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तमनार घटना: महिला कांग्रेस की निंदा, सरकार पर संवादहीनता और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल


रायपुर |
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के तमनार क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मियों के साथ हुई घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गई हैं। फूलोदेवी नेताम ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फूलोदेवी नेताम ने कहा कि तमनार में महिला टीआई और महिला आरक्षक के साथ जो घटना घटी, वह बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राज्य में इस तरह का माहौल पहले कभी देखने को नहीं मिला।

कोल माइंस परियोजना और स्थानीय विरोध

नेताम ने बताया कि रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र के गारे पेलमा सेक्टर-1 में जिंदल स्टील को ओपन कास्ट कोयला खदान आवंटित की गई है। इसके लिए 8 दिसंबर को जनसुनवाई आयोजित की गई थी, लेकिन क्षेत्र के ग्रामीण, आदिवासी और स्थानीय निवासी शुरुआत से ही इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं।

उनके अनुसार, प्रभावित 14 गांवों के लोग अपनी पुश्तैनी ज़मीन देने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला उत्खनन से खेती-बाड़ी, जंगल और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। नेताम ने कहा कि स्थानीय लोग लंबे समय से सरकार से संवाद और समाधान की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार या प्रशासन की ओर से किसी भी स्तर पर उनसे बातचीत का प्रयास नहीं किया गया।

संवाद की कमी और बढ़ता तनाव

फूलोदेवी नेताम का कहना है कि संवाद की कमी के कारण प्रदेश में तनावपूर्ण स्थिति बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कार्यकाल में राज्य में अराजकता का माहौल बनता जा रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है। उन्होंने कहा, “आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया जाना दुखद है और महिला पुलिस कर्मियों के साथ हुई घटना भी उतनी ही पीड़ादायक है। दोनों ही घटनाएँ चिंता का विषय हैं।”

सरकार पर लगाए आरोप

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि भारतीय जनता पार्टी की “डबल इंजन सरकार” में जनता क्यों लगातार आक्रोशित हो रही है और क्यों लोग कानून अपने हाथ में लेने को मजबूर हो रहे हैं। उनके अनुसार, राज्य की स्थिति अब चिंताजनक होती जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जल, जंगल और ज़मीन को केवल पूंजीपतियों के लिए मानकर चल रही है और जो लोग अपनी बात मुखरता से रखते हैं या आंदोलन करते हैं, उनके साथ बिना संवाद के बल प्रयोग किया जा रहा है। नेताम ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान हुई एक व्यक्ति की मृत्यु के लिए भी सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

महिला सुरक्षा पर सवाल

फूलोदेवी नेताम ने कहा कि यदि राज्य में महिला टीआई और महिला आरक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की कल्पना करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इस घटना को महिला सुरक्षा के लिहाज़ से भी बेहद गंभीर बताया। इस संबंध में जानकारी वंदना राजपूत की ओर से दी गई है।

नड्डा के बयान पर कांग्रेस का तीखा ऐतराज, झीरम शहीदों का अपमान बताया


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के झीरम घाटी कांड को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नड्डा का बयान झीरम शहीदों का अपमान है और उनके परिजनों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए शुक्ला ने कहा कि नड्डा का बयान बेहद आपत्तिजनक और स्तरहीन है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि एनआईए नड्डा से पूछताछ करे कि उन्होंने यह बयान किस आधार पर दिया है और उनके पास इसके क्या सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नड्डा ने केवल राजनीतिक उद्देश्य से बयानबाजी की है और इसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही कांग्रेस ने भाजपा से नड्डा पर कार्रवाई की मांग की है।

शुक्ला ने कहा कि झीरम घाटी कांड में कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेताओं की पूरी एक पीढ़ी को खोया है। उस समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और केंद्र में भी पिछले बारह वर्षों से भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद एनआईए अब तक झीरम हमले के दोषियों तक क्यों नहीं पहुंच पाई, यह गंभीर सवाल है।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह से एनआईए ने पूछताछ क्यों नहीं की। कांग्रेस ने मांग की कि रमन सिंह का नार्को टेस्ट कराया जाए, जिससे झीरम घाटी कांड का पूरा सच सामने आ सके। शुक्ला ने कहा कि झीरम घाटी कांड स्वतंत्र भारत की सबसे हृदयविदारक घटनाओं में से एक है, जो भाजपा शासनकाल में घटित हुई। कांग्रेस का आरोप है कि दोषियों को सजा से बचाने के लिए भाजपा लगातार षड्यंत्र करती रही है।

खेल महोत्सव का समापन, सांसद कला महोत्सव शुरू करने तोखन ने किया ऐलान


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज स्थानीय बहतराई खेल स्टेडियम में आयोजित समारोह में सांसद खेल महोत्सव का रंगारंग समापन किया। उन्होंने पहली बार आयोजित सांसद खेल महोत्सव की सफलता से उत्साहित होकर इसी तर्ज पर सांसद कला महोत्सव जल्द शुरू करने की घोषणा की। लगभग डेढ़ महीने तक चले इस महोत्सव में बिलासपुर एवं मुंगेली जिले की ग्राम पंचायत से जनपद एवं जिला स्तर पर 12 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। फाइनल प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और नगद राशि देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक बेलतरा श्री सुशांत शुक्ला ने की। 

