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अब राशन दुकान पर इंतजार नहीं, शुरू हुआ ग्रेन एटीएम

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक से जोड़ते हुए बिलासपुर के सरकंडा में शनिवार को अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत हुई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसका शुभारंभ किया, जबकि खाद्य मंत्री दयालदास बघेल वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद हितग्राही मशीन से निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न कुछ ही सेकंड में प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की भी बचत होगी।

अंगूठा लगाते ही स्क्रीन पर दिखेगा राशन

अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। हितग्राही मशीन के सामने पहुंचकर फिंगरप्रिंट के माध्यम से आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करेगा। इसके बाद स्क्रीन पर उसके लिए उपलब्ध राशन और उसकी मात्रा दिखाई देगी।

हितग्राही मात्रा की पुष्टि करने के बाद अपना खाली बैग मशीन के डिस्पेंसर के नीचे रखेगा और डिस्पेंस बटन दबाएगा। इसके कुछ ही सेकंड बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न स्वत: बैग में भर जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद स्क्रीन पर प्रदर्शित संदेश की पुष्टि करनी होगी।

राशन वितरण में मानवीय त्रुटि होगी कम

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम को जनता को समर्पित करते हुए इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीक से हितग्राहियों को सुगम और त्वरित सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इस व्यवस्था से राशन की मात्रा में मानवीय त्रुटि की संभावना कम होगी। साथ ही हितग्राहियों को राशन लेने में कम समय लगेगा और वितरण प्रक्रिया अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनेगी।

WFP के सहयोग से हुई स्थापना

अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना राज्य शासन के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के सहयोग से की है। इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक और हितग्राही-केंद्रित बनाने की दिशा में एक प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है।

शुभारंभ के दौरान मशीन से खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया। मशीन की कार्यप्रणाली देखकर राशन कार्डधारी हितग्राहियों और उपस्थित नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

हितग्राहियों ने बताया सुविधाजनक

कार्यक्रम में मौजूद राशन कार्डधारी हितग्राहियों ने मशीन की सरल प्रक्रिया, सटीक तौल और तेजी से राशन मिलने की व्यवस्था की सराहना की। नागरिकों ने उम्मीद जताई कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था राशन वितरण को और अधिक सुविधाजनक बनाएगी।

कार्यक्रम में विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित खाद्य विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य... विकास का बड़ा रोडमैप तैयार

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  / शहर में नागरिक सुविधाओं और अधोसंरचना के विस्तार को लेकर विकास कार्यों को गति दी जा रही है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने शुक्रवार को विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपये के सामुदायिक भवन व स्कूल बाउंड्रीवाल का भूमिपूजन और नवागढ़ी में आठ लाख रुपये के शेड का लोकार्पण किया गया। इस दौरान उन्होंने पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की घोषणा भी की।

हरित क्षेत्र से लेकर शिक्षा-स्वास्थ्य तक विस्तार

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के विकास को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। नागरिकों को बेहतर वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने शहर में आने वाले वर्षों में 10 ऑक्सीजोन विकसित करने की दिशा में काम किए जाने की बात कही।

पंजरी प्लांट में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उपभोक्ता फोरम के पास ऑक्सीजोन और ओपन जिम विकसित करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के लोगों को हरित वातावरण के साथ स्वास्थ्य और व्यायाम की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया और नागरिकों से पौधों की देखभाल का आह्वान किया।

600 करोड़ की रिंग रोड से कम होगा यातायात का दबाव

रायगढ़ शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि रिंग रोड बनने से शहर की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और भविष्य के अधोसंरचना विकास को भी गति मिलेगी।

नालंदा परिसर और नए कालेजों पर जोर

शिक्षा के क्षेत्र में भी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। रायगढ़ में नालंदा परिसर का निर्माण कराया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। इसके अलावा नर्सिंग और फिजियोथेरेपी महाविद्यालय शुरू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रायगढ़ में प्रयास विद्यालय पहले से संचालित है। आने वाले समय में शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में संस्थागत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि जिले के लोगों को बेहतर सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।

दो वार्डों में विकास कार्यों की सौगात

वार्ड क्रमांक 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन और शासकीय स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण का भूमिपूजन किया गया। वहीं वार्ड क्रमांक नौ नवागढ़ी में आठ लाख रुपये की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण हुआ। इन कार्यों से स्थानीय लोगों को सामुदायिक गतिविधियों और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए बेहतर अधोसंरचना मिलेगी।

कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, सुरेश गोयल, पावन अग्रवाल, आशीष ताम्रकार सहित पार्षद, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

‘मन की बात’ में फिर गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम, मुख्यमंत्री ने जताया गर्व

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और जन-अभियानों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी मंच बन गया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री ने मल्हार की पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और अब कोरबा में जल संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। शासन के अनुसार, कोरबा में भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों के संरक्षण और वृक्षारोपण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों का शौर्य और बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने की भी अपील की।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही आगामी गणेशोत्सव के दौरान मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं के उपयोग और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सहभागिता का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार भी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, युवा और नागरिक उपस्थित रहे।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा: 'छात्रों का भविष्य विवादों से ऊपर', पीएम मोदी को भेजा त्यागपत्र

धर्मेंद्र प्रधान का यह इस्तीफ़ा नीट परीक्षा की गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के भारी आक्रोश और सरकार पर बन रहे राजनीतिक दबाव का सीधा नतीजा है. अब देखना यह है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े, सीबीआई जाँच और दोबारा परीक्षा के फ़ैसले से क्या सड़क पर उतरे छात्रों का ग़ुस्सा शांत हो पाएगा.
नई दिल्ली:  TODAY छत्तीसगढ़  / मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में हुई कथित अनियमितताओं और देशभर में जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है.

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई हिस्सों में नीट परीक्षा को लेकर छात्रों का उग्र आंदोलन चल रहा है. इसी बढ़ते दबाव और विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ने का यह अहम फ़ैसला लिया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए इस्तीफ़े का सार्वजनिक ऐलान किया और इसके पीछे की वजहें भी स्पष्ट कीं.

'छात्रों का भविष्य विवादों से ऊपर'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी अपनी चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि एक छात्र और शिक्षा के लिए उनका समर्पण दशकों पुराना है.

सोशल मीडिया पर साझा किए गए पत्र के अंश में उन्होंने लिखा, "पिछले चार दशक से अधिक समय से मैं छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूँ. मेरा हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि एक मज़बूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है. छात्रों का भविष्य किसी भी विवाद से ऊपर है." 

गिनाए सरकार के कदम

अपने इस्तीफ़े की घोषणा के साथ ही धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी परीक्षा (NEET-UG) को लेकर उठे विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय द्वारा उठाए गए क़दमों का भी ज़िक्र किया.

उन्होंने पत्र में लिखा, "3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें जैसे ही सामने आईं, सरकार ने तुरंत और सख़्त कार्रवाई की. मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जाँच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई है. साथ ही, पुरानी परीक्षा रद्द कर इसे दोबारा आयोजित कराने का फ़ैसला लिया गया है."

अगले साल से पूरी तरह बदलेगी परीक्षा प्रणाली

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की योजना का ज़िक्र करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. उन्होंने घोषणा की कि अगले साल से NEET परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT - Computer Based Test) मोड में आयोजित किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके.

माना जा रहा है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की हो रही चौतरफ़ा आलोचना के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए यह क़दम उठाया है. 

पेपर लीक पर और सख्ती, कैबिनेट ने कानून में संशोधन को दी मंजूरी

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधनों को मंजूरी दे दी गई। सरकार का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों में पेपर लीक मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट, संगठित गिरोहों के खिलाफ अधिक कठोर दंड और भारी आर्थिक जुर्माने जैसे प्रावधान शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, संगठित अपराध से जुड़े मामलों में 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। संशोधन विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।

बैठक में मंत्रिमंडल ने 'भव्य रसायन (BHAVYA Rasayan)' योजना को भी मंजूरी दी। 3,030 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत देश में तीन समर्पित केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य रसायन क्षेत्र के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना तथा निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। केंद्र सरकार प्रत्येक केमिकल पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक की सहायता देगी।

सरकार का कहना है कि इन दोनों फैसलों का उद्देश्य एक ओर सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को मजबूत करना है, वहीं दूसरी ओर रसायन उद्योग के लिए बेहतर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर विनिर्माण और निवेश को गति देना है।

