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तमनार घटना: महिला कांग्रेस की निंदा, सरकार पर संवादहीनता और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल


रायपुर |
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के तमनार क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मियों के साथ हुई घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गई हैं। फूलोदेवी नेताम ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फूलोदेवी नेताम ने कहा कि तमनार में महिला टीआई और महिला आरक्षक के साथ जो घटना घटी, वह बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राज्य में इस तरह का माहौल पहले कभी देखने को नहीं मिला।

कोल माइंस परियोजना और स्थानीय विरोध

नेताम ने बताया कि रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र के गारे पेलमा सेक्टर-1 में जिंदल स्टील को ओपन कास्ट कोयला खदान आवंटित की गई है। इसके लिए 8 दिसंबर को जनसुनवाई आयोजित की गई थी, लेकिन क्षेत्र के ग्रामीण, आदिवासी और स्थानीय निवासी शुरुआत से ही इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं।

उनके अनुसार, प्रभावित 14 गांवों के लोग अपनी पुश्तैनी ज़मीन देने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला उत्खनन से खेती-बाड़ी, जंगल और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। नेताम ने कहा कि स्थानीय लोग लंबे समय से सरकार से संवाद और समाधान की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार या प्रशासन की ओर से किसी भी स्तर पर उनसे बातचीत का प्रयास नहीं किया गया।

संवाद की कमी और बढ़ता तनाव

फूलोदेवी नेताम का कहना है कि संवाद की कमी के कारण प्रदेश में तनावपूर्ण स्थिति बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कार्यकाल में राज्य में अराजकता का माहौल बनता जा रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है। उन्होंने कहा, “आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया जाना दुखद है और महिला पुलिस कर्मियों के साथ हुई घटना भी उतनी ही पीड़ादायक है। दोनों ही घटनाएँ चिंता का विषय हैं।”

सरकार पर लगाए आरोप

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि भारतीय जनता पार्टी की “डबल इंजन सरकार” में जनता क्यों लगातार आक्रोशित हो रही है और क्यों लोग कानून अपने हाथ में लेने को मजबूर हो रहे हैं। उनके अनुसार, राज्य की स्थिति अब चिंताजनक होती जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जल, जंगल और ज़मीन को केवल पूंजीपतियों के लिए मानकर चल रही है और जो लोग अपनी बात मुखरता से रखते हैं या आंदोलन करते हैं, उनके साथ बिना संवाद के बल प्रयोग किया जा रहा है। नेताम ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान हुई एक व्यक्ति की मृत्यु के लिए भी सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

महिला सुरक्षा पर सवाल

फूलोदेवी नेताम ने कहा कि यदि राज्य में महिला टीआई और महिला आरक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की कल्पना करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इस घटना को महिला सुरक्षा के लिहाज़ से भी बेहद गंभीर बताया। इस संबंध में जानकारी वंदना राजपूत की ओर से दी गई है।

Chhattisgarh: बीस साल का संरक्षण या दो दशक का भ्रम ? वन विभाग की नीति पर सवाल

उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व में पूरी ब्रीड का अकेला बच्चा छोटू वन भैंसा

हेरोइन सप्लाई करते पति-पत्नी गिरफ्तार, NDPS एक्ट में कार्रवाई


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस ने हेरोइन (चिट्टा) की तस्करी में लिप्त पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 16.01 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ हेरोइन (चिट्टा) और मोबाइल फोन जब्त किया गया है। जब्त हेरोइन की कीमत करीब 3.20 लाख रुपये आंकी गई है। 

पुलिस के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी अंतर्गत एलआईजी 02/20 निवासी हरप्रीत कौर के पास हेरोइन बिक्री के लिए रखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। घर की तलाशी लेने पर पलंग के दराज में रखी प्लास्टिक जिपर थैली से हेरोइन बरामद की गई। पूछताछ में हरप्रीत कौर ने बताया कि हेरोइन उसका पति जोधा सिंह पंजाब से लेकर आया था। इसी दौरान जोधा सिंह भी घर पहुंचा, जिसे पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपियों से कुल 16.01 ग्राम हेरोइन, एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ धारा 21 (बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


छत्तीसगढ़ की प्रमुख नृत्य एवं लोक कला, संस्कृति पर केंद्रित फोटो प्रदर्शनी 2 से 4 जनवरी तक

सांकेतिक तस्वीर 

कल छत्तीसगढ़ बंद: छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने धर्मांतरण की घटनाओं की निंदा की


रायपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने कांकेर जिले में मिशनरियों द्वारा स्थानीय जनजातीय समाज के कथित धर्मांतरण की घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की है। एसोसिएशन ने इसे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की सभी 120 इकाइयाँ इस मुद्दे पर एकजुट हैं और धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा 24 दिसंबर 2025 को आहूत छत्तीसगढ़ बंद का पूर्ण समर्थन करती हैं।

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्य व्यापारियों से अपील की है कि वे कांकेर में सनातनी जनजातीय समाज के खिलाफ हो रही कथित गतिविधियों के विरोध में अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। साथ ही, अपने-अपने क्षेत्रों में शांतिपूर्ण ढंग से क्षेत्रीय प्रदर्शन कर प्रशासन तक अपनी बात पहुँचाएँ, ताकि न केवल कांकेर बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

एसोसिएशन का कहना है कि जनजातीय समाज की आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना समाज का सामूहिक दायित्व है। किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह जानकारी छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के सचिव प्रकाश गोलछा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।

Chhattisgarh Wildlife : कोरगांव जंगल में मृत मिला तेंदुआ, चारों पंजे गायब


कुरुद । 
 TODAY छत्तीसगढ़  / मगरलोड ब्लॉक के कोरगांव जंगल में एक तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया है। तेंदुए के चारों पैर के पंजे गायब होने से वन विभाग में खलबली मच गई है। इस घटना ने वन्य प्राणियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात शिकारियों ने तेंदुए का शिकार कर उसके पंजे काटकर ले गए।

जानकारी के अनुसार मगरलोड तहसील के उत्तर सिंगपुर वन कक्ष क्रमांक 23 में 22 दिसंबर को ग्रामीणों ने जंगल में तेंदुए का शव देखा, जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच शुरू की।

प्रभारी डीएफओ ससिगानन्धन ने बताया कि मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तेंदुए की मौत शिकार के कारण हुई है या किसी अन्य वजह से। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है। अज्ञात शिकारियों की तलाश के लिए जंगल सफारी रायपुर की डॉग स्क्वायड टीम को धमतरी बुलाया गया है। जंगल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 14 दिसंबर को राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ स्थित कोपेनवागांव क्षेत्र में भी एक तेंदुआ मृत मिला था, जिसका जबड़ा और पंजे अज्ञात शिकारियों द्वारा काटकर ले जाए गए थे। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है।

साहित्य जगत में शोक, नहीं रहे प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने कहा है कि हिन्दी के शीर्ष कवि-कथाकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया है. वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और इसी अस्पताल में भर्ती थे. पिछले ही महीने उन्हें हिन्दी साहित्य के सर्वोच्च सम्मान, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 1 जनवरी 1937 को जन्मे विनोद कुमार शुक्ल, लगभग नौ दशक के जीवन-सफर के साथ, हिन्दी साहित्य में ऐसे लेखक के रूप में प्रतिष्ठित थे, जो बहुत धीमे बोलते थे लेकिन जिनकी साहित्यिक आवाज़ दूर-दूर तक सुनाई देती थी.

मध्यमवर्गीय, साधारण और लगभग अनदेखे रह जाने वाले जीवन को उन्होंने अपनी कविताओं, कहानियों और उपन्यासों में अद्भुत कोमलता और सूक्ष्मता के साथ जगह दी. उनके यहाँ एक साधारण कमरा, एक खिड़की, घास का छोटा-सा टुकड़ा, एक पेड़ भी, पूरे ब्रह्मांड की तरह खुल जाता है.

उनका पहला कविता-संग्रह 'लगभग जय हिन्द' 1971 में प्रकाशित हुआ, जिसके साथ ही उनकी विशिष्ट भाषिक बनावट, चुप्पी और भीतर तक उतरती संवेदनाएँ हिन्दी कविता के परिदृश्य में दर्ज होने लगीं.

इसके बाद 'वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह', 'सब कुछ होना बचा रहेगा', 'अतिरिक्त नहीं', 'कविता से लंबी कविता', 'आकाश धरती को खटखटाता है', 'पचास कविताएँ', 'कभी के बाद अभी', 'कवि ने कहा', 'चुनी हुई कविताएँ' और 'प्रतिनिधि कविताएँ' जैसे संग्रहों ने उन्हें समकालीन हिन्दी कविता के सबसे मौलिक स्वरों में शामिल कर दिया.