     इस मौके पर तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यह तभी संभव होगा जब हर आदमी स्वस्थ एवं फिट रहे। इसके लिए हर आदमी को अपनी रूचि के अनुरूप कोई न कोई खेल में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव में स्थानीय स्तर पर प्रचलित खेलों को शामिल किया गया ताकि अधिकाधिक लोग इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा को निखार सकें। कबड्डी,खो-खो, रस्साकसी, नीबू दौड़, बोरा दौड़ जैसे एक दर्जन खेल प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया। इन खेलों को हमें भूलना नहीं है। उन्होंने कहा भविष्य में सांसद खेल महोत्सव का दायरा और बढ़ाकर व्यापक रूप में आयोजित किया जायेगा। श्री साहू ने बताया कि आगामी 25 दिसम्बर को माननीय प्रधानमंत्री सांसद खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को वचुअल सम्बोधित करेंगे।  

      कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  की मंशा के अनुरूप सांसद खेल महोत्सव आयोजित किये गए। मैं स्वयं ग्रामीण स्तर के कई आयोजन में शामिल हुआ। खेल के प्रति लोगों में अपार उत्साह देखा गया। एक प्रकार से हमारी प्राचीन और परम्परागत खेलों को एक बार फिर मंच मिल पाया है। खेलों से हमारी एकाग्रता और सामूहिकता की भावना बढ़ती है। 

फाइनल प्रतियोगिता के परिणाम -

कबड्डी बालक वर्ग में प्रथम स्थान मुंगेली, द्वितीय पथरिया, तृतीय बिल्हा, कबड्डी बालिका वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय पथरिया, तृतीय स्थान बिल्हा, रस्साकसी पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय तखतपुर, तृतीय बिल्हा, रस्साकसी महिला वर्ग में प्रथम स्थान तखतपुर, द्वितीय बिल्हा, तृतीय पथरिया, फुटबॉल के पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान कोटा, द्वितीय कोटा नगर पंचायत, तृतीय बिल्हा, फुटबॉल महिला वर्ग में प्रथम स्थान बिल्हा, द्वितीय कोटा, वॉलीबॉल पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान तखतपुर, द्वितीय मस्तुरी, तृतीय लोरमी, वॉलीबॉल महिला वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय कोटा, तृतीय लोरमी, 100×4 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान नगर पालिक निगम बिलासपुर, द्वितीय कोटा एवं तृतीय स्थान लोरमी को मिला। चैम्पियन ट्रॉफी में प्रथम एवं द्वितीय स्थान जनपद पंचायत कोटा को दिया गया। बिलासपुर जिले की मस्तुरी, बिल्हा, तखतपुर, कोटा एवं मुंगेली जिले की लोरमी, पथरिया एवं मुंगेली जिले के 12 हजार से ज्यादा खिलाड़ी प्रतियोगिता में शािमल हुए। कबड़डी, 4 सौ मीटर दौड़, बोरा दौड़, पैदल दौड़, रस्साकशी, 100 मीटर रिले दौड़, फूटबाल, नीबू दौड़, लगोरी, बालीबाल और तीरंदाजी प्रतियोगिता महोत्सव में शामिल थे। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में खेल अधिकारी ए एक्का,बिल्हा सीईओ कुमार लहरे, मस्तुरी सीईओ जेआर भगत, कोटा सीईओ युवराज सिन्हा, तखतपुर सीईओ श्री तिवारी एवं पूरी टीम का सक्रिय योगदान रहा है।

बेलतरा विधायक ने जनता से किया संवाद, शासन की योजनाओं की मिली जानकारी


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य सरकार के गठन के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शासन की उपलब्धियों  व जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन सीएमडी कॉलेज मैदान में किया गया। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कार्यक्रम में लोगों से सार्थक संवाद किया, और योजनाओं के विषय में प्रश्न किए, उन्होंने  जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना की।  छत्तीसगढ़ी व्यंजन मेले के साथ आयोजित कार्यक्रम में सरकार के विकास कार्यों और योजनाओं पर आधारित प्रश्नोत्तरी और खेल प्रतियोगिताओं का लोगों ने भरपूर लुत्फ उठाया और इनाम जीते। 
     आर जे अनिमेष ने रोचक और मनोरंजक तरीके से लोगों से योजनाओं से संबंधित प्रश्न किए और विभिन्न गेम्स के जरिए योजनाओं से संबंधित सवाल किए। कार्यक्रम में लोक कलाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं  की शानदार प्रस्तुति ने समां बांध दिया। कार्यक्रम में पहुंची श्रीमती सीमा चतुर्वेदी ने कहा कि यहां उन्हें छत्तीसगढ के विभिन्न व्यंजनों के स्वाद के साथ शासन कल्याणकारी योजनाओं  की जानकारी मनोरंजक तरीके से मिली।उन्होंने कहा कि लोक सांस्कृतिक व स्थानीय कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। 
   विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं खेल गतिविधियों, सामान्य ज्ञान ,प्रश्नोत्तरी में  विजेता प्रतिभागियों को  जनसंपर्क विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती इस्मत जहां  दानी और बिलासपुर जनसंपर्क कार्यालय की सहायक जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती रचना मिश्रा द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में संपूर्ण स्वाद महिला समूह की अध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा तिवारी का सहयोग रहा, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ,महिलाओं की सहभागिता रही।

कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला: मनरेगा खत्म करने की साजिश, नेशनल हेराल्ड केस राजनीतिक प्रतिशोध


बिलासपुर ।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर गुरुवार को बिलासपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुमा आचार्य ने दो अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर कर उसे धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मनरेगा की आत्मा पर हमला

अनुमा आचार्य ने आरोप लगाया कि मनरेगा की आत्मा ग्राम पंचायतों के अधिकार, रोजगार की कानूनी गारंटी और सत्ता के विकेंद्रीकरण में निहित है, जिसे जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने फंडिंग रेश्यो को 90:10 से बदलकर 60:40 कर दिया, कार्य अवधि 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी और ग्राम पंचायतों से अधिकार छीन लिए गए। उन्होंने कहा कि बिना किसी पायलट प्रोजेक्ट के कानून में बदलाव कर दिया गया, जो देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। 

