दुष्कर्म और मारपीट मामले का आरोपी लंबे समय बाद गिरफ्तार


रायगढ़। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  तमनार पुलिस ने फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और मारपीट के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राकेश सोनी उर्फ देवा निवासी आमाघाट तमनार है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ न्यायालय से स्थायी वारंट भी जारी किया गया था।

जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024 में थाना तमनार में गुमशुदा बालिका की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान बालिका को दस्तयाब कर उसके बयान, चिकित्सीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई थी। आरोपी को उस समय गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से बाद में उसे जमानत मिल गई थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी ने अपने साथियों के साथ अक्टूबर 2025 में मारपीट की एक और घटना को अंजाम दिया। इस मामले में भी थाना तमनार में अलग से अपराध दर्ज किया गया था। घटना के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था। वहीं पॉक्सो प्रकरण में न्यायालय में पेशी पर उपस्थित नहीं होने के कारण आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया था।

पुलिस ने अवैध शराब के साथ आदतन आरोपी को किया गिरफ्तार


राजनांदगांव।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  डोंगरगढ़ पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक आदतन आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 8.100 बल्क लीटर गोवा अंग्रेजी शराब और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त मशरुका की कुल कीमत 1 लाख 5 हजार 400 रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रवि शेंडे निवासी भीम नगर वार्ड क्रमांक 09 डोंगरगढ़ है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी केशरी नंदन नायक के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई।

9 मई 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी रवि शेंडे अपनी टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 08 BG 1509 में भारी मात्रा में शराब लेकर अवैध बिक्री के लिए घर जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने प्रज्ञागिरी जाने वाले तिराहा हनुमान मंदिर के पास ग्राम कुरभाठा में नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 45 पाव गोवा स्पेशल अंग्रेजी शराब कुल 8.100 बल्क लीटर कीमत 5,400 रुपये और मोटरसाइकिल कीमत 1 लाख रुपये बरामद की गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में भी थाना डोंगरगढ़ में कई मामले दर्ज हैं।

शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार


रायगढ़।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  पूंजीपथरा पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर प्रेम और शादी का झांसा देकर नाबालिग का शोषण करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार बालिका ने 9 मई 2026 को अपने परिजनों के साथ थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दिसंबर 2025 में स्कूल की छुट्टियों के दौरान वह अपने माता-पिता के पास पूंजीपथरा क्षेत्र स्थित एक प्लांट की लेबर कॉलोनी में आई थी। इसी दौरान उसकी पहचान पड़ोस में रहने वाले संदीप बंजारे से हुई।

आरोप है कि आरोपी ने प्रेम और शादी का झांसा देकर 26 फरवरी 2026 को अपने कमरे में बुलाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद आरोपी लगातार बालिका को डरा-धमकाकर किसी को नहीं बताने की बात कहता रहा और कई बार उसका शोषण करता रहा। बालिका ने पुलिस को बताया कि आरोपी को उसके नाबालिग होने की जानकारी थी, इसके बावजूद वह माता-पिता के नहीं रहने पर उसे अपने कमरे में ले जाकर जबरन संबंध बनाता था।

8 मई 2026 को आरोपी ने बालिका को कंपनी के नए लेबर क्वार्टर में मिलने बुलाया था और शादी के बहाने बाहर चलने की बात कर रहा था। इसी दौरान परिजन वहां पहुंच गए और दोनों को देख लिया। इसके बाद परिजनों के साथ बालिका ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

मामले में अपराध क्रमांक 103/2026 के तहत धारा 64(1) बीएनएस एवं 4, 6 पॉक्सो एक्ट में अपराध दर्ज किया गया। थाना प्रभारी रामकिंकर यादव और पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी संदीप बंजारे निवासी जिला सक्ती का रहने वाला है और वर्तमान में पूंजीपथरा क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

एम्स में नौकरी: कॉलेज फ्रेंड ने ही लगाया चूना, नौकरी के नाम पर लाखों ऐंठे


दुर्ग।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  वैशाली नगर पुलिस ने रायपुर एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे साइबर तकनीकी सहायता से ट्रेस कर पकड़ा गया।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी मुकेश कोसरे निवासी वृंदा नगर कैम्प-1 भिलाई ने थाना वैशाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसका कॉलेज मित्र अभिषेक जयसवाल खुद की पहचान बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से होना बताकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर में स्टाफ नर्स की नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा था।

आरोपी ने नौकरी लगवाने और ज्वाइनिंग लेटर दिलाने का भरोसा देकर सितंबर 2021 से 16 अक्टूबर 2022 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 14 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद आरोपी लगातार ज्वाइनिंग लेटर देने और रकम वापस करने के नाम पर टालमटोल करता रहा और बाद में फरार हो गया।