कथा-साहित्य में उनके उपन्यास 'नौकर की कमीज़' ने 1979 में हिन्दी कहानी और उपन्यास की धारा को एक अलग मोड़ दिया. इस उपन्यास पर बाद में मणि कौल ने फ़िल्म भी बनाई. आगे चलकर 'खिलेगा तो देखेंगे', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी', 'हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़', 'यासि रासा त' और 'एक चुप्पी जगह' के माध्यम से उन्होंने लोकआख्यान, स्वप्न, स्मृति, मध्यवर्गीय जीवन और मनुष्य की जटिल आकांक्षाओं को एक विशिष्ट कथा-शिल्प में रूपांतरित किया.

उनके कहानी संग्रह 'पेड़ पर कमरा', 'महाविद्यालय', 'एक कहानी' और 'घोड़ा और अन्य कहानियाँ' जैसे संग्रहों में दर्ज हैं, जहाँ घरेलू, सूक्ष्म और अक्सर उपेक्षित जीवन-कण अद्भुत कथा-समृद्धि के साथ सामने आते हैं. उनकी अनेक रचनाएँ भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनूदित हुई हैं.

अपने लंबे रचनात्मक सफ़र में उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, गजानन माधव मुक्तिबोध फ़ेलोशिप, रजा पुरस्कार, शिखर सम्मान, राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान, हिन्दी गौरव सम्मान, मातृभूमि पुरस्कार, साहित्य अकादमी का महत्तर सदस्य सम्मान और 2023 का पैन-नाबोकोव पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. (साभार /  -आलोक पुतुल / bbc.com/hindi)

नड्डा के बयान पर कांग्रेस का तीखा ऐतराज, झीरम शहीदों का अपमान बताया


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के झीरम घाटी कांड को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नड्डा का बयान झीरम शहीदों का अपमान है और उनके परिजनों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए शुक्ला ने कहा कि नड्डा का बयान बेहद आपत्तिजनक और स्तरहीन है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि एनआईए नड्डा से पूछताछ करे कि उन्होंने यह बयान किस आधार पर दिया है और उनके पास इसके क्या सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नड्डा ने केवल राजनीतिक उद्देश्य से बयानबाजी की है और इसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही कांग्रेस ने भाजपा से नड्डा पर कार्रवाई की मांग की है।

शुक्ला ने कहा कि झीरम घाटी कांड में कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेताओं की पूरी एक पीढ़ी को खोया है। उस समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और केंद्र में भी पिछले बारह वर्षों से भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद एनआईए अब तक झीरम हमले के दोषियों तक क्यों नहीं पहुंच पाई, यह गंभीर सवाल है।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह से एनआईए ने पूछताछ क्यों नहीं की। कांग्रेस ने मांग की कि रमन सिंह का नार्को टेस्ट कराया जाए, जिससे झीरम घाटी कांड का पूरा सच सामने आ सके। शुक्ला ने कहा कि झीरम घाटी कांड स्वतंत्र भारत की सबसे हृदयविदारक घटनाओं में से एक है, जो भाजपा शासनकाल में घटित हुई। कांग्रेस का आरोप है कि दोषियों को सजा से बचाने के लिए भाजपा लगातार षड्यंत्र करती रही है।

जिस डॉक्टर पर एक्सपायर्ड दवा देने से मौत का आरोप, उसे ‘स्पेशलिस्ट’ बताकर फिर से सेवा ले रहा वन विभाग


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के जंगलों में इन दिनों जो हो रहा है, वह किसी प्राकृतिक आपदा का नतीजा नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता का खुला प्रदर्शन है। बाघ, तेंदुआ, बाइसन और हाथी जैसा संवेदनशील, विशालकाय वन्यप्राणी एक-एक कर मारे जा रहे हैं, लेकिन जंगलों के तथाकथित रक्षक 'छत्तीसगढ़ वन विभाग' अब भी फाइलों और फार्मेलिटी की आड़ में बेशर्मी से छिपे हुए हैं। इसी बीच वन विभाग की कार्यप्रणाली पर एक और गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें जिस वन्यप्राणी चिकित्सक पर बाइसन की मौत का आरोप लगा उसी से शासन के स्पष्ट आदेशों के विपरीत दोबारा सेवाएं ली जा रही हैं। 

राज्य के अलग-अलग इलाकों से शिकार की लगातार सामने आ रही घटनायें इस बात का सबूत हैं कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। यह कहना अब गलत नहीं होगा कि छत्तीसगढ़ “शिकार का हॉटस्पॉट” नहीं, बल्कि “शिकारगढ़” बनता जा रहा है। अफसोस यह है कि इस बदलाव का श्रेय बंदूकधारी शिकारियों से ज्यादा दफ्तरों में बैठे अफसरों को जाता है। 

