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रायपुर से दिल्ली जाना है? जानिए पूजा स्पेशल ट्रेन की तारीख और टाइमिंग

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  दीपावली और छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने दुर्ग और हजरत निजामुद्दीन के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे लगाएगी। इससे छत्तीसगढ़ से दिल्ली और रास्ते के प्रमुख स्टेशनों तक जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी।

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 08751 दुर्ग-निजामुद्दीन पूजा स्पेशल दुर्ग से 1, 8 और 15 नवंबर 2026 को प्रत्येक रविवार रवाना होगी। वापसी में गाड़ी संख्या 08752 निजामुद्दीन-दुर्ग पूजा स्पेशल निजामुद्दीन से 2, 9 और 16 नवंबर को प्रत्येक सोमवार चलेगी।

छत्तीसगढ़ के इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

इस ट्रेन का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रायपुर, उसलापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया स्टेशनों पर रहेगा। इसके अलावा ट्रेन कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, आगरा कैंट और मथुरा होते हुए निजामुद्दीन पहुंचेगी।

दुर्ग से निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेन का टाइम टेबल

गाड़ी संख्या 08751 दुर्ग से सुबह 10:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:10 बजे निजामुद्दीन पहुंचेगी।

स्टेशनआगमनप्रस्थान
दुर्ग—10:45
रायपुर11:2011:25
उसलापुर13:2013:30
पेंड्रारोड14:5514:57
अनूपपुर15:4015:45
शहडोल16:2016:22
उमरिया17:1417:16
कटनी मुड़वारा19:4019:50
दमोह20:5020:52
सागर22:0022:05
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसीअगले दिन 03:2503:35
आगरा कैंट07:1007:15
मथुरा08:5509:00
हजरत निजामुद्दीन—11:10 आगमन

समय 24 घंटे के बजाय सामान्य घड़ी के प्रारूप में दिया गया है।

निजामुद्दीन से दुर्ग लौटने वाली ट्रेन की टाइमिंग

गाड़ी संख्या 08752 निजामुद्दीन से दोपहर 12:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1:45 बजे दुर्ग पहुंचेगी।

स्टेशनआगमनप्रस्थान
हजरत निजामुद्दीन—12:30
मथुरा14:1514:20
आगरा कैंट15:1015:15
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी19:5019:55
सागर23:5023:55
दमोहअगले दिन 01:0001:02
कटनी मुड़वारा02:4502:55
उमरिया04:1804:20
शहडोल05:3805:40
अनूपपुर06:3006:35
पेंड्रारोड07:1507:17
उसलापुर09:4509:55
रायपुर12:1012:15
दुर्ग—13:45 आगमन

ट्रेन में होंगे 20 कोच

रेलवे के मुताबिक, पूजा स्पेशल ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें दो एसएलआरडी, चार जनरल, 11 स्लीपर, दो एसी थ्री-टियर और एक एसी सेकंड क्लास कोच शामिल हैं।

त्योहारों के दौरान अतिरिक्त यात्रियों को सुविधा देने के उद्देश्य से यह ट्रेन चलाई जा रही है। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले संचालन की तारीख, समय-सारिणी और ठहराव की जानकारी रेलवे की अधिकृत वेबसाइट, NTES या RailOne ऐप से जांचने की सलाह दी गई है।

‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ का संदेश, रेलकर्मियों ने लिया भ्रष्टाचार-मुक्त कार्य संस्कृति का संकल्प

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में सोमवार से सतर्कता जागरूकता सप्ताह की शुरुआत हुई। यह अभियान आज 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान रेलकर्मियों को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

केंद्रीय सतर्कता आयोग के मार्गदर्शन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सतर्कता विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य रेलवे के कामकाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करना और संगठन के साथ-साथ समाज में भी भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण को बढ़ावा देना है।

महाप्रबंधक ने दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथ

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी कार्यालयों और स्टेशनों पर एक साथ सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई। बिलासपुर स्थित रेलवे मुख्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, निष्पक्षता तथा पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प दिलाया।

महाप्रबंधक ने कहा कि सत्यनिष्ठा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि प्रत्येक रेलकर्मी के आचरण और कार्य संस्कृति की पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कार्य के प्रत्येक क्षेत्र में नैतिक मूल्यों का पालन करने और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने पर जोर दिया।

‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ का दिया संदेश

इस वर्ष के अभियान में ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ के संदेश को प्रमुखता दी जा रही है। शपथ कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों और हितधारकों ने नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

अभियान के माध्यम से कर्मचारियों को अपने कार्यों में निष्पक्षता बनाए रखने, निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता अपनाने और संगठन के प्रति जवाबदेह रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

पारदर्शी और जिम्मेदार रेल सेवा पर जोर

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, सतर्कता जागरूकता सप्ताह शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण के महत्व को रेखांकित करता है। रेलवे का लक्ष्य इन मूल्यों को कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाकर यात्रियों और अन्य हितधारकों को ईमानदार, जिम्मेदार तथा पारदर्शी रेल सेवाएं उपलब्ध कराना है।

सप्ताह भर चलने वाली जागरूकता गतिविधियों के जरिए रेलकर्मियों और संबंधित हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि सत्यनिष्ठा की संस्कृति को संगठन के प्रत्येक स्तर पर मजबूत किया जा सके। 


बिलासपुर। रेल यात्रियों को अधिक कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली शालीमार–एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन में एक अतिरिक्त एसी-3 और एक अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा देने का निर्णय लिया है।

रेलवे के अनुसार, अतिरिक्त कोच निर्धारित अवधि में ही लगाए जाएंगे। इससे संबंधित तारीखों पर इस ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध हो सकेंगी।

एसी-3 कोच की सुविधा इन तारीखों में

  • गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार–एलटीटी एक्सप्रेस): 28 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक।

  • गाड़ी संख्या 18029 (एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस): 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक।

स्लीपर कोच की सुविधा कब मिलेगी?

  • गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार–एलटीटी एक्सप्रेस): 2 से 4 नवंबर 2026 तक।

  • गाड़ी संख्या 18029 (एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस): 4 से 6 नवंबर 2026 तक।

यात्रियों को मिलेगी राहत

रेलवे प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त कोच लगाने का उद्देश्य यात्रियों की यात्रा सुविधा बेहतर करना और अधिक लोगों को कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराना है। यात्रियों को सलाह है कि टिकट बुक करने से पहले संबंधित तारीख पर कोच की उपलब्धता और आरक्षण की स्थिति की पुष्टि कर लें।


जयपुर, जमशेदपुर और कोलकाता के बीच सफर होगा आसान, नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू

नई दिल्ली/जयपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में नई रेल सेवा की शुरुआत की गई है। जयपुर (खातीपुरा)-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन को सोमवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर ट्रेन को रवाना किया।

नई ट्रेन सेवा से जयपुर, जमशेदपुर और कोलकाता के बीच रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे प्रवासी श्रमिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और विभिन्न राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही रोजगार, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

झारखंड में रेलवे परियोजनाओं पर 75 हजार करोड़ रुपये खर्च

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने झारखंड में रेलवे के विकास से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में रेलवे बजट का आवंटन पहले के 450 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,500 करोड़ रुपये हो गया है। यह पूर्व आवंटन की तुलना में लगभग 16 गुना है। उन्होंने कहा कि झारखंड में करीब 75,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

रेल मंत्री के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें गोड्डा, गोविंदपुर रोड, लोहरदगा, मधुपुर और मुरी सहित कई स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है।

देशभर में 1,300 से अधिक स्टेशनों का पुनर्विकास

रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर में 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चुना गया है। पश्चिम बंगाल के सांतरागाछी, जलपाईगुड़ी रोड, जयचंडी पहाड़, हल्दिया और कामाख्यागुड़ी सहित कई स्टेशनों पर भी विकास कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि रेलवे आम लोगों, विशेषकर मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किफायती परिवहन का प्रमुख साधन है। ऐसे में स्टेशनों का आधुनिकीकरण और रेल कनेक्टिविटी में सुधार यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगा।

हावड़ा-टाटानगर रेलखंड पर चार लाइनें बिछाने का काम जारी

रेल मंत्री ने बताया कि हावड़ा, खड़गपुर, चाकुलिया और टाटानगर को जोड़ने वाले रेलखंड पर चार लाइनें बिछाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा कोलकाता मेट्रो के बेलघाटा-आईटी सेंटर से संबंधित 4.5 किलोमीटर लंबे सेक्शन का निर्माण पूरा हो चुका है और इस पर ट्रायल रन शुरू हो गए हैं। इस सेक्शन से ग्रीन लाइन की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पश्चिम बंगाल के रेल बजट में भी बढ़ोतरी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से 2014 के दौरान पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे बजट का औसत वार्षिक आवंटन 4,380 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026-27 में बढ़कर 14,205 करोड़ रुपये हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे बजट में बढ़ोतरी से राज्य में रेल अवसंरचना के विकास और कनेक्टिविटी में सुधार को गति मिलेगी। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष, महापौर सुनील कोठारी, सांसद विद्युत बरन महतो, सांसद मंजू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत को पांच राज्यों के बीच यात्री आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सिर्फ 45 पैसे में 10 लाख का बीमा! रेलवे यात्रियों के लिए 27 अक्टूबर से नई सुविधा

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए 27 अक्टूबर 2026 से नई सुविधा शुरू होने जा रही है। अब रेलवे के यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) काउंटर से आरक्षित टिकट लेने वाले यात्री भी वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना (OTIS) का लाभ ले सकेंगे। अब तक यह सुविधा ई-टिकट बुकिंग के दौरान उपलब्ध थी। रेलवे के अनुसार, निर्धारित शर्तों के तहत मात्र ₹0.45 प्रति यात्री के प्रीमियम पर ₹10 लाख तक का बीमा कवर मिल सकता है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुताबिक, यह सुविधा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 6 अक्टूबर 2026 के निर्देशों के अनुपालन में शुरू की जा रही है। सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS), IRCTC के समन्वय से इसके लिए जरूरी तकनीकी व्यवस्था और सिस्टम एकीकरण कर रहा है।

बीमा लेना अनिवार्य नहीं, यात्री की सहमति जरूरी

यात्रा बीमा पूरी तरह वैकल्पिक होगा। आरक्षण काउंटर पर कर्मचारी यात्रियों को इसकी जानकारी देंगे और उनकी सहमति दर्ज करेंगे। बीमा लेने के लिए यात्री को विकल्प चुनना होगा, मोबाइल नंबर देना होगा और निर्धारित प्रीमियम का डिजिटल माध्यम से भुगतान करना होगा।

मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। यात्री का विवरण सही दर्ज किया जाएगा, ताकि बीमा कंपनी को आवश्यक जानकारी भेजी जा सके। पॉलिसी से संबंधित जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी।

किन परिस्थितियों में कितना मिलेगा बीमा कवर?

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पॉलिसी की शर्तों, प्रावधानों और अपवर्जनों के अधीन बीमा कवर इस प्रकार निर्धारित है:

स्थितिनिर्धारित बीमा कवर
मृत्यु₹10 लाख
स्थायी पूर्ण दिव्यांगता₹10 लाख
स्थायी आंशिक दिव्यांगता₹7.50 लाख
चोट लगने पर अस्पताल में भर्ती का खर्च₹2 लाख तक
पार्थिव शरीर के परिवहन का खर्च₹10,000 तक

बीमा कवर पात्र रेल दुर्घटनाओं और पॉलिसी में निर्धारित अन्य अप्रिय घटनाओं की स्थिति में लागू होगा। दावा पॉलिसी की शर्तों और संबंधित प्रावधानों के अनुसार ही स्वीकार किया जाएगा।

प्रीमियम 45 पैसे, डिजिटल भुगतान जरूरी

रेलवे के अनुसार, 17 फरवरी 2024 से लागू प्रीमियम ₹0.45 प्रति यात्री, सभी करों सहित, निर्धारित है। काउंटर से टिकट बुक कराते समय यात्री लागू प्रीमियम की पुष्टि कर लें। बीमा तभी जारी होगा, जब यात्री इसे चुनकर निर्धारित भुगतान प्रक्रिया पूरी करेगा।

किन यात्रियों को मिल सकता है लाभ?