मामले में थाना वैशाली नगर में धारा 420 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान साइबर सेल भिलाई की मदद से आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन लखनऊ में मिलने पर पुलिस टीम वहां रवाना हुई।

पुलिस ने लखनऊ में घेराबंदी कर आरोपी अभिषेक जयसवाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने मामले से जुड़े दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्य भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में थाना वैशाली नगर पुलिस और साइबर सेल भिलाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



उर्स जुलूस में चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले दो युवक गिरफ्तार


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस ने उर्स त्यौहार के दौरान संदल जुलूस में चाकू और धारदार हथियार लहराकर आम लोगों को भयभीत करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक बड़ा चाकू और एक चापड़नुमा हथियार जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में हर्ष खांण्डे निवासी तारबहार और अब्दुल अजीम खान निवासी तालापारा शामिल हैं। दोनों के खिलाफ धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

जानकारी के मुताबिक उर्स त्यौहार के अवसर पर घोड़ादाना स्कूल तारबहार से संदल की एक टोली चादर लेकर निकली थी। पुलिस लाइन के पास डांस के दौरान पैर टकराने को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान आरोपी हर्ष खांण्डे हाथ में चाकू लेकर लहराने लगा और लोगों को डराने लगा। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गया था। बाद में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच और खोजबीन के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

वहीं दूसरी घटना में तालापारा सिविल लाइन से निकली संदल टोली के दौरान मगरपारा चौक के पास आरोपी अब्दुल अजीम खान हाथ में धारदार चाकू लहराते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने मौके पर ही उसे हिरासत में लेकर कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लोहे का बड़ा धारदार चाकू और एक चापड़नुमा हथियार जब्त किया है।

बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों में शांति भंग करने और आम लोगों को डराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग और निगरानी लगातार की जा रही है।

कैमरे की कलम: अंधेरे का आत्मनिर्भर भारत


छत्तीसगढ़ के दूसरे बड़े शहर के रूप में अपनी पहचान रखने वाले बिलासपुर ने पिछले दिनों आखिरकार विकास की उस ऊंचाई को छू ही लिया, जहां आदमी को यह समझ में आ जाता है कि असली सभ्यता बिजली नहीं, मोमबत्ती है। बात पिछले मंगलवार की है, शहर और आस-पास के इलाकों में 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली और पूरा शहर ऐसी विनम्रता से अंधेरे में समा गया, जैसे किसी सरकारी दफ्तर में आम आदमी की अर्जी समा जाती है। गाँवों का हाल तो पूछिए ही मत। 

आंधी आई। पेड़ गिरे। तार टूटे। खंभे झुके। और उसके साथ ही “जीरो पॉवर कट” का दावा भी कहीं उड़ गया। हालांकि सरकार को धन्यवाद देना चाहिए कि उसने जनता को इतिहास से जोड़ दिया। नई पीढ़ी को पहली बार पता चला कि बिना वाई-फाई, बिना चार्जर और बिना एसी के भी इंसान जिंदा रह सकता है। कुछ बच्चों ने तो पहली बार अपने माता-पिता से बातचीत तक कर ली। यह सामाजिक क्रांति बिजली विभाग के बिना संभव नहीं थी। शुरू में लोगों ने धैर्य रखा। उन्हें भरोसा था कि बिजली विभाग है, कर्मचारी हैं, सिस्टम है। फिर धीरे-धीरे उन्हें याद आया कि यही सबसे बड़ी समस्या है।

पहले छह घंटे बीते। फिर बारह। फिर चौबीस। कुछ इलाकों में तो तीस घंटे बाद बिजली आई। तब तक लोग आधुनिक नागरिक से बदलकर आदिम मानव बन चुके थे। फ्रिज में रखा दूध दही बन चुका था, दही खट्टा होकर विज्ञान प्रयोगशाला का नमूना लगने लगा था और बच्चे मोबाइल चार्ज न होने के कारण पहली बार अपने माता-पिता का चेहरा पहचानने लगे थे। शहर अंधेरे में डूबा रहा और बिजली विभाग “स्थिति पर नजर” रखता रहा। हमारे यहां “स्थिति पर नजर रखना” बहुत महत्वपूर्ण सरकारी काम है। सड़क टूटे—नजर रखो। पुल गिरे—नजर रखो। बिजली जाए—नजर रखो। ऐसा लगता है कि पूरा प्रशासन किसी दूरबीन के सहारे चल रहा है।