125 दिन रोजगार का दावा केवल छलावा है, जबकि हकीकत में औसतन 40 से 50 दिन से अधिक रोजगार नहीं दिया जा रहा।

नेशनल हेराल्ड केस पर कांग्रेस का पलटवार

दूसरे मुद्दे पर बोलते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12–13 वर्षों तक सीबीआई और ईडी खुद स्वीकार करती रहीं कि न कोई मनी ट्रांजैक्शन हुआ, न संपत्ति का ट्रांसफर और न ही कोई मूल अपराध मौजूद था। उन्होंने कहा कि अदालत के हालिया फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला निराधार था। यह सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की जीत है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मनरेगा को कमजोर करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।

ये रहे मौजूद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष विजय केसरवानी, विजय पाण्डेय, सियाराम कौशिक, ग्रामीण महिला अध्यक्ष सीमा धृतेश, प्रदेश महिला महासचिव शिल्पी तिवारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेरू असलम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वीबी-जी राम जी बिल को लेकर राहुल गांधी का हमला, कहा—ग्रामीण गरीबों का सहारा छीना


नई दिल्ली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र की मोदी सरकार पर 20 वर्ष पुरानी मनरेगा योजना को समाप्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने संसद से पारित नए ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक को गांव और गरीब विरोधी करार दिया।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ‘वीबी-जी राम जी’ बिल मनरेगा का पुनर्गठन नहीं, बल्कि इसे खत्म करने की साजिश है। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार ने एक ही दिन में 20 साल पुरानी मनरेगा योजना को ढहा दिया। राहुल गांधी के अनुसार, मनरेगा ने ग्रामीण मजदूरों को सौदेबाजी की ताकत दी, जिससे शोषण और मजबूरी में होने वाला पलायन कम हुआ, मजदूरी बढ़ी और कामकाजी हालात बेहतर हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस योजना की ताकत कमजोर करना चाहती है। काम की सीमा तय कर और काम से इनकार के नए रास्ते बनाकर यह विधेयक ग्रामीण गरीबों के इकलौते सहारे को कमजोर करता है। 

राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब देश की अर्थव्यवस्था ठप पड़ गई थी, तब मनरेगा ने करोड़ों लोगों को भूख और कर्ज में डूबने से बचाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से महिलाओं को सबसे अधिक लाभ मिला और हर वर्ष आधे से अधिक कार्य-दिवस महिलाओं के नाम रहे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस विधेयक को बिना पर्याप्त चर्चा और जांच के संसद में जल्दबाजी में पारित किया गया। विपक्ष की मांग के बावजूद इसे संसदीय स्थायी समिति के पास नहीं भेजा गया।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीण गरीबों की आखिरी सुरक्षा को खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी मजदूरों, पंचायतों और राज्यों के साथ मिलकर इस कानून को वापस लेने के लिए देशव्यापी आंदोलन करेगी।

उल्लेखनीय है कि संसद ने गुरुवार देर रात ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक पारित किया, जो 20 वर्ष पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लागू किया जाएगा।

भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव: नितिन नवीन बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष


नई दिल्ली।
  TODAY छत्तीसगढ़  / भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री नितिन नवीन को अपना राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। यह राज्य से जुड़े एक वरिष्ठ नेता के लिए एक बड़ा संगठनात्मक पदोन्नयन माना जा रहा है। वह भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में से एक हैं। यह निर्णय भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया और इसकी घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से की गई। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

नितिन नवीन वर्तमान में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं और उन्हें भाजपा में एक अनुभवी संगठनात्मक नेता माना जाता है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके करीबी समन्वय के लिए पहचाने जाने वाले नितिन नवीन ने बिहार में पार्टी के जमीनी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा के साथ भी व्यापक रूप से काम किया है और युवा कार्यकर्ताओं के बीच संगठनात्मक मजबूती खड़ी करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है।

बिहार में अपने कार्य के अलावा, नितिन नवीन ने राज्य प्रभारी के रूप में भी सेवाएँ दी हैं, जिससे उन्हें अपने गृह राज्य से बाहर संगठनात्मक प्रबंधन का अनुभव मिला है। वर्षों के दौरान उन्होंने कई संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ निभाई हैं और एक अनुशासित नेता के रूप में पहचान बनाई है, जिनके पार्टी कार्यकर्ताओं और राज्य नेतृत्व से मजबूत संबंध हैं।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में, नितिन नवीन की जिम्मेदारी होगी कि वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करें, संगठनात्मक मामलों की देखरेख करें और देशभर में भाजपा की राजनीतिक एवं चुनावी रणनीतियों को लागू करने में सहयोग करें।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। जनवरी 2020 में पदभार संभालने वाले नड्डा को 2024 के लोकसभा चुनाव सहित कई अहम राजनीतिक चरणों के दौरान पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कई बार कार्यकाल विस्तार दिया गया था। हालिया संगठनात्मक फेरबदल भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में संक्रमण काल का संकेत देता है।

नितिन नवीन कौन हैं?

