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त्योहार से पहले पुलिस का सख्त संदेश—अशांति फैलाई तो सीधा एक्शन

राजनांदगांव:  TODAY छत्तीसगढ़  /  गणेश चतुर्थी और गणेश उत्सव के दौरान जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजनांदगांव पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस ने संदिग्ध और असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 28 व्यक्तियों के खिलाफ BNSS की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

इसके अलावा आर्म्स एक्ट के 7 प्रकरण और आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत 2 प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, अशांति फैलाने की आशंका वाले कई लोगों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।

अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई

पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक कार्रवाई का ब्यौरा इस तरह है—

थानाकार्रवाई
कोतवालीBNSS धारा 170 के तहत 7 कार्रवाई, आर्म्स एक्ट में 1
बसंतपुरBNSS धारा 170 के तहत 3 कार्रवाई, आर्म्स एक्ट में 6
लालबागBNSS धारा 170 के तहत 2 कार्रवाई
डोंगरगांवआबकारी एक्ट धारा 34(2) में 1 कार्रवाई
चिखलीBNSS धारा 170 के तहत 11 कार्रवाई, आबकारी एक्ट धारा 34(2) में 1
घुमकाBNSS धारा 170 के तहत 1 कार्रवाई
डोंगरगढ़BNSS धारा 170 के तहत 3 कार्रवाई
सुरगीBNSS धारा 170 के तहत 1 कार्रवाई

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, कोतवाली, बसंतपुर, लालबाग, चिखली, घुमका, डोंगरगढ़ और सुरगी थाना क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

संदिग्ध और असामाजिक तत्व पुलिस की रडार पर

गणेश उत्सव को देखते हुए पुलिस संवेदनशील इलाकों, सार्वजनिक स्थानों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रख रही है। पुलिस के मुताबिक, अशांति फैलाने की आशंका वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ परिस्थितियों के अनुसार प्रतिबंधात्मक और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की निगरानी सिर्फ पहले से चिन्हित लोगों तक सीमित नहीं है। अन्य संदिग्ध और असामाजिक तत्व भी पुलिस की रडार पर हैं।

'शांति, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं'

पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय यादव के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिले में लगातार निगरानी की जा रही है।

राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गणेश उत्सव के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस का लक्ष्य गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना है।

तालाब किनारे जमा थी जुआरियों की महफिल, पुलिस ने मारी दबिश और पांच धराए

राजनांदगांव । TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले की मोहारा पुलिस ने ग्राम धारा में जुआ खेलने की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को कथित तौर पर जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 27,275 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, 52 पत्ती ताश और पांच मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 3 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

तालाब के पास चल रहा था जुआ

पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त को मोहारा चौकी को सूचना मिली थी कि ग्राम धारा में सोसाइटी के पीछे तालाब के पास कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस का दावा है कि वहां पांच लोग जुआ खेलते मिले, जिन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

नकदी के साथ पांच बाइक भी जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 27,275 रुपये की जुआ रकम, पांच मोबाइल फोन, 52 पत्ती ताश और एक बरदाना फट्टी जब्त की। इसके अलावा जुआ खेलने में इस्तेमाल की जा रही पांच मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान रामदेव वर्मा (30), उमेश जंघेल (33), प्रभुलाल चावड़ा (62), खेमलाल वर्मा (33) और लिकेश वर्मा (30) के रूप में हुई है। ये सभी राजनांदगांव जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले बताए गए हैं।

जुआ-सट्टे के खिलाफ अभियान जारी

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई जुआ और सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि जुआ, सट्टा और अन्य असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

'खुद पर भरोसा रखिए, मुश्किल वक्त गुजर जाएगा'— बेटियों से बोलीं ज्ञानेश्वरी

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  / कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की एएसआई ज्ञानेश्वरी यादव का राजनांदगांव पुलिस ने सम्मान किया। पुलिस लाइन स्थित मंगल भवन में आयोजित A Felicitation & Interaction Session for Girls and Women में ज्ञानेश्वरी ने छात्राओं और महिलाओं से अपने संघर्ष, खेल जीवन, मानसिक तैयारी और सफलता के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन लक्ष्य की राह में बाधा नहीं बनते, जरूरत निरंतर मेहनत, अनुशासन और खुद पर विश्वास की है।

संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर साझा किया

कार्यक्रम में ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने बचपन से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद खेल को लक्ष्य बनाया और लगातार अभ्यास, अनुशासन व आत्मविश्वास के दम पर आगे बढ़ती रहीं। उन्होंने अपनी सफलता में माता-पिता के संघर्ष और सहयोग को सबसे बड़ी ताकत बताया।

