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छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और संवेदनाओं को दिशा देने वाली सशक्त विधा हैं। एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को राजधानी रायपुर में संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने समय-समय पर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ‘मदर इंडिया’ जैसी फिल्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी फिल्मों ने समाज में नैतिक मूल्यों, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश की पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘कही देबे संदेश’ ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रभावी संदेश दिया था। आज छालीवुड की फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के विस्तार से फिल्मों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक हुई है। ऐसे में जिम्मेदार, सकारात्मक और मूल्याधारित सिनेमा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। राज्य सरकार स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने और छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, हजारों कलाकारों, तकनीशियनों और श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा फिल्म पर्यटन को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम एवं संस्कृति विभाग को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘छत्तीसगढ़ का भीम - चिंताराम’ का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।

समारोह में मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित गिधनी पाठ में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की।

इस अवसर पर सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री पुनीत सेन, वरिष्ठ फिल्म निर्माता श्री मोहन सुंदरानी, फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


गिरिराज सिंह से मुलाकात में विकास और जनकल्याण पर चर्चा

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय और निरंतर संवाद की भावना ने विकास कार्यों को नई गति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सहयोगात्मक दृष्टिकोण के चलते जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार, कौशल विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी।

सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित रहे।


सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, सामाजिक बदलाव का माध्यम भी : राज्यपाल

रायपुर।   TODAY छत्तीसगढ़  / फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने का एक प्रभावी साधन हैं। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के सम्मान समारोह में उक्त बातें कही। यह कार्यक्रम रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

 राज्यपाल ने कहा कि आदिम युग से ही मनुष्य विभिन्न माध्यमों से अपने विचार और संदेश व्यक्त करता रहा है। समय के साथ नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल माध्यमों ने इस भूमिका को और व्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि पहले सिनेमा का मूल उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं था, बल्कि समाज को संदेश देना और जागरूक करना था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी भारतीय सिनेमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता मिली है। फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि अब वे बस्तर की समृद्ध संस्कृति से  देश और दुनिया  को परिचित कराएं। इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि को मजबूती मिलेगी।

राज्यपाल ने सद्गति, चरणदास चोर और देवदास जैसी फिल्मों और नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता लाने वाली फिल्मों की आज भी उतनी ही आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और पर्व-त्योहारों जैसे हमारे धरोहर को स्थायी रूप से संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं। उन्होंने कलाकारों से लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। 

राज्यपाल ने कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत आज गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। बच्चे खेल के मैदानों से दूर हो रहे हैं और उनकी रचनात्मकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कलाकारों  से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त डॉक्युमेंट्री फिल्मों छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम, हैप्पी बर्थडे और स्क्रीन के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।

हाई कोर्ट बोला- बेटी बालिग हो गई तो क्या, पिता की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि बालिग हो जाने के बाद भी अविवाहित बेटी के प्रति पिता की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की एकलपीठ ने मनेंद्रगढ़ फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए पिता की आपराधिक पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी।

मामला एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले से संबंधित है। याचिकाकर्ता गोरखनाथ यादव ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी बेटी प्रिया यादव को प्रति माह पांच हजार रुपये भरण-पोषण राशि देने का निर्देश दिया गया था। 

"पिता अपनी बालिग अविवाहित बेटी के भरण-पोषण की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता।"

फैमिली कोर्ट ने वर्ष 2016 में बेटी के पक्ष में दो हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण देने का आदेश पारित किया था। बाद में परिस्थितियों को देखते हुए दिसंबर 2023 में यह राशि बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान पिता ने तर्क दिया कि बेटी अब बालिग हो चुकी है और उसकी मां के पास पर्याप्त कृषि भूमि व आय के साधन मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने बेटी की वैधता और पारिवारिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए।  वहीं बेटी की ओर से कहा गया कि वह अविवाहित है और उसे भरण-पोषण का अधिकार प्राप्त है। अदालत को यह भी बताया गया कि वर्ष 2016 से लगातार भरण-पोषण दिया जा रहा है और उस आदेश को कभी चुनौती नहीं दी गई थी।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि जब वर्षों से भरण-पोषण संबंधी आदेश प्रभावी है, तब अब रिश्ते की वैधता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। अदालत ने माना कि पिता की कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह अपनी संतान के भरण-पोषण की व्यवस्था करे।

कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए पिता की याचिका खारिज कर दी और बेटी को प्रति माह पांच हजार रुपये भरण-पोषण राशि देने का आदेश बरकरार रखा।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि बालिग हो जाने के बाद भी अविवाहित बेटी के प्रति पिता की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की एकलपीठ ने मनेंद्रगढ़ फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए पिता की आपराधिक पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी।

ASI के बेटे की मौत से मचा हड़कंप, बोलेरो चालक पर हत्या का आरोप

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के बुधवारी बाइपास मार्ग पर हुए विवाद के बाद बोलेरो से कुचलकर घायल किए गए युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान यातायात विभाग में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक रामनारायण रात्रे के पुत्र चंद्रमणि रात्रे उर्फ दादू के रूप में हुई है। रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को उसने अंतिम सांस ली। मौत की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में आक्रोश फैल गया। स्वजन ने घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार छह जून की रात करीब एक बजे चंद्रमणि अपने कुछ साथियों के साथ कार में बैठा था। इसी दौरान बुधवारी बाइपास मार्ग पर एक बोलेरो वाहन वहां पहुंचा। किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद बोलेरो चालक ने जानबूझकर वाहन चंद्रमणि पर चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल रेफर किया गया था। उपचार के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद अब प्रकरण में हत्या की धारा जोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं आरोपी की तलाश भी तेज कर दी गई है। 

रात में बेच रहे थे शराब, पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया

दुर्ग।  TODAY छत्तीसगढ़  / नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन विश्वास" के तहत चौकी नगपुरा पुलिस ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से कुल 78 पौवा देशी मदिरा मसाला और बिक्री की नकद रकम बरामद की गई है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खुर्सीडीह क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर चौकी नगपुरा पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कार्रवाई की।

पहले मामले में पुलिस ने खुर्सीडीह गौठान के पास अवैध शराब बेच रहे गोपी पारधी (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 35 पौवा देशी मदिरा मसाला, जिसकी कीमत करीब 3,500 रुपये आंकी गई है, तथा बिक्री की 200 रुपये नकद रकम बरामद की गई।

वहीं दूसरे मामले में पारधीपारा खुर्सीडीह में दबिश देकर मानसी पारधी (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 43 पौवा अवैध देशी मदिरा मसाला तथा बिक्री की 250 रुपये नकद राशि जब्त की गई। बरामद शराब की कीमत लगभग 4,550 रुपये बताई गई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों मामलों में शराब एवं नकद राशि सहित करीब 8,500 रुपये मूल्य की सामग्री जब्त की गई है।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध शराब, नशे और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


लाइक्स और व्यूज के चक्कर में जान जोखिम में डाल रहे थे युवक, पुलिस ने पकड़ा

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने की होड़ में खतरनाक बाइक स्टंट करना पांच युवकों को महंगा पड़ गया। मेडिकल कॉलेज के पीछे एकताल रोड पर बाइक स्टंट कर वीडियो बनाने वाले युवकों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चालान काटा और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के संज्ञान में आया था कि मेडिकल कॉलेज के पीछे एकताल रोड पर पाइप लाइन कार्य के लिए समतल की गई सड़कनुमा भूमि पर कुछ युवक तेज रफ्तार में बाइक स्टंट कर रहे हैं। स्टंट के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वहां बड़ी संख्या में युवकों की भीड़ जुटने लगी थी, जिससे किसी भी समय गंभीर हादसे की आशंका बन गई थी। 

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह एवं थाना प्रभारी चक्रधरनगर राकेश मिश्रा को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित स्थल पर अवरोधक लगाए और क्षेत्र में निगरानी एवं पेट्रोलिंग बढ़ा दी।

पुलिस की सख्ती के बावजूद पांच युवक दोबारा उसी स्थान पर स्टंट करने पहुंच गए। पुलिस टीम ने उन्हें पकड़कर एसएसपी के समक्ष प्रस्तुत किया। इस दौरान एसएसपी ने युवकों को समझाइश देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने या अधिक व्यूज पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना समझदारी नहीं है।

उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें ऐसे खतरनाक कृत्यों से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। साथ ही भविष्य में स्टंटबाजी रोकने के लिए संबंधित मार्ग पर कंसर्टिना कॉयल लगाने की बात भी कही गई।

डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह ने बताया कि पकड़े गए युवकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्टंटबाजी, लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने और आमजन की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 



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