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अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट में ज्ञानेश्वरी यादव को गोल्ड मेडल


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट आईबीएफसी यूनिवर्सल कप-2026 में ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। समोआ के एपिया स्थित तुआनाईमाटो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 25 अप्रैल से 2 मई तक अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में 70 देशों के लगभग 500 खिलाड़ी एवं 200 अधिकारी शामिल हो रहे है। ज्ञानेश्वरी ने शानदार प्रदर्शन के साथ अपने ग्रुप में प्रथम स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के लिए क्वालीफिकेशन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। 


ज्ञानेश्वरी इससे पहले जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल और सीनियर कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। गौरवशाली और प्रदेश का नाम रोशन करने वाली उपलब्धियों के लिए राज्य शासन द्वारा उन्हें गुण्डाधुर पुरस्कार प्रदान किया गया है। ज्ञानेश्वरी अभी छत्तीसगढ़ पुलिस में राजनांदगांव में कार्यरत है। अपने कोच श्री अजय लोहार विश्वकर्मा के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से ज्ञानेश्वरी इस मुकाम तक पहुंची है।

राज्य स्तरीय आवासीय खेल अकादमी में चयन के लिए ट्रायल शुरू


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय खेल अकादमी में प्रवेश के लिए 28 अप्रैल से 1 मई तक चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। चयन ट्रायल के पहले दिन आज रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में तीरंदाजी, फुटबॉल और वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ी शामिल हुए। इसमें छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के तीरंदाजी में 68 बालक और 27 बालिका, फुटबॉल में 91 बालिका, वेटलिफ्टिंग में 7 बालक और 11 बालिका सहित कुल 204 खिलाड़ियों ने हिस्सेदारी की। 

चयन ट्रायल के पहले दिन आज खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल और शारीरिक दक्षता का परीक्षण किया गया। ट्रायल के दूसरे दिन 29 अप्रैल को खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया जाएगा। यह चयन ट्रायल 13 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए आयोजित है। इसमें चयनित खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय खेल परिसर में निःशुल्क प्रशिक्षण हासिल करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान अकादमी में खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास, भोजन, शैक्षणिक व्यय, खेल परिधान, प्लेइंग किट और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।


भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। श्री साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।

संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।   

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को... और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं। 

श्री साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।

जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत

दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था। 

संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है। 

महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने मजबूत खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने शानदार रक्षा और आक्रमण का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बनाए रखा।

दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए छत्तीसगढ़ की कप्तान किरण पिस्दा ने एक महत्वपूर्ण गोल किया और 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद टीम ने अपनी इस बढ़त को अंत तक बनाए रखा। अंततः छत्तीसगढ़ ने झारखंड को 1-0 से हराकर महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार खेल कौशल और टीमवर्क का परिचय दिया। यह मुकाबला पूरे समय दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहा और खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया।  इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती तनुजा सलाम, खेल विभाग के अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

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जंगल के मैदानों से राष्ट्रीय मंच तक : भारत की हॉकी विरासत को जीवित रखे हुए हैं जनजातीय समुदाय


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  ओडिशा ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतकर अपने दबदबे को साबित किया। रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में पुरुष टीम ने झारखंड को 4-1 से हराया, जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में मिजोरम को 1-0 से मात दी। पुरुष वर्ग में झारखंड को रजत और छत्तीसगढ़ को कांस्य मिला, जबकि महिला वर्ग में झारखंड ने कांस्य पदक हासिल कर पोडियम पूरा किया।

रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में ओडिशा की यह दोहरी स्वर्णिम सफलता केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि यह इस बात का सशक्त उदाहरण है कि कैसे हॉकी ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में जीवन को नई दिशा दे रही है। खेल प्रतिभा के भंडार माने जाने वाले पूर्वोत्तर राज्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहां मिजोरम की टीम ने फाइनल तक जगह बनाई।

