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कुदरगढ़ धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना


सूरजपुर।
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सूरजपुर स्थित कुदरगढ़ धाम पहुंचकर मां कुदरगढ़ी की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। मुख्यमंत्री ने माता रानी के चरणों में प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और जन-जन का जीवन सुरक्षित एवं समृद्ध बने।

इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व आस्था, शक्ति और नव ऊर्जा का प्रतीक है, जो समाज में सकारात्मकता और उत्साह का संचार करता है। पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे।

कुदरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ, मुख्यमंत्री साय ने विकास कार्यों की दी सौगात


सूरजपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मां बागेश्वरी के आशीर्वाद से कुदरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर उन्हें जिलेवासियों को समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी और स्थानीय लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगी। उन्होंने कुदरगढ़ धाम की आस्था और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए इसे क्षेत्र की पहचान बताया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सुशासन सरकार दूरस्थ अंचलों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में भी विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा, जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र को समान अवसर मिल सके। महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग इस आयोजन के साक्षी बने।

TMC मैनिफेस्टो लॉन्च, ममता का BJP पर तीखा वार


कोलकाता। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का घोषणापत्र जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों ने पार्टी को अपार समर्थन और आशीर्वाद दिया है और सरकार ने भी उनकी सेवा करने का हरसंभव प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ता में आने के बाद से भाजपा हर चुनाव में साजिश रचती रही है। उन्होंने कहा कि इस बार साजिश की सारी सीमाएं पार कर दी गई हैं और भाजपा किसी भी तरह पश्चिम बंगाल की सत्ता पर कब्जा करना चाहती है।

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि देश की स्थिति चिंताजनक है और कई राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है, क्योंकि भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में हार का अंदेशा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल की जनता से डर रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।

पीएम मोदी से तीनों उपराज्यपालों की अलग-अलग मुलाकात


नयी दिल्ली।
 TODAY छत्तीसगढ़  / दिल्ली, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपालों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अलग-अलग मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े प्रशासनिक और विकासात्मक विषयों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ‘एक्स’ पर दी जानकारी में बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इसी क्रम में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त) ने भी प्रधानमंत्री से अलग-अलग मुलाकात की।

बताया गया कि हाल ही में नियुक्ति के बाद यह मुलाकात औपचारिक परिचय और समन्वय के लिहाज से अहम मानी जा रही है। संधू और सक्सेना को पांच मार्च को संबंधित पदों पर नियुक्त किया गया था।

तरनजीत सिंह संधू इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत रह चुके हैं। वहीं, विनय कुमार सक्सेना लद्दाख में नियुक्ति से पूर्व दिल्ली के उपराज्यपाल के पद पर कार्यरत थे।

दिल्ली आबकारी नीति मामला: अदालत ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को क्लीन चिट


नई दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए शुक्रवार को बरी कर दिया। अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से भी इनकार कर दिया।इस मामले में 21 अन्य आरोपियों को भी अदालत ने बरी कर दिया है।

सीबीआई ने आम आदमी पार्टी (आम आदमी पार्टी) की पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार द्वारा लागू की गई और बाद में रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच की थी। 

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। अदालत ने यह भी कहा कि सिसोदिया के विरुद्ध प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता नहीं है।  

न्यायाधीश ने आरोपपत्र में “आंतरिक विरोधाभासों” और “भ्रामक कथनों” का उल्लेख करते हुए कहा कि कई आरोप ऐसे हैं जिनकी पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों या गवाहों से नहीं होती। अदालत के अनुसार, आरोपपत्र में मौजूद कमियां कथित साजिश की थ्योरी को कमजोर करती हैं।

अदालत ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में केजरीवाल के खिलाफ लगाए गए आरोप टिक नहीं सकते और किसी भी व्यक्ति को बिना ठोस आधार के अभियोजन का सामना कराना कानून के शासन के सिद्धांतों के प्रतिकूल है। सिसोदिया के संबंध में अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जो उनकी संलिप्तता को दर्शाता हो, और न ही उनके खिलाफ कोई बरामदगी दिखाई गई है।  

