TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में पुलिस ने अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर उनके गले से सोने की चेन छीनने (चेन स्नैचिंग) और लूटपाट करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है.
पुलिस के मुताबिक़, इस मामले में ओडिशा के पांच निवासियों और उनके एक स्थानीय सहयोगी समेत कुल छह अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है. वहीं, गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश अब भी जारी है.
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य ओडिशा से बिलासपुर आते थे और अपने स्थानीय संपर्कों की मदद से शहर में डेरा जमाते थे. इसके बाद वे सुनियोजित तरीक़े से रेकी करते और सुनसान जगहों पर अकेली महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे.
पहली घटना: 15 मई को तोरवा थाना क्षेत्र की शिवधाम कॉलोनी में एक महिला अपने घर के बाहर साफ़-सफ़ाई कर रही थी. तभी बिना नंबर प्लेट वाली नीले रंग की स्कूटी पर सवार होकर आए तीन युवकों ने झपट्टा मारकर महिला के गले से सोने की चेन निकाल ली और फ़रार हो गए.
दूसरी घटना: कुछ ही समय बाद सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में भी एक महिला के साथ मारपीट कर चेन लूटने की घटना सामने आई.
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग़
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया.
पुलिस टीम ने जब दोनों घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उनकी गतिविधियों का मिलान किया, तो नीले रंग की स्कूटी के ज़रिए एक ही गिरोह के शामिल होने की पुष्टि हुई. तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले सिरगिट्टी के गणेश नगर से स्थानीय अभियुक्त नवीन साहू को हिरासत में लिया.
पूछताछ में नवीन ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने ही ओडिशा से अपने साथियों को बुलाकर अपने घर में ठहराया था और वे सब मिलकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे. नवीन की निशानदेही पर पुलिस ने लगातार दबिश देकर गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को भी गिरफ़्तार कर लिया.
अभियुक्तों पर संगठित अपराध की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सार्वजनिक की है जिनमें शिव सिंह (राउरकेला, ओडिशा), शक्ति प्रसाद (सुंदरगढ़, ओडिशा), नवीन साहू (सिरगिट्टी, बिलासपुर), प्रमोद सिंह (सुंदरगढ़, ओडिशा), अतुल मुंडा (ओडिशा) और बसंता खड़िया (संबलपुर, ओडिशा) शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि अभियुक्तों ने पूछताछ में तीन चेन स्नैचिंग और लूट की घटनाओं को क़बूल किया है. चूंकि यह एक संगठित गिरोह के तौर पर काम कर रहे थे, इसलिए पुलिस ने इन पर 'संगठित अपराध' और 'आपराधिक साज़िश' से जुड़ी धाराएं भी लगाई हैं. सभी अभियुक्तों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है.
नागरिकों से अपील: बिलासपुर पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि उनके मोहल्ले या आस-पास बाहर से आकर किराए पर रहने वाले अज्ञात लोगों की जानकारी नज़दीकी थाने में ज़रूर दें, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते लगाम कसी जा सके.
