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कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला: मनरेगा खत्म करने की साजिश, नेशनल हेराल्ड केस राजनीतिक प्रतिशोध


बिलासपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर गुरुवार को बिलासपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुमा आचार्य ने दो अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर कर उसे धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मनरेगा की आत्मा पर हमला

अनुमा आचार्य ने आरोप लगाया कि मनरेगा की आत्मा ग्राम पंचायतों के अधिकार, रोजगार की कानूनी गारंटी और सत्ता के विकेंद्रीकरण में निहित है, जिसे जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने फंडिंग रेश्यो को 90:10 से बदलकर 60:40 कर दिया, कार्य अवधि 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी और ग्राम पंचायतों से अधिकार छीन लिए गए। उन्होंने कहा कि बिना किसी पायलट प्रोजेक्ट के कानून में बदलाव कर दिया गया, जो देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। 

125 दिन रोजगार का दावा केवल छलावा है, जबकि हकीकत में औसतन 40 से 50 दिन से अधिक रोजगार नहीं दिया जा रहा।

नेशनल हेराल्ड केस पर कांग्रेस का पलटवार

दूसरे मुद्दे पर बोलते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12–13 वर्षों तक सीबीआई और ईडी खुद स्वीकार करती रहीं कि न कोई मनी ट्रांजैक्शन हुआ, न संपत्ति का ट्रांसफर और न ही कोई मूल अपराध मौजूद था। उन्होंने कहा कि अदालत के हालिया फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला निराधार था। यह सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की जीत है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मनरेगा को कमजोर करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।

ये रहे मौजूद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष विजय केसरवानी, विजय पाण्डेय, सियाराम कौशिक, ग्रामीण महिला अध्यक्ष सीमा धृतेश, प्रदेश महिला महासचिव शिल्पी तिवारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेरू असलम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बिलासपुर: बिजली बिल, धान खरीदी और बदहाल सड़कों के खिलाफ विपक्ष का हल्ला बोल


बिलासपुर । 
TODAY छत्तीसगढ़  / प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को बिलासपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। नेहरू चौक से कलेक्टोरेट तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदेश में अव्यवस्थाओं और नीतिगत गलतियों को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। जर्जर सड़कों से लेकर बिजली बिल, धान खरीदी और पर्यावरणीय क्षति तक कई मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। पार्टी का कहना है कि जनता महंगाई और बदइंतजामी से परेशान है, जबकि सरकार विकास के दावों में उलझी हुई है।

प्रदर्शनकारियों के कलेक्टोरेट पहुंचने से पहले ही पुलिस ने सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ामात कर रखे थे। कांग्रेस के प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने कलेक्टोरेट से पहले ही बैरिकेडिंग कर भीड़ को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र होकर बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने वज्र वाहन और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज धार लगते ही बैरिकेड पर चढ़े जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी समेत कई कांग्रेसी जमीन पर गिर पड़े।

जर्जर सड़कों और स्मार्ट सिटी योजना पर सवाल

कांग्रेस नेताओं ने शहर की लगातार खराब होती सड़कों का मुद्दा उठाया। बरसात के बाद मरम्मत हुए बिना बार-बार सड़कों के टूटने से दुर्घटनाओं और धूलजनित बीमारियों में बढ़ोतरी का आरोप लगाया गया। साथ ही स्मार्ट सिटी फंड से ऐसे क्षेत्र में सड़क निर्माण पर सवाल खड़े किए गए जहाँ एक भी घर नहीं है और सड़क जाकर निजी जमीन में समाप्त हो जाती है। कांग्रेस ने इसे “अव्यवहारिक और जनता की जरूरतों से दूर योजना” करार दिया।

कोयला खनन और जंगलों की कटाई पर विरोध

हसदेव अरण्य और तमनार में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर कांग्रेस ने पर्यावरणीय खतरे की चेतावनी दी। पार्टी का कहना है कि कोयला उद्योग से छत्तीसगढ़ के लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलता, उल्टा प्रदूषण और जंगलों के नुकसान का बोझ जनता ही उठाती है। किसानों को धान में पानी की खपत का हवाला देकर रोकने, जबकि उद्योगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराए जाने को कांग्रेस ने “सरकार की दोहरी नीति” बताया।

बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले दो वर्षों में पाँच बार बिजली दरें बढ़ाई हैं, जिससे आम उपभोक्ता परेशान है। कम खपत के बावजूद बिल हजारों में पहुँचने के मामले सामने आए हैं। पार्टी ने स्मार्ट मीटरों को लेकर कहा कि बिजली बंद होने पर भी मीटर चलते रहने से जनता में आक्रोश बढ़ा है।

धान खरीदी में अव्यवस्था से किसान परेशान

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कई खरीदी केंद्रों में प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हुई है। पंजीयन संबंधी गड़बड़ियों के कारण किसान लगातार भटक रहे हैं। बोरा उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी ने चेतावनी दी कि मौजूदा व्यवस्था में कई किसान अपना धान बेच ही नहीं पाएंगे।

रजिस्ट्री शुल्क में बढ़ोतरी और गरीबों पर ‘बुलडोजर’ 

पाँच डिसमिल तक की जमीन की रजिस्ट्री रोकने और नई गाइडलाइन से रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाने के निर्णय को कांग्रेस ने गरीब और मध्यम वर्ग पर सीधा प्रहार बताया। कांग्रेस का आरोप है कि शहरों में गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाकर परिवारों को बेघर किया जा रहा है। इससे न सिर्फ उनका आशियाना छिन रहा है बल्कि शहर के पास काम-धंधे के अवसर भी खत्म हो रहे हैं।

CSP सिविल लाइन निमितेश सिंह ने बताया कि कांग्रेस के कलेक्टोरेट मार्च को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक संचालन के लिए बैरिकेडिंग व रूट डायवर्ट किया गया था। वाटर कैनन की कार्रवाई के बावजूद कई प्रदर्शनकारी देर तक डटे रहे, जिससे कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। 

