TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ़्तार किया है, जिस पर अपने पूर्व प्रेमी के नाम से फ़र्ज़ी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील मैसेज भेजने और उसी के आधार पर झूठी पुलिस शिकायत दर्ज कराने का आरोप है.
पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार की गई 26 वर्षीय अभियुक्त का नाम प्रीति सूर्यवंशी है, जो तोरवा थाना क्षेत्र की रहने वाली है. उसे अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
ऐसा है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत 15 मई को हुई थी. तिफरा के रहने वाले संजय रात्रे ने तोरवा थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
संजय ने अपनी शिकायत में कहा था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनके नाम से एक फ़र्ज़ी इंस्टाग्राम अकाउंट चला रहा है. आरोप था कि इस फ़र्ज़ी अकाउंट से लोगों को अश्लील और धमकी भरे मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिससे समाज में उनकी छवि और प्रतिष्ठा ख़राब हो रही है. इस शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की.
साइबर जांच में हुआ ख़ुलासा
पुलिस टीम ने जब सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल्स और 'डिजिटल ट्रेल' (तकनीकी साक्ष्यों) का विश्लेषण किया, तो पता चला कि संजय रात्रे के नाम से बनी उस फ़र्ज़ी आईडी को कोई और नहीं, बल्कि अभियुक्त प्रीति सूर्यवंशी चला रही थी.
पुलिस का कहना है कि जांच में यह बात सामने आई है कि शिकायतकर्ता संजय रात्रे और अभियुक्त प्रीति पूर्व में एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच प्रेम संबंध रह चुका था. आरोप है कि इसी आपसी विवाद के चलते अभियुक्त ने संजय को बदनाम करने के लिए यह साज़िश रची.
ख़ुद को मैसेज भेजकर दर्ज कराई थी झूठी शिकायत
विवेचना के दौरान पुलिस के सामने एक और अहम तथ्य उजागर हुआ.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, अभियुक्त प्रीति सूर्यवंशी ने इस साल 1 जनवरी 2026 को ख़ुद तोरवा थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी. उस शिकायत में प्रीति ने आरोप लगाया था कि संजय रात्रे के नाम से बनी इंस्टाग्राम आईडी से उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है और उनकी अश्लील तस्वीरें भेजी जा रही हैं.
हालांकि, अब तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिस आईडी से प्रीति को धमकी मिल रही थी, वह ख़ुद उसी आईडी को चला रही थीं. आरोप है कि प्रीति उस फ़र्ज़ी आईडी से ख़ुद को मैसेज भेजती थीं और फिर उन्हीं मैसेजेस का स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी शिकायत दर्ज कराती थीं.
पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 21 जून 2026 को अभियुक्त प्रीति को गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है.
