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ग्राहकों की तलाश में बैग में लेकर घूम रहे थे गांजा... पुलिस ने दो तस्करों को किया गिरफ़्तार

कांपा रेलवे फाटक के पास से गिरफ्तार मनीष गुप्ता
TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी रायपुर में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो अंतरराज्यीय अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है.

पंडरी थाना पुलिस ने इन दोनों अभियुक्तों के पास से कुल 11 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा (कैनबिस) बरामद किया है. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए दोनों अभियुक्त वर्तमान में सिलवासा (दादरा एवं नगर हवेली, गुजरात) में रह रहे थे और वहीं से रायपुर में नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े थे.

पहला मामला: कांपा रेलवे फाटक के पास से गिरफ़्तारी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पंडरी पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि कांपा रेलवे फाटक के पास एक युवक बैग में गांजा लेकर ग्राहकों की तलाश कर रहा है.

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौक़े पर पहुंचकर घेराबंदी की और एक संदिग्ध को हिरासत में लिया.

  • अभियुक्त की पहचान: 21 वर्षीय मनीष गुप्ता (मूल निवासी- महराजगंज, उत्तर प्रदेश; वर्तमान निवासी- सामरवाणी, सिलवासा, गुजरात).

  • बरामदगी: पुलिस ने इसके पास से 7 किलो 330 ग्राम गांजा, एक मोबाइल फ़ोन और 120 रुपये नक़द ज़ब्त किए हैं.

  • कार्रवाई: इसके ख़िलाफ़ पंडरी थाने में अपराध क्रमांक 174/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 20(B) का मामला दर्ज किया गया है. 

दूसरा मामला: कांपा मालधक्का के पास से गिरफ़्तारी

इसी अभियान के तहत पंडरी पुलिस ने एक और कार्रवाई करते हुए कांपा मालधक्का इलाक़े से एक अन्य व्यक्ति को गिरफ़्तार किया. पुलिस के मुताबिक़, यह अभियुक्त भी एक पिट्ठू बैग में गांजा रखकर ग्राहकों को बेचने की फ़िराक़ में था.

  • अभियुक्त की पहचान: 26 वर्षीय वासुदेव जगताप (निवासी- सागरवानी स्कूल फलिया, सिलवासा, गुजरात).

  • बरामदगी: पुलिस ने वासुदेव के पास से 4 किलो 70 ग्राम अवैध गांजा और एक मोबाइल फ़ोन बरामद किया है.

  • कार्रवाई: इसके ख़िलाफ़ भी पंडरी थाने में अपराध क्रमांक 175/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के ख़िलाफ़ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. दोनों मामलों में पुलिस विस्तृत विवेचना (जांच) कर रही है ताकि इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके. 

हाथ पर लिखा 'RK सारथी' और कुचला हुआ चेहरा.. पुलिस के सामने एक अनसुलझी हत्या की गुत्थी

TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक युवती की कथित तौर पर हत्या का मामला सामने आया है. खमतराई थाना क्षेत्र के डब्लूआरएस कॉलोनी स्थित एक खुले मैदान में सोमवार सुबह युवती का शव बरामद किया गया है.

पुलिस के मुताबिक़, युवती के चेहरे और सिर को किसी भारी वस्तु से कुचला गया है, जिससे यह स्पष्ट तौर पर हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है.

सोमवार की सुबह स्थानीय लोगों ने WRS कॉलोनी के एक खुले मैदान में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी. मौक़े पर पहुंची खमतराई थाना पुलिस ने शव को अपने कब्ज़े में लेकर जांच शुरू की. पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, यह आशंका जताई जा रही है कि इस वारदात को रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात में अंजाम दिया गया है.

घटना की गंभीरता को देखते हुए मौक़े पर क्राइम ब्रांच, डॉग स्क्वायड और फ़ॉरेंसिक साइंस लैब की टीमों को बुलाया गया. पुलिस ने घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं.

हाथ पर बने टैटू से सुराग़ की तलाश

अधिकारियों के मुताबिक़, मृतका की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, क्योंकि उसके चेहरे को बुरी तरह से कुचला गया है. हालांकि, पुलिस को युवती के दाहिने हाथ पर 'RK सारथी' नाम का एक टैटू गुदा हुआ मिला है.

