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जीजा के घर की रेकी कर साले ने उड़ाए 37 लाख के गहने, CCTV ने खोला राज!

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / ऑनलाइन जुआ खेलने की लत और कर्ज चुकाने के लिए एक युवक ने अपने ही जीजा के घर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के लक्ष्मी नगर में हुई लाखों की चोरी के मामले में पुलिस ने जीजा के साले को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से चोरी के करीब 25 तोला सोने के जेवर बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 37 लाख रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय (31) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से महासमुंद जिले का निवासी है और फिलहाल रायपुर के प्रिंस कॉलोनी, लक्ष्मी नगर क्षेत्र में रहता था। पुलिस ने उसके खिलाफ टिकरापारा थाने में अपराध क्रमांक 1004/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 में मामला दर्ज किया है।

सूने मकान का ताला काटकर की चोरी

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अनिल शर्मा कृषि विभाग में तकनीकी विशेषज्ञ हैं और उनकी पोस्टिंग कोंडागांव में है। वह अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं। रायपुर के लक्ष्मी नगर स्थित उनके मकान में माता-पिता और बड़े भाई का परिवार भी रहता है।

शिकायत के मुताबिक, 28 अक्टूबर को मकान की साफ-सफाई के बाद घर में ताला लगाया गया था। 30 अक्टूबर की सुबह अनिल शर्मा की मां ने फोन कर बताया कि मकान के मुख्य दरवाजे का ताला कटा हुआ है और अंदर चोरी हुई है।

रायपुर पहुंचकर जांच करने पर आलमारी और लॉकर टूटे मिले। वहां रखे सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी भी गायब थी। इसके बाद टिकरापारा थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

CCTV फुटेज से खुला राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) रॉबिन्सन गुरिया के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दीवार फांदकर मकान में प्रवेश करता और सीढ़ियों से ऊपर जाता दिखाई दिया। जांच के दौरान उसकी पहचान शिकायतकर्ता के साले प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय के रूप में हुई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने शुरुआत में बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लगातार पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर चोरी करना स्वीकार कर लिया।

दो दिन जीजा के घर रुका था आरोपी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे ऑनलाइन जुआ खेलने की आदत है और उस पर काफी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने चोरी की योजना बनाई।

पुलिस का कहना है कि आरोपी कुछ दिन पहले अपनी बहन के साथ जीजा के घर दो दिन रुका था। इस दौरान उसे घर में रखे सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों तथा नकदी की जानकारी हो गई थी। उसे यह भी पता था कि उसकी बहन कोंडागांव चली गई है और मकान खाली रहेगा।

आरोप है कि वारदात के दिन वह दीवार फांदकर मकान में दाखिल हुआ। इसके बाद छोटे ग्राइंडर की मदद से दरवाजे की कुंडी और ताला तोड़ा और आलमारी का लॉकर खोलकर गहने व नकदी चुरा ली। पुलिस के मुताबिक, संदेह से बचने के लिए उसने कुछ आभूषण वहीं छोड़ दिए और कपड़ों को व्यवस्थित करके रख दिया।

37 लाख के सोने के जेवर बरामद

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के करीब 25 तोला सोने के जेवर बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 37 लाख रुपये बताई गई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई है।

निर्माण कार्यों की सुस्ती पर डिप्टी सीएम साव सख्त, बोले- तय समय में पूरे हों सभी काम

रायपुर/मुंगेली। TODAY छत्तीसगढ़  / मुंगेली में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता पर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार, 2 नवंबर को उन्होंने नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन प्रवेश द्वार, स्विमिंग पूल, नालंदा परिसर और नगर पालिका भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए।

अरुण साव ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। काम में अनावश्यक देरी या किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करने को कहा। निरीक्षण के दौरान विधायक धरमलाल कौशिक भी मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री ने सबसे पहले साइंस कॉलेज के पास नवागढ़ रोड पर बन रहे प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण की स्थिति पूछी और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने निर्माणाधीन स्विमिंग पूल और नालंदा परिसर का जायजा लिया। दोनों परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता के मानकों का पालन करने और निर्धारित समय में काम पूरा कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

अरुण साव ने नगर पालिका भवन के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। अधिकारियों को निर्माण की प्रगति पर लगातार नजर रखने और काम में होने वाली देरी को दूर करने के निर्देश दिए गए। 

निर्माण कार्यों के निरीक्षण के बाद उप मुख्यमंत्री कर्मा माता मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रदेश की निरंतर उन्नति और प्रगति के लिए भी प्रार्थना की।

दीपावली पर बिक्री के लिए घर में तैयार कर रहे थे पटाखे, टीम ने पकड़ा मामला

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  / दीपावली पर बिक्री के लिए रिहायशी कमरे में कथित तौर पर अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जा रहे थे। रायपुर के गणेश राम नगर में मिली सूचना के बाद गोलबाजार पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर जांच की। वहां से तैयार पटाखों के पांच कार्टन, अधबने पटाखे और पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाला एल्यूमिनियम पाउडर जब्त किया गया। टीम ने संबंधित कमरे को सील कर दिया है। मामले में दो आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गणेश राम नगर स्थित शिव शक्ति फटाका दुकान का संचालक दुकान के ऊपर बने आवासीय कमरे में अन्य लोगों को बुलाकर पटाखे तैयार करवा रहा है। इन पटाखों को दीपावली के दौरान बिक्री के लिए तैयार किए जाने की जानकारी मिली थी।

संयुक्त टीम ने मौके पर की जांच

सूचना मिलने पर एसडीएम कार्यालय, नगर निगम के जोनल कमिश्नर और पर्यावरण अधिकारी के कार्यालय की संयुक्त टीम गोलबाजार थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्णा साहू के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। जांच के दौरान कमरे में ‘TOP TIGER’ नाम के पटाखे तैयार किए जाते पाए गए।

टीम ने मौके से पांच कार्टन तैयार पटाखे, बोरियों और कार्टन में रखे अधबने पटाखे तथा निर्माण में इस्तेमाल होने वाला एल्यूमिनियम पाउडर जब्त किया। पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बरामद सामग्री पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कम विस्फोटक श्रेणी की सामग्री है। कार्रवाई के दौरान संबंधित कमरे को सील कर दिया गया।

