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सुशासन तिहार: जनता की समस्याओं का हो त्वरित समाधान - साय

रायगढ़ । TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव और आमजन तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है और प्रशासन की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध एवं संवेदनशील निराकरण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन का मूल दायित्व है।

      सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर संभाग के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों, राजस्व मामलों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप डहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित मुख्यमंत्री के सचिव श्री दयानंद पी, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग सहित पांचों जिलों के कलेक्टर एसपी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

       मुख्यमंत्री ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा से बाहर एवं एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व प्रकरण सीधे आम जनता के जीवन एवं आजीविका से जुड़े होते हैं, इसलिए इनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी रखी जाए। साथ ही वर्षा ऋतु के आगमन के साथ संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को अग्रिम तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं के संबंध में किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

कृषि तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की समस्या न आए तथा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों जैसे एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत भी कम की जा सकती है।

    महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक संख्या में "ड्रोन दीदी" तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इससे कृषि क्षेत्र में तकनीक का विस्तार होगा और महिलाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे स्वयं 27 जिलों में आयोजित शिविरों में शामिल होकर जनता से सीधे संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता यह दर्शाती है कि जनता का शासन और प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है। यह सुशासन तिहार की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है।

​पति कमाता रहा, पत्नी मायके में लुटाती रही! ऐसे खुला 22 लाख के गबन का राज

रायगढ़/घरघोड़ा / TODAY छत्तीसगढ़ । पति की जीवन भर की गाढ़ी कमाई और करोड़ों की संपत्ति हड़पने के एक बड़े षड्यंत्र का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पत्नी ही मास्टरमाइंड निकली, जिसने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। घरघोड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पत्नी और उसके भाई (साले) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि ससुर की तलाश जारी है।

​घरघोड़ा के छाल रोड स्थित वार्ड क्रमांक 5 निवासी व्यवसायी पिंगल कुमार बघेल (41) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पिंगल फेब्रिकेशन, सेंट्रिंग और मीडिया से जुड़े कार्य करते हैं। वर्ष 2008 में उनका विवाह सीमा यादव (अब सीमा बघेल) से हुआ था। व्यवसाय अच्छा चलने पर पिंगल अपनी दिन भर की कमाई पत्नी सीमा को सुरक्षित रखने के लिए सौंप देते थे। इसी दौरान उनके ससुर भरतलाल यादव और साले कृष्ण कुमार यादव का उनके घर आना-जाना बढ़ गया।

CCTV से खुला राज, बेरोजगार साले के खाते में मिले 22 लाख

वर्ष 2014 में व्यवसायी को संदेह हुआ कि आमदनी के हिसाब से घर में नकदी नहीं बच रही है। सच्चाई जानने के लिए उन्होंने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। फुटेज खंगालने पर उनके होश उड़ गए। उन्होंने देखा कि पत्नी सीमा अलमारी से रुपये निकालकर चुपके से अपने भाई कृष्ण कुमार को दे रही है। पुलिस जांच में जब कृष्ण कुमार के बैंक खातों की जांच की गई, तो पता चला कि बेरोजगार होने के बावजूद उसके खाते में करीब 22 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन हुए हैं।

मुआवजे के लालच में जबरन नाम कराई जमीन

साजिश यहीं नहीं रुकी। वर्ष 2022 में पिंगल बघेल ने तमनार क्षेत्र में अधिग्रहण योग्य भूमि खरीदने की योजना बनाई, जिस पर भविष्य में करोड़ों रुपये का मुआवजा और नौकरी मिलने की संभावना थी। इसका पता चलते ही ससुर, साले और पत्नी ने दबाव बनाकर करीब 13 लाख 50 हजार रुपये की उस जमीन की रजिस्ट्री सीमा बघेल के नाम पर करवा ली। इसके बाद अन्य संपत्तियों को हथियाने के लिए व्यवसायी को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

एसडीओपी की जांच के बाद हुई गिरफ्तारी

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने धरमजयगढ़ एसडीओपी सिद्धांत तिवारी को जांच सौंपी। जांच में चोरी, धोखाधड़ी और गबन के आरोप सही पाए गए। इसके बाद 3 जून 2026 को घरघोड़ा थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 61(2), 49, 318(4), 303(2), 316(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में 4 जून को आरोपी पत्नी सीमा बघेल और साले कृष्ण कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।

आर्थिक अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा: एसएसपी

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, "धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र जैसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा। पीड़ितों को न्याय दिलाना और ऐसे आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

उरला में पुलिस की सीधी एंट्री: जनता से बातचीत, बदमाशों की अब खैर नहीं!

रायपुर । TODAY छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर के नार्थ जोन क्षेत्रांतर्गत उरला स्थित इतवारी बाजार में पुलिस ने जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ाने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। डीसीपी (नार्थ जोन) के निर्देशन में “संवाद से समाधान” अभियान के तहत पुलिस लगातार जनसंपर्क कर रही है। गुरुवार को पुलिस अधिकारियों और जवानों ने बाजार में व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रवासियों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं सुनकर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

​जनता से जुड़ने के साथ-साथ पुलिस असामाजिक तत्वों पर भी पैनी नजर बनाए हुए है। क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस ने अपराधियों और गुंडा तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका मुख्य उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करना है, ताकि एक सुरक्षित और अपराधमुक्त वातावरण का निर्माण हो सके।

​इस दौरान पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध से जुड़ी सूचना तुरंत पुलिस से साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। “संवाद से समाधान” अभियान के जरिए रायपुर पुलिस यह संदेश दे रही है कि वह आम जनमानस की सुरक्षा और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। 

