कैमरे की कलम: तिलचट्टों का गणतंत्र और सपनों की लीक होती हुई परीक्षा

देश में इन दिनों सबसे सुरक्षित चीज़ क्या है? न संविधान, न नौकरियाँ, न युवाओं के सपने। अगर कुछ सुरक्षित है तो वह है सरकारों का यह विश्वास कि जनता सब कुछ भूल जाएगी। कल देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में लाखों लोग उस आंदोलन से जुड़े जो सरकारों से सीधे सवाल पूछ रही है, देश के हालात और युवाओं के मन में सुलगते सैकड़ों सवालों के बीच शान्ति पूर्ण आंदोलन का आह्वान। आंदोलन में शामिल लोगों की भीड़ के बीच कहीं जय भीम के नारे, कहीं आरएसएस के खिलाफ हल्ला तो किसी कोने से आजादी के लिए उठता शोर। ये शोर कॉकरोच जनता पार्टी के मंच से उठा जिसे देश ने देखा, बिना डरे बिना हल्ला मचाये।  

एक समय था जब तिलचट्टे रसोई में मिलते थे। अब वे राजनीति में मिल रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि रसोई वाले तिलचट्टे देखकर लोग चीखते थे, राजनीतिक तिलचट्टों को देखकर लोग सेल्फी लेते हैं। और देश की हालत ऐसी हो चुकी है कि अब युवा यह तय नहीं कर पा रहा कि वह नौकरी ढूंढे, परीक्षा की तैयारी करे, या किसी नए आंदोलन का सदस्य बन जाए।

भारत आज दुनिया की सबसे युवा आबादी वाला देश कहलाता है। यह अलग बात है कि इस युवा आबादी का बड़ा हिस्सा रोजगार कार्यालयों, कोचिंग संस्थानों और सोशल मीडिया के बीच पेंडुलम की तरह झूल रहा है। सरकारें हर साल करोड़ों नौकरियों का सपना दिखाती हैं और बदले में करोड़ों युवाओं को "अगले प्रयास के लिए शुभकामनाएँ" का संदेश मिलता है। 

पेपर लीक अब कोई दुर्घटना नहीं रह गया है, यह तो हमारी परीक्षा व्यवस्था का आधिकारिक पाठ्यक्रम बन चुका है। पहले छात्र प्रश्नपत्र खोलते थे, अब प्रश्नपत्र पहले से ही छात्रों के मोबाइल खोल लेते हैं। परीक्षा केंद्रों से ज्यादा चर्चा व्हाट्सऐप ग्रुपों की होती है। कोचिंग संस्थानों से ज्यादा भरोसा टेलीग्राम चैनलों पर किया जाता है। और सरकारें हर बार ऐसे चौंक जाती हैं जैसे पहली बार उन्हें पता चला हो कि पानी गीला होता है।

देश का बेरोज़गार युवा आज सबसे बड़ा व्यंग्य बन चुका है। वह सुबह राष्ट्रनिर्माण के भाषण सुनता है, दोपहर में भर्ती परीक्षा का फार्म भरता है, शाम को परीक्षा स्थगित होने की खबर पढ़ता है और रात को पेपर लीक का वीडियो देखता है। फिर उससे कहा जाता है कि धैर्य रखो, देश आगे बढ़ रहा है। देश आगे बढ़ भी रहा है—बस समस्या यह है कि युवा पीछे छूट रहा है।

ऐसे माहौल में अगर कोई "कॉकरोच जनता पार्टी" पैदा होती है तो उसमें आश्चर्य कैसा? असली सवाल यह नहीं है कि कॉकरोच कौन हैं। असली सवाल यह है कि देश के लाखों पढ़े-लिखे नौजवान खुद को तिलचट्टों से जोड़ने में अपमान क्यों महसूस नहीं कर रहे? शायद इसलिए कि उन्हें लगने लगा है कि इस व्यवस्था में उनकी हैसियत भी किसी दीवार की दरार में छिपे जीव से ज्यादा नहीं है।