Congress: बिजली बिल हाफ योजना सरकार को फिर शुरू करना पड़ेगा - दीपक बैज


TODAY
 छत्तीसगढ़  /  
रायपुर/25 सितंबर 2025। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा सरकार को बिजली बिल हाफ योजना फिर से शुरू करना ही पड़ेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बढ़े हुये बिजली बिल के कारण प्रदेश का आम आदमी परेशान है। भाजपा सरकार ने पिछले पौने दो सालों में तीन बार बिजली का दाम बढ़ाया है और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया है जिसके कारण प्रदेश का गरीब और मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ गया है। बढ़े बिजली के बिल के कारण सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना फिर से शुरू नहीं किया और बिजली के दाम नहीं घटाये तो भाजपा के नेताओं का जनता के बीच जाना मुश्किल हो जायेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस माह बढ़े हुए आए बिजली बिल के कारण जनता परेशान हो गई है। औसतन हर उपभोक्ता का बिजली बिल दुगुना आया है। बिजली बिल ज्यादा आने का तीन कारण है :- पहला सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिया है। दूसरा बिजली बिल हाफ योजना बंद हो गई। तीसरा स्मार्ट मीटर लगाए गए है जो अनाप शनाप खपत से अधिक रीडिंग बता रहा जिससे बिल अधिक आ रहा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के ऐसे अन्यायपूर्ण फैसले का विरोध करती है, कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेचा जा रहा है। सरकार के इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ कांग्रेस पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलायेगी। अलग-अलग जिलों में आंदोलन की रूपरेखा बनायी जा रही है। जनजागरण, विरोध प्रदर्शन, और बिजली दफ्तरों का घेराव कर कांग्रेस पार्टी सरकार को सस्ती बिजली देने को बाध्य करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 5 वर्षों तक विपरीत परिस्थितियों में भी बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल हॉफ योजना शुरू किया था जिसका लाभ प्रदेश के 54 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलता था जिसे 5 साल में लगभग प्रत्येक उपभोक्ता का 40 से 50 हजार रू. तक की बचत हुई है। कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किए गए 400 यूनिट बिजली बिल हॉफ के दायरे में प्रदेश का लगभग हर उपभोक्ता आता था। 

विधायक बृहस्पति सिंह के बिगड़े बोल, डिप्टी कलेक्टर को गंदी गालियाँ देकर जूते से मारने की बात कहने का ऑडियो वायरल

TODAY छत्तीसगढ़ /  रायपुर /  रामानुजगंज के विधायक बृहस्पति सिंह एक बार फिर विवादों में घिरते हुए दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप जारी हुआ है जिसमें वे किसी डिप्टी कलेक्टर को जमकर गालियां दे रहे हैं और कह रहे हैं मारूंगा जूता ठीक हो जायेगा....के।  

हालांकि TODAY छत्तीसगढ़  इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। फोन कर विधायक से इस संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

वायरल ऑडियो में यह बताया गया है कि यह बृहस्पति सिंह की ही आवाज है। 51 सेकेन्ड का यह ऑडियो मोबाइल फोन की बातचीत प्रतीत होती है। शुरूआती बातचीत सामान्य तरीके से की जा रही है और विधायक द्वारा डिप्टी कलेक्टर से पूछा जा रहा है कि उसने किसी पट्टे का आवंटन क्यों कर दिया, जिसके विरुद्ध अपील की गई है।

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-    आप डिप्टी कलेक्टर हो तो सारी धाराओं को पढ़कर आये हो न...।

-    जी, सर

-    किसी भी फैसले के बाद सीधे फांसी हैंग करने का होता है क्या? अपील की अवधि होता है। अपील अवधि खत्म हो गई थी?

-    सर, खत्म तो नहीं हुई थी लेकिन स्टे भी नहीं था उनके पास....।

-    (बात काटते हुए, तेज आवाज में) फिर कैसे जारी कर दिये बेवकूफ ?

-    स्टे भी तो नहीं .....

-    (फिर बात काटकर) कमिश्नर के पास वो गया है। अपील अवधि उसके पास सुरक्षित है। उसके पहले पट्टा जारी कर दिये।

-    अच्छा...।

-    कैसे जारी कर दिये

-    सर, स्टे भी तो नहीं था सर, उनके पास।

-    अरे ### सुन...####%% डिप्टी कलेक्टर बना है ###%% (गंदी गालियां)

-    मारूंगा जूता ठीक हो जायेगा ##%% के।  

गोंडी, हल्बी, सरगुजिहा, सादरी, भतरी, कुडुख में होगी अब पढ़ाई, किताबें पहुंची स्कूलों में

 TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य के स्कूली बच्चे अब अपने इलाके की स्थानीय भाषा और बोली में पढ़ाई कर सकेंगे। प्राथमिक शालाओं में अध्ययन-अध्यापन रूचिकर, सरल, सहज और ग्राह्य बनाने के उददेश्य से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्कूल शिक्षा विभाग को स्थानीय बोलियों में पाठ्य-पुस्तकें न सिर्फ तैयार करने को कहा था, बल्कि उन्होंने इसकी विधिवत घोषणा भी 26 जनवरी 2020 को गणतंत्र दिवस समारोह में जगदलपुर में की थी। मुख्यमंत्री की मंशा और उनकी घोषणा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग ने सादरी, भतरी, दंतेवाड़ा गोंड़ी, कांकेर गोंड़ी, हल्बी, कुडुख, उड़िया बोली-भाषा के जानकार लोगों से बच्चों के लिए पठन सामग्री, वर्णमाला चार्ट तथा रोचक कहानियों की पुस्तकें तैयार करवाकर स्कूलों में भिजवा दी है। 
अब पहली कक्षा से लेकर पांचवी कक्षा तक के बच्चों को उनके इलाके की बोली-भाषा में पढ़ाई करायी जाएगी, ताकि बच्चे विषयों को अच्छे से समझ सके और उसे ग्राह्य कर सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके अलावा छत्तीसगढ़ी, अंग्रेजी और हिन्दी में भी बच्चों के लिए पठन सामग्री स्कूलों को उपलब्ध करायी है। यह पुस्तकें उन्हीं इलाके के स्कूलों में भेजी गई है जहां लोग अपने बात-व्यवहार में उस बोली-भाषा का उपयोग करते है।    