सबसे महान संस्था साबित हुआ फ्यूज कॉल सेंटर। जनता फोन लगाती रही और उधर से वही सन्नाटा मिलता रहा, जो चुनाव के बाद जनता को अपने नेता के फोन में मिलता है। कभी-कभी फोन उठ भी गया तो जवाब आया—“टीम काम कर रही है।” यह टीम भारतीय लोकतंत्र की तरह रहस्यमयी होती है। सब उसका नाम लेते हैं, मगर किसी ने उसे काम करते नहीं देखा। फिर मोबाइल पर संदेश आया—“आपकी समस्या का समाधान कर दिया गया है।” यह संदेश पढ़कर अंधेरे में बैठे आदमी के भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा जाग उठी। उसने महसूस किया कि असली रोशनी भीतर होती है। बाहर का अंधेरा तो मोह-माया है। पंखा बंद है, फ्रिज सड़ चुका है, पानी नहीं आ रहा, मच्छर खूनदान शिविर चला रहे हैं, लेकिन विभाग कह रहा है—समस्या हल हो गई। यही डिजिटल इंडिया है।

दरअसल, हमारी बिजली व्यवस्था बहुत भावुक है। हल्की हवा चले तो नाराज हो जाती है। बारिश हो तो बैठ जाती है। पेड़ हिले तो बेहोश हो जाती है। और यदि 95 किलोमीटर की हवा चल जाए, तो फिर पूरा सिस्टम सामूहिक अवकाश पर चला जाता है। मगर सबसे बड़ी कला सरकार की भाषा में है। जनता अंधेरे में तड़प रही होती है और बयान आता है—“बिजली व्यवस्था तेजी से बहाल की जा रही है।” यह “तेजी” इतनी अद्भुत होती है कि कछुआ भी शर्म से इस्तीफा दे दे। सरकारें दावा करती हैं कि हमने गांव-गांव बिजली पहुंचा दी। बिल्कुल पहुंचाई। फिर वापस भी ले ली।

स्थानीय प्रशासन बिजली व्यवस्था को की बुनियादी खामियों को दूर करने के लिए गंभीरता का परिचय देता है, सवाल यह है कि जनता भी आखिर कब तक गंभीर रहे? तीस घंटे बिजली न हो तो आदमी लोकतंत्र से ज्यादा मच्छरों पर विश्वास करने लगता है।

रेलवे स्टेशन से 17 किलो गांजा बरामद, महिला समेत तीन गिरफ्तार


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना कोतवाली, साइबर थाना और रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम ने रायगढ़ रेलवे स्टेशन के सामने पार्किंग क्षेत्र से महिला समेत तीन आरोपियों को भारी मात्रा में गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 17.726 किलोग्राम गांजा और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 1 लाख 79 हजार 500 रुपये बताई गई है।

जानकारी के अनुसार 8 मई 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के सामने पार्किंग क्षेत्र में शिव मंदिर के पास पीपल पेड़ के नीचे तीन संदिग्ध बैग लेकर बैठे हैं और उनके पास मादक पदार्थ गांजा मौजूद है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सिद्धांत गोन्डा, कश्यप साहनी और चंद्रिका साहनी के रूप में बताई। तीनों आरोपी ओडिशा के कंधमाल जिले के रहने वाले हैं।

तलाशी के दौरान एक बैग से 6.382 किलो, ट्रॉली बैग से 8.084 किलो और दूसरे बैग से 3.304 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो कीपैड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा ओडिशा के कंधमाल जिले से खरीदकर मध्यप्रदेश के खुरई में बेचने ले जा रहे थे। रायगढ़ पहुंचने के बाद वे आगे जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे। आरोपियों के पास गांजा परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। थाना कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर महिला से 1.04 करोड़ की साइबर ठगी


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक महिला को पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का भय दिखाकर 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी। पुलिस के अनुसार प्रकरण में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत धारा 318(4), 308(6), 3(5) बीएनएस और 66C, 66D आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पीड़िता के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर एक व्यक्ति ने खुद को “संजय PSI” बताकर संपर्क किया। आरोपियों ने महिला को बताया कि उनका नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए महिला को कई घंटों तक कथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया। आरोपियों ने पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर लगातार दबाव बनाते हुए महिला को डराया। यहां तक कहा गया कि यदि उन्होंने परिवार के किसी सदस्य से संपर्क किया तो उनके बेटे और अन्य परिजनों को भी मामले में फंसा दिया जाएगा। विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने महिला को फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी जांच दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आरबीआई नोटिस भी भेजे। लगातार मानसिक दबाव और भय के कारण महिला आरोपियों के झांसे में आ गई।

