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नीली बत्ती लगी गाड़ी, पिस्टल और 20 लाख की फिरौती... ऐसे फेल हुआ अपहरणकर्ताओं का प्लान

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) ज़िले की मरवाही थाना पुलिस ने एक ग्रामीण के अपहरण और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले का पर्दाफ़ाश करने का दावा किया है.

पुलिस के मुताबिक़, अपहृत व्यक्ति को घटना के तीन दिनों के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया गया है. इस मामले में अब तक तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि अन्य फ़रार आरोपियों की तलाश जारी है.

हथियार के बल पर हुआ था अपहरण

मरवाही थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मरवाही क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ की है. यहाँ के निवासी गिरीश यादव का बीते 20 जून (2026) को कथित तौर पर हथियार के बल पर अपहरण कर लिया गया था.

अपहरण के बाद अभियुक्तों ने पीड़ित के परिजनों को फ़ोन कर उसकी रिहाई के बदले 20 लाख रुपये की भारी फिरौती की मांग की थी. परिजनों का आरोप है कि पैसे न देने पर गिरीश को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी, जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में की गई.

तकनीकी साक्ष्यों और अंतरराज्यीय समन्वय से मिली सफलता

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग और पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज खिलारी के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया था.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियुक्तों तक पहुँचने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया गया:

  • पुलिस टीम ने डिजिटल ट्रैकिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन का विश्लेषण किया.

  • संदिग्ध रास्तों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए.

  • अभियुक्तों के दूसरे राज्यों में छिपे होने के इनपुट मिलने पर अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित कर छापेमारी की गई.

इस संयुक्त कार्रवाई के बाद पुलिस ने अपहृत गिरीश यादव को अभियुक्तों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त करा लिया.

फ़र्ज़ी पुलिस वाहन और हथियार ज़ब्त

पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर स्थानीय न्यायालय में पेश किया है. पकड़े गए अभियुक्तों के क़ब्ज़े से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल सामग्री और अवैध हथियार बरामद किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • हथियार: एक पिस्टल और छह ज़िंदा कारतूस.

  • वाहन: पुलिस की प्लेट और नीली बत्ती लगी एक स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N) गाड़ी, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर अपहरण के लिए किया गया था.

  • अन्य सामान: छह एंड्रॉयड मोबाइल फ़ोन.

पुलिस का कहना है कि इस संगठित गिरोह के अन्य सदस्यों और फ़रार अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है.

सोना लूटने के लिए मारी थी गोली, पुलिस ने 14 दिन में ध्वस्त कर दिया गैंग

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में पिछले महीने हुए बहुचर्चित ज्वेलरी कारोबारी प्रदीप सोनी हत्याकांड और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने 14 दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पेशेवर शूटरों समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में बिहार और झारखंड तक फैले अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में गठित विशेष जांच दल ने तकनीकी खुफिया तंत्र (TechINT) और मानवीय सूचना तंत्र (HumINT) की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई हाल के वर्षों में क्षेत्र की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण जांचों में से एक रही।

लूट का विरोध करने पर मारी थी गोली

जानकारी के अनुसार 26 मई की शाम करीब सात बजे ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में अपनी दुकान समेटकर घर लौट रहे थे। उनके पास सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग था।

इसी दौरान पहले से घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर बैग लूटने का प्रयास किया। प्रदीप सोनी द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों ने नजदीक से गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस पेट्रोलिंग टीम उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कई राज्यों में फैला था जांच का दायरा

घटना के बाद जिले में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले को चुनौती के रूप में लेते हुए विशेष जांच दल का गठन किया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस को जांच में बिहार और झारखंड से जुड़े आपराधिक नेटवर्क की जानकारी मिली। इसके बाद विभिन्न राज्यों में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पेशेवर शूटर भी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में घटना को अंजाम देने वाले पेशेवर शूटर भी शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर लूट और हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 

