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इमारती लकड़ी के अवैध परिवहन मामले में बड़ी कार्रवाई, एक गिरफ्तार

कोरबा।  TODAY छत्तीसगढ़  /  इमारती लकड़ी के कथित गबन, अवैध परिवहन और चोरी के मामले में कोरबा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 20.169 घन मीटर इमारती लकड़ी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है, तथा परिवहन में प्रयुक्त एक क्रेन जब्त की है। पुलिस के अनुसार, मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, वन परिक्षेत्र अधिकारी की शिकायत पर थाना सिविल लाइन रामपुर में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि सीएसईबी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के पास राजस्व भूमि पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से वृक्षों की कटाई की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान सात वृक्षों से प्राप्त इमारती लकड़ी के कथित रूप से अनधिकृत परिवहन की जानकारी मिलने पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान लकड़ी को कोरबा से रायपुर-अभनपुर क्षेत्र तक ले जाने से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

पुलिस का दावा है कि प्रदेश स्तरीय संयुक्त जांच के दौरान बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ी और परिवहन में प्रयुक्त क्रेन बरामद की गई। मामले में सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर थाना सिविल लाइन के अपराध क्रमांक 673/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2), 316(5) एवं 317(2) के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। बरामद लकड़ी के स्रोत, अवैध परिवहन में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता तथा किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


मानिकपुर लूटकांड में फरार दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए

कोरबा।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मानिकपुर सहायता केंद्र क्षेत्र में वर्ष 2025 में हुई लूट की वारदात के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि 21 दिसंबर 2025 को प्रार्थी दीपक ठाकुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ददरखुर्द क्षेत्र में रात करीब 2:30 बजे कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट कर 20-22 ग्राम वजनी सोने की चेन, 70 हजार रुपये नकद सहित लगभग 2 लाख रुपये की संपत्ति लूट ली थी। शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, साक्ष्य संकलन और तकनीकी विश्लेषण किया गया। मामले में पहले ही एक आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका था, जबकि दो आरोपी घटना के बाद से फरार थे। उनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी और मुखबिर तंत्र के साथ तकनीकी निगरानी भी रखी जा रही थी।

पुलिस का दावा है कि लगातार प्रयासों के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उन्होंने कथित तौर पर वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोमनाथ सेनगुप्ता उर्फ सोमू और सोमनाथ अग्रवाल उर्फ सोमू अग्रवाल के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

घरेलू विवाद बना हत्या की वजह, आरोपी पति पुलिस गिरफ्त में

कोरबा।  TODAY छत्तीसगढ़  / उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसमुड़ा कुदरीपारा में एक महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शराब के नशे में पत्नी के साथ विवाद के दौरान बांस के डंडे से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि 20 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि एक महिला की उसके पति द्वारा मारपीट किए जाने से मृत्यु हो गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में मृतका के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मृतका अग्घन बाई धनवार और उसका पति परदेशी राम धनवार पिछले कुछ दिनों से गांव में रह रहे थे। आरोप है कि पति अक्सर शराब के नशे में पत्नी से विवाद और मारपीट करता था।

पुलिस के मुताबिक, 19 और 20 जुलाई की दरमियानी रात आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी से विवाद के बाद घर में रखे बांस के डंडे से उसके सिर और शरीर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी परदेशी राम धनवार (41 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पूछताछ में वारदात स्वीकार की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा बरामद किया गया।

उरगा थाना में अपराध क्रमांक 428/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई।

राज ज्वेलर्स लूटकांड का खुलासा, जेल में हुई दोस्ती... बाहर आते ही बना डाली लूट की योजना

कोरबा जिले के बहुचर्चित राज ज्वेलर्स, छुरी लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी पहले हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों में जेल जा चुके थे, जहां उनकी दोस्ती हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मिलकर लूट की योजना बनाई।

ग्राहक बनकर पहुंचे, महिला का भेष भी बनाया

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि 1 जुलाई को दोपहर करीब एक बजे तीन बदमाश छुरीकला स्थित राज ज्वेलर्स पहुंचे। तीनों ने गमछे से चेहरा ढंक रखा था और उनमें से एक आरोपी महिला के भेष में था।

