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अंबिकापुर में दरिंदगी! शादी से लौटती बालिकाओं को उठा ले गए बदमाश


अंबिकापुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में दो नाबालिग बालिकाओं से सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन वयस्क आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल को दोनों पीड़िताएं अपनी सहेलियों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। वापस लौटते समय करीब एक दर्जन युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गए। वहां चार आरोपियों ने बालिकाओं के साथ दुष्कर्म किया।

घटना के बाद दोनों पीड़िताएं रात में किसी तरह अपने घर पहुंचीं और अगले दिन परिजनों को पूरी जानकारी दी। शिकायत के आधार पर थाना सीतापुर में 26 अप्रैल को अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने पीड़िताओं के बयान दर्ज कराए और मेडिकल परीक्षण कराया। परिजनों की आपत्ति के बाद दोबारा जिला अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज की।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार वयस्क आरोपियों में आनंद बेक (27), विकास उर्फ राहुल (24) और मनीष खलखो उर्फ आभीस शामिल हैं। वहीं तीन नाबालिग आरोपियों को बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) तथा पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की जांच जारी है और अन्य संलिप्त आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। 

पुलिस की गाड़ी लेकर फरार हुआ चोर, लोकेशन से पकड़ा गया


अंबिकापुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  सरगुजा जिले में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। गांजा तस्करी के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम की ही बोलेरो गाड़ी एक शातिर युवक मौके से लेकर फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल लोकेशन के आधार पर कुछ ही देर में आरोपी को पकड़ लिया।

जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना पुलिस को सत्तीपारा क्षेत्र में गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर दबिश देने पहुंची। टीम के सदस्य आसपास जांच में जुटे थे, इसी दौरान लापरवाही में गाड़ी की चाबी वाहन में ही लगी रह गई। इसी अवसर का फायदा उठाकर आरोपी मुकेश नामदेव एक मकान की छत से कूदकर नीचे आया और सीधे पुलिस की बोलेरो गाड़ी में बैठकर फरार हो गया। जब पुलिस टीम वापस लौटी तो वाहन गायब देख हड़कंप मच गया।

घटना ने उस समय मोड़ लिया जब पता चला कि डीएसपी का मोबाइल फोन भी उसी वाहन में रह गया है। पुलिस ने तत्काल मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की और उसी दिशा में पीछा शुरू किया। कुछ ही समय में राम मंदिर के पास बोलेरो वाहन को बरामद कर लिया गया और सर्चिंग के दौरान आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी के पास से गाड़ी की चाबी भी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में आरोपी के आपराधिक प्रवृत्ति का होने की जानकारी सामने आई है।


दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या का आरोपी चिरमिरी से 8 दिन बाद गिरफ्तार


अंबिकापुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर में महिला से दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने आठ दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोरिया जिले के चिरमिरी क्षेत्र से पकड़ा गया है। उसे पकड़ने के लिए सरगुजा पुलिस की टीम रवाना हो गई है।

पुलिस के अनुसार, 2-3 अप्रैल की रात आरोपी ने महामाया द्वार के समीप फुटपाथ पर महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद से आरोपी फरार था, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार की जा रही थी। जांच में आरोपी की पहचान पांडा उर्फ मिथुन के रूप में हुई थी। बताया गया कि आरोपी पहले से महिला के संपर्क में था और दोनों कबाड़ बीनने का काम करते थे।

ये था पूरा मामला - महामाया द्वार के पास मिला महिला का गला रेतकर हत्या, चेहरा कुचला—दरिंदगी की आशंका 

घटना के बाद सरगुजा पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस महानिरीक्षक स्तर से 30 हजार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी की तलाश में चार विशेष टीमें गठित की गई थीं, वहीं विभिन्न थानों में उसका फोटो और स्केच भी भेजा गया था। सूचना के आधार पर आरोपी को चिरमिरी क्षेत्र में पकड़ लिया गया। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। 