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने बताया कि प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में अलग-अलग हिस्सों में विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्र जैसे बस्तर अंचल, सरगुजा अंचल और ओड़िसा से प्रांत से लगे सीमावर्ती इलाके के लोगों द्वारा दैनिक जीवन में स्थानीय बोली-भाषा का उपयोग बहुलता के साथ किया जाता है। यदि इन इलाकों में बच्चों को उनकी बोली-भाषा में शिक्षा दी जाए तो बच्चों के लिए यह सरल, सहज और ग्राह्य होगी। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल की भी यहीं मंशा है कि बच्चों को इस तरह से पढ़ाया-लिखाया जाए कि उन्हें बात समझ में आए। पढ़ाई-लिखायी बोझिल न लगे और वह स्कूल आने के लिए लालयित हो। उन्होंने बताया कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा धुर्वा, भतरी, संबलपुरी, दोरली, कुडुख, सादरी, बैगानी, हल्बी, दंतेवाड़ा गोड़ी, कमारी, ओरिया, सरगुजिया, भुंजिया बोली-भाषा में पुस्तकें और पठन सामग्री तैयार करायी गई। सभी प्राथमिक स्कूलों को उक्त पठन सामग्री के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी तथा अंग्रेजी में वर्णमाला पुस्तिका-मोर सुग्घर वर्णमाला एवं मिनी रीडर इंग्लिश बुक दी गई है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के जिन जिलों में छत्तीसगढ़ बहुतायत से बोली जाती है उन जिलों के चयनित प्राथमिक स्कूलों में लेंगुएज लर्निंग फाउंडेशन द्वारा तैयार चित्र कहानियां-सुरीली अउ मोनी, तीन संगवारी, गीता गिस बरात, बेंदरा के पूंछी, चिड़िया, मुर्गी के तीन चूजे, सोनू के लड्डू हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में लिखी कहानियों की पुस्तक भेजी गई हैं।

सीढ़ी (एक भाषा से दूसरी भाषा सीखने)- भाषा सेतु सहायिका पठन सामग्री बस्तर क्षेत्र, केन्द्रीय जोन में रायपुर-दुर्ग-बिलासपुर, सरगुजा जोन में सभी प्राथमिक कक्षा पहली-दूसरी के बच्चों को उपलब्ध करवाई गई है। इसमें बच्चे चित्र देखकर उनके नाम अपनी स्थानीय भाषा-बोली में लिखने का अभ्यास करेंगे। कक्षा पहली-दूसरी के बच्चों के लिए विभिन्न छह भाषा छत्तीसगढ़ी, गोंड़ी कांकेर, हल्बी, सादरी, सरगुजिहा, गोंडी दंतेवाड़ा में आठ कहानी पुस्तिकाएं- अब तुम गए काम से, चींटी और हाथी, बुलबुलों का राज, पांच खंबों वाला गांव, आगे-पीछे, अकेली मछली, घर, नटखट गिलहरी पढ़ने के लिए उपलब्ध करवाई गई है।  

नेट्टा डिसूजा होंगी राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष, बधाइयों का तांता लगा

TODAY छत्तीसगढ़  /  नई दिल्ली / महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से सुस्मिता देव के इस्तीफे के बाद पार्टी ने नेट्टा डिसूजा को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया है। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने गोवा की रहने वाली नेट्टा डिसूजा की नियुक्ति का आदेश जारी किया है। 

गोवा महिला कांग्रेस की पूर्व महासचिव नेट्टा डिसूजा को महिला कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये जाने की पुष्टि करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के सी वेणुगोपाल ने TODAY छत्तीसगढ़  को दूरभाष पर बताया कि नेट्टा डिसूजा को फ़िलहाल महिला कांग्रेस का कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है और वह पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर कार्य करेंगी। 

किसानों के मुद्दे पर फिर बोले राहुल गांधी, सरकार पर लगाया मंडियों को खत्म करने का आरोप

 Rahul Gandhi in Kerala: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी के बाद अब कृषि कानून देश की अर्थव्यवस्था के ढांचे को कमजोर करने के लिए तैयार किए गए हैं.

TODAY छत्तीसगढ़  / केरला / किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार को निशाने पर लिया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार मंडियों को खत्म कर रही है. उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर न केवल किसानों पर बल्कि देश के मिडिल क्लास और देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिरता पर पड़ेगा. केरल के तिरुवंबाडी में उन्होंने ये बात कही.

इसके साथ ही उन्होंने कहा, “देशभर में कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ प्रदर्शन चल रहा है. मैं उनके प्रदर्शन को पूरी तरह समझता हूं. ये कृषि क़ानून मूल रूप से भारतीय कृषि क्षेत्र की रीढ़ को नष्ट कर देंगे. हमारा कृषि क्षेत्र किसानों की बजाय 2-3 बड़े उद्योगपतियों के हाथ में चला जाएगा.”

राहुल गांधी ने कहा, “कृषि हमारे इतिहास, संस्कृति और विरासत का एक आंतरिक हिस्सा है. मैं किसानों और उनकी नवाचार करने की क्षमता में विश्वास करता हूं. लेकिन उनकी बुद्धिमत्ता, साधन संपन्नता, भावना के लिए एक मंच की आवश्यकता होती है. उन्होंने इस देश को बहुत कुछ दिया है.”

राहुल गांधी ने नोटबंदी, जीएसटी और तीनों कृषि कानूनों को देश के आर्थिक ढांचे को कमजोर करने वाला करना दिया. उन्होंने कहा, “नोटबंदी, जीएसटी और अब कृषि कानून भारतीय अर्थव्यवस्था के ढांचे को कमजोर करने के लिए तैयार किए गए हैं. इनका परिणाम यह होगा कि भारत अपने युवाओं को रोजगार नहीं दे पाएगा.”