76 और 57 साल के दो आरोपियों पर कार्रवाई

पुलिस ने मामले में श्याम लाल ठाकुर (76), निवासी गणेश राम नगर और वर्तमान पता गांधी नगर, अमलीडीह, रायपुर तथा दीपक ठाकुर (57), निवासी कालीनगर, पंडरी, रायपुर के खिलाफ कार्रवाई की है।

दोनों के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9B(1)(a) और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 288 के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की अपील—रिहायशी इलाकों में न बनाएं पटाखे

पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों से अपील की है कि घरों और रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण या भंडारण न करें। ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाने की अपील भी की है।

महिला समेत दो आरोपी 45.84 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार, ₹9.53 लाख का माल जब्त

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कबीर नगर पुलिस ने हेरोइन (चिट्टा) की कथित बिक्री के मामले में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 45.84 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 9 लाख 17 हजार रुपये बताई गई है। मोबाइल फोन और नकदी समेत कुल 9 लाख 53 हजार 100 रुपये की मशरूका जब्त की गई है।

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के पश्चिम जोन के अनुसार, 30 अक्टूबर को नहर रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित एक फोर व्हीलर वॉशिंग सेंटर में कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान पुलिस को कथित तौर पर हेरोइन और अन्य सामग्री मिली। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों में 21 वर्षीय महिला भी शामिल

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरुण बजाज (31), निवासी सिमरन सिटी फेस-5, टिकरापारा, रायपुर और खुशी गभाने (21), निवासी टीचर कॉलोनी, कोटा, थाना सरस्वती नगर, रायपुर के रूप में की है।

पुलिस के अनुसार, दोनों के कब्जे से कुल 45.84 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इसके अलावा एक Apple iPhone 11, एक Oppo मोबाइल फोन, अन्य मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की गई। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 9,53,100 रुपये बताई गई है।

पहले भी जेल जा चुका है तरुण

पुलिस का कहना है कि आरोपी तरुण बजाज इससे पहले भी डीडी नगर थाने में दर्ज चिट्टा संबंधी मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। मौजूदा मामले में उसकी दोबारा गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की है।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

इस मामले में थाना कबीर नगर में अपराध क्रमांक 231/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने नागरिकों से नशे के अवैध कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी जानकारी पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, ऐसे मामलों में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

जब्त मशरूका

  • हेरोइन (चिट्टा): 45.84 ग्राम, अनुमानित कीमत ₹9,17,000

  • मोबाइल फोन और नकदी सहित अन्य सामग्री

  • कुल जब्त मशरूका की अनुमानित कीमत: ₹9,53,100

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को मातृशोक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताई संवेदना

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी काशी बाई के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश साझा करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि माताजी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मां का स्नेह और आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा संबल होता है। उनका जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके समस्त शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्होंने परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में धैर्य और संबल की कामना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों-पेंशनरों का महंगाई भत्ता 60% हुआ, 1 नवंबर से मिलेगा लाभ

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को दीपावली से पहले आर्थिक राहत दी है। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनरों की महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इससे दोनों की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी। नई दरें राज्य स्थापना दिवस यानी 1 नवंबर 2026 से लागू होंगी।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 3.85 लाख शासकीय कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनर लाभान्वित होंगे। यानी कुल लगभग 5.35 लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा। महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में वृद्धि से कर्मचारियों के वेतन और पेंशनरों की पेंशन में बढ़ोतरी होगी। वास्तविक लाभ संबंधित वेतन और पेंशन की राशि के आधार पर अलग-अलग होगा।

सरकार पर हर महीने 36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार

महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने से राज्य सरकार पर करीब 36 करोड़ रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इस हिसाब से सरकार को सालाना लगभग 432 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।

बढ़ती महंगाई के बीच इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनरों को अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिलेगा। त्योहार के दौरान घरेलू खर्च, खरीदारी और दूसरी जरूरतों के लिए भी बढ़ी हुई राशि उपयोगी हो सकती है।

2% बढ़ोतरी से कितना होगा फायदा?

महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि के आधार पर विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए अनुमानित लाभ इस प्रकार बताया गया है:

कर्मचारी श्रेणीअनुमानित मासिक लाभ
प्रथम श्रेणी₹2,250–₹3,250
द्वितीय श्रेणी₹1,475–₹2,350
तृतीय श्रेणी₹1,250–₹1,650
चतुर्थ श्रेणी₹650–₹1,150

नोट: ये अनुमानित लाभ हैं। वास्तविक बढ़ोतरी संबंधित कर्मचारी के महंगाई भत्ता गणना आधार और वेतन पर निर्भर करेगी।

कर्मचारियों-पेंशनरों के हित में फैसला: CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है। दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक संबल मिलेगा और उनके परिवारों में त्योहार की खुशियां बढ़ेंगी। नई दरें 1 नवंबर से लागू होने के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों को नवंबर से बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।

चक्रवात ‘अर्नब’ से फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराएं, किसानों को जल्द राहत देने के निर्देश

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित किसानों को राहत दिलाने में किसी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करे, ताकि किसानों को समय पर सहायता मिल सके।

आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलेगी सहायता

मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का जल्द आकलन किया जाए। सर्वेक्षण के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों और निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने अधिकारियों को सर्वेक्षण से लेकर राहत राशि के वितरण तक की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि प्रभावित किसानों को सहायता पाने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना और संकट की घड़ी में उन्हें हरसंभव संबल देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। चक्रवात से प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने होंगे।

राज्यपाल रमेन डेका की युवाओं से अपील, जल संचयन और वनों की रक्षा में आगे आएं

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और वनों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की बड़ी चुनौतियों में शामिल है और जल-जंगल को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। स्काउट्स एवं गाइड्स इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

राज्यपाल गुरुवार को लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ की ओर से आयोजित राज्य पुरस्कार अलंकरण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से चयनित 1122 स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स को राज्य पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने की।

पुरस्कार के साथ बढ़ती है जिम्मेदारी

राज्यपाल रमेन डेका ने पुरस्कार पाने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स का आदर्श वाक्य ‘तैयार रहो’ हर परिस्थिति का सामना करने और जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मिलना गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है। प्रतिभागियों को समाजसेवा में सक्रिय योगदान देना चाहिए और अपने आचरण से दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।