ढाई महीने की शादी, नवविवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान


सरगुजा। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत केपी गांव में रविवार शाम एक नवविवाहिता द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना से गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका पूजा गिरी (18 वर्ष) की शादी करीब ढाई महीने पहले मुकेश गिरी (19 वर्ष) के साथ हुई थी। रविवार को पूजा ने अपने पति को फोन कर घर बुलाया और तबीयत खराब होने की जानकारी दी। पति के घर पहुंचने पर उसने सामान्य व्यवहार किया और उसे गले लगाया, लेकिन कुछ देर बाद वह कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजन घबरा गए। उन्होंने छप्पर तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां पूजा साड़ी के फंदे से लटकी मिली। उसे तत्काल नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस पूछताछ में पति ने बताया कि पूजा छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी। घटना के समय वह बाहर गया हुआ था और पत्नी के बुलाने पर घर लौटा था।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस इस मामले में जांच के बाद ही वस्तुस्थिति स्पष्ट करने की बात कह रही है। आत्महत्या के कारण और उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर फिलहाल पूछताछ जारी है।  

ट्रक-कार की भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत


अंबिकापुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर ग्राम सकालो जंगल के समीप सुबह करीब 6 बजे प्रतापपुर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने अंबिकापुर की दिशा में जा रही कार को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन में सवार मानीमती (50 वर्ष), उनके पति कैलाराम (52 वर्ष) और पुत्र राहुल टोप्पो (25 वर्ष) ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में कार चालक सोनू केरकेट्टा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। 


NH-130 पर मौत का तांडव, स्कॉर्पियो ने तीन महिलाओं को रौंदा


अंबिकापुर (मनीष कुमार)।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर से लगे नेशनल हाईवे-130 पर रविवार शाम एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क पार कर रहीं तीन महिलाओं को कुचल दिया। हादसे में तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया और वाहन चालक की जमकर पिटाई कर दी।

जानकारी के अनुसार, ग्राम जोगीबांध की तीन महिलाएं बाजार करने के लिए भिठ्ठीकला आई थीं। शाम करीब सात बजे वे घर लौटने के लिए सड़क पार कर रही थीं, तभी अंबिकापुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने चालक को पकड़कर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही मणिपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद चालक को भीड़ से छुड़ाकर लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।

घटना के विरोध में ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी और घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने तीनों मृत महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।

अंबिकापुर कांड: बाबा बोले दोषियों को फांसी हो, PM का सच बेहद डरावना

अंबिकापुर / रायपुर।   TODAY छत्तीसगढ़  /  अंबिकापुर में एक युवती के साथ दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में सिंहदेव ने कहा कि “अंबिकापुर आज रो रहा है और हर संवेदनशील व्यक्ति शर्मसार है।” उन्होंने इस घटना को दिल्ली के निर्भया कांड जैसी दिल दहला देने वाली बताया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब बेटियां सड़कों पर भी सुरक्षित नहीं हैं। सिंहदेव ने आरोप लगाया कि यह घटना सरकार की नाकामी को उजागर करती है। जब शहर का व्यस्त इलाका सुरक्षित नहीं है, तो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है और वे खुलेआम ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले को न तो भुलाया जाएगा और न ही दबाया जाएगा। सिंहदेव ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत राय में ऐसे जघन्य अपराधों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान लागू करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी और यह हर बेटी की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। 

पूरी खबर पढ़ें - महामाया द्वार के पास मिला महिला का गला रेतकर हत्या, चेहरा कुचला—दरिंदगी की आशंका 

आपको बता दें कि अंबिकापुर में महिला की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने वारदात की भयावहता उजागर कर दी है। मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के डॉक्टरों ने जांच में बताया कि आरोपी ने दुष्कर्म के बाद महिला की बेहद निर्ममता से हत्या की। फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. संटू बाग के अनुसार, आरोपी ने महिला के सिर पर पत्थर से इतना जोरदार वार किया कि सिर की तीन हड्डियां टूट गईं। हमले की बर्बरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महिला के सीने की सभी 12 पसलियां भी टूट चुकी थीं।