बता दें कि राहुल गांधी के केरल दौरे का आज दूसरा दिन है. इससे पहले सोमवार को वायनाड में उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया और बापू की शिक्षाओं को याद किया. उन्होंने कहा, “अगर महात्मा गांधी ने कहा कि भारत को सहिष्णु देश होना चाहिए तो उन्होंने सहिष्णु तरीके से व्यवहार किया. अगर उन्होंने कहा कि भारत को महिलाओं के साथ सम्मान के साथ व्यवहार करना चाहिए तो उन्होंने महिलाओं के साथ आदर का व्यवहार किया. अगर गांधी जी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश होना चाहिए तो उन्होंने धर्मनिरपेक्ष तरीके से व्यवहार किया.’’  

कांग्रेस के लिए बड़ा झटका, सुष्मिता देव ने छोड़ी पार्टी, ट्विटर प्रोफाइल भी बदला

TODAY छत्तीसगढ़  /  नई दिल्ली /  असम से कांग्रेस का बड़ा चेहरा सुष्मिता देव सिंह ने कांग्रेस छोड़ दी है. उन्होंने बीती रात सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा सौंपा और ट्विटर पर अपनी प्रोफाइल में कांग्रेस की पूर्व सदस्य भी जोड़ लिया है. साथ ही महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के आगे भी पूर्व लगाया है. बता दें कि सुष्मिता देव सिंह असम के सिलचर से लोकसभा सांसद हैं. वर्तमान में वह अखिल भारतीय महिला की अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही थीं. उनके पिता बंगाली कांग्रेस के बड़े नेता थे. सुष्मिता देव सिंह को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का करीबी माना जाता था. हालांकि उनका इस्तीफा क्यों हुआ है. ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.

सुष्मिता देव सिंह ने अपना ट्विटर बायो अपडेट [https://twitter.com/sushmitadevinc] करते हुए लिखा है, “लोकसभा की पूर्व सदस्य, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पूर्व सदस्य, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष.” सुष्मिता देव सिंह का आखिरी ट्वीट एक रिट्वीट है, जिसे अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने ट्वीट किया है. ये ट्वीट दिल्ली में 9 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार की घटना के विरोध में महिला कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है. 

एक समाचार पत्र के मुताबिक सोनिया गांधी को भेजे गए पत्र में सुष्मिता देव सिंह ने लिखा है कि वे जनसेवा के क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत करने जा रही हैं. बता दें कि सुष्मिता देव सिंह कांग्रेस पार्टी की उन नेताओं में शामिल हैं, जिनका ट्विटर अकाउंट कंपनी ने लॉक कर दिया था. ट्विटर ने यह कार्रवाई राहुल गांधी द्वारा दिल्ली रेप पीड़िता के मां-बाप के साथ मुलाकात के बाद तस्वीर ट्वीट करने पर की थी.

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सुष्मिता देव सिंह पर कांग्रेस पार्टी की अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. सुष्मिता का कांग्रेस छोड़कर जाना असम में पार्टी के लिए बड़ा झटका है. हालांकि असम विधानसभा चुनावों के दौरान भी टिकट बंटवारे को लेकर सुष्मिता देव सिंह की नाराजगी सामने आई थी लेकिन उसके बाद सुष्मिता देव सिंह कांग्रेस पार्टी का झंडा उठाए बेहद सक्रिय रहीं और विरोध प्रदर्शनों में महिला कांग्रेस की अगुवाई करती रहीं हैं. ऐसे में पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देना बेहद चौंकाने वाला है.  

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के घर पहुंचें कांग्रेसी, परिजनों का किया गया सम्मान

TODAY छत्तीसगढ़  / बिलासपुर /  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम के निर्देश पर स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या आज 14 अगस्त को कांग्रेसजनों और जिला शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने बिलासपुर के स्वतंत्रता सेनानियों के निवास पहुंचकर उनके परिजनो को शाल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

संसदीय सचिव रश्मि आशिष सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक, महापौर रामशरण यादव, ज़िला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान, सभापति शेख नजीरुद्दीन, प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय, शहर प्रवक्ता ऋषि पांडेय, शहर उपाध्यक्ष धर्मेश शर्मा, कोषाध्यक्ष नसीम खान ने स्वतन्त्रता सेनानी स्वर्गीय डॉ वासुदेव जै कृष्ण देवरस, चिंतामन राव ओत्तलवार, बीआर यादव, रोहिणी कुमार बाजपेयी, देवचंद भाई जोबनपुत्रा, डॉ शिवदुलारे मिश्रा और स्वर्गीय रामगोपाल तिवारी के घर जाकर उनके परिजनों को सम्मानित किए। स्वतन्त्रता सेनानी डॉ वासुदेव देवरस के पुत्र चन्द्रप्रकाश देवरस, चिंतामन राव ओत्तालवार के पुत्र माधव ओत्तालवार, बीआर यादव के पुत्र कृष्ण कुमार यादव, रोहिणी कुमार बाजपेयी की धर्मपत्नी चन्द्रा बाजपेयी, डॉ शिवदुलारे मिश्रा के पौत्र शिवा मिश्रा, देवचंद भाई जोबनपुत्रा के पौत्र रमेश भाई जोबनपुत्रा और पंडित रामगोपाल तिवारी की पुत्रवधू कविता तिवारी का सम्मान किया गया।

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शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के निर्देश पर और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के आव्हान पर जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने स्वतन्त्रता दिवस के 75 वी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 14 अगस्त को “स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी एवं शहीद ” दिवस मनाते हुए, बिलासपुर शहर के स्वतन्त्रता सेनानी जिन्होंने देश की आज़ादी की लड़ाई में अपना सब कुछ गंवा कर लगातार अंग्रेजो के खिलाफ संघर्ष करते रहे, जेल गए, बड़ी-बड़ी यातनाये सहकर देश को आज़ादी दिलाई, उनके देश के प्रति योगदान को याद करते हुए, उनके परिजनों को साल, श्रीफल और मोमेंटो देकर सम्मानित किए, प्रमोद नायक ने बताया कि उनके परिजन इस सम्मान से अभिभूत हो गये। 

