार मौआर ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से मामले से जुड़े दस्तावेज और केस डायरी प्रस्तुत करने को कहा है।

गौरतलब है कि खान सर का नाम हाल ही में दर्ज एक एफआईआर में जोड़ा गया था, जिसमें आर्म्स एक्ट समेत अन्य आरोप शामिल हैं। यह मामला 2 जून की रात उनके कोचिंग संस्थान में हुए विवाद और बवाल से जुड़ा बताया जा रहा है।

उधर, इसी मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद तथा खान सर के दो सुरक्षा कर्मियों दीपक कुमार और तालेबर सिंह की याचिकाओं पर भी सुनवाई चल रही है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत ने पुलिस से मामले से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 10 जून को निर्धारित की गई है।

रौशन आनंद की याचिका पर सोमवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। उनके पक्ष में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर रिहाई की मांग भी की है। मामले को लेकर पटना में शिक्षा जगत और छात्रों के बीच काफी चर्चा है। अब सभी की नजरें अदालत की अगली सुनवाई और पुलिस द्वारा पेश की जाने वाली केस डायरी पर टिकी हैं।


भीषण गर्मी: छत्तीसगढ़ में 20 अप्रैल से 15 जून तक स्कूल बंद


रायपुर/बिलासपुर । TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने आमजन, खासकर बच्चों को राहत देने के लिए दो अहम फैसले लिए हैं। एक ओर स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां समय से पहले लागू कर दी गई हैं, वहीं दूसरी ओर बिलासपुर में दोपहर के समय ट्रैफिक सिग्नल अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

20 अप्रैल से लागू होंगी गर्मी की छुट्टियां 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन अवकाश की तिथि में संशोधन किया है। पहले जहां अवकाश 1 मई से 15 जून तक निर्धारित था, वहीं अब इसे 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक लागू किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय शासकीय स्कूल, अनुदान प्राप्त स्कूल, गैर अनुदान प्राप्त स्कूल निजी (अशासकीय) स्कूल सभी पर समान रूप से लागू होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत सर्वोपरि है और इसी कारण यह निर्णय लिया गया है। 


GGU में होली मिलन समारोह में बवाल: छात्रों के दो गुटों में जमकर मारपीट, वीडियो वायरल

“ट्रांजैक्शन नहीं, ट्रांसफॉर्मेशन बने जीवन का लक्ष्य” : राज्यपाल


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / राज्यपाल रमेन डेका ने आज अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में “ट्रांसफॉर्मिंग यूनिवर्सिटीज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट” विषय पर आयोजित कुलपतियों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मेलन में देश और प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुल 42 कुलपतियों और पूर्व कुलपतियों ने भाग लिया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि अपने संपूर्ण जीवन में कोई एक ऐसा कार्य करें कि जिसमें केवल ट्रांजैक्शन नहीं, बल्कि ट्रांसफॉर्मेशन का भाव हो। इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कुलपति आचार्य एडीएन वाजपेयी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति श्री गिरीश चंद्र त्रिपाठी, कुल सचिव श्री तारणीश गौतम सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति मौजूद थे। 

      राज्यपाल श्री डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था अत्यंत समृद्ध और मूल्यनिष्ठ थी, किंतु औपनिवेशिक काल में लॉर्ड मैकाले की नीतियों के कारण इसकी दिशा परिवर्तित हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय मूल्यों और समग्र विकास की अवधारणा को पुनर्स्थापित करने का सशक्त प्रयास है। इसकी विशेषताओं को समाज तक पहुँचाना तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान नहीं रहे बल्कि विचार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के केंद्र हैं। कुलपति शैक्षणिक नेतृत्व के संवाहक हैं, जिनके निर्णय आने वाली पीढ़ियों की दिशा तय करते हैं। उन्होंने शैक्षणिक सुशासन, गुणवत्ता आश्वासन, शोध एवं नवाचार तथा डिजिटल परिवर्तन पर विशेष बल दिया।

     उन्होंने कहा कि समग्र विकास की दिशा में स्कूल कॉलेजों में ड्रॉपआउट की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है। जब तक विद्यार्थी शिक्षा से निरंतर जुड़े नहीं रहेंगे, तब तक किसी भी नीति का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो सकता। डिजिटल युग का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऑनलाइन संसाधन और डेटा विश्लेषण उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण उपकरण हैं। इनका उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए, साथ ही मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने शोध और नवाचार को विश्वविद्यालयों की आत्मा बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान से ही आत्मनिर्भर भारत की नींव सशक्त होगी। विश्वविद्यालयों को उद्योग, समाज और शासन के साथ समन्वय स्थापित कर नवाचार की संस्कृति विकसित करनी चाहिए।

      अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ए.डी.एन. वाजपेयी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण, दीक्षांत समारोहों के आयोजन तथा समयबद्ध परीक्षा परिणामों में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। वित्तीय सुदृढ़ीकरण एवं अधोसंरचना विकास योजनाओं पर कार्य जारी है। कुलपति ने विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सभी के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

      राज्यपाल ने आयोजन के लिए विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर संभागीय कमिश्नर श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल एवं शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। 

उप मुख्यमंत्री से मिलीं अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम, राज्य में खेल सुविधाओं के विकास पर हुई चर्चा


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन एवं ओलंपिक पदक विजेता, प्रसिद्ध मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम ने सौजन्य मुलाकात की। श्री साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में मुलाकात के दौरान उन्हें राज्य में खेलों के विकास और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक-2025 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के शुभारंभ समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ आई थीं। उन्होंने 11 दिसम्बर को इसमें शामिल होकर खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अभावों और मुश्किलों के बीच अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में भारत का नाम रोशन करने वाली मैरी कॉम की लंबी खेल यात्रा की प्रशंसा की। श्री साव ने कहा कि मैरी कॉम देश का गौरव और प्रेरणा हैं। उनकी उपस्थिति से बस्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और मेहनत करने की प्रेरणा जरूर मिली होगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने छत्तीसगढ़ आने के लिए मैरी कॉम को धन्यवाद दिया। 

मैरी कॉम ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अपने अनुभव साझा करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव से छत्तीसगढ़ के युवाओं के खेल में सुधार के लिए हरसंभव मदद की बात कही। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों से पहुंचे युवाओं को देख उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं। बस्तर ओलंपिक वहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मंच है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए अच्छा काम कर रही है। आने वाले समय में यहां के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मेडल जरूर जीतेंगे। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए जाने पर राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 

पीएमश्री योजना से बदली शिक्षा की तस्वीर, जिले के 13 विद्यालय बने आधुनिक आदर्श शिक्षण संस्थान


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /जिले में पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल फ़ॉर राइजिंग इंडिया) योजना के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार देखा जा रहा है। वर्तमान में जिले में 08 पीएमश्री शासकीय प्राथमिक विद्यालय एवं 05 पीएमश्री सेजेस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इस प्रकार कुल 13 पीएमश्री विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों को आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने का कार्य तीव्र गति से जारी है।

केन्द्र व राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से इन विद्यालयों में अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है तथा विद्यार्थियों के लिए आधुनिक और सुविधा-युक्त शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। योजना अंतर्गत विद्यालयों में सोलर लाइट, शुद्ध पेयजल हेतु वाटर कूलर व फिल्टर, म्यूजिक बैंड, अभ्यास पुस्तिकाएं एवं कैरियर गाइडलाइन मार्गदर्शिकाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

सत्र 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान अधोसंरचना विकास के तहत कुल 05 अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 02 कक्ष पूर्ण हो चुके हैं तथा 03 कक्ष प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त बालवाड़ी के लिए 08 अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 04 पूर्ण हो चुके हैं एवं 04 का निर्माण कार्य जारी है।
विद्यालयों में दीर्घ एवं लघु मरम्मत के कुल 14 कार्य स्वीकृत किए गए, जिनमें से 08 कार्य पूर्ण तथा 06 कार्य प्रगतिरत हैं। 
अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास, खेल-योग, व्यावसायिक शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं का हुआ व्यापक विस्तार

विद्यार्थियों की रुचि एवं रचनात्मकता के विकास हेतु आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष, प्रयोगशाला कक्ष एवं अटल टिंकरिंग लैब के अंतर्गत कुल 09 कक्ष स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 04 कक्ष पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। 08 पीएमश्री विद्यालयों में सोलर लाइट की व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है। छात्र संख्या के अनुसार अतिरिक्त कक्ष तथा बालक-बालिका शौचालयों का निर्माण भी कराया जा रहा है। साथ ही विद्यालय परिसर की उपलब्धता के अनुसार गार्डन और किचन गार्डन का भी विकास किया जा रहा है।

सत्र 2025-26 में समस्त पीएमश्री विद्यालयों में संगीत प्रशिक्षक तथा खेल/योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं रचनात्मक विकास को नई दिशा मिली है। विद्यार्थियों को राज्य के भीतर शैक्षणिक भ्रमण पर भी ले जाया जा रहा है ताकि वे व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें।

पीएमश्री विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी व्यावसायिक शिक्षा भी प्रदान की जा रही है। साथ ही स्मार्ट क्लास एवं कंप्यूटर लैब के माध्यम से तकनीक आधारित आधुनिक शिक्षण व्यवस्था लागू की गई है, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।

शिक्षकों एवं प्राचार्यों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने हेतु राज्य शासन द्वारा देश के प्रतिष्ठित संस्थानों IISER पुणे, IIT जम्मू-कश्मीर एवं IIM रायपुर में प्रशिक्षण हेतु उन्मुखीकरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है।
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