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शुभेंदु अधिकारी ने ली बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ


कोलकाता। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / बंगाल की राजनीति में आज सुबह बड़ा बदलाव हो गया है. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. उन्हें बंगाल के राज्यपाल ने शपथ दिलाई. शुभेंदु ने भवानीपुर में पूर्व सीएम ममता बनर्जी को हराया था. प्रोटोकॉल के हिसाब से ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह का न्योता भेजा गया था. 

शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कोलकाता स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किया गया. इस समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई दिग्गत नेता भी इस शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बने. 

शुभेंदु अधिकारी के साथ-साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक, खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली. 8 मई को अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे जहां शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया था. शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया. इसके बाद शुभेंदु ने कोलकाता में राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की और विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था. 

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 207 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की थी. वहीं, टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमटकर रह गई और उसके 15 सालों के शासन का खात्मा हो गया.


शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने किया ऐलान


कोलकाता।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुनते हुए राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम की घोषणा की।

बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने नई सरकार का एजेंडा स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ और गोतस्करी के मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिया मुक्त बंगाल” नई सरकार का प्रमुख संकल्प होगा। शाह ने कहा कि केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश से घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर निकालने का काम किया जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जीत केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, “राष्ट्रीय सुरक्षा में जो सबसे बड़ा छिद्र था, उसे इस जीत ने बंद करने का काम किया है।” शाह ने दावा किया कि अब पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार होने से घुसपैठ और गोतस्करी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

अमित शाह ने कहा कि बंगाल सरकार और केंद्र सरकार मिलकर अंतरराष्ट्रीय सीमा को “अभेद्य दुर्ग” में बदलने का काम करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा ध्रुवीकरण का नहीं बल्कि देश की सुरक्षा का है। गृह मंत्री ने राज्य में राजनीतिक हिंसा और कटमनी प्रथा समाप्त करने का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बंगाल में भय और हिंसा का माहौल बनाया गया था, लेकिन जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर भरोसा जताकर पार्टी को प्रचंड जनादेश दिया है। बीजेपी की इस जीत को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है और शुभेंदु अधिकारी राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री होंगे।

बोदरी को मिली नई सौगात : विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण


बिलासपुर। 
  TODAY छत्तीसगढ़  / केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नगर पालिका परिषद बोदरी में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी।

लोकार्पित कार्यों में लगभग 99.97 लाख रुपये की लागत से निर्मित नगर पालिका परिषद का नवीन कार्यालय, 25 लाख रुपये की लागत से साहू समाज का सामुदायिक भवन तथा 16.92 लाख रुपये की लागत से निर्मित आकांक्षीय शौचालय शामिल हैं। इन कार्यों से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, नगर पालिका परिषद बोदरी की अध्यक्ष श्रीमती नीलम विजय वर्मा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री प्रदीप मिश्रा, पार्षदगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है और आने वाले समय में भी विकास की गति और तेज की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आज बोदरी के लिए ऐतिहासिक दिन है। नगर पालिका परिषद का नवीन कार्यालय नागरिकों की आशा और विश्वास का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय एवं एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं के अनुरूप क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि विकास कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त होते ही लगभग 3 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र स्वीकृत की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने विकास कार्यों के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

साय कैबिनेट के बड़े फैसले: गैस नीति से लेकर खेल और राहत तक अहम निर्णय


रायपुर । 
TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में डिप्टी सीएम (गृह) विजय शर्मा अनुपस्थित रहे, जबकि डिप्टी सीएम अरुण साव ने मीडिया को निर्णयों की जानकारी दी।

सबसे अहम निर्णय के तहत मंत्रिपरिषद ने “छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026” को मंजूरी दी है। इस नीति के लागू होने से प्रदेश में स्वच्छ और किफायती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ेगी। पाइपलाइन के जरिए गैस आपूर्ति का विस्तार होने से शहरी क्षेत्रों में ईंधन की सुविधा और आसान होगी। इससे न केवल एलपीजी का सस्ता विकल्प मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा, खेल अधोसंरचना को बढ़ावा देने के लिए राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को आधुनिक क्रिकेट अकादमी और खेल मैदान निर्माण हेतु 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया है।

मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 6,809 व्यक्तियों और संस्थाओं को लगभग 11.98 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की स्वीकृति भी प्रदान की। यह सहायता जरूरतमंदों को त्वरित राहत और सामाजिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से दी जाएगी।

बैठक में एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए वर्ष 1988 बैच के आईपीएस अधिकारियों संजय पिल्ले, आर.के. विज और मुकेश गुप्ता के संबंध में वर्ष 2019 में जारी पदावनति आदेश को निरस्त कर दिया गया। साथ ही उस समय लिए गए संबंधित निर्णय को भी अपास्त करते हुए पूर्व स्थिति बहाल करने का फैसला लिया गया।

सरकार का कहना है कि ये फैसले राज्य में सुविधा, विकास, पारदर्शिता और प्रशासनिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

"24 घंटे में हटाओ SDM…” विधायक का कलेक्टर को अल्टीमेटम, मचा हड़कंप


बलरामपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच टकराव का मामला सामने आया है। सामरी विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा ने राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार पर नाराजगी जताते हुए दोनों अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया है।

जानकारी के अनुसार, विधायक सीसी रोड और नाली निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे विधायक नाराज हो गईं। उन्होंने मौके से ही कलेक्टर राजेंद्र कटारा को फोन कर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठेंगी। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इधर, मौके पर मौजूद समर्थकों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एसडीएम देवेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। समर्थकों का आरोप था कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे जनता की समस्याएं प्रभावित हो रही हैं। 

गौरतलब है कि राज्य में अफसरशाही को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर द्वारा कोरबा कलेक्टर के खिलाफ नाराजगी जताई जा चुकी है। वहीं हाल ही में बिलासपुर में भी जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद सामने आया था। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

राज्य में जल्द लागू होगा यूनिफाइड सिविल कोड, साय केबिनेट का अहम् फैसला


रायपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में केबिनेट की बैठक हुई। यह नए वित्त वर्ष की पहली बैठक थी। इसमें डिप्टी सीएम गृह विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी डिप्टी सीएम अरूण साव ने मीडिया को दी। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में केबिनेट की बैठक हुई। यह नए वित्त वर्ष की पहली बैठक थी। इसमें डिप्टी सीएम गृह विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी डिप्टी सीएम अरूण साव ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में यूनिफाइड सिविल कोड लागू किया जाएगा। इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी।  


 1. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के संबंध में Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया तथा समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करेगी। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके।

2. मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया है।

3. मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रूपए तक की संपत्ति (भूमि/भवन) क्रय करने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाएगा। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा।

4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से सेवा क्षेत्र को आबंटन हेतु स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा का तार्किक सामंजस्य स्थापित होगा। लैंड बैंक भूखण्डों हेतु एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को सम्मिलित करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। कंपनियों में शेयर धारिता परिवर्तन से संबंधित प्रावधानों में व्यावहारिक स्पष्टता आएगी और Ease of Doing Business सुनिश्चित होगा। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

5. छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। अब केन्द्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेगी। इससे पट्टेदार के एकाधिकार के फलस्वरूप उत्पन्न रेत की आपूर्ति-संकट में कमी आएगी तथा दुर्गम क्षेत्रों में रेत खदानों के सुगम संचालन सहित रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। 

6. मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना है, अवैध खनन को रोकना तथा प्रक्रिया का सरलीकरण करना है।

गौण खनिज की ऐसी खदाने जो अकारण बंद रहती है अथवा शिथिल रहती है, में कठोर प्रावधान लाया गया है। अब इन खदानों के अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षाें के बाद वृद्धि की गई है। इन खदानों को व्यपगत (लैप्स) घोषित किए जाने संबंधी कठोर प्रावधानों को नियमों में शामिल किया गया है, जिसके फलस्वरूप ऐसी खदानों का संचालन अनिवार्य रूप से किये जाने की बाध्यता सुनिश्चित हो सकेगी। खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रूपए निर्धारित किया गया है, जो कि 5 लाख रूपए तक भी हो सकता है। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने हेतु जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र संबंधी प्रावधान को पूरे प्रदेश में एकसमान लागू किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त उत्खनन पट्टों के समामेलन, अनुबंध पश्चात भू-प्रवेश एवं पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालन जैसे प्रावधानों को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहन और राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को बल मिलेगा।