1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर

आरोपियों ने महिला को अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। अलग-अलग तारीखों में कुल 1,04,80,000 रुपये विभिन्न खातों में जमा कराए गए। इसके बाद भी आरोपियों द्वारा केस खत्म करने के नाम पर अतिरिक्त 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। जब पीड़िता ने पूरी बात अपने पुत्र को बताई, तब मामला सामने आया और साइबर थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई।

तकनीकी जांच में खुला नेटवर्क

साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम कई लेयर बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर की गई थी। बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में रूपेन्द्र सिंह और विशाल सिंह शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे और ठगी की रकम निकालकर अन्य लोगों तक पहुंचाई थी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया है। मामले में अन्य आरोपियों और साइबर नेटवर्क की जांच जारी है।

कलेक्ट्रोरेट में नौकरी लगाने के नाम पर 3.38 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /कोतरारोड़ पुलिस ने कलेक्ट्रोरेट सारंगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने संविदा नियुक्ति कराने का भरोसा दिलाकर युवती से 3 लाख 38 हजार 500 रुपये ऐंठ लिए और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लंबे समय तक गुमराह करता रहा।

पुलिस के अनुसार ग्राम कोतरा निवासी पदिमनी यादव ने 3 अप्रैल 2026 को थाना कोतरारोड़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी भतीजी के माध्यम से उसकी पहचान आरोपी हरीश मिश्रा से हुई थी। आरोपी ने कलेक्ट्रोरेट सारंगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर संविदा नियुक्ति दिलाने का भरोसा देकर 9 फरवरी से 22 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों में नकद और फोन-पे के जरिए कुल 3,38,500 रुपये ले लिए।

जब लंबे समय तक नियुक्ति नहीं हुई तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। इसी दौरान उसने “कॉल मी सर्विसेस” नामक संस्था का एक कथित नियुक्ति पत्र पीड़िता को दिया। पीड़िता जब दस्तावेज लेकर कलेक्ट्रोरेट रायगढ़ पहुंची तो जांच में नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया।

शिकायत के आधार पर थाना कोतरारोड़ में आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। फरारी के दौरान आरोपी के जशपुर में छिपे होने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह अधिकांश रकम खर्च कर चुका है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त रियलमी मोबाइल फोन और 900 रुपये नकद जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले श्रम विभाग रायगढ़ में भृत्य के पद पर कार्यरत रह चुका है और उसके खिलाफ पूर्व में भी शिकायतें रही हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

शुभेंदु अधिकारी ने ली बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ


कोलकाता। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / बंगाल की राजनीति में आज सुबह बड़ा बदलाव हो गया है. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. उन्हें बंगाल के राज्यपाल ने शपथ दिलाई. शुभेंदु ने भवानीपुर में पूर्व सीएम ममता बनर्जी को हराया था. प्रोटोकॉल के हिसाब से ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह का न्योता भेजा गया था. 

शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कोलकाता स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किया गया. इस समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई दिग्गत नेता भी इस शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बने. 

शुभेंदु अधिकारी के साथ-साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक, खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली. 8 मई को अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे जहां शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया था. शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया. इसके बाद शुभेंदु ने कोलकाता में राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की और विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था. 

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 207 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की थी. वहीं, टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमटकर रह गई और उसके 15 सालों के शासन का खात्मा हो गया.


शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने किया ऐलान


कोलकाता।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुनते हुए राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम की घोषणा की।

बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने नई सरकार का एजेंडा स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ और गोतस्करी के मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि “घुसपैठिया मुक्त बंगाल” नई सरकार का प्रमुख संकल्प होगा। शाह ने कहा कि केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश से घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर निकालने का काम किया जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जीत केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, “राष्ट्रीय सुरक्षा में जो सबसे बड़ा छिद्र था, उसे इस जीत ने बंद करने का काम किया है।” शाह ने दावा किया कि अब पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार होने से घुसपैठ और गोतस्करी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

अमित शाह ने कहा कि बंगाल सरकार और केंद्र सरकार मिलकर अंतरराष्ट्रीय सीमा को “अभेद्य दुर्ग” में बदलने का काम करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा ध्रुवीकरण का नहीं बल्कि देश की सुरक्षा का है। गृह मंत्री ने राज्य में राजनीतिक हिंसा और कटमनी प्रथा समाप्त करने का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बंगाल में भय और हिंसा का माहौल बनाया गया था, लेकिन जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर भरोसा जताकर पार्टी को प्रचंड जनादेश दिया है। बीजेपी की इस जीत को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है और शुभेंदु अधिकारी राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री होंगे।

