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25 वर्षों के बाघ संरक्षण कार्यों के लिए उपेन्द्र कुमार दुबे सम्मानित, उपमुख्यमंत्री ने किया सम्मान

मुंगेली।  TODAY छत्तीसगढ़  / विश्व बाघ दिवस के अवसर पर अचानकमार टाइगर रिजर्व के शिवतराई में आयोजित जनजागरूकता एवं संरक्षण कार्यक्रम में WWF-India के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी उपेन्द्र कुमार दुबे को बाघ, वन्यजीव एवं जैवविविधता संरक्षण के क्षेत्र में 25 वर्षों के योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। विज्ञप्ति में बताया गया है कि उपेन्द्र कुमार दुबे पिछले 25 वर्षों से मध्य भारत के विभिन्न संरक्षित वन क्षेत्रों एवं टाइगर रिजर्वों में वन्यजीव संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने अचानकमार, कान्हा, बांधवगढ़, संजय-डुबरी, पेंच, वीरांगना रानी दुर्गावती, उदंती-सीतानदी तथा गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व सहित अनेक संरक्षित क्षेत्रों में बाघ संरक्षण, जैवविविधता संवर्धन, वन्यजीव मॉनिटरिंग और तकनीकी सहयोग प्रदान किया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन (All India Tiger Estimation) कार्यक्रम में वर्ष 2010 से वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ वन विभाग के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा वह छत्तीसगढ़ राज्य वन्यप्राणी मंडल में WWF-India के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में भी संरक्षण और जैवविविधता से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों और अन्य अतिथियों ने उपेन्द्र कुमार दुबे को इस सम्मान के लिए बधाई देते हुए उनके दीर्घकालीन संरक्षण कार्यों की सराहना की।


मुंगेली नगर पालिका के मनोनीत एल्डरमैनों ने ली शपथ, नई जिम्मेदारियों की शुरुआत

मुंगेली। TODAY छत्तीसगढ़  /  नगर पालिका परिषद मुंगेली के मनोनीत एल्डरमैनों का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल सभा भवन (पुराना बस स्टैंड) में आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री एवं मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले ने की। समारोह में नगर पालिका परिषद मुंगेली के अध्यक्ष रोहित शुक्ला, उपाध्यक्ष जयप्रकाश मिश्रा, नेता प्रतिपक्ष मोहन मल्लाह, भाजपा जिला अध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी तथा नगर भाजपा अध्यक्ष सौरभ बाजपेयी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। 

समारोह के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) मुंगेली ने मनोनीत एल्डरमैनों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के साथ ही एल्डरमैनों ने नगर पालिका परिषद में अपनी नई जिम्मेदारियों का औपचारिक रूप से निर्वहन शुरू किया।

समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।

लूटकांड का पर्दाफ़ाश: 4 बालिग और 4 नाबालिगों का गैंग पकड़ाया

मुंगेली। TODAY छत्तीसगढ़  /  लालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम देवरहट में हुई लूट की वारदात का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया, जबकि चार विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया।

पुलिस के मुताबिक, 22 जुलाई की रात ग्राम देवरहट निवासी धरमीन बाई और उनके पति नेतराम घर में सो रहे थे। शिकायत के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे 4-5 नकाबपोश व्यक्ति घर में घुस आए और चाकू दिखाकर दोनों को बंधक बना लिया। विरोध करने पर नेतराम के सिर पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद आरोपी कथित रूप से महिला के सोने-चांदी के आभूषण, नेतराम की सोने की माला, अंगूठी, घड़ी, मोबाइल फोन तथा घर में रखी करीब ₹8,650 नकद राशि लेकर फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में साइबर सेल और लालपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर सोनू टंडन और देवी टंडन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने कथित रूप से शैलेन्द्र टंडन, आर्यन जोशी उर्फ लेडी तथा चार नाबालिग साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से पांच सोने की मंचली, 50 तोला चांदी का करधन, एक जोड़ी पायल, एक जोड़ी सोने के टॉप्स, चांदी की अंगूठी, सोने का पदुम, मोबाइल फोन, ₹8,650 नकद तथा घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवी टंडन (26), सोनू टंडन (23), शैलेन्द्र टंडन (18) और आर्यन जोशी उर्फ लेडी (18) के रूप में हुई है। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि चार नाबालिगों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

सब्ज़ी की बाड़ी में सब्ज़ी नहीं उग रहा था गांजा, पुलिस का छापा

TODAY छत्तीसगढ़  / मुंगेली ज़िले में पुलिस ने नदी किनारे अपनी सब्ज़ी की बाड़ी में अवैध रूप से गांजे की खेती करने के आरोप में एक 60 वर्षीय बुज़ुर्ग को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने मौक़े से साढ़े तीन किलो से अधिक वज़न के गांजे के पौधे ज़ब्त किए हैं.

अधिकारियों के मुताबिक़, अभियुक्त को अदालत के निर्देश पर न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है. यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज़' (Operation Baaz) के तहत की गई है.

मनियारी नदी के किनारे चल रही थी अवैध खेती

मुंगेली पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शनिवार (27 जून) को जरहागांव पुलिस को मुखबिर के ज़रिए सूचना मिली थी कि ग्राम अमोरा में मनियारी नदी के किनारे एक व्यक्ति अपनी सब्ज़ी की बाड़ी (खेत) में गांजे के पौधे उगा रहा है.

  • पुलिस की छापेमारी: सूचना मिलने के बाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भोजराम पटेल के निर्देश पर जरहागांव पुलिस की एक टीम ने ग्राम अमोरा में संदिग्ध की बाड़ी में छापेमारी की.