पुलिस इस टैटू को मामले का एक अहम सुराग़ मान रही है और इसी के आधार पर मृतका की पहचान (शिनाख़्त) करने की कोशिश की जा रही है. आस-पास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट भी जांची जा रही हैं.

सभी पहलुओं से हो रही है जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या अन्य किसी भी संभावित कारण से अभी इनकार नहीं किया जा सकता. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.

अधिकारियों के अनुसार, मृतका की पहचान होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे हत्याकांड की तस्वीर साफ़ हो सकेगी.

ISI से कथित संबंधों के आरोप में पंजाब का युवक गिरफ़्तार, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

TODAY छत्तीसगढ़  / जांजगीर-चांपा ज़िले में पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों और पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई (ISI) समर्थित नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े होने के आरोप में एक युवक को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस के मुताबिक़, पकड़े गए 23 वर्षीय युवक की पहचान सेवक सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पंजाब के तरनतारन ज़िले (थाना पट्टी) का रहने वाला है. उसकी गिरफ़्तारी अकलतरा थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे किरायेदारों के सत्यापन (वेरिफ़िकेशन) अभियान के दौरान हुई.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देशन में इन दिनों ज़िले में चेकिंग अभियान चल रहा है. अकलतरा पुलिस को सूचना मिली थी कि मिनीमाता चौक स्थित राजीव केडिया के मकान में दूसरे राज्यों से आए कुछ लोग किराए पर रह रहे हैं. पुलिस टीम जब वहां सत्यापन के लिए पहुंची, तो वहां रह रहे सेवक सिंह की गतिविधियां उन्हें संदिग्ध लगीं.

विदेशी नंबरों से संपर्क और संवेदनशील जानकारी

पुलिस का दावा है कि जब पूछताछ के बाद अभियुक्त के मोबाइल फ़ोन की जांच की गई, तो उसमें पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य विदेशी नंबरों से संपर्क के कथित प्रमाण मिले. आरोप है कि वह सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप चैट्स, वीडियो कॉलिंग और कॉल रिकॉर्डिंग के ज़रिए विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था.

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि अभियुक्त ने छत्तीसगढ़ के कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों, संवेदनशील स्थानों, वाहनों के नंबर और तस्वीरें कथित तौर पर साझा की हैं.

ड्रोन से हथियार और 'टारगेट किलिंग' का दावा

पुलिस जांच में एक और गंभीर दावा किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक़, अभियुक्त को कथित तौर पर पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए हथियार मुहैया कराए जाने की योजना थी. इसके बाद उसे किसी 'टारगेट किलिंग' को अंजाम देने का टास्क सौंपा जाना था.

हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन सभी दावों और साज़िश की अंतिम पुष्टि अभियुक्त के मोबाइल फ़ोन की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.

पुलिस की अब तक की कार्रवाई

इस मामले में जांजगीर-चांपा पुलिस ने अकलतरा थाने में नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 152 और 61(2) के तहत एफ़आईआर दर्ज़ की है.

अभियुक्त सेवक सिंह को गिरफ़्तार कर अदालत में पेश किया गया है. पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे कथित नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और अभियुक्त के संभावित स्थानीय सहयोगियों की तलाश में जुट गई हैं. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर कुछ और बड़े ख़ुलासे हो सकते हैं.

मज़दूर को पीटा और छीन ली मेहनत की कमाई: पुलिस ने निकाला दोनों आरोपियों का नशा


TODAY
छत्तीसगढ़  /  
रायगढ़ ज़िले में पुलिस ने एक मज़दूर के साथ कथित तौर पर मारपीट कर उससे पैसे छीनने के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के मुताबिक़, अभियुक्तों ने शराब पीने के लिए पैसे न देने पर इस वारदात को अंजाम दिया था. दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

क्या है पूरा मामला?

