जिला स्तरीय घासीदास लोककला महोत्सव में सिलपहरी पंथी पार्टी अव्वल
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / परम पूज्य बाबा गुरुघासीदास जी के जयंती के अवसर पर जिला स्तरीय गुरुघासीदास लोक कला महोत्सव पर 18 दिसम्बर 2025 को शासकीय प्री में सामूहिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास जरहाभाठा में आयोजित की गई। बाबा गुरुघासीदास की छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें तीन दलों के द्वारा मनमोहक पंथी नृत्य एवं भरथरी गीतों का प्रदर्शन किया गया। प्रतियोगिता में सम्मिलित दलों में से सिलपहरी पंथी पार्टी बिलासपुर को प्रथम स्थान एवं संत के संदेश पंथी पार्टी ग्राम करहीपारा तखतपुर को द्वितीय स्थान तथा हमर छत्तीसगढ़ के माटी लोककला मंच छोटी कोनी बिलासपुर को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
उक्त आयोजन में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दलों को राज्य स्तरीय आयोजन हेतु नवागढ़ बेमेतरा भेजा जावेगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम हेतु शासन द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को 1 लाख रूपए एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 75 हजार रूपये पुरस्कार राशि देने का प्रावधान है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर श्री पीसी लहरे द्वारा की गई। इनके अलावा श्री महादेवा संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा, सुश्री आकांक्षा पटेल सहायक संचालक, श्रीमती सीमा मिंज सहायक लेखा अधिकारी, समाज के प्रतिष्ठितगण डॉ. के. एल. सान्डे, श्री गुलाब चन्द्र भारद्वाज, हेमल पाल घृतलहरे, श्री शत्रुहन घृतलहरे एवं समस्त अधीक्षकगण, अधिकारी कर्मचारी की गरिमामयी उपस्थित में कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति संस्कृति उनके पारंपरिक रितिरिवाज और लोक कला महोत्सव को बढ़ावा देना और संरक्षित करना है। इस आयोजन में छात्रावासी बच्चों द्वारा बढ़-चढ़कर हर्षाेल्लास के साथ भाग लिया गया एवं अपनी संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिला।
जयंती 18 दिसम्बर पर विशेष: संत गुरु घासीदास बाबा जी— सतनाम पंथ के नक्षत्र
भारतीय संत परंपरा के तत्वावधान में हमारे संतों ने बाहरी आडम्बरों , जाति- पाँति धार्मिक कट्टरता को शिथिल करते हुए समाज में प्रेम और सामजिक सद्भाव जैसी महत्वपूर्ण बातों पर जोर दिया | ऐसी ही संत परम्परा में कबीर, नानक, मीरा बाई, नामदेव, रविदास, सूरदास, आदि का नाम हम श्रद्धा और आदर से लेते हैं | उन्होंने अपनी वाणी के द्वारा लोगों में चेतना जाग्रत किया | जो कि भक्ति का मार्ग अपनाकर सामाजिक एकता कायम रख सके | ऐसी ही हमारे छत्तीसगढ़ में एक महान संत हुए जो संत गुरु घासीदास के नाम से जाने जाते हैं |
ईश्वर ने हमें मानव जीवन दिया है। यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम अपना जीवन किस तरह जीना चाहते हैं। समय कोई भी हो, कितने ही युग बीत जायें मगर जिन्हें महान कार्य करना हो, समाज के उद्धार के लिए, दीन-दुखियों की सेवा के लिए, वे बाधाओें की परवाह किये बिना सदकार्य में लग जाते है। उन्हें उनके पथ से कोई डिगा नहीं सकता। ऐसे ही महान युग प्रवर्तक, समाज सेवक, निस्वार्थ, निष्काम सेवा भावी संत थे छत्तीसगढ़ के ग्राम गिरौदपुरी में जन्मे सतगुरु बाबा घासीदास।
