TODAY छत्तीसगढ़ / रायगढ़ ज़िले में पुलिस ने एक मज़दूर के साथ कथित तौर पर मारपीट कर उससे पैसे छीनने के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के मुताबिक़, अभियुक्तों ने शराब पीने के लिए पैसे न देने पर इस वारदात को अंजाम दिया था. दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
खरसिया पुलिस चौकी से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 18 जून की रात क़रीब 8:30 बजे की है. रतन महका गांव का रहने वाला 27 वर्षीय मज़दूर राजेश खण्डेल अपना काम ख़त्म करके साइकिल से घर लौट रहा था.
आरोप है कि रास्ते में गोपी महका स्थित पैठू तालाब के पास दो युवकों— लल्ला (उर्फ़ ललित राठौर) और चन्द्रशेखर खण्डेल— ने उसे रोक लिया और शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने लगे.
पैसे नहीं दिए तो की मारपीट और छीने 1,000 रुपये
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक़, जब राजेश ने पैसे देने से साफ़ इनकार किया, तो दोनों अभियुक्तों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी. आरोप है कि उन्होंने राजेश के साथ मारपीट की और उसकी जेब में रखे 1,000 रुपये छीनकर मौक़े से फ़रार हो गए.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पीड़ित राजेश ने 20 जून को खरसिया पुलिस चौकी पहुंचकर मामले की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज़ कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पीड़ित का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया.
पुलिस ने इस मामले में नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2), 119(1) और 3(5) के तहत एफ़आईआर दर्ज़ कर जांच शुरू की. चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामज़द अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया.
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया है.
गिरफ़्तारी और बरामदगी
गिरफ़्तार अभियुक्त: पुलिस ने मामले में 32 वर्षीय लल्ला (उर्फ़ ललित राठौर) और 31 वर्षीय चन्द्रशेखर खण्डेल को गिरफ़्तार किया है. दोनों खरसिया चौकी क्षेत्र के ही रहने वाले हैं.
बरामदगी: पुलिस ने अभियुक्तों के पास से लूटे गए पैसों में से बचे हुए 400 रुपये (दोनों से 200-200 रुपये) और वारदात में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फ़ोन ज़ब्त किया है.
काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
