शराब के लिए पैसे नहीं देने पर बहन पर हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस ने कोनी थाना क्षेत्र में एक महिला पर कथित रूप से हथौड़ी से हमला करने के आरोप में उसके भाई को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि घटना 24 मार्च की रात की है, जब पीड़िता अपने घर में अकेली थीं। शिकायत के अनुसार, आरोपी भाई नशे की हालत में घर पहुंचा और पैसों को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के दौरान उसने महिला पर हथौड़ी से हमला किया, जिससे उन्हें सिर, हाथ और पीठ पर चोटें आईं। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। 

पुलिस ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया हथौड़ा भी बरामद किया है। पुलिस ने कहा है कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है और आगे की जांच जारी है।

प्याऊ घर: राहगीरों को मिलेगी ठंडे पानी की सुविधा


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा के आदेशानुसार एवं राज्य सचिव बृजेश बाजपेई के मार्गदर्शन में, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बिलासपुर के तत्वावधान में नेहरू चौक स्थित टाउन हॉल के पास, कलेक्ट्रेट के सामने ‘प्याऊ घर’ का शुभारंभ किया गया। 

भारत का एक प्रमुख स्वैच्छिक, गैर-राजनीतिक और शैक्षिक युवा संगठन है, जिसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सेवा की भावना विकसित करना है।

यह ‘प्याऊ घर’ एक माह तक निरंतर सेवा कार्य के रूप में संचालित किया जाएगा, जहां राहगीरों की प्यास बुझाने हेतु ठंडा एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। बढ़ती गर्मी और तेज धूप को ध्यान में रखते हुए प्रारंभ की गई इस जनसेवा पहल का मुख्य उद्देश्य राहगीरों, श्रमिकों एवं आम नागरिकों को राहत प्रदान करना है। शुभारंभ अवसर पर स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्य, अधिकारीगण, शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सभी ने इस सराहनीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

बारातियों और ग्रामीणों के बीच हिंसक संघर्ष, दो की हालत गंभीर


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के तखतपुर क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान डीजे के शोर में नाचने को लेकर शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है । घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है, इधर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात ग्राम मोढ़े से एक बारात ग्राम कुंआ पहुंची थी। समारोह के दौरान डीजे पर नृत्य को लेकर बारातियों और स्थानीय युवकों के बीच कथित तौर पर कहासुनी हुई, जो बाद में बढ़कर झड़प में बदल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। इसके बाद बारातियों और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं।

घटना के दौरान बारात में शामिल कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि इस घटना में दो व्यक्तियों—विनय पटेल और पंकज पटेल—को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों के लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

घरेलू विवाद के बाद महिला पर हमले का आरोप, भाई के खिलाफ मामला दर्ज


बिलासपुर ।
  TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस के अनुसार, बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र में एक महिला पर उसके भाई द्वारा कथित रूप से हथौड़ी से हमला करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता, जो देवनगर इलाके की निवासी हैं और निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, ने बताया कि 24 मार्च की रात उनका भाई नशे की हालत में घर पहुंचा और उनसे पैसों की मांग करने लगा।

शिकायत के मुताबिक, पैसे नहीं देने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद उनके भाई ने उन पर हथौड़ी से हमला किया, जिससे उन्हें सिर, हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। पुलिस का कहना है कि महिला को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पहले भी शराब के लिए पैसे मांगने को लेकर उनके साथ मारपीट कर चुका है। कोनी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है।

युवा इनोवेटर: दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए पेश की 'Navinaut' और 'SignX' तकनीक


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /   यूनिसेफ (UNICEF) द्वारा सम्मानित 'ग्लोबल यूथ इनोवेटर' और 'एलियन इनोवेशंस' के 21 वर्षीय संस्थापक रवि किरण ने छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव से मुलाकात की। इस मुलाक़ात में उनके साथ स्टार्टअप में ऑपरेशंस और पार्टनरशिप की जिम्मेदारी संभाल रहीं हर्षिता भी उपस्थित थीं। विशेष बात यह है कि ये दोनों ही युवा अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ इस नवाचार के जरिए समाज में बदलाव ला रहे हैं। 