योजना के तहत पात्र भारतीय रेल यात्रियों को बीमा सुविधा उपलब्ध है, जिनकी आरक्षण स्थिति कन्फर्म, RAC या आंशिक रूप से कन्फर्म है। बिना बर्थ या सीट के यात्रा करने वाले पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे इस बीमा कवर में शामिल नहीं हैं।

पॉलिसी में निर्धारित शर्तों के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में डायवर्ट की गई पात्र ट्रेनों, VIKALP योजना के तहत आवंटित ट्रेनों और रेलवे की ओर से उपलब्ध कराए गए वैकल्पिक परिवहन पर भी बीमा सुरक्षा के प्रावधान लागू हो सकते हैं। यात्रियों को पात्रता और अपवर्जनों की पूरी जानकारी के लिए पॉलिसी दस्तावेज देखना चाहिए।

कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, आरक्षण पर्यवेक्षकों और काउंटर कर्मचारियों को नई व्यवस्था के बारे में जरूरी जानकारी दी जाएगी। मंडल रेल प्रबंधक और वाणिज्य विभाग के अधिकारी इसके क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। तकनीकी या परिचालन संबंधी समस्या होने पर CRIS और IRCTC को सूचित किया जाएगा।

बीमा दावे रेलवे नहीं, कंपनी निपटाएगी

बीमा पॉलिसी जारी करने और पात्र दावों का निपटारा करने की जिम्मेदारी संबंधित बीमा कंपनी की होगी। बीमा से जुड़ी पूछताछ या दावा करने के लिए यात्रियों को पॉलिसी में दिए गए विवरण के अनुसार सीधे बीमा कंपनी से संपर्क करना होगा। रेलवे और IRCTC बीमा दावों का निपटारा नहीं करते।

अब सीधी जिले तक पहुंचेगी रेल! 65 किमी का रीवा-चुरहट रेलखंड शुरू

रीवा / TODAY छत्तीसगढ़  /  विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। सतना–देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर और रीवा–चुरहट के 65 किलोमीटर लंबे रेलखंडों का 24 अक्टूबर 2026 को शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में देवेंद्रनगर–चुरहट नई यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेल मंत्री कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

दोनों रेलखंडों के शुरू होने से खास तौर पर सीधी जिले के लोगों को रेल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों के लिए आवागमन आसान होने के साथ ही उद्योगों, किसानों और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

₹1,943 करोड़ से तैयार हुए दोनों रेलखंड

ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना के तहत सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड का निर्माण करीब ₹873 करोड़ की लागत से किया गया है। इसकी लंबाई लगभग 53 किलोमीटर है। फुलवारी से देवेंद्रनगर के बीच अंतिम 8 किलोमीटर का काम पूरा होने के बाद यह रेलखंड परिचालन के लिए तैयार हुआ।

वहीं, रीवा–चुरहट के बीच करीब 65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन लगभग ₹1,070 करोड़ की लागत से बनाई गई है। रामपुर नैकिन से चुरहट तक लगभग 22.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ परियोजना का यह हिस्सा भी पूरा हो गया। चुरहट तक रेल संपर्क बनने से सीधी जिले के लोगों को देश के रेल नेटवर्क से जुड़ने का नया विकल्प मिला है।

रेल मंत्री बोले- शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच होगी आसान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास के नए अवसर खुलेंगे। इससे शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

रेल मंत्री के मुताबिक, मध्य प्रदेश में करीब ₹1 लाख करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी लाइन तथा आमान परिवर्तन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इनके पूरा होने से भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ मेमू और इंटरसिटी जैसी छोटी दूरी की रेल सेवाएं बढ़ाने की संभावनाएं बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया क्षेत्र के लिए दिवाली का उपहार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल कनेक्टिविटी को विंध्य और बुंदेलखंड के लोगों के लिए दिवाली का उपहार बताया। उन्होंने कहा कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत करेगी। इससे ललितपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, रेल संपर्क बेहतर होने से किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने, उद्योगों को माल परिवहन और युवाओं को शिक्षा व रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। इससे पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

सीधी जिले को रेल संपर्क से मिलेंगे नए अवसर

रीवा–चुरहट रेलखंड से सीधी जिले के नागरिकों को सतना और रीवा के रास्ते रेल सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और नौकरीपेशा लोगों को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने के लिए नया परिवहन विकल्प मिलेगा।

क्षेत्र में चूना पत्थर और अन्य खनिजों की उपलब्धता तथा सीमेंट उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए रेल संपर्क माल ढुलाई को भी आसान बना सकता है। इससे औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

उद्योगों और किसानों को फायदा

सतना और आसपास के क्षेत्रों में सीमेंट तथा अन्य खनिज आधारित उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई रेल लाइन से सीमेंट, क्लिंकर और दूसरे माल के परिवहन को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने और उद्योगों की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बेहतर करने की संभावनाएं हैं।

देवेंद्रनगर, नागौद और पन्ना क्षेत्र के किसानों तथा ग्रामीण व्यापारियों को भी बड़े बाजारों तक पहुंचने के नए विकल्प मिलेंगे। कृषि उपज, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प के परिवहन से व्यापार, वेयरहाउसिंग और अन्य सहायक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को 

विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के कई पर्यटन स्थल हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पन्ना, खजुराहो और रीवा सहित आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

सफेद बाघ सफारी मुकुंदपुर, चचाई और बहुती जलप्रपात, रीवा किला तथा गोविंदगढ़ जैसे स्थलों की यात्रा में सुविधा बढ़ने से पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर स्थानीय परिवहन, होटल, गाइड, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारों को भी लाभ मिल सकता है।

पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

रेल मंत्री ने परियोजना से जुड़े पौधरोपण कार्यों की निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित रेलवे अधिकारियों और जिला प्रशासन को लगाए गए पौधों का निरीक्षण करने तथा उनके जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर नए पौधे लगाने की बात भी कही।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