बीते दिनों सूरजपुर जिला में बाघ के शिकार, भोरमदेव अभ्यारण में चार बाइसन (गौर) की मौत, खैरागढ़, भोरमदेव और कांकेर में तेंदुओं के शिकार, तथा उदंती-सीता नदी टाइगर रिजर्व में दो सांभरों के शिकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने वन विभाग की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे विपरीत हालातों में राज्य वन विभाग की कार्यप्रणाली पर एक और गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें जिस वन्यप्राणी चिकित्सक पर बाइसन की मौत का आरोप लगा उसी से शासन के स्पष्ट आदेशों के विपरीत दोबारा सेवाएं ली जा रही हैं। आखिर इसमें किसका कैसा स्वार्थ निहित है ? 


जनवरी 2025 में बरनावापारा अभ्यारण से गुरु घासीदास नेशनल पार्क भेजी गई एक मादा बाइसन की मौत के मामले में गंभीर आरोप लगे थे। विवेचना में मुख्य वन्यजीव संरक्षक (वन्यप्राणी) सह फील्ड डायरेक्टर उदंती-सीता नदी टाइगर रिजर्व सतोविषा समाजदार ने स्पष्ट उल्लेख किया कि एक्टिवान दवा के कालातीत (एक्सपायर्ड) होने और उसी दवा के उपयोग के कारण ट्रांसलोकेट की गई मादा गौर की मृत्यु संभावित प्रतीत होती है।


इस रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सुधीर अग्रवाल ने 2 मार्च 2025 को वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. राकेश वर्मा को आगामी आदेश तक वन्यप्राणी से जुड़े सभी कार्यों से तत्काल पृथक करने के आदेश जारी किए थे। साथ ही अलग आदेश में उन्हें वन्यप्राणी उपचार, निदान और संबंधित सभी कार्यों से हटाया गया था।

उल्लेखनीय है कि डॉ. राकेश वर्मा इससे पहले रायपुर जंगल सफारी में 17 चौसिंघा की मौत के मामले में भी विवादों में रह चुके हैं, जहां विधानसभा अध्यक्ष तक ने उन्हें हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब उन्हें ‘स्पेशलिस्ट’ बताकर दोबारा सेवाओं में लिए जाने से वन विभाग की मंशा और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

वन्यजीव संरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की कथित मेहरबानी से न केवल विभाग की साख पर असर पड़ रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर आमजन की चिंताएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।

कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला: मनरेगा खत्म करने की साजिश, नेशनल हेराल्ड केस राजनीतिक प्रतिशोध


बिलासपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर गुरुवार को बिलासपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुमा आचार्य ने दो अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर कर उसे धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मनरेगा की आत्मा पर हमला

अनुमा आचार्य ने आरोप लगाया कि मनरेगा की आत्मा ग्राम पंचायतों के अधिकार, रोजगार की कानूनी गारंटी और सत्ता के विकेंद्रीकरण में निहित है, जिसे जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने फंडिंग रेश्यो को 90:10 से बदलकर 60:40 कर दिया, कार्य अवधि 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी और ग्राम पंचायतों से अधिकार छीन लिए गए। उन्होंने कहा कि बिना किसी पायलट प्रोजेक्ट के कानून में बदलाव कर दिया गया, जो देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। 

125 दिन रोजगार का दावा केवल छलावा है, जबकि हकीकत में औसतन 40 से 50 दिन से अधिक रोजगार नहीं दिया जा रहा।

नेशनल हेराल्ड केस पर कांग्रेस का पलटवार

दूसरे मुद्दे पर बोलते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12–13 वर्षों तक सीबीआई और ईडी खुद स्वीकार करती रहीं कि न कोई मनी ट्रांजैक्शन हुआ, न संपत्ति का ट्रांसफर और न ही कोई मूल अपराध मौजूद था। उन्होंने कहा कि अदालत के हालिया फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला निराधार था। यह सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की जीत है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मनरेगा को कमजोर करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।

ये रहे मौजूद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष विजय केसरवानी, विजय पाण्डेय, सियाराम कौशिक, ग्रामीण महिला अध्यक्ष सीमा धृतेश, प्रदेश महिला महासचिव शिल्पी तिवारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेरू असलम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सौम्या की रिमांड खत्म, 14 दिन की न्यायिक हिरासत; निरंजन पर नजर


रायपुर । 
TODAY छत्तीसगढ़  /  शराब घोटाले से जुड़े मामले में दूसरी बार गिरफ्तार की गई निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को अदालत द्वारा जेल भेजे जाने के बाद जांच में नया मोड़ आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अहम कदम उठाते हुए पूर्व आबकारी सचिव निरंजन दास को पेश करने के लिए अदालत में प्रोडक्शन वारंट का आवेदन दिया है।