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन

नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 26 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया।
नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  / नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों की मांगों के समर्थन में 26 दिनों से अनशन कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया।

जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद वांगचुक ने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

वांगचुक ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मुद्दे और छात्रों की मांगों को लेकर अनशन शुरू किया था। उनके अनशन को लेकर विभिन्न संगठनों और लोगों ने भी समर्थन जताया था। 

फिलहाल, मुलाकात में हुई चर्चा और आगे की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

#VIDEO: पेपर लीक पर केंद्र सरकार ला सकती है सख्त कानून, प्रधानमंत्री का दावा

नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के नाम जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाई की गई है और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अब इस तरह के मामलों में और कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था तथा कठोर सजा के प्रावधान वाले विधेयक का मसौदा तैयार हो चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी और मंजूरी मिलने के बाद इसे जल्द संसद में पेश करने का प्रयास किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे तथा परीक्षाओं पर उनका भरोसा मजबूत हो।


छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, पेपर लीक और लाठीचार्ज को लेकर सरकार घिरी

बिलासपुर / कोटा। TODAY छत्तीसगढ़  /  राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के समर्थन में कोटा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को जय स्तंभ चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने तथा आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की।  

धरने का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण त्रिवेदी ने किया। इस दौरान विधायक अटल श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि छात्र-छात्राएं अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर संवाद चाहते थे, लेकिन उन्हें लाठियां मिलीं। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का जवाब सरकार को देना होगा।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर उनके साथ खड़ी रहेगी।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरुण त्रिवेदी ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।

भारी बारिश के बावजूद धरना-प्रदर्शन में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन फूलचंद अग्रहरि ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रकाश जायसवाल ने किया।

नीट पेपर लीक और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर शहर और ग्रामीण इकाई ने बुधवार को नीट पेपर लीक मामले तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, सांसदों और अन्य कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में रैली निकालकर प्रदर्शन किया।

कांग्रेस के अनुसार, कांग्रेस भवन से नेहरू चौक तक निकाली गई रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई और उनका प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन भी किया गया।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और युवाओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

17 करोड़ के सर्पदंश मुआवजा मामले में भाजपा का कांग्रेस पर हमला, 'गरीबों के हक पर डाका'

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर में सामने आए कथित 17 करोड़ रुपये के सर्पदंश मुआवजा घोटाले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और बिलासपुर के पूर्व विधायक पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गरीबों के लिए संचालित सरकारी योजना का दुरुपयोग हुआ और अब जांच आगे बढ़ने के बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप है।

भाजपा के मंडल अध्यक्ष बबलू कश्यप, शैलेन्द्र यादव, राकेश लालवानी, मनोज सोनी, श्रीनिवास राव और देवेंद्र पाठक ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि गरीब और पीड़ित परिवारों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर प्रकरण है। भाजपा का आरोप है कि जिस अवधि में यह कथित घोटाला हुआ, उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और बिलासपुर का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के विधायक कर रहे थे।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि जांच एजेंसियां 431 संदिग्ध सर्पदंश मुआवजा प्रकरणों की जांच कर रही हैं, जिनमें 17 करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय राशि के कथित गबन की आशंका है। पार्टी के अनुसार, मामले में अब तक डॉक्टर, पुलिसकर्मी, राजस्व विभाग के कर्मचारी और बैंककर्मी सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि गरीब, आदिवासी और वास्तविक पीड़ित परिवारों के लिए बनाई गई राहत योजना का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। पार्टी का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी राशि निकाली गई, जिससे जरूरतमंदों के अधिकारों का हनन हुआ।

प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा ने पूर्व विधायक से सार्वजनिक रूप से पांच सवाल भी पूछे। इनमें कथित फर्जीवाड़े के दौरान प्रशासन से जवाब मांगने, विधानसभा में मामला उठाने, कथित घोटाले की जानकारी होने या न होने तथा कथित नेटवर्क को संरक्षण मिलने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

भाजपा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार मामले की निष्पक्ष जांच करा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति—चाहे वह अधिकारी, कर्मचारी या किसी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति हो—के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

नोट: इस खबर में शामिल सभी आरोप भाजपा की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। इन आरोपों पर कांग्रेस या संबंधित पूर्व विधायक का पक्ष इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।