डॉक्टरों ने बताया कि गंभीर चोटों के कारण महिला के फेफड़े और हृदय को भी भारी नुकसान पहुंचा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि हत्या बेहद क्रूर और योजनाबद्ध तरीके से की गई। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जल्द से जल्द सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की गिरफ्तारी व मामले के जल्द खुलासे की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है। 



महामाया द्वार के पास मिला महिला का गला रेतकर हत्या, चेहरा कुचला—दरिंदगी की आशंका


अंबिकापुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब रिंग रोड स्थित महामाया प्रवेश द्वार के पास एक अधेड़ महिला का खून से लथपथ शव मिला। घटना की बर्बरता ने पूरे इलाके को दहला दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र में रिंग रोड किनारे स्थित एक मटन शॉप के पास स्थानीय लोगों ने सुबह शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि महिला की गला रेतकर हत्या की गई थी और पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा भी बुरी तरह कुचल दिया गया था। प्रारंभिक जांच में महिला के साथ दरिंदगी की आशंका जताई जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मिले तथ्यों ने मामले को और गंभीर बना दिया है, जिससे दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि सभी पहलुओं की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

घटना की सूचना मिलते ही राजेश अग्रवाल, अमोलक सिंह सहित फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती फुटेज में महिला को देर रात एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ जाते हुए देखा गया है, जिसके आधार पर संदिग्ध की तलाश तेज कर दी गई है। स्थानीय पार्षद सतीष बारी ने बताया कि वार्डवासियों से सूचना मिलने के बाद पुलिस को जानकारी दी गई। उन्होंने भी घटना को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। शहर में इस घटना के बाद दहशत और आक्रोश का माहौल है।

संजय वन वाटिका: 15 मौतें, एक फरार हिरण और सोता हुआ सिस्टम


अंबिकापुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर के संजय वन वाटिका में लगातार हो रही घटनाएं अब सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि वन्य प्रबंधन की गंभीर विफलता की तस्वीर पेश कर रही हैं। ऐसा लगता है कि संजय वन वाटिका “संरक्षण” नहीं, बल्कि “उपेक्षा” का जीवंत उदाहरण है। जिस स्थान का उद्देश्य वन्य प्राणियों को सुरक्षा और संरक्षण देना है, वही अब उनकी असुरक्षा और मौत का कारण बनता दिख रहा है।

21 मार्च की रात आवारा कुत्तों के हमले में 15 वन्य प्राणियों (चीतल, सांभर और कोटरी) की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। इस घटना की जांच और जिम्मेदारी तय होने से पहले ही 30 मार्च की रात एक और चौंकाने वाली घटना सामने आ गई। 

बताया जा रहा है कि चारा डालने के दौरान एक कर्मचारी ने घेराबंदी का गेट खुला छोड़ दिया, जिसका फायदा उठाकर एक हिरण वन वाटिका से बाहर भाग निकला। यह घटना न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि बुनियादी सावधानियां तक नहीं बरती जा रही हैं। हिरण के भागने के बाद कुछ वनकर्मी टॉर्च लेकर उसकी तलाश करते नजर आए, लेकिन यह कोशिश ज्यादा औपचारिकता निभाने जैसी ही लगी। सवाल यह उठता है कि जब पहले ही इतनी बड़ी घटना हो चुकी थी, तो सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता क्यों नहीं बरती गई? 

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यह घटनाएं केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं हैं, बल्कि यह उस मानसिकता को उजागर करती हैं जिसमें जवाबदेही का कोई भय नहीं और कर्तव्यबोध का कोई स्थान नहीं। जब तक जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह “वन वाटिका” यूं ही “वन्य त्रासदी का केंद्र” बनी रहेगी। अब सवाल यह है कि जब जिम्मेदारी की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति ही “अनदेखी” को अपना कार्यशैली बना ले, तो फिर नीचे के कर्मचारियों से सजगता की उम्मीद करना क्या महज एक औपचारिक मजाक नहीं है? 

