रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / अवैध शराब मामले में गिरफ्तार आरोपी संजय बघेल की हिरासत के दौरान हुई मौत के बाद जिले में माहौल गरमा गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर घूसखोरी और मारपीट के गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल तथा कोतरारोड थाने के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार कोतरारोड थाना क्षेत्र के नवापारा गांव निवासी संजय बघेल को अवैध शराब बिक्री के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच गए और घटना पर आक्रोश जताया।
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान तथा हिरासत में संजय बघेल के साथ मारपीट की गई थी। उनका दावा है कि पुलिसकर्मियों द्वारा की गई कथित पिटाई के कारण उसकी हालत बिगड़ी और बाद में मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि थाना क्षेत्र में घूसखोरी का खेल चल रहा है और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अस्पताल में प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने कोतरारोड थाने के सामने भी धरना देकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान "जय भीम" के नारे लगाए गए और मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग भी उठाई।
सरपंच नंद कुमार बरेठ और मृतक के परिजनों ने बताया कि संजय को करीब तीन दिन पहले पुलिस ने पकड़ा था। उनका आरोप है कि हिरासत के दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।
वहीं जेल अधीक्षक जी.एस. सोरी के अनुसार संजय बघेल को 10 जून को जेल में दाखिल किया गया था। 12 जून को उसकी तबीयत खराब होने पर जेल अस्पताल में उपचार कराया गया। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर 13 जून को उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
फिलहाल मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच की मांग उठ रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगा।