पुलिस ने ध्वस्त किया अंतर्राज्यीय शराब तस्करी का नेटवर्क, तीन आरोपी गिरफ्तार


राजनांदगांव।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  राजनांदगांव पुलिस ने अवैध शराब कारोबार और अंतर्राज्यीय तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मध्यप्रदेश निर्मित 81 बल्क लीटर शराब और एक ओला ईवी स्कूटी जब्त की है। मामले में मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस के मुताबिक जिले में बीते छह माह के दौरान अंतर्राज्यीय शराब तस्करों के खिलाफ यह 10वीं बड़ी कार्रवाई है। इस दौरान करीब 11 लाख रुपये मूल्य की 880 लीटर शराब जब्त की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 7 मई 2026 को पुलिस चौकी मोहारा, थाना डोंगरगढ़ को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम मोहारा निवासी नंदकिशोर वर्मा उर्फ नीतू उर्फ छोटा कट्टी कोटरीछापर रोड स्थित मुढिया नाला के पास भारी मात्रा में अवैध शराब डंप कर बिक्री कर रहा है।

सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही कुछ लोग भागने लगे, जिनमें से तीन आरोपियों को मौके पर पकड़ लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी फरार हो गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शराब को स्वीफ्ट डिजायर कार से मंगाकर बिक्री की जाती थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मध्यप्रदेश निर्मित गोवा व्हिस्की की नौ पेटियां, कुल 450 पौवा यानी 81 बल्क लीटर शराब और एक ओला ईवी स्कूटी क्रमांक CG 08 BB 4537 जब्त की। जब्त मशरुका की कीमत करीब 1 लाख 10 हजार 750 रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपियों में देवव्रत वर्मा, चुम्मन सिन्हा और महेन्द्र वर्मा शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 36 के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार विगत एक माह में जिले में आबकारी एक्ट के 135 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें करीब 147 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।

कलेक्टर ने की जनगणना कर्मियों के कामों की सराहना, मकान सूचीकरण में बिलासपुर अव्वल

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  राष्ट्रीय जनगणना 2026 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को आज मंथन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मालूम हो कि बिलासपुर जिले के सभी 26 जनगणना चार्ज में 100 प्रतिशत एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) में कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा लगभग 18 प्रतिशत क्षेत्रों में कार्य पूर्ण भी किया जा चुका है। कार्य पूर्णता की दिशा में बिलासपुर जिला वर्तमान में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान पर है।

       कलेक्टर ने सभी 26 चार्ज से ऐसे प्रगणकों और सुपरवाइजरों को सम्मानित किया, जिन्होंने कम समय में अधिकाधिक मकानों तक पहुंचकर मकान सूचीकरण का कार्य तेजी और गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया।नगर पंचायत मल्हार के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अनुभव सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्होंने नगर पंचायत मल्हार क्षेत्र का 100 प्रतिशत मकान सूचीकरण मात्र 5 दिनों में पूर्ण कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। इसी प्रकार बिलासपुर तहसीलदार श्री प्रकाश चंद्र साहू को भी उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शन में तहसील स्तर पर 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया गया।

      सम्मानित प्रगणकों में नगर पंचायत मल्हार के नवीन लाल देवांगन (174 मकान), नगर पंचायत बिल्हा के कुलेश्वर साहू (200), तहसील सकरी के संदीप ठाकुर (272), सीपत के तरुण जायसवाल (262), मस्तूरी के संजय कुमार राय (236), पचपेड़ी के ओंकार प्रसाद सेन (222), रतनपुर के जितेंद्र कुमार दीक्षित (162), बिलासपुर तहसील की आशा डेहरिया (278) एवं आशीष पांडे (249), तखतपुर के अजय दास दाहिरे (192), बेलतरा के गोपीचंद राज (266), बोदरी की दीपिका श्रीवास्तव (176), नगर पालिका परिषद बोदरी के आशुतोष पांडे (329) सहित अन्य प्रगणकों को सम्मानित किया गया।

       नगर निगम बिलासपुर के विभिन्न जोनों से भी उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगणकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पांच दिनों के भीतर अपना मकान सूचीकरण कार्य पूर्ण किया। कार्यक्रम में सभी चार्ज के शीर्ष 10 प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए जिसमें प्रगणक शशांक पांडेय का नाम भी शामिल है। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री शिव कुमार बनर्जी तथा सहायक जिला जनगणना अधिकारी श्री झील जायसवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जनगणना कार्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के लिए मैदानी अमले की सराहना की।

ट्रांसपोर्ट नगर में बुलेट सवार बदमाशों का आतंक, लूट और मारपीट के दो आरोपी गिरफ्तार


