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लाल आतंक के सूर्यास्त के साथ सुकमा में उदय हुआ स्वास्थ्य सेवाओं का सूरज


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मेगा हेल्थ कैंप एक प्रमुख निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर है, जहाँ नामी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर कैंसर, हृदय रोग, स्त्री रोग, और नेत्र रोग जैसी बीमारियों का मुफ्त इलाज, जांच और दवाइयां प्रदान करते हैं। इसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा, दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग वितरण और आधुनिक जांचकी सुविधाएं भी मिलती हैं। लाल आतंक की समाप्ति के इस दौर में जब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है, तब प्रशासन की पहुँच अंतिम छोर के व्यक्ति तक आसान हुई है। 

जिला प्रशासन सुकमा और बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का गत दिवस आयोजन किया गया। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के द्वारा शुभारंभ पश्चात इस मेगा स्वास्थ्य शिविर में उन संवेदनशील और अंदरूनी क्षेत्रों के 3,700 से अधिक ग्रामीण बेखौफ होकर पहुँचे, जो कभी मुख्यधारा से कटे हुए थे। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त मेगा स्वास्थ्य शिविर में कुल 6,500 से अधिक लाभार्थियों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि अब ग्रामीण बंदूकों के साये से निकलकर आधुनिक चिकित्सा और विशेषज्ञ परामर्श पर भरोसा जता रहे हैं। शिविर के दौरान 21 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 40 स्वास्थ्य योद्धाओं की टीम ने इन वनवासियों के लिए देवदूत बनकर काम किया। 

CHHATTISGARH: विधायक की पत्नी पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला, हालत गंभीर


जगदलपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मंगलवार की सुबह बस्तर से जो सनसनीखेज वारदात सामने आई है जाहिर तौर पर वो राज्य की कानून व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े करने वाली हो सकती है । क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल की पत्नी पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उनके दोनों हाथों की नसें कट गईं, जबकि गले पर भी गहरे घाव हैं। इस घटना के बाद इलाके में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है।

बघेल के पारिवारिक सदस्यों के अनुसार, घटना के बाद आज सुबह करीब 8 बजे उन्हें गंभीर हालत में महारानी अस्पताल लाया गया। स्थिति नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने तत्काल उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से कुछ पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस हमले के कारणों और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी भारी चिंता का माहौल है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। 

Chhattisgarh: बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, 12 नक्सली ढेर; तीन जवान शहीद, दो घायल

सांकेतिक तस्वीर/ TCG NEWS 
बीजापुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बीजापुर जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। घने जंगलों में चली भीषण मुठभेड़ में बलों ने 12 माओवादियों को ढेर कर दिया। क्षेत्र में अभी भी सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है।

मुठभेड़ के दौरान DRG बीजापुर के प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और आरक्षक रमेश सोड़ी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहादत दी। सरकार ने तीनों वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। इस मुठभेड़ में दो अन्य जवान घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोनों खतरे से बाहर हैं और उनका समुचित इलाज कराया जा रहा है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक बस्तर के अंतिम गाँव में शांति, सुरक्षा और विकास का प्रकाश नहीं पहुँचता, अभियान निर्बाध जारी रहेगा। 

सरकार का कहना है कि जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। लगातार मिल रही सफलताएँ यह संकेत देती हैं कि लाल आतंक का अंत अब निकट है। सुरक्षा बल और सरकार “माओवाद के पूर्ण खात्मे” के संकल्प पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।


बस्तर में बड़ी सफलता: 25 लाख के इनामी चैतू सहित 10 माओवादी का आत्मसमर्पण, मुख्यधारा में लौटे


रायपुर/बस्तर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ में माओवाद समाप्ति की दिशा में राज्य सरकार को एक और बड़ी सफलता मिली है। बस्तर क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय रहे कुख्यात माओवादी और 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा ने अपने साथियों सहित आत्मसमर्पण कर दिया है। कुल 10 माओवादी, जिन पर मिलाकर 65 लाख रुपये का इनाम घोषित था, ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