युवा कांग्रेस: राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन, भाजपा जिला कार्यालय का घेराव

 


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के बाद युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भी युवा कांग्रेस सड़कों पर उतर आई।

बेलतरा युवा कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार का पुतला दहन किए जाने के बाद आज गुरुवार को जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और पुतला दहन किया गया। जिला युवा कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष जयकिशन यादव (राजू) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी को लेकर आक्रोश जताया। 


हत्या के मामले में नाम आने के बाद भाजपा ने राजू सोनकर को पद से हटाया


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /   हत्या के एक मामले में नाम सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने पदाधिकारी को पद से हटा दिया है। पार्टी ने बेलतरा पूर्वी मंडल में अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष राजू सोनकर को उनके पद से कार्यमुक्त कर दिया है। राजू सोनकर पर आरोप है कि उसने भाजपा पार्षद बंधु मौर्य की हत्या करवाने की सुपारी शहर के आदतन अपराधी नारद उर्फ़ सुमित श्रीवास को दी थी। 

पार्टी के स्थानीय नेताओं के अनुसार यह कार्रवाई उस समय की गई जब सराफा कारोबारी से कथित लूट और भाजपा पार्षद एवं व्यवसायी बंधु मौर्य की हत्या से जुड़े मामले में राजू सोनकर का नाम सामने आया। भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन कश्यप की पुष्टि के बाद भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने राजू सोनकर को पद से हटाने का निर्णय लिया। पार्टी ने इस संबंध में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी सूचना दे दी है। 

पार्टी ने राजू सोनकर के स्थान पर विकास कुर्रे को बेलतरा पूर्वी मंडल में अनुसूचित जाति मोर्चा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने कहा कि पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता देती है और अपराध से जुड़े मामलों में सख्त रुख अपनाती है। उन्होंने कहा कि मामले में नाम सामने आने के बाद संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। फिलहाल हत्या के मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, भाजपा ने घेरा


नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट 2026 के दौरान शुक्रवार को इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ लिखी टी-शर्ट लहराई।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान 15 से 20 की संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और हाथों में सफेद रंग की टी-शर्ट लेकर विरोध जताया। टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर लगी थी और उस पर ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ लिखा हुआ था।

इंडियन यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि एआई समिट के मंच के पीछे सच को दबाया नहीं जा सकता। संगठन ने आरोप लगाया कि जब देशहित से ऊपर कॉरपोरेट हित नजर आने लगें और विदेश नीति में नरमी दिखे, तब विरोध करना आवश्यक हो जाता है।

वहीं, भाजपा ने इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय समिट के दौरान इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि धूमिल करने की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि यह संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित प्रयोग था और इसकी योजना राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

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रमजान में रोजेदार कर्मचारियों को राहत, एक घंटे पहले घर जा सकेंगे


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / पवित्र रमजान माह की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने मुस्लिम अधिकारी और कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने रोजा रखने वाले कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालय समय से एक घंटे पहले घर जाने की अनुमति देने का फैसला किया है, ताकि वे इफ्तार और नमाज की तैयारी समय पर कर सकें।

सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य रमजान के दौरान रोजेदारों को उनकी धार्मिक जिम्मेदारियां निभाने में सहूलियत देना है। रमजान इस्लाम धर्म में इबादत, संयम और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण महीना माना जाता है। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोग दिनभर रोजा रखते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार कर रोजा खोलते हैं। ऐसे में कार्यालय से एक घंटे पहले छुट्टी मिलने से कर्मचारी अपने परिवार के साथ इफ्तार में शामिल हो सकेंगे और नमाज अदा कर सकेंगे।

राज्य सरकार के इस फैसले का छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने स्वागत किया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि सरकार सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दौरान अपनी धार्मिक जिम्मेदारियां निभाने में सुविधा मिलेगी। सरकार के इस फैसले को मुस्लिम समाज के बीच सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।  

मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव की कोशिश नाकाम


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा का नाम बदलने और कथित नए कानून के विरोध में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और शहर व ग्रामीण कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को बिलासपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। ‘मनरेगा बचाव संग्राम’ के तहत नेहरू चौक पर सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता शक्ति प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। कलेक्ट्रेट तक पहुंचने में असफल रहने पर कांग्रेस नेताओं ने बैरिकेडिंग स्थल पर ही जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया। 

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। हालांकि, पुलिस की घेराबंदी के कारण कांग्रेसी कलेक्ट्रेट का घेराव नहीं कर सके। कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।

पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि बीजेपी सरकार गांधी नाम से डरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने की साजिश कर रही है और नया कानून लागू कर ग्रामीण मजदूरों के हितों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि कथित काला कानून तत्काल वापस लिया जाए और मनरेगा व्यवस्था को पहले की तरह मजबूत किया जाए। 

कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण परिवारों की आजीविका का अहम आधार है। इसके कमजोर होने से मजदूरों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

प्रदर्शन के दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पंकज सिंह, समीर अहमद बबला, अंकित गौरहा, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, पूर्व सांसद ईग्रीड मैकलाउड, पूर्व महापौर रामशरण यादव, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा प्रमोद नायक, राजेंद्र शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष भारत कश्यप, आशीष सिंह, रविंद्र सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा धूतेश, संतोष गर्ग, साकेत मिश्रा, तज्जमुल हक, हितेश देवांगन, गीतांजलि कौशिक, लक्ष्मीनाथ साहू, सुभाष अग्रवाल, अभ्युदय तिवारी, अरुण त्रिवेदी, बंटी बैसवाड़े, अश्वनी उद्देश्य, शैलेन्द्र निर्मलकर, धनंजय सिंह, विमल अग्रवाल, ब्रह्मदेव सिंह, शहनवाज खान, गौरव दुबे, बिहारी देवांगन, शहजादा खान, भावेंद्र गंगोत्री, अर्पित केशरवानी, जयपाल निर्मलकर, शोहराब खान, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष रंजित सिंह, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजू यादव, सुनील पटेल, विक्की यादव और अजय यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

तमनार घटना: महिला कांग्रेस की निंदा, सरकार पर संवादहीनता और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल


रायपुर |
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के तमनार क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मियों के साथ हुई घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गई हैं। फूलोदेवी नेताम ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फूलोदेवी नेताम ने कहा कि तमनार में महिला टीआई और महिला आरक्षक के साथ जो घटना घटी, वह बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राज्य में इस तरह का माहौल पहले कभी देखने को नहीं मिला।

कोल माइंस परियोजना और स्थानीय विरोध

नेताम ने बताया कि रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र के गारे पेलमा सेक्टर-1 में जिंदल स्टील को ओपन कास्ट कोयला खदान आवंटित की गई है। इसके लिए 8 दिसंबर को जनसुनवाई आयोजित की गई थी, लेकिन क्षेत्र के ग्रामीण, आदिवासी और स्थानीय निवासी शुरुआत से ही इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं।

उनके अनुसार, प्रभावित 14 गांवों के लोग अपनी पुश्तैनी ज़मीन देने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला उत्खनन से खेती-बाड़ी, जंगल और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। नेताम ने कहा कि स्थानीय लोग लंबे समय से सरकार से संवाद और समाधान की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार या प्रशासन की ओर से किसी भी स्तर पर उनसे बातचीत का प्रयास नहीं किया गया।

संवाद की कमी और बढ़ता तनाव

फूलोदेवी नेताम का कहना है कि संवाद की कमी के कारण प्रदेश में तनावपूर्ण स्थिति बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कार्यकाल में राज्य में अराजकता का माहौल बनता जा रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है। उन्होंने कहा, “आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया जाना दुखद है और महिला पुलिस कर्मियों के साथ हुई घटना भी उतनी ही पीड़ादायक है। दोनों ही घटनाएँ चिंता का विषय हैं।”