चुरहट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और सीधी सांसद राजेश मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नागौद रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सतना सांसद गणेश सिंह और खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

रेलवे के NEI ऑडिटोरियम में गूंजे सुर-ताल, गोटीपुआ नृत्य ने मोहा दर्शकों का मन

बिलासपुर: TODAY छत्तीसगढ़  /  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कल्चरल एसोसिएशन और स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में बिलासपुर में ओडिशा की पारंपरिक ‘गोटीपुआ’ नृत्य शैली की विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई। 24 सितंबर की शाम बुधवारी बाजार स्थित NEI ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में रेलवे अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए।

भाव-भंगिमाओं और लय ने बांधा समां

शाम 7 बजे से 8:30 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में गोटीपुआ नृत्य के जरिए भारतीय कला और सांस्कृतिक परंपरा की विविधता को मंच पर प्रस्तुत किया गया। नृत्य की भाव-भंगिमाओं, लय, संगीत और आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। गोटीपुआ ओडिशा की समृद्ध लोक एवं शास्त्रीय नृत्य परंपरा से जुड़ी विशिष्ट शैली मानी जाती है।

नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की पहल

आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कला और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ना तथा देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ाना है। स्पिक मैके भारतीय शास्त्रीय संगीत और सांस्कृतिक विरासत को युवाओं तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है। इसी कड़ी में बिलासपुर में गोटीपुआ की प्रस्तुति आयोजित की गई।

रेलवे परिवार के सदस्य हुए शामिल

इस सांस्कृतिक संध्या में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के जरिए रेलवे परिवार को भारतीय कला और संस्कृति की एक अनूठी नृत्य परंपरा देखने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में मुख्यालय सेक्रो अध्यक्षा मीनाक्षी शर्मा, अपर महाप्रबंधक विजय कुमार साहू, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी डॉ. दर्शनीता बी. अहलुवालिया सहित मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

SECR: स्वच्छता ही सेवा अभियान में बच्चों की पहल, नुक्कड़ नाटक से समझाया कचरे का सही निपटान

CG NEWS: TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर: स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के तहत बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए यात्रियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। रेलवे स्कूल क्रमांक-1 और 2 के विद्यार्थियों ने प्लेटफॉर्म-1 के डोम एरिया में कचरे के उचित निपटान, वेस्ट सेग्रीगेशन और स्वच्छ रेलवे परिसर के महत्व को समझाया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल में रेलवे बोर्ड के निर्देश पर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” थीम पर स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में स्वच्छता के साथ जनजागरूकता और जनभागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।

शपथ लेकर दिया स्वच्छता का संदेश

18 सितंबर को अभियान के तहत आयोजित ‘स्वच्छता ज्ञान यात्रा’ के दूसरे दिन रेलवे स्कूल क्रमांक-1 और 2 के विद्यार्थियों तथा शिक्षकों ने स्वच्छता की शपथ ली। इसके बाद विद्यार्थियों ने बिलासपुर स्टेशन पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।

नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने यात्रियों को कचरे को स्रोत स्तर पर अलग-अलग डस्टबिन में डालने, उचित निस्तारण और रेलवे परिसर को साफ रखने के लिए जागरूक किया।

फोर वे सेग्रीगेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर

विद्यार्थियों ने यात्रियों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और फोर वे सेग्रीगेशन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कचरे को सही तरीके से अलग करने और उसका उचित निपटान करने से स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया हुनर

अभियान के तहत रेलवे स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए स्वच्छता से जुड़े विषयों पर निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने इसमें हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों ने स्वच्छता के महत्व को समझने के साथ इसे अपने दैनिक जीवन और कार्यस्थल पर अपनाने का संकल्प भी लिया।

Rainwater Harvesting की भी दी जानकारी

विद्यार्थियों को वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) के महत्व के बारे में भी बताया गया। उन्हें समझाया गया कि बारिश के पानी को संरक्षित करने से भूजल स्तर के संरक्षण और भविष्य में पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।


‘डिजिटल युग में हिंदी का विस्तार’ पर हुई चर्चा, रेलवे मुख्यालय में वाक् प्रतियोगिता

CG NEWS: TODAY छत्तीसगढ़  / बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर मुख्यालय में राजभाषा हिंदी को कामकाज में अधिक से अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिंदी वाक् प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 14 से 28 सितंबर तक चल रहे राजभाषा पखवाड़े के तहत आयोजित किया गया।

प्रतियोगिता का आयोजन महाप्रबंधक कार्यालय स्थित जोनल सभाकक्ष में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विजय कुमार, मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मौजूद रहे।

हिंदी वाक् प्रतियोगिता के लिए दो विषय निर्धारित किए गए थे। इनमें ‘डिजिटल युग में हिंदी का विस्तार’ और ‘सोशल मीडिया और हमारी निजता’ शामिल रहे। रेल कार्यालय और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बिलासपुर के कुल 15 अधिकारियों-कर्मचारियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने निर्धारित विषयों पर अपने विचार हिंदी में प्रस्तुत किए।

निर्णायकों ने दिए सुझाव

प्रतियोगिता में उदय कुमार भारती, उप मुख्य कार्मिक अधिकारी (राजपत्रित) और शिवरंजनी पोपली वर्मा, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी (सिगनल) ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

प्रतियोगिता के समापन पर निर्णायकों ने प्रतिभागियों के विचारों और प्रस्तुतिकरण पर समीक्षात्मक टिप्पणियां कीं। साथ ही आगामी राजभाषा प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रतिभागियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

राजभाषा पखवाड़े में होंगे विभिन्न कार्यक्रम 

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मुख्यालय में 14 से 28 सितंबर तक राजभाषा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक विजय कुमार के मार्गदर्शन में इस दौरान हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रेरक प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।


‘महा टिकट चेकिंग अभियान’, 47 ट्रेनों की जांच; 733 मामलों में 6.70 लाख का जुर्माना