राज्यसभा में छाया और फूलोदेवी का मारपीट करना शर्मनाक घटना - सुनील सोनी

 TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर / सांसद सुनील सोनी ने शनिवार को यहां कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की महिला सांसदों का राज्यसभा में मारपीट करना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है। 

सोनी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कांग्रेस राजनीति में गिरावट का  कीर्तिमान स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में सदन में  नियमों की पुस्तिका फाड़कर फेंका गया।  उन्होंने कहा कि राज्यसभा में छाया वर्मा, और फूलोदेवी नेताम का व्यवहार शर्मनाक रहा। महिला सांसदों ने मारपीट की। सांसद ने यह भी कहा कि मानसून सत्र महत्वपूर्ण था जिस पर विपक्ष अनेक विषयों पर चर्चा कर सकता था। 

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सांसद सुनील सोनी ने कहा कि आदिवासी दिवस के दिन प्रधानमंत्री आदिवासी भाईयों को सौगात देना चाह रहे थे। लेकिन विपक्ष का इन विषयों पर बात करना मंजूर नहीं था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती है कि देश आत्मनिर्भर बने। देश 75वां आजादी का पर्व मनाने जा रहा है। ऐसे समय में विपक्ष ने देश के समक्ष ऐसा व्यवहार किया कि शर्मनाक रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद झूठा बयान दे रही है, जो कि सरकारी कर्मचारी के ऊपर धक्का देने और मारपीट का आरोप लगा रही हैं। यह कांग्रेस की छोटी सोच का नतीजा है। 

 सदन में और, न बाहर, महिलाएं मोदी राज में सुरक्षित नहीं - शैलेष  

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि संसद में जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ की दो महिला सांसदों एक आदिवासी वर्ग की फूलोदेवी नेताम और पिछड़ा वर्ग की छाया वर्मा इन पर जिस तरीके से भाजपा के पुरूष सांसदों ने और मार्शलों ने हमला किया वह बेहद और शर्मनाक है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिला सांसदों का यह अपमान छत्तीसगढ़ के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। घुसे बरसाये गये इन महिला सांसदों पर धक्का देकर गिराया गया। भाजपा के नेता इसको उचित साबित करने के लिये प्रेस कांफ्रेंस करते है। इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है? भाजपा के सांसदों ने और भाजपा के द्वारा संसद में मार्शलों ने छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति का और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं का अपमान किया है। मोदी राज में सदन के भीतर और बाहर महिलाएं सुरक्षित नहीं रह गई हैं। शैलेष ने कहा कि महिला सांसदो पर हमला करने के लिये पुरुष सांसद आये। बाहरी तत्वों को बुलाया जाये। यह कौन सा संस्कार है भाजपा को बताना चाहिये। 

निगम-मंडल में कोरिया से किसी को भी जगह नहीं मिलने से मैं नाराज हूं, बोले चरणदास महंत

TODAY छत्तीसगढ़  / बैकुंठपुर / विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने शनिवार को यहां कहा वो निगम-मंडलों में कोरिया जिले से किसी को जगह नहीं मिलने से नाराज हैं। उन्होंने ढाई-ढाई साल के सीएम पद के फार्मूले पर कहा कि ये सीएम, और बाबा (टीएस सिंहदेव) के बीच का मामला है। इसके बारे में राहुल गांधी ही अच्छे से बता सकते हैं। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत अपने तीन दिवसीय दौरे पर कोरिया पहुंचे हैं । मनेन्द्रगढ़ में जब उनसे पत्रकारों ने डॉ चरणदास महंत से ढाई ढाई साल के सीएम पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री के नाम का फाइनल हो रहा था तब हम चार लोग थे, सेमीफाइनल खेल रहे थे। दो लोगों का नाम फाइनल हुआ। मामला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बाबा के बीच का है इसके संबंध में राहुल गांधी अच्छे से बता सकते हैं। 

उन्होंने निगम मंडल में कोरिया से किसी को पद नहीं मिलने के सवाल पर कोरिया जिले से किसी को निगम मंडल में कोई पद नही मिलने से मैं नाराज हूं। उन्होंने मनेन्द्रगढ़ को जिला बनाए जाने के सवाल पर कहा कि कुछ अच्छा हो सकता है जो इतिहास बन जाएगा। मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक डॉ. विनय जायसवाल सहित अन्य बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे।


छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार ने आदिवासी हित में लिये अनेक फैसले : मरकाम


TODAY छत्तीसगढ़  / रविवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ग्राम पंचायत गोजी कुरूद गोठान में आयोजित हरेली  तिहार कार्यक्रम में शामिल हुये।इस दौरान उन्होंने गोठान में पूजा अर्चना की,गेड़ी चढ़े,और प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