राज्यपाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हो रही हैं। उन्होंने स्काउट्स-गाइड्स से जल संरक्षण और वनों की रक्षा के लिए भी आगे आने का आह्वान किया।

बस्तर के युवाओं को मेहनत और संकल्प का संदेश

समारोह में बस्तर क्षेत्र से आए स्काउट्स एवं गाइड्स की मौजूदगी पर राज्यपाल ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में शांति स्थापित हुई है और क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।

युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए समय को पहचानना और निरंतर प्रयास करना जरूरी है। कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से ही लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

405 स्काउट्स और 528 गाइड्स को मिला पुरस्कार

समारोह में प्रदेशभर से चयनित प्रतिभागियों को राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया गया। इनमें शामिल हैं:

  • 405 स्काउट्स

  • 528 गाइड्स

  • 64 रोवर्स

  • 125 रेंजर्स

इस तरह कुल 1122 प्रतिभागियों को राज्य पुरस्कार प्रदान किए गए।

उत्कृष्ट सेवाओं के लिए भी सम्मान

स्काउटिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ स्काउटर के रूप में बालोद के योगेश्वर प्रसाद गांगुली को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ गाइडर के लिए महासमुंद की तनुजा बंजारे और लता वैष्णव को सम्मान मिला।

सर्वश्रेष्ठ रोवर के रूप में राजमणि बंजारे और चंद्रशेखर पंकज, सर्वश्रेष्ठ रेंजर के रूप में विभूति वर्मा और कृति बिजौर को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ स्काउट के रूप में ईश साहू, हरीश कुमार खोटे और राजवीर भट्ट तथा सर्वश्रेष्ठ गाइड के रूप में दिव्या पटेल और दीप्ति पटेल को सम्मान दिया गया।

स्काउटिंग के क्षेत्र में लंबे समय से सेवाएं देने वाले शैलेंद्र मिश्रा, आनंद राम बघेल, पवन कुमार नायक, विनोद कुमार हथेल, शशि बंछोर और रजनी रेड्डी को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पीपिंग सेरेमनी भी हुई। इसमें लोकभवन में पदस्थ एडीसी उदित पुष्कर (आईपीएस) को रैंक बैज लगाया गया।

शिक्षा मंत्री बोले- स्काउटिंग जीवनभर सेवा की प्रेरणा देती है

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के नियम और प्रतिज्ञाएं सदस्यों को अनुशासन, सेवा और समर्पण की सीख देते हैं। स्काउटिंग की वर्दी इन्हीं मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग से जुड़ा व्यक्ति जीवनभर सेवा के भाव के साथ काम करता है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल के हाथों मिला सम्मान प्रतिभागियों को भविष्य में भी समाजसेवा के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही उन्होंने प्रदेश के अधिक से अधिक स्काउट्स एवं गाइड्स को राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, राज्य सचिव अमित कुमार क्षत्रिय समेत संगठन के पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद रहे।

बाल शोषण से बचाव और ऑनलाइन सतर्कता, 42 न्यायाधीशों ने बच्चों से किया संवाद

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए रायपुर के 21 विद्यालयों में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत 42 न्यायाधीश विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। बच्चों को बाल संरक्षण कानूनों, व्यक्तिगत सुरक्षा, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी जा रही है।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में यह अभियान 10 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है। इसका उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के साथ-साथ यह बताना है कि असुरक्षा, शोषण या किसी परेशानी की स्थिति में वे किससे मदद मांग सकते हैं, शिकायत कैसे दर्ज करा सकते हैं और निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ कैसे उठा सकते हैं।

बाल शोषण से ऑनलाइन सुरक्षा तक 

रायपुर और गरियाबंद जिले में अभियान के पहले चरण के तहत 26 से 31 अक्टूबर तक विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग और साइबर क्राइम विभाग को शामिल करते हुए जिला स्तरीय समन्वय समिति बनाई गई है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा के निर्देश पर चयनित विद्यालयों में ये कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इनमें ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’ और ‘न बाल विवाह, न बाल शोषण’ जैसे विषयों पर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।

कार्यक्रमों में महिला एवं बाल विकास विभाग के पॉक्सो सपोर्ट पर्सन, किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञ बच्चों से संवाद कर रहे हैं। इसका मकसद बच्चों को उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को समझने और जरूरत पड़ने पर मदद मांगने के लिए प्रोत्साहित करना है।

नुक्कड़ नाटक और प्रश्नोत्तरी 

अभियान में विद्यालयों के आसपास स्थित विधि महाविद्यालयों के शिक्षक और विधि विद्यार्थी भी भाग ले रहे हैं। नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और पेंटिंग जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों तक सुरक्षा और कानूनी अधिकारों से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जा रही है।

अभियान का उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना और उन्हें यह जानकारी देना है कि किसी भी तरह की असुरक्षा या शोषण की स्थिति में सहायता कहां से मिल सकती है।

अभियान के बाद भी जारी रहेंगी 

निर्देश दिए गए हैं कि अभियान की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी विद्यालयों में बच्चों के बौद्धिक और मानसिक विकास तथा बाल संरक्षण से जुड़ी जागरूकता के लिए नियमित गतिविधियां आयोजित की जाएं। इससे बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के उपायों की जानकारी लगातार मिलती रहेगी।


सूरजपुर को 232 करोड़ की सौगात! प्रेमनगर में डोम, इंडोर स्टेडियम और सड़क बनेगी

रायपुर/सूरजपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले को 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है। बुधवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 24.29 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण 63 विकास कार्यों का लोकार्पण और 208.20 करोड़ रुपये की लागत वाले 54 कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही प्रेमनगर नगर पंचायत के लिए 2.70 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं को साकार करना सरकार का संकल्प है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है।

प्रेमनगर में डोम, इंडोर स्टेडियम और सड़क की घोषणा

मुख्यमंत्री साय ने प्रेमनगर नगर पंचायत में तीन प्रमुख विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये और वार्ड क्रमांक 10, 11 एवं 12 से विश्रामगृह तक करीब दो किलोमीटर बीटी सड़क बनाने के लिए 1.20 करोड़ रुपये शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। क्षेत्र की जरूरतों और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाने पर क्षेत्रवासियों से खेद जताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन की सराहना भी की।