कोटमीकला बाजार हत्याकांड सुलझा, देशी कट्टा और आभूषण बरामद

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।  TODAY छत्तीसगढ़  / (शरद अग्रवाल) / कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए आभूषण और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस के अनुसार 26 मई को कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी से लूटपाट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी खुशीराम साहू ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने भतीजे राजाराम साहू तथा बिहार-झारखंड के परिचित राहुल और उसके साथियों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। आरोपियों ने पहले साप्ताहिक बाजारों में सोना-चांदी व्यापारियों की गतिविधियों की रेकी की और फिर लूट की साजिश रची।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी 23 मई को ही क्षेत्र में पहुंच गए थे और लगातार व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। 26 मई की शाम करीब सात बजे उन्होंने प्रदीप सोनी से सोना-चांदी से भरा बैग लूटने का प्रयास किया। व्यापारी द्वारा विरोध किए जाने पर छीना-झपटी के दौरान आरोपियों ने अवैध हथियार से गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल व्यापारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वारदात के बाद आरोपी सोना-चांदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए। बाद में देवरीखुर्द क्षेत्र में लूटे गए आभूषणों का आपस में बंटवारा किया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर टेकरी क्षेत्र से घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और लूटे गए आभूषणों का हिस्सा बरामद किया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आभूषणों की पैकिंग सामग्री जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। गिरफ्तार आरोपियों में सीपत थाना क्षेत्र के बिटकुला निवासी खुशीराम साहू और राजाराम साहू तथा देवरीखुर्द क्षेत्र के करौंदानार निवासी गया प्रसाद रजक शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई में जिला पुलिस, साइबर प्रकोष्ठ, विशेष जांच दल तथा बिलासपुर परिक्षेत्र की विभिन्न पुलिस इकाइयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 


सराफा कारोबारी हत्याकांड से उबाल, बाजार बंद और सड़क पर उतरे लोग


पेंड्रा | 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  (शरद अग्रवाल)  छत्तीसगढ़ के जीपीएम जिले के कोटमी में मंगलवार की देर शाम भरे बाजार में हथियारबंद लुटेरों ने एक सराफा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद लुटेरे सोने-चांदी के जेवरों से भरी पेटी लेकर फरार हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, पेंड्रा से मरवाही मुख्य मार्ग पर पशु चिकित्सालय के पास स्थित साईं

ज्वेलर्स के संचालक प्रदीप सोनी उर्फ पप्पू हर सप्ताह की तरह मंगलवार को कोटमी के साप्ताहिक बाजार में अपनी दुकान लगाने पहुंचे थे। शाम करीब 7 बजे, जब बाजार ग्राहकों से गुलजार था, तभी एक बाइक पर सवार होकर तीन नकाबपोश लुटेरे वहां पहुंचे। लुटेरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने भीड़भाड़ वाले बाजार की परवाह किए बिना सीधे प्रदीप सोनी की दुकान पर धावा बोल दिया। दो बदमाशों के हाथों में रिवॉल्वर थी। उन्होंने पहले जेवरातों से भरी पेटी लूटने का प्रयास किया। जब व्यवसायी ने इसका विरोध किया, तो लुटेरों ने उन पर रिवॉल्वर तान दी और सीधे उनकी छाती में गोली दाग दी। 

बताया जा रहा है कि बदमाशों ने व्यापारी की हत्या कर करीब 25 किलो चांदी और 100 ग्राम सोना लूट लिया। लूटे गए जेवरात की कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने बिलासपुर, कोरबा, मनेंद्रगढ़, अनूपपुर, डिंडोरी और कोरिया सहित पड़ोसी जिलों में नाकेबंदी कर दी है। कई पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

घटना को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारी संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिली। विरोध स्वरूप गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को बंद रखने का आह्वान किया गया, जिसका व्यापक असर आज बुधवार को दिखाई दिया। आज इलाके के अधिकाँश व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वस्फूर्त बंद रहे।  इससे पहले आज सुबह जिला अस्पताल में परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में एसपी अविनाश मिश्रा द्वारा त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन पोस्टमार्डम के लिए तैयार हुए। इसके बाद तीन डॉक्टरों की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया।

पोस्टमार्टम के बाद परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने शव को पेंड्रा के दुर्गा चौक पर रखकर चक्काजाम कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जल्द कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाया गया। 