  • ज़ब्ती (Seizure): रेड के दौरान पुलिस को बाड़ी में गांजे के 3 हरे (पत्तीदार) पौधे उगे हुए मिले. पुलिस ने गवाहों के सामने पौधों की पहचान सुनिश्चित की और उन्हें जड़ सहित उखाड़कर ज़ब्त कर लिया.

पुलिस के अनुसार, ज़ब्त किए गए गांजे के इन पौधों का कुल वज़न 3.650 किलोग्राम है, जिसकी अनुमानित क़ीमत लगभग 15,000 रुपये आंकी गई है.

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज़

पुलिस ने मौक़े से बाड़ी के मालिक को गिरफ़्तार कर लिया, जिसकी पहचान भैयालाल धुरी (उम्र 60 वर्ष, निवासी- ग्राम अमोरा, थाना जरहागांव) के रूप में हुई है.

अभियुक्त के ख़िलाफ़ जरहागांव थाने में अपराध क्रमांक 98/2026 के तहत 'स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम' (NDPS Act) की धारा 20(A) के अंतर्गत आपराधिक मामला दर्ज़ किया गया है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि 'ऑपरेशन बाज़' के तहत ज़िले में नशे के अवैध कारोबार पर आगे भी यह सख़्ती जारी रहेगी.

मुंगेली: कुसुम स्मेल्टर्स प्लांट में हादसा, गर्म स्पंज आयरन की चपेट में आने से मज़दूर झुलसे


TODAY
छत्तीसगढ़  / 
छत्तीसगढ़ के मुंगेली ज़िले में एक औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है. यहाँ सरगांव (रामबोड़) स्थित कुसुम स्मेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड में काम करने वाले तीन कर्मचारी आंशिक रूप से झुलस गए हैं.

प्रशासन के मुताबिक़, यह हादसा 18 जून की सुबह हुआ जब प्लांट में मेंटेनेंस का काम चल रहा था. राहत की बात यह है कि सभी घायलों की स्थिति फ़िलहाल स्थिर और ख़तरे से बाहर बताई जा रही है.

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह क़रीब सात बजे प्लांट के कीलन डिस्चार्ज गेट में जाम की समस्या आ गई थी. कर्मचारी इस ख़राबी को ठीक करने के लिए नियमित मेंटेनेंस का काम कर रहे थे.

बताया जा रहा है कि काम के दौरान ही यह गेट अचानक खुल गया. गेट खुलते ही अंदर मौजूद गर्म स्पंज आयरन की तेज़ आंच और भयंकर गर्मी बाहर आ गई, जिसकी चपेट में आकर वहां काम कर रहे तीन कर्मचारी आंशिक रूप से झुलस गए.

घायलों का अस्पताल में चल रहा है इलाज

इस हादसे में घायल हुए कर्मचारियों की पहचान बिहार (औरंगाबाद) के अमित कुमार, मध्य प्रदेश (होशंगाबाद) के योगेश मीणा और ओडिशा (बालेश्वर) के अमरेश दत्ता के रूप में हुई है.

हादसे के तुरंत बाद कंपनी प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए तीनों घायलों को एम्बुलेंस के ज़रिए बिलासपुर के अपोलो अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद इनमें से अमित कुमार को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि तीनों की हालत अब नियंत्रण में है.

प्रशासन ने शुरू की जांच, सुरक्षा पर उठे सवाल

घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग और ज़िला प्रशासन की टीम ने मौक़े पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया. अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल भी जाना.

प्रशासन ने इस पूरे मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है. कारख़ाने में हुए इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन और कार्यस्थल पर मज़दूरों के लिए अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के असल कारणों और ज़िम्मेदारी का ख़ुलासा हो सकेगा.

रिश्तों का खून: 10 लाख की सुपारी और जमीन के लिए बुजुर्ग की हत्या


मुंगेली। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में एक सेवानिवृत्त लेखापाल की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे संपत्ति विवाद और पारिवारिक रंजिश मुख्य वजह रही। पुलिस ने बताया कि 62 वर्षीय दामोदर राजपूत 21 मार्च को अपने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनके भाई ने थाना लालपुर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को उस रास्ते पर उनकी मोटरसाइकिल मिली, जहां से वे गुजरे थे। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और एक संदिग्ध कार को चिन्हित किया, जो मृतक के पीछे-पीछे चलती दिखाई दी।

पुलिस के मुताबिक, कार के मालिक तक पहुंचने के बाद पूछताछ में पता चला कि वाहन किराए पर लिया गया था। इस आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में हत्या की साजिश का खुलासा किया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर इस घटना को अंजाम दिया। मृतक को एक धार्मिक कार्यक्रम के बहाने बुलाया गया और सुनसान रास्ते में उनकी गाड़ी रोककर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को दूसरे जिले में ले जाकर जंगल क्षेत्र में दफना दिया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे करोड़ों रुपये की जमीन और अन्य संपत्तियों को लेकर विवाद था। जांच में सामने आया है कि मृतक के कुछ रिश्तेदारों ने कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या करवाई। मामले की जांच के दौरान यह भी पता चला कि परिवार के भीतर पहले से विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने साजिश रची।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में संलिप्त 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार नाबालिगों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। 

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद किए हैं। इनमें मुख्य आरोपी संजय यादव से एक टाटा स्पेशियो गोल्ड वाहन और कथित सुपारी की रकम 84,000 रुपये शामिल है। इसके अलावा, एक नाबालिग के पास से 12,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने देवराज साहू के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई ईऑन कार, एक नाबालिग से मोटरसाइकिल और एक अन्य आरोपी प्रिंस के पास से स्कूटी भी जब्त की है।

गिरफ्तार आरोपी -

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम इस प्रकार हैं:

