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जहरीली शराब या सुनियोजित साजिश? 8 मौतों ने खड़े किए बड़े सवाल

बलौदाबाजार। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के कसडोल क्षेत्र अंतर्गत खरवे गांव में पांच दिनों के भीतर आठ ग्रामीणों की मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर जहरीली शराब पिलाकर लोगों की जान लेने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम गांव पहुंचकर जांच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मृतकों के दफन शवों को बाहर निकाला जा रहा है। शवों का पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौतें जहरीली शराब के सेवन से हुई हैं या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। जांच के दौरान घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

उल्लेखनीय है कि कथित जहरीली शराब कांड के बाद मंगलवार को खरवे गांव के सैकड़ों ग्रामीण कसडोल थाना पहुंचे थे। ग्रामीणों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर लोगों को शराब पिलाकर उनकी जान लेने का गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों का दावा है कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्होंने एक ही स्रोत से शराब का सेवन किया था। शराब पीने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

फिलहाल पुलिस, एफएसएल और प्रशासनिक अमला पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस रहस्यमय मौतों की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है।




दहेज केस में पूरा परिवार फंसाना नहीं चलेगा, हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के मामलों में पति के पूरे परिवार को एक साथ आरोपी बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि केवल सामान्य और अस्पष्ट आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए पति और उसके परिजनों के खिलाफ दर्ज एफआईआर, चार्जशीट तथा निचली अदालत में चल रही पूरी कार्यवाही को निरस्त कर दिया।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि दहेज प्रताड़ना कानून का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना है, लेकिन इसका उपयोग व्यक्तिगत प्रतिशोध या पूरे परिवार को कानूनी विवाद में घसीटने के लिए नहीं किया जा सकता। किसी भी आरोपी के खिलाफ विशिष्ट आरोप, स्पष्ट भूमिका और ठोस साक्ष्य होना आवश्यक है।

मामला ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के निवासी विवेकानंद भोई और उनकी पत्नी गीता साहू से जुड़ा है। पत्नी ने दिसंबर 2024 में शिकायत दर्ज कराते हुए पति, सास-ससुर, ननद और देवर पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर मार्च 2025 में एफआईआर दर्ज हुई और बाद में पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी थी। जेएमएफसी कसडोल ने आरोप भी तय कर दिए थे।

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि एफआईआर में किसी भी आरोपी की अलग-अलग भूमिका, घटना की तारीख या विशिष्ट आरोपों का उल्लेख नहीं है। ननद अपने वैवाहिक घर में रहती है और सास-ससुर बुजुर्ग हैं। पूरे परिवार को सामूहिक रूप से आरोपी बनाया गया है।

सभी पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने माना कि शिकायत में लगाए गए आरोप सामान्य और अस्पष्ट प्रकृति के हैं। किसी भी आरोपी की प्रत्यक्ष भूमिका या सक्रिय संलिप्तता का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में मुकदमा जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।

कोर्ट ने राजादेवरी थाने में दर्ज एफआईआर, पुलिस की चार्जशीट तथा जेएमएफसी कसडोल द्वारा पारित संज्ञान और आरोप तय करने के आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही मामले से जुड़ी सभी आनुषंगिक कार्यवाहियों पर भी रोक लगा दी।

बालाजी ढाबा में रंगे हाथों पकड़े गए शराबी, संचालक भी नहीं बचा

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / चकरभाठा पुलिस ने ढाबा चेकिंग अभियान के दौरान अवैध रूप से शराब सेवन कराने और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने बालाजी ढाबा के संचालक समेत छह लोगों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार 12 जून को होटल एवं ढाबों की जांच के दौरान चकरभाठा स्थित बालाजी ढाबा में अवैध रूप से शराब सेवन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी। मौके पर पुलिस ने ढाबा संचालक अशोक जोतवानी को ग्राहकों को शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराते हुए पकड़ा।

जांच के दौरान पांच व्यक्ति भी सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करते मिले। पुलिस ने सभी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 36(ग) एवं 36(च) के तहत वैधानिक कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान हर्ष श्रीवास, अभिषेक कुमार सिंह, राजीव दुबे, मयंक सिंह और बिट्टू कौशिक को शराब सेवन करते हुए पकड़ा गया। वहीं ढाबा संचालक अशोक जोतवानी के खिलाफ शराब सेवन की सुविधा उपलब्ध कराने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

विधायक से बहस और उसी दिन सस्पेंशन! EO पर गिरी गाज, देखें VIDEO

भरतपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  राजस्थान में एक बार फिर जनप्रतिनिधि और अफसरशाही के बीच टकराव चर्चा का विषय बन गया है। भरतपुर जिले की बयाना नगरपालिका में निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत और अधिशासी अधिकारी (EO) अनीता कुशवाह के बीच हुए विवाद के बाद EO को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय जयपुर स्थित डीएलबी कार्यालय निर्धारित किया गया है।

यह मामला पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। नगरपालिका कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान विधायक और EO के बीच हुई तीखी बहस सार्वजनिक हो गई थी। विवाद के कुछ ही समय बाद अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई।

राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को जनप्रतिनिधि और ब्यूरोक्रेसी के बीच शक्ति संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि विवाद में वास्तविक गलती किसकी थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

उल्लेखनीय है कि विधायक ऋतु बनावत पहली बार विधानसभा पहुंची हैं। वह पहले भाजपा से जुड़ी रही हैं, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़कर विजयी हुई थीं। उनके पति ऋषि बंसल भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक विधायक और EO के बीच विवाद की मुख्य वजह करोड़ों रुपये का एक टेंडर माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल EO के निलंबन ने पूरे मामले को राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का विषय बना दिया है। 


कोयला भंडारण में गड़बड़ी मिली, जेसीबी-ट्रेलर जब्त कर डिपो किया सील

बिलासपुर। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन हाइवा, तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक जेसीबी मशीन और एक ट्रेलर वाहन जब्त किया है। इसके अलावा कोयला भंडारण में अनियमितता पाए जाने पर एक अस्थायी भंडारण डिपो को सील कर दिया गया है। हालांकि इतनी कारवाही के बावजूद जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और बारिश पूर्व भंडारण का काम तेजी से चल रहा है। 

कलेक्टर के निर्देश और उप संचालक खनिज के मार्गदर्शन में खनिज विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 10 जून को खनिज विभाग और सकरी पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम गतौरी स्थित बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन के अस्थायी कोयला भंडारण स्थल की जांच की।

जांच के दौरान कोयले की गुणवत्ता में कथित मिलावट, हेरफेर तथा भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन के मामले सामने आए। इसके बाद मौके से एक ट्रेलर और एक जेसीबी मशीन जब्त कर कोनी थाना की अभिरक्षा में रखा गया। साथ ही संबंधित भंडारण डिपो को सील कर दिया गया।

इसके बाद 11 और 12 जून को खनिज विभाग की टीम ने सकरी, कोटा, विजयपुर, दर्री और तखतपुर क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान दर्री-विजयपुर क्षेत्र से गिट्टी का अवैध परिवहन करते एक हाइवा वाहन को जब्त किया गया। वहीं सकरी क्षेत्र में रेत और गिट्टी का परिवहन कर रहे दो अन्य हाइवा वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। जिला बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की सीमा से लगे खोगसरा क्षेत्र में दोनों जिलों के खनिज अमले ने संयुक्त जांच की। इस दौरान अरपा नदी क्षेत्र में अवैध रूप से रेत उत्खनन करते तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए।

खनिज विभाग ने कुल आठ वाहन एवं मशीनों को जब्त कर पुलिस थाना कोनी, सकरी, तखतपुर और गौरेला की अभिरक्षा में रखा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

रात में चाकू दिखाकर बाइक और मोबाइल लूटने वाले दो बदमाश गिरफ्तार

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / कोतवाली पुलिस ने लूटपाट की दो अलग-अलग वारदातों का खुलासा करते हुए जोगीडीपा क्षेत्र के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सन्नी उर्फ प्रकाश कुमार सारथी और शाहीद सारथी के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद किया है।

पहली घटना 10 जून की रात की है। चांदमारी निवासी किशन साहू अपने मित्र के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। जोगीडीपा स्थित गंगाराम तालाब के पास आरोपियों ने रास्ता रोककर गाली-गलौज की और उसकी जेब से नकदी निकाल ली। विरोध करने पर मारपीट की गई। इस दौरान एक आरोपी ने चाकू से हमला कर उसकी मोटरसाइकिल लूट ली और फरार हो गया।

इसी रात दूसरी वारदात में इंदिरानगर निवासी अभिषेक नागराज को उसके घर के पास रोककर चाकू दिखाते हुए पैसों की मांग की गई। पैसे नहीं होने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और जेब में रखा मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए।

लगातार हुई दो लूट की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को उनके घर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने वारदात में शामिल होना स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी प्रकाश कुमार सारथी के कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल और घटना में प्रयुक्त लोहे का चाकू बरामद किया है, जबकि शाहीद सारथी से लूटा गया मोबाइल फोन जब्त किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और संवेदनाओं को दिशा देने वाली सशक्त विधा हैं। एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को राजधानी रायपुर में संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने समय-समय पर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ‘मदर इंडिया’ जैसी फिल्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी फिल्मों ने समाज में नैतिक मूल्यों, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश की पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘कही देबे संदेश’ ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रभावी संदेश दिया था। आज छालीवुड की फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के विस्तार से फिल्मों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक हुई है। ऐसे में जिम्मेदार, सकारात्मक और मूल्याधारित सिनेमा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। राज्य सरकार स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने और छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, हजारों कलाकारों, तकनीशियनों और श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा फिल्म पर्यटन को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम एवं संस्कृति विभाग को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘छत्तीसगढ़ का भीम - चिंताराम’ का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।

समारोह में मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित गिधनी पाठ में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की।

इस अवसर पर सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री पुनीत सेन, वरिष्ठ फिल्म निर्माता श्री मोहन सुंदरानी, फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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