बेलतरा में जलभराव का जायजा लेने पहुंचे विधायक, राहत कार्य तेज करने के निर्देश

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / लगातार बारिश से बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में उत्पन्न जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए विधायक सुशांत शुक्ला विधानसभा सत्र से लौटते ही सीधे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने विभिन्न मोहल्लों का दौरा कर प्रभावित परिवारों, स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याएं सुनीं। इसके साथ ही अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

विधायक ने जोरापारा, ड्रीम इम्पीरिया, जगदंबा कॉलोनी, चांटीडीह, देवनंदन नगर, विजयापुरम, डबरीपारा, चिंगराजपारा, लिंगियाडीह, राजकिशोर नगर, बिजौर और बहतराई सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने जलभराव, जल निकासी, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दौरे के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि विधानसभा सत्र के कारण वे क्षेत्र में उपस्थित नहीं हो सके थे, जिसकी जानकारी उन्होंने पहले ही क्षेत्रवासियों को दे दी थी। क्षेत्र लौटने के बाद उनका पहला दायित्व प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना और राहत कार्यों को गति देना रहा।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा केवल एक चुनौती नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और एकजुटता की भी परीक्षा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बेलतरा विधानसभा का कोई भी परिवार इस संकट की घड़ी में स्वयं को अकेला महसूस नहीं करेगा और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जाएगी।

विधायक ने कहा कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा जारी रखेंगे। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने, संयम बनाए रखने तथा अपने आसपास रहने वाले बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की।

भगवान राम के नाम पर राजनीति नहीं, जवाबदेही चाहिए: विकास उपाध्याय

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर पश्चिम के विधायक एवं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने बिलासपुर कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ खिलवाड़ हुआ है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। देशभर के लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान दिया, लेकिन अब चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने से श्रद्धालुओं के मन में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे और अब मंदिर के चढ़ावे को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन पदाधिकारियों के इस्तीफे भी पूरे मामले की गंभीरता की ओर संकेत करते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

कांग्रेस विधायक ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में मंदिर से जुड़े विभिन्न आयोजनों के खर्च, नकद चढ़ावे और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित है, जबकि शीर्ष स्तर की जवाबदेही अब तक तय नहीं हुई।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें।
  • कथित अनियमितताओं से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
  • पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।
  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पुनर्गठन कर पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
  • मंदिर के चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और आयोजनों के खर्च का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

प्रेसवार्ता के अंत में विकास उपाध्याय ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था हैं। इसलिए आस्था से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। 

इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय, जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर अध्यक्ष सिद्धांसु मिश्रा, पूर्व महापौर रामशरण यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय मौजूद रहे। 

नई जिम्मेदारी, नए संकल्प के साथ आरडीए के उपाध्यक्ष बने डॉ. जय प्रकाश शर्मा

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के नवनियुक्त उपाध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने सोमवार को प्राधिकरण कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण समारोह में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ओ.पी. चौधरी ने डॉ. शर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रायपुर के सुनियोजित और समग्र विकास में रायपुर विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनका विश्वास है कि डॉ. शर्मा के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता से प्राधिकरण की विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

आरडीए के अध्यक्ष नंद कुमार साहू ने कहा कि चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्र में डॉ. शर्मा के लंबे अनुभव का लाभ प्राधिकरण को मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होगा और जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी।

पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार की नीतियों के अनुरूप रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास, आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर समयबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

समारोह में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष राम प्रताप सिंह, आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवनीश शरण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

"पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर"— गरजे इमरान प्रतापगढ़ी

कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत बिलासपुर पहुंचे राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है।
बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत रविवार को बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष, शायर और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने छात्रों से संवाद किया और बाद में मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था एवं परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए।

इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनके संबंध किन लोगों से हैं, इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि जांच बड़े स्तर तक नहीं पहुंचेगी तो ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उसकी क्या रणनीति है। उनके मुताबिक, एक परीक्षा के लीक होने से केवल परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि लाखों छात्रों की मेहनत और व्यवस्था पर उनका भरोसा भी कमजोर पड़ता है।