सरकार पर लगाए आरोप

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि भारतीय जनता पार्टी की “डबल इंजन सरकार” में जनता क्यों लगातार आक्रोशित हो रही है और क्यों लोग कानून अपने हाथ में लेने को मजबूर हो रहे हैं। उनके अनुसार, राज्य की स्थिति अब चिंताजनक होती जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जल, जंगल और ज़मीन को केवल पूंजीपतियों के लिए मानकर चल रही है और जो लोग अपनी बात मुखरता से रखते हैं या आंदोलन करते हैं, उनके साथ बिना संवाद के बल प्रयोग किया जा रहा है। नेताम ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान हुई एक व्यक्ति की मृत्यु के लिए भी सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

महिला सुरक्षा पर सवाल

फूलोदेवी नेताम ने कहा कि यदि राज्य में महिला टीआई और महिला आरक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की कल्पना करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इस घटना को महिला सुरक्षा के लिहाज़ से भी बेहद गंभीर बताया। इस संबंध में जानकारी वंदना राजपूत की ओर से दी गई है।

नड्डा के बयान पर कांग्रेस का तीखा ऐतराज, झीरम शहीदों का अपमान बताया


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के झीरम घाटी कांड को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नड्डा का बयान झीरम शहीदों का अपमान है और उनके परिजनों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए शुक्ला ने कहा कि नड्डा का बयान बेहद आपत्तिजनक और स्तरहीन है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि एनआईए नड्डा से पूछताछ करे कि उन्होंने यह बयान किस आधार पर दिया है और उनके पास इसके क्या सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नड्डा ने केवल राजनीतिक उद्देश्य से बयानबाजी की है और इसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही कांग्रेस ने भाजपा से नड्डा पर कार्रवाई की मांग की है।

शुक्ला ने कहा कि झीरम घाटी कांड में कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेताओं की पूरी एक पीढ़ी को खोया है। उस समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और केंद्र में भी पिछले बारह वर्षों से भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद एनआईए अब तक झीरम हमले के दोषियों तक क्यों नहीं पहुंच पाई, यह गंभीर सवाल है।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह से एनआईए ने पूछताछ क्यों नहीं की। कांग्रेस ने मांग की कि रमन सिंह का नार्को टेस्ट कराया जाए, जिससे झीरम घाटी कांड का पूरा सच सामने आ सके। शुक्ला ने कहा कि झीरम घाटी कांड स्वतंत्र भारत की सबसे हृदयविदारक घटनाओं में से एक है, जो भाजपा शासनकाल में घटित हुई। कांग्रेस का आरोप है कि दोषियों को सजा से बचाने के लिए भाजपा लगातार षड्यंत्र करती रही है।

खेल महोत्सव का समापन, सांसद कला महोत्सव शुरू करने तोखन ने किया ऐलान


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज स्थानीय बहतराई खेल स्टेडियम में आयोजित समारोह में सांसद खेल महोत्सव का रंगारंग समापन किया। उन्होंने पहली बार आयोजित सांसद खेल महोत्सव की सफलता से उत्साहित होकर इसी तर्ज पर सांसद कला महोत्सव जल्द शुरू करने की घोषणा की। लगभग डेढ़ महीने तक चले इस महोत्सव में बिलासपुर एवं मुंगेली जिले की ग्राम पंचायत से जनपद एवं जिला स्तर पर 12 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। फाइनल प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और नगद राशि देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक बेलतरा श्री सुशांत शुक्ला ने की। 

     इस मौके पर तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यह तभी संभव होगा जब हर आदमी स्वस्थ एवं फिट रहे। इसके लिए हर आदमी को अपनी रूचि के अनुरूप कोई न कोई खेल में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव में स्थानीय स्तर पर प्रचलित खेलों को शामिल किया गया ताकि अधिकाधिक लोग इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा को निखार सकें। कबड्डी,खो-खो, रस्साकसी, नीबू दौड़, बोरा दौड़ जैसे एक दर्जन खेल प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया। इन खेलों को हमें भूलना नहीं है। उन्होंने कहा भविष्य में सांसद खेल महोत्सव का दायरा और बढ़ाकर व्यापक रूप में आयोजित किया जायेगा। श्री साहू ने बताया कि आगामी 25 दिसम्बर को माननीय प्रधानमंत्री सांसद खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को वचुअल सम्बोधित करेंगे।  

      कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  की मंशा के अनुरूप सांसद खेल महोत्सव आयोजित किये गए। मैं स्वयं ग्रामीण स्तर के कई आयोजन में शामिल हुआ। खेल के प्रति लोगों में अपार उत्साह देखा गया। एक प्रकार से हमारी प्राचीन और परम्परागत खेलों को एक बार फिर मंच मिल पाया है। खेलों से हमारी एकाग्रता और सामूहिकता की भावना बढ़ती है। 

फाइनल प्रतियोगिता के परिणाम -

कबड्डी बालक वर्ग में प्रथम स्थान मुंगेली, द्वितीय पथरिया, तृतीय बिल्हा, कबड्डी बालिका वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय पथरिया, तृतीय स्थान बिल्हा, रस्साकसी पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय तखतपुर, तृतीय बिल्हा, रस्साकसी महिला वर्ग में प्रथम स्थान तखतपुर, द्वितीय बिल्हा, तृतीय पथरिया, फुटबॉल के पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान कोटा, द्वितीय कोटा नगर पंचायत, तृतीय बिल्हा, फुटबॉल महिला वर्ग में प्रथम स्थान बिल्हा, द्वितीय कोटा, वॉलीबॉल पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान तखतपुर, द्वितीय मस्तुरी, तृतीय लोरमी, वॉलीबॉल महिला वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय कोटा, तृतीय लोरमी, 100×4 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान नगर पालिक निगम बिलासपुर, द्वितीय कोटा एवं तृतीय स्थान लोरमी को मिला। चैम्पियन ट्रॉफी में प्रथम एवं द्वितीय स्थान जनपद पंचायत कोटा को दिया गया। बिलासपुर जिले की मस्तुरी, बिल्हा, तखतपुर, कोटा एवं मुंगेली जिले की लोरमी, पथरिया एवं मुंगेली जिले के 12 हजार से ज्यादा खिलाड़ी प्रतियोगिता में शािमल हुए। कबड़डी, 4 सौ मीटर दौड़, बोरा दौड़, पैदल दौड़, रस्साकशी, 100 मीटर रिले दौड़, फूटबाल, नीबू दौड़, लगोरी, बालीबाल और तीरंदाजी प्रतियोगिता महोत्सव में शामिल थे। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में खेल अधिकारी ए एक्का,बिल्हा सीईओ कुमार लहरे, मस्तुरी सीईओ जेआर भगत, कोटा सीईओ युवराज सिन्हा, तखतपुर सीईओ श्री तिवारी एवं पूरी टीम का सक्रिय योगदान रहा है।

बेलतरा विधायक ने जनता से किया संवाद, शासन की योजनाओं की मिली जानकारी


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य सरकार के गठन के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शासन की उपलब्धियों  व जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन सीएमडी कॉलेज मैदान में किया गया। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कार्यक्रम में लोगों से सार्थक संवाद किया, और योजनाओं के विषय में प्रश्न किए, उन्होंने  जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना की।  छत्तीसगढ़ी व्यंजन मेले के साथ आयोजित कार्यक्रम में सरकार के विकास कार्यों और योजनाओं पर आधारित प्रश्नोत्तरी और खेल प्रतियोगिताओं का लोगों ने भरपूर लुत्फ उठाया और इनाम जीते। 
     आर जे अनिमेष ने रोचक और मनोरंजक तरीके से लोगों से योजनाओं से संबंधित प्रश्न किए और विभिन्न गेम्स के जरिए योजनाओं से संबंधित सवाल किए। कार्यक्रम में लोक कलाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं  की शानदार प्रस्तुति ने समां बांध दिया। कार्यक्रम में पहुंची श्रीमती सीमा चतुर्वेदी ने कहा कि यहां उन्हें छत्तीसगढ के विभिन्न व्यंजनों के स्वाद के साथ शासन कल्याणकारी योजनाओं  की जानकारी मनोरंजक तरीके से मिली।उन्होंने कहा कि लोक सांस्कृतिक व स्थानीय कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। 
   विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं खेल गतिविधियों, सामान्य ज्ञान ,प्रश्नोत्तरी में  विजेता प्रतिभागियों को  जनसंपर्क विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती इस्मत जहां  दानी और बिलासपुर जनसंपर्क कार्यालय की सहायक जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती रचना मिश्रा द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में संपूर्ण स्वाद महिला समूह की अध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा तिवारी का सहयोग रहा, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ,महिलाओं की सहभागिता रही।

कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला: मनरेगा खत्म करने की साजिश, नेशनल हेराल्ड केस राजनीतिक प्रतिशोध


बिलासपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर गुरुवार को बिलासपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुमा आचार्य ने दो अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर कर उसे धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मनरेगा की आत्मा पर हमला

अनुमा आचार्य ने आरोप लगाया कि मनरेगा की आत्मा ग्राम पंचायतों के अधिकार, रोजगार की कानूनी गारंटी और सत्ता के विकेंद्रीकरण में निहित है, जिसे जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने फंडिंग रेश्यो को 90:10 से बदलकर 60:40 कर दिया, कार्य अवधि 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी और ग्राम पंचायतों से अधिकार छीन लिए गए। उन्होंने कहा कि बिना किसी पायलट प्रोजेक्ट के कानून में बदलाव कर दिया गया, जो देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। 

125 दिन रोजगार का दावा केवल छलावा है, जबकि हकीकत में औसतन 40 से 50 दिन से अधिक रोजगार नहीं दिया जा रहा।

नेशनल हेराल्ड केस पर कांग्रेस का पलटवार

दूसरे मुद्दे पर बोलते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12–13 वर्षों तक सीबीआई और ईडी खुद स्वीकार करती रहीं कि न कोई मनी ट्रांजैक्शन हुआ, न संपत्ति का ट्रांसफर और न ही कोई मूल अपराध मौजूद था। उन्होंने कहा कि अदालत के हालिया फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला निराधार था। यह सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की जीत है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मनरेगा को कमजोर करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।

ये रहे मौजूद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष विजय केसरवानी, विजय पाण्डेय, सियाराम कौशिक, ग्रामीण महिला अध्यक्ष सीमा धृतेश, प्रदेश महिला महासचिव शिल्पी तिवारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेरू असलम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वीबी-जी राम जी बिल को लेकर राहुल गांधी का हमला, कहा—ग्रामीण गरीबों का सहारा छीना


नई दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र की मोदी सरकार पर 20 वर्ष पुरानी मनरेगा योजना को समाप्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने संसद से पारित नए ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक को गांव और गरीब विरोधी करार दिया।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ‘वीबी-जी राम जी’ बिल मनरेगा का पुनर्गठन नहीं, बल्कि इसे खत्म करने की साजिश है। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार ने एक ही दिन में 20 साल पुरानी मनरेगा योजना को ढहा दिया। राहुल गांधी के अनुसार, मनरेगा ने ग्रामीण मजदूरों को सौदेबाजी की ताकत दी, जिससे शोषण और मजबूरी में होने वाला पलायन कम हुआ, मजदूरी बढ़ी और कामकाजी हालात बेहतर हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस योजना की ताकत कमजोर करना चाहती है। काम की सीमा तय कर और काम से इनकार के नए रास्ते बनाकर यह विधेयक ग्रामीण गरीबों के इकलौते सहारे को कमजोर करता है। 

राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब देश की अर्थव्यवस्था ठप पड़ गई थी, तब मनरेगा ने करोड़ों लोगों को भूख और कर्ज में डूबने से बचाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से महिलाओं को सबसे अधिक लाभ मिला और हर वर्ष आधे से अधिक कार्य-दिवस महिलाओं के नाम रहे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस विधेयक को बिना पर्याप्त चर्चा और जांच के संसद में जल्दबाजी में पारित किया गया। विपक्ष की मांग के बावजूद इसे संसदीय स्थायी समिति के पास नहीं भेजा गया।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीण गरीबों की आखिरी सुरक्षा को खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी मजदूरों, पंचायतों और राज्यों के साथ मिलकर इस कानून को वापस लेने के लिए देशव्यापी आंदोलन करेगी।

