562 वन्यजीवों की मौत पर उठे सवाल, जानकारी देने से विभाग का इंकार


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की अस्वाभाविक मौत का मामला अब सवालों के घेरे में आ गया है। विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत उपलब्ध कराई गई जानकारी में अंतर सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है।

विधानसभा में विधायक शेषराज हरवंश के प्रश्न के उत्तर में वन विभाग ने दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच 9 बाघ, 38 हाथी सहित कुल 562 वन्यजीवों की अस्वाभाविक मौत की जानकारी दी थी। हालांकि, रायपुर निवासी नितिन सिंघवी द्वारा मांगी गई जानकारी को वन विभाग ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(क) का हवाला देते हुए देने से इंकार कर दिया। विभाग का कहना है कि यह जानकारी वन्यप्राणी सुरक्षा, प्रबंधन रणनीति और शासन हित में गोपनीय है।

आंकड़ों में अंतर से बढ़ा विवाद

सिंघवी के अनुसार, विधानसभा में 38 हाथियों की मौत बताई गई, जबकि RTI में 36 का आंकड़ा दिया गया। इसी तरह 9 बाघों की मौत के बजाय एंटी-पोचिंग डेटा में केवल 2 बाघों के शिकार की जानकारी सामने आई। उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी वन्यजीवों की मौत कब, कहां और किन परिस्थितियों में हुई—यह जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही।

RTI कानून पर उठे सवाल

सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(क) राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों से जुड़ी सूचनाओं को गोपनीय रखने की अनुमति देती है। लेकिन सिंघवी का कहना है कि जो जानकारी विधानसभा में सार्वजनिक की जा चुकी है, उसे आम नागरिकों से छिपाना समझ से परे है।

🐾 “शिकारगढ़” बनने का आरोप

सिंघवी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में वन्यजीवों का संरक्षण कमजोर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि 16 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 6 तेंदुओं की खाल जब्त की गई, जिससे हालिया शिकार की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा दंतेवाड़ा में एक बाघ की खाल जब्त होने का भी मामला सामने आया है।

 बड़ा सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि—

👉 जो जानकारी विधानसभा में सार्वजनिक है, वह RTI में गोपनीय कैसे हो गई?

👉 क्या विभाग किसी बड़ी लापरवाही को छिपा रहा है?

👉 वन्यजीव संरक्षण की वास्तविक स्थिति क्या है?

कोनी कुक्कुट क्षेत्र में बर्ड फ्लू नियंत्रण में, 3 माह तक सख्ती बरकरार


बिलासपुर।  
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में बर्ड फ्लू (H5N1) संक्रमण की पुष्टि के बाद की गई व्यापक कार्रवाई और सैनिटाइजेशन प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के लिए सैनिटाइजेशन प्रमाण-पत्र जारी कर दिया है। हालांकि, संक्रमण की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आगामी तीन माह तक सख्त निगरानी और प्रतिबंध जारी रहेंगे।

संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉक्टर जीएसएस तंवर द्वारा ने बताया कि कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में निशाद भोपाल द्वारा पक्षियों की जांच के बाद बर्ड  फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके पश्चात संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, रायपुर के निर्देशानुसार प्रभावित क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए पोल्ट्री फार्म को पूर्णतः खाली कराया गया।संक्रमित क्षेत्र में मौजूद पक्षियों, अंडों, दाना एवं अन्य सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में 4 प्रतिशत फॉर्मेलिन एवं सोडियम हाइपोक्लोराइट से व्यापक सैनिटाइजेशन और डिसइन्फेक्शन कार्य किया गया, जिससे संक्रमण के प्रसार को प्रभावी रूप से रोका जा सके।

       निर्धारित मानकों के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद संबंधित क्षेत्र को सैनिटाइज घोषित करते हुए प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। अब क्षेत्र में पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस प्लान (POSP) के तहत लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक 15 दिनों में नमूना परीक्षण किया जाएगा और चार चरणों तक निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही क्षेत्र को पूर्णतः सुरक्षित माना जाएगा।डॉक्टर तंवर ने स्पष्ट किया है कि सर्विलांस जोन के भीतर और 10 किलोमीटर की परिधि में पक्षियों एवं उनके उत्पादों के परिवहन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। वहीं, संक्रमित केंद्र (0-1 किमी क्षेत्र) में कम से कम तीन माह तक पोल्ट्री पालन और विक्रय पर पूर्ण रोक लागू रहेगी। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी कुक्कुट पालकों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार द्वारा जारी एसओपी का कड़ाई से पालन करें तथा पक्षियों की असामान्य मृत्यु की सूचना तत्काल विभाग को दें। प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों से जहां एक ओर संक्रमण पर नियंत्रण पाया गया है, वहीं दूसरी ओर भविष्य में किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त सतर्कता बरती जा रही है।

मोबाइल ऐप: बॉल टू बॉल सट्टा लिखते दो पकड़े, खाईवाल भी गिरफ्तार


रायगढ़।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  आईपीएल मैच के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन अंकुश” के तहत दो बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इस कार्रवाई में सट्टा नेटवर्क और यूपीआई के जरिए हो रहे लेनदेन का भी खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 को साइबर थाना और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि बोईरदादर क्षेत्र में मोबाइल के माध्यम से कोलकाता और लखनऊ के बीच चल रहे आईपीएल मैच पर बॉल टू बॉल सट्टा लिखा जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर पंकज जय सिंह और जयदेव मित्रा को गिरफ्तार किया।

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी मोबाइल के जरिए सट्टा संचालित कर रहे थे और राशि का लेनदेन यूपीआई के माध्यम से कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे मुख्य खाईवाल शानू बेरीवाला के लिए सट्टा संचालित करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल जब्त किए, जिनमें “ALL PANELEXCH” और “JALWA-247” जैसे सट्टा साइट्स सक्रिय पाए गए। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। इसी अभियान के तहत पूर्व प्रकरण में फरार चल रहे सट्टा खाईवाल एजाज अहमद उर्फ मन्नू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, फरवरी में एक अन्य कार्रवाई में ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले आरोपी से पूछताछ के दौरान मन्नू की संलिप्तता सामने आई थी। इसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी। पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और बीएनएस की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। 

आरोपी सट्टा खाईवाल एजाज उर्फ मन्नू

👮‍♂️ एसएसपी का सख्त संदेश

इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टा संचालित करने वालों के साथ-साथ सट्टा खेलने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से इस अभियान में सहयोग की अपील की है। 


मंगल बाजार में सट्टा, नगदी के साथ आरोपी गिरफ्तार


दुर्ग।
  TODAY छत्तीसगढ़  / जुआ-सट्टा के खिलाफ दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में थाना नेवई क्षेत्र में सट्टा लिखते एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सट्टा सामग्री एवं नगदी जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार, 8 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि मंगल बाजार टंकी, मरोदा क्षेत्र में एक व्यक्ति रुपये-पैसों का दांव लगाकर सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनोज सोनी उर्फ गोलू (34 वर्ष), निवासी टंकी मरोदा नेवई बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से सट्टा पट्टी, एक पर्ची, नगदी 800 रुपये एवं एक पेन जब्त किया गया।

मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 223/2026 के तहत धारा 6 छत्तीसगढ़ सार्वजनिक जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया। आरोपी को 9 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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