ईडी सूत्रों के अनुसार, बीते दो दिनों में सौम्या चौरसिया से की गई पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। निरंजन दास फिलहाल रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं और उन्हें शुक्रवार को विशेष न्यायालय में पेश किया जा सकता है। 

उधर, ईडी ने शुक्रवार को तीन दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सौम्या चौरसिया को विशेष न्यायालय में पेश किया। ईडी ने उन्हें 16 दिसंबर को दूसरी बार गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायालय ने सौम्या चौरसिया को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।

बताया गया है कि इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से कोई जमानत याचिका दायर नहीं की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि शराब घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों और लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।

CHHATTISGARH: 3,200 करोड़ के शराब घोटाले में सौम्या पर ईडी का शिकंजा, 3 दिन की रिमांड मिली


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच ने एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार की रात को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की करीबी और तत्कालीन उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया को करीब 3,200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही जांच का दायरा और गहराता नजर आ रहा है। आज (बुधवार) उन्हें सुबह करीब 11 बजे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष अदालत से रिमांड मांगी जिस पर विचार करते हुए न्यायालय ने तीन दिन की रिमांड मंजूर की है। 

करीब सात घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी

ईडी ने सौम्या चौरसिया को रायपुर स्थित कार्यालय में करीब सात घंटे तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य की आबकारी नीति और शराब खरीदी व्यवस्था में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिनमें चौरसिया की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। बताया जा रहा है कि सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में उनकी बेहद करीबी मानी जाती थीं। ईडी का दावा है कि उन्होंने कथित रूप से शराब कारोबार से जुड़े अवैध लेनदेन को सुचारु करने में अहम भूमिका निभाई।

कोयला लेवी मामले से भी जुड़ा है नाम

गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया हाल ही में कोयला लेवी घोटाले के एक अन्य मामले में जमानत पर रिहा हुई थीं, जिसमें वह पहले न्यायिक हिरासत में रह चुकी हैं। इससे साफ है कि छत्तीसगढ़ में सामने आ रहे विभिन्न घोटालों की कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ती जा रही हैं।

ईडी का दावा: सुनियोजित और संगठित घोटाला

ईडी के अनुसार, इस कथित शराब घोटाले में अवैध कमीशन, नकद लेनदेन और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के जरिए चुनिंदा ठेकेदारों और सप्लायरों को फायदा पहुंचाया गया। एजेंसी का अनुमान है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 3,200 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई। जांच एजेंसी का मानना है कि यह घोटाला किसी एक घटना तक सीमित नहीं था, बल्कि लंबे समय तक योजनाबद्ध तरीके से प्रशासनिक प्रक्रियाओं के भीतर रहकर अंजाम दिया गया।

आज विशेष अदालत में पेशी

ईडी ने बताया कि सौम्या चौरसिया को बुधवार सुबह करीब 11 बजे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जहां एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की अनुमति मांगी, विशेष अदालत से ईडी ने सौम्या को तीन दिन की रिमांड पर लिया है।

सियासी घमासान तेज

इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। जहां विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है, वहीं ईडी का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

रायपुर-बिलासपुर हाइवे : ब्लैक स्पॉट्स में अंडरपास और सर्विस लेन निर्माण, हाइवे को मवेशीरहित बनाने की कोशिश


बिलासपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी रायपुर को न्यायधानी बिलासपुर से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त राजमार्गों में से एक है। यह राजमार्ग राज्य की वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों की प्रमुख धुरी है। यात्रियों की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इसके रखरखाव के लिए नियमित और योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं। 

एनएचएआई द्वारा बीते वर्षों में रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर लगातार रखरखाव एवं सुधार के कार्य किए गए हैं। भारी यातायात के बावजूद सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने नियमित रूप से पैचवर्क, ड्रेनेज की सफाई तथा रोड मार्किंग का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों से सड़क की सतह बेहतर बनी रहती है और यात्री सुरक्षित व सुगम यात्रा का अनुभव करते हैं। एनएचएआई द्वारा समय-समय पर स्वयं की कंसल्टेंट जांच टीम के माध्यम से सड़कों का तकनीकी सर्वे भी कराया जाता है। जांच टीम के सुझावों के आधार पर आवश्यक रखरखाव के कार्य किए जाते हैं। वर्ष 2024-25 में कंसल्टेंट टीम द्वारा 2136 जगहों पर पैनल रिप्लेसमेंट का सुझाव दिया गया था, जिसे समय पर पूरा कर लिया गया। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी 3616 जगहों पर लगभग 1520 पैनल का रिप्लेसमेंट किया गया है। अन्य पैनल के रिप्लेसमेंट का कार्य भी प्रगति पर है। सड़क के बेहतर रखरखाव के लिए ‘रिस्क एंड कॉस्ट’ शर्तों पर नया टेंडर भी जारी किया गया है। 