समर्पण का आधार बनी सरकार की नई नीतियाँ

राज्य सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम–पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय और दूरदर्शी पहल का बस्तर में गहरा प्रभाव दिखाई दे रहा है। सरकार का कहना है कि इन नीतियों ने क्षेत्र में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का माहौल बनाया है। इसी वजह से माओवादी संगठन के भ्रमजाल में फँसे कई लोग अब लगातार हिंसा छोड़कर विकास की राह चुन रहे हैं।

वरिष्ठ माओवादी भी लौट रहे मुख्यधारा में

आत्मसमर्पण करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का वरिष्ठ सदस्य शाम दादा (चैतू) भी शामिल है, जो लंबे समय से सुरक्षा बलों की तलाश में था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह समर्पण बस्तर में माओवाद के कमजोर होते नेटवर्क का अहम संकेत है।

पुनर्वास व सुरक्षा की गारंटी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि समर्पण करने वाले सभी माओवादियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन के लिए आवश्यक पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इनमें आवास, आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सुविधा और पुनर्वास अनुदान शामिल है।

बस्तर में स्थायी शांति की दिशा में बढ़ते कदम

पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है और विकास कार्यों में तेजी आई है। सरकार का दावा है कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास और क्षेत्र में लागू प्रभावी रणनीति का परिणाम है।

दुर्गम बस्तर से उठी प्रतिभा ने रोमानिया में रचा इतिहास, अबूझमाड़ के युवाओं को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

 


बस्तर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों से घिरे अबूझमाड़ के एक छोटे से गाँव से निकलकर मल्लखंब की कला को अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाना किसी सपने से कम नहीं। लेकिन बस्तर के उभरते मल्लखंब कलाकारों की मेहनत और लगन ने इस सपने को सच कर दिखाया है। रोमानिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मल्लखंब प्रतियोगिता में इन कलाकारों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया और भारत का तिरंगा गर्व से लहरा दिया। इस ख़ास मौके पर प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने X हैंडल पर सभी प्रतिभागियों को  शुभकामनाएँ दी हैं। 

प्रतियोगिता में बस्तर के इन युवा कलाकारों ने न केवल अपनी अद्भुत फुर्ती, संतुलन और शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि अपनी पारंपरिक कला की छाप से दर्शकों और निर्णायकों को भी प्रभावित किया। उनके प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली सराहना ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती—केवल अवसर और दृढ़ संकल्प ही सफलता का मार्ग बनाते हैं।

इन कलाकारों की उपलब्धि पर पूरे बस्तर संभाग और छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों से लेकर खेल प्रेमियों तक ने इन युवाओं को शुभकामनाएँ दी हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस सफलता से बस्तर की पारंपरिक कलाओं और खेलों को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हिड़मा के आतंक का हुआ अंत, बस्तर में लौट रहा है शांति का वसंत - मुख्यमंत्री


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षा बलों ने एक बड़े अभियान में नक्सल संगठन के शीर्ष कमांडर और सीसी मेंबर माडवी हिड़मा को मार गिराने का दावा किया है। इस मुठभेड़ में कुल छह नक्सली neutralize किए गए। हिड़मा को बस्तर में नक्सल गतिविधियों का सबसे सक्रिय और खतरनाक चेहरा माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह अभियान नक्सल विरोधी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण सफलता है। इस बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने X पर ट्वीट किया है। 

हिड़मा की मौत को सुरक्षा बलों ने बड़ा ऑपरेशनल अचीवमेंट बताया। हिड़मा पर कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने का आरोप था और वह पिछले कई वर्षों से सुरक्षा बलों के रडार पर था। अधिकारियों के अनुसार, उसकी निष्क्रियता से बस्तर क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों नक्सलियों के आत्मसमर्पण, कई शीर्ष कैडरों की गिरफ्तारी और कई सफल अभियानों के बाद सुरक्षा बल यह दावा कर रहे हैं कि बस्तर में नक्सल प्रभाव लगातार कमजोर हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त प्रयासों के तहत क्षेत्र में सुरक्षा कैंपों की स्थापना, पुनर्वास नीति और विकास कार्यक्रमों को तेज गति से आगे बढ़ा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इन कदमों से लोगों का विश्वास बढ़ा है और गांवों में सामान्य गतिविधियाँ तेजी से लौट रही हैं।

