अरविंद अवस्थी सातवीं बार बने प्रदेश अध्यक्ष, पत्रकार हितों पर रहेगा फोकस


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ की प्रदेश कार्यकारिणी का चुनाव राजधानी रायपुर में सर्वसम्मति से संपन्न हो गया। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में चुनाव अधिकारी राम साहू और राजकुमार यादव की देखरेख में पूरी कराई गई। चुनाव में अरविंद अवस्थी लगातार सातवीं बार प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए। उनके पुनः अध्यक्ष चुने जाने पर संगठन से जुड़े पत्रकारों ने खुशी जताई और इसे संगठन की मजबूती व एकजुटता का प्रतीक बताया।

नवगठित कार्यकारिणी में विश्वदीपक राई को फिर से प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अनिल पवार को प्रदेश कोषाध्यक्ष तथा राजेश मिश्रा को प्रदेश संयोजक चुना गया।

प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर हरबंस अरोरा, अब्बास अली, मनोज मिश्रा, मोहन तिवारी, भरत योगी और निर्मल सलूजा निर्वाचित हुए हैं।

प्रदेश सचिव के रूप में रेनू मिश्रा, छगन साहू, दिनेश मिश्रा, मोहन दास मानिकपुरी, विनोद शर्मा और रवि शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा सह सचिव पद पर भूपेंद्र धर दिवान, हरिश तिवारी और साखन दर्वे को नियुक्त किया गया है। संगठन ने मनोज मिश्रा को संगठन प्रभारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी है।

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनके अधिकारों के लिए संघर्ष और संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में नई कार्यकारिणी सक्रिय रूप से कार्य करेगी।






ऑलिव रिडले बच्चों की पहली यात्रा ने मोह लिया सबका दिल


गंजम।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  ओडिशा के गंजम जिले में ऋषिकुल्या नदी के मुहाने पर इन दिनों प्रकृति का अद्भुत और भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिल रहा है। हजारों ऑलिव रिडले समुद्री कछुओं के नन्हे बच्चे अंडों से बाहर निकलकर समुद्र की ओर अपनी पहली यात्रा पर निकल पड़े हैं।

करीब 45 दिनों तक रेत में सुरक्षित रहने के बाद अब ये छोटे कछुए तेजी से बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं। समुद्र तट पर यह नजारा लोगों को रोमांचित कर रहा है। इस मौसम में लाखों अंडे तट पर दिए गए थे, जिससे यह इलाका ऑलिव रिडले कछुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण नर्सरी बन गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस सामूहिक अंडे देने की प्रक्रिया को ‘अरिबाडा’ कहा जाता है। यह एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना है, जिसमें हजारों मादा कछुए एक साथ समुद्र तट पर पहुंचकर अंडे देती हैं। ‘अरिबाडा’ शब्द स्पेनिश भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है “समुद्र के रास्ते आगमन।” 

बताया जाता है कि मादा कछुए अक्सर उसी तट पर लौटती हैं जहां उनका जन्म हुआ था। वे रेत में घोंसले बनाकर लगभग 80 से 120 अंडे देती हैं। अंडों से बाहर निकलने के बाद नन्हे कछुओं को समुद्र तक पहुंचने के लिए लंबी और खतरनाक यात्रा तय करनी पड़ती है। इस दौरान उन्हें समुद्री लहरों, पक्षियों और अन्य शिकारियों के अलावा इंसानी दखल जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके, उनकी सहज प्रवृत्ति उन्हें समुद्र की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। 

वन विभाग और पर्यावरण प्रेमियों ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील समय में समुद्र तट पर अनावश्यक भीड़ और रोशनी से बचें, ताकि कछुओं की यह प्राकृतिक यात्रा सुरक्षित रह सके।

भटकती आत्मा नहीं… जिंदा थी महिला, तहसील जांच में खुला राज


गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
  TODAY छत्तीसगढ़  / मरवाही तहसील में कथित तौर पर “मृत महिला द्वारा जमीन बिक्री” के मामले में प्रशासनिक जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। तहसीलदार मरवाही ने स्पष्ट किया है कि जिस आदिवासी महिला को मृत बताकर फर्जी रजिस्ट्री का आरोप लगाया गया था, वह महिला जीवित पाई गई है।

दरअसल, 29 अप्रैल को मीडिया में “मृत आदिवासी महिला जिंदा बनकर बेच गई जमीन” शीर्षक से खबर प्रसारित हुई थी। खबर में आरोप लगाया गया था कि मृत महिला के नाम पर किसी अन्य महिला को खड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार मरवाही ने विस्तृत जांच कराई। जांच में सामने आया कि ग्राम पोड़ी निवासी सोमवती ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दी थी कि उसकी नानी जोहरी बाई की वर्ष 2010 में मृत्यु हो चुकी है, बावजूद इसके उनकी जमीन की बिक्री रजिस्ट्री कर दी गई।

तहसीलदार न्यायालय में आवेदिका, कथित मृत महिला जोहरी बाई उर्फ बेलपतिया और अन्य संबंधित पक्षों को बुलाकर पूछताछ की गई। जांच के दौरान जिस महिला को मृत बताया गया था, वह स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुई।

महिला ने बताया कि उसका पहला नाम जोहरी बाई पति श्यामलाल था, जबकि दूसरी शादी के बाद दस्तावेजों में उसका नाम बेलपतिया पति तिलकधारी दर्ज हो गया। बाद में शपथपत्र और आधार कार्ड के आधार पर रिकॉर्ड में “जोहरी बाई उर्फ बेलपतिया” नाम दर्ज कराया गया था। सहखातेदार शिवचरण ने भी बयान में स्पष्ट किया कि उसके पिता का नाम रामविशाल और श्यामलाल दोनों नामों से प्रचलित था, जिसे रिकॉर्ड में संशोधित कराया गया था।

पूरी जांच के बाद तहसीलदार ने शिकायत को निराधार और भ्रामक बताया है। प्रशासन ने कहा कि आवेदिका द्वारा गलत जानकारी देकर शिकायत की गई थी। मामले में थाना प्रभारी मरवाही को पृथक दंडात्मक कार्रवाई के लिए पत्र भी जारी किया गया है।

महिला से छेड़छाड़: मोबाइल में कैद हुए आरोपी, पुलिस ने दबोचकर भेजा जेल


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  / महिला से छेड़छाड़ और विरोध करने पर उसके पति से मारपीट करने वाले दो आरोपियों को कोतरारोड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली है।

जानकारी के अनुसार, थाना कोतरारोड़ क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 3 मई को अपने पति के साथ मायके सक्ती से मोटरसाइकिल से रायगढ़ लौट रही थी। रास्ते में ग्राम बैसपाली के पास बाइक खराब हो गई, जिसके बाद दोनों पैदल वाहन को ढकेलते हुए आगे बढ़ रहे थे।

महिला ने बताया कि ग्राम कुसमुरा तालाब के पास वह शौच के लिए गई थी। इसी दौरान कार क्रमांक CG 13 AM 1892 से पहुंचे दो युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। पति द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और धमकी देकर फरार हो गए।

महिला ने साहस दिखाते हुए आरोपियों की मोबाइल से तस्वीर खींच ली और अगले दिन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान चैतन्य राणा और उत्तरा कुमार श्रीवास के रूप में की।

पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों के घर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ग्रे रंग की मारुति सुजुकी सेलरियो कार, चाबी और आरसी जब्त की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

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