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / चकरभाठा पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में लूट और मारपीट की वारदात को अंजाम देने वाले बुलेट सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक बुलेट मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। मामले में एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार 29 अप्रैल 2026 की रात ट्रक ड्राइवर सोनू बाजरा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित साहू ढाबा से खाना खाकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की बुलेट मोटरसाइकिल में सवार तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया और मोबाइल फोन तथा पांच हजार रुपये लूटकर फरार हो गए।

इसके कुछ दिन बाद 4 मई को उसी क्षेत्र में गुलशन साहू के साथ आरोपियों ने लोहे की रॉड और बुलेट की चाबी से मारपीट कर दी। घटना में युवक को चोटें आईं। दोनों मामलों में थाना चकरभाठा में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज और हुलिए के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर दो आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर दोनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में राहुल साहू निवासी सिरगिट्टी और एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है। पुलिस ने आरोपियों से एक मोबाइल, 3700 रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

नोट गिनने की मशीन और आईफोन के साथ सटोरिये गिरफ्तार


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे पर शिकंजा कसते हुए रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पांच सक्रिय सट्टा खाईवालों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2.70 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, महंगे मोबाइल फोन समेत लगभग 4.70 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के डिजिटल लेनदेन और तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए हैं।  

ऑफिस में चल रहा था सट्टा

पहली कार्रवाई में पुलिस ने कोतरारोड़ बायपास स्थित आर.एस. ट्रेडिंग कंपनी के कार्यालय में दबिश दी। यहां साकेत सिंघानिया को मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पकड़ा गया। जांच में मोबाइल से बेटिंग आईडी, व्हाट्सएप चैट, यूपीआई लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विवो मोबाइल और आईफोन-13 प्रो जब्त किया।

राशन दुकान से संचालित था नेटवर्क

दूसरी कार्रवाई में पुराना पंजाब नेशनल बैंक के पास एक राशन दुकान में चल रहे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके से रितेश डालमिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने चांदमारी क्षेत्र में दबिश देकर रौनक मोदनवाल और उसकी पत्नी प्रियंका हलवाई को हिरासत में लिया। आरोपियों के पास से आईफोन, विवो और सैमसंग मोबाइल, 2.69 लाख रुपये नकद तथा नोट गिनने की मशीन बरामद की गई।

किराए के मकान से ऑनलाइन बेटिंग

तीसरी कार्रवाई में संजय मैदान रामभांठा क्षेत्र स्थित किराए के मकान में पुलिस ने प्रदीप कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल फोन में क्रिकेट गुरु एप, फोन-पे ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े रिकॉर्ड मिले। पुलिस को करीब 89 हजार रुपये के डिजिटल लेनदेन के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं।

पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपी पिंटू हलवाई की तलाश जारी है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

वाहन रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों की ठगी, फरार आरोपी गिरफ्तार


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस ने वाहन रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले फरार आरोपी को जगदलपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस से बचता फिर रहा था।

पुलिस के अनुसार, चक्रधरनगर थाना क्षेत्र निवासी राकेश कुमार नागवानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2021 में उन्होंने विभिन्न फायनेंस कंपनियों की नीलामी से करीब 50 वाहन, कार, ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन खरीदी थीं। इन पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर आरोपी अजय कुमार पिल्लई उर्फ अज्जु पिल्लई और उसके साथी विपिन साहू ने स्वयं को आरटीओ एजेंट बताकर उनसे संपर्क किया।

आरोपियों ने वाहन पंजीयन शुल्क जमा कराने के नाम पर अलग-अलग माध्यमों से करीब 6 लाख 93 हजार रुपये ले लिए। बाद में कुछ वाहनों के दस्तावेज दिए गए, लेकिन जांच में पता चला कि वाहन प्रार्थी के नाम पर पंजीकृत ही नहीं किए गए थे। जब पीड़ित ने आरटीओ कार्यालय में जानकारी ली तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि शिकायत के बाद आरोपी ने रकम लौटाने के लिए दो चेक दिए थे, जिनमें से एक बाउंस हो गया जबकि दूसरे में गलत जानकारी दी गई थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन तलाश” के तहत फरार आरोपियों की धरपकड़ के दौरान पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर जगदलपुर में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

37 बकरी-बकरा चोरी: दुकान में काटकर बेच रहा था आरोपी


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम सेवार और ग्राम सारधा में हुई 37 नग बकरी-बकरा चोरी मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो चोरी के बकरों को खरीदकर अपनी दुकान में काटकर बेच रहा था।

पुलिस के अनुसार, 15 मार्च 2026 को ग्राम सेवार और ग्राम सारधा से कुल 37 नग बकरी-बकरा चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि चोरी के बकरों को खरीदकर बिक्री करने में एक अन्य आरोपी भी शामिल है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने रहीस उर्फ टीर्रू उर्फ मुंडा खान (25 वर्ष) निवासी चिल्हाटी धनुहार मोहल्ला, थाना सरकंडा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने 10 नग बकरी-बकरा खरीदकर अपनी दुकान में काटकर बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, बकरा-बकरी काटने के औजार, तराजू तथा बिक्री की रकम सहित करीब 63 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

