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कोटा के महामाया रेस्टोरेंट में अवैध शराब बिक्री, कैमरे में कैद हुई कथित गतिविधियां

ढाबे में शराब बिकने की शिकायत, ग्राउंड रिपोर्ट में कथित बिक्री की पुष्टि का दावा


CG NEWS:
TODAY छत्तीसगढ़  / बिलासपुर: जिले में पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बीच कोटा-लोरमी मुख्य मार्ग पर गोबरीपाट में स्थित महामाया रेस्टोरेंट/ढाबा में खुलेआम अवैध शराब बिक्री की बात सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतों के बाद की गई पड़ताल में रेस्टोरेंट में शराब की कथित बिक्री और परोसे जाने की गतिविधियां कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है। 

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस या आबकारी विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी लेकिन कैमरे में कैद गतिविधियों से साफ़ होता है कि ढाबा संचालक के रसूख के आगे फिलहाल विभागीय अमला कमजोर है। महामाया ढाबा में शराब की अवैध बिक्री, परोसने का सिलसिला सालों से चल रहा है। कई बार पुलिस ने कार्रवाई भी की है लेकिन अंदरूनी खेल कुछ और ही कहानी कहता है। फिलहाल इस मामले में जिले के वरिष्ठ पुलिस अफसरों दवारा की जाने वाली कार्रवाही का इंतज़ार है। 

स्थानीय लोगों के मुताबिक, महामाया रेस्टोरेंट में ग्राहकों को कथित तौर पर अवैध तरीके से देसी-विदेशी शराब उपलब्ध कराई जाती है। आरोप है कि यहां बिना किसी विशेष पहचान के भी शराब आसानी से मिल जाती है। पड़ताल के दौरान रेस्टोरेंट में शराब की कथित बिक्री से जुड़ी गतिविधियों को एक स्थानीय चैनल द्वारा कैमरे में रिकॉर्ड किए जाने का दावा भी किया गया है। वहीं, यह भी आरोप लगाया गया है कि बाजार में करीब 220 रुपये कीमत वाली ठंडी बीयर को 400 रुपये तक में खुलेआम बेचा जा रहा है। 

पड़ताल के दौरान वहां मौजूद दो युवकों की गतिविधियों को भी कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है । बताया गया है कि दोनों एक बड़े थैले के साथ रेस्टोरेंट पहुंचे। बाद में रेस्टोरेंट से बाहर आए एक युवक को थैला सौंपे जाने और इसके बाद दोनों के जंगलनुमा क्षेत्र की ओर जाने की बात कही गई है। हालांकि, थैले में शराब थी या खाने-पीने का सामान अथवा कोई अन्य वस्तु, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस गतिविधि को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जांच के बाद ही संभव होगा।

स्थानीय सूत्रों के हवाले से रेस्टोरेंट में पुलिस और आबकारी विभाग से जुड़े लोगों की आवाजाही के दावे भी किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने कथित राजनीतिक और विभागीय संरक्षण के आरोप भी लगाए हैं। 

सवाल यह है कि यदि रेस्टोरेंट में बिना अनुमति शराब की बिक्री या परोसने की गतिविधि हो रही है तो जिम्मेदार विभागों की ओर से इसकी जांच क्यों नहीं की गई? वहीं, यदि लगाए जा रहे आरोप गलत हैं तो मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।

जिले में पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ अभियान और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर स्थित किसी प्रतिष्ठान में अवैध शराब बिक्री की शिकायत सामने आने पर निष्पक्ष जांच और तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस और आबकारी विभाग महामाया रेस्टोरेंट से जुड़े आरोपों की जांच करते हैं या नहीं और जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है इसका इंतज़ार है।


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