जिस वक्त गुरुजी का आविर्भाव हुआ था तब छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एकदम पिछड़ा क्षेत्र था। केवल उच्च वर्ग के, धनाड्य , सम्पन्न घरों के बच्चे ही विद्याध्ययन कर पाते थे। क्योंकि तब शिक्षा को जरूरी नहीं समझा जाता था। जरूरी था तो बस इतना ही कि विद्यार्थी अक्षर ज्ञान प्राप्त कर ले। सो किसान वर्ग, श्रमिक वर्ग, हरिजन, आदिवासियों ने शिक्षा के प्रति ध्यान ही नहीं दिया। वैसे भी तब के जमींदार, मालगुजार या ब्राम्हण वर्ग नहीं चाहते थे कि निम्न वर्ग के बच्चे उनके बच्चों के साथ बैठकर विद्याध्ययन करें। तब उन्हें अछूत समझा जाता था। यही कारण है कि उनका बौद्धिक स्तर कम ही रहा। जनता दलित, पीड़ित और शोषित थी। अपने लोगों की इस दशा में गुरु घासीदास का हृदय द्रवीभूत हो गया था। उनका मन दलितों के उद्धार की ओर अग्रसर होने लगा। परिणाम स्वरूप उन्होंने ‘‘सतनाम पंथ’’ की स्थापना की।
उनके चिंतन से कहीं भी यह आभास नहीं होता है कि यह उपदेश या बातें किसी एक विशेष वर्ग के लिए कही गई है बल्कि समस्त मानव समुदाय और विश्व स्तर पर सभी धर्मावलम्बियों को प्रभावित किया है।
यही कारण है कि आज उनके अनुयायियों की संख्या लाखों में है। जिस समय आपका आविर्भाव हुआ देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। अंध विश्वास, कुरीति, सामाजिक रूढ़िवादिता, धर्मभीरूता, कुप्रथा, सामाजिक प्रतिबंध, छुआछूत जैसी सामाजिक अव्यवस्थायें हावी थीं। ऐसे वक्त में गुरुजी ने जो उपदेश दिया उसे सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण रखकर आज के परिप्रेक्ष्य में रखकर विचार करें तो हम पाते हैं कि उनके उपदेश या कथन सभी वर्गो के लिए मान्य है | गुरु ने कहा है कि - न कोई जन्मना ऊँचा, न नीचा है, विभाजन कर्म की रेखा, उठाती है, गिराती है, विभाजित आचरण लेखा, नहीं वह नीच हो सकता, कि जिसका कर्म ऊँचा है, बड़ा वह हो नहीं सकता, कि जिसका कर्म नीचा है, हमारे वेद, श्रुतियाँ, उपनिषद, सिद्धांत शास्त्रों के, यही कहते, इसी में मर्म जीवन का समूचा है।
अर्थात न कोई जन्म से ऊँचा है और न कोई नीचा है। मुझे कहीं भी असमानता की स्थिति नजर नहीं आती और असमानता हो भी तो किस बात पर। मानव-मानव सब एक है फिर भेदभाव कैसा किन्तु, नासमझी की भावना ही हमें एक दूसरे से अलग करती है। हम विभाजन किसलिए करते हैं। एक ऊँचा एक नीचा यही प्रवृत्ति सबसे घातक होती है। हमारा कर्म, हमारी सोच ही हमें छोटा-बड़ा बनाती है। वही इंसान को ऊँचा उठाती है और वही नीचे गिराती है। स्पष्ट यह कि हमारा आचरण कैसा हो।
वे कहते हैं कि एक उच्च कुल का व्यक्ति यदि हत्या जैसे अपराध करता है वहीं एक निम्न कुल का व्यक्ति भी यह अपराध करता है तो दोनों एक ही स्तर के हुए। इनमें न कोई छोटा न बड़ा। दोनों का ही कुल एक हुआ और वह कुल है हत्यारे का। यहाँ जाति पीछे छूट जाती है और कर्म सामने आता है। सो बड़ा कर्म करने वाला ऊँचा और छोटा कर्म करने वाला नीचा, वह कैसे हो सकता है ? समानता का सिद्धांत होना चाहिए। यही हमारे वेद समस्त शास्त्र और श्रुतियाँ भी कहते हैं और इसी में जीवन का मर्म छिपा हुआ है।
गुरु घासीदास जी के द्वारा वाचिक परम्परा के माध्यम से प्राणित ‘‘26’’ उपदेशों को आत्मसात कर, उन्हीं के बताये मार्ग पर चलकर सभी वर्गों, सभी धर्मों के साथ समन्वय स्थापित किया जा सकता है।
व्यक्तिगत रूप से मैं गुरु घासीदास जी द्वारा मानव जाति के लिए दिये गये संदेशों से, उपदेशों से, उनके समग्र व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हूँ। कौन कहता है कि वे एक वर्ग विशेष के हैं। वर्ग विशेष के वे तब थे जब उन्होंने समाज में व्याप्त भ्रान्तियों को दूर करने का बीड़ा उठाया था। आज तो वे समस्त वर्ग के आराध्य के रूप में पूजे जाते हैं । हमारा वर्तमान परिदृष्य यह कहता है कि आज समाज में ऊँच-नीच, छोटे-बड़े की बात बेमानी है। मनुष्य को आत्मा के शुद्धिकरण के लिए सोचना चाहिए न कि केवल तन के शुद्धिकरण की। यदि तन के शुद्धिकरण से ही समानता की बात होती तो पवित्र नदियों के तट पर बसने वालों में कहीं भी छोटा-बड़ा या ऊँच-नीच का वर्ग विष्लेषण नहीं होता।