2026 तक नक्सल–मुक्त भारत का लक्ष्य

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा रणनीति और लगातार सफल ऑपरेशन्स को देखते हुए 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सल–मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


CHHATTISGARH : आईईडी ब्लास्ट में ITBP के दो जवान वीर गति को प्राप्त, दो जख़्मी


 रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्‍तीगसढ़ के नक्‍सल प्रभावित बस्‍तर संभाग के नारायणपुर जिले के ग्राम कोडलियर के समीप जंगल में आज एक बड़ी घटना हो गई। नक्‍सलियों के आईईडी ब्‍लास्‍ट में ITBP के 2 जवान घायल हो गए वहीँ दो जवान शहीद हो गए हैं। इस घटना पर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री विष्‍णुदेव साय ने गहरा शोक व्‍यक्‍त किया है। उन्होंने सोशल पेज X पर लिखा है - 

सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 30 नक्सली मारे गये

 

फाईल फोटो Google 
बस्तर /  TODAY छत्तीसगढ़  /   छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को नक्सलियों पर बड़ा प्रहार किया गया है। नारायणपुर-दंतेवाड़ा सीमा पर माड़ इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़ में ख़बर लिखे जाने तक 30 नक्सली मारे जाने की पुष्टि की गई है । मारे गये नक्सलियों से पास से बड़ी संख्या में ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए गए हैं। 

जानकारी के मुताबिक़ घटनास्थल पर सर्च ऑपरेशन जारी है।  मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के खेमे से AK-47 समेत हथियारों के जखीरा बरामद होने की ख़बरें भी हैं।  न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। 

अगर सरकार बदली है तो नक्सलियों के साथ भी कड़ाई से निपटा जाए - विष्णुदेव

 

CRPF का घायल जवान रामू

सुकमा । 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  आज सुबह करीब 7 बजे थाना जगरगुंडा अंतर्गत कैंप बेदरे से CRPF की 165वी बटालियन उर्सागल की तरफ सर्च आपरेशन पर निकले थी । ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हुई इसमें 165वीं बटालियन के सब इंस्पेक्टर सुधाकर रेड्डी शहीद हो गए और कांस्टेबल रामू गोली लगने से घायल हो गये। घायल जवान को प्राथमिक उपचार कर उचित उपचार हेतु हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयरलिफ्ट कर राजधानी रायपुर लाया गया । आस पास के इलाके को सर्च करने पर 4 संदिग्धों को पुलिस कब्जे में लिया गया है तथा सीआरपीएफ, कोबरा एवं जिला बल के द्वारा आस पास के इलाके की सघन सर्चिग की जा रही है। 

इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जब मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने कहा  "हाल ही में नक्सली घटनाएं हुई हैं। अभी सरकार बदली है तो उनमें(नक्सली) बौखलाहट भी है... आज मैंने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर सरकार बदली है तो नक्सलियों के साथ भी कड़ाई से निपटा जाए..." 


झीरम घाटी हत्याकांड 2013 : सुप्रीम कोर्ट का फैसला न्याय का दरवाजा खोलने जैसा - भूपेश

 '2018 से पहले जिन्होंने झीरम के सबूत जेब में होने का दावा किया था उनका क्या होगा' - डॉक्टर रमन  


रायपुर । 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  झीरम कांड पर सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने  ट्वीट करते हुए लिखा कि फैसला न्याय का दरवाजा खोलने जैसा है - 

कांग्रेस के हमले पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने पलटवार किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके सलाहकार विनोद वर्मा के बयानों पर द्वीट कर डॉ. सिंह ने कहा कि "हाँ ! दाऊ @bhupeshbaghel जी इस मामले की जाँच से षड्यंत्र का पर्दाफ़ाश होना चाहिए। लेकिन यह तो बताइए कि 2018 से पहले जिन्होंने झीरम के सबूत जेब में होने का दावा किया था उनका क्या होगा ? 5 साल तक आपने तो झीरम जैसे गंभीर मुद्दे का राजनीतिक लाभ लिया लेकिन अब भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश की व्यवस्था के अनुरूप इस पूरी घटना की न्यायिक जाँच होगी।" 