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अंबिकापुर सेंट्रल जेल VIDEO: मोबाइल, घर का खाना और अस्पताल में विशेष ठहराव, दो प्रहरी निलंबित


अंबिकापुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जेल की ऊंची दीवारों के भीतर बंद कैदियों के लिए कानून समान होता है कम से कम कागज़ों पर लेकिन अंबिकापुर सेंट्रल जेल से सामने आया ताज़ा मामला इस दावे को कठघरे में खड़ा करता है। हत्या के आरोप में आजीवन सजा काट रहे मनेंद्रगढ़ निवासी गुरुबक्श नामक कैदी को जेल नियमों के विपरीत मोबाइल फोन, घर का बना खाना और मिनरल वाटर तक उपलब्ध कराया जा रहा था।

मामले का खुलासा तब हुआ जब शिकायत मिलने पर जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल वार्ड का ताला खुला मिला और अंदर ऐसी व्यवस्थाएं देखी गईं, जो जेल नियमों के बिल्कुल विपरीत थीं। बताया जा रहा है कि संबंधित कैदी को डॉक्टर के प्रमाण पत्र के आधार पर अस्पताल वार्ड में भर्ती किया गया था, जबकि उसकी हालत को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कैदी के परिजनों को अटेंडेंट बनाकर उसके साथ रहने की अनुमति भी दे दी गई थी। नियमों के मुताबिक यह सुविधा बेहद सीमित परिस्थितियों में ही दी जाती है, लेकिन यहां यह एक ‘सुविधा पैकेज’ की तरह संचालित होती दिखी।

जेल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कैदी को दी जा रही सभी विशेष सुविधाओं पर रोक लगा दी और ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में दो जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया। लेकिन इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है—क्या इतना बड़ा खेल सिर्फ दो प्रहरियों की जानकारी में चल सकता था?  

जेल के भीतर ‘सुविधाओं का कारोबार’?

जेल से बाहर आ चुके कुछ पूर्व कैदियों का दावा है कि जेलों के भीतर सुविधाओं के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। इसके बदले कैदियों को मोबाइल फोन, नशे का सामान, घर का खाना और अन्य आरामदायक सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। आरोप यह भी हैं कि यह सब बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के संभव नहीं होता। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अंबिकापुर जेल का यह मामला उन आरोपों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है।

सवालों के घेरे में सिस्टम

इस पूरे घटनाक्रम ने जेल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर एक कैदी को इस तरह की विशेष सुविधाएं मिल रही थीं, तो क्या यह व्यवस्था लंबे समय से चल रही थी? और अगर हां, तो जिम्मेदारी सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित क्यों रहे?

अंबिकापुर सेंट्रल जेल का यह खुलासा केवल एक घटना नहीं, बल्कि उस सिस्टम की परतें खोलता है, जहां नियमों से ज्यादा ‘पहुंच’ और ‘पैसा’ असरदार साबित होते दिखते हैं। अब देखना होगा कि जांच का दायरा कितना व्यापक होता है और क्या इस बार जिम्मेदारी ऊपर तक तय हो पाती है या फिर मामला फिर से निचले स्तर तक सिमट कर रह जाएगा।

Wildlife Deaths: कुत्तों के हमले के बाद संजय वन वाटिका बंद, 15 चीतलों की मौत


सरगुजा।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित संजय वन वाटिका में 15 चीतलों की मौत ने सिर्फ एक हादसे का नहीं, बल्कि व्यवस्था की गहरी खामियों का सवाल खड़ा कर दिया है। जिस जगह को वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बनाया गया था, वही अब उनकी असुरक्षा और मौत का कारण बनती दिख रही है। 