हाइवे को मवेशीरहित बनाने की कोशिश

रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्य किए जा रहे हैं। मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने 20 स्थानों को चिन्हित कर सुधार के कार्य किए जा रहे हैं। सड़क पर मवेशियों के प्रवेश को रोकने चिन्हांकित स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। इनके साथ ही हाइवे पर सोलर लाइटिंग, सोलर ब्लिंकर, ट्रांसफर बार मार्किंग और चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एनएचएआई निरंतर कार्यरत है।

ब्लैक स्पॉट्स में अंडरपास और सर्विस लेन निर्माण

रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे में 11 ब्लैक स्पॉट्स (अत्यधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र) चिन्हित किए गए हैं। इन जगहों पर सुरक्षित यातायात और निर्बाध सफर के लिए अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

रिकॉर्ड वृक्षारोपण से मनमोहक हुआ सफर

रायपुर-बिलासपुर हाइवे को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस सड़क पर इस साल अब तक 19 हजार 286 पौधे रोपित किए जा चुके हैं। मीडियन प्लांटेशन के अंतर्गत तिकोमा, बोगनवेलिया और गुलमोहर जैसे पौधे लगाए गए हैं, जो राजमार्ग की सुंदरता को बढ़ाते हैं। वहीं सड़क किनारे नीम, कचनार, अमलताश, पीपल और बरगद जैसे छायादार वृक्ष लगाए गए हैं। 

 टोल प्लाजा पर हेल्थ कैंप

सड़क उपयोगकर्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई द्वारा समय-समय पर जन-केंद्रित गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है। टोल प्लाजा पर ड्राइवरों और यात्रियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते हैं, जहां निःशुल्क नेत्र जांच और रक्तचाप जांच के साथ ही सामान्य स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।

Bilaspur: हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की, अनुपूरक बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को  की मुलाक़ात मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से औपचारिक मुलाक़ात की । यह मुलाक़ात काफ़ी समय से लंबित थी और बिलासपुर से जुड़े हवाई संपर्क के मुद्दे पर केंद्रित रही। 

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अनुपूरक बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने पर धन्यवाद दिया। यह राशि सेना के कब्ज़े वाली 1012 एकड़ ज़मीन को हासिल करने के लिए रखी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि इस विषय पर वे व्यक्तिगत रूप से केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत कर चुके हैं और भूमि हस्तांतरण से जुड़ा मामला अब सुलझने की दिशा में है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा रनवे की लंबाई 1500 मीटर से बढ़ाकर कम से कम 2200 मीटर करने, लगभग 500 यात्रियों की क्षमता वाला नया टर्मिनल भवन बनाने और एक नया एटीसी टावर स्थापित करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री के सामने तीन वर्ष का लक्ष्य रखते हुए वर्ष 2028 तक बिलासपुर एयरपोर्ट को ‘फोर-सी’ श्रेणी में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के मामले में राज्य सरकार की ओर से कोई कमी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय से मुलाक़ात में समिति के रवि बनर्जी, रामशरण यादव, सुदीप श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह ठाकुर, महेश दुबे टाटा, बद्री यादव, समीर अहमद, मनोज श्रीवास, परशराम कैवर्त, अनिल गुलहरे शामिल थे।

Chhattisgarh: बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 11 IAS अफसरों के तबादले, कई जिलों के कलेक्टर बदले


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल में कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। विधानसभा सत्र के बीच जारी हुए इन आदेशों को अहम माना जा रहा है।

जारी आदेश के अनुसार दंतेवाड़ा के कलेक्टर कुणाल दुदावत को कोरबा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं कोरबा के कलेक्टर अजीत वसंत को सरगुजा का नया कलेक्टर बनाया गया है। वर्तमान सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर को अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के पद पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है।

इसी तरह सुकमा के कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव को दंतेवाड़ा जिले का कलेक्टर बनाया गया है। नारायणपुर की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई को बेमेतरा जिले की कमान सौंपी गई है, जबकि बेमेतरा के कलेक्टर रणबीर शर्मा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है।