जल संचय अभियान में सूरजपुर प्रदेश में प्रथम

मुख्यमंत्री ने जल संचय जनभागीदारी अभियान में सूरजपुर जिले की उपलब्धि की सराहना करते हुए नागरिकों, कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में सूरजपुर प्रदेश में पहले और देश में चौथे स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वर्षा चक्र और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण बेहद जरूरी है। वर्षा जल का संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।

जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े 2,212 कार्यों पर 130.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, भूजल स्तर सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने का लक्ष्य है।

किसानों के लिए धान खरीदी और सिंचाई सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि सुविधाओं के विस्तार के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए धान खरीदी केंद्रों को स्वीकृति दी गई है।

उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा पुरानी सिंचाई योजनाओं की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। महिलाओं के जीवन में बढ़ता आत्मविश्वास और उनके चेहरों पर खुशी योजनाओं की सार्थकता को दर्शाती है।

उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रदेश में करीब 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे समुदायों को पक्के आवास और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है, जिससे वनवासी परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

बस्तर और सरगुजा में विकास की नई संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है। जिन क्षेत्रों में पहले विकास कार्यों में बाधाएं थीं, वहां सड़क, बिजली, पानी, आवास और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई पहचान देने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

घर बैठे शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और सेवा सेतु के जरिए शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से शासकीय सेवाओं के साथ बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अंजोर विजन 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य है कि प्रदेश के हर नागरिक को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास के समान अवसर मिलें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा संभाग में विकास कार्यों को नई गति मिली है। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायतों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल दे रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय, भरत सिंह सिसोदिया, विधायक भूलन सिंह मरावी, विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदमणि पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

उरांव समाज को बड़ी सौगात, गनोद में 50 लाख रुपये से बनेगा सामुदायिक भवन

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि करम परब हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी का नैतिक दायित्व है। प्रकृति के प्रति आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक यह पर्व नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम परिसर में उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ की ओर से आयोजित करम पूजा परब 2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने भारत माता के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया।

गनोद में बनेगा सामुदायिक भवन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने रायपुर जिले के गनोद गांव में उरांव समाज के लिए 50 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भवन बनने से समाज को सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे समाज के लोगों को एक मंच पर आकर अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। 

प्रकृति से सामंजस्य का संदेश देता है करम परब

मुख्यमंत्री ने कहा कि करम परब प्रकृति के प्रति प्रेम, आस्था और सम्मान की भावना को दर्शाता है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की जो परंपरा विकसित की, उसमें आज भी समाज के लिए महत्वपूर्ण संदेश निहित हैं। यह पर्व प्रकृति संरक्षण, सामूहिकता और सामाजिक एकता के मूल्यों से जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपर्वों और प्रकृति से गहरे जुड़ाव से है। प्रदेश के विभिन्न जनजातीय समाजों ने अपनी विशिष्ट परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखा है। करम परब भी इसी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना के साथ आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की प्रेरणा देता है।

सांस्कृतिक पहचान बनाए रखना जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनमें पूर्वजों का ज्ञान, जीवन मूल्य और समाज को एकजुट रखने की भावना समाहित है। आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अपनी भाषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक पर्वों से जुड़ी रहेगी, तभी सांस्कृतिक विरासत आगे बढ़ेगी। करम परब जैसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाते हैं और वरिष्ठजनों से परंपराओं तथा रीति-रिवाजों को जानने-समझने का अवसर देते हैं।

उरांव समाज के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ने उरांव समाज की ओर से सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विविध जनजातीय परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार हैं। इनमें प्रकृति के प्रति सम्मान, परस्पर सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश मिलता है। अपनी संस्कृति पर गर्व करने के साथ उसका संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने करम पूजा परब की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाए तथा समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे की भावना और मजबूत हो।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी, समाज प्रमुख बिन्देश्वर भगत, उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, सदस्य और बड़ी संख्या में परिवारजन उपस्थित रहे।

राज्योत्सव में देशभक्ति और रोमांच का संगम, स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टर दिखाएंगे दम

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में इस बार आसमान में भारतीय वायु सेना के शौर्य और उड़ान कौशल का रोमांचक नजारा देखने को मिलेगा। 2 नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र में वायु सेना की प्रतिष्ठित सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भव्य एयर शो प्रस्तुत करेगी। सुबह 11 बजे से होने वाले प्रदर्शन में पांच स्वदेशी ‘ध्रुव’ हेलीकॉप्टर हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे। टीम में दो महिला पायलट भी शामिल हैं।

इस आयोजन से पहले बुधवार को सारंग टीम के सदस्यों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। टीम ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया। मुख्यमंत्री ने सदस्यों का स्वागत करते हुए राज्योत्सव में उनकी भागीदारी को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।

युवाओं को मिलेगी राष्ट्रसेवा की प्रेरणा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय वायु सेना की सारंग टीम अपने साहस, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता के लिए जानी जाती है। टीम का हवाई प्रदर्शन इन विशेषताओं को करीब से देखने का अवसर देगा। राज्योत्सव में होने वाला यह एयर शो युवाओं और विद्यार्थियों के लिए यादगार अनुभव होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पायलटों का सटीक उड़ान कौशल, कठिन करतब और आपसी समन्वय उनके कठोर प्रशिक्षण और टीम भावना को दर्शाता है। यह प्रदर्शन युवाओं को बड़े सपने देखने, चुनौतियों का सामना करने और दृढ़ संकल्प के साथ लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि एयर शो से युवाओं में भारतीय वायु सेना और अन्य सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा करने की भावना मजबूत होगी।

पांच हेलीकॉप्टर दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब

सारंग टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार करेंगे। टीम के पांच हेलीकॉप्टर हवा में विभिन्न आकर्षक संरचनाएं बनाएंगे और समन्वित उड़ानों के जरिए अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। टीम की खासियत बेहद सटीक तालमेल के साथ सामूहिक उड़ान और रोमांचक हवाई करतब प्रस्तुत करना है।

सारंग टीम स्वदेशी उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ‘ध्रुव’ के जरिए प्रदर्शन करती है। इन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से भारत की विमानन तकनीक, नवाचार और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की क्षमता भी प्रदर्शित होगी।