राज्यसभा सांसद ने परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रणाली को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी तो छात्रों का विश्वास प्रभावित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में गंभीर लापरवाही सामने आई है और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि कांग्रेस 'छात्रों की गूंज' अभियान के माध्यम से देशभर में छात्रों की समस्याओं और सुझावों को सामने ला रही है। उनके अनुसार, पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाती रहेगी और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं भरोसेमंद बनाने की मांग करती रहेगी। 

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए और उन्होंने शिक्षा, परीक्षाओं तथा रोजगार से जुड़े अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।

नोट: यह खबर प्रेस से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी द्वारा दिए गए सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। इन आरोपों और राजनीतिक टिप्पणियों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

'मरीज पहले या अस्पताल की नीति?' कांग्रेस ने अपोलो प्रबंधन पर उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपोलो अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि तीन महीने से अस्पताल की दोनों एम्बुलेंस बंद थीं और गंभीर मरीज को बिना मेडिकल स्टाफ के एयर एम्बुलेंस तक भेजा गया।
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को अपोलो अस्पताल प्रबंधन से मुलाकात कर गंभीर मरीज राजकुमार अग्रवाल के उपचार, रेफरल प्रक्रिया और अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि अस्पताल की दोनों एम्बुलेंस पिछले करीब तीन महीने से बंद हैं और गंभीर मरीज को बिना डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ के निजी एम्बुलेंस से एयरपोर्ट भेजा गया।

कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि इतने संवेदनशील मामले में अस्पताल के सीईओ बैठक में मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और वरिष्ठ चिकित्सकों से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने इसे अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल बताया।

कांग्रेस के मुताबिक, मरीज को हायर सेंटर भेजने के लिए परिजनों को निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था करनी पड़ी। अस्पताल ने केवल निजी एम्बुलेंस संचालक का संपर्क उपलब्ध कराया, जबकि मरीज के साथ कोई डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ चकरभाठा एयरपोर्ट तक नहीं गया। एयरपोर्ट पहुंचने पर हैदराबाद से आई एयर एम्बुलेंस की मेडिकल टीम ने मरीज का ऑक्सीजन स्तर बेहद कम पाया, जिसके चलते तत्काल एयरलिफ्ट संभव नहीं हो सका और मरीज को वापस अस्पताल लाना पड़ा।

प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि एयर एम्बुलेंस को एक रात रोकने से करीब 2.5 लाख रुपये और अगले दिन विशेष मेडिकल टीम बुलाने पर करीब 7 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च आया। इस तरह परिजनों पर लगभग 9.5 लाख रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। कांग्रेस के अनुसार, मरीज की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि गंभीर मरीज को सुरक्षित तरीके से हायर सेंटर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी अस्पताल नहीं निभा सकता तो ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हाल के कथित फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट प्रकरण और आयुष्मान योजना के लाभ को लेकर मिल रही शिकायतों का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस ने घोषणा की कि 17 जुलाई को फिर अस्पताल प्रबंधन, विशेष रूप से सीईओ से जवाब मांगा जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने सवाल उठाया कि तीन महीने से दोनों एम्बुलेंस बंद रहने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई, गंभीर मरीज के साथ मेडिकल स्टाफ क्यों नहीं भेजा गया, परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ की जिम्मेदारी किसकी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

प्रतिनिधिमंडल में ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष ( शहर ) सिधांशू मिश्रा, पूर्ब विधायक शैलेश पांडेय,  पूर्ब ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष व बेलतरा से विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी, कांग्रेस नेता विजय पांडेय, राजेश पांडेय, प्रमोद नायक, राकेश शर्मा, समीर अहमद, जितेंद्र पांडेय, नरेंद्र बोलर , संतोष गर्ग, तजम्मुल हक, हितेश देवांगन, सकेश मिश्रा, सुनील सोनकर, अनिल यादव ,अजय यादव, लक्की मिश्रा, संदीप यादव, कमल कश्यप, शेर सिंह, विक्की यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

नोट: यह आरोप कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में अपोलो अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जायेगा।

'रील्स होम मिनिस्टर' कहकर भूपेश का विजय शर्मा पर तंज, सड़क को लेकर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खैरागढ़ क्षेत्र की एक सड़क के क्षतिग्रस्त होने का वीडियो साझा कर राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले बनी सड़क पहली बारिश में टूट गई और इसे सरकार की विफलता का उदाहरण बताया।
रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक कथित रूप से क्षतिग्रस्त सड़क का वीडियो साझा करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए।