आरोपियों ने चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार राजकुमार अग्रवाल को काउंटर तक बुलाया। इसी दौरान एक आरोपी ने दुकान का दरवाजा बंद कर दिया, जबकि दूसरे ने कथित तौर पर देशी कट्टा तानकर दुकानदार की आंखों में मिर्च पाउडर डालने की कोशिश की। इसके बाद वे आभूषण बैग में भरने लगे।

भीड़ जुटी तो भागे, कट्टा और बाइक छोड़ गए

घटना के दौरान दुकान के बाहर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। इससे घबराकर आरोपी मौके से फरार हो गए। जल्दबाजी में वे कथित तौर पर चोरी की बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल और देशी कट्टा घटनास्थल पर ही छोड़ गए।

100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले

घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। कटघोरा थाना और साइबर टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए जंगल के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे।

पुलिस ने जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर सहित कई स्थानों पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

दो गिरफ्तार, एक अब भी फरार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोपाल सिंह गोंड (38) निवासी घुचापुर और परदेशी राठिया (40) निवासी जिलगा बरपाली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया है। तीसरा आरोपी विष्णु प्रसाद राठिया निवासी कोलगा अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

पहले भी गंभीर मामलों में रहे आरोपी

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी पहले हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों में जेल जा चुके हैं। जेल में ही उनकी पहचान हुई और रिहाई के बाद उन्होंने कथित तौर पर चोरी की मोटरसाइकिल तथा देशी कट्टे की मदद से लूट की योजना बनाई।

नोट: यह समाचार कोरबा पुलिस की प्रेस वार्ता में साझा की गई जानकारी पर आधारित है। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोपों का अंतिम परीक्षण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

बारिश के बाद जलभराव से जूझ रहा कोरबा, महापौर संजू देवी मैदान में उतरीं

TODAY छत्तीसगढ़  /  कोरबा जिले में बीती रात से हो रही लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए महापौर संजू देवी राजपूत ने बालको और दर्री क्षेत्र के जलभराव प्रभावित इलाकों का पार्षदों एवं नगर निगम अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करने और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

महापौर ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक संसाधनों के साथ लगातार मैदान में मौजूद रहने और जलभराव से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पंपों से निकाला जा रहा पानी

नगर निगम की टीम प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य में जुटी हुई है। जलभराव वाले इलाकों से पंपों के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है और स्थिति सामान्य बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

नगर निगम की अपील

नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें। साथ ही किसी भी आपात स्थिति या समस्या की जानकारी तुरंत नगर निगम को देने का आग्रह किया गया है।

ज्वेलरी शॉप में दिनदहाड़े लूट, मिर्च पाउडर डालकर और चाकू मारकर फ़रार हुए तीन लुटेरे

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के कटघोरा थाना क्षेत्र (ज़िला कोरबा) के अंतर्गत छुरीकला मुख्य मार्ग पर स्थित एक आभूषण की दुकान ('राज ज्वेलर्स') में दिनदहाड़े लूट की वारदात सामने आई है.

दुकानदार और स्थानीय लोगों ने लुटेरों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन लुटेरे मिर्च पाउडर डालकर और चाकू से हमला कर मौक़े से भागने में सफल रहे. पुलिस ने घटनास्थल से लुटेरों की एक मोटरसाइकिल और एक देसी कट्टा बरामद किया है.

ग्राहक बनकर आए थे तीन अज्ञात लोग

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घटना दोपहर क़रीब 1:30 बजे की है.

  • लूट का तरीक़ा: एक प्लैटिना मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन लोग 'राज ज्वेलर्स' पहुंचे. वे ग्राहक बनकर दुकान के अंदर गए और चांदी के गहने दिखाने को कहा. इसी बीच उन्होंने काउंटर पर रखे सोने और चांदी के जेवरात अपने क़ब्ज़े में लिए और भागने की कोशिश की.

  • दुकानदार का संघर्ष: लुटेरों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए दुकान के संचालक और कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ लिया. शोर सुनकर पड़ोस की दुकान का एक व्यक्ति भी मदद के लिए वहां पहुंच गया.

मिर्च पाउडर, चाकू और दांत से किया हमला

ख़ुद को घिरता देख लुटेरों ने दुकान संचालक और कर्मचारियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया. इसके बाद पकड़ ढीली करने के लिए एक लुटेरे ने चाकू से वार किया, जबकि दूसरे ने दांत से काटकर उन्हें घायल कर दिया.

