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भटकती आत्मा नहीं… जिंदा थी महिला, तहसील जांच में खुला राज


गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मरवाही तहसील में कथित तौर पर “मृत महिला द्वारा जमीन बिक्री” के मामले में प्रशासनिक जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। तहसीलदार मरवाही ने स्पष्ट किया है कि जिस आदिवासी महिला को मृत बताकर फर्जी रजिस्ट्री का आरोप लगाया गया था, वह महिला जीवित पाई गई है।

दरअसल, 29 अप्रैल को मीडिया में “मृत आदिवासी महिला जिंदा बनकर बेच गई जमीन” शीर्षक से खबर प्रसारित हुई थी। खबर में आरोप लगाया गया था कि मृत महिला के नाम पर किसी अन्य महिला को खड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार मरवाही ने विस्तृत जांच कराई। जांच में सामने आया कि ग्राम पोड़ी निवासी सोमवती ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दी थी कि उसकी नानी जोहरी बाई की वर्ष 2010 में मृत्यु हो चुकी है, बावजूद इसके उनकी जमीन की बिक्री रजिस्ट्री कर दी गई।

तहसीलदार न्यायालय में आवेदिका, कथित मृत महिला जोहरी बाई उर्फ बेलपतिया और अन्य संबंधित पक्षों को बुलाकर पूछताछ की गई। जांच के दौरान जिस महिला को मृत बताया गया था, वह स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुई।

महिला ने बताया कि उसका पहला नाम जोहरी बाई पति श्यामलाल था, जबकि दूसरी शादी के बाद दस्तावेजों में उसका नाम बेलपतिया पति तिलकधारी दर्ज हो गया। बाद में शपथपत्र और आधार कार्ड के आधार पर रिकॉर्ड में “जोहरी बाई उर्फ बेलपतिया” नाम दर्ज कराया गया था। सहखातेदार शिवचरण ने भी बयान में स्पष्ट किया कि उसके पिता का नाम रामविशाल और श्यामलाल दोनों नामों से प्रचलित था, जिसे रिकॉर्ड में संशोधित कराया गया था।

पूरी जांच के बाद तहसीलदार ने शिकायत को निराधार और भ्रामक बताया है। प्रशासन ने कहा कि आवेदिका द्वारा गलत जानकारी देकर शिकायत की गई थी। मामले में थाना प्रभारी मरवाही को पृथक दंडात्मक कार्रवाई के लिए पत्र भी जारी किया गया है।

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