राजनीतिक दल आज कॉकरोचों की वंशावली खोज रहे हैं। कोई उन्हें सत्ता का एजेंट बता रहा है, कोई विपक्ष की साजिश। लेकिन कोई यह नहीं पूछ रहा कि आखिर वह जमीन क्यों तैयार हुई जिसमें ऐसे आंदोलन अंकुरित हो रहे हैं? जब भर्ती परीक्षाएँ मज़ाक बन जाएँ, डिग्रियाँ सजावट का सामान बन जाएँ और मेहनत का इनाम पेपर लीक हो जाए, तब राजनीति के पुराने ब्रांडों पर भरोसा टूटना स्वाभाविक है।

देश में आज हर समस्या का समाधान नैरेटिव से खोजा जा रहा है। बेरोज़गारी है तो राष्ट्रवाद की चर्चा कर लो। पेपर लीक है तो किसी और मुद्दे पर बहस करा दो। महँगाई है तो इतिहास की लड़ाई छेड़ दो। लेकिन पेट इतिहास से नहीं भरता, नौकरी नैरेटिव से नहीं मिलती और भविष्य भाषणों से नहीं बनता।

विडंबना यह है कि आज का युवा सरकार से कम, सिस्टम से ज्यादा नाराज़ है। उसे यह भरोसा नहीं रहा कि उसकी मेहनत और प्रतिभा का सम्मान होगा। उसे लगता है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बिक सकता है, भर्ती से पहले सीटें तय हो सकती हैं और इंटरव्यू से पहले परिणाम लिखा जा सकता है।

ऐसे समय में कॉकरोच सड़क पर उतर रहे हैं। वे सफल होंगे या असफल, ईमानदार होंगे या अवसरवादी, यह भविष्य बताएगा। लेकिन उनकी लोकप्रियता एक चेतावनी है। यह उस पीढ़ी की बेचैनी का संकेत है जो वर्षों से सुन रही है कि वही देश का भविष्य है, लेकिन वर्तमान में उसके हिस्से सिर्फ प्रतीक्षा, परीक्षा और निराशा आई है और अगर व्यवस्था ने इस चेतावनी को भी मज़ाक समझ लिया, तो आने वाले समय में तिलचट्टे ही नहीं, पूरी दीवारें बोलने लगेंगी।

अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 14 वाहन और मशीनें जब्त

कोरबा । TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में प्रशासन ने अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए 14 वाहनों और मशीनों को जब्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई गौण खनिजों के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई है।

जिला प्रशासन के अनुसार, कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा गठित दो विशेष उड़नदस्ता दलों ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न इलाकों में एक साथ छापेमारी की। अभियान के दौरान 15 संदिग्ध स्थानों का निरीक्षण किया गया, जहां अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें मिली थीं।

जांच के दायरे में सीतामढ़ी, कपाटमुड़ा, सुराकछार, नरईबोध, रैंकी, कुदुरमाल, बरमपुर, बांकीमोंगरा, सुमेधा, कुमगरी, घनाकछार, कटघोरा, कछार, दर्री और धवईपुर जैसे क्षेत्र शामिल रहे।

अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक पोकलेन मशीन, नौ ट्रैक्टर, दो हाइवा और दो टीपर सहित कुल 14 वाहन एवं मशीनें जब्त की गईं। इन पर बिना वैध अनुमति के खनिज उत्खनन या परिवहन में इस्तेमाल होने का आरोप है।

जब्त वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थाना क्षेत्रों और खनिज जांच नाका उरगा की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इनमें कुसमुंडा, हरदीबाजार, दर्री और बांकीमोंगरा थाने शामिल हैं।

खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित वाहन स्वामियों और आरोपितों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का क्या कहना है?

अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य अवैध खनन पर नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की रक्षा करना तथा खनिज राजस्व की चोरी को रोकना है।

विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह के औचक निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

खनन गतिविधियों को लेकर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में कोरबा में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत अवैध खनन नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

प्रतिबंधित कोडीन सिरप के साथ आरोपी गिरफ्तार, 249 शीशी जब्त

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गुढ़ियारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित कोडीन युक्त नशीली सिरप के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 249 शीशी कोडीन सिरप, जिसकी कुल मात्रा लगभग 25 लीटर है, बरामद की गई है। साथ ही एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 1.40 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर (आईपीएस) के निर्देश पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि झाबक पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली सिरप बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है।

सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम, सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा तथा थाना गुढ़ियारी पुलिस की टीम ने मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम अनिल कुमार साहू (33 वर्ष) निवासी मंगलवाड़ा, थाना चरौदा, जिला दुर्ग बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से 249 शीशी कोडीन युक्त प्रतिबंधित नशीली सिरप बरामद हुई। पुलिस द्वारा वैध दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नशीली सिरप और एक मोबाइल फोन जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ थाना गुढ़ियारी में अपराध क्रमांक 238/2026 के तहत धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार मामले में बैकएंड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

प्रेम विवाह की सजा: 11 साल से सामाजिक बहिष्कार झेल रहा परिवार, जीते जी कर दिया मृत घोषित

कोरबा/पाली। डिजिटल इंडिया, सामाजिक समानता और संवैधानिक अधिकारों की बात करने वाले आधुनिक भारत में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो समाज की सोच पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहां प्रेम विवाह करने वाले एक दंपती और उनके परिवार को पिछले 11 वर्षों से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेलना पड़ रहा है।

ग्राम पोड़ी, थाना पाली निवासी अशोक कुमार प्रजापति ने 4 जुलाई 2015 को मनीषा कंवर से प्रेम विवाह किया था। दोनों बालिग थे और कानूनन विवाह पूरी तरह वैध था। लेकिन अंतरजातीय विवाह होने के कारण समाज के कुछ लोगों ने पंचायत बुलाकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। तब से लेकर आज तक परिवार को समाज से अलग-थलग रखा गया है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें शादी-ब्याह, तीज-त्योहार, सामाजिक कार्यक्रमों और यहां तक कि पारिवारिक संबंधों से भी दूर कर दिया गया। आवेदन में उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि समाज के लोगों ने उनका "मृत्युभोज" तक कर लिया, जबकि वे जीवित हैं। यह आरोप न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा भी दर्शाता है।

परिवार का कहना है कि बहिष्कार के कारण वे सामान्य सामाजिक जीवन नहीं जी पा रहे हैं। उन्हें अपने रिश्तेदारों और समाज के लोगों से मिलने-जुलने तक में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप यह भी है कि समाज में दोबारा शामिल करने के लिए आर्थिक मांगें की गईं।

करीब 11 वर्षों तक सामाजिक उपेक्षा सहने के बाद अशोक कुमार प्रजापति ने 29 मई 2026 को थाना पाली और एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर सामाजिक बहिष्कार समाप्त कराने और सामान्य जीवन जीने का अवसर दिलाने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय संविधान प्रत्येक बालिग नागरिक को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है। वहीं सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रथाएं न केवल मानवाधिकारों के विरुद्ध हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को भी चुनौती देती हैं।

अब यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक बन गया है जो आज भी जातीय और सामाजिक बंधनों के नाम पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता को स्वीकार नहीं कर पा रही है। प्रशासन की कार्रवाई के साथ-साथ समाज को भी आत्ममंथन करने की आवश्यकता है कि क्या प्रेम और वैधानिक विवाह की सजा किसी परिवार को वर्षों तक सामाजिक रूप से मृत घोषित कर देना हो सकती है।


प्रेम प्रसंग के बाद किया विश्वासघात, दुष्कर्म के आरोप में युवक जेल भेजा गया

बिलासपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /  शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोप में मस्तुरी पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी और पीड़िता के बीच पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध था।

पुलिस के अनुसार 5 जून को पीड़िता ने थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि ग्राम खोरसी निवासी खिलावन सोनी से उसकी पहचान थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। आरोपी लगातार उससे शादी करने का वादा करता रहा।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब उसके माता-पिता और अन्य परिजन मजदूरी के लिए बाहर जाते थे, तब आरोपी उसके घर पहुंचकर शादी का भरोसा दिलाते हुए जबरन शारीरिक संबंध बनाता था। बाद में 1 मई को आरोपी उसे बहला-फुसलाकर रायपुर स्थित अपनी बहन के किराए के मकान में भी ले गया।