टीम के हेलीकॉप्टरों का रंग संयोजन राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है। आसमान में एक साथ उड़ते इन हेलीकॉप्टरों की संरचनाएं दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेंगी।

दो महिला पायलट भी होंगी शामिल

सारंग टीम में स्क्वाड्रन लीडर अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर अक्षया भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने दोनों महिला पायलटों की भागीदारी पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि रक्षा और विमानन जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नए भारत की तस्वीर प्रस्तुत करती है।

उन्होंने कहा कि महिला पायलटों का साहस और आत्मविश्वास छत्तीसगढ़ की बेटियों को विमानन और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उनकी उपलब्धियां बताती हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और अवसरों के जरिए बेटियां हर ऊंचाई हासिल कर सकती हैं।

युवाओं को दिया मेहनत और अनुशासन का संदेश

ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में शामिल होने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का उद्देश्य रोमांचक हवाई प्रदर्शन के साथ युवाओं को साहस, आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना भी है।

उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम जरूरी है। टीम के प्रदर्शन में पायलटों का आपसी विश्वास, एकाग्रता और उच्चस्तरीय तकनीकी दक्षता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प का अवसर है। सारंग टीम का प्रदर्शन समारोह को विशेष राष्ट्रीय गौरव से जोड़ेगा और प्रदेशवासियों में भारतीय वायु सेना के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करेगा।

चौकीदार के हाथ बांधे, दीवार तोड़ी और कॉपर क्वाइल समेत लाखों का सामान ले उड़े

रायपुर / TODAY छत्तीसगढ़  /  कबीर नगर थाना क्षेत्र के हीरापुर स्थित बंद अमरनाथ इस्पात फैक्ट्री में चौकीदार को रस्सी से बांधकर डकैती करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक फैक्ट्री की रेकी की थी। उनके कब्जे से करीब 17 लाख रुपये कीमत का सामान, डकैती में इस्तेमाल टाटा एस वाहन, स्कूटी और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले में शामिल कुछ अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।

रात डेढ़ बजे फैक्ट्री में घुसे थे बदमाश

पुलिस के अनुसार, अमरनाथ इस्पात की फैक्ट्री वर्ष 2020 से बंद है। वहां चौकीदारी करने वाले दिलीप कुमार वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 22 अक्टूबर 2026 की रात करीब 1:30 बजे वह ऑफिस के पोर्च में बैठा था। इसी दौरान फैक्ट्री की बाउंड्री के अंधेरे हिस्से से एक व्यक्ति आता दिखाई दिया। चौकीदार ने उसे आवाज देकर भगाने की कोशिश की तो वह पत्थर फेंकने लगा।

इसी बीच चेहरे पर कपड़ा बांधे करीब 7-8 अन्य लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि बदमाशों ने चौकीदार को पकड़कर उसके दोनों हाथ पीछे की ओर रस्सी से बांध दिए। इसके बाद वे ऑफिस और फैक्ट्री के अंदर घुसे और कीमती सामान समेटने लगे।

दीवार तोड़कर खेत के रास्ते भागे आरोपी

पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपी फैक्ट्री से एल्युमिनियम वायर के बंडल, एल्युमिनियम और कॉपर के सामान, एल्युमिनियम प्लेट, हैलोजन लाइट, नकदी, पैनल कार्ड और कॉपर क्वाइल ले गए। सामान को टाटा एस वाहन में लादने के बाद आरोपी फैक्ट्री की साइड की दीवार तोड़कर खेत के रास्ते रिंग रोड की ओर फरार हो गए।

शिकायत पर कबीर नगर थाने में अपराध क्रमांक 217/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(2) और 310(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

हजारों CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) रॉबिन्सन गुरिया की निगरानी में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा कबीर नगर पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। आरोपियों के संभावित आने-जाने के रास्तों पर लगे हजारों कैमरों के फुटेज की जांच की गई। इसके साथ ही पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।

जांच के दौरान पुलिस को सरोना, डी.डी. नगर निवासी संदीप नेताम के बारे में जानकारी मिली। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि संदीप ने साथियों के साथ वारदात करना स्वीकार किया। इसके बाद अजीत भारती और उमेन्द्र ठाकुर उर्फ उमेन को भी पकड़ा गया।

एक सप्ताह तक की थी फैक्ट्री की रेकी

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बंद फैक्ट्री में डकैती की योजना बनाई थी और वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक वहां की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी थी। घटना की रात वे टाटा एस वाहन और स्कूटी से पहुंचे थे। चौकीदार को बंधक बनाने के बाद सामान लादकर फरार हो गए।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एल्युमिनियम वायर, एल्युमिनियम और कॉपर के सामान, प्लेट, हैलोजन लाइट, पैनल कार्ड, कॉपर क्वाइल, कटर मशीन, ड्रिल मशीन, टाटा एस वाहन और स्कूटी जब्त की है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 17 लाख रुपये बताई गई है।

तीनों आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  • संदीप नेताम (35 वर्ष): निवासी बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना, थाना डी.डी. नगर, रायपुर।

  • अजीत भारती (30 वर्ष): निवासी बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना, थाना डी.डी. नगर, रायपुर।

  • उमेन्द्र ठाकुर उर्फ उमेन (27 वर्ष): निवासी देवारपारा, सुभाषनगर, थाना तेलीबांधा, रायपुर।

पुलिस के अनुसार, संदीप नेताम पहले गुढ़ियारी थाने के चोरी और मारपीट के मामले में, उमेन्द्र ठाकुर टिकरापारा थाने के नकबजनी के मामले में और अजीत भारती डी.डी. नगर थाने के प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से जुड़े मामले में जेल जा चुका है।

पुलिस ने तीनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर छत्तीसगढ़ अलर्ट, 27 से 29 अक्टूबर तक विशेष सतर्कता

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को 27 से 29 अक्टूबर तक विशेष एहतियात बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में सभी जिलों के कलेक्टरों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में मुख्य जोर संभावित नुकसान को कम करने और जनहानि रोकने पर रहा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ बंगाल की खाड़ी में तीव्र हो रहा है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मौसम प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर राज्य प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

दक्षिण बस्तर के जिलों में विशेष सतर्कता

बैठक में बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

प्रशासन को राहत शिविरों में चौबीसों घंटे जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्रों के छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को भी तैयार रहने को कहा गया है।