उन्होंने कहा कि परिवार का भरोसा खिलाड़ी को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति देता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान मानसिक दबाव का जिक्र करते हुए उन्होंने मेंटल ट्रेनिंग, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

पीरियड्स के पहले दिन भी उतरीं मैदान में

संवाद के दौरान छात्राओं ने ज्ञानेश्वरी से प्रतियोगिता के दौरान शारीरिक और मानसिक चुनौतियों को लेकर सवाल किए। उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के दौरान उनका पीरियड्स का पहला दिन था। ऐसी स्थिति में आमतौर पर कोच आराम की सलाह देते थे, लेकिन उस समय उन्होंने खुद पर भरोसा किया और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

उनकी इस बात ने कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं और महिलाओं को विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करने की ताकत देता है।

तिरंगा और राष्ट्रगान का पल बताया सबसे भावुक

ज्ञानेश्वरी ने पदक समारोह के उस पल को भी साझा किया जब भारतीय तिरंगा सबसे ऊपर उठा और राष्ट्रगान बजा। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण और भावुक क्षण बताया। उनके अनुभव सुनकर कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में पुलिस की पहल

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य सिर्फ ज्ञानेश्वरी की उपलब्धि का सम्मान करना नहीं, बल्कि उनकी संघर्षगाथा को जिले की बालिकाओं और महिलाओं तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी की यात्रा से प्रेरणा लेकर बालिकाओं में आत्मविश्वास, दृढ़ता और आगे बढ़ने का जज्बा विकसित हो, यही कार्यक्रम का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी का छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का हिस्सा होना पूरे पुलिस परिवार के लिए गौरव की बात है।

कार्यक्रम में डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, सीएसपी वैशाली जैन, डीएसपी मंजुला बाज सहित ज्ञानेश्वरी के माता-पिता मौजूद रहे। विभिन्न संस्थाओं की महिलाएं और छात्राएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं।

समापन अवसर पर ज्ञानेश्वरी यादव और उनके माता-पिता को स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

चोरी की बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चला रहे थे, तीन गिरफ्तार

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  / राजनांदगांव पुलिस ने अंतर्राज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनमें एक राजनांदगांव, चार रायपुर और एक महाराष्ट्र के आमगांव क्षेत्र से चोरी की गई बताई गई है।

पुलिस ने बताया कि 8 जुलाई 2026 को पेण्ड्री निवासी शुभम यादव ने अपनी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत थाना लालबाग में दर्ज कराई थी। मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार, साइबर सेल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने पेण्ड्री हाईवे स्थित देवांगन ढाबा के पास घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंकज मंडिया (19) और प्रतीक गयगये (23), निवासी सांवरीटोला, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र), तथा कमलेश नखाते (26), निवासी लाडसा, जिला बालाघाट (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की और छह चोरी की मोटरसाइकिलों के बारे में जानकारी दी। आरोप है कि चोरी की गई मोटरसाइकिलों की पहचान छिपाने के लिए उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उनका इस्तेमाल किया जा रहा था।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की अन्य वाहन चोरी के मामलों में संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद, पहुंच गया हत्या के प्रयास तक

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  / डोंगरगांव थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने पुरानी रंजिश और विवाद के दौरान एक व्यक्ति पर हंसिया और बांस के डंडे से जानलेवा हमला किया था।

पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि ग्राम कुमर्दा निवासी देवानंद उर्फ देवा कोलियारे को गंभीर हालत में शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पेंड्री में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल का मृत्यु पूर्व कथन दर्ज किया।

घायल ने बताया कि 14 जुलाई की रात गांव में पुरानी रंजिश और गाली-गलौज के बाद ग्यारूस राम कोलियारे (58) और उसके पुत्र पूरन कोलियारे (23) ने हंसिया और डंडे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया तथा जान से मारने की धमकी दी।

घायल के बयान के आधार पर डोंगरगांव थाना में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने घटना स्वीकार कर ली। उनके मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक हंसिया और एक बांस का डंडा बरामद कर जब्त किया।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को 16 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उप निरीक्षक पुष्पराज साहू, पीएसआई रमाकांत कुर्रे और प्रधान आरक्षक डेमन चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 

चाकू दिखाकर लूट करने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार, लूटा सामान बरामद