7. मंत्रिपरिषद द्वारा दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना में समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने संबंधी संशोधन तथा एनडीडीबी के साथ निष्पादित एमओयू की संबंधित कंडिका में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सहयोग प्राप्त हो सकेगा।

8. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी कंपनी Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर दर उपलब्ध न होने के कारण टीकों की समय पर आपूर्ति में बाधा आ रही थी, जिससे पशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित हो रहा था। निर्णय के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनवरी 2027 तक आवश्यक टीकाद्रव्यों का क्रय उक्त एजेंसी से किया जाएगा, जिससे पशुओं में रोगों की रोकथाम, मृत्यु दर में कमी, पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा तथा दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

9. मंत्रिपरिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के प्रावधानों के अनुरूप छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के बीच पेंशन दायित्वों के प्रभाजन के संदर्भ में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूर्व वर्षों में किए गए 10,536 करोड़ रूपए के आधिक्य पेंशन भुगतान की राशि की वापसी पर सहमति दी गई। बैंकों द्वारा पूर्व में हुए त्रुटिपूर्ण लेखांकन के कारण यह अतिरिक्त भुगतान हुआ था, जिसका पुनर्मिलान एवं सत्यापन संयुक्त दल द्वारा किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन द्वारा 2,000 करोड़ रूपए की राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदान की जा चुकी है तथा शेष 8,536 करोड़ रूपए की राशि आगामी 6 वार्षिक किश्तों में दी जाएगी। मंत्रिपरिषद ने इस व्यवस्था को स्वीकार करते हुए वित्त विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अधिकृत किया है। इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद की बैठक में आगामी खरीफ सीजन हेतु उर्वरक की व्यवस्था तथा राज्य में LPG गैस की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की गई।


अंबेडकर जयंती: संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि, समानता और शिक्षा का संदेश दिया


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / भारत के संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को शहर में श्रद्धा और सम्मान के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर कन्या महाविद्यालय तिराहा के सामने स्थित बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव , महापौर पूजा विधानी ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बाबा साहेब अम्बेडकर के जीवन, संघर्ष और विचारों को याद करते हुए समाज के प्रति उनके योगदान को रेखांकित किया। सांसद तोखन साहू ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, जिसने सभी नागरिकों को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान किया। उन्होंने लोगों से बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर समानता और भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की।

इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, पूर्व महापौर किशोर राय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। 

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से की मुलाकात, बस्तर विकास का रोडमैप सौंपा


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास के बाद गुरुवार सुबह रायपुर लौट आए। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि प्रवास के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तथा सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश से मुलाकात हुई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से नक्सलवाद की समस्या से मुक्ति दिलाने के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही बस्तर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि देश की जनता का विश्वास एनडीए और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बना हुआ है। असम सहित विभिन्न राज्यों में पार्टी की स्थिति मजबूत है और आगामी चुनावों में बेहतर परिणाम की उम्मीद है। साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इस अधिनियम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिसका वे स्वागत करते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

भाजपा का 47वां स्थापना दिवस: सेवा और समर्पण के संकल्प के साथ प्रदेशभर में कार्यक्रमों की धूम


रायपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर सोमवार को छत्तीसगढ़ में उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला। राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पार्टी ध्वज फहराकर कार्यक्रमों की शुरुआत की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भाजपा के संस्थापक पुरोधाओं की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भाजपा किसी एक परिवार, जाति या वर्ग की पार्टी नहीं, बल्कि राष्ट्र को जोड़ने वाला एक सशक्त संगठन है। उन्होंने भारत को परम वैभव के शिखर पर पहुंचाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह लक्ष्य कार्यकर्ताओं के पुरुषार्थ और समर्पण से ही संभव है। सीएम साय ने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर में भाजपा कार्यकर्ता सेवा और समर्पण के कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन की सेवा में जुटे हुए हैं।

कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, रंजना साहू, कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, श्यामबिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

🟠 जगदलपुर में भी दिखा जोश

वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने जगदलपुर स्थित जिला कार्यालय में ध्वजारोहण कर कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता मेहनती और निष्ठावान है, और इन्हीं के परिश्रम से आज पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनी है। प्रदेशभर के जिला कार्यालयों में ध्वजारोहण के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली। 