नितिन नवीन बिहार से भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। उनका जन्म पटना में हुआ था। वह दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक थे। पिता के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति में प्रवेश किया।

नितिन नवीन पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2006 में पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने बांकीपुर विधानसभा सीट से 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार चार बार जीत दर्ज की।

2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा को निर्णायक अंतर से हराया था। हाल के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बांकीपुर सीट से 51,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। 

जमीन की खरीद-बिक्री पर राहत: सरकार ने कलेक्टर गाइडलाइन दर में संशोधित आदेश वापस लिया


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रदेश में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर कलेक्टर गाइडलाइन दरों में की गई वृद्धि पर व्यापक विरोध के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री साय की सरकार ने गाइडलाइन दरों से संबंधित कई संशोधित आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आदेश जारी कर दिया है, जिससे जमीन कारोबारी, आम नागरिकों और किसानों को राहत मिलने की संभावना है।

500 प्रतिशत तक वृद्धि से भड़का विरोध

हाल ही में जारी नए गाइडलाइन दरों में कई जिलों में 100 प्रतिशत तक, जबकि कुछ क्षेत्रों में 500 प्रतिशत तक वृद्धि की गई थी। इस बढ़ोतरी ने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गर्मा दिया। किसान, आम नागरिक, भूमि विक्रेता और रियल एस्टेट कारोबारी इसके विरुद्ध सड़क पर उतर आए। साथ ही, विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया।

इसे भी पढ़िये - Chhattisgarh:  रजिस्ट्री दरों में बढ़ोतरी पर विवाद, मुख्यमंत्री ने पुनर्विचार के दिए संकेत 

सत्ता पक्ष के सांसद ने भी चेताया

गाइडलाइन दर बढ़ोतरी के विरोध में सिर्फ विपक्ष ही नहीं, सत्ता पक्ष से भी नाराजगी सामने आई। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि यदि गाइडलाइन वापस नहीं ली गई, तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था, राजस्व और रियल एस्टेट गतिविधियों में ठहराव आ सकता है। उनका कहना था कि जमीन खरीद-बिक्री प्रभावित होने से मंडी, उद्योग और निवेश पर विपरीत असर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री साय का जवाब: नियमों के अनुसार समीक्षा जरूरी

विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री साय ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि वर्ष 2017 के बाद से गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया, जबकि नियमानुसार हर वर्ष इसकी समीक्षा आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया था कि यदि नई दरों से जनता पर बोझ बढ़ता है, तो सरकार समीक्षा कर राहत देगी। इसी आधार पर अब संशोधित आदेश वापस ले लिए गए हैं। 

लाभ किसे मिलेगा ?

संशोधित आदेश वापस लेने के बाद:

✔ जमीन खरीदने वालों पर अतिरिक्त बोझ कम होगा

✔ किसानों की कृषि भूमि की खरीदी-बिक्री प्रभावित नहीं होगी

✔ रियल एस्टेट कारोबार में फिर से गति आएगी

✔ निवेश को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल लौट सकता है

रायपुर में करणी सेना की महापंचायत, राजगीत का अपमान; पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन में जुटे मुठ्ठी भर लोग


रायपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / राजधानी में सूदखोरी के आरोपी हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह और रोहित तोमर के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में रविवार को राजपूत करणी सेना ने महापंचायत आयोजित की। संगठन से जुड़े कार्यकर्ता अलग-अलग जिलों से रायपुर पहुंचे और तोमर परिवार के घर के सामने मैदान में इकट्ठा हुए।

महापंचायत के बाद करणी सेना के प्रतिनिधि शाम चार बजे गृहमंत्री विजय शर्मा के शासकीय निवास के सामने पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। सेना की ओर से यह कार्रवाई आठ सूत्रीय मांग पत्र के आधार पर की जा रही है।


कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ी राजगीत ‘अरपा पैरी के धार’ को बजाकर की गई। लेकिन आयोजन के दौरान कई कार्यकर्ता गीत बजने के समय बैठे रहे, जिससे विवाद की स्थिति बनी। राजगीत के दौरान खड़े होकर सम्मान देने का नियम अधिसूचित है और पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में प्रकरण दर्ज करने पर विचार किया जा रहा है। 
सेना क्या मांग कर रही है ?

करणी सेना का कहना है कि तोमर परिवार और संगठन से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक और आधारहीन हैं। संगठन ने सरकार से निम्न मांगें की हैं — प्रमुख मांगों में संबंधित टीआई और सीएसपी पर कार्रवाई, सूदखोरी प्रकरणों में दर्ज एफआईआर को निरस्त किया जाये, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली की जाँच समेत अन्य मुद्दे हैं।  


गृहमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय ने फिलहाल इस मामले पर टिप्पणी नहीं की है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों और मांगों को विधि अनुसार जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Chhattisgarh: रजिस्ट्री दरों में बढ़ोतरी पर विवाद, मुख्यमंत्री ने पुनर्विचार के दिए संकेत


रायपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में जमीन की नई रजिस्ट्री (गाइडलाइन) दरों में बढ़ोतरी के विरोध के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सरकार जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी। साय का कहना है कि गाइडलाइन दर को लेकर विभागीय स्तर पर अभी भी चर्चा जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से राज्य में जमीन की गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया था, जबकि नियमों के अनुसार हर वर्ष इन दरों को अपडेट किया जाना चाहिए। साय ने कहा कि गाइडलाइन में बढ़ोतरी के कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, लेकिन वे अभी जनता को स्पष्ट रूप से समझ नहीं आ रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि नई दरों से आम लोगों को असुविधा होती है, तो सरकार स्थिति की समीक्षा कर राहत विकल्पों पर विचार करेगी।


नई गाइडलाइन दरों को वापस लेने की मांग तेज होती जा रही है। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि दरों में वृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। वहीं, विपक्षी दल इसके विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और दरों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

