राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़ / कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की एएसआई ज्ञानेश्वरी यादव का राजनांदगांव पुलिस ने सम्मान किया। पुलिस लाइन स्थित मंगल भवन में आयोजित A Felicitation & Interaction Session for Girls and Women में ज्ञानेश्वरी ने छात्राओं और महिलाओं से अपने संघर्ष, खेल जीवन, मानसिक तैयारी और सफलता के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन लक्ष्य की राह में बाधा नहीं बनते, जरूरत निरंतर मेहनत, अनुशासन और खुद पर विश्वास की है।
संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर साझा किया
कार्यक्रम में ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने बचपन से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद खेल को लक्ष्य बनाया और लगातार अभ्यास, अनुशासन व आत्मविश्वास के दम पर आगे बढ़ती रहीं। उन्होंने अपनी सफलता में माता-पिता के संघर्ष और सहयोग को सबसे बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि परिवार का भरोसा खिलाड़ी को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति देता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान मानसिक दबाव का जिक्र करते हुए उन्होंने मेंटल ट्रेनिंग, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पीरियड्स के पहले दिन भी उतरीं मैदान में
संवाद के दौरान छात्राओं ने ज्ञानेश्वरी से प्रतियोगिता के दौरान शारीरिक और मानसिक चुनौतियों को लेकर सवाल किए। उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के दौरान उनका पीरियड्स का पहला दिन था। ऐसी स्थिति में आमतौर पर कोच आराम की सलाह देते थे, लेकिन उस समय उन्होंने खुद पर भरोसा किया और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
उनकी इस बात ने कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं और महिलाओं को विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करने की ताकत देता है।
तिरंगा और राष्ट्रगान का पल बताया सबसे भावुक
ज्ञानेश्वरी ने पदक समारोह के उस पल को भी साझा किया जब भारतीय तिरंगा सबसे ऊपर उठा और राष्ट्रगान बजा। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण और भावुक क्षण बताया। उनके अनुभव सुनकर कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में पुलिस की पहल
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य सिर्फ ज्ञानेश्वरी की उपलब्धि का सम्मान करना नहीं, बल्कि उनकी संघर्षगाथा को जिले की बालिकाओं और महिलाओं तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी की यात्रा से प्रेरणा लेकर बालिकाओं में आत्मविश्वास, दृढ़ता और आगे बढ़ने का जज्बा विकसित हो, यही कार्यक्रम का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी का छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का हिस्सा होना पूरे पुलिस परिवार के लिए गौरव की बात है।
कार्यक्रम में डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, सीएसपी वैशाली जैन, डीएसपी मंजुला बाज सहित ज्ञानेश्वरी के माता-पिता मौजूद रहे। विभिन्न संस्थाओं की महिलाएं और छात्राएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं।
समापन अवसर पर ज्ञानेश्वरी यादव और उनके माता-पिता को स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