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झीरम घाटी हत्याकांड : NIA की अपील याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ पुलिस इस हमले में षडयंत्र की जांच करेगी - सुप्रीम कोर्ट

फ़ाइल फोटो 

 बिलासपुर । 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  सुप्रीम कोर्ट ने आज झीरम घाटी हत्याकांड की जांच को लेकर एनआईए की अपील याचिका को खारिज कर दिया है। अब छत्तीसगढ़ पुलिस इस हमले में षडयंत्र की जांच करेगी। झीरम घाटी हत्याकांड में जान गंवाने वाले उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र मुदलियार ने 2020 में दरभा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसमें कहा गया था कि एनआईए ने हत्या और राजनीतिक षड्यंत्र को नहीं जोड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के बस्तर नरसंहार में बड़ी साजिश का आरोप लगाते हुए 2020 में दायर एक एफ़आईआर की छत्तीसगढ़ पुलिस जांच के ख़िलाफ़ एनआईए की याचिका पर नोटिस जारी किया था। इस हमले में कई बड़े कांग्रेसी नेता मारे गए थे।

ज्ञात हो कि 25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों ने हमला किया था, इसमें महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार सहित 29 नेता और कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी। इस घटना की जांच एएनआई कर रही थी। मृतक कांग्रेस नेता उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र मुदलियार ने दरभा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस एफआईआर और छत्तीसगढ़ पुलिस के जांच के अधिकार को एनआईए ने यह कहते हुए चुनौती दी थी कि वह इस प्रकरण का पहले से जांच कर रही है। इसमें अलग से जांच की जरूरत नहीं है। हाईकोर्ट ने एनआईए की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दखल नहीं देगी।

 किसने, किसने षडयंत्र किया अब साफ हो जाएगा -  मुख्यमंत्री 

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर लिखा, झीरम कांड पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला छत्तीसगढ़ के लिए न्याय का दरवाजा खोलने जैसा है। झीरम कांड दुनिया के लोकतंत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक हत्याकांड था। इसमें हमने दिग्गज कांग्रेस नेताओं सहित 32 लोगों को खोया था। कहने को एनआईए ने इसकी जांच की, एक आयोग ने भी जांच की लेकिन इसके पीछे के वृहत राजनीतिक षडयंत्र की जांच किसी ने नहीं की। छत्तीसगढ़ पुलिस ने जांच शुरु की तो एनआईए ने इसे रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। आज रास्ता साफ़ हो गया है। अब छत्तीसगढ़ पुलिस इसकी जांच करेगी। किसने किसके साथ मिलकर क्या षडयंत्र रचा था। सब साफ़ हो जाएगा। झीरम के शहीदों को एक बार फिर श्रद्धांजलि।

घटना और जांच में कांग्रेस की क्या भूमिका थी- सुनील सोनी

कोर्ट के फैसले और सीएम के द्वीट पर सांसद सुनील सोनी ने कहा कि महत्वपूर्ण यह नहीं कि कौन सी संस्था जांच करे। बल्कि यह अहम है कि पटना और आंच में कांग्रेस की क्या भूमिका थी। सोनी ने कहा- सीएम बनने से पहले भूपेश बघेल जेब में सबूत होने की बात कहते थे, लेकिन एनआईए को अब तक सबूत नहीं दिए। कांग्रेस ने जांच में कोई सहयोग नहीं किया और हर बरसी में कांग्रेस धाव को कुरेदने का काम करती रही है। 

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6 नक्सलियों ने आंध्रा पुलिस के समक्ष किया समर्पण, 4 नक्सली छत्तीसगढ़ के बीजापुर से


TODAY छत्तीसगढ़  / जगदलपुर /  आज एओबीएसजेडसी (आंध्र ओडी स्पेशल जोनल कमेटी) के ईनामी 6 सीपीआई (माओवादी) महत्वपूर्ण कैडर ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और आंध्रप्रदेश राज्य डीजीपी कार्यालय, मंगलागिरी, विजयवाड़ा एपी में मीडिया के सामने पेश किया गया। इनमें चार छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के हैं।

