कोरबा। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले के हरदीबाजार क्षेत्र में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दो युवक पुलिस कार्रवाई के विरोध में गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। दोनों युवकों ने हरदीबाजार थाना प्रभारी पर मारपीट और रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्मघाती कदम उठा सकते हैं।
जानकारी के अनुसार नेवसा गांव निवासी रफीक मोहम्मद (22) और दीपेश निर्मलकर (23) सुबह गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। बताया जा रहा है कि उनके पास पेट्रोल भी मौजूद था, जिससे प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी युवकों को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटे रहे।
युवकों का आरोप है कि मंगलवार को पुलिस ने उन्हें सिरली गांव के पास से पकड़कर थाने ले गई थी। वहां जुआ संचालन के आरोप में उनके साथ डंडों और बेल्ट से मारपीट की गई। उनका कहना है कि बाद में उन्हें दीपका ले जाकर ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिनमें यह दर्शाया गया कि भागने के दौरान गिरने से उन्हें चोट लगी है। दोनों युवकों ने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने उन्हें छोड़ने के बदले 23,500 रुपये लिए थे। इसके बावजूद उनके खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।
घटनास्थल पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने भी पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाने और घरों में घुसकर लोगों को उठाने के आरोप लगाए। वहीं गांव की निवासी शफीना बेगम ने दावा किया कि पुलिस उनके पति अनवर अली को घर से ले गई थी, जिसके बाद से वह घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने पूरे मामले के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डड़सेना ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों युवक क्षेत्र में जुआ संचालन में संलिप्त थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की थी। उन्होंने रिश्वत लेने और मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