रायपुर /  विश्व आदिवासी दिवस की प्रदेश वासियों और आदिवासी समाज को शुभकामनायें देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश किसानों और आदिवासियों का प्रदेश है। कांग्रेस सरकार ने इन ढाई वर्षों में इन दो वर्गों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर काम किया है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार के गठन को ढाई साल से अधिक यात्रा में कांग्रेस सरकार ने चुनौतियां के बावजूद शानदार उपलब्धियां अर्जित की हैं। राज्य निर्माण के 18 वर्षों बाद भी छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के प्रति शासन के परायेपन का भाव खत्म करने की दिशा में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने उल्लेखनीय काम किया है। इन ढाई वर्षों में कांग्रेस की सरकार ने इस परायेपन को अपनेपन में बदलने की दिशा में ठोस काम किया है। यह हमारी कांग्रेस की सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आदिवासियों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को संवेदनशीलता के साथ समझते हुए ऐसी योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन किया गया, जिससे आदिवासियों की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के नये दरवाजे खुले हैं। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और विकास के कदमों से आदिवासी-समाज में गौरव का नया भाव जागा है। इन ढाई वर्षों के दौरान आदिवासियों तक उनके उन अधिकारों को पहुंचाया गया है, जिनके लिए वे संघर्ष कर रहे थे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में वनोपज संग्रहण का कार्य मूलतः आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में होता है। वनोपज की संग्रहण  मात्रा 2018 से 115 गुना बढ़ी है। अब 7 नहीं 52 लघुवनोपजों का संग्रहण हो रहा है। संग्रहणकर्ताओं की संख्या डेढ़ लाख से चार गुना बढ़कर 6 लाख हो गयी हैं। लघु वनोपज विक्रय से अब 13 गुना राशि मिल रही है।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि पूरे प्रदेश में और खासकर बस्तर में कुपोषण और मलेरिया के खिलाफ सघन अभियान चलाने का काम किया गया। हाट बाजार क्लिनिक के द्वारा दुर्गम क्षेत्रों में रहने वालों तक निःशुल्क जांच उपचार और दवाओं की व्यवस्था छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने की है। अति संवेदनशील ब्लाकों के सैकड़ों बंद हो चुके स्कूल चालू किये गये हैं। लाख उत्पादन और मछली पालन को कृषि का दर्जा दिया गया है। आदिवासियों पर झूठे प्रकरणों की वापसी के लिए पटनायक समिति का गठन कर 944 व्यक्तियों के खिलाफ 718 प्रकरण वापस लिए जा चुके हैं। 1124 प्रकरणों में 218 आदिवासी मुक्त हुए हैं। लोहंडीगुड़ा में टाटा संयंत्र के नाम पर 1707 प्रभावित किसानों की 4200 एकड़ जमीन लौटाई गयी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि विकास में स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बस्तर तथा सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरणों में अब मुख्यमंत्री नहीं स्थानीय विधायकों को अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के पद दिए गए हैं ताकि आदिवासी क्षेत्रों के विकास में स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। आदिवासियों के कल्याण के लिए योजनाओं में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों को भी बिजली बिल में छूट शामिल है। सच्चे आदिवासियों की जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अब सरल की जा चुकी है। पिता के जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर बच्चे के जन्म प्रमाण-पत्र के साथ ही जाति प्रमाण पत्र दिए जाने की व्यवस्था की गई है। जगदलपुर से रायपुर-हैदराबाद हवाई सेवा 21 सितंबर 2020 से शुरु हो चुकी है। जगदलपुर एयरपोर्ट का नामकरण मां दंतेश्वरी के नाम पर किया गया है। अंबिकापुर में भी शीघ्र हवाई सेवा शुरु करने के लिए दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट में हवाई-पट्टी का विस्तार शुरु कर दिया गया है। इसके साथ ही हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया, नहरों विभिन्न शासकीय भवनों के निर्माण के लिए हर जिले में 200 से लेकर 500 करोड़ रुपए तक के कार्यों का लोकार्पण तथा भूमिपूजन किया गया है।

टीएस बाबा बोले 'Republic TV का उद्देश्य सिर्फ कांग्रेस के खिलाफ झूठी खबरें दिखाना और अफवाहें फैलाना है'

 TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर / बीते दिनों छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के बीच मनमुटाव की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। इसके बाद आज दोपहर को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के इस्तीफे की खबर भी तेजी से फैली। हालांकि इसका खंडन करते हुए श्री सिंहदेव ने इसे महज एक अफवाह बताया है।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के कार्यालय ने इस्तीफे की खबर का खंडन करते हुए कहा है कि यह पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद खबर है। मंत्री के खिलाफ अफवाह फैलाई जा रही है।

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आपको बता दें कि हाल ही में टीएस सिंह देव ने कांग्रेस के ही एक विधायक बृहस्पत सिंह द्वारा हमले का आरोप लगाने के बाद राज्य सरकार के 'स्पष्ट बयान' की मांग करते हुए विधानसभा से बहिर्गमन किया था। सिंहदेव ने कहा था, "मैं खुद को इस सदन के सत्र का हिस्सा बनने के योग्य नहीं मानता, जब तक कि सरकार जांच का आदेश नहीं देती या बयान जारी नहीं करती।"


डी. पुरंदेश्वरी बताएं रमन सिंह भाजपा का चेहरा हैं कि नहीं-आर.पी. सिंह


TODAY छत्तीसगढ़  /   रायपुर /  कांग्रेस प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी देवी के रायपुर आगमन पर यह सवाल उनसे पूछा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में डॉक्टर रमन सिंह भाजपा का चेहरा होंगे कि नहीं? कुछ दिनों पहले अपने पिछले प्रवास पर डी. पुरंदेश्वरी देवी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह कहा था कि डॉ. रमन सिंह आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का चेहरा नहीं होंगे और पार्टी विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। वहीं दूसरी तरफ कल रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि वे भी भारतीय जनता पार्टी का चेहरा हैं। इस तरह से परस्पर विरोधी बयान आने के बाद यह तो स्पष्ट हो चुका है कि भारतीय जनता पार्टी में जो गुटबाजी राज्य के स्तर पर थी अब वह राष्ट्रीय प्रभारी के साथ भी नजर आने लगी है।कांग्रेस प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने डी. पुरंदेश्वरी देवी से जानना चाहा है कि क्या डॉ. रमन सिंह के बयान को अनुशासनहीनता मानते हुए उनके ऊपर किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अनुशंसा करेंगे या फिर यह द्वंद ऐसा ही चलता रहेगा। कई गुटों में बटी हुई भाजपा आपस में ही लड़ रही है लेकिन राज्य स्थापना के बाद संभवत यह पहली बार हो रहा है जब भाजपा का कोई नेता अपने राष्ट्रीय प्रभारी के विरोध में ही खड़ा हो गया है। अपने आप को पार्टी विद डिफरेंस कहने वाली भाजपा के प्रभारी को इन सवालों का जवाब जरूर देना चाहिए। 


कैप्टन अमरिंदर सिंह के सलाहकार के पद से प्रशांत किशोर ने दिया इस्तीफा

TODAY छत्तीसगढ़  / नई दिल्ली /  चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) के प्रधान सलाहकार के पद से इस्तीफा दे दिया है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार किशोर ने कहा- ‘मैं आपके प्रधान सलाहकार के रूप में जिम्मेदारियों को संभालने में सक्षम नहीं हूं. मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त करने की कृपा करें.’ रिपोर्ट के अनुसार किशोर ने कहा- ‘जैसा कि आप जानते हैं मैं सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका से कुछ दिनों के लिए आराम चाहता हूं. ऐसे में मैं आपके प्रधान सलाहकार के रूप में जिम्मेदारियों को संभालने में सक्षम नहीं हूं. भविष्य में क्या करूंगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त करें.’