सफेद भालू ने ग्रामीण पर किया हमला, जंगल छोड़ आबादी में पहुंचे वन्य जीव


पेंड्रा।
  TODAY छत्तीसगढ़  / (शरद अग्रवाल)  पेंड्रा इलाके के आमाडांड और बसंतपुर गांव में मंगलवार सुबह उस समय दहशत फैल गई, जब जंगल से भटककर एक दुर्लभ सफेद भालू आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। गांव के मेन चौक और बस स्टैंड के पास भालू को घूमते देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब 5 बजे आमाडांड क्षेत्र में स्कूल के सामने रहने वाले कैलाश कुमार कासीपुरी शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान सफेद भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। भालू के पंजे के वार से कैलाश के बाएं हाथ में गंभीर चोट आई है। बताया जा रहा है कि भालू ने अन्य ग्रामीणों को भी दौड़ाया, जिससे लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। 

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और डिप्टी रेंजर बंजारा मौके पर पहुंचे। वन अमले ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और घायल युवक को तत्काल पेंड्रा अस्पताल भेजा, जहां उसका इलाज जारी है। उधर, गांव के पास सफेद भालू दिखाई देने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग उसे देखने पहुंच गए, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। वन विभाग की टीम लगातार भालू की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।

घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगलों में लगातार लग रही आग और अंधाधुंध कटाई के कारण वन्य जीव अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर गांवों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं। लोगों ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जंगलों की आग पर नियंत्रण, वन्य जीवों की सुरक्षा और गांवों में गश्त बढ़ाने की मांग की है।

भटकती आत्मा नहीं… जिंदा थी महिला, तहसील जांच में खुला राज


गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मरवाही तहसील में कथित तौर पर “मृत महिला द्वारा जमीन बिक्री” के मामले में प्रशासनिक जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। तहसीलदार मरवाही ने स्पष्ट किया है कि जिस आदिवासी महिला को मृत बताकर फर्जी रजिस्ट्री का आरोप लगाया गया था, वह महिला जीवित पाई गई है।

दरअसल, 29 अप्रैल को मीडिया में “मृत आदिवासी महिला जिंदा बनकर बेच गई जमीन” शीर्षक से खबर प्रसारित हुई थी। खबर में आरोप लगाया गया था कि मृत महिला के नाम पर किसी अन्य महिला को खड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार मरवाही ने विस्तृत जांच कराई। जांच में सामने आया कि ग्राम पोड़ी निवासी सोमवती ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दी थी कि उसकी नानी जोहरी बाई की वर्ष 2010 में मृत्यु हो चुकी है, बावजूद इसके उनकी जमीन की बिक्री रजिस्ट्री कर दी गई।

तहसीलदार न्यायालय में आवेदिका, कथित मृत महिला जोहरी बाई उर्फ बेलपतिया और अन्य संबंधित पक्षों को बुलाकर पूछताछ की गई। जांच के दौरान जिस महिला को मृत बताया गया था, वह स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुई।

महिला ने बताया कि उसका पहला नाम जोहरी बाई पति श्यामलाल था, जबकि दूसरी शादी के बाद दस्तावेजों में उसका नाम बेलपतिया पति तिलकधारी दर्ज हो गया। बाद में शपथपत्र और आधार कार्ड के आधार पर रिकॉर्ड में “जोहरी बाई उर्फ बेलपतिया” नाम दर्ज कराया गया था। सहखातेदार शिवचरण ने भी बयान में स्पष्ट किया कि उसके पिता का नाम रामविशाल और श्यामलाल दोनों नामों से प्रचलित था, जिसे रिकॉर्ड में संशोधित कराया गया था।

पूरी जांच के बाद तहसीलदार ने शिकायत को निराधार और भ्रामक बताया है। प्रशासन ने कहा कि आवेदिका द्वारा गलत जानकारी देकर शिकायत की गई थी। मामले में थाना प्रभारी मरवाही को पृथक दंडात्मक कार्रवाई के लिए पत्र भी जारी किया गया है।

उड़ीसा से भारी मात्रा में गांजा लेकर अनुपपुर जा रहे चार आरोपी गिरफ्तार, 160 किलो मादक पदार्थ मिला