ओडिशा की पुरुष टीम ने फाइनल में झारखंड को 4-1 से हराया, जबकि महिला टीम ने कड़े मुकाबले में मिजोरम को 1-0  से पराजित किया। झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भी पोडियम तक पहुंचीं, जो इन क्षेत्रों से उभरती प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है। लेकिन पदकों से आगे बढ़कर असली कहानी उन गांवों, जंगलों और समुदायों में छिपी है, जहां हॉकी पहचान और अवसर दोनों बन चुकी है। दशकों से हॉकी जनजातीय संस्कृति का हिस्सा रही है। बच्चे पेड़ की टहनियों से स्टिक बनाकर ऊबड़-खाबड़ मैदानों पर नंगे पांव खेलते हैं। प्रतिभा हमेशा मौजूद थी, लेकिन उसे आगे बढ़ाने का रास्ता नहीं था—जो अब बदल रहा है।

केंद्रीय खेल मंत्रालय और राज्यों द्वारा संचालित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेहतर बुनियादी ढांचे और संगठित जमीनी कार्यक्रमों के चलते अब एक मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो रहा है। 1992 बार्सिलोना ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रहे पूर्व ओलंपियन अजीत लकड़ा, जो वर्तमान में बिलासपुर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के मुख्य कोच हैं, इस बदलाव को करीब से देख रहे हैं। उन्होंने कहा, “ग्रासरूट से लेकर जूनियर और फिर सीनियर स्तर तक पूरी प्रणाली धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। खासकर जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ी इससे काफी लाभान्वित हो रहे हैं। उनकी प्राकृतिक प्रतिभा को अब सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के जरिए निखारा जा रहा है।”

लकड़ा का मानना है कि यह संरचित सहयोग एक सकारात्मक श्रृंखला बना रहा है। उन्होंने कहा, “जब बच्चे यहां आकर सीखते हैं और अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वे दूसरों को प्रेरित करते हैं। इससे लगातार नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं।” जो क्षेत्र कभी सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों और नक्सलवाद से प्रभावित थे, वहां अब खेल के माध्यम से एक शांत बदलाव देखने को मिल रहा है। हॉकी एक सेतु बनकर इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ रही है। खेल मंत्रालय का ‘अस्मिता’ कार्यक्रम अधिक से अधिक महिला खिलाड़ियों को जोड़कर उन्हें मुख्यधारा में ला रहा है।

1984 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रहे पूर्व ओलंपियन मनोहर टोपनो, जिन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की पुरुष टीमों को कोचिंग दी है, ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसी पहल के जमीनी प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “मैं इस ग्रासरूट टूर्नामेंट के आयोजन के लिए साई का धन्यवाद करना चाहता हूं। हमारे समुदायों के लड़के और लड़कियां आगे बढ़ रहे हैं और खुद को नई पहचान दे रहे हैं। अगर हम ऐसे ही आगे बढ़ते रहे, तो एक दिन ये खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।”

टोपनो ने प्रतिभा के पीछे की एक अहम सच्चाई पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे जनजातीय समुदायों में हॉकी स्वाभाविक रूप से खेली जाती है। अगर हम इन क्षेत्रों पर ध्यान दें, तो हमारे खिलाड़ी आगे बढ़ेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे।” एक और महत्वपूर्ण बदलाव खेल विज्ञान, फिजियोथेरेपी और वीडियो विश्लेषण जैसी सुविधाओं का पहुंचना है, जो पहले केवल शीर्ष स्तर तक सीमित थीं। अब दूरदराज के क्षेत्रों के खिलाड़ी भी पेशेवर प्रशिक्षण वातावरण का लाभ उठा रहे हैं। पारंपरिक स्वाभाविक खेल और आधुनिक कोचिंग का यह मेल प्रदर्शन के नए स्तर खोल रहा है।

झारखंड की पूर्व खिलाड़ी और हॉकी इंडिया की सदस्य असृता लकड़ा ने कहा, “इन क्षेत्रों के बच्चों के खून में हॉकी बसती है, इसलिए वे स्वाभाविक रूप से इस खेल की ओर आकर्षित होते हैं। खेलो इंडिया जैसे प्लेटफॉर्म ने उन्हें दिशा दी है।”उन्होंने आगे कहा, “बेहतर सुविधाओं, प्रशिक्षण और एक्सपोजर के कारण अब खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं। उनका मनोबल बढ़ा है और प्रदर्शन में स्पष्ट सुधार दिख रहा है।”