बताया जा रहा है कि 21 मार्च की रात पांच-छह आवारा कुत्ते बाड़े की कमजोर फेंसिंग का फायदा उठाकर अंदर घुस गए। इसके बाद जो हुआ, वह किसी भी संरक्षण क्षेत्र के लिए शर्मनाक है। यहां मौजूद हिरण प्रजाति के कई वन्यजीव आवारा कुत्तों के सामने बेबस, असहाय दिखे। बताया जा रहा है कि संजय पार्क में आवारा कुत्तों ने 14 चीतल और एक सांभर को मार डाला है । एक अन्य घायल चीतल ने आज सुबह दम तोड़ दिया। वन विभाग ने मरे हुए वन्यप्राणियों के शव को आनन-फानन में जला भी दिया है ताकि बड़े और गंभीर सवालों से बचा जा सके। 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक ‘दुर्घटना’ है, या फिर लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का नतीजा? प्रारंभिक जानकारी से साफ है कि बाड़े की फेंसिंग इतनी कमजोर थी कि आवारा कुत्ते आसानी से भीतर पहुंच गए। अगर यही सुरक्षा व्यवस्था है, तो फिर यह ‘वाटिका’ नहीं, एक खुला खतरा क्षेत्र बन चुका है। और सवाल यहीं खत्म नहीं होते क्या रात में कोई सुरक्षा गश्त नहीं थी? क्या निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं थी? घटना रात में हुई, लेकिन इसकी जानकारी पार्क प्रबंधन और वन विभाग को अगले दिन सुबह मिली। इसका मतलब साफ है न तो तत्काल निगरानी थी, न ही कोई अलर्ट सिस्टम। संरक्षित क्षेत्र में अगर पूरी रात हिंसक हमला चलता रहे और किसी जिम्मेदार को खबर तक न हो, तो यह सिर्फ चूक नहीं, बल्कि तंत्र की विफलता है। 

हर बड़े हादसे के बाद ‘जांच के आदेश’ एक तय प्रक्रिया बन चुके हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या जांच से आगे भी कुछ होगा? क्या किसी अधिकारी की जवाबदेही तय होगी, या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा? हालांकि सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए ड्यूटी पर तैनात 4 कर्मचारियों को तत्काल निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। इस मामले में अब तक किसी बड़े अफसर पर गाज नहीं गिरी है, ना ही जवाबदेही तय की गई है। 

संरक्षण या दिखावा?

संजय वन वाटिका को पर्यटकों के लिए तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। लेकिन क्या यह कदम पर्याप्त है? जब तक सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को दूर नहीं किया जाता, निगरानी तंत्र को मजबूत नहीं किया जाता और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक यह बंदी सिर्फ एक औपचारिकता भर ही रहेगी।

अंबिकापुर में ‘सरगुजा ओलंपिक 2026’ का शुभारंभ, खेलों से जुड़कर युवा करें सपनों को साकार


अंबिकापुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / ‘सरगुजा ओलंपिक 2026’ की संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ शनिवार को शहर के पीजी कॉलेज ग्राउंड में हुआ। 21 से 23 मार्च तक आयोजित इस तीन दिवसीय खेल महोत्सव में संभाग भर के प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

आयोजन में देश की प्रसिद्ध पहलवान गीता फोगाट की उपस्थिति खिलाड़ियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा ओलम्पिक 2026 में आये सभी युवा खिलाड़ियों को गीता फोगाट के अनुभव और मार्गदर्शन से प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना को भी मजबूत करते हैं। सरकार की मंशा है कि प्रदेश का अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़े, अपनी प्रतिभा को पहचाने और उसे निखारते हुए आगे बढ़े। युवाओं की यही ऊर्जा और संकल्प नए छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। आयोजन के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें संभाग के खिलाड़ी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।

Chhattisgarh: कवरेज के दौरान पत्रकार से मारपीट का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज

अम्बिकापुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /   कवरेज के दौरान एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद पत्रकारों और स्थानीय लोगों ने नाराज़गी जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल में निगम की कार्रवाई के दौरान विवाद हुआ, जहां कमर्शियल अनुमति के बावजूद बिल्डिंग परमिशन से अधिक निर्माण का आरोप था। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के बावजूद पत्रकार के साथ मारपीट की घटना हुई, जिससे पत्रकार समुदाय में आक्रोश है।

जानकारी के अनुसार, पत्रकार सुशील बखला कवरेज के लिए मौके पर मौजूद थे, इसी दौरान उनके साथ कथित रूप से मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि घटना के समय पुलिस भी मौके पर मौजूद थी, जिसके कारण मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। इस घटना को लेकर पत्रकारों ने कहा है कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो निष्पक्ष रिपोर्टिंग प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कोतवाली थाने में आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा तेज है और पत्रकार संगठनों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल मीडिया की स्वतंत्रता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता पैदा करती हैं। वहीं, अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। 