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  /  बसंतपुर थाना पुलिस ने चाकू की नोक पर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को महज तीन घंटे के भीतर गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1,800 रुपये नकद, विवो मोबाइल, घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 14 जुलाई की शाम वह मोहारा बायपास स्थित शराब दुकान से शराब खरीदकर अपनी मोटरसाइकिल से लौट रहा था। रास्ते में एक युवक ने मोहारा तक जाने के लिए लिफ्ट मांगी। कुछ दूरी आगे बढ़ने पर पहले से मौजूद उसके दो साथियों ने मोटरसाइकिल रुकवा ली।

तीनों आरोपियों ने प्रार्थी को चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसकी जेब में रखे 1,800 रुपये नकद तथा विवो मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर महज तीन घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने वारदात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर 1,800 रुपये नकद, विवो मोबाइल, घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू तथा मोटरसाइकिल क्रमांक CG-08-BG-7482 बरामद कर जब्त की गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तम पारेख (25), पुसउ कुमार साहू (26) और धीरज बारेकर (22) निवासी संजय नगर, लखोली, राजनांदगांव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और इनके खिलाफ थाना कोतवाली में मारपीट, चोरी तथा आबकारी अधिनियम के तहत पहले से भी कई मामले दर्ज हैं।

मामले में थाना बसंतपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(4), 311 एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक राजीव चंद्रा, गोवर्धन देशमुख, प्रधान आरक्षक सीमा जैन तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

हर थाना बनेगा ज्यादा सक्रिय, एसपी ने पुलिसिंग को लेकर तय किया नया रोडमैप

राजनांदगांव।  TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक ने बेसिक पुलिसिंग और विजिबल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बीट प्रणाली को मजबूत करने, थाना क्षेत्रों में नियमित पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक थाना प्रभारी को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप माइक्रो स्तर की कार्ययोजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

उन्होंने थानों के अभिलेखों को अद्यतन रखने, निगरानीशुदा एवं गुंडा बदमाशों की नियमित जांच करने तथा लंबित मर्ग, गुम इंसान, शिकायतों और पुराने आपराधिक प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। साथ ही पुराने मामलों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के समय पर संकलन पर जोर दिया। उन्होंने अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों को विवेचकों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने, केस डायरी का परीक्षण करने और आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए थाना और चौकी स्तर पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से सुनने और उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। डायल-112 की प्रतिक्रिया समय की समीक्षा, मालखाना प्रबंधन, जब्त सामग्री के सत्यापन, साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई और होटल, ढाबों तथा लॉज की नियमित जांच के निर्देश भी दिए गए।

यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक शाखा, नगर पुलिस अधीक्षकों और थाना प्रभारियों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया। विशेष रूप से मुकरता चौक में व्यस्त समय के दौरान कम से कम एक पुलिसकर्मी की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन, एलेक्जेंडर किरो, एसडीओपी मंजुलता बाज, केसरीनंदन नायक, डीएसपी के.पी. मरकाम, डीएसपी एम्ब्रोज़ कुजूर सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

नई आपराधिक कानूनों के लिए पुलिस को मिला डिजिटल हथियार

राजनांदगांव पुलिस ने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के 150 विवेचकों को स्मार्ट मोबाइल वितरित किए हैं। इन मोबाइलों की मदद से डिजिटल साक्ष्य संकलन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और तकनीक आधारित वैज्ञानिक विवेचना को बढ़ावा मिलेगा।
राजनांदगांव ।  TODAY छत्तीसगढ़  / नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी और तकनीक आधारित क्रियान्वयन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा उपलब्ध कराए गए स्मार्ट मोबाइल शनिवार को राजनांदगांव पुलिस कार्यालय में जिले के 150 विवेचकों को वितरित किए गए।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) ने विवेचकों को स्मार्ट मोबाइल सौंपते हुए कहा कि नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद विवेचना प्रक्रिया में तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल से डिजिटल साक्ष्य संकलन, फोटो एवं वीडियो दस्तावेजीकरण, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, विभिन्न पुलिस एप्लिकेशन के उपयोग तथा त्वरित सूचना आदान-प्रदान के माध्यम से जांच को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाया जा सकता है।

पुलिस अधीक्षक ने विवेचकों को निर्देश दिए कि स्मार्ट मोबाइल का उपयोग केवल शासकीय कार्यों के लिए करें तथा नवीन कानूनों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक विवेचना सुनिश्चित करें। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों के समुचित संकलन और तकनीक के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन, उप पुलिस अधीक्षक श्री के.पी. मरकाम सहित जिले के सभी विवेचक उपस्थित रहे। विवेचकों ने पुलिस मुख्यालय और पुलिस अधीक्षक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्मार्ट मोबाइल से विवेचना कार्य अधिक सरल, तेज और प्रभावी होगा तथा शासकीय कार्यों के निष्पादन में सुविधा मिलेगी। 