अब इसका प्रभाव केवल कहानियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नतीजों, प्रतिनिधित्व और बढ़ती महत्वाकांक्षा में साफ दिखाई दे रहा है। जनजातीय खिलाड़ी अब सिर्फ भाग लेने वाले नहीं, बल्कि दावेदार, चैंपियन और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय सितारे बन रहे हैं।

रायपुर में ओडिशा का यह स्वर्णिम प्रदर्शन एक बड़े आंदोलन का प्रतीक है—जहां गांव उत्कृष्टता के केंद्र बन रहे हैं और हॉकी एक पूरी पीढ़ी के सपनों को नई दिशा दे रही है। बस्तर के धूल भरे मैदानों से लेकर रायपुर के भरे स्टेडियम तक, इन खिलाड़ियों की यात्रा न केवल भारतीय हॉकी, बल्कि जनजातीय भारत के सामाजिक ताने-बाने को भी बदल रही है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो गया है। आज सवेरे अरुणाचल प्रदेश के वेटलिफ्टरों का 14 सदस्यीय दल रायपुर पहुंचा। इनमें 13 खिलाड़ी और एक सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल है।

खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राऊत नाचा दल की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा साई (SAI) के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। 23 मार्च को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचेंगे।

देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन शहरों - रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया गया है। इसमें देशभर के करीब तीन हजार जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़वासियों को सात खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस दौरान पुरूष और महिला वर्गों में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होंगी।

अंबिकापुर में ‘सरगुजा ओलंपिक 2026’ का शुभारंभ, खेलों से जुड़कर युवा करें सपनों को साकार


अंबिकापुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / ‘सरगुजा ओलंपिक 2026’ की संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ शनिवार को शहर के पीजी कॉलेज ग्राउंड में हुआ। 21 से 23 मार्च तक आयोजित इस तीन दिवसीय खेल महोत्सव में संभाग भर के प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

आयोजन में देश की प्रसिद्ध पहलवान गीता फोगाट की उपस्थिति खिलाड़ियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा ओलम्पिक 2026 में आये सभी युवा खिलाड़ियों को गीता फोगाट के अनुभव और मार्गदर्शन से प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना को भी मजबूत करते हैं। सरकार की मंशा है कि प्रदेश का अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़े, अपनी प्रतिभा को पहचाने और उसे निखारते हुए आगे बढ़े। युवाओं की यही ऊर्जा और संकल्प नए छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। आयोजन के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें संभाग के खिलाड़ी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।

खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने शुक्रवार को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सुभाष स्टेडियम में आयोजित स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहुंचकर पत्रकार खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खेल मड़ई के सफल आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब और पत्रकारों को बधाई दी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने फाइनल मैच खेल रही संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम के कप्तान एवं प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी तथा विस्तार न्यूज टीम के कप्तान श्री मृगेंद्र पांडेय सहित दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम ने विस्तार न्यूज को पराजित कर खिताब अपने नाम किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सुभाष स्टेडियम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल का मैदान व्यक्ति को जीवन की अनमोल पूंजी प्रदान करता है। खेल हमें अच्छा स्वास्थ्य देता है, अच्छे दोस्त देता है, समन्वय की भावना सिखाता है और संबंधों को मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति को यह सब मिलता है तो वह जीवन में प्रसन्न रहता है, खुशहाल रहता है और निरंतर तरक्की की ओर अग्रसर होता है।

श्री साव ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पिछले कई दिनों से आयोजित इस खेल मड़ई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी स्नेह को बढ़ाते हैं और स्वस्थ जीवन-शैली के लिए प्रेरित करते हैं। पत्रकारिता जैसे दायित्वपूर्ण क्षेत्र में सक्रिय साथियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार साथी इसी तरह मुस्कुराते रहें, स्वस्थ रहें और अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते रहें।

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राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य है। राज्य युवा महोत्सव युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अनुज शर्मा,महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे मौजूद थे। 

छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 की लॉन्चिंग

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस महोत्सव में प्रदेश भर से 3 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें 8 दलीय एवं 6 एकल विधाएं शामिल हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला एवं कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएं नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में खेल की अपार संभावनाएं हैं और प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है।

  इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने रिमोट का बटन दबाकर ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026’ का शुभारंभ किया। साथ ही खेलों के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक श्री अमित कुमार द्वारा टॉर्च का अनावरण किया गया, जो खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विविध संस्कृतियों को जोड़ते हुए ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’’ की भावना को सशक्त करता है। मुख्यमंत्री ने खेल अलंकरण समारोह को पुनः प्रारंभ करने, खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने की मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

  केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है। केंद्र और राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। यह युवा महोत्सव प्रदेश भर के युवाओं की प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच है। उद्घाटन समारोह में सुदूर वनांचल अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने सराहा।

  उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर में राज्य युवा महोत्सव और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन ऐतिहासिक अवसर है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार प्रतिभा और क्षमता है, जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 3 हजार से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और युवा शक्ति का जीवंत उदाहरण है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वर्ष 2025 में ऐतिहासिक बस्तर ओलंपिक का आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं का आयोजन कर युवाओं और खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन एवं राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खेल और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए जिले में भी प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जाएगा और उन्हें राज्य स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा। 

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और जनजातीय अंचलों के युवा आज राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण युवा एवं कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने दिया। कार्यक्रम में संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

खेल महोत्सव का समापन, सांसद कला महोत्सव शुरू करने तोखन ने किया ऐलान


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज स्थानीय बहतराई खेल स्टेडियम में आयोजित समारोह में सांसद खेल महोत्सव का रंगारंग समापन किया। उन्होंने पहली बार आयोजित सांसद खेल महोत्सव की सफलता से उत्साहित होकर इसी तर्ज पर सांसद कला महोत्सव जल्द शुरू करने की घोषणा की। लगभग डेढ़ महीने तक चले इस महोत्सव में बिलासपुर एवं मुंगेली जिले की ग्राम पंचायत से जनपद एवं जिला स्तर पर 12 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। फाइनल प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और नगद राशि देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक बेलतरा श्री सुशांत शुक्ला ने की। 

     इस मौके पर तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। यह तभी संभव होगा जब हर आदमी स्वस्थ एवं फिट रहे। इसके लिए हर आदमी को अपनी रूचि के अनुरूप कोई न कोई खेल में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव में स्थानीय स्तर पर प्रचलित खेलों को शामिल किया गया ताकि अधिकाधिक लोग इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा को निखार सकें। कबड्डी,खो-खो, रस्साकसी, नीबू दौड़, बोरा दौड़ जैसे एक दर्जन खेल प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया। इन खेलों को हमें भूलना नहीं है। उन्होंने कहा भविष्य में सांसद खेल महोत्सव का दायरा और बढ़ाकर व्यापक रूप में आयोजित किया जायेगा। श्री साहू ने बताया कि आगामी 25 दिसम्बर को माननीय प्रधानमंत्री सांसद खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को वचुअल सम्बोधित करेंगे।  

      कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  की मंशा के अनुरूप सांसद खेल महोत्सव आयोजित किये गए। मैं स्वयं ग्रामीण स्तर के कई आयोजन में शामिल हुआ। खेल के प्रति लोगों में अपार उत्साह देखा गया। एक प्रकार से हमारी प्राचीन और परम्परागत खेलों को एक बार फिर मंच मिल पाया है। खेलों से हमारी एकाग्रता और सामूहिकता की भावना बढ़ती है। 

