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SECR: बिलासपुर मंडल को मिले नए DRM, राकेश रंजन ने संभाला कार्यभार


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के नए मंडल रेल प्रबंधक के रूप में राकेश रंजन ने 22 दिसंबर को पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने मंडल के सभी शाखाधिकारियों के साथ अनौपचारिक बैठक कर परिचय प्राप्त किया।

इस दौरान श्री रंजन ने मंडल में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं परियोजनाओं की जानकारी ली और उनके समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और परिचालन क्षमता में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। राकेश रंजन भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसएसई) के 1996 बैच के अधिकारी हैं। बिलासपुर मंडल में पदस्थापना से पूर्व वे पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर में चीफ सिग्नल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

अपने दीर्घ सेवाकाल के दौरान उन्होंने बरौनी एवं गोरखपुर में एएसटीई, इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्युनिकेशन (आईआरआईएसईटी), हैदराबाद में प्रोफेसर, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर में मुख्य संचार इंजीनियर, रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में निदेशक तथा रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में कार्यकारी निदेशक (टेलीकॉम डेवलपमेंट) सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

रेलटेल कॉर्पोरेशन में निदेशक रहते हुए नई पीढ़ी के एक्सल काउंटर एवं आईपी आधारित एक्सचेंज प्रणालियों के विकास और सफल कार्यान्वयन में उनका अहम योगदान रहा है। तकनीकी दक्षता और व्यापक प्रशासनिक अनुभव से परिपूर्ण श्री राकेश रंजन के नेतृत्व में बिलासपुर मंडल में विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

वन्यजीव कॉरिडोर में हादसा: हाथियों के झुंड से टकराई राजधानी एक्सप्रेस, कोई हताहत नहीं


गुवाहाटी |
  TODAY छत्तीसगढ़  /  राज्य के नागांव जिले के कामपुर इलाके में चंगजुराई के पास बीती रात बड़ी दुखद घटना हुई. सैरांग से दिल्ली जाने वाली 20507 राजधानी एक्सप्रेस के एक झुंड से टकरा जाने से सात जंगली हाथियों की मौत हो गई. इससे पशु प्रेमियों को गहरा सदमा पहुंचा है. यह घटनास्थल गुवाहाटी से लगभग 126 किमी दूर हुई.

टक्कर की वजह से राजधानी एक्सप्रेस के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री को चोट नहीं आई. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घायल यात्रियों को कुछ समय के लिए दूसरे डिब्बों की खाली बर्थ में बिठाया गया.  

रेलवे का आधिकारिक बयान

उत्तर–पूर्व सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है, वहीं प्रभावित रेल मार्ग पर यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं।  

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने डिविजनल हेडक्वार्टर के सीनियर अधिकारियों के साथ एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेनें मौके पर भेजी. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के जनरल मैनेजर और लुमडिंग के डिविजनल रेलवे मैनेजर समेत सीनियर रेलवे अधिकारी रेस्टोरेशन के काम की देखरेख के लिए मौके पर पहुंचे. यात्रियों की मदद के लिए गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर हेल्पलाइन नंबर 0361-2731621 / 2731622 / 2731623 जारी किए गए.

इस हादसे की खबर लगते ही वन विभाग के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे (हाथी) के लिए इमरजेंसी में इलाज का इंतजाम किया. जानवरों के डॉक्टरों की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई और मरे हुए हाथियों का पोस्टमॉर्टम किया. इस बीच जंगल के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बछड़े के लिए इमरजेंसी इलाज का इंतजाम किया.

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा रात करीब 2.17 पर घने कोहरे के बीच हुआ, जब जंगली हाथियों का एक झुंड पास की पहाड़ियों से नीचे आया और रेलवे ट्रैक पर चला गया. सात हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक हाथी का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया.

 

Chhattisgarh High Court: ग्रुप-डी भर्ती में अभ्यर्थियों को राहत, रेलवे की याचिकाएं खारिज


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरी पाने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में वर्ष 2010 में निकाली गई भर्ती की प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं पर अदालत ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डबल बेंच ने रेलवे की सभी याचिकाएं खारिज कर दी। इसके साथ ही रिप्लेसमेंट कोटा के तहत योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

मामला 15 दिसंबर 2010 का है, जब आरआरबी बिलासपुर ने ग्रुप-डी के पदों के लिए अधिसूचना जारी की थी। लंबे समय तक नियुक्ति नहीं होने पर अभ्यर्थियों ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में मामला पहुंचाया। कैट ने 6 मार्च 2024 को रेलवे को निर्देश दिया था कि 17 जून 2008 की अधिसूचना के अनुसार रिक्त पदों की स्थिति की जांच कर, रिप्लेसमेंट कोटा में योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर विचार किया जाए।

रेलवे ने कैट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए दलील दी कि चयन पैनल में शामिल होने से किसी उम्मीदवार को नियुक्ति का अधिकार स्वतः प्राप्त नहीं हो जाता। हाईकोर्ट ने रेलवे की दलील को खारिज करते हुए कहा कि वैध रूप से तैयार चयन पैनल को बिना ठोस कारण नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भले ही चयनित उम्मीदवार को स्वतः नियुक्ति का अधिकार न हो, लेकिन वह निष्पक्ष, उचित और कानूनी विचार का हकदार है।

अदालत ने यह भी कहा कि जब मेरिट में योग्य उम्मीदवार मौजूद हों और पद रिक्त हों, तो नियुक्ति केवल उचित कारणों से ही रोकी जा सकती है। फैसले से 100 से अधिक अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे थे।
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