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद प्रशांत किशोर ने घोषणा की थी कि वह अब चुनावी रणनीतिकार की भूमिका से मुक्त होंगे. इसके बाद से ही उनके एक बार फिर से सक्रिय राजनीति में कदम रखने की संभावना जताई जा रही है. वह कुछ साल पहले जनता दल (यू) में शामिल हुए थे, हालांकि बाद में उनको अलग होना पड़ा. TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें

अब कांग्रेस में शामिल होंगे किशोर ?
किशोर ने यह फैसला ऐसे वक्त लिया है जब उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हैं. उनके इस्तीफे के  बाद इन अटकलों को और बल मिला है. पार्टी सूत्रों ने बीते महीने जानकारी थी कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 22 जुलाई को यह बैठक बुलाई थी और इसका मुख्य एजेंडा पार्टी में शामिल होने की स्थिति में प्रशांत किशोर को दी जाने वाली भूमिका और इससे पार्टी को होने वाले हानि-लाभ पर चर्चा करना था. राहुल गांधी के आवास पर हुई इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी, मल्लिकार्जुन खड़गे, कमलनाथ, अंबिका सोनी, हरीश रावत, केसी वेणुगोपाल और कुछ अन्य नेता शामिल हुए थे. सूत्रों ने बताया था कि बैठक में शामिल अधिकततर नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि प्रशांत किशोर का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए फायदेमंद होगा. हालांकि कांग्रेस में शामिल होने को लेकर ना किशोर की ओर से कुछ कहा गया है और कांग्रेस ने भी इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है. - न्यूज़ 18 

विधायक बृहस्पति सिंह मामला : सिंहदेव ने साफ-साफ कहा कि 'उन्होंने माफी तो नहीं मांगी शायद खेद व्यक्त किया हो'

TODAY छत्तीसगढ़  / नई दिल्ली /  दिल्ली पहुंचे हुए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से पिछले दिनों राज्य में उनके साथ एक विधायक द्वारा किए गए व्यवहार को लेकर एक समाचार चैनल के संवाददाता ने बहुत से सवाल किए। सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह द्वारा उनके साथ किए गए बर्ताव पर अपनी गहरी तकलीफ जाहिर की है लेकिन बहुत से मामलों में वे पार्टी के भीतर की बात कहकर चुप रह गए। उनसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ उनके संबंध और राज्य में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री होने के बारे में भी कई सवाल किए गए। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें 

जब संवाददाता ने सिंहदेव से यह पूछा कि क्या विधायक बृहस्पति सिंह के माफी मांगने के बाद मामला खत्म हो गया है तो सिंहदेव ने साफ-साफ कहा माफी तो नहीं मांगी उन्होंने शायद खेद व्यक्त किया हो और बाद में तो कहा कि मैंने माफी नहीं मांगी है। खैर माफी मंगवाने का कोई मकसद नहीं था माफी कोई मांगे मेरे मन में जरा भी बात नहीं थी लेकिन अनुशासन का मामला था यह बहुत ही अप्रिय घटना क्रम रहा।

सिंहदेव से पूछा गया कि क्या वे इस मामले को लेकर राहुल गांधी से मिलेंगे तो उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर राहुल गांधी से मिलने का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी के जो जनरल सेक्रेटरी छत्तीसगढ़ के मामले देखते हैं उन्होंने अपने तरह से इसे देखा है और मैं तो केवल स्वास्थ्य के कारण से यहां आया हूं। इस पूरे मामले में भूपेश बघेल की जो भूमिका रही क्या आप उससे संतुष्ट हैं? संवाददाता ने उनसे कहा कि आपने यह इशारा किया था कि इसके पीछे मुख्यमंत्री का हाथ था तो सिंहदेव ने इस सवाल को खारिज करते हुए कहा कि मैंने कभी ऐसी बात नहीं कही थी कि इसके पीछे मुख्यमंत्री का हाथ में था और ऐसा कहना भी नहीं चाहूंगा। उन्होंने कहा कि ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री रहने की बात बार-बार आती है लेकिन किसी भी पार्टी में ऐसे लिखित समझौते नहीं होते हैं और समय के हिसाब से पार्टी हाईकमान फैसले लेती है।

संवाददाता ने सिंहदेव से बृहस्पति सिंह के बर्ताव के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा बर्ताव कभी भी नहीं होना चाहिए लेकिन वे इस पर अधिक बोलना नहीं चाहते क्योंकि यह पार्टी के भीतर का मामला है। संवाददाता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बृहस्पति सिंह को धन्यवाद दिया था तो इस पर सिंहदेव ने कहा कि यह मुख्यमंत्री जी का बयान था और वे उस पर कुछ कहना नहीं चाहते। 

सिलगेर घटना की छह माह के अंदर जांच होगी पूरी : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

 TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर /  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सिलगेर घटना की जांच छह माह के अंदर अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाएगी। श्री बघेल आज शाम अपने निवास कार्यालय में सुकमा और बीजापुर जिले से आए प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा और बीजापुर के विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री विक्रम मंडावी सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा में यह आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के विरूद्ध कार्यवाही नहीं होगी। सिलगेर घटना की दण्डाधिकारी जांच की जा रही है। इस जांच को छह माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि हाल ही में बीजापुर और सुकमा जिले के विकास के लिए करीब 350 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि वनांचल में रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से बंद पड़े स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है। 