राजनांदगांव पुलिस ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीक आधारित विवेचना और नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने के लिए विभाग लगातार प्रतिबद्ध है। 


महिला से बदसलूकी और घर में घुसकर हमला, तीन आरोपी सलाखों के पीछे

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  / महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्ती दिखाते हुए राजनांदगांव पुलिस ने मोहारा चौकी क्षेत्र में महिला से छेड़छाड़, घर में जबरन घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, 20 जून 2026 को पीड़िता ने चौकी मोहारा में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक दिन पहले रात करीब 9 बजे ईश्वर साहू, अनीता साहू और निर्मल साहू उसके घर में जबरन घुस आए। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए परिवार पर आपत्तिजनक आरोप लगाए। इसी दौरान ईश्वर साहू ने महिला का हाथ पकड़कर उसकी साड़ी खींची, जबकि अन्य आरोपियों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 356/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

'बैंक में नौकरी पक्की' का झांसा देकर लाखों की ठगी, दो जालसाज गिरफ्तार

पुलिस ने बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2.14 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई कार भी जब्त कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  /  बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं और उनके परिजनों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को तुमड़ीबोड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने दो अलग-अलग मामलों में कुल 2.14 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई एक कार भी जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम दिवानमेडी निवासी धनेश्वरी साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राहुल देशलहरे और भागवत निषाद ने उनकी बेटी को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक तुमड़ीबोड़ में सहायक प्रबंधक तथा बेटे को ग्रामीण बैंक दिवानभेड़ी में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.15 लाख रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से लिए, लेकिन न नौकरी दिलाई और न ही पैसे लौटाए।

इसी तरह डुमरडीह निवासी हेमंत साहू ने भी शिकायत की कि दोनों आरोपियों ने उनके बेटे को भारतीय स्टेट बैंक, रावनवाड़ी (डोंगरगढ़) में सहायक प्रबंधक की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 99 हजार रुपये की ठगी की।

जांच के दौरान पुलिस को इकरारनामा, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों से ठगी के पर्याप्त साक्ष्य मिले। नोटिस जारी किए जाने के बावजूद आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों का पता लगाकर राहुल देशलहरे को राजनांदगांव और भागवत निषाद को डोंगरगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने राहुल देशलहरे के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई टाटा इंडिका कार (CG 07 AL 6724) भी जब्त की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे न दें और ऐसे मामलों की तत्काल पुलिस को सूचना दें।

कलकत्ता चिकन सेंटर के पास हंगामा, तीन युवक गिरफ्तार

राजनांदगांव:  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर हुल्लड़बाजी कर शांति भंग करने के आरोप में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद आरोपियों को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई जिले में असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

पुलिस के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि बसंतपुर थाना क्षेत्र स्थित कलकत्ता चिकन सेंटर के पास कुछ लोग सार्वजनिक स्थान पर हंगामा कर रहे हैं। उनके व्यवहार से क्षेत्र में अशांति का माहौल बन गया था और लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

सूचना मिलने पर थाना बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि समझाइश के बावजूद वे नहीं माने और गाली-गलौज तथा हंगामा करते रहे, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बन गई।

तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अब्दुल जुबैर अहमद (27), भूपेंद्र बघेल (31) और साहिल यादव (30) के रूप में हुई है। तीनों राजनांदगांव के लालबाग प्रभातनगर क्षेत्र के निवासी हैं।

बीएनएसएस की धाराओं में कार्रवाई

पुलिस ने तीनों के खिलाफ इस्तगाशा क्रमांक 91-175/2026 के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135(3) के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

इसके बाद आरोपियों को एसडीएम न्यायालय, राजनांदगांव में पेश किया गया। न्यायालय से जेल वारंट जारी होने पर तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के निर्देशन में की गई। कार्रवाई में प्रशिक्षु उपनिरीक्षक राजीव चंद्रा, आरक्षक कुश बघेल, रूपेंद्र वर्मा और राजेश बंदेश्वर की प्रमुख भूमिका रही।

नोट: यह कार्रवाई पुलिस के आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। मामले में आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। किसी भी आरोप का अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के अधीन होगा।

फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों से जारी करता था मोबाइल सिम, पुलिस ने संचालक को किया गिरफ़्तार

TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में पुलिस ने फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर मोबाइल सिम कार्ड जारी करने और उन्हें बेचने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है.

