CG NEWS: TODAY छत्तीसगढ़ / रायपुर: आरंग थाना क्षेत्र के बनचरौदा के पास शिक्षक की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह रेत, रियल एस्टेट और बुलियन ट्रेडिंग में लेन-देन से जुड़ा करीब 30 लाख रुपये का विवाद और तीन महीने से ब्याज नहीं मिलना था।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार, हथौड़ा, स्कूटी, तीन ब्लैंक चेक, मोबाइल फोन और घटना के समय पहने गए खून लगे कपड़े व जूते समेत अन्य सामान जब्त किया है।
बनचरौदा के पास मिला था शिक्षक का शव
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को सूचना मिली कि ग्राम बनचरौदा के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। उसके सिर और चेहरे पर धारदार एवं कठोर वस्तु से चोट के निशान थे।
मृतक की पहचान शिवकुमार चंद्राकर (46), निवासी ग्राम रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा, रायपुर के रूप में हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक, डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम की मदद से जांच शुरू की। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया।
आखिरी बार साथी शिक्षक के साथ देखा गया था
जांच में सामने आया कि शिवकुमार चंद्राकर और संदिग्ध चंद्रप्रकाश वर्मा दोनों ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक हैं। पुलिस के मुताबिक, ग्रामीणों और एक चरवाहे ने शिवकुमार को घटना वाले दिन आखिरी बार चंद्रप्रकाश के साथ सफेद स्कूटी पर बनचरौदा की ओर जाते देखा था।
इसके बाद पुलिस ने कुम्हारी स्कूल के CCTV फुटेज खंगाले। साथ ही शिक्षा विभाग के VSK ऐप के लॉग रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
दूसरे के फोन से लगाई हाजिरी
पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर को सुबह करीब 9:35 बजे चंद्रप्रकाश स्कूल पहुंचा। इसके बाद वह निजी काम का हवाला देकर स्कूल से बाहर निकला। पुलिस का दावा है कि इस दौरान उसने अपने मोबाइल की लोकेशन बंद कर दी।
घटना के बाद करीब 12:50 बजे वह वापस स्कूल पहुंचा। उसने कथित तौर पर अपना मोबाइल घर पर होने की बात कही और दूसरे शिक्षक के मोबाइल से VSK ऐप में लॉग इन कर उपस्थिति दर्ज की। पुलिस के अनुसार, VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट से इस गतिविधि की जानकारी जांच में सामने आई।
30 लाख की उधारी और ब्याज को लेकर था विवाद
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में चंद्रप्रकाश ने हत्या की बात स्वीकार की। उसके अनुसार, वह और शिवकुमार पिछले करीब चार साल से एक-दूसरे को जानते थे और रेत, रियल एस्टेट तथा बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग से जुड़े कारोबार में साथ काम करते थे।
पुलिस का कहना है कि चंद्रप्रकाश ने शिवकुमार को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके बदले शिवकुमार ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक दिए थे। आरोपी के अनुसार, वह इस रकम पर हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले तीन महीने से ब्याज नहीं मिला था।
पुलिस के मुताबिक, इसी रकम और ब्याज को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
स्कूल के पास विवाद के बाद सुनसान जगह पहुंचे
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई। पैसे और ब्याज की वापसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।
पुलिस का दावा है कि विवाद के बाद दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके की ओर चले गए। वहां विवाद बढ़ने पर चंद्रप्रकाश ने स्कूटी में रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे वार किया। इसके बाद हथौड़े से सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या करने का आरोप है।
स्कूटी, हथियार, चेक और खून लगे कपड़े जब्त
आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने घटना से जुड़े कई सामान जब्त किए हैं। इनमें—
- घटना में इस्तेमाल सफेद स्कूटी
- धारदार हथियार
- हथौड़ा
- मृतक द्वारा दिए गए 3 ब्लैंक चेक
- मृतक का पर्स
- दोनों के मोबाइल फोन
- आरोपी के घटना के समय पहने हुए खून लगे जूते, मोजे और कपड़े
शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की है।