हमारी नदियों ने, हमारे पर्यावरण ने, हमारी प्रकृति ने हमें आपस में प्रेम, भाईचारा का पाठ पढ़ाया है। तभी तो महात्मा बुद्ध को बोधिवृक्ष के नीचे बैठकर ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। उसी तरह सतगुरु घासीदास बाबा जी ने भी तेंदू वृक्ष के नीचे बैठकर ज्ञान की प्राप्ति की थी, ज्ञान का बोध किया था।
अतः इन संत महात्माओं ने हमें यह भी बोध कराया है कि हमें पर्यावरण के प्रति भी सजग रहना है यह कि पेड़ हमारें लिए कितना उपयोगी है। बिना पेड़-पौधों के प्राकृतिक वातावरण नष्ट होता है और हमारा पर्यावरणीय अस्तित्व संकट में पड़ जाता है।
मोहले को उप मुख्यमंत्री बनाने की माँग उठी, 7 बार विधानसभा और 4 बार निर्वाचित होकर संसद पहुँच चुके हैं
बिलासपुर । TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ समेत अन्य दो राज्यों में प्रधानमंत्री के चेहरे पर चुनाव मैदान उतरी भारतीय जनता पार्टी को मतदाताओं का दिल खोलकर समर्थन मिला है। मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में स्पष्ट बहुमत से अधिक सीटों पर विजय पताका फहराने के बाद अब चर्चा मुख्यमंत्री कौन की गर्म है। ऐसे में सातवीं बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले और 4 लोकसभा चुनाव जीत चुके पूर्व मंत्री मुंगेली विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुन्नूलाल मोहले को सतनामी समाज के प्रतिनिधियों ने नई सरकार में उप-मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी देने की मांग की है।
सतनाम भवन तखतपुर में आज सतनामी समाज की एक बैठक हुई जिसमें 18 दिसंबर को होने वाले गुरु घासीदास जयंती के कार्यक्रम की समीक्षा की गई। पूर्व विधायक चोवाराम खांडेकर की उपस्थिति में हुई इस बैठक में समाज के लोगों ने कहा कि वरिष्ठ होने व लगातार चुनाव जीतने के बावजूद मोहले को उनके कद के अनुरूप पद नहीं दिया जाता है। चाहे लोकसभा हो या विधानसभा, जब भी पार्टी ने उनको टिकट दी उन्होंने जीतकर बताया है। वे इस समय सभी भाजपा विधायकों में सबसे वरिष्ठ हैं और विगत 45 वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। उन्हें इस बार भी जीत मिली है। उनको उप-मुख्यमंत्री बनाकर उनके अनुभव और वरिष्ठता का सम्मान किया जाना चाहिए। बैठक में अनेक कर्मचारी तथा सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें
परिवार समेत वृद्धाश्रम पहुँचें जिले के पुलिस कप्तान, सुख-दुःख बाँटा
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराने के बाद पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संतोष सिंह, पत्नी वंदना सिंह और बच्चों अर्थ व अयान के साथ वृद्धाश्रम कल्याणकुंज ईदगाह चौक, मदर टेरेसा आश्रम, कुष्ठरोग आश्रम तोरवा और सेवा भारती कुदुदण्ड पहुँचे । पुलिस अधीक्षक ने वहां रहने वालों का कुशल क्षेम पूछा और समस्याएं सुनने के बाद सभी को कंबल, ड्रायफ्रूट, मिठाइयां आदि बांटी। इस ख़ास मौके पर संतोष सिंह ने अपने बच्चों को अन्य लोगों के साथ खुशियां बांटने की सीख दी। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें
इन जगहों पर निवासरत बुजुर्ग पुरुष और महिलाओं से चर्चा कर पुलिस अधीक्षक ने उनकी समस्याएं सुनी, जहां कुछ बुजुर्गों ने बताया कि उनके परिजनों ने उन्हें घर से निकाल दिया है। एक बुजुर्ग की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने उसके पालक के खिलाफ मामला दर्ज करने हेतु संबंधित थाने को निर्देशित किया है।
अभा. विकलांग चेतना परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न, डॉ. पाठक कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गये
TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर / अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद का 21 वां राष्ट्रीय अधिवेशन कारोना काल के निर्देशानुसार वर्चुअल स्वतंत्रता दिवस के अमृत महोत्सव के पावन पर्व पर गीता देवी रामचंद्र अग्रवाल विकलांग अस्पताल अनुसंधान एवं निशुल्क सेवा केंद्र मोपका के सभागार में वृक्षारोपण और झंडोत्तोलन के साथ उल्लास पूर्वक संपन्न हुआ।
भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन, आर एस मिश्रा द्वारा आस्था मंत्र के पठन और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती विद्या केडिया के स्वागत भाषण से प्रारंभ हुआ ;राष्ट्रीय महामंत्री मदन मोहन अग्रवाल के प्रतिवेदन -राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र राजू अग्रवाल के ऑडिट रिपोर्ट और करोना काल में परिषद की गतिविधियों पर डॉ अनीता सिंह ने विवरण प्रस्तुत किया। प्रांतीय समिति की ओर से अध्यक्ष सत्येंद्र अग्रवाल रायपुर ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। वही सराईपाली से आनंद गोयल ,नरेश अग्रवाल, शक्ति से रामअवतार अग्रवाल और लखन लाल अग्रवाल ने प्रगति के साथ सार्थक सुझाव भी प्रस्तुत किए।
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इस अवसर पर मार्गदर्शक वीरेंद्र पांडे रायपुर का प्रेरक उद्बोधन भी उल्लेखनीय रहा। राष्ट्रीय मंत्री गोविंदराम मिरि ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में विकलांग विमर्श राष्ट्रीय शोध पीठ के अध्यक्ष डॉ विनय कुमार पाठक का नाम प्रस्तावित किया जिसे सर्वसम्मति से समर्थन देकर परिषद के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। डॉ पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ द्वारिका प्रसाद अग्रवाल के अधूरे छोड़े हुए कार्यों को पूरा करना हमारा कर्तव्य होगा लेकिन इसके लिए सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का सहयोग व सामंजस्य जरूरी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की आसंदी से इंदौर से जुड़े न्यायमूर्ति रमेश चंद्र गर्ग ने अपने सार्थक अध्यक्षीय उद्बोधन के साथ नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ पाठक को बधाई दी और एक सिक्के के दो पहलू के रूप में इनके जुड़ाव को उल्लेखनीय बताया। विकलांग चेतना परिषद की विभूतियों के आकस्मिक निधन पर 2 मिनट के मौन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र राजू अग्रवाल तथा आभार प्रदर्शन डॉ अनिल अग्रवाल ने किया इस अवसर पर देश-विदेश के प्रतिनिधि गणों के साथ सभा में मुख्य रूप से डॉ राधेश्याम अग्रवाल, किशन बुधिया, नित्यानंद अग्रवाल, प्रोफेसर बजरंग गोयल, डीपी गुप्ता ,पीएच मुदलियार, डॉ रेखा पालेश्वर डॉ शोभा मिश्रा, श्रीमती ममता मिश्रा ,त्रिपाठी, भंडारी कैलाश गुप्ता ,शेखर मुदलियार, राधा किशन अग्रवाल ,दर्शन सिंह ,राजू सुलतानिया, उमेश मुरारका श्रीमती सावित्री देवी आदि उपस्थित रहे।
सुप्रसिद्ध लेखक, पत्रकार सतीश जायसवाल को मुख्यमंत्री के हाथों दिया गया 'वसुंधरा सम्मान'
TODAY छत्तीसगढ़ /रायपुर / मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित समारोह में सुप्रसिद्ध लेखक सतीश जायसवाल को 21वें वसुंधरा सम्मान दिया गया। समारोह का आयोजन महात्मा गांधी की परिकल्पना के विनम्र ग्रामसेवक स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे की 45वीं पुण्यतिथि के अवसर पर लोकजागरण की मासिक पत्रिका वसुंधरा के द्वारा किया गया है।
संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन एवं चतुर्भुज मेमोरियल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने किया। ख्याति प्राप्त पत्रकार एवं सम्पादक हिमांशु द्विवेदी समारोह को मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित किया।