डी.गौतम सवांग, आईपीएस, पुलिस महानिदेशक, एपी ने यूजी कैडर के माओवादियों से अपील की कि जो ज्यादातर गुमराह युवा हैं, वे आगे आएं और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण करें और सरकारी समर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं, जैसा कि माओवादी विचारधारा है। और कार्यप्रणाली बेमानी, अप्रचलित हो गई है और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता खो गई है।

विशेष रूप से, छत्तीसगढ़ के एओबी क्षेत्र में कार्यरत कैडर को आश्वासन दिया जाता है कि वे अपने आत्मसमर्पण के लिए बिना किसी डर के किसी भी नजदीकी पुलिस प्रतिष्ठान से संपर्क कर सकते हैं, क्योंकि यह पता चला है कि उन्हें माओवादी पकड़ से बाहर आने और पुलिस से संपर्क करने में मुश्किल हो रही है। इलाके के ज्ञान और भाषा बाधा की कमी के कारण।

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समर्पित नक्सलियों के नाम-

1) चिक्कुडु चिन्ना राव, मंडल समिति के सदस्य (डीसीएम) पेद्दाबैलु-कोरुकोंडा एसी और डिवीजनल कमांड के कमांडर (32 वर्ष) कोंडरंगु, पेद्दाबैलु, विशाखापत्तनम जिला। इनाम -5 लाख, यूजी - 15 साल, अपराध शामिल-93

2) वंथला वन्नू, एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) पेद्दाबैलु कोरुकोंडा एसी (25 वर्ष)  संपांगिगोंडी (वी), जीके वेधी (एम )विशाखापत्तनम जिला। इनाम-4 लाख, यूजी-10 साल, अपराध शामिल-10

3) मदकम सोमिदी, क्षेत्र समिति सदस्य (एसीएम), पेदाबैलु - कोरुकोंडा एसी, (25), बीजापुर जिला, छत्तीसगढ़। इनाम-4 लाख, यूजी-11 साल, अपराध शामिल- 9

4) मदकम मंगल, पीएम, उदय (सीसीएम) प्रोटेक्शन टीम, 21 साल, डी/ओ मदकम सोमादा, बिदिया भूमि (वी)। भैरमगड़ी (एम), बीजापुर जिला, छत्तीसगढ़। इनाम-1 लाख, यूजी-6 वर्ष, अपराध शामिल-9

5) पोयम रुकिनी, पीएम, कलीमेला एसी, 18 साल, डी/ओ पोयम विज्जा, एन/ओ मावाड़ा (वी), बीजापुर जिला, छत्तीसगढ़। इनाम-1 लाख, यूजी-3 साल, अपराध शामिल-3

6)  सोड़ी भीम (18 वर्ष) डी / ओ सोदी बुद्र, एन / ओ कोयला (वी)। बीजापुर, छत्तीसगढ़। इनाम-1 लाख, यूजी-6 साल, अपराध शामिल-3 

मिलिशिया कमांडर के तौर पर काम करने वाला एक लाख का ईनामी नक्सली गिरफ्तार

TODAY
 छत्तीसगढ़  /  
दंतेवाड़ा /  केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने दंतेवाड़ा के अरनपुर से 1 लाख का ईनामी जन मिलिशिया कमांडर को हिरासत में लिया। पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि अरनपुर स्थित सीआरपीएफ की 231वीं बटालियन के एफ कम्पनी को कोंदापारा में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
 सूचना मिलते ही द्वितीय कमान अधिकारी राजीव यादव के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट संदीप कुमार के नेतृत्व में गश्ती दल रवाना हुआ। अरनपुर के कोंदापारा पहुंचने पर एक संदिग्ध व्यक्ति छुपने लगा। पुलिस के सतर्क जवानों ने घेराबंदी कर उक्त व्यक्ति से कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें उसकी  शिनाख्त माड़वी  मासा (27 वर्ष) के रूप में हुई। 
नक्सल आरोपी मासा सुकमा जिला के गादीरास थाना अंतर्गत पोरो परिया गांव का निवासी है। उक्त व्यक्ति नक्सली संगठन में मिलिशिया कमांडर के तौर पर कार्यरत का था। वह मुख्य रूप से नक्सली विचारधारा के प्रचार प्रसार, बड़े लीडरों की संतरी ड्यूटी करना और पुलिस बल की रेकी करने में शामिल था। 