खरसिया पुलिस चौकी से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 18 जून की रात क़रीब 8:30 बजे की है. रतन महका गांव का रहने वाला 27 वर्षीय मज़दूर राजेश खण्डेल अपना काम ख़त्म करके साइकिल से घर लौट रहा था.

आरोप है कि रास्ते में गोपी महका स्थित पैठू तालाब के पास दो युवकों— लल्ला (उर्फ़ ललित राठौर) और चन्द्रशेखर खण्डेल— ने उसे रोक लिया और शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने लगे.

पैसे नहीं दिए तो की मारपीट और छीने 1,000 रुपये

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक़, जब राजेश ने पैसे देने से साफ़ इनकार किया, तो दोनों अभियुक्तों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी. आरोप है कि उन्होंने राजेश के साथ मारपीट की और उसकी जेब में रखे 1,000 रुपये छीनकर मौक़े से फ़रार हो गए.

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पीड़ित राजेश ने 20 जून को खरसिया पुलिस चौकी पहुंचकर मामले की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज़ कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पीड़ित का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया.

पुलिस ने इस मामले में नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2), 119(1) और 3(5) के तहत एफ़आईआर दर्ज़ कर जांच शुरू की. चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामज़द अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया.

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया है.

गिरफ़्तारी और बरामदगी

  • गिरफ़्तार अभियुक्त: पुलिस ने मामले में 32 वर्षीय लल्ला (उर्फ़ ललित राठौर) और 31 वर्षीय चन्द्रशेखर खण्डेल को गिरफ़्तार किया है. दोनों खरसिया चौकी क्षेत्र के ही रहने वाले हैं.

  • बरामदगी: पुलिस ने अभियुक्तों के पास से लूटे गए पैसों में से बचे हुए 400 रुपये (दोनों से 200-200 रुपये) और वारदात में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फ़ोन ज़ब्त किया है.

काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो कर दी ऐसी हैवानियत! युवक का कान दांत से काटकर किया अलग

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर ज़िले में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है, जिस पर शराब के लिए पैसे न देने के विवाद में एक युवक का कान दांत से काटकर अलग कर देने का आरोप है.

मल्हार पुलिस चौकी (थाना मस्तूरी) के मुताबिक़, शिकायत मिलने के चंद घंटों के भीतर ही अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है. पकड़े गए अभियुक्त की पहचान 43 वर्षीय मोहित कुर्रे (निवासी- किसान परसदा) के रूप में हुई है.

शादी समारोह के दौरान हुआ विवाद

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 जून की है. मल्हार के धनगवां निवासी 26 वर्षीय मनिकेश पाटले ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि वह गांव में ही भरत पाटले के घर चल रहे एक शादी समारोह में शामिल होने गया था. वहां अभियुक्त मोहित कुर्रे भी मौजूद था.

आरोप है कि समारोह के दौरान मोहित कुर्रे ने मनिकेश से शराब पीने के लिए पैसों की मांग की. जब मनिकेश ने पैसे देने से साफ़ इनकार कर दिया, तो मोहित ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी.

शिकायत के मुताबिक़, विवाद इतना बढ़ा कि मोहित ने मनिकेश के साथ मारपीट की और गुस्से में आकर उसका कान दांत से बुरी तरह काट लिया, जिससे कान कटकर अलग हो गया.

चंद घंटों में पुलिस की गिरफ़्त में अभियुक्त

इस अमानवीय घटना के बाद घायल मनिकेश ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई और अगली सुबह मल्हार पुलिस चौकी पहुंचकर मामले की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज़ कराई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एफ़आईआर (FIR) दर्ज़ की और अभियुक्त की तलाश शुरू कर दी. पुलिस टीम ने दबिश देकर अभियुक्त मोहित कुर्रे को धनगवां गांव से ही गिरफ़्तार कर लिया.

काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभियुक्त को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

शादी का झांसा देकर कथित यौन शोषण का मामला, सूरज गिरफ़्तार

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर शहर की तोरवा पुलिस ने एक 34 वर्षीय युवक को गिरफ़्तार किया है. उस पर एक युवती को शादी का झूठा भरोसा देकर कथित तौर पर यौन संबंध बनाने और बाद में शादी से मुकरने का आरोप है.

पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त का नाम सूरज यादव है, जो सरकंडा थाना क्षेत्र के अशोक नगर (पानी टंकी के पास) का रहने वाला है. अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

तोरवा थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 19 जून 2026 को एक युवती ने थाने में आकर इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी.

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि पिछले साल जून (2025) में उसकी पहचान सूरज यादव से हुई थी. आरोप है कि मेलजोल और बातचीत बढ़ने के दौरान सूरज ने युवती को शादी करने का भरोसा दिलाया. शिकायत के मुताबिक़, शादी के इसी वादे के तहत अभियुक्त ने युवती के साथ लगातार कथित तौर पर शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में उसने विवाह करने से साफ़ इनकार कर दिया.

युवती की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तोरवा पुलिस ने नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 69 (शादी का झूठा वादा कर यौन संबंध बनाना) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने अभियुक्त की तलाश की और 20 जून को सूरज यादव को गिरफ़्तार कर लिया. काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस ने कहा है कि महिला संबंधी अपराधों को लेकर ज़िले में लगातार सख़्त कार्रवाई की जा रही है.

फ़र्ज़ी आईडी, झूठे स्क्रीनशॉट और एक 'फ़ेक' एफ़आईआर... साइबर पुलिस ने ऐसे सुलझाई इंस्टाग्राम की ये गुत्थी

 


TODAY छत्तीसगढ़  /   छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ़्तार किया है, जिस पर अपने पूर्व प्रेमी के नाम से फ़र्ज़ी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील मैसेज भेजने और उसी के आधार पर झूठी पुलिस शिकायत दर्ज कराने का आरोप है.

पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार की गई 26 वर्षीय अभियुक्त का नाम प्रीति सूर्यवंशी है, जो तोरवा थाना क्षेत्र की रहने वाली है. उसे अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

ऐसा है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 15 मई को हुई थी. तिफरा के रहने वाले संजय रात्रे ने तोरवा थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

संजय ने अपनी शिकायत में कहा था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनके नाम से एक फ़र्ज़ी इंस्टाग्राम अकाउंट चला रहा है. आरोप था कि इस फ़र्ज़ी अकाउंट से लोगों को अश्लील और धमकी भरे मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिससे समाज में उनकी छवि और प्रतिष्ठा ख़राब हो रही है. इस शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की.

साइबर जांच में हुआ ख़ुलासा

पुलिस टीम ने जब सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल्स और 'डिजिटल ट्रेल' (तकनीकी साक्ष्यों) का विश्लेषण किया, तो पता चला कि संजय रात्रे के नाम से बनी उस फ़र्ज़ी आईडी को कोई और नहीं, बल्कि अभियुक्त प्रीति सूर्यवंशी चला रही थी.

पुलिस का कहना है कि जांच में यह बात सामने आई है कि शिकायतकर्ता संजय रात्रे और अभियुक्त प्रीति पूर्व में एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच प्रेम संबंध रह चुका था. आरोप है कि इसी आपसी विवाद के चलते अभियुक्त ने संजय को बदनाम करने के लिए यह साज़िश रची.

ख़ुद को मैसेज भेजकर दर्ज कराई थी झूठी शिकायत

विवेचना के दौरान पुलिस के सामने एक और अहम तथ्य उजागर हुआ.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, अभियुक्त प्रीति सूर्यवंशी ने इस साल 1 जनवरी 2026 को ख़ुद तोरवा थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी. उस शिकायत में प्रीति ने आरोप लगाया था कि संजय रात्रे के नाम से बनी इंस्टाग्राम आईडी से उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है और उनकी अश्लील तस्वीरें भेजी जा रही हैं.

हालांकि, अब तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिस आईडी से प्रीति को धमकी मिल रही थी, वह ख़ुद उसी आईडी को चला रही थीं. आरोप है कि प्रीति उस फ़र्ज़ी आईडी से ख़ुद को मैसेज भेजती थीं और फिर उन्हीं मैसेजेस का स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी शिकायत दर्ज कराती थीं.

पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 21 जून 2026 को अभियुक्त प्रीति को गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है.

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