जान का ख़तरा देखते हुए लोग पीछे हटे और तीनों लुटेरे हाथ में आए सोने-चांदी के कुछ असली और कुछ आर्टिफिशियल (नक़ली) गहने लेकर पैदल ही अलग-अलग दिशाओं में फ़रार हो गए.

देसी कट्टा और बाइक छोड़कर भागे

हड़बड़ाहट में लुटेरे अपनी बिना नंबर वाली प्लैटिना मोटरसाइकिल दुकान के बाहर ही छोड़ गए. इसके अलावा, दुकान के काउंटर से एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ है, जो लुटेरों का बताया जा रहा है.

दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद मौक़े पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा थाना प्रभारी (TI) एम.बी. पटेल अपनी पुलिस टीम के साथ मौक़े पर पहुंचे. पुलिस ने पूरे इलाक़े में नाकाबंदी कर दी है और ज़ब्त की गई बिना नंबर की मोटरसाइकिल के चेसिस नंबर के आधार पर लुटेरों की तलाश की जा रही है. 


छोटे शावकों के साथ सूंड से पानी उछालते दिखे हाथी... तालाब का VIDEO वायरल

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर वन वृत्त के अंतर्गत कटघोरा वन मंडल से हाथियों के कुनबे का एक वीडियो सामने आया है. एतमानगर वन परिक्षेत्र के गुरसिया परिसर स्थित एक कृत्रिम तालाब में 16 हाथियों का एक दल एक साथ पानी में मौजूद दिखा.

यह वीडियो कटघोरा के वन मंडलाधिकारी (DFO) कुमार निशांत द्वारा जारी किया गया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

शावकों के साथ अठखेलियां करता दिखा दल

वन विभाग से मिली तकनीकी जानकारी के अनुसार, यह दृश्य गुरसिया परिसर के बांस प्लाट कक्ष क्रमांक P-456 में बने तालाब का है.

  • दल की संरचना: इस झुंड में वयस्क हाथियों के साथ-साथ छोटे शावक (बच्चे) भी शामिल हैं.

  • वन्यजीव प्रबंधन: मैदानी अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखकर जंगल के भीतर तैयार किए गए ये जल स्रोत (वाटर बॉडीज) वन्यजीवों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं. पानी की उपलब्धता के कारण वन्यजीवों का आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करना भी कम होता है.

ग्रामीणों के लिए अलर्ट और सुरक्षा व्यवस्था

हाथियों की आमद को देखते हुए वन विभाग ने सुरक्षात्मक और एहतियाती कदम उठाए हैं:

  • सतत निगरानी: वन परिक्षेत्र के कर्मचारियों और 'एलीफेंट ट्रैकर' दल द्वारा हाथियों की इस आवाजाही और गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जा रही है.

  • सुरक्षा अपील: वन विभाग ने आस-पास के ग्रामीण अंचलों के लोगों से अपील की है कि वे हाथियों की मौजूदगी वाले जंगलों और रास्तों की ओर अनावश्यक आवाजाही न करें. हाथियों के करीब जाने या उन्हें उकसाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि किसी भी प्रकार के मानव-हाथी द्वंद्व (Man-Elephant Conflict) या अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.

क्षेत्र के वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के मुताबिक़, हाथियों के कुनबे की ऐसी तस्वीरें बिलासपुर और कोरबा के वनांचलों में वन्यजीवों के अनुकूल वातावरण और जल प्रबंधन के सकारात्मक संकेत देती हैं. 


ASI के बेटे की मौत का बदला कानून ने लिया, बोलेरो चढ़ाने वाला गिरफ्तार

कोरबा। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में यातायात विभाग में पदस्थ एएसआई रामनारायण रात्रे के पुत्र चंद्रमणि रात्रे उर्फ दादू की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तकनीकी विश्लेषण और 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेन्द्र साहू उर्फ कुनाल साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन भी जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार 6-7 जून की दरम्यानी रात मानिकपुर चौकी क्षेत्र के बायपास रोड पर रास्ता देने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद बोलेरो सवार युवकों ने चंद्रमणि रात्रे पर वाहन चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां छह दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसकी मृत्यु हो गई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी राजेन्द्र साहू ने अपने साथी योगेन्द्र बघेल उर्फ योगी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी उसी रात बलगी क्षेत्र में हुई डकैती और मारपीट की एक अन्य घटना में भी शामिल था। आरोप है कि चंद्रमणि का पीछा कर रहे उसके मित्र अरविंद राठौर के साथ भी आरोपियों ने मारपीट कर नकदी और जेवर लूट लिए थे।

फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा। 

पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष तोमर पर जानलेवा हमला, रज्जाक अली सहित चार गिरफ्तार

कोरबा। TODAY छत्तीसगढ़  /   कोरबा जिले में भाजपा के पूर्व बालको मंडल अध्यक्ष शिवबालक सिंह तोमर पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य रज्जाक अली सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हमले में गंभीर रूप से घायल तोमर का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार जारी है।

पुलिस के अनुसार घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे की है। शिवबालक सिंह तोमर अपने भतीजे से मुलाकात करने जिला जेल गए थे। जेल के रास्ते में उनकी मुलाकात जिला पंचायत सदस्य रज्जाक अली से हुई। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई।

आरोप है कि विवाद बढ़ने पर रज्जाक अली और उसके तीन साथियों ने मिलकर तोमर पर हमला कर दिया। हमलावरों ने रॉड, डंडे और बेसबॉल स्टिक से उनके पैरों पर ताबड़तोड़ वार किए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी तलवार लेकर भी पहुंचा था। हमले में गंभीर रूप से घायल तोमर को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि मामले में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। 

घटना के बाद भाजपा नेताओं में नाराजगी देखी गई। कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन सहित कई भाजपा नेता अस्पताल पहुंचकर घायल तोमर का हालचाल लिया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं गिरफ्तार जिला पंचायत सदस्य रज्जाक अली ने अपने बचाव में कहा है कि मामला महिलाओं से जुड़े कथित दुर्व्यवहार से संबंधित है और वह इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकता था। पुलिस उसके इस दावे की भी जांच कर रही है। 


ASI के बेटे की मौत से मचा हड़कंप, बोलेरो चालक पर हत्या का आरोप

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के बुधवारी बाइपास मार्ग पर हुए विवाद के बाद बोलेरो से कुचलकर घायल किए गए युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान यातायात विभाग में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक रामनारायण रात्रे के पुत्र चंद्रमणि रात्रे उर्फ दादू के रूप में हुई है। रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को उसने अंतिम सांस ली। मौत की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में आक्रोश फैल गया। स्वजन ने घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार छह जून की रात करीब एक बजे चंद्रमणि अपने कुछ साथियों के साथ कार में बैठा था। इसी दौरान बुधवारी बाइपास मार्ग पर एक बोलेरो वाहन वहां पहुंचा। किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद बोलेरो चालक ने जानबूझकर वाहन चंद्रमणि पर चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल रेफर किया गया था। उपचार के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद अब प्रकरण में हत्या की धारा जोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं आरोपी की तलाश भी तेज कर दी गई है। 

थाना प्रभारी की बर्खास्तगी की मांग को लेकर टंकी पर चढ़े युवक, आत्मदाह की चेतावनी

कोरबा। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के हरदीबाजार क्षेत्र में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दो युवक पुलिस कार्रवाई के विरोध में गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। दोनों युवकों ने हरदीबाजार थाना प्रभारी पर मारपीट और रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्मघाती कदम उठा सकते हैं।

जानकारी के अनुसार नेवसा गांव निवासी रफीक मोहम्मद (22) और दीपेश निर्मलकर (23) सुबह गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। बताया जा रहा है कि उनके पास पेट्रोल भी मौजूद था, जिससे प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी युवकों को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटे रहे।

युवकों का आरोप है कि मंगलवार को पुलिस ने उन्हें सिरली गांव के पास से पकड़कर थाने ले गई थी। वहां जुआ संचालन के आरोप में उनके साथ डंडों और बेल्ट से मारपीट की गई। उनका कहना है कि बाद में उन्हें दीपका ले जाकर ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिनमें यह दर्शाया गया कि भागने के दौरान गिरने से उन्हें चोट लगी है। दोनों युवकों ने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने उन्हें छोड़ने के बदले 23,500 रुपये लिए थे। इसके बावजूद उनके खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।

घटनास्थल पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने भी पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाने और घरों में घुसकर लोगों को उठाने के आरोप लगाए। वहीं गांव की निवासी शफीना बेगम ने दावा किया कि पुलिस उनके पति अनवर अली को घर से ले गई थी, जिसके बाद से वह घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने पूरे मामले के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।