रणजीत सिंह राजपूत (55 वर्ष), निवासी झाफल, थाना लोरमी — मृतक के भाई

पालेश्वर राजपूत (50 वर्ष), निवासी झाफल, थाना लोरमी — मृतक के भाई रणजीत का साला

रामपाल सिंह राजपूत (53 वर्ष), निवासी लोरमी — मृतक का चचेरा भाई

पराग सिंह राजपूत (49 वर्ष), निवासी झाफल — मृतक के भाई का पुत्र

हेमंत राजपूत (26 वर्ष), निवासी झाफल — मृतक के भाई का पुत्र

अजय राजपूत (26 वर्ष), निवासी सारधा — मृतक का भांजा

संजय यादव (37 वर्ष), निवासी झाफल, थाना लोरमी

श्रवण उर्फ प्रिंस गोई (18 वर्ष), निवासी जवाहर वार्ड, मुंगेली

योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर (लगभग 18 वर्ष), निवासी कालीमाई वार्ड, मुंगेली

देवराज साहू उर्फ दद्दु उर्फ देवकुमार (23 वर्ष), निवासी झझपुरीकला, लोरमी

आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु (20 वर्ष), निवासी बस स्टैंड, लोरमी

इसके अलावा, पुलिस ने इस मामले में चार नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है, जिन्हें विधि के अनुसार बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। 

मुंगेली: उप मुख्यमंत्री ने 29.90 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन


 बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बुधवार को मुंगेली नगर पालिका में 29 करोड़ 90 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने मुंगेली के आगर खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और लोक निर्माण विभाग के कुल 17 करोड़ 55 लाख 12 हजार रुपए के 91 कार्यों का लोकार्पण और 12 करोड़ 41 लाख 79 हजार रुपए के 23 कार्यों का भूमिपूजन किया। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले भी कार्यक्रम में शामिल हुए।      

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधोसंरचना मद के तहत परशुराम चौक में सौंदर्यीकरण एवं मूर्ति स्थापना, वार्ड-11 व वार्ड-20 में सामुदायिक भवन निर्माण तथा वार्ड-13 में प्रसाधन सहित बस प्रतीक्षालय का लोकार्पण किया। उन्होंने अधोसंरचना व 15वें वित्त आयोग मद से 76 सीसी सड़कों, आरसीसी नालियों, बाउंड्रीवाल निर्माण, विद्युतीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया। श्री साव ने बालानी चौक में माता परमेश्वरी चौक सौंदर्यीकरण, अधिकारी-कर्मचारी आवास निर्माण, मां परमेश्वरी चौक एवं देवांगन मुक्तिधाम में हाईमास्ट लाइट स्थापना, भक्त माता कर्मा चौक निर्माण एवं मूर्ति स्थापना, साहूपारा में सामुदायिक भवन निर्माण, निरंजन प्रसाद केशरवानी बाल वाटिका जीर्णोद्धार, आगर खेल परिसर का जीर्णोद्धार, पड़ाव चौक में महाराणा प्रताप की कांस्य प्रतिमा स्थापना के साथ ही विप्र समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण का भूमिपूजन किया।       

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि मुंगेली के विकास कार्यों के लिए पैसों की कमी नहीं होगी। यहां के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए सड़क, नाली, पानी सहित सभी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका को पिछले 20 माह में अलग-अलग योजनाओं के तहत 92 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी जा चुकी है।

विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुंगेली जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, नगर पालिका के अध्यक्ष श्री रोहित शुक्ला, जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री होरी सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद थे

हितग्राहियों को सामग्री वितरित

आगर खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री वितरित कर लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग अंतर्गत दो हितग्राहियों को महाजाल एवं आइस-बॉक्स, उद्यानिकी विभाग अंतर्गत तीन हितग्राहियों को ग्राफ्टेड बैगन के लिए सहायता राशि, समाज कल्याण विभाग अंतर्गत तीन हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत आठ बच्चों को श्रवण यंत्र व मैग्नीफायर ग्लास, एमआर किट, नगर पालिका मुंगेली अंतर्गत पांच हितग्राहियों को भवन अनुज्ञा, विद्युत विभाग अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनांतर्गत प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पांच लोगों को को आयुष्मान व वय वंदन कार्ड, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत पांच लखपति दीदियों को प्रमाण पत्र और पांच को 60-60 हजार रुपए का चेक प्रदान कर लाभान्वित किया गया।

सवा 9 लाख रूपये कीमती अवैध ब्राऊन शुगर के साथ मुंगेली के 5 युवक गिरफ़्तार


 मुंगेली। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चल रही पुलिसिया मुहीम को आरोपी हर दिन मुँह चिढ़ाते दिखाई दे रहें हैं। नशे का अवैध कारोबार और नशाखोरी से निपटना राज्य की पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं। बिलासपुर संभाग के मुंगेली जिले की पुलिस को नशे का अवैध काम करने वाले कुछ आरोपी पकड़ने में सफलता मिली है। बताया जा रहा है कि पकडे गये आरोपियों के पास से 46 ग्राम ब्राऊन शुगर मिला है जिसकी बाज़ार में कीमत 9 लाख रूपये से अधिक है। 