घुमका थाना पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराधों और धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है. अभियुक्त को शुक्रवार (3 जुलाई 2026) को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया है.

ग्राहकों के दस्तावेज़ों का होता था दुरुपयोग

राजनांदगांव पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, घुमका पुलिस को वरिष्ठ अधिकारियों से एक सूचना प्राप्त हुई थी. इसमें बताया गया था कि पीओएस (POS) कोड 'IPZ5' का संचालक अवैध रूप से सिम कार्ड जारी कर लाभ कमा रहा है.

  • अपराध का तरीक़ा: पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त आम ग्राहकों के दस्तावेज़ों का दुरुपयोग कर फ़र्ज़ी तरीक़े से नए सिम कार्ड जारी करता था.

  • कम क़ीमत पर बिक्री: इसके बाद वह इन फ़र्ज़ी सिम कार्ड्स को कम क़ीमतों पर अज्ञात लोगों को बेच देता था. पुलिस का मानना है कि इस तरह के सिम कार्ड्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से साइबर ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जाता है.

तकनीकी जांच के बाद हुई गिरफ़्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उन ग्राहकों से पूछताछ की, जिनके दस्तावेज़ों पर ये मोबाइल नंबर जारी किए गए थे. तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पीओएस संचालक को हिरासत में ले लिया.

गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त की पहचान नवनीत कुमार साहू (26 वर्ष, निवासी- गिधवा, थाना घुमका) के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया है.

घुमका थाना पुलिस ने अभियुक्त के ख़िलाफ़ 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 61(2) (आपराधिक साज़िश) और 'सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम' (IT Act) की धारा 66(C) (पहचान की चोरी) के तहत आपराधिक मामला दर्ज़ किया है.

लाइन अटैचमेंट और सस्पेंशन से बचना है तो सुधारें व्यवहार: पुलिस के 'दक्ष' कार्यक्रम में क्या हुआ?

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यक्तित्व विकास, कार्यकुशलता में सुधार और अनुशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से "दक्ष ओरिएंटेशन कार्यक्रम" का आयोजन किया गया. इस विशेष सत्र में ज़िला पुलिस बल के क़रीब 300 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए.

पुलिस विभाग के मुताबिक़, इस कार्यक्रम का मक़सद पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, अनुशासित और जनता के प्रति संवेदनशील बनाना है.

लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी और मानसिक दबाव पर चर्चा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकिता शर्मा ने पुलिस सेवा के दौरान आने वाली विभिन्न चुनौतियों, मानसिक दबाव और व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से बात की.

  • नियमों की अनदेखी: एसपी ने पुलिस कर्मियों को सचेत किया कि ड्यूटी के दौरान छोटी-छोटी लापरवाहियां और विभागीय नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है.

  • विभागीय कार्रवाई: उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी ग़लतियों के कारण कर्मियों को विभागीय जांच, पुलिस लाइन अटैचमेंट या निलंबन (सस्पेंशन) जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जिससे विभाग की छवि भी प्रभावित होती है.

  • निर्देश: सभी कर्मचारियों को पारदर्शिता, समयबद्ध कार्रवाई और आम जनता के साथ सकारात्मक व संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए गए.

सवालों के जवाब और सुझाव देने वाले सम्मानित

इस दौरान एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र (Q&A Session) भी आयोजित किया गया, जहाँ पुलिस जवानों और अधीनस्थ अधिकारियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याओं को साझा किया.

सत्र में पुलिसिंग को आधुनिक और जनहितैषी बनाने के लिए कई सुझाव भी सामने आए. सकारात्मक पहल और उपयोगी सुझाव देने वाले पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत भी किया गया.

कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारी

इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम में ज़िले के तमाम थानों के प्रभारियों के अलावा पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • कीर्तन राठौर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक)

  • वैशाली जैन (नगर पुलिस अधीक्षक)

  • अलेक्जेंडर कीरो (वरिष्ठ अधिकारी)

  • के.पी. मरकाम (पुलिस अनुविभागीय अधिकारी)

जवाबदेह पुलिसिंग और आंतरिक तालमेल को बेहतर बनाने के लिए उपस्थित कर्मचारियों ने इस तरह के संवादात्मक कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा जताई.

