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साईं मंगलम गली में देह व्यापार का अड्डा ध्वस्त, तीन गिरफ्तार

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में देह व्यापार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के छोटे अतरमुड़ा स्थित एक किराये के मकान में संचालित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान महिला दलाल सहित दो ग्राहकों को गिरफ्तार किया है। मौके से आपत्तिजनक सामग्री और नकद राशि भी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार छोटे अतरमुड़ा स्थित साईं मंगलम गली किनारे एक किराये के मकान में देह व्यापार संचालित होने की सूचना मिली थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में थाना चक्रधरनगर और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।

सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस ने एक पाइंटर को ग्राहक बनाकर मकान में भेजा। पूर्व निर्धारित संकेत मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मकान के अलग-अलग कमरों में महिलाएं और ग्राहक आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए।  

जांच में सामने आया कि महिला दलाल गुंजन चौहान किराये के मकान में युवतियों के माध्यम से देह व्यापार का संचालन कर रही थी। तलाशी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। वहीं पाइंटर द्वारा दिए गए 2,500 रुपये भी महिला दलाल के कब्जे से जब्त किए गए।

पुलिस ने महिला दलाल गुंजन चौहान के साथ ग्राहक नेहरू चौहान और मीर रविउल को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना चक्रधरनगर में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि देह व्यापार जैसे संगठित अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। 



नाले में गिरा मिला अर्धविक्षिप्त युवक, पुलिस ने दिखाई इंसानियत


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी रायपुर में बीती शाम से जारी तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के बीच गंज पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकारों का परिचय देते हुए एक अर्धविक्षिप्त व्यक्ति की जान बचाने का सराहनीय कार्य किया। लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच नाले में गिरे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर पुलिस ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गंज थाना सहित शहर के सभी थानों की पेट्रोलिंग टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर रही थीं। इस दौरान पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने, जलभराव और अन्य संभावित खतरों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी।

इसी क्रम में गंज थाना में पदस्थ आरक्षक जितेंद्र साहू और आरक्षक जितेश तिवेश मानझी पेट्रोलिंग के दौरान चूनाभट्टी स्थित अंडरब्रिज के समीप पहुंचे। वहां उन्होंने एक व्यक्ति को नाले में गिरा हुआ देखा। तेज बारिश और अंधेरे के कारण स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण थी। दोनों आरक्षकों ने तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया और व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।

पूछताछ में उसकी पहचान झारखंड के गुमला जिले निवासी श्रावण कुमार भगत के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार बातचीत और व्यवहार से वह अर्धविक्षिप्त प्रतीत हुआ तथा अपने परिजनों और वर्तमान स्थिति के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने में सक्षम नहीं था। गंज पुलिस ने उसके प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक देखभाल और सहायता सुनिश्चित की।

मूसलाधार बारिश और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच की गई यह कार्रवाई एक बार फिर पुलिस के मानवीय चेहरे को सामने लाती है। गंज पुलिस की तत्परता ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया और "सेवा, सुरक्षा और सहयोग" के संकल्प को सार्थक रूप से चरितार्थ किया।


दुष्कर्म मामले में समझौते का दबाव बनाने के आरोप पर एसआई लाइन अटैच

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  सिरगिट्टी क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने उप निरीक्षक (एसआई) शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन अटैच कर दिया है। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय पुलिस समझौते का दबाव बना रही थी। 

दुष्कर्म केस पर बवाल, शिकायत के बाद एसएसपी का बड़ा एक्शन

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। पीड़ित बच्चियों की मां ने केंद्रीय गृह मंत्री को शिकायत पत्र भेजकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मामले में समय पर कार्रवाई नहीं की गई, महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र करने में लापरवाही बरती गई और परिवार पर समझौते का दबाव बनाया गया। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल प्रभाव से एसआई शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रश्मित कौर चावला को सौंपी गई है। उन्हें मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। 

साक्ष्य जुटाने में लापरवाही का आरोप

परिवार का आरोप है कि पूछताछ के दौरान बच्चियों ने बताया था कि आरोपी वारदात के समय उन्हें रस्सी से बांधते थे। परिजनों ने पुलिस से कथित रूप से रस्सी और अन्य संभावित वैज्ञानिक साक्ष्यों को तत्काल जब्त कर फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की थी, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि इससे मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका है।

बच्चियों पर मानसिक दबाव का भी आरोप

शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान बच्चियों को बार-बार थाने बुलाया गया, जिससे उन पर मानसिक दबाव पड़ा। परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष की ओर से अब भी धमकियां मिल रही हैं, बावजूद इसके पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई। 

जांच से हटाने की मांग

पीड़िता की मां ने शिकायत में थाना प्रभारी अभय सिंह बैस, उप निरीक्षक शीतला प्रसाद त्रिपाठी और जांच अधिकारी संतोषी अग्रवाल को मामले की जांच से हटाने तथा उनकी भूमिका की विभागीय जांच कराने की मांग की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कुख्यात बदमाश 'लेडी डॉन' मुस्कान रात्रे तीन माह के लिए जिला बदर