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के खिलाफ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने सघन अभियान चलाया। 12 और 13 सितंबर 2026 को रायगढ़ स्टेशन समेत ब्रजराजनगर-रायगढ़-चांपा-बिलासपुर-भाटापारा सेक्शन में 48 घंटे का ‘महा टिकट चेकिंग अभियान’ चलाया गया।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह के मार्गदर्शन में चले अभियान में वाणिज्य निरीक्षक, मुख्य टिकट निरीक्षक और टीटीई स्टाफ शामिल रहे। इस दौरान 47 ट्रेनों की सघन जांच की गई।

733 मामलों में 6.70 लाख रुपये का जुर्माना

रेलवे के मुताबिक अभियान के दौरान बिना टिकट, अनियमित टिकट यात्रा और बिना बुक लगेज से जुड़े कुल 733 मामले पकड़े गए। इन मामलों में रेलवे ने कुल 6,70,155 रुपये का जुर्माना वसूला।

कार्रवाईमामलेजुर्माना
बिना टिकट यात्रा601₹6,10,880
अनियमित टिकट73₹52,925
बिना बुक लगेज59₹6,350
कुल733₹6,70,155

सबसे ज्यादा मामले बिना टिकट यात्रा के सामने आए। ऐसे 601 मामलों में 6 लाख 10 हजार 880 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं अनियमित टिकट के 73 मामलों से 52 हजार 925 रुपये और बिना बुक लगेज के 59 मामलों से 6 हजार 350 रुपये जुर्माना वसूला गया।

यात्रियों से रेलवे नियमों का पालन करने की अपील

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले उचित यात्रा टिकट जरूर लें। स्टेशन परिसर में प्रवेश के लिए आवश्यक होने पर प्लेटफॉर्म टिकट भी खरीदें।

रेलवे ने यात्रियों से ट्रेन और स्टेशन परिसर में गंदगी नहीं फैलाने और धूम्रपान से बचने की अपील करते हुए रेल परिसरों को स्वच्छ रखने में सहयोग करने को कहा है।

लगातार जारी रहेगा टिकट चेकिंग अभियान

रेलवे का कहना है कि टिकट चेकिंग अभियान का उद्देश्य यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाना है। ऐसे अभियानों के जरिए रेलवे में उचित टिकट लेकर यात्रा करने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

दिल्ली के संगठित गिरोह का पर्दाफाश, 17 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर/अनूपपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  रेलवे की कॉपर केबल और तांबे की दूसरी सामग्री चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का RPF ने पर्दाफाश किया है। बुढ़ार, सिंहपुर, छादा और शहडोल क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान RPF की विशेष टीम और RPF पोस्ट अनूपपुर ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10 चोरों और 7 रिसीवरों समेत कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक चोरी में इस्तेमाल 4 स्कूटर भी जब्त किए गए हैं। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की कॉपर केबल और अन्य रेलवे सामग्री बरामद की गई है।

दिल्ली से आए, अनूपपुर में बनाया ठिकाना

जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य दिल्ली से अनूपपुर क्षेत्र में आए थे और यहां किराए के मकानों में रह रहे थे। आरोपी स्कूटर से इलाके में घूमकर रेलवे ट्रैक और आसपास लगी कॉपर केबल व तांबे की सामग्री की रेकी करते थे। मौका देखकर रेलवे की संपत्ति चोरी करने के बाद उसे दिल्ली ले जाकर खपाया जाता था। पूछताछ में चोरी की सामग्री को दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कबाड़ मंडी में बेचने की बात सामने आई है।

पेट्रोलिंग और मुखबिर तंत्र से मिली कामयाबी

RPF ने प्रभावित रेलखंडों पर निगरानी बढ़ाने के साथ लगातार पेट्रोलिंग, एम्बुश और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया था। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर टीम ने कार्रवाई शुरू की।

RPF के मुताबिक कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को ट्रेन से भागते समय उमरिया में पकड़ा गया, जबकि एक आरोपी को गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों को भी जांच के दौरान दबोचा गया।

निशानदेही पर चोरी का तांबा बरामद

पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही के आधार पर चोरी की गई कॉपर केबल और अन्य तांबे की रेलवे सामग्री बरामद की गई है। चोरी में इस्तेमाल चार स्कूटर भी जब्त किए गए हैं।

RPF अब गिरोह के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही चोरी की रेलवे संपत्ति खरीदने वाले रिसीवरों और चोरी के माल को आगे खपाने वाले लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

रेलवे संपत्ति चोरी पर होगी सख्त कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। RPF के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

Special Train: रक्षाबंधन पर दुर्ग-रायगढ़ के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानें टाइमिंग और स्टॉपेज

बिलासपुर / TODAY छत्तीसगढ़  / रक्षाबंधन के मौके पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत दी है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए दुर्ग-रायगढ़-दुर्ग के बीच रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। यह ट्रेन 27, 28 और 29 अगस्त 2026 को दोनों दिशाओं में चलेगी। इससे भाई-बहनों के इस खास पर्व पर परिवार और प्रियजनों से मिलने जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिल सकेगी।

रेलवे के मुताबिक, ट्रेन नंबर 08834 दुर्ग-रायगढ़ रक्षाबंधन स्पेशल 27, 28 और 29 अगस्त को दुर्ग से सुबह 10:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रास्ते के सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकते हुए बिलासपुर 14:45 बजे, अकलतरा 15:27 बजे, जांजगीर-नैला 15:44 बजे, चांपा 15:55 बजे, बाराद्वार 16:13 बजे, सक्ती 16:59 बजे और खरसिया 17:16 बजे पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन रायगढ़ शाम 7 बजे पहुंचेगी।

इसी तरह ट्रेन नंबर 08833 रायगढ़-दुर्ग रक्षाबंधन स्पेशल भी 27, 28 और 29 अगस्त को चलेगी। यह ट्रेन रायगढ़ से शाम 7:40 बजे रवाना होगी। रास्ते में खरसिया 20:13 बजे, सक्ती 20:30 बजे, बाराद्वार 20:43 बजे, चांपा 21:00 बजे, जांजगीर-नैला 21:12 बजे, अकलतरा 21:25 बजे और बिलासपुर 22:20 बजे पहुंचेगी। इसके बाद अगले दिन रात 2 बजे दुर्ग पहुंचेगी।

सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर ठहराव

रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेन को दुर्ग और रायगढ़ के बीच आने वाले सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। इससे छोटे-बड़े सभी स्टेशनों के यात्रियों को इस अतिरिक्त ट्रेन का लाभ मिल सकेगा।

रेलवे ने बताया कि इस स्पेशल ट्रेन में 8 सामान्य श्रेणी के कोच और 2 एसएलआरडी कोच, यानी कुल 10 कोच होंगे।

रक्षाबंधन के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच रेलवे की यह अतिरिक्त सेवा यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। खासकर उन लोगों को राहत मिलेगी, जो त्योहार पर अपने भाई-बहनों और परिवार से मिलने के लिए दुर्ग, रायगढ़ और रास्ते में पड़ने वाले शहरों के बीच यात्रा करने वाले हैं।

72 किलो गांजा और चार ट्रॉली बैग... ट्रेन में ऐसे पकड़े गए तस्कर

बिलासपुर/गोंदिया: TODAY छत्तीसगढ़  / रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नारकोस के तहत बड़ी कार्रवाई की है। गोंदिया में RPF की अपराध गुप्तचर शाखा ने पुरी-सूरत एक्सप्रेस से 72.661 किलो गांजा बरामद करते हुए एक महिला समेत दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 36.33 लाख रुपये बताई गई है।

जानकारी के मुताबिक, 24 अगस्त को RPF क्राइम टीम गोंदिया को ट्रेन के जरिए गांजा तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद अधिकारियों और बल सदस्यों ने गाड़ी संख्या 22827 पुरी-सूरत एक्सप्रेस में दरेंकसा और गोंदिया के बीच निगरानी शुरू की। इसी दौरान कोच नंबर B-5 में एक महिला और पुरुष यात्री चार ट्रॉली बैग के साथ संदिग्ध हालत में दिखाई दिए।

RPF टीम ने दोनों को रोककर पूछताछ की। आरोपियों ने अपनी पहचान टूकु नायक (38) और ईश्वरी बेहरा उर्फ इशू (35) के रूप में बताई। दोनों ओडिशा के बलांगीर जिले के कांटाभाजी के रहने वाले हैं। तलाशी लेने पर चारों ट्रॉली बैग से गांजे के 69 पैकेट मिले। इनका कुल वजन 72.661 किलोग्राम निकला। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 36,33,050 रुपये बताई गई है।

पहले भी 10 बार कर चुके हैं तस्करी

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा कांटाभाजी, ओडिशा से भुसावल, महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। पूछताछ में दोनों ने इससे पहले भी करीब 10 बार गांजा तस्करी करने की बात कबूल की है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।

RPF ने एनडीपीएस एक्ट के तहत जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों और बरामद गांजे को जीआरपी गोंदिया के सुपुर्द कर दिया। जीआरपी गोंदिया ने 25 अगस्त को अपराध क्रमांक 153/2026 दर्ज किया है। मामले में धारा 8(c), 20(b)ii(c) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की जांच की जा रही है।

रेलवे सुरक्षा बल की ओर से ट्रेनों और रेलवे परिसरों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन नारकोस के तहत हुई इस कार्रवाई को इसी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। 

कपड़ों की पोटली में छिपा था 7.77 लाख का माल, RPF ने दो तस्करों को दबोचा

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत RPF ने बड़ी कार्रवाई की है। निगौरा रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जांच करते हुए जवानों ने भेष बदलकर गांजे की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को पकड़ा। उनके कब्जे से 15.540 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.77 लाख रुपये बताई गई है।

RPF के मुताबिक 24 अगस्त की रात करीब 1:15 बजे सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टास्क टीम निगौरा स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उन्हें रोककर पूछताछ की गई।

तलाशी के दौरान उनके पास कपड़ों की पोटलियों से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। आरोपियों की पहचान हंसा नाथ (40), निवासी संगरूर, पंजाब और मनता नाथ उर्फ लंबू (39), निवासी संगरूर, पंजाब के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार हंसा नाथ के कब्जे से 7.280 किलोग्राम और मनता नाथ के पास से 8.260 किलोग्राम गांजा मिला।

RPF ने दोनों आरोपियों को जब्त गांजे के साथ पुलिस थाना जैतहरी के सुपुर्द कर दिया। मामले में अपराध क्रमांक 285/2026, धारा 8/20(ख) NDPS Act के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

2026 में 550 किलो से ज्यादा गांजा जब्त

बिलासपुर मंडल RPF के अनुसार वर्ष 2026 में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक करीब 550 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। रेलवे परिसर और ट्रेनों में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए निगरानी और विशेष अभियान जारी हैं।

अब मदन महल तक जाएगी अम्बिकापुर-जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 11266/11265 अम्बिकापुर-जबलपुर-अम्बिकापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का विस्तार अब मदन महल स्टेशन तक कर दिया गया है। रेलवे के अनुसार यह व्यवस्था 17 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई है। इससे अम्बिकापुर और जबलपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।

अम्बिकापुर से मदन महल तक का समय

गाड़ी संख्या 11266 अम्बिकापुर-मदन महल इंटरसिटी एक्सप्रेस अम्बिकापुर स्टेशन से सुबह 6:15 बजे रवाना होगी। ट्रेन जबलपुर स्टेशन दोपहर 2:55 बजे पहुंचेगी, जहां से 3 बजे रवाना होकर मदन महल स्टेशन दोपहर 3:20 बजे पहुंचेगी।

मदन महल से अम्बिकापुर की वापसी

वापसी में गाड़ी संख्या 11265 मदन महल-अम्बिकापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस मदन महल स्टेशन से दोपहर 12:25 बजे रवाना होगी। ट्रेन जबलपुर स्टेशन 12:35 बजे पहुंचेगी और 12:45 बजे रवाना होगी, जबकि अम्बिकापुर स्टेशन रात 11 बजे पहुंचेगी।

बिलासपुर रेलवे मंडल में निकली तिरंगा रैली, बच्चों ने चित्रों में दिखाई देशभक्ति

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चल रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान-2026 के तहत बिलासपुर रेलवे मंडल में तिरंगा रैली और चित्रकारी प्रतियोगिता आयोजित की गई। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर रैली में हिस्सा लिया, जबकि रेलवे स्कूलों के विद्यार्थियों ने चित्रों के जरिए देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावनाएं व्यक्त कीं।