बहला-फुसलाकर पिलाई शराब और फिर रिसॉर्ट में दरिंदगी... युवती की मौत का खौफ़नाक सच!

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में एक 24 वर्षीय भिलाई की रहने वाली मुस्कान तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और कथित तौर पर दुष्कर्म किए जाने के मामले में पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है.

इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने सख़्त कार्रवाई करते हुए मनगटा स्थित 'विशलिंगवुड्स रिसॉर्ट' को भी सील कर दिया है, जहाँ यह कथित घटना घटी थी.  

पुलिस की गिरफ्त में मुस्कान की मौत के आरोपी 

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक़, 18 जून को राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पेण्ड्री) से एक युवती की संदिग्ध हालत में मौत की सूचना मिली थी. इसके बाद सोमनी थाना पुलिस ने मर्ग क़ायम कर मामले की जांच शुरू की और शव का पोस्टमार्टम कराया. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर सोमनी पुलिस और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया.

जांच के दौरान घटनास्थल के निरीक्षण, परिजनों के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बताया कि तीन युवक एक राय होकर युवती को बहला-फुसलाकर रायपुर ले गए थे. 

आरोप है कि रास्ते में उन्होंने मुस्कान को ज़बरदस्ती शराब पिलाई और उसे एक क्लब ले गए. वहां से लौटते वक़्त नशे की हालत में मुस्कान को मनगटा के विशलिंगवुड्स रिसॉर्ट लाया गया. पुलिस का कहना है कि रिसॉर्ट में मदहोशी की हालत का फ़ायदा उठाते हुए मुख्य अभियुक्त (आशुतोष) ने मुस्कान के साथ कथित तौर पर ज़बरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए, जिससे उसे चोटें भी आईं. बाद में उसकी मौत हो गई.

अभियुक्तों की गिरफ़्तारी और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन अभियुक्तों को पकड़ा है. इनकी पहचान इस प्रकार है:

  • आशुतोष हिरवानी उर्फ़ आशु (26 वर्ष): निवासी सुरगी (राजनांदगांव) - मुख्य अभियुक्त

  • छत्रपाल उर्फ़ बल्लू देशमुख (25 वर्ष): निवासी सोमनी (राजनांदगांव)

  • घनश्याम बेलचंदन (25 वर्ष): निवासी अण्डा (दुर्ग)

पुलिस के अनुसार, हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. इनके ख़िलाफ़ नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय न्याय संहिता' (बीएनएस) की धारा 64 (बलात्कार), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

ये था मामला, पढ़ें  -  रिज़ॉर्ट का बाथरूम और एक अनसुलझी मौत: मुस्कान की कहानी में क्या है सस्पेंस?

तीनों अभियुक्तों को अदालत में पेश कर जेल भेजा जा रहा है. वहीं, इस घटना के बाद ज़िला पुलिस ने अन्य रिसॉर्ट संचालकों को कड़ा संदेश देते हुए घटनास्थल (विशलिंगवुड्स रिसॉर्ट) को क़ानूनी प्रक्रिया के तहत सील कर दिया है. 

फ़ोन पर बात कर रहे युवक से विवाद और फिर बुज़ुर्ग पिता पर जानलेवा हमला

 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में पुलिस ने मारपीट और जानलेवा हमला करने के मामले में फ़रार चल रहे तीसरे अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है. यह घटना पिछले महीने लालबाग थाना क्षेत्र के पेण्ड्री (अटल आवास) इलाक़े में हुई थी.

पुलिस के मुताबिक़, इस मामले के दो मुख्य अभियुक्तों को घटना के अगले ही दिन गिरफ़्तार कर लिया गया था, जबकि तीसरा अभियुक्त तभी से फ़रार चल रहा था.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, यह घटना 17 मई 2026 की रात क़रीब 8:45 बजे की है. पेण्ड्री निवासी युवराज साहू (38) अपने घर के पास फ़ोन पर बात कर रहे थे.

आरोप है कि उसी दौरान मोहल्ले के तीन युवकों— विजय नेताम, दीपक (उर्फ़ टिकली) और जय (उर्फ़ जया नेताम) ने वहां पहुंचकर उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी. शिकायत के मुताबिक़, जब युवराज के पिता गिरधारी साहू बीच-बचाव करने आए, तो अभियुक्त विजय नेताम ने उनके सिर पर 'टंगिया/फरसा' (कुल्हाड़ी) से जानलेवा हमला कर दिया.