हालांकि, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डड़सेना ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों युवक क्षेत्र में जुआ संचालन में संलिप्त थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की थी। उन्होंने रिश्वत लेने और मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। 


सावधान ! प्यार के नाम पर हैवानियत: पहले फंसाया, फिर वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

कोरबा। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद शर्मनाक और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। बालको थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल अपराधों के प्रति गहरी चिंता पैदा कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता 17 वर्ष की है और उसने 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। घटना का मुख्य सूत्रधार उसका 30 वर्षीय कथित प्रेमी होरी लाल चौहान है। आरोपी ने भरोसे का कत्ल करते हुए अपनी ही नाबालिग प्रेमिका का एक आपत्तिजनक वीडियो चुपके से बना लिया।

धमकी और ब्लैकमेलिंग का घिनौना खेल

मुख्य आरोपी होरी लाल की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी; उसने वह वीडियो अपने दोस्तों और गांव के अन्य युवकों को दिखा दिया। इसके बाद, उन 9 अन्य युवकों ने उस वीडियो का सहारा लेकर नाबालिग को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वीडियो को इंटरनेट और समाज में वायरल करने की धमकी देकर इन आरोपियों ने नाबालिग पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और उसका मानसिक व शारीरिक शोषण किया।

गिरफ्तारी: पकड़े गए आरोपियों में  30 वर्षीय होरी लाल चौहान, 25 वर्षीय कन्हैया सिंह, 22 वर्षीय उदय चौहान, 22 वर्षीय मनीष चौहान, 21 वर्षीय बुग्गु चौहान, 40 वर्षीय राकेश सिंह, 32 वर्षीय दशरथ पटेल, 30 वर्षीय चित्रभान पटेल, 25 वर्षीय शत्रुहन चौहान, 22 वर्षीययोगेश चौहान शामिल हैं। सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा इस मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट और आईटी एक्ट सहित अन्य सुसंगत एवं गंभीर धाराओं के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

सतर्कता और संदेश: समाज और अभिभावकों के लिए

यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ बातों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। स्मार्टफोन और इंटरनेट के इस दौर में युवाओं, विशेषकर नाबालिगों को डिजिटल प्राइवेसी और इसके खतरों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।

अभिभावकों की जिम्मेदारी: माता-पिता को अपने बच्चों के व्यवहार, उनके दोस्तों के सर्कल और उनकी गतिविधियों पर मित्रवत निगरानी रखनी चाहिए। बच्चों को यह विश्वास दिलाना जरूरी है कि वे किसी भी प्रकार की परेशानी में सबसे पहले अपने माता-पिता से बेझिझक बात कर सकते हैं।

डरें नहीं, शिकायत करें: ब्लैकमेलिंग के मामलों में डरने, छुपने या आरोपियों की बात मानने के बजाय तुरंत पुलिस की मदद लेना ही एकमात्र सही कदम है। बालको पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित किया है कि सही समय पर शिकायत करने से अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सकता है।  


अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 14 वाहन और मशीनें जब्त

कोरबा । TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में प्रशासन ने अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए 14 वाहनों और मशीनों को जब्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई गौण खनिजों के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई है।

जिला प्रशासन के अनुसार, कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा गठित दो विशेष उड़नदस्ता दलों ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न इलाकों में एक साथ छापेमारी की। अभियान के दौरान 15 संदिग्ध स्थानों का निरीक्षण किया गया, जहां अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें मिली थीं।

जांच के दायरे में सीतामढ़ी, कपाटमुड़ा, सुराकछार, नरईबोध, रैंकी, कुदुरमाल, बरमपुर, बांकीमोंगरा, सुमेधा, कुमगरी, घनाकछार, कटघोरा, कछार, दर्री और धवईपुर जैसे क्षेत्र शामिल रहे।

अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक पोकलेन मशीन, नौ ट्रैक्टर, दो हाइवा और दो टीपर सहित कुल 14 वाहन एवं मशीनें जब्त की गईं। इन पर बिना वैध अनुमति के खनिज उत्खनन या परिवहन में इस्तेमाल होने का आरोप है।

जब्त वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थाना क्षेत्रों और खनिज जांच नाका उरगा की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इनमें कुसमुंडा, हरदीबाजार, दर्री और बांकीमोंगरा थाने शामिल हैं।

खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित वाहन स्वामियों और आरोपितों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का क्या कहना है?

अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य अवैध खनन पर नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की रक्षा करना तथा खनिज राजस्व की चोरी को रोकना है।

विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह के औचक निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

खनन गतिविधियों को लेकर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में कोरबा में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत अवैध खनन नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

प्रेम विवाह की सजा: 11 साल से सामाजिक बहिष्कार झेल रहा परिवार, जीते जी कर दिया मृत घोषित

कोरबा/पाली। डिजिटल इंडिया, सामाजिक समानता और संवैधानिक अधिकारों की बात करने वाले आधुनिक भारत में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो समाज की सोच पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहां प्रेम विवाह करने वाले एक दंपती और उनके परिवार को पिछले 11 वर्षों से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेलना पड़ रहा है।

ग्राम पोड़ी, थाना पाली निवासी अशोक कुमार प्रजापति ने 4 जुलाई 2015 को मनीषा कंवर से प्रेम विवाह किया था। दोनों बालिग थे और कानूनन विवाह पूरी तरह वैध था। लेकिन अंतरजातीय विवाह होने के कारण समाज के कुछ लोगों ने पंचायत बुलाकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। तब से लेकर आज तक परिवार को समाज से अलग-थलग रखा गया है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें शादी-ब्याह, तीज-त्योहार, सामाजिक कार्यक्रमों और यहां तक कि पारिवारिक संबंधों से भी दूर कर दिया गया। आवेदन में उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि समाज के लोगों ने उनका "मृत्युभोज" तक कर लिया, जबकि वे जीवित हैं। यह आरोप न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा भी दर्शाता है।

परिवार का कहना है कि बहिष्कार के कारण वे सामान्य सामाजिक जीवन नहीं जी पा रहे हैं। उन्हें अपने रिश्तेदारों और समाज के लोगों से मिलने-जुलने तक में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप यह भी है कि समाज में दोबारा शामिल करने के लिए आर्थिक मांगें की गईं।

करीब 11 वर्षों तक सामाजिक उपेक्षा सहने के बाद अशोक कुमार प्रजापति ने 29 मई 2026 को थाना पाली और एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर सामाजिक बहिष्कार समाप्त कराने और सामान्य जीवन जीने का अवसर दिलाने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय संविधान प्रत्येक बालिग नागरिक को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है। वहीं सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रथाएं न केवल मानवाधिकारों के विरुद्ध हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को भी चुनौती देती हैं।

अब यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक बन गया है जो आज भी जातीय और सामाजिक बंधनों के नाम पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता को स्वीकार नहीं कर पा रही है। प्रशासन की कार्रवाई के साथ-साथ समाज को भी आत्ममंथन करने की आवश्यकता है कि क्या प्रेम और वैधानिक विवाह की सजा किसी परिवार को वर्षों तक सामाजिक रूप से मृत घोषित कर देना हो सकती है।


मोहल्ले में हंगामे के बाद अर्धनग्न युवती को छोड़ युवक भागा, बाइक बरामद


कोरबा। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। मामला एक महिला और एक युवक से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके संबंध में स्थानीय लोगों ने पुलिस से शिकायत की है।

जानकारी के अनुसार, महिला अपने परिवार के साथ रिसदा बस्ती क्षेत्र में रहती है। गुरुवार को एक युवक उसके घर पहुंचा था। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताते हुए घटना की सूचना अन्य लोगों को दी। बाद में किसी व्यक्ति द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि हंगामे के दौरान युवक अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से चला गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। वाहन नंबर के आधार पर युवक की पहचान करने और उससे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सिविल लाइन क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) ने बताया कि मामले की जांच जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या निजी सामग्री को बिना सत्यापन के साझा न करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। 


प्रसव के बाद महिला की मौत, नवजात को लेकर सौदेबाजी के आरोप


कोरबा।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिंदगी की पहली सांस लेते ही एक मासूम ने शायद यह नहीं सोचा होगा कि कुछ ही घंटों में उसकी दुनिया उजड़ जाएगी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जन्मे उस नवजात की आंखें अभी ठीक से खुली भी नहीं थीं कि मां की ममता हमेशा के लिए उससे दूर हो गई।