युवती की शिकायत पर मस्तुरी पुलिस ने अपराध क्रमांक 343/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी खिलावन सोनी (33 वर्ष), निवासी ग्राम खोरसी, थाना मस्तुरी को उसके घर से हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने घटना को स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर 6 जून को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की विवेचना कर रही है।


सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त हुई पुलिस, POS मशीन और ITMS पर विशेष बैठक


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यातायात व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त करने की दिशा में बिलासपुर पुलिस लगातार प्रयासरत है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा, जनजागरूकता और सख्त प्रवर्तन के माध्यम से सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

इसी कड़ी में एसएसपी रजनेश सिंह की उपस्थिति में यातायात विभाग के समस्त स्टाफ तथा विभिन्न थानों के विवेचकों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीओएस मशीनों के अद्यतन डिजिटल अपडेट, आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम), नेक्स्ट जेन एम-परिवहन, बॉडी वॉर्न कैमरा सहित अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों के उपयोग और चालानी कार्रवाई की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक एजुकेशन, ट्रैफिक इंजीनियरिंग, ट्रैफिक एनफोर्समेंट और ट्रैफिक इमरजेंसी सर्विस के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके बावजूद कई वाहन चालक सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

यातायात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने, तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने, निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन संचालन, गलत दिशा में वाहन चलाने, सिग्नल जंपिंग, नो-पार्किंग, मॉडिफाइड साइलेंसर और नो-एंट्री उल्लंघन जैसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा निर्धारित लेन और गति सीमा का पालन करते हुए सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। पुलिस का कहना है कि सड़क पर आपकी सावधानी न केवल आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि अन्य लोगों की जान भी बचाती है। 


पहले शादी का झांसा देकर लूटी आबरू, फिर अश्लील वीडियो से करने लगा ब्लैकमेल

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराधों पर लगाम कसने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में 'अभियान संवेदना' चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस महिला संबंधी शिकायतों और लैंगिक अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ के महिला थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

शादी का झांसा देकर किया शोषण, अश्लील वीडियो से करता रहा ब्लैकमेल

पहले मामले में 16 वर्षीय एक नाबालिग के पिता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। ढिमरापुर निवासी 25 वर्षीय आरोपी विकास नामदेव का पीड़िता के घर आना-जाना था। परिवार के बीच यह बात तय हुई थी कि बालिग होने पर दोनों की शादी करा दी जाएगी। इसी का फायदा उठाकर मार्च 2024 में विकास ने नाबालिग को अपने घर ले जाकर शादी का झांसा दिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार विवाह का आश्वासन देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने पीड़िता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बना लिए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे अपने प्रभाव में रखने लगा।

तंग आकर पीड़िता ने परिजनों को आपबीती बताई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित एक्शन लिया और धारा 65(1) बीएनएस तथा 4 और 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला (अपराध क्रमांक 55/2026) दर्ज कर आरोपी विकास को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में अपराध कुबूल करने के बाद उसका मोबाइल फोन जब्त कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। 

आधी रात घर से अगवा कर 15 वर्षीय किशोरी से दरिंदगी

दुष्कर्म का दूसरा मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। यहां 2 जून 2026 की रात 15 वर्षीय किशोरी अपने परिवार के साथ सो रही थी। देर रात जब मां की आंख खुली तो बेटी बिस्तर से गायब मिली। परिजनों ने रातभर आसपास तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन सुबह किशोरी 26 वर्षीय आरोपी अभिनेश चौहान के घर पर बदहवास हालत में मिली।

पीड़िता ने परिजनों को बताया कि रात करीब 11:30 बजे अभिनेश उसे जबरन अपने घर ले गया था और कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। सहमे हुए परिवार ने सलाह-मशविरा करने के बाद 5 जून को महिला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त ने तत्परता दिखाते हुए धारा 137(2), 65(1) बीएनएस के तहत अपराध (क्रमांक 56/2026) दर्ज कर आरोपी अभिनेश चौहान को तत्काल गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि 'अभियान संवेदना' के तहत महिला संबंधी अपराधों में इसी तरह प्राथमिकता के आधार पर कठोर और त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती रहेगी।

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