इस अहम मुलाक़ात का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों (PWDS) को सशक्त बनाने और उनके दैनिक जीवन को अधिक स्वतंत्र व सुलभ बनाने के लिए विकसित किए गए अत्याधुनिक उपकरणों— 'नेविनॉट' (Navinaut) और 'साइनएक्स' (SignX)— का प्रदर्शन करना था।

बैठक के दौरान सचिव श्री यादव के समक्ष इन 'मेड इन इंडिया' तकनीकों की कार्यप्रणाली और हजारों दिव्यांगों के जीवन में इनके सकारात्मक प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई। रवि ने दृष्टिबाधित लोगों के लिए भारत का पहला टॉर्च के आकार का कॉम्पैक्ट सहायक उपकरण 'नेविनॉट' प्रस्तुत किया। यह उपकरण बिना पारंपरिक छड़ी के बाधा-मुक्त और सुरक्षित रूप से चलने में मदद करता है। इसमें सटीक रूप से बाधाओं का पता लगाने के लिए एडवांस्ड लिडार (LiDAR) सेंसर और अलर्ट के लिए टैक्टाइल वाइब्रेशन की सुविधा है। इसके साथ ही श्रवण एवं वाक् बाधित (मूक-बधिर) व्यक्तियों के लिए 'साइनएक्स' (SignX) का भी प्रदर्शन किया गया। यह स्मार्ट डेस्क-आधारित एआई (AI) उपकरण बिना किसी दुभाषिए के रीयल-टाइम संवाद को संभव बनाता है। यह 97.6 प्रतिशत सटीकता के साथ सांकेतिक भाषा को पहचानकर उसे तुरंत आवाज में बदल देता है, और 'स्पीच-टू-टेक्स्ट' फीचर के जरिए सामने वाले की बातों को स्क्रीन पर दिखाता है।

समाज कल्याण सचिव श्री भुवनेश यादव ने इन नवाचारों की गहरी सराहना करते हुए बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक के माध्यम से दिव्यांगजनों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना शासन की प्राथमिकताओं में से एक है। श्री यादव ने इन उपकरणों की व्यावहारिक उपयोगिता को देखते हुए भविष्य में इन्हें प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक स्थानों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों व शिक्षण संस्थानों में इनके उपयोग की संभावनाओं पर भी सार्थक विचार-विमर्श किया। यह बैठक तकनीकी नवाचारों और सरकारी प्रयासों के समन्वय से दिव्यांग समुदाय के लिए एक समावेशी, समान और सुलभ वातावरण तैयार करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।


नारायण टेक्नोक्रेट स्कूल: फीस और बोर्ड पैटर्न को लेकर विवाद, NSUI का प्रदर्शन

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर में स्थित नारायण टेक्नोक्रेट स्कूल एक बार फिर विवादों में है, जहां छात्र संगठन एनएसयूआई ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इस विरोध में संगठन ने प्रतीकात्मक रूप से नोटों से भरा बैग स्कूल के बाहर रखकर फीस और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।

प्रदर्शन नेहरू नगर स्थित स्कूल परिसर के बाहर किया गया। एनएसयूआई नेताओं का आरोप है कि स्कूल ने पूरे सत्र के दौरान अभिभावकों को सीबीएसई पैटर्न के नाम पर फीस लेने के बावजूद वास्तविकता में उसे लागू नहीं किया। उनका कहना है कि सत्र के अंत में छात्रों को छत्तीसगढ़ बोर्ड की परीक्षा में शामिल किया गया, जिससे अभिभावकों और छात्रों को भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ा।

एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने कहा कि मामला केवल फीस का नहीं, बल्कि भरोसे का है। उनके अनुसार, जिस आधार पर अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला कराया, वही शर्तें सत्र के अंत तक बदल दी गईं। संगठन ने मांग की है कि सीबीएसई के नाम पर ली गई अतिरिक्त फीस वापस की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई ने 12 बिंदुओं पर आधारित एक प्रश्नावली भी जारी की, जिसमें स्कूल की मान्यता और संबद्धता की समय-रेखा पर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का कहना है कि यदि प्रवेश प्रक्रिया मान्यता और संबद्धता से पहले शुरू हुई थी, तो उस दौरान सीबीएसई पैटर्न के नाम पर फीस लेने का आधार क्या था। हालांकि, इन आरोपों पर स्कूल प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1.5 लाख रुपये की ठगी का आरोप, युवक गिरफ्तार