26 दिन से फरार: अमित बघेल 3 दिन की पुलिस रिमांड पर, पहले जाएंगे मां के अंतिम संस्कार में

Chhattisgarh: विवादित बयानों के मामले में करीब 26 दिनों से फरार चल रहे छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को देवेंद्र नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बघेल खुद थाने पहुंचे थे, लेकिन अंदर जाने से पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।


रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /विवादित बयानों के मामले में फरार चल रहे छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को देवेंद्र नगर पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। बघेल पुलिस थाने के बाहर खुद को सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन थाने से करीब 20 मीटर पहले ही पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें पकड़ लिया। पुलिस इसे कानूनी गिरफ्तारी बता रही है, जबकि समर्थक इसे स्वैच्छिक सरेंडर बता रहे हैं।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमित बघेल को कोर्ट में पेश किया, जहां न्यायालय ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। इससे पहले उन्हें पुलिस कस्टडी में ही मां के अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा। गौरतलब है कि बघेल की मां का निधन शुक्रवार को हुआ है। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को गांव पथरी में होना है।

समर्थकों ने जी-रोड जाम किया, आम जनता परेशान

गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही बघेल के समर्थकों ने आमापारा जी-रोड पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी। करीब दो घंटे तक दोनों ओर से यातायात बाधित रहा, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस और समर्थकों की आपसी समझ से एंबुलेंस को रास्ता दिया गया और एक ओर का रास्ता खोलकर जाम आंशिक रूप से हटाया गया।

26 दिनों से थे फरार, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार

अमित बघेल विवादित और आपत्तिजनक बयानों से जुड़े मामलों में करीब 26 दिनों से फरार थे। 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी की थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा था— “अपनी जुबान पर लगाम रखें। जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करें। कोई राहत नहीं दी जाएगी, कानून अपना काम करेगा।”

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी बयान देते हुए कहा कि अलग-अलग धर्म और संप्रदायों के खिलाफ टिप्पणी करने पर कई जिलों में FIR दर्ज हुई थीं। आज कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी हुई है।

पुतिन का भारत दौरा: राष्ट्रपति भवन में मिला गार्ड ऑफ ऑनर


नई दिल्ली ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। दौरे का आज दूसरा दिन है, जहां राष्ट्रपति पुतिन ने औपचारिक कार्यक्रमों की शुरुआत राष्ट्रपति भवन पहुंचकर की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पुतिन ने राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी से हाथ मिलाया, जिसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। पहले रूस का और उसके बाद भारत का राष्ट्रगान बजा।

सम्मान ग्रहण करने के बाद पुतिन ने गार्ड का निरीक्षण किया और फिर दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ औपचारिक मुलाकात की। इसके बाद रूसी राष्ट्रपति, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी के साथ राष्ट्रपति भवन से प्रस्थान कर राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहां से वे हैदराबाद हाउस जाएंगे, जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठकें होंगी।

गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचे थे पुतिन। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं पहुंचकर रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें रूसी भाषा में अनुवादित ‘गीता’ की प्रति भेंट की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने लिखा— “गीता की शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं।” एयरपोर्ट पर पुतिन के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसकी पुतिन ने सराहना की। इसके बाद दोनों नेता एक ही वाहन से एयरपोर्ट से रवाना हुए। (IANS)

RAIPUR: ट्रैफिक समस्या को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, रिंग रोड-1 की सर्विस रोड होगी 11 मीटर चौड़ी


नई दिल्ली/रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर शहर की ट्रैफिक समस्या को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों पर केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएच-53 रिंग रोड नंबर-1 की सर्विस रोड चौड़ीकरण परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

संसद भवन में हुई विशेष मुलाकात के दौरान सांसद अग्रवाल ने रायपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, स्थानीय नागरिकों को हो रही समस्या और सर्विस रोड की अपर्याप्त चौड़ाई का मुद्दा मजबूती से उठाया। उनके तथ्यात्मक और जनहितकारी तर्कों से प्रभावित होकर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने तुरंत परियोजना को मंजूरी देते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।

5 मीटर से बढ़कर 11 मीटर होगी सर्विस रोड

सांसद अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के मुताबिक मौजूदा 5 मीटर सर्विस रोड को बढ़ाकर 11 मीटर किया जाएगा। यह चौड़ीकरण टाटीबंध से तेलीबांधा के बीच किया जाना है, जो शहर का सबसे व्यस्त मार्ग है और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन आता है।

तेजी से बढ़ते शहरीकरण से बढ़ा ट्रैफिक

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि रिंग रोड-1 को कभी शहर की सीमा के बाहर बनाया गया था, लेकिन तेज शहरीकरण के कारण इसके आसपास अब बड़ी आवासीय कालोनियां और व्यावसायिक परिसरों का विकास हो चुका है। ऐसे में भारी और स्थानीय वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे 5 मीटर चौड़ाई पर्याप्त नहीं रह गई।

जाम से राहत, आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुगम

सर्विस रोड के चौड़ीकरण से स्थानीय यातायात को मेन हाईवे से अलग किया जा सकेगा। 11 मीटर चौड़ी लेन पर वाहनों का दबाव विभाजित होगा, जिससे एनएच-53 पर जाम की समस्या में कमी आएगी। साथ ही आम नागरिकों, व्यापारी वर्ग, कार्यालय आने-जाने वालों एवं एंबुलेंस/आपात वाहनों की आवाजाही में उल्लेखनीय सुधार होगा।

“जनहित मेरा पहला लक्ष्य” — सांसद अग्रवाल

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुरवासियों की सुविधा और सुरक्षित यातायात व्यवस्था उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति रायपुर की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण जीत है।