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अपराध और अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात आदतन महिला बदमाश मुस्कान रात्रे को जिला बदर कर दिया है। पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के तहत मुस्कान रात्रे को अगले तीन माह तक रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र के साथ-साथ रायपुर ग्रामीण, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस के अनुसार मुस्कान रात्रे लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब कारोबार, मारपीट, धमकी, हत्या के प्रयास, गांजा बिक्री सहित कई गंभीर अपराधों में संलिप्त रही है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 20 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

पुलिस का कहना है कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में कई बार प्रतिबंधात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की गई, लेकिन उसके आपराधिक व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। इसके बाद मध्य जिला पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन, आपराधिक रिकॉर्ड, स्वतंत्र गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5(ख) के तहत जिला बदर की कार्रवाई की गई।

पुलिस कमिश्नर द्वारा पारित आदेश के अनुसार मुस्कान रात्रे को तीन माह तक प्रतिबंधित जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहना होगा। बिना अनुमति इन क्षेत्रों में प्रवेश करने पर उसके खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और आम नागरिकों, व्यापारियों तथा गवाहों में व्याप्त भय का वातावरण कम होगा।

मंदिर के पास नशे का सौदा! ग्राहक तलाशते आरोपी को पुलिस ने दबोचा

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  रतनपुर पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नशीली टेबलेट बेचने की फिराक में घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 13 नग नाईट्रोजेपम (नाईट्रा) टेबलेट बरामद की गई है, जिसकी कीमत 57 हजार 200 रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आज थाना रतनपुर को मुखबिर से सूचना मिली कि भैरवबाबा मंदिर स्थित पुष्प वाटिका के पास एक युवक लोगों से विवाद कर रहा है और अपने पास नशीली टेबलेट रखकर उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी विष्णु यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त कर पुलिस टीम को मौके पर रवाना किया। पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ा और तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 13 नग नाईट्रोजेपम (नाईट्रा) टेबलेट बरामद की। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम नवीन कुमार बैसवाड़े (28 वर्ष) निवासी उसराभाठा नेवसा, थाना रतनपुर बताया। पुलिस ने नशीली दवाइयों को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

शराब पार्टी के बीच पहुंची मौत, चार दोस्तों ने युवक को उतारा मौत के घाट

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  कोटा थाना क्षेत्र में चरित्र शंका को लेकर एक युवक की पत्थर से सिर कुचलकर की गई निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने लगातार तलाश के बाद गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार 4 जून को प्रार्थी आलोक सिंह ने थाना कोटा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने साथी यशु पोर्ते और निखिल गोस्वामी के साथ होटल फोर सीजन के आगे कच्चे मार्ग पर बैठकर शराब पी रहा था। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवक वहां पहुंचे और निखिल गोस्वामी को घेर लिया।

रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य आरोपी दीपक दास उर्फ भोला ने पहले निखिल की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। इसके बाद चारों आरोपियों ने मिलकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना की सूचना डायल-112 को दी गई। जब पुलिस और साथी मौके पर पहुंचे तो निखिल गोस्वामी गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। आरोपियों ने उसके सिर पर बड़े पत्थर से वार कर उसे बुरी तरह कुचल दिया था। घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह एवं एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में गठित टीम ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने 11 जून को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में दीपक दास उर्फ भोला दास मानिकपुरी (26), निखिल राव उर्फ निक्कू (24), करण दास मानिकपुरी (24) और कुश साहू उर्फ बुतरू (26) शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे चरित्र शंका का विवाद सामने आया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।  

थाना प्रभारी की बर्खास्तगी की मांग को लेकर टंकी पर चढ़े युवक, आत्मदाह की चेतावनी

कोरबा। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के हरदीबाजार क्षेत्र में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दो युवक पुलिस कार्रवाई के विरोध में गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। दोनों युवकों ने हरदीबाजार थाना प्रभारी पर मारपीट और रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्मघाती कदम उठा सकते हैं।

जानकारी के अनुसार नेवसा गांव निवासी रफीक मोहम्मद (22) और दीपेश निर्मलकर (23) सुबह गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। बताया जा रहा है कि उनके पास पेट्रोल भी मौजूद था, जिससे प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी युवकों को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटे रहे।

युवकों का आरोप है कि मंगलवार को पुलिस ने उन्हें सिरली गांव के पास से पकड़कर थाने ले गई थी। वहां जुआ संचालन के आरोप में उनके साथ डंडों और बेल्ट से मारपीट की गई। उनका कहना है कि बाद में उन्हें दीपका ले जाकर ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिनमें यह दर्शाया गया कि भागने के दौरान गिरने से उन्हें चोट लगी है। दोनों युवकों ने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने उन्हें छोड़ने के बदले 23,500 रुपये लिए थे। इसके बावजूद उनके खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।

घटनास्थल पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने भी पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाने और घरों में घुसकर लोगों को उठाने के आरोप लगाए। वहीं गांव की निवासी शफीना बेगम ने दावा किया कि पुलिस उनके पति अनवर अली को घर से ले गई थी, जिसके बाद से वह घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने पूरे मामले के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।

हालांकि, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डड़सेना ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों युवक क्षेत्र में जुआ संचालन में संलिप्त थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की थी। उन्होंने रिश्वत लेने और मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। 


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