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /   जिले में पुलिस ने कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने के एक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे देने के लिए मजबूर किया गया। 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि 28 अगस्त 2025 की रात उसे अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क किया गया और यूपीआई के जरिए कुल 1 लाख 50 हजार 400 रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने साइबर सेल की मदद से लेन-देन और मोबाइल नंबरों से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में आरोपी की लोकेशन उत्तर प्रदेश के नोएडा में मिली, जिसके बाद एक टीम वहां भेजी गई। पुलिस का कहना है कि स्थानीय पुलिस की सहायता से 21 वर्षीय गुरजीत कुमार को नोएडा के सेक्टर-7 इलाके से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर 25 मार्च 2026 को अदालत में पेश किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एक ऐसे गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो लोगों को ऑनलाइन जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करता है, हालांकि इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अजनबियों के साथ निजी जानकारी या सामग्री साझा करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उद्योगों की जिम्मेदारी : संभागायुक्त


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा पं. देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में आयोजित एकदिवसीय औद्योगिक सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, आईएचएस के संचालक श्री मनीष श्रीवास्तव ने संबोधित किया। कार्यशाला में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के डिप्टी डायरेक्टर विजय कुमार सोरी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधन एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्र की स्पॉन्ज आयरन फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना था। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संभागायुक्त श्री सुनील जैन ने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों का उद्देश्य केवल लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि देश के विकास में योगदान देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। दुर्घटनाएं भले ही क्षणिक होती हैं, लेकिन उनके दुष्परिणाम लंबे समय तक प्रभावित करते हैं। इसलिए औद्योगिक इकाइयों में जोखिम की पहचान कर समय रहते उचित प्रबंधन, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की स्थापना, नियमित प्रशिक्षण एवं मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि उद्योग देश के विकास और रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम हैं, लेकिन किसी भी दुर्घटना से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि संस्थान की साख भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन और श्रमिकों के सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षित कार्य वातावरण निर्मित किया जा सकता है। श्रमिकों को नियमित प्रशिक्षण देने, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने तथा उनमें स्वामित्व की भावना विकसित करने पर उन्होंने विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना गंभीर घटनाओं को जन्म देता है, जिसमें मानव लापरवाही प्रमुख कारण होती है। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने तथा किसी भी घटना की स्थिति में उसे छुपाने के बजाय तत्काल प्रशासन को सूचित करने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों द्वारा सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर प्रस्तुतियां दी गईं तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से श्रमिकों एवं प्रबंधन को जागरूक किया गया। पावर पॉइंट प्रस्तुति एवं संवादात्मक सत्रों के जरिए प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में सुरक्षा की शपथ भी ली गई। इस आयोजन के माध्यम से औद्योगिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।

बर्ड फ्लू नियंत्रण में प्रशासन सक्रिय : 22 हजार से अधिक पक्षियों का नष्टीकरण


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही पशु चिकित्सा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा विभाग बिलासपुर के निर्देशन में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर प्रभावित क्षेत्र में तत्काल कार्रवाई की गई।

टीम द्वारा संक्रमित एवं संदिग्ध क्षेत्र में मौजूद शेष बचे कुल 22,808 पक्षियों, 25,896 अंडों तथा लगभग 79 क्विंटल दाने का वैज्ञानिक विधि से नष्टीकरण किया गया, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। यह कार्रवाई शासन के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सावधानीपूर्वक की गई।

जिला प्रशासन द्वारा स्थिति की सतत निगरानी के लिए कलेक्टोरेट परिसर में बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। आमजन से अपील की गई है कि बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना, संदेह या मृत पक्षियों की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम के लैंडलाइन नंबर 07752-251000 पर दें।

संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा विभाग डॉक्टर जीएसएस तंवर ने बताया कि जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है और पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पोल्ट्री फार्मों की निगरानी बढ़ा दी गई है तथा संक्रमण प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही पर भी नियंत्रण रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय रहते उठाए गए इन कदमों से बर्ड फ्लू के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी और जागरूकता बनाए रखने की जरूरत है।

हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौटे पापाराव, 17 कैडरों के साथ आत्मसमर्पण


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चल रही ‘पूना मारगेम’ पुनर्वास पहल के तहत बुधवार को 18 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की दिशा में एक और संकेत है। यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम जगदलपुर के लालबाग स्थित शौर्य भवन में आयोजित किया गया, जहां पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और स्थानीय टीम के सदस्य मौजूद थे।

पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े पापा राव के अलावा डिविजनल स्तर के नेता प्रकाश मड़वी और अनिल ताती भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी लंबे समय से सक्रिय कैडर रहे हैं। आत्मसमर्पण के दौरान कैडरों ने एके-47, एसएलआर, इंसास राइफल, .303 राइफल और बीजीएल लॉन्चर सहित कई हथियार सुरक्षा बलों के हवाले किए।

अधिकारियों ने बताया कि ‘पूना मारगेम’ पहल का उद्देश्य उन लोगों को हिंसा के रास्ते से हटाना है, जो माओवादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं, और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाकर बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वालों के फैसले का स्वागत किया और कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें आर्थिक और सामाजिक सहायता दी जाएगी।

हाल के महीनों में बस्तर क्षेत्र में आत्मसमर्पण की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। सुरक्षा बल इसे अपनी रणनीति की सफलता के रूप में देखते हैं, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक शांति के लिए पुनर्वास के साथ-साथ विकास और स्थानीय विश्वास बहाली भी जरूरी होगी। 

बीजापुर और बस्तर संभाग में पिछले कुछ समय से आत्मसमर्पण की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2024 से अब तक 2,700 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। राज्य सरकार इसे अपनी पुनर्वास नीति और सुरक्षा अभियानों की सफलता के रूप में देखती है, जबकि कुछ विश्लेषकों का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए विकास, विश्वास और स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी। 



जग्गी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट में दोबारा शुरू हुई प्रक्रिया, 1 अप्रैल को अंतिम बहस तय


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब इस मामले की सुनवाई दोबारा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में शुरू हो चुकी है। अदालत ने अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की है।

मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस अपील को स्वीकार किया, जिसमें मामले की दोबारा समीक्षा की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि केस के तथ्यों और सबूतों पर फिर से विस्तार से विचार किया जाना आवश्यक है। इससे पहले, अप्रैल 2024 में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए 28 आरोपियों को दी गई उम्रकैद की सजा को सही ठहराया था। उस फैसले को इस लंबे समय से चल रहे मामले में एक अहम पड़ाव माना गया था।

रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को दिनदहाड़े गोली मारकर की गई थी। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक प्रमुख नेता थे। इस घटना ने उस समय राज्य की राजनीति में व्यापक प्रतिक्रिया पैदा की थी और इसे छत्तीसगढ़ के चर्चित आपराधिक मामलों में गिना जाता है। मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू अमित जोगी से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील पर भी सुनवाई की अनुमति दी है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट में होने वाली अंतिम सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस लंबे समय से चले आ रहे मामले में आगे की दिशा तय होने की संभावना है।

दीवार में छुपाकर रखा गया था हाथी दांत; डीएनए जांच के लिए देहरादून भेजा जाएगा, तीन आरोपी गिरफ्तार


गरियाबंद।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  ज़िले में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने वन्यजीव तस्करी के एक मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से एक हाथी का दांत और शिकार से जुड़े कई उपकरण बरामद किए गए हैं। वन विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई एक गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना में कहा गया था कि कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र का एक व्यक्ति जंगली हाथी का दांत अपने पास रखे हुए है और उसे बेचने की कोशिश कर रहा है।