मिलिशिया कमांडर के कब्जे से इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, जिलेटिन स्टिक, कोडेक्स वायर, बिजली तार मय स्विच और  नक्सली बैनर सहित दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई। राज्य शासन द्वारा जन मिलिशिया कमांडर की गिरफ्तारी पर 1 लाख रूपये का पुरस्कार घोषित किया गया है। 

भवन निर्माण ठेकेदार पर प्राणघातक हमला, एयर लिफ्ट कर रायपुर भेजा गया

 TODAY छत्तीसगढ़  / बचेली / किरंदुल / शनिवार को एक भवन निर्माण ठेकेदार पर हमला हो गया है। हमले में घायल भवन निर्माण ठेकेदार को किरंदुल के एनएमडीसी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां प्रारंभिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शाम को एयर लिफ्ट कर उन्हें रायपुर भेजा गया है। 

 जानकारी के मुताबिक़ घटना शनिवार की दोपहर करीब 1.30 बजे की है। ग्राम चोलनार में सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का जायजा लेकर ठेकेदार अब्दुल कयूम सिद्दीकी (55 वर्ष) अपनी स्कूटी से किरन्दुल घर की ओर आ रहे थे,  तभी रास्ते में किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा सिर पर वार किया गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। इसकी खबर मुशी गंगा निर्मलकर ने उनके भाई पत्रकार अब्दुल सिद्दीकी को दी, जिसके बाद तत्काल उन्हें किरंदुल एनएमडीसी अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव अस्पताल पहुंचे। 

एसपी ने कहा कि दो अज्ञात व्यक्ति द्वारा बंडे से उन पर जानलेवा हमला किया गया है। नक्सलियों द्वारा घटना की जाने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन घटनास्थल से किसी प्रकार का पर्चा नहीं मिला है। दंतेवाड़ा में लगातार हो रहे नक्सलियों की आत्मसमर्पण से निश्चित रूप से नक्सलियों की बौखलाहट की घटना हो सकती है। घायल को प्रारंभिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शाम को एयर एम्बुलेंस से रायपुर रायपुर भेजा गया है। 

नक्सल विस्फोट में बोलेरो के परखच्चे उड़े, 10 से अधिक लोग घायल


TODAY छत्तीसगढ़  /बस्तर / गुरुवार यानि आज सुबह लगभग 07:30 बजे जिला बस्तर के थाना मालेवाही क्षेत्रांतर्गत मालेवाही एवं बोदली कैम्प के मध्य माओवादियों द्वारा लगाये गये आईईडी की चपेट में आने से 1 निजी बोलेरो वाहन ब्लास्ट हो गया। वाहन में सवार 2 ग्रामीण घायल हो गये हैं । घायलों के नाम धनसिंह आत्मज सिलदार उम्र 30 वर्ष एवं रूपलाल आत्मज कुरप लाल उम्र 25 वर्ष है। दोनों भगतवाही जिला बालाघाट मध्यप्रदेश के निवासी है ये निजी काम से बालाघाट से तेलंगाना जा रहे थे घायलों को जिला अस्पताल दंतेवाड़ा लाया गया है l घायलों की स्थिति सामान्य तथा खतरे से बाहर बताई जा रही है।  

बस्तर में 21 लाख कीमत के हीरे संग गुजरात का एक व्यक्ति गिरफ्तार

TODAY
 छत्तीसगढ़  / 
 जगदलपुर /  इक्कीस लाख के हीरे की तस्करी करते हुए 1 आरोपी को बस्तर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुखबिर से सूचना से मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध रूप से हीरा की तस्करी करने के उद्देश्य से गुजरात से जगदलपुर आया है। 
थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल चांदनी चौक पुनम लॉज पहुंचकर एक संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की। संदेही व्यक्ति ने अपना नाम श्रेयांश दोषी (44) सूरत गुजरात का रहने वाला बताया। जिसके कब्जे से कुल 17 हीरे  एवं 8 राशि रत्न, कीमती अनुमानित 21,00,000/-रूपये व मोबाईल को बरामद कर किया गया। इस संबंध में पूछताछ करने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त हीरा को गुजरात के एक व्यक्ति से लेकर ग्राहक के तलाश में जगदलपुर आना बताया। आरोपी श्रेयांश दोषी के द्वारा अवैध रूप से बहुमूल्य रत्नों की तस्करी करते पाये जाने पर आरोपी के विरूध्द थाना कोतवाली जगदलपुर में जुर्म दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। 

