मुंगेली। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में एक सेवानिवृत्त लेखापाल की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे संपत्ति विवाद और पारिवारिक रंजिश मुख्य वजह रही। पुलिस ने बताया कि 62 वर्षीय दामोदर राजपूत 21 मार्च को अपने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनके भाई ने थाना लालपुर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को उस रास्ते पर उनकी मोटरसाइकिल मिली, जहां से वे गुजरे थे। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और एक संदिग्ध कार को चिन्हित किया, जो मृतक के पीछे-पीछे चलती दिखाई दी।
पुलिस के मुताबिक, कार के मालिक तक पहुंचने के बाद पूछताछ में पता चला कि वाहन किराए पर लिया गया था। इस आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में हत्या की साजिश का खुलासा किया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर इस घटना को अंजाम दिया। मृतक को एक धार्मिक कार्यक्रम के बहाने बुलाया गया और सुनसान रास्ते में उनकी गाड़ी रोककर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को दूसरे जिले में ले जाकर जंगल क्षेत्र में दफना दिया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे करोड़ों रुपये की जमीन और अन्य संपत्तियों को लेकर विवाद था। जांच में सामने आया है कि मृतक के कुछ रिश्तेदारों ने कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या करवाई। मामले की जांच के दौरान यह भी पता चला कि परिवार के भीतर पहले से विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में संलिप्त 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार नाबालिगों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद किए हैं। इनमें मुख्य आरोपी संजय यादव से एक टाटा स्पेशियो गोल्ड वाहन और कथित सुपारी की रकम 84,000 रुपये शामिल है। इसके अलावा, एक नाबालिग के पास से 12,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने देवराज साहू के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई ईऑन कार, एक नाबालिग से मोटरसाइकिल और एक अन्य आरोपी प्रिंस के पास से स्कूटी भी जब्त की है।
गिरफ्तार आरोपी -
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम इस प्रकार हैं:
रणजीत सिंह राजपूत (55 वर्ष), निवासी झाफल, थाना लोरमी — मृतक के भाई
पालेश्वर राजपूत (50 वर्ष), निवासी झाफल, थाना लोरमी — मृतक के भाई रणजीत का साला
रामपाल सिंह राजपूत (53 वर्ष), निवासी लोरमी — मृतक का चचेरा भाई
पराग सिंह राजपूत (49 वर्ष), निवासी झाफल — मृतक के भाई का पुत्र
हेमंत राजपूत (26 वर्ष), निवासी झाफल — मृतक के भाई का पुत्र
अजय राजपूत (26 वर्ष), निवासी सारधा — मृतक का भांजा
संजय यादव (37 वर्ष), निवासी झाफल, थाना लोरमी
श्रवण उर्फ प्रिंस गोई (18 वर्ष), निवासी जवाहर वार्ड, मुंगेली
योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर (लगभग 18 वर्ष), निवासी कालीमाई वार्ड, मुंगेली
देवराज साहू उर्फ दद्दु उर्फ देवकुमार (23 वर्ष), निवासी झझपुरीकला, लोरमी
आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु (20 वर्ष), निवासी बस स्टैंड, लोरमी
इसके अलावा, पुलिस ने इस मामले में चार नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है, जिन्हें विधि के अनुसार बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
