जग्गी हत्याकांड: सरेंडर आदेश पर अमित जोगी का बड़ा बयान—“मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है”


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट द्वारा दिए गए सरेंडर के आदेश के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार 2 अप्रैल को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट के इस फैसले के तुरंत बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश को अपने साथ “गंभीर अन्याय” बताया है। न्यायालय के आदेश के तुरंत बाद सोशल मीडिया X पर अमित जोगी ने लिखा- 

प्रिय मित्रों और शुभचिंतकों 🙏

आज माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे विरुद्ध CBI की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया- बिना सुनवाई का अवसर दिए। 

मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया। यह अप्रत्याशित है। अदालत ने मुझे 3 सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का समय दिया है।

मुझे लगता है कि मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय से मुझे न्याय अवश्य मिलेगा। 

मैं न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखता हूँ। मैं पूर्ण शांति, आस्था और धैर्य के साथ आगे बढ़ रहा हूँ। सत्य की जीत अवश्य होगी।

आप सभी से आग्रह है कि मेरे लिए प्रार्थना करें और अपना आशीर्वाद बनाए रखें।

जय छत्तीसगढ़ 🙏  

इसे भी पढ़ें - हाई कोर्ट:  जग्गी हत्याकांड में 23 साल बाद पलटा फैसला, अमित जोगी को सरेंडर का आदेश

गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने हाल ही में सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए पूर्व के आदेश को पलट दिया और अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। जहां एक ओर विपक्ष इस मामले को लेकर सवाल उठा सकता है, वहीं जोगी समर्थक इसे राजनीतिक और कानूनी लड़ाई का हिस्सा बता रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अमित जोगी आगे क्या कानूनी कदम उठाते हैं और इस मामले में अगला घटनाक्रम क्या होता है।

नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी सफलता: मुख्यमंत्री से उपमुख्यमंत्री शर्मा की मुलाकात


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में आज औपचारिक मुलाकात की। यह मुलाकात राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में मिली हालिया सफलता के संदर्भ में हुई।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उनके अनुसार, नक्सलवाद लंबे समय तक राज्य के विकास में बाधा बना रहा, विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र इससे सबसे अधिक प्रभावित रहा।

उन्होंने कहा कि अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की गतिविधियां तेज हो रही हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल बन रहा है, जिसका असर आम लोगों के जीवन में भी दिखाई देने लगा है।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व और रणनीति के कारण राज्य में सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों में जान गंवाने वाले सुरक्षाबलों के जवानों को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनके साहस और बलिदान का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नक्सलमुक्त वातावरण में छत्तीसगढ़ आने वाले समय में तेजी से विकास करेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत करेगा।

बिलासपुर पुलिस को मिला सुदृढ़ आधार : नवनिर्मित रक्षित आरक्षी केंद्र का लोकार्पण


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रदेश के प्रमुख और संवेदनशील जिलों में शुमार बिलासपुर में पुलिस अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रविवार, 29 मार्च को सामने आया, जब मुख्यमंत्री के करकमलों से नवनिर्मित रक्षित आरक्षी केंद्र कार्यालय भवन का विधिवत लोकार्पण किया गया। लंबे समय से जिला पुलिस के अनेक कार्यालय, थाना एवं चौकियां पुराने और जर्जर भवनों में संचालित हो रही थीं। इनमें से कई भवन अंग्रेज शासनकाल में निर्मित थे, जिनकी स्थिति समय के साथ अत्यंत जर्जर हो चुकी थी। ऐसे में आधुनिक, सुरक्षित और सुविधासंपन्न अधोसंरचना की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

नवनिर्मित रक्षित आरक्षी केंद्र न केवल पुलिस प्रशासन के कार्यों को अधिक सुगम और प्रभावी बनाएगा, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। यह भवन जिला पुलिस के संचालन, संसाधन प्रबंधन और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए एक केंद्रीय आधार के रूप में कार्य करेगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के प्रयासों से पुलिस अधोसंरचना के विकास को नई गति मिली है। उनके मार्गदर्शन में रक्षित आरक्षी केंद्र के साथ-साथ शहीद स्मारक एवं (AJPU) किशोर बालक अनुसंधान इकाई कार्यालय का निर्माण भी पूर्ण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा थाना पचपेड़ी के भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं, जो शीघ्र ही पूर्ण होंगे।