रेल प्रशासन के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए लोगों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है।

रेलवे परिसर से निकली तिरंगा रैली

तिरंगा रैली की शुरुआत मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर से हुई। सहायक कार्मिक अधिकारी ने तिरंगा लहराकर रैली को रवाना किया। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर रेलवे अधिकारी और कर्मचारी उत्साह के साथ रैली में शामिल हुए।

रैली रेलवे कॉलोनियों, बिलासपुर रेलवे स्टेशन, रेलवे चिकित्सालय, महाप्रबंधक कार्यालय, एनईआई इंस्टीट्यूट और बुधवारी बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी और वापस मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में समाप्त हुई।

रैली के दौरान देशभक्ति का माहौल रहा। रेलवे कर्मचारियों ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने की अपील की।

बच्चों ने चित्रों में दिखाई देशभक्ति

अभियान के तहत रेलवे स्कूलों में चित्रकारी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रभक्ति से जुड़े विषयों पर चित्र बनाए।

बच्चों की कलाकृतियों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, देशप्रेम और राष्ट्रीय गौरव की झलक दिखाई दी। प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय एकता के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया गया।

स्टेशनों पर भी देशभक्ति का संदेश

रेलवे मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर यात्री उद्घोषणा प्रणाली के जरिए देशभक्ति गीतों की वाद्य धुनें प्रसारित की जा रही हैं। रेलवे प्रशासन सोशल मीडिया के माध्यम से भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का संदेश लोगों तक पहुंचा रहा है।

रेल प्रशासन ने अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ यात्रियों और आम नागरिकों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज सम्मानपूर्वक फहराने की अपील की है। साथ ही ‘सेल्फी विद तिरंगा’ अभियान में हिस्सा लेने का आह्वान किया गया है। 


दुरंतो एक्सप्रेस में करोड़ों का सोना, 1.24 किलो विदेशी गोल्ड जब्त

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की क्राइम ब्रांच ने राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) के साथ संयुक्त कार्रवाई में 1.242 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है। सोने की अनुमानित कीमत करीब 1.96 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में दो लोगों को पकड़ा गया है।

कार्रवाई गाड़ी संख्या 12262 हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में की गई। RPF क्राइम ब्रांच रायपुर और नागपुर की टीम ने DRI नागपुर के अधिकारियों के साथ मिलकर यह कार्रवाई की।

भंडारा और नागपुर के बीच हुई जांच

RPF क्राइम ब्रांच नागपुर को सूचना मिली थी कि ट्रेन में दो व्यक्ति विदेशी सोना लेकर यात्रा कर रहे हैं। सूचना के आधार पर नागपुर क्राइम ब्रांच ने रायपुर टीम और DRI नागपुर को जानकारी दी।

इसके बाद संयुक्त टीम ने रायपुर से नागपुर तक ट्रेन में निगरानी शुरू की। भंडारा और नागपुर के बीच B-12 कोच में दो संदिग्ध यात्रियों की पहचान कर तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान उनके पास से 7 सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद हुई। कुल वजन करीब 1.242 किलोग्राम बताया गया है।

DRI को सौंपे गए दोनों व्यक्ति

RPF के मुताबिक, जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों व्यक्तियों को बरामद सोने के साथ DRI नागपुर को सौंप दिया गया। दोनों के खिलाफ कस्टम्स एक्ट, 1962 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले की आगे की जांच DRI नागपुर कर रही है। जांच में सोने के स्रोत, इसे कहां से लाया गया था और इसकी संभावित तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

RPF ने कहा है कि ट्रेनों और रेलवे परिसरों के जरिए अवैध या प्रतिबंधित सामान की तस्करी रोकने के लिए निगरानी और जांच अभियान जारी रहेगा।

बीपी, शुगर और ईसीजी से लेकर BMD तक जांच, 162 रेलवे कर्मचारियों ने लिया लाभ

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  रेलवे कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल के तहत कोरबा के क्षेत्रीय रेलवे प्रबंधक कार्यालय में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। मंडल चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित इस शिविर में 162 कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच और विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई।

रेलवे प्रशासन के मुताबिक, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य शिविर लगाने का उद्देश्य कर्मचारियों को नियमित जांच की सुविधा देने के साथ-साथ उन्हें बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।

बीपी, शुगर से लेकर ईसीजी तक जांच

12 अगस्त को आयोजित शिविर में कर्मचारियों का रक्तचाप, मधुमेह, लंबाई, वजन, ईसीजी और वेस्ट-हिप रेशियो जांचा गया। इसके अलावा 84 कर्मचारियों की बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) जांच की गई। छह कर्मचारियों को टिटनेस का टीका भी लगाया गया। शिविर में कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों में से नौ का मौके पर समाधान किया गया।

किशोरियों की भी हुई स्वास्थ्य जांच

शिविर में 9 से 15 वर्ष से कम आयु की किशोर बालिकाओं के स्वास्थ्य की भी जांच की गई। उनके हीमोग्लोबिन, सिकल सेल और लीवर फंक्शन से जुड़े परीक्षण किए गए। रेलवे के चिकित्सा अधिकारियों ने जांच के दौरान सामने आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में कर्मचारियों को आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी।

महिलाओं और मानसिक स्वास्थ्य पर भी चर्चा 

शिविर में उप मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. बीरबल प्रधान ने महिलाओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों की रोकथाम और बचाव के बारे में जानकारी दी। अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमित प्रकाश ने मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए मानसिक बीमारियों के संभावित कारण, लक्षण और उनसे बचाव के उपाय बताए। चिकित्सकों ने कर्मचारियों को संतुलित और पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच, जरूरी परहेज और दैनिक जीवन में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी सेवाएं