इस हमले में गिरधारी साहू गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए तत्काल पेण्ड्री के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

पुलिस की अब तक की कार्रवाई

घटना के बाद लालबाग पुलिस ने नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय न्याय संहिता' (बीएनएस) की हत्या के प्रयास और मारपीट से जुड़ी संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.

  • शुरुआती गिरफ़्तारी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 मई को ही दो अभियुक्तों (विजय और दीपक) को गिरफ़्तार कर लिया था. उनके पास से हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार भी ज़ब्त कर लिया गया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.

  • तीसरे अभियुक्त की गिरफ़्तारी: मामले का तीसरा अभियुक्त जय घटना के दिन से ही फ़रार था. पुलिस का कहना है कि मुखबिरों की सूचना और लगातार तलाश के बाद 20 जून 2026 को उसे भी गिरफ़्तार कर लिया गया है.

काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभियुक्त जय को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है.

फ़ेक FB आईडी, निजी तस्वीरें और खौफ़नाक साज़िश

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में एक युवती के नाम से फ़र्ज़ी (फ़ेक) फ़ेसबुक अकाउंट बनाकर उसकी निजी व अश्लील तस्वीरें और वीडियो वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ़्तार किया है। गिरफ़्तार किया गया आरोपी मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला है।

घुमका थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से उस वक़्त धर दबोचा जब उसका लोकेशन वहाँ ट्रेस किया गया।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने घुमका थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके नाम से फ़ेसबुक पर एक फ़ेक आईडी बनाई गई है। इस आईडी के ज़रिए वह व्यक्ति उनकी निजी तस्वीरें, वीडियो और मोबाइल नंबर लगातार सार्वजनिक कर रहा है, जिससे उनकी निजता (प्राइवेसी) भंग हो रही है और उनका मानसिक व यौन उत्पीड़न किया जा रहा है।

शिकायत मिलते ही घुमका पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर मामले को जाँच में लिया। महिला संबंधी गंभीर अपराध होने के कारण इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

पुलिस ने कैसे बिछाया जाल?

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर और डोंगरगांव की एसडीओपी श्रीमती मंजूलता बाज ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। घुमका थाना प्रभारी निरीक्षक विजय मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

जाँच के दौरान पुलिस लगातार आरोपी के मोबाइल नंबर का साइबर लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी बीच पुलिस को आरोपी का ताज़ा लोकेशन राजनांदगांव रेलवे स्टेशन का मिला। लोकेशन मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया।

आरोपी की पहचान और क़बूलनामा

सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने सोशल मीडिया पर फ़ेक आईडी बनाकर घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की पहचान मारपल्ली राकेश (उम्र 27 वर्ष) के रूप में की है। आरोपी के पिता का नाम मारपल्ली श्रीनिवास है और वह तेलंगाना राज्य के संगारेड्डी ज़िले के ज़हीराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत अलीपुर का निवासी है।


रिज़ॉर्ट का बाथरूम और एक अनसुलझी मौत: मुस्कान की कहानी में क्या है सस्पेंस?

राजनांदगांव।  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में एक रिज़ॉर्ट के भीतर 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। 

पुलिस के मुताबिक़, भिलाई की रहने वाली मुस्कान तिवारी अपने कुछ दोस्तों के साथ मनगटा वन चेतना केंद्र स्थित एक रिज़ॉर्ट में रुकी हुई थीं। गुरुवार सुबह वो रिज़ॉर्ट के बाथरूम में अचेत अवस्था में पाई गईं। युवती को उनके एक परिचित द्वारा तुरंत राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मुस्कान तिवारी भिलाई-3 नगर निगम क्षेत्र की निवासी थीं। वो बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए मनगटा के इस रिज़ॉर्ट में पहुँची थीं। मुस्कान के दोस्तों में साथ पुरुष मित्र भी थे। 

गुरुवार सुबह क़रीब 6 बजे जब मुस्कान बाथरूम गईं, तो वहाँ अचानक गिर पड़ीं और मूर्छित हो गईं। इसके बाद आशुतोष साहू नाम के एक युवक उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचे।

अस्पताल में डॉ. विवेक ने युवती की जाँच की और उन्हें 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुँचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। शुरुआती जाँच में डॉक्टरों का कहना है कि युवती के शरीर पर कहीं भी चोट के बाहरी निशान नहीं मिले हैं।

पुलिस की जाँच जारी

इस मामले में सोमनी थाना पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। पुलिस रिज़ॉर्ट के संचालक और वहाँ मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

