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नीली बत्ती लगी गाड़ी, पिस्टल और 20 लाख की फिरौती... ऐसे फेल हुआ अपहरणकर्ताओं का प्लान

तीन दिन तक बंधक रहा युवक, पुलिस ने CCTV और टावर लोकेशन से ढूंढ निकाला

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) ज़िले की मरवाही थाना पुलिस ने एक ग्रामीण के अपहरण और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले का पर्दाफ़ाश करने का दावा किया है.

पुलिस के मुताबिक़, अपहृत व्यक्ति को घटना के तीन दिनों के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया गया है. इस मामले में अब तक तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि अन्य फ़रार आरोपियों की तलाश जारी है.

हथियार के बल पर हुआ था अपहरण

मरवाही थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मरवाही क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ की है. यहाँ के निवासी गिरीश यादव का बीते 20 जून (2026) को कथित तौर पर हथियार के बल पर अपहरण कर लिया गया था.

अपहरण के बाद अभियुक्तों ने पीड़ित के परिजनों को फ़ोन कर उसकी रिहाई के बदले 20 लाख रुपये की भारी फिरौती की मांग की थी. परिजनों का आरोप है कि पैसे न देने पर गिरीश को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी, जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में की गई.

तकनीकी साक्ष्यों और अंतरराज्यीय समन्वय से मिली सफलता

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग और पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज खिलारी के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया था.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियुक्तों तक पहुँचने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया गया:

  • पुलिस टीम ने डिजिटल ट्रैकिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन का विश्लेषण किया.

  • संदिग्ध रास्तों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए.

  • अभियुक्तों के दूसरे राज्यों में छिपे होने के इनपुट मिलने पर अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित कर छापेमारी की गई.

इस संयुक्त कार्रवाई के बाद पुलिस ने अपहृत गिरीश यादव को अभियुक्तों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त करा लिया.

फ़र्ज़ी पुलिस वाहन और हथियार ज़ब्त

पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर स्थानीय न्यायालय में पेश किया है. पकड़े गए अभियुक्तों के क़ब्ज़े से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल सामग्री और अवैध हथियार बरामद किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • हथियार: एक पिस्टल और छह ज़िंदा कारतूस.

  • वाहन: पुलिस की प्लेट और नीली बत्ती लगी एक स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N) गाड़ी, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर अपहरण के लिए किया गया था.

  • अन्य सामान: छह एंड्रॉयड मोबाइल फ़ोन.

पुलिस का कहना है कि इस संगठित गिरोह के अन्य सदस्यों और फ़रार अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है.

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