श्री रामलला दर्शन योजना : संभाग से 850 और जिले के 225 श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए हुए रवाना


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  श्री रामलला दर्शन योजना के तहत आज आस्था स्पेशल ट्रेन बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालु को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस विशेष ट्रेन को बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी समेत अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अफसर मौजूद रहे।  
बिलासपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का स्टेशन में भव्य स्वागत किया गया। गाजे बाजे और पारंपरिक नृत्य और तिलक लगाकर भक्तों का स्वागत किया गया। ये श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का भी दर्शन करेंगे। दर्शन के लिए जा रहे इन श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। सक्ति जिले के निवासी रूप कुमार पटेल, मुंगेली जिले के श्रद्धालु  नरसिंह राजपूत और  भाई राम पटेल ने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ यात्रा पर जा रहे हैं और अयोध्या दर्शन के लिए बेहद उत्साहित है। 
    अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई इस विशेष ट्रेन में बिलासपुर जिले के 225 यात्री भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या जाने, ठहरने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी पूरी व्यवस्था रहेगी। इस ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा। 

कलेक्टोरेट घेराव मामले में FIR के विरोध में कांग्रेस का हल्ला-बोल, सिविल लाइन थाना बना छावनी


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / कलेक्टोरेट घेराव के दौरान मुख्यमंत्री के पोस्टर के साथ कथित रूप से की गई बदसलूकी के मामले में शहर कांग्रेस व जिला कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्षों पर दर्ज एफआईआर के विरोध में कांग्रेसियों ने मंगलवार को सिविल लाइन थाना पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन से शुरू हुई यह रैली देखते ही देखते हजारों की भीड़ में बदल गई और पुलिस थाने के बाहर घंटों तक नारेबाजी होती रही। स्थिति को देखते हुए थाना परिसर को पुलिस प्रशासन ने छावनी में तब्दील कर दिया। 

“शांतिपूर्ण आंदोलन पर एफआईआर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई”—कांग्रेस

एफआईआर का विरोध, सड़कों पर उतरी कांग्रेस

गौरतलब है कि किसानों, जर्जर सड़कों, बिजली बिल वृद्धि, रजिस्ट्री फीस के बढ़ते भार और गरीबों के मकानों पर की गई कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने 27 नवंबर को कलेक्टोरेट घेराव किया था। इसी दौरान सीएम के पोस्टर से कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा ने तत्कालीन जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष विजय पांडेय के खिलाफ एफआईआर की मांग की थी। दबाव में सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज किया, जिसके विरोध में आज कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। 

जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने स्पष्ट किया कि  “अगर आंदोलनों पर एफआईआर होने लगी तो जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज कैसे उठाएगी ?”

थाने के बाहर घंटों धरना, मार्ग बाधित

कांग्रेसजन जब रैली की शक्ल में सिविल लाइन थाना पहुंचे, तो थाने का गेट बंद कर दिया गया और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों के बैठ जाने से सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इसी दौरान दो एंबुलेंस आईं, जिन्हें कार्यकर्ताओं ने तुरंत रास्ता देकर मानवीय व्यवहार का संदेश दिया। 

जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा— “27 नवंबर का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, फिर भी एफआईआर करवाई गई। यह विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है।”

दोनों पूर्व अध्यक्षों ने दी गिरफ्तारी

स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की पहल पर पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी और पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय थाना परिसर में पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी दी। उनके अंदर जाते ही प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी तेज कर दी।

विजय केशरवानी, निवर्तमान जिला अध्यक्ष ने कहा— “जनहित के मुद्दों के लिए हजार बार जेल जाना मंजूर है। भाजपा सरकार आंदोलन की ताकत से घबरा गई है।”

विजय पांडेय, पूर्व शहर अध्यक्ष ने टिप्पणी की— “भाजपा की सरकार ऊंची दुकान फीका पकवान साबित हो रही है। अपनी असफलताओं पर पर्दा डालने के लिए विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है।”

धान खरीदी में अव्यवस्था पर विधायक ने साधा निशाना

मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने राज्य सरकार पर धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को न तो समय पर टोकन मिल रहा और न पंजीयन की समस्याओं का समाधान हो रहा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष का धान उठाव न होने से करोड़ों का धान सड़ गया, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में ऐसी स्थिति कभी नहीं बनी। 