करतला थाना क्षेत्र के ग्राम तुर्रीकटरा निवासी सरजू प्रसाद राठिया अपनी पत्नी रमशीला राठिया को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लेकर पहुंचा था। परिवार खुश था कि घर में नई किलकारी गूंजने वाली है। कुछ ही देर बाद रमशीला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। प्रसव के तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद वह जिंदगी की जंग हार गई।

अस्पताल के उस वार्ड में जहां कुछ देर पहले खुशियों की उम्मीद थी, वहां अचानक सन्नाटा पसर गया। एक तरफ मां की निर्जीव देह थी, तो दूसरी तरफ गोद में सिमटा वह मासूम, जिसे शायद अभी यह भी नहीं पता कि उसकी मां अब कभी उसे सीने से नहीं लगाएगी। सबसे दर्दनाक मोड़ तब आया, जब आरोप लगा कि पिता ने भी नवजात को अपने साथ रखने से इंकार कर दिया। वह बार-बार यह कहता रहा कि पहली पत्नी से उसके पहले ही दो बच्चे हैं और अब वह इस बच्चे की जिम्मेदारी नहीं उठा सकता। हालांकि नवजात के दादा ने बच्चे को साथ ले जाने और उसकी परवरिश की बात कही है। 

इसके बाद अस्पताल परिसर में जो हुआ, उसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। नवजात को एक संजीवनी एक्सप्रेस चालक के हवाले कर दिया गया। बताया जा रहा है कि चालक नि:संतान है और उसने बच्चे को अपनाने की इच्छा जताई थी। लेकिन इसी बीच तीन लाख रुपये के कथित लेनदेन और एक इकरारनामे की चर्चा ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया। लोग सवाल पूछ रहे हैं—क्या एक नवजात की जिंदगी का फैसला इस तरह हो सकता है? क्या मां की मौत के बाद उस मासूम को सिर्फ एक जिम्मेदारी समझ लिया गया?

संजीवनी चालक का कहना है कि उसने इंसानियत के नाते बच्चे को अपनाने की इच्छा जताई थी, ताकि उसे बेहतर जिंदगी मिल सके। लेकिन अब इस पूरे मामले ने समाज, संवेदनाओं और इंसानियत पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 

फिलहाल यह  मासूम शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है—जिस बच्चे ने दुनिया में कदम रखते ही मां को खो दिया, क्या उसे अब सच में एक सुरक्षित और प्यार भरा भविष्य मिल पाएगा? 


दहेज प्रताड़ना का आरोप, कब्र से निकाला गया विवाहिता का शव

कोरबा। TODAY छत्तीसगढ़  / उरगा थाना क्षेत्र के भतपहरी गांव में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मायके पक्ष द्वारा दहेज प्रताड़ना और हत्या की आशंका जताने के बाद शुक्रवार को प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया।

जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले विनीता की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद ससुराल पक्ष ने शव का अंतिम संस्कार कर दफना दिया। चार दिन बाद मृतका के मायके वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए मौत को संदिग्ध बताया। शिकायत के बाद प्रशासन ने शव को कब्र से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक टीम मौके पर मौजूद रही। शुरुआत में मृतका के ससुर ने विरोध किया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद प्रक्रिया पूरी कराई गई।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही विनीता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पति मुकेश पाटले पर मारपीट करने और कई बार घर से निकाल देने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों के मुताबिक विनीता अक्सर रोते हुए मायके पहुंचती थी, लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए समझौता कर उसे वापस भेज दिया जाता था।

मृतका की मां ने दावा किया कि कुछ समय पहले भी पति ने उसे फांसी लगाकर मारने की कोशिश की थी। हाल ही में गांव के लोगों और सरपंच की मौजूदगी में समझौता होने के बाद उसे दोबारा ससुराल भेजा गया था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शव पर चोट के निशान थे और नाक-मुंह से खून निकल रहा था। इसके बावजूद बिना पोस्टमार्टम कराए जल्दबाजी में शव दफना दिया गया। मृतका की बहन ने सवाल उठाया कि कुछ दिन पहले शादी समारोह में शामिल होने वाली विनीता अचानक आत्महत्या कैसे कर सकती है।

उधर पति मुकेश पाटले ने आरोपों को निराधार बताया है, हालांकि वह यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि पत्नी बार-बार मायके क्यों लौट जाती थी। उरगा पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 


जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, दोनों पक्षों में जमकर मारपीट


