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अवैध खनन से लेकर धुएं तक... शहर की पर्यावरणीय तस्वीर पर बड़ा सवाल

बिलासपुर में बढ़ रहा प्रदूषण, पर्यावरण मंच बोला— अब नहीं चेते तो देर हो जाएगी

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / पर्यावरण मंच (भारतीय मजदूर संघ) छत्तीसगढ़ ने जिले में लगातार बढ़ती पर्यावरणीय समस्याओं को लेकर जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि प्रदूषण, अवैध खनन, जलस्रोतों पर अतिक्रमण, वृक्षों की कटाई और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं, जिनका सीधा प्रभाव आम नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहा है।

ज्ञापन में संगठन ने विशेष रूप से अरपा नदी सहित अन्य जलस्रोतों में बढ़ते प्रदूषण और अतिक्रमण को गंभीर चिंता का विषय बताया है। पर्यावरण मंच का कहना है कि नदियों और तालाबों के उद्गम क्षेत्रों पर बढ़ते अतिक्रमण से जल संरक्षण और जैव विविधता दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

संगठन ने औद्योगिक इकाइयों और वाहनों से निकलने वाले धुएं को बढ़ते वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताते हुए नियंत्रणात्मक कदम उठाने की मांग की है। साथ ही अवैध रेत उत्खनन और खनन गतिविधियों को पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बताते हुए इन पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता जताई गई है।

ज्ञापन में प्लास्टिक कचरे और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या, भूजल स्तर में लगातार गिरावट, जल स्रोतों के संरक्षण की कमी, वृक्षों की अंधाधुंध कटाई तथा हरित क्षेत्रों में हो रही कमी का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा ई-कचरा और मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गई है।

पर्यावरण मंच ने खुले में कचरा जलाने से बढ़ते प्रदूषण, शहरी क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण और सड़कों पर उड़ने वाली धूल को भी गंभीर पर्यावरणीय चुनौती बताया है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित कार्ययोजना बनाकर प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जिले की प्राकृतिक संपदा, जल संसाधन और नागरिकों का स्वास्थ्य गंभीर संकट में पड़ सकता है।


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