रायपुर के केनाल लिंकिंग रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के ऐतिहासिक योगदान को याद किया और 'विकसित छत्तीसगढ़' के निर्माण के लिए उनके आदर्शों को अपनाने की बात कही.
'इतिहास और नायकों को याद रखना ज़रूरी'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाज के निर्माण में ऐतिहासिक चेतना के महत्व पर ज़ोर दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा, "जो समाज अपने इतिहास और विरासत को विस्मृत (भूल) कर देता है, उसका भविष्य संकटग्रस्त हो जाता है. इसके विपरीत, जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है."
उन्होंने रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया और अंतिम क्षण तक मातृभूमि व स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए वीरगति प्राप्त की.
'विकास भी, विरासत भी'
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि देश इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में "विकास भी, विरासत भी" के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है.
उनके मुताबिक़, विकास की यात्रा तभी सार्थक हो सकती है जब देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और महान विभूतियों के योगदान को समान रूप से संरक्षित करे. उन्होंने नागरिकों से रानी दुर्गावती के आदर्शों से प्रेरणा लेकर 'विकसित भारत' और 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को दृढ़ता से आगे बढ़ाने का आह्वान किया.