उल्लेखनीय है कि संसद ने गुरुवार देर रात ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक पारित किया, जो 20 वर्ष पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लागू किया जाएगा।

भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव: नितिन नवीन बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष


नई दिल्ली।
  TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री नितिन नवीन को अपना राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। यह राज्य से जुड़े एक वरिष्ठ नेता के लिए एक बड़ा संगठनात्मक पदोन्नयन माना जा रहा है। वह भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में से एक हैं। यह निर्णय भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया और इसकी घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से की गई। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

नितिन नवीन वर्तमान में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं और उन्हें भाजपा में एक अनुभवी संगठनात्मक नेता माना जाता है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके करीबी समन्वय के लिए पहचाने जाने वाले नितिन नवीन ने बिहार में पार्टी के जमीनी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के साथ भी व्यापक रूप से काम किया है और युवा कार्यकर्ताओं के बीच संगठनात्मक मजबूती खड़ी करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है।

बिहार में अपने कार्य के अलावा, नितिन नवीन ने राज्य प्रभारी के रूप में भी सेवाएँ दी हैं, जिससे उन्हें अपने गृह राज्य से बाहर संगठनात्मक प्रबंधन का अनुभव मिला है। वर्षों के दौरान उन्होंने कई संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ निभाई हैं और एक अनुशासित नेता के रूप में पहचान बनाई है, जिनके पार्टी कार्यकर्ताओं और राज्य नेतृत्व से मजबूत संबंध हैं।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में, नितिन नवीन की जिम्मेदारी होगी कि वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करें, संगठनात्मक मामलों की देखरेख करें और देशभर में भाजपा की राजनीतिक एवं चुनावी रणनीतियों को लागू करने में सहयोग करें।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। जनवरी 2020 में पदभार संभालने वाले नड्डा को 2024 के लोकसभा चुनाव सहित कई अहम राजनीतिक चरणों के दौरान पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कई बार कार्यकाल विस्तार दिया गया था। हालिया संगठनात्मक फेरबदल भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में संक्रमण काल का संकेत देता है।

नितिन नवीन कौन हैं?

नितिन नवीन बिहार से भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। उनका जन्म पटना में हुआ था। वह दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक थे। पिता के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति में प्रवेश किया।

नितिन नवीन पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2006 में पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने बांकीपुर विधानसभा सीट से 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार चार बार जीत दर्ज की।

2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा को निर्णायक अंतर से हराया था। हाल के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बांकीपुर सीट से 51,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। 

जमीन की खरीद-बिक्री पर राहत: सरकार ने कलेक्टर गाइडलाइन दर में संशोधित आदेश वापस लिया


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रदेश में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर कलेक्टर गाइडलाइन दरों में की गई वृद्धि पर व्यापक विरोध के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री साय की सरकार ने गाइडलाइन दरों से संबंधित कई संशोधित आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आदेश जारी कर दिया है, जिससे जमीन कारोबारी, आम नागरिकों और किसानों को राहत मिलने की संभावना है।

500 प्रतिशत तक वृद्धि से भड़का विरोध

हाल ही में जारी नए गाइडलाइन दरों में कई जिलों में 100 प्रतिशत तक, जबकि कुछ क्षेत्रों में 500 प्रतिशत तक वृद्धि की गई थी। इस बढ़ोतरी ने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गर्मा दिया। किसान, आम नागरिक, भूमि विक्रेता और रियल एस्टेट कारोबारी इसके विरुद्ध सड़क पर उतर आए। साथ ही, विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया।

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सत्ता पक्ष के सांसद ने भी चेताया

