रायगढ़/जशपुर । TODAY छत्तीसगढ़ / डिजिटल दौर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता की दिशा में जशपुर से एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। जशपुर के विशिष्ट कम्युनिटी हॉल सभागार में साइबर फ्रॉड पर आधारित शॉर्ट फिल्म “ख़ौफ़ - द डिजिटल वॉर” का भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कौशल्या देवी साय तथा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और फिल्म से जुड़े कलाकार उपस्थित रहे। सभागार में फिल्म के प्रदर्शन के बाद दर्शकों ने इसे सराहनीय पहल बताते हुए खूब प्रशंसा की। फिल्म की कहानी, निर्देशन और अभिनय की जिम्मेदारी शशि मोहन सिंह ने निभाई है। उन्होंने फिल्म में एक पीड़ित शिक्षक की भूमिका अदा की है। उनके पुत्र ऋभु समर्थ सिंह भी प्रमुख भूमिका में नजर आए। इससे पूर्व भी वे सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों के माध्यम से जागरूकता का संदेश दे चुके हैं।
फिल्म में साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए हथकंडों को प्रभावी तरीके से दर्शाया गया है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और डिजिटल जालसाजी जैसे अपराधों से बचाव का संदेश फिल्म के माध्यम से दिया गया है। फिल्म में प्रवीण अग्रवाल, कुंदन सिंह, वंशिका गुप्ता, लायरा जैन और राम प्रकाश पाण्डेय सहित स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है। कलाकारों की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि कौशल्या देवी साय ने कहा कि इस तरह की फिल्में समाज में जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म लोगों को साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने के लिए प्रेरित करेगी।
वहीं डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कि फिल्म के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि आमजन साइबर अपराधों के प्रति सजग हो सकें। राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के प्रमुख डॉ. आनंद पाण्डेय ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ नेता राजीव नंदे, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी लाल उमेद सिंह सहित कई अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में शशि मोहन सिंह ने कहा कि फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इस फिल्म को देखें और साझा करें, ताकि साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का उद्देश्य सफल हो सके।