फाइनल प्रतियोगिता के परिणाम -

कबड्डी बालक वर्ग में प्रथम स्थान मुंगेली, द्वितीय पथरिया, तृतीय बिल्हा, कबड्डी बालिका वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय पथरिया, तृतीय स्थान बिल्हा, रस्साकसी पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय तखतपुर, तृतीय बिल्हा, रस्साकसी महिला वर्ग में प्रथम स्थान तखतपुर, द्वितीय बिल्हा, तृतीय पथरिया, फुटबॉल के पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान कोटा, द्वितीय कोटा नगर पंचायत, तृतीय बिल्हा, फुटबॉल महिला वर्ग में प्रथम स्थान बिल्हा, द्वितीय कोटा, वॉलीबॉल पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान तखतपुर, द्वितीय मस्तुरी, तृतीय लोरमी, वॉलीबॉल महिला वर्ग में प्रथम स्थान मस्तुरी, द्वितीय कोटा, तृतीय लोरमी, 100×4 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान नगर पालिक निगम बिलासपुर, द्वितीय कोटा एवं तृतीय स्थान लोरमी को मिला। चैम्पियन ट्रॉफी में प्रथम एवं द्वितीय स्थान जनपद पंचायत कोटा को दिया गया। बिलासपुर जिले की मस्तुरी, बिल्हा, तखतपुर, कोटा एवं मुंगेली जिले की लोरमी, पथरिया एवं मुंगेली जिले के 12 हजार से ज्यादा खिलाड़ी प्रतियोगिता में शािमल हुए। कबड़डी, 4 सौ मीटर दौड़, बोरा दौड़, पैदल दौड़, रस्साकशी, 100 मीटर रिले दौड़, फूटबाल, नीबू दौड़, लगोरी, बालीबाल और तीरंदाजी प्रतियोगिता महोत्सव में शामिल थे। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में खेल अधिकारी ए एक्का,बिल्हा सीईओ कुमार लहरे, मस्तुरी सीईओ जेआर भगत, कोटा सीईओ युवराज सिन्हा, तखतपुर सीईओ श्री तिवारी एवं पूरी टीम का सक्रिय योगदान रहा है।

उप मुख्यमंत्री से मिलीं अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम, राज्य में खेल सुविधाओं के विकास पर हुई चर्चा


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन एवं ओलंपिक पदक विजेता, प्रसिद्ध मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम ने सौजन्य मुलाकात की। श्री साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में मुलाकात के दौरान उन्हें राज्य में खेलों के विकास और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक-2025 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के शुभारंभ समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ आई थीं। उन्होंने 11 दिसम्बर को इसमें शामिल होकर खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अभावों और मुश्किलों के बीच अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में भारत का नाम रोशन करने वाली मैरी कॉम की लंबी खेल यात्रा की प्रशंसा की। श्री साव ने कहा कि मैरी कॉम देश का गौरव और प्रेरणा हैं। उनकी उपस्थिति से बस्तर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और मेहनत करने की प्रेरणा जरूर मिली होगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने छत्तीसगढ़ आने के लिए मैरी कॉम को धन्यवाद दिया। 

मैरी कॉम ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अपने अनुभव साझा करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव से छत्तीसगढ़ के युवाओं के खेल में सुधार के लिए हरसंभव मदद की बात कही। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों से पहुंचे युवाओं को देख उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं। बस्तर ओलंपिक वहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मंच है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए अच्छा काम कर रही है। आने वाले समय में यहां के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मेडल जरूर जीतेंगे। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए जाने पर राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 

बस्तर ओलम्पिक 2025: मुख्यमंत्री ने किया संभागीय प्रतियोगिता का शुभारंभ, खिलाड़ियों में दिखा उत्साह


जगदलपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /बस्तर ओलम्पिक 2025 के अंतर्गत संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ गुरुवार को स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में बड़े उत्साह के साथ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परंपरागत तरीके से कार्यक्रम का उद्घाटन किया और बस्तर संभाग के सातों जिलों से पहुंचे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस दौरान खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्च-पास्ट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

“बस्तर ओलम्पिक को युवाओं ने ऐतिहासिक बना दिया”—मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को महत्वपूर्ण बना दिया है। विशेष रूप से नुआ बाट के प्रतिभागियों की उपस्थिति को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि “बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों का हिस्सा लेना महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है। सरकार युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और विकास में उनकी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़ और दो करोड़ रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।

“बस्तर प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, खेल अवसंरचना को मिलेगा विस्तार”— अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक रूप से समृद्ध है और यहां के युवाओं के विकास हेतु सरकार निरंतर प्रयासरत है। बस्तर ओलम्पिक न केवल खेल प्रतिभाओं को आगे लाने का माध्यम है, बल्कि युवाओं को विकास की धारा से जोड़ने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि खेल में हार भी सीख देती है और बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करती है।