कोरबा। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के सीतामढ़ी इलाके में पुरानी जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना में महिलाओं समेत कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

पीड़िता नैना गोस्वामी के अनुसार, यह हमला पुराने विवाद को लेकर किया गया। मंगलवार को 15-20 की संख्या में बदमाश लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और नैना, उनकी बहन, बच्चे और जीजा के साथ बेरहमी से मारपीट की। शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।

मारपीट में नैना गोस्वामी बुरी तरह जख्मी हो गईं, उनके हाथ, पीठ और चेहरे पर चोट के निशान देखे गए हैं। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज भी प्राप्त किए गए हैं, जिनमें आरोपी घर में घुसते और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करते हुए स्पष्ट दिख रहे हैं। 

पीड़िता ने बताया कि पूरा परिवार दहशत में है और उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए लगातार धमकियां मिल रही हैं। पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि विवाद की शुरुआत पहले हुई मारपीट से हुई थी। आरोप है कि नैना गोस्वामी और उनके साथियों ने पहले पूनम गोस्वामी के घर पहुंचकर हमला किया था, जिसमें पूनम गोस्वामी और नान्हे जायसवाल घायल हुए। नान्हे जायसवाल के सिर में गंभीर चोट आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद दूसरा पक्ष भी अपने लोगों के साथ पहुंचा और फिर विवाद हिंसक हो गया।

बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस मामले में पहले भी पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ राजस्व संहिता की धारा 145 के तहत कार्रवाई कर प्रकरण एसडीएम न्यायालय भेजा गया था।

दोस्ती का खौफनाक अंत ! जंगल में लटके मिले शव, आत्महत्या या साजिश?


कोरबा। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के बाल्को थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलाकछार जंगल में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक ही पेड़ पर दो युवकों के शव फंदे से लटके मिले। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मृतकों की पहचान प्रमोद कंवर (28) और अमित माथुर (27) के रूप में हुई है। दोनों एक ही बस्ती के रहने वाले थे और आपस में गहरे मित्र बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सुबह ग्रामीण रोजमर्रा की तरह जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक पेड़ पर लटके दो शवों पर पड़ी। यह भयावह दृश्य देखते ही ग्रामीणों के होश उड़ गए और उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही बाल्को थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल को घेरकर जांच की जा रही है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाने के साथ ही पूरे घटनाक्रम को बारीकी से समझने का प्रयास शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवक भारत एल्युमिनियम लिमिटेड (बाल्को) में ठेका श्रमिक के रूप में कार्यरत थे, लेकिन बीते करीब एक माह से काम पर नहीं जा रहे थे। दोनों शादीशुदा थे, जिनमें से एक युवक का एक छोटा बच्चा भी है।

पुलिस ने मामले को प्रथम दृष्टया संदिग्ध मानते हुए आत्महत्या सहित अन्य सभी संभावनाओं पर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के पीछे किन परिस्थितियों ने जन्म लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं के पीछे मानसिक तनाव, पारिवारिक दबाव, आर्थिक तंगी या आपसी विवाद जैसे कारण हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना आवश्यक है। घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और जांच में सहयोग करने की अपील की है। 

बिलासपुर पुलिस द्वारा जनहित में जारी


हनुमान कथा के मंच से धर्मांतरण के मुद्दे पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान सुर्खियों में


कोरबा। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में इन दिनों चल रही हनुमान कथा के दौरान कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक बयान ने चर्चा को जन्म दिया है। कथा के मंच से उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “यहां आसपास हालेलुयाह वाले सक्रिय हैं,” और इसके खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया जताई।

उन्होंने आगे कहा कि हिंदुओं का धर्मांतरण अब नहीं होने दिया जाएगा और जो लोग पहले धर्मांतरण कर चुके हैं, उन्हें 1 अप्रैल तक “घर वापसी” का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं की ओर लौटने की अपील भी की। कथा के दौरान उनका अलग अंदाज़ भी देखने को मिला, जब उन्होंने अंग्रेज़ी में “Welcome to stage, my dear” कहकर लोगों का अभिवादन किया। 

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों कोरबा में हनुमान कथा कर रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कोरबा की भी तारीफ करते हुए कहा कि यहां के कोयले का योगदान अन्य क्षेत्रों, विशेषकर मध्यप्रदेश में बिजली आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। उनके इस बयान को लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

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