राज्य शासन ने 2019 बैच के दो आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी है। बिलासपुर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को सुकमा का कलेक्टर बनाया गया है, जबकि अपर कलेक्टर रायपुर नम्रता जैन को नारायणपुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

अन्य आदेशों के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अपर कलेक्टर प्रकाश कुमार सर्वे को नगर निगम बिलासपुर का आयुक्त बनाया गया है। सुकमा के अपर कलेक्टर गजेंद्र सिंह ठाकुर को जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं धमतरी जिला पंचायत की सीईओ रोमा श्रीवास्तव को मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया गया है। सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को प्रदेश में प्रशासनिक कार्यों को गति देने और व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के गेड़ी नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन, यूनेस्को ने सराहा


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ राज्य के बिलासपुर जिले की सांस्कृतिक संस्था ‘लोक श्रृंगार भारती’ के गेड़ी लोक नृत्य दल द्वारा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के आमंत्रण पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।  7 से 13 दिसम्बर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समारोह में 180 देशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहीं। समारोह में बिलासपुर के गेड़ी नर्तक दल ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को काफी सराहा गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गेडी नर्तक दल को बधाई और शुभकामनाएं दीं है l 

समारोह का ऐतिहासिक क्षण तब आया जब भारत के महापर्व दीपावली को यूनेस्को द्वारा विश्व सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्रदान की गई। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल की प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली गेड़ी नृत्य की भावपूर्ण और साहसिक प्रस्तुति से केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” कहकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। 

मुख्य गायक एवं नृत्य निर्देशक अनिल गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में गेड़ी नृत्य दल ने अपने सशक्त, ऊर्जावान एवं रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, विभिन्न राज्यों के कलाकारों सहित 180 देशों के डेलिगेट्स उपस्थित रहे। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित 180 देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिए 

मुख्य गायक अनिल गढ़ेवाल द्वारा प्रस्तुत “काट ले हरियर बांसे” गीत ने विदेशी प्रतिनिधियों के मन में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति गहरी जिज्ञासा उत्पन्न की। वहीं मुख्य मांदल वादक मोहन डोंगरे द्वारा एक ही स्थान पर घूमते हुए मांदल वादन किया। हारमोनियम वादक सौखी लाल कोसले एवं बांसुरी वादक महेश नवरंग की स्वर लहरियों पर विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि झूम उठे। गेड़ी नर्तकों प्रभात बंजारे, सूरज खांडे, शुभम भार्गव, लक्ष्मी नारायण माण्डले, फूलचंद ओगरे एवं मनोज माण्डले ने साहसिक करतबों से दर्शकों को रोमांचित किया। विशेष रूप से तब, जब एक गेड़ी पर संतुलन बनाते हुए कलाकारों ने मानवीय संरचनाएं बनाईं, पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा।

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा, कौड़ियों व चीनी मिट्टी की मालाएं, पटसन वस्त्र, सिकबंध एवं मयूर पंख धारण कर प्रस्तुत भाव नृत्य ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिया व छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाने के लिए शुभकामनाएं दी।

पालिघाट के SBI कियोस्क पर शुरू हुआ आईरिस स्कैनर, बुजुर्गों और ग्रामीणों को बड़ी राहत


पालिघाट, करमागढ़ |
 TODAY छत्तीसगढ़  /ग्रामीण अंचल में बैंकिंग सेवाओं को और सुगम बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए पालिघाट, करमागढ़ स्थित SBI ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) पर अब आईरिस स्कैनर सुविधा शुरू कर दी गई है। इस सुविधा से खाताधारकों की पहचान आंखों की पुतलियों के जरिए की जा रही है, जिससे खासकर बुजुर्गों और श्रमिक वर्ग को बड़ी राहत मिली है।

अब तक फिंगरप्रिंट न मिल पाने के कारण कई बुजुर्ग और मेहनतकश लोग बैंकिंग सेवाओं से वंचित रह जाते थे। नकद निकासी या अन्य कामों के लिए उन्हें दूर बैंक शाखाओं तक जाना पड़ता था। नई आईरिस स्कैनर सुविधा शुरू होने से अब यह परेशानी खत्म हो गई है और लोग अपने गांव में ही आसानी से बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा पा रहे हैं।

इस सुविधा की शुरुआत SBI बैंक मित्र ओम प्रकाश शर्मा की पहल से की गई है। उन्होंने बताया कि आईरिस स्कैनर के जरिए अब नकद निकासी, खाते से जुड़ी जानकारी और अन्य बैंकिंग सेवाएं सरलता से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीण उपभोक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