आगामी योजनाओं के अंतर्गत चौकी केंदा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (कोटा एवं बिलासपुर) के कार्यालय एवं आवास, 110 आवासीय क्वार्टर तथा सामुदायिक भवनों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को बेहतर आवासीय और कार्यपरिसर उपलब्ध हो सकेगा। रक्षित आरक्षी केंद्र जिला पुलिस का मुख्यालय होने के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। यह केंद्र कानून-व्यवस्था बनाए रखने, वीआईपी सुरक्षा, आपात स्थितियों में बल की तैनाती, संसाधनों के प्रबंधन और नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है। यहीं से वाहनों, ईंधन, शस्त्र-गोला-बारूद, वर्दी, उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाता है।

इसके अतिरिक्त, यह केंद्र पुलिस जवानों के प्रशिक्षण, पीटी परेड, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं दक्षता विकास का प्रमुख स्थल भी है। साथ ही, पुलिस परिवारों के कल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का संचालन भी यहीं से किया जाता है, जिससे बल के मनोबल और कार्यक्षमता को सुदृढ़ आधार मिलता है। निस्संदेह, यह नवनिर्मित रक्षित आरक्षी केंद्र बिलासपुर पुलिस के लिए एक आधुनिक, संगठित और सशक्त कार्यसंरचना का प्रतीक है, जो भविष्य में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से और अधिक प्रभावी ढंग से निपटने में सहायक सिद्ध होगा।

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से शुरू हुई रात्रि उड़ान सेवा, मुख्यमंत्री ने भरी पहली रात की उड़ान


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से आज रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री जी के साथ रात्रि कालीन उड़ान में रायपुर गए।उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3 सी वीएफआर से 3 सी आई एफ आर  श्रेणी में उन्नत करने के लिए कुल 31 करोड़ 1 लाख रुपए की लागत से कार्य किया गया है। इस उन्नयन के बाद डीजीसीए ने 6 फरवरी 2026 को 3 सी आई एफ आर एवं रात्रि संचालन की अनुमति प्रदान की थी। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने की। इस अवसर पर विशेष रूप से विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी उपस्थित  थी।

        मुख्यमंत्री  श्री साय ने अपने संबोधन में इस उपलब्धि को योजनाकारों, तकनीकी टीम, एयरपोर्ट कर्मियों और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन उड़ान सेवा शुरू होने से बिलासपुर की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। इसके लिए यहां के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने काफी संघर्ष किया है। उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा बिलासपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित और अनिर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की। यह ऐतिहासिक पहल बिलासपुर को प्रदेश के प्रमुख हवाई केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री श्री टोकन साहू ने भी संबोधित किया उन्होंने बिलासपुर की जनता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।श्री साहू ने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट में तमाम सुविधाएं विकसित हो रही हैं । रक्षा मंत्रालय से जमीन मिल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हवाई चप्पल पहनने वाले को हवाई यात्रा करने के सपना पूरा हो रहा है।

मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात: 27 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर प्रवास के दौरान शहर को विकास की नई दिशा देने महत्वपूर्ण सौगातें दी। इस अवसर उन्होंने अरपा रिवर व्यू के पास नवनिर्मित अटल परिसर में आयोजित समारोह में 26.93 करोड़ की लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।  

मुख्यमंत्री द्वारा इनमें लगभग 12.43 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें प्रमुख रूप से 50 लाख रुपए की लागत से बने अटल परिसर निर्माण कार्य, 73.22 लाख से निर्मित वार्ड क्रमांक 18 में मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में 10 करोड़ की लागत से नवनिर्मित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण तथा 1.20 करोड़ से बने रक्षित आरक्षी केंद्र निर्माण का लोकार्पण शामिल हैं। ये सभी कार्य शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी कवि साहित्यकार प्रखर राजनेता थे, उन्होंने अपने वादे के अनुरूप 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का निर्माण किया। अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व से प्रेरणा एवं स्मृतियों को सहेजने की पहल है। छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के कारण इसका तेजी से विकास हो रहा है, हमने राज्य के सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण का निर्णय लिया है। पिछले 25 दिसंबर को 115 निकायों में अटल परिसर का लोकार्पण किया गया। 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों से निश्चित रूप से जिले की तस्वीर बदलेगी। हमारी सरकार बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति बनी है जिसका प्रभाव पूरे विश्व सहित हमारे देश में भी पड़ा है लेकिन हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता के कारण हम सुरक्षित हैं। हमारे देश की विदेश नीति अच्छी है, आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी इसके लिए विचार विमर्शकर कार्य योजना बनाई गई। उन्होंने आम जनों को अफवाह एवं भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने की अपील की। 