वनांचल क्षेत्र में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अनेक नवाचारी कदम उठाए गए हैं। वनांचल के लोगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए समर्थन मूल्य पर पहले जहां 7 लघु वनोपज की खरीदी हो रही थी, जिसे बढ़ाकर अब 52 कर दिया गया है। इसके साथ ही लघु वनोपजों के प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि वनवासियों को बेहतर आमदनी हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन लोगों के राशनकार्ड नहीं बने हैं उनके राशनकार्ड बनाए जाएंगे। इसी तरह वनाधिकार पट्टा से वंचित लोगों को परीक्षण कर पट्टा देने की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा इसके लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

त्रिपुरा कांग्रेस में फूट, अंतर्कलह दूर करने सिंहदेव भेजे गए

                                     
TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर / स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव रविवार को त्रिपुुरा रवाना हो गए। हाईकमान ने उन्हें त्रिपुरा कांग्रेस में चल रही उथल-पुथल को रोकने की जिम्मेदारी दी है। 

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के राष्ट्रीय प्रभारी महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने शनिवार की रात टीएस सिंहदेव को फोन किया, और उन्हें त्रिपुरा रवाना होने के लिए कहा। विधानसभा चुनाव से पहले त्रिपुरा कांग्रेस में तोडफ़ोड़ हो रही है, और सिंहदेव को वहां कांग्रेसजनों से चर्चा कर समन्वय बिठाने की जिम्मेदारी दी गई है। सिंहदेव रवाना हो गए, और वे त्रिपुरा के बाद वापस दिल्ली आएंगे, और राष्ट्रीय नेताओं से चर्चा करेंगे। 

राहुल बोले- दंगों को बीज की तरह बोने का परिणाम भयानक होगा, असम-मिजोरम सीमा विवाद

TODAY छत्तीसगढ़  / नई दिल्ली / कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने असम और मिजोरम की सीमा पर पिछले दिनों हुई हिंसा को लेकर शनिवार को दावा किया कि विवादों और दंगों को इस पवित्र भूमि में बीज की तरह बोया जा रहा है जिसका परिणाम भयानक होगा। उन्होंने ट्वीट किया, ''ना राष्ट्रीय सीमा सुरक्षित, ना राज्य सीमा। विवादों व दंगों को हमारे देश की पवित्र भूमि में बीज की तरह बोया जा रहा है- इसका परिणाम भयानक है और होगा।''

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बीते सोमवार को असम और मिजोरम पुलिस बलों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें असम पुलिस के पांच कर्मी और एक निवासी की मौत हो गई थी जबकि 50 से अधिक अन्य घायल हो गए थे।

मिजोरम पुलिस ने इस हिंसा के मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, राज्य पुलिस के चार वरिष्ठ अधिकारियों और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा : टीएस बाबा पर लगाए गए आरोप वापस लेते हुए वृहस्पत सिंह ने खेद जताया, गृह मंत्री बोले - सिंहदेव पर लगे आरोप निराधार

 TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा में कल से चल रहा गतिरोध आज खत्म होने का आसार है जब सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के विधायक बृहस्पति सिंह ने सदन में इस बात के लिए खेद जताया कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के खिलाफ सदन के बाहर एक बयान आवेश में दे दिया था। दूसरी तरफ गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने सदन में कहा कि टी.एस. सिंहदेव पर लगाए गए आरोप सही नहीं है, वे पूरी तरह असत्य हैं। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव अपने बंगले से विधानसभा के लिए निकले। 

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इससे पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में तीसरे दिन की कार्यवाही हंगामेदार रही। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव विधानसभा नहीं पहुंचे। उन्हें आज चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज अधिग्रहण विधेयक सदन में पेश करना था। कार्यवाही शुरू होते ही सिंहदेव के सदन छोड़ देने की बात पर हंगामा हो गया। विपक्ष ने पूछा- क्या मंत्री का इस्तीफा हो गया है। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही अब तक दो बार स्थगित करनी पड़ी है। प्रश्नकाल नहीं हो पाया है।

सदन की कार्रवाई शुरू होते ही भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के सदन छोड़ देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सिंहदेव का सदन में दिया भाषण भी मीडिया में लीक होने पर आपत्ति की। उनका कहना था, सदन की कार्यवाही का प्रसारण नहीं होता, फिर यह भाषण लीक कैसे हो गया। इसकी जांच की जानी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने तीन-चार दिन पहले सदन के बाहर यह बयान दिया था कि टी.एस. सिंहदेव से उनकी जान को खतरा है। कल जब विधानसभा में भाजपा ने इस मुद्दे को उठाया था तो गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने एक ऐसा जवाब पढ़ा था जिसमें टी.एस. सिंहदेव का कोई जिक्र ही नहीं था, और इसमें सिर्फ थाने में दर्ज रिपोर्ट के हवाले से जवाब दिया गया था। इस जवाब से असंतुष्ट टी.एस. सिंहदेव यह बोलते हुए विधानसभा छोडक़र चले गए थे कि जब तक सरकार के जवाब से उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं होती वे अपने आपको इस सदन में रहने का हकदार नहीं मानते।

सिंहदेव के सदन छोडऩे को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर भारी हंगामा चलते रहा, और विधानसभा भी स्थगित हो गई।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव पी.एल. पुनिया तीन दिनों से रायपुर में ही हैं, और उनकी मौजूदगी में ही पार्टी के इतिहास का हाल के बरसों का यह सबसे बड़ा बवाल खड़ा हुआ है। कई बैठकों के सिलसिले के बाद कांग्रेस ने कल रात बृहस्पति सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके जवाब में आज विधानसभा में बृहस्पति सिंह ने यदि किसी को बुरा लगा हो जैसी भाषा में खेद व्यक्त किया है।

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