समारोह में वसुंधरा सम्मान के संयोजक विनोद मिश्र, आयोजन समिति के अध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव, सचिव मुमताज ने बताया कि समारोह में स्व.देवीप्रसाद चौबे के पुत्र प्रदीप चौबे तथा कृषि एवं जलसंसाधन मंत्री रविंद्र चौबे विशेष रुप से मौजूद हैं। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें
वर्ष 2001से निरंतर जारी वसुंधरा सम्मान अब तक रमेश नैयर, कुमार साहू, श्यामलाल चतुर्वेदी, बसंत कुमार तिवारी, बबन प्रसाद मिश्र, दिवाकर मुक्तिबोध, आशा शुक्ला, शरद कोठारी, गिरिजा शंकर, हिमांशु द्विवेदी, विनोद शंकर शुक्ल, ज्ञान अवस्थी, श्याम वेताल, अभय किशोर, गिरीश पंकज, सुशील त्रिवेदी, बी के एस रे, प्रकाश दुबे, तुषार कांति बोस, ई वी मुरली को प्रदान किया जा चुका है।
समारोह मे लोकजागरण की मासिक पत्रिका वसुंधरा के 58वें तथा कला, साहित्य, संस्कृति की मासिक पत्रिका बहुमत के 109वें अंक का लोकार्पण भी किया गया। वसुंधरा का अंक छत्तीसगढ़ के 11 कहानीकारों की प्रतिनिधि कहानियों पर केंद्रित है।
'घरोंदा निःशक्त आश्रम' में लायंस क्लब बिलासपुर वूमेन द्वारा दवाइयाँ और ज़रूरी सामान वितरित किया गया
TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर / बुधवार को लायंस क्लब बिलासपुर वूमेन के द्वारा “घरोंदा निःशक्त आश्रम” डीपूपारा तारबहार जो की विषप्त बच्चो और वयस्कों का आश्रम है, वहां आश्रम की प्रबंधक की माँग पर बच्चों के लिए क्लब की तरफ़ से दवाईयां दी गयीं। संस्था द्वारा आश्रम में रह रहे बच्चे और वयस्कों के लिए एक महीने की दवाईयां उपलबध कराई गई हैं।साथ में 5 steamer, sanitary napkin के 55 बड़े पैकेट और बिस्किट नमकीन भी दिया गया। इस दौरान लायंस क्लब वूमेन बिलासपुर की अध्यक्ष ला सईदा वनक, कोषाध्यक्ष ला निलोफ़र अंसारी और ला फ़रहीन चिश्ती मुख्य रूप से उपस्थित रहीं ।
सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि आबंटन की मांग, प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर / आज सिक्ख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व देवेन्द्र पटेल से मुलाकात कर सिक्ख समाज के लिये सार्वजनिक उपयोग हेतु भूमि आबंटन की मांग की गई। श्री पटेल ने इस संबंध में विस्तृत चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
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ज्ञात हो कि विगत दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने बिलासपुर में सभी समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात का कार्यक्रम रखा था जिसमें सिख समाज के लोगों ने भविष्य की योजना हेतु भूमि आबंटन की मांग की थी। सिख समाज की मांग को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कलेक्टर सारांश मित्तर को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दयालबंद के प्रधान त्रिलोचन सिंह अरोरा, पूर्व प्रधान जोगिंदर सिंह गंभीर, पूर्व प्रधान एवं प्रदेश भाजपा के कार्यकारिणी सदस्य अमरजीत सिंह दुआ एवं पंजाबी युवा समिति के प्रधान सुरेंद्र सिंह छाबड़ा शामिल रहे।
हरिहर बिलासपुर, अरपा किनारे रोपे गए 121 पौधे

TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर। हरिहर ऑक्सीजन वृक्षारोपण परिक्षेत्र अरपा साईड ग्राम सेंदरी [बिलासपुर] में आज हरीहर बिलासपुर अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के दौरान हरिहर परिक्षेत्र एवं प्राथमिक शाला परिसर सेंदरी में 121 फलदार, छायादार एवं देव पौधों का रोपण किया गया । पौधारोपण अभियान में बिलासा कला मंच के संयोजक संस्थापक डॉ सोमनाथ यादव और अध्यक्ष महेश श्रीवास सहित मंच के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्यगण विशेष रूप से उपस्थित थे। इस मौके पर सोमनाथ यादव ने कहां की हरिहर ऑक्सीजोन का अभियान आने वाले समय के लिए मील का पत्थर साबित होगा । निश्चित ही यह क्षेत्र एक बेहतर उद्यान के साथ ऑक्सीजोन क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहा है । बताया गया है कि अरपा साइड क्षेत्र के पांच अलग-अलग क्षेत्रों अब तक कुल 451 पौधे रोपित किये जा चुके हैं ।