  इस मामले में मुंगेली पुलिस का कहना है कि 13 अक्टूबर को साइबर सेल की टीम और थाना जरहागांव को मुखबीर के माध्यम से सूचना मिली कि कुछ युवक सफ़ेद रंग की अर्टिगा कार क्रमांक CG K4790 में अवैध मादक पदार्थ ब्राउन शुगर लेकर बिलासपुर की तरफ से मुंगेली आ रहें हैं। मुखबिर की सूचना जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई और तत्काल नाके बंदी कर आरोपियों को पकड़ने की रणनीति बनाई गयी।  मुंगेली जिले की पुलिस को मिली सूचना के आधार पर चेकिंग के दौरान देर शाम अर्टिगा कार क्रमांक CG  K 4790 बिलासपुर की ओर से आती दिखाई पड़ी, पुलिस ने कार की तलाशी ली जिसमें  ब्राउन शुगर की पुड़िया मिली। कार में बैठे सभी युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे ब्राउन शुगर को दूसरे राज्य से लेकर आये थे। इस मामले में अपचारी बालक सहित अन्य 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा गया है। सभी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गयी है।  

NDPS मामले में  गिरफ्तार आरोपियों के नाम  - 

01.  आनन्द उर्फ भूरू यादव पिता हेम कुमार (उम्र 20 साल साकिन मल्हापारा मुंगेली)

02.  संदीप गोस्वामी पिता मनोज (उम्र 21 साल साकिन बुधवारी बाजार मुंगेली)

03.  सुनील जायसवाल पिता गणेश उम्र 24 साल साकिन नंदी चौक शंकर मंदिर के पास 

04.  प्रिंशु गुप्ता पिता प्रभात गुप्त (उम्र 23 साल साकिन गोलबाजार मुंगेली)

05.  आसुतोश जायसवाल पिता रमेश (उम्र 25 साल साकिन परमहंस वार्ड मुंगेली) 

शारदीय नवरात्र : आवास मेले में कन्या भोज का आयोजन, 125 कुंवारी कन्याओं को भोज कराया गया

 


बिलासपुर / 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शारदीय नवरात्र में आज अष्टमी-नवमी के दिन मुंगेली जिला मुख्यालय स्थित मंडी परिसर में आयोजित आवास मेले अंतर्गत कन्या भोज का भी आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने 125 कुंवारी कन्याओं को भोज कराया। उन्होंने सभी कन्याओं को अपने हाथों से खीर, पूड़ी, हलवा सहित विभिन्न प्रकार का मिष्टान्न परोसा और उपहार भेंट किया। साथ ही कन्याओं की मां देवी के रूप में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 

बता दें कि शारदीय नवरात्र में नौ दिनों तक जिस तरह से माता दुर्गा की आवभगत और पूजा-अर्चना की जाती है, उसी तरह से नवरात्रि में सप्तमी तिथि से कन्या पूजन का दौर शुरू हो जाता है। अष्टमी और नवमी तिथि पर कुंवारी कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर उनका स्वागत-सत्कार किया जाता है। नवरात्र में कुंवारी कन्याओं के भोजन कराने से पुण्य और कल्याण की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

हाथी की मौत के मामले में 6 संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू

 बिलासपुर / मुंगेली।  TODAY छत्तीसगढ़  /  वन परिक्षेत्र खुड़िया के भूतकछार सर्किल के सरगढ़ी के जंगल में हाथी के मौत के मामले में जांच अधिकारियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। खोजी कुत्ता की मदद से प्रकरण के 6 संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इसमें पूरी जांच होने के बाद और भी आरोपी पकड़े जायेंगे।            

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"हाथी की मौत की सुक्ष्मता से जांच की जा रही है जांच के लिये डाग स्क्वायड की मदद ली गयी है। कुछ संदेही पकड़ाये है जिनसे पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सभी आरोपी गिरफ्त में होंगे।"

क्रिस्टोफर कुजूर, वन परिक्षेत्र अधिकारी खुड़िया

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       उल्लेखनीय है कि 24 नवंबर को सरगढ़ी के जंगल में एक हाथी का शव मिला . यह हाथी का शव दो दिन पुराना था 6 हाथियों का दल पंडरिया से एटीआर लौटते समय सरगढ़ी में एक हाथी की मौत हो गयी बाकी हाथी ही एटीआर में पहुंचे हाथी की मौत के बाद पूरा विभाग सकते में आ गया . हाथी के शव पर पीएम कराकर पंचनामा कर घटना स्थल पर ही दफनाकर जांच शुरू की गयी। हाथी के पैर और गले में चोट की निशान के आधार पर करेंट से हाथी की मौत की आशंका जताई गयी क्योंकि इस इलाके में शिकारियों द्वारा वन्य जीवों के शिकार के लिये करेंट बिछाया जाता है . हाथी के मौत के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये डीएफओ सत्यदेव शर्मा ने डाग स्क्वायड बुलाया।  एटीआर का खोजी कुत्ता रिटायर होने की वजह से जंगल सफारी रायपुर से डाग स्क्वायड की टीम आयी, टीम 25 नवंबर की शाम पहुंची रात होने की वजह से 26 नवंबर को सुबह घटना स्थल से जांच शुरू की गयी। इधर वन विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों ने मुखबिरों के माध्यम से ग्रामीणों से पूछताछ कर संदेहियों की पतासाजी की।

 


वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह : सत्यप्रकाश ने तस्वीरों के माध्यम से दिया वन्यजीवन संरक्षण का सन्देश

