NH53: मादक पदार्थ के साथ दो वाहन जब्त, आठ आरोपी गिरफ्तार


महासमुंद। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) ने संयुक्त कार्रवाई में 137 किलोग्राम गांजा जब्त करने का दावा किया है। इस मामले में एक महिला समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर सिंघोड़ा थाना क्षेत्र के रेहटीखोल के पास की गई। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर दो वाहनों में मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी की।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान एक मारुति सुजुकी ईको और एक टोयोटा कार को रोका गया। तलाशी लेने पर दोनों वाहनों में प्लास्टिक की बोरियों में गांजा रखा हुआ मिला। पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 68.5 लाख रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में ओडिशा और महाराष्ट्र के निवासी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मादक पदार्थ को ओडिशा के अंगुल जिले से महाराष्ट्र के अकोला ले जाया जा रहा था।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में इस्तेमाल किए गए दोनों वाहन, कुछ मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की गई है। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कथित तस्करी नेटवर्क के अन्य संभावित लिंक की जांच की जा रही है। महासमुंद पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक जिले में गांजा तस्करी के कई मामलों में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट, पुलिस ने मामला दर्ज किया

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम गतौरा की है। पीड़ित आशु कारवानी अपने परिवार के साथ अपनी जमीन देखने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष द्वारा जमीन पर दीवार बनाकर घेराबंदी की जा रही थी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान पड़ोस के कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने अपने परिवार के अन्य लोगों को भी मौके पर बुलाया, जिसके बाद हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई। इस घटना में आशु कारवानी के चेहरे, सीने और घुटने में चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंची उनकी सास भी घायल हो गईं।इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की शिकायत मस्तूरी थाना में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

दोपहिया वाहन चोरी के गिरोह का पर्दाफाश, 31 वाहनों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / प्रदेश के भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार  इस कार्रवाई में 31 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं  जिनकी अनुमानित कीमत करीब 31 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी ई. पापा राव सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 से भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इनमें बीएसपी (भिलाई इस्पात संयंत्र) के मुख्य गेट के पास स्थित पार्किंग और भिलाई-भट्टी क्षेत्र को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा था।

थाना भिलाई नगर में दर्ज मामलों की समीक्षा, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह चोरी के वाहनों को जशपुर जिले के कुंकुरी क्षेत्र में ले जाकर अपने सहयोगियों के माध्यम से बेचता था। पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए वाहनों में भिलाई-भट्टी, छावनी और रायपुर थाना क्षेत्रों से चोरी हुई गाड़ियां शामिल हैं। कुछ ऐसे वाहन भी मिले हैं, जिनके दस्तावेज पंजीकृत नहीं पाए गए।

जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद पैसे मांगने का वीडियो वायरल, स्वास्थ्य विभाग की नजर


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / बिलासपुर के जिला अस्पताल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर प्रसव के बाद मरीज के परिजनों से रूपये की मांग की जा रही है। वायरल वीडियो के मुताबिक़ नर्स को 1000 रूपये और आया के लिये 500 रूपये की मांग की गई है। वीडियो में नर्स यह भी कह रही है कि सरकारी अस्पतालों का हाल बड़ा बुरा है, हाथ में पहनने के लिए दस्ताने भी नहीं है। इस वायरल वीडियो के संबंध में  TODAY छत्तीसगढ़  कोई भी दावा या प्रामाणिक पुष्टि नहीं करता है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों से पूछने पर उन्होंने वीडियो के सत्यता की जाँच के बाद आवश्यक कारवाही का भरोसा दिलाया है।  

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