इसके बाद सहायक संचालक के निर्देशन में गठित टीम ने संदिग्ध के घर और आसपास की तलाशी ली। तलाशी के दौरान अधिकारियों को एक हाथी का दांत बरामद हुआ, जिसे कथित तौर पर आरोपी ने अपने घर की दीवार में छुपाकर रखा था। विभाग का कहना है कि यह दांत पिछले चार वर्षों से वहां छिपा हुआ था। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक आरोपी का पहले भी वन्यजीव अपराधों से जुड़ा रिकॉर्ड सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, वह हाल ही में सांभर के शिकार से जुड़े एक मामले में जमानत पर बाहर था और उसी दौरान इस मामले में कथित रूप से शामिल पाया गया।

वन विभाग ने आरोपियों के पास से दो धनुष, कई तीर, पक्षियों के शिकार में इस्तेमाल होने वाला विशेष उपकरण, गुलेल और अन्य सामग्री भी जब्त की है। अधिकारियों का कहना है कि यह सामग्री शिकार की गतिविधियों में इस्तेमाल की जा सकती है। पूछताछ के दौरान एक आरोपी ने दावा किया कि हाथी का दांत उसे 2021 में एक अन्य व्यक्ति से मिला था, जिसकी 2022 में हाथी-मानव संघर्ष के दौरान मौत हो गई थी। हालांकि, वन विभाग ने इस दावे पर संदेह जताया है।

अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए हाथी दांत के नमूने को डीएनए जांच के लिए देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजा जा रहा है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि यह दांत किस हाथी का है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई थी। वन विभाग का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। 

VIDEO: 13 साल की खामोशी के बाद हरीश राणा को अंतिम विदाई


नई दिल्ली।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  दिल्ली के ग्रीन पार्क में बुधवार सुबह एक ऐसे जीवन को अंतिम विदाई दी गई, जो 13 वर्षों से अस्पताल के बिस्तर और मशीनों के बीच ठहरा हुआ था। हरीश राणा—एक नाम, जो कभी सपनों, पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं से जुड़ा था, अब स्मृतियों में बदल गया है।

हरीश 2013 में एक हादसे के बाद कोमा में चले गए थे। पंजाब विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे इस छात्र के जीवन की दिशा एक पल में बदल गई, जब वह हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए। सिर में आई गंभीर चोट ने उन्हें ऐसी खामोशी में धकेल दिया, जहां से वे फिर कभी लौट नहीं सके।

“सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार… ॐ शांति ॐ…” —तो यह केवल सूचना नहीं थी, बल्कि 13 साल लंबे एक संघर्ष के अंत की घोषणा थी। 

इन 13 वर्षों में बहुत कुछ बदला—मौसम, शहर, लोग—लेकिन हरीश की स्थिति वैसी ही बनी रही। उनके लिए समय जैसे थम गया था, जबकि उनके परिवार के लिए हर दिन एक लंबा इंतज़ार बनता चला गया। उम्मीद और असहायता के बीच झूलता यह इंतज़ार आखिरकार एक कठिन निर्णय पर आकर ठहरा।

11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी। इसके बाद दिल्ली के एम्स में डॉक्टरों की देखरेख में उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से हटाया गया। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि उन्हें किसी प्रकार की पीड़ा न हो—दवाओं के सहारे उन्हें शांति दी गई। 

उनके पिता अशोक राणा ने जब व्हाट्सऐप समूह में एक संक्षिप्त संदेश लिखा— “सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार… ॐ शांति ॐ…” —तो यह केवल सूचना नहीं थी, बल्कि 13 साल लंबे एक संघर्ष के अंत की घोषणा थी। यह संदेश पढ़ते ही कई लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल शब्दों से परे था। परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग—सभी एक ऐसे जीवन को विदा कर रहे थे, जो जीते हुए भी जैसे कहीं ठहर गया था। 

13 साल तक उनका परिवार उम्मीद में जीता रहा—हर दिन एक चमत्कार का इंतजार। लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो यह इंतजार धीरे-धीरे असहनीय पीड़ा में बदल गया।

भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु को सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ मान्यता दी है। लेकिन हर ऐसा मामला केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं होता—यह एक परिवार की पीड़ा, उम्मीद और अंततः स्वीकृति की कहानी भी होता है। हरीश राणा की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन अनगिनत अनकहे सवालों की है, जो जीवन और मृत्यु के बीच की उस पतली रेखा पर खड़े होकर पूछे जाते हैं— क्या कभी-कभी विदाई ही सबसे शांतिपूर्ण उत्तर होती है? 