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रानी दुर्गावती के शौर्य और जयंती पर कबीर के आदर्श दोहराये गए

TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर / गुरुवार को संत कबीर जयंती और रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कई आयोजन हुए जिनके माध्यम से संत कबीर के बताये मार्ग और रानी दुर्गावती के शौर्य और साहस पर न सिर्फ चर्चा हुई बल्कि सामजिक लोगों द्वारा उनके आदर्शों पर अनुसरण करने की अपील भी की गई।
इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संत कबीर को स्मरण करते हुए अपने ट्वीटर पर लिखा है कि 'छत्तीसगढ़ में भी संत कबीर के जीवनदर्शन का लोगों के जन-जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। संत कबीर ने अपने दोहों के माध्यम से भाईचारे, प्रेम, सद्भावना और सामाजिक समानता का संदेश दिया है। उन्होंने समाज में फैले आडंबर और जात-पात का सख्त विरोध किया। अपने दोहों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर कठोर प्रहार किया। उन्होंने लोगों को सत्य, अहिंसा, दया, करूणा, परोपकार जैसे मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।'
मुख्यमंत्री ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) June 24, 2021
श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि रानी दुर्गावती ने मातृभूमि एवं आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए। उनका साहस और बलिदान देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। pic.twitter.com/CntnLpbtgS
सभी प्रदेशवासियों को संत कबीर दास जयंती के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) June 24, 2021
संत कबीर साहेब का जीवन दर्शन हर युग में प्रासंगिक है। वे सामान्य बोलचाल की भाषा में बड़ी सहजता से गहरी बात कह जाते थे। सरलता से सीधे कही गई उनकी बातें लोगों के दिल में अपनी पैठ बना लेती थी। pic.twitter.com/iVP3ip8QDR
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीरांगना रानी दुर्गावती को नमन करते हुए लिखा कि 'गोंडवाना साम्राज्य की रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन। रानी दुर्गावती ने किसी के आगे घुटने नहीं टेके और मातृभूमि एवं आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए। उनका साहस और बलिदान हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
गोंडवाना साम्राज्य की रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) June 24, 2021
रानी दुर्गावती भारत ऐसी महान वीरांगना हैं जिन्होंने अपने शौर्य और साहस से वीरता की एक नई इबारत लिखी। उन्होंने पति की मृत्यु के बाद न सिर्फ गोंडवाना सामाज्य को संभाला बल्कि अपनी कुशलता से उसे सम्पन्न भी बनाया। pic.twitter.com/UYSxy9iJ9k
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रानी दुर्गावती भारत की ऐसी महान वीरांगना हैं जिन्होंने अपने शौर्य और साहस से वीरता की एक नई इबारत लिखी। उन्होंने पति की मृत्यु के बाद न सिर्फ गोंडवाना सामाज्य को संभाला बल्कि अपनी कुशलता से उसे सम्पन्न भी बनाया।'
आज प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रहने वाले कबीर पंथी और गोंडवाना समाज ने वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य गाथा को नमन किया।
ऊर्जाधानी से राजधानी तक साईकिल का सफ़र मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के लिए
राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन, विभिन्न समाज के प्रतिनिधि शामिल
TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर। बंगाल में समूह विशेष पर लगातार हो रही हिंसा, लूट और हत्या की घटनाओं के खिलाफ पूरे देश में माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है। चुनाव परिणामों के पहले और उसके पश्चात शुरू हुआ हिंसक घटनाओं का सिलसिला अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस तरह की घटनाओं से देश के विभिन्न प्रदेशों में लोग आक्रोशित, आंदोलित हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसके खिलाफ लोगों का गुस्सा चरम पर है। बंगाल में चल रहे इस हिंसक और आपराधिक सिलसिले को रोकने के लिए बिलासपुर में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के जरिए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा हैं । ज्ञापन देने के लिए पहुंचने वालों में विभिन्न समाजों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। डा प्रफुल्ल शर्मा के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में राष्ट्रपति से पश्चिम बंगाल में चल रही घटनाओं पर विराम लगाने के लिए कठोर कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है। कलेक्टर की अनुपस्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट अमित गुप्ता को प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन सौंपा।

क्रिसमस : रैली में उमड़ा जन समुदाय, प्रभु यीशु के जन्म का दिया संदेश
गुरुघासीदास जयंती : झांकियों से दिया शिक्षा और आदर्शों का संदेश
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O पुष्पवर्षा से स्वागत,दिए सन्देश -
शोभायात्रा के दौरान अनेक संगठनों ने पुष्पवर्षा,फल व मिष्ठान वितरित कर स्वागत किया। वहीं झांकियों में गुरु घासीदास की तस्वीरें,उपदेश मनखे मनखे एक सामन,नशा पान मत करो,स्त्री को माता मानो,दोपहर को हल मत जोतो , सत्य ही मानव का आभूषण है जैसे संदेशों से सजाया गया था।शोभायात्रा में सतनामी सामाज के धर्मगुरु युवराज गुरु खुशवन्त साहेब व सौरभ साहेब बग्गी में सवार होकर शोभायात्रा का मान बढ़ाए। शोभायात्रा आमापारा से प्रारंभ होकर आजाद चौक, कंकालीपारा,पुरानी बस्ती, बूढ़ापारा,इंडोर स्टेडियम होते हुए महिला थाना चौक, ओसीएम चौक होते हुए गुरुघासीदास चौक(घड़ी चौक) में समापन हुआ.इस शोभायात्रा में समाज तथा सर्वसमाज के लोग एवँ एल.एल कोशले,अश्वनी बबलू,नोहर सतनामी,के.पी खाण्डे,बलराम सतनामी,देवराज सतनामी,श्रीराम पप्पू बघेल,महेश्वर बघेल,राजेश्वर बघेल,नीरज कश्यप, दिवाकर,शुखचन्द सतनामी,भोला सतनामी,देवदिवान कुर्रे उतीत भारद्वाज,एवं अनेक जिलों/राज्यों से आये हुए राजमहन्त,भंडारी,सतिदार, अतगवा महंत,सहित कई हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए.उक्ताशय की जानकारी सतनाम सेना मीडिया प्रभारी देवेन्द्र निराला ने दिया।
DCW चीफ मालीवाल की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती; 13 दिन से हैं अनशन पर
मलीवाल की बीगड़ी तबीयतः -
बता दें कि 13 दिन से अनशन पर बैठी मलीवाल की तबीयत अचानक खराब हो गई जिसके बाद उन्हें अस्पताल में ले जाया गया। उन्हें लोक नायक जय प्रकाश नारायण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। कई दिनों से अनशन पर बैठने के वजह से उनकी हालत खराब हुई है। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल रविवार सुबह बेहोश हो गईं जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी शनिवार रात तबियत खराब हो गई थी और चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल जाने की सलाह दी थी लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें -
क्या है उनकी मांगः -Delhi: Delhi Commission for Women (DCW) Chief, Swati Maliwal who is on a hunger strike demanding death penalty for convicts in rape cases within 6 months, taken to LNJP hospital after she falls unconscious. pic.twitter.com/WUvc5yT0zI— ANI (@ANI) December 15, 2019
इससे पहले दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने शनिवार (14 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे देश में ‘दिशा विधेयक’ तत्काल लागू करने की मांग की थी। बता दें कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों को 21 दिन के भीतर निस्तारित करने और मौत की सजा का भी प्रावधान है। दिल्ली महिला आयोग प्रमुख ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार के अभी तक के ‘उदासीन रवैया’ पर दुख जताया।
संसद में उठ चुका है मालीवाल की मांगों को पूरा करने का मुद्दाः-
बता दें कि इससे पहले टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने स्वाति मालीवाल की भूख हड़ताल का मुद्दा लोकसभा में उठाया था और कहा था कि उनकी मांग को पूरा किया जाय। सांसद मालीवाल से मिलने भी गई थी। उन्होंने बताया कि उनकी हालत दिन पर दिन खराब होते जा रही है। वहीं इस पर बीजेपी ने सांसद पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
सुप्रीम कोर्ट : नागरिकता संशोधन विधेयक को मुस्लिम लीग की चुनौती
Indian Union Muslim League (IUML) will file a writ petition against #CitizenshipAmendmentBill2019 in Supreme Court today.— ANI (@ANI) December 12, 2019
.@iumlofficial moved the Supreme Court Thursday challenging the Citizenship (Amendment) Bill, saying it violates the fundamental Right to Equality of the Constitution. #CABPassed #CAB2019 https://t.co/s4qZFhL5lQ— Deccan Herald (@DeccanHerald) December 12, 2019
IUML National Treasurer Janab @AbdulWahabPV MP addressing Rajya Sabha on #CAB.— Indian Union Muslim League (@iumlofficial) December 11, 2019
Full vid: https://t.co/gpMTmP9yNy pic.twitter.com/uVwmYlZkCg
राखी सावंत के खिलाफ भिलाई थाने में शिकायत, ट्रक ड्राइवर्स के खिलाफ अभद्र भाषा बोली
युगों - युगों तक याद किये जायेंगे शहीद वीर नारायण सिंह - बघेल
आशिक के लिए पति को छोड़ा, प्रेमी ने कहा 'तुम्हारा क्या भरोसा' तो मुंह बोले भाई ने कहा मेरे साथ आ जाओ
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| तस्वीर/ रवि महतो |
महिला ने अपने पति को हाल ही में यानि 18 नवंबर 2019 को तलाक दे दिया। तलाक देने के बाद महिला ने आशीष से शादी करने की बात कही तो वह मुकर गया। अब महिला ने तोरवा थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है । तोरवा पुलिस ने आरोपी आशीष सिंह के खिलाफ बलात्कार और धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। तोरवा पुलिस का दावा है की जल्द ही बलात्कार के इस मामले का आरोपी सलाखों के पीछे होगा।
रवि की गिरफ्तारी भी जल्दी हो -
हेमूनगर में आशीष के पड़ोस में रहने वाला रवि महतो इस प्रेम कथा का ना सिर्फ गवाह भी है बल्कि उसे आरती और आशीष के बीच रिश्तों की एक-एक कड़ी की हकीकत मालुम है। शायद इसी बात का फायदा रवि इन दिनों उठाना चाहता था, क्यूंकि आरती से शादी के वादे से मुकरने के बाद जब थाने में बलात्कार का अपराध दर्ज हुआ उस दिन से आशीष सिंह फरार है। पिछले दिनों आशीष का पता-ठिकाना बताने का भरोसा दिलाकर आरती के मुंहबोले भाई रवि महतो ने ना उसे सिर्फ घर बुलाया बल्कि उसके साथ हमबिस्तर होने की पहल भी की। आरती की शिकायत पर तोरवा पुलिस ने रवि महतो के खिलाफ धारा 509 [ख] के तहत अपराध पंजीबध्द कर लिया है। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें -


































