रायपुर । TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ में बिजली करंट से हो रही हाथियों और अन्य वन्यजीवों की लगातार मौत के मामलों पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव से शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई।
लगातार घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
रायपुर निवासी नितिन सिंघवी की ओर से अदालत में प्रस्तुत समाचार पत्रों की कतरनों के आधार पर बताया गया कि मार्च माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में करंट से कई वन्यजीवों की मौत हुई है। इनमें प्रमुख घटनाएं— रायगढ़ के घरघोड़ा वन क्षेत्र में दो हाथी शावकों की मौत, सूरजपुर के प्रतापपुर में खेत में करंट तार से हाथी की मौत, कोरबा में 11 केवी तार की चपेट में मादा भालू व दो शावकों की मौत AUR मैनपाट व सारंगढ़ क्षेत्रों में अवैध करंट से मानव और वन्यजीवों की मौत शामिल हैं।
कोर्ट ने मांगा विस्तृत जवाब
खंडपीठ ने अपर मुख्य सचिव से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उक्त घटनाएं किन परिस्थितियों में हुईं जिम्मेदार अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की ? भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं ?
अवैध करंट बना मौत का कारण
प्राथमिक तौर पर सामने आया है कि खेतों व जंगलों में जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा या शिकार के लिए अवैध रूप से करंट युक्त तार बिछाए जा रहे हैं, जो वन्यजीवों के लिए घातक साबित हो रहे हैं। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित की है और तब तक संबंधित विभाग से शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।


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