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कोयले का काला कारोबार बेनकाब, अपराध दर्ज होते ही छह गिरफ्तार

ट्रेलर चालकों के खुलासे ने खोली कोयला चोरी की पूरी साजिश

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  / दीपका कोल माइंस से भेजे गए कोयले में कथित मिलावट और कोयला चोरी के मामले में सकरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपराध दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया। मामले में कोयला परिवहन, चोरी और मिलावट के लिए आपराधिक षड्यंत्र रचे जाने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, न्यू लोको कॉलोनी निवासी आर.के. पांडेय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दीपका कोल माइंस से एफ/जी ग्रेड का कोयला भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडी के लिए मंगवाया गया था। 10 जून की सुबह तीन ट्रेलर कोयला लेकर प्लांट पहुंचे। लेबोरेटरी जांच में कोयले की गुणवत्ता निर्धारित ग्रेड के अनुरूप नहीं पाई गई।

शिकायत के बाद ट्रेलर चालकों से पूछताछ की गई, जिसमें कथित रूप से खुलासा हुआ कि उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की चोरी कर उसमें अन्य कोयले की मिलावट की गई थी। आरोप है कि यह पूरा खेल बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन के संचालक और प्लांट के एक सुपरवाइजर की मिलीभगत से किया जा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना सकरी पुलिस, एसीसीयू और खनिज विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई।

संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए झारखंड, बिलासपुर और दुर्ग जिले से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में झारखंड के आशिक हुसैन अंसारी, फैजान रजा अंसारी और फुजैल अंसारी के अलावा बिलासपुर के गौरव राजपूत, सीबु खान तथा दुर्ग निवासी दिलीप कुमार यादव शामिल हैं।

पुलिस ने सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में कोयला चोरी और मिलावट के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर अन्य संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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