TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में सकरी थाना पुलिस ने कोयला चोरी और उसमें मिलावट करने के एक बड़े मामले में फ़रार चल रहे अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक़, पकड़े गए 36 वर्षीय व्यक्ति की पहचान अजय कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो कोनी इलाक़े के समृद्धि विहार का रहने वाला है. इस पूरे मामले में पुलिस अब तक सात लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है.
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क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह मामला 10 जून को सामने आया था. सिरगिट्टी के न्यू लोको कॉलोनी निवासी आर.के. पांडेय ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 9 जून को दीपका कोल माइंस से 'एफ/जी' (F/G) ग्रेड का अच्छी गुणवत्ता वाला कोयला तीन अलग-अलग ट्रेलरों के ज़रिए 'भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफ़िकेशन प्रा. लि.' (लोखंडी) के लिए मंगवाया गया था. शिकायत के मुताबिक़, जब 10 जून की सुबह ट्रेलर वहां पहुंचे और कोयले की लैब में जांच की गई, तो वह असली 'एफ/जी' ग्रेड का कोयला नहीं निकला.
पूछताछ में खुला चोरी का राज़
इस गड़बड़ी के बाद जब तीनों ट्रेलर चालकों से सख़्ती से पूछताछ की गई, तो एक बड़ी साज़िश का ख़ुलासा हुआ. चालकों ने बताया कि उन्होंने 'बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन' के संचालक और प्लांट के सुपरवाइज़र के साथ मिलीभगत करके इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया था. आरोप है कि इन लोगों ने रास्ते में ही उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की चोरी कर ली थी और उसकी जगह ट्रेलरों में मिलावटी और घटिया कोयला भर दिया था.
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
इस ख़ुलासे के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 6 अभियुक्तों को पहले ही गिरफ़्तार कर लिया था. इनमें झारखंड के रहने वाले तीन ट्रेलर चालक और भिलाई व रतनपुर के निवासी शामिल थे, जिन्हें पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है.
मामले का सातवां अभियुक्त अजय कुमार सिंह घटना के दिन से ही फ़रार था. सकरी पुलिस ने कोनी इलाक़े में घेराबंदी कर उसे गिरफ़्तार कर लिया है. काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे भी न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