तीन नक्सलियों ने बिना हथियार आत्मसर्मपण किया

TODAY छत्तीसगढ़  / सुकमा / सुकमा के केरलापाल थाने में तीन नक्सलियों ने बिना हथियार आत्मसर्मपण किया। जिला सुकमा में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के प्रचार-प्रसार से प्रभावित होकर नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े  3 नक्सली सदस्यों क्रमश: कलमू गंगा (जनमिलिशिया सदस्य) (35) बड़़ेसट्टी दुरमापारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा, कलमू मासा (जनमिलिशिया सदस्य) (34) बड़ेसट्टी पटेल पारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा, रवा देवा (जनमिलिशिया सदस्य) (26) बड़ेसट्टी स्कूलपारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा ने 1 अगस्त को थाना केरलापाल में परमेश्वर तिलकवार पुलिस अनुविभागीय अधिकारी सुकमा,  निशांत पाठक, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स,  योगेन्द्र यादव सहायक कमांडेन्ट 2 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया।

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आत्मसमर्पित नक्सली कलमू गंगा वर्ष 2020 में बड़ेसट्टी के स्वास्थ्य केन्द्र की तोडफ़ोड़ व पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने की घटना मे शामिल रहा। घटना के संबंध में थाना फुलबगड़ी में धारा 147, 148, 149, 307 भादवि. 25, 27 आर्म्स एक्ट, 3 लोक संपत्ति नुकसानी अधिनियम प्रकरण पंजीबद्ध है। प्रकरण में न्यायालय सुकमा के द्वारा वारंट जारी किया गया था। 

सोनू मेरी डार्लिंग बचपन का प्यार मेरा भूल नहीं जाना रे .. सुकमा के सहदेव का गाना सुनकर मुख्यमंत्री बोले .. वाह। देखें VIDEO

TODAY छत्तीसगढ़  / रायपुर /  चंडीगढ़ से लौटने के बाद सुकमा के सहदेव ने CM भूपेश बघेल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास में हुई मुलाकात के दौरान मंत्री कवासी लखमा भी वहीं थे। सहदेव का स्वागत कर CM बघेल ने कहा गाना सुनाओ, झट से सहदेव ने गाना शुरू किया सोनू मेरी डार्लिंग बचपन का प्यार मेरा भूल नहीं जाना रे। गाना सुनकर CM बघेल ने कहा वाह...। इसका वीडियो भी उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया और बच्चे को बधाई दी।

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बादशाह के साथ हुई गाने की शूटिंग

तीन दिन पहले बादशाह ने सहदेव को कॉल किया था। उनके बुलावे पर सहदेव चंडीगढ़ गया और वहां करीब 6 घंटे तक एक सॉन्ग वीडियो का शूट पूरा किया। इस वीडियो से जुड़ी डीटेल्स सार्वजनिक नहीं की गई है। इसे बादशाह की टीम जल्द ही रीलीज करेगी। बादशाह ने तीन दिन पहले वीडियो कॉल पर सहदेव से बात की थी और चंडीगढ़ बुलाया था। बादशाह ने सहदेव का गाया गाना बचपन का प्यार भी सुना और कहा था मेरे साथ गाना गाओगे। सहदेव ने भी हामी भर दी थी।