 जीपीएम । 
 TODAY छत्तीसगढ़  /   छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार नशा और नशेड़ियों के खिलाफ चौकस नज़र आ रही है बावजूद इसके नशे के कारोबार में शामिल लोग समाज में नशे का जहर बेचने का रास्ता ढूंढ लेते हैं। हालाँकि नशे के खिलाफ जारी पुलिस की मुहिम को आज एक और सफलता मिली है। गौरेला पुलिस ने 160 किलो मादक पदार्थ गांजा लेकर रहे चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पकडे गये आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाही की गई है, बताया जा रहा है कि पूछताछ में आरोपियों से कुछ अहम् जानकारी मिल सकती है।  

 गौरेला पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग उड़ीसा से भारी मात्रा में गांजा लेकर बिलासपुर-रतनपुर के रास्ते होते हुए मध्यप्रदेश के अनुपपुर जा रहे है।  सूचना पर अलर्ट हुई गौरेला पुलिस और साइबर टीम ने खोडरी तिराहा के पास नाकेबंदी कर बिलासपुर तरफ से आ रहे वाहनों की जाँच शुरू की। इस दौरान पुलिस को वाहन क्रमांक CG 04 AQ 8105 और CG 13 AB 5967 को जांच करते हुये कुछ पैकेट्स दिखाई पड़े जिसको खोलकर देखने पर भीतर गाँजा मिला।  पुलिस को उक्त दोनों  वाहनों की तलाशी के दौरान क्रमशः  60 किलो और दूसरी कार में 100 किलो गांजा मिला। 

गौरेला पुलिस ने 160 किलोग्राम मादक पदार्थ गाँजा की जप्ती बनाकर मौके पर मिले चार आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस को आरोपियों द्वारा दी गई जानकारी बताती है कि सभी पकड़े गये तीन आरोपी मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के और चौथा आरोपी शहडोल जिले के जयसिंह नगर का रहने वाला है।

पकडे गये आरोपी - 

विश्वनाथ राठौर (उम्र 30 वर्ष, थाना-अमगांव जैतहरी, जिला-अनुपपुर)

 सोनू राठौर (उम्र 24 वर्ष, ग्राम पाटन, थाना-जैतहरी, अनुपपुर)

 प्रदीप पटेल (उम्र 32 वर्ष,  सेंदुरी छुलहा रेल्वे स्टेशन के पीछे थाना-अनुपपुर)

 किशन पटेल (उम्र 21 वर्ष, सेमरा पटेल ढाबा के पास जयसिंह नगर, जिला- शहडोल) 

खलिहान की रखवाली कर रहे ग्रामीण दम्पत्ति पर हाथी का हमला, पति की मौत

धान की कटाई के बाद खलिहान में रखवाली के लिए रात रुके पति-पत्नी पर हाथी ने हमला कर दिया। हमले से ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई

 गौरेला पेंड्रा मरवाही (जीपीएम)।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  धान की कटाई के बाद खलिहान में रखवाली के लिए रात रुके पति-पत्नी पर हाथी ने हमला कर दिया। हमले से ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई और वहीँ मृतक की पत्नी इस घटना में घायल है जिसका इलाज़ जिला चिकित्सालय में चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक़ घायल महिला की हालत फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है। 

इस संबंध में हासिल जानकारी के मुताबिक गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्राम पंचायत उसाढ के छातापटपर गांव की यह घटना है। ग्रामीण अशोक कुमार खैरवार खलिहान में अस्थायी झोपड़ी बनाकर अपनी पत्नी के साथ रात रुका हुआ था। देर रात एक हाथी ने पहुंचकर झोपड़ी उजाड़ी और उन पर हमला कर दिया। इससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई।

सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। महिला को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल किया गया है। वनमंडलाधिकारी शशि कुमार ने बताया है कि मृतक का मुआवजा प्रकरण बनाया जा रहा है, उसके परिजनों को करीब 6 लाख रुपए दिए जाएंगे .