आज गिरफ्तारी देने शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, जिला कांग्रेस (ग्रामीण) अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, तत्कालीन जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ,पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांण्डेय, विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक श्रीमती रश्मि आशीष सिंह, सियाराम कौशिक,पूर्व महापौर रामशरण यादव,राजेन्द्र साहू,पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन, प्रदेश महामंत्री देवेंन्द्र सिंह,स्वप्निल शुक्ला,नेता प्रतिपक्ष भरत देवांगन,रमाशंकर बघेल,जितेंद पांण्डेय,नरेंद्र बोलर, राकेश शर्मा, ऋषि पांण्डेय, समीर अहमद धर्मेश शर्मा,राजेन्द्र धीवर,लक्ष्मीनाथ साहू, बिहारी देवांगन,जावेद मेमन,विनोद साहू,गीतांजलि कौशिक,शेरू असलम,राजू यादव,मोह अयूब, मोती ठारवानी,सीमा घृतेश,शिल्पी तिवारी, गायत्री लक्ष्मीनाथ साहू,स्वर्णा शुक्ला,सतकली बावरे,अन्नपूर्णा ध्रुव,अब्दुल इब्राहिम,पुष्पेंद्र साहू,अमित भारते,सुनील सोनकर,मोहन श्रीवास,ओम कश्यप,शंकर कश्यप,सीताराम जायसवाल, अमित यादव,मनीष गढेवाल,परदेशी राज,पवन साहू,विकास सिंह, आदिल खैरानी, सैय्यद इमरान,कमलेश दुबे,राजा व्यास,मकसूद अली, करम गोरख,आदेश पांण्डेय,कमल गुप्ता,चन्द्रकांत सोनी,चंद्रहास केशरवानी,आकाश यादव,दीपक रजक,रवि रावत,नीरज जायसवाल,बजरंग बंजारे,रामप्रसाद साहू,सुरेंद्र तिवारी,अंकित प्रजापति,हितेश देवांगन,लक्की मिश्रा,लक्की यादव,शैलेन्द्र मिश्रा,मनोज सिंह, बबलू मगर, देवदत्त शर्मा,दिनेश सूर्यवँशी,बंटी साहू,सुजीत यादव, अमित तिवारी, जीतू यादव,बंटी सिंह,बालचन्द साहू, मनीष सेंगर, साखन दरवे, डिकेश डहरिया, अनस खोखर, अनिल पांण्डेय,हरमेन्द्र शुक्ला,शाहनवाज़ खान,मनोज सिंह,वेद यादव,वीरेंद्र सारथी,अयाज़ खान,रमजान गौरी,सोहराब खान,प्रशांत पांण्डेय,राहुल दुबे,हेरि डेनिएल,शेख आज़म ,शुभलक्ष्मी सिंह,सन्दीप बाजपाई,संजय यादव,राकेश हंस,देवेंन्द्र मिश्रा,चित्रकान्त श्रीवास,आशीष शर्मा,अमित पांण्डेय आदि उपस्थित थे।

बिलासपुर कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सिद्धांशु मिश्रा शहर अध्यक्ष और महेंद्र गंगोत्री ग्रामीण अध्यक्ष बने


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  कांग्रेस हाईकमान ने बिलासपुर जिले के संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए सिद्धांशु मिश्रा को शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष और महेंद्र गंगोत्री को ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों नेताओं के कांग्रेस भवन पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। निवर्तमान ग्रामीण जिला अध्यक्ष विजय केसरवानी ने भी पुष्पगुच्छ भेंटकर नए अध्यक्षों का अभिनंदन किया।

नियुक्ति के बाद ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। वे संगठन को और मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि धान खरीदी की अव्यवस्था, बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती और रजिस्ट्री दरों में भारी बढ़ोतरी ने जनता की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं।

गंगोत्री ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण धरना दे रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वॉटर कैनन चलाना और नेताओं पर FIR दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा वोटर सूची में कटौती की रणनीति अपना रही है, लेकिन कांग्रेस इसे सफल नहीं होने देगी। 
मस्तूरी से चुनाव लड़ने के सवाल पर महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि “कांग्रेस के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा चुनाव है। लक्ष्य सभी छः विधानसभा सीटें जीतना है।”
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने अपनी नियुक्ति के लिए कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश में “डबल इंजन नहीं, डबल ढोंग की सरकार चल रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्य ठप हैं, जनता परेशान है और भाजपा सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने में जुटी है। 
मिश्रा ने बिजली बिल हाफ योजना बंद करने, रजिस्ट्री दरों में भारी बढ़ोतरी और धान खरीदी की अव्यवस्था पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। हाल ही में मुख्यमंत्री के पोस्टर पर चप्पल फेंकने की घटना पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस मर्यादा में विश्वास करती है, परंतु वर्षों से भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस नेतृत्व का अपमान किया गया है। “हम ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करते, लेकिन जैसा आचरण मिलेगा, वैसा जवाब भी दिया जाएगा,”  

उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस जल्द ही एसआईआर, बिजली दरों और धान खरीदी जैसे मुद्दों पर बड़ा आंदोलन शुरू करने जा रही है। मिश्रा ने दावा किया कि बिलासपुर कांग्रेस अपने सबसे सक्रिय दौर में है और आगामी चुनाव में शहर व ग्रामीण दोनों मोर्चों पर भाजपा को कड़ी चुनौती दी जाएगी।

कुल मिलाकर, बिलासपुर कांग्रेस में हुए इस संगठनात्मक बदलाव ने जिले की राजनीति में नई हलचल ला दी है। शहर और ग्रामीण दोनों मोर्चों पर नए अध्यक्षों ने भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक रणनीति का संकेत देकर आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान बढ़ने का संकेत दे दिया है।

आदिवासी भूमि पर भाजपा कार्यालय निर्माण के विरोध में कांग्रेसियों का प्रदर्शन, कई नेता नजरबंद


मनेंद्रगढ़ । 
TODAY छत्तीसगढ़  / आदिवासी की जमीन पर कब्जा कर भाजपा कार्यालय बनाए जाने के आरोप को लेकर मनेंद्रगढ़ में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव को काला झंडा दिखाने की तैयारी कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक सहित कई नेताओं को घर में नजरबंद कर प्रशासन विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि कांग्रेस कार्यालय के लिए भूमि आवंटन की फाइल मनेंद्रगढ़ तहसीलदार द्वारा चार महीने तक दबाकर रखी गई। बाद में जमीन की गलत गणना कर उसका मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक दर्शा दिया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह सब कांग्रेस को कार्यालय से वंचित करने की नीयत से किया गया, जबकि दूसरी ओर आदिवासी कब्जे की भूमि पर भाजपा कार्यालय निर्माण का रास्ता साफ कर दिया गया।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विवादित भूमि पर भाजपा कार्यालय के भूमिपूजन के लिए स्वयं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव पहुंचे। कांग्रेस का कहना है कि यह सरकार की दोहरी नीति और आदिवासी समुदाय के प्रति उपेक्षा का स्पष्ट संकेत है। पार्टी नेताओं के अनुसार वे आदिवासी जमीन कब्जा मामले में शांतिपूर्ण विरोध की तैयारी कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने पहले ही दमनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी।

एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस समेत कांग्रेस परिवार के विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को घरों में नजरबंद कर दिया। पूर्व विधायक गुलाब कमरो को भी घर से निकलने नहीं दिया गया। वहीं जिलेभर में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने से कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।

Bilaspur Politics: “जब सत्ता में थे तब जनता को ठगते रहे, अब विकास कार्यों पर नौटंकी कर रहे हैं।”

दक्षिण अफ्रीका: जोहान्सबर्ग में मोदी का कूटनीतिक प्रभाव, नेताओं ने झुककर किया अभिवादन


 नई दिल्ली (एजेंसी)।
 TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जी20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर विश्व नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों ने उनका स्वागत सम्मानपूर्वक किया। विदेशी धरती पर पीएम मोदी के प्रति दिखाई गई यह प्रतिक्रिया भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और प्रभाव को दर्शाती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सम्मेलन स्थल पर कई नेताओं और प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन झुककर किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकेत है कि वैश्विक मंच पर भारत की मौजूदगी अब केवल भागीदारी तक सीमित नहीं, बल्कि नेतृत्वकारी भूमिका में बदल रही है।

जी20 शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका को लेकर यह स्पष्ट संदेश उभरकर सामने आया कि भारत को वैश्विक स्तर पर बढ़ा सम्मान मिल रहा है, महत्वपूर्ण निर्णयों में भारत की आवाज़ प्रभावशाली है और स्थिरता और विकास के मुद्दों पर भारत अहम योगदान दे रहा है,

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की उपस्थिति को अनदेखा करना अब संभव नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि मजबूत हुई है और कूटनीतिक स्तर पर देश का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

राजनीतिक समीक्षा: बिहार में नीतीश की वापसी, मोदी की मौजूदगी ने बदला सत्ता समीकरण का संदेश

 


पटना। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  बिहार की राजनीति में गुरुवार को हुआ शपथ ग्रहण केवल एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं था, बल्कि सत्ता के बदलते समीकरणों और भविष्य की दिशा का गहरा संकेत भी था। एनडीए को मिली बंपर जीत के बाद नीतीश कुमार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री पद संभाला। यह संयोजन ही दिखाता है कि भाजपा और जेडीयू के बीच सत्ता संतुलन को नए सिरे से गढ़ा जा रहा है। इसी बीच एक वीडियो जिसमें नितीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाँव छूकर आशीर्वाद ले रहे हैं, खूब वायरल हो रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने X हैंडल पर वीडियो शेयर किया है। 

मोदी–नीतीश की गर्मजोशी: पुरानी दूरियों पर विराम ?

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम के राजनीतिक वजन को कई गुना बढ़ा दिया। मंच पर मोदी और नीतीश की मुस्कुराहटें, सहज बातचीत और साझा फ्रेम से यह स्पष्ट संदेश गया कि दोनों दल आने वाले वर्षों में टकराव के बजाय ‘समन्वय की राजनीति’ आगे बढ़ाना चाहते हैं। बीते कुछ वर्षों में दिल्ली–पटना संबंधों में जो उतार-चढ़ाव दिखा था, इस मंच ने उस दूरी को कम करने की कोशिश के रूप में भी देखा गया।

एनडीए की आंतरिक राजनीति का संतुलन

दो उप मुख्यमंत्रियों की तैनाती केवल प्रशासनिक कदम नहीं है; यह एनडीए के भीतर शक्ति वितरण की रणनीतिक प्रक्रिया भी है। सम्राट चौधरी भाजपा के ओबीसी नेतृत्व को मजबूती देते हैं। विजय सिन्हा संगठन और विधानसभा राजनीति में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन दोनों के बीच नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद पर बैठना स्पष्ट करता है कि जेडीयू अभी भी सत्ता की धुरी है, लेकिन भाजपा अपनी शक्तियों को संतुलित तरीके से स्थापित कर चुकी है।

राजनीतिक संदेश और चुनावी भविष्य

इस समारोह में केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न दलों के नेताओं की मौजूदगी ने यह दिखाया कि केंद्र और राज्य सरकार आने वाले महीनों में ‘विकास–केंद्रित गठबंधन राजनीति’ की नई कथा गढ़ने की कोशिश करेंगे। मोदी और नीतीश दोनों के वक्तव्यों में “जनता की सेवा” और “विकास की ऊंचाइयों” पर जोर दिया गया—जो 2029 की दूरगामी राजनीतिक तैयारी की ओर संकेत भी है।

 एक नया अध्याय या पुराना समीकरण ?

बिहार में नीतीश कुमार की सरकार वापस आने के साथ ही यह बहस फिर तेज हो गई है कि क्या नीतीश–मोदी की यह नजदीकी स्थायी है या केवल राजनीतिक अनिवार्यता के तहत बनी है। फिलहाल के संकेत बताते हैं कि दोनों पक्ष स्थिर शासन और साझा राजनीतिक लाभ के लिए एक तालमेल वाला मॉडल अपनाने के मूड में हैं। इस शपथ ग्रहण ने साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति नई रफ्तार पकड़ चुकी है—और इसकी दिशा आने वाले महीनों में राज्य व राष्ट्रीय राजनीति दोनों को प्रभावित करेगी।  


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