महिला की तस्वीर से छेड़छाड़ कर वायरल किया, सीधे पहुंचा जेल

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  महिला की तस्वीर से छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में तोरवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने महिला को बदनाम करने और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की नीयत से यह हरकत की थी।

पुलिस के अनुसार पीड़िता ने 4 जून को थाना तोरवा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित चुकेन्द्र साहू उर्फ प्रांशु ने उसकी तस्वीर को एडिट कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया है। शिकायत में बताया गया कि आरोपी का उद्देश्य महिला की छवि धूमिल करना और उसे सामाजिक रूप से बदनाम करना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन सक्ती जिले के मालखरौदा क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी चुकेन्द्र साहू उर्फ प्रांशु (30 वर्ष) निवासी अड़भार, थाना मालखरौदा, जिला सक्ती को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 77 बीएनएस तथा धारा 67 आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी तथा सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

युवाओं के सपनों को मिलेगा पता, बिलासपुर में आकार ले रहा नालंदा परिसर

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर पहुंचें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहर के मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में आकार ले रहे नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन कर इसकी प्रगति की जानकारी ली। जिले को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।

गौरतलब है कि बिलासपुर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, व्यापम, बैंकिंग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मधुबन-जूना क्षेत्र में लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है। इस आधुनिक परिसर में नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, शैक्षणिक ब्लॉक तथा अन्य आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास एवं शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करेगी। परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे नगर निगम के लिए भविष्य में स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। अनुमानित रूप से इस परियोजना से नगर निगम को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जा रहे इस परिसर के संचालन का अतिरिक्त वित्तीय भार भी नगर निगम पर नहीं आएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर, संसाधन और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। एजुकेशन हब के विकसित होने से बिलासपुर की पहचान एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होगी। यह परिसर हजारों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने के साथ उन्हें सफलता की राह पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गौरतलब है कि बिलासपुर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, व्यापम, बैंकिंग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मधुबन-जूना क्षेत्र में लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है। इस आधुनिक परिसर में नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, शैक्षणिक ब्लॉक तथा अन्य आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास एवं शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करेगी। परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे नगर निगम के लिए भविष्य में स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। अनुमानित रूप से इस परियोजना से नगर निगम को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जा रहे इस परिसर के संचालन का अतिरिक्त वित्तीय भार भी नगर निगम पर नहीं आएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर, संसाधन और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। एजुकेशन हब के विकसित होने से बिलासपुर की पहचान एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होगी। यह परिसर हजारों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने के साथ उन्हें सफलता की राह पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गवासी सखाराम के नाम पर

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत हेमूनगर  में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की तथा आमजनों के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की। ट्राईसाइकिल पाकर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। मुख्यमंत्री ने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक आवास की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के सीएसआर मद से 22.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 200 सीटर बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन का शिलान्यास किया। इस भवन में वरिष्ठ नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा, योग, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी एवं समग्र पुनर्वास जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित और बेहतर जीवनयापन के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। इसी प्रकार उन्होंने 18.76 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 500 सीटर दिव्यांगजन शिक्षण-प्रशिक्षण एवं बहुउद्देशीय पुनर्वास केंद्र का भी शिलान्यास किया। इस केंद्र में शिक्षण-प्रशिक्षण, कौशल विकास, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑडिटरी ट्रेनिंग तथा समग्र पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह केंद्र दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का भी लोकार्पण किया। इस मशीन के माध्यम से मस्तिष्क, हृदय एवं अन्य जटिल बीमारियों की जांच स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगी। इससे मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी बनेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 68 लाख 54 हजार 3 महिलाओं के खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। योजना के तहत अब तक 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत अब तक 27 जिलों का दौरा किया जा चुका है। सरकार सीधे जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रही है और लोगों से फीडबैक ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों के पराक्रम और बस्तर की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। आज बस्तर में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है। वहीं ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत 400 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। आमजनों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सुविधा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।  

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। जनता की भलाई के लिए किए गए कार्य ही वास्तविक सुशासन हैं। उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार, रेलवे अधोसंरचना विकास तथा अरपा परियोजना के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का सशक्त माध्यम है। समाधान शिविरों में उमड़ रही भीड़ सरकार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने 134 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री की घोषणा- मुख्यमंत्री ने बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला की मांग पर बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर किए जाने की घोषणा की। साथ ही बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के निगम क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार विशेष कार्ययोजना पर कार्य कर रही है और जिले के विकास से जुड़े सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के साथ पूरे किए जाएंगे।

पुलिस का बड़ा एक्शन, चाकूबाज, शराब तस्कर और अड्डेबाज एक साथ दबोचे गए

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  डीडी नगर थाना पुलिस ने अवैध शराब बिक्री, सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराकर दहशत फैलाने तथा अड्डेबाजी करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि 10 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। 

शराब बेचते पकड़ा गया आरोपी

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुरा स्थित कुरी तालाब के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में छापेमारी की। मौके से अमर गुप्ता, निवासी महादेव घाट को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 5.400 लीटर देशी शराब बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

चाकू लहराकर फैला रहा था दहशत

रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि महादेव घाट स्थित विसर्जन कुंड के पास एक युवक हाथ में चाकू लेकर लोगों को डरा-धमका रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शंकर साहू, निवासी कुकुरबेड़ा, सरस्वती नगर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक धारदार चाकू बरामद किया गया। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर जेल भेजा गया।

10 अड्डेबाजों पर भी कार्रवाई

थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर अड्डेबाजी कर शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की। पूर्व में समझाइश दिए जाने के बावजूद गतिविधियां जारी रहने पर पुलिस ने घेराबंदी कर 10 लोगों को पकड़ा। सभी के खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई कर एसीपी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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