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जीपीएम पुलिस को बड़ी सफलता, सवा दो करोड़ का गांजा आलू की ट्रक में ओडिसा से एमपी ले जाया जा रहा था, पांच गिरफ्तार

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर / गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की पुलिस को अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों के बड़े गैंग को पकड़ने में कामयाबी मिली है। गांजा वही ज़ब्त किया गया जहां उसको उतारा जाना था।गौरेला थाना के प्रभारी युवराज तिवारी को सूचना मिली कि एक ट्रक सीजी 16 सी ई 9563 में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। यह ट्रक बिलासपुर की ओर से गौरेला की ओर पहुंच रहा है। साथ ही पायलटिंग करते हुए चल रही दो कारों में भी गांजा रखा हुआ है।

उच्च अधिकारियों को सूचना देने के बाद घेराबंदी शुरू की गई। बन झोरका से जोगीपुर के बीच एक बाइक में सवार दो लोग गुजरे पुलिस ने उनका पीछा किया, पर वे भागने में कामयाब हो गए।  इसके पीछे ट्रक और दोनों कारें आ रही थीं, जिनको घेराबंदी करके पकड़ लिया गया। पकड़े गए पूछताछ एक व्यक्ति बैसाखू बारीक उम्र 65 साल उड़ीसा का है, जो बलांगीर जिले के बेहरा पाली का रहने वाला है। यह ट्रक मालिक है। दूसरा व्यक्ति उपेंद्र पासी 28 साल का है जो बिहार के रोहतास जिले के दिनारा थाने के अंतर्गत आने वाले भगत गांव का रहने वाला है यह ट्रक का ड्राइवर है। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें   

इसके अलावा i10 कार में दर्शन सिंह 49 साल मोदीपारा, संबलपुर, ओडिशा को तथा उसके साथ के आनंद सलमा 28 साल, जो पीपली पाली जिला बौंद का रहने वाला है, उसे भी हिरासत में लिया गया। एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार इसके पीछे थी, इसमें सवार रमेश राठौड़ 36 साल को भी हिरासत में लिया गया, जो गौरेला थाने के ही बन झोरका गांव का रहने वाला है।

सभी आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद थाना लाया गया। उन्होंने बताया कि 12 चक्के वाली ट्रक में आलू लोड करके बलांगीर से निकले और 40 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कांटा माल गए। गांजा तस्करों ने वहां पहले से प्लास्टिक बोरियों में गांजा रखा  था। पहले इन लोगों ने ट्रक में रखे आलू को अनलोड किया और डाला के नीचे के हिस्से पर गांजा रख दिया, जिसकी मात्रा 1505 किलो थी। यह लोग सोनपुर, बरगढ़, भटनी, सरिया, बरमकेला, चंद्रपुर, शिवरीनारायण, बिलासपुर, रतनपुर, कारी आम घाट से होते हुए पांचवे आरोपी रमेश राठौर के यहां आ रहे थे। आरोपी राठौर के द्वारा यह गांजा विभिन्न स्थानों में खपाया जाना था। 


CMO निलंबित, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतना अफसर को पड़ा महंगा

  TODAY छत्तीसगढ़  /  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही /विभागीय मंत्री के निर्देश पर जिले में एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। बताया गया है कि नगर पंचायत पेंड्रा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) विष्णु प्रसाद यादव पर गाज गिरी है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। यादव पर राज्य सरकार की योजना में लापरवाही करने पर कार्रवाई की गई। सीएमओ के निलंबन का आदेश राज्य सरकार की तरफ से नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव एच.आर दुबे ने जारी किया है।

उप सचिव के तरफ से आदेश में कहा गया है की राज्य सरकारी की तरफ से बहुत सी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जैसे गोधन न्याय योजना, पौनी-पसारी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर निलंबित किया जाता है। साथ ही विष्णु को निलंबन के दौरान नगरीय प्रशासन विभाग एवं विकास क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर भेजा गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। 

मरवाही के जंगल में मिली जली लाश के रहस्य से पर्दा उठा, चार आरोपी गिरफ्तार


TODAY छत्तीसगढ़  / जीपीएम / छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मंगलवार सुबह मिले युवक के अधजले शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने युवक के रिटायर्ड पिता को मिले फंड की लालच में उसे अगवा किया। फिर पहचाने जाने के डर से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को जलाने का प्रयास किया। युवक कोरिया जिले से दो दिन पहले लापता हुआ था।