प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. दिवेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में रेलवे के कई चिकित्सकों ने सेवाएं दीं। इनमें डॉ. बीरबल प्रधान, डॉ. शेख सिराजुद्दीन, डॉ. सुमित प्रकाश, डॉ. नीतू एस कुमार, डॉ. धनंजय, डॉ. जौहरा और डॉ. अंशिका शामिल रहे। न्यू कोरबा हॉस्पिटल के अनुबंधित चिकित्सक डॉ. अजित और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश समेत अन्य कर्मचारियों ने भी शिविर में सहयोग किया।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि कार्यस्थल पर इस तरह के स्वास्थ्य शिविर कर्मचारियों को समय पर स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराने के साथ बीमारी की शुरुआती पहचान में भी मदद कर सकते हैं।

आधुनिक ट्रैक मशीनों से रेल पथ अनुरक्षण को नई गति: SECR

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आधुनिक ट्रैक मशीनों के माध्यम से रेल पथ अनुरक्षण कार्यों में तेजी लाने का दावा किया है। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रेलवे के लगभग 5,500 ट्रैक किलोमीटर के नेटवर्क पर प्रतिदिन 400 से अधिक यात्री और मालगाड़ियों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित अनुरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

रेलवे के अनुसार, ट्रैक अनुरक्षण में आधुनिक मशीनों के उपयोग से कार्य अधिक तेज, सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा रहे हैं। इससे ट्रैक कर्मियों की सुरक्षा बढ़ने के साथ ही ट्रेनों के परिचालन पर भी न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।

प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (1 अप्रैल से 30 जून 2026) के दौरान ट्रैक मशीनों की मदद से 2,042 किलोमीटर प्लेन ट्रैक टैंपिंग, 907 टर्नआउट टैंपिंग, 102 किलोमीटर डीप स्क्रीनिंग (गिट्टी छनाई), 50 किलोमीटर ट्रैक रिन्यूअल तथा 58 टर्नआउट रिन्यूअल का कार्य पूरा किया गया।

रेलवे के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 92 आधुनिक ट्रैक मशीनें कार्यरत हैं। इनमें सीएसएम, ड्योमैटिक, एमपीटी, यूनिमेट, बीसीएम, एफआरएम, पीक्यूआरएस, टी-28, बीआरएम, डीजीएस और यूटीवी जैसी मशीनें शामिल हैं। इनके संचालन एवं रखरखाव के लिए लगभग 900 प्रशिक्षित कर्मचारी कार्यरत हैं।

नागपुर–झारसुगुड़ा मुख्य रेलखंड पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से ट्रेनों के संचालन को ध्यान में रखते हुए उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैक अनुरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि आधुनिक ट्रैक मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, विश्वसनीय और समयबद्ध रेल परिचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

बाबाधाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, श्रावणी स्पेशल ट्रेन में कन्फर्म सीटें उपलब्ध

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / सावन माह में बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे गाड़ी संख्या 08895/08896 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–मधुपुर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी श्रावणी मेला साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन कर रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह ट्रेन 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक कुल 5-5 फेरों में चलेगी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में इस विशेष ट्रेन में एसी-III और स्लीपर श्रेणी में बड़ी संख्या में कन्फर्म बर्थ उपलब्ध हैं। श्रद्धालुओं से समय रहते अग्रिम आरक्षण कर अपनी यात्रा सुनिश्चित करने की अपील की गई है, ताकि अंतिम समय की भीड़ और असुविधा से बचा जा सके।

यह स्पेशल ट्रेन नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी, गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़ और ब्रजराजनगर स्टेशनों पर ठहरेगी। इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध होगी।

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 की स्थिति में गाड़ी संख्या 08895 (इतवारी–मधुपुर) में 1 अगस्त को एसी-III में 94 और स्लीपर में 176 सीटें उपलब्ध हैं। वहीं 8, 15, 22 और 29 अगस्त की यात्राओं में भी एसी-III तथा स्लीपर दोनों श्रेणियों में पर्याप्त कन्फर्म सीटें उपलब्ध हैं।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08896 (मधुपुर–इतवारी) में 2, 9, 16, 23 और 30 अगस्त की यात्राओं के लिए भी एसी-III और स्लीपर श्रेणी में बड़ी संख्या में कन्फर्म बर्थ उपलब्ध होने की जानकारी रेलवे ने दी है।

रेलवे प्रशासन ने कहा है कि सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना उसका उद्देश्य है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे समय रहते आरक्षण कराकर अपनी यात्रा सुनिश्चित करें।

भगत की कोठी एक्सप्रेस में गहने चोरी मामले का खुलासा, दो गिरफ्तार

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन ‘यात्री सुरक्षा’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ₹4.50 लाख मूल्य के स्वर्ण आभूषण चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रेलवे के अनुसार, दोनों आरोपियों को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए जीआरपी रायपुर के सुपुर्द कर दिया गया है।

आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 19 जुलाई को गाड़ी संख्या 20844 भगत की कोठी एक्सप्रेस के ए-2 कोच में यात्रा के दौरान यात्री के स्वर्ण आभूषण चोरी होने की घटना सामने आई थी। इस संबंध में जीआरपी रायपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मामले की जांच के दौरान मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेल सुरक्षा बल, नागपुर के मार्गदर्शन में पोस्ट प्रभारी गोंदिया के नेतृत्व में नागपुर मंडल की टास्क टीम और रायपुर मंडल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। रेलवे के अनुसार, जांच के दौरान संबंधित कोच के साथ-साथ गोंदिया, राजनांदगांव और डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और निगरानी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 26 जुलाई को डोंगरगढ़ में संदिग्ध नवीन पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर दूसरे संदिग्ध नितिन पटेल की पहचान की गई, जिसका हुलिया सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले व्यक्ति से मेल खाने का दावा किया गया है। रेलवे के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित रूप से चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद दोनों को जीआरपी रायपुर के सुपुर्द कर दिया गया, जहां मामले की आगे की जांच जारी है।

रेल सुरक्षा बल ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी, तकनीकी संसाधनों और खुफिया तंत्र का उपयोग करते हुए अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही यात्रियों और आम नागरिकों से अपराध संबंधी कोई भी जानकारी, फोटो या वीडियो उपलब्ध होने पर जांच एजेंसियों के साथ साझा करने की अपील की गई है।

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