बिलासपुर /  TODAY छत्तीसगढ़  /  वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के मौके पर वन मंडल मुंगेली द्वारा 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक विभिन्न आयोजन किये गए। निबंध, चित्रकला, पेंटिंग प्रतियोगिता और फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से वन मंडल मुंगेली ने वन्य प्राणियों और वन की महत्ता को बताते हुए नई पीढ़ी ख़ासकर स्कूल कॉलेज के विद्यार्थियों को जागरूक किया। इस ख़ास अवसर पर वन मंडल मुंगेली ने वन्य जीवन पर आधारित तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय परिसर मुंगेली में 8 अक्टूबर से आयोजित की जिसमें वाइल्डलाइफ फोटो जर्नलिस्ट सत्यप्रकाश पांडेय ने 319 तस्वीरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य की वन संपदा, वन्य जीवन और जैव विविधता को जीवंत रूप से दिखाने की कोशिश की। 
जिला मुख्यालय मुंगेली में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय परिसर में कलेक्टर अजीत बसंत और डीएफ़ओ रामवतार दुबे के मार्गदर्शन में वन मंडल मुंगेली द्वारा 8 अक्टूबर को एक भव्य फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का शुभारम्भ जिला पंचायत अध्यक्ष लेखनी सोनू चंद्राकर, हेमेंद्र गोस्वामी, सीसीएफ वाइल्डलाइफ जगदीशन, पुलिस अधीक्षक डी.आर. आंचला, सीईओ जिला पंचायत रोहित व्यास, उप वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह, एसडीओ मुंगेली गणेश यूआर और डीईओ सतीश पांडेय की गरिमामय उपस्थिति में हुआ। तीन दिनों तक चली फोटो प्रदर्शनी में राज्य के वाइल्डलाइफ फोटोजर्नलिस्ट सत्यप्रकाश पांडेय ने 319 तस्वीरों के माध्यम से प्रकृति, वन और वन्यप्राणियों की खूबसूरती को दिखाया। रविवार 10 अक्टूबर की शाम फोटो प्रदर्शनी का औपचारिक समापन हो गया लेकिन इस फोटो प्रदर्शनी ने वन्य जीवन से प्यार करने वाले दर्शकों के दिल पर गहरी छाप छोड़ दी। खासकर स्कूल-कालेज के छात्र-छात्राओं ने फोटो प्रदर्शनी देखकर वाइल्ड लाइफ के प्रति अपनी कई जिज्ञासा और सवालों के उत्तर प्राप्त किये। 
तीन दिन तक चली फोटो प्रदर्शनी में शहर के आवाम के बीच जिले के विभिन्न स्कूलों के करीब 1800 से अधिक बच्चों ने वाइल्डलाइफ को करीब से देखा। इस फोटो प्रद्रशनी में वन मंडल मुंगेली के अधिकारीयों, कर्मचारियों के अलावा बर्ड वॉचर एवं वाईल्ड लाइफ फोटोग्राफर कंचन पांडेय, जिला शिक्षा विभाग का विशेष सहयोग रहा।  

मुंगेली के पूर्व सीएमओ पाटले, नपा अध्यक्ष संतुलाल सहित 6 के खिलाफ FIR दर्ज, कई अफसर सस्पेंड

 TODAY छत्तीसगढ़  / बिलासपुर। 13 लाख रुपये के नाली निर्माण घोटाले में फंसे मुंगेली नगरपालिका परिषद् के अध्यक्ष भाजपा नेता संतूलाल सोनकर, पूर्व सीएमओ विकास पाटले सहित 6 लोगों के खिलाफ आज मुंगेली कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके साथ ही सीएमओ पाटले सहित इंजीनियर और लेखापाल सस्पेंड कर दिये गये हैं। अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।

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सोनकर व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। शहर के परमहंस वार्ड में स्वीकृत नाली का निर्माण नहीं होने की शिकायत स्थानीय लोगों ने कलेक्टर अजीत वसंत से की थी। एसडीएम की जांच में मुंगेली के परमहंस वार्ड में होरीलाल शर्मा के घर से गार्डन की बाउण्ड्रीवाल होते हुए स्टेडियम तक 300 मीटर नाली निर्माण कार्य होना नहीं पाया गया।  मेसर्स सोफिया कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर अकलतरा को बिना कार्य कराए 13 लाख 21 हजार 818 रुपए का भुगतान कर दिया गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर ने नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर नगरपालिका के, तत्कालीन सीएमओ और संलिप्त अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी।

नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के निर्देश पर आज तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास पाटले, उप अभियंता जोयस तिग्गा, लेखापाल आनंद निषाद तथा सहायक राजस्व निरीक्षक सियाराम साहू को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में नगर पालिका परिषद मुंगेली अध्यक्ष संतूलाल सोनकर को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। निलंबित अधिकारी और कर्मचारियों का निलंबन अवधि में मुख्यालय,कार्यालय संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर रखा गया है। 

ATR को मिला प्रभारी CCF, एस. जगदीशन को मिली जिम्मेदारी

TODAY छत्तीसगढ़  / मुंगेली / अचानकमार टाइगर रिजर्व को पूर्ण प्रभार वाला नया मुख्य वन संरक्षक कब मिलेगा फिलहाल खबर नहीं है लेकिन सीसीएफ अनिल सोनी की मृत्यु के बाद रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए आईएफएस एस.जगदीशन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एस. जगदीशन को फिलहाल प्रभारी CCF अचानकमार टाइगर रिजर्व बनाया गया है। इसके अलावा उन्हें अचानकमार टाइगर रिजर्व का क्षेत्र संचालक (फील्ड डायरेक्टर) का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। दोनों ही स्थान IFS अधिकारी अनिल सोनी के आकस्मिक निधन के बाद खाली थे। एस. जगदीशन 2005 बैच के भारतीय वनसेवा के अफसर हैं। राज्य सरकार की तरफ से प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने इस संबंध में आज शाम आदेश जारी किया है। 

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तेंदुआ के शिकार मामले में दो एसडीओ समेत तीन वन अधिकारी सस्पेंड