“बस्तर ओलम्पिक सकारात्मक पहल”— विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार बस्तर के आंतरिक इलाकों के युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देकर प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है।

मैरी कॉम व अन्य गणमान्य उपस्थित

ओलम्पिक ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट एवं पद्मश्री एम.सी. मैरी कॉम ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक विनायक गोयल, विधायक चैतराम अटामी समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

3,500 खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा

संचालक खेल एवं युवा कल्याण तनुजा सलाम ने बताया कि संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर एवं बस्तर जिले सहित नुआ बाट के करीब 3,500 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस वर्ष पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 3,92,000 से अधिक प्रतिभागी, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल हैं। यह आंकड़ा बस्तर में बदलती सोच और बढ़ती खेल भावना का परिचायक है। कार्यक्रम में माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। 

राष्ट्रीय स्तर पर चयनित खिलाड़ियों का कलेक्टर ने किया सम्मान


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में नवीन पिछड़ा वर्ग बालक क्रीड़ा परिसर के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने पर नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया। कबड्डी विधा से 12 छात्र राष्ट्रीय स्तर पर एवं एथलेटिक्स से 5 छात्र, तैराकी एवं फुटबाल में 1-1 छात्रों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है। ये सभी 19 खिलाड़ी छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। कलेक्टर ने छात्रांे का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कबड्डी कोच उत्तरा कुमार चेलकर, एथलेटिक्स कोच पीजी जय कृष्णन, फुटबॉल कोच मोहन थापा, तैराकी कोच आर डी बोले, सहायक कोच शशी लहरे, छात्रावास अधीक्षक तरूण केशरवानी उपस्थित रहे।

IND vs SA: टीम इंडिया और दक्षिण अफ्रीका रायपुर पहुंची, 3 को नवा रायपुर स्टेडियम में होगा वनडे मैच


 रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3 दिसंबर को खेले जाने वाले वनडे मुकाबले को लेकर राजधानी रायपुर में उत्साह चरम पर है। मैच से पहले दोनों टीमें रांची से रायपुर एयरपोर्ट पहुंच गईं। एयरपोर्ट पर रोहित शर्मा, विराट कोहली सहित अन्य खिलाड़ियों के स्वागत के लिए भारी संख्या में फैन्स का जमावड़ा देखने को मिला। सुरक्षा घेरे के बीच खिलाड़ी सीधे नवा रायपुर स्थित मेफेयर होटल के लिए रवाना हुए। इस सम्बन्ध में एक सवाल के जवाब में राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ख़ुशी व्यक्त की है। 

आज प्रैक्टिस करेगी दोनों टीमें

प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 दिसंबर को दक्षिण अफ्रीका की टीम दोपहर 1:30 बजे, जबकि टीम इंडिया शाम 5:30 बजे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अभ्यास करेगी। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए मुंबई से विशेष लग्जरी बसें रायपुर भेजी गई हैं, जो एयरपोर्ट से स्टेडियम और होटल के लिए उपयोग की जाएंगी।

स्टेडियम तैयारियों में तेजी, 70% काम पूरा

नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में वनडे मैच की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी कार्य युद्धस्तर पर जारी है। दर्शकों के बैठने की व्यवस्था सुधारने के लिए टूटी कुर्सियाँ बदली गई हैं। पूरे परिसर में रंग-रोगन कर स्टेडियम को नया स्वरूप दिया गया है।

सुरक्षा कड़ी, स्टेडियम में प्रवेश नियम सख्त

पिछले मैच में एक फैन के सुरक्षा घेरा तोड़कर रोहित शर्मा तक पहुंचने की घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा बेहद मजबूत की गई है। स्टेडियम की जालियों की ऊंचाई बढ़ा दी गई है और चारों ओर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। स्टेडियम में पेन, पानी की बोतल, खाने-पीने की वस्तुएँ ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। मैच दोपहर 1 बजे शुरू होगा, इसलिए दर्शकों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।