राष्ट्रपति मुर्मू ने शुरू की ‘अखरा विकास योजना’, आदिवासी संस्कृति को मिलेगा नया संबल


अंबिकापुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री जनजातीय ग्राम अखरा विकास योजना का शुभारंभ किया। यह योजना आदिवासी समुदाय के पारंपरिक और सांस्कृतिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए ‘अखरा’ केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, पूजा, सामूहिक गतिविधियों और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र होता है। उन्होंने बताया कि अखरा स्थल न सिर्फ समुदाय की मान्यताओं से जुड़े हैं, बल्कि इन्हें आदिवासी इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक भी माना जाता है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार इन पारंपरिक स्थलों के संरक्षण, विकास और विस्तारीकरण पर विशेष जोर देगी, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रह सकें।

जनजातीय गौरव दिवस के समापन पर बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू: सरकार आदिवासी विकास को शीर्ष प्राथमिकता दे रही है


अंबिकापुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जनजातीय गौरव दिवस 2025 के अंतिम दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंबिकापुर पहुंचीं। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी समाज के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें कर रही है और इनके परिणाम देशभर में नजर आने लगे हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि केंद्र का जनजातीय मामलों का मंत्रालय अनुसूचित जनजातियों के लिए डेवलपमेंट एक्शन प्लान के तहत मिलने वाले फंड के सही आवंटन और उपयोग को सुनिश्चित करने पर गंभीरता से काम कर रहा है। 

उन्होंने कहा कि पिछले साल गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत की थी, जिसका लाभ देश के 5 करोड़ से ज्यादा आदिवासी भाई-बहनों तक पहुंच चुका है। राष्ट्रपति ने बताया कि 2023 के जनजातीय गौरव दिवस पर शुरू किए गए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM जनमन) का उद्देश्य 75 जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक उन्नयन को तेज़ करना है। मुर्मू ने कहा कि ये सारी पहलें बताती हैं कि सरकार जनजातीय समुदायों को शीर्ष प्राथमिकता दे रही है। (इनपुट: ANI)


नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा : शहरों के बेहतर विकास और जनहित में करें कार्य, लापरवाही की तो होगी कार्रवाई - साव

बिलासपुर /  TODAY छत्तीसगढ़  /  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में संभाग के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अंबिकापुर कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में अधिकारियों को शहरों के सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास के लिए कार्ययोजना बनाकर उसके अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इंजीनियर्स के साथ बेहतर तालमेल से काम करते हुए गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सभी कार्यों को पूर्ण करने को कहा। उन्होंने विकास और जन सुविधाएं विकसित करने के कामों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और सरगुजा के कलेक्टर श्री भोसकर विलास संदिपान भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।  

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में पिछले माह रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के संचालन, कार्य पद्धति में बदलाव और कार्यालय के रखरखाव पर दिए निर्देशों पर अमल की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आयुक्त और सीएमओ अपनी जिम्मेदारी समझें और शहरों के हित में गंभीरता से कार्य करें। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाएं। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाएं। उन्होंने बैठक में स्थानांतरण आदेशों के पालन और जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान प्राप्त अनिराकृत आवेदनों के निराकरण की भी जानकारी ली।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझें, काम में अरुचि और लापरवाही बिल्कुल अक्षम्य होगी। काम नहीं करने वालों पर कार्यवाही अवश्य ही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा निकायों के विकास के लिए पूरा सहयोग किया जा रहा है। अधिकारी उदासीन न रहें, उत्साह के साथ काम करें। काम में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इंजीनियरों से दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य में लेट-लतीफी न करें। फील्ड पर भी समय बिताएं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करें। शासन द्वारा मांगी गई जानकारियों और प्रस्तावों को व्यवस्थित रूप से भेजें। 