किसानों को फसल और पशुधन की सुरक्षा की सलाह

संभावित खराब मौसम को देखते हुए कृषि विभाग को किसानों के लिए विस्तृत सलाह जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें फसलों और पशुधन को संभावित नुकसान से बचाने के उपायों पर जोर दिया गया है।

अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में कच्चे मकानों की स्थिति का आकलन करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कहा गया है।

बिजली, दूरसंचार और सड़क व्यवस्था पर नजर

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने बैठक में बुनियादी सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। बिजली के खंभे गिरने या विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

दूरसंचार सेवाओं को चालू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और तेज हवाओं से पेड़ गिरने की स्थिति में उन्हें तत्काल हटाने की तैयारी रखने को कहा गया है। इससे सड़क मार्ग अवरुद्ध होने और आवागमन प्रभावित होने की आशंका को कम किया जा सकेगा।

बैठक में होर्डिंग्स और अन्य असुरक्षित संरचनाओं की स्थिति का आकलन करने के निर्देश भी दिए गए।

विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य शासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है। प्रशासन का जोर संभावित मौसम संबंधी जोखिमों को देखते हुए पहले से तैयारी करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।

शिक्षा सिर्फ नौकरी के लिए नहीं, जिम्मेदार नागरिक बनाने का भी माध्यम: रमेन डेका

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने विचारों और हुनर के दम पर रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलें और सफलता हासिल करने के बाद समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाएं। यह संदेश राज्यपाल रमेन डेका ने ITM विश्वविद्यालय, रायपुर के 11वें दीक्षांत समारोह में दिया।

रविवार, 26 अक्टूबर को आयोजित समारोह में राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, चार शोधार्थियों को पीएचडी और 464 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर की उपाधियां प्रदान की गईं।

छोटे शहरों और गांवों में भी स्टार्टअप की संभावनाएं

राज्यपाल ने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता की संभावनाएं अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं। छोटे शहरों और गांवों में भी नए उद्यम शुरू हो रहे हैं। युवाओं को इस अवसर का लाभ उठाकर अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा लक्ष्य प्राप्त करने का सबसे बड़ा माध्यम है। डिग्री केवल प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान और कौशल के जरिए परिवार, समाज और देश के प्रति दायित्व निभाने का अवसर है। युवाओं को अपनी रुचि के क्षेत्र में करियर चुनना चाहिए और असफलताओं से निराश हुए बिना नए प्रयोग करते रहना चाहिए।

‘डिग्री को अंतिम मंजिल न मानें’

राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह को विद्यार्थियों के जीवन की एक पारी के समापन और दूसरी पारी की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि आगे के जीवन में चुनौतियां और संघर्ष आ सकते हैं, लेकिन मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से उनका सामना किया जा सकता है।

उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने और सफलता के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी महत्व देने की अपील की। उनके अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि सही-गलत में अंतर समझने और जिम्मेदार नागरिक बनने की क्षमता विकसित करना भी है।

AI के दौर में डिजिटल लत से बचने की सलाह

राज्यपाल ने कहा कि आज के विद्यार्थी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मोबाइल तकनीक के दौर में आगे बढ़ रहे हैं। इन तकनीकों के पीछे भी मानवीय बुद्धि और रचनात्मकता का योगदान है।

उन्होंने युवाओं को मोबाइल का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने और डिजिटल लत व नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही परिवार, मित्रों और समाज के साथ संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। 

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका

अपने संबोधन में राज्यपाल ने शांति और सुरक्षा को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के बाद विकास के अवसरों तथा बस्तर में आजीविका से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन स्थलों के विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

राज्यपाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें अपने ज्ञान और हुनर का उपयोग व्यक्तिगत तरक्की के साथ देश के समग्र विकास के लिए भी करना चाहिए।

ये रहे कार्यक्रम में मौजूद

समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामचंद्र जहांगीर ने स्वागत भाषण दिया। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी.के. गोयल ने भी संबोधित किया। हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गौतम भादुड़ी, विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल एवं कार्य परिषद के सदस्य, प्राध्यापक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। 


स्मृति ईरानी के दौरे पर कांग्रेस का हमला, दीपक बैज बोले- भाजपा कार्यकर्ताओं से क्यों बना रही दूरी?

भाजपा प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के रायपुर दौरे के बीच कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पार्टी कार्यालय में बिना बुलावे आने से बचने संबंधी निर्देश पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे भाजपा के भीतर असंतोष से जोड़ते हुए महंगाई, 500 रुपये के गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महतारी वंदन योजना और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर जवाब मांगा। साय सरकार पर लगाए गए अपराध और भ्रष्टाचार संबंधी आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं।

रायपुर । TODAY छत्तीसगढ़  /  भाजपा की नवनियुक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि स्मृति ईरानी के दौरे के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय से दूर रहने के निर्देश देना इस बात का संकेत है कि पार्टी अपने ही कार्यकर्ताओं के असंतोष का सामना नहीं करना चाहती।

बैज ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को देवतुल्य बताती रही है, लेकिन अब उन्हें पार्टी कार्यालय आने से रोकने की स्थिति बन रही है। उन्होंने इसे पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी से जोड़ते हुए भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ता राज्य सरकार के कामकाज से नाराज हैं और स्मृति ईरानी को उनके सवालों का सामना करना चाहिए। हालांकि, पार्टी कार्यालय में प्रवेश को लेकर दिए गए कथित निर्देशों और भाजपा कार्यकर्ताओं के असंतोष के दावों पर भाजपा का पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं है।

महंगाई और मोदी की गारंटी पर मांगा जवाब

दीपक बैज ने स्मृति ईरानी के पुराने महंगाई विरोधी अभियानों का जिक्र करते हुए गैस सिलेंडर, खाद्य तेल, शक्कर, राशन सामग्री, कपड़े और दवाइयों की बढ़ती कीमतों को लेकर भाजपा से सवाल किए। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी ने पहले महंगाई के खिलाफ आंदोलन किए थे और शक्कर की कीमत 13 रुपये प्रति किलो करने का वादा भी किया था। बैज ने तंज कसते हुए कहा कि अब उनके पास अपने पुराने वादों पर जवाब देने का अवसर है।