खिलाड़ियों के लिए विशेष भोजन व्यवस्था

दोनों टीमों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। टीम इंडिया को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों के साथ विभिन्न राज्यों की डिशेज परोसी जाएंगी। वहीं दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए विदेशी भोजन और स्पेशल न्यूट्रीशियन डाइट तैयार की गई है। मैच वाले दिन भोजन होटल से सीधे स्टेडियम पहुँचाया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को स्वाद और फिटनेस, दोनों में कोई असुविधा न हो।


20वीं सीनियर राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता भिलाई में 25 से 28 तक

 


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  20वीं सीनियर महिला एवं पुरुष राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन आगामी 25 से 28 दिसंबर तक भिलाई में किया जाएगा। प्रतियोगिता की तैयारी को लेकर जिला वॉलीबॉल संघ ने खिलाड़ियों के चयन की तारीखें घोषित कर दी हैं।

संघ के सचिव राजेंद्र कुमार चंद्रा ने बताया कि सीनियर महिला इंटर-डिस्ट्रिक्ट टीम का चयन 4 दिसंबर को सुबह 10 बजे पिंक मैदान, जीडीसी कॉलेज में किया जाएगा। वहीं पुरुष सीनियर टीम का चयन 8 दिसंबर को दोपहर 2 बजे हिर्री माइंस मैदान में होगा। चयनित खिलाड़ियों की टीम जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए भिलाई में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी।

Chhattisgarh: महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात


रायपुर । 
TODAY छत्तीसगढ़  / महिला कबड्डी विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाली स्टार खिलाड़ी संजू देवी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। संजू देवी की उपलब्धियों पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर संजू देवी ने न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी संजू देवी अपने खेल कौशल से राज्य की प्रतिभाओं का मार्ग प्रशस्त करती रहेंगी। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से खेल और खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।

संजू देवी ने मुलाकात के दौरान विश्व कप के अनुभव साझा किए और राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दिए जाने वाले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि महिला कबड्डी विश्व कप में संजू देवी के दमदार प्रदर्शन ने भारतीय टीम को मजबूत बढ़त दिलाई थी। मुख्यमंत्री और खिलाड़ी की इस सौजन्य भेंट के दौरान खेल विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

दुर्गम बस्तर से उठी प्रतिभा ने रोमानिया में रचा इतिहास, अबूझमाड़ के युवाओं को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

 


बस्तर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों से घिरे अबूझमाड़ के एक छोटे से गाँव से निकलकर मल्लखंब की कला को अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाना किसी सपने से कम नहीं। लेकिन बस्तर के उभरते मल्लखंब कलाकारों की मेहनत और लगन ने इस सपने को सच कर दिखाया है। रोमानिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मल्लखंब प्रतियोगिता में इन कलाकारों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया और भारत का तिरंगा गर्व से लहरा दिया। इस ख़ास मौके पर प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने X हैंडल पर सभी प्रतिभागियों को  शुभकामनाएँ दी हैं। 

प्रतियोगिता में बस्तर के इन युवा कलाकारों ने न केवल अपनी अद्भुत फुर्ती, संतुलन और शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि अपनी पारंपरिक कला की छाप से दर्शकों और निर्णायकों को भी प्रभावित किया। उनके प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली सराहना ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती—केवल अवसर और दृढ़ संकल्प ही सफलता का मार्ग बनाते हैं।

इन कलाकारों की उपलब्धि पर पूरे बस्तर संभाग और छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों से लेकर खेल प्रेमियों तक ने इन युवाओं को शुभकामनाएँ दी हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस सफलता से बस्तर की पारंपरिक कलाओं और खेलों को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

रायपुर : भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रिंकू सिंह ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात


 रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे और दमदार बल्लेबाज़ रिंकू सिंह ने आज रविवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने शॉल ओढ़ाकर तथा नंदी जी का प्रतीक चिन्ह भेंट कर रिंकू सिंह का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में सौहार्द्रपूर्ण माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री साय ने रिंकू सिंह को भारतीय टीम में उनके लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन, मैच में दिखाई गई धैर्यपूर्ण बल्लेबाज़ी और टीम इंडिया के लिए किए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि रिंकू सिंह जैसे ऊर्जावान युवा खिलाड़ी देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में और भी यादगार प्रदर्शन करेंगे।

मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में खेलों को नई दिशा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे लाने और युवाओं को अवसर देने के लिए कई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और प्रदेश की पहचान को मजबूत करने का सशक्त साधन है।

इस दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और राज्य में हो रहे महत्वपूर्ण आयोजनों पर भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए बताया कि यह आयोजन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन रहा है और इसमें लाखों खिलाड़ियों व ग्रामीण प्रतिभाओं की भागीदारी से बस्तर की पहचान और भी व्यापक हुई है।

रिंकू सिंह ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए जो वातावरण तैयार किया जा रहा है, वह आने वाले समय में राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण खेल केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। रिंकू ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे देश के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को प्रेरित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

मुलाकात के अंत में मुख्यमंत्री साय ने रिंकू सिंह को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका उत्साह, मेहनत और संघर्ष की कहानी युवाओं के लिए नज़ीर है। दोनों के बीच सौहार्द्रपूर्ण चर्चा के साथ यह भेट संपन्न हुई।

मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में किया राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण, बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा लगाने की घोषणा


 बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को बिलासपुर प्रवास के दौरान शहर के मध्य स्थित रघुराज स्टेडियम में दानदाता गोंड राजा रघुराज सिंह जगत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। पंडरिया जमींदारी के राजा रघुराज सिंह जगत द्वारा शहर के बीचोबीच दान की गई लगभग 5 एकड़  भूमि पर इस ऐतिहासिक स्टेडियम का निर्माण किया गया है। क्रिकेट सहित कई इनडोर खेल प्रतियोगिताएं इसमें आयोजित होती हैं। 

मालूम हो कि अविभाजित बिलासपुर जिले की पश्चिम सीमा में पंडरिया जमींदारी शामिल थी। वर्ष 1958 में यहां के राजा रघुराज सिंह जगत ने बिलासपुर शहर के बीचोबीच स्थित अपनी बेशकीमती जमीन खेलों के विकास के लिए दान कर दी थी। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा दान में दी गई भूमि पर स्टेडियम बना है। फिजिकल कल्चरल सोसाइटी फिलहाल इसकी देखरेख करती है। राजा रघुराज सिंह क्रिकेट स्टेडियम कई रणजी मैचों का गवाह रह चुका है। स्टेडियम में 1978, 1979 और 1981 में विदर्भ क्रिकेट टीम के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम और रेलवे क्रिकेट टीम के खिलाफ तीन रणजी मैचों की मेजबानी भी कर चुका है। इसके अलावा यहां कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुके खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्टेडियम में खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया। 

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव,  विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह,श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बिलासपुर प्रवास के दौरान शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की कि बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा लगेगी। इसके साथ ही शहर के एक चौक का नामकरण भी उनके नाम पर होगा। इस ख़ास मौके पर बिलासपुर प्रवास पर रहे मुख्यमंत्री ने लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने जनजातीय बालक बालिकाओं के लिए 300-200 सीटर अत्याधुनिक पोस्ट मैट्रिक छात्रवास बनाने की घोषणा भी की। इसके अलावा कोटा ब्लॉक में समाज के लिए सुसज्जित सामुदायिक भवन की घोषणा की। 

विश्व कप विजेता टीम की सदस्य आकांक्षा सत्यवंशी ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्व कप विजय में छत्तीसगढ़ राज्य की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी के योगदान ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। कवर्धा की रहने वाली आकांक्षा ने रविवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की।

छत्तीसगढ़ की बेटी पर गर्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – आकांक्षा जैसी प्रतिभाएँ युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को विश्व कप जीत के लिए बधाई दी और कहा कि उनकी उपलब्धि से प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन हुआ है। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ की बेटियाँ आज हर क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। आकांक्षा सत्यवंशी जैसी प्रतिभाएँ हमारे युवाओं के लिए प्रेरणा की स्रोत हैं।”

मुख्यमंत्री और आकांक्षा के बीच हुई बातचीत में खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं, नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, खेल सुविधाओं के विस्तार और राज्य के समग्र विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन तथा बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आकांक्षा को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

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