श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से सरगुजा संभाग के सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण के लिए स्थल चिन्हांकन की जानकारी ली। उन्होंने इसके लिए सभी सीएमओ को अपना प्रस्ताव शीघ्र संबंधित कलेक्टर को भेजने को कहा। उन्होंने दीपावली के तुरंत बाद इस पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीएमओ को स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी भी जोर-शोर से करने को कहा। श्री साव ने बैठक में सभी नगरीय निकायों में हर विभाग के बेहतर समन्वय से सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास तथा स्वच्छता एवं सुंदरता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और अंबिकापुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक श्री एस.के. सुंदरानी सहित सरगुजा संभाग के सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

  

सरगुजा वासियों का हवाई सेवा का 8 दशक पुराना ख़्वाब हुआ पूरा, मोदी ने किया शुभारम्भ


अंबिकापुर /  TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अंबिकापुर के दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट का वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से लोकार्पण किया। अंबिकापुर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।  

सरगुजा संभाग वासियों की 8 दशक पुरानी एयरकनेक्टिविटी का सपना आज साकार हुआ है। यह एयरपोर्ट राज्य के दूरस्थ इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और क्षेत्र के विकास के नए रास्ते खुलेंगे। 

माँ महामाया एयरपोर्ट से उड़ान का प्रस्तावित कार्यक्रम निर्धारित है, जिसके अनुसार प्रस्तावित बिलासपुर से उड़ान सोमवार, शुक्रवार को दिल्ली → जबलपुर →जगदलपुर→बिलासपुर→दिल्ली के लिए उड़ान भरना प्रस्तावित है l इसी प्रकार मंगलवार, गुरुवार को कोलकाता→बिलासपुर → कोलकाता से, मंगलवार, गुरुवार को दिल्ली → प्रयागराज → बिलासपुर→ प्रयागराज →दिल्ली के लिए उड़ान भरना प्रस्तावित है l

बुधवार को दिल्ली→ बिलासपुर → जगदलपुर → जबलपुर →दिल्ली के लिए,शनिवार को दिल्ली→ बिलासपुर → जबलपुर→ बिलासपुर→दिल्ली के लिए और रविवार को दिल्ली→ जगदलपुर→ बिलासपुर → जगदलपुर → दिल्ली के लिए माँ महामाया एयरपोर्ट से उड़ान भरना प्रस्तावित है l


परसा कोल ब्लॉक में पेड़ों की कटाई का विरोध, ग्रामीणों के अलावा कई पुलिस कर्मी घायल


 अंबिकापुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  परसा कोल ब्लॉक में पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे सैकड़ों ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर भिड़ंत हुई । घटना उदयपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। 

दरअसल, आज (गुरुवार) पुलिस की मौजूदगी में पेड़ काटने का काम शुरू था, जिसका विरोध ग्रामीण कर रहे थे। धीरे-धीरे प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस से झूमा झटकी करने लगे। पुलिस ने भी उग्र भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठी चार्ज किया। दोनों तरफ से जमकर झड़प हुई। इस दौरान ग्रामीणों के हमले में टीआई, एसआई, प्रधान आरक्षक, कोटवार समेत 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिस कर्मियों को उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया है। साथ ही परसा कोल ब्लॉक को छावनी में तब्दील किया गया है।

बता दें कि हसदेव अरण्य जंगलों में बड़ी मात्रा में कोयले के भंडार सर्वे में पाए गए हैं इस राज्य सरकार ने राजस्थान सरकार को आवंटित किया है। राजस्थान सरकार ने एमडीओ के तहत परसा कोल ब्लॉक को अडानी की कंपनी को कोल उत्खनन के लिए दिए हैं। 

सड़क पर खेल रहे मासूम को कार ने रौंदा, इलाज के दौरान मौत

फोटो / CCTV का स्क्रीन शॉट 
अंबिकापुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  अपने घर के बाहर खेल रहे एक मासूम बच्चे को  कार चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए अपनी चपेट में ले लिया जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रारम्भिक उपचार के बाद अपोलो अस्पताल में मासूम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। घटना अंबिकापुर शहर की है, पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना का CCTV फुटेज भी पुलिस के पास है। 