कांग्रेस नेता ने भाजपा के चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने, पेट्रोल-डीजल की कीमत 35 रुपये करने और महतारी वंदन योजना का लाभ बिना भेदभाव देने की बात कही थी। बैज ने सवाल किया कि भाजपा सरकार इन वादों को कब पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी को प्रदेश की जनता के सामने इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों पर भी आरोप लगाए। बैज ने दावा किया कि राज्य में अपराध, अवैध नशे का कारोबार और भ्रष्टाचार बढ़े हैं। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों, दुष्कर्म, एसिड अटैक, अपहरण और हत्याओं की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उन्होंने महिलाओं के खिलाफ प्रतिदिन औसतन आठ से नौ दुष्कर्म की घटनाएं होने का दावा भी किया। इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक पुलिस या अपराध संबंधी आंकड़ों की जरूरत होगी। बैज ने कहा कि स्मृति ईरानी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की प्रतिनिधि के रूप में प्रदेश में आई हैं और उन्हें राज्य सरकार को चुनाव के दौरान किए गए वादों की याद दिलानी चाहिए।

स्मृति ईरानी के दौरे को लेकर कांग्रेस ने जहां भाजपा के आंतरिक असंतोष और चुनावी वादों को मुद्दा बनाया है, वहीं इन आरोपों पर भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद के दूसरे पक्ष की भी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

C.G. हॉकी लीग: मैनपाट टाइटन्स की शानदार जीत, राजधानी रॉयल्स को 5-2 से हराया

रायपुर । TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में मैनपाट टाइटन्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजधानी रॉयल्स को 5-2 से हरा दिया। लीग के सातवें मुकाबले में मैनपाट की ओर से मोहित नायक ने अहम गोल किया और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' के साथ 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' का पुरस्कार भी मिला।

मुकाबला देखने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डूमरे भी पहुंचे। अतिथियों ने मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उप मुख्यमंत्री अरुण साव लगातार तीसरे दिन हॉकी स्टेडियम पहुंचे।

उतार-चढ़ाव के बाद मैनपाट ने बनाई बढ़त

मैच के शुरुआती क्वार्टर में दोनों टीमें मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण बनाने की कोशिश करती रहीं। हमलों की रफ्तार धीमी रही और गोल करने के मौके भी कम बने। क्वार्टर के अंतिम हिस्से में मैनपाट टाइटन्स ने तेजी दिखाई। मनीष वट्टी ने विपक्षी सर्कल के भीतर मिले मौके को गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिलाई।

राजधानी रॉयल्स ने जल्द ही जवाब दिया। रोशन के पास पर अनिकेत ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद रोशन ने भी गेंद को गोल में पहुंचाया, लेकिन रेफरी ने इस गोल को अमान्य करार दिया। मैनपाट ने इसके बाद फिर आक्रमण तेज किया। संदीप ठाकुर ने मिडफील्ड से मिले शानदार पास को गोल में बदलकर टीम को हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त दिला दी।

शानदार स्कूप और रिवर्स फ्लिक ने बढ़ाया रोमांच

मैनपाट टाइटन्स ने अगले चरण में भी अपना दबदबा बनाए रखा। ललित ने लंबी दूरी से गेंद को स्कूप करते हुए रोशन तक पहुंचाया। रोशन ने इस मौके को गोल में बदल दिया। मैच के इस गोल को टूर्नामेंट के बेहतरीन गोलों में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद मोहित नायक ने रिवर्स फ्लिक से गोल कर मैनपाट की बढ़त और मजबूत कर दी। राजधानी रॉयल्स की रक्षापंक्ति इस दौरान दबाव में नजर आई।

रॉयल्स की कमजोरियों का फायदा उठाते हुए प्रिंस ने भी गोल किया। इसके साथ ही मैनपाट टाइटन्स ने अपनी बढ़त 4-2 कर ली। मुकाबले के अंतिम हिस्से में राजधानी रॉयल्स प्रभावी हमले करने में नाकाम रही। पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल पाना भी टीम के लिए बड़ी परेशानी साबित हुआ। मैनपाट टाइटन्स ने आखिरकार 5-2 से जीत दर्ज की। मोहित नायक को उनके प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' चुना गया। राजधानी रॉयल्स की इस हार से सेमीफाइनल में पहुंचने की उसकी संभावनाओं को झटका लगा है। 

न्यायधानी नाइट्स की सेमीफाइनल में जगह पक्की, बैलाडीला बुल्स को 4-1 से हराया

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में न्यायधानी नाइट्स ने बैलाडीला बुल्स को 4-1 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम ने अब तक खेले गए अपने तीनों मुकाबलों में जीत दर्ज की है और अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। मुकाबले में न्यायधानी नाइट्स के ड्रैग-फ्लिकर चिराग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक लगाई। उनके गोलों ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। बैलाडीला बुल्स की ओर से जसकरण सिंह ने एकमात्र गोल किया। शानदार प्रदर्शन के लिए चिराग को 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' चुना गया।

दूसरी ओर, बैलाडीला बुल्स को अब तक खेले गए मुकाबलों में जीत नहीं मिली है और टीम अंक तालिका में निचले पायदान पर बनी हुई है। लगातार तीन जीत के साथ न्यायधानी नाइट्स ने सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। 


बीरगांव में विकास की झमाझम बारिश! CM साय ने खोला खजाना, 110 करोड़ के नए कामों का ऐलान

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके साथ ही क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए करीब 110 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीरगांव तेजी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है। औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती आबादी को देखते हुए सड़क, पेयजल, सीवरेज, स्वच्छता, खेल और अन्य नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।

STP के लिए 82 करोड़, पानी और ..

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए 82 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई।

सड़क और नाली निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये तथा सरोरा में खेल मैदान के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की बात कही गई। बीरगांव में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नालंदा परिसर बनाने के लिए भी 5 करोड़ रुपये की घोषणा की गई।

स्ट्रीट लाइट से ई-लाइब्रेरी तक ये भी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने व्यास तालाब तिराहा से बीरगांव नाला तक स्ट्रीट लाइट के लिए 1 करोड़ रुपये और बुधवारी बाजार से नगर निगम कार्यालय तक स्ट्रीट लाइट के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रावांभाठा में विद्युतीकरण एवं मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये, सर्व मांगलिक भवन के लिए 1 करोड़ रुपये और शासकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी के लिए 89 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

इसके साथ ही बीरगांव में छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल का जोन कार्यालय शुरू करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की।

बीरगांव का बनेगा रोडमैप

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। बीरगांव भी इसमें शामिल है।

उन्होंने कहा कि इसके जरिए क्षेत्र के सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इससे बीरगांव में शहरी अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विकास को गति मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय और नालंदा परिसर

बीरगांव में मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय बनाने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाओं से जमीन से जुड़ी सेवाओं को आसान बनाया जा रहा है।

इसके अलावा नालंदा परिसर के जरिए विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

सात इलाकों में सर्वे, पात्र लोगों को ..