TODAY छत्तीसगढ़  / बिलासपुर के अचानकमार टाइगर रिजर्व में अवैध कटाई और जानवरों के अवैध शिकार का मामला विधानसभा में उठा। इस पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने तीन अफसरों को निलंबित करने की घोषणा की। 
भाजपा सदस्य सौरभ सिंह ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए यह मामला उठाया है। उन्होंने कहा कि अचानकमार वन अभ्यारण्य में वन्य प्राणियों का अवैध शिकार हो रहा है। इसके जवाब में वन मंत्री ने कहा कि कोई अवैध शिकार की घटना नहीं हुई है। इस वर्ष अब तक एक ही प्रकरण दर्ज किया गया है। इसमें संलिप्त दोषियों पर कार्रवाई भी की गई है। वन मंत्री ने कहा कि यह मामला गंभीर है इसलिए कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि तीन अफसरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इनमें सहायक संचालक संजय लुथर भी है, उनके दो सहयोगियों को भी निलंबित किया गया है। 
श्री अकबर ने छत्तीसगढ़ में बाघ के शिकार की कोई भी घटना टाइगर रिजर्व में संज्ञान में नहीं आई है। उन्होंने बताया कि रिजर्व में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी और सुरक्षा श्रमिकों द्वारा नियमित पेट्रोलिंग की जाती है। यहां 5 वॉच टावर में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा सतत निगरानी की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि टाइगर रिजर्व में पदस्थ अधिकारियों द्वारा अवैध कटाई रोकने नियमित रूप से पेट्रोलिंग की जा रही है। इसके लिए वन रक्षकों को रोजाना मॉनिटरिंग के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराया गया है। वही कानन जुलाजिकल पार्क में दरियाई घोड़े की मौत के मामले में टी आर जायसवाल निलंबित किया गया है। TODAY छत्तीसगढ़ के WhatsApp ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें 

निर्वाचन तत्काल : 28 शासकीय अधिकारी, कर्मचारी निलंबित

[TODAY छत्तीसगढ़] / छत्तीसगढ़ में तीसरे और अंतिम चरण का कल मतदान होना है लेकिन उससे पहले ही चुनाव कार्य में लापरवाही बरतने पर कर्मचारियों और अधिकारियों पर निर्वाचन अधिकारी ने गाज गिरा दी है। 
राज्य के मुंगेली जिले में निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी ने 3 पीठासीन सहित 22 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।  लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ड्यूटी लगाई गई थी। कार्य में लापरवाही और समय पर उपस्थित नहीं होने की वजह से कार्रवाई की गई है जिसके बाद रिजर्व कोटे से अल्टरनेट व्यवस्था की गई है।  इसी तरह अंबिकापुर जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी ने 6 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। चुनाव प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर यह कार्रवाई की गई है। कारवाही में प्रभावित होने वाले शासकीय कर्मी 17 अप्रैल को चुनाव प्रशिक्षण में बिना बताए अनुपस्थित रहे।  निलंबित कर्मचारियों में 3 सहायक शिक्षक, 1 प्रधानाध्यापक, सहायक ग्रेड 3 सहित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी शामिल है। 