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 जानकारी के मुताबिक पुलिस द्वारा राघवेंद्र के मोबाइल नंबर से कॉल डिटेल और टावर लोकेशन का पता किया गया। जांच के दौरान पता चला कि एक नंबर पर कॉल हुई थी। वह नंबर भी साथ में ट्रेवेल कर रहा था। यह नंबर ऋषि रैदास का था। जिसके रात करीब 12.30 बजे कार से बरौरा बैरियर में मरवाही से झगराखांड की ओर जाने का पता चला। इस पर पुलिस ने ऋषि को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। जिसमें आरोपी ने अपने साथियों के साथ वारदात करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी खोंगापानी निवासी ऋषि रैदास सहित बिजुरी के कपिलधारा कालोनी निवासी काजल कुमार मन्ना, खोंगापानी निवासी रविशंकर श्रीवास्तव और संतोष चौधरी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार, एक स्कूटी, गमछा, माचिस और मारे गए युवक राघवेंद्र का मोबाइल बरामद किया है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि राघवेंद्र के पिता हाल ही में SECL से रिटायर हुए थे। इसके चलते उन्हें ग्रैचुइटी और अन्य मद में बहुत रुपए मिले। ऐसे में आरोपियों ने षड्यंत्र रचा कि राघवेंद्र का अपहरण कर फिरौती मांगी जा सकती है। 

                                                  

घर से लापता युवक की लाश मरवाही के जंगल में, ज़िंदा जलाकर मारने का संदेह


TODAY छत्तीसगढ़  / जीपीएम / छत्तीसगढ़ के कोरिया से लापता युवक का शव आज सुबह गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में जली हुई हालत में मिला है। युवक दो दिन पहले घर से निकला था, इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। उसकी बाइक कोरिया जिले में मिली थी। पुलिस को आशंका है कि युवक को जिंदा जलाया गया है। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पहचान के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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जानकारी के मुताबिक, कोरिया में झगराखांड के खोंगापानी निवासी 36 वर्षीय राघवेंद्र पटेल सोमवार को सुबह करीब 11 बजे घर से निकला था। रात में भी युवक जब घर नहीं लौटा तो परिजनों ने अगले दिन मंगलवार को उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। उसी दिन मरवाही के सेमरदर्री के जंगल में जली हुई हालत में शव पड़ा देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। काफी प्रयासों के बाद भी पुलिस शव की पहचान नहीं कर पाई।

पुलिस ने युवक के शव की पहचान के लिए पड़ोसी जिलों में उसकी फोटो भिजवाई तो मंगलवार शाम करीब 7.30 बजे राघवेंद्र पटेल के रूप में उसकी पहचान हुई। इसके बाद झगड़ाखांड पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव का पोस्टमार्टम मरवाही में होगा। पुलिस ने बताया कि युवक की बाइक कोरिया के नई लेदरी में लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद वहां से करीब 20 किमी दूर जीपीएम जिले के जंगल में शव मिला है। फिलहाल दोनों जिलों की पुलिस मामले की जांच कर रही है।

                                                 

जनता के मन में पुलिस के लिए सम्मान हो - गृहमंत्री


TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने मंगलवार को पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले के कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में पुलिस विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। मंत्री साहू ने कहा कि पुलिस विभाग  की कार्य शैली ऐसी होनी चाहिए कि जनता के मन में पुलिस के लिए सम्मान हो और अपराधियों के मन में पुलिस के लिए भय हो। उन्होंने अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिसबल को सजग होकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस त्वरित कार्रवाई में जुट जाए तो अपराधों की गुत्थी आसानी से सुलझायी जा सकती है। इसके साथ ही जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ता है। पुलिस का व्यवहार आम नागरिकों से सम्मानजनक और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में पुलिस विभाग की बेहद अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में बलवृद्धि एवं बलों की क्षमता के विकास हेतु शासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें -
बैठक में कलेक्टर श्री डोमन सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने जिले में कानून व्यवस्था एवं अपराधों पर नियंत्रण के लिए किये जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने बताया कि स्पन्दन कार्यक्रम के तहत पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के तनाव को कम करने के लिए प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को योग अभ्यास कराया जा रहा है व प्रतिदिन खेलकूद का आयोजन किया जा रहा है।
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