बादशाह उठाएंगे पढ़ाई का खर्च

बादशाह ने शूट के बाद सहदेव के परिवार से ये भी कहा है कि यदि सहदेव किसी इंस्टीट्यूट में पढ़ाई या म्यूजिक ट्रेनिंग करने के लिए जाएं तो एडमिशन और सारा खर्च बादशाह वहन करेंगे। सहदेव का परिवार विचार करने पर इस प्रस्ताव को लेकर बादशाह की टीम से संपर्क करेगी। बचपन का प्यार ये सॉन्ग मूलरूप से गुजरात के एक लोकल सिंगर ने गाया था। दो साल पहले सहदेव ने इसे अपनी क्लास में गाया था। जिसका वीडियो वायरल हुआ अब सहदेव की जिंदगी बदल चुकी है। - भास्कर 

सुकमा : नक्सलियों और सुरक्षा बल के बीच मुठभेड़, एक नक्सली के मारे जाने की पुष्टि

 TODAY छत्तीसगढ़  / सुकमा । छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में रविवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड हुई है। एसपी सुनील शर्मा ने कहा, सुकमा जिले के मिनपा और पद्दीगुड़ा के जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। 

इससे एक दिन पहले शनिवार को दंतेवाड़ा जिले में चल रहे लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत चार नक्सलियों ने एसपी अभिषेक पल्लव के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इन पर विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। एसपी डा अभिषेक पल्लव ने बताया कि नक्सलियों की खोखली विचारधारा से तंग आकर और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। उन्होंने बताया कि दरभा डिवीजन के मलांगीर एरिया कमेटी में सक्रिय रहे नक्सली मोटू मरकाम, ललिता तामो, बामन राम कुंजाम तथा भीमा मरकाम सभी जनमिलिशिया सदस्य निवासी मड़कामीरास ने किरंदुल में आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों का चोलनार में आइइडी ब्लास्ट कर वाहन उड़ाने समेत कई घटनाओं में हाथ रहा है। सभी नक्सलियों को शासन के पुनर्वास नीति के तहत लाभान्वित किया जाएगा। उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई और इसके साथ ही कोविड वैक्सीनेशन भी करवाया जा रहा है।

पुलिस संदिग्ध व्यक्ति समझकर थाने ले आई, पूछताछ हुई तो इनामी नक्सली निकले

TODAY छत्तीसगढ़  /  दंतेवाड़ा /  दंतेवाड़ा में पुलिस को नक्सली उन्मूलन अभियान में दो मोर्चों पर निरंतर सफलता मिल रही है। एक ओर घर वापस आइए अभियान में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की झड़ी लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा नामजद नक्सल आरोपियों को हिरासत में लिया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव के मुताबिक कटेकल्याण थाना से जिला आरक्षी बल के जवान सोमवार को गश्त अभियान में निकले थे। इसी दौरान मारजूम और कलेपाल के जंगलों में पुलिस दल को देखकर तीन संदिग्ध व्यक्ति छिपने लगे। पुलिस द्वारा उक्त व्यक्तियों को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पुलिस के कड़ाई से पूछताछ करने पर सभी नामजद नक्सल आरोपी निकले।

इनमें से एक व्यक्ति की शिनाख्त कलेपाल जनताना सरकार सदस्य बामन मरकाम (30 वर्ष) के रूप में हुई। बामन कलेपाल गांव जिला बस्तर का निवासी है। उक्त नक्सली पुलिस दल पर एंबुश लगाकर हमला करने की वारदात में शामिल था। इसी कड़ी में डीएकेएमएस अध्यक्ष भीमा मरकाम (35 वर्ष) को भी हिरासत में लिया गया। भीमा ग्रामीणों के साथ लूटपाट, पुलिस दल पर हमला एवं नक्सली विचारधारा के प्रचार प्रसार में शामिल था। उक्त नक्सली की गिरफ्तारी पर राज्य शासन द्वारा 1 लाख रूपये का पुरस्कार घोषित किया गया है। वह कटेकल्याण थाना अंतर्गत मार्जूम गांव का निवासी है।

इसी कड़ी में डीएकेएमएस सदस्य सुकलू कुहरामी (30 वर्ष) को भी जंगलों से घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। सुकलू कटेकल्याण थाना अंतर्गत मार्जूम गांव का निवासी है। उक्त नक्सली ग्रामीणों के साथ लूटपाट एवं पुलिस दल पर हमला करने में भागीदार था। पुलिस ने सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। 

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