ATR में ईंट भठ्ठे, वन अफसरों पर संदेह और सवाल

              [TODAY छत्तीसगढ़] /  अचानकमार टाईगर रिजर्व, कभी बिलासपुर जिले का हिस्सा था अब मुंगेली जिले की पहचान है। छत्तीसगढ़ राज्य का यह टाईगर रिजर्व अक्सर चर्चा और सुर्ख़ियों में रहा है। कभी बाघों की संख्या तो कभी रसूखदारों की करतूत, कभी लकड़ी की अवैध कटाई तो कभी अधिकारीयों के जंगल राज के कइयों फ़साने एटीआर को सुर्खियां दिलाते रहें हैं। इन सबके बीच एटीआर आज बर्बादी की कगार पर खड़ा है। वन्य जीवों की जगह पालतू मवेशियों का चारागाह बना एटीआर ना जाने कितने ही तरह के अवैध कार्यों की कारगुजारियों का गवाह है। एटीआर के जिम्मेदार अधिकारियों की बेरुखी कहें या उनकी मिलीभगत, हकीकत दोनों में से एक तो है तभी तो खुले आम टाइगर रिजर्व के भीतर कोर क्षेत्र में इन दिनों ईंट भठ्ठे संचालित हो रहें हैं। रिजर्व फारेस्ट के बीच ईंट बनाने का काम बिंदावल, छपरवा, अचानकमार के अलावा लमनी तक के जंगल में जगह-जगह देखा जा सकता है। आलम और बेखौफियत देखिये की कई जगहों पर सड़क किनारे ही धड़ल्ले से ईंटें बनाई जा रहीं हैं और कर्तव्य पथ पर ईमानदारी और निष्ठा की शपथ लेने वाले नज़र घुमाये उन रास्तों से गुजर जाते हैं। 
ये तस्वीरें अचानकमार टाईगर रिजर्व प्रबंधन के जिम्मेदार अफसरों की कर्तव्यनिष्ठा पर संदेह और सवाल खड़े करने के लिए काफी है। रिजर्व फारेस्ट के कोर क्षेत्र में इन दिनों धड़ल्ले से ईंट बनाने का काम चल रहा है। एटीआर के ग्राम बिंदावल में सड़क किनारे खुलेआम ग्रामीण ईंटें बना रहें हैं। बात सिर्फ एक गाँव की होती तो भी गनीमत समझिये, टाइगर रिजर्व में सड़क किनारे के अधिकाँश गाँवों में नियम-कायदों को मिटटी में सानकर ईंट का आकार दिया जा रहा है। जानकारों से इस संबंध में जब बात की गई तो उन्होंने एनटीसीए के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए बताया की किसी भी टाइगर रिजर्व में इस तरह के काम, निर्माण और अन्य गतिविधियों को गैर कानूनी माना गया है।
 ऐसा नहीं है की अचानकमार टाईगर रिजर्व में पहली बार किसी तरह का गैर कानूनी काम हो रहा है, सालों बीत गए। जंगल के मूल निवासी धीरे-धीरे जंगल से बेदखल कर दिए गए, कुछ बाहरी लोग सालों पहले एटीआर में आये फिर धीरे-धीरे परिवार बढ़ता गया। दैहान वालों की बढ़ी आबादी और पालतू मवेशियों का चारागाह बना एटीआर कुछ वन अफसरों, कर्मचारियों के मुंह पर दूध, मलाई और घी मलता रहा। आलम अब ये है की एटीआर में खुलेआम जंगलराज देखा जा सकता है। रेंज के कई अफसर मुख्यालय में रहते नहीं, चंद वन कर्मियों के भरोसे अचानकमार टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघों की गुर्राहट के किस्से शहरों में सुनाये जा रहें हैं। एटीआर में कइयों बार रेत उत्खनन, मुरुम, मिटटी खनन के दृश्य भी सामने आये हैं जिसकी शिकायत करने पर अधिकारी अक्सर पता लगाने की बात कहकर मामले को दबाते रहें हैं। लकड़ी की अवैध कटाई के सबूत की शायद किसी को दरकार नहीं होनी चाहिए क्यूंकि कुछ साल पहले का एटीआर अब बदला-बदला सा दिखाई पड़ता है। शिकार के मामले अब सामने आ रहें हैं जबकि एटीआर को कुछ अफसरों और रसूखदारों के साथ-साथ सियासतदारों के लिए शिकारगाह के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
अचानकमार टाइगर रिजर्व में चल रहे ईंट भठ्ठे और अन्य गैर जरूरी मामलों के संबंध में एटीआर के फील्ड डायरेक्टर से बात करनी चाही लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका, चूँकि रिजर्व जंगल खासकर एटीआर में खुलेआम ईंट भठ्ठे के संचालन की तस्वीरें थीं लिहाजा TODAY छत्तीसगढ़  ने एआईजी सेन्ट्रल जोन NTCA हेमंत कामड़ी से बातचीत की और उन्हें पुरे मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक कारवाही हेतु संबंधित अधिकारी से बातचीत करने की बात कही है। 
ATR का रास्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर फिर खुला  - 
भारत सरकार, केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण अधिकरण द्वारा वन्य जीव संरक्षण एक्ट 1972 के तहत 24 सितंबर 2015 को अचानकमार टाइगर रिजर्व फारेस्ट के अंदर के मार्ग का यातायात के लिए बंद करने का निर्देश जारी किया था। कलेक्टर सह जिला मजिस्ट्रेट बिलासपुर ने अधिसूचना जारी कर कोटा-अचानकमार-केंवची राजमार्ग 19 जनवरी 2017 को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए पूर्णतः बंद कर दिया। इसके अलावा रिजर्व फारेस्ट के अंदर बसे गांव में रहने वालों को भी पास बनाने के बाद ही आने-जाने का आदेश दिया। मार्ग को बंद करने के खिलाफ पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष धर्मजीत सिंह, सज्जाद खान, अविश कुमार यादव सहित अन्य ने अधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि कोटा-अचानकमार-केंवची मार्ग को बंद करना नागरिकों को संविधान धारा 19 (1) बी के तहत मिले मूलभूत अधिकार का उल्लंघन है। एटीआर के अंदर 24 गांव में रहने वालों को उनके मूलभूत अधिकार से वंचित किया जा रहा है। याचिका पर शासन की ओर से जवाब पेश कर कहा गया कि केंद्र सरकार, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण अधिकरण ने अचानकमार को नेशनल टाइगर रिजर्व फारेस्ट घोषित किया है। इस मार्ग से प्रतिदिन एक हजार से अधिक गाड़ियां गुजरती थीं। इसके कारण वन्य जीवों का प्राकृतिक रहवास प्रभावित हो रहा है। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से प्रतिवर्ष कई वन्य जीवों की मौत होती है। वन्य जीवों को संरक्षण देने इस मार्ग को बंद किया गया है। याचिका में जस्टिस संजय के. अग्रवाल के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कलेक्टर सह जिला मजिस्ट्रेट को मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 115 के अंतर्गत कोटा-अचानकमार-केंवची राजमार्ग 8 को बंद करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने प्रशासन को इस मार्ग को यातायात के लिए खोलने का आदेश दिया। अब यह मार्ग आमजन के आने-जाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। कोटा-अचानकमार-केंवची राजमार्ग 8 को यातायात के लिए खोलने का आदेश 7 मार्च 2018 को दिया गया।
सिंघवी ने NTCA को लिखा पत्र  - 
छत्तीसगढ़ के वन्यजीव जानकार और प्रर्यावरण संरक्षण की दिशा में महती भूमिका निभाने वाले रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने एटीआर का रास्ता पुनः खोले जाने के बाद एनटीसीए के सदस्य सचिव को एक पत्र लिखकर मांग की है की शिवतराई से केंवची [एटीआर] होकर गुजरने वाली सड़क पीडब्लूडी की है जिसके निर्माण, मरम्मत, संधारण या फिर नवीनीकरण के लिए आदेश न करें। पत्र में उन्होंने WL [P] एक्ट 1972 के प्रावधानों का भी उल्लेख किया है। सिंघवी ने NTCA के सदस्य सचिव को यह पत्र कोटा-अचानकमार-केंवची राजमार्ग 8 को यातायात के लिए खोलने का आदेश 7 मार्च 2018 को हाईकोर्ट द्वारा देने के बाद 16 जुलाई 2018 को लिखा गया ।   
कोर एरिया में 19 और बफर एरिया में 5 गांव - 
अचानकमार टाइगर रिजर्व फारेस्ट का कुल क्षेत्रफल 914.017 वर्ग किलो मीटर है। इसमें 626.195 वर्ग किलो मीटर एरिया कोर जोन एवं 287.822 वर्ग किलो मीटर एरिया बफर जोन है। इसमें कोर एरिया में 19 गांव व बफर एरिया में 5 गांव बसे हैं।