हमारे संवाददाता से मिली जानकारी के मुताबिक़ बलरामपुर निवासी भाजपा नेता धीरज सिंहदेव का तकरीबन 10 वर्षीय बेटा स्वतंत्र सिंहदेव अंबिकापुर में रहने वाली अपनी बुआ के घर छुट्टियाँ बिताने आया था। 12 अक्टूबर की शाम साढ़े 4 बजे के आस-पास वसुंधरा नगर में रहने वाली अपनी बुआ के घर के बाहर परिवार के अन्य बच्चों के साथ स्वतंत्र भी खेल रहा था, इसी बीच एक तेज रफ़्तार कार के चालक ने उसे रौंद दिया। घटना के बाद साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया, घायल स्वतंत्र को प्रारम्भिक उपचार के बाद गंभीर हालत में बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां आज सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। बच्चे को कुचले जाने की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है, घटना के बाद मिली सूचना पर पुलिस ने आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। 


भाजपा आदिवासियों को 'वनवासी' कहती है क्योंकि वह नहीं चाहती कि वे बड़े सपने देखें और प्रगति करें - राहुल गांधी


 अंबिकापुर (भाषा)। 
TODAY छत्तीसगढ़  / कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को भाजपा पर आदिवासियों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा आदिवासियों को 'वनवासी' कहती है क्योंकि वह नहीं चाहती कि वे बड़े सपने देखें और प्रगति करें। 

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर निर्वाचन क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला किया और कहा कि वह खुद को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का व्यक्ति बताते हैं, लेकिन जब पिछड़े वर्ग का समर्थन करने का समय आता है तो वे कहते हैं कि ओबीसी जाति नहीं है।

उन्होंने कहा, '.. भाजपा ने आदिवासियों के लिए 'वनवासी' शब्द का इस्तेमाल किया। वनवासी और आदिवासी शब्दों में बहुत बड़ा अंतर है। आपने वह वीडियो देखा होगा जिसमें एक भाजपा नेता ने (मध्यप्रदेश में) एक आदिवासी युवक पर पेशाब कर दिया। वे जानवर के ऊपर पेशाब नहीं करते, लेकिन वे आदिवासियों के साथ ऐसी हरकत करते हैं। यह भाजपा की मानसिकता है।' गांधी ने कहा, 'आदिवासी शब्द का गहरा अर्थ है। यह शब्द जल, जंगल, जमीन पर आपके अधिकार को व्यक्त करता है। वनवासी का अर्थ है जंगल में रहने वाले। भाजपा आपको वनवासी कहती है, हम आपको आदिवासी कहते हैं। भाजपा आपका अधिकार छीनती है, हम आपको अधिकार देते हैं। हम आपको गले लगाते हैं, भाजपा नेता आप पर पेशाब करते हैं।' उन्होंने कहा, 'वन क्षेत्र कम हो रहा है। अगले 15-20 साल में जब जंगल लुप्त हो जायेंगे तो वनवासी कहां जाएंगे? क्या वे सड़कों पर भीख मांगेंगे? वे (भाजपा) आपसे (आदिवासियों से) कहते हैं कि अंग्रेजी मत सीखो क्योंकि वे चाहते हैं कि न आप बड़े सपने देखें और न ही उन्हें पूरा करें। कांग्रेस नेता ने कहा, 'मोदी जी हर भाषण में खुद को ओबीसी कहते हैं और ओबीसी कल्याण की बात करते हैं। जब हमने मांग की कि जातीय जनगणना होनी चाहिए तो उन्होंने कहा कि एक ही जाति है और वह 'गरीब' है। तो आप अपने आपको ओबीसी क्यों कहते हैं। यदि केवल एक ही जाति है तो वे कौन हैं जो अमीर हैं। गांधी ने कहा कि राज्य में कांग्रेस की सत्ता बरकरार रहने के बाद छत्तीसगढ़ में पहले दिन से जाति जनगणना शुरू की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोकसभा चुनाव में केंद्र में कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन की सरकार बनती है तो देश में जाति आधारित जनगणना कराई जाएगी। 


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