गाइडलाइन दर बढ़ोतरी के विरोध में सिर्फ विपक्ष ही नहीं, सत्ता पक्ष से भी नाराजगी सामने आई। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि यदि गाइडलाइन वापस नहीं ली गई, तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था, राजस्व और रियल एस्टेट गतिविधियों में ठहराव आ सकता है। उनका कहना था कि जमीन खरीद-बिक्री प्रभावित होने से मंडी, उद्योग और निवेश पर विपरीत असर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री साय का जवाब: नियमों के अनुसार समीक्षा जरूरी

विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री साय ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि वर्ष 2017 के बाद से गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया, जबकि नियमानुसार हर वर्ष इसकी समीक्षा आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया था कि यदि नई दरों से जनता पर बोझ बढ़ता है, तो सरकार समीक्षा कर राहत देगी। इसी आधार पर अब संशोधित आदेश वापस ले लिए गए हैं। 

लाभ किसे मिलेगा ?

संशोधित आदेश वापस लेने के बाद:

✔ जमीन खरीदने वालों पर अतिरिक्त बोझ कम होगा

✔ किसानों की कृषि भूमि की खरीदी-बिक्री प्रभावित नहीं होगी

✔ रियल एस्टेट कारोबार में फिर से गति आएगी

✔ निवेश को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल लौट सकता है

रायपुर में करणी सेना की महापंचायत, राजगीत का अपमान; पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन में जुटे मुठ्ठी भर लोग


रायपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / राजधानी में सूदखोरी के आरोपी हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह और रोहित तोमर के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में रविवार को राजपूत करणी सेना ने महापंचायत आयोजित की। संगठन से जुड़े कार्यकर्ता अलग-अलग जिलों से रायपुर पहुंचे और तोमर परिवार के घर के सामने मैदान में इकट्ठा हुए।

महापंचायत के बाद करणी सेना के प्रतिनिधि शाम चार बजे गृहमंत्री विजय शर्मा के शासकीय निवास के सामने पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। सेना की ओर से यह कार्रवाई आठ सूत्रीय मांग पत्र के आधार पर की जा रही है।


कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ी राजगीत ‘अरपा पैरी के धार’ को बजाकर की गई। लेकिन आयोजन के दौरान कई कार्यकर्ता गीत बजने के समय बैठे रहे, जिससे विवाद की स्थिति बनी। राजगीत के दौरान खड़े होकर सम्मान देने का नियम अधिसूचित है और पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में प्रकरण दर्ज करने पर विचार किया जा रहा है। 
सेना क्या मांग कर रही है ?

करणी सेना का कहना है कि तोमर परिवार और संगठन से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक और आधारहीन हैं। संगठन ने सरकार से निम्न मांगें की हैं — प्रमुख मांगों में संबंधित टीआई और सीएसपी पर कार्रवाई, सूदखोरी प्रकरणों में दर्ज एफआईआर को निरस्त किया जाये, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली की जाँच समेत अन्य मुद्दे हैं।  


गृहमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय ने फिलहाल इस मामले पर टिप्पणी नहीं की है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों और मांगों को विधि अनुसार जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Chhattisgarh: रजिस्ट्री दरों में बढ़ोतरी पर विवाद, मुख्यमंत्री ने पुनर्विचार के दिए संकेत


रायपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में जमीन की नई रजिस्ट्री (गाइडलाइन) दरों में बढ़ोतरी के विरोध के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सरकार जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी। साय का कहना है कि गाइडलाइन दर को लेकर विभागीय स्तर पर अभी भी चर्चा जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से राज्य में जमीन की गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया था, जबकि नियमों के अनुसार हर वर्ष इन दरों को अपडेट किया जाना चाहिए। साय ने कहा कि गाइडलाइन में बढ़ोतरी के कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, लेकिन वे अभी जनता को स्पष्ट रूप से समझ नहीं आ रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि नई दरों से आम लोगों को असुविधा होती है, तो सरकार स्थिति की समीक्षा कर राहत विकल्पों पर विचार करेगी।


नई गाइडलाइन दरों को वापस लेने की मांग तेज होती जा रही है। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि दरों में वृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। वहीं, विपक्षी दल इसके विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और दरों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
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