बिलासपुर में बर्ड फ्लू अलर्ट: कई वार्डों को इन्फेक्टेड व सर्विलांस जोन घोषित


बिलासपुर। 
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) की पुष्टि के बाद प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। कोनी इलाके में स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में 19 से 24 मार्च के बीच करीब 4400 मुर्गियों की मौत हुई, जिसके बाद जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है और सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है।

कितना बड़ा है खतरा?

जिला प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर दायरे को ‘संक्रमित क्षेत्र’ और 10 किलोमीटर तक के इलाके को ‘सर्विलांस जोन’ घोषित किया है। इस पूरे क्षेत्र में मुर्गियों, अंडों और चारे की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के प्रतिबंध संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी होते हैं, क्योंकि एवियन इन्फ्लुएंजा तेजी से फैलने वाला वायरस है।

क्या कार्रवाई की गई है?

प्राथमिक जांच में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद सभी प्रभावित पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट (कुलिंग) कर दिया गया है। पोल्ट्री फार्म को सील कर छह महीने तक खाली रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि संक्रमण पूरी तरह खत्म हो सके। मृत पक्षियों के नमूनों की जांच भोपाल और पुणे की प्रयोगशालाओं में की गई, जिनमें से भोपाल लैब ने संक्रमण की पुष्टि की है।

इंसानों के लिए कितना जोखिम?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल किसी भी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं। पोल्ट्री फार्म के कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों को एहतियातन आइसोलेशन में रखा गया है और निगरानी की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। पशुपालन विभाग ने 21 दिनों तक चिकन का सेवन न करने की अपील की है। 

प्रशासन क्या कह रहा है?

पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. जी.एस. तंवर के मुताबिक, सभी जरूरी प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

मैदान पर निगरानी और सख्ती

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन में आवाजाही पर सख्त नियंत्रण, लगातार सैंपलिंग, सैनिटाइजेशन और संक्रमित पक्षियों के सुरक्षित निपटान के निर्देश दिए हैं। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाहों पर रोक लगाने और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।

बर्ड फ्लू: क्यों जरूरी है सतर्कता?  

बर्ड फ्लू एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करती है, लेकिन कुछ मामलों में यह अन्य जानवरों और इंसानों तक भी पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती स्तर पर सख्त कदम उठाने से इसके बड़े प्रकोप में बदलने की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष: नियंत्रण में स्थिति, लेकिन सतर्कता जरूरी

बिलासपुर में बर्ड फ्लू का यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन शुरुआती स्तर पर उठाए गए कदम संक्रमण को सीमित रखने में मददगार हो सकते हैं।हालांकि, आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, यह निगरानी, जागरूकता और नियमों के पालन पर निर्भर करेगा। 

मां महामाया दर्शन के लिए विशेष यातायात व्यवस्था, आज शाम 4 बजे से भारी वाहनों की एंट्री बंद


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / नवरात्रि के दौरान रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष यातायात प्रतिबंध लागू किए हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर आज 25 मार्च को शाम 4 बजे से श्रद्धालुओं के आवागमन वाले प्रमुख मार्गों पर भारी और मध्यम वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था विशेष रूप से सप्तमी और अष्टमी की रात को संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए की गई है, ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम और सुरक्षित बना रहे।

किन मार्गों पर रहेगा असर

जारी योजना के अनुसार, शहर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को चिल्हाटी मोड़, अशोक नगर चौक, गुरुनानक चौक, गुम्बर पेट्रोल पंप, मंगला चौक और महाराणा चौक के पास रोका जाएगा। इसी तरह रायपुर मार्ग से आने वाले वाहनों को सेंदरी अरपा पुल के पास, कोरबा की ओर से आने वालों को ग्राम कर्रा के पास, और गौरेला-पेंड्रा मार्ग से आने वाले वाहनों को सिल्ली मोड़ पर रोका जाएगा। कोटा मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए लखनी मोड़ पर प्रतिबंध लागू रहेगा।