करंट लगाकर तेंदुए का शिकार, खाल बरामद

[TODAY छत्तीसगढ़] / खुड़िया रेंज में विस्थापित गांवों के किनारे तेंदुए का शिकार करने का मामला सामने आया है। पूरी घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी खाल व मूंछ को बेचने के फिराक में थे। सूचना मिलते ही एटीआर की एंटी पोचिंग स्क्वायर्ड ने चारों का पीछा कर खाल और मूंछ के साथ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अचानकमार टाइगर रिजर्व से 2009-10 में बोकराकछार, सांभरधसान व बाकल ग्राम का विस्थापन हुआ था। उन्हें खुड़िया रेंज के कारीडोंगरी के बसाया गया। इन्हीं गांव के रहने वाले रामप्रसाद बैगा, रामलाल बैगा व मनहरण और दरवाजा गांव के रामचरण सोनी के पास तेंदुए की खाल होने की सूचना एंटी पोचिंग के प्रभारी संदीप सिंह को मिली थी। साथ ही यह भी पता चला कि खाल को बेचने के लिए ग्राहक खोज रहे हैं। उन्होंने इसकी जानकारी केवल अफसरों को दी और चारों को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बताई। इस दौरान एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर चारों से संपर्क करने के लिए कहा गया। आरोपी विभाग के जाल में फंस गए और खाल बेचने के लिए राजी हो गए। टीम को मालूम था कि उन्होंने खाल को कहीं छिपाकर रखा होगा। सौदा होने के बाद गांव के पास ही जगह तय हुई। उनके पहुंचने से पहले घेराबंदी कर दी गई। लेकिन आरोपियों को इसकी भनक लग गई और मौके पर पहुंचने के बाद आरोपी बाइक में भाग निकले लेकिन विभागीय अमले की सूझबूझ से आरोपी ज्यादा दूर तक नहीं भाग सके।  भारी मशक्कत के बाद आखिरकार ईस्ट पंडरिया रेंज के बोटला गांव के नजदीक चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया। जांच के दौरान आरोपियों  से तेंदुए की खाल, 26 मूंछ बरामद की गई । आरोपियों ने पूछताछ में  बताया कि उन्होंने तेंदुए का शिकार नया बोकराकछार, सांभरदशान व बाकल के किनारे किया था। इसके लिए बिजली तार बिछाया गया था। करेंट की चपेट में आने से तेंदुए की मौत हो गई। पकडे गए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से सभी को  जेल भेज दिया गया है। 


ATR में वन्यप्राणियों के शिकार के लिए बिछाया जाल, 8 गिरफ्तार

[TODAY छत्तीसगढ़] / अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही परिक्षेत्र में वन्यप्राणियों के शिकार के लिए फैलाये गए जाल में आठ लोग खुद फंस गए हैं। टाइगर रिजर्व के सुरही क्षेत्र में गश्त करते वन कर्मियों की मुस्तैदी के चलते नए साल की पहली ही तारीख को आठ लोग गिरफ्तार किये गए हैं जिनके पास से तीर-धनुघ और तार से बनाया गया जाल बरामद किया गया है। आज बुधवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए न्यायिक रिमांड में लेने का आवेदन वन अफसरों ने न्यायालय में प्रस्तुत किया। वन अफसरों की माने तो पकडे गए आरोपियों से शिकार से संबंधित मामलों की और भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
विभागीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक़ मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही परिक्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान एक जनवरी की शाम कक्ष क्रमांक 523 R.F. में एक जगह मोटरसाइकिल क्लच तार और अन्य तरह के तार से बना हुआ जाल जमीन में बिछाया गया है। संरक्षित वन क्षेत्र के कोर इलाके में बिछाये गए जाल को देखकर वन्यप्राणियों के शिकार  हुआ। वनकर्मियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आस-पास में पूछताछ शुरू की। इस दौरान ग्राम सुरही का रहने वाला चन्दर पिता पंचू सिंह बैगा [25वर्ष] संदिग्ध हालत में दिखाई पड़ा, वन कर्मी को देख चन्दर कुछ हड़बड़ाया। चन्दर को पकड़कर वन अफसरों की मौजूदगी में पूछताछ की गई, शुरुवाती दौर में चन्दर  वन्य प्राणियों के शिकार के लिए बिछाए जाल से खुद को अनभिज्ञ बताता रहा। हालांकि सिलसिलेवार हुई पूछताछ में चन्दर बैगा ने शिकार करने के उद्देश्य से जाल बिछाने की बात कबूल करते हुए अपने अन्य आठ साथियों के नाम भी बताये। 
चन्दर के बयान और निशानदेही पर वन अफसरों ने लोरमी थाना क्षेत्र के लक्षमण बैगा, मोटू पिता भुरुवा बैगा, सुकलाल बैगा, रामप्रसाद बैगा, छोटू पिता भुरुवा बैगा, शत्रुघन बैगा और जोहन बैगा को गिरफ्तार कर लिया है। पकडे गए सभी आरोपी लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम सुरही के निवासी हैं। जानकारी के मुताबिक़ रेंज के वन अफसर को इस बात की लगातार खबर मिल रही थी की कुछ ग्रामीण जंगल के भीतर वन्यप्राणियों के शिकार की तलाश में रहते हैं। सुचना पर रेंज अफसर ने सह कर्मियों को मुस्तैद कर रखा था।   


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