सीएसपी अलेक्जेंडर किरो ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फ़िलहाल, पुलिस युवती के साथ रिज़ॉर्ट में मौजूद दोस्तों के बयान दर्ज कर रही है और मामले के हर पहलू की बारीकी से जाँच की जा रही है।

‘पहल’ से बदलेगी तस्वीर: पुलिस और समाज के बीच विश्वास का नया अध्याय

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस और समाज के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राजनांदगांव पुलिस ने एसपी सुश्री अंकिता शर्मा के नेतृत्व में अभिनव जन-केंद्रित अभियान “पहल” का शुभारंभ किया। पुलिस लाइन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षा, सामुदायिक विकास और सामाजिक परिवर्तन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की गई।

कार्यक्रम में लगभग 2600 लोगों ने भाग लिया, जिनमें कोटवार, ग्रामवासी, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, यातायात मित्र और गुड समैरिटन्स शामिल रहे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए शांत और सुरक्षित अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने हेतु “पहल रीडिंग रूम” शुरू किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाना और उन्हें अपने क्षेत्र का सकारात्मक रोल मॉडल बनाना है।

वर्ष 2024, 2025 और 2026 में अपराधमुक्त रहे 164 गांवों के सम्मान में पुलिस लाइन एवं थाना परिसरों में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। ग्रामीण सूचना तंत्र को मजबूत बनाने तथा पुलिस-जन संवाद को बेहतर करने के लिए कोटवार सम्मेलन और अपराधमुक्त ग्रामों के सरपंचों एवं प्रतिनिधियों का विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया। 

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरक सत्र, पुस्तक वितरण और कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए। चिखली, लाखोली, डोंगरगढ़, छुरिया और अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष रूप से जोड़ा गया। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले 111 गुड समैरिटन्स और 500 से अधिक यातायात मित्रों को सम्मानित किया गया।

🆕 नई पहलें 

✅ ‘पहल’ निःशुल्क कोचिंग संस्थान — पुलिस लाइन में प्रतिदिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री कोचिंग।

✅ ‘पहल’ मेंटरशिप कार्यक्रम — पुलिस अधिकारी विद्यार्थियों के मेंटर बनकर मार्गदर्शन और प्रेरणा देंगे।

दुकान में घुसकर बहनों से गाली-गलौज और मारपीट, दो युवक गए जेल

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बसंतपुर पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों आरोपियों पर समोसा दुकान संचालित करने वाली दो बहनों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश में अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

प्रार्थिया ने थाना बसंतपुर में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गुरुवार की शाम करीब 4.30 बजे वह अपनी छोटी बहन के साथ शिव मंदिर के सामने स्थित समोसा दुकान में कार्य कर रही थी। इसी दौरान आरोपी मोनू यादव उर्फ भांगड़ा और राज वर्मा वहां शराब पीते हुए पहुंचे और दोनों बहनों को देखकर अश्लील गालियां देने लगे।

विरोध करने पर आरोपियों ने दुकान के पास आकर सामान फेंक दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए महिला के साथ हाथ-मुक्के और लात से मारपीट की। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 279/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपी लगातार विवाद कर रहे थे और पीड़िता को शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद दोनों को जिला जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में इंदिरा नगर निवासी 19 वर्षीय मोनू यादव उर्फ भांगड़ा तथा 21 वर्षीय राज वर्मा शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कबाड़ी बाजार में छापा नहीं, लेकिन पुलिस की एंट्री से बढ़ी बेचैनी

राजनांदगांव।  TODAY छत्तीसगढ़  /  चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने और संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने शहर की विभिन्न कबाड़ी दुकानों में आकस्मिक जांच अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने पांच प्रमुख कबाड़ी दुकानों का निरीक्षण कर वहां रखे सामान का सत्यापन किया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश में यह कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान ममता नगर स्थित रफीक कबाड़ी, भरकापारा के मुन्ना कबाड़ी, पुराना गंज चौक स्थित गनी कबाड़ी, कन्हारपुरी के सलीम कबाड़ी तथा लखोली नाका स्थित अरुण कबाड़ी की दुकानों एवं गोदामों की जांच की गई। पुलिस को जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध अथवा चोरी का सामान नहीं मिला। 

पुलिस अधिकारियों ने कबाड़ी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसी भी परिस्थिति में चोरी का लोहा, धातु अथवा अन्य संदिग्ध सामान की खरीदारी न करें। साथ ही यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध सामान बेचने के लिए दुकान पर पहुंचे तो इसकी तत्काल सूचना नजदीकी थाना पुलिस को दें।

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