ओम प्रकाश शर्मा ने इस पहल में सहयोग के लिए RBO रायगढ़ के बी. एल. पुर्ति, दिलीप सेठी और प्रिया श्रीवास्तव तथा SBI तमनार (JPL) के रविंद्र कुमार और शिखा कुमारी का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उन्हें सम्मान के साथ, बिना किसी झंझट के बैंकिंग सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल बैंकिंग को गांव तक पहुंचाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं अपने ही क्षेत्र में मिल सकेंगी।

उप मुख्यमंत्री से मिलीं अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम, राज्य में खेल सुविधाओं के विकास पर हुई चर्चा


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन एवं ओलंपिक पदक विजेता, प्रसिद्ध मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम ने सौजन्य मुलाकात की। श्री साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में मुलाकात के दौरान उन्हें राज्य में खेलों के विकास और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक-2025 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के शुभारंभ समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ आई थीं। उन्होंने 11 दिसम्बर को इसमें शामिल होकर खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अभावों और मुश्किलों के बीच अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में भारत का नाम रोशन करने वाली मैरी कॉम की लंबी खेल यात्रा की प्रशंसा की। श्री साव ने कहा कि मैरी कॉम देश का गौरव और प्रेरणा हैं। उनकी उपस्थिति से बस्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और मेहनत करने की प्रेरणा जरूर मिली होगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने छत्तीसगढ़ आने के लिए मैरी कॉम को धन्यवाद दिया। 

मैरी कॉम ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अपने अनुभव साझा करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव से छत्तीसगढ़ के युवाओं के खेल में सुधार के लिए हरसंभव मदद की बात कही। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों से पहुंचे युवाओं को देख उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं। बस्तर ओलंपिक वहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मंच है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए अच्छा काम कर रही है। आने वाले समय में यहां के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मेडल जरूर जीतेंगे। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए जाने पर राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 

बस्तर ओलम्पिक 2025: मुख्यमंत्री ने किया संभागीय प्रतियोगिता का शुभारंभ, खिलाड़ियों में दिखा उत्साह


जगदलपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /बस्तर ओलम्पिक 2025 के अंतर्गत संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ गुरुवार को स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में बड़े उत्साह के साथ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परंपरागत तरीके से कार्यक्रम का उद्घाटन किया और बस्तर संभाग के सातों जिलों से पहुंचे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस दौरान खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्च-पास्ट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

“बस्तर ओलम्पिक को युवाओं ने ऐतिहासिक बना दिया”—मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को महत्वपूर्ण बना दिया है। विशेष रूप से नुआ बाट के प्रतिभागियों की उपस्थिति को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि “बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों का हिस्सा लेना महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है। सरकार युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और विकास में उनकी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़ और दो करोड़ रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।

“बस्तर प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, खेल अवसंरचना को मिलेगा विस्तार”— अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक रूप से समृद्ध है और यहां के युवाओं के विकास हेतु सरकार निरंतर प्रयासरत है। बस्तर ओलम्पिक न केवल खेल प्रतिभाओं को आगे लाने का माध्यम है, बल्कि युवाओं को विकास की धारा से जोड़ने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि खेल में हार भी सीख देती है और बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करती है।

“बस्तर ओलम्पिक सकारात्मक पहल”— विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार बस्तर के आंतरिक इलाकों के युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देकर प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है।

मैरी कॉम व अन्य गणमान्य उपस्थित

ओलम्पिक ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट एवं पद्मश्री एम.सी. मैरी कॉम ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक विनायक गोयल, विधायक चैतराम अटामी समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

3,500 खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा

संचालक खेल एवं युवा कल्याण तनुजा सलाम ने बताया कि संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर एवं बस्तर जिले सहित नुआ बाट के करीब 3,500 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस वर्ष पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 3,92,000 से अधिक प्रतिभागी, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल हैं। यह आंकड़ा बस्तर में बदलती सोच और बढ़ती खेल भावना का परिचायक है। कार्यक्रम में माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। 

मुख्यमंत्री साय एम्स पहुंचे, साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का हालचाल जाना


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पहुंचे और वहां उपचाररत वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए परिजनों तथा चिकित्सकों से स्थिति की जानकारी ली।

एम्स के चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री को चल रहे उपचार और स्वास्थ्य प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों और डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

गौरतलब है कि विनोद कुमार शुक्ल देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों में से एक हैं और उनके अस्वस्थ होने की जानकारी के बाद साहित्य जगत सहित पूरे प्रदेश में चिंता व्यक्त की जा रही थी।

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