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोख़न साहू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल परिसर का लोकार्पण हमारे लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण का निर्णय लिया गया है इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति के अजातशत्रु थे, उनके योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता उन्होंने भारत को परमाणु संपन्न राष्ट्र बनाया, शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम अटल जी ने किया, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव को सड़क से जोड़ने का काम किया। छत्तीसगढ़ की जनता की खुशहाली के लिए राज्य का निर्माण अटल जी की देन है। 

कार्यक्रम में बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में विश्व युद्ध के संकट से जूझ रहा है लेकिन ऐसी स्थिति में भारत पूरी दृढ़ता और मजबूती के साथ खड़ा है। इसका श्रेय स्वर्गीय भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है। आज के इस कार्यक्रम में अटल जी के प्रतिमा के अनावरण का साक्षी बनने का अवसर मिला यह हमारे लिए गौरव का क्षण हैं।

नगर निगम महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आज छत्तीसगढ़ के निर्माता युग पुरुष अटल जी के प्रतिमा का अनावरण किया गया है। अटल जी कवि, और प्रखर राष्ट्रवादी राजनेता के रूप में जाने जाते हैं। अटल जी की प्रतिमा न केवल मूर्ति है बल्कि उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व की स्मृतियों को सहेजने की और उनसे प्रेरित होने की एक पहल है। 

भूमिपूजन से विकास को मिलेगा और गति

इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय लगभग 14.50 करोड़ रुपए की लागत वाले नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें 12.95 करोड़ की लागत से प्रस्तावित अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग निर्माण कार्य, 1.04 करोड़ से बननेवाले जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण व नवीनीकरण कार्य तथा उसलापुर क्षेत्र में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे में मजबूती आएगी, यातायात व्यवस्था बेहतर होगी तथा नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री की पहल से पुनः जीवंत हुआ मल्हार महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /   ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी मल्हार में आयोजित मल्हार महोत्सव का शुभारंभ आज श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के संगम के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां डिंडेश्वरी माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई।

मुख्य अतिथि बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने अपने संबोधन में मल्हार की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र प्राचीन काल से ही समृद्ध सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध रहा है। मल्हार महोत्सव मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर ही फिर से शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां हुई पुरातात्विक खोजों में ताम्रपाषाण काल के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जो इस क्षेत्र की प्राचीन सभ्यता और जीवन शैली को दर्शाते हैं। प्राचीन मिट्टी के बर्तन, औजार एवं अन्य उपयोगी वस्तुएं उस समय के मानव जीवन, कृषि एवं संस्कृति की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं। इस अवसर पर बेलतरा विधायक श्री सुशांत सिंह शुक्ला, मस्तुरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी एवं नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती धनेश्वरी केवर्त,  कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल,अपर कलेक्टर श्री शिव कुमार बैनर्जी,  सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। 

मेला ग्राउंड में आयोजित उत्सव के अंतर्गत प्रथम दिवस शाम 5.30 बजे से लेकर रात 11 बजे तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां हुईं। कार्यक्रमों की श्रृंखला में लोक एवं शास्त्रीय कला का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसमें प्रदेश के कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। करमा नृत्य (जय माता दी करमा दल, बेलतरा) से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, इसके बाद हमर ज्योति पंथी पार्टी, मुंगेली द्वारा पंथी नृत्य प्रस्तुत किया गया। शास्त्रीय संगीत में डॉ. तोपराज पटेल ने अपनी प्रस्तुति दी, वहीं सृष्टि अंचल पाण्डेय, बिलासपुर द्वारा ओडिसी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। स्वाति सोनी लोककला मंच की प्रस्तुति ने भी दर्शकों को खूब आकर्षित किया। श्री शिवकुमार तिवारी एवं साथियों के कार्यक्रम के साथ ही सुनील सोनी स्टार नाइट ऑर्केस्ट्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोकगीत, लोकनृत्य एवं रंगारंग प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण उत्सवमय हो उठा। कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों को अतिथियों द्वारा शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई। कल भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। 