भूपेश बघेल ने अपने पोस्ट में दावा किया कि खरिया से अगारी (बी) तक जाने वाली पीएम जनमन सड़क महज दो साल पहले करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी, लेकिन पहली ही बारिश में सड़क दलदल में तब्दील हो गई।

उन्होंने लिखा कि सबसे हैरानी की बात यह है कि यह सड़क मंत्री विजय शर्मा के गृह क्षेत्र की है। बघेल ने विजय शर्मा पर तंज कसते हुए उन्हें "रील्स होम मिनिस्टर" बताया और कहा कि वे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से भी जुड़े हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि जिस तरह यह सड़क पहली बारिश में टूट गई, उसी तरह भ्रष्टाचार में डूबी सरकार भी बिखर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क की गुणवत्ता सरकार के कामकाज की वास्तविक तस्वीर दिखाती है और अब जनता बदलाव चाहती है।

हालांकि, सड़क की स्थिति और निर्माण गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में भूपेश बघेल के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

बिना ब्याज़ मिलेगा एमरजेंसी लोन: सरकार ने ई-कोष के ज़रिए शुरू की पेपरलेस लोन व्यवस्था

"वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों को तात्कालिक ज़रूरतों के लिए इस योजना के तहत बिना ब्याज के (Interest-free) वित्तीय सहायता मिलेगी. इसे एक तरह से वेतन के विरुद्ध एडवांस के रूप में देखा जा रहा है"

 

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों को आकस्मिक आर्थिक जरूरतों में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को 'वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना' का शुभारंभ किया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योजना का ब्रोशर भी जारी किया। इस योजना के तहत अब सरकारी कर्मचारियों को निजी साहूकारों या ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ई-कोष प्रणाली के जरिए पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पेपरलेस होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं और आर्थिक चिंता से मुक्त कर्मचारी ही बेहतर ढंग से जनसेवा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह योजना कर्मचारियों को आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक, त्वरित और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए इसे ई-कोष प्रणाली से जोड़ा है, जिससे बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के पात्र कर्मचारी ऑनलाइन ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि कैशलेस मेडिकल सुविधा के बाद यह दूसरी बड़ी कर्मचारी हितैषी पहल है। योजना के पायलट चरण में दो महीने के भीतर 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार कर्मचारी इसका लाभ भी ले चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि के ऋण की सुविधा देने की भी योजना है।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने योजना का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही जरूरत पूरी होगी और आपात परिस्थितियों में उन्हें सम्मानजनक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

योजना के तहत कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण और सहमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण स्वीकृत कर राशि सीधे उपलब्ध करा दी जाएगी। वित्त विभाग ने पूरी व्यवस्था के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है, जिसमें डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।

निगम, मंडलों और आयोगों में नई नियुक्तियां, ममता साहू बनीं महिला आयोग की अध्यक्ष

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समितियों एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियों पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी पदाधिकारी जनसेवा, सुशासन और लोककल्याण की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को नई गति देंगे।

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य के रूप में देवशरण सेन की नियुक्ति की गई है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू बनाई गई हैं, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे तथा सदस्य के रूप में सौरभ सिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर और दयावंत धर बांधे को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी प्रकार छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष आनंद निषाद तथा सदस्य नेतराम निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत तथा सदस्य सुमन मुथा, जबकि शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र नायक बनाए गए हैं। बोर्ड के सदस्यों के रूप में बसंत पटेल, प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल की नियुक्ति की गई है।

राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य के रूप में मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की सदस्य प्रसन्ना अवस्थी को नियुक्त किया है।

इसके अलावा रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मंगल दास ठाकुर बनाए गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी अपने अनुभव और कार्यक्षमता के माध्यम से जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और प्रदेश के समग्र विकास में सक्रिय योगदान देंगे।

सहकारिता सम्मेलन में 162 करोड़ की तेंदूपत्ता प्रोत्साहन राशि जारी

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार (3 जुलाई) को रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में शिरकत की. इस मौक़े पर उन्होंने प्रदेश के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण की शुरुआत की.

यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच साल पूरे होने के उपलक्ष्य में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 'कृषि मंडपम' में आयोजित किया गया था.

सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार ने सहकारिता विभाग के एक नए ऑनलाइन पोर्टल की भी शुरुआत की, जिसका मक़सद किसानों के पंजीयन (Registration) प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है.

'किसानों की आय बढ़ाना मुख्य लक्ष्य'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सहकारिता के ज़रिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना और किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है.

  • ब्याज़ मुक्त ऋण: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस वर्ष राज्य के 15 लाख से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से 8 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज़ मुक्त ऋण (Interest-free loan) उपलब्ध कराया गया है.

  • अन्य क्षेत्रों में विस्तार: उन्होंने कहा कि सहकारिता को केवल खेती तक सीमित न रखकर पशुपालन, वनोपज, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों तक बढ़ाया जा रहा है. सीएम ने बताया कि 'राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड' (NDDB) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में काम किया जा रहा है.

ख़ुद को किसान का बेटा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'सहकार से समृद्धि' विज़न के तहत ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है. अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि जिस दृढ़ इच्छाशक्ति से राज्य में नक्सलवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो रही है, उसी तरह सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी बदलाव लाया जाएगा.

हर पंचायत में समिति बनाने का लक्ष्य

कार्यक्रम में मौजूद राज्य के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 29 जून से 6 जुलाई तक प्रदेश में 'सहकारिता सप्ताह' मनाया जा रहा है.

उन्होंने जानकारी दी कि राज्य की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इसके लिए प्रदेश भर में 1352 नई सहकारी समितियों (Cooperative Societies) का गठन किया गया है.

पुरस्कार और नई शुरुआत

सम्मेलन के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों को 'सहकार प्रेरणा पुरस्कार' से सम्मानित किया गया. साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को लाभांश भी वितरित किया गया.

मुख्यमंत्री ने 5 नई पैक्स (PACS) समितियों को माइक्रो एटीएम (Micro ATMs) सौंपे और 'छत्तीसगढ़ हर्बल्स' के पांच नए उत्पादों का लोकार्पण किया. कार्यक्रम में वन-धन समितियों की एक हैंडबुक भी जारी की गई. इस मौक़े पर सहकारिता विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान व हितग्राही मौजूद रहे.

संजय राउत ! कहा- "जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो, लेकिन कोर्ट भी बीजेपी के अधीन है."

TODAY छत्तीसगढ़  /   अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे (दान) में कथित हेराफेरी का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. एक तरफ़ विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की तहक़ीक़ात कर रहा है, तो दूसरी तरफ़ विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमलावर हैं.

इस मामले में एसआईटी अब तक आठ लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है. इसी बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बीजेपी और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं.

'सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच'

संजय राउत ने राम मंदिर चंदे में कथित गबन की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है. हालांकि, उन्होंने न्यायपालिका पर भी सवाल खड़े किए हैं.

  • न्यायपालिका पर टिप्पणी: राउत ने कहा, "यह सिर्फ़ कांग्रेस पार्टी की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की भावना है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट भी उन्हीं (बीजेपी) के अधीन काम कर रहा है."

  • उन्होंने दावा किया कि देश की मौजूदा न्याय व्यवस्था में अब ऐसे बहुत कम लोग बचे हैं, जो चाहते हैं कि इस मामले की पूरी सच्चाई साफ़ हो.

अयोध्या को बताया 'अंडरवर्ल्ड'

शिवसेना (UBT) नेता ने राम मंदिर की व्यवस्थाओं और बीजेपी पर निशाना साधते हुए अयोध्या की तुलना 'अंडरवर्ल्ड' से की.

  • राउत ने अपने बयान में कहा, "अयोध्या हमेशा से एक पवित्र तीर्थ क्षेत्र रहा है. जो कभी भगवान राम की अयोध्या हुआ करती थी, वह अब एक 'अंडरवर्ल्ड' (Underworld) बन चुकी है, जिसे चलाने वाले बीजेपी के लोग हैं."

SIT की जांच जारी

ग़ौरतलब है कि राम मंदिर चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एसआईटी लगातार जांच कर रही है. जांच एजेंसी ने अब तक आठ संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है और पैसों के लेन-देन के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

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