सुरक्षा और निगरानी के इंतज़ाम

पुलिस के अनुसार, मार्गों पर पर्याप्त संख्या में यातायात और पुलिस बल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पेट्रोलिंग टीम, फिक्स पॉइंट, एम्बुलेंस और क्विक रिस्पॉन्स टीम को भी सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि नशे में वाहन चलाने, तेज़ रफ्तार या लापरवाही से ड्राइविंग करने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से अपील

प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान संयम और धैर्य बनाए रखें, यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध या असामाजिक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर 9479193099 जारी किया गया है।

क्या कहते हैं संकेत?

हर साल नवरात्रि के दौरान रतनपुर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में ट्रैफिक प्रबंधन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि समय से पहले लगाए गए इस तरह के प्रतिबंध भीड़ नियंत्रण और दुर्घटनाओं को कम करने में मददगार हो सकते हैं, हालांकि इनका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि नियमों का पालन कितनी सख्ती से कराया जाता है।

विश्व क्षय दिवस पर जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में विविध जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएमएचओ कार्यालय से मितानिनों एवं विभिन्न सहयोगी संगठनों के साथ एक व्यापक जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली को सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल एवं जिला क्षय अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर राज्य में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के 100 दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई। केंद्र स्तर पर इस अभियान का शुभारंभ शाम 5 बजे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा किया गया। जिले में कार्यक्रम का आयोजन मंथन सभा कक्ष में किया गया। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति की सभापति श्रीमती अरुणा सूर्या, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल, जिला क्षय अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी मौजूद रही।  कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों को सम्मानित किया गया। उन्हें पुष्प गुच्छ, प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट की गई। प्रथम वर्ष टीबी मुक्त हुई पंचायतों को कांस्य रंग की प्रतिमा तथा लगातार दो वर्ष टीबी मुक्त रहने वाली पंचायतों को सिल्वर रंग की प्रतिमा प्रदान की गई। वर्ष 2025 में बिलासपुर जिले की 62 पंचायतें पहली बार और 20 पंचायतें दूसरी बार टीबी मुक्त घोषित की गई हैं। 

कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने जिले में संचालित टीबी उन्मूलन कार्यों की सराहना करते हुए निरंतर प्रगति बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला क्षय अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी ने टीबी रोग एवं प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही अन्य अतिथियों ने भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनसहयोग बढ़ाने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया। 

पापा राव समेत 18 माओवादी कैडर सरेंडर, ज़मीन पर क्या होगा असर ?


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। पुलिस के अनुसार, साउथ सब जोनल ब्यूरो के इंचार्ज पापा राव सहित कुल 18 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) स्तर के नेता प्रकाश मड़वी और अनिल ताती भी शामिल हैं। इस समूह में सात महिला कैडर भी हैं।

पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण के दौरान कैडरों ने AK-47 राइफल सहित अन्य हथियार भी जमा किए हैं। यह आत्मसमर्पण राज्य की पुनर्वास नीति के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को मुख्यधारा में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अधिकारियों ने दावा किया है कि इस घटनाक्रम के बाद दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन नेतृत्व के स्तर पर काफ़ी कमजोर हुआ है। हालांकि, स्वतंत्र रूप से इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुलिस को उम्मीद है कि इस कदम के बाद अन्य सक्रिय कैडर भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कुछ माओवादी छोटे-छोटे समूहों में अब भी सक्रिय हैं। 

क्या है दंडकारण्य का महत्व?

दंडकारण्य क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का प्रमुख गढ़ माना जाता रहा है। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में फैला यह क्षेत्र सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नेतृत्व स्तर पर इस तरह के आत्मसमर्पण से संगठन की रणनीतिक क्षमता पर असर पड़ सकता है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसका वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

ड्रोन तकनीक से अवैध अफीम खेती पर बड़ी कार्रवाई, SSP की चेतावनी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा


रायगढ़। 
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि ड्रोन तकनीक की मदद से पिछले 72 घंटों में तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अफीम की अवैध खेती के एक व्यापक नेटवर्क का खुलासा किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में ड्रोन सर्वेक्षण की अहम भूमिका रही, जिससे दुर्गम और वन क्षेत्रों में भी निगरानी संभव हो सकी। पारंपरिक तरीकों से जिन इलाकों तक पहुंचना मुश्किल था, वहां अब तकनीक के जरिए सटीक लोकेशन चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

19 मार्च को तमनार क्षेत्र के आमाघाट में हुई कार्रवाई में सब्जी की खेती की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। यहां से 60 हजार से अधिक पौधे बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को गिरफ्तार किया गया। मौके पर फसल को नष्ट करने के लिए जेसीबी और रोटावेटर का इस्तेमाल किया गया। 

इसके बाद 23 मार्च को लैलूंगा क्षेत्र के नवीन घटगांव में ड्रोन और भौतिक सर्वे के दौरान एक और मामला सामने आया। यहां साग-भाजी की खेती के बीच अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस ने आरोपी सादराम नाग को गिरफ्तार कर फसल जब्त की। इसी कार्रवाई के दौरान अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल भी बरामद की गई, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया। मुड़ागांव में भी ड्रोन से मिले इनपुट के आधार पर जांच की गई, जहां तानसिंह नागवंशी से पूछताछ के बाद संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले। उसके घर से पौधों के सूखे अवशेष बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। 

प्रशासन के अनुसार, इस अभियान के तहत खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ समेत कई क्षेत्रों के गांवों में ड्रोन के जरिए निगरानी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से न केवल अवैध गतिविधियों की पहचान तेजी से हो रही है, बल्कि कार्रवाई भी अधिक प्रभावी और समयबद्ध बन रही है। 

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत किया जा रहा है। वहीं, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने चेतावनी दी कि मादक पदार्थों की खेती में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी दें, ताकि तकनीक और जनसहयोग के माध्यम से जिले को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को और मजबूत किया जा सके। 

VIDEO: संडे मार्केट में मारपीट का वीडियो वायरल, पर्स चोरी के शक से शुरू हुआ विवाद


बिलासपुर।
शहर में रिवर व्यू स्थित संडे मार्केट में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत पर्स चोरी के संदेह को लेकर हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झगड़े में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले मामूली कहासुनी हुई, लेकिन जल्द ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान युवक और युवतियां दोनों ही एक-दूसरे पर हमला करते नजर आए। वीडियो में कुछ युवतियां एक-दूसरे के बाल खींचती दिखाई देती हैं, जबकि युवक लात-घूंसे चलाते नजर आते हैं। 

मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। वायरल वीडियो में घटना का पूरा दृश्य साफ तौर पर देखा जा सकता है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे से भिड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, यदि इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वीडियो के वायरल होने के बाद इस घटना को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। 

सड़क हादसे में महिला की मौत, पति गंभीर; ईद मनाकर घर लौट रहा था परिवार


कोरबा।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के पाली थाना क्षेत्र में रविवार शाम हुए एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब परिवार ईद मनाकर बिलासपुर से वापस लौट रहा था।

पुलिस के अनुसार, मानिकपुर बस्ती निवासी 39 वर्षीय शबीना तरन्नुम अपने पति शेख सद्दाम (40) और दो बेटियों के साथ बाइक से कोरबा लौट रही थीं। पाली मुख्य मार्ग पर चलते समय बाइक से कुछ सामान सड़क पर गिर गया। इसे उठाने के लिए जैसे ही शबीना सड़क पर उतरीं, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार भारी वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना गंभीर था कि शबीना तरन्नुम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, वाहन की चपेट में आने से उनके पति शेख सद्दाम भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के समय दंपति की दोनों बेटियां भी साथ थीं, हालांकि वे सुरक्षित बच गईं। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बच्चियों की सोमवार को परीक्षा थी, जिसके चलते परिवार रविवार को ही वापस लौट रहा था। 

हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शबीना तरन्नुम का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पाली थाना प्रभारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और फरार वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास जारी है। यह हादसा एक ऐसे समय हुआ जब परिवार त्योहार की खुशियों के साथ घर लौट रहा था। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, और ईद की खुशी पल भर में मातम में बदल गई।

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