कुदरगढ़ धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना


सूरजपुर।
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सूरजपुर स्थित कुदरगढ़ धाम पहुंचकर मां कुदरगढ़ी की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। मुख्यमंत्री ने माता रानी के चरणों में प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और जन-जन का जीवन सुरक्षित एवं समृद्ध बने।

इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व आस्था, शक्ति और नव ऊर्जा का प्रतीक है, जो समाज में सकारात्मकता और उत्साह का संचार करता है। पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे।

कुदरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ, मुख्यमंत्री साय ने विकास कार्यों की दी सौगात


सूरजपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मां बागेश्वरी के आशीर्वाद से कुदरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर उन्हें जिलेवासियों को समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी और स्थानीय लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगी। उन्होंने कुदरगढ़ धाम की आस्था और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए इसे क्षेत्र की पहचान बताया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सुशासन सरकार दूरस्थ अंचलों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में भी विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा, जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र को समान अवसर मिल सके। महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग इस आयोजन के साक्षी बने।

TMC मैनिफेस्टो लॉन्च, ममता का BJP पर तीखा वार


कोलकाता। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का घोषणापत्र जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों ने पार्टी को अपार समर्थन और आशीर्वाद दिया है और सरकार ने भी उनकी सेवा करने का हरसंभव प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ता में आने के बाद से भाजपा हर चुनाव में साजिश रचती रही है। उन्होंने कहा कि इस बार साजिश की सारी सीमाएं पार कर दी गई हैं और भाजपा किसी भी तरह पश्चिम बंगाल की सत्ता पर कब्जा करना चाहती है।

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि देश की स्थिति चिंताजनक है और कई राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है, क्योंकि भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में हार का अंदेशा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल की जनता से डर रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।

पीएम मोदी से तीनों उपराज्यपालों की अलग-अलग मुलाकात


नयी दिल्ली।
 TODAY छत्तीसगढ़  / दिल्ली, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपालों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अलग-अलग मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े प्रशासनिक और विकासात्मक विषयों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ‘एक्स’ पर दी जानकारी में बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इसी क्रम में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त) ने भी प्रधानमंत्री से अलग-अलग मुलाकात की।

बताया गया कि हाल ही में नियुक्ति के बाद यह मुलाकात औपचारिक परिचय और समन्वय के लिहाज से अहम मानी जा रही है। संधू और सक्सेना को पांच मार्च को संबंधित पदों पर नियुक्त किया गया था।

तरनजीत सिंह संधू इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं। वहीं, विनय कुमार सक्सेना लद्दाख में नियुक्ति से पूर्व दिल्ली के उपराज्यपाल के पद पर कार्यरत थे।

दिल्ली आबकारी नीति मामला: अदालत ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को क्लीन चिट


नई दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए शुक्रवार को बरी कर दिया। अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से भी इनकार कर दिया।इस मामले में 21 अन्य आरोपियों को भी अदालत ने बरी कर दिया है।

सीबीआई ने आम आदमी पार्टी (आम आदमी पार्टी) की पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार द्वारा लागू की गई और बाद में रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच की थी। 

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। अदालत ने यह भी कहा कि सिसोदिया के विरुद्ध प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता नहीं है।  

न्यायाधीश ने आरोपपत्र में “आंतरिक विरोधाभासों” और “भ्रामक कथनों” का उल्लेख करते हुए कहा कि कई आरोप ऐसे हैं जिनकी पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों या गवाहों से नहीं होती। अदालत के अनुसार, आरोपपत्र में मौजूद कमियां कथित साजिश की थ्योरी को कमजोर करती हैं।

अदालत ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में केजरीवाल के खिलाफ लगाए गए आरोप टिक नहीं सकते और किसी भी व्यक्ति को बिना ठोस आधार के अभियोजन का सामना कराना कानून के शासन के सिद्धांतों के प्रतिकूल है। सिसोदिया के संबंध में अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जो उनकी संलिप्तता को दर्शाता हो, और न ही उनके खिलाफ कोई बरामदगी दिखाई गई है।  

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