इस मामले में पहले गिरफ्तार आरोपियों में हेमराज उर्फ हेमू उर्फ राहुल साहू और नजीर खान उर्फ मजीद खान शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 11 वकीलों को दिया सीनियर एडवोकेट का दर्जा


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता अधिनियम 1961 तथा हाईकोर्ट ऑफ छत्तीसगढ़ (डिजिग्नेशन ऑफ सीनियर एडवोकेट्स) नियम 2025 के तहत 11 अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर एडवोकेट) के रूप में नामित किया है। इस संबंध में गुरुवार को हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से अधिसूचना जारी की गई।

जारी अधिसूचना के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और पूर्ण न्यायालय (फुल कोर्ट) की स्वीकृति के बाद इन अधिवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्रदान किया गया है। सीनियर एडवोकेट घोषित किए गए अधिवक्ताओं में शैलेंद्र दुबे, रणवीर सिंह मरहास, हमीदा सिद्दीकी, यशवंत ठाकुर, अनूप मजूमदार, नीलाभ दुबे, अमृतो दास, मतीन सिद्दीकी, नौशिना अफरीन अली, अरविंद श्रीवास्तव तथा तरेंद्र कुमार झा के नाम शामिल हैं। 

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय पूर्ण न्यायालय की बैठक में अनुमोदन के बाद लिया गया।

ताड़मेटला हत्याकांड में राज्य सरकार की अपील खारिज, 76 जवान शहीद हुये थे


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ताड़मेटला नक्सली हमले मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है। डिवीजन बेंच ने कहा कि इतने गंभीर और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में भी अभियोजन पक्ष अदालत के सामने कानूनी रूप से मान्य और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि बड़े पैमाने पर जवानों की शहादत वाले इस मामले में जांच एजेंसियां आरोप साबित नहीं कर सकीं। अदालत ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य अधूरे थे और प्रत्यक्ष साक्ष्य का अभाव था, जिसके चलते ट्रायल कोर्ट को आरोपियों को बरी करना पड़ा।

दरअसल राज्य सरकार ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 378(1) के तहत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा द्वारा 7 जनवरी 2013 को दिए गए फैसले को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने ओयामी गंगा समेत अन्य आरोपियों को आईपीसी की धारा 148, 120बी, 396 और शस्त्र अधिनियम व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत आरोपों से बरी कर दिया था।

क्या था ताड़मेटला नरसंहार?

6 अप्रैल 2010 को सीआरपीएफ की 62वीं बटालियन और पुलिस बल एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन पर निकले थे। सुबह ताड़मेटला गांव के जंगल में नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला कर दिया। नक्सलियों ने भारी गोलीबारी और विस्फोटक हमलों के जरिए 76 जवानों को शहीद कर दिया था। हमले के बाद नक्सली जवानों के हथियार भी लूटकर ले गए थे। घटनास्थल के आसपास कई टिफिन बम लगाए गए थे, जिन्हें बाद में निष्क्रिय किया गया। यह घटना देश के सबसे बड़े नक्सली हमलों में से एक मानी जाती है।

हाईकोर्ट ने कहा कि अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, अदालत केवल विश्वसनीय और कानूनी साक्ष्यों के आधार पर ही दोष सिद्ध कर सकती है।

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने रखा पक्ष

राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने कहा, निचली अदालत द्वारा पारित बरी करने का फैसला अवैध और अस्थिर है। निचली अदालत महत्वपूर्ण साक्ष्यों को समझने में विफल रही है, जिसमें आरोपी बरसे लखमा का मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के तहत दिया गया इकबालिया बयान भी शामिल है, जिसमें उसने अन्य आरोपियों के साथ इस अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा, निचली अदालत बम निरोधक दस्ते द्वारा जब्त किए गए पाइप बमों और विस्फोटकों तथा अन्य सहायक सामग्री को भी समझने में विफल रही है। धारा 311 सीआरपीसी के तहत सात घायल सीआरपीएफ जवान, जो चश्मदीद गवाह थे, की जांच के लिए अभियोजन पक्ष के आवेदन को खारिज करना एक गंभीर त्रुटि है, जो मामले को कमजोर करती है।