मुख्यमंत्री ने बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के रावांभाठा, बंजारी नगर, शक्तिपारा, मठपारा, शीतलापारा, उरकुरा और मजदूर नगर सरोरा में सर्वे कराने की घोषणा की।

सरकार के अनुसार सर्वे के बाद पात्र लोगों को नियमानुसार आवासीय पट्टे दिए जाएंगे।

हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ..

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री गृह निर्माण सम्मान योजना और नोनी सुरक्षा योजना समेत विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि के डेमो चेक भी दिए।

कार्यक्रम की शुरुआत में सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने उनके पैर धोकर, तिलक लगाकर और आरती उतारकर उनके योगदान के प्रति सम्मान जताया।

बीरगांव नगर निगम को दो नए अग्निशमन वाहन भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने शासकीय महाविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाया।

साव बोले- विकास कार्यों का सिलसिला जारी रहेगा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बीरगांव में 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। उनके मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य मिले हैं और आने वाले समय में अधोसंरचना व नागरिक सुविधाओं के विस्तार का काम जारी रहेगा।

कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक भावना बोहरा, महापौर नंदलाल देवांगन, सभापति कृपाराम निषाद सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

राष्ट्रपति ने ‘राम-नामी’ को दिया राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, छत्तीसगढ़ में खुशी

रायपुर: TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ की रामनामी समुदाय की परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिला है। पुरस्कार मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने निर्देशक भारतबाला गणपति और फिल्म की पूरी टीम को बधाई दी है।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए दिए गए हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक ‘राम-नामी’ हिंदी भाषा की Best Documentary चुनी गई और इसे रजत कमल प्रदान किया गया। फिल्म का निर्माण BBP Studio Virtual Bharat Pvt. Ltd. ने किया है और निर्देशन भारतबाला गणपति ने किया है।

'सिर्फ फिल्म नहीं, सांस्कृतिक विरासत की पहचान'

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘राम-नामी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उनके मुताबिक यह सम्मान रामनामी समुदाय की लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर भी है।

उन्होंने कहा कि रामनामी समुदाय की परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का एक विशिष्ट हिस्सा है। फिल्म ने इस परंपरा को सिनेमाई माध्यम से व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का काम किया है।

निर्देशक और पूरी टीम को दी बधाई

मंत्री ने निर्देशक भारतबाला गणपति समेत फिल्म से जुड़े निर्माता, कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य सहयोगियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी लोक परंपरा को संवेदनशील तरीके से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इस सम्मान में पूरी टीम की भूमिका है।

भारतबाला गणपति ने भी पुरस्कार मिलने के बाद रामनामी समुदाय की जीवनशैली, आस्था और परंपराओं को फिल्म का आधार बनाने की प्रक्रिया साझा की थी।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में मिला सम्मान

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को सम्मानित किया। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार ‘राम-नामी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार प्रदान किया गया।

लोक संस्कृति को बढ़ावा देने की उम्मीद

संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, जनजातीय परंपराएं और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत प्रदेश की पहचान हैं। उनके मुताबिक ‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान राज्य की अन्य लोक परंपराओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को भी व्यापक मंच देने के लिए प्रेरणा का काम कर सकता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस उपलब्धि से प्रदेश के लोक कलाकारों, रचनाकारों, फिल्मकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी परंपराओं को रचनात्मक माध्यमों से सामने लाने का प्रोत्साहन मिलेगा।

धान खरीदी में बड़ा बदलाव, सैटेलाइट से होगी फसल की पुष्टि; फर्जी रकबे पर लगेगी लगाम

TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर: छत्तीसगढ़ में धान की खेती के वास्तविक रकबे का सटीक और तकनीक आधारित आकलन करने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम पहल की है। इसके लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय और छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के बीच बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस पहल के तहत सैटेलाइट आधारित मैपिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और भू-स्थानिक डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य धान उपार्जन व्यवस्था में रकबे के आकलन को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।

गैर-जियो-रेफरेंस्ड खेतों की भी होगी मैपिंग

तकनीकी सर्वे के तहत ऐसे कृषि क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जो अभी डिजिटल रूप से मैप नहीं हैं। खास तौर पर वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत आबंटित भू-भागों और डुबान क्षेत्रों में स्थित कृषि भूमि को मैपिंग में शामिल किया जाएगा।

इन क्षेत्रों की पहचान के बाद उनकी GIS आधारित पॉलीगॉन लेयर तैयार की जाएगी। इससे दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में मौजूद कृषि भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सैटेलाइट इमेजरी से होगी धान की फसल की पुष्टि

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की जाने वाली पॉलीगॉन लेयर और भू-स्थानिक डेटा के आधार पर धान के वास्तविक रकबे का आकलन किया जाएगा।

जिन क्षेत्रों में पहले से जियो-रेफरेंस्ड भूमि खंड यानी खसरे उपलब्ध हैं, वहां उनके अक्षांश-देशांतर का सैटेलाइट इमेजरी से मिलान किया जाएगा। इसके जरिए संबंधित खेत में धान की फसल मौजूद होने की डिजिटल पुष्टि की जाएगी।

डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए बनेगा मजबूत आधार

सरकार की इस तकनीकी पहल से दूरस्थ क्षेत्रों, FRA भूमि और डुबान क्षेत्रों में कृषि भूमि की डिजिटल पहचान मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य में होने वाले डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार होगा।

इससे धान के रकबे के आकलन में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा और उपार्जन व्यवस्था के लिए उपलब्ध आंकड़ों को अधिक व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जा सकेगा।

अधिकारी रहे मौजूद

MoU के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम और छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संचालक कवीश्वर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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