इस मामले में राज्य सरकार ने निचली अदालत द्वारा आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। राज्य की ओर से महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट ने महत्वपूर्ण साक्ष्यों की अनदेखी की, जैसे— आरोपी बरसे लखमा का धारा 164 सीआरपीसी के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया कथित इकबालिया बयान, बम निरोधक दस्ते द्वारा जब्त पाइप बम, विस्फोटक और अन्य सामग्री, सात घायल सीआरपीएफ जवानों को गवाह के रूप में पेश करने के अभियोजन आवेदन को खारिज करना लेकिन हाई कोर्ट ने जांच और अभियोजन में कई गंभीर कमियां पाईं। अदालत ने कहा— आरोपियों को सीधे हत्या या हमले से जोड़ने वाला कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। किसी प्रत्यक्षदर्शी ने आरोपियों की पहचान नहीं की। धारा 164 का इकबालिया बयान स्वतंत्र साक्ष्यों से पुष्ट नहीं था। विस्फोटक सामग्री घटनास्थल से मिली थी, आरोपियों के कब्जे से नहीं। एफएसएल रिपोर्ट पेश नहीं की गई, इसलिए विस्फोटक होने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला। टीआईपी (Test Identification Parade) नहीं कराई गई। शस्त्र अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति का रिकॉर्ड भी नहीं था।

इन्हीं कारणों से हाई कोर्ट ने कहा कि अभियोजन “उचित संदेह से परे” अपराध साबित नहीं कर सका और राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। आरोपियों की बरी होने की स्थिति बरकरार रखी गई। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को भविष्य में गंभीर अपराधों की जांच अधिक पेशेवर और प्रक्रियात्मक रूप से मजबूत करने की हिदायत दी, ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली पर जनता का भरोसा बना रहे। 

हत्याकांड मामले में पुलिस ने जिन 10 लोगों को आरोपी बनाया था, उन्हें बाद में अदालत से बरी कर दिया गया। आरोपियों की सूची इस प्रकार है—

ओयामी गंगा — पुत्र लखमा, निवासी मिनपा पटेलपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा

माडवी दुला — पुत्र मुक्का, निवासी मिनपा पटेलपारा, चिंतागुफा, सुकमा

पोदियामी हिड़मा — पत्नी माया, निवासी पटेलपारा, चिंतागुफा, सुकमा

ओयामी हिड़मा — पुत्र गंगा, निवासी पटेलपारा, चिंतागुफा, सुकमा

कवासी बुथरा — पुत्र हड़मा, निवासी पटेलपारा, चिंतागुफा, sुकमा

हुर्रा जोगा — पुत्र हड़मा, निवासी मिनपा पटेलपारा, चिंतागुफा, सुकमा

बरसे लखमा — पुत्र भीमा, निवासी कावासीरस मारेपल्ली, चिंतागुफा, सुकमा

मड़कम गंगा — पुत्र मड़कम हड़मा, निवासी गोरगुंडा, चिंतागुफा, सुकमा

राजेश नायक — पिता चिकन राम, निवासी गोरगुंडा, चिंतागुफा, सुकमा

करतम जोगा — पुत्र बंदी, निवासी मिस्मा, चिंतागुफा, सुकमा

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य पेश नहीं कर सका, इसलिए सभी आरोपियों की दोषमुक्ति बरकरार रखी गई।

मितानिन के घर मिला बम बनाने का सामान, महापौर को बम से उड़ाने की धमकी


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र स्थित रावाभाठा इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने एक घर से देसी बम बनाने का सामान बरामद किया। पुलिस ने मौके से विस्फोटक सामग्री, पिस्टल और संदिग्ध सामान जब्त किया है। मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ जब पूछताछ में कांग्रेस नेता और बिरगांव महापौर नंदलाल देवांगन के साले का नाम सामने आया।

जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि रावाभाठा क्षेत्र के एक मकान में संदिग्ध सामग्री रखी गई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मितानिन पुष्पा साहू के घर से बम बनाने का सामान बरामद किया। पूछताछ में पुष्पा साहू ने बताया कि विनय देवांगन नामक व्यक्ति ने उसके घर में बैग रखवाया था। महिला ने पुलिस को बताया कि विनय देवांगन जमीन कारोबारी है और उसी से उन्होंने जमीन खरीदी थी। बैग खोलने पर उसमें पिस्टल और विस्फोटक सामग्री मिली। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी नॉर्थ मयंक गुर्जर ने बिरगांव महापौर नंदलाल देवांगन से भी पूछताछ की। महापौर ने पुलिस को बताया कि विनय देवांगन उसका साला है, लेकिन पिछले करीब 20 वर्षों से दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि विवाद के बाद विनय ने उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी थी।

पुलिस अब फरार आरोपी विनय देवांगन की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस जब्त विस्फोटक सामग्री की जांच कर रही है और पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल जारी है। 


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